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  • उज्जैन में महाकाल मंदिर से चौराहे तक चौड़ी होगी सड़क, मकान-दुकानों पर चला बुलडोजर

    उज्जैन में महाकाल मंदिर से चौराहे तक चौड़ी होगी सड़क, मकान-दुकानों पर चला बुलडोजर

    उज्जैन
     विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से महाकाल चौराहा तक के 200 मीटर लंबे 15 मीटर चौड़े मार्ग को 24 मीटर चौड़ा करने का रास्ता अब कानूनी और प्रशासनिक रूप से पूरी तरह साफ हो गया। 28 सितम्बर को मप्र हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ से स्थगन आदेश (स्टे) खारिज होते ही नगर निगम और जिला प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। इसके बाद गुरुवार सुबह बाधक निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    मंगलवार को नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित 39 परिवारों के मकानों, दुकानों और होटलों के अधिग्रहण वाले हिस्से पर लाल निशान अंकित किए थे। इसके बाद बुधवार को सभी प्रभावितों को 24 घंटे में जगह खाली करने का अंतिम अल्टीमेटम दे दिया गया था।

    असर ये हुआ कि शाम तक ज्यादातर दुकानें खाली कर दी गई और कईयों ने अपना कीमती सामान बाहर कर सुरक्षित कर लिया। गुरुवार सुबह से प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ चौड़ीकरण के लिए तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी।

    उज्जैन मास्टर प्लान-2035 के तहत कायाकल्प
    स्मार्ट सिटी कंपनी और नगर निगम द्वारा उज्जैन मास्टर प्लान-2035 के तहत महाकाल क्षेत्र में यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए यह चौड़ीकरण किया जा रहा है। वर्तमान में यह 200 मीटर लंबा मार्ग केवल 15 मीटर चौड़ा है, जिसे बढ़ाकर 24 मीटर किया जाना है। मालूम हो कि जनवरी 2021 में राज्य सरकार ने महाकाल मंदिर परिसर का क्षेत्रफल 8 गुना तक बढ़ाने और आसपास के संपर्क मार्गों को चौड़ा करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

    इसके तहत अन्य मार्गों पर अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी थी, लेकिन महाकाल मंदिर से महाकाल चौराहा मार्ग पर प्रभावित परिवारों के विरोध और कोर्ट से मिले अंतरिम स्थगन के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी। अब हाईकोर्ट से रोक हटते ही निगम ने अधिग्रहण की उल्टी गिनती शुरू कर दी है।

    प्रभावितों का दर्द : 'रोजी-रोटी छिन जाएगी, सड़क 18 मीटर ही चौड़ी करें'
    दूसरी ओर, वर्षों से इस मार्ग पर निवास कर रहे भू-स्वामियों, व्यापारियों और किरायेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रभावित लोगों का कहना है कि वे शहर और मंदिर के विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन 24 मीटर चौड़ीकरण से उनकी दुकानें और आशियाने पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे। व्यापारियों की मांग है कि यदि मार्ग को 24 मीटर के बजाय 18 मीटर चौड़ा किया जाए, तो भवनों का नुकसान कम होगा और उनका रोजगार भी बच जाएगा।

    प्रभावितों का कहना है कि वे इस मानवीय पहलू को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाने और उच्च स्तर पर कानूनी अपील दायर करने के प्रयास में लगे हैं। हालांकि, लाल निशान और अल्टीमेटम के बाद क्षेत्र में तनाव और बेदखली का डर साफ देखा जा सकता है।

    बुलडोजर और पोकलेन की मदद से हटाएंगेनगर निगम अधिकारियों के अनुसार, प्रभावितों को 2 जून 2023 को ही नोटिस जारी कर अधिग्रहित होने वाले हिस्से की जानकारी दे दी गई थी। नोटिस में स्पष्ट था कि निर्धारित अवधि में कब्जा न सौंपने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। स्टे हटने के बाद अब गुरुवार को भारी पुलिस बल और पोकलेन/बुलडोजर की मदद से अतिक्रमण व चिह्नित निर्माण हटाने की बड़ी कार्रवाई हो रही है।

     

  • पितृ पक्ष में सेवा का संकल्प, संजीवनी हॉस्पिटल में निःशुल्क चिकित्सा शिविर

    पितृ पक्ष में सेवा का संकल्प, संजीवनी हॉस्पिटल में निःशुल्क चिकित्सा शिविर

    पितृ पक्ष में सेवा का संकल्प, संजीवनी हॉस्पिटल में निःशुल्क चिकित्सा शिविर

    मुरैना
     पितृ पक्ष के अवसर पर पूर्वजों की स्मृति में सेवा और स्वास्थ्य का संकल्प लेकर संजीवनी हॉस्पिटल, बड़ोखर चौराहा, अंबाह रोड द्वारा 1 से 10 अक्टूबर तक विशेष निःशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में प्रतिदिन शाम 5 से 7 बजे तक विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को परामर्श दिया जाएगा।

    शिविर में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. खुशबू मिश्रा, बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशुल तोमर तथा हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. तनुज डंडोतिया मरीजों का निःशुल्क परामर्श करेंगे। महिलाओं को मासिक धर्म, गर्भावस्था, बांझपन, गर्भाशय एवं अंडाशय से संबंधित समस्याओं के संबंध में सलाह दी जाएगी। वहीं बच्चों में बुखार, सर्दी-खांसी, सांस संबंधी परेशानी, कमजोरी, पोषण एवं विकास संबंधी समस्याओं का परामर्श मिलेगा।

    हड्डी एवं जोड़ संबंधी समस्याओं में घुटने, कमर और गर्दन के दर्द, गठिया, चोट, फ्रैक्चर तथा हड्डियों की कमजोरी सहित अन्य समस्याओं पर चिकित्सकीय सलाह दी जाएगी।

    शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, रक्त एवं पेशाब की जांच भी निःशुल्क की जाएगी। हॉस्पिटल प्रबंधन के अनुसार शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श और स्वास्थ्य जांच की सुविधा पहुंचाना है। प्रबंधन ने आमजन से शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।

    स्थान: संजीवनी हॉस्पिटल, बड़ोखर चौराहा, अंबाह रोड, मुरैना।
    समय: प्रतिदिन शाम 5 से 7 बजे तक।
    संपर्क: 9755625501

  • पानी वाली काला चना चाट: तीखी-खट्टी और प्रोटीन से भरपूर, ऐसे बनाएं झटपट

    पानी वाली काला चना चाट: तीखी-खट्टी और प्रोटीन से भरपूर, ऐसे बनाएं झटपट

     जब भी कुछ चटपटा, तीखा और चटाकेदार खाने का मन करता है तो सबसे पहले चाट का ही नाम जुबान पर आता है. लेकिन अगर आप अनहेल्दी फ्राइड चाट खाने के बजाय कुछ ऐसा ढूंढ रहे हैं जो पेट के लिए हल्का हो, प्रोटीन से भरपूर हो और स्वाद में भी नंबर वन हो तो पानी वाली काला चना चाट आपके लिए बेस्ट चॉइस है.

    पुरानी दिल्ली और यूपी के ठेले-रेहड़ी पर मिलने वाली यह रसीली पानी वाली चाट स्वाद में इतनी जबरदस्त होती है कि इसके तीखे-खट्टे पानी की एक घूंट ही आपका मूड तरोताजा कर देगी. उबले हुए काले चने, ताजी हरी सब्जियां, इमली-पुदीने का चटपटा पानी और भुने मसालों का मेल इस चाट को बेहद खास बनाता है. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान और लाजवाब रेसिपी.
     

    सामग्री
    250 ग्राम – काले चने
    3 – आलू
    1 – कटा हुआ प्याज
    2 – कटे हुए टमाटर
    1/4 कप – कच्चा आम
    1 छोटा चम्मच – नींबू का रस
    1 1/2 छोटा चम्मच – नमक
    1 छोटा चम्मच – लाल मिर्च पाउडर
    1/2 छोटा चम्मच – काला नमक
    1 छोटा चम्मच – भुना जीरा पाउडर
    1 छोटा चम्मच – दही वड़ा मसाला
    1 छोटा चम्मच – चाट मसाला
    1 कप – हरा धनिया
    1/2 कप – पुदीने के पत्ते
    1/2 कप – इमली का पानी
    5 – हरी मिर्च
    1 इंच – अदरक
    1 छोटा चम्मच – नींबू का रस
    1 छोटा चम्मच – लाल मिर्च पाउडर
    2 छोटे चम्मच – भुना जीरा पाउडर
    1 1/2 छोटा चम्मच – चाट मसाला
    1/2 छोटा चम्मच – काला नमक
    1/2 छोटा चम्मच – स्वादानुसार नमक

    बनाने की विधि:
    भीगे हुए काले चनों को कटे हुए आलू के साथ प्रेशर कुकर में थोड़ा-सा नमक और 2 कप पानी डालकर 4-5 सीटी आने तक अच्छी तरह उबाल लें. चने एकदम सॉफ्ट होने चाहिए. उबलने के बाद चनों को ठंडा होने दें.

    एक बड़े बाउल में 2 कप ठंडा पानी लें. इसमें इमली का पल्प, हरी पुदीना चटनी, भुना जीरा पाउडर, चाट मसाला, काला नमक, सादा नमक, लाल मिर्च पाउडर और आमचूर पाउडर डालकर अच्छी तरह मिक्स करें.

    अब इसी चटपटे पानी में उबले हुए काले चने, कटे हुए उबले आलू, बारीक कटा प्याज, टमाटर, खीरा और हरी मिर्च डालें.

    सभी चीजों को चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिलाएं ताकि चने और सब्जियां तीखे-खट्टे पानी और मसालों का स्वाद अच्छी तरह सोख लें.

    ऊपर से ढेर सारा बारीक कटा हरा धनिया और थोड़ी-सी बारीक सेव या भुजिया छिड़कें.

    तैयार है आपकी एकदम ठंडी-ठंडी, तीखी और चटपटी पानी वाली काला चना चाट! इसे कटोरी में पानी के साथ ही परोसें और चम्मच से मजे से खाएं.

  • एक्ट्रेस से पूछा- ‘1 घंटे का रेट क्या है?’, अश्लील मैसेज देख चौंकीं गिरिजा

    एक्ट्रेस से पूछा- ‘1 घंटे का रेट क्या है?’, अश्लील मैसेज देख चौंकीं गिरिजा

    मुंबई 

    बॉलीवुड एक्ट्रेस गिरिजा ओक सालों से इंडस्ट्री में काम कर रही हैं. उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी सिनेमा में भी काम किया है। गिरिजा पिछले दो दशक से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का हिस्सा हैं. कुछ वक्त पहले गिरिजा की इंटरनेट पर बोल्ड तस्वीरें सामने आई थीं। जिन्हें देखने के बाद लोग उन्हें 'इंडिया की सिडनी स्वीनी' कहने लगे. कई लोगों ने गिरिजा को 'नेशनल क्रश' का भी टैग दिया। द लल्लनटॉप को दिए पुराने इंटरव्यू में गिरिजा ने अचानक से मिली पॉपुलैरिटी पर बात की. उन्होंने बताया कि फेम ने उनके लिए क्या बदला। 
           
    गिरिजा ने अचानक से मिले फेम के दूसरे पहलू को भी उजागर किया. एक्ट्रेस के मुताबिक, उन्हें सोशल मीडिया पर अश्लील मैसेज आने लगे हैं। गिरिजा ने कहा- किसी ने मुझे लिखा कि मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूं. मुझे एक चांस दो. किसी ने मुझसे मेरा रेट पूछते हुए कहा- एक घंटा बैठने की कीमत क्या है? ''मुझे ऐसे बहुत से मैसेज आते हैं. यही लोग अगर मुझे रियल लाइफ में देखें, तो शायद नजरें तक नहीं मिलाएंगे. पर पर्दे के पीछे लोग कुछ भी कहते हैं।    ''सामने आने पर वही लोग बहुत प्यार और सम्मान से बात करते हैं. ये दुनिया बहुत अजीब है. इस वर्चुअल दुनिया को कितनी गंभीरता से लेना चाहिए इस मुद्दे पर बहस हो सकती है।

    वर्कफ्रंट पर, गिरिजा ने तारे जमीन पर , शोर: इन द सिटी , लेडीज स्पेशल , मॉडर्न लव: मुंबई जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है. उन्हें पिछली बार भारत भाग्य विधाता मूवी में देखा गया था। 

  • रायपुर : नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक नशामुक्ति पदयात्रा में हुए शामिल

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नशामुक्त समाज के निर्माण का दिया संदेश

    स्वयं नशे से दूर रहें, दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए करें प्रेरित – मुख्यमंत्री साय

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह

    युवा शक्ति को नशे से बचाकर शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

    27 वर्षों से नशामुक्ति, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए निकाली जा रही पदयात्रा की मुख्यमंत्री ने की सराहना

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक आयोजित नशामुक्ति पदयात्रा में शामिल हुए। बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ मुख्यमंत्री साय ने पदयात्रा कर नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया। पदयात्रा के समापन पर मुख्यमंत्री साय ने लाल चौक स्थित लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा। नशा केवल किसी एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। विशेष रूप से युवाओं को नशे से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवा किसी भी प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। युवा स्वस्थ होंगे, शिक्षित और कुशल होंगे तथा अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाएंगे तो प्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, खेल और उद्यमिता के अवसरों का विस्तार कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता का उपयोग अपने परिवार, समाज और प्रदेश की प्रगति में करे।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। महात्मा गांधी ने संयम, स्वच्छता और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया था। ऐसे में नशामुक्ति का यह अभियान उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का भी सशक्त माध्यम है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सेवा को सर्वोपरि रखा है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रारंभ हुई उनकी शासन की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनसेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के विभिन्न कार्यों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि इसी अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना के साथ प्रदेशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही युवाओं को सेवा और राष्ट्र निर्माण के भाव से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। गुजरात के वडनगर से निकले बाइक राइडर्स का रायपुर पहुंचने पर स्वागत किया गया। इस यात्रा में बस्तर के युवा भी उत्साहपूर्वक सहभागी बने।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या से प्रभावित रहा, जिसके कारण वहां विकास की गति बाधित हुई। आज क्षेत्र में शांति और विकास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार तथा रोजगार के अवसरों के विस्तार पर तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित करने के लिए नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर सहित आधुनिक और उभरते क्षेत्रों में निवेश से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए द्वार खुलेंगे। हमारा लक्ष्य ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करना है, जो नशे से दूर रहकर अपने सामर्थ्य, परिश्रम और नवाचार से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बने।

    मुख्यमंत्री साय ने विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा विगत 27 वर्षों से नशामुक्ति, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे सामाजिक विषयों को लेकर पदयात्रा आयोजित किए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से आता है। जब कोई अभियान समाज का अभियान बन जाता है, तभी उसके स्थायी और व्यापक परिणाम सामने आते हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि इन पदयात्राओं से प्रेरित होकर अब तक हजारों लोगों ने नशामुक्ति का संकल्प लिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह भी अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनेगा और विशेष रूप से युवाओं को स्वस्थ एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर प्रेरित करेगा।

    मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और युवाओं से आह्वान किया कि वे नशामुक्ति के संदेश को अपने परिवार, मित्रों और समाज तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ युवा, एक स्वस्थ परिवार और एक जागरूक समाज मिलकर ही स्वस्थ, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे।

    इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, छात्र-छात्राएं, युवा, महिलाएं एवं आमजन उपस्थित थे।

  • 1 अक्टूबर से बदले 10 बड़े नियम, LPG सिलेंडर महंगा; डीजल-ATF पर टैक्स घटा

    1 अक्टूबर से बदले 10 बड़े नियम, LPG सिलेंडर महंगा; डीजल-ATF पर टैक्स घटा

     नई दिल्ली
    अक्टूबर महीने की शुरुआत देश में कई बड़े बदलावों (Rule Change From 1st October) के साथ हो गई है. इन बदलाव का असर हर घर हर जेब पर देखने को मिलेगा. 1 अक्टूबर 2026 से जहां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर महंगाई का बम फूटा है और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली से मुंबई तक बढ़ गई है, तो वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से फ्री निकासी की लिमिट से जुड़ा नियम भी बदल (ATM Rule Change) दिया गया है. आइए ऐसे ही बड़े बदलावों के बारे में विस्तार से जानते हैं… 

    पहला बदलाव: LPG सिलेंडर हुआ महंगा
    फेस्टिव सीजन की शुरुआत से पहले ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने महंगाई का बड़ा झटका दिया है और 1 अक्टूबर 2026 को सुबह-सुबह LPG Cylinder महंगा कर दिया है. ये बढ़ोतरी 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में की गई है और दिल्ली में इसका दाम 62.50 रुपये बढ़कर अब 2,810 रुपये हो गया है. वहीं पटना में ये 3100 रुपये से भी महंगा हो गया है. हालांकि, 14 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई चेंज नहीं किया गया है। 

    दूसरा बदलाव: LPG e-KYC का नियम
    एक ओर जहां Commercial LPG Cylinder Price Hike का झटका लगा है, तो वहीं 1 अक्टूबर 2026 से एलपीजी सिलेंडर बुकिंग से जुड़ा नया नियम भी लागू हो गया है. अब उन यूजर्स को LPG Subsidy पाने में दिक्कत पेश आ सकती है, जिन्होंने अपने एलपीजी कनेक्शन का आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन या ई-केवाईसी (LPG eKYC) पूरा नहीं किया है, ये अनिवार्य किया गया है। 

    तीसरा बदलाव: डीजल-ATF पर घटा ये Tax
    1 अक्टूबर से देश में दूसरा बदलाव डीजल और हवाई ईंधन से जुड़ा हुआ लागू हो गया है. दरअसल, सरकार ने बुधवार को डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती की है और ये 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए लागू हो गई है. वहीं पेट्रोल (Petrol) पर इसे स्थिर रखा गया है. डीजल निर्यात पर लगने वाले SAED को 20 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. वहीं एटीएफ के निर्यात पर लगने वाला शुल्क भी पहली तारीख से 15 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 10.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। 

    चौथा बदलाव: FD Rule चेंज 
    RBI कमर्शियल बैंकों द्वारा थोक फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें तय करने और सार्वजनिक करने के तरीके में बदलाव कर रहा है. नए नियम 1 अक्टूबर, 2026 से लागू हो गए हैं. संशोधित फ्रेमवर्क के तहत, बैंकों को अपनी थोक जमा दरें पहले से ही सार्वजनिक करनी होंगी. उन्हें हरदिन सुबह 10 बजे लागू थोक जमा दरों की जानकारी भी देनी होगी. बैंकों को आम तौर पर समान थोक जमा पर एक ही ब्याज दर देनी होगी. हालांकि, वे अलग-अलग स्थितियों के आधार पर दरों में अंतर कर सकते हैं। 

    पांचवां बदलाव: NPS के नियम में बदलाव 
    पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और एनपीएस लाइट के तहत ग्राहकों से प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (POP) द्वारा वसूले जाने वाले शुल्कों में संशोधन किया है. संशोधित शुल्क 1 अक्टूबर, 2026 से लागू हो रहे हैं. नई संरचना के तहत, पीओपी के माध्यम से रजिस्‍ट्रेशन करने वाले ग्राहक को हर PRAN के लिए 200 रुपये का एकमुश्त ऑनबोर्डिंग शुल्क देना होगा. यह 200 रुपये का शुल्क ग्राहक के खाते से एकमुश्त राशि के रूप में नहीं काटा जाएगा। 

    छठा बदलाव:  SBI ATM विद्ड्रॉल का नियम 
    देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई अपने सैलरी पैकेज अकाउंट होल्‍डर्स के लिए अन्य बैंकों के ATMs और ऑटो डिपॉजिट विड्रॉल मशीनों (ADWM) पर एसबीआई डेबिट कार्ड का उपयोग करने पर उपलब्ध मुफ्त मासिक लेनदेन की संख्या में संशोधन कर रहा है. संशोधित नियम 1 अक्टूबर, 2026 से लागू होंगे. सभी एसबीआई वेतन पैकेज खाता प्रकारों के लिए, अन्य बैंकों के एटीएम पर मुफ्त लेनदेन की संख्या सभी केंद्रों पर प्रति माह 10 से घटाकर पांच कर दी जाएगी. बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खातों के लिए, एक महीने में चार बार कैश निकासी निःशुल्क रहेगी, जिसके बाद प्रत्येक लेनदेन पर 15 रुपये + जीएसटी का शुल्क लगेगा। 

    सातवां बदलाव: NRI निवेश 
    अभी तक किसी प्रवासी भारतीय से संपत्ति खरीदना सामान्य संपत्ति सौदों की तुलना में थोड़ा अधिक कागजी कार्रवाई वाला होता है. लेकिन 1 अक्टूबर से इसका प्रॉसेस बदल रहा है, क्योंकि आयकर विभाग प्रवासी खरीदारों के लिए टीडीएस प्रक्रिया को सरल बना रहा है. पहली तारीख से NRI से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) को टीडीएस के लिए अलग से टैक्स कटौती और TNN की जरूरत नहीं होगी. इसके बजाय, खरीदार अपने पैन (PAN Card) का उपयोग करके TDS की कटौती, जमा और रिपोर्टिंग कर सकेंगे। 

    आठवां बदलाव: PUC के बिना पेट्रोल-CNG नहीं
    दिल्ली-NCR में पेट्रोल पंपों पर गाड़ी में Petrol या CNG भरवाने से पहले अब सिर्फ जेब में पैसे होना काफी नहीं होगा. 1 अक्टूबर से अगर आपकी गाड़ी का प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (PUC) वैध नहीं है, तो फ्यूल लेने में दिक्कत आ सकती है. यानी गाड़ी लेकर पेट्रोल पंप पहुंचने से पहले अब एक और चीज चेक करनी होगी- आपके वाहन का PUC वैध है या नहीं. सर्दियों में बढ़ने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने इस व्यवस्था को लागू किया है. CAQM के मुताबिक, पहली तारीख से पूरे NCR में बिना वैध PUC प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन देने पर रोक लगाने का प्रावधान लागू हो गया है। 

    नौवां बदलाव: लाइफ सर्टिफिकेट का नियम
    1 अक्‍टूबर से लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का समय शुरू हो रहा है. अगर आप पेंशन का लाभ पाना चाहते हैं तो आपको लाइफ सर्टिफिकेट ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा करना होगा. यह हर साल अक्‍टूबर से जमा होना शुरू होता है। 

    दसवां बदलाव: 16 दिन बैंक हॉलिडे
    अक्टूबर महीने में अगर बैंक से जुड़ा कोई काम है, तो फिर आरबीआई की बैंक हॉलिडे लिस्ट देखकर ही घर से निकलें. बता दें कि अगले महीने साप्ताहिक अवकाशों को मिलाकर कुल 16 दिन बैंक बंद रहेंगे. दशहरा, गांधी जयंती समेत अनेक मौकों पर बैंक ब्रांच बंद रहेंगी. हालांकि, इस दौरान ऑनलाइन बैंकिंग, एटीएम सर्विस के जरिए लेन-देन या बैंकिंग काम निपटाए जा सकते हैं। 

    ये बदलाव भी बढ़ाएंगे टेंशन
    अक्टूबर महीने की शुरुआत से अन्य बड़े बदलावों पर गौर करें, तो इनमें

    फेस्टिव सीजन (Festive Season) पर घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम खरीदना महंगा पड़ सकता है. अगर आप टीवी, फ्रिज, एसी समेत अन्य होम इलेक्ट्रॉनिक्स चीजें खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो बता दें इस सेक्टर की कंपनियों ने कच्चे माल की लागत में तेज बढ़ोतरी का हवाला देते हुए अपने आइटम्स की कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। 

    इसके साथ ही 15 अक्टूबर, 2026 से, व्यापारियों द्वारा किए गए UPI लेनदेन पर चुनिंदा लेनदेनों पर व्यापारी छूट दर (MDR) लागू होगी. एमडीआर 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारी लेनदेनों पर लागू होगा. 2,000 रुपये तक के भुगतान और छोटे व्यापारियों के लिए शून्य-एमडीआर ढांचे के तहत किए गए लेनदेन निःशुल्क रहेंगे। 

     

  • शाहजहांपुर में डबल मर्डर, मंदिर में दो साधुओं को जिंदा जलाने का आरोप

    शाहजहांपुर में डबल मर्डर, मंदिर में दो साधुओं को जिंदा जलाने का आरोप

     शाहजहांपुर
    यूपी के शाहजहांपुर से रात दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। गांव के पश्चिम में स्थित हनुमान मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करने वाले दो वृद्धों की तख्त से बांधकर जिंदा जला देने से मौत हो गई। वारदात रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान गोपाल दास और बड़े दास के रूप में हुई है। बड़े दास दिव्यांग बताए गए हैं।

    शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मंदिर की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद में सुमित सिंह नाम के युवक पर दोनों वृद्धों के साथ मारपीट करने, उन्हें अलग-अलग तख्त से बांधने और मंदिर परिसर और आसपास से लकड़ियां जुटाकर आग लगाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि मंदिर सुमित के परिवार की जमीन पर बना है और वह उस पर कब्जा करना चाहता था। दोनों वृद्ध मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करने के साथ उसकी देखभाल भी करते थे। इसी बात को लेकर पहले से विवाद होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि बुधवार रात सुमित गांव में घूमते हुए पहले काल सिंह स्थान पर पहुंचा और वहां लाइट तोड़ने के बाद हनुमान मंदिर गया। यहां दोनों वृद्धों से उसका विवाद हुआ। इसके बाद उसने कथित तौर पर दोनों के साथ मारपीट की और उन्हें तख्त से बांधकर आग लगा दी। आग में झुलसने से दोनों की मौत हो गई।

    दो महीने पहले जेल से छूटकर आया था आरोपी
    ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी सुमित सिंह करीब दो महीने पहले जेल से छूटकर आया था। उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और कार जलाने समेत कई मामलों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी है। उस पर पूर्व में आगजनी की घटनाओं में शामिल रहने के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। बताया जा रहा है कि उसके पिता का नाम भी हिस्ट्रीशीटर के रूप में सामने आता रहा है। हालांकि, आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और वारदात के पीछे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

    दो वृद्धों को मंदिर परिसर में बांधकर जिंदा जलाने की घटना से गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वारदात में इस्तेमाल किए गए तरीके, जमीन के विवाद की पृष्ठभूमि और आरोपी की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

    मंदिर की जमीन को लेकर पुराना विवाद
    गांव के पश्चिम में स्थित हनुमान मंदिर में दोनों वृद्ध लंबे समय से रहकर पूजा-पाठ और देखभाल करते थे। बताया जा रहा है कि मंदिर सुमित के परिवार की जमीन पर बना है। इसी जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि विवाद की तत्काल वजह क्या थी और वारदात से पहले आरोपियों व मृतकों के बीच क्या हुआ।

    दो महीने पहले जेल से छूटने की जानकारी
    ग्रामीणों के अनुसार, सुमित सिंह करीब दो महीने पहले जेल से बाहर आया था। उसके खिलाफ कार जलाने और एससी-एसटी एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। उस पर पहले भी आगजनी की घटनाओं में शामिल रहने के आरोप हैं।

  • रायपुर : रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    रायपुर : रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    रायपुर : रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    विपणन वर्ष 2027-28 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

    किसान हितैषी निर्णय के लिए वित्त मंत्री चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार

    रायपुर

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विपणन वर्ष 2027-28 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के केंद्रीय कैबिनेट के निर्णय का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने सभी अनिवार्य रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रबी फसलों के एमएसपी में वृद्धि से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को बल मिलने के साथ फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

    चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार किसानों के हित और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निर्णय ले रही है। उन्होंने इस किसान हितैषी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

  • आज से PNG Drive 3.0 शुरू, रोज 20 हजार गैस कनेक्शन का लक्ष्य

    आज से PNG Drive 3.0 शुरू, रोज 20 हजार गैस कनेक्शन का लक्ष्य

     नई दिल्ली

    अक्टूबर महीने की शुरुआत देश में कई बड़े बदलावों (Rule Change From 1st October) के साथ हो गई है. इनमें एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफे समेत तमाम चेंज लोगों की जेब पर असर डालने वाले हैं. इस बीच एक और योजना की शुरुआत हो रही है. जी हां, आज PNG Drive 3.0 लॉन्च हो रही है. इस योजना से जरिए सरकार का लक्ष्य हर रोज 20,000 पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन यानी PNG Connection जोड़ने का है। 

    LPG से PNG शिफ्टिंग को रफ्तार
    पीएनजी ड्राइव 3.0 योजना के जरिए लिक्विड पेट्रोलियम गैस यानी LPG से PNG पर शिफ्टिंग को रफ्तार मिलेगी. सरकार ने इस स्कीम के तहत देश में तेजी से पीएनजी कनेक्शन देने की तैयारी कर ली है और इससे 20 हजार पाइप गैस कनेक्शन हर दिन जोड़ने का टारगेट सेट किया है. सरकार का मकसद इस योजना के जरिए घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी के इस्तेमाल को कम करना है। 

    आवेदन के लिए पोर्टल लॉन्च की तैयारी  
    PNG Drive 3.0 के तहत PNGRB ने नए 80 GA (Geographical Areas) चिन्हित किए. पाइपलाइन गैस इंफ्रा के विस्तार से PNG कनेक्शन और कन्वर्जन बढ़ाने पर सरकार का जोर है. गौरतलब है कि अमेरिकी और ईरान के बीच युद्ध (US-Iran War) के चलते बढ़े मिडिल ईस्ट संकट के बाद रोजाना 10,000+ कनेक्शन/कन्वर्जन किए जा रहे हैं और अब सरकार ने इसकी रफ्तार को बढ़ाकर दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। 

    पाइप्ड नेचुरल गैस से जुड़ी इस योजना में लोगों की सुविधा के लिए नया पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा, जिसे लेकर तैयारी पूरी की जा रही है. सरकार की कोशिश है कि ग्राहकों को एक ही जगह से कनेक्शन के लिए आवेदन से लेकर शिकायत दर्ज करने तक की सुविधा मिले।  

    PNG कनेक्शन को बढ़ावा दे रही सरकार
    पीएनजी कनेक्शन के चलते अब लोगों को हर महीने सिलेंडर बुक कराने का झंझट नहीं झेलना पड़ता है और पाइपलाइन के जरिए घरों तक निर्बाध गैस की सप्लाई मिलती रहती है. अब सरकार भी देश में पीएनजी गैस के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है, इसके इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए ही सरकार PNG Drive 3.0 शुरू कर रही है. बता दें कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले इस अभियान को सितंबर 2026 में लॉन्च किए जाने की उम्मीद थी।  

    पीएनजी कनेक्शन के ये बड़े फायदे 
    पीएनजी कनेक्शन के कई बड़े फायदे हैं और इस लिस्ट में सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको हर महीने सिलेंडर बुक कराने की जरूरत नहीं पड़ती है. 24 घंटे गैस उपलब्ध होती है यानी अचानक सिलेंडर खत्म होने की समस्या से भी निजात मिल जाता है. रसोई में एक छोटे से कोने में इसका मीटर और पाइप सेट हो जाता है यानी रसोई में LPG Cylinder रखने का स्पेस भी खाली होता है. इसके साथ ही जितनी गैस यूज की जाती है, उतना ही बिल आता है।  

  • CM योगी का संदेश- शिव की तरह विषम हालात में भी करें लोक कल्याण

    CM योगी का संदेश- शिव की तरह विषम हालात में भी करें लोक कल्याण

    गोरखपुर
    गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने उनके जीवन और आदर्शों को याद किया।  आयोजित समारोह में सीएम योगी ने कहा कि जिस महापुरुष या आराध्य का हम गुणगान करते हैं, उसके आदर्शों के अनुरूप जीवन जीने का प्रयास भी करना चाहिए। 

    मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का उदाहरण देते हुए कहा कि विषम और सम परिस्थितियों में खुद को एक समान रखते हुए निश्छल भाव से समाज और लोक कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने विषम परिस्थितियों में विष को अपने कंठ में धारण किया, इसलिए उन्हें नीलकंठ कहा जाता है।

    शिवत्व का अर्थ समाज और लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना
    सीएम योगी ने कहा कि समाज की विसंगतियों को अपने भीतर समाहित कर समाज और लोक कल्याण के लिए आदर्श स्थापित करना ही शिवत्व है। उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, व्यक्ति को अपने लक्ष्य और कर्तव्य के प्रति स्थिर रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ महाराज और महंत अवेद्यनाथ महाराज की पुण्यस्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि दोनों संतों के जीवन से स्थिरता और संकल्प की प्रेरणा मिलती है। 

    महंत दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ के जीवन से मिलती है प्रेरणा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र स्थिरता है। स्थिरता का भाव व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि दोनों संतों के जीवन चरित्र का अध्ययन करने पर समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने महंत अवेद्यनाथ के जीवन को उनके गुरु महंत दिग्विजयनाथ के आदर्शों और मूल्यों का विस्तार बताया। साथ ही कहा कि समाज में जब विसंगतियां पैदा होती हैं तो उनका परिमार्जन करने का सामर्थ्य समाज में होना चाहिए।

    गोरक्षपीठ में सात दिवसीय श्रद्धांजलि समारोह का समापन
    गोरखनाथ मंदिर में महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 24 से 30 सितंबर तक साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इसके अंतिम दिन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा हुई। कार्यक्रम में देशभर से संत-धर्माचार्यों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भी सहभागिता की। समारोह के दौरान महंतद्वय के सामाजिक, धार्मिक और लोक कल्याण से जुड़े कार्यों को याद किया गया।