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  • रायपुर : युवाओं को रोजगार, नागरिकों को सुगम सेवाएं और आधुनिक कौशल से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : युवाओं को रोजगार, नागरिकों को सुगम सेवाएं और आधुनिक कौशल से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : युवाओं को रोजगार, नागरिकों को सुगम सेवाएं और आधुनिक कौशल से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
    मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास की दिशा में तीन महत्वपूर्ण पहल

    नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र

    चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच हुआ एमओयू, नागरिकों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच होगी और आसान

    कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों में होगी एकरूपता, एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी अधिक सेवाएं

    सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं ऑनलाइन, 16 हजार से अधिक केंद्रों से मिल रही सुविधा

    नवा रायपुर में स्थापित होगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा

    लगभग 250 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा संस्थान, प्रतिवर्ष करीब 4 हजार युवाओं को मिलेगा आधुनिक कौशल प्रशिक्षण

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मंत्रालय महानदी भवन में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास के क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में चयनित युवा उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नागरिकों तक शासकीय डिजिटल सेवाओं की पहुंच को अधिक व्यापक और सुविधाजनक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू किया गया। साथ ही नवा रायपुर में प्रस्तावित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा गया।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर, नागरिकों को सरल और पारदर्शी शासकीय सेवाएं तथा नई पीढ़ी को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक कौशल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार रोजगार सृजन, कौशल विकास, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक अधोसंरचना को एक-दूसरे से जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ नागरिकों तक आसानी और समयबद्धता के साथ पहुंचे। तकनीक के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम की जा रही है। वहीं युवाओं को सरकारी सेवाओं के साथ उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता और कौशल आधारित रोजगार के लिए भी तैयार किया जा रहा है।

    नवा रायपुर के निर्माण में युवा अभियंताओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

    मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में उप अभियंता के पद पर चयनित युवा अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं के अभिभावकों को भी बधाई दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर भविष्य के छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का शहर है। यहां आधुनिक अधोसंरचना, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं और योजनाबद्ध विकास को निरंतर विस्तार दिया जा रहा है। नवनियुक्त अभियंताओं को इस आधुनिक शहर के निर्माण और विकास में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है।

    उन्होंने युवा अभियंताओं से कहा कि वे अपने ज्ञान और तकनीकी दक्षता का उपयोग जनहित में करते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। विभिन्न विभागों में नियमित भर्तियां की जा रही हैं और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाया गया है। सभी युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हो सकतीं, इसलिए राज्य सरकार उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता, स्टार्टअप और कौशल विकास के माध्यम से भी व्यापक अवसर तैयार कर रही है।

    उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024-30 में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए हैं और अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है। आने वाले वर्षों में लगभग पौने दो लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योगों के लिए औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से पारदर्शी चयन प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। गरीब, किसान और सामान्य परिवारों के बच्चे अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर चयनित होकर आगे बढ़ रहे हैं। भर्ती प्रक्रियाओं को और गति देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का भी गठन किया गया है।

    डिजिटल गवर्नेंस को नई गति, चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। चिप्स की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल तथा कॉमन सर्विस सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल की ओर से स्टेट हेड जय नारायण पटेल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

    इस एमओयू के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर उपलब्ध नागरिक-केंद्रित सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर के डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाएगा। इसी तरह कॉमन सर्विस सेंटर पर उपलब्ध सेवाओं को सेवा सेतु से जोड़ने की दिशा में कार्य होगा। इससे नागरिकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता कम होगी और अधिक सेवाएं उनके नजदीकी केंद्रों पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।

    कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों की पहचान को नागरिकों के लिए अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से इन केंद्रों पर एकरूप ब्रांडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। केंद्रों पर उपलब्ध प्रमुख सेवाओं की जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अंतिम छोर तक शासकीय सेवाएं पहुंचाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के ग्राम स्तरीय उद्यमी नेटवर्क और सेवा सेतु केंद्रों का समन्वित उपयोग किया जाएगा।

    16 हजार से अधिक सेवा सेतु केंद्र, 54 लाख से अधिक आवेदन

    वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं 16,619 केंद्रों के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु पोर्टल पर 54 लाख 23 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है।

    प्रदेश में 28,450 सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी 600 से अधिक शासकीय एवं व्यावसायिक सेवाएं नागरिकों को प्रदान की जा रही हैं। एमओयू के बाद सेवा सेतु की 907 शासकीय सेवाओं की पहुंच सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों तक भी विस्तारित होगी। इससे विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को अपने नजदीक ही अधिक सेवाएं प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।

    एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा सेतु को नागरिक सेवाओं के एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार की सेवाओं के साथ केंद्र सरकार की 166 सेवाओं को भी इससे जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इससे एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का उद्देश्य नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर से बचाना, सेवाओं की डिलीवरी को समयबद्ध बनाना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ाना है।

    उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी शुरू की गई है। इससे तहसीलदार से लेकर सचिव स्तर तक लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हैं और शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। शासन का प्रयास है कि नागरिक को अपनी समस्या लेकर व्यवस्था के पीछे न जाना पड़े, बल्कि व्यवस्था स्वयं उसके समाधान के लिए जवाबदेह बने।

    नवा रायपुर में लगभग 250 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

    कार्यक्रम में नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र भी सौंपा गया। प्रस्तावित संस्थान के निर्माण पर लगभग 250 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। यहां प्रतिवर्ष करीब 4 हजार युवाओं को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण देने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

    संस्थान में लगभग 20 अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों और रोजगार बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा, जिससे युवाओं को नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो और वे रोजगार के साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों का भी लाभ उठा सकें।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए आधुनिक कौशल और रोजगार के अवसरों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। बदलती तकनीक के इस दौर में युवाओं को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप आधुनिक कौशल से लैस करना भी आवश्यक है। यह संस्थान प्रदेश के युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा और कौशल संस्थानों के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा नवा रायपुर : ओ.पी. चौधरी

    आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नवनियुक्त युवा अभियंताओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें नवा रायपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे आधुनिक शहर के निर्माण में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है। अधोसंरचना किसी भी राज्य के आर्थिक विकास की बुनियाद होती है और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    चौधरी ने कहा कि सरकारी नौकरी के प्रति युवाओं का आकर्षण स्वाभाविक है, लेकिन वर्तमान समय में रोजगार और करियर की संभावनाएं केवल सरकारी क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। निजी क्षेत्र, उद्यमिता, तकनीक और कौशल आधारित क्षेत्रों में भी व्यापक अवसर पैदा हो रहे हैं। राज्य सरकार सरकारी भर्तियों के साथ युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया युवाओं में व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करती है। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं का आह्वान किया कि जिस पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से उन्हें सेवा का अवसर मिला है, उसी भावना के साथ वे अपने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

    नागरिकों को केंद्रों पर स्पष्ट रूप से मिलेगी उपलब्ध सेवाओं की जानकारी

    सचिव अंकित आनंद ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार सेवा केंद्रों पर नागरिकों से जुड़ी प्रमुख सेवाओं की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी। इनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, बिजली कनेक्शन, भूमि उपयोग संबंधी जानकारी, व्यापार अनुज्ञप्ति, निर्माण श्रमिक पंजीयन, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
    इसके साथ ही केंद्र सरकार से संबंधित आधार, आयुष्मान, गैस कनेक्शन, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन, फसल बीमा, फास्टैग, उद्यम परिचय पत्र, कृषि ड्रोन सेवा तथा निजी बैंकों से जुड़ी सेवाएं भी नागरिकों को उपलब्ध होंगी। 

    इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा नवनियुक्त अभियंता उपस्थित थे।

  • फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर चाकूबाजी, नेतन्याहू बोले- ‘9/11 जैसी आपदा टली’

    फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर चाकूबाजी, नेतन्याहू बोले- ‘9/11 जैसी आपदा टली’

     नई दिल्ली
    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि फ्लाईदुबई के पायलटों और यात्रियों ने विमान में '9/11 जैसी आपदा' होने से रोक दिया. इजरायल जा रही इस फ्लाइट में एक पायलट ने अपने साथी पर चाकू से हमला कर दिया था, जिसके बाद विमान हजारों फीट नीचे चला गया. नेतन्याहू ने सीएनएन को बताया कि भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला होने के बाद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था। 

    नेतन्याहू के मुताबिक, दरवाजा खुलने के बाद इजरायली यात्री यानिव हयून कॉकपिट में पहुंचे. हयून पेशे से प्लंबर हैं. उन्होंने वहां ओमानी पायलट को विमान के कंट्रोल के साथ छेड़छाड़ करते हुए देखा. नेतन्याहू ने कहा कि उस समय यात्रियों ने कॉकपिट से चीखने और चिल्लाने की आवाजें भी सुनी थीं। 

    Flydubai ने इजरायल रूट की सभी उड़ानें रोकीं, आने-जाने वाली सभी फ्लाइट्स सस्पेंड 

    'कैप्टन स्मित मच्छार असली हीरो, 170+ लोगों की बचाई जान', RSS ने की तारीफ

    प्लंबर यात्री ने संभाला विमान का कंट्रोल
    नेतन्याहू ने बताया कि हयून ने विमान के कंट्रोल को पीछे की ओर खींचा. इसी दौरान एक अन्य यात्री और क्रू के सदस्य ने हमलावर पायलट को काबू में किया. इसके बाद रिजर्व पायलट कॉकपिट में पहुंचे और विमान को स्थिर किया। 

    इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने एयरपोर्ट पर यानिव हयून से मुलाकात की थी. उनके मुताबिक, हयून भारतीय पायलट के खून से पूरी तरह सने हुए थे. इस घटना में घायल भारतीय पायलट की पहचान कैप्टन स्मित मच्छार के तौर पर हुई है। 

    सऊदी अरब में हो रही संदिग्ध पायलट से पूछताछ
    नेतन्याहू ने बताया कि हमले के आरोपी पायलट को सऊदी अरब में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात ने इजरायल को इस पूछताछ में शामिल होने की अनुमति दी है। 

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी घटना के बारे में जानकारी दी गई थी. ट्रंप ने भारतीय पायलट को 'हीरो' बताया और कहा कि हमला होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद मांगना बेहद अहम था. उन्होंने यानिव हयून के कदम की भी तारीफ की। 

    कैप्टन स्मित मच्छार ने कैसे बचाई यात्रियों की जान
    यह लैंडिंग बिलकुल भी आसान नहीं थी। यात्रियों ने बताया कि ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार को नीचे गिरा दिया था और उन पर चाकू से हमले कर रहा था। सब जगह खून फैला हुआ था। कैप्टन स्मित मच्छार की आवाज तक नहीं निकल रही थी। इस दौरान सिर्फ 1 मिनट में विमान करीब 14000 फीट नीचे गिर गया। जिसके बाद कैप्टन स्मित मच्छार ने विमान के कंट्रोल को संभाला और उसे सुरक्षित तबुक हवाई अड्डे पर उतारा। घायल पायलट और फर्स्ट ऑफिसर को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। सऊदी अरब की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने को-पायलट को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ कर रही हैं।

    कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं?
    कैप्टन स्मितत मच्छार 2022 से अमीराती सरकार के स्वामित्व वाली कम लागत वाली एयरलाइन फ्लाईदुबई में काम कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 10 साल तक स्पाइसजेट में काम किया था। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, कैप्टन मच्छर के पास बोइंग 737 विमानों पर 13 वर्षों से अधिक का वाणिज्यिक उड़ान का अनुभव है। उन्होंने वनलाइनर ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में व्यापक रूप से कार्य किया है और उनके पास 9,750 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। कैप्टन मच्छर 2011 में स्पाइसजेट में शामिल हुए।

    इजरायल में फ्लाईदुबई की फ्लाइट पर रोक
    इजरायल के परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने शिन बेट से देश में आने-जाने वाली फ्लाईदुबई की सभी उड़ानों को रोकने का अनुरोध किया है, क्योंकि ऐसी अपुष्ट खबरें हैं कि इस घटना के लिए जिम्मेदार पायलट ओमानी मूल का था। तबुक हवाई अड्डे के बयान में पुष्टि की गई है कि इस घटना में पायलट और फर्स्ट ऑफिसर दोनों घायल हो गए थे और विमान के उतरने के बाद उन्हें चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। बयान में उनके घायल होने के कारण का स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। एक यात्री ने बताया कि चाकू से घायल पायलट की हालत गंभीर थी और विमान में मौजूद एक इजरायली डेंटिस्ट ने उसका इलाज किया और उसकी जान बचाई।

    बेंजामिन नेतन्याहू ने क्या कहा?
    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना पर बयान जारी करते हुए हमलावर को-पायलट को काबू करने वालों की तारीफ की है। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार, बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, "आज सुबह, दुबई से इजरायल आ रही एक फ्लाइट में सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर घटना हुई। फ्लाइट में मौजूद लगभग सभी यात्री इजरायली थे। फ्लाइट के दौरान, जब वे देश के करीब पहुंच रहे थे, तो एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला किया और ऐसा लगता है कि उसने प्लेन में सवार सभी लोगों के साथ प्लेन को क्रैश करने की कोशिश की।

    नेतन्याहू ने सभी को किया सलाम
    नेतन्याहू ने कहा, मैंने एक इजरायली यात्री से बात की। उसने मुझे बताया कि प्लेन घूमने लगा और तेज़ी से नीचे की ओर जाने लगा। उसने बताया कि किसी तरह वह और क्रू का एक सदस्य कॉकपिट में घुसने में कामयाब रहे, और उन्होंने मिलकर उस पायलट को काबू में किया जो प्लेन के सिस्टम को खराब करने की कोशिश कर रहा था। फ़्लाइट के क्रू का एक और सदस्य कॉकपिट में पहुंचा और प्लेन को संभालने में कामयाब रहा। मैं इन नायकों को सलाम करता हूं, जिन्होंने असाधारण सूझबूझ और हिम्मत दिखाई। उन्होंने कई जानें बचाईं। उन्होंने एक बड़ी तबाही को रोका।

    नेतन्याहू बोले- सभी यात्री खतरे से बाहर
    उन्होंने कहा कि प्लेन सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा। सभी यात्री खतरे से बाहर हैं। चाकू से हमला करने वाले पायलट को गिरफ़्तार कर लिया गया है और सऊदी अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं। हम यात्रियों की सुरक्षा और उनके सुरक्षित घर लौटने को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। मैंने सुरक्षा एजेंसियों को भविष्य में संभावित खतरों के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। हम स्थिति का लगातार जायजा ले रहे हैं, और जैसे-जैसे हालात बदलेंगे, हम आपको जानकारी देते रहेंगे।

    ईरान कनेक्शन की जानकारी नहीं
    नेतन्याहू ने अपनी बातचीत में यह भी साफ किया कि जांचकर्ताओं के पास अभी ऐसी कोई खास जानकारी नहीं है, जिससे इस घटना का ईरान से संबंध साबित हो. उन्होंने कहा कि फिलहाल इस तरह का कोई ठोस इनपुट सामने नहीं आया है। 

    नेतन्याहू ने अपने पुराने अनुभव का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि 1972 में एक हाईजैक विमान से यात्रियों को छुड़ाने वाली इजरायली कमांडो कार्रवाई के दौरान वह घायल हुए थे. उनके भाई योनी की 1976 में एंटेबे बंधक बचाव अभियान का नेतृत्व करते हुए मौत हो गई थी. नेतन्याहू ने कहा, "उन पायलटों ने 9/11 जैसी आपदा होने से रोक दी, क्योंकि ऐसा ही लग रहा था कि उस वक्त होने वाला था। 

  • सीएम योगी गुरुवार को 87 इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाएंगे हरी झंडी

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    पुलिसकर्मियों का होगा पदक अलंकरण, 'संघर्ष' पुस्तक का भी होगा विमोचन

    लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यमंत्री असीम अरुण भी रहेंगे मौजूद

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार, 1 अक्टूबर को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहनों का फ्लैग ऑफ करेंगे। इनमें चारपहिया और दोपहिया वाहन शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुलिसकर्मियों का पदक अलंकरण भी करेंगे। 

    इस दौरान मुख्यमंत्री योगी पुलिस सुधारों पर आधारित पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी करेंगे। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण भी मौजूद रहेंगे।

  • सूखे अटाकामा रेगिस्तान में खिले लाखों फूल, अल-नीनो की बारिश से बदला नजारा

    सूखे अटाकामा रेगिस्तान में खिले लाखों फूल, अल-नीनो की बारिश से बदला नजारा

    सेंटियागो

    चिली के अटाकामा रेगिस्तान में इन दिनों लाखों फूल खिल गए हैं. दुनिया के सबसे सूखे इलाकों में शामिल इस रेगिस्तान में हुई तेज बारिश के बाद जमीन के अंदर पड़े बीज और बल्ब सक्रिय हो गए. अल नीनो से जुड़ी इस बारिश के बाद अटाकामा के कई हिस्सों में बैंगनी और सफेद फूल दिखाई दे रहे हैं. चिली की नेशनल फॉरेस्ट कॉरपोरेशन यानी CONAF के मुताबिक, अक्टूबर में इस फूलों का नजारा अपने चरम पर पहुंच सकता है और करीब 15 हजार हेक्टेयर इलाके में फूल खिलने का अनुमान है। अटाकामा रेगिस्तान चिली के उत्तर में है और राजधानी सैंटियागो से करीब 800 किलोमीटर दूर है. यहां आमतौर पर बारिश बहुत कम होती है. इसी वजह से यहां कई पौधों के बीज और बल्ब जमीन के अंदर लंबे समय तक पड़े रहते हैं. जब उन्हें पर्याप्त पानी मिलता है तो वे दोबारा उगने लगते हैं. इस बार कुछ इलाकों में 180 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई, जो वहां के लिए बेहद ज्यादा है. इस पानी का एक बड़ा हिस्सा रेत के अंदर गहराई तक पहुंचा और इससे जमीन में छिपे पौधों को बढ़ने का मौका मिला।     

    जमीन के अंदर छिपे थे लाखों बीज… अटाकामा में फूलों का यह नजारा अचानक नहीं बना है. यहां करीब 200 प्रजातियों के पौधों के बीज और बल्ब जमीन के अंदर मौजूद रहते हैं. सूखे मौसम में ये पौधे एक तरह से रुके हुए रहते हैं. जैसे ही सही मात्रा में बारिश और नमी मिलती है, ये फिर से सक्रिय हो जाते हैं। चिली की CONAF के अनुसार, 'फ्लावरिंग डेजर्ट' में 200 से ज्यादा तरह के पौधे दिखाई दे सकते हैं. इनमें ऐसे पौधे भी शामिल हैं जो रेगिस्तान की बहुत कम नमी वाली जमीन में रहने के लिए तैयार हो चुके हैं. इनके कुछ हिस्से जमीन के अंदर सुरक्षित रहते हैं और सही मौसम आने पर ऊपर आकर फूल और पत्तियां बनाते हैं। कुछ इलाकों में 180 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश… इस बार अटाकामा के कुछ हिस्सों में बारिश 180 मिलीमीटर से ज्यादा दर्ज की गई. CONAF के अटाकामा जैव विविधता एक्सपर्ट सीजर पिजारो ने बताया कि कुछ जगहों पर इतनी ज्यादा बारिश पहले दर्ज नहीं की गई थी. सामान्य से ज्यादा पानी जमीन में गहराई तक पहुंचा, जिससे पौधों को लंबे समय तक नमी मिली।

    इसी बारिश के बाद अब रेगिस्तान में बैंगनी और सफेद फूलों के बड़े हिस्से दिखाई दे रहे हैं. इस घटना को चिली में 'फ्लावरिंग डेजर्ट' यानी 'फूलों वाला रेगिस्तान' कहा जाता है. यह घटना हर साल एक जैसी नहीं होती. इसके लिए सही समय पर पर्याप्त बारिश और मिट्टी में जरूरी नमी होना जरूरी है। अक्टूबर में सबसे ज्यादा फूल दिखेंगे… CONAF के अनुमान के मुताबिक, इस साल अटाकामा में फूलों का यह नजारा अक्टूबर में सबसे ज्यादा दिखाई दे सकता है. करीब 15 हजार हेक्टेयर इलाके में फूल खिलने का अनुमान है. बारिश के बाद सिर्फ पौधे ही सक्रिय नहीं होते, बल्कि इस पूरे इलाके में कीड़े, मधुमक्खियां, पक्षी और दूसरे छोटे जीव भी ज्यादा दिखाई देने लगते हैं। 

    फूलों से मिलने वाला पराग इन जीवों के लिए भी जरूरी होता है. इस नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंच रहे हैं. कई लोग सड़क के किनारे रुककर फूलों की तस्वीरें ले रहे हैं. लेकिन अधिकारियों ने लोगों से पौधों को नुकसान न पहुंचाने और तय रास्तों पर ही चलने की अपील की है। अल-नीनो की बारिश बनी बड़ी वजह… इस बार अटाकामा में फूल खिलने के पीछे अल नीनो से जुड़ी बारिश को बड़ी वजह माना जा रहा है. अल-नीनो के दौरान प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों की सतह का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. इससे हवा और बारिश के पैटर्न में बदलाव आ सकता है. इस बार इसका असर चिली के उत्तरी हिस्से में भी देखने को मिला।  
    हालांकि, अल-नीनो से हुई बारिश का असर सिर्फ फूलों तक सीमित नहीं रहा।     

    जुलाई में चिली के कुछ हिस्सों में भारी बारिश से नुकसान भी हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान कम से कम 13 लोगों की मौत हुई और करीब 4 हजार घरों को नुकसान पहुंचा या वे पूरी तरह बर्बाद हो गए. यानी जिस बारिश ने अटाकामा में पौधों को जीवन दिया, उसी मौसम ने देश के कुछ हिस्सों में परेशानी भी पैदा की।       
    बारिश कम होने और जमीन सूखने के बाद फूलों का यह नजारा धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा. लेकिन कई पौधों के बीज और जमीन के अंदर मौजूद हिस्से फिर सुरक्षित रहेंगे. अगली बार जब उन्हें सही मात्रा में बारिश मिलेगी, तो अटाकामा फिर फूलों से भर सकता है। 

  • जबलपुर JEC में Tech Blitz 2.0, Google-Microsoft-IBM के इंजीनियर्स छात्रों को देंगे इंडस्ट्री नॉलेज

    जबलपुर JEC में Tech Blitz 2.0, Google-Microsoft-IBM के इंजीनियर्स छात्रों को देंगे इंडस्ट्री नॉलेज

    जबलपुर
    इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों को अब देश-दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों और संस्थानों में काम कर रहे अपने सीनियर्स से सीधे सीखने का मौका मिलेगा. कॉलेज की कॉसमॉस सोसायटी द्वारा 'टेक ब्लिट्ज़ 2.0' का आयोजन किया जा रहा है. दो सप्ताह तक चलने वाले इस ऑनलाइन आयोजन में कॉलेज के कई पूर्व छात्रा शामिल होंगे. जिसमें गूगल, इंटेल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसे बड़ी कंपनी में काम करने वाले पूर्व छात्र हैं. यहां सभी लोग छात्र और छात्रों को मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी सहित आधुनिक तकनीकों और उनके वास्तविक दुनिया में इस्तेमाल की जानकारी देंगे. इसके अलावा आयोजन में आईआईटी, एनआईटी, एमएनआईटी और डीएवीवी जैसे संस्थानों की छात्र सोसायटियों को भी जोड़ा गया है। 

    कॉसमॉस सोसायटी कराती है एकेडमिक एक्टिविटीज
    जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज एक सरकारी संस्थान है और यह मध्य प्रदेश का सबसे पुराना इंजीनियरिंग कॉलेज है. इसी इंजीनियरिंग कॉलेज में कॉसमॉस नाम की छात्रों की एक सोसायटी है. छात्र इस समिति के माध्यम से पूरे साल इंजीनियरों के बीच साइंटिफिक टेंपरामेंट डेवलप करने के लिए एकेडमिक एक्टिविटीज करते हैं। 

    हजारों छात्रों को मिलेगा फायदा
    कॉसमॉस समिति के सदस्य ध्रुव शुक्ला इस बार 'टेक ब्लिट्ज़ 2.0' नाम से एक आयोजन कर रहे हैं. यह आयोजन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है. ध्रुव शुक्ल ने बताया, "यह आयोजन हम पहले भी कर चुके हैं, लेकिन इस बार इसे और बेहतर तरीके से किया जा रहा है. इसमें हमने आईआईटी, एनआईटी, एमएनआईटी और डीएवीवी जैसे संस्थानों को भी जोड़ा है. इसके साथ ही वहां की कई सोसाइटियों से भी हमारी बात हुई है. वे सभी छात्र इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं. इस आयोजन का फायदा 10 से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज के हजारों छात्रों को मिलेगा। 

    छात्रों को मिलेगा फील्ड का ज्ञान
    जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में कंप्यूटर साइंस के विभागाध्यक्ष डॉ. जेएस ठाकुर ने बताया, " छात्रों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान सिलेबस से जुड़ी हुई हर जानकारी दी जाती है. छात्रों के प्रैक्टिकल भी करवाए जाते हैं, लेकिन सिलेबस में कई चीजें ऐसी नहीं हैं, जिनका इस्तेमाल आज के समय में फील्ड पर हो रहा है। 

    इंडस्ट्रियलिस्ट तक सीधी पहुंच
    उन्होंने आगे कहा, "इंजीनियरिंग के मामले में रोज नई जानकारी और नॉलेज आ रही है, जिसकी जानकारी सिलेबस में शामिल करना कठिन है, क्योंकि यह रोज बदलता है. इसका अनुभव उन लोगों को ज्यादा है जो फील्ड में काम कर रहे हैं. इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई के दौरान छोटे-छोटे प्रोजेक्ट पर काम होता है, लेकिन रियल वर्ल्ड में रियल प्रॉब्लम पर काम चल रहा होता है, जो बड़े पैमाने पर होता है. इसकी जानकारी वही लोग दे सकते हैं, जो उन समस्याओं का सामना कर रहे हैं। 

    इंजीनियरिंग की लेटेस्ट इनफॉर्मेशन
    डॉ. जेएस ठाकुर ने बताया, " छात्रों को नया ज्ञान होना बहुत जरूरी है. इसलिए हमने कॉसमॉस सोसायटी के जरिए अपने ही कॉलेज के पूर्व छात्रों से संपर्क करने का सिलसिला शुरू किया. जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व छात्र देश-दुनिया के कई बड़ी संस्थानों में काम कर रहे हैं. पूर्व छात्र इस बात के लिए तैयार हो गए कि वे इंजीनियरिंग की लेटेस्ट इनफॉर्मेशन अपने जूनियर छात्रों तक पहुंचाएंगे। 

    सीनियर इंजीनियर छात्रों को मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस देंगे ज्ञान

    कॉसमॉस सोसायटी के सदस्य आकाश शर्मा ने बताया, "हमने इंजीनियरिंग कॉलेज के कई पूर्व छात्रों से बात की है और एक शेड्यूल तैयार किया है. इसके तहत दो सप्ताह तक कई सीनियर इंजीनियर विभिन्न विषयों पर ज्ञान देंगे. इसमें मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक विषय शामिल किए गए हैं। 

    इंजीनियरिंग की छात्रा धनश्री का कहना है, '' कॉलेज में हमें चीजों की जानकारी हो जाती है, लेकिन इस ज्ञान का इस्तेमाल कैसे करना है, यह फील्ड में बैठा हुआ आदमी ही बता सकता है. सामान्य ज्ञान की जानकारी और उस पर मास्टरी हासिल करने का तरीका हमारे सीनियर ही हमें सीख सकते हैं, जो इस आयोजन के माध्यम से संभव हो पाएगा। 

  • CG में सरकारी भर्ती का नया फॉर्मूला, लिखित परीक्षा के बाद 15 गुना अभ्यर्थी होंगे शॉर्टलिस्ट

    CG में सरकारी भर्ती का नया फॉर्मूला, लिखित परीक्षा के बाद 15 गुना अभ्यर्थी होंगे शॉर्टलिस्ट

     रायपुर
     प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरी के लिए अब लिखित परीक्षा के बाद छंटनी शुरू होगी। जिन पदों पर कौशल या शारीरिक परीक्षा जरूरी है, वहां खाली पदों से 15 गुना अभ्यर्थियों को अगले चरण में बुलाया जाएगा। इसके बाद परीक्षा पास करने वालों में से ही अंतिम चयन होगा। राज्य सरकार ने भर्ती की पूरी प्रक्रिया के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं।

    तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती कर्मचारी चयन मंडल के नए नियमों के अनुसार होगी। सामान्य प्रशासन विभाग के बाद अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने भी सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को इसकी जानकारी भेज दी है। अब नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में होने वाली तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती नई व्यवस्था के अनुसार ही होगी।

    11 सितंबर से प्रभावी हुए नए नियम
        नए नियम छह अगस्त 2026 को जारी पुराने नियमों की जगह लागू हुए हैं। ये नियम 11 सितंबर से प्रभावी हैं। इसके तहत भर्ती की प्रक्रिया में लिखित परीक्षा के बाद होने वाली कौशल और शारीरिक परीक्षा को लेकर भी व्यवस्था तय की गई है। नए नियम के तहत जिन पदों के लिए लिखित परीक्षा के बाद कौशल या शारीरिक परीक्षा होगी, उनमें लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर अगली सूची तैयार होगी।

        इसमें खाली पदों की संख्या से 15 गुना अभ्यर्थियों को रखा जाएगा। अभ्यर्थियों की श्रेणी, आरक्षण और उनके द्वारा चुनी गई पद की प्राथमिकता का भी ध्यान रखा जाएगा। इसके बाद कौशल या शारीरिक परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों की अंतिम सूची बनेगी। इसमें उतने ही अभ्यर्थी होंगे, जितने पदों पर भर्ती होनी है। अंतिम चयन में लिखित परीक्षा के अंक, पद की प्राथमिकता और आरक्षण को आधार बनाया जाएगा।

     

  • 406 का टारगेट, गिल-रोहित ने मचाई तबाही, रचा इतिहास

    406 का टारगेट, गिल-रोहित ने मचाई तबाही, रचा इतिहास

    गुवाहाटी 

    गुवाहाटी में रिकॉर्ड टूटे, 406 का लक्ष्य पिघला और भारत ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हास‍िल कर ली. वेस्टइंडीज ने बुधवार (30 स‍ितंबर) को  405/7 का विशाल स्कोर बनाया था, लेकिन शुभमन गिल और रोहित शर्मा की तूफानी बल्लेबाजी के सामने यह लक्ष्य भी छोटा पड़ गया. भारत ने सिर्फ 43.3 ओवर में 406/2 बनाकर 8 विकेट से मुकाबला जीत लिया और तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।  यह 400+ लक्ष्य का सिर्फ दूसरा सफल चेज है. इससे पहले 2006 में साउथ  अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 438 रन का लक्ष्य हासिल किया था। 

    कप्तान शुभमन गिल ने ऐसी पारी खेली, जो ODI रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गई. उन्होंने 117 गेंदों में डबल सेंचुरी पूरी की, जो 50 ओवर के क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक है. गिल ने अपनी पारी में 133 गेंदों का सामना करते हुए 26 चौके और 8 छक्के लगाए। 

    गिल ने इस दौरान ईशान किशन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा. ईशान ने 126 गेंदों में ODI डबल सेंचुरी पूरी की थी. गिल का यह ODI में 11वां शतक भी था, जिसे उन्होंने सिर्फ 62 गेंदों में पूरा किया. यह वनडे में उनका सबसे तेज शतक रहा। 

    शुभमन गिल ने कप्तानी पारी खेलते हुए 223 रन नाबाद बनाए, जबकि रोहित शर्मा ने 101 रन की पारी खेली. दोनों ने पहले विकेट के लिए 255 रन जोड़े. गिल की नाबाद 223 रन की पारी ने उन्हें सभी लिस्ट-ए क्रिकेट में रन चेज के दौरान सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाला बल्लेबाज भी बना दिया. उन्होंने बांग्लादेश के सौम्य सरकार के नाबाद 208 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। 

    यह 400+ लक्ष्य का सिर्फ दूसरा सफल चेज है. इससे पहले 2006 में साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 438 रन का लक्ष्य हासिल किया था। 
     
    भारत-वेस्टइंडीज दूसरे ODI में बने ये बड़े रिकॉर्ड

        14वीं लगातार सीरीज जीत: भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 2-0 की अजेय बढ़त बना ली. इसके साथ ही भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार 14वीं ODI सीरीज जीत ली। 

        दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज: भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 406 रन का लक्ष्य सिर्फ 43.3 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल किया. यह ODI इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज है। 

        सबसे तेज डबल सेंचुरी: शुभमन गिल ने सिर्फ 117 गेंदों में डबल सेंचुरी पूरी की. उन्होंने ईशान किशन का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 126 गेंदों में 200 रन बनाए थे। 
        गिल की पारी तीसरे नंबर पर: शुभमन गिल ने नाबाद 233 रन बनाए. उन्होंने सिर्फ 133 गेंदों की पारी में 26 चौके और 8 छक्के लगाए. यह ODI क्रिकेट में किसी बल्लेबाज की तीसरी सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है। 
        रोहित का 35वां शतक: रोहित शर्मा ने 75 गेंदों में 101 रन बनाए. यह ODI क्रिकेट में उनका 35वां शतक है. सबसे ज्यादा ODI शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में रोहित तीसरे नंबर पर हैं। 
        12 हजार ODI रन पूरे: रोहित शर्मा ने इस मैच में ODI क्रिकेट में 12,000 रन भी पूरे किए. वह ऐसा करने वाले दुनिया के सातवें और भारत के तीसरे बल्लेबाज बने. उनसे पहले सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली यह मुकाम हासिल कर चुके हैं। 
        वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा ODI स्कोर: वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 405/7 रन बनाए. यह उसका ODI क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर है. इससे पहले उसका सबसे बड़ा स्कोर 2019 में इंग्लैंड के खिलाफ 389 रन था। 
        मैच में 811 रन बने: दोनों टीमों की पारियों को मिलाकर मैच में कुल 811 रन बने. यह ODI इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा मैच एग्रीगेट है। 
        सबसे ऊपर ऑस्ट्रेलिया-साउथ अफ्रीका मैच: ODI में सबसे ज्यादा मैच एग्रीगेट का रिकॉर्ड 2006 में जोहान्सबर्ग में ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के मैच के नाम है. उस मुकाबले में कुल 872 रन बने थे. दूसरे नंबर पर 2009 का भारत-श्रीलंका राजकोट ODI है, जिसमें 825 रन बने थे। 

    एक मैच में 5 शतक, पहली बार ऐसा
    वेस्टइंडीज की ओर से जॉन  कैम्पबेल, शाई होप और अमीर जंगू ने शतक लगाए. भारत की तरफ से रोहित और गिल ने सेंचुरी जड़ी. इस तरह पुरुषों के वनडे में पहली बार एक ही मैच में पांच बल्लेबाजों ने शतक लगाए. इससे पहले पुरुषों के तीन वनडे और एक महिला वनडे में चार-चार शतक का रिकॉर्ड था। 

    रोहित ने भी जड़ा शतक
    दूसरे छोर पर रोहित शर्मा ने अपने पुराने अंदाज में बल्लेबाजी की. उन्होंने पुल और पिक-अप शॉट्स के साथ ऑफ साइड में शानदार ड्राइव लगाए और 75 गेंदों में 101 रन बनाए। 

    रोहित ने इस पारी के दौरान ODI क्रिकेट में 12,000 रन भी पूरे किए. वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के सिर्फ सातवें बल्लेबाज और सचिन तेंदुलकर तथा विराट कोहली के बाद तीसरे भारतीय बने. शतक पूरा करने के बाद रोहित ने अपने अंदाज से अलग उछलकर जश्न मनाया। 

    255 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप
    गिल और रोहित ने शुरुआत से ही वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया. भारत ने 12 ओवर के अंदर 100 रन पूरे कर लिए. गिल ने 38 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि रोहित ने सिर्फ 32 गेंदों में फिफ्टी जड़ दी। 

    22वें ओवर तक भारत का स्कोर बिना विकेट खोए 200 रन हो गया. 350 से ज्यादा के लक्ष्य का पीछा करते हुए किसी ODI में पहली बार किसी ओपनिंग जोड़ी ने 200 रन पूरे किए। 

    दोनों ने पहले विकेट के लिए 255 रन जोड़े. यह साझेदारी 26.2 ओवर में टूटी, जब रोहित 101 रन बनाकर आउट हुए. उस समय भारत को जीत के लिए 151 रन और चाहिए थे और 24 ओवर बाकी थे. गिल ने इसके बाद भी रफ्तार कम नहीं होने दी और भारत को लक्ष्य तक पहुंचाकर ही दम लिया। 

    पहले विंडीज ने भी मचाया था तूफान
    इससे पहले वेस्टइंडीज ने भारतीय गेंदबाजों की अनुभवहीन पेस अटैक की पोल खोलते हुए 405/7 का स्कोर बनाया था. जॉन  कैम्पबेल ने 68 गेंदों में 101, शाई होप ने 94 गेंदों में 104 और आमिर जांगू ने 77 गेंदों में 114 रन बनाए। 

    कैम्पबेल ने सिर्फ 65 गेंदों में शतक पूरा किया था. क्रिस गेल के प्रशंसक कैम्पबेल ने उनकी तरह आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और 9 चौके तथा 5 छक्के लगाए। 

    होप को 27 रन पर विराट कोहली ने शॉर्ट मिडविकेट पर कैच छोड़ दिया था. इसके बाद उन्होंने पारी को संभाला और फिर तेजी से रन बनाए. उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के रहे। 

    जंगू ने सिर्फ 69 गेंदों में अपना दूसरा ODI शतक पूरा किया. उनके बल्ले से 13 चौके और 3 छक्के निकले. वेस्टइंडीज ने पहली बार किसी ODI में तीन शतक लगाने का कारनामा किया और अपना पिछला सर्वश्रेष्ठ 389 रन का स्कोर भी पीछे छोड़ दिया। 

    गेंदबाजों के लिए फिर सवाल
    जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी और मोहम्मद सिराज के नहीं खेलने के बीच भारत ने युवा गेंदबाजों को मौका दिया, लेकिन प्रदर्शन सवाल छोड़ गया. आकिब नबी ने 8.5 ओवर में 84 रन दिए. वह ODI डेब्यू पर किसी भारतीय गेंदबाज द्वारा सबसे ज्यादा रन देने वाले गेंदबाज बन गए। 

    गुरनूर बरार ने 10 ओवर में 96 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने 5 ओवर में 45 रन देकर एक विकेट लिया. नमन धीर को भी गेंदबाजी के दौरान टखने की चोट लगी और 6.1 ओवर के बाद वह मैदान से बाहर चले गए। 

    भारत के लिए राहत की बात यह रही कि कुलदीप यादव ने 2/65 लेकर ODI में अपने 200 विकेट पूरे किए. रवींद्र जडेजा ने भी 2/75 का प्रदर्शन किया। 

    सबसे तेज ODI डबल सेंचुरी
    117 गेंद – शुभमन गिल vs वेस्टइंडीज, गुवाहाटी, 2026
    126 गेंद – ईशान किशन vs बांग्लादेश, चटगांव, 2022
    128 गेंद – ग्लेन मैक्सवेल vs अफगानिस्तान, वानखेड़े, 2023
    136 गेंद – पथुम निसांका vs अफगानिस्तान, पल्लेकेले, 2024
    138 गेंद – क्रिस गेल vs जिम्बाब्वे, कैनबरा, 2015

    ODI में भारत के लिए सबसे बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप
    258 तेंदुलकर-गांगुली बनाम केन पार्ल 2001
    255 रोहित-गिल गुवाहाटी 2026
    252 तेंदुलकर-गांगुली बनाम SL कोलंबो RPS 1998
    231 शिखर-रहाणे बनाम SL कटक 2014

    वहीं इस मुकाबले से पहले तक भारतीय टीम ने 8 बार 400 प्लस का स्कोर बनाया था, लेकिन यह सभी स्कोर भारतीय टीम ने पहली पारी में खेलते हुए बनाए थे. भारत साउथ अफ्रीका के बाद दूसरी ऐसी टीम बन गई जिसने वनडे इत‍िहास में 400 प्लस का स्कोर चेज किया हो। 

    स्कोरओवरविपक्षीग्राउंडरिजल्टतारीख
    418/550.0वेस्टइंडीजइंदौरजीत8 दिसंबर 2011
    414/750.0श्रीलंकाराजकोटजीत15 दिसंबर 2009
    413/550.0बर्मूडापोर्ट ऑफ स्पेनजीत19 मार्च 2007
    410/450.0नीदरलैंड्सबेंगलुरुजीत12 नवंबर 2023
    409/850.0बांग्लादेशचटगांवजीत10 दिसंबर 2022
    406/243.3 वेस्टइंडीज गुवाहाटी जीत 30 नवंबर 2026 
    404/550.0श्रीलंकाईडन गार्डन्सजीत13 नवंबर 2014
    40249.5अफगानिस्तानलखनऊजीत17 जून 2026
    401/350.0साउथ अफ्री फ्रीकाग्वालियरजीत24 फरवरी 2010

    भारत में सबसे बड़ा वनडे रनचेज कौन सा?

    नंबरटीमस्कोरओवरटारगेटविपक्षी टीमसालवेन्यू
    1भारत406/243.3 405वेस्टइंडीज2026गुवाहाटी
    2भारत362/143.3360ऑस्ट्रेलिया2013जयपुर
    3साउथ फ्रीका362/649.2360भारत2025रायपुर
    4ऑस्ट्रेलिया359/647.5359भारत2019मोहाली
    5भारत356/748.1351इंग्लैंड2017पुणे
    6भारत351/449.3351ऑस्ट्रेलिया2013नागपुर
  • भोपाल की तर्ज पर MP के 8 धार्मिक शहरों का बनेगा मास्टर प्लान, ‘वॉक टू वर्क’ पर जोर

    भोपाल की तर्ज पर MP के 8 धार्मिक शहरों का बनेगा मास्टर प्लान, ‘वॉक टू वर्क’ पर जोर

    भोपाल 

    सरकार ने अब बड़े शहरों के मास्टर प्लान जारी करना शुरू कर दिया है। भोपाल के बाद अब इंदौर की तैयारी है। क्योंकि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने भोपाल (Bhopal master plan update) से पहले इंदौर के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया था। अब नए मास्टर प्लान में नई टाउनशिप पॉलिसी को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं, प्रदूषण रहित वातावरण, वर्टिकल डेवलपमेंट और उद्योगों को बढ़ावा देने का खास ध्यान रखा गया है। टीएंडसीपी की टीम ने प्लान को अंतिम रूप देने के पहले गुजरात की गिफ्ट सिटी और दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की प्लानिंग का भी जाकर अध्ययन किया था।

    टीएंडसीपी अनुसार, प्रदेश के जिन शहरों में आर्थिक गतिविधियां और आबादी बढ़ रही है वहां पर दिल्ली की तर्ज पर ग्रीन-ब्लू इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित किए जाएंगे। इसके साथ वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ाने के लिए असीमित एफएआर, सड़कों की चौड़ाई के आधार पर मिक्स लैंड यूज, ग्रीन टीडीआर, लोकल एरिया प्लानिंग और पार्किंग संबंधी प्रावधान सुनिश्चित किए जा रहे हैं। इंदौर में भी मेट्रोपोलिटन सिटी की अवधारणा के तहत ग्रोथ कॉरीडोर और उस पर व्यवसायिक गतिविधियों के विकास का प्रयास किया जा रहा है।

    शहरों को मिलेगी वॉक-टू- वर्क सुविधा
    नए मास्टर प्लान में शहरों में प्रदूषण रहित वातावरण बनाने पर जोर दिया गया है। इसके साथ गिफ्ट सिटी जैसी वॉक टू वर्क सुविधा देने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत करने पर भी जोर है। इसके लिए जरूरत के अनुसार ओवरब्रिज, अंडरब्रिज, चौड़ी सड़कों के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके साथ सेल्फ सस्टेनेबिलिटी यानी शहरों को अपनी ऊर्जा, कचरा प्रबंधन आदि जरूरतों को खुद ही पूरा करने वाला बनाने की व्यवस्थाएं रहेंगी। सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था के भी भविष्य को देखते हुए प्रावधान शामिल किए गए हैं।

    हाईराइज बिल्डिंग से वर्टिकल डेवलपमेंट
    नए मास्टर प्लान में कृषि भूमि को बचाने के लिए वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके लिए एफएआर बढ़ाने के साथ शहर में अधिकांश फोर और सिक्सलेन सड़कों के प्रावधान किए गए हैं। क्योंकि सड़कों के दोनों तरफ हाईराइज बिल्डिंग बनेंगी। कमर्शियल डेवलपमेंट बढ़ाने के लिए मेट्रो के दोनों और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट होगा। यहां एफएआर भी ज्यादा मिलेगा। यहां मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आईटी पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर आदि बनेंगे। कॉलोनियों की सड़कें भी कम से कम 9 मीटर चौड़ी होंगी।

    फ्लैटेड इंडस्ट्री का भी होगा प्रावधान
    मास्टर प्लान में उद्योगों को बढ़ावा देने का भी ध्यान रखा गया है। इसलिए फ्लैटेड इंडस्ट्री के प्रावधान किए गए हैं। बहुमंजिला इमारत के फ्लैट में भी इंडस्ट्री लगाई जा सकेंगी। व्हाइट और ग्रीन श्रेणी के उद्योग कॉलोनी के अंदर भी चल सकेंगे। इससे उत्पादन बढ़ने के साथ रोजगार भी बढ़ेगा। निजी कॉलोनाइजर यदि अपनी कॉलोनी में अस्पताल, स्कूल, वृद्धाश्रम बनाएंगे तो उन्हें ज्यादा एफएआर मिल सकेगा।

    धार्मिक शहरों और पर्यटन स्थलों के भी बनेंगे मास्टर प्लान
    टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मप्र के संचालक कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के अनुसार प्रदेश में धार्मिक शहरों और पर्यटन स्थलों के भी अलग से मास्टर प्लान बनाए जा रहे हैं। उज्जैन का नया मास्टर प्लान लागू हो चुका है। जबकि ओंकारेश्वर, चित्रकूट, महेश्वर, मांडू, ओरछा, सांची, सलकनपुर, अमरकंटक का भी नया मास्टर प्लान बनाया जाएगा। प्रदेश में धर्म स्थलों के साथ पर्यटन स्थलों पर भी सैलानियों की संख्या बढ़ रही है। इसे देखते हुए इन शहरों की आगामी 30 से 50 साल तक की प्लानिंग की जाएगी। यहां आने वालों के लिए सुविधाएं विकसित होंगी।

  • 3 अक्टूबर को भोपाल आएंगे अमित शाह, MP को देंगे कई सौगातें; जानें पूरा कार्यक्रम

    3 अक्टूबर को भोपाल आएंगे अमित शाह, MP को देंगे कई सौगातें; जानें पूरा कार्यक्रम

    भोपाल 
    केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह तीन अक्टूबर को भोपाल दौरे पर होंगे. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह प्रदेश को कई सौगातें देने भोपाल आ रहे हैं. मध्यप्रदेश में अक्टूबर महीने की शुरुआत से दिग्गज नेताओं का मध्यप्रदेश में डेरा रहेगा. एक अक्टूबर को राहुल गांधी का बालाघाट दौरा है और उसके ठीक बाद तीन अक्टूबर को केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह भोपाल के दौरे पर होंगे। 

    ये है भोपाल में अमित शाह का पूरा कार्यक्रम
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  मंत्रालय में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित आगमन के संबंध में मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक कर इस बारे में चर्चा की. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कांफ्रेंस द्वारा कलेक्टर, कमिश्नर भोपाल और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियों ने निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शनिवार, 3 अक्टूबर को भेापाल के भेल दशहरा मैदान में राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. गोपालक सम्मेलन स्थल पर केंद्रीय मंत्री शाह न्याय संहिता पर केंद्रित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन व अवलोकन करेंगे। 

    केंद्रीय मंत्री शाह इसके बाद राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन को संबोधित करेंगे. अमित शाह भोपाल बायपास भौरी के पास आईआईएसईआर परिसर का शिलान्यास और परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। 

    मध्यप्रदेश को ये सौगातें देंगे अमित शाह
    प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री शाह प्रदेश में दुग्ध संयंत्र, डेयरी प्रसंस्करण और गुणवत्ता जांच लैब की विभिन्न सौगात भी देंगे. इन परियोजनाओं में उज्जैन में 255 करोड़ रुपए की लागत का डेयरी प्लांट और भोपाल में फर्मेंटेड प्रोडक्ट दूध प्लांट भी शामिल है. इस अवसर पर भोपाल पश्चिमी बायपास का भूमि पूजन भी किया जाएगा. केंद्रीय गृहमंत्री शाह भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ पशुपालकों को बोनस वितरण, गौशालाओं की सहायता के लिए राशि प्रदान करेंगे. साथ ही गोपालक दीदीयों के सम्मान और उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र वितरित किए जाएंगे। 

    करीब ₹3774 करोड़ का यह सड़क प्रोजेक्ट 35.61 किलोमीटर लंबा एक प्रमुख फोर-लेन प्रोजेक्ट है। यह बायपास मंडीदीप के समीप इटायाकलां में भोपाल-जबलपुर मार्ग से शुरू होकर कोलार और रातीबड से होते हुए भोपाल-देवास इंदौर मार्ग पर ग्राम फंदा कलां तक जाएगा। पहले इसकी लंबाई 40.90 किमी रखी गई थी। संशोधित अलाइनमेंट के बाद घटाकर 35.61 किमी कर दी गई।

    भोपाल पश्चिमी बायपास प्रोजेक्ट में सर्विस रोड, फ्लाईओवर, बड़े ग्रेड सेपरेटर और एक बड़ा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) शामिल होगा। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए रातापानी क्षेत्र के पास विशेष एलिवेटेड रास्ते (वाइल्डलाइफ वायडक्ट) भी बनाए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को इस परियोजना का भूमि पूजन करेंगे।

    35 हजार से ज्यादा गोपालक पहुंचेंगे
    कार्यक्रम में गृह विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, सहकारिता विभाग, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग के कार्यों के प्रेजेंटेशन भी होंगे. कार्यक्रम में भोपाल, सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन नर्मदापुरम जिलों के साथ प्रदेश के 35 हजार से अधिक गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों की भागीदारी रहेगी। 

  • Yamaha R15M हो सकती है बंद! इस नई बाइक की एंट्री से बदल जाएगा कंपनी का लाइनअप

    Yamaha R15M हो सकती है बंद! इस नई बाइक की एंट्री से बदल जाएगा कंपनी का लाइनअप

    नई दिल्ली
    यामाहा अपनी पॉपुलर बाइक को बंद कर सकती है. स्पोर्ट्स बाइक पसंद करने वालों के लिए यामाहा आर15 काफी खास है. कंपनी आर15 सीरीज में कई बाइक्स बेचती है. रिपोर्ट्स की मानें, तो यामाहा आर2 (Yamaha R2) की लॉन्चिंग के बाद कंपनी अपनी मोटरसाइकिलों की पोजिशनिंग में बदलाव कर सकती है। 

    इस क्रम में कंपनी यामाहा आर15 एम (Yamaha R15M) को बंद कर सकती है. इससे यामाहा आर15 वी4 (Yamaha R15 V4) और यामाहा आर2 के बीच एक बड़ा गैप क्रिएट किया जा सकेगा. हालांकि, इस पूरे मामले में यामाहा ने आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है. फिलहाल आर15 एम यामाहा आर15 वी4 और आर2 के बीच में आती है। 

    क्या हो सकती है वजह?
    ये बाइक कंपनी के 155सीसी वाले इंजन के साथ आती है, लेकिन इसमें आर15 वी4 के मुकाबले ज्यादा फीचर्स और प्रीमियम फिनिश मिलती है. इस बाइक के डिस्कंटीन्यू होने से यामाहा आर सीरीज का लाइन-अप ज्यादा सिंपल हो जाएगा. जिसमें यामाहा आर15 वी4 ज्यादा एक्सेसबल और आर2 नेक्स्ट स्टेप वाली बाइक बन जाएगी। 

    अगर किसी को कम कीमत में एक स्पोर्ट्स बाइक वाला फील चाहिए, तो वो आर15 वी4 के लिए जा सकता है, जबकि प्रीमियम फीचर और ज्यादा परफॉर्मेंस चाहने वालों के लिए आर2 होगी। 

    कितनी है कीमत? 
    यामाहा की इन बाइक्स की कीमतों पर नजर डालें, तो यामाहा आर15 एस की कीमत 1.59 लाख रुपये है. जबकि यामाहा आर15 वी4 की कीमत 1.75 लाख रुपये से 1.79 लाख रुपये है. वहीं यामाहा आर15 एम की कीमत 1.90 लाख से 2 लाख रुपये है. जबकि हाल में लॉन्च हुई यामाहा आर2 की कीमत 2.3 लाख से 2.4 लाख रुपये और यामाहा आर2 एम की कीमत 2.53 लाख रुपये है। 

    अगर यामाहा आर15 एम को डिस्कंटीन्यू कर देती है, तो आर2 और आर15 सीरीज के बीच प्राइस गैप 51 हजार रुपये का हो जाएगा. फिलहाल ये गैप 30 हजार रुपये का है. अगस्त महीने में आर15 बाइक्स की 7,691 यूनिट्स बिकी हैं. इस वित्तवर्ष वर्ष में अगस्त महीने में आर15 की सेल्स सबसे कम हुई है।