Author: Admin

  • बैलेट पेपर की मांग पर मंत्री टंकराम का तंज, बोले- EVM से कांग्रेस ने भी बनाई सरकार

    बैलेट पेपर की मांग पर मंत्री टंकराम का तंज, बोले- EVM से कांग्रेस ने भी बनाई सरकार

    रायपुर.

    कांग्रेस की बैलट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर का जमाना खत्म हो गया है. EVM के उपयोग से कांग्रेस ने भी सरकार बनाई है. कांग्रेस को कोई नहीं समझा सकता, कांग्रेस समझने को तैयार ही नहीं है.

    कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में कांग्रेस के आरोपों पर कहा कि EVM से निष्पक्ष चुनाव होता है, रिजल्ट भी तुरंत आ जाता है. चाहे विधानसभा चुनाव हो, या लोकसभा चुनाव हो. सभी में EVM का उपयोग होता है. EVM में सही निर्णय आता है. वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनमें आपस में ही द्वंद्व चल रहा है. उन्होंने कहा कि जब से 2023 विधानसभा चुनाव हारे हैं, तब से एक-दूसरे के ऊपर ठीकरा फोड़ रहे हैं. जब सरकार उनकी थी. मिल बांटकर भ्रष्टाचार किए है. देखे हैं छत्तीसगढ़ में किस प्रकार से भ्रष्टाचार हुआ है.

    शराब, कोयला, पीएससी… नाना प्रकार के घोटाले किए हैं, जिसमें सभी की सहभागिता रही थी. अब किसी को मिल नहीं रहा है तो आपस में लड़ रहे हैं. बाढ़ में प्रभावित लोगों को लेकर राजस्व-आपदा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है. बारिश के कारण कई जिलों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है. कई लोग प्रभावित हुए हैं. जो स्थिति हुई है, उसमें कई मकान ढह गए हैं, कई लोगों को क्षति हुई है. कुछ सड़क और पुल-पुलिया भी उसमें बहे हैं. मंत्री ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री ने बस्तर का दौरा किया. मैंने भी तीन-चार जिले का दौरा किया है. इस बाढ़ में मकान टूटे और कई फसल भी चपेट में आई है.

    बाढ़ में आए प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. इसका हमने ध्यान रखा है. जिला प्रशासन को बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए रहने-खाने की व्यवस्था कराने निर्देश दिए हैं. टंक राम वर्मा ने कहा कि मैं भी सिचुएशन की मॉनिटरिंग कर रहा हूं. बाढ़ में फंसे हुए लोगों की बात रही, तो अब पानी सामान्य हो गया है. हमारा राजस्व का अमला वहां जाएगा, और जो क्षति हुई है, उसका सर्वे करेगा. क्षति के हिसाब से प्रभावितों को मुआवजा राशि का वितरण किया जाएगा.

  • निफ्टी सिर्फ 13% टूटा, लेकिन बाजार में मची बड़ी तबाही; 102 शेयर आधे से भी नीचे

    निफ्टी सिर्फ 13% टूटा, लेकिन बाजार में मची बड़ी तबाही; 102 शेयर आधे से भी नीचे

    मुंबई 

    शेयर मार्केट में गुरुवार यानी 01 अक्‍तूबर 2026 को फ‍िर भूचाल आया. सेंसेक्‍स एक वक्‍त 1000 पॉइंट नीचे तक ग‍िर गया था. लेकिन बाजार में इस समय सबसे बड़ा फर्क इंडेक्स और आम शेयरों के प्रदर्शन में दिखाई दे रहा है. निफ्टी 2026 में करीब 13% नीचे है. पहली नजर में यह बड़ी गिरावट जरूर है, लेकिन निफ्टी 500 के अंदर झांकेंगे तो तस्वीर और ज्यादा खराब दिखती है. 500 शेयरों में से 252 शेयर अपने ऑल टाइम हाई से 30% से ज्यादा नीचे आ चुके हैं. यानी आधे से ज्यादा शेयरों में बड़ी चोट लग चुकी है. सबसे बड़ा आंकड़ा 102 शेयरों का है. निफ्टी 500 में शामिल 102 शेयर अपने रिकॉर्ड हाई से 50% से ज्यादा नीचे हैं. जिस शेयर की कीमत कभी 100 रुपये थी, वह अब 50 रुपये से भी नीचे आ चुका है. यानी हर पांच शेयरों में करीब एक शेयर अपने सबसे ऊंचे भाव की आधी कीमत भी नहीं बचा पाया है. 167 शेयर 40% से ज्यादा और 347 शेयर 20% से ज्यादा नीचे हैं।

    आम तौर पर जब बाजार में बड़ी गिरावट आती है तो माना जाता है कि छोटे शेयर ज्यादा टूटते हैं. लेकिन इस बार बड़ी कंपनियां भी दबाव में हैं. निफ्टी 50 के 18 शेयर अपने 52 हफ्तों के हाई से 20% से ज्यादा नीचे आ चुके थे और इन शेयरों की कुल मार्केट वैल्यू में करीब 31.35 लाख करोड़ रुपये की कमी आई. यानी चोट सिर्फ छोटे निवेशकों के पसंदीदा शेयरों में नहीं है।

    अब सितंबर की कहानी समझिए
    सितंबर ने इस गिरावट को और तेज कर दिया. पूरे महीने विदेशी निवेशकों यानी FIIs ने भारतीय शेयरों में करीब 44,013 करोड़ रुपये की नेट बिकवाली की. 2026 में अब तक FIIs करीब 4.03 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं. सितंबर की बिकवाली खास इसलिए है क्योंकि महीने के आखिरी चार कारोबारी दिनों में ही करीब 29,175 करोड़ रुपये निकल गए. यानी महीने की करीब दो-तिहाई बिकवाली सिर्फ चार दिनों में हुई।

    आखिरी दिन तो जैसे बिकवाली का बांध टूट गया
    30 सितंबर को FIIs ने एक ही दिन में 10,148 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए. यह 23 मार्च के बाद सबसे बड़ी एक दिन की विदेशी बिकवाली रही. उससे एक दिन पहले यानी 29 सितंबर को भी 9,980 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई थी. 28 सितंबर को 5,353 करोड़ और 25 सितंबर को 3,694 करोड़ रुपये निकले. चार दिनों में लगातार बढ़ती बिकवाली ने बाजार पर अचानक दबाव बढ़ा दिया।

    विदेशी बेच रहे हैं, तो बाजार संभाल कौन रहा है?
    यहां कहानी का दूसरा पहलू है. घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DIIs सितंबर में हर एक कारोबारी दिन खरीदार रहे. पूरे महीने उन्होंने करीब 76,030 करोड़ रुपये लगाए. 30 सितंबर को जब FIIs ने 10,148 करोड़ रुपये बेचे, उसी दिन DIIs ने 11,272 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. यानी बाहर का पैसा निकल रहा है तो देश का संस्थागत पैसा लगातार बाजार में पैसा लगा रहा है।

    फिर भी शेयरों की हालत इतनी खराब क्यों?
    यही सबसे बड़ा सवाल है. अगर घरेलू निवेशक 76 हजार करोड़ रुपये लगा रहे हैं तो बाजार संभल क्यों नहीं रहा? वजह यह है कि पैसा बाजार में आना और हर शेयर को बचाना दो अलग बातें हैं. विदेशी बिकवाली खासकर बड़े और ज्यादा कारोबार वाले शेयरों पर दबाव डाल सकती है. दूसरी तरफ बाजार के कई शेयर पहले से महंगी कीमतों पर कारोबार कर रहे थे. कमाई उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी तो उनकी कीमतों में तेज करेक्शन आया।

    50% गिर गया मतलब सस्ता हो गया, यह सबसे बड़ा भ्रम
    मान लीजिए किसी शेयर का भाव 100 रुपये था और वह 50 रुपये पर आ गया. गिरावट 50% हुई. लेकिन अब वह 50 रुपये से वापस 100 रुपये पहुंचने के लिए 100% बढ़ना पड़ेगा. इसलिए सिर्फ यह देखकर कि शेयर अपने हाई से आधा रह गया है, उसे सस्ता मानना सही नहीं है. पहले यह देखना होगा कि कंपनी की कमाई, कर्ज, कारोबार और भविष्य की संभावना में क्या बदलाव आया है.

    कुछ शेयरों में पुरानी तेजी का हिसाब चुक रहा है
    कोविड के बाद बाजार में कई थीम बहुत तेजी से चलीं. रेलवे, डिफेंस, सरकारी कंपनियों और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों में निवेशकों की भारी दिलचस्पी आई. कई शेयरों के भाव उनकी मौजूदा कमाई से काफी आगे निकल गए. अब जब कमाई उस रफ्तार से नहीं बढ़ी, तो कीमत नीचे आने लगी. इसे ऐसे समझिए. पहले उम्मीद के दम पर भाव चढ़ा, अब असली कमाई के हिसाब से भाव की दोबारा जांच हो रही है।

    निफ्टी बचा हुआ दिख रहा है क्योंकि बड़ी कंपनियां पूरी तस्वीर नहीं हैं
    निफ्टी 50 में सिर्फ 50 बड़ी कंपनियां हैं. लेकिन भारतीय शेयर बाजार में हजारों कंपनियां लिस्टेड हैं. इसलिए निफ्टी का 13% नीचे होना यह नहीं बताता कि हर कंपनी 13% नीचे है. कुछ शेयर मामूली नीचे होंगे, कुछ 20-30% नीचे और कुछ 50-60% तक टूट चुके हैं. यही वजह है कि किसी निवेशक का पोर्टफोलियो निफ्टी से दोगुना-तिगुना ज्यादा गिर सकता है।

    विदेशी निवेशकों की अगली चाल पर बाजार की नजर
    सितंबर में सिर्फ कैश मार्केट में बिकवाली नहीं हुई. विदेशी निवेशकों ने इंडेक्स फ्यूचर्स में भी करीब 3.75 अरब डॉलर की बिकवाली की. सितंबर सीरीज में उनकी इंडेक्स फ्यूचर्स की नेट शॉर्ट पोजिशन करीब 1.84 लाख कॉन्ट्रैक्ट से बढ़कर 2.67 लाख कॉन्ट्रैक्ट हो गई. इसका मतलब बाजार के डेरिवेटिव हिस्से में भी विदेशी निवेशकों की सावधानी बढ़ी है।

    तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने आग में घी का काम किया
    बाजार पर दबाव सिर्फ विदेशी निवेशकों की बिकवाली से नहीं आया. कच्चे तेल की ऊंची कीमत और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी चिंता बढ़ा रही हैं. भारत तेल का बड़ा आयातक है. तेल महंगा होने पर देश का आयात बिल बढ़ता है और रुपये पर दबाव आ सकता है. वहीं अमेरिकी बॉन्ड से ज्यादा रिटर्न मिलने पर विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिका में पैसा लगाना ज्यादा आकर्षक हो सकता है. सितंबर में दोनों चीजों ने भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ाया ।

    SIP वाला पैसा अभी बाजार की ढाल बना हुआ है
    घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी इस पूरी कहानी का दूसरा मजबूत पक्ष है. अगस्त में SIP के जरिए 32,297 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश आया और SIP खातों की संख्या 10 करोड़ के पार पहुंच गई. यही पैसा बाजार में हर महीने एक तरह की नियमित खरीदारी पैदा कर रहा है. लेकिन यह भी समझना जरूरी है कि SIP बाजार में गिरावट को खत्म नहीं करता. वह गिरावट के दौरान मांग जरूर पैदा करता है, लेकिन वैश्विक झटके और बड़ी विदेशी बिकवाली को हमेशा रोक नहीं सकता।

    अब असली सवाल ‘बाजार गिरेगा या चढ़ेगा’ नहीं है
    अगले दौर में ज्यादा महत्वपूर्ण यह होगा कि बाजार की चौड़ाई कब सुधरती है. यानी सिर्फ निफ्टी के 50 शेयर ऊपर जाते हैं या निफ्टी 500 के ज्यादा से ज्यादा शेयर भी साथ उठते हैं. अगर निफ्टी ऊपर चला गया लेकिन 102 शेयर अब भी अपने हाई से 50% नीचे हैं और नए शेयर लगातार 20-30% टूट रहे हैं, तो बाजार की अंदरूनी कमजोरी बनी रहेगी. इसके उलट अगर गिरावट वाले शेयर धीरे-धीरे संभलने लगते हैं तो तस्वीर बदलती दिखाई देगी।

    ऊपर से मकान खड़ा, अंदर कई कमरों में दरार
    आज के बाजार को एक लाइन में समझना हो तो यही तस्वीर बनती है. निफ्टी करीब 13% नीचे है, लेकिन निफ्टी 500 के 252 शेयर 30% से ज्यादा और 102 शेयर 50% से ज्यादा टूट चुके हैं. ऊपर से घरेलू पैसा लगातार बाजार में आ रहा है, लेकिन दूसरी तरफ सितंबर में विदेशी निवेशकों ने 44,013 करोड़ रुपये निकाले और आखिरी चार दिनों में ही करीब 29 हजार करोड़ रुपये की बिकवाली कर दी. इसलिए बाजार की असली कहानी इंडेक्स की स्क्रीन पर नहीं, इन सैकड़ों टूटे हुए शेयरों में लिखी जा रही है।

     

  • पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फाइनल में भारत, अब गोल्ड के साथ ओलंपिक कोटे पर नजर

    पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फाइनल में भारत, अब गोल्ड के साथ ओलंपिक कोटे पर नजर

    आईची-नागोया
     डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने पाकिस्तान को एक रोमांचक सेमीफाइनल में हराते हुए एशियन गेम्स के मेंस हॉकी फाइनल में जगह बना ली है. तीन क्वार्टर तक पीछे चल रही पाकिस्तानी टीम ने चौथे क्वार्टर में वापसी करते हुए स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया था. मगर आखिरी 47 सेकंड में अभिषेक के फील्ड गोल करते हुए भारत को 4-3 से फाइनल में धमाकेदार एंट्री दिला दी, जहां उसका सामना मलेशिया और साउथ कोरिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विनर से होगा। 

    भारत के लिए कब किसने किए गोल?

        अभिषेक (60वां मिनट)
        सुखजीत (23 मिनट)
        हरमनप्रीत सिंह (पांचवां और 13वां मिनट)

    पाकिस्तान के लिए कप्तान अबू बकर ने 30वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर पहला गोल किया जबकि शाहिद हन्नान (45वां) और राणा वाहिद (49वां) ने पांच मिनट के भीतर दो गोल करके मैच रोमांचक बना दिया था। 

    28 साल बाद फाइनल में भारत की दोनों टीम
    भारत 2016 साउथ एशियाई खेलों के फाइनल के बाद से पाकिस्तान के खिलाफ नहीं हारा था और ये सिलसिला अबतक जारी रहा. 1998 में हुए बैंकॉक एशियन गेम्स के बाद ये पहला मौका है, जब भारत की पुरुष और महिला दोनों टीम हॉकी के फाइनल में पहुंची है. दोनों टीम अब एशियाई खेलों के फाइनल से सिर्फ एक जीत दूर हैं और ऐसे में गलती की गुंजाइश बेहद कम होगी। 

    हरमनप्रीत के नाम एशियन गेम्स में दूसरे सबसे ज्यादा गोल
    कप्तान हरमनप्रीत सिंह अब एशियन गेम्स 2026 में 10 गोल मारकर सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले प्लेयर्स की लिस्ट में पाकिस्तानी सुफियान खान (11) के बाद दूसरे नंबर पर हैं, उनके साथी फारवर्ड अभिषेक और दिलप्रीत सिंह 9-9 गोल के साथ बराबरी पर हैं. पेनल्टी कॉर्नर पर हरमनप्रीत के ड्रैग फ्लिक भारत के लिए लगातार बड़ा हथियार रहे हैं. भारत को फाइनल में अपनी इस ताकत को बरकरार रखना होगा। 

    सारे मैच जीतकर गोल्ड मेडल के लिए भिड़ेगा भारत
    इसी साल वर्ल्ड कप में सातवें पोजिशन पर रहने के बाद भारतीय हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में सारे मैच जीतते हुए फाइनल तक का सफर तय किया. हरमनप्रीत सिंहीक टीम ने पूल ए में अपने सभी पांच मुकाबले जीतकर टॉप पर फिनिश किया था. भारत ने अपने पहले मैच में इंडोनेशिया पर 13-1 की शानदार जीत दर्ज की थी, इसके बाद श्रीलंका को 16-1 से रौंदा था. भारत ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ 8-2 से जीत दर्ज की और फिर मेजबान जापान को 2-0 से हराया जो पूल स्टेज का उसका सबसे कड़ा मुकाबला रहा था. भारत ने ग्रुप स्टेज का अंत बांग्लादेश पर 10-0 की शानदार जीत के साथ किया। 

    हॉकी टीम ने पाकिस्तान से वॉलीबॉल में हार का बदला ले लिया
    इससे पहले आज दिन की शुरुआत में भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम को क्वार्टर फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी और ऊंची रैंकिंग वाले पाकिस्तान के हाथों 0-3 से हार का सामना करना पड़ा. इस तरह एशियन गेम्स में 40 साल बाद मेडल का सपना भी चकनाचूर हो गया. भारतीय खिलाड़ी पूरी तरह लय से बाहर नजर आए और वर्ल्ड रैंकिंग में 38वें स्थान पर काबिज पाकिस्तान के खिलाफ एक घंटे 22 मिनट तक चले पहले क्वार्टर फाइनल में 19-25, 23-25, 18-25 से हार गए. पुरुष वॉलीबॉल में भारत ने एशियाई खेलों में दो अन्य पदक भी जीते हैं जो 1958 में कांस्य और 1962 में रजत पदक हैं। 

  • MP से 2-3 दिन में मानसून की विदाई, अब सिर्फ बूंदाबांदी के आसार

    MP से 2-3 दिन में मानसून की विदाई, अब सिर्फ बूंदाबांदी के आसार

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में मानसून अब विदाई की दहलीज पर है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश से लौट सकता है। विदाई से पहले नमी के असर से कुछ इलाकों में बूंदाबांदी और गरज-चमक देखने को मिलेगी, हालांकि फिलहाल प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। इस बीच प्रदेश के 55 जिलों में से 30 जिले ऐसे हैं, जहां अब तक सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हो पाया है। वहीं आज प्रदेश के 8 जिलों में बूंदाबांदी के आसार हैं।

    प्रदेश में सामान्य से 4% कम बारिश
    1 जून से 30 सितंबर तक के मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच है। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 4% कम बारिश हुई है।

    प्रदेश के 55 जिलों में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हो सका, जबकि भोपाल और ग्वालियर समेत 25 जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है। सबसे ज्यादा कमी आलीराजपुर में रही, जहां सामान्य बारिश की आधी मात्रा भी पूरी नहीं हो सकी। वहीं निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से अधिक बारिश दर्ज की गई।

    55 में से 30 जिलों में बारिश का कोटा अधूरा
    1 जून से 30 सितंबर तक के मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 4% कम बारिश हुई है। प्रदेश के 55 जिलों में से 30 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हो पाया। वहीं भोपाल और ग्वालियर समेत 25 जिलों में सामान्य से ज्यादा या सामान्य बारिश दर्ज हुई है। सबसे ज्यादा कमी आलीराजपुर में रही, जहां सामान्य की आधी बारिश भी पूरी नहीं हो सकी। इसके उलट निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है।

    प्रदेश में औसत 35.8 इंच बारिश ही रिकॉर्ड IMD के मुताबिक- प्रदेश में अब तक 908.4 मिमी, यानी 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। ओवर-ऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।

    पूर्वी एमपी में ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में कमी
    मानसून के दौरान प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का प्रदर्शन पश्चिमी हिस्से से बेहतर रहा। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसतन 4% ज्यादा बारिश हुई है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश हुई। पश्चिमी मध्य प्रदेश में कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई। 

    पूर्वी MP में बारिश बेहतर, पश्चिमी हिस्से में कमी
    मानसून के दौरान प्रदेश के पूर्वी हिस्से में पश्चिमी हिस्से की तुलना में बारिश की स्थिति बेहतर रही। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसतन 4% अधिक बारिश दर्ज की गई। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश हुई।
    वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई।

    जून की कमी आखिर तक नहीं भर पाई
    इस बार मानसून के आंकड़े कम रहने की बड़ी वजह जून में हुई कम बारिश है। मौसम विभाग के अनुसार जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14% कम पानी गिरा था। जुलाई की शुरुआत में हुई तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून में दो बार ब्रेक आया। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का आंकड़ा सामान्य या उससे ऊपर रहा, लेकिन जून में हुई कमी पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से मानसून सीजन खत्म होने के बाद भी प्रदेश का कुल आंकड़ा सामान्य से करीब 4% नीचे है। प्रदेश की सामान्य मानसूनी बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच रहता है।

    आज इन 8 जिलों में बूंदाबांदी
    मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बूंदाबांदी के साथ गरज-चमक हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने और तेज धूप निकलने का अनुमान है।

    4 दिन का मौसम
    1 अक्टूबर: पूर्वी हिस्से में कुछ जगह बूंदाबांदी, बाकी जगह धूप।
    2 अक्टूबर: नमी के असर से कुछ जिलों में हल्की बारिश संभव।
    3 अक्टूबर: बारिश की गतिविधियां और सीमित होने के आसार।
    इसके बाद: मानसून की विदाई के साथ बारिश का दौर लगभग थमने लगेगा। 

    जून की कमी आखिर तक पूरी नहीं हो सकी
    इस मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहने की बड़ी वजह जून में हुई कम बारिश रही। मौसम विभाग के अनुसार जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14% कम बारिश हुई थी।
    जुलाई की शुरुआत में हुई तेज बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक की स्थिति बनी। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रही, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। यही वजह है कि मानसूनी सीजन खत्म होने के बाद भी प्रदेश की कुल बारिश सामान्य से करीब 4% कम रही। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच के आसपास रहता है।

    अगले तीन दिन बूंदाबांदी के आसार
    मानसून की विदाई से पहले अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम में हलचल बनी रह सकती है। गुरुवार को मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बूंदाबांदी और गरज-चमक की स्थिति बनी रही इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और जबलपुर समेत कई इलाकों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहा।

    2 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां होंगी कम
    मौसम के अगले चार दिनों के पूर्वानुमान के मुताबिक 1 अक्टूबर को पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि बाकी इलाकों में धूप रहने की संभावना है। 2 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में लगातार कमी आएगी और 3 अक्टूबर के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश लगभग थमने लगेगी। इसके साथ ही मध्यप्रदेश से मानसून की विदाई का दौर शुरू होने की संभावना है।

     

  • भोपाल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं थमीं व्यावसायिक गतिविधियां, सील दुकानें फिर खुलीं

    भोपाल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं थमीं व्यावसायिक गतिविधियां, सील दुकानें फिर खुलीं

     भोपाल
     रिहायशी इलाकों में धड़ल्ले से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और भवन नियमों के उल्लंघन पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश के बावजूद नगर निगम की कार्रवाई अब तक जमीन पर दिखाई नहीं दे रही है। 22 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि मौजूदा मास्टर प्लान और भवन नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। आदेश को करीब एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन निगम ने अब तक कोई बड़ा अभियान शुरू नहीं किया है।

    सुप्रीम कोर्ट का आदेश बेअसर
    सबसे गंभीर स्थिति उन प्रतिष्ठानों की है, जिन्हें निगम ने स्वेच्छा से बंद कराने के बाद पंचनामा तैयार किया था। इनमें से भी बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान अब दोबारा खुलने लगे हैं। यानी जिन दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बंद होने का निगम ने बाकायदा दस्तावेज तैयार किया, वे ही फिर से संचालित हो रहे हैं।

    सीलिंग पर कोर्ट में पहुंची शिकायतें
    22 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान भोपाल के रहवासियों की शिकायतों का हवाला दिया गया था। इनमें बताया गया कि कुछ प्रतिष्ठानों को दिन में सील किया गया, लेकिन शाम को वे फिर खोल दिए जाते हैं। कुछ मामलों में सीलिंग के कुछ घंटे या दिन बाद बिना किसी नए घटनाक्रम, शो-कॉज के जवाब या सक्षम प्राधिकरण के निर्णय के परिसर दोबारा खोले जाने की बात भी सामने आई।

    कोर्ट ने इन शिकायतों को रिकार्ड पर लेते हुए स्पष्ट किया कि सीलिंग के निर्देशों का सख्ती से पालन होना चाहिए। अधिकारियों को बिना भेदभाव कार्रवाई करने और ‘पिक एंड चूज’ से बचने के निर्देश भी दिए गए। इसके बावजूद निगम की ओर से अब तक ऐसा अभियान नजर नहीं आया, जिससे लगे कि इन निर्देशों को लेकर गंभीरता से कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    मास्टर प्लान-2047 जारी, फिर भी कार्रवाई का इंतजार
    सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद प्रदेश सरकार मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट भी जारी कर चुकी है। हालांकि, निगम प्रशासन को कार्रवाई मौजूदा नियमों के अनुसार ही कार्रवाई करनी है। इसके बावजूद रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों की जांच, चिन्हांकन और कार्रवाई को लेकर निगम की सुस्ती सवाल खड़े कर रही है।

        नगर निगम द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है।- भुवन गुप्ता, उपायुक्त, नगर निगम।

     

  • CM योगी ने वीरता पदक से सम्मानित किए पुलिसकर्मी, शहीद इंस्पेक्टर की पत्नी को भी सम्मान

    CM योगी ने वीरता पदक से सम्मानित किए पुलिसकर्मी, शहीद इंस्पेक्टर की पत्नी को भी सम्मान

    अदम्य साहस व कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया सीएम योगी ने

    वीरता पदक से अलंकृत किया पुलिसकर्मियों को, शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी को किया सम्मानित

    यूपी के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया मुख्यमंत्री ने

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को वीरता पदक प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया। 

    पुलिस सेवा में सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने एसटीएफ के शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को नगद धनराशि एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। निरीक्षक सुनील कुमार ने 20 जनवरी 2025 को शामली के झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में चार अपराधियों को मार गिराने में अदम्य साहस का परिचय दिया था। कर्तव्य पालन करते हुए उन्होंने वीरगति प्राप्त की थी। स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किए जाने की घोषणा भी की गई।

    गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर घोषित वीरता पदक
    1. देवदत्त सिंह – आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
    2. राजन कुमार – आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
    3. रितुल कुमार वर्मा – आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
    4. निपुण अग्रवाल, आईपीएस – सेनानायक, नवमी वाहिनी पीएसी, मुरादाबाद

    5. स्वतंत्र कुमार सिंह – अपर पुलिस उपायुक्त, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर
    6. मुन्ने सिंह – उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, मेरठ
    7. नीरज कुमार पाल – आरक्षी, नागरिक पुलिस, कमिश्नरेट गाजियाबाद
    8. अशोक कुमार मीणा, आईपीएस – पुलिस अधीक्षक, हरदोई
    9. कुलदीप कुमार – पुलिस उपाधीक्षक, जनपद संभल
    10. गीतेश कपिल – निरीक्षक, नागरिक पुलिस, शाहजहांपुर
    11. प्रवीण अहलावत – आरक्षी, नागरिक पुलिस, जनपद सहारनपुर
    12. अमित – निरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
    13. अंगद सिंह यादव – उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
    14. डॉ. दीक्षा शर्मा – पुलिस उपायुक्त, कमिश्नरेट लखनऊ
    15. संदीप कुमार – आरक्षी, नागरिक पुलिस, कमिश्नरेट गाजियाबाद
    16. रिपुदमन सिंह – निरीक्षक, नागरिक पुलिस

    गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर घोषित वीरता पदक
    1. धर्मेंद्र सिंह राठौर – निरीक्षक, नागरिक पुलिस, बुलंदशहर
    2. केशव शांडिल्य – उपनिरीक्षक, एसटीएफ
    3. राहुल कुमार – मुख्य आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
    4. अजय कुमार वर्मा – उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, जनपद मथुरा
    5. घनश्याम यादव – निरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
    6. अवनीश कुमार त्यागी – उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, जनपद मैनपुरी
    7. अमित त्रिपाठी – आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
    8. अमित – निरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
    9. मनीष बिष्ट – निरीक्षक, नागरिक पुलिस, कमिश्नरेट गाजियाबाद
    10. रणधीर सिंह – मुख्य आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ

  • बस्तर ओलंपिक के पंजीयन शुरू, तीन चरणों में होंगी खेल प्रतियोगिताएं

    बस्तर ओलंपिक के पंजीयन शुरू, तीन चरणों में होंगी खेल प्रतियोगिताएं

    रायपुर.

    बस्तर के युवाओं को खेलों के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी खेल प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले बस्तर ओलंपिक 2026 के लिए आज से पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष प्रतियोगिता का तीसरा आयोजन है। पंजीयन के बाद नवंबर में ब्लॉक स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

    11 खेल विधाओं में मिलेगा मौका
    बस्तर ओलंपिक 2026 में इस बार कुल 11 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। युवा अपनी रुचि और खेल क्षमता के अनुसार इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगे। ब्लॉक स्तर से प्रतियोगिता शुरू होने के कारण ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। आयोजन के जरिए स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

    आज से शुरू हुआ पंजीयन
    बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन प्रक्रिया आज से शुरू कर दी गई है। आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पंजीयन के बाद नवंबर में ब्लॉक स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रशासन की कोशिश है कि अधिक से अधिक युवा इस आयोजन से जुड़ें और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करें।

    युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना उद्देश्य
    बस्तर ओलंपिक का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं है। इसके माध्यम से बस्तर के युवाओं को सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के साथ उनकी प्रतिभा को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। खेलों के जरिए युवाओं को अनुशासन, टीम भावना और प्रतिस्पर्धा का अनुभव देने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर है।

    तीसरे साल आयोजित हो रहा बस्तर ओलंपिक
    बस्तर ओलंपिक का आयोजन इस वर्ष तीसरी बार किया जा रहा है। जिला प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से प्रतियोगिता का संचालन किया जाता है। पिछले आयोजनों में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया था। इस बार भी आयोजन को व्यापक स्तर पर आयोजित करने और ज्यादा से ज्यादा प्रतिभागियों को जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

    नक्सल हिंसा से प्रभावित प्रतिभागी भी बनेंगे आकर्षण
    बस्तर ओलंपिक में नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए प्रतिभागियों और पुनर्वासित सदस्यों की भागीदारी भी खास आकर्षण का केंद्र रहती है। इन प्रतिभागियों को खेल के माध्यम से अपनी क्षमता दिखाने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलता है। इनकी भागीदारी बस्तर ओलंपिक के सामाजिक उद्देश्य को भी रेखांकित करती है। खेलों के माध्यम से प्रभावित युवाओं और पुनर्वासित सदस्यों को सम्मानजनक मंच देने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    नवंबर में होंगे ब्लॉक स्तरीय मुकाबले
    पंजीयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवंबर में ब्लॉक स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके बाद प्रदर्शन के आधार पर प्रतिभागियों को आगे के स्तर की प्रतियोगिताओं में अवसर मिलने की उम्मीद है। आयोजन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जारी हैं।

  • PM मोदी ने फ्लाईदुबई पायलट स्मित मच्छार के परिजनों से की बात, मदद का दिया भरोसा

    PM मोदी ने फ्लाईदुबई पायलट स्मित मच्छार के परिजनों से की बात, मदद का दिया भरोसा

    नई दिल्ली
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से बात की है। उन्होंने स्मित मच्छार की पत्नी और माता-पिता से बातचीत में हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। इससे पहले पीएम मोदी ने स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ भी की थी। फ्लाईदुबई की फ्लाइट के दौरान पायलट स्मित मच्छार पर को पायलट ने ही हमला कर दिया था। हालांकि, भारतीय पायलट ने बड़े सूझबूझ से न केवल अपनी जान बचाई बल्कि फ्लाइट में मौजूद 180 लोगों की भी जान बचाने में सफल रहे। स्मित मच्छार ने यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने इरादे से पीछे नहीं हटे। उनकी बहादुरी की पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में जमकर तारीफ की।

    पहले पीएम मोदी ने की स्मित मच्छार की तारीफ
    प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्‍स' पर पोस्‍ट में लिखा कि कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। बेहद गंभीर खतरे के बीच और खुद बुरी तरह घायल होने के बावजूद उन्होंने जबरदस्त हिम्मत दिखाई और दूसरों की जान बचाने के अपने इरादे से पीछे नहीं हटे। उनकी बहादुरी की वजह से सैकड़ों लोगों की जान बचाई जा सकी और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। उनके जल्द ठीक होने, फिर से पूरी ताकत हासिल करने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।
    '
    स्मित मच्छाक के माता-पिता से की बात
    इस बीच पीएम मोदी ने स्मित मच्छार के परिजनों से भी बात की है। सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी और माता-पिता से बात की है। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित की बहादुरी की तारीफ की, जिससे सैकड़ों लोगों की जान बची। पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय मिशन हरसंभव मदद पहुंचा रहे हैं।

    ट्रंप और नेतान्याहू ने भी भारतीय पायलट की जमकर की तारीफ
    प्रधानमंत्री ने स्मित मच्छार के परिजनों से बात की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। भारतीय पायलट स्मित मच्छार की तारीफ पीएम मोदी ने ही नहीं की। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने असाधारण हिम्मत दिखाई। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय पायलट की बहादुरी को सराहा है।

    स्मित मच्छार के माता-पिता सऊदी के लिए रवाना
     फ्लाईदुबई फ्लाइट के हाईजैक कांड के हीरो बने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज जारी है. इस बीच उनके माता-पिता सऊदी अरब के लिए रवाना हो गए हैं। 

    भारतीय पायलट ने बचाई 174 यात्रियों की जान 
    हालांकि इन पूरे हालात को संभालने का काम मुख्य पायलट स्मित मच्छार ने किया, जो भारतीय नागरिक हैं. रिपोर्टों के मुताबिक घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान को संभालने की कोशिश की. इसी दौरान कई यात्री कॉकपिट की ओर पहुंचे और उन्होंने चालक दल के साथ मिलकर को-पायलट को काबू करने में मदद की. इसके बाद बाकी क्रू ने विमान का नियंत्रण संभाला और सुरक्षित रूप से तबूक में लैंडिंग कराई। 

    इजरायली नागरिकों की जांबाजी 
    विमान में 174 लोग सवार थे, जिनमें करीब 166 इजराइली नागरिक बताए गए हैं. घायल पायलट को तबूक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है. को-पायलट भी घायल हुआ और उसे अस्पताल ले जाया गया. इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, सऊदी अधिकारियों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की है. फ्लाईदुबई ने कहा है कि घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले की जांच पूरी होने तक एयरलाइन ने इजरायल आने-जाने वाली उड़ानें अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। 

     

  • PUC नहीं तो फ्यूल नहीं! दिल्ली के 500 पेट्रोल पंप पर आज से नया नियम लागू

    PUC नहीं तो फ्यूल नहीं! दिल्ली के 500 पेट्रोल पंप पर आज से नया नियम लागू

     नई दिल्ली
    दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने का दौर शुरू होने से पहले सरकार ने कुछ नए कदम उठाए हैं. इनमें सबसे अहम है 'नो पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, नो फ्यूल' नियम. इसके तहत अगर आपकी गाड़ी के पास वैध PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट) नहीं है, तो पेट्रोल पंप पर आपको फ्यूल नहीं दिया जाएगा। 

    इस नियम को लागू करने के लिए दिल्ली के करीब 500 पेट्रोल पंप पर ऑटोमैटिक सिस्टम लगाया गया है. इन पेट्रोल पंप पर कैमरे लगाए गए हैं. ये कैमरे परिवहन के डेटाबेस से जुड़े हैं. सिस्टम गाड़ी का नंबर स्कैन करके यह पता करता है कि उसका PUC वैध है या नहीं। 

    जैसे ही बिना वैध PUC वाली गाड़ी पेट्रोल पंप पर पहुंचती है, सिस्टम उसका नंबर पहचान लेता है. इसके बाद ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट होता है. इसमें गाड़ी के नंबर के साथ बताया जाता है कि उसके पास वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं है. ऐसी गाड़ी को तुरंत ईंधन देने से रोक दिया जाता है. यानी पेट्रोल या डीजल लेने से पहले वाहन मालिक को PUC बनवाना होगा। 

    पेट्रोल पंप पर ही PUC बनवाने की सुविधा
    सरकार ने वाहन मालिकों के लिए एक ऑप्शन भी रखा है. कई पेट्रोल पंप पर PUC बनवाने वाले कियोस्क लगाए गए हैं. अगर किसी वाहन का PUC वैध नहीं है, तो वह वहीं अपना प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवा सकता है. इसके बाद वाहन में ईंधन भरवाया जा सकता है. यानी वाहन मालिक को PUC बनवाने के लिए अलग जगह जाने की जरूरत नहीं होगी। 

    अगर वाहन मालिक के पास PUC नहीं है, तो उसे इसे बनवाने के लिए कुछ समय दिया जा सकता है. लेकिन अगर तय समय के बाद भी वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं बनवाया गया, तो कार्रवाई हो सकती है. ऐसी गाड़ियों पर करीब ₹10 हजार तक का चालान लगाया जा सकता है। 

    दरअसल, दिल्ली में हर साल सर्दियों के दौरान प्रदूषण बड़ी समस्या बन जाता है. तापमान गिरने के साथ हवा की गुणवत्ता भी खराब होने लगती है. ऐसे में सरकार ने इस बार प्रदूषण बढ़ने से पहले ही कुछ कदम लागू किए हैं. अब करीब 500 पेट्रोल पंप पर यह सिस्टम काम कर रहा है. कैमरे, परिवहन डेटाबेस और ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट के जरिए नियम लागू किया जा रहा है। 
    हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि ऐसे कदमों से दिल्ली के प्रदूषण में कितना फर्क पड़ेगा. आने वाले दिनों में इसका असर साफ होगा. फिलहाल सरकार की कोशिश है कि बिना वैध PUC वाली गाड़ियों पर लगाम लगाई जाए और प्रदूषण को बढ़ने से पहले नियंत्रित किया जा सके। 

  • Drishyam 3 Advance Booking: अजय देवगन की फिल्म ने रिलीज से पहले ही छापे करोड़ों

    Drishyam 3 Advance Booking: अजय देवगन की फिल्म ने रिलीज से पहले ही छापे करोड़ों

    मुंबई 
    अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में बड़े पर्दे पर कमबैक कर रहे हैं. दरअसल एक्टर की ब्लॉकबस्टर फ्रैंचाइजी का तीसरा और आखिरी पार्ट ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ या ‘दृश्यम 3’ 2 अक्टूबर को रिलीज हो रहा है. फाइनल चैप्टर होने की वजह से फिल्म को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट पीक पर है. इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि इसकी ताबड़तोड़ एडवांस बुकिंग हो रही है. नतीजतन रिलीज से पहले ही ‘दृश्यम 3’ ने करोड़ों कमा लिए हैं. चलिए यहां फिल्म का एडवांस बुकिंग रिपोर्ट जानते हैं। 

    ‘दृश्यम 3’ ने ओपनिंग डे के लिए कितनी कर ली एडवांस बुकिंग?

     अजय देवगन की 'दृश्यम 3 द कन्क्लूज़न' को रिलीज होने से पहले ही एडवांस बुकिंग काउंटरों पर जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. फिल्म को फर्स्ट डे देखने के लिए लोगो में होड़ मची हुई है. जिसके चलते इसकी टिकटें हाथों हाथ बिक रही हैं। 

        सैकनिल्क के मुताबिक इसके गुरुवार,1 अक्टूबर को होने वाले प्रीमियर शो के लिए अब तक 1 हजार 101 टिकटों की प्री सेल हुई है. इसी के साथ प्रीमियर शो के लिए इसने 3.18 लाख(बिना ब्लॉक सीटरो के 81 हजार 210) कमा लिए हैं। 
        वहीं 2 अक्टूबर को रिलीज के पहले दिन के लिए गुरुवार सुबह 11 बजे तक इसके 5.36 लाख टिकटों की प्री सेल हो चुकी है। 

        इसी के साथ इसने ओपनिंग डे की प्री सेल से ब्लॉक सीटों के साथ 19.74 करोड़ और बिना ब्लॉक सीटों के 16.60 लाख की कमाई कर डाली है। 

    वहीं इस फिल्म ने प्रीमियर शो को मिलाकर शुरूआती 5 दिन (2 अक्टूबर से 6 अक्टूबर) के लिए अब तक देश भर में 11.05 लाख टिकटों की प्री सेल कर ली है. इसी के साथ इसने 37.43 ककोड़ की ग्रॉस कमाई ब्लॉक सीटों के साथ और बिना ब्लॉक सीटों के साथ 28.51 करोड़ की कमाई की है। 

    रिलीज की तारीख और कास्ट
    'दृश्यम 3: द कन्क्लूज़' शुक्रवार, 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. इस फिल्म के डायरेक्टर अभिषेक पाठक हैं और इसमें अजय देवगन के अलावा तबू श्रिया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव, रजत कपूर, प्रकाश राज और जयदीप अहलावत अहम रोल में नजर आएंगे। 

    यह तीसरा पार्ट हिंदी 'दृश्यम' फ्रेंचाइजी का फाइनल चैप्टर (कन्क्लूज़न) माना जा रहा है. कहानी एक बार फिर विजय सलगांवकर और एक नई जांच से अपने परिवार को बचाने की उसकी कोशिशों पर बेस्ड है।