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  • कुपोषण पर कड़ा प्रहार नारायणपुर के 13 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को अब रोजाना मिलेगा मुफ़्त पौष्टिक नाश्ता

    कुपोषण पर कड़ा प्रहार नारायणपुर के 13 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को अब रोजाना मिलेगा मुफ़्त पौष्टिक नाश्ता

    ​रायपुर

    छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले क अबूझमाड़ के प्रवेश द्वार नारायणपुर में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और नियमित शिक्षा की दिशा में एक नई और क्रांतिकारी शुरुआत हुई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 13 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता योजना का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कुपोषण से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से पौष्टिक लड्डू वितरण कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। जिले के प्रभारी मंत्री  टंक राम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने इस दूरगामी पहल का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया और स्वयं अपने हाथों से नन्हे-मुन्ने बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नाश्ता परोसकर उनका उत्साहवर्धन किया।

    ​यह महत्वाकांक्षी पहल नारायणपुर और ओरछा (अबूझमाड़) विकासखंड के कुल 476 विद्यालयों में लागू की जा रही है, जिससे 13 हजार 15 स्कूली बच्चे सीधे लाभान्वित होंगे। योजना के तहत हर विद्यार्थी को प्रतिदिन 150 ग्राम ताजा और सेहतमंद नाश्ता दिया जाएगा। बच्चों के स्वाद और पोषण का विशेष ध्यान रखते हुए दिन के हिसाब से एक संतुलित मेन्यू तय किया गया है, जिसमें पोहा-फलीदाना, सूजी का उपमा, दलिया, चना, खड़ा मूंग और मूंगफली जैसे प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल हैं। भोजन तैयार करने वाली व्यवस्था को मजबूती देने के लिए जिले के 676 रसोइयों को 800 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त मानदेय भी दिया जा रहा है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है।

     ​यह कार्यक्रम न केवल नौनिहालों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालेगा, बल्कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, ठहराव सुनिश्चित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने में मील का पत्थर साबित होगा। इस गरिमामय अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, ग्रामीण और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।

  • बैरसिया में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत हुआ वृहद जनकल्याण शिविर एवं उद्यम संवाद

    बैरसिया में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत हुआ वृहद जनकल्याण शिविर एवं उद्यम संवाद

    भोपाल

    भोपाल जिले की बैरसिया तहसील स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में शुक्रवार को ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’ के अंतर्गत वृहद जनकल्याण एवं जनसमस्या निवारण शिविर और ‘उद्यम संवाद’ संपन्न हुआ। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शासन की जनकल्याणकारी एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं की जानकारी दी तथा पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया।

    एमएसएमई मंत्री और भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री  चेतन्य काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जनहितैषी सोच के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान प्रारंभ किया गया है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना किसी परेशानी के शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिले।

    एक सप्ताह में करें प्रत्येक आवेदन का निराकरण

    प्रभारी मंत्री  काश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का परीक्षण कर अधिकतम एक सप्ताह में उसका गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित शिविरों में पहुँचकर अधिकारियों की उपस्थिति में आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। जिन आवेदनों का तत्काल निराकरण संभव नहीं है, उनमें आवेदक को कारण एवं संभावित समय-सीमा की स्पष्ट जानकारी दी जाए।

    फसल क्षति का होगा पारदर्शी सर्वे

    प्रभारी मंत्री  काश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वर्तमान वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। सोयाबीन की फसल में हुई क्षति का पारदर्शी सर्वे कराने के लिए शीघ्र ही दलों का गठन किया जाएगा। सर्वे के आधार पर पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि बैरसिया क्षेत्र में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0’ के अंतर्गत सभी पात्र हितग्राहियों को आवास का लाभ दिलाया जाएगा।

     काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा के अनुरूप सहकारिता एवं दुग्ध संघ को सुदृढ़ करने के साथ खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग और पशुपालन के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों के विकास से किसानों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    उद्यमियों की समस्याओं और सुझावों पर हुआ संवाद

    शिविर के साथ आयोजित ‘उद्यम संवाद’ में स्थानीय उद्योगपतियों एवं उद्यमियों ने अपनी समस्याएँ और सुझाव रखे। औद्योगिक क्षेत्र में अधोसंरचना, भू-खंड आवंटन तथा विभिन्न विभागों से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रभारी मंत्री  काश्यप ने संबंधित अधिकारियों को उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।

    अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे योजनाओं का लाभ : विधायक  खत्री

    बैरसिया विधायक  विष्णु खत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचाना है। उन्होंने बताया कि बीज विकास निगम द्वारा बैरसिया क्षेत्र में 3 हजार टन क्षमता का अत्याधुनिक वेयरहाउस निर्मित किया जा रहा है। किसानों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के साथ मंडी परिसर में नि:शुल्क ग्रेडिंग प्लांट भी स्थापित किया जा रहा है।

    विधायक  खत्री ने बैरसिया में फीवर क्लीनिक के निर्माण, चिकित्सालय के शीघ्र लोकार्पण तथा आचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में भू-खंडों के आवंटन की प्रक्रिया को गति देने का आग्रह किया।

    नगर पालिका अध्यक्ष मती तनु ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार अधोसंरचना विकास, महिला सशक्तिकरण और युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    पट्टे, सीमांकन एवं बँटवारे के प्रकरणों का समय-सीमा में होगा निराकरण : कलेक्टर  मिश्रा

    कलेक्टर  प्रियंक मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित शिविरों में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित होकर नागरिकों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। बैरसिया क्षेत्र में पट्टों से संबंधित मामलों का परीक्षण कर पारदर्शी तरीके से निराकरण किया जाएगा। राजस्व विभाग से जुड़े सीमांकन एवं बँटवारे के लंबित प्रकरणों का भी निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

    कलेक्टर  मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त आवेदनों को विभागवार दर्ज कर उनकी नियमित निगरानी की जाए। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।

     

     

  • समान नागरिक संहिता पर रायशुमारी के लिए विभिन्न संगठनों व सामाजिक प्रतिनिधियों से की गई चर्चा

    समान नागरिक संहिता पर रायशुमारी के लिए विभिन्न संगठनों व सामाजिक प्रतिनिधियों से की गई चर्चा

    रायपुर,

    समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के पूर्व राज्य स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा विस्तृत चर्चा एवं सुझाव के लिए दो दिवसीय  बैठक 10 सितंबर से आयोजित की गई, जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एवं समिति के सदस्य  एम. के. राउत की अध्यक्षता में पीपीटी के माध्यम से समान नागरिक संहिता के वर्तमान नियमों एवं कानूनों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता  मोहन पवार उपस्थित थे।

    पुराना सर्किट हाउस के सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर गठित राज्य स्तरीय समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय परामर्श बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस दौरान समिति के सदस्यों ने विभिन्न सामाजिक संगठनों,  जनप्रतिनिधियों और राज्य आयोगों के प्रमुखों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की। दो दिनों तक चले इस गहन मंथन सत्र के दौरान मुख्य रूप से विवाह और तलाक, उत्तराधिकार और विरासत, भरण-पोषण तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर सभी पक्षों से खुलकर सुझाव लिए गए।

     इस दौरान गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति के प्रांतीय सचिव  गजानंद नुरूटी ने आदिवासी समाज की रूढ़िगत परंपराओं और विशिष्ट सांस्कृतिक ताने-बाने की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आदिवासी समुदाय की मौलिक पहचान और अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें समान नागरिक संहिता के दायरे से पृथक रखने का औपचारिक अनुरोध किया। वहीं, दूसरी ओर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  अमरजीत सिंह छाबड़ा ने समाज में लैंगिक समानता की पुरजोर वकालत की। उन्होंने महिला एवं पुरुष को समान अधिकार देने, बेटे और बेटी को संपत्ति में बराबर का उत्तराधिकार सौंपने, विवाह एवं तलाक का अनिवार्य पंजीयन कराने तथा संपत्ति व वसीयत से जुड़े स्पष्ट कानूनी प्रावधान स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास करने का सुझाव दिया। क्रिश्चन समाज के  राजेश जॉन पाल सहित समाज के आए प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव में कहा कि विवाह को ईश्वर के द्वारा बनाई गई अटूट जोड़ी मानी जाती है, जिसे तोड़ा नहीं जा सकता। लिव-इन संबंध को समाज द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मती वर्णिका शर्मा भी उपस्थित रहीं और उन्होंने बच्चों के अधिकारों एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। ​समिति के सदस्यों ने सभी प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किए गए सुझावों को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभिन्न सामाजिक समूहों से प्राप्त इन सभी महत्वपूर्ण व्यावहारिक तथ्यों और सुझावों का गहराई से विश्लेषण किया जाएगा, ताकि एक समावेशी, संतुलित और निष्पक्ष मसौदा तैयार किया जा सके।

    बैठक में अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ अधिवक्ता  बृजेश पांडेय, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष  दिनेश देवांगन, अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष  प्रमोद तिवारी तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष मती भारती राठौर ने समान नागरिक संहिता के प्रावधानों को अधिक कारगर, स्पष्ट व पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। चर्चा बैठक के द्वितीय सत्र में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मिश्रा तथा  आशीष बाजपेयी ने समान नागरिक संहिता पर अपने विचार एवं अभिमत समिति के समक्ष दर्ज कराया। इसी प्रकार मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधि डॉ. कुलदीप सोलंकी, डॉ. सुरभि दुबे तथा डॉ. के.पी. आजमानी ने समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के संबंध में अपनी राय दी तथा उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों को सुझाव दिए।

  • केरलम के पत्रकारों ने समझा यूपी का कानून-व्यवस्था मॉडल

    केरलम के पत्रकारों ने समझा यूपी का कानून-व्यवस्था मॉडल

    लखनऊ

    पत्र सूचना कार्यालय, लखनऊ (पीआईबी) और उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त तत्वावधान में निदेशक सूचना विशाल सिंह और पीआईबी लखनऊ के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल के दिशा-निर्देशन में केरलम के मीडिया प्रतिनिधियों के साथ ‘मीडिया संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों राज्यों के मीडिया प्रतिनिधियों के बीच आपसी संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और एक-दूसरे की संस्कृति, विकास यात्रा तथा मीडिया कार्यप्रणाली को समझने के लिए मंच प्रदान करना था। संवाद के दौरान ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने और दोनों राज्यों के बीच आपसी समझ एवं सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

    गौरतलब है कि पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), लखनऊ के नेतृत्व में केरलम के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया संस्थानों के पत्रकारों का एक मीडिया प्रतिनिधिमंडल लखनऊ के दौरे पर है। मीडिया संवाद के दौरान केरलम के पत्रकारों ने उत्तर प्रदेश की संस्कृति, विकास, शासन व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। विशेष रूप से केरलम प्रतिनिधिमंडल ने यूपी में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था का मॉडल समझा। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए ठोस प्रयासों की विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान सरकार और जनता के बीच संवाद एवं फीडबैक मैकेनिज्म पर भी चर्चा हुई।

    संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश के पत्रकारों ने केरलम की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के पीछे प्रमुख कारणों को समझने में खास रुचि दिखाई। दोनों राज्यों के पत्रकारों ने यह भी साझा किया कि उनके-अपने राज्यों में मीडिया किस प्रकार कार्य करता है तथा स्थानीय और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों को किस तरह समाचारों में प्रमुखता दी जाती है। दोनों पक्षों के बीच बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के बढ़ते संबंधों, दोनों क्षेत्रों की फिल्म इंडस्ट्री तथा सिनेमा के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    इस अवसर पर पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी),  केरलम की निदेशक सुश्री वी. पार्वती तथा उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के अपर निदेशक सूचना अरविंद कुमार मिश्रा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एनडीटीवी, इंडिया टीवी, टाइम्स नाउ, मलयाला मनोरमा, केरल कौमुदी, मंगलम, मातृभूमि, द इंडियन एक्सप्रेस और द न्यू इंडियन एक्सप्रेस सहित केरलम और उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्रमुख मीडिया संस्थानों के वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।

    उल्लेखनीय है कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ पहल का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देना है। केरलम मीडिया प्रतिनिधिमंडल का लखनऊ दौरा इसी भावना के अनुरूप दोनों राज्यों के मीडिया के बीच संवाद और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

  • पीएस ने अमोना के ग्रामीणों से पूछा -बिजली कैसी मिल रही हैं

    पीएस ने अमोना के ग्रामीणों से पूछा -बिजली कैसी मिल रही हैं

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव  मनीष सिंह ने शुक्रवार को देवास जिले का भ्रमण किया। प्रमुख सचिव  सिंह की मौजूदगी में देवास जिले के टोंकखुर्द विकासखंड के अमोना ग्राम में जन चौपाल भी लगाई गई। इस दौरान घरेलू, कृषि, गैर घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं से संवाद किया।

    प्रमुख सचिव  सिंह ने ग्रामीणों से पूछा कि आपको बिजली कैसी मिल रही है, सिंचाई के लिए कंपनी द्वारा आपको बिजली किस तरह दी जा रही है। आपको किस तरह सब्सिडी मिल रही है, आपके गांव में बिजली बिल भरने वालों की संख्या कितनी है। ग्रामीणों ने बिजली की स्थिति संतोषजनक बताई, अन्य शासकीय योजनाओं के बारे में भी प्रमुख सचिव ने जानकारी ली। इस दौरान मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक  अनूप कुमार सिंह भी मौजूद थे।

    जन चौपाल के बाद प्रमुख सचिव  मनीष सिंह ने कुसुम अ योजना अंतर्गत ग्राम अमोना में स्थापित दो मेगावॉट एवं डेढ़ मेगावॉट क्षमता के संयंत्रों का निरीक्षण किया व उत्पादित होने वाली बिजली के बारे में जानकारी ली। प्रमुख सचिव ने देवास जिले के 132 केवी चांदगढ़ सब स्टेशन के समीप स्थित 150 मैगावाट के विंड एनर्जी संयंत्र का निरीक्षण भी किया। उन्होंने पौध-रोपण भी किया।

     

  • नई दिल्ली के ब्रिक्स बाजार में छाई मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट विदेशी प्रतिनिधियों ने स्वयं ठप्पे लगाकर जानी पारंपरिक कला की बारीकियां

    नई दिल्ली के ब्रिक्स बाजार में छाई मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट विदेशी प्रतिनिधियों ने स्वयं ठप्पे लगाकर जानी पारंपरिक कला की बारीकियां

    भोपाल 

    नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर सजे ब्रिक्स बाजार में मध्यप्रदेश के धार जिले की विश्व प्रसिद्ध बाग प्रिंट कला विदेशी प्रतिनिधियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के बारीक नक्काशीदार ब्लॉक्स से तैयार होने वाली इस पारंपरिक हस्तशिल्प कला के जीवंत प्रदर्शन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। यहां पहुंचने वाले देश-विदेश के प्रतिनिधियों को बाग प्रिंट की विशिष्ट तकनीक, प्राकृतिक रंगों के उपयोग और लकड़ी के नक्काशीदार ब्लॉक्स से कपड़े पर छपाई की प्रक्रिया से परिचित कराया जा रहा है।

    विदेशी प्रतिनिधियों ने स्वयं लगाए बाग प्रिंट के ठप्पे

    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए विभिन्न देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों ने ब्रिक्स बाजार का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने बाग प्रिंट स्टॉल पर पहुंचकर पारंपरिक ब्लॉक प्रिंटिंग की प्रक्रिया को करीब से देखा और इसकी बारीकियों को समझा।

    प्रतिनिधियों ने न केवल इस पारंपरिक कला की सराहना की, बल्कि स्वयं लकड़ी के नक्काशीदार ठप्पों को रंगों में डुबोकर कपड़े पर प्रिंट भी किया। इस अवसर के लिए विशेष रूप से ‘BRICS’ लोगो वाले ब्लॉक्स तैयार किए गए थे। प्रतिनिधियों ने इन ब्लॉक्स से ठप्पे लगाकर तैयार किए गए कपड़ों को स्मृति-चिह्न के रूप में अपने साथ ले गए।

    वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की कला को मिली नई पहचान

    18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर केन्द्रीय सरकार द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित धार जिले के मोहम्मद बिलाल खत्री द्वारा बाग प्रिंट का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है। विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों द्वारा इस पारंपरिक कला को करीब से समझना, स्वयं इसकी प्रक्रिया में भाग लेना और इसकी सराहना करना मध्यप्रदेश की समृद्ध शिल्प परंपरा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    दुनिया तक पहुंच रही बाग प्रिंट की छाप

    प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के बारीक नक्काशीदार ब्लॉक्स से तैयार होने वाली बाग प्रिंट मध्यप्रदेश की विशिष्ट हस्तशिल्प पहचान है। अपनी पारंपरिक तकनीक, विशिष्ट डिजाइनों और प्राकृतिक रंगों के लिए देश-दुनिया में पहचान बनाने वाली यह कला अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी विशिष्ट छाप छोड़ रही है। ब्रिक्स बाजार में बाग प्रिंट के प्रदर्शन से मध्यप्रदेश की कला एवं शिल्प परंपरा को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है।

    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर आयोजित ब्रिक्स बाजार में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, वियतनाम, ईरान, कजाकिस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया, बेलारूस और इथियोपिया सहित विभिन्न देशों के कलाकार एवं शिल्पकार भी भाग ले रहे हैं। 

  • मिर्जापुर में दिव्यांग बच्चों के लिए बनेगा बचपन डे केयर सेंटर, योगी सरकार ने जारी की 2 करोड़ रुपये की पहली किश्त

    मिर्जापुर में दिव्यांग बच्चों के लिए बनेगा बचपन डे केयर सेंटर, योगी सरकार ने जारी की 2 करोड़ रुपये की पहली किश्त

    लखनऊ

    दिव्यांगजनों के कल्याण, विकास और सुगम पुनर्वास को लेकर योगी सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी क्रम में जनपद मिर्जापुर में बचपन डे केयर सेंटर के भवन निर्माण के लिए शासन ने प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। कुल 328.42 लाख की लागत से बनने वाले इस केंद्र के निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2 करोड़ रुपए की प्रथम किश्त अवमुक्त कर दी गई है। 

    बचपन डे केयर सेंटर के माध्यम से दिव्यांग बच्चों के बेहतर कल्याण और पुनर्वास के लिए सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। योगी सरकार का जोर दिव्यांगजनों को केवल सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर सुविधाएं देकर सामाजिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने पर भी है। प्रदेश में 3 से 7 वर्ष के श्रवणबाधित, मानसिक मंदित और दृष्टिबाधित बच्चों की प्री-स्कूल रेडीनेस के लिए 18 मंडलीय जनपदों में बचपन डे केयर सेंटर संचालित किए जा रहे हैं।

    शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि निर्माण कार्य सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही शुरू किया जाएगा। निर्माण में निर्धारित मानकों और विशिष्टियों के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग एवं कार्यदायी संस्था की होगी। इसके साथ ही निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक वैधानिक अनापत्तियां और पर्यावरणीय क्लियरेंस प्राप्त करना भी अनिवार्य होगा।

    उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव राकेश कुमार यादव ने इस संबंध में निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को आधिकारिक स्वीकृति पत्र जारी किया है। स्वीकृत धनराशि का आहरण एवं व्यय आवश्यकता के अनुसार किश्तों में निर्धारित वित्तीय नियमों के अनुरूप किया जाएगा।

  • 3 से 6 वर्ष के बच्चों की मजबूत शैक्षिक नींव तैयार करेगी योगी सरकार, बालवाटिकाओं को बनाया जाएगा पूरी तरह क्रियाशील

    3 से 6 वर्ष के बच्चों की मजबूत शैक्षिक नींव तैयार करेगी योगी सरकार, बालवाटिकाओं को बनाया जाएगा पूरी तरह क्रियाशील

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप 3 से 6 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों की शैक्षिक नींव मजबूत करने के लिए बालवाटिकाओं को पूरी तरह क्रियाशील बनाने पर जोर दे रही है। खेल एवं गतिविधि आधारित सीखने के माध्यम से बच्चों में प्रारंभिक भाषा, साक्षरता एवं संख्याज्ञान के साथ शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक-संवेगात्मक-नैतिक एवं सांस्कृतिक विकास को गति दी जाएगी, ताकि वे कक्षा-1 की औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार हो सकें। 

    इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, डायट प्राचार्यों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और जिला कार्यक्रम अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 

    10 प्रमुख व्यवस्थाओं से सजेगी बालवाटिका

    विद्यालय परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों को बालवाटिका के रूप में क्रियाशील करते हुए बच्चों के लिए कक्षा-कक्ष अथवा सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं ईसीसीई एजुकेटर/प्री-प्राइमरी नोडल अध्यापक के माध्यम से न्यूनतम तीन घंटे का समयबद्ध गतिविधि कार्यक्रम संचालित होगा। दक्षता आधारित कैलेंडर के अनुसार गतिविधियां होंगी और उसे बालवाटिका में प्रदर्शित किया जाएगा। बच्चों का समग्र प्रगति पत्र तैयार कर वर्ष में कम से कम दो बार अभिभावकों को प्रगति से अवगत कराया जाएगा। हर बालवाटिका में ब्लॉक, पुस्तक, कला/क्राफ्ट तथा प्रदर्शन/नाटक कॉर्नर विकसित होंगे। आयुसंगत अभ्यास पुस्तिकाओं एवं कार्यपत्रकों के साथ एससीईआरटी की ‘चहक-1, 2, 3’, ‘कदम’ और ‘कलांकुर’ का उपयोग होगा। बालमैत्री फर्नीचर, टीएलएम, प्रिंट रिच वातावरण, खेल सामग्री और ‘वंडर बॉक्स/जादुई पिटारा’ की व्यवस्था भी की जाएगी। उपलब्ध स्थान के अनुसार खेल क्षेत्र, आउटडोर प्ले सामग्री, बालमैत्री हैंडवॉश यूनिट एवं शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। 

    नामांकन से लेकर स्थानांतरण तक होगी निगरानी

    को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के सेवित क्षेत्र में आने वाले 3 से 6 वर्ष के बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन और न्यूनतम 70 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए प्रधानाध्यापक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, सुपरवाइजर और खंड शिक्षा अधिकारी के बीच समन्वय किया जाएगा। प्रभावी अनुश्रवण और अंतर्विभागीय समन्वय के लिए जनपद स्तर पर ईसीसीई कोर ग्रुप गठित होगा। इसमें निपुण/प्रशिक्षण के जिला समन्वयक, एसआरजी, डायट प्रतिनिधि, एआरपी, शिक्षक संकुल और बाल विकास परियोजना अधिकारी शामिल होंगे। विद्यालयों की 200 मीटर परिधि में गैर-विभागीय भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालय परिसर में स्थानांतरित कराने की प्रक्रिया की भी निगरानी होगी। कोर ग्रुप बालवाटिकाओं के संसाधन, प्रशिक्षण, क्षमता संवर्धन, सपोर्टिव सुपरविजन तथा समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए विभागीय समन्वय सुनिश्चित करेगा।

  • मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तीव्र गति से करें – मुख्य सचिव  बर्णवाल

    मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तीव्र गति से करें – मुख्य सचिव बर्णवाल

    भोपाल 

    बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां भी करवाई जाये। मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण कार्य तीव्र गति से किया जाए एवं समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाए। उक्त निर्देश मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 अंतर्गत आज मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज धार के निरीक्षण के दौरान दिये। उनके साथ सचिव, मुख्यमंत्री डॉ. सुदाम खाडे भी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने धार जिला मुख्यालय पर संचालित कन्या आवासीय परिसर के निरीक्षण के दौरान अध्ययनरत बालिकाओं से आत्मीय संवाद कर उनकी पढ़ाई, परिसर में संचालित गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं के संबंध में जानकारी ली।

    मुख्य सचिव  बर्णवाल ने कक्षा 12वीं कला संकाय की बालिकाओं से इतिहास विषय से संबंधित प्रश्न पूछकर उनके अध्ययन स्तर की जानकारी ली। वहीं गणित विषय की बालिकाओं से पढ़ाई के संबंध में चर्चा की तथा उनसे पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहती हैं? बालिकाओं ने भी आत्मीयता से संवाद करते हुए उनके प्रशासनिक सेवाओं में आने से लेकर मुख्य सचिव बनने तक के सफर के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिसर में स्थित भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला, कम्प्यूटर प्रयोगशाला, संचालित कक्षाओं का निरीक्षण करते हुए सभी बालिकाओं को नियमित रूप से प्रायोगिक कार्य करवाने के निर्देश शिक्षकों को दिए। उन्होंने बालिकाओं से परिसर में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल गतिविधियों एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी भी ली। उन्होंने कलेक्टर को बालिकाओं के लिए आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    25 एकड़ में 267 करोड़ की लागत से बनेगा मेडिकल कॉलेज

    उल्लेखनीय है कि 25 एकड़ भूमि में लगभग 267 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, हॉस्टल एवं स्टाफ क्वार्टर का निर्माण किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज परिसर का निर्माण पांच ब्लॉकों में किया जा रहा है। इसमें छह मंजिला कॉलेज भवन, सात मंजिला अस्पताल तथा नौ मंजिला हॉस्टल एवं स्टाफ क्वार्टर का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्य सचिव ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ गति बनाए रखने तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान उनके साथ कलेक्टर  राजीव रंजन मीना, पुलिस अधीक्षक  सचिन शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • महिला सशक्तिकरण के लिए बनेंगे स्व-सहायता समूह ; आजीविका और विभागीय योजनाओं से जुड़ेंगी महिलाए

    महिला सशक्तिकरण के लिए बनेंगे स्व-सहायता समूह ; आजीविका और विभागीय योजनाओं से जुड़ेंगी महिलाए

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संवेदनशील नेतृत्व तथा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध घुमंतू कल्याण विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर के विशेष प्रयासों व दूरगामी सोच के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश पूरे देश में ऐसा पहला राज्य है, जो घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू वर्गों का वैज्ञानिक व सर्वांगीण सर्वेक्षण करवा रहा है। इस ऐतिहासिक पहल का मूल ध्येय समाज के अंतिम छोर पर खड़े विमुक्त परिवारों की सटीक पहचान कर उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की मुख्यधारा में पूर्ण सम्मान के साथ सम्मिलित करना है।

    सर्वेक्षण कार्य की धरातलीय समीक्षा एवं समयावधि संबंधी निर्देश

    संचालक विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध घुमंतू कल्याण विभाग  बुद्धेश वैद्य ने महू की लाल जी की बस्ती में आयोजित संवाद कार्यक्रम जन अभियान परिषद के समर्पित सर्वेक्षणकर्ताओं तथा स्थानीय महिलाओं से सर्वे की प्रक्रिया, आंकड़ों के संकलन तथा जमीनी अनुभवों की बिंदुवार जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सर्वेक्षण कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए सर्वेक्षण दल को निर्देशित किया कि सर्वेक्षण कार्य को पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं प्रमाणिकता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि योजना के अगले चरणों को शीघ्र गति दी जा सके।

    महिलाओं के स्वावलंबन, स्व-सहायता समूह एवं स्वरोजगार पर विशेष बल

    सामुदायिक उत्थान में नारियों की सशक्त भूमिका को रेखांकित करते हुए संचालक  वैद्य ने निर्देशित किया कि बस्ती की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिये प्राथमिकता के आधार पर उनके स्व-सहायता समूह (Self-Help Groups) गठित किए जाएं। इसके साथ ही महिलाओं को कौशल विकास एवं स्थानीय स्तर पर आजीविका व रोजगार के साधनों से जोड़ने तथा विभागीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ उन तक पहुँचाने के लिये समयबद्ध रूप से कार्ययोजना निष्पादित करने के निर्देश दिए। समाज प्रमुखों एवं स्थानीय महिलाओं ने राज्य सरकार की इस समावेशी और कल्याणकारी पहल के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा सर्वेक्षण कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई।