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  • योगी सरकार का बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत अभियान जारी: हर मोर्चे पर लगातार मुस्तैदी

    योगी सरकार का बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत अभियान जारी: हर मोर्चे पर लगातार मुस्तैदी

    लखनऊ

     उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार ने प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए अभियान और तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए बचाव अभियान, भोजन वितरण, राहत शिविर, चिकित्सा सेवाओं और आवश्यक राहत सामग्री की व्यवस्था कर रहा है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक गुरुवार को 8 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि अब तक 21,350 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा चुका है।

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर अब तक 2,385 नाव एवं मोटरबोट का इस्तेमाल कर चुका है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय दिया जा रहा है। इन शिविरों में 2,972 लोग रह रहे हैं।

    गुरुवार को 72 हजार से अधिक लंच पैकेट वितरित

    योगी सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। गुरुवार को ही 72,620 लंच पैकेट और 9,937 बाढ़ राहत किट वितरित किए गए। अब तक 9.31 लाख से अधिक लंच पैकेट और 1.49 लाख से अधिक खाद्यान्न पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इससे प्रभावित परिवारों तक समय पर भोजन पहुंचाने में प्रशासन को मदद मिल रही है।

    बाढ़ के दौरान बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। प्रभावित क्षेत्रों में 1165 मेडिकल टीमें गठित की जा चुकी हैं। जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए अब तक 7.22 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 2.97 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। अब तक बाढ़ से कोई जनहानि नहीं हुई है और न ही पशुहानि दर्ज की गई है।

    पशुओं की भी चिंता, 6 हजार क्विंटल से अधिक भूसा वितरित

    योगी सरकार की राहत व्यवस्था में प्रभावित परिवारों के साथ उनके पशुधन का भी ध्यान रखा जा रहा है। उनके लिए अब तक करीब 6,956 क्विंटल भूसा वितरित किया जा चुका है।

    प्रभावित जिले

    अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कौशाम्बी, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।

  • इंडियन एथलेटिक्स फाइनल सीरीज़ में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने लहराया परचम

    इंडियन एथलेटिक्स फाइनल सीरीज़ में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने लहराया परचम

    भोपाल 

    नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 10 सितंबर 2026 को आयोजित इंडियन एथलेटिक्स फाइनल सीरीज़ में मध्यप्रदेश के एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा और मजबूत खेल क्षमता का परिचय दिया। विभिन्न एथलेटिक्स स्पर्धाओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 2 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 5 पदक अर्जित किए। खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की खेल प्रतिभाओं की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

    पोल वॉल्ट में देव मीना का स्वर्णिम प्रदर्शन

    पुरुष पोल वॉल्ट स्पर्धा में मध्यप्रदेश के स्टार एथलीट देव मीना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5.40 मीटर की ऊंचाई पार कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। देव ने प्रतियोगिता में तकनीकी दक्षता, आत्मविश्वास और बेहतरीन लय का प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।

    देव मीना का लगातार बेहतर होता प्रदर्शन मध्यप्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उनके इस प्रदर्शन से प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर गौरवान्वित होने का अवसर मिला है।

    नितिका आक्रे ने पोल वॉल्ट में लहराया परचम

    महिला पोल वॉल्ट स्पर्धा में मध्यप्रदेश की प्रतिभाशाली एथलीट नितिका आक्रे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4.10 मीटर की ऊंचाई पार कर स्वर्ण पदक जीता। नितिका ने प्रतियोगिता में शानदार तकनीक और दमदार प्रदर्शन के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया।

    समरदीप सिंह गिल ने शॉट पुट में जीता रजत

    पुरुष शॉट पुट स्पर्धा में मध्यप्रदेश के समरदीप सिंह गिल ने 19.59 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक अपने नाम किया। समरदीप ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने एशियन गेम्स के लिए चयनित एथलीट करमवीर सिंह से आगे रहते हुए यह उपलब्धि हासिल की।

    हाई जंप में आदित्य रघुवंशी का शानदार प्रदर्शन

    पुरुष हाई जंप स्पर्धा में मध्यप्रदेश के आदित्य रघुवंशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2.15 मीटर की ऊंचाई पार की और रजत पदक हासिल किया। आदित्य ने प्रतियोगिता के दौरान निरंतरता और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर अपनी जगह बनाई।

    1500 मीटर में सुनील दावर ने जीता कांस्य

    पुरुष 1500 मीटर दौड़ में मध्यप्रदेश के एथलीट सुनील दावर ने 3:43.68 के समय के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। सुनील ने प्रतिस्पर्धी दौड़ में शानदार गति और धैर्य का परिचय देते हुए तीसरा स्थान हासिल किया।

    कुलदीप कुमार ने हासिल किया चौथा स्थान

    पुरुष पोल वॉल्ट में मध्यप्रदेश के एक अन्य एथलीट कुलदीप कुमार ने भी प्रभावी प्रदर्शन किया। कुलदीप ने 5.10 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल किया।

    खेल मंत्री  कैलाश सारंग ने दी खिलाड़ियों को बधाई

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने इंडियन एथलेटिक्स फाइनल सीरीज़ में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर हर्ष व्यक्त करते हुए सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

    मंत्री  सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रदेश की खेल प्रतिभाओं की बढ़ती क्षमता और मेहनत का प्रमाण है। खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।

    मध्यप्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभाओं ने बढ़ाया प्रदेश का मान

    इंडियन एथलेटिक्स फाइनल सीरीज़ में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन प्रदेश में विकसित हो रहे मजबूत खेल वातावरण और खिलाड़ियों की निरंतर मेहनत का परिणाम है। एक ही प्रतियोगिता में विभिन्न स्पर्धाओं में खिलाड़ियों द्वारा पदक हासिल करना प्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभाओं की व्यापक क्षमता को दर्शाता है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी है। विभाग ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

     

     

  • ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश

    रायपुर 

     पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सक्ती जिले के ग्राम जेठा स्थित कॉलेज ग्राउंड में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।

    केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कदम का पौधा और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बादाम का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान मातृ सम्मान की भावना को प्रकृति संरक्षण के संकल्प से जोड़ता है। अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी माँ के सम्मान में पौधा लगाने के साथ ही उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पौधरोपण के साथ पौधों की देखभाल और उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी का भाव भी इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

    यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को केवल शासकीय प्रयास तक सीमित न रखते हुए उसे जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने की पहल है। अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता से हरियाली बढ़ाने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण का संदेश अभियान के माध्यम से दिया जा रहा है।

    उल्लेखनीय है कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से देशभर में नागरिकों को पौधरोपण से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में सक्ती जिले में केंद्रीय मंत्री  चौहान और मुख्यमंत्री  साय द्वारा किया गया पौधरोपण प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देता है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, जांजगीर-चांपा सांसद मती कमलेश जांगड़े, बिलासपुर संभागायुक्त  सुनील जैन, विकसित भारत जीरामजी के आयुक्त  तारण प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर मती जय जैन, पुलिस अधीक्षक  प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ  वासु जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

  • महिला एवं बाल विकास आयुक्त  संदीप ने इंदौर में बाल संस्थाओं का किया निरीक्षण

    महिला एवं बाल विकास आयुक्त संदीप ने इंदौर में बाल संस्थाओं का किया निरीक्षण

    भोपाल 

    आयुक्त महिला एवं बाल विकास  संदीप जी.आर. ने पदभार संभालते ही विभागीय योजनाओं और संस्थाओं की जमीनी स्थिति की पड़ताल शुरू कर दी है। शुक्रवार को उन्होंने इंदौर पहुंचकर छावनी स्थित राजकीय बाल आश्रम, ऑब्जर्वेशन होम (संप्रेक्षण गृह), स्पेशल होम और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों और महिलाओं से सीधे संवाद कर उनकी जरूरतों और समस्याओं को जाना तथा संस्थाओं में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की।

    राजकीय बाल आश्रम के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने वहां निवासरत बच्चों से आत्मीय बातचीत की और उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही शिक्षा, भोजन, स्वास्थ्य सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थाओं में बच्चों से संबंधित सभी अभिलेख व्यवस्थित और अद्यतन रूप से संधारित किए जाएं। इसके बाद ऑब्जर्वेशन होम और स्पेशल होम पहुंचे आयुक्त ने वहां रह रहे बच्चों से भी विस्तार से बातचीत की। उन्होंने बच्चों की समस्याओं, पढ़ाई और कैरियर को लेकर उनकी रुचियों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली।

    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कौशल प्रशिक्षण पर जोर

    आयुक्त  संदीप जी.आर. ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल संस्थाओं में रह रहे बच्चों की नियमित पढ़ाई और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल संस्थागत सुविधाएं उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना भी जरूरी है। इसके लिए बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़े जाने के निर्देश दिए।

    वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं को दी जा रही सेवाओं की समीक्षा

    राजकीय बाल आश्रम परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान आयुक्त  संदीप ने संकट और हिंसा से प्रभावित महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही आपातकालीन सहायता, परामर्श और विधिक सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने सेंटर में मौजूद महिलाओं से बातचीत कर वहां उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क सेवाओं के बारे में उनकी राय जानी। अधिकारियों से भी विभिन्न सेवाओं की स्थिति और उनके प्रभावी संचालन की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने सभी संस्थाओं में स्वच्छता, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को संस्थाओं की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने और किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    फीडबैक के आधार पर सेवाओं में सुधार पर जोर

    आयुक्त  संदीप ने कहा कि बच्चों और महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर होनी चाहिए। इसके लिए उनसे नियमित रूप से फीडबैक लिया जाए और उनकी समस्याओं एवं सुझावों के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल संस्थाओं में बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनके शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

     

  • उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की

    रायपुर

     उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज दन्तेवाड़ा में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस अभियान को जनभागीदारी के साथ व्यापक स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रम केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि जनपद, तहसील, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी रूप से आयोजित किए जाएं।

    उप मुख्यमंत्री  साव ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्वसहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विभागवार तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी कार्यक्रमों का समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। अभियान के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘सेवा की कहानी’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’ ‘जल जन सेवा संकल्प’ और ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विद्यालयों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं, आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण जागरूकता कार्यक्रम तथा स्वच्छता एवं जनसेवा से जुड़ी गतिविधियां भी होंगी।

    कलेक्टर  देवेश ध्रुव ने जिले में अभियान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि व्यापक जनभागीदारी के लिए विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित कर दिनवार एवं तिथिवार कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के साथ नियमित समीक्षा कर तैयारियों की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल शासकीय कार्यक्रमों की श्रृंखला न होकर सेवा, समर्पण और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत करने का अवसर बने। डीएफओ  रामाकृष्ण रंगानाथा वाय. और अपर कलेक्टर  राजेश पात्र सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

  • मध्यप्रदेश पुलिस की मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही

    मध्यप्रदेश पुलिस की मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों, अवैध शराब, अवैध आर्म्स एवं जुआ-सट्टा के विरुद्ध लगातार सतत एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना वरला पुलिस ने ग्राम बोरपड़ावा के जंगल क्षेत्र में अवैध रूप से लगाई गई गांजे की फसल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग खेतों से कुल 6,185 गांजे के पौधे, जिनका कुल वजन 10 क्विंटल 71 किलोग्राम है, जब्त किए हैं। जब्त फसल की अनुमानित कीमत लगभग 54 लाख रूपए है। यह कार्यवाही पुलिस अधीक्षक बड़वानी  पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  धीरज बब्बर एवं एसडीओपी सेंधवा  अजय वाघमारे के नेतृत्व में थाना वरला पुलिस द्वारा की गई।

    विश्वसनीय सूचना के आधार पर थाना वरला पुलिस ने टीम गठित कर ग्राम बोरपड़ावा के जंगल क्षेत्र में सघन सर्चिंग की। कार्रवाई के दौरान सूचना की गोपनीयता बनाए रखने के लिए पुलिस टीम द्वारा विशेष रणनीति के साथ क्षेत्र में पहुंचकर ड्रोन के माध्यम से भी सर्चिंग की गई। अभियान में जिला पुलिस लाइन बड़वानी एवं पुलिस अनुभाग सेंधवा से करीब 75 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

    सर्चिंग के दौरान चार अलग-अलग खेतों में गांजे की फसल पाए जाने पर पुलिस टीमों ने मौके पर विधिवत कार्रवाई करते हुए पौधे जब्त किए। वन भूमि से संबंधित क्षेत्र होने के कारण वन विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। वन विभाग द्वारा खेतों की टोपोग्राफी के आधार पर संबंधित स्थानों को चिन्हित किया गया है। आरोपियों की पहचान एवं उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति, सतर्कता एवं प्रभावी पुलिसिंग को दर्शाती है। प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा सूचना तंत्र को मजबूत करते हुए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

     

  • पीएम श्री योजना के तहत पढ़ाई होगी और बेहतर, 11.37 करोड़ से बच्चों को मिलेगी लर्निंग किट, शिक्षा सामग्री और डायरी

    पीएम श्री योजना के तहत पढ़ाई होगी और बेहतर, 11.37 करोड़ से बच्चों को मिलेगी लर्निंग किट, शिक्षा सामग्री और डायरी

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पीएम श्री योजना के अंतर्गत प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों की कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी और सीखने को अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। वर्ष 2026-27 में शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम), स्टूडेंट लर्निंग किट और स्टूडेंट डायरी की व्यवस्था के लिए 11.37 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसे विद्यालय स्तर पर व्यय के लिए जारी किया जाएगा। 

    महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इसके उपयोग और क्रियान्वयन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस पहल से पीएम श्री योजना के अंतर्गत संचालित प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में कक्षा-शिक्षण को संसाधनयुक्त बनाने, बच्चों को गतिविधि आधारित सीखने के अवसर देने और निपुण लक्ष्यों की दिशा में अधिगम को गति देने पर जोर दिया गया है।

    निपुण लक्ष्यों के अनुरूप बनेगी शिक्षण सामग्री

    योजना के अंतर्गत कक्षा 1 से 5 तक के लिए निपुण लक्ष्य पोस्टर, तालिका पोस्टर, शिक्षण-अधिगम से संबंधित आईईसी सामग्री और साप्ताहिक आकलन ट्रैकर की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ शिक्षकों को विषय और पाठ्य बिंदुओं के अनुरूप टीएलएम के निर्माण एवं उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया है। सामग्री ऐसी हो जो बच्चों को अवधारणाओं को समझने, अभ्यास करने और सीखने के विविध अवसर उपलब्ध कराने में सहायक बने। टीएलएम के लिए कार्ड बोर्ड, चार्ट पेपर, स्केच पेन, पेपर एडहेसिव, अबेकस, ग्लोब, भारत एवं विश्व के मानचित्र, कठपुतलियां, परिवहन तथा पशु-पक्षियों के चार्ट सहित विभिन्न उपयोगी सामग्री की सूची दी गई है। शिक्षण सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए उपयुक्त व्यवस्था करने के भी निर्देश हैं। 

    बच्चों को मिलेगी लर्निंग किट और डायरी

    कक्षा 1 से 5 तक के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए स्टूडेंट लर्निंग किट की व्यवस्था की जाएगी। इसमें वर्कशीट, अभ्यास एवं गतिविधि आधारित सामग्री, रंगीन वर्कबुक, ड्राइंग शीट, ओरिगेमी पेपर, ऊन, रिबन, लर्निंग डाइस आदि सामग्री शामिल होगी। विद्यार्थियों के लिए स्टूडेंट डायरी भी उपलब्ध कराई जाएगी। अभिभावकों की उपस्थिति में पीटीएम के दौरान भी किट वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

    15 अक्टूबर तक क्रय, 31 तक तैयार होगी सामग्री

    निर्देशों के अनुसार निपुण लक्ष्य, तालिका एवं आईईसी सामग्री को 15 अक्टूबर 2026 तक मुद्रित कर कक्षा में प्रदर्शित किया जाना है। टीएलएम निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री का क्रय भी 15 अक्टूबर तक किया जाएगा, जबकि शिक्षक 31 अक्टूबर तक टीएलएम तैयार करेंगे। स्टूडेंट डायरी भी 31 अक्टूबर तक विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। 

    नवाचारी टीएलएम को मिलेगा मंच

    ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर ‘निपुण टीएलएम मेला उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इसमें परिषदीय शिक्षक विभिन्न विषयों और अवधारणाओं पर विकसित उत्कृष्ट एवं नवाचारी टीएलएम का प्रदर्शन करेंगे। प्रभावी सामग्री को कक्षाओं में उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने के साथ अन्य विद्यालयों तक भी साझा किया जाएगा। 

    उपयोग और गुणवत्ता की होगी निगरानी

    टीएलएम, स्टूडेंट लर्निंग किट और स्टूडेंट डायरी के प्रभावी उपयोग की जिम्मेदारी विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी की होगी। जिला स्तर पर अधिकारियों द्वारा पर्यवेक्षण किया जाएगा। सपोर्ट सुपरविजन, प्रेरणा पोर्टल और विद्या समीक्षा केंद्र से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर इनके क्रय एवं उपयोग की ट्रैकिंग भी की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित मद में ही किया जाएगा। 

    पीएम श्री विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को सीखने के लिए उपयोगी संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। टीएलएम, स्टूडेंट लर्निंग किट और स्टूडेंट डायरी से बच्चों को गतिविधि आधारित एवं प्रभावी सीखने के अवसर मिलेंगे।

    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा
    टीएलएम का निर्माण पाठ्य बिंदु, विषयवस्तु और शिक्षण योजना के अनुरूप हो तथा उसका प्रभावी उपयोग कक्षा में सुनिश्चित किया जाए। लर्निंग किट, स्टूडेंट डायरी और नवाचारी टीएलएम के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को और सुदृढ़ करने पर जोर है।

     

  • नारायणपुर के होनहारों को मिलेगी सफलता की नई उड़ान

    नारायणपुर के होनहारों को मिलेगी सफलता की नई उड़ान

    रायपुर

    बस्तर अंचल के दूरस्थ क्षेत्रों में छुपी प्रतिभाओं को तराशने और उनके प्रशासनिक सेवाओं में जाने के सपनों को साकार करने के लिए नारायणपुर में एक बेहद सराहनीय पहल की शुरुआत हुई है। जिले के प्रभारी मंत्री  टंक राम वर्मा और वन मंत्री  केदार कश्यप ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) निधि से संचालित निःशुल्क पीएससी एवं व्यापम आवासीय कोचिंग सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया।

     ​जिला प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के आर्थिक रूप से कमजोर और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे मेधावी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक अनुकूल माहौल और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देना है। कोचिंग सेंटर के पहले बैच के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिए 50 प्रतिभावान अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जिनमें 26 बालिकाएं और 24 बालक शामिल हैं।

     ​शुभारंभ समारोह के दौरान मंत्रियों और अतिथियों ने सभी चयनित विद्यार्थियों को बैग, कॉपी, मानक पुस्तकें, पेन और आवश्यक स्टडी किट भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इन अभ्यर्थियों को न केवल सर्वसुविधायुक्त निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा मिलेगी, बल्कि विषय विशेषज्ञों द्वारा नियमित कक्षाओं के माध्यम से राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) और व्यापम जैसी कठिन परीक्षाओं की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी।

    ​आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को इस योजना की क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है, जो सेंटर की व्यवस्थाओं और गुणवत्ता पर सीधी नजर रखेगी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, छोटेडोंगर सरपंच, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

  • अयोध्या नगर को आदर्श नगर के रूप में विकसित करना हमारी प्राथमिकता : राज्यमंत्री  गौर

    अयोध्या नगर को आदर्श नगर के रूप में विकसित करना हमारी प्राथमिकता : राज्यमंत्री गौर

    भोपाल 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कलयाण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने गोविन्दपुरा में विकास कार्यों का भूमि-पूजन करते हुए कहा कि नागरिकों को सर्वसुविधायुक्त वातावरण प्रदान करना तथा अयोध्या नगर को एक 'आदर्श नगर' के रूप में स्थापित करना सरकार का संकल्प है। विकास कार्यों से क्षेत्रवासियों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा और वर्षाकाल में जलभराव से होने वाली समस्या से स्थायी मुक्ति मिलेगी।

    इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय निवासियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा पार्कों के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

    राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 68 स्थित अयोध्या नगर में लगभग 1.43 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत विभिन्न अवसंरचनात्मक एवं नागरिक सुविधा संबंधी विकास कार्यों का भूमि- पूजन किया।

    इन निर्माण कार्यों में मुख्य रूप से उच्च गुणवत्ता युक्त सीमेंट-कंक्रीट (सीसी) सड़कों का निर्माण, सुदृढ़ आरसीसी नालियों का विस्तार, पेविंग ब्लॉक आच्छादन तथा सामुदायिक परिसंपत्तियों का जीर्णोद्धार शामिल है।

    राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौर ने अयोध्या नगर के 'जी' सेक्टर में 34 लाख रूपये तथा 'एल' सेक्टर में 42 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाली सीसी सड़कों का शिलान्यास, जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 'के' सेक्टर में रोटरी से इसरो नाले तक 33 लाख रूपये तथा 'द होम्स' से 'अभिनव होम्स फेस-4' तक 9 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाली आरसीसी नालियों का भूमि-पूजन एवं वर्धमान ग्रीन में 11 लाख रूपये की लागत से सीसी सड़क एवं संतोषी बिहार में 14 लाख रूपये की लागत से सड़क, नाली, पेविंग ब्लॉक तथा कम्युनिटी हॉल की छत के मरम्मत कार्यों का शुभारंभ किया।

     

  • सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुरक्षा, विश्वसनीयता और यात्री सुरक्षा

    सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुरक्षा, विश्वसनीयता और यात्री सुरक्षा

    भोपाल 

    यात्री परिवहन विजन समिट-2026 : पांचवा सत्र

    यात्री परिवहन विजन समिट के पहले दिन आयोजित पैनल डिस्कशन के पांचवे सत्र में “सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं यात्री सुरक्षा” पर विभिन्न विशेषज्ञों ने चर्चा की।

    एमेरिटस, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन अर्बन ट्रांसपोर्ट एंड CRDF, CEPT यूनिवर्सिटी के प्रो. एच.एम. शिवानंद स्वामी ने कहा कि बेहतर सार्वजनिक परिवहन के लिए डेटा-ड्रिवन प्लानिंग आवश्यक है। परिवहन नियोजन में तकनीकी हस्तक्षेप और डेटा के प्रभावी उपयोग से यात्री मांग के अनुरूप सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकता है। ओड़िसा के परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव श्री एनबीएस राजपूत ने ट्रांसपोर्ट सत्र में यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, चालक मॉनिटरिंग और AI आधारित रियल-टाइम निगरानी जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं पर जोर दिया । इन प्रणालियों को इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से जोड़कर आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के साथ सुरक्षित बस टर्मिनल, समर्पित प्रवर्तन दल और चालकों के नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई गई।

    सेंट्रल इंस्टीट्यूट आफ रोड ट्रांसपोर्ट (सीआईआरटी) के श्री एसएन ढोले ने यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक एवं आरामदायक बसों, दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल सुविधाओं पर जोर दिया। स्मार्ट टिकटिंग और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के माध्यम से बसों के आगमन-प्रस्थान एवं रूट की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराने पर भी सत्र में चर्चा हुई। डिजिटल फीडबैक एवं पारदर्शी शिकायत निवारण व्यवस्था को सेवा गुणवत्ता में सुधार का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया। बीओसीआई के अध्यक्ष श्री प्रसन्ना पटवर्धन ने बसों के ब्रेकडाउन और परिचालन संबंधी बाधाओं को कम करने के लिए प्रिवेंटिव मेंटेनेंस और स्मार्ट फ्लीट मैनेजमेंट पर विशेष जोर दिया । नियमित तकनीकी जांच, समयबद्ध संचालन और बेड़े की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से वाहनों का डाउनटाइम कम कर यात्रियों को अधिक विश्वसनीय सेवा उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई।