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  • पंजाब में 3 IAS अधिकारियों के तबादले, ऋषि पाल को मिली महिला आयोग की जिम्मेदारी

    पंजाब में 3 IAS अधिकारियों के तबादले, ऋषि पाल को मिली महिला आयोग की जिम्मेदारी

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर तीन IAS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार 2014 बैच के IAS अधिकारी ऋषि पाल सिंह को पंजाब राज्य महिला आयोग का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।

    इसके साथ ही दो अन्य आइएएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 2014 बैच के अधिकारी ऋषि पाल सिंह अब पंजाब राज्य महिला आयोग में सदस्य सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। आयोग से जुड़े प्रशासनिक कार्यों और विभागीय स्तर पर समन्वय की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी।

    IAS सुखपाल रजिस्ट्रार नियुक्त
    इसी तरह 2018 बैच के आइएएस अधिकारी सुखजीत पाल सिंह का तबादला करते हुए उन्हें पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। वह विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे।

    IAS अभिजीत संभालेंगे ऊर्जा विकास
    वहीं, 2015 बैच के आइएएस अधिकारी अभिजीत कपलिश को पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें खेल एवं युवा सेवाएं विभाग के निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है। सरकार के इन प्रशासनिक आदेशों के बाद तीनों अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है। अभिजीत कपलिश के पास ऊर्जा विकास एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के साथ खेल एवं युवा सेवाएं विभाग के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।

  • क्रिस्पी चिली भिंडी रेसिपी: कुरकुरी भिंडी को चिली सॉस में करें टॉस, स्वाद होगा लाजवाब

    क्रिस्पी चिली भिंडी रेसिपी: कुरकुरी भिंडी को चिली सॉस में करें टॉस, स्वाद होगा लाजवाब

    भिंडी की सब्जी ज्यादातर घरों में एक ही तरह से बनाई जाती है, लेकिन अगर आप इस रोज की सब्जी में थोड़ा ट्विस्ट देना चाहते हैं तो क्रिस्पी चिली भिंडी ट्राई कर सकते हैं. चाइनीज स्टाइल ये रेसिपी इंडियन स्वाद को अलग ही लेवल पर ले जाती है. ये स्वाद में इतनी चटपटी और मजेदार है कि भिंडी खाने से नखरे करने वाले लोग भी इसे पसंद कर सकते हैं. बाहर से बेहद क्रिस्पी और कुरकुरी भिंडी को मसालेदार चिली सॉस, प्याज, शिमला मिर्च और लहसुन-अदरक के फ्लेवर के साथ टॉस किया जाता है, जिससे इसका स्वाद बिल्कुल रेस्टोरेंट स्टाइल हो जाता है.

    खास बात ये है कि इसे बनाने के लिए किसी बहुत खास या महंगे इंग्रेडिएंट्स की जरूरत नहीं पड़ती. घर में आसानी से मिलने वाले कॉर्नफ्लोर, मैदा, कुछ सॉस और मसालों की मदद से आप भिंडी को एकदम नया अंदाज दे सकते हैं. चलिए जानते हैं कैसे बनाते हैं क्रिस्पी चिली भिंडी.

    क्रिस्पी चिली भिंडी के लिए इंग्रेडिएंट्स
        भिंडी- करीब 250 ग्राम
        कॉर्नफ्लोर- 1 चम्मच + डस्टिंग के लिए थोड़ा सा
        मैदा- 1 चम्मच
        अरोमाट पाउडर- थोड़ा सा
        नमक- स्वादानुसार
        तेल- फ्राई करने के लिए
        प्याज- 1 छोटा, क्यूब्स में कटा हुआ
        शिमला मिर्च- 1 छोटी, क्यूब्स में कटी हुई
        लहसुन- बारीक कटा हुआ
        अदरक- बारीक कटा हुआ
        हरी मिर्च- बारीक कटी हुई
        चिली पेस्ट- थोड़ा सा
        टोमेटो केचप- थोड़ा सा
        मशरूम बेस्ड ऑयस्टर सॉस- थोड़ा सा
        डार्क सोया सॉस- थोड़ा सा
        कैस्टर शुगर- एक चुटकी
        स्प्रिंग अनियन- गार्निश के लिए
        पानी- जरूरत के अनुसार

    बनाने का तरीका:
    1.
    क्रिस्पी चिली भिंडी बनाने के लिए सबसे पहले भिंडी को अच्छी तरह धो लें. इसके बाद इसे कपड़े या टिश्यू की मदद से पूरी तरह सुखाना भी बहुत जरूरी है. भिंडी में पानी रह गया तो बैटर अच्छी तरह चिपकेगा नहीं और भिंडी क्रिस्पी भी नहीं बनेगी.

    2. अब भिंडी के दोनों सिरे काटकर इसे न ज्यादा मोटा और न ज्यादा पतला, बल्कि मीडियम शेप के टुकड़ों में काट लें. साथ ही प्याज और शिमला मिर्च को छोटे क्यूब्स में काटकर तैयार कर लें.

    3. एक बाउल में 1 चम्मच कॉर्नफ्लोर और 1 चम्मच मैदा लें. इसमें थोड़ा अरोमाट पाउडर और नमक डालें. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर इसका पतला बैटर तैयार करें.

    4. ध्यान रखें कि बैटर ज्यादा गाढ़ा नहीं होना चाहिए. इसकी कंसिस्टेंसी इतनी पतली हो कि भिंडी पर इसकी हल्की कोटिंग हो जाए.

    5. अब इस बैटर को कटी हुई भिंडी के ऊपर डालकर हल्के हाथ से मिलाएं. इसके बाद ऊपर से थोड़ा कॉर्नफ्लोर डालकर हल्की डस्टिंग करें. लेकिन ध्यान रखें कि भिंडी को बहुत जोर से मिक्स न करें, वरना उस पर लगा बैटर निकल सकता है.

    6. कड़ाही में तेल गर्म करें, लेकिन तेल को बहुत ज्यादा तेज गर्म न करें. मीडियम टेंपरेटृचर पर भिंडी को फ्राई करें. इसे तब तक तलें जब तक इसका रंग हल्का ब्राउन और टेक्सचर क्रिस्पी न हो जाए.

    7. भिंडी को पहले से हाफ फ्राई करके ज्यादा देर तक न रखें. ऐसा करने से बाद में ये सॉफ्ट हो सकती है. बेहतर स्वाद और क्रंच के लिए भिंडी को फ्राई करने के तुरंत बाद सॉस में टॉस करें.

    8. एक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें. इसमें बारीक कटा हुआ लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालकर हल्का भूनें. इसके बाद प्याज और शिमला मिर्च डालें. इन्हें तेज आंच पर थोड़ी देर टॉस करें ताकि सब्जियों का हल्का क्रंच बना रहे.

    9. अब इसमें थोड़ा होममेड चिली पेस्ट, टोमेटो केचप, मशरूम बेस्ड ऑयस्टर सॉस और डार्क सोया सॉस डालें. सॉस की मात्रा ज्यादा न रखें, क्योंकि ज्यादा सॉस डालने से क्रिस्पी भिंडी जल्दी सॉफ्ट हो सकती है.

    10. इसके बाद थोड़ा अरोमाट पाउडर, नमक और एक चुटकी कैस्टर शुगर डालें. जरूरत के हिसाब से थोड़ा पानी डालकर सॉस को अच्छी तरह मिला लें.

    11. अब तैयार क्रिस्पी भिंडी को सॉस वाले पैन में डालें और बहुत हल्के हाथ से टॉस करें. भिंडी को ज्यादा देर तक सॉस में पकाने की जरूरत नहीं है. बस इतना टॉस करें कि सॉस की हल्की कोटिंग भिंडी पर अच्छी तरह आ जाए.

    12. आखिर में ऊपर से बारीक कटा हुआ स्प्रिंग अनियन डालें और गर्मागर्म सर्व करें. बाहर से क्रंची, अंदर से सॉफ्ट और चटपटे इंडो-चाइनीज फ्लेवर वाली यह भिंडी शाम के स्नैक से लेकर पार्टी स्टार्टर तक के लिए शानदार ऑप्शन हो सकती है.

  • Bastar मेडिकल कॉलेज में शुरू होंगे पैरामेडिकल के डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रम

    Bastar मेडिकल कॉलेज में शुरू होंगे पैरामेडिकल के डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रम

    जगदलपुर.

    डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से पैरामेडिकल के डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। पहले चरण में 90 सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा, जिसमें सीटी स्कैन, एक्स-रे, एमआरआई और ऑपरेशन थिएटर जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।

    खास बात यह है कि प्रशिक्षण केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, पैथोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री जैसे विषय भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे। पैरामेडिकल स्टाफ अस्पताल की वह महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसके बिना आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था पूरी नहीं हो सकती। मरीज की जांच से लेकर रिपोर्ट तैयार करने और ऑपरेशन थिएटर तक इनकी भूमिका अहम रहती है।

    पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद सरकारी सेवा में नियमित नियुक्ति का अवसर युवाओं के लिए इसे और आकर्षक बना रहा है। स्थानीय युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर के लिए बस्तर से बाहर जाने की जरूरत भी कम होगी। इससे एक तरफ युवाओं को रोजगार का रास्ता मिलेगा तो दूसरी तरफ बस्तर के अस्पतालों को प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन मिल सकेगा। यानी डिमरापाल में शुरू होने वाला पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शिक्षा के साथ रोजगार और स्वास्थ्य व्यवस्था, तीनों मोर्चों पर बड़ा बदलाव ला सकता है।

  • चित्रकूट में मंदाकिनी नदी फिर उफान पर, घाटों की सीढ़ियां डूबीं; MP-UP प्रशासन अलर्ट

    चित्रकूट में मंदाकिनी नदी फिर उफान पर, घाटों की सीढ़ियां डूबीं; MP-UP प्रशासन अलर्ट

    चित्रकूट /सतना

    सतना मुख्यालय और तराई इलाके में शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के बाद चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। शनिवार सुबह तक नदी का पानी लगातार बढ़ता रहा। रामघाट समेत दूसरे घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह पानी में डूब गईं। 

    सावधानी के तौर पर प्रशासन ने घाटों पर बैरिकेडिंग लगा दी है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को निचले इलाकों में जाने से रोका गया है। घाट किनारे के दुकानदारों को भी सतर्क रहने और नदी के बढ़ते पानी को देखते हुए सामान सुरक्षित जगह पर हटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर रख रहा है।

    जलस्तर खतरे से करीब 3 मीटर नीचे फिलहाल राहत की बात यह है कि मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 3 मीटर नीचे है। हालांकि, रातभर हुई बारिश के बाद पानी तेजी से बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। पिछले दिनों आई बाढ़ के बाद नदी के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी को लेकर घाटों पर खास नजर रखी जा रही है।

    शुक्रवार को दिनभर बादल आते-जाते रहे। कभी हल्की बारिश हुई तो कुछ देर बाद तेज धूप निकल आई। इससे अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई और पारा 31.9 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से आधा डिग्री ज्यादा रहा। न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री रहा, जो सामान्य था।

    शाम को मौसम ने अचानक करवट बदली और करीब 15 मिनट तक हल्की से मध्यम बारिश हुई। इसके बाद रात 11.30 बजे से तेज बारिश शुरू हुई, जो रातभर रुक-रुककर जारी रही। 24 घंटे में आधा इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली।

    ये है मौसम सिस्टम मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में ओडिशा के ऊपर बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ लाइन बंगाल की खाड़ी से छत्तीसगढ़, दक्षिण-पश्चिम मध्यप्रदेश होते हुए राजस्थान तक बनी हुई है। इसके प्रभाव से सतना समेत रीवा संभाग में अगले दौर में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

    1000 करोड़ लीटर पानी घरों में घुसा

    सतना जिले के चित्रकूट में 5 दिनों में 3 बार आई बाढ़ के पीछे अतिक्रमण, अव्यवस्थित विकास और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 12 साल पहले मंदाकिनी के किनारे अतिक्रमण के सर्वे के निर्देश दिए थे। दूसरी ओर आरोप ये भी है कि नदी संरक्षण के लिए बने रिवर फ्रंट कॉरिडोर की वजह से भी प्राकृतिक बहाव प्रभावित हुआ है। 29 अगस्त की बाढ़ से चित्रकूट में 500 करोड़ रुपए से अधिक के नुकसान का अनुमान है, जबकि घरों और दुकानों में करीब 1 हजार करोड़ लीटर पानी घुसने का दावा किया गया है।

    अब कलेक्टर ने नदी के बहाव में बाधा बने अतिक्रमण चिह्नित करने के लिए 5 सदस्यीय टीम बनाई है। भास्कर ने विशेषज्ञों से बात कर समझा कि अतिक्रमण से मंदाकिनी का बहाव कैसे प्रभावित हुआ, एनजीटी के निर्देश क्या थे और इतने वर्षों में प्रशासन ने क्या कार्रवाई की।

    कैसे घरों में घुसा 1000 करोड़ लीटर पानी? समझिए इसका वैज्ञानिक गणित

    पर्यावरणविद और प्रोफेसर घनश्यामदास गुप्ता ने इसका वैज्ञानिक आकलन समझाया। उनके मुताबिक चित्रकूट में मंदाकिनी की लंबाई करीब 5 किलोमीटर (5000 मीटर) है और दोनों किनारों पर कम से कम 100-100 मीटर के दायरे में अवैध निर्माण व अतिक्रमण है।

    यदि अतिक्रमण वाले दोनों किनारों की लंबाई 5 किलोमीटर और चौड़ाई 100-100 मीटर मानें, तो कुल क्षेत्रफल 10 लाख वर्ग मीटर बनता है। 10 मीटर ऊंचाई मानने पर यह 1 करोड़ क्यूबिक मीटर यानी 1,000 करोड़ लीटर के बराबर होगा।

    विशेषज्ञ के इस आकलन के मुताबिक, यदि यह जगह उपलब्ध होती तो इतना पानी वहां समा सकता था। अतिक्रमण और निर्माण के कारण पानी के फैलाव की जगह कम होने से बाढ़ का असर बढ़ा।

    अतिक्रमण हटाने 5 सदस्यीय टीम
    कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने मंदाकिनी नदी के तटीय क्षेत्रों में हुए निर्माण कार्यों की जांच के लिए मझगवां एसडीएम के नेतृत्व में 5 सदस्यीय टीम गठित की है।

    टीम सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की गाइडलाइन के आधार पर नदी किनारे के निर्माणों का परीक्षण कर जरूरी वैधानिक कार्रवाई करेगी।

    जांच टीम में चित्रकूट नगर परिषद के सीएमओ, नायब तहसीलदार, पीडब्ल्यूडी और जल संसाधन विभाग के एसडीओ तथा नगर परिषद के सब इंजीनियर को शामिल किया गया है। टीम नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधक सरकारी और निजी निर्माणों को चिन्हित करेगी।

    हाई फ्लड लेवल भी होगा तय
    जांच के दौरान मंदाकिनी नदी के हाई फ्लड लेवल को भी चिन्हित किया जाएगा। बता दें कि 28-29 अगस्त की रात आई बाढ़ के दौरान आरोग्यधाम में नदी का जलस्तर तय हाई फ्लड लेवल 139.60 मीटर से काफी ऊपर पहुंच गया था।

    प्रशासन के अनुसार जलस्तर करीब 145.76 मीटर तक पहुंचने से चित्रकूट में बड़े पैमाने पर तबाही हुई।

  • MP में चलेंगी हाईटेक सुगम बसें, CCTV से लेकर मोबाइल टिकट तक की सुविधा; रूट बदला तो बजेगा अलार्म

    MP में चलेंगी हाईटेक सुगम बसें, CCTV से लेकर मोबाइल टिकट तक की सुविधा; रूट बदला तो बजेगा अलार्म

     इंदौर
     बस दुर्घटनाओं को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत चलने वाली बसों में कई आधुनिक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। बस शुरू करने से पहले ड्राइवर को अपनी सीट पर लगे ब्रीथ एनालाइजर में फूंक मारनी होगी। यदि उसने शराब पी रखी है तो बस स्टार्ट ही नहीं होगी। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधाओं के लिए बस के टिकट ऑनलाइन मिलेंगे।

    ड्राइवर को झपकी आने पर सेंसर अलार्म के जरिये सचेत करेगा और बस के अपनी लेन से लहराने या रूट बदलने पर भी सुरक्षा सिस्टम सक्रिय हो जाएगा। गुरुवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यात्री परिवहन विजन समिट में पुणे की एरो ईगल कंपनी की मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए तैयार बस प्रदर्शित की गई। यह बस कंपनी ने संचालन के लिए रीवा को दी है।

    बसों में ये सुरक्षा इंतजाम

        80 किमी की तय रफ्तार : बस की अधिकतम गति 80 किमी प्रति घंटा निर्धारित रहेगी। इससे ज्यादा गति से बस नहीं चलाई जा सकेगी।

        सीसीटीवी कैमरे : यात्रियों की निगरानी के लिए बस के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

        साइबर सुरक्षा : बस के इलेक्ट्रानिक सिस्टम को हैकिंग से बचाने के लिए गेटवे सॉफ्टवेयर के जरिये सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
        आग से सुरक्षा : बस निर्माण में अग्निरोधी प्लाइवुड का इस्तेमाल किया गया है। बैटरी के लिए बस के निचले हिस्से में अलग कंपार्टमेंट है। इसके ऊपर फायर एक्टिंग्विशर लगा है। आग बुझाने के लिए केमिकल और पानी, दोनों की व्यवस्था होगी।

        झपकी आई तो अलार्म : ड्राइवर को झपकी आने पर सेंसर उसे अलर्ट करेगा। बस के लहराने पर भी सेंसर सक्रिय होगा, जिससे बस को सीधा रखने में मदद मिलेगी।

        दूसरे वाहनों से दूरी : आगे-पीछे करीब 1.5 मीटर की दूरी पर दूसरा वाहन आने पर ड्राइवर को अलर्ट मिलेगा। रिवर्स पार्किंग के लिए भी सेंसर लगाए गए हैं।

    इंदौर में अभी सात बसें पहुंचीं
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत इंदौर में अभी सात बसें पहुंची हैं। 45 सीटर इन बसों का डिपो में रंगरोगन किया जा रहा है। 25 दिसंबर से इंदौर में 23 रूट पर सेवा शुरू करने की योजना है। एआइसीटीएसएल के माध्यम से इंदौर से सागर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, नरसिंहपुर, छतरपुर, बीना, नर्मदापुरम और बालाघाट के लिए बसें चलाने की योजना है। इसके अलावा खंडवा-शाजापुर, धार-मंदसौर, धार-पचमढ़ी, झाबुआ-भोपाल, खरगोन-नीमच, बुरहानपुर-नीमच, बड़वानी-आगर मालवा, बड़वानी-शाजापुर और बुरहानपुर-रतलाम सहित अन्य मार्गों पर भी बस सेवा प्रस्तावित है।

    अंदर आरामदायक सफर पर चर्चा, बाहर बस में ठसाठस यात्री
    ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में यात्री परिवहन समिट के दौरान विशेषज्ञ पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए चार प्रमुख बिंदुओं- रीच, रिलायबिलिटी, कंफर्टेबिलिटी और अफोर्डेबिलिटी पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान विजयनगर क्षेत्र में एआईसीटीएसएल की अरविंदो से विजयनगर की ओर आने वाली बस में यात्री ठसाठस भरे थे। कई यात्रियों को बैठने की जगह तक नहीं मिली। खुली खिड़कियों से धूल भी यात्रियों को परेशान कर रही थी। इससे आधुनिक और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन की जरूरत साफ नजर आई।

    यात्रा परिवहन विजन समिट-2026 में विशेषज्ञों के मिले सुझाव
        ईवी ट्रांजिशन के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस हो।

        बस स्टेशनों को आधुनिक ‘बस पोर्ट’ के रूप में विकसित करें।

        छोटे व कम यात्री वाले रूट पर छोटी बसों का संचालन।
        बस डिपो पर कमर्शियल गतिविधि, रिटेल और लाजिस्टिक्स से गैर-किराया राजस्व अर्जित करें।

        स्मार्ट टिकटिंग और पैसेंजर इंफार्मेशन सिस्टम के माध्यम से बसों के आने-जाने व रूट की रियल टाइम जानकारी।

        डिजिटल फीडबैक एवं पारदर्शी शिकायत निवारण व्यवस्था।
        आरक्षित, अनारक्षित और नियमित यात्री पास डिजिटल मिलें।

    मप्र में परिवहन सेवा
        96 पीएम ई-बसें और 120 इंटरसिटी बसें संचालित हैं।
        6 महीनों में 486 नई पीएम ई-बसें व 34 नई इंटरसिटी बसें बढ़ेंगी।
        2027 तक बसों की संख्या बढ़कर 1,100 पहुंचेगी।
        7 डिपो हैं व अगले छह माह में सौ-सौ बस क्षमता के 9 नए अत्याधुनिक डिपो बनेंगे।
        प्रति वर्ष 70 हजार टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

    300 बसें चल रहीं, जरूरत तीन हजार की
    इंदौर में वर्तमान में करीब 300 बसें चल रही हैं, जबकि शहर की जरूरत करीब तीन हजार बसों की बताई गई है। प्रदेश में अभी निजी ऑपरेटर करीब 87 प्रतिशत बसों का संचालन कर रहे हैं। फिलहाल 11 हजार बसें प्रदेश में निजी आपरेटर चला रहे हैं और अगले चार वर्ष में 15 हजार बसें चलाने की योजना है। इंदौर में एआईसीटीएसएल के अलावा भोपाल, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, उज्जैन और सागर में अन्य परिवहन कंपनियां संचालन करेंगी।

    2030 तक प्रदेश के 30 प्रतिशत हिस्से में होगा पब्लिक ट्रांसपोर्ट
        वर्तमान में 87 फीसद बसे निजी ऑपरेटर चला रहे हैं । मप्र में अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम पुर्नजीवित होगा। पीएम ई सेवा व मुख्यमंत्री परिवहन सेवा के तहत फिलहाल 10 हजार बसे प्रदेश के शहरों में चलाई जा रही है। 2030 तक प्रदेश के 169 शहरों में 38 हजार बसें चलाई जाएगी। देश के 30 प्रतिशत सिटी ट्रांसपोर्ट के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा उपलब्ध होगी। – शेखर एन धोले, हेड टेक्नीकल सेक्रेटेरिएट, सेंट्रल इंस्टि्टयुट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट

     

  • डोडा में बड़े ऑपरेशन के बाद सुरक्षा बलों की आतंकियों को चेतावनी, बोले- ‘भाग सकते हो, छिप नहीं सकते’

    डोडा में बड़े ऑपरेशन के बाद सुरक्षा बलों की आतंकियों को चेतावनी, बोले- ‘भाग सकते हो, छिप नहीं सकते’

    डोडा
    जम्मू-कश्मीर के डोडा में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है. शनिवार को डोडा जिले के ऊंचाई वाले इलाके से पाकिस्तान के एक संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद आतंकी का शव बरामद किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, शव भद्रवाह घाटी को उधमपुर और कठुआ से जोड़ने वाले दूरदराज सेओजधार जंगल में मिला। 

    यह कार्रवाई सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान हुई. पुलिस के मुताबिक, जिस आतंकी के अवशेष मिले हैं, उसे पहले ही एक संयुक्त अभियान में मार गिराया गया था. बाद में सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया और उसके अवशेष बरामद किए। 

    SOG, RR और CRPF ने चलाया सर्च ऑपरेशन
    जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा, कि SOG डोडा, राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF की टीमों ने मिलकर आतंकी के अवशेष बरामद किए. पुलिस ने पोस्ट में लिखा, 'You Can Run But You Can't Hide',यानी आतंकी भाग तो सकते हैं, लेकिन सुरक्षा बलों से बचकर छिप नहीं सकते। 

    मौके से बरामद हुई M4 कार्बाइन 
    सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को अमेरिका में बना M4 कार्बाइन राइफल भी बरामद हुआ. पुलिस के मुताबिक, यह हथियार भी उसी ऑपरेशन के दौरान मिला है. यानी तलाशी अभियान में सुरक्षा बलों के हाथ एक आतंकी के अवशेष के साथ एक आधुनिक राइफल भी लगी है. डोडा का सेओजधार इलाका ऊंचाई और घने जंगलों वाला है। 

    यह इलाका भद्रवाह घाटी से उधमपुर और कठुआ के हिस्सों की तरफ जुड़ता है.  ऐसे दुर्गम इलाकों में आतंकियों की तलाश के लिए सुरक्षा बलों को लंबे सर्च ऑपरेशन चलाने पड़ते हैं. फिलहाल सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद इलाके में तलाशी और जांच की जा रही है. बरामद हथियार और आतंकी से जुड़ी जानकारी की भी जांच की जा रही है। 

  • जयपुर में कर्ज और गृहक्लेश के दलदल में फंसे पिता ने की पत्नी-बेटियों की हत्या

    जयपुर में कर्ज और गृहक्लेश के दलदल में फंसे पिता ने की पत्नी-बेटियों की हत्या

    जयपुर
    करधनी की गोविंद वाटिका में शुक्रवार सुबह घटी वारदात ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। शेयर बाजार में भारी नुकसान, गृहक्लेश और कर्ज के दलदल में फंसे राहुल झा ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया कि वह अपनी पत्नी गीता और बेटियों नंदिनी, राधिका व गिरिशा का हत्यारा बन गया। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि उस आर्थिक बदहाली और सामाजिक अलगाव का वीभत्स रूप है, जिसमें घुट रहे एक परिवार की चीखें बंद दरवाजों के पार तक नहीं पहुंच सकीं।

    एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि राहुल ने कई लोगों से पैसे उधार ले रखे थे। गोविंद वाटिका स्थित मकान उसकी पत्नी के नाम पर है और राहुल कुछ दिनों से इसे बेचने की फिराक में था। आशंका है कि इसी बात को लेकर दंपती के बीच गृहक्लेश चल रहा था। फिलहाल जांच जारी है और आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।

    बेटियों के सुनहरे भविष्य का खौफनाक अंत
    कभी राहुल अपनी बेटियों को अच्छे से पढ़ा-लिखाकर उनका भविष्य संवारना चाहता था। पत्नी गीता घर में ब्यूटी पार्लर चलाकर आर्थिक मदद की कोशिश में थी, वहीं बड़ी बेटी नंदिनी भी पढ़ाई के साथ हाथ बंटा रही थी। बेटी राधिका और गिरिशा भी पढ़ाई में जुटी थीं। लेकिन आर्थिक तंगी व गृहक्लेश ने परिवार को ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया, जहां राहुल का दिमागी संतुलन ढह गया।

    उसने एक पड़ोसी से 50 हजार रुपए मांगे थे, पर 25 हजार की मदद मिल पाई। तनाव गहराता गया, लेकिन पड़ोसियों या रिश्तेदारों को भनक तक नहीं लगी कि यह घबराहट हत्या के पागलपन में बदल जाएगी। एफएसएल जांच के मुताबिक वारदात तड़के 4 से 5 बजे के बीच हुई। आशंका है कि राहुल ने पहले पत्नी व बेटियों को कोई नशीला पदार्थ सूंघाया और फिर सीमेंट की भारी ईंट से वार कर उनके चेहरे कुचल दिए।

    फूट-फूटकर रो पड़ा बड़ा भाई
    चाची व चचेरी बहनों की मौत की सूचना पर भतीजी सिमरन मौके पर पहुंची। सिमरन ने अपने दादा लक्ष्मीनाथ झा को संभाला, लेकिन उसके भी आंसू थम नहीं रहे थे। कुछ देर बाद सिमरन के पिता संजय और भाई भी वहां पहुंचे और फूट-फूटकर रोने लगे। परिवार के अनुसार, बिजली विभाग से सेवानिवृत्त लक्ष्मीनाथ पहले झोटवाड़ा के संजय नगर में दोनों बेटों संजय और राहुल के साथ रहते थे। लक्ष्मीनाथ की पत्नी की मृत्यु के बाद यह मकान बेच दिया गया और राहुल ने वर्ष 2021 में गोविंद वाटिका में मकान खरीदा। ग्राउंड फ्लोर पर अलग-अलग कमरों में बेटियां व हॉल में लक्ष्मीनाथ रहते थे, जबकि ऊपर की मंजिल पर राहुल व गीता रहते थे। बड़ा भाई संजय प्रेम नगर में परिवार के साथ रहने लगा। घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में परिजन व कॉलोनी के लोग राहुल के घर पहुंच गए।

    'व्यवहार में बदलाव, घोर निराशा जैसे संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए'
    ऐसी जघन्य घटना के पीछे केवल कर्ज या गृहक्लेश को ही कारण मानना उचित नहीं होगा। लंबे समय तक बना आर्थिक दबाव, वैवाहिक तनाव, क्रोध पर नियंत्रण की कमी, निराशा और मानसिक अस्थिरता जैसे कई कारक इसमें भूमिका निभाते हैं। परिवारों को व्यवहार में अचानक आने वाले बदलाव, अत्यधिक चिड़चिड़ापन, हिंसक प्रवृत्ति, नींद के पैटर्न में बदलाव और घोर निराशा जैसे संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में समय रहते मनोचिकित्सक से परामर्श लिया जाना बेहद जरूरी है।
    -डॉ. संजय जैन, मनोरोग विशेषज्ञ

  • प्रेमानंद महाराज की सीख: जीवन में तरक्की और सुख के लिए अपनाएं ये 3 सरल नियम

    हर व्यक्ति जीवन में तरक्की, सुख और सफलता चाहता है. इसके लिए लोग अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, लेकिन आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाले संत हमेशा कर्म और ईश्वर भक्ति को महत्व देते हैं. प्रेमानंद महाराज भी जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरल नियमों पर जोर देते हैं. उनका मानना है कि अगर व्यक्ति अपने कर्मों को सही दिशा में रखे, भगवान का स्मरण करता रहे, तो जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं .

    निस्वार्थ भाव से करें सेवा
    प्रेमानंद महाराज के अनुसार जीवन में सेवा का भाव बहुत महत्वपूर्ण है. जब व्यक्ति बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद करता है तो उसके भीतर अहंकार कम होता है, इससे मन में संतोष बढ़ता है. सेवा केवल धन या किसी बड़ी मदद तक सीमित नहीं है. जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना, किसी दुखी इंसान को सहारा देना या अपनी क्षमता के अनुसार किसी के काम आना भी सेवा का हिस्सा है .

    निस्वार्थ सेवा व्यक्ति के व्यवहार और सोच में भी बदलाव लाती है. इससे दूसरों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है और मन को शांति मिलती है . इसलिए जीवन में अपनी क्षमता के अनुसार सेवा का भाव बनाए रखना चाहिए .

    भगवान का नाम लेने की आदत डालें
    प्रेमानंद महाराज भगवान के नाम स्मरण को भी जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं. उनका संदेश है कि व्यक्ति को अपने रोजमर्रा के कामों के साथ ईश्वर का स्मरण करते रहना चाहिए. भगवान का नाम लेने से मन को स्थिर रखने और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाने में मदद मिल सकती है .

    सुबह उठने के बाद या दिन में कुछ समय निकालकर शांत मन से भगवान का नाम जपना आध्यात्मिक अनुशासन का हिस्सा बनाया जा सकता है. इसका उद्देश्य केवल किसी भौतिक लाभ की उम्मीद करना नहीं, बल्कि मन को ईश्वर के प्रति जोड़ना और अपने कर्मों पर ध्यान देना है .

    सफलता के लिए कर्म भी जरूरी
    केवल भगवान का नाम लेना या सेवा करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता. जीवन में सफलता के लिए व्यक्ति को अपने कर्म भी ईमानदारी से करने चाहिए. मेहनत, अनुशासन और सही सोच के साथ आध्यात्मिकता को जीवन में शामिल किया जाए तो व्यक्ति अपने लक्ष्य की ओर बेहतर तरीके से बढ़ सकता है .

    प्रेमानंद महाराज की शिक्षाओं का मूल संदेश यही है कि व्यक्ति अपने कर्मों को शुद्ध रखे, दूसरों के प्रति निस्वार्थ भाव रखें. ईश्वर का स्मरण करता रहे . इन आदतों को जीवन का हिस्सा बनाकर व्यक्ति अपने भीतर सकारात्मक बदलाव महसूस कर सकता है .

  • सेवा सेतु की त्वरित सेवा से 6 दिन में मिला आय प्रमाण पत्र

    सेवा सेतु की त्वरित सेवा से 6 दिन में मिला आय प्रमाण पत्र

    सेवा सेतु की त्वरित सेवा से 6 दिन में मिला आय प्रमाण पत्र 

    बिलासपुर
    शासन द्वारा नागरिकों
    को सरल, सहज एवं समयबद्ध तरीके से शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘सेवा सेतु’ डिजिटल व्यवस्था आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक साबित हो रही है। सेवा सेतु के माध्यम से नागरिक विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। 
          कोटा विकासखण्ड के मझगांव निवासी मुक्तामणि मानिकपुरी ने तहसील कार्यालय बेलगहना में आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किया। उनका आवेदन 18 जुलाई 2026 को प्रक्रिया में लिया गया। आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी श्री संदीप कुमार कश्यप द्वारा समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया गया। मात्र छह दिनों में मुक्तामणि मानिकपुरी को आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। महज छह दिनों में आय प्रमाण पत्र प्राप्त होने से मुक्तामणि मानिकपुरी को अपने आवश्यक व्यक्तिगत एवं शासकीय कार्यों को पूरा करने में सुविधा मिली। उन्होंने सेवा सेतु की त्वरित एवं व्यवस्थित कार्यप्रणाली की सराहना की।
          सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन और समयबद्ध निराकरण की यह प्रक्रिया नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयीन भागदौड़ से राहत देने के साथ ही शासकीय सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने में सहायक हो रही है। छत्तीसगढ़ शासन का सेवा सेतु पोर्टल नागरिकों को विभिन्न सेवाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। 
     

  • सेवा सेतु की त्वरित सेवा से 6 दिन में मिला आय प्रमाण पत्र

    सेवा सेतु की त्वरित सेवा से 6 दिन में मिला आय प्रमाण पत्र

    सेवा सेतु की त्वरित सेवा से 6 दिन में मिला आय प्रमाण पत्र 

    बिलासपुर
    शासन द्वारा नागरिकों
    को सरल, सहज एवं समयबद्ध तरीके से शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘सेवा सेतु’ डिजिटल व्यवस्था आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक साबित हो रही है। सेवा सेतु के माध्यम से नागरिक विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। 
          कोटा विकासखण्ड के मझगांव निवासी मुक्तामणि मानिकपुरी ने तहसील कार्यालय बेलगहना में आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किया। उनका आवेदन 18 जुलाई 2026 को प्रक्रिया में लिया गया। आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी श्री संदीप कुमार कश्यप द्वारा समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया गया। मात्र छह दिनों में मुक्तामणि मानिकपुरी को आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। महज छह दिनों में आय प्रमाण पत्र प्राप्त होने से मुक्तामणि मानिकपुरी को अपने आवश्यक व्यक्तिगत एवं शासकीय कार्यों को पूरा करने में सुविधा मिली। उन्होंने सेवा सेतु की त्वरित एवं व्यवस्थित कार्यप्रणाली की सराहना की।
          सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन और समयबद्ध निराकरण की यह प्रक्रिया नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयीन भागदौड़ से राहत देने के साथ ही शासकीय सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने में सहायक हो रही है। छत्तीसगढ़ शासन का सेवा सेतु पोर्टल नागरिकों को विभिन्न सेवाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।