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  • CG में कृषि जमीन पर नहीं बनेंगे बड़े मॉल, आवासीय क्षेत्रों में गोदाम-कबाड़खानों पर भी रोक

    CG में कृषि जमीन पर नहीं बनेंगे बड़े मॉल, आवासीय क्षेत्रों में गोदाम-कबाड़खानों पर भी रोक

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में जमीन के इस्तेमाल का पूरा नियम बदलने की तैयारी है। सरकार ने भूमि विकास से जुड़े मौजूदा नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट तैयार किया है। किसी लैंड यूज में कौन-कौन से काम नहीं किए जा सकेंगे, प्रतिबंधित गतिविधियों की सूची तय कर दी गई है।

    यानी जमीन के उपयोग की श्रेणी के हिसाब से यह तय होगा कि वहां कौन-सा निर्माण या गतिविधि नहीं की जा सकती। आवास एवं पर्यावरण विभाग से जारी ड्राफ्ट में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक, परिवहन, मनोरंजन और कृषि समेत 7 तरह के लैंड यूज के लिए अलग-अलग प्रतिबंध प्रस्तावित किए गए हैं। अभी यह प्रस्ताव है, अंतिम नियम नहीं है। इस पर 23 सितंबर तक आपत्ति-सुझाव दे सकते हैं।

    जमीन की श्रेणी और नए प्रतिबंध
    आवासीय भूमि : हरित, नारंगी, लाल और नीली श्रेणी के उद्योग, गोदाम, कबाड़खाने, बूचड़खाने संक्रामक रोग अस्पताल, जेल, बड़े परिवहन टर्मिनल, धोक व्यापार, तेल डिपो, पेट्रोलियम व ज्वलनशील पदार्थ व गैस भंडारण, पशुपालन, मछली पालन, डेयरी, पोल्ट्री फार्म, दाह संस्कार कनिस्तान और खनन गतिविधियां भी प्रतिबंधित रहेंगी।
    व्यावसायिक भूमि : नारंगी, लाल और नीली श्रेणी के उद्योग, खतरनाक- विषाक्त रसायन व विस्फोटक भंडारण, पशु-मछली पालन, डेयरी, पोल्ट्री, दाह संस्कार कब्रिस्तान और खनन गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।
    औद्योगिक भूमि : कर्मचारी आवास और डॉरमेट्री को छोड़कर आवासीय टाउनशिप नहीं बन सकेगी।
    सार्वजनिक व अर्ध- सार्वजनिक भूमि: कर्मचारी आवास छोड़कर टाउनशिप, पोल्ट्री और गोदाम प्रतिबंधित होंगे।
    परिवहन भूमि : आवासीय बस्तियां, खतरनाक रसायन भंडारण, असंगत वाणिज्यिक गतिविधियां, नारंगी लाल-नीले उद्योग पर रोक रहेगी।
    आमोद-प्रमोद भूमि: आवासीय बस्तियां, सभी उद्योग, वाणिज्यिक परिसर, प्रदूषणकारी गतिविधियां, खनन, डेयरी और दाह संस्कार – कनिस्तान प्रतिबंधित होंगे।
    कृषि भूमि: अफोर्डेबल हाउसिंग और इंटीग्रेटेड टाउनशिप को छोड़कर बड़े मॉल प्रतिबंधित रहेंगे।

    क्या कहते हैं मुख्यमंत्री और मंत्री
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि राज्य सरकार का प्रयास है कि नागरिकों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए। भूमि उपयोग नियमों में प्रस्तावित संशोधन एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बदलती जरूरतों के अनुरूप विकास गतिविधियों, निवेश, रोजगार और अधोसंरचना विकास को गति मिलेगी। वहीं मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नियमन को अधिक स्पष्ट, सरल, लचीला और परिणामोन्मुख बनाना है। इससे बदलती आर्थिक जरूरतों के अनुरूप भूमि उपयोग व्यवस्था अधिक व्यावहारिक बनेगी।

  • इंदौर नगर निगम के 311 एप पर मिलेगी 21 तरह के सुधार की सुविधा, प्रॉपर्टी टैक्स भी खुद कर सकेंगे कैलकुलेट

    इंदौर नगर निगम के 311 एप पर मिलेगी 21 तरह के सुधार की सुविधा, प्रॉपर्टी टैक्स भी खुद कर सकेंगे कैलकुलेट

    इंदौर
     इंदौर नगर निगम द्वारा जारी इंदौर 311 एप पर संपत्तिकर संबंधी नई आनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके माध्यम से नागरिक घर बैठे संपत्तिकर संबंधी दावे-आपत्ति एवं शिकायत दर्ज करने, अपनी संपत्ति का खुद असेसमेंट कर सकेंगे। इसके अलावा की स्वयं की संपत्ति के संपत्तिकर खाते में आवश्यक सुधार हेतु ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस एप में अब शिकायत एवं आवेदनों की लाइव ट्रैकिंग भी हो सकेगी।

    शिकायतकर्ता जान सकेगा कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है या शिकायत किस अधिकारी के पास जांच के लिए है। प्रॉपर्टी टैक्स पर दावे-आपत्ति के सहित 21 तरह के सुधार के झोन या नगर निगम कार्यालय जाने की जरूरत नहीं रहेगी। कई काम आसानी से घर बैठे मोबाइल एप के जरिए हो जाएंगे।

    प्रॉपर्टी का आकलन खुद कर सकेगा मालिक
    मोबाइल एप के जरिए संपत्ति के मालिक अब खुद ही प्रॉपर्टी टैक्स का आकलन कर सकते हैं। इसमें उसे प्रॉपर्टी सेल्फ असिसमेंट का ऑप्शन चुनकर इसमें मांगी गई जानकारिया दर्ज कर फार्म को सबमिट करना होगा। इसके साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स में दोव और आपत्तियों की शिकायत भी इसी एप के जरिए दर्ज कराई जा सकेगी।

    अधिकारियों ने शहर के लोगों से अपील की है कि वे अब निगम के दफ्तर आने की जगह घर बैठे ही मोबाइल एप के जरिए इन सुविधाओं का उपयोग करें। एप में सबसे खास बात यह है कि लोग आपत्ति दर्ज कराने के साथ उसे ट्रैक भी कर सकेंगे।

    एक कॉल में मिलेंगे महापौर
    यदि आप नगर निगम की कोई भी सेवा से परेशान है जैसे, स्वच्छता, कचड़ा गाड़ी, जीरो वेस्ट ईवेंट,  प्रमाणपत्र, लाइट या अन्य समस्याओं के लिए परेशान हैं, तो 311 एप आप के लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. इसके जरिए आप घर बैठे अपनी किसी भी समस्या का समाधान कर सकते हैं. इतना ही नहीं यहां आपको मेयर हेल्पलाइन पर सीधे महापौर तक अपनी समस्या पहुंचाने का मौका भी मिलेगा. इसके लिए आपको एक कंप्लेंट नंबर दिया जाएगा साथ ही आपके पास कॉल बैक भी आएगा. इसके लिए टोल फ्री नंबर 18002331311 भी जारी किया गया है। 

    एप पर शिकायत और फीडबैक दोनों दे सकते हैं
    Indore 311 App की खास बात ये है कि यहां आप शिकायत के अलावा अपना फीडबैक भी दे सकते हैं. इसके लिए आप अपनी समस्या की कैटेगरी चुनकर फोटो सहित रिपोर्ट करें और कंप्लेंट नंबर  सेव कर लें. यह एप में भी सेव रहता है. यहां आपको निगम की नई जानकारियां और नोटिस भी मिल जाएंगे. यदि कोई कर्मचारी आपसे सही बर्ताव नहीं करता है तो इसके लिए भी आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इस एप पर इंदौर म्युनिसिपल कमिश्नर और महापौर दोनों नजर रखते हैं। 

    एप इंदौर 311 क्या है?

    इंदौर 311 एप लोगों की सुविधाओं के लिए लाया गया है. इस एप के जरिए आप स्वच्छता, कचड़ा गाड़ी, जीरो वेस्ट ईवेंट, प्रमाणपत्र, लाइट या अन्य समस्याओं का समाधान सिर्फ एक कॉल के जरिए कर सकते हैं. इस एप की खास बात ये है कि इसके जरिए आप सीधे समुदाय के नेताओं के साथ संवाद कर सकते हैं. इंदौर 311 एप को नागरिक सेवाओं के उपयोग को आसान बनाने के लिए बनाया गया है। 

     

  • सिंहस्थ से पहले उज्जैन में घटिया निर्माण पर सांसद सख्त, गडकरी से की कड़ी कार्रवाई की मांग

    सिंहस्थ से पहले उज्जैन में घटिया निर्माण पर सांसद सख्त, गडकरी से की कड़ी कार्रवाई की मांग

    उज्जैन 

    सिहंस्थ-2028 से पहले उज्जैन में हजारों करोड़ के निर्माण कार्यों के घटिया निर्माण उजागर हो गए। शहर को राजस्थान और दिल्ली से जोड़ने के लिए 4 हजार करोड़ रुपए से बनाए देवास-बदनावर और उज्जैन-गरोठ दोनों हाईवे अभी से ही खराब हो गए। घटिया निर्माण सामने आते ही सांसद अनिल फिरोजिया ने भी मोर्चा खोल दिया।

    दिल्ली में सांसद फिरोजिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से मुलाकात की। 2600 करोड़ रुपए से बन रहे उज्जैन-गरोठ और 1400 करोड़ से बने देवास-बदनावर हाइवे में निर्माण की गुणवत्ता संबंधी हकीकत बताई।

    सांसद ने गड़करी को बताया कि देवास-बदनावर हाईवे को अभी 3 साल ही हुए है, पिछले एक साल से वह लगातार क्षतिग्रस्त हो रहा है। उज्जैन-गरोठ हाईवे तो अभी निर्माणाधीन है। लोकार्पण से पहले ही यह हाइवे धंसने लगा है। सांसद दोनों हाईवे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

    केंद्रीय मंत्री को उज्जैन-गरोठ व देवास-बदनावर दोनों हाईवे की गुणवत्ता से अवगत करा दिया है। उन्होंने जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की बात की है। – अनिल फिरोजिया, सांसद

    सिंहस्थ से पहले उज्जैन में बड़ा सड़क विस्तार, शक्तिपीठ मार्ग होगा 15 मीटर चौड़ा; 136 दुकानें टूटेंगी

     धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ (Ujjain Simhastha 2028) तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए हुए अब गुदरी चौराहा से हरसिद्धि की पाल तक सड़क चौड़ीकरण की तैयारी है। इस मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिसमें 136 दुकान मुकान प्रभावित होंगे। गुदरी चौराहा से पानदरिया होते हुए हरसिद्धि पाल यातायात तक लगभग 570 मीटर लंबा मार्ग पुराने शहर के यातायात के साथ महाकाल सवारी मार्ग का प्रमुख हिस्सा है।

    सिंहस्थ में प्रबंधन के मान से भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। नगर निगम अब इसे 15 मीटर चौड़ा करेगा। करीब 14 करोड़ की लागत से मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। मंगलवार को निगम ने वर्तमान रोड के मध्य से नपती व भवनों के प्रभाविता हिस्सों पर मार्किंग का काम शुरू कर दिया है। इसके माध्यम से प्रस्तावित सड़क की सीमा निर्धारित करने के साथ ही प्रभावित भवनों का चिन्हांकन किया जा रहा है। भवन निरीक्षक सौम्या चतुर्वेदी और निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर मार्ग की मार्किंग की।

    इस मार्ग से निकलती है सिंहस्थ में पेशवाई
    पाल मार्ग गुदरी चौराहा से हरसिद्धि पाल पुराने शहर के व्यस्ततम मार्गों में से एक है। बाबा महाकाल की सवारी के साथ सिंहस्थ के दौरान पेशवाई भी इसी मार्ग से होकर गुजरती है। इस कारण सिंहस्थ तैयारियों के चलते इस मार्ग का विशेष महत्व है। रामघाट व हरसिद्धि मंदिर क्षेत्र की ओर आने जाने वाले श्रद्धालुओं व लोगों के लिए भी यह प्रमुख संपर्क मार्ग है।

    सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन है उद्देश्य
    सिंहस्थ-2028 के दौरान महाकाल क्षेत्र से रामघाट की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन् को सुगम बनाना और भीड़ प्रबंधन के लिए मार्ग की क्षमता बढ़ाना। अप्रैल 2026 में हुई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय समिति अलावा की बैठक में इस मार्ग के चौड़ीकरण के साथ सीमेंट-कंक्रीट सड़क निर्माण को मंजूरी दी गई थी। इसी बैठक में गुदरी हरसिद्धि पाल मार्ग के अलावा बबई वाले की धर्मशाला से दानी गेट, शिंदे नर्सिंग होम से नीलगंगा, गौतम मार्ग से तिलकेश्वर, अंकुपात् से मंगलनाथ और महाकाल चौराहे से गोपाल मंदिर होते हुए कमरी मार्ग सहित कई सड़कों के चौड़ीकरण, निर्माण को मंजूरी दी थी। 22 कार्यों के लिए 2,923.84 करोड़ की स्वीकृति देकर मुख्यमंत्री ने इन सिंहस्थ संबंधी कार्यों को 2027 की दीपावली तक पूरा करने के निर्देश दिए है।

  • एनएमडीसी ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से सतर्कता जागरूकता को मजबूत किया

    एनएमडीसी ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से सतर्कता जागरूकता को मजबूत किया

    एनएमडीसी ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से सतर्कता जागरूकता को मजबूत किया

    हैदराबाद, 
    सतर्कता जागरूकता अभियान के अग्रदूत के रूप में, एनएमडीसी सतर्कता विभाग ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के मार्गदर्शन में पहचाने गए प्रमुख फोकस क्षेत्रों को कवर करते हुए 10  और 11 सितंबर 2026 को हैदराबाद में दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया। एनएमडीसी की विभिन्न परियोजनाओं और प्रधान कार्यालय के लगभग 55 अधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

    कार्यक्रम में प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने सार्वजनिक खरीद, अनुबंध प्रबंधन और साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर व्यावहारिक और संवादात्मक सत्र दिए।
    उद्घाटन कार्यक्रम में एनएमडीसी के निदेशक (उत्पादन) श्री जॉयदीप दास गुप्ता और श्री सी नीलकंठ रेड्डी, सीवीओ, एनएमडीसी की उपस्थिति रही। ।

    10 सितंबर 2026 को, श्री कंवलप्रीत, आईआरएसएस, अपर मुख्‍य सतर्कता अधिकारी, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) ने "जीईएम – नई विशेषताएं और कार्यक्षमताएं" पर एक सत्र आयोजित किया, जिसमें जीईएम प्लेटफॉर्म के नवीनतम विकास और कार्यक्षमताओं में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की गई। इसके बाद श्री एम के सिंह, पूर्व सीएमडी, इरकॉन और एजेएनआईएफएम में प्रो. एस.एस. द्वारा सार्वजनिक खरीद पर एक सत्र आयोजित किया गया, जिन्होंने समकालीन सार्वजनिक खरीद प्रथाओं पर अपने व्यापक अनुभव और व्यावहारिक दृष्टिकोण साझा किए। 
    उक्‍त कार्यक्रम दो अंतर्दृष्टिपूर्ण और इंटरैक्टिव सत्रों के साथ दूसरे दिन में भी जारी रहा ।  श्री एम. के. सिंह ने प्रासंगिक केस स्टडी और अपने व्यापक व्‍यावसायिक अनुभव के साथ सार्वजनिक खरीद और पोस्ट-अवार्ड अनुबंध प्रबंधन पर मूल्यवान व्यावहारिक अंतर्दृष्टि के विभिन्‍न पहलूओं पर प्रकाश डाला। श्री हरीश.आर, सी-डैक के वैज्ञानिक-सी, ने साइबर सुरक्षा और साइबर स्वच्छता पर एक जानकारीपूर्ण सत्र आयोजित किया, जिसमें साइबर जागरूकता के महत्व और डिजिटल कार्यस्थल में सुरक्षित प्रथाओं को अपनाने पर प्रकाश डाला गया। 
    कार्यक्रम में विभिन्न एनएमडीसी परियोजनाओं और प्रधान कार्यालय से नामांकित अधिकारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई। संवादात्मक चर्चाओं, व्यावहारिक केस स्टडी और अनुभव-साझाकरण सत्रों ने मूल्यवान सीखने के अवसर प्रदान किए और समकालीन खरीद प्रथाओं, प्रभावी अनुबंध प्रबंधन और साइबर सुरक्षा के संबंध में प्रतिभागियों की समझ को मेंऔर मजबूत किया। 
    दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम एनएमडीसी सतर्कता विभाग के संगठन में जागरूकता बढ़ाने, क्षमता को मजबूत करने और पारदर्शिता, अखंडता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा था।
    यह अभियान सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 और पूरे अभियान अवधि के दौरान विभिन्न जागरूकता और क्षमता-निर्माण पहलों के साथ जारी रहेगा।

  • यूपी में 1,606 करोड़ की 65 मेडिकल परियोजनाएं, 21 का जल्द होगा लोकार्पण

    यूपी में 1,606 करोड़ की 65 मेडिकल परियोजनाएं, 21 का जल्द होगा लोकार्पण

     लखनऊ
     प्रदेश के मरीजों को बेहतर इलाज और मेडिकल छात्रों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग 1,606.83 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाएं शुरू करने जा रहा है। इनमें 21 परियोजनाओं का जल्द लोकार्पण होगा, जबकि 44 परियोजनाओं का शिलान्यास प्रस्तावित है।

    लोकार्पण होने वाली परियोजनाओं में किडनी, लिवर और बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट जैसी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं शामिल हैं। वहीं, नई परियोजनाओं में ट्रामा सेंटर, नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास, लेक्चर थिएटर और अन्य जरूरी सुविधाओं का निर्माण होगा।

     48.15 करोड़ रुपये खर्च होना प्रस्तावित
    सबसे बड़ी परियोजना लखनऊ स्थित डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नए परिसर में 1010 बेड के अस्पताल भवन की है। इसके निर्माण पर 855.04 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मेरठ मेडिकल कॉलेज में मौजूदा लेवल-2 ट्रामा सेंटर को 100 बेड के लेवल-1 ट्रामा सेंटर में विकसित किया जाएगा। इस पर 48.15 करोड़ रुपये खर्च प्रस्तावित हैं।

    बाल रोग विभाग में एमसीएच सेंटर के निर्माण पर 34.82 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कानपुर में 49.40 करोड़ रुपये से संक्रामक रोग चिकित्सालय, गोंडा में 9.93 करोड़ रुपये से नर्सिंग कॉलेज और झांसी में लेक्चर थिएटर, पुस्तकालय, परीक्षा हाल व छात्रावास विकसित किए जाएंगे।

    अयोध्या, बस्ती, जौनपुर, मिर्जापुर, एटा और कुशीनगर समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी अस्पताल और कैंपस सुविधाओं का विस्तार होगा।

     

  • पटना में 9 जगहों पर लगेंगे फास्ट EV चार्जिंग स्टेशन, परिवहन विभाग और IOCL में हुआ समझौता

    पटना में 9 जगहों पर लगेंगे फास्ट EV चार्जिंग स्टेशन, परिवहन विभाग और IOCL में हुआ समझौता

    पटना
     राजधानी में मुख्य सचिवालय, विधानसभा, कलेक्ट्रेट, विश्वेश्वरैया भवन, विकास भवन, सिंचाई भवन, मल्टी मॉडल हब, मल्टी लेवल कार पार्किंग, बेउर मोड़ और हार्डिंग रोड में फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

    इसको लेकर परिवहन विभाग और इंडियन आयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आइओसीएल) के बीच शुक्रवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया।

    समझौते पर राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन तथा आइओसीएल, बिहार के स्टेट रिटेल सेल्स हेड राजीव कुमार ने हस्ताक्षर किए।

    राज्य परिवहन आयुक्त ने बताया कि इन चार्जिंग स्टेशनों के शुरू होने से सरकारी कार्यालयों में आने-जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आम लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा।

    खासकर सचिवालय और अन्य प्रमुख सरकारी परिसरों में ईवी चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होने से इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। ई-वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके लिए निजी कंपनियों के सहयोग से चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं।

    बिहार में अब तक 210 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित
    आईओसीएल के अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि कंपनी के स्तर से राज्य में अब तक 210 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं।

    परिवहन विभाग के साथ हुए इस समझौते के तहत चिह्नित सरकारी परिसरों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को सुविधाजनक और भरोसेमंद चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

  • जयपुर के वार्ड 62 में फिर होगी वोटिंग, 110 वोटरों ने डाला था मत

    जयपुर के वार्ड 62 में फिर होगी वोटिंग, 110 वोटरों ने डाला था मत

    जयपुर
    जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए शुक्रवार को मतदान पूरा हो गया था। मतदान खत्म होने के बाद अलग-अलग बूथों से जुड़ी तस्वीरें और वोंटिग के आंकड़े सामने आ रहे हैं। इसी बीच बगरू विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 62 के एक बूथ को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। यहां हुए मतदान को रद्द कर दिया गया है और अब कल यानी 13 सितंबर को इसी बूथ पर दोबारा वोटिंग होगी।

    दोबारा वोंटिंग की क्या है वजह?
    मामला यह है कि नगरनिगम जयपुर के वार्ड संख्या 62 के भाग संख्या 23 हेतु निर्धारित मतदान केन्द्र राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कमरा नम्बर 4, टीलावाला, सांगानेर पर 11 सितंबर को हुए मतदान को निरस्त कर दिया गया है। दरअसल, इस बूथ की मतदाता सूची में 110 लोगों के नाम हटाने के लिए दर्ज थे, यानी ये नाम विलोपन सूची में शामिल थे। इसके बावजूद इन लोगों ने शुक्रवार को हुए मतदान में वोट डाल दिया। इसकी जानकारी सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने पहले हुए मतदान को रद्द करने का फैसला लिया। अब इसी वजह से बूथ पर फिर से मतदान कराया जा रहा है। इस बार जिन लोगों ने पहले वोट दिया था, उन्हें दोबारा मतदान की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा और बाएं हाथ की मध्यमा उंगली पर नई अमिट स्याही लगाई जाएगी।

    वार्ड 62 में 13 प्रत्याशी मैदान में
    वार्ड नंबर 62 में इस बार बहुत दिलचस्प और बहुकोणीय मुकाबला है। इस वार्ड में मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कड़ी टक्कर देखी जा रही है। बता दें, भाजपा से रामअवतार शर्मा, कांग्रेस से हजारीलाल शर्मा, आम आदमी पार्टी (AAP) से योगेश गोयल और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) से नरेश कुमार चुनाव मैदान में हैं। इनके अलावा कई निर्दलीय प्रत्याशी भी मुकाबले में हैं। वार्ड में कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 9 निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं।

    14 सितंबर को आएंगे नतीजे
    राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में कराए गए। 9 सितंबर को पहले चरण में जयपुर जिले की 18 अन्य नगर निकायों में वोट डाले गए, जबकि जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में 11 सितंबर को दूसरे चरण के तहत मतदान हुआ। यानी जयपुर शहर में चुनाव एक ही दिन में पूरा हो गया। अब दोनों चरणों में इस्तेमाल हुई ईवीएम को सुरक्षित रख दिया गया है। 14 सितंबर को मतगणना के बाद सभी वार्डों के नतीजे एक साथ जारी किए जाएंगे।

     

  • अफगानिस्तान सीरीज से पहले टॉप-3 पर बहस, रहाणे ने वैभव को दी सलाह

    अफगानिस्तान सीरीज से पहले टॉप-3 पर बहस, रहाणे ने वैभव को दी सलाह

    नई दिल्ली
    अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20I सीरीज से पहले टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर को लेकर बहस तेज हो गई है. 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत की है, लेकिन पूर्व भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे वैभव को फिलहाल टॉप-3 में जगह देने के पक्ष में नहीं हैं.

    अजिंक्य रहाणे ने अपने यूट्यूब चैनल पर साफ कहा कि भारत को आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने वाले टॉप-3 के साथ ही आगे बढ़ना चाहिए. उनके मुताबिक अभी टीम के बल्लेबाजी क्रम के साथ प्रयोग करने की जरूरत नहीं है. रहाणे के मुताबिक अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन टॉप-3 बल्लेबाज होने चाहिए.

    अजिंक्य रहाणे ने कहा, 'मुझे लगता है कि टॉप-3 वही होना चाहिए, जो वर्ल्ड कप में खेला था.' रहाणे ने संजू सैमसन के मामले में भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि सैमसन ने टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है और कुछ खराब पारियों के बाद उन्हें बाहर करना सही नहीं था. रहाणे चाहते हैं कि विकेटकीपर बल्लेबाज को एक और मौका मिले.

    सैमसन को और मौका मिले: रहाणे
    अजिंक्य रहाणे ने आगे कहा, 'सैमसन ने अच्छा किया है, लेकिन दो या तीन खराब पारियों के बाद उन्हें बाहर कर दिया गया. मैं चाहता हूं कि उन्हें एक और मौका मिले. अभिषेक और ईशान ने भी हमारे लिए अच्छा किया है.'

    वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20I सीरीज में दो अर्धशतक लगाए और ''प्लेयर ऑफ द सीरीज' बने. इसके बाद उनके टॉप ऑर्डर में शामिल होने की चर्चा और तेज हो गई है. हालांकि, अजिंक्य रहाणे का मानना है कि वैभव के पास अभी काफी समय है और उन्हें जल्दबाजी में किसी स्थापित खिलाड़ी की जगह नहीं दी जानी चाहिए.

    अजिंक्य रहाणे ने अपनी पसंद बताते हुए कहा, 'वैभव को अपने मौके मिलेंगे और उसका समय आएगा. लेकिन फिलहाल मुझे लगता है कि टॉप-3 सैमसन, अभिषेक और ईशान होने चाहिए.'

    वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के जरिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. वो भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे. अब वह टीम में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश में हैं. दूसरी ओर, जिम्बाब्वे सीरीज से आराम के बाद संजू सैमसन की वापसी ने टॉप ऑर्डर में प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है.

    अफगानिस्तान के ख‍िलाफ टी20I सीरीज के खिलाफ भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर.

  • हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, PGT शिक्षकों के ट्रांसफर में नोशनल सेवा के अंक मान्य

    हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, PGT शिक्षकों के ट्रांसफर में नोशनल सेवा के अंक मान्य

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार की शिक्षक स्थानांतरण नीति के तहत अनुभव अंकों की गणना को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पीजीटी शिक्षकों को बड़ी राहत दी है।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों को किसी आदेश या वैधानिक प्रक्रिया के तहत पूर्व प्रभाव से नोशनल सेवा (भले ही कोई कर्मचारी किसी निश्चित समयावधि के लिए वास्तविक रूप से (फिजिकली) नौकरी पर उपस्थित या कार्यरत नहीं था, फिर भी रिकॉर्ड और गणना के उद्देश्य से उसे उस अवधि के लिए सेवा में माना जाता है) का लाभ मिला है, उस सेवा अवधि को स्थानांतरण के लिए अनुभव की गणना से बाहर नहीं किया जा सकता। ऐसे शिक्षकों को उनकी मान्य नोशनल सेवा अवधि के आधार पर भी अनुभव अंक दिए जाएंगे। इससे स्थानांतरण प्रक्रिया में उनकी मेरिट और पसंद के पद मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।विभाग दूसरे लाभ दे रहा था, ट्रांसफर में अनुभव अंक रोक दिएमामला परविंद्र कुमार समेत दर्जन भर पीजीटी शिक्षकों से जुड़ा है। शिक्षकों का कहना था कि विभाग उनकी नोशनल सेवा को एसीपी, वरिष्ठता, नोशनल वेतन निर्धारण सहित अन्य सेवा लाभों के लिए मान्यता दे रहा है, लेकिन शिक्षक स्थानांतरण अभियान में अनुभव अंक देने केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि को आधार बना रहा है।

    जगबीर मलिक ने खटखटाया अदालत का दरवाजा
    इससे उनकी सेवा अवधि कम मानी जा रही थी और उन्हें स्थानांतरण प्रक्रिया में नुकसान उठाना पड़ रहा था।इसके खिलाफ शिक्षकों ने अधिवक्ता जगबीर मलिक के माध्यम से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग की ओर से अदालत को बताया कि इसी तरह का विवाद पहले भी हाईकोर्ट की एकल और दो सदस्यीय पीठ के समक्ष आ चुका है और संबंधित याचिका खारिज की जा चुकी है। हालांकि, याचिकाकर्ताओं की ओर से नए तथ्यों और कानूनी पहलुओं को अदालत के सामने रखा गया। अधिवक्ता जगबीर मलिक ने सर्वोच्च न्यायालय के भारत सरकार बनाम के बी राजोरिया मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए दलील दी कि नोशनल सेवा से जुड़े कानूनी सिद्धांत को केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता।

    अदालत ने दोनों पक्षों की सुनी दलीलें
    अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीजीटी शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की एकल पीठ के इस फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिली है, जिन्हें नोशनल सेवा अवधि का लाभ तो दिया गया, लेकिन स्थानांतरण के लिए उसी अवधि के अनुभव अंक नहीं दिए जा रहे थे। दूसरे कर्मचारियों के लिए भी खुला राहत का रास्तायह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि समान प्रकृति के मामले में कृषि विकास अधिकारी की याचिका और उसके बाद दायर एलपीए पहले खारिज हो चुके थे। इसके बावजूद सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसले और नए कानूनी पहलुओं के आधार पर पीजीटी शिक्षकों को राहत मिल गई। माना जा रहा है कि इस निर्णय के बाद नोशनल सेवा के बावजूद अनुभव अंकों से वंचित अन्य कर्मचारी भी अपने अधिकारों के लिए हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।

  • शिक्षकों के ट्रांसफर की नई पॉलिसी जल्द, पॉइंट सिस्टम से तय होगी प्राथमिकता

    शिक्षकों के ट्रांसफर की नई पॉलिसी जल्द, पॉइंट सिस्टम से तय होगी प्राथमिकता

    नई दिल्ली
    सरकारी स्कूलों के टीचर्स के ट्रांसफर की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए सरकार नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार कर रही है, जिसमें टीचर्स का ट्रांसफर पॉइंट सिस्टम के आधार पर होगा। टीचर्स का एक यूनिक आईडी भी बनेगा, जिसमें उनका पूरा सर्विस रिकॉर्ड होगा। सूत्रों की मानें तो सरकार 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा पखवाड़े के दौरान इसका ऐलान कर सकती है।

    अलग-अलग कैटिगरी के आधार पर दिए जाएंगे अंक
    अधिकारियों के मुताबिक नई टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी में सबसे अहम हिस्सा पॉइंट आधारित ट्रांसफर सिस्टम होगा। इसमें अलग-अलग कैटिगरी के आधार पर टीचर्स को अंक दिए जाएंगे और कुल अंक के आधार पर उपलब्ध रिक्तियों में ट्रांसफर की प्राथमिकता तय होगी। हालांकि, किन परिस्थितियों के लिए कितने अंक मिलेंगे, इसका अंतिम फैसला किया जा रहा है। टीचर्स की पारिवारिक स्थिति, शारीरिक अक्षमता, महिला और सिंगल पैरंट्स जैसी स्थितियों पर भी अंक मिलेंगे।

    यूनिक आईडी दिए जाने की संभावना
    प्रस्तावित पॉलिसी में प्रत्येक टीचर को एक यूनिक आईडी दिए जाने की संभावना है। इसके जरिए टीचर का पूरा सर्विस रिकॉर्ड, वर्तमान स्कूल में कार्यकाल, पूर्व पोस्टिंग और अन्य जरूरी जानकारियों का एक सेंट्रलाइज डेटाबेस भी बनेगा। टीचर्स पोर्टल पर अपनी जानकारी देख सकेंगे और ट्रांसफर विंडो खुलने पर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकेंगे। लंबे समय से एक ही स्कूल में तैनात टीचर्स को अतिरिक्त वेटेज देने पर भी विचार हो रहा है।

    हरियाणा मॉडल का अध्ययन
    सरकार ने हरियाणा मॉडल का भी अध्ययन किया है। हरियाणा में कंप्यूटराइज्ड सर्विस रिकॉर्ड और मेरिट के आधार पर खाली पदों का आवंटन किया जाता है। वहां कुल 80 अंकों में उम्र को 60 अंक का प्रमुख आधार बनाया गया है, जबकि 20 अंक विशेष श्रेणियों के लिए रखे गए है। इनमें महिला कर्मचारी, कुछ श्रेणियो की सिंगल महिलाएं, विधवा-विधुर और कपल केस शामिल है। इसमे स्थानीय जरूरतों के हिसाब से प्राथमिकता मिलेगी

    वेरिफिकेशन के बाद ट्रांसफर
    ट्रांसफर से पहले शिक्षकों से व्यक्तिगत और सर्विस रिकॉर्ड ऑनलाइन सत्यापित कराने की योजना है। विभाग रिकॉर्ड के आधार पर अंक तय कर उन्हें पब्लिक कर सकता है। इसके बाद टीचर्स अपने रिकॉर्ड या पॉइंट को लेकर आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम ट्रांसफर सूची जारी होगी। ट्रांसफर से पहले स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या, स्वीकृत पद और विषयवार शिक्षको की जरूरत का डेटा की भी मैपिंग की जाएगी