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  • आजमगढ़ में लुटेरी दुल्हन गैंग का खुलासा, दूल्हे को रास्ते में उतारकर जेवर-नकदी लेकर फरार हुए थे

    आजमगढ़ में लुटेरी दुल्हन गैंग का खुलासा, दूल्हे को रास्ते में उतारकर जेवर-नकदी लेकर फरार हुए थे

     लखनऊ
    यूपी के आजमगढ़ में एक दुल्हन ने ससुराल पहुंचने से पहले ही दूल्हे को तगड़ा झटका दे दिया। दरअसल, शादी के बाद जब दुल्हन के साथ आए लोगों ने रास्ते में दूल्हे को कार से उतार दिया और जेवर,नकदी और शादी में मिले अन्य सामान के साथ फरार हो गए। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साथ ही शुक्रवार को लुटेरी दुल्हन गैंग के दो महिलाओं समेत सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया

    पुलिस के अनुसार लुटेरी दुल्हन गैंग के शातिरों ने हरदोई जिले के बिलग्राम थाना क्षेत्र के छिबरामऊ गांव के रहने वाले राजकुमार को शादी कराने के नाम पर अपने जाल में फंसाया। व्हाट्सऐप पर लड़की का फोटो भेजा था। लड़की पसंद आने पर शादी तय हो गई। बुधवार को दोनों पक्षों के लोग जिले के बरदह के बंधवा महादेव मंदिर पहुंचे। मंदिर में लड़की और राजकुमार की शादी हुईं। लड़का पक्ष ने दुल्हन को सोने जेवर और 80 हजार रुपये नकद, कपड़े आदि दिए थे। शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन को लेकर घर जाने के लिए रवाना हो गया। बंधवा मोड़ के पास लड़की के कथित पिता, परिजनों ने दूल्हे को गाड़ी से उतारकर दुल्हन सहित सभी सामान लेकर फरार हो गए थे।

    दूल्हे के पिता रामबिलास की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर करा दिया। पुलिस ने शुक्रवार को कोदहरा चौराहे के पास से घटना में शामिल दो महिलाओं सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी मधुवन कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के पास से 19,650 रुपये नकदी, पायल, मंगलसूत्र, झुमका, साड़ी, कपड़ा, दो बाइक सहित अन्य सामान बरामद हुआ।

    पकड़े गए सभी आरोपी जौनपुर के
    गिरफ्तार आरोपियों में सभी जौनपुर के रहने वाले हैं। इनमें बजरंगी बिन्द निवासी मलहज थाना शाहगंज, राजन विश्वकर्मा निवासी रोचनपुर थाना सराय ख्वाजा, बहादुर निवासी जमालपुर,जौनपुर, रामबिलास निवासी मलहज थाना शाहगंज, जय किशन उर्फ अजीत लाइन बाजार, माधुरी पत्नी रिंकू निवासी जासोपुर थाना सराय ख्वाजा और करीना पत्नी शिवकुमार निवासी समोधीपुर थाना गौरा बादशाहपुर शामिल हैं।

    बुलेट और एक लाख के लिए विवाहिता को घर से निकाला
    उधर, भदोही दहेज में बुलेट एवं एक लाख रुपये की मांग पूरी ना होने पर विवाहिता को ससुराल के लोगों ने प्रताड़ित किया। इतना ही नहीं, उसे मायके लाकर छोड़ दिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर औराई थाने की पुलिस ने मिर्जापुर निवासी छह लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।

    औराई थाना क्षेत्र के गौरीडीह गांव निवासी शिवचंद गौड़ की बेटी रिया ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। कहा कि रवि शंकर गौड़ के साथ उनकी शादी 12 मई को हुई थी। पिता ने सोने की चेन, 50 हजार रुपया नकद, बाइक, अंगूठी दूल्हे को दिया था। ससुराल जाने के बाद आरोपितों ने एक लाख रुपये नकद और बुलेट की मांग करने लगे। फिर दो जुलाई को मायके लाकर छोड़ दिया।

  • हरियाणा में लंपी वायरस की दस्तक, बॉर्डर वाले इलाके सील; पशु व्यापार पर लगी रोक

    हरियाणा में लंपी वायरस की दस्तक, बॉर्डर वाले इलाके सील; पशु व्यापार पर लगी रोक

    हिसार.

    दो वर्ष पहले पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाला लंपी वायरस एक बार फिर हरियाणा की चौखट तक पहुंच गया है। सात राज्यों में संक्रमण मिलने और भिवानी, नारनौल तथा कुरुक्षेत्र में मामले सामने आने के बाद पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है।

    सरकार ने पशुओं के अनावश्यक आवागमन पर रोक लगाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि अभी हिसार में संक्रमण का कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन बीमारी को राज्य में फैलने से रोकने के लिए एहतियाती कदम तेज कर दिए गए हैं।

    गोशालाएं पहली प्राथमिकता, सीमाओं पर भी निगरानी
    जिलों को जारी एडवाइजरी में गोशालाओं में गोवंश के प्रवेश व निकास पर नियंत्रण रखने, नए पशुओं को कम से कम 15 दिन अलग रखने तथा संक्रमित या संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने के निर्देश दिए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया है ताकि संक्रमित पशुओं के माध्यम से बीमारी न फैल सके।

    बीमारी से पहले रोकथाम पर पूरा जोर
    विभाग ने मच्छर, मक्खी और अन्य वाहक कीटों की रोकथाम के लिए नियमित फागिंग, शेड और नालियों की सफाई तथा किसी भी पशु में लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक अथवा विभाग को सूचना देने के लिए कहा गया है, ताकि समय रहते उपचार और निगरानी शुरू की जा सके।

    लंपी के लक्षण पहचानिए –

    • तेज बुखार
    • शरीर पर गांठें उभरना
    • आंख और नाक से स्राव
    • दूध उत्पादन में कमी
    • सुस्ती और भूख कम लगना

    बचाव के पांच आसान उपाय –

    • नया पशु तुरंत झुंड में न मिलाएं
    • शेड व आसपास सफाई रखें
    • मच्छर-मक्खी नियंत्रण के उपाय करें
    • बीमार पशु को अलग रखें
    • टीकाकरण छूट गया हो तो पशु चिकित्सालय में संपर्क करें
  • दिल्ली रिज संरक्षण की कवायद तेज, 15 गांवों की 400 हेक्टेयर जमीन शामिल होगी

    दिल्ली रिज संरक्षण की कवायद तेज, 15 गांवों की 400 हेक्टेयर जमीन शामिल होगी

    नई दिल्ली
     दिल्ली के रिज को संरक्षित करने की कवायद अब तेज हो गई है। साउथ रिज फेज-2 (A) के तहत 15 गांवों की 400.541 हेक्टेयर जमीन को रिज क्षेत्र में शामिल करने के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन तैयार कर लिया गया है। लॉ और रेवेन्यू विभाग से जांच पूरी होने के बाद फाइल अंतिम मंजूरी के लिए एलजी के पास भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद इसकी अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी एनजीटी में जमा कराई है।

    दो हिस्सों में बांटा गया साउथ रिज फेज-2
    साउथ रिज फेज-2 को दो हिस्सों में बांटकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। फेज-2 (A) में 15 गांवों की 400.541 हेक्टेयर जमीन शामिल है। लॉ और रेवेन्यू विभाग ड्राफ्ट की जांच पूरी कर चुके हैं और अब एलजी की मंजूरी का इंतजार है। वहीं, फेज-2 (पार्ट बी) में शामिल बाकी क्षेत्रों का दोबारा ग्राउंड वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। इनमें आबादी क्षेत्र, अतिक्रमण, गांव की आबादी, अनधिकृत कॉलोनियां, जेजे क्लस्टर और धार्मिक संरचनाएं शामिल हैं। राजस्व विभाग के साथ मिलकर इनकी वास्तविक और कानूनी स्थिति की दोबारा जांच की जा रही है।

    4 साल में 35.5 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य
    दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड (डीआरएमबी) ने 2026-27 से 2029-30 तक के ईको-रिस्टोरेशन प्लान को मंजूरी दी है। इसके तहत 6,303.55 हेक्टेयर क्षेत्र में 35.5 लाख पेड़ और करीब 65 लाख झाड़ियां, बेल और बांस लगाने का लक्ष्य है। 2026-27 में करीब 1,490 हेक्टेयर में 28.5 लाख से ज्यादा पौधे लगाने की योजना है। सेंट्रल, साउथ रिज में 8 थीम आधारित वन भी विकसित होंगे।

  • चंडीगढ़ में नशा तस्करों पर कसेगा शिकंजा, 58 हॉटस्पॉट के लिए तैयार हुआ एक्शन प्लान

    चंडीगढ़ में नशा तस्करों पर कसेगा शिकंजा, 58 हॉटस्पॉट के लिए तैयार हुआ एक्शन प्लान

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़ में अब ड्रग तस्करों की खैर नहीं। नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस की निगरानी और कार्रवाई दोनों को और सख्त किया जाएगा। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नशा तस्करों पर सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं।

    चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय में नशे की रोकथाम को लेकर हुई बैठक में प्रशासक ने शहर में नशे की सप्लाई और बिक्री रोकने को पहली प्राथमिकता बनाने के आदेश दिए। बैठक में पुलिस अफसरों की ओर से बताया गया कि शहर में नशे की बिक्री या इस्तेमाल की शिकायत वाले 58 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर पुलिस की नजर है। इसके अलावा पहले नशे से जुड़े मामलों में शामिल रहे आरोपितों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। कई चिह्नित नशा तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई चल रही है और कई न्यायिक हिरासत में हैं।

    सप्लाई चेन तोड़ने पर फोकस
    प्रशासक ने पुलिस को नशे की सप्लाई करने वालों, पेडलरों और नशा बेचने या इस्तेमाल होने वाले स्थानों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने को कहा। बैठक में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसमें अतिरिक्त पुलिसकर्मियों के साथ साइबर विशेषज्ञ, कानूनी विशेषज्ञ और अनुभवी अधिकारियों को शामिल करने की बात कही गई।

    बीट सिस्टम मजबूत होगा, लापरवाही पर कार्रवाई
    कटारिया ने थानों के बीट सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए। संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त और अचानक निरीक्षण बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों पर कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    मेडिकल स्टोरों की भी होगी निगरानी
    नशे की रोकथाम के लिए मेडिकल स्टोरों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। ऐसी दवाओं की बिक्री पर विशेष नजर रखने को कहा गया है, जिनमें नशे की लत लगाने वाले या नियंत्रित पदार्थ होते हैं और जो बिना उचित प्रिस्क्रिप्शन के बेची जा सकती हैं।

    जनता बनेगी पुलिस की ‘आंख और कान’
    बैठक में नशे से जुड़ी सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाने के लिए गोपनीय और प्रभावी व्यवस्था तैयार करने पर भी चर्चा हुई। डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि एनडीपीएस कानून के तहत ऐसा सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिससे लोग नशे की बिक्री या संदिग्ध नशा तस्करों की सूचना पुलिस को दे सकें। इसका उद्देश्य जनता को पुलिस की ‘आंख और कान’ के रूप में जोड़ना है।

    नशामुक्ति के लिए परिवार और समाज की भागीदारी जरूरी
    प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ को नशामुक्त बनाने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई के साथ नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास तथा परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों और एजेंसियों को समन्वय के साथ लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए।

  • नेपाल ने UAE को हराकर जीता एसीसी प्रीमियर कप, एशिया कप 2027 में बनाई जगह

    नेपाल ने UAE को हराकर जीता एसीसी प्रीमियर कप, एशिया कप 2027 में बनाई जगह

    कुआलालंपुर
    एसीसी मेन्स प्रीमियर कप 2026 का फाइनल नेपाल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच खेला गया.  शनिवार को कुआलालंपुर के बयूमास क्रिकेट ओवल में आयोजित इस खिताबी मुकाबले में नेपाली टीम ने 44 रनों से जीत हासिल की. नेपाल ने यूएई को जीत के लिए 314 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 49.1 ओवर्स में 269 रनों पर सिमट गई.

    इस जीत के साथ ही नेपाल ने मेन्स एशिया कप 2027 के लिए क्वालिफाई कर लिया. नेपाल दूसरी बार एशिया कप में हिस्सा लेगा. इससे पहले नेपाल ने 2023 के संस्करण में भाग लिया था, जहां उसने भारत और पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप स्टेज में मुकाबले खेले थे. 2027 के एशिया कप का मेजबान बांग्लादेश है और इसके मुकाबले ओडीआई फॉर्मेट में खेले जाएंगे. बांग्लादेश के अलावा भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान को इस टूर्नामेंट के लिए डायरेक्ट एंट्री मिली है.

    यूएई के लिए रनचेज में राहुल चोपड़ा ने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन वो टीम को जीत नहीं दिला सके. राहुल ने 105 बॉल पर नाबाद 100 रन बनाए, जिसमें 4 छक्के और 3 चौके शामिल रहे. वहीं शोहैब खान ने 4 चौके और दो छक्के की सहायता से 57 बॉल पर 52 रनों की पारी खेली. करण केसी ने नेपाली टीम के लिए सबसे ज्यादा तीन विकेट झटके. वहीं ललित राजबंशी को दो सफलताएं मिलीं. कप्तान संदीप लामिछाने, दीपेंद्र सिंह ऐरी, रोहित पौडेल, गुलशन झा और बसीर अहमद ने एक-एक विकेट प्राप्त किया.

    आसिफ शेख का यादगार शतक
    मुकाबले में नेपाल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 313 रन बनाए थे. नेपाल की पारी के सबसे बड़े स्टार सलामी बल्लेबाज आसिफ शेख रहे, जिन्होंने शानदार शतक जमाया. आसिफ ने 106 गेंदों पर 102 रन की पारी खेली, जिसमें 8 चौके और चार छक्के शामिल रहे. उन्होंने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई.

    गुलशन झा ने तो तेजतर्रार अर्धशतक लगाया. गुलशन ने 4 छक्के और तीन चौके की मदद से 38 गेंदों पर 52 रन बनाए. अर्जुन कुमाल (43 रन) और रोहित कुमार पौडेल (40 रन) ने भी उपयोगी योगदान दिया. यूएई की ओर से अबरार अहमद सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 विकेट झटके. खुजैमा तनवीर ने 2 विकेट लिए, जबकि हैदर अली और आदिब उस्मानी को एक-एक सफलता मिली.

    नेपाल और यूएई इससे पहले 2023 में भी प्रीमियर कप के फाइनल में आमने-सामने आए थे, जहां नेपाल ने यूएई को 7 विकेट से हराकर खिताब जीता था. दोनों टीमों के बीच अब तक 20 वनडे मुकाबले खेले गए हैं. इनमें नेपाल ने 12 और यूएई ने 8 मैच जीते हैं. नेपाल और यूएई दोनों ही पहले से इमर्जिंग टीम्स एशिया कप के लिए क्वालीफाई कर चुके थे.

  • ग्वालियर की सड़कों पर आवारा गोवंश बना खतरा, चरनोई जमीनों से अतिक्रमण हटाने की मांग

    ग्वालियर की सड़कों पर आवारा गोवंश बना खतरा, चरनोई जमीनों से अतिक्रमण हटाने की मांग

    ग्वालियर
    ग्वालियर शहर की यातायात व्यवस्था यूँ तो पहले ही से अतिक्रमण एवं टमटमों के बेतरतीब परिचालन से अस्त व्यस्त रहती है और ऊपर से किसी भी चौराहे पर अथवा बीच रास्ते मे आराम से बैठे अथवा लड़ते हुऐ आवारा जानवर कब किसी राहगीर को अपने सीगों से घायल कर दें यह कहा नहीं जा सकता नगर निगम प्रशासन का एक बहुत बड़ा अमला मात्र औपचारिकता करके कभी कभार गोवंश को पकडकर लाल टिपारा भेजकर अपनी इतिश्री कर लेता है और आम जनता को बीच चौराहे पर जानवरों के सींग खाने को छोड़ जाता है जबकि पूर्व में सभी शासनों द्वारा सरकारी मंदिरों से लगी तमाम भूमि को गऊचर के लिये दी जाती रही है आचार्य विनोवा भावे जी के भूदान आंदोलन के दौरान भी शासन ने इस अंचल में सेकड़ों बीघा जमीन गऊचर के लिये दी थी किन्तु अतिक्रमण करताओं द्वारा उक्त भूमियों पर कब्जा कर लेने से बेचारी गऊ माताओं को चारा मिल नहीं पाता और चारे के अभाव में गोमाता गाँव छोड़कर शहरों की और आ जाती हैं और कुछ लालची व्यक्ति जब गो माता दूध देना बंद कर देती हैं तो ऐसे गोवंशो को शहर मे छोड़ जाते हैं और वे बिचारि इधर उधर बदहवास सी दौड़ती फिरती हैं कुछ शहरी व्यक्ति भी अपने पापों से मुक्ति पाने के लिये बीच बाजारों में गोवंशो को चारा डालकर यातायात को अवरुद्र करने में अपना योगदान दे देते हैं l

    ऐसा कहाँ जाता है कि द्वापर काल में भगवान श्रीकृष्णजी का गोवंश चराने का क्षेत्र गोहद तक रहा था किन्तु अब ऐसा जान पड़ता है कि वर्तमान मे यह क्षेत्र ग्वालियर नगर निगम सीमा तक बढ़ गया है क्योंकि जहां देखो वही जानवर बीच चौराहे पर झुण्ड के झुण्ड खड़े होकर अथवा चौराहे पर बैठकर आम नागरिकों के लिये खतरा बन जाते है और कभी कभी माता बहनों एवं विशेषकर बुजुर्ग व्यक्ति इनकी चपेट में आ ही जाते हैं और दुर्घटना ग्रस्त हो जाते हैं l
    मेरा जिलाधीश महोदय एवं नव नियुक्त आयुक्त महोदय से आग्रह है कि ग्वालियर में चरनोइ की जमीनों एवं गोदान आंदोलन के दौरान दान में दी गई भूमियों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाये जिससे पूजनीय गऊ माताओं को को चारा खाने एवं भोजन करने के लिये शहरों में आने का मौका ही ना मिले और शहर में आकर पाँलीथिन खाकर अकाल मौत का सामना भी नहीं करना पड़े एवं जिससे शहर की यातायात व्यवस्था भी बिगड़ने से बच सके और आम नागरिकों को भी जानवरों के बदहवास दौड़ने एवं आपस में लड़ने से अनावश्यक होने वाली दुर्घटनाओं से बचाया जा सके l

     

  • रायपुर में तेज आवाज में DJ बजाने से जर्जर इमारत का हिस्सा गिरा, मची अफरा-तफरी

    रायपुर में तेज आवाज में DJ बजाने से जर्जर इमारत का हिस्सा गिरा, मची अफरा-तफरी

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर के सदर बाजार इलाके में शुक्रवार देर रात तेज आवाज में डीजे बजाने से एक पुरानी और जर्जर इमारत का सामने का हिस्सा अचानक गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। इमारत गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची।

    एहतियात के तौर पर पुलिस ने कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई अनहोनी नहीं हुई। जानकारी के मुताबिक, यह जर्जर इमारत सहेली ज्वेलर्स के सामने स्थित है। इमारत के नीचे पान की दुकान संचालित होती है। बिल्डिंग का हिस्सा गिरने का आभास होते ही दुकानदार और वहां मौजूद लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए। दिन के समय इस इलाके में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। देर रात घटना होने से एक बड़ा हादसा टल गया।

    सीएम साय ने बैठक लेकर जर्जर भवनों को ढहाने के दिए थे निर्देश
    बता दें कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दो दिन पहले ही जर्जर भवनों को लेकर सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को बैठक ली थी। सीएम ने निर्देश दिया था कि जर्जर भवन ढहाए जाएं और कलेक्टर-एसपी अपने-अपने क्षेत्रों में भवनों की नियमित निगरानी करें। अधिकारी सुनिश्चित करें कि शासन के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन हो। मुख्यमंत्री ने कहा था कि यदि जोखिमपूर्ण भवनों की जांच में लापरवाही हुई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संभावित खतरों की पहचान कर समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

    नगर निगम ने पहले ही जारी किया था नोटिस
    नगर निगम जोन-4 के कमिश्नर के मुताबिक, संबंधित मकान काफी जर्जर स्थिति में था और नगर निगम की ओर से भवन मालिक को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका था। शुक्रवार देर रात अचानक इमारत का एक हिस्सा गिर गया। घटना के बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाने का काम शुरू किया। आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

    तेज आवाज में डीजे बजाने से पुलिस ने किया मना
    पुलिस ने आसपास के लोगों से भवन के पास तेज आवाज में डीजे या साउंड सिस्टम नहीं बजाने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, जर्जर हिस्से को हटाने और इलाके को सुरक्षित करने के दौरान किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी या खतरा न हो, इसके लिए सावधानी बरती जा रही है। फिलहाल नगर निगम जोन अध्यक्ष और निगम की टीम मौके पर मौजूद है। क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाने के साथ ही आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित करने की कार्रवाई जारी है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को आगर मालवा से अंतरित करेंगे लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को आगर मालवा से अंतरित करेंगे लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को आगर मालवा से अंतरित करेंगे लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त

    प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंचेंगे 1,835 करोड़ रुपये

    अब तक 65,395 करोड़ से अधिक का अंतरण
    मुख्यमंत्री 225.95 करोड़ के 33 कार्यों का भूमि-पूजन, 28.14 करोड़ के 17 कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे

    आगर मालवा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 13 सितंबर को आगर मालवा से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की सितंबर माह की 40वीं किस्त का अंतरण करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार 150 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,835 करोड़ 09 लाख 22 हजार 450 रुपये की मासिक आर्थिक सहायता सीधे अंतरित की जाएगी। सितंबर की किस्त के साथ ही योजना के प्रारंभ से अब तक महिलाओं को नियमित मासिक सहायता के रूप में अंतरित राशि 65,395.99 करोड़ रुपये हो जाएगी।

    1,000 रुपये से शुरू हुई सहायता अब 1,500 रुपये प्रतिमाह

    मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। उस समय पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। अक्टूबर 2023 से इसमें 250 रुपये की वृद्धि कर सहायता राशि 1,250 रुपये प्रतिमाह की गई। नवंबर 2025 से एक बार फिर 250 रुपये की वृद्धि के बाद पात्र महिला हितग्राहियों को वर्तमान में 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

    योजना में ऐसी पात्र लाभार्थी महिलाओं को भी प्रावधान के अनुसार लाभ दिया जा रहा है, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से प्रतिमाह 900 रुपये प्राप्त हो रहे हैं। इस व्यवस्था के तहत उन्हें अंतर की राशि उपलब्ध कराई जा रही है ।

    जून 2023 से अगस्त 2026 तक लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 39 नियमित मासिक किस्तों का भुगतान किया जा चुका है। अब सितंबर में 40वीं किस्त अंतरित की जाएगी। इसके अतिरिक्त रक्षाबंधन के अवसर पर अगस्त 2023, अगस्त 2024, अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की विशेष आर्थिक सहायता भी दी गई है।

    महिलाओं तक पहुंची 65 हजार करोड़ से अधिक की राशि

    लाड़ली बहना योजना के माध्यम से जून 2023 से अगस्त 2026 तक 63,560.90 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर 2026 तक योजना के अंतर्गत 11,300 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है।वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके अलावा आगर मालवा में 225 करोड़ रुपये से अधिक के कुल 33 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 28 करोड़ से अधिक के17 कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस कार्यक्रम का करेंगे शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस कार्यक्रम का करेंगे शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस कार्यक्रम का करेंगे शुभारंभ

    जनजातीय मानव अधिकारों के संरक्षण और योजनाओं की उन तक पहुंच पर होगा मंथन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार, 13 सितंबर को भोपाल स्थित आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समारोह के मुख्य अतिथि और जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह विशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष (कार्यवाहक) डॉ. अवधेश प्रताप सिंह करेंगे।

    अनुसूचित जनजाति वर्ग के मानव अधिकारों पर होगा विचार-विमर्श

    कार्यक्रम में ‘अनुसूचित जनजाति वर्ग के मानव अधिकारों का संरक्षण एवं शासकीय योजनाओं की उन तक पहुंच’ विषय पर वक्ताओं के उद्बोधन होंगे, साथ ही प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनजातीय कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में मिशन कर्मयोगी अंतर्गत साधना सप्ताह में अच्छे प्रदर्शन के लिए जनजातीय कार्य विभाग के उत्कृष्ट अधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

    स्मारिका और डायरी का होगा विमोचन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और आयोजन के अतिथि मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग, भोपाल द्वारा प्रकाशित विषय आधारित ‘स्मारिका’ एवं बहुउपयोगी डायरी का विमोचन करंगे। स्मारिका में विभिन्न लेखकों के विषय आधारित आलेखों के साथ जनजातीय वर्ग के मानव अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की उन तक पहुंच से संबंधित जानकारी शामिल की गई है।

    जनजातीय प्रतिनिधि एवं विद्यार्थी होंगे शामिल

    कार्यक्रम में म.प्र. राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा, आयुक्त तरुण राठी सहित मानव अधिकार आयोग एवं जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, विभागीय हितग्राही, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि और जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी उपस्थित रहेंगे।

     

  • BRICS Dinner में जिनपिंग-पुतिन को परोसे जाएंगे खास भारतीय व्यंजन, CM योगी समेत कई मुख्यमंत्री होंगे शामिल

    BRICS Dinner में जिनपिंग-पुतिन को परोसे जाएंगे खास भारतीय व्यंजन, CM योगी समेत कई मुख्यमंत्री होंगे शामिल

    नई दिल्ली

    दिल्ली में इन दिनों दुनिया भर की निगाहें टिकी हैं. मौका है 18वें ब्रिक्स समिट (BRICS Summit 2026) का, जहां अलग-अलग देशों के बड़े नेता और मेहमान जुट रहे हैं. इस सम्मेलन में दुनिया भर के मुद्दों पर गंभीर बातचीत हो रही है, लेकिन कमान सिर्फ मीटिंग रूम तक ही सीमित नहीं है. असली जादू तो होटल के डाइनिंग टेबल और किचन में चल रहा है, जहां खाने के जरिए दिलों को जोड़ने की पूरी तैयारी कर ली गई है. मेनू में नल्ली निहारी से लेकर बादाम पेपर फ्राई और बहुत कुछ खास है। 

    ​राजधानी के मशहूर ताज होटल (Taj Mahal, New Delhi) में इन दिनों गजब की हलचल है. यहां मेहमानों के स्वागत के लिए एक बेहद खास और दिल को छू लेने वाला इंडिया फ्रेंडशिप मेनू तैयार किया गया है. इसे डिजाइन करने वाले हैं होटल के एग्जीक्यूटिव शेफ कौशिक मिश्रा. शेफ और उनकी पूरी टीम ने पिछले 3 से 6 महीनों तक कड़ी मेहनत करके इस मेनू को फाइनल किया है. उनका मकसद सिर्फ खाना परोसना नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और मेहमानों के दिलों तक अपनापन पहुंचाना है। 

    ​शेफ कौशिक मिश्रा ने बताया कि इस मेनू को तैयार करने से पहले मेहमानों की पसंद और नापसंद का पूरा ध्यान रखा गया है. उन्होंने कहा, यह परंपरा पिछले 48 सालों से चली आ रही है. हमने मेहमानों के लिए कई खास चीजें सोची हैं. इसमें भारत के अपने मसाले, हर्ब और फूलों का इस्तेमाल किया गया है. इसके साथ ही, हमने इंडिया फ्रेंडशिप मेनू बनाया है जो खासतौर पर इन-रूम डाइनिंग के लिए है। 

    मेनू में क्या है खास-
    ​इस खास मेनू में दिल्ली के मशहूर खान-पान के साथ-साथ पूरे देश के बेहतरीन स्वाद को शामिल किया गया है. नल्ली निहारी (Nalli Nihari), बादाम के साथ पेपर फ्राई और कई दूसरे पारंपरिक लजीज व्यंजन शामिल हैं. खास बात यह है कि खाने में भारत के अलग-अलग राज्यों की खुशबू और स्वाद साफ झलकेगा. ​मेहमानों को सिर्फ खाना ही नहीं परोसा जा रहा, बल्कि उन्हें भारत की संस्कृति से रूबरू कराने के लिए कई और अनोखे इंतजाम भी किए गए हैं। 

    शेफ और उनकी टीम ने डेलिगेट्स के देशों के हिसाब से कमल और ऑर्किड जैसे फूलों से प्रेरणा लेकर चॉकलेट, प्रालीन, मिठाइयां और नमकीन तैयार किए हैं. इसके अलावा, भारत का एक खास फूड मैप भी बनाया गया है, जो देश के अलग-अलग राज्यों और राजधानियों के स्थानीय स्नैक्स के बारे में बताता है। 

    इससे विदेशी मेहमान आसानी से समझ पाएंगे कि भारत के किस कोने में क्या खास खाया जाता है. ​इस पूरे तजुर्बे को और खास बनाने के लिए एक कॉन्सेप्ट नोट भी तैयार किया गया है, जिसमें खाने की हर डिश और उसमें इस्तेमाल होने वाली चीजों के महत्व के बारे में विस्तार से लिखा गया है. लेकिन इन सबके बीच सबसे खूबसूरत चीज है वह रेसिपी बुक, जो मेहमानों को तोहफे में दी जाएगी। 

    ​शेफ कौशिक मिश्रा ने बताया कि इस रेसिपी बुक में शेफ की अपनी माताओं की खास रेसिपीज शामिल हैं, जिन्हें मेहमान समिट खत्म होने के बाद अपने साथ अपने देश ले जा सकेंगे. यह एक ऐसा तोहफा है जो कूटनीति के माहौल में एक बेहद निजी और घरेलू अहसास जोड़ देता है। 

    ​ताज होटल की यह किचन इन दिनों सिर्फ चूल्हे और बर्तनों की जगह नहीं, बल्कि भारत की मेहमाननवाज संस्कृति का असली चेहरा बन चुकी है. क्षेत्रीय व्यंजनों के साथ-साथ विदेशी मेहमानों के घरों जैसे स्वाद का यह मेल साबित करता है कि खाना सिर्फ भूख मिटाने का जरिया नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों को करीब लाने का सबसे बेहतरीन और आसान तरीका है। 

     डिनर में दिखेंगे कौन से मुख्यमंत्री आमंत्रित

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को ही दिल्ली आ गए थे. उनकी पीएम नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता हुई थी और दोनों नेताओं ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया था. इस बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी अब दिल्ली पहुंच गए हैं. आज ही यानी शनिवार की शाम को 7:30 बजे एक विशेष भोज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देने वाले हैं. इस भोज में ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्ष और अन्य नेता शामिल रहेंगे. यही नहीं इस रात्रि भोजन में भारत के भी तमाम प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. केंद्र सरकार के मंत्रियों के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी रहेंगे. इनमें योगी आदित्यनाथ का नाम प्रमुख है. भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री दिल्ली पहुंच रहे हैं और वे रात्रिभोज में रहेंगे। 

    अब तक मिली जानकारी के अनुसार यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा इस भोज का हिस्सा बनेंगे. इसके अलावा गुजरात के सीएम भूपेंद्र सिंह पटेल, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी रात्रि भोजन का हिस्सा बनेंगे. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी दिल्ली पहुंच रहे हैं. इस रात्रि भोज में कई और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. जानकारी मिली है कि पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी भी इसके लिए दिल्ली आ रहे हैं. देश भर के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इसमें न्योता मिला है। 

    आज शाम को होना वाला रात्रि भोज राष्ट्रपति भवन में होगा. इस आयोजन में 160 सदस्यों वाला एक दल सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश करेगा. इस प्रोग्राम में चीन, रूस और ईरान समेत ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी. इस डिनर का मेन्यू दिल्ली के खास शेफों द्वारा तैयार कराया गया है. चीन, रूस, ईरान, सऊदी अरब, इथियोपिया समेत सभी सदस्य देशों की संस्कृति का ख्याल भी खानपान में रखा जा रहा है. व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग जैसे नेताओं के खाने की पसंद का भी इसमें विशेष ख्याल रखा गया है। 

    दूसरा दिन: 13 सितंबर को साझेदार देशों की भी भागीदारी
    शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन कार्यक्रम का दायरा और व्यापक होगा। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के अलावा साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के नेता भी शामिल होंगे। इसके बाद समावेशी वैश्विक विकास से जुड़े मुद्दों पर खुला सत्र आयोजित किया जाएगा।

        सुबह 9:55 बजे: ब्रिक्स देशों, साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के नेताओं का आगमन।
        सुबह 10:35 बजे: नेताओं की आधिकारिक सामूहिक तस्वीर।
        सुबह 10:50 बजे: खुला सत्र शुरू होगा। इसका विषय होगा 'मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी: समावेशी ग्लोबल ग्रोथ के लिए भविष्य को आकार देना'।

    द्विपक्षीय बैठकों पर भी नजर
    दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान औपचारिक कार्यक्रमों के साथ नेताओं के बीच होने वाली अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकों पर भी नजर रहेगी। सम्मेलन के अंत में किसी संयुक्त घोषणा या नए समझौते की घोषणा होती है या नहीं, इस पर भी खास ध्यान रहेगा। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में आयोजित हो रहे इस शिखर सम्मेलन के कार्यक्रम में वैश्विक शासन, बहुपक्षीय सहयोग, लचीलापन, नवाचार और सतत विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।