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  • राज्यपाल पटेल ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. शास्त्री को किया नमन

    राज्यपाल पटेल ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. शास्त्री को किया नमन

    राज्यपाल पटेल ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. शास्त्री को किया नमन

    राज्यपाल ने गांधी जयंती पर गांधी साहित्य का किया वितरण

    भोपाल 

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल लोकभवन में आयोजित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्यपाल पटेल ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका नमन किया। गांधी साहित्य का वितरण किया।

    राज्यपाल पटेल ने लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों को महात्मा गांधी की पुस्तक "माय एक्सपेरिमेंट विथ ट्रुथ" भेंट की। लोकभवन के बैंक्वेट हाँल में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, उप सचिव सुनील दुबे, सचिव जनजातीय प्रकोष्ठ श्रीमती मीनाक्षी सिंह एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

     

  • भारत की नजर क्लीन स्वीप पर, तीसरे वनडे में इन खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका

    भारत की नजर क्लीन स्वीप पर, तीसरे वनडे में इन खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका

    नई दिल्ली
    तीन मैचों की सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी भारतीय टीम नजर शनिवार को महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे में क्लीन स्वीप के साथ बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मौका देने पर होगी। भारत ने सीरीज में दबदबा बनाए रखा है, लेकिन उनके प्रदर्शन के बजाय चर्चा पिच के बल्लेबाजी के अनुकूल होने पर केंद्रित रही है, क्योंकि पिछले वनडे में 800 से अधिक रन बने थे। इन परिस्थितियों की आलोचना करने वालों में भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी शामिल हैं, जो बल्ले और गेंद के बीच संतुलन देखना चाहते हैं।

    बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका
    गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे में आठ विकेट से जीत के साथ भारत ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली थी। उस मैच में कप्तान शुभमन गिल ने नाबाद 223 और रोहित शर्मा ने 101 रन बनाए थे। इस नतीजे ने टीम मैनेजमेंट को तुरंत मिलने वाले परिणाम से आगे देखने और उन खिलाड़ियों को परखने का मौका दिया है जिन्हें सीरीज में कम खेलने का मौका मिला है। इसलिए, कल अपराह्न होने वाला तीसरा वनडे भारत की बेंच स्ट्रेंथ (रिजर्व खिलाड़ियों) के लिए एक अहम मौका साबित हो सकता है।

    टॉप ऑर्डर ने दोनों मैचों में बनाए रन
    ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज और स्क्वाड में शामिल अन्य खिलाड़ियों पर विचार किया जा सकता है, क्योंकि भारत जीत का कॉम्बिनेशन बनाए रखते हुए खिलाड़ियों को खेलने का समय देना चाहता है। शुरुआती दोनों मैचों में रोहित-गिल और कोहली ने रन बनाए हैं। भारत की मूल वनडे टीम में 15 खिलाड़ी शामिल थे, जिनमें कप्तान गिल के अलावा रोहित, विराट कोहली, गायकवाड़, राहुल, ध्रुव जुरेल, नीतीश, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, सिराज, आकिब नबी, यशस्वी जायसवाल और नमन धीर शामिल थे। हालांकि, दूसरे वनडे के दौरान बाएं हैमस्ट्रिंग में चोट लगने के कारण प्रसिद्ध निर्णायक मैच से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है।

    गेंदबाजों ने बढ़ाई टेंशन
    भारत को बीच के ओवरों में भी विकेट लेने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कुलदीप यादव को अन्य गेंदबाजों से ज्यादा सहयोग नहीं मिल रहा है। जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पिछले आठ मैचों में सिर्फ तीन विकेट लिए हैं। भारत के लिए सबसे बड़ी समस्या गेंदबाजी आक्रमण है। प्रसिद्ध कृष्णा बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग (मांसपेशियों में खिंचाव) में चोट के कारण अंतिम वनडे से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है।

    मोहम्मद सिराज को पहले दो मैच में खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन वह इस मैच में वापसी कर सकते हैं। हैदराबाद के इस तेज गेंदबाज ने श्रीलंका दौरे के बाद से अपनी सर्वश्रेष्ठ लय नहीं पकड़ी है। वह हालांकि सीमित ओवरों के प्रारूप में अपनी छाप छोड़ने के लिए उत्सुक होंगे।

    भारत के वनडे तेज गेंदबाजी आक्रमण में जगह पाने की होड़ लगातार बढ़ती जा रही है। गुरनूर बराड़, प्रसिद्ध और आकिब नबी जैसे खिलाड़ी भी दावेदारों में शामिल हैं, जबकि जसप्रीत बुमराह की जगह पक्की बनी हुई है। इसलिए युवा तेज गेंदबाजों के लिए यह आखिरी वनडे मैच इस साल के अंत में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की सीरीज से पहले अपनी दावेदारी मजबूत करने का एक और मौका होगा।

    वेस्टइंडीज के पास आखिरी मौका
    मुल्लांपुर में पहली बार पुरुषों का वनडे मैच खेला जा रहा है, ऐसे में गेंदबाजों को उम्मीद होगी कि यहां की पिच तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी की पिचों की तुलना में अधिक मददगार साबित होगी। वेस्टइंडीज भले ही सीरीज हार चुका है लेकिन उसके बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। वेस्टइंडीज के लिए आखिरी वनडे सीरीज से कुछ हासिल करने का मौका है, क्योंकि दो हार के बावजूद उनकी बल्लेबाजी में काफी सुधार दिखा है। गुवाहाटी में उनके 405/7 के स्कोर में जॉन कैंपबेल, शाई होप और अमीर जांगू के शतक शामिल थे। मेहमान टीम के इतने बड़े स्कोर ने दूसरे वनडे को हाई-स्कोरिंग मुकाबला बना दिया, हालांकि आखिर में भारत की जीत ने उनके प्रयास को फीका कर दिया।

  • एशियन गेम्स में भारत का धमाल, 13वें दिन 6 मेडल; लवलीना और परवीन हुड्डा ने जीते गोल्ड

    एशियन गेम्स में भारत का धमाल, 13वें दिन 6 मेडल; लवलीना और परवीन हुड्डा ने जीते गोल्ड

    नई दिल्ली
    एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन भारत का दमदार प्रदर्शन जारी है। दिन की शुरुआत तीरंदाजी में गोल्ड मेडल के साथ हुई। भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने कॉन्टिनेंटल इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतकर एशियन गेम्स में इतिहास रचा। रोमांचक फाइनल में खिताब की प्रबल दावेदार दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ की भारतीय टीम ने 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया की टीम को मात दी। इसके बाद तीरंदाजी में ही भारत को दिन का दूसरा मेडल सिल्वर के रूप में मिला। कुमकुम मोहोद और धीरज बोम्मादेवरा की जोड़ी फाइनल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसके बाद सेलिंग में भारत को नेत्रा कुमानन ने ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। मुक्केबाजी में लवलीना चमकी, जन्मदिन के खास मौके पर उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। तीरंदाजी में पुरुषों के रिकर्व टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। सेपकटकराव में भारतीय मेंस टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने एशियाई खेलों में महिलाओं की 65 किलो स्पर्धा में चीनी ताइपै की नियेन चिन चेन को 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

    पहलवान सुजीत कलकल ने ओलंपिक चैंपियन कोटारा कियूका को 3-3 से हराकर एशियाई खेलों में पुरुषों के 65kg वर्ग के फाइनल में जगह बनाई। उनका गोल्ड मेडल मैच 2.46 से शुरू होगा।

    परवीन हुड्डा ने बॉक्सिंग में जीता गोल्ड
    परवीन हुड्डा ने शानदार प्रदर्शन के साथ महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में खिताबी मुकाबला जीता। भारतीय मुक्केबाज परवीन हूडा ने एशियन गेम्स में महिला 65 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने चीनी ताइपे की निएन-चिन चेन को 3-2 से हराया।

    सेपकटकराव: भारत ने पुरुषों के क्वाड्रंट में ब्रॉन्ज जीता
    भारत के अरुण, बॉबी कुमार, लोखोन सिंह, मालेमंगंबा सिंह, राम कुमार शर्मा और आकाश युमनन ने जापान के खिलाफ सेमीफाइनल हारने के बाद ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।

    आर्चरी: धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप भोगे और नीरज चौहान ने जीता सिल्वर
    भारत ने पुरुषों के रिकर्व टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता, साउथ कोरिया ने आखिरी फेज में 2-0 से सेट जीतकर गोल्ड मेडल जीता, जिससे कुल मिलाकर 5-1 की जीत हुई। भारत के धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप भोगे और नीरज चौहान ने सिल्वर मेडल के साथ मैच खत्म किया।

    बॉक्सिंग में लवलीना ने जीता गोल्ड मेडल
    लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75kg बॉक्सिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीता है, उन्होंने चीन की बाओ जियाई को 5-0 के एकमत फैसले से हराया। यह उनका एशियन गेम्स में पहला गोल्ड है।महिला बॉक्सिंग में यह भारत का सिर्फ दूसरा गोल्ड मेडल है। 2014 में मैरी कॉम के मेडल के बाद यह पहला गोल्ड मेडल है। लवलीना ने महिलाओं की 75kg का फाइनल एकमत फैसले से जीता।

    सेलिंग में नेत्रा कुमानन ने जीता ब्रॉन्ज मेडल
    नेत्रा कुमानन ने महिलाओं की डिंगी में 14 नेट पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता और फाइनल रेस में पहला स्थान हासिल करके मेडल पक्का किया। रेस से पहले वह चौथे स्थान पर थीं। वह हांगकांग चीन की ओलंपियन स्टेफ़नी नॉर्टन के बराबर पॉइंट्स पर रहीं, लेकिन बेहतर हेड-टू-हेड रिकॉर्ड की वजह से ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह इन एशियन गेम्स में भारत का तीसरा सेलिंग मेडल है, इससे पहले कल पुरुषों और महिलाओं के स्किफ़ इवेंट्स में क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज़ मेडल जीते थे।
    आर्चरी: दिहराज और कुमकुम ने रिकर्व मिक्स्ड टीम में सिल्वर जीता

    कुमकुम मोहोद और धीरज बोम्मादेवरा गोल्ड मेडल मैच में चीन से हार गए और सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

    आर्चरी: अंकिता, कीर्ति, कुमकुम ने रिकर्व आर्चरी महिला टीम में गोल्ड जीता
    अंकिता भक्त, कीर्ति और कुमकुम मोहोद की भारतीय महिला टीम ने हैवीवेट साउथ कोरिया को हराकर महिला टीम रिकर्व आर्चरी में ऐतिहासिक गोल्ड जीता।

     

  • आज भोपाल आएंगे अमित शाह, 3 अक्टूबर को गोपालक सम्मेलन में होंगे शामिल

    आज भोपाल आएंगे अमित शाह, 3 अक्टूबर को गोपालक सम्मेलन में होंगे शामिल

    भोपाल 

    प्रदेश में राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के ठीक अगले दिन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भोपाल पहुंचेंगे। शाह करीब 23 घंटे राजधानी में रहेंगे। उनका दौरा मुख्य रूप से डेयरी, सहकारिता, पशुपालन, पुलिस और उच्च शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित रहेगा। तीन अक्तूबर को भेल दशहरा मैदान में होने वाला राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन उनके दौरे का प्रमुख कार्यक्रम होगा, जिसमें 35 हजार से ज्यादा गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्य जुटेंगे। शाह दो अक्तूबर की रात करीब नौ बजे भोपाल पहुंचेंगे और होटल ताज में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन दिनभर अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद रात करीब आठ बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। 

    35 हजार गोपालकों के बीच बड़ा आयोजन
    भेल दशहरा मैदान में होने वाले सम्मेलन में पशुपालकों को बोनस राशि और गौशालाओं के लिए सहायता दी जाएगी। गोपालक दीदियों का सम्मान होगा और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी बांटे जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार की ओर से कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किए गए कामों और बलराम कृषि महोत्सव की गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। गृह, पशुपालन एवं डेयरी, सहकारिता, लोक निर्माण और परिवहन विभाग भी अपनी योजनाओं की जानकारी देंगे। भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालकों को बोनस तथा गौशालाओं के लिए सहायता देने के कार्यक्रम भी होंगे। 

    सांची के कारोबार को दूध से आगे ले जाने की तैयारी
    शाह भोपाल सहकारी दुग्ध संघ परिसर में तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का शुभारंभ भी करेंगे। 16.80 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट में केंद्र सरकार का छह करोड़ रुपये का अनुदान और भोपाल सहकारी दुग्ध संघ का 10.80 करोड़ रुपये का अंशदान है। प्लांट में रोज 40 हजार लीटर दूध के प्रसंस्करण की क्षमता है।   

    उज्जैन की 255 करोड़ की परियोजना भी एजेंडे में
    उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में डेयरी कारोबार को बढ़ावा देने के लिए 255 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक डेयरी प्लांट बनाया जाएगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर 2026 को भोपाल से इस प्लांट का डिजिटल भूमिपूजन करेंगे। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ की ओर से बनाए जा रहे इस प्लांट से दूध के प्रसंस्करण और उससे बनने वाले उत्पादों की क्षमता बढ़ेगी। परियोजना की कुल लागत में से 170 करोड़ रुपये राज्य सरकार अनुदान के रूप में देगी, जबकि 85 करोड़ रुपये दुग्ध संघ ऋण के माध्यम से जुटाएगा। प्लांट को अगले दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    रोज तीन लाख लीटर दूध होगा प्रोसेस
    उज्जैन के प्रस्तावित प्लांट में शुरुआत में रोज तीन लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण की क्षमता होगी। भविष्य में इसे बढ़ाकर पांच लाख लीटर प्रतिदिन किया जा सकेगा। इससे उज्जैन और आसपास के इलाकों में बढ़ रहे दूध उत्पादन को स्थानीय स्तर पर प्रोसेस करने में मदद मिलेगी।

    दूध, दही, छाछ और घी का होगा उत्पादन
    प्लांट में कई तरह के डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। यहां रोजाना 1.50 लाख लीटर पैक्ड मिल्क, 25 हजार लीटर दही और 10 हजार लीटर लस्सी-छाछ बनाने की क्षमता होगी। इसके साथ ही रोज 10 मीट्रिक टन घी बनाने का प्लांट भी लगाया जाएगा।

    नए कानूनों से लेकर IISER तक कार्यक्रम
    शाह भेल मैदान में पुलिस मुख्यालय की ओर से लगाए गए नए आपराधिक कानूनों पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन करेंगे। इसके बाद भौंरी में IISER के अत्रि परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी प्रस्तावित है। इस तरह राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के बाद अमित शाह का भोपाल कार्यक्रम प्रदेश की राजनीति के बीच अलग-अलग सरकारी और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। हालांकि शाह के घोषित कार्यक्रमों में मुख्य जोर डेयरी और सहकारिता क्षेत्र के विस्तार, पशुपालकों को योजनाओं का लाभ और सरकारी परियोजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास पर है। 

     

    पशुपालकों को बोनस, गौशालाओं को मदद
    कार्यक्रम में शाह भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालकों को बोनस वितरित करेंगे। गौशालाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। गोपालक दीदियों का सम्मान होगा और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी वितरित किए जाएंगे।

    डेयरी क्षेत्र में भी कई घोषणाएं
    दौरे के दौरान प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और डेयरी प्रसंस्करण से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात भी प्रस्तावित है। इनमें उज्जैन में 255 करोड़ रुपए का डेयरी प्लांट और भोपाल में फॉर्म्युलेटेड/फर्मेंटेड मिल्क प्रोडक्ट से जुड़ी सुविधा शामिल है।

    भोपाल दुग्ध संघ परिसर में तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट पर 16.80 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इससे दही, छाछ, लस्सी, श्रीखंड और मावा जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों की प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने की योजना है।

    किसान फोकस क्यों?
    मध्यप्रदेश विधानसभा में 2026 में दिए गए सरकारी जवाब के अनुसार 30 जून 2026 तक प्रदेश में 1,11,88,295 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी थी। सरकार ने विधानसभा में कहा कि जिलावार फार्मर आईडी की जानकारी परिशिष्ट में दी गई है और शेष किसानों की आईडी बनाने की प्रक्रिया जारी है।

    यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि फार्मर आईडी की संख्या को किसान वोटरों की संख्या नहीं माना जा सकता। मतदाता सूची में मतदाताओं को किसान या गैर-किसान के आधार पर वर्गीकृत नहीं किया जाता। इसलिए किसी जिले में कितने किसान मतदाता हैं, इसका अलग आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

    केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक के आंकड़ों में भी मध्यप्रदेश में 1.04 करोड़ से अधिक किसान आईडी बनने की जानकारी दी गई थी। जून तक राज्य सरकार का आंकड़ा बढ़कर 1.11 करोड़ से अधिक हो गया।

    शाह के हालिया कार्यक्रमों और बयानों में भी किसान-सहकारिता का जिक्र
    अमित शाह के इस दौरे का किसान-सहकारिता से जुड़ाव उनके हालिया राष्ट्रीय कार्यक्रमों से भी दिखाई देता है। 23 जून 2026 को सहकारिता मंत्री के तौर पर शाह ने NAFED का NAFEX ई-ऑक्शन पोर्टल लॉन्च किया था।

    उस कार्यक्रम में उन्होंने NAFED और NCCF को अगले दो वर्षों में दलहन की खरीद सीधे किसानों से करने की दिशा में काम करने को कहा था। उन्होंने किसानों को भुगतान सीधे बैंक खातों में पहुंचाने और बिचौलियों की भूमिका कम करने पर जोर दिया था।

    इसके बाद 7 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच नर्मदा अवॉर्ड से जुड़े लंबित भुगतान के मुद्दे पर अमित शाह की मौजूदगी में समझौता हुआ। उस मौके पर शाह ने कहा था कि नर्मदा परियोजना से जुड़े राज्यों को पानी और बिजली का लाभ मिला है और नर्मदा का पानी जिन क्षेत्रों तक पहुंचा है, वहां किसानों की स्थिति और जमीन के मूल्य में बदलाव आया है।

  • शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने स्कूलों में साईंश्योर न्यूट्रिशन पायलट प्रोजेक्ट का किया शुभारंभ

    शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने स्कूलों में साईंश्योर न्यूट्रिशन पायलट प्रोजेक्ट का किया शुभारंभ

    शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने स्कूलों में साईंश्योर न्यूट्रिशन पायलट प्रोजेक्ट का किया शुभारंभ

    तीन शासकीय विद्यालयों के लगभग 500 बच्चों को मिलेगा निःशुल्क पोषण सहयोग

     बच्चों के स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता को मिलेगा बढ़ावा

    रायपुर
    प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट के सहयोग से छत्तीसगढ़ में “साईंश्योर न्यूट्रिशन कार्यक्रम” के पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ गुरुवार को किया। रायपुर जिले के तीन शासकीय विद्यालयों से शुरू किए गए इस कार्यक्रम के प्रथम चरण में लगभग 500 बच्चों को निःशुल्क पोषण सहयोग प्रदान किया जाएगा।

    इन स्कूलों के बच्चे होंगे लाभान्वित

           पायलट प्रोजेक्ट के तहत नवीन प्राथमिक शाला नवागांव, प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल परसदा तथा शासकीय विद्यालय छेरीखेड़ी के बच्चों को साईंश्योर न्यूट्रिशन उपलब्ध कराया जाएगा।

            कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को नियमित पौष्टिक आहार सहयोग देकर उनके स्वास्थ्य, एकाग्रता, सीखने की क्षमता और समग्र विकास को प्रोत्साहित करना है।

    पोषण से शिक्षा तक की सोच

             कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट के ट्रस्टी आनंद कडली, शिक्षा विभाग के अधिकारी, विद्यालयों के शिक्षक, सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की टीम सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने बच्चों को साईंश्योर न्यूट्रिशन का वितरण कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की।

            ट्रस्ट के अनुसार वर्तमान में देश के 25 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में एक करोड़ से अधिक स्कूली बच्चों तक प्रातःकालीन पोषण सेवा पहुंचाई जा रही है।

            ज्ञात हो कि जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सत्य साईं ग्राम, मुद्देनहल्ली का दौरा कर सद्गुरु मधुसूदन साईं से भेंट की थी। इस दौरान पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई थी। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में साईंश्योर न्यूट्रिशन कार्यक्रम को प्रारंभ करने की दिशा में पहल की गई।

               शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि पोषित बच्चा ही बेहतर सीख सकता है। रायपुर जिले में लगभग 500 बच्चों के साथ शुरू किए गए इस पायलट कार्यक्रम के अनुभवों के आधार पर भविष्य में इसे राज्य के अन्य क्षेत्रों और अधिक शासकीय विद्यालयों तक विस्तारित किया जाएगा।

  • सुजीत कलकल ने रचा इतिहास, 2-9 से पिछड़ने के बाद 10-9 से जीता गोल्ड; ताजिक पहलवान को दी मात

    सुजीत कलकल ने रचा इतिहास, 2-9 से पिछड़ने के बाद 10-9 से जीता गोल्ड; ताजिक पहलवान को दी मात

    आइची-नागोया
    आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार (2 अक्टूबर) को भारतीय रेसलर सुजीत कलकल ने ऐसा मुकाबला जीता, जिसमें एक समय जीत की उम्मीदें लगभग खत्म होती दिख रही थीं. मेन्स फ्रीस्टाइल 65 किग्रा वर्ग के फाइनल में सुजीत एक समय 2-9 से पीछे थे, लेकिन उन्होंने आखिरी पलों में जबरदस्त वापसी करते हुए ताजिकिस्तान के वर्ल्ड मेडलिस्ट पहलवान अब्दुलमजीद कुडिएव को 10-9 से मात दे दी और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया.

    यह सिर्फ एक स्वर्णिम जीत नहीं, बल्कि सुजीत कलकल के संघर्ष और लगातार आगे बढ़ने की कहानी का एक और बड़ा अध्याय है. फाइनल से पहले भी उन्होंने बड़ा उलटफेर करते हुए जापान के मौजूदा ओलंपिक चैम्पियन कोटारो कियूका को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. यानी गोल्ड मेडल तक पहुंचने के रास्ते में सुजीत ने एक के बाद एक बड़े नामों को चुनौती दी.

    फाइनल में अब्दुलमजीद कुडिएव ने शुरुआत से ही सुजीत पर दबाव बनाए रखा. मुकाबला आगे बढ़ा तो सुजीत कलकल 2-9 से पिछड़ गए. इस स्थिति में कुडिएव का पलड़ा भारी नजर आ रहा था, लेकिन सुजीत ने हार नहीं मानी. उन्होंने अपने डिफेंस को मजबूत रखते हुए मौके तलाशे और धीरे-धीरे स्कोर का अंतर कम करना शुरू किया. इसके बाद सुजीत ने लगातार अंक जुटाए और मुकाबले का रुख ही बदल दिया. देखते ही देखते 2-9 का स्कोर 10-9 हो गया. अंतिम सीटी बजते ही सुजीत की जीत पक्की हो गई और भारतीय खेमे में जश्न शुरू हो गया.

    सुजीत कलकल के लिए यह दिन इसलिए भी खास रहा क्योंकि फाइनल में पहुंचने से पहले उन्हें जापान के कोटारो कियूका की चुनौती का सामना करना पड़ा था. कियूका पेरिस ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट हैं और 65 किग्रा कैटेगरी के सबसे बड़े नामों में शामिल हैं. सुजीत ने इस मुकाबले में भी धैर्य नहीं खोया. दोनों पहलवानों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ और स्कोर 3-3 पर बराबर रहा. इसके बाद बड़े स्कोरिंग मूव के आधार पर सुजीत को विजेता घोषित किया गया. उनके इस प्रदर्शन के बाद पूर्व भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने भी सुजीत के डिफेंस की तारीफ की. उन्होंने कहा कि जापानी पहलवान के खिलाफ सुजीत का डिफेंस बेहद मजबूत था और दूसरे भारतीय पहलवान उनसे काफी कुछ सीख सकते हैं.

    सुजीत कलकल की कहानी किसी बड़े शहर की अत्याधुनिक ट्रेनिंग सुविधा से शुरू नहीं हुई. उनका जन्म 5 नवंबर 2002 को हरियाणा के भिवानी जिले के इमलोटा गांव में हुआ. उनके पिता दयानंद कलकल खुद राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती कर चुके थे और उन्होंने बेटे को इस खेल के लिए प्रेरित किया. सुजीत ने गांव के ही स्थानीय अखाड़े में कुश्ती के दांव-पेच सीखने शुरू किए. सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन उन्होंने अभ्यास जारी रखा. 2020 तक इमलोटा में ट्रेनिंग करने के बाद वह 2021 में सोनीपत चले गए. यहां उन्हें बेहतर ट्रेनिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवानों के साथ अभ्यास करने का मौका मिला.यहीं से उनके करियर ने तेजी पकड़नी शुरू की.

    कम उम्र में ही जीते कई खिताब
    2022 में सुजीत कलकल ने अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता. इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने अंडर-20 एशियन चैम्पियनशिप का खिताब भी अपने नाम किया. उसी साल उन्होंने ट्यूनिस में सीनियर रैंकिंग सीरीज का गोल्ड जीतकर सीनियर स्तर पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. हालांकि, सीनियर कुश्ती में उनकी राह आसान नहीं थी. 65 किग्रा वर्ग में भारत के पास उस समय बजरंग पूनिया जैसा बड़ा नाम था. 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स के चयन ट्रायल में सुजीत का सामना बजरंग से हुआ, जहां उन्हें 0-4 से हार मिली. लेकिन यह हार उनके सफर का अंत नहीं बनी.

    2024 में सुजीत कलकल ने 65 किग्रा वर्ग के चयन ट्रायल में जीत हासिल कर एशियन और वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका पाया. लेकिन पेरिस ओलंपिक 2024 का टिकट हासिल करने की उनकी कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से खत्म हुई. एशियन ओलंपिक क्वालिफायर के लिए बिश्केक जाते समय सुजीत और दीपक पूनिया दुबई में खराब मौसम और फ्लाइट संचालन प्रभावित होने के कारण फंस गए. दोनों देर से बिश्केक पहुंचे और प्रतियोगिता के नियमों के कारण मुकाबले में नहीं उतर सके. इसके बाद उनके पास इस्तांबुल में वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर के जरिए पेरिस पहुंचने का मौका था. सुजीत सेमीफाइनल में हार गए और फिर ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में अमेरिका के जेन रदरफोर्ड से 2-2 के स्कोर पर हार गए. इस हार के साथ पेरिस ओलंपिक में खेलने का उनका सपना टूट गया.

    पेरिस की निराशा भूल की जबरदस्त वापसी
    पेरिस की निराशा के बाद सुजीत कलकल ने जिस तरह वापसी की, उसने उन्हें भारतीय कुश्ती के उभरते हुए बड़े नामों में शामिल कर दिया. 2025 में उन्होंने अंडर-23 एशियन चैम्पियनशिप का खिताब जीता. इसके बाद बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में उन्होंने पेरिस ओलंपिक के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट इस्लाम दुदायेव को 11-0 से हराया. सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में वह क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे, जहां उन्हें ईरान के रहमान अमूजाद से 6-5 से हार मिली. अमूजाद बाद में विश्व चैम्पियन बने.

    इसके बाद सुजीत कलकल ने अंडर-23 वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 65 किग्रा का गोल्ड मेडल जीत लिया. उन्होंने खिताबी मुकाबले में उज्बेकिस्तान के स्टार रेसलर उमिदजोन जलोलोव को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया. 2026 की शुरुआत भी उनके लिए शानदार रही. उन्होंने जाग्रेब ओपन और तिराना में मुहम्मद मालो रैंकिंग सीरीज में खिताब जीते. इसके बाद बिश्केक में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप के 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीतकर सीनियर स्तर पर अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हासिल की. इस जीत के बाद वह 65 किग्रा वर्ग में दुनिया के नंबर-1 पहलवान भी बने.

  • जनसेवा के संकल्प में रंगा श्याम बिहारी जायसवाल का जन्मदिवस

    जनसेवा के संकल्प में रंगा श्याम बिहारी जायसवाल का जन्मदिवस

    जनसेवा के संकल्प में रंगा श्याम बिहारी जायसवाल का जन्मदिवस

    नई लेदरी में उमड़ा भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह, केक काटकर दी स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं

    मनेंद्रगढ़/एमसीबी

    जन्मदिवस किसी व्यक्ति के जीवन का केवल एक विशेष दिन नहीं होता, बल्कि यह उस सफर को याद करने का अवसर भी होता है, जिसमें लोगों का विश्वास, स्नेह और उम्मीदें जुड़ी होती हैं। इसी भाव के साथ भारतीय जनता पार्टी नगर पंचायत नई लेदरी के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में संस्कृतिक भवन, बाजार के समीप क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का जन्मदिवस हर्षोल्लास, आत्मीयता और उत्साह के साथ मनाया गया।

    कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं नगरवासियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। जन्मदिवस समारोह के दौरान वातावरण में उत्सव की खुशी के साथ संगठनात्मक उत्साह और अपने जनप्रतिनिधि के प्रति कार्यकर्ताओं का अपनापन भी साफ दिखाई दिया।

    कार्यकर्ताओं ने केक काटकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जन्मदिवस की खुशियां साझा कीं और मंत्री जायसवाल के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

    जन्मदिवस के साथ जनसेवा का संकल्प

    कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि का जन्मदिवस केवल उत्सव मनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों और सेवा के संकल्प को दोहराने का अवसर भी होना चाहिए। इसी भावना के साथ कार्यक्रम में जनसेवा, विकास और आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

    कार्यकर्ताओं का कहना था कि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष पहल के साथ आम नागरिकों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के प्रयासों को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने अपनी बात रखी।

    विकास की उम्मीदों से जुड़ा जनप्रतिनिधि का जन्मदिवस

    कार्यकर्ताओं ने कहा कि मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जनता अपने जनप्रतिनिधि से विकास और जनहित के कार्यों को लेकर उम्मीदें रखती है। ऐसे में जन्मदिवस का यह अवसर उन उम्मीदों को और मजबूत करने तथा क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने के संकल्प का अवसर भी बना।

    उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलें और क्षेत्र विकास की नई दिशा में आगे बढ़े—इसी उद्देश्य के साथ जनप्रतिनिधियों एवं संगठन के कार्यकर्ताओं को निरंतर अपनी भूमिका निभानी होगी।

    नई लेदरी में दिखी संगठन की एकजुटता

    नई लेदरी में आयोजित समारोह ने भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रियता और संगठनात्मक एकजुटता की तस्वीर भी प्रस्तुत की। नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से लेकर युवा कार्यकर्ताओं और महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

    महिला कार्यकर्ताओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। जन्मदिवस समारोह को लेकर महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई और केक काटकर खुशी मनाई। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच आपसी संवाद और आत्मीयता का वातावरण भी देखने को मिला।

    खुशी के बीच जनता की सेवा का संदेश

    कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने कहा कि जन्मदिवस की वास्तविक खुशी तभी सार्थक होती है, जब उससे समाज और क्षेत्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी जुड़ा हो। इसी भावना के साथ कार्यकर्ताओं ने आने वाले समय में जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने तथा जरूरतमंद लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

    नई लेदरी का यह समारोह इस मायने में भी खास रहा कि यहां जन्मदिवस की खुशियों के साथ संगठन की सक्रियता और जनसेवा की भावना एक साथ दिखाई दी। कार्यकर्ताओं के चेहरों पर उत्साह और शुभकामनाओं के बीच अपने विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री के प्रति स्नेह और सम्मान का भाव स्पष्ट नजर आया।

    भाजपा परिवार ने दी दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं

    समारोह के अंत में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

    कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र विकास और जनसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा तथा आम नागरिकों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ शासन तक पहुंचाने का सिलसिला जारी रहेगा।

    इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, महिला एवं युवा मोर्चा के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। जन्मदिवस समारोह में खुशियों के रंग के साथ संगठनात्मक उत्साह, आपसी आत्मीयता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का भाव दिखाई दिया।

  • एशियन गेम्स में अंकुश पंघल का गोल्डन पंच, 4-0 से जीता फाइनल; भारत को मिला तीसरा बॉक्सिंग गोल्ड

    एशियन गेम्स में अंकुश पंघल का गोल्डन पंच, 4-0 से जीता फाइनल; भारत को मिला तीसरा बॉक्सिंग गोल्ड

     नई दिल्ली
    एशियन गेम्स में भारतीय बॉक्सिंग का अभियान गोल्डन अंदाज में खत्म हुआ. 80 किग्रा वर्ग में अंकुश पंघल ने फाइनल में शुक्रवार (2 अक्टूबर) को साउथ कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. अंकुश की जीत के साथ भारत ने बॉक्सिंग में एक ही दिन तीसरा गोल्ड जीत लिया.

    फाइनल में दिखा अंकुश का दम
    अंकुश ने मुकाबले में अपनी रफ्तार, मूवमेंट और काउंटर-पंचिंग का अच्छा इस्तेमाल किया. आखिर में जजों ने 4-0 के सर्वसम्मत फैसले से भारतीय बॉक्सर को विजेता घोषित किया. यह अंकुश का 2026 एशियन गेम्स में शानदार अभियान का आखिरी पड़ाव रहा.

        2026 CWG- गोल्ड
         2026 बॉक्सम कप- सिल्वर
         2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल- सिल्वर
         2026 एलीट नेशनल बॉक्सिंग चैम्प‍ियनश‍िप – गोल्ड
         2025 U-22 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप- ब्रॉन्ज

    बॉक्सिंग में भारत का सबसे सफल गोल्ड अभियान
    अंकुश के गोल्ड के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत ने बॉक्सिंग में कुल 6 पदक जीते, जिसमें 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं. गोल्ड की संख्या के लिहाज से यह भारत का एशियन गेम्स में बॉक्सिंग का सबसे सफल अभियान रहा. 2022 में भारत ने 1 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज समेत 4 पदक जीते थे, जबकि 2010 में 9 पदक आए थे, जिनमें 2 गोल्ड, 3 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल थे.

    बॉक्स‍िंग में एश‍ियन गेम्स 2026 में भारत के लिए मेडल जीतने वाले बॉक्सर
     खिलाड़ी                               वर्ग              मेडल
    लवलीना बोरगोहेन      विमेंस 75 किग्रा      गोल्ड
    परवीन हुड्डा             विमेंस 65 किग्रा       गोल्ड
    अंकुश पंघल                मेन्स 80 किग्रा      गोल्ड
    प्रिया घंघस                विमेंस 60 किग्रा      ब्रॉन्ज
    कपिल पोखरिया        मेन्स 90 किग्रा         ब्रॉन्ज
    नरेंद्र बेरवाल             मेन्स 90+ किग्रा       ब्रॉन्ज

     

  • प्रयागराज में बिना रुके गुजरेंगे वाहन, 9.9 KM सिक्स लेन ब्रिज पर शुरू होगा फ्री-फ्लो टोल सिस्टम

    प्रयागराज में बिना रुके गुजरेंगे वाहन, 9.9 KM सिक्स लेन ब्रिज पर शुरू होगा फ्री-फ्लो टोल सिस्टम

    प्रयागराज
    यूपी के प्रयागराज में मलाक हरहर से होकर अगर आप 9.9 किमी लंबे सिक्स लेन ब्रिज पर अपने वाहन से आ रहे हैं तो बिना किसी रुकावट के एक गति से शहर में आसानी से प्रवेश कर सकेंगे। इसके लिए मलाक हरहर में बनाए जा रहे छह लेन के टोल प्लाजा पर मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी मंजूरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से दी गई है।

    टोलिंग सिस्टम की सुविधा देने के लिए पंद्रह दिन पहले मंत्रालय के स्थानीय अधिकारियों की ओर से प्रस्ताव नई दिल्ली भेजा गया था। ताकि टोल प्लाजा को बैरियर से मुक्त रखा जाए। वाहनों को टोल प्लाजा पर बिना रुके या अपनी गति कम किए बिना गुजरने की सुविधा मिले। इस प्रस्ताव को मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने मंजूरी दी है। इस सिस्टम के जरिए टोल पर वाहनों के पहुंचने पर कमांड सेंटर में लगाए जाने वाले हाई क्वॉलिटी के सीसीटीवी कैमरे फास्ट टैग को स्कैन कर लेंगे। इतना ही नहीं मंत्रालय ने ब्रिज के गंगा पर बने 860 मीटर लंबाई के एक्स्ट्रा डोज पिलर के हिस्से की लोड टेस्टिंग पंद्रह नवंबर से कराने का भी निर्णय लिया है। जबकि शेष हिस्से की लोड टेस्टिंग 10 से 30 अक्तूबर के बीच कराया जाएगा।

    टोल प्लाजा पर कमांड सेंटर का कार्य पूरा कराया जाएगा। उसी दौरान ब्रिज पर सौंदर्यीकरण व सड़क पर डामर की दो परत डालने का कार्य भी पूरा किया जाएगा। सहायक अधीक्षण अभियंता सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, वरुण वार्ष्णेय ने कहा कि मंत्रालय ने मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ब्रिज के सुरक्षा व सौंदर्यीकरण का कार्य 30 नवंबर तक कराकर एक लेन से आवागमन शुरू कराने की तैयारी की गई है।

    दो और फ्लाईओवर मिलने की जगी उम्मीद
    प्रयागराज को दो नए फ्लाईओवर मिलने की उम्मीद जगी है। मेडिकल चौराहे से सीएवी इंटर कॉलेज होते हुए केपी इंटर कॉलेज के बीच और सिविल लाइंस हनुमान मंदिर से बस अड्डे के बीच दो फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव गुरुवार को शासन की व्यय-वित्त समिति में रखा गया है। माना जा रहा है कि समिति में प्रस्ताव रखे जाने के बाद प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने पांच जुलाई को प्रयागराज मंडल के इस वित्तीय वर्ष की प्रस्तावित कार्ययोजना को लेकर समीक्षा बैठक की थी। जिसमें सेतु निगम प्रयागराज इकाई ने एक किमी लंबाई के मेडिकल चौराहे के फ्लाईओवर का प्रस्ताव दिया था। साथ ही हनुमान मंदिर, सिविल लाइंस और बस अड्डा चौराहा के फ्लाईओवर का प्रस्ताव भी शामिल था। निगम के परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्र ने बताया कि लखनऊ में हुई व्यय-वित्त समिति की बैठक में दोनों फ्लाईओवर का प्रस्ताव रखा गया है।

  • सब इंजीनियर भर्ती में बढ़ेंगे पद, संविदाकर्मियों को मिलेगा 50% आरक्षण

    सब इंजीनियर भर्ती में बढ़ेंगे पद, संविदाकर्मियों को मिलेगा 50% आरक्षण

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में सब इंजीनियर, ड्राफ्ट्समैन, लैब टेक्नीशियन समेत अन्य समकक्ष पदों की भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन का मौका मिलेगा। हाईकोर्ट में याचिका के बाद जल संसाधन और पीएचई विभाग ने पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया जायेगा। 

    इसके साथ ही दूसरे विभागों से अतिरिक्त पदों की मांग भी मिली है। इन बदलावों के चलते मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने समूह-3 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 के आवेदन फिर से शुरू करने का फैसला लिया है।

    अब 13 से 27 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। आवेदन में संशोधन की सुविधा 13 से 28 अक्टूबर तक रहेगी। परीक्षा दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच प्रस्तावित है। संशोधित नियम पुस्तिका जल्द जारी की जाएगी।

    हाईकोर्ट में 24 संविदाकर्मियों ने लगाई थी याचिका
    जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 29 अगस्त 2026 को उपयंत्री पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसमें पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान नहीं था।

    जबलपुर के आधारताल निवासी राजू यादव समेत 24 संविदाकर्मियों ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता नवीन सैनी ने 2023 की संशोधित नीति का हवाला देते हुए कहा था कि पात्र संविदाकर्मियों को सीधी भर्ती में 50% आरक्षण दिया जाना है।

    सुनवाई से पहले विभाग ने बदला भर्ती नियम
     जस्टिस विवेक कुमार सिंह की कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी थी। इससे पहले ही जल संसाधन और पीएचई विभाग ने संशोधन आदेश जारी कर दिया। इसमें उपयंत्री भर्ती में पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान शामिल कर दिया गया। इसके बाद MPESB ने भी भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करते हुए आवेदन दोबारा लेने का निर्णय लिया है।

    पहले 1040 पदों पर निकला था विज्ञापन MPESB ने 18 अगस्त को समूह-3 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 का विज्ञापन जारी किया था। इसमें 1040 पदों पर भर्ती के लिए 29 अगस्त से 12 सितंबर तक आवेदन लिए गए थे।

    विज्ञापन के बाद विभिन्न विभागों और शासकीय उपक्रमों से उपयंत्री के अतिरिक्त रिक्त पदों के मांगपत्र मंडल को मिले। वहीं आरक्षण संबंधी बदलाव भी हुए। इसलिए मंडल ने भर्ती प्रक्रिया को नए सिरे से आगे बढ़ाने का फैसला लिया।