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  • अक्टूबर में भोपाल मंडल की 22 ट्रेनें कैंसिल, 23 के रूट बदले; 2 आंशिक निरस्त

    अक्टूबर में भोपाल मंडल की 22 ट्रेनें कैंसिल, 23 के रूट बदले; 2 आंशिक निरस्त

    भोपाल
    भोपाल रेलवे के अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर और रीमॉडलिंग कार्यों के कारण अक्टूबर में भोपाल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। बीना-आगासौद यार्ड रीमॉडलिंग, कसारा में तीसरी रेल लाइन और कोटा जंक्शन पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण 22 ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रहेंगी। 23 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं, जबकि 2 ट्रेनें आंशिक रूप से निरस्त रहेंगी। बीना स्टेशन पर प्री-एनआई/एनआई कार्य और आगासौद यार्ड के काम के कारण दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के कुल 12 फेरे भी निरस्त रहेंगे।

    22 ट्रेनें पूरी तरह निरस्त

    रेलवे के अनुसार ये 22 ट्रेनें निरस्त रहेंगी:

        64618 ललितपुर-बीना मेमू: 15 अक्टूबर तक।
        64617 बीना-ललितपुर मेमू: 15 अक्टूबर तक।
        61619 बीना-कटनी मुड़वारा मेमू: 15 अक्टूबर तक।
        61620 कटनी मुड़वारा-बीना मेमू: 15 अक्टूबर तक।
        12192 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस: 14 अक्टूबर तक।
        12191 हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर तक।
        61611 बीना-रूठियाई मेमू: 16 अक्टूबर तक।
        61612 रूठियाई-बीना मेमू: 16 अक्टूबर तक।
        61625 बीना-रूठियाई मेमू: 16 अक्टूबर तक।
        61626 रूठियाई-बीना मेमू: 16 अक्टूबर तक।
        12197 भोपाल-ग्वालियर इंटरसिटी: 15 अक्टूबर तक।
        12198 ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी: 15 अक्टूबर तक।
        11086 ग्वालियर-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस: 9 अक्टूबर को।
        11085 एसएमवीटी बेंगलुरु-ग्वालियर एक्सप्रेस: 4 और 11 अक्टूबर को।
        22161 भोपाल-दमोह राज्यरानी एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक।
        22162 दमोह-भोपाल राज्यरानी एक्सप्रेस: 10 से 16 अक्टूबर तक।
        22163 भोपाल-खजुराहो महामना एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर को।
        22164 खजुराहो-भोपाल महामना एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर को।
        01925 कानपुर सेंट्रल-मदुरै स्पेशल: 7 और 14 अक्टूबर को।
        01926 मदुरै-कानपुर सेंट्रल स्पेशल: 3, 10 और 17 अक्टूबर को।
        04149 प्रयागराज-यशवंतपुर स्पेशल: 7 और 14 अक्टूबर को।
        04150 यशवंतपुर-प्रयागराज स्पेशल: 3, 10 और 17 अक्टूबर को।

    2 ट्रेनें आंशिक रूप से निरस्त

    11271 इटारसी-भोपाल एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक दमोह पर शॉर्ट टर्मिनेट होगी। दमोह-भोपाल के बीच संचालन निरस्त रहेगा। कुल 7 ट्रिप।

    11272 भोपाल-इटारसी एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक दमोह से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी। भोपाल-दमोह के बीच संचालन निरस्त रहेगा। कुल 7 ट्रिप।

    कसारा में तीसरी लाइन का काम, 23 ट्रेनों के रूट बदले

    कसारा में तीसरी रेल लाइन के काम के कारण इन ट्रेनों को बदले हुए रूट से चलाया जाएगा:

        कल्याण-करजत-पुणे-मनमाड रूट:12598 सीएसएमटी-गोरखपुर (14 अक्टूबर), 11043 दादर-बलिया (14 अक्टूबर), 22121 एलटीटी-लखनऊ (17 अक्टूबर), 11071 एलटीटी-बलिया (17 अक्टूबर), 11047 दादर-गोरखपुर (17 अक्टूबर), 12107 एलटीटी-सीतापुर (17 अक्टूबर), 12546 एलटीटी-रक्सौल (17 अक्टूबर) और 20435 एलटीटी-प्रयागराज (17 अक्टूबर)।
        जलगांव-नंदुरबार-बसई रोड-ठाणे/पनवेल रूट:12533 पुष्पक एक्सप्रेस (16 अक्टूबर), 15066 पनवेल-गोरखपुर (17 अक्टूबर), 15018 गोरखपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर), 12172 हरिद्वार-एलटीटी (16 अक्टूबर), 22537 कुशीनगर एक्सप्रेस (16 अक्टूबर), 12617 एर्नाकुलम-एलटीटी (16 अक्टूबर), 13202 एलटीटी-राजगीर (17 अक्टूबर), 22221 सीएसएमटी-निजामुद्दीन राजधानी (17 अक्टूबर), 12137 पंजाब मेल (17 अक्टूबर), 20436 प्रयागराज-एलटीटी (16 अक्टूबर) और 02198 जबलपुर-कोयम्बटूर स्पेशल (16 अक्टूबर)।
        मनमाड-पुणे-लोनावला-कल्याण रूट:15660 अगरतला-एलटीटी (15 अक्टूबर), 12166 गोरखपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर), 11058 अमृतसर-सीएसएमटी (16 अक्टूबर) और 12335 भागलपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर)।

    कोटा में भी ट्रेनों का संचालन बदला
    18 अक्टूबर तक कोटा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर पुनर्विकास कार्य चलेगा। इसके कारण:

        61634/61633 बीना-कोटा-बीना पैसेंजर: सोगरिया स्टेशन पर ही शॉर्ट टर्मिनेट और वहीं से ओरिजिनेट होगी। कुल 20 फेरे।

        14814/14813 भोपाल-जोधपुर-भोपाल और 12181/12182 जबलपुर-अजमेर-जबलपुर एक्सप्रेस: कोटा जंक्शन को बायपास कर गुरला-सोगरिया मार्ग से चलेंगी।

    हमसफर एक्सप्रेस के कैंसिलेशन की तारीख बदली
    पहले 22169 रानी कमलापति-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस को 14 अक्टूबर और 22170 संतरागाछी-रानी कमलापति हमसफर को 15 अक्टूबर को निरस्त बताया गया था। 28 सितंबर के संशोधित आदेश के बाद अब ये अक्टूबर वाली कैंसिलेशन लागू नहीं होगी। 22169 का 9 दिसंबर और 22170 का 10 दिसंबर 2026 का फेरा निरस्त रहेगा। अक्टूबर में दोनों ट्रेनों का संचालन सामान्य रहेगा।

    यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जांचें
    ट्रेनों के निरस्त होने और रूट बदलने से यात्रियों की यात्रा प्रभावित होगी। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले रेल मदद 139, NTES, Rail One ऐप या अधिकृत रेलवे सूचना माध्यमों से ट्रेन का स्टेटस, समय और रूट जांचने की अपील की है।

  • अखिलेश के विपक्षी एकता के आह्वान पर संजय निषाद-दानिश आजाद का पलटवार, बोले- सिर्फ बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं होगा

    अखिलेश के विपक्षी एकता के आह्वान पर संजय निषाद-दानिश आजाद का पलटवार, बोले- सिर्फ बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं होगा

    अखिलेश के विपक्षी एकता के आह्वान पर संजय निषाद-दानिश आजाद का पलटवार, बोले- सिर्फ बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं होगा

    अखिलेश पर NDA नेता संजय निषाद का तीखा हमला, बोले-'सपा के दावे हवा-हवाई'

    अखिलेश के बयान पर संजय निषाद का वार, बोले- विपक्ष कर रहा सिर्फ बयानबाजी और पोस्टरबाजी 

    2027 में समाजवादी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी: दानिश आजाद

    लखनऊ, 
     यूपी में राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव द्वारा विपक्षी एकता के आह्वान पर सत्ताधारी गठबंधन के मंत्रियों ने पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने विपक्षी एकता के दावे को खोखला बताया। जहां कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष पर बयानबाजी, पोस्टरबाजी और एसी-पीसी तक सीमित रहने का आरोप लगाया, वहीं राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के दावों को लेकर निशाना साधा। 

    विपक्ष को लोग 70 साल तक देख चुके: संजय निषाद
    संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष के पास केवल बयानबाजी, पोस्टरबाजी और एसी-पीसी के अलावा कोई शक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोग 70 साल तक देख चुके हैं। विभिन्न दलों के नेताओं ने यह सब देखने के बाद ही अपने दल खड़े किए हैं या एनडीए के साथ आए हैं। निषाद ने कहा कि सत्ता के बाहर रहने पर अखिलेश को मिलन दिखाई देता है, उनके इन बयानों से कुछ होने वाला नहीं है। संजय निषाद ने दावा किया कि इस बार एनडीए की ऐतिहासिक जीत होगी। 

    अखिलेश के बयान पर दानिश आजाद का पलटवार
    वहीं, राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी बहुत बड़े-बड़े दावे कर रही थी लेकिन अब उसके सारे दावों की पोल खुल चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने झूठ का जो गुब्बारा फुलाया था, अब उस गुब्बारे की हवा निकल चुकी है। उत्तर प्रदेश में जिस तरीके से समाजवादी पार्टी ने गफलत और नफरत की राजनीति को फैलाने का काम किया, उसके लिए राज्य की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

    2027 में होगी सपा की सबसे बड़ी हार
    दानिश आजाद ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तरफ सपा जिस तरीके से आगे बढ़ रही है, उसकी अब तक की सबसे बड़ी हार होने वाली है। 2027 में समाजवादी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी।

  • गांधी जयंती, उच्चादर्शों को जीवन में उतारने का प्रेरणा दिवस : राज्यपाल पटेल

    गांधी जयंती, उच्चादर्शों को जीवन में उतारने का प्रेरणा दिवस : राज्यपाल पटेल

    गांधी जयंती, उच्चादर्शों को जीवन में उतारने का प्रेरणा दिवस : राज्यपाल पटेल

    राज्यपाल पटेल सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हुए शामिल
    गांधी भवन न्यास की प्रतियोगिता विजेताओं को किया पुरस्कृत

    भोपाल 

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि गांधी जयंती केवल महात्मा गांधी को स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके उच्चादर्शों को अपने आचरण में उतारने का प्रेरणा दिवस है। उन्होंने कहा कि सर्वधर्म प्रार्थना सभा में गाए जाने वाले भजनों के संदेश का प्रतिदिन चिंतन करें और उन्हें जीवन में उतारने का प्रयास करें। यही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्यपाल की प्रेरणा पर उपस्थित जनों ने क्रोध नहीं करने का संकल्प भी लिया।

    राज्यपाल पटेल शुक्रवार को गांधी भवन में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शामिल हुए। उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत की माला और गांधी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने स्मार्ट टीवी का लोकार्पण किया। कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के पुरस्कृत छात्र-छात्राओं के साथ समूह चित्र में सहभागिता की।

    राज्यपाल पटेल ने कहा कि जीवन की सार्थकता अच्छा इंसान बनने और देश-समाज के लिए कार्य करने में है। जीवन में जो अच्छा है, उसे आचरण में उतारने का निरंतर प्रयास करना चाहिए और बुराई से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यसन और नशे से मुक्त जीवन आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नशा-मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करते हुए माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने, उसकी देखभाल करने तथा जल और विद्युत संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर के प्रसंग में 17 अक्टूबर तक संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रक्तदान और समाजसेवा के कार्यों में सहभागिता के लिए प्रेरित किया।

    राज्यपाल पटेल ने कहा कि गांधी जयंती और विश्व अहिंसा दिवस पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा भारत की उस महान परंपरा की कड़ी है, जिसमें सभी धर्मों के प्रति सम्मान और सद्भाव का भाव है। भारत की शक्ति विविधता में एकता में निहित है। उन्होंने पुरस्कृत विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रपिता गांधी को पढ़ने के साथ उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में उतारने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता गांधी का प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ संत कवि नरसिंह मेहता की रचना है, जिसमें परोपकार, करुणा, सत्य, समानता, विनम्रता और निष्काम सेवा जैसे जीवन-मूल्य समाहित हैं। भजन मनुष्य को लोभ, मोह, काम, क्रोध और अहंकार से दूर रहकर सभी का सम्मान करने की प्रेरणा मिलती है।

    ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत

    राज्यपाल पटेल ने गांधी भवन न्यास, भोपाल द्वारा महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों के प्रसार के उद्देश्य से आयोजित अंतर-विद्यालयीन ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने सहयोगी विद्यालयों के शिक्षकों, निर्णायक मंडल, पर्यवेक्षकों और स्वयं सेवकों को स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में वाद-विवाद, कविता लेखन, पत्र लेखन, चित्रकला, महात्मा गांधी के प्रिय भजन, लघु नाटिका, मोबाइल रील और डॉक्यूमेंट्री सहित विभिन्न विधाओं में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रार्थना सभा के पहले महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल को न्यास के पदाधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

    कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता भ्रमर मेघवंशी, सुनलिनी नावरेकर, गांधी न्यास के अध्यक्ष महेश सक्सेना सहित विद्यार्थी, शिक्षक, युवा और नागरिकगण उपस्थित थे। प्रारंभ में गांधी भवन न्यास के पदाधिकारियों ने राज्यपाल पटेल का स्वागत किया। सचिव अंकित मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा कोषाध्यक्ष राजेश बादल ने आभार व्यक्त किया।   

     

  • गुजरात में UCC लागू, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद गजट नोटिफिकेशन जारी

    गुजरात में UCC लागू, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद गजट नोटिफिकेशन जारी

    अहमदाबाद 

    गुजरात में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. गुजरात सरकार के UCC विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है. इसके बाद राज्य सरकार ने कानून से जुड़ी राजपत्र अधिसूचना भी जारी कर दी है. राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ गुजरात में UCC को लागू करने की दिशा में अहम कानूनी प्रक्रिया पूरी हो गई है. अब इसके प्रावधानों को जमीन पर लागू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया तेज होगी. सरकार की ओर से लाए गए इस कानून में विवाह से लेकर तलाक और उत्तराधिकार तक कई अहम नियम शामिल हैं. यानी आने वाले समय में परिवार और निजी कानून से जुड़े कई मामलों में लोगों को नए नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 

    UCC में महिलाओं और पुरुषों को संपत्ति तथा उत्तराधिकार के मामले में समान अधिकार देने का प्रावधान है. बेटा और बेटी दोनों को संपत्ति में समान अधिकार मिलेगा. वहीं अनुसूचित जनजातियों को इस कानून के प्रावधानों से बाहर रखा गया है. विवाह का पंजीकरण अनिवार्य करने के साथ लिव-इन संबंधों को लेकर भी नियम बनाए गए हैं. बिना वसीयत मृत्यु होने की स्थिति में संपत्ति के बंटवारे के लिए भी नए प्रावधान हैं. ऐसे में गुजरात में UCC लागू होने के बाद विवाह और परिवार से जुड़े मामलों में क्या बदलाव आएंगे इसे समझना जरूरी है। 

    राज्य के यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC-2026) बिल को देश की राष्ट्रपति की तरफ से आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद गुजरात सरकार ने इसे 'गुजरात एक्ट नंबर 15 ऑफ 2026' के रूप में अधिसूचित करते हुए 1 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक गुजरात गजट (Gazette) में प्रकाशित कर दिया है।

    यह कानून राज्य सरकार द्वारा जारी की जाने वाली आगामी अधिसूचना की तिथि से पूरे गुजरात में पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगा। इसके साथ ही उत्तराखंड के बाद गुजरात देश का ऐसा राज्य बन गया है जहां समान नागरिक संहिता लागू होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

    1. विवाह का पंजीकरण होगा जरूरी

    UCC के तहत विवाह का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है. कानून लागू होने के बाद सभी विवाहों का निर्धारित समय के भीतर पंजीकरण कराना होगा. दी गई जानकारी के मुताबिक यह अवधि 60 दिन है. तय समय में पंजीकरण नहीं कराने पर जुर्माने का प्रावधान है. विवाह के समय पुरुष की उम्र कम से कम 21 वर्ष और महिला की उम्र 18 वर्ष होना जरूरी होगा. खास बात यह है कि UCC पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों को खत्म नहीं करता. अलग-अलग धर्मों में विवाह की जो परंपराएं हैं वे जारी रह सकती हैं. हालांकि विवाह का कानूनी पंजीकरण जरूरी होगा। 

    गुजरात के UCC में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं.
    2. एक से ज्यादा विवाह पर रोक

    UCC में एकविवाह का नियम रखा गया है. यानी पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरा विवाह नहीं किया जा सकता. इसका मतलब है कि वैवाहिक स्थिति में रहते हुए दोबारा विवाह करने पर कानूनी दिक्कत हो सकती है. तलाक और विवाह से जुड़े मामलों के लिए भी कानून में प्रक्रिया तय की गई है. इसके अलावा विवाह का पंजीकरण नहीं होने पर सरकारी दस्तावेजों या रोजगार से जुड़े रिकॉर्ड में वैवाहिक स्थिति बदलने पर भी असर पड़ेगा. ऐसे मामलों में पहले विवाह का पंजीकरण जरूरी होगा। 

    3. लिव-इन रिलेशनशिप पर भी नए नियम
    गुजरात के UCC में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं. लिव-इन में रहने वाले या ऐसा संबंध शुरू करने वाले जोड़ों को रजिस्ट्रार के सामने संयुक्त बयान देकर पंजीकरण कराना होगा. यानी ऐसे संबंधों को लेकर सरकार के पास आधिकारिक रिकॉर्ड रहेगा. लिव-इन रिलेशनशिप खत्म होने पर भी रजिस्ट्रार को इसकी जानकारी देनी होगी. यह सूचना संयुक्त रूप से या किसी एक पक्ष की ओर से दी जा सकती है. इस तरह लिव-इन संबंधों को भी कानून के दायरे में लाने की कोशिश की गई है। 

    4. बेटा-बेटी को संपत्ति में बराबर अधिकार
    UCC में उत्तराधिकार को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है. बिना वसीयत बनाए किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके जीवनसाथी बच्चों और माता-पिता को संपत्ति में कानूनी अधिकार मिलेगा. बेटे और बेटी के बीच उत्तराधिकार में भेद नहीं किया जाएगा. इसके अलावा विवाह के बाहर जन्मे बच्चों और सरोगेसी या गोद लेने के जरिए परिवार में आए बच्चों को भी जैविक बच्चों के समान कानूनी और उत्तराधिकार संबंधी अधिकार दिए गए हैं. महिलाओं को भी संपत्ति और उत्तराधिकार के मामलों में पुरुषों के बराबर अधिकार देने का प्रावधान है। 

    5. आदिवासी समुदाय को कानून से छूट
    गुजरात UCC का एक अहम प्रावधान अनुसूचित जनजातियों से जुड़ा है. संविधान के अनुच्छेद 366(25) और 342 के तहत आने वाली अनुसूचित जनजातियों को इस कानून के प्रावधानों से छूट दी गई है. संविधान के भाग 21 के तहत संरक्षित पारंपरिक अधिकारों वाले कुछ समूह भी इसके दायरे से बाहर रहेंगे. इसके अलावा विवाह या तलाक से जुड़े विवादों में अदालत जाने से पहले मध्यस्थता का विकल्प रखा गया है. यानी विवाद को अदालत तक ले जाने से पहले आपसी समाधान की कोशिश की जा सकती है. राष्ट्रपति की मंजूरी और राजपत्र अधिसूचना के बाद अब UCC के प्रावधानों को लागू करने से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 

    शादी का रजिस्ट्रेशन 60 दिनों में अनिवार्य; भारी जुर्माने का प्रावधान
    गुजरात UCC-2026 के लागू होने के बाद विवाह (Marriage) और तलाक (Divorce) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव आएगा:

    60 दिनों की सीमा: विवाह संपन्न होने के 60 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन के लिए मेमोरेंडम जमा करना अनिवार्य होगा।

    लापरवाही पर जुर्माना: निर्धारित समय में शादी का पंजीकरण न कराने पर ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

    नोटिस के बाद भी अनदेखी: यदि नोटिस जारी किए जाने के बाद भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जाता है, तो जुर्माने की राशि बढ़कर ₹25,000 तक हो सकती है।

    लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर कड़े और स्पष्ट नियम
    UCC के तहत लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) को भी कानूनी दायरे में लाते हुए इसके रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाया गया है:

    कानूनी दर्जा व भरण-पोषण: लिव-इन रिलेशनशिप से जन्म लेने वाले बच्चे को वैध/कानूनी संतान का पूर्ण दर्जा प्राप्त होगा। इसके अलावा, यदि पुरुष साथी महिला को छोड़ता है, तो महिला को भरण-पोषण मांगने का कानूनी अधिकार होगा।

    गलत जानकारी देने पर सजा: लिव-इन रजिस्ट्रेशन के दौरान झूठी या गलत जानकारी देने पर 3 महीने तक की जेल या ₹25,000 तक का जुर्माना (या दोनों) हो सकता है।

    नाबालिगों के लिए रोक: किसी भी नाबालिग के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने को लेकर अत्यंत सख्त और दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं।

    अनुसूची जनजातियों (ST) को छूट और पुराने कानूनों पर प्रभाव
    अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) को छूट: संविधान के Part XXI के तहत संरक्षित परंपरागत अधिकारों वाले समूहों और अनुसूचित जनजातियों (ST) को इस UCC कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।

    पुराना कानून रद्द: इस नए कानून के लागू होते ही 'Gujarat Registration of Marriages Act, 2006' को निरस्त (Repeal) कर दिया जाएगा। साथ ही, शादी व तलाक से जुड़े पुराने व्यक्तिगत कानूनों की असंगत धाराएं UCC के प्रभाव से बेअसर हो जाएंगी।

    मार्च 2026 में विधानसभा में पास हुआ था बिल
    गौरतलब है कि गुजरात सरकार ने मार्च 2026 में UCC बिल को राज्य विधानसभा में पेश कर पास कराया था। इसके बाद इसे अंतिम मंजूरी और हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति भवन भेजा गया था। राष्ट्रपति की मोहर लगते ही अब गुजरात में UCC-2026 लागू होने का ऐतिहासिक रास्ता साफ हो गया है।

  • स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक अनूपपुर में संपन्न अशोक सोनी बने अनूपपुर जिले के प्रभारी

    स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक अनूपपुर में संपन्न अशोक सोनी बने अनूपपुर जिले के प्रभारी

    स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक अनूपपुर में संपन्न अशोक सोनी बने अनूपपुर जिले के प्रभारी 

    अनूपपुर में देवदत्त सोनी का हुआ भव्य स्वागत 

    अनूपपुर
    को शहडोल संभाग के अनूपपुर में होटल मंदाकिनी में आयोजित हुई स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष देवदत्त सोनी के साथ प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी गण की उपस्थिति में देवदत्त सोनी ने अनूपपुर जिले के कर्मठ योग एवं जुझारू मिलनसार श्री अशोक सोनी एवं श्री राजकुमार सोनी को अनूपपुर जिले का प्रभारी नियुक्त किया गया इनकी घोषणा बैठक के दौरान की गई। आयोजित बैठक संपन्न हुई जिसमें स्वजातीय स्वर्णकार समाज को एकजुट करके उनके अधिकार के लिए संघर्ष और नेतृत्व करने की रणनीति बनी!आगामी बैठक मैहर में आयोजित होगी जिसमें प्रदेश भर के जिले के पदाधिकारी गण समाज के दिशा निर्देश देकर उनके अधिकार के लिए देवदत्त सोनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का दरवाजा खटखटाया जाएगा !यह रणनीति आगामी बैठक में तय होगी उनके अधिकार के लिए एक होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन जल्दी किया जाएगा 

    इनका कहना है

    अशोक सोनी ने कहा कि मुझे इस दायित्व के लायक समझा गया मुझे जो पद दिया गया है उसका मैं पूर्ण रूप से निर्वहन करने में अपनी अहम भूमिका का दायित्व निर्वहन करुंगा जिसमें मुझे अनूपपुर जिले के प्रभारी बनाया गया है  उन्होंने कहा कि समाज के लिए हमेशा तत्पर रहकर कार्य करने की लगन रही है और पिछड़ा वर्ग काफी पिछड़ा है उसे मजबूत करने के लिए पूरे जिले में नेतृत्व और एकता का परिचय दिया जाएगा ताकि समाज पूरे प्रदेश में मजबूती से खड़े होकर अपना -अपने अधिकार की बात बिना दर एवं भाय के कर सके

  • जहां कभी लगती थीं नक्सलियों की जन अदालतें, वहां अब ग्राम सभा में ग्रामीण तय कर रहे अपने गांव का भविष्य

    जहां कभी लगती थीं नक्सलियों की जन अदालतें, वहां अब ग्राम सभा में ग्रामीण तय कर रहे अपने गांव का भविष्य

    जहां कभी लगती थीं नक्सलियों की जन अदालतें, वहां अब ग्राम सभा में ग्रामीण तय कर रहे अपने गांव का भविष्य

    नारायणपुर के कच्चापाल में पेड़ की छांव तले जुटे ग्रामीण, लोकतंत्र की दिखी जीवंत तस्वीर

    प्रदेशभर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन, ग्रामीणों की भागीदारी से तैयार होगा गांवों के विकास का रोडमैप

    रायपुर
    गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं के बीच नारायणपुर जिले से लोकतंत्र की एक सुखद तस्वीर सामने आई। कभी नक्सल प्रभाव से जूझने वाले ओरछा विकासखंड की ग्राम पंचायत कच्चापाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण एक पेड़ की छांव तले ग्राम सभा के लिए जुटे और अपने गांव के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

           कच्चापाल की यह ग्राम सभा इसलिए भी विशेष रही कि बस्तर के जिन इलाकों में कभी नक्सलियों की तथाकथित ‘जन अदालतों’ का भय रहता था, उन्हीं क्षेत्रों में अब ग्रामीण संवैधानिक ग्राम सभा के मंच पर बैठकर अपनी बात रख रहे हैं और अपने गांव की विकास प्राथमिकताओं पर चर्चा कर रहे हैं। बदलते बस्तर की यह तस्वीर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में ग्रामीणों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करती है।

    पेड़ की छांव बनी लोकतांत्रिक संवाद का मंच
            कच्चापाल में ग्राम सभा के लिए किसी बड़े सभागार की जरूरत नहीं पड़ी। गांव के लोग पेड़ के नीचे एकत्र हुए और सामूहिक रूप से गांव की आवश्यकताओं तथा विकास कार्यों पर चर्चा की। ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी ने ग्राम सभा को जीवंत बनाया। महिलाओं और ग्रामीणों ने भी चर्चा में हिस्सा लेकर स्थानीय जरूरतों से जुड़े विषय सामने रखे।

            प्रदेश की अन्य ग्राम पंचायतों में भी विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को अपने गांव की विकास प्राथमिकताएं तय करने की प्रक्रिया से जोड़ा गया। विकसित भारत-जी राम जी योजनांतर्गत विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने के लिए स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों और जरूरी विकास कार्यों पर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए।

    गांव की जरूरत के अनुसार बनेगा विकास का रोडमैप
           विशेष ग्राम सभाओं में जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण अधोसंरचना जैसे विषयों पर स्थानीय जरूरत के अनुरूप कार्यों की पहचान पर जोर दिया गया। रिफॉर्म उत्सव के तहत ग्रामीणों को 125 दिवस रोजगार की वैधानिक गारंटी, समय पर रोजगार एवं मजदूरी भुगतान तथा योजना के अंतर्गत अनुमेय 375 प्रकार के कार्यों से संबंधित जानकारी भी दी गई। ग्राम सभाओं से मिले सुझाव विकसित ग्राम पंचायत प्लान का आधार बनेंगे। आगामी चरणों में गांवों के संसाधनों और आवश्यकताओं का आकलन कर विकास योजना का प्रारूप तैयार किया जाएगा।

    कच्चापाल की ग्राम सभा बनी बदलते बस्तर की तस्वीर
             नारायणपुर के दूरस्थ कच्चापाल में पेड़ के नीचे लगी ग्राम सभा केवल एक बैठक तक सीमित नहीं रही। कभी नक्सल प्रभाव से जूझे इस क्षेत्र में ग्रामीणों का बड़ी संख्या में एक साथ बैठकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना बदलते बस्तर की महत्वपूर्ण तस्वीर है। जहां कभी भय और हिंसा के बीच तथाकथित जन अदालतों की चर्चा होती थी, वहां अब ग्राम सभा में गांव के लोग स्वयं अपनी जरूरतों और विकास के भविष्य पर संवाद कर रहे हैं।

  • शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, नैतिकता और राष्ट्रसेवा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : संजय श्रीवास्तव

    शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, नैतिकता और राष्ट्रसेवा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : संजय श्रीवास्तव

    शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, नैतिकता और राष्ट्रसेवा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : संजय श्रीवास्तव

    शास्त्री चौक में लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर कायस्थ समाज दी श्रद्धांजलि

    रायपुर, 

    भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव एवं कायस्थ समाज के पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने रायपुर स्थित शास्त्री चौक में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

    इस अवसर पर संजय श्रीवास्तव ने कहा कि आज का दिन हम सभी देशवासियों के लिए गौरव और कृतज्ञता का अवसर है। आज राष्ट्र अपने दो महान महापुरुषों, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं देश के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मना रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि इन दोनों महान विभूतियों ने अपने जीवन और विचारों से देश को नई दिशा प्रदान की।

    उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का व्यक्तित्व इस बात का उदाहरण है कि व्यक्ति की महानता उसके शारीरिक कद से नहीं, बल्कि उसके विचारों, चरित्र और कर्मों से निर्धारित होती है। कद में छोटे होने के बावजूद उनका व्यक्तित्व विराट था और उनके विचारों में राष्ट्र के प्रति अद्भुत समर्पण था।
    श्रीवास्तव ने कहा कि वर्ष 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी शास्त्री जी ने जिस दृढ़ता, साहस और नेतृत्व का परिचय दिया तथा देश के जवानों का मनोबल बढ़ाया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा। 

    उन्होंने आगे कहा कि शास्त्री जी के जीवन की अनेक घटनाएं आज भी देशवासियों को प्रेरित करती हैं। रेल मंत्री रहते हुए रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर अपने पद से इस्तीफा देना उनके उच्च नैतिक मूल्यों, जवाबदेही और ईमानदार सार्वजनिक जीवन का अनुपम उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श केवल राजनेताओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणादायी हैं।

    श्रीवास्तव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की जो मिसाल प्रस्तुत की, उसका छोटा-सा अंश भी यदि हम अपने जीवन में आत्मसात कर सकें, तो यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
    अंत में श्री संजय श्रीवास्तव ने अपनी ओर से, कायस्थ समाज, रायपुरवासियों एवं समस्त प्रदेशवासियों की ओर से भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी को शत-शत नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर रज्जन श्रीवास्तव, राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राजेन्द्र श्रीवास्तव] राजेश श्रीवास्तव, सुभाष वर्मा, विट्ठल श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, आदित्य श्रीवास्तव, डॉ. अमित श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, दीपेश श्रीवास्तव, अमृता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, नैतिकता और राष्ट्रसेवा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : संजय श्रीवास्तव

    शास्त्री चौक में लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर कायस्थ समाज दी श्रद्धांजलि

    रायपुर, 02 अक्टूबर 2026। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव एवं कायस्थ समाज के पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने रायपुर स्थित शास्त्री चौक में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

    इस अवसर पर संजय श्रीवास्तव ने कहा कि आज का दिन हम सभी देशवासियों के लिए गौरव और कृतज्ञता का अवसर है। आज राष्ट्र अपने दो महान महापुरुषों, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं देश के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मना रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि इन दोनों महान विभूतियों ने अपने जीवन और विचारों से देश को नई दिशा प्रदान की।

    उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का व्यक्तित्व इस बात का उदाहरण है कि व्यक्ति की महानता उसके शारीरिक कद से नहीं, बल्कि उसके विचारों, चरित्र और कर्मों से निर्धारित होती है। कद में छोटे होने के बावजूद उनका व्यक्तित्व विराट था और उनके विचारों में राष्ट्र के प्रति अद्भुत समर्पण था।
    श्रीवास्तव ने कहा कि वर्ष 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी शास्त्री जी ने जिस दृढ़ता, साहस और नेतृत्व का परिचय दिया तथा देश के जवानों का मनोबल बढ़ाया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा। 

    उन्होंने आगे कहा कि शास्त्री जी के जीवन की अनेक घटनाएं आज भी देशवासियों को प्रेरित करती हैं। रेल मंत्री रहते हुए रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर अपने पद से इस्तीफा देना उनके उच्च नैतिक मूल्यों, जवाबदेही और ईमानदार सार्वजनिक जीवन का अनुपम उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श केवल राजनेताओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणादायी हैं।

    श्रीवास्तव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की जो मिसाल प्रस्तुत की, उसका छोटा-सा अंश भी यदि हम अपने जीवन में आत्मसात कर सकें, तो यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
    अंत में श्री संजय श्रीवास्तव ने अपनी ओर से, कायस्थ समाज, रायपुरवासियों एवं समस्त प्रदेशवासियों की ओर से भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी को शत-शत नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर रज्जन श्रीवास्तव, राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राजेन्द्र श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, सुभाष वर्मा, विट्ठल श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, आदित्य श्रीवास्तव, डॉ. अमित श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, दीपेश श्रीवास्तव, अमृता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दिव्यऋषि तिवारी के निवास पहुंचकर परिजन को दी सांत्वना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दिव्यऋषि तिवारी के निवास पहुंचकर परिजन को दी सांत्वना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दिव्यऋषि तिवारी के निवास पहुंचकर परिजन को दी सांत्वना

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को युवा अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता स्व. श्री दिव्यऋषि तिवारी के पत्रकार कॉलोनी स्थित निज निवास पहुंचकर शोकाकुल परिजन को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दिव्यऋषि के पिता श्री आनंद तिवारी, माता श्रीमती रविकला तिवारी, भ्राता श्री दिव्यांकु तिवारी एवं श्री युगान्तर तिवारी से मिलकर आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त कीं और सभी को ढांढ़स बंधाया।

    इस दौरान स्थानीय विधायक श्री भगवानदास सबनानी, समाजसेवी श्री राहुल कोठारी, श्री रविन्द्र यति, श्री अमन यादव, श्री अतुल यादव, जनप्रतिनिधियों सहित स्व. तिवारी के सभी परिवारजन उपस्थित थे।

    उल्लेखनीय है कि श्री दिव्यऋषि तिवारी का बीते रविवार (27 सितम्बर) को भोपाल में एक सार्वजनिक स्थल पर स्थापित विद्युत पोल से करंट लगने से आकस्मिक निधन हो गया था। वे 30 साल के थे और जिला न्यायालय एवं हाईकोर्ट में अधिवक्ता थे, साथ ही सामाजिक एवं समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय थे।

     

  • ‘राइज एंड फॉल 2’ में तेज प्रताप की गोद में बैठकर सारा गुरपाल ने किया डांस, प्रोमो हुआ वायरल

    ‘राइज एंड फॉल 2’ में तेज प्रताप की गोद में बैठकर सारा गुरपाल ने किया डांस, प्रोमो हुआ वायरल

    भोजपुरी बवाल के बाद तेज प्रताप यादव 'राइज एंड फॉल 2' में नजर आ रहे हैं. शो में एक बार फिर तेज प्रताप का मस्तमौला अंदाज देखने को मिल रहा है. शो में कई बार वो अग्रेसिव भी हो जाते हैं. अब 'राइज एंड फॉल 2' का लेटेस्ट प्रोमो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. प्रोमो में पंजाबी एक्ट्रेस-सिंगर सारा गुरपाल, बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की गोद में बैठकर डांस करती नजर आ रही हैं.

    एक्ट्रेस का डांस वायरल
    राइज एंड फॉल 2 के नए प्रोमो में लिफ्ट मोहतरमा द्वारा अनाउंसमेंट की जाती है. वर्कर से कहा जाता है कि आपको लग रहा था कि आप पार्टी में आए हैं. आप ऑडिशन देने आए हैं. आज यहां होगा इस सीजन का पहला राइज. तेज प्रताप जी अब वक्त है फैसला लेने का.

    इसके बाद सारा गुरपाल बॉलीवुड गाने पर धमाकेदार डांस करती हैं और तेज प्रताप की गोद में बैठ जाती हैं. सारा गुरपाल का रोमांटिक डांस देखकर वहां बैठे सभी लोग शॉक्ड हो जाते हैं. सारा ने तेज प्रताप को क्यूटी भी कहा. इसके बाद वो बिहार में धमाल मच जाएगा. ये सभी स्वरा शरमा कर अपना मुंह छिपा लेती हैं.  इसके बाद गौतम गुलाटी फिल्मी डायलॉग बोल कर तेज प्रताप को इंप्रेस करने लग जाते हैं.

    प्रोमो देखकर पता चल रहा है कि एपिसोड में पेंटहाउस में जाने के लिए वर्कर को ऑडिशन देना पड़ेगा. तेज प्रताप को जिसका ऑडिशन पसंद आएगा. उस वर्कर को पेंटहाउस में आने का मौका मिलेगा. प्रोमो के अंत में माहौल थोड़ा टेंशन वाला नजर आता है और काजल राघवानी रोती दिखती हैं.

    तेज प्रताप की बात करें, तो उन्होंने 'राइज एंड फॉल 2' में अपनी एंट्री से ही धमाल मचा दिया है. शो के पहले ही हफ्ते में उन्होंने 'अल्टिमेट रूलर' बनकर इतिहास रच दिया है. अपने इंट्रोडक्शन वीडियो में तेज प्रताप ने खुद को 'बरगद के पेड़' से तुलना की थी, कहते हुए कि भले ही शाखाएं हिलें, लेकिन जड़ें मजबूत हैं. उन्होंने वादा किया था कि पेंटहाउस पर कब्जा नहीं, बल्कि 'दरबार' लगाएंगे और बेसमेंट वालों पर राज करेंगे. अब तक उनकी ये सही साबित हुई हैं.

  • दृश्यम 3 में 2 अक्टूबर नहीं, 23 जुलाई बनी सबसे बड़ी तारीख, विजय सलगांवकर के सामने फिर संकट

    दृश्यम 3 में 2 अक्टूबर नहीं, 23 जुलाई बनी सबसे बड़ी तारीख, विजय सलगांवकर के सामने फिर संकट

    डियन सिनेमा की सबसे थ्रिलिंग फिल्म फ्रैंचाइजी 'दृश्यम' एक बार फिर ऑडियंस का दिमाग घुमाने आ चुकी है. मलयालम वर्जन से परे होकर अजय देवगन इसका हिंदी वर्जन 'दृश्यम द कन्क्लूजन' लाए हैं जो एक ओरिजिनल कहानी है. सिनेमाघरों में ये रिलीज हो गई है. इस बार हिंदी में दृश्यम की कहानी खत्म हो चुकी है. विजय सलगांवकर और पुलिस के बीच हुए इस आंख-मिचोली के खेल का अंत हुआ है.

    'दृश्यम द कन्क्लूजन' या कहें दृश्यम 3 एक फ्रेश कहानी और दिमाग घुमाने वाले ट्विस्ट के साथ लौटी है. पिछले पार्ट के बाद, जहां हमें लगा कि विजय सलगांवकर की फैमिली पर खतरा अब टल गया है. वहीं एक नए किरदार की एंट्री से वो चीज वापस आ जाती है. साथ ही एक नई तारीख भी इस आंख-मिचोली के खेल में शामिल होती है, जिसके इर्द-गिर्द फिल्म में मिस्ट्री का खेल शुरू होता है. 2 अक्टूबर के बाद, विजय के परिवार पर 23 जुलाई के दिन क्या हुआ था इसपर सस्पेंस बन चुका है.

    जिन लोगों ने फिल्म 'दृश्यम द कन्क्लूजन' देख ली है, वो मेरी इस बात को आसानी से समझ गए होंगे. लेकिन जिन्होंने भी अभी तक फिल्म नहीं देखी है, तो आपके लिए एक बड़ा SPOILER ALERT है. इसके आगे आप तभी पढ़िएगा, जब आपको तीसरी फिल्म की कहानी पता हो.

    दृश्यम फ्रैंचाइजी में 2 अक्टूबर के दिन का कितना महत्व है, ये बताने की जरूरत नहीं. सलगांवकर फैमिली इसी दिन गोवा के पणजी गई, वहां पाव-भाजी खाई और सतसंग में हिस्सा लिया. पॉप कल्चर में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती नहीं, बल्कि दृश्यम जयंती बताया जाता है. जब भी इस तारीख का जिक्र उठता है, सोशल मीडिया पर फिल्म के मीम्स बनने शुरू हो जाते हैं. मगर 'दृश्यम द कन्क्लूजन' ने इस तारीख को अब बदलकर 23 जुलाई का दिन सबसे खास और महत्वपूर्ण बना दिया है.

    दरअसल दृश्यम 3 का पूरा प्लॉट इसी तारीख पर आकर अटका है. ये वो दिन है, जब विजय सलगांवकर ने सैम के कंकाल को फोरेंसिक लैब से निकालकर एक दूसरी बॉडी के कंकाल के साथ बदल दिया था. दृश्यम 2 में ये एक बहुत बड़ा ट्विस्ट था, जिसके दम पर विजय और उसका परिवार कोर्ट से बरी हुआ था. मगर फिर तीसरे पार्ट में क्राइम ब्रांच के एसपी राजवीर सिंह तोमर की एंट्री से ये केस वापस खुला. उसे विजय और उसकी फैमिली के खिलाफ एक बड़ा ठोस सबूत मिला, जिसके दम पर वो उन्हें वापस कोर्ट में घसीटता है.

    23 जुलाई की रात विजय सलगांवकर ने जो कुछ सैम की बॉडी के साथ किया, उसका एक हिस्सा एसपी राजवीर तोमर के हाथ लगता है. इसी के दम पर मीरा और उसके पति महेश विजय से बदला लेने की ठान लेते हैं. उस रात से जुड़े ठोस सबूत के चलते, इस बार भी विजय का परिवार कटघरे में आकर खड़ा होता है. अब क्या वो अंत में बचकर निकलता है, या उसे इस लड़ाई में हार मिलती है? ये आप फिल्म देखकर ही पता लगाइए. इसे अभिषेक पाठक ने डायरेक्ट किया है, जो दृश्यम 2 के भी डायरेक्टर थे.