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  • रिहाना के घर पर फायरिंग मामले में बड़ा अपडेट, आरोपी महिला पर हत्या की कोशिश समेत 14 आरोप

    रिहाना के घर पर फायरिंग मामले में बड़ा अपडेट, आरोपी महिला पर हत्या की कोशिश समेत 14 आरोप

     

    हॉलीवुड की मशहूर सिंगर रिहाना के बेवर्ली हिल्स स्थित घर के पास इस साल मार्च में गोलीबारी की घटना हुई थी। उनके घर की तरफ एक महिला ने बार-बार फायरिंग की थी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। इस महिला पर कोर्ट में केस चल रहा है। महिला पर हत्या की कोशिश समेत 14 गंभीर अपराधों के आरोप लगे हैं।

    कोर्ट ने क्या कहा?
    फ्लोरिडा की एक महिला पर आरोप है कि उसने रिहाना और रैपर रॉकी के घर पर राइफल से गोली चलाई। गोली उस ट्रेलर पर लगी, जिसमें यह मशहूर कपल मौजूद था। उस नर्सरी पर भी लगी, जहां उनके बच्चे थे। अब एक ग्रैंड जूरी ने उस महिला पर हत्या की कोशिश समेत 14 गंभीर अपराधों के आरोप तय किए हैं। ऑरलैंडो की रहने वाली 36 वर्षीय आरोपी महिला इवाना लिसेट ऑर्टिज के खिलाफ लगे इन आरोपों की जानकारी लॉस एंजिल्स काउंटी के जज ने बुधवार को सार्वजनिक की।

    26 लाख डॉलर की जमानत राशि पर हिरासत का आदेश
    कोर्ट में पीले रंग के जेल के कपड़े पहने हुए आरोपी ऑर्टिज ने सिर्फ अपने वकील से बात की। वकील ने आरोपी की तरफ से 'बेगुनाह' होने की दलील दी। इसके बाद जज ने उसे 26 लाख डॉलर की जमानत राशि पर हिरासत में रखने का आदेश दिया।
    मालूम हो कि यह फैसला एक दूसरे जज के उस आदेश के एक दिन बाद आया, जिसमें कहा गया था कि ऑर्टिज मानसिक रूप से मुकदमे का सामना करने के काबिल है। ऑर्टिज की कई महीनों तक चली मानसिक जांच के दौरान सीक्रेट ग्रैंड जूरी की कार्यवाही हुई। जूरी ने 18 जून को अपना आरोप-पत्र सौंपा, लेकिन जज के उसके काबिल होने पर फैसला सुनाने तक इसे तीन महीने तक गुप्त रखा गया। अब, जो मामला रुका हुआ लग रहा था, संभव है कि वह तेजी से मुकदमे की ओर बढ़ रहा है।

    कब हुई थी गोलीबारी की घटना?
    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी महिला ने 08 मार्च को सिंगर रिहाना के घर के पास सेमी-ऑटोमैटिक राइफल से गोली चलाई थी। घटना के समय रिहाना, उनके पार्टनर और बच्चे घर के अंदर ही थे। गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ। अधिकारियों का आरोप है कि महिला ने एक टेस्ला कार चलाई और उसे उस मशहूर गायिका और उनके रैप स्टार पार्टनर रॉकी की बेवर्ली हिल्स इलाके में मौजूद प्रॉपर्टी के गेट तक ले गई। वहां उसने खिड़की से AR-15 स्टाइल की राइफल बाहर निकाली और प्रॉपर्टी तथा पड़ोस के घर की तरफ कम से कम 20 राउंड गोलियां चलाईं।

    रिहाना को मारना चाहती थी आरोपी?
    डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी अलेक्जेंडर बॉट ने कोर्ट के बाहर कहा, 'यह रिहाना को मारना चाहती थी। बाकी सभी लोग तो बस अनजाने में इसकी चपेट में आ गए'। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, गोलियां एयरस्ट्रीम ट्रेलर को चीरती हुई निकल गईं। गोलीबारी के दौरान गोलिायं घर के उस नर्सरी वाले कमरे की दीवार पर भी लगीं, जहां कपल के तीन छोटे बच्चे अपनी नैनी के साथ मौजूद थे। रिहाना की मां और घर के कई कर्मचारी भी वहां मौजूद थे, और अधिकारियों का कहना है कि उसने पड़ोसी के घर की तरफ भी गोलियां चलाईं।

    ऑर्टिज के वकील ने क्या कहा?
    ऑर्टिज के वकील, डिप्टी पब्लिक डिफेंडर डेरेक डिलमैन ने अदालत के बाहर मीडिया से बात नहीं की। उन्होंने आरोपों पर सार्वजनिक बचावकर्ता के कार्यालय से टिप्पणी मांगने वाले संदेश का तत्काल जवाब नहीं दिया गया। उसके दोषी न होने की दलीलों के अलावा, उसके वकीलों ने सार्वजनिक रूप से आरोपों पर कुछ नहीं कहा, केवल यह कहा है कि वे उसके अधिकारों की रक्षा के लिए काम करेंगे। जांचकर्ताओं ने कहा कि गिरफ्तारी के दिन ऑर्टिज ने उनसे कहा, 'मैं हत्या का प्रयास नहीं कर रही थी'।

     

  • मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती पर खादी आश्रम से की खरीदारी

    मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती पर खादी आश्रम से की खरीदारी

    मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती पर खादी आश्रम से की खरीदारी

    सीएम योगी ने गमछा खरीद कर किया भुगतान, आश्रम में उपलब्ध वस्त्रों-उत्पादों को देखा और जानकारी भी ली

    सीएम ने खादी आश्रम में कार्यरत लोगों का कुशलक्षेम जाना और वहां मौजूद बच्चों को चॉकलेट दी

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम पहुंचे। उन्होंने यहां आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के साथ ही खादी उत्पाद खरीदा। मुख्यमंत्री ने भगवा रंग का गमछा खरीदा और इसका भुगतान किया। सीएम ने गांधी आश्रम में विभिन्न खादी उत्पादों को देखा और उनके बारे में जानकारी भी ली। उन्होंने वहां आए लोगों को खादी खरीदने के लिए प्रेरित किया। 

    मुख्यमंत्री ने खादी आश्रम में कार्यरत सभी लोगों का कुशलक्षेम जाना और वहां मौजूद बच्चों को चॉकलेट दी। बच्चों से उनकी पढ़ाई आदि के बारे में भी पूछा। बच्चों ने पैर छूकर मुख्यमंत्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, पवन सिंह चौहान, उप्र राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

  • यूपी में मिशन-2027 की तैयारी तेज, BJP ने हारे 40 हजार बूथ जीतने का बनाया लक्ष्य

    यूपी में मिशन-2027 की तैयारी तेज, BJP ने हारे 40 हजार बूथ जीतने का बनाया लक्ष्य

    लखनऊ
    भाजपा प्रदेश कार्यालय पर हलचल के बीच गुरुवार दोपहर जिस मनोभाव के साथ प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े कक्ष में पहुंचे, तभी साफ हो गया था कि यह सिर्फ संगठन की बैठक नहीं है। रणनीतिकार आश्वस्त थे कि तावड़े समेत चारों सह-प्रभारियों की प्रदेश इकाई के साथ बैठक में एमएलसी चुनाव एवं मिशन-2027 की तैयारियों की रूपरेखा बनेगी।

    शीर्ष पदाधिकारियों ने पहले बंद कमरे में बैठक की। फिर क्षेत्रीय अध्यक्षों-प्रभारियों एवं प्रदेश महामंत्रियों के साथ बैठक की। 2024 लोकसभा चुनाव में हारे 40 हजार बूथों को जीतने का लक्ष्य दिया गया। शाम तक मोर्चों की प्रदेश टीम एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष भी घोषित कर दिए गए।

    प्रदेश प्रभारी बनने के बाद तावड़े एवं सह प्रभारी जगदीश ईश्वर पटेल दो बार लखनऊ पहुंच चुके हैं, जबकि 23 सितंबर को सह प्रभारी बनाए गए अनंत ओझा, प्रदीप वर्मा एवं मेधा कुलकर्णी पहली बार प्रदेश के दौरे पर आए। पहली बैठक बंद कमरे में हुई, जिसमें तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह एवं चारों सह-प्रभारी बैठे।

    बूथ प्रबंधन के साथ ही यूजीसी, जेनजी, आरक्षण, पीडीए, विधायकों के प्रति आक्रोश, एसआइआर, नए नैरेटिव एवं राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे कई विषयों का चुनावी प्रभाव आंका गया। कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने की बात हुई। इस बैठक से प्रदेश पदाधिकारियों को दूर रखा गया। दूसरे सत्र में तावड़े एवं उनकी टीम ने प्रदेश महामंत्रियों दिलीप पटेल, शंकर लोधी, अभिजात मिश्रा, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, राजेश चौधरी, राम प्रताप सिंह एवं संजय राय के अलावा मोर्चों के अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी, रोहित मिश्रा, अशोक रावत, सरोज कुशवाहा, प्रकाश पाल एवं विद्याभूषण गोंड एवं सभी छह प्रभारियों की बैठक ली।

    उन्हें पिछले लोकसभा चुनाव में हारी विधान सभा सीटों एवं जीती सीटों पर हारे बूथों को लेकर विशेष रणनीति बनाने के लिए कहा गया। पदाधिकारियों को स्नातक एवं शिक्षक खंड के 11 एमएलसी प्रत्याशियों को जिताने के लिए कहा। बैठक में संकेत दे दिया था कि शाम तक मोर्चों की प्रदेश इकाइयां घोषित कर दी जाएंगी।

    तावड़े का सबसे ज्यादा फोकस 2027 विधान सभा चुनाव को लेकर रहा, जिसमें एनडीए के घटक दलों से बूथ स्तर तक समन्वय बढ़ाने, कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने एवं ज्यादा से ज्यादा वोटों को मतदान बूथ तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। सात अक्टूबर को वाराणसी में वडनगर से आने वाली जलकलश यात्रा को लेकर भी जानकारी दी गई।

     

  • हॉकी में 44 साल का इंतजार खत्म, भारत की बेटियों ने चीन को हराकर जीता गोल्ड

    हॉकी में 44 साल का इंतजार खत्म, भारत की बेटियों ने चीन को हराकर जीता गोल्ड

    टोक्यो 

    44 साल का इंतजार खत्म हो गया. भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया. काकामिगाहारा में खेले गए फाइनल में लालरेमसियामी के 10वें मिनट के गोल ने भारत को बढ़त दिलाई, जिसे टीम ने आखिरी सीटी तक बरकरार रखा. इस जीत के साथ भारत ने 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता। 

    इस गोल्ड की अहमियत सिर्फ मेडल तक सीमित नहीं है. एशियन गेम्स की महिला हॉकी चैंपियन को लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन मिलता है. यानी चीन के खिलाफ मिली इस जीत ने भारत को एशियन गेम्स चैंपियन बनाने के साथ अगले ओलंपिक का टिकट भी दिला दिया। 

    लालरेमसियामी ने 200वें मैच को बनाया यादगार
    फाइनल में भारत को 10वें मिनट में बढ़त मिली. लालरेमसियामी ने गोल कर टीम को 1-0 आगे कर दिया. यह मुकाबला उनके लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि वह भारत के लिए अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही थीं. पहले क्वार्टर के बाद भारत के पास 1-0 की बढ़त थी. चीन ने इसके बाद बराबरी के लिए दबाव बढ़ाया, लेकिन भारतीय डिफेंस ने लगातार हमलों का सामना किया। 

    दूसरे क्वार्टर में सविता बनीं दीवार
    चीन को दूसरे क्वार्टर में पेनल्टी स्ट्रोक मिला. भारत के लिए यह मैच का अहम मोड़ था. गोलकीपर सविता ने पेनल्टी स्ट्रोक रोककर चीन को बराबरी करने से रोक दिया. इसके बाद भी चीन ने भारत के सर्कल में दबाव बनाए रखा, लेकिन भारतीय टीम ने अपनी बढ़त बरकरार रखी. हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 भारत के पक्ष में रहा। 

    तीसरे क्वार्टर में नवनीत कौर ने गोललाइन पर बचाया गोल
    तीसरे क्वार्टर में चीन ने लगातार हमले किए. 33वें मिनट में चीन को पेनल्टी कॉर्नर मिला. इस दौरान नवनीत कौर ने गोललाइन पर गेंद को रोककर भारत को बचाया. इसके बाद चीन को पेनल्टी स्ट्रोक भी मिला था, लेकिन भारत के रेफरल के बाद फैसला बदला गया और पेनल्टी स्ट्रोक की जगह पेनल्टी कॉर्नर दिया गया। 

    चीन ने इसके बाद ड्रैग फ्लिक से गोल करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद को रोकने के लिए अपना शरीर तक लगाया. फर्स्ट रशर के तौर पर सलीमा टेटे के हाथ पर गेंद लगी, जिसके बाद उन्हें कुछ देर के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा. उनकी जगह बलजीत कौर मैदान पर आईं। 

    आखिरी 15 मिनट में चीन ने बनाया दबाव
    आखिरी क्वार्टर में चीन ने बराबरी के लिए पूरा जोर लगाया. भारत को कई बार अपने सर्कल के आसपास दबाव झेलना पड़ा, लेकिन डिफेंस ने चीन को गोल करने का मौका नहीं दिया. भारत ने 1-0 की बढ़त को आखिरी सीटी तक बचाए रखा और इसी के साथ एशियन गेम्स में महिला हॉकी का गोल्ड अपने नाम कर लिया। 

    1982 के बाद फिर भारत का स्वर्ण
    भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था. इसके बाद टीम 1998 और 2018 में फाइनल तक पहुंची, लेकिन दोनों बार उसे सिल्वर से संतोष करना पड़ा. 2026 में चीन को हराकर भारत ने 44 साल बाद फिर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 

    इस एशियन गेम्स में भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. चीन ने जापान को पेनल्टी शूटआउट में हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था। 

    गोल्ड के साथ मिला LA 2028 का टिकट
    भारत के लिए इस जीत का एक और बड़ा मतलब है. एशियन गेम्स महिला हॉकी का गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम को लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन मिलता है. भारत ने चीन को हराकर यह जगह पक्की कर ली है। 

  • नशामुक्त छत्तीसगढ़ से ही संभव होगा ‘विकसित भारत 2047’ का सपनारू मंत्री टंक राम वर्मा

    नशामुक्त छत्तीसगढ़ से ही संभव होगा ‘विकसित भारत 2047’ का सपनारू मंत्री टंक राम वर्मा

    नशामुक्त छत्तीसगढ़ से ही संभव होगा ‘विकसित भारत 2047’ का सपनारू मंत्री टंक राम वर्मा

    ​धमतरी में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मंत्री ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ

    ​खरतुली के रासेयो स्वयंसेवकों ने प्रेरक नाटक के जरिए दिया सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण का संदेश

    रायपुर,
    सेवा संकल्प अभियान और अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर धमतरी के मोनो नाइट इंग्लिश मीडियम स्कूल में नशामुक्त समाज और राष्ट्र निर्माण का संदेश पूरे उत्साह के साथ गूंजा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने उपस्थित अपार जनसमूह को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं को देश की मूल शक्ति बताते हुए नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार समाज के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

    ​       मंत्री वर्मा ने कहा कि नशे की लत केवल किसी व्यक्ति विशेष को प्रभावित नहीं करती, बल्कि परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों को गर्त में धकेल देती है। इसे जड़ से खत्म करने के लिए सामूहिक जनभागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों और स्वयंसेवी संगठनों से ‘नशामुक्त भारत अभियान’ का हिस्सा बनकर जनचेतना को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील की।

    ​सामूहिक प्रयास से छत्तीसगढ़ को नशामुक्त बनाने का संकल्प

             समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वृद्धजनों और युवाओं ने स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को इस सामाजिक बुराई से बचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नशामुक्ति महज एक शासकीय अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है।

    ​नाट्य प्रस्तुति से दिया श्विकसित भारत 2047श् का संदेश

           समारोह का मुख्य आकर्षण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरतुली के राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) और इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। प्राचार्य के मार्गदर्शन तथा व्याख्याता आकाश गिरी गोस्वामी के लेखन व निर्देशन में बने इस नाटक में नशामुक्त भारत, विकसित भारत-2047 और समाज सेवा जैसे विषयों को सजीव रूप से पेश किया गया। नाट्य रूपांतरण में कलाकारों  ने सशक्त अभिनय से दर्शाया कि यदि युवा ऊर्जा को नशे से बचाकर शिक्षा, कौशल और राष्ट्रसेवा से जोड़ा जाए, तो देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

           कार्यक्रम में सहकारी बैंक के अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, निगम सभापति, जिला पंचायत सभापति, जनपद अध्यक्ष, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, डीएफओ समेत कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

  • छोटा 1BHK भी बनेगा व्यवस्थित, वास्तु के हिसाब से इन 7 बातों का रखें ध्यान

    छोटा 1BHK भी बनेगा व्यवस्थित, वास्तु के हिसाब से इन 7 बातों का रखें ध्यान

    आजकल शहरों में जगह की कमी के चलते 1BHK और छोटे फ्लैट में रहना आम हो गया है.  छोटे घर में हर सामान को सही तरीके से रखना चुनौती बन जाता है. कई बार जगह कम होने के कारण फर्नीचर, सामान और दूसरी चीजें ऐसी जगह रख दी जाती हैं, जहां वास्तु के हिसाब से इन्हें रखना उचित नहीं माना जाता. हालांकि, इसके लिए घर में तोड़फोड़ या बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं होती. कुछ छोटी बातों का ध्यान रखकर घर के माहौल को बेहतर और व्यवस्थित रखा जा सकता है.

    मुख्य दरवाजे के पास न रखें बेकार सामान
    वास्तु में मुख्य द्वार को घर का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. छोटे फ्लैट में अक्सर जूते-चप्पल, डिलीवरी बॉक्स या दूसरे सामान दरवाजे के आसपास जमा हो जाते हैं. इससे प्रवेश का रास्ता संकरा और अव्यवस्थित दिखाई देता है.

    मुख्य दरवाजे के आसपास हमेशा सफाई रखें. जूते-चप्पल के लिए छोटा और व्यवस्थित रैक रखें और बेकार सामान को वहां जमा न होने दें. दरवाजे के पास पर्याप्त रोशनी रखना भी अच्छा माना जाता है.

    ईशान कोण को रखें खाली
    वास्तु में उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को महत्वपूर्ण माना जाता है. छोटे घर में जगह की कमी के कारण लोग इस हिस्से में भारी अलमारी, स्टोरेज बॉक्स या जरूरत से ज्यादा सामान रख देते हैं.

    अगर संभव हो तो ईशान कोण को हल्का और साफ रखें. यहां भारी फर्नीचर रखने से बचें. इस हिस्से में प्राकृतिक रोशनी और हवा आती हो तो उसे पर्दों या सामान से पूरी तरह बंद न करें.

    घर में रोशनी और हवा का रास्ता न रोकें
    छोटे घर में जगह बचाने के लिए खिड़कियों के सामने फर्नीचर रखना आम बात है. लेकिन इससे प्राकृतिक रोशनी और हवा का रास्ता रुक सकता है.

    वास्तु के अनुसार घर में खुलापन और रोशनी सकारात्मक वातावरण के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. इसलिए खिड़कियों के सामने जरूरत से ज्यादा सामान न रखें. सुबह कुछ समय के लिए खिड़कियां खोलना भी अच्छा विकल्प है.

    जरूरत से ज्यादा सामान जमा न करें
    छोटे घर में सबसे बड़ी समस्या अव्यवस्था की होती है. सीमित जगह में जब गैरजरूरी सामान बढ़ता जाता है तो कमरा और भी छोटा नजर आने लगता है.

    लंबे समय से इस्तेमाल नहीं होने वाली चीजों को अलग करें. टूटे सामान, खराब इलेक्ट्रॉनिक आइटम और बेकार डिब्बों को जमा करके रखने से बचें. फर्नीचर भी ऐसा रखें जिससे कमरे में आने-जाने की जगह बनी रहे.

    किचन में इन बातों का रखें ध्यान
    किचन की दिशा हमेशा बदलना संभव नहीं होता, खासकर फ्लैट में. ऐसे में उसकी सफाई और व्यवस्था पर ध्यान देना आसान उपाय हो सकता है.

    गैस चूल्हे और सिंक के आसपास अनावश्यक सामान न रखें. किचन में वेंटिलेशन अच्छा रखें, एग्जॉस्ट या चिमनी का सही इस्तेमाल करें. गंदे बर्तन लंबे समय तक जमा न होने दे.  किचन की सतह को साफ रखें.

    बेडरूम में कम रखें सामान
    छोटे बेडरूम में जरूरत से ज्यादा फर्नीचर रखने से जगह और कम महसूस होती है. बिस्तर के आसपास चलने के लिए पर्याप्त जगह रखें और कमरे में बहुत ज्यादा सजावटी सामान न भरें.

    वास्तु में दक्षिण-पश्चिम दिशा को मास्टर बेडरूम के लिए उपयुक्त माना जाता है. लेकिन फ्लैट का निर्माण पहले से तय होने पर कमरे की दिशा बदलना संभव नहीं होता. ऐसी स्थिति में कमरे को साफ, व्यवस्थित और शांत रखना आसान विकल्प हो सकता है.

    टूटी और खराब चीजों को तुरंत हटाएं
    घर में खराब नल, टपकता हुआ पानी, टूटा शीशा, खराब स्विच या लंबे समय से खराब पड़ा सामान नजरअंदाज न करें. वास्तु में ऐसी चीजों को नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है.

    व्यावहारिक रूप से भी खराब सामान और लीकेज घर की साफ-सफाई और रखरखाव को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए इन्हें जल्द से जल्द ठीक कराएं या जरूरत न होने पर हटा दें.

    छोटे घर में वास्तु सुधार के लिए तोड़फोड़ जरूरी नहीं
    अगर घर छोटा है या फ्लैट का नक्शा पहले से बना हुआ है तो हर वास्तु कमी को दूर करने के लिए दीवार तोड़ना जरूरी नहीं है. सामान की सही जगह, साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, हवा और घर में खुला रास्ता बनाए रखना आसान शुरुआत हो सकती है.

  • भारत-पाकिस्तान एशियन गेम्स फाइनल से पहले बड़ा अपडेट, मोहसिन नकवी नहीं होंगे मौजूद

    भारत-पाकिस्तान एशियन गेम्स फाइनल से पहले बड़ा अपडेट, मोहसिन नकवी नहीं होंगे मौजूद

    आइची-नागोया
    आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 की मेन्स क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत-पाकिस्तान के बीच गोल्ड मेडल मुकाबला 3 अक्टूबर (शनिवार) को निशिन के स्थित कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला जाएगा. इस गोल्ड मेडल मुकाबले से पहले मोहसिन नकवी को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है. एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने पुष्टि की है कि उसके अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी फाइनल के दिन जापान में मौजूद नहीं रहेंगे.

    एशियन क्रिकेट काउंसिल ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक X अकाउंट पर बताया कि मोहसिन नकवी पूर्व निर्धारित प्रतिबद्धताओं के कारण एशियन गेम्स के फाइनल डे में शामिल नहीं हो पाएंगे. उन्होंने गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल मुकाबलों में उतरने वाली चारों टीमों को शुभकामनाएं दी हैं. नकवी ने अपने बयान में कहा कि उनकी प्रतिबद्धताएं उन्हें नागोया से दूर रखेंगी, लेकिन वह एशियन गेम्स के मुकाबलों को देखने के लिए उत्सुक हैं.

    भारत और पाकिस्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स के मेन्स क्रिकेट फाइनल में जगह बनाई है. भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रनों से हराया, जबकि पाकिस्तान ने बारिश से प्रभावित मुकाबले में बांग्लादेश को मात देकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया. भारत पिछली बार हांगझोउ में खेले गए एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीत चुका है.

    एशिया कप में हुआ था प्रेजेंटेशन विवाद
    मोहसिन नकवी की फाइनल में मौजूदगी को लेकर चर्चा सिर्फ इसलिए नहीं थी कि वह एशियन क्रिकेट काउंसिल और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) दोनों के प्रमुख हैं. पिछले दो एशिया कप के दौरान भारतीय टीमों की ट्रॉफी प्रेजेंटेशन से जुड़े घटनाक्रम के बाद यह सवाल उठ रहा था कि अगर नकवी एशियन गेम्स में मेडल सेरेमनी का हिस्सा बने तो क्या स्थिति होगी.

    मेन्स एशिया कप 2025 में खिताबी जीत के बाद भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी नहीं ली थी. इसके बाद विमेंस एशिया कप 2026 में भी भारतीय टीम ने ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था. इन घटनाओं के बाद भारत-पाकिस्तान के किसी बड़े मुकाबले में नकवी की मौजूदगी पर स्वाभाविक रूप से नजर रही है. एशियन गेम्स फाइनल में दोनों टीमों के आमने-सामने आने के बाद यह सवाल और अहम हो गया था.

    मोहिसन नकवी के फाइनल डे पर मौजूद नहीं होने की पुष्टि के बाद मेडल सेरेमनी को लेकर उठ रहे सवालों की एक अहम कड़ी साफ हो गई है. अब एशियन गेम्स के आयोजकों, ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया और भारतीय ओलंपिक संघ के सामने प्रेजेंटेशन को लेकर नकवी की मौजूदगी से जुड़ी स्थिति नहीं होगी.

  • जावेद अख्तर ने भारतीय पायलट स्मित मछार को किया सलाम, बोले- महावीर चक्र के हकदार

    जावेद अख्तर ने भारतीय पायलट स्मित मछार को किया सलाम, बोले- महावीर चक्र के हकदार

    इंडियन सिनेमा के जाने-माने गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाई दुबई की उड़ान के दौरान हुई एक कथित घटना में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार के काम की तारीफ की है.

    सोशल मीडिया अकाउंट x पर अख्तर ने मछार की हिम्मत की तारीफ की और कहा कि पायलट को उनके काम के लिए सम्मान मिलना चाहिए. अख्तर ने लिखा, 'स्मित मछार  को सलाम!! बेशक, वह महावीर चक्र जैसे सम्मान के हकदार हैं.'

    जानकारी के लिए बता दें कि महावीर चक्र भारत का दूसरा सबसे बड़ा सैन्य सम्मान है और यह सशस्त्र बलों के सदस्यों को दुश्मन का सामना करते हुए असाधारण बहादुरी दिखाने के लिए दिया जाता है.

    आखिर क्या था पूरा मामला?
    UAE से तेल अवीव जा रही Flydubai फ्लाइट में ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन पर चाकू से हमला किया. इसके बाद विमान तेजी से नीचे गिरने लगा.  विमान में मौजूद यात्रियों और दूसरे क्रू मेंबर्स ने कॉकपिट में पहुंचकर को-पायलट को काबू किया और विमान को स्थिर करने में मदद की. इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.

    कैप्टन स्मित मछार के काम की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई बॉलीवुड हस्तियों ने की है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर भारतीय पायलट की हिम्मत की सराहना की. पीएम मोदी ने मच्छार को "हीरो" कहा और कहा कि उनके काम से लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद मिली.

    जावेद अख्तर के अलावा बॉलीवुड के कई और सितारे जैसे आर. माधवन, परेश रावल, विजय देवरकोंडा, सोनम कपूर, रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी, जैकी श्रॉफ और कंगना रनौत जैसे अभिनेताओं ने भी मछार के प्रति अपनी तारीफ जाहिर की. माधवन ने कैप्टन के जल्द ठीक होने की कामना की, जबकि देवरकोंडा ने उनके काम की तारीफ की और उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की.

  • BJP प्रदेश अध्यक्ष ने CM साय और केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र, बस्तर के लिए मांगा विशेष राहत पैकेज

    BJP प्रदेश अध्यक्ष ने CM साय और केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र, बस्तर के लिए मांगा विशेष राहत पैकेज

    रायपुर.

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष सी.आर. पाटिल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने ओड़िशा स्थित खातीगुड़ा बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण बस्तर संभाग में उत्पन्न भीषण बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया है।

    CM साय ने बस्तर के बाढ़ पीड़ितों के तात्कालिक पुनर्वास, विशेष मुआवजा पैकेज, जोरा नाला की नई डीपीआर के निर्माण और दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन योजना की तत्काल स्वीकृति का आग्रह किया है।

    आम जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने केन्द्रीय मंत्री पाटिल को लिखे पत्र में ध्यान आकृष्ट किया है कि इंद्रावती जलाशय (खातीगुड़ा बांध) से अग्रिम चेतावनी और उचित समन्वय के बिना भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। इसके चलते जगदलपुर शहर के कई वार्ड और ग्रामीण क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। लाखों एकड़ में लगी फसलें तबाह हो चुकी हैं, मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, मवेशी बह गए हैं और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अंतर्राज्यीय जल विनियमन के अभाव और जोरा नाला की भौगोलिक स्थिति और प्रभावी बाढ़ (आपदा) प्रबंधन के अभाव ने इस संकट को और अधिक गंभीर बना दिया है।

    विशेष मुआवजा और राहत पैकेज की मांग
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने ​पत्र में आपदा प्रभावितों के लिए विशेष मुआवजा एवं राहत पैकेज के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि बाढ़ से नष्ट हुई खरीफ फसलों के लिए किसानों को प्रति एकड़ के आधार पर एनडीआरएफ मद से विशेष राहत राशि तुरंत स्वीकृत की जाए। जिन परिवारों के कच्चे या पक्के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत प्राथमिकता से नया मकान और तत्काल जीवन-यापन के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। बह गए मवेशियों, प्रभावित छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के नुकसान का त्वरित सर्वे कराकर सीधे डीबीटी के माध्यम से मुआवजा राशि खाते में भेजी जाए।

    जोरा नाला की नई DPR पर जोर
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने जोरा नाला के नए सिरे से डीपीआर निर्माण और कार्यान्वयन को जरूरी बताते हुए कहा है कि जोरा नाला में अनियंत्रित कटाव और इंद्रावती नदी के जल विचलन (वाटर डायवर्सन) को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन कराकर नया और संशोधित डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार किया जाए। इसी तरह जोरा नाला पर एक स्वचालित आधुनिक ‘गेटेड रेगुलेटर स्ट्रक्चर’ बनाया जाए, ताकि मानसून के दौरान अतिरिक्त जलप्रवाह को वैज्ञानिक तरीके से इंद्रावती और जोरा नाला के बीच विभाजित कर बस्तर पर बाढ़ के सीधे दबाव को कम किया जा सके।

    जलग्रहण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर पौधरोपण
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने बाढ़ प्रबंधन प्लान एवं कैचमेंट एरिया डेवलपमेंट की जरूरत पर बल देते हुए कहा है कि इंद्रावती और उसकी सहायक नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर पौधरोपण, मृदा संरक्षण और कंटूर ट्रेंचिंग का कार्य किया जाए, जिससे रन-ऑफ वाटर की गति और गाद का जमाव रुक सके। इसके लिए केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के तकनीकी मार्गदर्शन में इंद्रावती नदी के तल में वर्षों से जमी गाद को हटाने के लिए ड्रेजिंग प्रोजेक्ट स्वीकृत किया जाए, ताकि नदी की जलधारण क्षमता बढ़ सके। जगदलपुर अर्बन ड्रेनेज और टाउन प्लानिंग का उल्लेख कर देव ने कहा कि जगदलपुर शहर के लिए अमृत (एएमआरयूटी) योजना के अंतर्गत ‘एकीकृत स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम’ विकसित किया जाए और नदी के संवेदनशील तटवर्ती इलाकों में पक्के गाइड बांध/तटबंध बनाए जाएं।

    आयोग को नोडल एजेंसी बनाया जाए
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने पत्र में कहा है कि ओडिशा के खातीगुड़ा बांध से पानी छोड़े जाने के समय और मात्रा का रियल-टाइम टेलीमेट्री डेटा छत्तीसगढ़ प्रशासन के साथ साझा करने के लिए केंद्रीय जल आयोग को नोडल एजेंसी बनाया जाए। इंद्रावती बेसिन में सेंसर-आधारित चेतावनी प्रणालियां स्थापित की जाएं, जिससे पानी छोड़े जाने से कम-से-कम 24 से 48 घंटे पूर्व निचले इलाकों को खाली कराया जा सके।
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने इस बात पर भी जोर दिया है कि बस्तर का यह क्षेत्र मुख्य रूप से गरीब और जनजातीय आबादी से आच्छादित है, जो इस विनाशकारी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अत: परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार की एक अंतर-मंत्रालयीन केंद्रीय टीम तुरंत भौतिक सत्यापन के लिए बस्तर भेजी जाए और ‘विशेष बस्तर बाढ़ राहत, जोरा नाला डीपीआर एवं पुनरुद्धार पैकेज’ को अविलंब स्वीकृति प्रदान की जाए।

    जोरा नाला की नई डीपीआर की मांग
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी पत्र लिखकर जनजातीय बहुल बस्तर संभाग (विशेषकर जगदलपुर एवं इंद्रावती नदी के तटीय क्षेत्रों) में आई भीषण बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया है। देव ने ओडिशा स्थित इंद्रावती जलाशय (खातीगुड़ा बांध) से भारी मात्रा में अचानक पानी छोड़े जाने से उत्पन्न विभीषिका के मद्देनजर प्रभावितों के लिए “विशेष राहत व मुआवजा पैकेज” स्वीकृत करने तथा दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन की मांग की है। देव ने कहा है कि अग्रिम चेतावनी और अंतर्राज्यीय समन्वय के अभाव में अचानक छोड़े गए जल प्रवाह के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर चला गया। इसके चलते जगदलपुर शहर के कई वार्ड और आसपास के सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। लाखों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं, आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, बड़ी संख्या में मवेशी बह गए हैं और जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

    नए सिरे से डीपीआर निर्माण और कार्यान्वयन
    देव ने ​पत्र में ​आपदा प्रभावितों के लिए विशेष मुआवजा और राहत पैकेज की दिशा में राज्य सरकार से त्वरित पहल की अपेक्षा व्यक्त की है। ​जोरा नाला के नए सिरे से डीपीआर निर्माण और कार्यान्वयन पर भी देव ने राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री साय से आग्रह किया है कि बस्तरवासियों को तात्कालिक पुनर्वास और भविष्य में ऐसी आपदा की रोकथाम के लिए केंद्र के साथ राज्य स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने छत्तीसगढ़ के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा को भी पत्र लिखकर बस्तर संभाग, विशेषकर जगदलपुर और इंद्रावती नदी के तटीय क्षेत्रों में आई भीषण बाढ़ की स्थिति से अवगत कराते हुए तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। देव ने पत्र में उल्लेख किया कि ओडिशा स्थित इंद्रावती जलाशय (खातीगुड़ा बांध) से बिना किसी अग्रिम चेतावनी और उचित समन्वय के अचानक भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया। इसके कारण बस्तर में इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर चला गया है।

    लाखों एकड़ में लगी खरीफ फसलें नष्ट
    नतीजतन, जगदलपुर शहर के कई वार्ड और आसपास के सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। लाखों एकड़ में लगी खरीफ फसलें नष्ट हो गई हैं, आवासीय मकान ढह गए हैं, मवेशी बह गए हैं और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। देव ने कहा कि बाढ़ से नष्ट हुई खरीफ फसलों के लिए किसानों को प्रति एकड़ विशेष राहत राशि एनडीआरएफ मद से तुरंत स्वीकृत की जाए। इसी तरह जिन परिवारों के कच्चे या पक्के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत प्राथमिकता से नया मकान और तात्कालिक जीवन-यापन के लिए सीधी आर्थिक सहायता दी जाए। बाढ़ में बहे पशुधन और प्रभावित छोटे व्यापारियों व दुकानदारों के नुकसान का त्वरित सर्वे कराकर डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में मुआवजा राशि भेजी जाए। देव ने ​जोरा नाला की नई डीपीआर के निर्माण और क्रियान्वयन पर भी जोर दिया है। ​भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विश्वास जताया है कि राज्य सरकार बस्तर के बाढ़ पीड़ितों के तात्कालिक पुनर्वास, स्थायी मुआवजे और भविष्य में ऐसी आपदा की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

  • बापू का चरखा स्वावलंबन का आधार, ओडीओपी उसी स्वदेशी भाव से ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का अभियान: मुख्यमंत्री

    बापू का चरखा स्वावलंबन का आधार, ओडीओपी उसी स्वदेशी भाव से ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का अभियान: मुख्यमंत्री

    बापू का चरखा स्वावलंबन का आधार, ओडीओपी उसी स्वदेशी भाव से ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का अभियान: मुख्यमंत्री

    सीएम योगी बोले- स्वच्छता, स्वदेशी, स्वावलंबन और ग्राम स्वराज के बापू के मंत्र आज भी उतने ही प्रासंगिक

    कहा- चरखा केवल चरखा नहीं, भारत की आत्मनिर्भरता का आधार, गांधी आश्रम के वस्त्र आजादी और स्वदेशी के प्रतीक

    ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के जरिए बापू के स्वदेशी भाव को आगे बढ़ा रहा उत्तर प्रदेश, स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

    पीएम मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत से आत्मनिर्भर भारत तक साकार हो रहे बापू के सपने, 12 करोड़ से अधिक परिवारों के घरों में बने शौचालय

    बापू के ग्राम स्वराज की परिकल्पना को आगे बढ़ा रही सरकार, ग्राम सचिवालय के जरिए जनसुविधाओं के साथ मिल रहा रोजगार

    मुख्यमंत्री ने लाल बहादुर शास्त्री को भी किया नमन, कहा- ‘जय जवान-जय किसान’ के मंत्र ने सुरक्षा व खाद्यान्न आत्मनिर्भरता की रखी नींव

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी के स्वदेशी और स्वावलंबन के मंत्र को आत्मनिर्भर और विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए कहा कि बापू का चरखा केवल चरखा नहीं था, बल्कि भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार था। उत्तर प्रदेश की ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना उसी स्वदेशी के भाव को आगे बढ़ाते हुए ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बापू के स्वावलंबन के सपने को आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। विकसित भारत की संकल्पना तभी पूरी होगी, जब देश आत्मनिर्भर बनेगा और इसके लिए प्रत्येक नागरिक, परिवार और गांव को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बापू की स्मृतियों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के प्रिय भजनों का श्रवण किया और चरखा चलाकर बापू के स्वदेशी एवं स्वावलंबन के संदेश को प्रसारित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से स्वदेशी, स्वदेशी से स्वावलंबन और स्वावलंबन से ग्राम स्वराज तक बापू के विचार आज भी देश के लिए मार्गदर्शक हैं। नया भारत बापू के इन्हीं सपनों को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।

    गांधी आश्रम के वस्त्र केवल कपड़े नहीं, आजादी के मंत्र के प्रतीक
    सीएम योगी ने स्वदेशी की चर्चा करते हुए अपने बचपन की स्मृतियों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि बचपन में हम लोग गांधी आश्रम के कपड़ों को बड़ी उत्सुकता से देखते थे। लोगों में इन वस्त्रों को लेकर विशेष उत्साह रहता था, क्योंकि ये केवल वस्त्र नहीं थे। ये भारत की आजादी के मंत्र के प्रतीक भी थे। बापू ने इन्हें स्वदेशी की भावना से जोड़कर आगे बढ़ाने का काम किया। उन्होंने देश को चरखे के माध्यम से स्वावलंबन का संदेश दिया। चरखा केवल सूत कातने का साधन नहीं था। वह भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार बना। अपने श्रम, अपने उत्पाद और अपनी सामर्थ्य पर भरोसा करके देश कैसे आगे बढ़ सकता है, चरखा इसका प्रतीक बना।

    बापू के स्वदेशी से निकला ‘लोकल टू ग्लोबल’ मंत्र
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना उसी स्वदेशी के भाव के साथ आगे बढ़ रही है। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लोकल से ग्लोबल’ और आत्मनिर्भर भारत के मंत्र से जोड़ते हुए कहा कि बापू ने जिस स्वावलंबन का सपना देखा था, उसे नए स्वरूप में आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री बार-बार कहते हैं कि विकसित भारत की संकल्पना तभी पूरी होगी, जब आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए हम सभी मिलकर कार्य करेंगे। इस आत्मनिर्भरता की शुरुआत स्वदेशी और स्वावलंबन के भाव से होती है।

    दक्षिण अफ्रीका से अन्याय-रंगभेद के खिलाफ उठाई आवाज
    सीएम ने महात्मा गांधी की जीवन यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात के पोरबंदर में एक परम वैष्णव परिवार में जन्मे बापू ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद दक्षिण अफ्रीका में वकालत की प्रैक्टिस प्रारंभ की। परिवार से मिले संस्कार उनके जीवन और संघर्ष में दिखाई दिए। उन्होंने अन्याय और किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई। दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरुद्ध अभियान को आगे बढ़ाया और वहां भारतीय मूल के नागरिकों को एकजुट किया। इसी संघर्ष ने आगे चलकर भारत की स्वाधीनता की अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    स्वतंत्रता आंदोलन को बापू ने बनाया जन आंदोलन
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सही मायने में जब भारत की स्वाधीनता का आंदोलन पूज्य बापू के हाथों में आया तो उन्होंने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उसका नेतृत्व किया और उसे एक व्यापक जन आंदोलन में बदल दिया। उस समय देश में हताशा और निराशा का वातावरण था। लोगों को लगने लगा था कि भारत शायद कभी स्वाधीन नहीं हो सकता। बापू के नेतृत्व और मार्गदर्शन ने इस निराशा को आशा और उत्साह में बदल दिया। भारतीय समाज स्वाधीनता की नई सुबह देखने के लिए पूरे उत्साह के साथ आंदोलन का हिस्सा बन गया। बापू के नेतृत्व की विशेषता यह रही कि भारत का स्वाधीनता आंदोलन केवल चंद नगरों तक सीमित नहीं रहा। यह गांव-गांव पहुंचा और हर नर-नारी व बच्चा इस अभियान का हिस्सा बना। इसी जनभागीदारी ने स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया।

    आधी धोती और हाथ में छड़ी, दुनिया थी हैरान
    सीएम ने कहा कि दुनिया के लोगों के लिए यह कौतूहल और आश्चर्य का विषय था कि आखिर वह कौन-सी चमत्कारिक ताकत है, जो भारत की स्वाधीनता के इतने बड़े अभियान से जुड़ी है। आधी धोती पहनकर आंदोलन का नेतृत्व करने वाले बापू के हाथ में एक छड़ी ही सहारा थी, लेकिन दुनिया ने उनके नेतृत्व की ताकत और उस चमत्कार को देखा। आज वही भारत पूज्य बापू के सपनों को साकार करते हुए आगे बढ़ रहा है। बापू ने जिन मूल्यों को स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनमानस से जोड़ा था, वे आज भी देश और समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।

    स्वच्छता, स्वदेशी और स्वावलंबन आज भी बापू के मंत्र
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के आंदोलन को जन आंदोलन में बदलने के लिए बापू ने जो मंत्र दिए थे, उनकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। हर नागरिक स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाए, हर नागरिक स्वदेशी को अपने जीवन का मंत्र बनाए और प्रत्येक परिवार आत्मनिर्भर बनकर स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़े। बापू के ये संदेश आज भी देश के लिए मंत्र के रूप में काम कर रहे हैं। स्वच्छता केवल आसपास की सफाई का विषय नहीं है और स्वदेशी केवल किसी वस्तु के उपयोग तक सीमित विचार नहीं है। इन विचारों के केंद्र में व्यक्ति, परिवार और समाज को आत्मनिर्भर बनाकर राष्ट्र को सशक्त करने की भावना है।

    स्वच्छ भारत अभियान ने बापू के सपने को दिया नया विस्तार
    सीएम योगी ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के समय बापू ने जो संकल्प लिया था, स्वतंत्र भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से उस सपने को साकार करने का कार्य किया है। देश में 12 करोड़ से अधिक परिवारों के घरों में शौचालय बनाए गए। स्वच्छ भारत अभियान न केवल स्वच्छता और स्वस्थ भारत की आधारशिला बना, बल्कि इसने लोगों को जागरूक करने के साथ नारी गरिमा की रक्षा का पाठ भी पढ़ाया। स्वच्छता को प्रत्येक नागरिक के जीवन का हिस्सा बनाना ही बापू के संदेश को वास्तविक अर्थों में आगे बढ़ाना है।

    गांव बनेगा स्वावलंबन का आधार, साकार होगा ग्राम स्वराज
    मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को वर्तमान ग्रामीण विकास से जोड़ते हुए कहा कि गांव भारत की आधारभूत इकाई हैं। लंबे समय तक हम विकास के बड़े-बड़े दावे करते रहे, लेकिन सच्चाई यह थी कि जिस गांव को विकास की आधारभूत इकाई होना चाहिए था, उसे उपेक्षित छोड़ दिया गया। आज पूज्य बापू के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने के लिए गांव को भी स्वावलंबन का आधार बनाया जा रहा है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने हर गांव में ग्राम सचिवालय का गठन किया है। इनके माध्यम से तकनीक का उपयोग करते हुए नागरिकों को गांव में ही विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। ग्राम सचिवालय स्थानीय स्तर पर रोजगार का भी माध्यम बन रहे हैं। इनके माध्यम से हर गांव में चार से सात लोगों को रोजगार की सुविधा उपलब्ध हो रही है।

    लाल बहादुर शास्त्री को भी किया नमन
    लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें भी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 02 अक्टूबर का दिन एक और कारण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूज्य बापू की जयंती के साथ ही यह भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और बापू के अनन्य अनुयायी लाल बहादुर शास्त्री की भी पावन जयंती है। गांधी जी और शास्त्री जी का संपूर्ण जीवन चरित्र हम सभी को बड़ी प्रेरणा देता है। व्यक्ति की वाक्शक्ति में तभी ताकत होती है, जब उसके आचार व विचार में समन्वय हो। दोनों महापुरुषों ने जो कहा, उसे अपने जीवन में करके दिखाया और जितना किया, उतना ही बोला।

    एक ने दिया स्वदेशी का मंत्र, दूसरे ने ‘जय जवान-जय किसान’ का
    सीएम योगी ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वदेशी ने भारत की जनचेतना को जागृत करते हुए स्वाधीनता का मंत्र बनने का काम किया। लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी से भरा, भारतीयता से ओतप्रोत और राष्ट्र के प्रति पूरी तरह समर्पित रहा। जब देश के ऊपर संकट आया तो शास्त्री जी ने दिखाया कि कैसे वज्र बनकर भारत की सुरक्षा की जा सकती है और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकता है। उनका ‘जय जवान-जय किसान’ का उद्घोष पूरे भारत का मंत्र बन गया।

    सीमा पर जवान, खेत में किसान ने संभाला देश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय एक ओर सीमाओं पर भारत का जवान दुश्मन देशों के छक्के छुड़ा रहा था तो दूसरी ओर खेतों में अन्नदाता किसान देश को खाद्यान्न आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहा था। ‘जय जवान-जय किसान’ केवल एक नारा नहीं था। इसने राष्ट्रीय सुरक्षा और खाद्यान्न आत्मनिर्भरता, दोनों को एक साथ देश के संकल्प से जोड़ा। वर्ष 1965 में लाल बहादुर शास्त्री द्वारा देशवासियों को दिया गया यह मंत्र आगे चलकर भारत की आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बना।

    कभी गेहूं के लिए दूसरों पर निर्भर था भारत, आज दुनिया को आपूर्ति
    सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब भारत को गेहूं के लिए भी दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई विकसित देशों से भारत को ऐसा खाद्यान्न तक आपूर्ति किया जाता था, जो खाने योग्य नहीं होता था। आज भारत उस स्थिति से बहुत आगे निकल चुका है। देश ने न केवल खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्राप्त किया है, बल्कि दुनिया के अनेक देशों को खाद्यान्न आपूर्ति का माध्यम भी बना हुआ है। इस आत्मनिर्भरता की नींव श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री ने रखी थी।

    पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता ही उज्ज्वल भविष्य का मार्ग
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान का भाव रखकर कृतज्ञता ज्ञापित करता है, उनके आदर्शों का अनुसरण करता है और उन्हीं आदर्शों से अपनी भावी पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है, उसका भविष्य निश्चित रूप से उज्ज्वल होता है। आज का नया भारत पूज्य बापू के इसी सपने को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रहा है। स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने, स्वदेशी को ‘लोकल से ग्लोबल’ तक पहुंचाने, परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और गांवों को स्वावलंबन का आधार बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खादी और वस्त्र उद्योग के मंत्री राकेश सचान, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, अल्पसंख्यक आयोग के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन रजा, क्षेत्रीय गांधी आश्रम के मंत्री देवी प्रसाद शर्मा, व्यवस्थापक अखिलेश कुमार उपाध्याय, सरोजित तिवारी, प्रमुख समाजसेवी और साहित्यकार अखिलेश द्विवेदी, क्षेत्रीय गांधी आश्रम से जुड़े हुए अन्य पदाधिकारीगण और विधायकगण उपस्थित रहे।