हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
बिना नाम लिए कांग्रेस-सपा के परिवारवाद पर निशाना, बोले- गांवों को वोट बैंक समझने की राजनीति ने उन्हें पीछे रखा
2017 से पहले गांवों को मिले सिर्फ वादे, व्यवस्था में न पारदर्शिता थी न जवाबदेही
57,600 ग्राम सचिवालयों से गांव में मिल रहीं सुविधाएं, हर गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर
11,350 ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रहीं डिजिटल लाइब्रेरी
लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी जयंती पर ग्राम स्वराज के मुद्दे पर बिना नाम लिए कांग्रेस और सपा के परिवारवाद को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि गांवों को केवल वोट बैंक समझने और उन्हें अराजकता व जातिवाद की आग में झोंकने वाली राजनीति ने गांवों को पीछे रखा। हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति हुई, लेकिन व्यवस्था में न पारदर्शिता थी, न जवाबदेही। आय और जाति प्रमाण-पत्र के लिए भी ग्रामीणों को तहसील, थाना और जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानती है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में व्यवस्था बदली है। आज 57,600 ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में ही सुविधाएं मिल रही हैं। ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही आई है।
ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में पांच से सात रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। वहीं 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम स्वराज उनके लिए कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के सपनों के आत्मनिर्भर गांव का संकल्प है। सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश- यही हमारा ग्राम स्वराज है।
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हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

महराजगंज में 5 से 7 अक्टूबर तक लगेगा सौर ऊर्जा शिविर, PM सूर्यघर योजना के लिए मौके पर होगा पंजीकरण
महराजगंज
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में तीन दिवसीय जन-जन तक सौर ऊर्जा, हर घर में उजाला सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा।पांच से सात अक्टूबर 2026 तक विकास भवन परिसर में लगने वाले शिविर में लोगों को योजना की जानकारी देने के साथ ही उन्हें रूफटॉप सोलर लगवाने के लिए पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया में मार्गदर्शन दिया जाएगा।
यूपीनेडा एवं डिस्काम की ओर से आयोजित इस अभियान के माध्यम से नागरिकों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के लाभों से अवगत कराया जाएगा। स्थानीय प्रशासनिक चैनलों, डिजिटल माध्यमों और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता के जरिए अधिक से अधिक परिवारों को योजना से जोड़ने का प्रयास होगा।
शिविर में पहुंचकर लोग सौर ऊर्जा से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के साथ योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया को समझ सकेंगे। यूपीनेडा के परियोजना प्रभारी प्रेम प्रकाश सिंह ने बताया कि शिविर का उद्देश्य योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

पन्ना में चमकी गुड्डी की किस्मत, एक ही खदान से मिले 4 हीरे; कीमत करीब 10 लाख
मध्य प्रदेश के पन्ना की धरती एक बार फिर बेशकीमती हीरों को लेकर सुर्खियों में है। यहां उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक महिला की किस्मत उस वक्त चमक उठी, जब उसे एक ही खदान से एक साथ चार हीरे मिले। चारों हीरों का कुल वजन पांच कैरेट से अधिक बताया जा रहा है। इन हीरों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी जा रही है। महिला ने सभी हीरों को पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है।
जानकारी के अनुसार, पन्ना के सरकोहा क्षेत्र में स्थित निजी खदान में उत्तर प्रदेश के झांसी की रहने वाली गुड्डी श्रीवास ने हीरा तलाशने के लिए खदान लगाई थी। लंबे समय से मेहनत कर रही गुड्डी श्रीवास को आखिरकार वह सफलता मिल गई, जिसका इंतजार हीरा खदान में काम करने वाले हर व्यक्ति को रहता है। खदान में काम के दौरान गुड्डी श्रीवास को एक साथ चार हीरे मिले। चारों हीरों का कुल वजन 5 कैरेट से अधिक बताया जा रहा है। जैसे ही हीरे मिलने की जानकारी सामने आई, महिला और उसके परिवार में खुशी का माहौल बन गया।
गुड्डी श्रीवास ने हीरों को अपने पास रखने के बजाय नियमानुसार पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा कराया है। अब इन हीरों को आगामी नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी के बाद इनकी वास्तविक कीमत सामने आएगी। फिलहाल इन चारों हीरों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।
झांसी से आकर पन्ना में लगाई खदान
गुड्डी श्रीवास का कहना है कि वह झांसी की रहने वाली हैं और पन्ना में रहकर हीरा खदान में काम कर रही थीं। एक साथ चार हीरे मिलने से वह बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि हीरों की नीलामी से मिलने वाली राशि का उपयोग वह अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर-गृहस्थी की जरूरतों को पूरा करने में करेंगी।रातों-रात बनी लखपति
पन्ना की धरती कब किसकी किस्मत बदल दे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। सरकोहा की निजी खदान में गुड्डी श्रीवास को मिले चार हीरे भी इसी उम्मीद की कहानी बयां कर रहे हैं। अब सभी की नजर इन हीरों की नीलामी पर है, जहां इनकी वास्तविक कीमत तय होगी।
यूथ कांग्रेस में फर्जी वोटिंग का आरोप, अजय चंद्राकर ने CBI जांच की मांग की
रायपुर.
छत्तीसगढ़ में यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने यूथ कांग्रेस में कथित फर्जी वोटिंग और फंडिंग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है।
अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि यूथ कांग्रेस में चंदे के जरिए सदस्यता दी जा रही है और चुनाव प्रक्रिया में फर्जी वोटिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि इस तरह की कथित गड़बड़ियां कांग्रेस पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र को प्रभावित कर रही हैं।
जनमानस पर पड़ रहा सिस्टम का असर- अजय चंद्राकर
चंद्राकर ने कांग्रेस की आंतरिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के भीतर चल रहे इस तरह के कथित सिस्टम का असर जनमानस पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को रोकने और प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने यूथ कांग्रेस में कथित फर्जी वोटिंग के साथ-साथ सदस्यता और फंडिंग से जुड़े मामलों की भी CBI जांच की मांग की है।
खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूटः मुख्यमंत्री
खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूटः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर अर्पित किए श्रद्धासुमन
एनेक्सी स्थित पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर दी पुष्पांजलि, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी किया याद सीएम ने
जितने संवेदनशील थे, उनका ही संघर्षशील भी था शास्त्री जी का व्यक्तित्वः मुख्यमंत्री
भारत की स्वाधीनता का मंत्र था खादी, हर व्यक्ति खादी को जीवन का बनाए हिस्साः मुख्यमंत्री
लखनऊ,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को उपहार दिया। उन्होंने कहा कि खादी भारत की स्वाधीनता का मंत्र है, प्रदेश सरकार ने खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी की छूट उपलब्ध कराई है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि हर व्यक्ति खादी को जीवन का हिस्सा बनाकर कारीगरों, हस्तशिल्पियों व बुनकरों के हुनर को सम्मान दे। सीएम योगी ने एनेक्सी स्थित पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि दी। उन्होंने इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी याद किया।भारत की आजादी का मंत्र बना था ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’
सीएम योगी ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज 157वीं तथा सादगी, सज्जनता के लिए प्रसिद्ध भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती है। बापू का ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ भारत की आजादी का मंत्र बना था। आजादी का जो आंदोलन पहले बिखरा था, वह बापू के नेतृत्व में जनांदोलन बना। जिसके कारण ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ा।स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी का आत्मनिर्भरता व स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा, इसीलिए पीएम मोदी जी ‘लोकल टू ग्लोबल’ की चर्चा करते हैं। उनका मानना है कि गांवों, कारीगरों, हस्तशिल्पियों, बुनकरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को प्रोत्साहित करना और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना भारत की स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता भी है।हर भारतीय श्रद्धा से लेता है शास्त्री जी का नाम
सीएम योगी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम आते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा का भाव उमड़ पड़ता है। वह अपनी सादगी, सज्जनता के लिए सदैव प्रसिद्ध रहेंगे। वह जितने संवेदनशील थे, उनका व्यक्तित्व उतना ही संघर्षशील भी था। उन्होंने जो कहा, वह करके दिखाया। जो किया, उतना ही बोला।‘जय जवान-जय किसान’ का नारा बना स्वाधीन भारत का मंत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी का ध्येय था कि भारत खाद्यान्न आत्मनिर्भरता में लक्ष्य प्राप्त करे और देश की सीमाओं पर लड़ रहे जवानों के प्रति हर भारतीय के मन में सम्मान का भाव पैदा हो। शास्त्री जी का ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा स्वाधीन भारत का मंत्र बना।भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध किसान
सीएम योगी ने कहा कि एक ओर जवान सीमाओं की रक्षा करते हुए दुश्मनों के छक्के छुड़ा रहे थे तो दूसरी ओर अन्नदाता किसान अपने पसीने, परिश्रम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहा था। उसी का परिणाम है कि आज भारत ने खाद्यान्न आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किया है। भारत अब 140 करोड़ देशवासियों का पेट भरने के साथ ही अनेक देशों में खाद्यान्न आपूर्ति का सामर्थ्य रखता है। शास्त्री जी ने 1965 में जो मंत्र दिया था, उसे भारत की आंतरिक/वाह्य सुरक्षा प्रदान करने वाले जवान व देशवासी आज भी आत्मसात करते हैं।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

खादी अपनाएं, स्वदेशी अपनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
खादी अपनाएं, स्वदेशी अपनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर खादी ग्रामोद्योग भवन पहुंचे मुख्यमंत्री
राष्ट्रपिता को नमन किया, चरखा चलाया, खादी वस्त्रों की खरीदारी की और विजिटर बुक में लिखा संदेशभोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर जवाहर चौक स्थित खादी ग्रामोद्योग भवन पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत की माला पहनाकर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां चरखा चलाया, खादी वस्त्रों की खरीदारी की और विजि़टर बुक में अपना अनुभव संदेश भी अंकित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां खादी वस्त्रों के निर्माण से लेकर उनकी मार्केटिंग और इन वस्त्रों के विक्रय की सम्पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी भंडार आए खरीदारों से चर्चा की और कहा कि खादी से प्रेम बनाए रखें, हमेशा खादी अपनाएं और स्वदेशी की ओर बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि हम सबको वोकल फॉर लोकल होने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी के वस्त्रों की खरीदारी की। गांधी जयंती के अवसर पर आज खादी वस्त्रों की खरीदी पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने खरीदारी कर यूपीआई से ऑनलाइन पेमेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजिटर्स बुक में अपना संदेश अंकित करते हुए लिखा कि – आजादी के पूर्व स्वालंबन एवं ग्राम स्वराज के साथ आजादी की ललक लिये, देशभर में महात्मा गांधी ने खादी तथा सूत कातते हुये जो देशभक्ति और जनभावनाओं की जो अलख जगाई, वह कालातीत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुन: इसी भाव को पुर्नस्थापित करते हुए खादी के प्रति पूरे देश का प्रेम एवं अपनत्व जोड़ा है। आइये हम सब खादी अपनायें।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है। महात्मा गांधी ने अपने जीवन में स्वदेशी को मूलमंत्र बनाया था। उन्होंने विदेशी वस्तुओं और कपड़ों का बहिष्कार कर कपास से निर्मित स्वदेशी खादी को प्रोत्साहित किया। ब्रिटिश सत्ता को उखाड़ फेकने और भारतीय स्वाधीनता आंदोलन से जन-जन को जोड़ने के लिए यही खादी गांधी जी का अमोघ अस्त्र सिद्ध हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को भी अपनी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। स्वदेशी खादी को प्रोत्साहन मिलने से हमारी भारतीय मुद्रा देश से बाहर नहीं जाती है और इसी से हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खादी वस्त्र निर्माण से जुड़े नागरिक स्वाभिमान के साथ जीवन जियें, इस भाव को बनाए रखने के लिए गांधी जयंती के अवसर पर हम सभी प्रदेशवासी खादी और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प लें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी भंडार में खरीदारी कर रहे लोगों से चर्चा की और खादी के प्रति लगाव की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खरीदारी कर रही सुविजयलक्ष्मी यादव से पूछा किस कक्षा में पढ़ती हो ? बालिका ने बताया सर, मेरा आज ही बीएससी बीएड का रिजल्ट आया है, जिसमें वह पास हो गई है। इसपर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्न होकर विजयलक्ष्मी को आशीर्वाद देकर उपहार स्वरूप अपना पेन दिया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक भगवानदास सबनानी, समाजसेवी रविन्द्र यति, राहुल कोठारी, अमन यादव, अन्य जनप्रतिनिधि एवं खादी भंडार के स्टाफर्स उपस्थित थे।

हरी प्याज से बनाएं महाराष्ट्र का फेमस कांदा पात ठेचा, 10 मिनट में तैयार होगी चटपटी साइड डिश
अगर खाने के साथ कुछ तीखा और चटपटा मिल जाए तो रोजाना का नॉर्मल खाना भी टेस्टी लगने लगता है. महाराष्ट्र में ठेचा ऐसी ही एक साइड डिश है, जिसे हरी मिर्च, लहसुन और मूंगफली जैसी चीजों से बनाया जाता है. आपने हरी मिर्च या लहसुन का ठेचा तो कई बार खाया होगा, लेकिन क्या आपने कभी हरी प्याज यानी कांदा पात से बना ठेचा ट्राई किया है?
कांदा पात ठेचा स्वाद में तीखा, चटपटा और हल्का क्रिस्पी होता है, इसे खासतौर पर ज्वार या बाजरे की भाकरी के साथ खाया जाता है. इसके अलावा गरम रोटी, दाल-चावल या सब्जी के साथ भी इसे परोसा जा सकता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता. आइए आपको इसकी आसान रेसिपी बताते हैं.
कांदा पात ठेचा बनाने के लिए सामग्री
1 कप बारीक कटी हरी प्याज
8-10 हरी मिर्च
8-10 लहसुन की कलियां
2 बड़े चम्मच भुनी हुई मूंगफली
1 छोटा चम्मच जीरा
1.5 से 2 बड़े चम्मच तेल
स्वादानुसार नमक
1 छोटा चम्मच नींबू का रसहरी प्याज का ठेचा बनाने का तरीका
सबसे पहले एक पैन या लोहे का तवा गैस पर रखें. इसमें करीब 1 चम्मच तेल डालकर गर्म करें. अब इसमें जीरा, लहसुन की कलियां और हरी मिर्च डालें.
इन्हें मिडियम फ्लेम पर दो से तीन मिनट तक भूनें. जब मिर्च और लहसुन पर हल्के भूरे निशान दिखने लगें तो समझिए ये तैयार हैं.
अब इसमें बारीक कटी हुई हरी प्याज डालें. हाई फ्लेम पर इसे करीब एक से दो मिनट चलाते हुए पकाएं.
हरी प्याज को ज्यादा गलाना नहीं है. बस इतना पकाएं कि इसका कच्चापन निकल जाए और हल्का कुरकुरापन बना रहे.
इसके बाद गैस बंद कर दें और मिक्सचर को थोड़ा ठंडा होने दें. अब इसे सिलबट्टे में डालें. इसमें भुनी हुई मूंगफली और नमक डालकर दरदरा कूट लें.
अब तैयार ठेचे को एक कटोरी में निकालें. चाहें तो ऊपर से थोड़ा गर्म तेल डालें और नींबू का रस निचोड़ दें. इससे इसका स्वाद और भी चटपटा हो जाएगा.स्वाद बढ़ाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
हरी प्याज ठेचा बनाने के लिए लोहे के तवे या कड़ाही का इस्तेमाल करने से इसका स्वाद और भी अच्छा लगता है. साथ ही, इसे मिक्सर में महीन पीसने के बजाय दरदरा कूटना बेहतर रहता है. इससे मूंगफली, लहसुन और मिर्च का टेस्ट अच्छी तरह महसूस होता है.किसके साथ परोसें ठेचा
इसे आप ज्वार-बाजरे की गरम भाकरी, रोटी या दाल-चावल के साथ परोस सकते हैं. तैयार ठेचे को एयरटाइट डिब्बे में रखकर फ्रिज में रखें और कोशिश करें कि इसे 3 से 4 दिनों के अंदर इस्तेमाल कर लें.
रायपुर : गांधी और शास्त्री जयंती पर राज्य स्तरीय सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित
रायपुर : गांधी और शास्त्री जयंती पर राज्य स्तरीय सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने पत्रिका 'प्रयास' और पुस्तक 'तारुण्य वार्ता' का किया विमोचन, वेबसाइट का भी किया लोकार्पण
रायपुर
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा, रायपुर में राज्य स्तरीय सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अध्यक्षता राज्यसभा सांसद एवं संस्था की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने की।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री यादव ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ की पत्रिका ‘प्रयास’ तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स और यूनिसेफ द्वारा तैयार ‘तारुण्य वार्ता’ (मासिक धर्म पर खुलकर चर्चा) पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने संस्था की नवीन वेबसाइट का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर विभिन्न जिलों के स्काउट्स एवं गाइड्स को सम्मानित भी किया गया।
हम एक-दूसरे के प्रति प्रेम, सद्भाव और सम्मान रखें
शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचार तथा लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा आज भी हमारा मार्गदर्शन करते हैं। सर्वधर्म प्रार्थना सभा हमें सभी आस्थाओं का सम्मान करने और समाज में प्रेम व भाईचारे को मजबूत करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स से जुड़े बच्चे और युवा सेवा, अनुशासन तथा सहयोग की भावना को अपने जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं। हमारे देश की संस्कृति "सर्वधर्म समभाव" और सभी के मंगल की कामना पर आधारित है। सर्वधर्म प्रार्थना हमें यही संदेश देती है कि सभी सुखी हों, सभी का कल्याण हो और हम एक-दूसरे के प्रति प्रेम, सद्भाव और सम्मान रखें।
स्काउट-गाइड हमें अनुशासन का संदेश देता है
यादव ने कहा कि स्काउट-गाइड का उद्देश्य केवल नियमों और प्रतिज्ञाओं को पढ़ना नहीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारना है। हम स्वयं अनुशासित रहेंगे, तभी दूसरों को अनुशासन का संदेश दे पाएंगे। स्काउट-गाइड हमें प्रकृति से प्रेम करना और पशु-पक्षियों का मित्र बनना भी सिखाता है। इसलिए प्रत्येक स्काउट और गाइड अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए।
राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी शक्ति है। अलग-अलग आस्थाओं और परंपराओं के प्रति आदर ही सामाजिक सद्भाव और एकता का आधार है। उन्होंने बच्चों और युवाओं से गांधीजी एवं शास्त्रीजी के आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
सर्वधर्म प्रार्थना सभा में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं विचारों का स्मरण करते हुए शांति, प्रेम, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने सर्वधर्म समभाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य भंडारगृह निगम अध्यक्ष चंदू लाल साहू, औद्योगिक विकास निगम अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य बीज विकास निगम अध्यक्ष चन्द्रहास चंद्राकर, राज्य केश शिल्पी बोर्ड अध्यक्ष गौरी शंकर श्रीवास, विधायक मोती लाल साहू सहित विभिन्न निगम-मंडलों एवं आयोगों के अध्यक्ष और अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बहतराई खेल अकादमी के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों का किया सम्मान, बढ़ाया हौसला
रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बहतराई खेल अकादमी के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों का किया सम्मान, बढ़ाया हौसला
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा घोषित 51 लाख रुपए की सम्मान राशि का चेक संजू देवी को सौंपा
मधु सिदार और गीता यादव को 11.12-11.12 लाख रुपए का विशेष सहायता पैकेज
देश में हॉकी लीग आयोजित करने वाला पहला राज्य बनेगा छत्तीसगढ़ : अरुण साव
रायपुर
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार अभिनव पहल कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश में 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक पुरुष हॉकी लीग का आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा, जो इस तरह की हॉकी लीग का आयोजन करने जा रहा है। लीग की टैगलाइन ‘चलव रे संगी हॉकी खेलबो’ रखी गई है। इसमें छह टीमें हिस्सा लेंगी, जिनका नामकरण छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पहचान के अनुरूप किया गया है।
साव ने बिलासपुर के बहतराई स्थित खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाने वाली खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में ये बातें कहीं। उन्होंने एशियन गेम्स-2026 में कबड्डी की स्वर्ण पदक विजेता सुसंजू देवी तथा जूनियर हॉकी एशिया कप-2026 की स्वर्ण पदक विजेता सुमधु सिदार और सुगीता यादव को सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने की।
समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा सुसंजू देवी के लिए पूर्व में घोषित 51 लाख रुपए की सम्मान राशि का चेक प्रदान किया गया। वहीं मधु सिदार और गीता यादव को 11 लाख 12 हजार रुपए प्रत्येक को विशेष सहायता पैकेज देने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में दोनों को इसमें से तत्काल 2-2 लाख रुपए की एकमुश्त सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए। साव ने तीनों खिलाड़ियों को शाल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों में परिवार के योगदान का सम्मान करते हुए उप मुख्यमंत्री ने तीनों खिलाड़ियों के परिजनों को भी शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
उप मुख्यमंत्री साव ने खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र के प्रशासनिक भवन में नवनिर्मित ऑडियो-वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि यह बिलासपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए उत्साह, उल्लास और गौरव का दिन है। इन खिलाड़ियों ने इसी सेंटर में खेलना सीखा, अपनी प्रतिभा को निखारा और कठिन परिश्रम के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। चीन और जापान में स्वर्ण पदक जीतना सहज उपलब्धि नहीं है। इसके पीछे खिलाड़ियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प है।
साव ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति को योग्य, सक्षम और अच्छा नागरिक बनाने का सशक्त माध्यम है। खेल के मैदान से अच्छा स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, धैर्य, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने का जज्बा मिलता है। खिलाड़ी कठिन समय में निराश होने के बजाय संघर्ष करना और फिर आगे बढ़ना सीखता है। खेल प्रतिभा के बल पर आज खिलाड़ियों को मान-सम्मान के साथ बेहतर भविष्य के अवसर भी मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य और खेल अधोसंरचना के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, खेल अलंकरण, स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव तथा बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों से प्रदेश में खेलों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया गया है। राज्य सरकार ने बजट में मुख्यमंत्री उत्कर्ष योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इससे प्रशिक्षकों सहित खेलों के लिए आवश्यक अधोसंरचना एवं अन्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।
साव ने खिलाड़ियों से अपने खेल में निरंतरता बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि खिलाड़ी की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा स्वयं से होती है। हर दिन स्वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करें। किसी प्रतियोगिता में चयन नहीं होने पर निराश न हों, बल्कि और अधिक मेहनत के साथ आगे बढ़ें। आज इन तीन खिलाड़ियों को यह अवसर और सम्मान मिला है, आने वाले समय में यहां प्रशिक्षण ले रहे अन्य खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिलेंगे।
बहतराई में और बढ़ेंगी खेल सुविधाएं :सुशांत शुक्ला
समारोह की अध्यक्षता करते हुए विधायक सुशांत शुक्ला ने बहतराई जिला खेल परिसर में खेल सुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न खेल मैदानों एवं हाई मास्ट लाइट सहित अन्य सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। लगभग 3 करोड़ रुपए की लागत से वातानुकूलन सहित आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में लगभग 16 करोड़ रुपए की लागत से खेल अधोसंरचना विकसित करने की योजना है, जिसका जल्द भूमिपूजन किया जाएगा।
राज्य हॉकी संघ के अध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव, प्रदेश कबड्डी संघ के महासचिव प्रदीप यादव, कलेक्टर संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल और दीपक सिंह सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, प्रशिक्षक, खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित थे।

दृश्यम 3 में अजय देवगन ने मोहनलाल को छोड़ा पीछे? कहानी और कोर्टरूम ड्रामा ने बढ़ाया सस्पेंस
आज से करीब 11 साल पहले साल 2015 में अजय देवगन फिल्म दृश्यम लेकर आए थे, जिसने लोगों की नींद उड़ा दी थी. उसमें जिस तरह फैमिली इमोशन्स के साथ दिमाग हिलाने वाला ट्विस्ट डाला गया, वो सचमुच हैरान करने वाला था. ये मोहनलाल की मलयालम फिल्म दृश्यम का ऑफिशियल रीमेक थी, जिसे जीतू जोसेफ ने लिखा था. 'दृश्यम' आगे चलकर एक फिल्म फ्रैंचाइजी के रूप में बदली, जिसके अभी तक सभी भाषाओं में तीन पार्ट आए. आज 2 अक्टूबर को अजय की दृश्यम 3 यानी 'दृश्यम द कन्क्लूजन' सिनेमाघरों में रिलीज हुई.
मोहनलाल से बेहतर अजय की फिल्म
हिंदी में दृश्यम 3 की कहानी मोहनलाल वाली मलयालम दृश्यम 3 से बिल्कुल अलग है. वैसे तो 'दृश्यम' एक रीमेक फ्रैंचाइजी है, मगर इसे हिंदी में बनाने वाले मेकर अभिषेक पाठक ने तीसरे पार्ट की कहानी को खुद लिखा है. साथ ही विजय सलगांवकर की कहानी को फाइनल क्लोजर देकर हिंदी में इस फ्रैंचाइजी का सफर समाप्त किया है. हालांकि मलयालम में दृश्यम 4 भी बनने वाली है, जिसकी घोषणा जीतू जोसेफ पहले ही कर चुके थे.वैसे अगर अजय की फिल्म के मेकर्स चाहते, तो मलयालम वाली दृश्यम को ही पार्ट 3 के रूप में पेश कर सकते थे. लेकिन अब फिल्म देखने के बाद ये एहसास होता है कि जो हुआ, सही हुआ. 'दृश्यम द कन्क्लूजन' फिल्म इस साल आई मलयालम वाली दृश्यम 3 से कई गुना बेहतर है. अजय की फिल्म की कहानी मोहनलाल वाली से ज्यादा इंगेजिंग है. वहीं मलयालम वाली दृश्यम 3 इस फ्रैंचाइजी की सबसे कमजोर फिल्म है. इस बात को क्रिटिक्स और ऑडियंस ने भी माना.
क्या थी मलयालम दृश्यम 3 की स्टोरी?
सबसे पहले मलयालम वाली दृश्यम 3 फिल्म की कहानी को देखें, तो उसमें जॉर्जकुट्टी अपने परिवार के साथ एक नई दुनिया बिताने के ख्वाब देखता है. वो चाहता है कि उसकी बेटी अंजू अब शादी करके अपना घर बसाए. मगर शहर में उसकी इमेज विवादित वरुण मर्डर केस के चलते खराब हो चुकी है, जिसके कारण अंजू से कोई शादी नहीं करना चाहता. इस बीच वरुण के पेरेंट्स गीता और प्रभाकर अपने बेटे की मौत का बदला लेने की फिराक में हैं.वो जॉर्जकुट्टी की बेटी के लिए एक पहले से सोची-समझी साजिश रचते हैं, ताकि वो खुद अपने मुंह से वरुण की मौत का सच और अपने पिता का राज खोल सके. गीता और प्रभाकर इस काम में कुछ हद तक सफल होते हैं. लेकिन तभी जॉर्जकुट्टी अपनी बेटी को बचाने के लिए बीच में आ जाता है, और खुद को पुलिस के सामने सरेंडर कर देता है. यही दृश्यम 3 की कहानी का अंत हो जाता है, जो एक सस्पेंस-थ्रिलर कम बल्कि फैमिली-ड्रामा ज्यादा बन जाती है.
क्या है अजय वाली 'दृश्यम द कन्क्लूजन' की कहानी?
अब अजय देवगन वाली दृश्यम 3 ने इस कहानी का सिर्फ 10 प्रतिशत ही इस्तेमाल किया है. 'दृश्यम द कन्क्लूजन' में कहानी सिर्फ विजय सलगांवकर की फैमिली नहीं, बल्कि उसके इर्द-गिर्द हुई पुलिस इनवेस्टिगेशन और इंगेजिंग कोर्ट रूम ड्रामा को भी शामिल करती है. इसमें सैम की डेडबॉडी के आसपास बना सस्पेंस आपकी टेंशन बढ़ाता है. हिंदी वाली दृश्यम 3 में मलयालम जैसे अंजू की मैरिड लाइफ पर फोकस नहीं है. बल्कि इसमें विजय सलगांवकर की समझदारी और अपने दुश्मनों से आगे रहने वाली चालाकी पर ध्यान दिया गया है.हिंदी वाली दृश्यम 3 अपनी फ्रैंचाइजी का जो बेस है, उसको पकड़कर आगे बढ़ती है. जबकि मलयालम वाली दृश्यम 3 फैमिली ड्रामा में ज्यादा घुस जाती है, जो निराश करती है. यानी ये कहना सही होगा कि अजय देवगन ने मोहनलाल वाली पिक्चर का फ्रेम टू फ्रेम रीमेक ना बनाकर एक सही फैसला लिया है. इसमें डायरेक्टर-राइटर अभिषेक पाठक की तारीफ बनती है कि उन्होंने फिर वही दमदार फिल्म डिलीवर की, जिसकी लोग उम्मीद लगा रहे थे.









