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  • CG से मानसून की विदाई शुरू, दिन का तापमान बढ़ने से गर्मी बढ़ी

    CG से मानसून की विदाई शुरू, दिन का तापमान बढ़ने से गर्मी बढ़ी

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई की बेला नजदीक आ गई है. अगले 48 घंटे में प्रदेश के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनने की संभावना जताई गई है.

    (CG Weather Forecast) गुरुवार को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क कहा. किसी भी इलाके में उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं हुई. बारिश का दौर थमने के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. (Monsoon Withdrawal) दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने से लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा हैं. वहीं रात हो हल्की ठंड महसूस होने लगी है.

    रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम 
    राजधानी रायपुर में 2 अक्टूबर को मौसम मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है. बारिश की फिलहाल कोई संभावना नहीं है. प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान राजनांदगांव 34.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा. वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री दर्ज किया गया. यानी प्रदेश में दिन और रात के तापमान के बीच अच्छा खासा अंतर बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे भी प्रदेश में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है. फिलहाल किसी जिले के लिए कोई चेतावनी नहीं की है.  

    कई प्रदेशों में मानसून की विदाई की परिस्थियां अनूकूल
    मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा फिलहाल गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया होते हुए आगे बढ़ रही है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों के साथ गुजरात, मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से मानसून की और वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है. इसी क्रम में बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी के संकेत मिल रहे हैं.

  • CG के हर गांव में आज से ‘रिफॉर्म उत्सव’, ग्रामीण बनाएंगे विकसित ग्राम पंचायत का रोडमैप

    CG के हर गांव में आज से ‘रिफॉर्म उत्सव’, ग्रामीण बनाएंगे विकसित ग्राम पंचायत का रोडमैप

    रायपुर.

    महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आगामी 2 अक्टूबर 2026 से छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में ‘रिफॉर्म उत्सव’ (Reform Utsav) का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और विकेंद्रीकृत पंचायती राज व्यवस्था के विजन के अनुरूप, अब सरकारी दफ्तरों के बजाय सीधे ग्राम सभाओं (Gram Sabhas) में ग्रामीणों की सीधी सहभागिता से गांव के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष जन-अभियान के तहत राज्य की समस्त ग्राम पंचायतों में ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ (Viksit Gram Panchayat Plan) का निर्माण किया जाएगा।

    ‘रिफॉर्म उत्सव’ एवं ग्राम सभाओं की मुख्य रणनीतिक रूपरेखा –
    प्रमुख घटक    विवरण एवं क्रियान्वयन

    प्रारंभ तिथि    2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती के पावन अवसर पर)
    आयोजन का दायरा    राज्य की समस्त ग्राम पंचायतें एवं नगरीय निकाय/वार्ड
    मूल तंत्र/योजना    विकसित ग्राम पंचायत योजना (Viksit Gram Panchayat Plan)
    डिजिटल मैपिंग    युुक्तधारा पोर्टल (Yuktdhara Portal) पर परिसंपत्तियों का सत्यापन व मैपिंग
    मुख्य उद्देश्य    जनभागीदारी से सड़क, पेयजल, शिक्षा व स्वरोजगार आवश्यकताओं का चिन्हांकन

    डिजिटल मैपिंग और ‘युक्तधारा पोर्टल’ से पारदर्शी नियोजन –
    ग्रामीण विकास की प्रक्रिया को वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक का समावेश किया गया है: –
    भौतिक परिसंपत्ति सत्यापन (Physical Asset Verification): ग्राम पंचायतों में पहले से मौजूद विकास कार्यों और सरकारी संपत्तियों का ऑन-साइट भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
    युक्तधारा पोर्टल पर प्रविष्टि: जो परिसंपत्तियां पूर्व में डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थीं, उन्हें जीआईएस आधारित ‘युक्तधारा पोर्टल’ (Yuktdhara Portal) पर मैप और अपलोड किया जाएगा।
    गैप एनालिसिस (Gap Analysis): गांवों में सड़क, नाली, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और पेयजल संसाधनों की वास्तविक जरूरतों व कमियों को चिन्हित कर प्रस्तावित कार्यों को डिजिटल मानचित्र पर अंकित किया जाएगा।

    ‘रिफॉर्म उत्सव’: योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड –
    केंद्र व राज्य सरकार के रिफॉर्म-ओरिएंटेड सुशासन (Reform-Oriented Governance) को रेखांकित करने के लिए ‘रिफॉर्म उत्सव’ के दौरान विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे: –
    हितग्राहियों का अनुभव साझाकरण: विभिन्न योजनाओं (जैसे महतारी वंदन, पीएम आवास, कृषि उन्नति और खाद्य सुरक्षा) के लाभार्थी मंच पर आकर अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को साझा करेंगे। ब्लॉक व जिला स्तर पर एकीकरण: ग्राम सभाओं द्वारा पारित एवं अनुमोदित विकास प्रस्तावों को जनपदों और जिला पंचायतों के एकीकृत विकास प्लान में शामिल किया जाएगा।
    ‘सेवा ही संगठन’ का क्रियान्वयन: अक्टूबर और नवंबर के दौरान लगातार वार्ड-स्तरीय और पंचायत-स्तरीय बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे सुझाव एकत्र किए जाएंगे।

    “गांवों के विकास की डोर अब ग्रामीणों के हाथ”: साय
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों और जनप्रतिनिधियों से 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज’ के सपने को साकार करने के लिए आवश्यक है कि विकास की नीतियां ऊपर से थोपने के बजाय धरातल से निर्मित हों। ग्राम सभाएं ही लोकतंत्र की सबसे मजबूत शक्ति हैं, जहां गांव का प्रत्येक नागरिक अपनी जरूरत और प्राथमिकता को निसंकोच रख सकता है। 2 अक्टूबर से शुरू हो रहा ‘रिफॉर्म उत्सव’ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण सुशासन में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। जनभागीदारी, डिजिटल पारदर्शिता और स्थानीय प्राथमिकताओं के समावेश से निर्मित होने वाला यह रोडमैप ‘सशक्त गांव, समृद्ध किसान’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

  • AI चैटबॉट से ‘इमोशनल रिश्ता’ बनाने पर चीन सख्त, हर 2 घंटे में बताना होगा- आप AI से बात कर रहे हैं

    AI चैटबॉट से ‘इमोशनल रिश्ता’ बनाने पर चीन सख्त, हर 2 घंटे में बताना होगा- आप AI से बात कर रहे हैं

    आज के समय में AI सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है. अब कई लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स से दोस्त, पार्टनर और यहां तक कि परिवार के सदस्य की तरह बात कर रहे हैं. लेकिन चीन ने एआई के इस इस्तेमाल को लेकर बड़ा कदम उठाया है. वहां अब ऐसे AI चैटबॉट्स पर सख्त नियम लागू किए गए हैं, जो लोगों के साथ लंबे समय तक इमोशनल रिलेशनशिप जैसा कनेक्शन बनाते हैं. आइए, जानते हैं पूरे मामले के बारे में.

    चीन में AI रिश्तों पर नए नियम
    15 जुलाई को चीन ने ऐसे एआई चैटबॉट्स के लिए नए नियम लागू किए, जो इंसानों की तरह बातचीत करते हैं और लोगों को इमोशनल सपोर्ट देते हैं. इन नियमों का मकसद AI की वजह से होने वाली इमोशनल डिपेंडेंसी और दूसरी परेशानियों को कम करना बताया गया है.

    इन नियमों के तहत एआई को यह साफ बताना होगा कि वह इंसान नहीं है. इसके अलावा चैटबॉट्स को हर दो घंटे में यूजर को यह भी बताना होगा कि वह कितनी देर से ऑनलाइन है.

    AI को नहीं बढ़ानी होगी इमोशनल डिपेंडेंसी
    नए नियमों के मुताबिक एआई चैटबॉट यूजर को अपने ऊपर ज्यादा निर्भर नहीं बना सकते. उन्हें ऐसी बातें करने से भी रोका गया है, जिससे यूजर AI पर इमोशनल रूप से बहुत ज्यादा निर्भर हो जाए.

    एआई को खुद को यूजर का सबसे करीबी या एकमात्र साथी बताने जैसी चीजों से भी बचना होगा. इसके अलावा चैटबॉट्स को आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाने या उसका संकेत देने की भी इजाजत नहीं है.

    बच्चों के लिए और सख्त नियम
    बच्चों के लिए चीन ने इन नियमों को और सख्त रखा है. 14 साल से कम उम्र के बच्चों को इंसानों की तरह बातचीत करने वाले एआई का इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता की मंजूरी चाहिए.

    वहीं 18 साल से कम उम्र के बच्चों को AI बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड, पति-पत्नी या किसी करीबी रिश्ते वाले वर्चुअल पार्टनर का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है.

    AI कंपनियों पर जुर्माना
    अगर कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो उन पर 2 लाख युआन तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. कुछ बड़ी टेक कंपनियों ने नियम लागू होने से पहले ही अपने एआई असिस्टेंट्स से कम्पैनियन फीचर्स हटा दिए थे.

    AI दोस्त बन रहा है या अकेलापन बढ़ा रहा है?
    रिसर्च में एआई कम्पैनियन ऐप्स को लेकर चिंता भी सामने आई है. एक स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों के पास कम दोस्त या करीबी परिवार वाले होते हैं, उनके AI चैटबॉट इस्तेमाल करने की संभावना ज्यादा होती है. साथ ही एआई चैटबॉट के ज्यादा इस्तेमाल को अकेलेपन से भी जोड़ा गया है.

    चीन के इस कदम ने एक बड़ी बहस शुरू कर दी है. सवाल यह है कि AI से लोगों को भावनात्मक नुकसान से बचाने के लिए कितने नियम जरूरी हैं और लोगों की निजी जिंदगी में सरकार का कितना दखल होना चाहिए.

  • शेयर बाजार में 25 साल बाद सबसे लंबी गिरावट, 8 हफ्ते में ₹26 लाख करोड़ स्वाहा

    शेयर बाजार में 25 साल बाद सबसे लंबी गिरावट, 8 हफ्ते में ₹26 लाख करोड़ स्वाहा

    मुंबई 

    भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स ने लगातार 8वें हफ्ते गिरावट दर्ज की है। यह करीब 25 वर्षों में सबसे लंबा गिरावट का दौर है। इस गिरावट के चलते 8 हफ्ते में निवेशकों के करीब ₹26 लाख करोड़ डूब गए। यह लगातार गिरावट 2020 में कोविड-19 क्रैश और 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के दौर से भी लंबी है।

    अकेले इस सप्ताह निफ्टी में करीब 3.1 प्रतिशत और सेंसेक्स में करीब 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई है। सितंबर में भी सेंसेक्स-निफ्टी में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई थी। बता दें आज 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर घरेलू शेयर बाजार बंद है। इससे पहले 1 अक्टूबर को सेंसेक्स 570 अंक टूटकर 71,909 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 198 अंक गिरकर 22,421 पर।

    बाजार में गिरावट कितनी बड़ी?
    आठ हफ्तों की लगातार गिरावट में निफ्टी करीब 8.7 प्रतिशत और सेंसेक्स करीब 8.4 प्रतिशत नीचे आ चुका है। अंकों के लिहाज से देखें तो सेंसेक्स पिछले आठ हफ्तों में 6,590 अंक टूटा। जबकि, निफ्टी में 2,149 अंक की गिरावट आई। इस दौरान बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 26 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घटा और 467 लाख करोड़ रुपये के नीचे आ गया।

    4 दिन में FII ने निकाले करीब 35 हजार करोड़
    बाजार पर सबसे बड़ा दबाव विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का है। 1 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयरों में करीब 9,484 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।

    इससे पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में उनकी कुल बिकवाली करीब 34,965 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1 अक्टूबर को करीब 10,042 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश की।

    सितंबर में भी विदेशी निवेशकों का रुख भारतीय बाजार के खिलाफ रहा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में FPI की इक्विटी बिकवाली करीब 46 हजार करोड़ रुपये रही।

    क्यों बेच रहे हैं विदेशी निवेशक?
    अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल: विदेशी निवेशकों की बिकवाली के पीछे एक साथ कई वैश्विक संकेत काम कर रहे हैं। पहला कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल है। अमेरिकी 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5.33-5.34 प्रतिशत के आसपास पहुंच गई है। यह 2002 के बाद का ऊंचा स्तर है। 30 साल की यील्ड भी करीब 5.68 प्रतिशत तक पहुंची।

    बॉन्ड यील्ड क्यों है शेयर बाजार के लिए खतरा?
    बॉन्ड यील्ड और बॉन्ड की कीमत उलटी दिशा में चलते हैं। यील्ड बढ़ने का मतलब है कि बॉन्ड की कीमत गिर रही है और निवेशक बॉन्ड बेच रहे हैं। जब सरकारी बॉन्ड पर ब्याज दर ऊंची हो जाती है, तो निवेशकों के लिए कम जोखिम वाला डेट मार्केट ज्यादा आकर्षक हो जाता है। इससे शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले निवेश पर दबाव बढ़ता है।

    बाजार पर कच्चे तेल का भी दबाव
    कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी भारतीय बाजार के लिए चिंता बढ़ा रही है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में महंगा तेल आयात बिल, महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ा सकता है। 1 अक्टूबर को ग्लेाबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर रहा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सप्लाई को लेकर चिंता ने कीमतों को बढ़ा दिया है।

    कमजोर रुपया भी कर रहा परेशान
    डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। 1 अक्टूबर को रुपया करीब 0.5 प्रतिशत कमजोर होकर 96.31 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह दो महीने का निचला स्तर है। कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय एसेट्स से मिलने वाले डॉलर रिटर्न को प्रभावित कर सकता है। साथ ही महंगे तेल और कमजोर रुपये का असर घरेलू महंगाई पर भी पड़ सकता है।

    अब बाजार के लिए सबसे बड़े संकेत क्या होंगे?
    आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से 4 चीजों पर रहेगी। पहला, FII की बिकवाली रुकती है या नहीं। दूसरा, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड किस दिशा में जाती है? तीसरा, कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के आसपास रहती है या घटती है और चौथा, रुपया डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर के आसपास टिकता है या और कमजोर होता है?

  • एशियाई खेलों में भारतीय टेनिस को बड़ा झटका, सुमित नागल हारे; 1986 के बाद पहली बार पदक नहीं

    एशियाई खेलों में भारतीय टेनिस को बड़ा झटका, सुमित नागल हारे; 1986 के बाद पहली बार पदक नहीं

    नागोय
    भारतीय टेनिस दल 1986 के बाद पहली बार एशियाई खेलों से पदक के बिना लौटेगा। सुमित नागल के पुरुष सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर होने से खेलों में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई। पदक की दावेदार डबल्स टीमों के बुधवार को ही बाहर होने के बाद भारत की उम्मीदों का दारोमदार सिंगल्स रैंकिंग में नंबर एक खिलाड़ी सुमित पर था।

    वह चीन के यिबिंग वू से एक घंटे 38 मिनट तक चले मैच में 4-6, 4-6 से हार गए। भारत ने 1990 के बाद से हर एशियाई खेल में टेनिस में पदक जीते हैं और इस बार भी कम से कम तीन पदकों की उम्मीद थी। आखिरी बार सिंगल्स वर्ग में प्रग्नेश गुणेश्वरन और अंकिता रैना ने भारत के लिए पदक जीते थे। दोनों को जकार्ता में 2018 में हुए एशियाई खेलों में कांस्य पदक मिला था।

    युकी भांबरी और एन श्रीराम बालाजी ने भी किया निराश
    हांगझू में 2023 खेलों में भारत को सिंगल्स में पदक नहीं मिला था। रोहन बोपन्ना और दिविज शरण ने 2018 में पुरुष डबल्स स्वर्ण और रोहन बोपन्ना के साथ रूतुजा भोसले ने 2023 में मिक्स्ड डबल्स में स्वर्ण जीता था। युकी भांबरी और एन श्रीराम बालाजी से पदक की उम्मीद थी, लेकिन वे पुरुष डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में हारकर बाहर हो गए।

     

  • WhatsApp Business यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से सर्विस मैसेज पर लगेगा चार्ज; पेमेंट मेथड जरूरी

    WhatsApp Business यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से सर्विस मैसेज पर लगेगा चार्ज; पेमेंट मेथड जरूरी

    वॉट्सऐप बिजनेस इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से बड़ा बदलाव लागू हो गया है. Meta ने सर्विस मैसेज के लिए अब चार्ज लेना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही जिन बिजनेस अकाउंट में पेमेंट मेथड जुड़ा नहीं है, उनके सर्विस मैसेज की डिलीवरी रुक सकती है.

    मेटा ने वॉट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले सॉल्यूशन प्रोवाइडर और सीधे इंटीग्रेशन वाले बिजनेस को पहले ही पेमेंट मेथड जोड़ने के लिए कहा था. कंपनी के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक पेमेंट मेथड ऐड नहीं करने वाले अकाउंट्स के सर्विस मैसेज 1 अक्टूबर से डिलीवर नहीं किए जाएंगे.

    वॉट्सऐप बिजनेस में क्या बदला?
    पहले वॉट्सऐप बिजनेस पर कुछ सर्विस मैसेज के लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाता था. अब 1 अक्टूबर से इन मैसेज पर प्रति मैसेज के हिसाब से शुल्क लगेगा.

    यह बदलाव खास तौर पर उन गैर-टेम्पलेट मैसेज पर लागू होता है, जो किसी ग्राहक के मैसेज करने के बाद खुले 24 घंटे के कस्टमर सर्विस विंडो में भेजे जाते हैं. सर्विस मैसेज में कस्टमर सर्विस एजेंट या किसी थर्ड-पार्टी AI सिस्टम की तरफ से भेजे गए मैसेज शामिल हो सकते हैं.

    किन वॉट्सऐप बिजनेस अकाउंट पर असर होगा?
    यह बदलाव वॉट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले सॉल्यूशन प्रोवाइडर और सीधे इंटीग्रेशन वाले बिजनेस पर लागू होगा. अगर ऐसे बिजनेस अपने मैसेजिंग अकाउंट में पेमेंट मेथड नहीं जोड़ते हैं, तो नए चार्ज शुरू होने के बाद उनके सर्विस मैसेज की डिलीवरी रुक सकती है. इसलिए कंपनियों को अपने वॉट्सऐप बिजनेस अकाउंट की पेमेंट सेटिंग चेक करने की जरूरत है.

    हर मैसेज पर लगेगा चार्ज
    मेटा अब सर्विस मैसेज भेजने के बजाय डिलीवर होने वाले मैसेज के आधार पर चार्ज करेगा. इसकी कीमत अलग-अलग मार्केट के हिसाब से बदल सकती है. मेटा के मुताबिक, सर्विस मैसेज की कीमत उस मार्केट में यूटिलिटी और ऑथेंटिकेशन मैसेज की दरों के बराबर होगी.

    इसके लिए कोई वॉल्यूम टियर भी नहीं होगा. बिजनेस इन गैर-टेम्पलेट मैसेज को तभी भेज सकते हैं जब 24 घंटे का कस्टमर सर्विस विंडो खुला हो. यह विंडो ग्राहक के मैसेज करने पर शुरू या रीसेट होती है.

    वॉट्सऐप बिजनेस एजेंट का चार्ज अलग
    सर्विस मैसेज का यह चार्ज Meta Business Agent की कीमत से अलग है. मेटा बिजनेस एजेंटके मैसेज के लिए कंपनी पहले से अलग टोकन-बेस्ड प्राइसिंग लागू कर चुकी है. मेटा के मुताबिक, एक ही मैसेज पर सर्विस और बिजनेस एजेंट दोनों तरह का चार्ज नहीं लगेगा.

    विज्ञापन से वॉट्सऐप आने पर राहत
    वॉट्सऐप का फ्री एंट्री पॉइंट विंडो अभी भी जारी है. अगर कोई ग्राहक ऐसे विज्ञापन के जरिए वॉट्सऐप पर आता है जिसमें क्लिक करके वॉट्सऐप चैट खुलती है, तो उस विंडो में मैसेज डिलीवरी पर चार्ज नहीं लगेगा.

    मेटा बिजनेस एजेंट के इस्तेमाल पर टोकन चार्ज लग सकता है. इस बदलाव के बाद वॉट्सऐप बिजनेस इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों के लिए अपने पेमेंट मेथड और मैसेजिंग सेटिंग को चेक करना जरूरी हो गया है.

  • दिल्ली में अब हाथों-हाथ मिलेगा वॉटर कनेक्शन, 40-50 दिन का इंतजार खत्म

    दिल्ली में अब हाथों-हाथ मिलेगा वॉटर कनेक्शन, 40-50 दिन का इंतजार खत्म

    नई दिल्ली
     वॉटर कनेक्शन लेने के लिए अब 40-50 दिनों तक जल बोर्ड के दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी, यह हाथों-हाथ मिलेगा। कनेक्शन की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए जल बोर्ड ने 14 साल पुराने दिल्ली वॉटर एंड सीवर रेगुलेशन -2012 को बदलकर नया रेगुलेशन तैयार किया है। इसे दिल्ली वॉटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन-2026 कहा गया है। नए रेगुलेशन में पानी की दरों, टैरिफ चार्ज या आवेदन चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

    जल बोर्ड सूत्रों के अनुसार नया वॉटर कनेक्शन लेने की प्रक्रिया दिल्ली वॉटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन-2012 के तहत होती है। इसके तहत कनेक्शन लेने में कम से कम 40-50 दिनों का वक्त लगता है। नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने के बाद प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होती है। पहली प्रक्रिया आवेदन करने और शुल्क जमा कराने की है।

    हाथों हाथ दिया जाएगा कनेक्शन
    आवेदन के 7-15 दिनों के भीतर जूनियर इंजिनियर साइट का निरीक्षण करते हैं। जगह सही पाए जाने पर 3-5 दिनों में भुगतान का डिमांड नोट जारी किया जाता है। डिमांड नोट का भुगतान करने के 15-30 दिनों के भीतर कनेक्शन चालू किया जाता है। लेकिन, नए रेगुलेशन के तहत हाथोंहाथ कनेक्शन देने की प्रक्रिया बनाई जा रही है। प्रावधान किया गया है कि कनेक्शन जारी करने के बाद साइट का निरीक्षण किया जाएगा।

    6 से अधिक वॉटर कनेक्शन होंगे जारी
    साल 2012 के रेगुलेशन के अनुसार, किसी भी रिहायशी बिल्डिंग में वॉटर के अधिकतम 6 कनेक्शन ही जारी किए जा सकते है। पर नए रेगुलेशन में एक ही बिल्डिंग में अगर 20 या 30 फ्लैट्स है, तो सभी को कनेक्शन मिलेगा। हालांकि, शर्त यह होगी कि हर फ्लैट में किचन होना जरूरी होगा।

    2-3 दस्तावेजों की होगी जरूरत
    अभी वॉटर कनेक्शन के लिए लोगों से आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक दस्तावेज देना होता है। प्रॉपर्टी ओनरशिप प्रूफ भी देना पड़ता है। इसमें रजिस्टर्ड सेल डीड/रजिस्ट्री, जीपीए या कन्वेंस डीड, डीडीए अलॉटमेंट लेटर और अगर आवेदक किराएदार है तो मकान मालिक का एनओसी और रेट एग्रीमेंट देना होता है। अन्य कागजातों में एमसीडी प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, एड्रेस प्रूफ के तौर पर बिजली का बिल या बैक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और डिवेलपमेंट चार्ज की रसीद देनी होती है। लेकिन, नए रेगुलेशन के अनुसार आधार या पैन कार्ड देने भर से कनेक्शन मिल जाएगा।

  • 17 अक्टूबर को सूर्य का तुला गोचर, इन 5 राशियों को रहना होगा सावधान; खर्च और करियर पर पड़ेगा असर

    17 अक्टूबर को सूर्य का तुला गोचर, इन 5 राशियों को रहना होगा सावधान; खर्च और करियर पर पड़ेगा असर

     सूर्य देव को ज्योतिष में आत्मविश्वास, मान-सम्मान, पिता, नेतृत्व और कार्यक्षेत्र का कारक ग्रह माना जाता है. अक्टूबर में सूर्य राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं. 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे. करीब एक महीने तक इसी राशि में रहेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार तुला सूर्य की नीच राशि मानी जाती है. ऐसे में इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों के जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है.

    इस दौरान कुछ राशि वालों को करियर और आर्थिक मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. खासतौर पर मिथुन, कन्या, तुला, धनु और कुंभ राशि वालों के लिए यह अवधि कुछ मामलों में चुनौतीपूर्ण रह सकती है. आइए जानते हैं सूर्य के तुला गोचर के दौरान इन राशियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

    मिथुन राशि
    सूर्य का तुला राशि में गोचर मिथुन राशि वालों के लिए खर्चों और निजी जीवन से जुड़े मामलों में सावधानी का संकेत दे सकता है. इस दौरान अनावश्यक खर्च बढ़ने की स्थिति बन सकती है. किसी योजना के मुताबिक काम न होने पर मानसिक तनाव भी महसूस हो सकता है.

    नौकरी करने वाले लोगों को काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है. पैसों से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचें. बिना जरूरत बड़ी खरीदारी करने से पहले बजट जरूर देखें.

    कन्या राशि
    कन्या राशि वालों के लिए सूर्य का यह गोचर आर्थिक मामलों पर ध्यान देने वाला हो सकता है. आय और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा. मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम मिलने में थोड़ा समय लग सकता है.

    परिवार से जुड़े किसी मुद्दे को लेकर मन परेशान हो सकता है. नौकरी या सरकारी कामकाज से जुड़े मामलों में कागजी प्रक्रिया को ध्यान से पूरा करें. रिश्तों में बातचीत के दौरान शब्दों का चयन सोच-समझकर करें.

    तुला राशि
    सूर्य का गोचर तुला राशि में ही होने वाला है. ऐसे में इस राशि के जातकों को अपने आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता पर विशेष ध्यान देना चाहिए. कामकाज में रुकावटें आने पर धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा.

    नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को कुछ योजनाओं में देरी का सामना करना पड़ सकता है. इस अवधि में खर्चों को नियंत्रित रखना और बिना पूरी जानकारी के कोई बड़ा आर्थिक फैसला लेने से बचना बेहतर माना जाता है.

    धनु राशि
    धनु राशि वालों के लिए यह गोचर कामकाज और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने वाला हो सकता है. कोई महत्वपूर्ण काम आखिरी समय में अटक सकता है, जिससे तनाव बढ़ सकता है.

    नौकरी में बदलाव या किसी नए अवसर को लेकर फैसला करते समय सभी पहलुओं पर विचार करें. पैसों के मामले में जोखिम लेने से बचें. अपनी दिनचर्या और आराम का भी ध्यान रखना जरूरी होगा.

    कुंभ राशि
    कुंभ राशि वालों को सूर्य के तुला गोचर के दौरान खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी. लग्जरी या गैर-जरूरी चीजों पर अधिक पैसा खर्च करने से बजट बिगड़ सकता है.

    प्रॉपर्टी या कानूनी मामलों से जुड़े काम में भागदौड़ बढ़ सकती है. किसी विवाद को बातचीत से सुलझाने की कोशिश करें. कार्यक्षेत्र में विरोध करने वाले लोगों से उलझने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना बेहतर रहेगा.

    तुला राशि में सूर्य का गोचर क्यों है खास?
    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सूर्य मेष राशि में उच्च और तुला राशि में नीच माने जाते हैं. इसलिए तुला में सूर्य के गोचर को सूर्य की अपेक्षाकृत कमजोर स्थिति से जोड़ा जाता है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि यह गोचर हर व्यक्ति के लिए नकारात्मक होगा. किसी व्यक्ति पर गोचर का वास्तविक प्रभाव उसकी जन्मकुंडली, लग्न और अन्य ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है.

    सूर्य 17 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7:50 बजे तुला राशि में प्रवेश करेंगे.16 नवंबर तक यहां रहेंगे. इसके बाद सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे. अलग-अलग पंचांगों में प्रवेश के समय में कुछ मिनट का अंतर दिखाई देता है.

    इस दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
    सूर्य के तुला गोचर के दौरान किसी भी राशि के जातक को केवल राशिफल के आधार पर बड़े आर्थिक या करियर संबंधी फैसले नहीं लेने चाहिए. खर्चों का बजट बनाना, कार्यस्थल पर वरिष्ठों से बेहतर संवाद रखना और विवादों में धैर्य बनाए रखना उपयोगी हो सकता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में अहंकार से बचना और रिश्तों में संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है.

  • भारत-पाकिस्तान फाइनल पर बारिश का साया, मैच धुला तो दोनों को मिलेगा गोल्ड मेडल

    भारत-पाकिस्तान फाइनल पर बारिश का साया, मैच धुला तो दोनों को मिलेगा गोल्ड मेडल

    नई दिल्ली
     एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट में फैंस को जिस सबसे बड़े महामुकाबले का इंतजार था वह पल अब आ गया है। सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रनों से करारी शिकस्त देने के बाद श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय टीम शनिवार को फाइनल मुकाबले में अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ने के लिए तैयार है। इस खिताबी भिड़ंत में जीत दर्ज कर भारत अपना मेडल पक्का कर चुका है लेकिन सभी की नजरें सोने के तमगे पर टिकी हैं। वहीं दूसरी तरफ जापान के निशिन शहर में होने वाले इस हाई-वोल्टेज मैच पर बारिश का खतरा भी मंडरा रहा है।

    श्रीलंका को 45 रन पर समेटकर फाइनल में पहुंची टीम इंडिया
    भारतीय टीम ने सेमीफाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 169 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में उतरी श्रीलंकाई टीम को भारतीय गेंदबाजों ने घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और अभिषेक शर्मा की घातक गेंदबाजी (2-2 विकेट) के आगे पूरी श्रीलंकाई टीम महज 45 रनों पर ढेर हो गई। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने बारिश से बाधित सेमीफाइनल में बांग्लादेश द्वारा दिए गए 112 रनों के लक्ष्य को 6 विकेट खोकर 9 गेंद शेष रहते हासिल कर फाइनल का टिकट कटाया।

    मौसम का मिजाज बढ़ा सकता है धड़कनें
    जापान के निशिन में खेले जाने वाले इस फाइनल मुकाबले में मौसम की भूमिका बेहद अहम होने वाली है। एक्यूवेदर के मुताबिक, मैच वाले दिन सुबह के समय करीब 62 फीसदी बारिश की संभावना जताई गई है जो दोपहर तक घटकर 25 फीसदी रह सकती है। मुकाबले के दौरान तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने और आसमान में 37 फीसदी तक बादल छाए रहने का अनुमान है। ऐसे में बारिश मैच के रोमांच में खलल डाल सकती है।

    बारिश में धुला मैच तो कौन जितेगा गोल्ड?
    अगर बारिश की वजह से फाइनल मैच रद्द होता है तो इस बार फैंस को एक नया नियम देखने को मिलेगा। साल 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में अफगानिस्तान के खिलाफ फाइनल मुकाबला बारिश में धुलने के बाद उच्च टी20 रैंकिंग के आधार पर भारत को गोल्ड मेडल दिया गया था। हालांकि, इस बार निशिन में ऐसा नहीं होगा। मौजूदा टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार, यदि बारिश के कारण मैच बिना किसी नतीजे के समाप्त होता है तो भारत और पाकिस्तान दोनों को संयुक्त रूप से गोल्ड मेडल दिया जाएगा।

    पहली बार आमने-सामने होंगे भारत और पाकिस्तान
    यह पहला मौका है जब एशियन गेम्स के मंच पर भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमें आमने-सामने होंगी। हांगझोऊ 2023 से लेकर अब तक भारत ने एशियाई खेलों में पांच मैच खेले हैं लेकिन पाकिस्तान से कभी भिड़ंत नहीं हुई थी। यहां तक कि हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला टीम ने भी हाल ही में श्रीलंका को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था, पर उनका सामना भी पाकिस्तान से नहीं हुआ था।

     

  • राज्यपाल डेका ने गांधी जयंती पर की साफ-सफाई

    राज्यपाल डेका ने गांधी जयंती पर की साफ-सफाई

    राज्यपाल डेका ने गांधी जयंती पर की साफ-सफाई

    रायपुर
    राज्यपाल रमेन डेका ने आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत लोक भवन परिसर के बाहर में साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया।

    इस अवसर पर राज्यपाल डेका ने लोक भवन परिसर में स्वच्छता गतिविधियों में सहभागिता करते हुए स्वयं साफ-सफाई की। लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सुबह परिसर के विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया। उन्होंने झाड़ू लगाकर कचरे को एकत्रित किया तथा उसका उचित निपटान किया।

    राज्यपाल डेका ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि इसे हमें अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। स्वच्छ और सुंदर परिसर के साथ स्वच्छ समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।

    इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित रहेे।