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  • बच्चों के अंदर अपना बचपना ढूंढता हूं -उप मुख्यमंत्री

    बच्चों के अंदर अपना बचपना ढूंढता हूं -उप मुख्यमंत्री

    बच्चों के अंदर अपना बचपना ढूंढता हूं -उप मुख्यमंत्री

    जमीन पर बैठकर बच्चों संग खेले अरुण साव

    सुपोषण चौपाल में पोषण आहार पर हुई चर्चा, 'हर घर मुनगा घर-घर मुनगा' अभियान पोषण को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश-उप मुख्यमंत्री

    नन्हें बच्चों को बांटी मिठाई और खिलौने, चेहरों पर बिखरी मनमोहक मुस्कान

    आंगन मिलन उत्सव में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

    रायपुर. 
    उप मुख्यमंत्री अरुण साव सेवा संकल्प अभियान के तहत आज लोरमी में आंगन मिलन उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने नन्हें बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खेला और उनके साथ घुल-मिलकर स्नेह-दुलार से बातें की। बच्चों के साथ बिताए इन पलों में साव का सहज और आत्मीय अंदाज नजर आया। उन्होंने बच्चों को मिठाई और खिलौने भी दिए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।

    आंगन मिलन उत्सव में अन्नप्राशन और गोदभराई की रस्म भी संपन्न की गई। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी परियोजना अधिकारियों, सुपरवाइजर्स एवं कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। आंगन मिलन उत्सव में नन्हें बच्चों ने लाल टमाटर बड़े मजेदार, आंगनबाड़ी जाएंगे और आलू कचालू बेटे कहां गए थे जैसे बाल गीत सुनाए। बच्चों की मासूम प्रस्तुतियों और खिलखिलाहट से पूरा आंगनबाड़ी परिसर खुशनुमा हो गया।

    इस दौरान आयोजित सुपोषण चौपाल में बच्चों और माताओं के पोषण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित बचपन ही मजबूत भविष्य की नींव है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा अभियान के माध्यम से पोषण को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस पहल की प्रशंसा की है। साव ने कहा कि बच्चों के बेहतर पोषण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ परिवार और समाज की भागीदारी भी जरूरी है।

  • आलू मेथी बनेगी बिल्कुल कड़वी नहीं, बस 1 चम्मच बेसन का करें इस्तेमाल; स्वाद आएगा लाजवाब

    आलू मेथी बनेगी बिल्कुल कड़वी नहीं, बस 1 चम्मच बेसन का करें इस्तेमाल; स्वाद आएगा लाजवाब

    सर्दियों के मौसम में ताजी हरी मेथी की आमद शुरू होते ही घरों में आलू मेथी की सब्जी बनने लगती है. ताजी मेथी सेहत, पाचन और इम्यूनिटी के लिए बेहद फायदेमंद होती है, लेकिन इसकी हल्की कड़वाहट के कारण अक्सर बच्चे और बड़े इसे खाने में आनाकानी करने लगते हैं.

    कई बार सब्जी बनाते समय मेथी पानी छोड़ देती है जिससे आलू सौगी और कड़वे हो जाते हैं. अगर आपके घर में भी बच्चे मेथी की सब्जी देखकर मुंह बनाते हैं तो अब आपको परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. मेथी को भूनते समय सिर्फ 1 चम्मच बेसन मिला देने से बेसन का सोंधापन मेथी की कड़वाहट को पूरी तरह सोख लेता है और सब्जी में गजब का क्रिस्प व स्वाद जोड़ देता है. आइए जानते हैं कड़वाहट-मुक्त, स्वादिष्ट और सूखी बेसन वाली आलू मेथी बनाने की सबसे आसान विधि!

    सामग्री:
    250 ग्राम ताजी मेथी (केवल पत्ते, बारीक कटे हुए)

    3 मध्यम आकार के आलू (उबले या कच्चे, छोटे क्यूब्स में कटे हुए)

    1 बड़ा चम्मच बेसन (कड़वाहट दूर करने का सीक्रेट इंग्रीडिएंट)

    2 बड़े चम्मच सरसों का तेल (या रिफाइंड तेल)

    1/2 छोटा चम्मच जीरा

    1/4 छोटा चम्मच हिंग

    1 बड़ा चम्मच बारीक कटा लहसुन

    1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया अदरक

    2 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)

    1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर

    1 छोटा चम्मच धनियां पाउडर

    1/2 छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर

    1/2 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर (खटास के लिए)

    स्वादानुसार नमक

    बनाने की विधि:
    मेथी की कड़वाहट दूर करने की पहली ट्रिक: मेथी के पत्तों को तोड़कर 2-3 बार साफ पानी से धो लें. अब कटी हुई मेथी पर आधा चम्मच नमक छिड़ककर 10 मिनट के लिए रख दें. 10 मिनट बाद मेथी को हाथों से हल्का निचोड़कर उसका कड़वा पानी निकाल दें. इससे मेथी की 80% कड़वाहट वहीं खत्म हो जाती है.

    आलू को क्रिस्पी फ्राई करें: एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. तेल से धुआं निकलने पर आंच धीमी करें और उसमें जीरा, हिंग, बारीक कटा लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालें. 1 मिनट भूनने के बाद कटे हुए आलू डालें. चुटकीभर नमक और हल्दी डालकर आलू को ढककर 80% तक सॉफ्ट और हल्का सुनहरा होने तक पका लें.

    बेसन भूनने का सीक्रेट स्टेप: जब आलू हल्के सुनहरे हो जाएं, तो कड़ाही के बीच में थोड़ी जगह बनाएं और 1 बड़ा चम्मच बेसन डालें. धीमी आंच पर बेसन को 1 से 2 मिनट तक आलू के साथ भूनें, जब तक कि बेसन में से सोंधी खुशबू न आने लगे. (बेसन आलू पर कोटिंग बना लेगा और मेथी की नमी को सोख लेगा).

    मसाले मिलाएं: अब इसमें धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और बाकी बची हल्दी मिलाकर 30 सेकंड तक चलाएं.

    मेथी मिलाएं: अब कड़ाही में निचोड़ी हुई बारीक कटी मेथी डालें. मेथी डालने के बाद कड़ाही को ढके नहीं. खुले में ही मध्यम-तेज आंच पर 4 से 5 मिनट तक चलाते हुए भूनें. ढकने से मेथी पानी छोड़ देती है और सब्जी कड़वी हो जाती है.

    अमचूर पाउडर और फिनिशिंग: जब मेथी अच्छी तरह पक जाए और आलू पूरी तरह गल जाएं, तो ऊपर से अमचूर पाउडर और स्वादानुसार नमक (ध्यान रखें कि नमक पहले भी डाला था) मिलाएं. 1 मिनट तक तेज आंच पर चलाएं ताकि सब कुछ क्रिस्पी हो जाए.

    परोसें: तैयार है आपकी बिना कड़वाहट वाली, क्रिस्पी और जायकेदार बेसन वाली आलू मेथी! इसे गरमा-गरम पराठे, पूरी या दाल-चावल के साथ सर्व करें.

  • Diwali 2026 की तारीखें हुईं साफ, 6 नवंबर से शुरू होगा 5 दिवसीय दीपोत्सव; जानें धनतेरस से भाई दूज तक की डेट

    Diwali 2026 की तारीखें हुईं साफ, 6 नवंबर से शुरू होगा 5 दिवसीय दीपोत्सव; जानें धनतेरस से भाई दूज तक की डेट

    हिंदू परंपरा में दिवाली का पर्व केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि खुशियों, प्रकाश और समृद्धि का 5 दिवसीय महापर्व (पंचपर्व) होता है. इस साल 2026 में दिवाली की तिथियों को लेकर बनी उथल-पुथल अब पूरी तरह साफ हो चुकी है. रोशनी का यह पावन पर्व 6 नवंबर 2026 से धनतेरस के साथ शुरू होने जा रहा है, जिसका समापन 11 नवंबर को भाई दूज के साथ होगा.

    कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से शुरू होकर शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि तक चलने वाले इस 5 दिवसीय उत्सव के दौरान मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, कुबेर देव, धन्वंतरि जी, भगवान श्री कृष्ण और यमराज की विशेष पूजा की जाती है.

    आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में धनतेरस, नरक चतुर्दशी, मुख्य दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज किस-किस दिन मनाए जाएंगे:

    धनतेरस (Dhanteras 2026)- 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार)
    पंचपर्व की शुरुआत कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी धनतेसर की तिथि यानी 6 नवंबर से होगी. इस दिन आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि और धन के कोषाध्यक्ष कुबेर देव की पूजा की जाती है. सोना, चांदी, नए बर्तन, झाड़ू और वाहन खरीदने के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है. इस शाम यमराज के नाम से 'यमदीप' दान किया जाता है.

    नरक चतुर्दशी व रूप चौदस (Narak Chaturdashi)- 7 नवंबर 2026 (शनिवार)
    इसे छोटी दिवाली, रूप चौदस या काली चौदस भी कहा जाता है. इस दिन सूर्योदय से पूर्व उबटन और तिल के तेल से स्नान करने की परंपरा है, जिससे सौंदर्य और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है. शाम के समय घर के मुख्य द्वार और नाले/कचरे के स्थान पर दीपक जलाकर नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाया जाता है.

    दीपावली व लक्ष्मी पूजन (Diwali 2026)- 8 नवंबर 2026 (रविवार)
    कार्तिक अमावस्या की रात को मुख्य दिवाली यानी लक्ष्मी पूजन का विधान है. 8 नवंबर की शाम प्रदोष काल और स्थिर लग्न में मां लक्ष्मी, सरस्वती जी और भगवान गणेश का महापूजन किया जाएगा. मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्री राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या वापस लौटे थे और अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था.

    गोवर्धन पूजा व अन्नकूट (Govardhan Puja)- 10 नवंबर 2026 (मंगलवार)
    कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन घर के आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उनकी पूजा की जाती है और भगवान श्री कृष्ण को 56 भोग या अन्नकूट का भोग लगाया जाता है. यह पर्व प्रकृति और पशुधन के प्रति आभार व्यक्त करने का संदेश देता है.

    भाई दूज व यम द्वितीया (Bhai Dooj 2026)- 11 नवंबर 2026 (बुधवार)
    5 दिवसीय इस महापर्व का समापन भाई दूज (यम द्वितीया) के साथ होता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों का तिलक करती हैं, उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर भोजन करने गए थे, इसलिए इस दिन बहन के घर भोजन करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है.

  • केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा की उच्चस्तरीय बैठक

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा की उच्चस्तरीय बैठक

    महानदी विवाद के समाधान की दिशा में बड़ी पहल

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा की उच्चस्तरीय बैठक

    महानदी हमें बांटने वाली नहीं, दोनों राज्यों को जोड़ने वाली जीवनधारा : समाधान ऐसा हो जिसमें दोनों राज्यों की जीत हो – मुख्यमंत्री साय

    संवाद, वैज्ञानिक आकलन और आपसी सहमति से न्यायपूर्ण एवं स्थायी समाधान के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

    दोनों राज्यों के किसानों, आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने पर जोर

    रायपुर 
     छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के सौहार्दपूर्ण और स्थायी समाधान की दिशा में आज नई दिल्ली में महत्वपूर्ण पहल हुई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में कर्तव्य भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने महानदी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की और अपने-अपने राज्यों का पक्ष रखा।

    बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिव सहित केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग तथा दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में छत्तीसगढ़ का पक्ष रखते हुए कहा कि महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि दोनों राज्यों की सभ्यता, संस्कृति, कृषि और जनजीवन से जुड़ी जीवनधारा है। महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा को बांटने वाली नहीं, बल्कि दोनों राज्यों को जोड़ने वाली नदी है। इसलिए इसका समाधान भी प्रतिस्पर्धा या टकराव के बजाय सहयोग, विश्वास और सहमति की भावना से निकलना चाहिए।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास ऐसा समाधान निकालने का होना चाहिए जिसमें दोनों राज्यों और वहां के नागरिकों के हित सुरक्षित हों। छत्तीसगढ़ न्यायपूर्ण, निष्पक्ष, वैज्ञानिक, पारदर्शी और दीर्घकालिक समाधान का पक्षधर है। ऐसा समाधान दोनों राज्यों के किसानों, आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार होना चाहिए।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी का उद्गम छत्तीसगढ़ में होता है और इसके जलग्रहण क्षेत्र का बड़ा हिस्सा प्रदेश में स्थित है। राज्य में कृषि, सिंचाई, पेयजल और विशेष रूप से आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों की विकास आवश्यकताएं महानदी से जुड़ी हुई हैं। इसलिए किसी भी स्थायी समाधान में छत्तीसगढ़ की इन वास्तविक आवश्यकताओं का समुचित ध्यान रखा जाना आवश्यक है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अपने हितों की बात करते हुए ओडिशा की आवश्यकताओं और हितों का भी पूरा सम्मान करता है। हीराकुंड ओडिशा की जीवनरेखा है और छत्तीसगढ़ उसके महत्व को भलीभांति समझता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हीराकुंड जलाशय के हितों और उसके सुचारु संचालन के लिए आवश्यक सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल जैसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन को  साझी समृद्धि का माध्यम बनाना चाहिए। दोनों राज्यों के बीच ऐसा तंत्र विकसित हो, जिसमें जल उपलब्धता, आवश्यकता और उपयोग से संबंधित तथ्य पारदर्शी ढंग से साझा हों और वैज्ञानिक आधार पर निर्णय लिए जाएं।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल से समाधान की उम्मीद

    मुख्यमंत्री साय ने महानदी जल विवाद के समाधान के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा की गई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मध्यस्थता में दोनों राज्यों के बीच सकारात्मक संवाद से आपसी सहमति का रास्ता निकलने की उम्मीद मजबूत हुई है।

    उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्रीय एकीकरण में योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। आज राज्यों के बीच वर्षों से लंबित विषयों को संवाद और सहमति के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास भी सहकारी संघवाद और राष्ट्रीय एकता की इसी भावना को मजबूत करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच जल संबंधी प्रश्नों का सौहार्दपूर्ण समाधान राज्यों के बीच विश्वास, सहयोग और भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना के अनुरूप राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय से जटिल विषयों पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का वातावरण बना है।

    संवाद और वैज्ञानिक तथ्यों से निकलेगा टिकाऊ समाधान

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी से संबंधित विषय में भावनाओं के साथ वैज्ञानिक तथ्यों का भी उतना ही महत्व है। छत्तीसगढ़ को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की मध्यस्थता तथा केंद्रीय जल आयोग के निष्पक्ष, वैज्ञानिक और पारदर्शी तकनीकी आकलन पर पूरा भरोसा है।

    उन्होंने कहा कि जल उपलब्धता, वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं, सिंचाई, पेयजल, पर्यावरणीय जरूरतों और दोनों राज्यों की विकास संबंधी आवश्यकताओं का समग्र अध्ययन करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। तकनीकी स्तर पर तथ्य स्पष्ट होंगे और राजनीतिक स्तर पर संवाद एवं विश्वास कायम रहेगा तो निश्चित रूप से ऐसा समाधान निकल सकता है, जो दोनों राज्यों को स्वीकार्य हो और आने वाली पीढ़ियों के हित में भी हो।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों के परामर्श और केंद्र सरकार की मध्यस्थता से जो न्यायसंगत एवं व्यावहारिक समाधान सामने आएगा, छत्तीसगढ़ उसे सकारात्मक भावना से आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करेगा।

    बस्तर की तरह दृढ़ इच्छाशक्ति और समन्वय से समाधान की दिशा में बढ़ने का विश्वास

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय के सकारात्मक परिणामों को बस्तर में करीब से देखा है। नक्सलवाद जैसी दशकों पुरानी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा, विकास और जनविश्वास को साथ लेकर जिस समन्वित दृष्टिकोण से काम किया गया, उससे बस्तर में व्यापक बदलाव आया है।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जटिल और लंबे समय से लंबित विषयों में भी जब स्पष्ट इच्छाशक्ति, निरंतर संवाद और सभी पक्षों के बीच विश्वास हो, तो समाधान की दिशा में निर्णायक प्रगति संभव है। महानदी के विषय पर भी इसी सकारात्मक भावना से दोनों राज्य आगे बढ़ सकते हैं।

    महानदी विवाद नहीं, सहयोग की धारा बने : मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पड़ोसी राज्यों के लोगों के बीच आत्मीय संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों प्रदेशों की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली में अनेक समानताएं हैं।

    उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ की आस्था और शिवरीनारायण से पुरी तक जुड़े सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी आस्था और संस्कृति हमें जोड़ती है। महानदी भी इसी साझा विरासत और जीवन का हिस्सा है। इसलिए महानदी को विवाद की रेखा नहीं, बल्कि सहयोग, विकास और विश्वास की धारा बनाना हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों की प्राथमिकता अपने किसानों और नागरिकों का हित है। दोनों राज्यों के नेतृत्व को जमीनी आवश्यकताओं की समझ है। इसलिए परस्पर विश्वास के साथ ऐसा रास्ता निकाला जा सकता है जिसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों के किसानों को लाभ मिले और दोनों राज्यों के विकास की आवश्यकताएं भी पूरी हों।

    तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर संवाद रहेगा जारी

    उल्लेखनीय है कि महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच राजनीतिक एवं तकनीकी स्तर पर संवाद लगातार आगे बढ़ रहा है। इससे पूर्व भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र सरकार के स्तर पर चर्चा हुई है। तकनीकी विषयों के समाधान के लिए केंद्रीय जल आयोग की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया है।

    महानदी जल बंटवारे से संबंधित विवाद के समाधान के लिए वर्ष 2018 में महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया गया था। इसके समानांतर आपसी संवाद और तकनीकी विमर्श के माध्यम से दोनों राज्यों के लिए स्वीकार्य समाधान की संभावनाओं पर भी लगातार काम किया जा रहा है।

    आज की उच्चस्तरीय बैठक को इसी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक में सभी पक्षों ने संवाद और तकनीकी विचार-विमर्श को आगे बढ़ाने तथा महानदी से जुड़े विषयों का पारस्परिक सहमति से स्थायी समाधान तलाशने की दिशा में सकारात्मक चर्चा की।

    बैठक में छत्तीसगढ़ की ओर से मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • सेवा संकल्प अभियान: वडनगर से वाराणसी की सेवा यात्रा पहुंची जांजगीर

    सेवा संकल्प अभियान: वडनगर से वाराणसी की सेवा यात्रा पहुंची जांजगीर

    सेवा संकल्प अभियान: वडनगर से वाराणसी की सेवा यात्रा पहुंची जांजगीर

    वित्त मंत्री एवं जांजगीर जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी बाइक रैली में हुए शामिल, युवाओं का बढ़ाया उत्साह

    युवा संवाद में सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान

    रायपुर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की जनसेवा को समर्पित ‘सेवा संकल्प यात्रा’ वडनगर (गुजरात) से वाराणसी (उत्तर प्रदेश) तक जनसेवा से राष्ट्रसेवा का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत निकली इस यात्रा के जांजगीर पहुंचने पर जिले के प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने बाइक यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया।

    इस अवसर पर वित्त मंत्री चौधरी स्वयं बाइक रैली में शामिल हुए और युवाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा कर रहे युवाओं को शाल एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक जीवन यात्रा जनसेवा और राष्ट्रसेवा को समर्पित : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    युवा संवाद को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष केवल वर्षों का आंकड़ा नहीं, बल्कि जनसेवा, राष्ट्रसेवा और भारत के विकास के संकल्प की यात्रा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत से ही राष्ट्रहित और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक उनकी सार्वजनिक जीवन की यात्रा सेवा और समर्पण की भावना से जुड़ी रही है।

    मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन में प्रतिभाशाली और समाज के लिए योगदान देने की क्षमता रखने वाले लोगों को आगे आने के अवसर प्रदान किए हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। छत्तीसगढ़ को भी विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और सकारात्मक सोच इस विकास यात्रा को नई गति दे सकती है।

    विकास के साथ संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाना भी हमारी जिम्मेदारी : मंत्री चौधरी

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और विरासत को सहेजते हुए आगे बढ़ाना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे सेवा और समर्पण की भावना के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं तथा विकसित भारत के संकल्प से जुड़कर देश और प्रदेश के विकास में योगदान दें।

    सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने कहा कि 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने वडनगर से वाराणसी तक यात्रा कर रहे युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी रूप से पहुंचता है।

    पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने सेवा संकल्प यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि अभियान के माध्यम से सेवा की भावना को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से नागरिकों तक जनसेवा, विकास और सुशासन से जुड़े कार्यों की जानकारी भी पहुंच रही है। उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

    कार्यक्रम में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

  • World Cup 2027 का पूरा शेड्यूल जारी, भारत का पहला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से; पाकिस्तान से 10 अक्टूबर को भिड़ंत

    World Cup 2027 का पूरा शेड्यूल जारी, भारत का पहला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से; पाकिस्तान से 10 अक्टूबर को भिड़ंत

    नई दिल्ली
    आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 का पूरा शेड्यूल 1 अक्टूबर (गुरुवार) को जारी कर दिया गया. साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाला 14 टीमों का यह टूर्नामेंट 2 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक खेला जाएगा. कुल 57 मुकाबले इन तीन देशों के 12 मैदानों पर होंगे. केपटाउन में आयोजित विशेष लॉन्च कार्यक्रम में ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल) ने टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी किया. वर्ल्ड कप की शुरुआत 2 अक्टूबर से नामीबिया में होने वाली तीन टीमों की सुपर सीरीज के साथ होगी, जबकि मुख्य ग्रुप स्टेज 7 अक्टूबर से शुरू होगा.

    भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत मौजूदा चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगी. दोनों टीमें 7 अक्टूबर को केप टाउन के न्यूलैंड्स क्रिकेट ग्राउंड में आमने-सामने होंगी. यह मुकाबला 2023 वर्ल्ड कप फाइनल की यादें भी ताजा करेगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर खिताब जीता था. इसके बाद भारत का अगला ग्रुप मुकाबला 10 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ होगा. जोहानिसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में होने वाला यह मैच टूर्नामेंट के हाई-वोल्टेज मुकाबलों में शामिल रहेगा. फिर भारत 14 अक्टूबर को सेंचुरियन में अफगानिस्तान से भिड़ेगा, जबकि 17 अक्टूबर को ब्लोमफोंटेन में क्वालिफायर A के खिलाफ उतरेगा. ग्रुप चरण में भारत का आखिरी मुकाबला 24 अक्टूबर को जिम्बाब्वे के खिलाफ विक्टोरिया फॉल्स में होगा.

    भारत के ग्रुप मुकाबले
    7 अक्टूबर- भारत vs ऑस्ट्रेलिया, केप टाउन
    10 अक्टूबर- भारत vs पाकिस्तान, जोहानिसबर्ग
    14 अक्टूबर- भारत vs अफगानिस्तान,  सेंचुरियन
    17 अक्टूबर- भारत vs क्वालिफायर A, ब्लोमफोंटेन
    24 अक्टूबर- जिम्बाब्वे vs भारत, विक्टोरिया फॉल्स

    मुख्य टूर्नामेंट से पहले 2 अक्टूबर को नामीबिया की राजधानी विंडहोक में तीन टीमों की सुपर सीरीज खेली जाएगी. इसमें वर्ल्ड कप क्वालिफायर में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें हिस्सा लेंगी. तीनों टीमें राउंड-रॉबिन आधार पर एक-दूसरे से खेलेंगी. अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाली टीम मुख्य ग्रुप चरण में जगह बनाएगी.

    ग्रुप A में भारत, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्ता, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और क्वालिफायर A हैं. वहीं ग्रुप-बी में साउथ अफ्रीका, श्रीलंका, इंग्लैंड, बांग्लादेश, न्यूजीलैंड और क्वालिफायर B को रखा गया है. ग्रुप बी में बांग्लादेश को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि बाकी की टीम्स काफी तगड़ी दिख रही हैं. ग्रुप स्टेज में कुल 30 मुकाबले होंगे. प्रत्येक टीम अपने ग्रुप की बाकी टीमों से एक-एक मैच खेलेगी.

    दोनों ग्रुप से शीर्ष तीन-तीन टीमें सुपर-7 में पहुंचेंगी. इसके अलावा दोनों ग्रुप में चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों में से बेहतर रैंक वाली टीम भी अगले स्टेज में जगह बनाएगी. सुपर-7 में सातों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मैच खेलेंगी और कुल 21 मुकाबले होंगे. इसके बाद अंक तालिका की शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. अगर कोई गैर-सीडेड टीम किसी सीडेड टीम से ऊपर रहते हुए क्वालीफाई करती है, तो वह संबंधित सीडेड स्थान हासिल कर लेगी.

    भारत से दो-दो बार भिड़ेंगे ऑस्ट्रेलिया-पाकिस्तान?
    देखा जाए तो भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत सिर्फ ग्रुप चरण तक सीमित नहीं रह सकती. अगर दोनों टीमें सुपर-7 चरण के लिए क्वालिफाई करती हैं, तो टूर्नामेंट में दोनों का दूसरी बार सामना होने की संभावना है. आईसीसी ने सुपर-7 के लिए टीमों को प्री-सीडिंग दी है. भारत को A1 और पाकिस्तान को A3 स्थान मिला है. इस व्यवस्था के तहत दोनों टीमें 7 नवंबर को केपटाउन में एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं. हालांकि यह मुकाबला तभी संभव होगा जब भारत और पाकिस्तान दोनों सुपर-7 में पहुंचें और उनकी स्थिति तय प्री-सीडिंग के अनुरूप रहे.

    भारत और ऑस्ट्रेलिया भी टूर्नामेंट में दो बार आमने-सामने आ सकते हैं. ग्रुप चरण में 7 अक्टूबर के मुकाबले के बाद दोनों टीमों की संभावित दूसरी भिड़ंत 28 अक्टूबर को विक्टोरिया फॉल्स में हो सकती है. ऑस्ट्रेलिया को A2 के तौर पर प्री-सीड किया गया है. ऐसे में दोनों के सुपर-7 में पहुंचने की स्थिति में टूर्नामेंट के अगले चरण में एक और मुकाबले की संभावना बनी हुई है.

    सुपर 7 प्री-सीडिंग
    A1: भारत
    A2: ऑस्ट्रेलिया
    A3: पाकिस्तान
    AB4: इंग्लैंड
    B1: न्यूजीलैंड
    B2: साउथ अफ्रीका
    B3: श्रीलंका

    सेमीफाइनल-फाइनल के लिए रिजर्व डे
    सुपर-7 के बाद पहला सेमीफाइनल 17 नवंबर को केप टाउन और दूसरा 18 नवंबर को सेंचुरियन में खेला जाएगा. सुपर-7 में पहले स्थान पर रहने वाली टीम चौथे स्थान वाली टीम से भिड़ेगी, जबकि दूसरे स्थान वाली टीम का सामना तीसरे स्थान की टीम से होगा. दोनों सेमीफाइनल के लिए आईसीसी ने रिजर्व डे रखा है, ताकि बारिश या किसी अन्य कारण से मैच निर्धारित दिन पूरा नहीं होने पर उसे अगले दिन पूरा कराया जा सके.

    वर्ल्ड कप 2027 का फाइनल 21 नवंबर को जोहानिसबर्ग में खेला जाएगा. फाइनल के लिए भी रिजर्व डे रखा गया है. अगर निर्धारित दिन मुकाबला पूरा नहीं हो पाता है तो 22 नवंबर को रिजर्व डे के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा. इस तरह भारत के लिए टूर्नामेंट में कम से कम पांच ग्रुप मैच तय हैं, लेकिन सुपर-7 में पहुंचने की स्थिति में ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के खिलाफ दोबारा मुकाबले की संभावनाएं भी बन सकती हैं.

    30 सितंबर 2026 की कटऑफ तारीख के आधार पर 10 टीमों ने सीधे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है. मेजबान साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को स्वत: जगह मिली, जबकि भारत, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, इंग्लैंड, श्रीलंका, अफगानिस्तान और बांग्लादेश ने आईसीसी ओडीआई रैंकिंग के आधार पर सीधे क्वालिफाई किया. बाकी चार स्थान आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप क्वालिफायर 2027 से तय होंगे. क्वालिफायर जीतने वाली टीम सीधे ग्रुप चरण में पहुंचेगी, जबकि दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें सुपर सीरीज खेलेंगी. इनमें से शीर्ष टीम को ग्रुप स्टेज का टिकट मिलेगा.

    क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 का फुल शेड्यूल
    तारीख                             टीम 1                  टीम 2         वेन्यू
    2 अक्टूबर, शनिवार     क्वालिफायर 1     क्वालिफायर 3     विंडहोक
    4 अक्टूबर, सोमवार     क्वालिफायर 1     क्वालिफायर 2     विंडहोक
    6 अक्टूबर, बुधवार     क्वालिफायर 2     क्वालिफायर 3     विंडहोक
    7 अक्टूबर, गुरुवार     भारत     ऑस्ट्रेलिया     केपटाउन
    8 अक्टूबर, शुक्रवार     पाकिस्तान     अफगानिस्तान     सेंचुरियन
    8 अक्टूबर, शुक्रवार     इंग्लैंड     बांग्लादेश     विंडहोक
    9 अक्टूबर, शनिवार     जिम्बाब्वे     क्वालिफायर A     बुलावायो
    9 अक्टूबर, शनिवार     साउथ अफ्रीका     न्यूजीलैंड     केपटाउन
    10 अक्टूबर, रविवार     भारत     पाकिस्तान     जोहानिसबर्ग
    10 अक्टूबर, रविवार     श्रीलंका     क्वालिफायर B     विंडहोक
    11 अक्टूबर, सोमवार     जिम्बाब्वे     अफगानिस्तान     बुलावायो
    12 अक्टूबर, मंगलवार     ऑस्ट्रेलिया     क्वालिफायर A     पार्ल
    12 अक्टूबर, मंगलवार     न्यूजीलैंड     बांग्लादेश     ईस्ट लंदन
    13 अक्टूबर, बुधवार     इंग्लैंड     श्रीलंका     विंडहोक
    13 अक्टूबर, बुधवार     साउथ अफ्रीका     क्वालिफायर B     पार्ल
    14 अक्टूबर, गुरुवार     भारत     अफगानिस्तान     सेंचुरियन
    15 अक्टूबर, शुक्रवार     पाकिस्तान     क्वालिफायर A     ब्लोमफोंटेन
    15 अक्टूबर, शुक्रवार     जिम्बाब्वे     ऑस्ट्रेलिया     हरारे
    16 अक्टूबर, शनिवार     श्रीलंका     बांग्लादेश     डरबन
    16 अक्टूबर, शनिवार     साउथ अफ्रीका     इंग्लैंड     गकेबरहा
    17 अक्टूबर, रविवार     भारत     क्वालिफायर A     ब्लोमफोंटेन
    17 अक्टूबर, रविवार     न्यूजीलैंड     क्वालिफायर B     हरारे
    18 अक्टूबर, सोमवार     ऑस्ट्रेलिया     अफगानिस्तान     ईस्ट लंदन
    19 अक्टूबर, मंगलवार     जिम्बाब्वे     पाकिस्तान     हरारे
    19 अक्टूबर, मंगलवार     साउथ अफ्रीका     बांग्लादेश     डरबन
    20 अक्टूबर, बुधवार     न्यूजीलैंड     श्रीलंका     जोहानिसबर्ग
    20 अक्टूबर, बुधवार     इंग्लैंड     क्वालिफायर B     हरारे
    21 अक्टूबर, गुरुवार     अफगानिस्तान     क्वालिफायर A     ईस्ट लंदन
    22 अक्टूबर, शुक्रवार     ऑस्ट्रेलिया     पाकिस्तान     पार्ल
    22 अक्टूबर, शुक्रवार     साउथ अफ्रीका     श्रीलंका     जोहानिसबर्ग
    23 अक्टूबर, शनिवार     इंग्लैंड     न्यूजीलैंड     गकेबरहा
    23 अक्टूबर, शनिवार     बांग्लादेश     क्वालिफायर B     सेंचुरियन
    24 अक्टूबर, रविवार     जिम्बाब्वे     भारत     विक्टोरिया फॉल्स
    25 अक्टूबर, सोमवार     A2     B3     जोहानसबर्ग
    26 अक्टूबर, मंगलवार     B1     A3     गकेबरहा
    27 अक्टूबर, बुधवार     B2     AB4     सेंचुरियन
    28 अक्टूबर, गुरुवार     A1     A2     विक्टोरिया फॉल्स
    29 अक्टूबर, शुक्रवार     B1     B3     ईस्ट लंदन
    30 अक्टूबर, शनिवार     A3     AB4     विक्टोरिया फॉल्स
    31 अक्टूबर, रविवार     B2     A1     जोहानिसबर्ग
    1 नवंबर, सोमवार     A2     B1     विक्टोरिया फॉल्स
    2 नवंबर, मंगलवार     B3     AB4     केपटाउन
    3 नवंबर, बुधवार     B2     A3     डरबन
    4 नवंबर, गुरुवार     A1     B1     पार्ल
    5 नवंबर, शुक्रवार     A2     AB4     डरबन
    6 नवंबर, शनिवार     B2     B3     ब्लोमफोंटेन
    7 नवंबर, रविवार     A1     A3     केपटाउन
    8 नवंबर, सोमवार     B1     AB4     डरबन
    9 नवंबर, मंगलवार     B2     A2     गकेबरहा
    10 नवंबर, बुधवार     A3     B3     ब्लोमफोंटेन
    11 नवंबर, गुरुवार     A1     AB4     गकेबरहा
    12 नवंबर, शुक्रवार     B2     B1     केपटाउन
    13 नवंबर, शनिवार     A2     A3     ब्लोमफोंटेन
    14 नवंबर, रविवार     A1     B3     डरबन
    17 नवंबर, बुधवार     सेमीफाइनल 1     —–     केपटाउन
    18 नवंबर, गुरुवार     सेमीफाइनल 2     —–     सेंचुरियन
    21 नवंबर, रविवार     फाइनल     —–     जोहानिसबर्ग

  • नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ राज्यपाल डेका ने की पदयात्रा

    नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ राज्यपाल डेका ने की पदयात्रा

    नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ राज्यपाल डेका ने की पदयात्रा

    महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित कर डॉ. अंबेडकर को किया नमन

    रायपुर,
    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ पदयात्रा आयोजित की गई। राज्यपाल रमेन डेका पदयात्रा में शामिल हुए और नागरिकों को नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।

            राज्यपाल डेका ने टाउन हॉल परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने टाउन हॉल से शुरू हुई पदयात्रा में सहभागिता की। पदयात्रा के दौरान भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।

           टाउन हॉल रायपुर से प्रारंभ होकर पदयात्रा अंबेडकर चौक पहुंची, जहां राज्यपाल डेका ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक सहभागिता और जनजागरूकता को महत्वपूर्ण बताया।

             पदयात्रा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी सहित बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, विद्यार्थी और शहर के नागरिक शामिल हुए। पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

  • श्रीलंका-बांग्लादेश मैच में बारिश बनी विलेन, किसे मिलेगा ब्रॉन्ज मेडल? बदल गए Asian Games के नियम

    श्रीलंका-बांग्लादेश मैच में बारिश बनी विलेन, किसे मिलेगा ब्रॉन्ज मेडल? बदल गए Asian Games के नियम

    नई दिल्ली
    एशियन गेम्स 2026 में बारिश के कारण कई खेलों पर असर पड़ा है। इससे सबसे ज्यादा प्रभाव क्रिकेट पर हुआ है। बारिश के कारण कोई भी क्वार्टरफाइनल नहीं खेला जा सका। भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान की टीमें बिना कोई मैच खेले ही सेमीफाइनल में पहुंच गईं। अब तक एशियन गेम्स 2026 में 12 क्रिकेट मैच हुए हैं। इनमें से सिर्फ 5 ऐसे रहे हैं, जिनमें बारिश के कारण सीधा असर नहीं हुआ है। चारों क्वार्टर फाइनल से पहले ग्रुप स्टेज के मुकाबलों में भी बारिश ने खलल डाला था। पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच सेमीफाइनल मैच भी बारिश के कारण 13 ओवर का ही हुआ था।

    जापान में बारिश का कोई भरोसा नहीं है। ऐसे में इस इवेंट के बॉन्ज और गोल्ड मेडल मैच भी बारिश की भेंट चढ़ सकते हैं। हालांकि, अब बारिश होने पर कम रैंकिंग वाली टीम को नुकसान नहीं होगा, जैसा कि क्वार्टर फाइनल में हुआ था।

    बारिश होने पर किसे मिलेगा मेडल?
    बारिश होने पर दोनों टीमों को मेडल दे दिया जाएगा। इस स्थिति में क्रिकेट में बांग्लादेश और श्रीलंका दोनों टीमों को ब्रॉन्ज मेडल मिलेगा। हालांकि, ऐसा कोई फैसला लेने से पहले मैच के अधिकारी पूरे कोशिश करेंगे कि कम से कम 5 ओवर का मैच हो जाए। जापान की पिच भी बहुत बेहतर नहीं हैं। ऐसे में कम ओवर का मैच होने पर भी बल्लेबाजों के लिए बड़े शॉट लगाना आसान नहीं होगा।

    फाइनल में होंगे 2 गोल्ड मेडल
    एशियन गेम्स के नए नियमों के अनुसार अगर फाइनल में बारिश हो जाती है तो भारत और पाकिस्तान दोनों टीमों को गोल्ड मेडल दे दिया जाएगा। मजेदार बात यह है कि इस स्थिति में किसी भी टीम को सिल्वर मेडल नहीं मिलेगा। हालांकि, भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में बेहद मजबूत नजर आई है और 5 ओवर का मैच होने पर भी गोल्ड मेडल आसानी से अपने नाम करने की क्षमता रखती है। श्रीलंका के खिलाफ मैच में भारत ने अपना दबदबा दिखाया था।

  • अक्टूबर में बन रहे कई राजयोग, इन 7 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में लाभ

    अक्टूबर में बन रहे कई राजयोग, इन 7 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में लाभ

    अक्टूबर का महीना शुरू हो चुका है. वैदिक ज्योतिष में अक्टूबर के महीने को बेहद खास और महत्वपूर्ण माना गया है. इस दौरान कई बड़े ग्रह अपनी चाल बदलेंगे और कई प्रमुख ग्रहों का गोचर भी होने वाला है. ग्रहों की इस स्थिति के कारण कई शुभ योग और राजयोगों का निर्माण हो रहा है, जिसका सीधा असर देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ेगा. आइए जानते हैं कि यह अक्टूबर का महीना किन राशियों के लिए बेहद लकी रहने वाला है.

    अक्टूबर में बन रहे हैं खास राजयोग और ग्रहों की स्थिति
    पंचांग के अनुसार, इस महीने कई बड़े ग्रह अपनी स्थिति में बदलाव करेंगे. तुला राशि में शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बना हुआ है. इसके अलावा, कर्क राशि में गुरु हंस राजयोग का निर्माण कर रहे हैं. महीने के मध्य में यानी 17 अक्टूबर को सूर्य का गोचर तुला राशि में होगा, जहां बुध के साथ मिलकर यह 'बुधादित्य राजयोग' बनाएंगे. इसके अलावा सूर्य, मंगल, शनि, राहु और केतु जैसे प्रमुख ग्रह भी विभिन्न राशियों में संचरण करेंगे, जिसके प्रभाव से कुछ चुनिंदा राशियों के अच्छे दिन शुरू होने वाले हैं.

    वृषभ राशि (Taurus)
    वृषभ राशि के जातकों के लिए अक्टूबर का महीना बेहद सकारात्मक परिणाम लेकर आया है. जीवन में चल रही पुरानी परेशानियां और मानसिक तनाव अब कम होने लगेंगे. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा.

    कर्क राशि (Cancer)
    कर्क राशि के जातकों को इस महीने भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. आपकी वित्तीय स्थिति (Financial Situation) काफी स्टेबल और मजबूत रहने वाली है. अटके हुए कार्य गति पकड़ेंगे. परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा.

    सिंह राशि (Leo)
    सिंह राशि वालों के लिए यह महीना विशेष रूप से फायदेमंद रहने वाला है. जो लोग व्यापार या बिजनेस से जुड़े हैं, उनके लिए समय बेहद शुभ और मुनाफा कमाने वाला रहेगा. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं.

    कन्या राशि (Virgo)
    कन्या राशि के जातकों को इस अवधि में व्यावसायिक मोर्चे पर लाभ मिलने के प्रबल योग हैं. यदि आप निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह समय अनुकूल साबित हो सकता है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या कार्यस्थल पर नई पहचान मिल सकती है.

    तुला राशि (Libra)
    तुला राशि में कई ग्रहों की युति होने के कारण इस राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है. घर-परिवार में सुख-शांति और सौहार्द का माहौल बना रहेगा. आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और रुके हुए सभी महत्वपूर्ण कार्य पूरे होंगे.

    मकर राशि (Capricorn)
    मकर राशि के जातकों के लिए अक्टूबर का महीना उपलब्धियों भरा रहेगा. यदि आप नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं या नई नौकरी की तलाश में हैं, तो इस दौरान आपको बेहतरीन जॉब ऑफर्स मिल सकते हैं. आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं.

    मीन राशि (Pisces)
    मीन राशि के जातकों के लिए यह पूरा महीना उत्तम फलदायी रहेगा. नौकरी और करियर में सफलता मिलने के साथ-साथ दोस्तों और सहकर्मियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा. जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे और स्वास्थ्य में सुधार दिखेगा.

  • आधुनिक तकनीक, संवेदनशीलता और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग: मध्यप्रदेश पुलिस के नवाचार एवं कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के प्रयास

    आधुनिक तकनीक, संवेदनशीलता और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग: मध्यप्रदेश पुलिस के नवाचार एवं कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के प्रयास

    आधुनिक तकनीक, संवेदनशीलता और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग: मध्यप्रदेश पुलिस के नवाचार एवं कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के प्रयास

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश पुलिस राज्य में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए "देश भक्ति – जन सेवा" के मूलमंत्र के साथ कार्य कर रही है। विगत समय में प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्पन्न हुई अत्यधिक संवेदनशील और जटिल परिस्थितियों में मध्य प्रदेश पुलिस ने बिना किसी अनावश्यक बल प्रयोग या लाठीचार्ज के, केवल "पहले संवाद, फिर सुरक्षा" की सूझबूझ भरी रणनीति और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था के बल पर शांति स्थापित कर मिसाल कायम की है।

    ​जिलावार कानून-व्यवस्था के उत्कृष्ट उदाहरण

    ​1. धार: संवेदनशीलता, संवाद और त्रिस्तरीय सुरक्षा का प्रभावी मॉडल

    ​साम्प्रदायिक दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील धार जिले में पुलिस एवं प्रशासन ने कानूनी आदेशों के पालन और सौहार्द बनाए रखने में अभूतपूर्व तालमेल का प्रदर्शन किया। जिले मेंपूजन व नमाज शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई। 23 जनवरी को  हजारों लोगों की वाग्देवी शोभायात्रा तथा दिनभर में श्रद्धालुओं द्वारा किए गए दर्शन-हवन के दौरान 6 सेक्टरों और 7 जोन में पुलिस बल तथा  आरएएफ (RAF) प्लाटून की तैनाती कर चाक-चौबंद सुरक्षा सुनिश्चित की गई।

    ​प्रतिबंधात्मक आदेश, सतत शांति समिति बैठकें, ड्रोन व सीसीटीवी निगरानी और आरएएफ/एसटीएफ/क्यूआरएफ के फ्लैग मार्च से माहौल पूरी तरह नियंत्रित रहा।

    ​कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत अनुमति निरस्त होने के बावजूद रैली निकालने की जिद पर अड़े असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। मजबूत बैरिकेडिंग और ड्रोन निगरानी के साथ उल्लंघन पर व्यक्तियों की वैधानिक गिरफ्तारी कर शहर में शांति बनाए रखी।

    ​​2. भोपाल पुलिस कमिश्नरेट: टकराव टालकर किसान आंदोलन में संवाद से समाधान

    ​मूंग खरीदी और खाद वितरण को लेकर नर्मदापुरम व आसपास के हजारों किसानों द्वारा बैरिकेड्स तोड़ने और राजमार्ग पर 6 घंटे तक चक्काजाम करने की गंभीर स्थिति में भोपाल पुलिस ने लाठीचार्ज या बल प्रयोग से परहेज किया। पुलिस कमिश्नर व प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को रोके रखा, जिससे आधी रात को मांगें पूरी होने के साथ चक्काजाम बिना किसी हिंसा के शांतिपूर्वक समाप्त हुआ।

    गोविंदपुरा क्षेत्र में मारपीट की घटना के बाद शहर के कुछ संवेदनशील इलाकों में विरोध प्रदर्शन और तनाव फैल गया, जहां कुछ जगहों पर पथराव की घटनाएं भी हुईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस नेत्वरित कार्रवाई की, आरोपियों को गिरफ्तार कियाऔर संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस सुरक्षा बल तैनात कर शांति व्यवस्था बहाल की।

    3. खंडवा एवं खरगोन जिले: अग्रिम समन्वय से रूट विवादों का खात्मा

    ​त्योहारों के दौरान जुलूसों के मार्गों और समय को लेकर उत्पन्न होने वाले तनाव को पुलिस ने त्‍योहारों के पूर्व "शांति समिति की बैठकें" आयोजित कर हल किया। दोनों पक्षों के धर्मगुरुओं की आपसी सहमति से रूट व समय निर्धारण करवाकर संभावित झड़पों को शून्य किया गया।

    ​4. राजगढ़ जिला (ब्यावरा एवं बोड़ा): मध्यस्थता से लिखित समझौता

    ​ग्रामीण इलाकों में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर और रात्रिकालीन आयोजनों को लेकर उभरे विवाद में पुलिस ने थाना परिसरों में आपातकालीन बैठकें आयोजित कीं। कानून और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए पुलिस की मध्यस्थता में दोनों पक्षों से समय-सीमा और ध्वनि नियंत्रण का लिखित समझौता कराया गया।

    इसी प्रकार मध्यप्रदेश पुलिस ने "देशभक्ति-जनसेवा" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, अपराध नियंत्रण और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर अब म.प्र. पुलिस स्मार्ट, तकनीकी रूप से सक्षम और जन-संवेदनशील पुलिसिंग को प्राथमिकता दे रही है।

      1. डिजिटल नवाचार एवं पारदर्शी नागरिक सेवाएं

    नागरिकों को बिना किसी झंझट के पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल माध्यमों को सशक्त बनाया गया है:

    ई-जीरो एफआईआर (E-Zero FIR) के दायरे का विस्तार: नागरिकों की सुविधा के लिए चोरी या संपत्ति संबंधी नुकसान की ऑनलाइन रिपोर्टिंग सीमा, जो पहले ₹1,00,000 थी, उसे घटाकर अब ₹25,000 कर दिया गया है। इससे छोटे अपराधों और संपत्ति चोरी की स्थिति में आम नागरिकों को त्वरित राहत और ऑनलाइन एफआईआर की सुविधा मिल रही है।

    ई-रक्षक ऐप (e-Rakshak Mobile App):राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB, भोपाल) द्वारा विकसित यह स्मार्ट-पुलिसिंग ऐप सुरक्षा व्यवस्था संभालने और नागरिकों तक आपातकालीन सेवाएं पहुँचाने में तकनीक का बेहतरीन उदाहरण है।

    सिटीजन पोर्टल (Citizen Portal):चरित्र सत्यापन (Character Verification), किरायेदार/कर्मचारी सत्यापन और ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने जैसी बहुमूल्य सेवाएं घर बैठे उपलब्ध हो रही हैं।

    क्यूआर कोड आधारित शिकायत व्यवस्था: भीड़भाड़ वाले बाजारों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थलों पर क्यूआर कोड स्थापित किए गए हैं, जिन्हें स्कैन कर नागरिक बिना थाने जाए गोपनीय व सीधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

    डायल-112 व फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल (FRV): किसी भी आपात स्थिति में सूचना मिलते ही न्यूनतम रिस्पांस टाइम में सहायता उपलब्ध कराने के लिए डायल-112 को आधुनिक जीपीएस व एफआरवी नेटवर्क से लैस किया गया है।

    अपराधियों का डिजिटल रिकॉर्ड: एक क्लिक पर संदिग्धों का क्रिमिनल बैकग्राउंड, हिस्ट्री शीट और पूर्व रिकॉर्ड की जांच।

    ​फेशियल रिकग्निशन व वाहन ट्रैकिंग: चेहरे की पहचान कर संदिग्धों को चिह्नित करना तथा चोरी/लावारिस वाहनों और संपत्तियों को तुरंत ट्रैक करना।

    ​डिजिटल सम्मन/वारंट: समन व वारंट की तामीली को पारदर्शी और त्वरित बनाना।

    2. महिला एवं बाल सुरक्षा: संवेदनशीलता और सख्त निगरानी

    महिला, बालिकाओं एवं कमजोर वर्गों की सुरक्षा मध्यप्रदेश पुलिस की सर्वोच्च ​“शी-शक्ति” (She-Shakti) अभियान: भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत महिला पुलिसकर्मियों द्वारा शहर भर में वाहन रैलियां निकालकर जागरूकता फैलाई जा रही है।

    ​हॉटस्पॉट व संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष पेट्रोलिंग: प्रमुख बाजारों, पूजा स्थलों, मेलों, गरबा/डांडिया पंडालों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रत्येक थाने से हॉटस्पॉट चिह्नित कर आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक की महिला पुलिस पेट्रोलिंग पार्टियां तैनात की गई हैं।

    ​त्वरित कार्रवाई व उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग: छेड़छाड़, फब्तियां कसने और पीछा करने जैसी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिएअतिरिक्त/सहायक पुलिस आयुक्त (महिला सुरक्षा) स्तर के अधिकारी इसकी निगरानी कर रहे हैं।

    ​ऊर्जा डेस्क (Urja Desk):प्रदेश के सभी प्रमुख थानों में महिला केंद्रित शिकायतों की सुनवाई और त्वरित निस्तारण के लिए समर्पित महिला डेस्क सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।

    हेल्पलाइन नेटवर्क:

    महिला हेल्पलाइन (1090 / 181): संकटग्रस्त महिलाओं को विधिक, चिकित्सीय एवं पुलिस सहायता।

    चाईल्ड हेल्पलाइन (1098): बाल अपराधों की रोकथाम और गुमशुदा/मुसीबत में फंसे बच्चों के त्वरित रेस्क्यू के लिए 24×7 सक्रिय।

    आपातकालीन सेवा: डायल 112 (एकीकृत आपातकालीन पुलिस सेवा)

    ​वित्तीय साइबर फ्रॉड: राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930

    ​मादक पदार्थ रोकथाम: नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 7049100785

    ​विशेष हेल्पलाइन्स: महिला हेल्पलाइन (1090) और चाइल्ड हेल्पलाइन (1098)

    3. साइबर सुरक्षा एवं नशामुक्ति के विरुद्ध निर्णायक प्रहार

    बदलते अपराध परिदृश्य में साइबर फ्रॉड और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रहार करने के लिए दोहरे स्तर पर रणनीति लागू की गई है:

    साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं ‘सेफ क्लिक’ अभियान : ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में गोल्डन ऑवर (Golden Hour) के भीतर राशि ब्लॉक कराने के लिए हेल्पलाइन 1930 लगातार सक्रिय है।

    नारकोटिक्स हेल्पलाइन (7049100785) एवं ‘ऑपरेशन प्रहार’: मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की गुप्त सूचना देने हेतु नारकोटिक्स शाखा का मोबाइल नंबर 7049100785 सार्वजनिक किया गया है।

    ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत दुर्गम एवं शैडो (नो-नेटवर्क) क्षेत्रों में ड्रोन सर्विलांस से अवैध फसलों और करोड़ों रुपये के ड्रग्स (स्मैक, गांजा, एमडी) पर बड़ी कानूनी कार्रवाइयां की जा रही हैं।

    4. हवाई निगरानी, आधुनिक फॉरेंसिक व तकनीक

    तकनीकी आधुनिकीकरण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पुलिस देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हुई है।

    PASTEC (पुलिस एरियल सिस्टम्स एण्ड टेक्नॉलाजी सेंटर), इंदौर:

    पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल (PRTS), इंदौर के परिसर में मध्यप्रदेश का प्रथम एवं देश का दूसरा ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर 'PASTEC' प्रारंभ किया गया है। देशभर के संस्थानों का अध्ययन कर विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया। कर्नाटक पुलिस (बेंगलुरु) के बाद अपनी खुद की ड्रोन प्रशिक्षण संस्था स्थापित करने वाला मध्यप्रदेश देश का दूसरा राज्य बना है।

    ऑपरेशन त्रिनेत्रम (CCTV सर्विलांस – देवास मॉडल): देवास पुलिस द्वारा जनसहभागिता और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के सहयोग से शुरू किया गया 'ऑपरेशन त्रिनेत्रम' शहर के हर कोने को हाई-डेफिनिशन कैमरों से जोड़कर अपराध नियंत्रण और खुलासे का एक आदर्श मॉडल बन चुका है।

    मोबाइल फॉरेंसिक वैन (57 MFVs) एवं ई-साक्ष्य: नए आपराधिक कानूनों के तहत घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन के लिए आधुनिक फॉरेंसिक वैनों को तैनात किया गया है।

    5. फील्ड पुलिसिंग, विधि-व्यवस्था एवं सामुदायिक सहभागिता

    कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर विजिबल और प्रिवेंटिव पुलिसिंग पर जोर दिया जा रहा है:

    माइक्रो बीट व्यवस्था: शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों को बीट एवं माइक्रो बीट में विभाजित कर आरक्षक/प्रधान आरक्षक स्तर पर जनता से सीधा संवाद और लोकल इंटेलिजेंस संकलन सुनिश्चित किया गया है।

    कॉम्बिंग गश्त (Combing Patrol):रात के समय पूरे जिले में एक साथ वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में सघन कॉम्बिंग गश्त कर स्थायी वारंटियों, फरार आरोपियों, असामाजिक तत्वों और निगरानी बदमाशों की चेकिंग की जाती है।

    समय-समय पर बलवा ड्रिल (Riot Drill) का अभ्यास: किसी भी अप्रत्याशित भीड़ या उपद्रव की स्थिति से निपटने के लिए थानों व पुलिस लाइनों में आधुनिक दंगारोधी उपकरणों, आंसू गैस, वाटर कैनन और बलवा ड्रिल का नियमित मॉक अभ्यास कराया जाता है।

    शांति समिति की बैठकें: संवेदनशील त्योहारों, जुलूसों व राष्ट्रीय पर्वों से पूर्व सभी समुदायों, धर्मगुरुओं, आयोजकों और गणमान्य नागरिकों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण हेतु शांति समिति की बैठकों का अनिवार्य आयोजन।

    जनसंवाद एवं जनसुनवाई: प्रत्येक मंगलवार को जिला स्तर से लेकर थाना स्तर तक जनसुनवाई आयोजित कर पीड़ितों की समस्याओं का समयबद्ध व पारदर्शी निराकरण किया जाता है।

    6. विशेष सामाजिक अभियान (Community Policing)

    ​ऑपरेशन मुस्कान (Operation Muskaan):गुमशुदा और अपहृत बालक-बालिकाओं को खोजकर उन्हें सुरक्षित परिजनों से मिलाने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाया जाता है।

    ​नशा मुक्ति एवं 'ड्रग-फ्री' अभियान: शिक्षण संस्थानों और युवाओं के बीच मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए नारकोटिक्स शाखा और स्थानीय पुलिस की संयुक्त सख्त कार्रवाई जारी है।

    ​साइबर जागरूकता (Cyber Awareness):डिजिटल अरेस्ट, पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड और यूपीआई घोटालों से जनता को सतर्क करने के लिए जन-जागरूकता सत्र संचालित किए जा रहे हैं।

    7. जीवन रक्षा (CPR), दक्षता संवर्धन एवं नवीन भर्तियां

    पुलिस बल को संवेदनशील बनाने के साथ-साथ संसाधनों और जनबल को भी सुदृढ़ किया जा रहा है:

    सीपीआर (CPR) जीवन रक्षक प्रशिक्षण: आपातकालीन परिस्थितियों, सड़क दुर्घटनाओं या हृदय गति रुकने (Cardiac Arrest) के समय नागरिकों की जान बचाने के लिए पुलिसकर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा एवं कार्डियोपल्मरी रिससिटेशन (CPR) का विधिवत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    मानसिक तनाव प्रबंधन: पुलिसकर्मियों के वेलफेयर के लिए 'हार्टफुलनेस' संस्था के साथ एमओयू कर तनाव प्रबंधन और ध्यान कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।

    नवीन पुलिस भर्तियां: पुलिस बल की कार्यक्षमता और ऊर्जा को बढ़ाने के लिए निरंतर नई भर्तियां की जा रही हैं।  वर्ष 2025 में लगभग 8,500 पदों पर भर्ती की अनुमति प्राप्त हुई, जिसमें लगभग 7,500 कांस्टेबल सहित सब-इंस्पेक्टर, सूबेदार, स्टेनो आदि पद शामिल हैं। कांस्टेबलों का प्रशिक्षण प्रारंभ हो चुका है तथा सब-इंस्पेक्टर एवं सूबेदार भर्ती प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है।

    वर्ष 2026 में 9662 विभिन्न पदों पर भर्ती की अनुमति प्राप्त हुई है। इस प्रकार दो वर्षों में 18 हजार से अधिक नवीन पदों पर भर्ती का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

    8. कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान — DGCR एवं के. एफ. रुस्तमजी अवॉर्ड

    संवेदनशील कानून-व्यवस्था, असाधारण सूझबूझ और जनसेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा उन्हें निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    ग्राउंड पुलिसिंग में अद्वितीय योगदान, साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने, शांतिपूर्ण समाधान निकालने और जोखिम भरे अभियानों में साहसिक कर्तव्यनिष्ठा प्रदर्शित करने वाले चयनित पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को पुलिस महानिदेशक प्रशंसा डिस्क/रोल (DGCR – Director General's Commendation Roll) तथा मध्य प्रदेश पुलिस के पूर्व महानिरीक्षक व पद्म विभूषण स्वर्गीय के. एफ. रुस्तमजी की स्मृति में स्थापित प्रतिष्ठित 'के. एफ. रुस्तमजी अवॉर्ड' से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान पुलिस बल में उत्कृष्ट कार्य, संवेदनशीलता और व्यावसायिक दक्षता को प्रोत्साहित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

    मध्यप्रदेश पुलिस का यह बहुआयामी दृष्टिकोण यह सिद्ध करता है कि संवाद, सतर्कता, तकनीकी नवाचार और कर्तव्यनिष्ठा के सम्मान के समन्वय से बड़ी से बड़ी चुनौती का शांतिपूर्ण समाधान संभव है।