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  • एशियन गेम्स में भारत का ऐतिहासिक गोल्ड, महिला रिकर्व टीम ने कोरिया को हराया

    एशियन गेम्स में भारत का ऐतिहासिक गोल्ड, महिला रिकर्व टीम ने कोरिया को हराया

    नई दिल्ली
     भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में एक नया सुनहरा पन्ना दर्ज हो गया है। एशियन गेम्स 2026 में अंकिता भगत, कीर्ति और कुमकुम अनिल मोहौद की तिकड़ी ने महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भारत के लिए पहला ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीत लिया है। भारतीय टीम ने फाइनल के बेहद रोमांचक मुकाबले में मजबूत साउथ कोरियाई टीम को धूल चटाई। एशियाई खेलों के इतिहास में भारत ने कभी भी महिला टीम स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश नहीं किया था लेकिन इस बार भारतीय तीरंदाजों ने कांग चेयोंग, ली यूंजी और ओ येजिन की मजबूत कोरियाई तिकड़ी को पछाड़कर इतिहास रच दिया।

    पहले एंड में कांटे की टक्कर कुमकुम ने किया कमाल
    फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। पहले एंड की शुरुआती तीन तीरों में भारत ने 28-26 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, कीर्ति के 7 अंक पर निशाना चूकने से भारत का पलड़ा थोड़ा हल्का हुआ और स्कोर 54-54 से बराबर हो गया। लेकिन दबाव के इस क्षण में युवा कुमकुम ने बिल्कुल सटीक 10 का स्कोर बनाकर स्कोर बराबर रखा जिससे पहला एंड 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।

    दूसरे एंड में भी बरकरार रहा दबाव
    दूसरे एंड में कोरियाई खिलाड़ियों ने 10-9-9 के साथ 28 अंक बनाए। जवाब में भारत की ओर से अंकिता ने शानदार शुरुआत करते हुए 10 अंक पर निशाना मारा। कीर्ति के 8 पर चूकने के बाद एक बार फिर कुमकुम संकटमोचक बनकर उभरीं और 10 अंक साधकर स्कोर 28-28 कर दिया। दूसरे रोटेशन में भी कोरिया ने फिर से 28 अंक बटोरे। भारत के लिए अंकिता ने एक बार फिर 10 लगाया और कीर्ति के 8 के बाद कुमकुम ने दबाव में बेहद खूबसूरत 10 का स्कोर कर एंड को 56-56 से टाई कराया, जिससे दो एंड के बाद स्कोर 2-2 की बराबरी पर पहुंच गया।

    तीसरे एंड में कीर्ति की शानदार वापसी
    तीसरे एंड में भारतीय टीम ने अपनी रणनीति बदलते हुए ऑर्डर में बदलाव किया। इस बार कीर्ति ने भारत के लिए शुरुआत की और पिछली गलतियों को सुधारते हुए सीधा 10 पर निशाना साधा। अंकिता और कुमकुम ने इसके बाद 9-9 का स्कोर किया, जिससे भारत को कोरिया के 27 अंक के मुकाबले 28-27 की मामूली बढ़त मिल गई।

    भारत ने पक्का किया ऐतिहासिक गोल्ड
    इसके बाद कोरियाई तीरंदाज दबाव में आ गईं और अपनी आखिरी तीन कोशिशों में केवल 8-8-8 के स्कोर ही कर सकीं। भारत के पास मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बनाने का सुनहरा मौका था। भारतीय तिकड़ी ने कोई गलती नहीं की और 8, 9 और 10 का स्कोर बनाकर तीसरे एंड को 55-51 से अपने नाम कर लिया। इस शानदार प्रदर्शन के बदौलत भारत ने फाइनल मुकाबले में 4-2 की बढ़त बना ली और एशियन गेम्स का ऐतिहासिक गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

  • रायगढ़ बीच पर बड़ा हादसा, पुणे के 8 छात्रों की समुद्र में डूबने से मौत

    रायगढ़ बीच पर बड़ा हादसा, पुणे के 8 छात्रों की समुद्र में डूबने से मौत

    रायगढ़ 

    महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बड़ा हादसा सामने आया है। पुणे के एक निजी कोचिंग क्लास से आए आठ छात्रों की समुद्र में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा रायगढ़ जिले के दिवेआगर बीच पर हुआ। समुद्र में नहाने के दौरान तेज लहरों की चपेट में आने पर छात्र खुद को नहीं बचा पाए। छात्र महाराष्ट्र के पुणे जिले के आलंदी से पिकनिक मनाने आए थे। कड़ी मशक्कत के बाद समुद्र से सभी आठ छात्रों के शव बाहर निकाल लिए गए। पुणे से रायगढ़ के इस बीच की दूरी करीब 166 किलोमीटर है।

    11वीं-12वीं कक्षा के छात्र
    जानकारी के अनुसार सभी छात्र पुणे के आलंदी के रहने वाले हैं। वे दिवेआगर बीच नहाते वक्त ही हादसे का शिकार बने। ये छात्र पुणे के आलंदी की एक प्राइवेट कोचिंग क्लास से आए थे। सभी छात्र 11वीं और 12वीं कक्षा के साइंस के स्टूडेंट हैं। स्थानीय लोग पीड़ितों को बचाने के लिए दौड़े और उन्हें बोरली प्राइमरी हेल्थ सेंटर ले गए। जहां पहुंचने पर मेडिकल अधिकारियों ने सभी आठों को मृत घोषित कर दिया।

    मृतक छात्रों की पहचान तन्मय दत्तात्रेय वाहिले, सुमित भरत अहिरे, प्रणव रामदास बनसोडे, कैवल्य सतीश वासनकर, राजवीर युवराज वाहिले, यश किरण वानखेड़े, सोहम तुकाराम भंडवलकर और कौस्तुभ संदीप दौंड के रूप में हुई है। ये सभी आठ छात्र 16 साल के थे और पुणे के आलंदी के रहने वाले थे।

    जैसे ही घटना की खबर फैली, स्थानीय लोगों और पर्यटकों में हड़कंप मच गया। दिवेआगर में 'भाऊ मारुति सालुंखे महाकाली वॉटर स्पोर्ट्स' के मालिक भाऊ मारुति सालुंखे और उनकी टीम ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया। बता दें कि रायगढ़ जिले में अलीबाग, कशिश, और दिवेआगर जैसे कई मशहूर समुद्री तट (बीचेस) हैं, जो अपनी खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं, लेकिन मॉनसून या हाई टाइड के दौरान यहां सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

    प्रसिद्ध तीर्थस्थल है यह बीच
    पुलिस और अधिकारियों ने इस दुखद घटना की जांच शुरू कर दी है। ऐसा मान जा रहा है कि समुद्र के पानी की गहराई और लहरों का अंदाजा नहीं होने के कारण यह दर्दनाक हादसा होने की प्राथमिक जानकारी सामने आई है। दिवेआगर रायगड के श्रीवर्धन तालुका का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। सभी छात्रों के शवों को आगे की कार्रवाई के लिए बोर्ली पंचतन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है।

    चार किलोमीटर लंबा है यह बीच
    यह बीच लगभग 4 किलोमीटर लंबा है और नारियल, सुपारी तथा सुरु के पेड़ों से घिरा हुआ है। पर्यटकों के लिए यहां जेट स्की, बनाना राइड और बोट राइड जैसी कई वाटर एक्टिविटी उपलब्ध हैं। सुबह के समय यहां हजारों की संख्या में सीगल्स दिखाई देते हैं और यहां से सूर्यास्त का नजारा बहुत मनमोहक होता है। यहां प्रसिद्ध सुवर्णा गणेश मंदिर और प्राचीन रूपनारायण मंदिर भी स्थित हैं।

    सुनेत्रा पवार ने की कलेक्टर से बात
    इस हादसे को लेकर राज्य की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार रायगढ़ के कलेक्टर से बात की। उन्होंने दिवेआगर बीच पर हुई दुखद घटना में मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। सुनेत्रा पवार ने प्रशासन को सभी जरूरी मदद तुरंत उपलब्ध कराने और उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

  • मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया पुष्पार्चन

    मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया पुष्पार्चन

    मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया पुष्पार्चन 

    सीएम योगी ने बापू की 157वीं जयंती पर निवेदित की श्रद्धा, प्रदेशवासियों को दी ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ की शुभकामना

    स्कूली बच्चों ने भजनों व गीतों पर दी सुमधुर प्रस्तुति 

    आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे बापू के आदर्श, सादगी और विचारः मुख्यमंत्री 

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उनके प्रति श्रद्धा निवेदित की। मुख्यमंत्री ने जीपीओ स्थित राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने 'रघुपति राघव राजा राम', 'वह शक्ति हमें दो दयानिधे', 'वैष्णव जन तो तेने कहिए' आदि भजनों/गीतों पर संगीतमयी प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने भजनों का श्रवण किया।

    मुख्यमंत्री ने दी 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामना
    मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर संपूर्ण विश्व को स्वदेशी व अहिंसा के माध्यम से स्वाधीनता का संदेश देने वाले, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पावन जयंती पर कोटिश: नमन। प्रदेशवासियों को 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामनाएं।

    सीएम ने लिखा कि बापू के आदर्श, सादगी और विचार आज भी हम सभी को आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

    पुष्पांजलि कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, पवन सिंह चौहान, डॉ. नीरज बोरा, राजेश्वर सिंह, जय देवी, अमरेश कुमार, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

  • गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘सुधार उत्सव’

    गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘सुधार उत्सव’

    गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘सुधार उत्सव’

    02 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में 11 मंत्रालयों के एजेंडे पर होगी चर्चा

    सीएम योगी के विजन के अनुरूप रोजगार से राशन, पानी, जमीन और महिला सशक्तीकरण तक के मुद्दे ग्राम सभा के केंद्र में होंगे

    ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की तैयारी

    गांवों में जल संरक्षण, स्वच्छता, बाल विवाह और नशे के खिलाफ भी लिया जाएगा संकल्प

    लखनऊ,
     गांधी जयंती पर इस बार गांव की चौपाल सिर्फ समस्याएं गिनाने के लिए नहीं सजेगी, बल्कि अपने विकास की दिशा तय करने के लिए बैठेगी। गांव में सबसे पहले किसे रोजगार मिले, कहां पानी बचाया जाए, कौन सा तालाब फिर से जिंदा हो, स्वच्छता की कमी कैसे दूर हो और महिलाओं की आमदनी कैसे बढ़े, ऐसे सवालों पर ग्रामीण खुद ग्राम सभा में मंथन करेंगे। 02 अक्टूबर को ‘सुधार उत्सव’ के रूप में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में डबल इंजन सरकार के 11 मंत्रालयों और विभागों का एजेंडा एक साथ गांव तक पहुंचेगा। इसमें 125 दिन रोजगार की गारंटी से लेकर लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने, सुरक्षित पेयजल, जल संरक्षण, उपभोक्ता अधिकार, सहकारिता, बाल विवाह और नशामुक्ति तक के विषय शामिल होंगे। सीएम योगी के विजन के अनुरूप सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ग्राम सभा गांव की जरूरतों और कमियों को पहचानकर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने का भी मंच बनेगी।

    ग्राम सभा तय करेगी कि गांव में कौन से काम सबसे पहले कराए जाने चाहिए

    ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण), यानी वीबी जीराम जी (VB-G RAM G) के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गई है। यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से शुरू हुई है। योजना में जल संरक्षण, आजीविका और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े 375 तरह के काम शामिल हैं। ग्राम सभा यह तय करने में भूमिका निभाएगी कि गांव में कौन से काम सबसे पहले कराए जाने चाहिए।

    ‘करोड़पति दीदी’ बनाने में मदद करने का लक्ष्य

    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं सालाना एक लाख रुपये या उससे अधिक घरेलू आय के स्तर तक पहुंचकर लखपति दीदी बन रही हैं। 
    महिलाओं को उद्यम शुरू करने, बाजार से जोड़ने और शी मार्ट (SHE-MARTs) जैसी पहलों के जरिए सहायता देने की योजना है। अब लखपति दीदियों को सालाना 10 लाख रुपये या उससे अधिक आय वाले स्तर तक पहुंचाकर ‘करोड़पति दीदी’ बनाने में मदद करने का लक्ष्य रखा गया है।

    हर घर नल ही नहीं, लगातार साफ पानी पहुंचाने पर जोर

    जल जीवन मिशन 2.0 में केवल घरों तक नल पहुंचाने के बजाय नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। ग्राम पंचायतें पानी के स्रोत, आपूर्ति में आने वाली दिक्कतों और रखरखाव की जरूरतों की समीक्षा करेंगी। इसी तरह स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे चरण में गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल (ODF Plus Model) की ओर ले जाने की तैयारी है। ग्राम सभाओं में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई और कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा गांवों में बारिश का पानी बचाने पर भी ग्राम सभाओं का विशेष जोर रहेगा।

    ग्राम सभाएं ऐसे तालाबों और रिचार्ज पिट की पहचान कर सकेंगी जिन्हें दोबारा ठीक करने की जरूरत है। घरों और खेतों के आसपास नई जल पुनर्भरण संरचनाएं बनाने में भी स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य भूजल स्तर बढ़ाने के साथ गर्मी और सूखे के दौरान गांवों में पानी की उपलब्धता बेहतर करना है।

    ग्राम सभाओं के माध्यम से उपभोक्ता अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा

    ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को उपभोक्ता अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। उपभोक्ता अपनी शिकायत के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 की मदद ले सकते हैं। ई-जागृति के जरिए शिकायत दर्ज करने और ऑनलाइन सुनवाई में हिस्सा लेने की सुविधा भी उपलब्ध है।

    नए आपराधिक कानूनों के बारे में गांवों में बढ़ेगी जागरूकता

    ग्राम सभाओं के जरिए लोगों को उनके अधिकारों, कानूनी सहायता और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। नए कानूनों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ डिजिटल साक्ष्यों और तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।

    गांव-गांव तक पहुंचेगा सहकारिता का नेटवर्क

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण और विस्तार पर भी जोर है। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों और सहकारिता विभाग के कार्यालयों का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा सभी ग्राम पंचायतों तक सहकारी व्यवस्था पहुंचाने के लिए नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियां, डेयरी सहकारी समितियां और मत्स्य सहकारी समितियां बनाने और मजबूत करने की पहल की जा रही है। इससे ग्रामीणों को ऋण, बाजार, डेयरी, मत्स्य पालन और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

    बाल विवाह और नशे के खिलाफ भी ग्राम सभा में संकल्प

    महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने पर जोर दिया है। ग्राम सभा अपने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रस्ताव पारित कर सकती है। इसके सत्यापन के बाद जिला स्तर से गांव को प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था है। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों के साथ माता-पिता और ग्रामीणों की भागीदारी भी मांगी गई है।

    गांव खुद तय करेंगे विकास की प्राथमिकता : अमित कुमार सिंह

    पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत पंचायतों को विकास से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। ग्राम पंचायतें अपनी ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार कर ई ग्राम स्वराज (eGramSwaraj) पर अपलोड करती हैं। ग्राम सभा में गांव की जरूरतों और कमियों की पहचान कर प्राथमिकता वाले कामों को इस योजना में शामिल किया जा सकता है।

    ग्रामीणों को मिल रहे संपत्ति के स्पष्ट रिकॉर्ड

    स्वामित्व योजना के जरिए गांवों के आबादी वाले क्षेत्रों में घर और दूसरी आवासीय संपत्तियों का स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके लिए डिजिटल नक्शों की मदद ली जाती है। इनके आधार पर संपत्ति की सीमा तय करने में मदद मिलती है। स्पष्ट रिकॉर्ड होने से जमीन-संपत्ति के विवाद कम करने और बैंक से ऋण लेने में भी लोगों को सुविधा मिलती है। महिलाओं को संपत्ति में मालिकाना मान्यता मिलने से उनकी स्थिति भी मजबूत होगी।

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के नशा मुक्त भारत अभियान को भी ग्राम सभाओं से जोड़ा गया है। इसमें खासतौर पर बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने, शुरुआती लक्षणों की पहचान करने और प्रभावित लोगों को परामर्श, उपचार एवं पुनर्वास तक पहुंचाने में परिवार और समुदाय की भागीदारी पर जोर दिया गया है। इस तरह 02 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में गांव के विकास कार्यों की समीक्षा तक सीमित रहने के बजाय रोजगार, महिला आजीविका, पानी, स्वच्छता, राशन, जमीन, उपभोक्ता अधिकार, कानून, सहकारिता, बाल विवाह और नशामुक्ति जैसे मुद्दों को एक साथ गांव के एजेंडे में लाने की तैयारी है।

  • त्रेता युग की आस्था के पथ पर अयोध्या में विकास की नई तस्वीर, दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप

    त्रेता युग की आस्था के पथ पर अयोध्या में विकास की नई तस्वीर, दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप

    त्रेता युग की आस्था के पथ पर अयोध्या में विकास की नई तस्वीर, दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप

    1140 करोड़ रुपये से 31 किलोमीटर मार्ग का हो रहा चौड़ीकरण, फोरलेन बनने से श्रद्धालुओं को मिलेगा सुगम आवागमन

    शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने और प्रकाश की सुविधाओं से संवर रहा परिक्रमा पथ

    पीली रेलिंग, आकर्षक रोशनी और पौधारोपण से आस्था के इस मार्ग को दिया जा रहा नया स्वरूप

    अयोध्या
    रामनगरी की पहचान सिर्फ उसके मंदिरों और धार्मिक स्थलों से नहीं, बल्कि उन परंपराओं से भी है जिनसे सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी रही है। इन्हीं परंपराओं में शामिल 14 कोसी परिक्रमा अब आधुनिक सुविधाओं और बेहतर आवागमन के साथ नए स्वरूप में दिखाई देने की ओर बढ़ रही है। श्रद्धालुओं के आस्था पथ को सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण कार्य तेजी से अंतिम चरण में पहुंच रहा है। करीब 1140 करोड़ रुपये की लागत से 31 किलोमीटर लंबे परिक्रमा पथ को फोरलेन बनाया जा रहा है। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग की कुल लंबाई लगभग 42 किलोमीटर है, जिसमें कुछ हिस्सा पंचकोसी परिक्रमा मार्ग का भी आता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही इस परियोजना को दीपोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।परियोजना पूरी होने के बाद परिक्रमा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क के साथ शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने की व्यवस्था और प्रकाश जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। लोक निर्माण विभाग खंड-3 की ओर से कराए जा रहे कार्यों के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ अब मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने पर जोर है।

    आस्था की सदियों पुरानी परंपरा को मिल रहा आधुनिक स्वरूप

    14 कोसी परिक्रमा अयोध्या की प्राचीन धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता है कि श्रद्धालु इस परिक्रमा के माध्यम से रामनगरी की धार्मिक सीमा की परिक्रमा करते हैं। वर्ष में विभिन्न अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर इस धार्मिक यात्रा में शामिल होते हैं। ऐसे में परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण केवल सड़क को बेहतर बनाने की परियोजना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के आवागमन को अधिक सुगम बनाने से जुड़ा प्रयास भी है। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच इस मार्ग का फोरलेन निर्माण यातायात और परिक्रमा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मार्ग के विभिन्न हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण के साथ श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है।

    सड़क के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का भी रखा जा रहा ध्यान

    परिक्रमा मार्ग पर शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने की व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को रास्ते में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मार्ग के अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।मोदहा के पास फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। इससे इस हिस्से में आवागमन सुगम हुआ है। अब दीपावली और दीपोत्सव से पहले पूरे 42 किलोमीटर मार्ग को तैयार करने पर जोर है।

    पीली रेलिंग और रोशनी से बदलेगा परिक्रमा पथ का नजारा

    परियोजना के तहत परिक्रमा मार्ग के डिवाइडर पर आकर्षक पीले रंग की रेलिंग लगाई जा रही है। मार्ग के बीच-बीच में पौधारोपण के बाद ट्री गार्ड भी लगाए गए हैं। वहीं पूरे मार्ग को रोशन करने के लिए भगवान श्रीराम की स्मृति से जुड़ी आकर्षक लाइटें लगाई जा रही हैं। अचारी सगरा के पास भी प्रकाश व्यवस्था शुरू हो गई है। ऐसे में दिन के साथ रात में भी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप अधिक आकर्षक दिखाई देने लगा है। आस्था से जुड़े इस मार्ग को सुविधाओं और प्रकाश व्यवस्था के जरिए नया रूप देने का काम अब अंतिम चरण में है।

    परिक्रमा के दौरान मिलेगी बैठने, रोशनी और स्वच्छता की सुविधा

    परियोजना के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ लोक निर्माण विभाग खंड-3 के अधिकारी निर्माण कार्यों को दीपोत्सव से पहले पूरा कराने में जुटे हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सत्य पाल सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने बताया कि उद्देश्य यह है कि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के अपनी परिक्रमा पूरी कर सकें। इसके लिए सड़क चौड़ीकरण के साथ मार्ग पर आवश्यक सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है।

    धार्मिक परंपरा के साथ पर्यटन को भी मिलेगी नई रफ्तार

    रामनगरी में धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का फोरलेन होना आवागमन की सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण बदलाव होगा। दीपोत्सव के दौरान जब अयोध्या में देश-दुनिया से श्रद्धालु पहुंचेंगे, तब आधुनिक सुविधाओं से सजा यह मार्ग रामनगरी की प्राचीन धार्मिक परंपरा और बदलते विकास का संगम नजर आएगा।बेहतर सड़क, प्रकाश, बैठने, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं से श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम होने की उम्मीद है। साथ ही परिक्रमा मार्ग का नया स्वरूप अयोध्या के धार्मिक पर्यटन को भी विस्तार देने में सहायक हो सकता है।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में महिला सुरक्षा, राम मंदिर परिसर में मिली वृद्धा को वन स्टॉप सेंटर ने परिवार से मिलाया

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में महिला सुरक्षा, राम मंदिर परिसर में मिली वृद्धा को वन स्टॉप सेंटर ने परिवार से मिलाया

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में महिला सुरक्षा, राम मंदिर परिसर में मिली वृद्धा को वन स्टॉप सेंटर ने परिवार से मिलाया

    घरेलू हिंसा और पारिवारिक उपेक्षा से जूझ रही 65 वर्षीय महिला को मिला सहारा, काउंसलिंग के बाद सम्मान के साथ घर लौटी

    पति ने घर से निकाला तो राम मंदिर पहुंची वृद्धा, 181 हेल्पलाइन से मिली मदद

    वन स्टॉप सेंटर की पहल से परिवार में लौटा संवाद, महिला को मिला सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल

    अयोध्या
     घर की चारदीवारी में अपनों के बीच रहने के बावजूद जब किसी बुजुर्ग महिला को अकेलेपन, घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़े, तो उसका दर्द सिर्फ व्यक्तिगत नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार के बिखरने की कहानी बन जाता है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में महिला सुरक्षा और संकट में फंसी महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित व्यवस्था का अयोध्या में सकारात्मक उदाहरण सामने आया है,जब 65 वर्षीय महिला पारिवारिक उपेक्षा और घरेलू हिंसा के बाद राम मंदिर परिसर में असहाय अवस्था में मिलीं। मुश्किल की इस घड़ी में 181 महिला हेल्पलाइन उनके लिए मदद की पहली कड़ी बनी। सूचना मिलते ही सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित संरक्षण में लिया। इसके बाद काउंसलिंग और परिवार के सदस्यों से लगातार संवाद के जरिए परिवार में संवाद बहाल करने का प्रयास किया गया। आखिरकार महिला को उनकी इच्छा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सम्मानपूर्वक परिजनों के साथ भेज दिया गया।

    घर से निकाले जाने के बाद मंदिर परिसर में मिलीं महिला

    वन स्टॉप सेंटर के अनुसार कमलावती (काल्पनिक नाम) लंबे समय से पारिवारिक उपेक्षा, मानसिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का सामना कर रही थीं। पारिवारिक परिस्थितियां बिगड़ने पर उनके पति ने उन्हें घर से बाहर कर दिया था। इसके बाद वह असहाय अवस्था में राम मंदिर परिसर में बैठी मिलीं। 181 हेल्पलाइन के माध्यम से 13 मार्च को सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद ओएससी टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित स्थान पर ले गई।

    सुरक्षित माहौल के साथ भावनात्मक संबल देने पर जोर

    सखी वन स्टॉप सेंटर में महिला की काउंसलिंग की गई। टीम ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और उनकी भावनात्मक स्थिति को समझने का प्रयास किया। महिला के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ उन्हें उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी विकल्पों की जानकारी भी दी गई। आवश्यकता के अनुसार उनके लिए अस्थायी आश्रय और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई, ताकि वह खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और आगे की स्थिति पर सोच सकें।

    पति, पुत्र और बहू की काउंसलिंग से परिवार में लौटा संवाद

    महिला को परिवार से दोबारा जोड़ने के लिए स्थानीय थाना, ग्राम प्रधान और परिवार के सदस्यों से संपर्क किया गया। इसके बाद पति, पुत्र और बहू की फैमिली काउंसलिंग कराई गई। लगातार संवाद और समझाइश के बाद परिजनों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आया और उन्होंने महिला को अपने साथ रखने पर सहमति जताई। महिला की इच्छा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक परिवार के साथ भेज दिया गया।

    समन्वित प्रयासों से असहाय अवस्था से सुरक्षित घर तक पहुंची महिला

    जिला प्रोबेशन अधिकारी जय पाल वर्मा ने बताया कि महिला अब संतोषजनक और सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत कर रही हैं। उन्होंने सम्मान के साथ घर वापसी की है। इस पूरे प्रकरण में 181 महिला हेल्पलाइन, सखी वन स्टॉप सेंटर, पुलिस, ग्राम प्रधान और परिवार के सदस्यों के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई से महिला को असहाय अवस्था से बाहर निकालकर सुरक्षित पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सका।महिला सुरक्षा से जुड़ी इस पहल में सहायता का उद्देश्य केवल तत्काल संरक्षण उपलब्ध कराना नहीं रहा, बल्कि परिवार के भीतर संवाद बहाल कर महिला को सम्मान और सुरक्षा के साथ उसके घर तक पहुंचाना भी रहा। वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग और विभिन्न स्तरों पर किए गए समन्वित प्रयासों से यह संभव हो सका।

  • पीएम सूर्य घर योजना में यूपी का परचम, सितंबर में 74,796 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

    पीएम सूर्य घर योजना में यूपी का परचम, सितंबर में 74,796 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

    पीएम सूर्य घर योजना में यूपी का परचम, सितंबर में 74,796 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

    उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 2,493 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

    मासिक स्थापना में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम, आंध्र प्रदेश दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर

    लखनऊ
     प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर स्थापना में उत्तर प्रदेश ने सितंबर 2026 में देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। सितंबर माह में प्रदेश में 74,796 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए गए। इस दौरान आंध्र प्रदेश 69,813 और महाराष्ट्र 60,907 इंस्टॉलेशन के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। सितंबर के आंकड़ों में गुजरात में 45,616 और केरल में 30,315 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए। इस तरह सितंबर की मासिक स्थापना में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर रहा।

    उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 2,493 इंस्टॉलेशन
    सितंबर माह में उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 2,493 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए गए। 30 सितंबर को प्रदेश में एक दिन में 3,389 इंस्टॉलेशन दर्ज हुए। पूरे महीने में यूपी ने गुजरात से 29,180 और महाराष्ट्र से 13,889 अधिक इंस्टॉलेशन किए। सितंबर में देशभर में कुल 4,38,815 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन हुए, जिसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत रही।

    योगी सरकार के प्रयासों से सौर ऊर्जा को मिल रही गति

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को बढ़ावा दिया जा रहा है। पीएम सूर्य घर योजना के राज्यस्तरीय क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और योजना की प्रगति की निगरानी यूपी नेडा के निदेशक रविंदर सिंह के नेतृत्व में की जा रही है।

    8.67 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

    30 सितंबर 2026 तक उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना के तहत कुल 8,67,755 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन हो चुके हैं। इनकी कुल स्थापित क्षमता 2,911.39 मेगावाट पहुंच गई है। संचयी स्थापना में गुजरात 8,70,152 इंस्टॉलेशन के साथ उत्तर प्रदेश से केवल 2,397 इंस्टॉलेशन आगे रहा, जबकि महाराष्ट्र की संचयी स्थापना 8,27,182 रही।

    31 मार्च 2027 तक योजना, उपभोक्ता जल्द लें सब्सिडी का लाभ

    पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने पर सब्सिडी उपलब्ध है। योजना की निर्धारित अवधि 31 मार्च 2027 तक है। अधिकारियों की प्रदेश के शेष विद्युत उपभोक्ताओं से अपील है कि वे समय रहते पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए आवेदन करें और पात्रता के अनुसार सब्सिडी का लाभ उठाएं। उपभोक्ता पीएम सूर्य घर राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विद्युत उपभोक्ता सौर ऊर्जा अपनाकर, बिजली बिल में बचत के साथ साथ स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार में भी सहभागी बन सकते है ।

    सितंबर 2026 मासिक राष्ट्रीय रैंकिंग

    उत्तर प्रदेश- 74,796
    आंध्र प्रदेश- 69,813
    महाराष्ट्र- 60,907
    गुजरात- 45,616
     केरल- 30,315

  • खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

    खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

    खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम 

    तीरंदाजी, एथलेटिक्स, हॉकी और फुटबॉल अकादमी में प्रवेश के लिए दो दिवसीय ट्रायल संपन्न

    रायपुर
     खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु रायपुर स्थित विभिन्न गैर-आवासीय खेल अकादमियों में खिलाड़ियों के प्रवेश (नवीनीकरण एवं नवीन प्रवेश) के लिए दो दिवसीय चयन ट्रायल आज संपन्न हुआ। तीरंदाजी (बालक/बालिका) के लिए तीरंदाजी एरिना के सामने, फुटबॉल (बालिका) एवं एथलेटिक्स (बालक/बालिका) के लिए स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा तथा हॉकी (बालक/बालिका) के लिए हॉकी स्टेडियम पिच-2 में आयोजित चयन ट्रायल में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

    चयन ट्रायल के अंतिम दिन आज चारों खेलों में पंजीकृत कुल 169 खिलाड़ियों की कौशल दक्षता का कड़ाई से परीक्षण किया गया। वरिष्ठ प्रशिक्षकों एवं विशेषज्ञों ने हॉकी और फुटबॉल के 57-57, तीरंदाजी के 23 और एथलेटिक्स के 32 खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया। खिलाड़ियों के सटीक मूल्यांकन के लिए खेल के मानकों के आधार पर दक्षता परीक्षण किया गया। 

    प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों ने फुटबॉल में पासिंग, ड्रिबलिंग, व्यक्तिगत पोजीशन, मैच सेंस और पोजिशनिंग गेम का परीक्षण किया। वहीं आर्चरी में ड्रॉ लेंथ, आई डोमिनेंस, पोस्चर, मेंटल एबिलिटी तथा 20 मीटर शूटिंग का परीक्षण किया गया। एथलेटिक्स के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, 3000 मीटर दौड़, पैदल चाल, हाई जंप, लॉन्ग जंप, गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक इत्यादि का परीक्षण किया गया। 

    हॉकी में परफेक्शन और एक्युरेसी स्किल टेस्ट के तहत हिट, पुश, स्कूप, स्टॉपिंग, रिसीविंग, टैकलिंग, क्लीयरेंस, पेनल्टी कॉर्नर इंजेक्टर, ड्रैगर, हिटर और गोलकीपर के लिए टी-टेस्ट जैसी तकनीकी योग्यताओं का बारिकी से आकलन किया गया।

  • वर्ल्ड कप में भारत की ऑस्ट्रेलिया-पाकिस्तान से 2 बार भिड़ंत संभव, बांग्लादेश की बढ़ी मुश्किल

    वर्ल्ड कप में भारत की ऑस्ट्रेलिया-पाकिस्तान से 2 बार भिड़ंत संभव, बांग्लादेश की बढ़ी मुश्किल

    नई दिल्ली
    आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 का पूरा शेड्यूल 1 अक्टूबर (गुरुवार) को जारी कर दिया गया. साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाला 14 टीमों का यह टूर्नामेंट 2 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक खेला जाएगा. कुल 57 मुकाबले इन तीन देशों के 12 मैदानों पर होंगे. केपटाउन में आयोजित विशेष लॉन्च कार्यक्रम में ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल) ने टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी किया. वर्ल्ड कप की शुरुआत 2 अक्टूबर से नामीबिया में होने वाली तीन टीमों की सुपर सीरीज के साथ होगी, जबकि मुख्य ग्रुप स्टेज 7 अक्टूबर से शुरू होगा। 

    भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत मौजूदा चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगी. दोनों टीमें 7 अक्टूबर को केप टाउन के न्यूलैंड्स क्रिकेट ग्राउंड में आमने-सामने होंगी. यह मुकाबला 2023 वर्ल्ड कप फाइनल की यादें भी ताजा करेगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर खिताब जीता था. इसके बाद भारत का अगला ग्रुप मुकाबला 10 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ होगा. जोहानिसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में होने वाला यह मैच टूर्नामेंट के हाई-वोल्टेज मुकाबलों में शामिल रहेगा. फिर भारत 14 अक्टूबर को सेंचुरियन में अफगानिस्तान से भिड़ेगा, जबकि 17 अक्टूबर को ब्लोमफोंटेन में क्वालिफायर A के खिलाफ उतरेगा. ग्रुप चरण में भारत का आखिरी मुकाबला 24 अक्टूबर को जिम्बाब्वे के खिलाफ विक्टोरिया फॉल्स में होगा। 

    भारत के ग्रुप मुकाबले
    7 अक्टूबर- भारत vs ऑस्ट्रेलिया, केप टाउन 
    10 अक्टूबर- भारत vs पाकिस्तान, जोहानिसबर्ग 
    14 अक्टूबर- भारत vs अफगानिस्तान,  सेंचुरियन
    17 अक्टूबर- भारत vs क्वालिफायर A, ब्लोमफोंटेन 
    24 अक्टूबर- जिम्बाब्वे vs भारत, विक्टोरिया फॉल्स 

    मुख्य टूर्नामेंट से पहले 2 अक्टूबर को नामीबिया की राजधानी विंडहोक में तीन टीमों की सुपर सीरीज खेली जाएगी. इसमें वर्ल्ड कप क्वालिफायर में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें हिस्सा लेंगी. तीनों टीमें राउंड-रॉबिन आधार पर एक-दूसरे से खेलेंगी. अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाली टीम मुख्य ग्रुप चरण में जगह बनाएगी। 

    ग्रुप A में भारत, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्ता, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और क्वालिफायर A हैं. वहीं ग्रुप-बी में साउथ अफ्रीका, श्रीलंका, इंग्लैंड, बांग्लादेश, न्यूजीलैंड और क्वालिफायर B को रखा गया है. ग्रुप बी में बांग्लादेश को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि बाकी की टीम्स काफी तगड़ी दिख रही हैं. ग्रुप स्टेज में कुल 30 मुकाबले होंगे. प्रत्येक टीम अपने ग्रुप की बाकी टीमों से एक-एक मैच खेलेगी। 

    दोनों ग्रुप से शीर्ष तीन-तीन टीमें सुपर-7 में पहुंचेंगी. इसके अलावा दोनों ग्रुप में चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों में से बेहतर रैंक वाली टीम भी अगले स्टेज में जगह बनाएगी. सुपर-7 में सातों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मैच खेलेंगी और कुल 21 मुकाबले होंगे. इसके बाद अंक तालिका की शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. अगर कोई गैर-सीडेड टीम किसी सीडेड टीम से ऊपर रहते हुए क्वालीफाई करती है, तो वह संबंधित सीडेड स्थान हासिल कर लेगी। 

    भारत से दो-दो बार भिड़ेंगे ऑस्ट्रेलिया-पाकिस्तान?
    देखा जाए तो भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत सिर्फ ग्रुप चरण तक सीमित नहीं रह सकती. अगर दोनों टीमें सुपर-7 चरण के लिए क्वालिफाई करती हैं, तो टूर्नामेंट में दोनों का दूसरी बार सामना होने की संभावना है. आईसीसी ने सुपर-7 के लिए टीमों को प्री-सीडिंग दी है. भारत को A1 और पाकिस्तान को A3 स्थान मिला है. इस व्यवस्था के तहत दोनों टीमें 7 नवंबर को केपटाउन में एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं. हालांकि यह मुकाबला तभी संभव होगा जब भारत और पाकिस्तान दोनों सुपर-7 में पहुंचें और उनकी स्थिति तय प्री-सीडिंग के अनुरूप रहे। 

    भारत और ऑस्ट्रेलिया भी टूर्नामेंट में दो बार आमने-सामने आ सकते हैं. ग्रुप चरण में 7 अक्टूबर के मुकाबले के बाद दोनों टीमों की संभावित दूसरी भिड़ंत 28 अक्टूबर को विक्टोरिया फॉल्स में हो सकती है. ऑस्ट्रेलिया को A2 के तौर पर प्री-सीड किया गया है. ऐसे में दोनों के सुपर-7 में पहुंचने की स्थिति में टूर्नामेंट के अगले चरण में एक और मुकाबले की संभावना बनी हुई है। 

    सुपर 7 प्री-सीडिंग
    A1: भारत
    A2: ऑस्ट्रेलिया
    A3: पाकिस्तान
    AB4: इंग्लैंड
    B1: न्यूजीलैंड
    B2: साउथ अफ्रीका
    B3: श्रीलंका

    सेमीफाइनल-फाइनल के लिए रिजर्व डे
    सुपर-7 के बाद पहला सेमीफाइनल 17 नवंबर को केप टाउन और दूसरा 18 नवंबर को सेंचुरियन में खेला जाएगा. सुपर-7 में पहले स्थान पर रहने वाली टीम चौथे स्थान वाली टीम से भिड़ेगी, जबकि दूसरे स्थान वाली टीम का सामना तीसरे स्थान की टीम से होगा. दोनों सेमीफाइनल के लिए आईसीसी ने रिजर्व डे रखा है, ताकि बारिश या किसी अन्य कारण से मैच निर्धारित दिन पूरा नहीं होने पर उसे अगले दिन पूरा कराया जा सके। 

    वर्ल्ड कप 2027 का फाइनल 21 नवंबर को जोहानिसबर्ग में खेला जाएगा. फाइनल के लिए भी रिजर्व डे रखा गया है. अगर निर्धारित दिन मुकाबला पूरा नहीं हो पाता है तो 22 नवंबर को रिजर्व डे के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा. इस तरह भारत के लिए टूर्नामेंट में कम से कम पांच ग्रुप मैच तय हैं, लेकिन सुपर-7 में पहुंचने की स्थिति में ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के खिलाफ दोबारा मुकाबले की संभावनाएं भी बन सकती हैं.

    30 सितंबर 2026 की कटऑफ तारीख के आधार पर 10 टीमों ने सीधे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है. मेजबान साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को स्वत: जगह मिली, जबकि भारत, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, इंग्लैंड, श्रीलंका, अफगानिस्तान और बांग्लादेश ने आईसीसी ओडीआई रैंकिंग के आधार पर सीधे क्वालिफाई किया. बाकी चार स्थान आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप क्वालिफायर 2027 से तय होंगे. क्वालिफायर जीतने वाली टीम सीधे ग्रुप चरण में पहुंचेगी, जबकि दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें सुपर सीरीज खेलेंगी. इनमें से शीर्ष टीम को ग्रुप स्टेज का टिकट मिलेगा.

    क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 का फुल शेड्यूल

    तारीखटीम 1टीम 2वेन्यू
    2 अक्टूबर, शनिवारक्वालिफायर 1क्वालिफायर 3विंडहोक
    4 अक्टूबर, सोमवारक्वालिफायर 1क्वालिफायर 2विंडहोक
    6 अक्टूबर, बुधवारक्वालिफायर 2क्वालिफायर 3विंडहोक
    7 अक्टूबर, गुरुवारभारतऑस्ट्रेलियाकेपटाउन
    8 अक्टूबर, शुक्रवारपाकिस्तानअफगानिस्तानसेंचुरियन
    8 अक्टूबर, शुक्रवारइंग्लैंडबांग्लादेशविंडहोक
    9 अक्टूबर, शनिवारजिम्बाब्वेक्वालिफायर Aबुलावायो
    9 अक्टूबर, शनिवारसाउथ अफ्रीकान्यूजीलैंडकेपटाउन
    10 अक्टूबर, रविवारभारतपाकिस्तानजोहानिसबर्ग
    10 अक्टूबर, रविवारश्रीलंकाक्वालिफायर Bविंडहोक
    11 अक्टूबर, सोमवारजिम्बाब्वेअफगानिस्तानबुलावायो
    12 अक्टूबर, मंगलवारऑस्ट्रेलियाक्वालिफायर Aपार्ल
    12 अक्टूबर, मंगलवारन्यूजीलैंडबांग्लादेशईस्ट लंदन
    13 अक्टूबर, बुधवारइंग्लैंडश्रीलंकाविंडहोक
    13 अक्टूबर, बुधवारसाउथ अफ्रीकाक्वालिफायर Bपार्ल
    14 अक्टूबर, गुरुवारभारतअफगानिस्तानसेंचुरियन
    15 अक्टूबर, शुक्रवारपाकिस्तानक्वालिफायर Aब्लोमफोंटेन
    15 अक्टूबर, शुक्रवारजिम्बाब्वेऑस्ट्रेलियाहरारे
    16 अक्टूबर, शनिवारश्रीलंकाबांग्लादेशडरबन
    16 अक्टूबर, शनिवारसाउथ अफ्रीकाइंग्लैंडगकेबरहा
    17 अक्टूबर, रविवारभारतक्वालिफायर Aब्लोमफोंटेन
    17 अक्टूबर, रविवारन्यूजीलैंडक्वालिफायर Bहरारे
    18 अक्टूबर, सोमवारऑस्ट्रेलियाअफगानिस्तानईस्ट लंदन
    19 अक्टूबर, मंगलवारजिम्बाब्वेपाकिस्तानहरारे
    19 अक्टूबर, मंगलवारसाउथ अफ्रीकाबांग्लादेशडरबन
    20 अक्टूबर, बुधवारन्यूजीलैंडश्रीलंकाजोहानिसबर्ग
    20 अक्टूबर, बुधवारइंग्लैंडक्वालिफायर Bहरारे
    21 अक्टूबर, गुरुवारअफगानिस्तानक्वालिफायर Aईस्ट लंदन
    22 अक्टूबर, शुक्रवारऑस्ट्रेलियापाकिस्तानपार्ल
    22 अक्टूबर, शुक्रवारसाउथ अफ्रीकाश्रीलंकाजोहानिसबर्ग
    23 अक्टूबर, शनिवारइंग्लैंडन्यूजीलैंडगकेबरहा
    23 अक्टूबर, शनिवारबांग्लादेशक्वालिफायर Bसेंचुरियन
    24 अक्टूबर, रविवारजिम्बाब्वेभारतविक्टोरिया फॉल्स
    25 अक्टूबर, सोमवारA2B3जोहानसबर्ग
    26 अक्टूबर, मंगलवारB1A3गकेबरहा
    27 अक्टूबर, बुधवारB2AB4सेंचुरियन
    28 अक्टूबर, गुरुवारA1A2विक्टोरिया फॉल्स
    29 अक्टूबर, शुक्रवारB1B3ईस्ट लंदन
    30 अक्टूबर, शनिवारA3AB4विक्टोरिया फॉल्स
    31 अक्टूबर, रविवारB2A1जोहानिसबर्ग
    1 नवंबर, सोमवारA2B1विक्टोरिया फॉल्स
    2 नवंबर, मंगलवारB3AB4केपटाउन
    3 नवंबर, बुधवारB2A3डरबन
    4 नवंबर, गुरुवारA1B1पार्ल
    5 नवंबर, शुक्रवारA2AB4डरबन
    6 नवंबर, शनिवारB2B3ब्लोमफोंटेन
    7 नवंबर, रविवारA1A3केपटाउन
    8 नवंबर, सोमवारB1AB4डरबन
    9 नवंबर, मंगलवारB2A2गकेबरहा
    10 नवंबर, बुधवारA3B3ब्लोमफोंटेन
    11 नवंबर, गुरुवारA1AB4गकेबरहा
    12 नवंबर, शुक्रवारB2B1केपटाउन
    13 नवंबर, शनिवारA2A3ब्लोमफोंटेन
    14 नवंबर, रविवारA1B3डरबन
    17 नवंबर, बुधवारसेमीफाइनल 1—–केपटाउन
    18 नवंबर, गुरुवारसेमीफाइनल 2—–सेंचुरियन
    21 नवंबर, रविवारफाइनल—–जोहानिसबर्ग

     

  • स्वच्छ गंगा: योगी सरकार के प्रयासों से आर्द्रभूमि संरक्षण को नई दिशा, गंगा पुनर्जीवन के लिए तेज हुआ वैज्ञानिक प्रबंधन

    स्वच्छ गंगा: योगी सरकार के प्रयासों से आर्द्रभूमि संरक्षण को नई दिशा, गंगा पुनर्जीवन के लिए तेज हुआ वैज्ञानिक प्रबंधन

    स्वच्छ गंगा: योगी सरकार के प्रयासों से आर्द्रभूमि संरक्षण को नई दिशा, गंगा पुनर्जीवन के लिए तेज हुआ वैज्ञानिक प्रबंधन

    यूपी में आर्द्रभूमियों के संरक्षण का व्यापक अभियान, 22 उच्च प्राथमिकता वाली आर्द्रभूमियां अधिसूचित

    आर्द्रभूमि संरक्षण से मजबूत होगी गंगा की सेहत, तीन जिलों में 5.36 करोड़ की परियोजनाओं पर काम

    275 आर्द्रभूमियों का सर्वे और हेल्थ कार्ड पूरा, अब एकीकृत प्रबंधन योजनाओं पर जोर

    8 आर्द्रभूमियों की प्रबंधन योजनाएं तैयार, अनुमोदन के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भेजने की तैयारी

    भूजल रिचार्ज और प्रदूषण नियंत्रण में अहम भूमिका, आर्द्रभूमियों के संरक्षण से बढ़ेगा नदी तंत्र का स्वास्थ्य

    लखनऊ
     योगी सरकार में उत्तर प्रदेश में आर्द्रभूमि संरक्षण को केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित रखने के बजाय इसे गंगा पुनर्जीवन, जल सुरक्षा और स्थानीय पारिस्थितिकी से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में गंगा नदी के किनारे स्थित 22 उच्च प्राथमिकता वाली आर्द्रभूमियों को विधिवत अधिसूचित किया जा चुका है। अब इनके वैज्ञानिक और समन्वित प्रबंधन के लिए एकीकृत प्रबंधन योजनाओं (आईएमपी) को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में 8 आर्द्रभूमियों के प्रबंधन प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं, जिनकी समीक्षा चल रही है और इन्हें जल्द अनुमोदन के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भेजा जाएगा।

    राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह ने कहा कि आर्द्रभूमियों को कानूनी संरक्षण मिलने से इनके संरक्षण, पुनर्स्थापन और वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए संस्थागत आधार मजबूत हुआ है। एकीकृत प्रबंधन योजनाओं में आर्द्रभूमि के प्राकृतिक आवास का पुनर्स्थापन, प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय लोगों की भागीदारी जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका सीधा संबंध गंगा और उसकी सहायक नदियों के नदी तंत्र को मजबूत करने से है।

    तीन जिलों में 5.36 करोड़ की परियोजनाएं
    वर्तमान में मुजफ्फरनगर, प्रयागराज और बलिया में आर्द्रभूमि विकास की परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से वित्तीय सहायता मिल रही है और तीनों परियोजनाओं की कुल लागत 5.36 करोड़ रुपये है। प्रयागराज में नुमईया दह झील एवं खेड़ुवा ताल, बलिया में दहताल रेवती और मुजफ्फरनगर में कालेवाला झील को लेकर अलग-अलग संरक्षण एवं विकास कार्य किए जा रहे हैं।

    प्रयागराज की 591.78 हेक्टेयर क्षेत्र वाली आर्द्रभूमि में आर्द्रभूमि स्वास्थ्य सुधार, प्रदूषण नियंत्रण और जैव विविधता संरक्षण के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी से आवास पुनर्स्थापन व जल गुणवत्ता सुधार पर काम हो रहा है। बलिया की 34.70 हेक्टेयर दहताल रेवती में जल संचयन संरचनाओं को मजबूत करने, तटवर्ती पौधरोपण और भूजल पुनर्भरण से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। वहीं मुजफ्फरनगर की 88.36 हेक्टेयर कालेवाला झील में प्रदूषण नियंत्रण, तटवर्ती क्षेत्र संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन उपाय लागू किए जा रहे हैं।

    275 आर्द्रभूमियों का सर्वे पूरा
    प्रदेश में गंगा तटवर्ती 27 जिलों में 10 किलोमीटर की सीमा के भीतर स्थित कुल 275 आर्द्रभूमियों का सूचीकरण, दस्तावेजीकरण और हेल्थ कार्ड तैयार करने का कार्य पूरा हो चुका है। इनके लिए इंटीग्रेटेड वेटलैंड मैनेजमेंट प्लान का निरूपण भी किया गया है। जानकारी के अनुसार 231 आर्द्रभूमियां गंगा के अलग-अलग नदी-खंडों में शामिल हैं, जिसमें बिजनौर से रामगंगा संगम तक 93, रामगंगा संगम से गोमती संगम तक 106 और गोमती संगम से घाघरा संगम तक 32 आर्द्रभूमियां हैं।

    भूजल और नदी तंत्र को मिलेगा लाभ
    आर्द्रभूमियां प्राकृतिक रूप से पानी को रोकने, प्रदूषकों को छानने और भूजल पुनर्भरण में मदद करती हैं। इनके संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन से जल सुरक्षा मजबूत होने के साथ जैव विविधता और स्थानीय पारिस्थितिकी को भी लाभ मिलता है। यही वजह है कि इन क्षेत्रों को गंगा पुनर्जीवन की व्यापक कार्ययोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है।

    आठ नई योजनाओं पर आगे बढ़ेगा काम
    राज्य स्वच्छ गंगा मिशन (उत्तर प्रदेश) के यूनिट हेड नॉलेज एंड प्लानिंग मिथिलेश कुमार (पद) ने बताया कि बदायूं, बुलंदशहर, कानपुर नगर, उन्नाव और मुजफ्फरनगर की आठ आर्द्रभूमियों के आईएमपी प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं। इनमें बदायूं की पिपरौल पुख्ता और खैरपुर खैराती, बुलंदशहर की मोहम्मदपुर मुबारकपुर, कानपुर नगर की जैसरमऊ, उन्नाव की कुशराजपुर और मेला रामकुंवर तथा मुजफ्फरनगर की चौरावाला और मिलाखेड़ी शामिल हैं। इन प्रस्तावों की समीक्षा के बाद इन्हें अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इस तरह आर्द्रभूमियों को कानूनी संरक्षण देने, उनका वैज्ञानिक आकलन करने और मौके पर संरक्षण परियोजनाएं चलाने की प्रक्रिया उत्तर प्रदेश में गंगा पुनर्जीवन के साथ जल सुरक्षा, भूजल संरक्षण, जैव विविधता और स्थानीय आजीविका को जोड़ रही है।

    22 अधिसूचित आर्द्रभूमियां, 10 जिलों में करीब 409.63 हेक्टेयर
    उच्च प्राथमिकता वाली कुल 22 अधिसूचित आर्द्रभूमियां 10 जिलों में दर्ज हैं। इनमें अलीगढ़ की मुरारखास प्रेतनगर, सिसई और सीकरी आर्द्रभूमियां, कासगंज की बस्तौली-ब्रह्मपुर, सिकंदरपुर खुर्द और रामनछौनी, बदायूं की पिपरौल पुख्ता और खैरपुर खैराती, उन्नाव की मेला रामकुंवर और कुशराजपुर तालाब, प्रयागराज की बड़ा तालाब, उपरिहा तालाब और नुमाईया दाही झील, फर्रुखाबाद की कुठिला झील, खरगपुर खंडौली और रामपुर टफरपुर आर्द्रभूमि, कानपुर नगर की जैसरमऊ, चंदौली की बबरना, बुलंदशहर की मोहम्मदपुर मुबारकपुर, मुजफ्फरनगर की मिलाखेड़ी व चौरावाला तालाब और भदोही की समदा ताल आर्द्रभूमि शामिल हैं। इन 22 अधिसूचित आर्द्रभूमियों का कुल क्षेत्रफल लगभग 409.63 हेक्टेयर है।