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  • सिक्स पैक से नहीं मिलती असली फिटनेस, विद्युत जामवाल ने बताए फिट रहने के सही मायने

    सिक्स पैक से नहीं मिलती असली फिटनेस, विद्युत जामवाल ने बताए फिट रहने के सही मायने

    फिटनेस का नाम आप हर दिन सुनते हैं। हर किसी को फिट रहना चाहिए, हर किसी को फिट दिखना चाहिए, लेकिन क्या कभी सोचा है कि फिट होने का असली मतलब क्या है। क्या पतला होना, जिम जाना, एब्स बना लेना, बाइसेप्स बना लेना फिटनेस पाना है? या फिर हम सभी एक झूठी फिटनेस के पीछे भाग रहे हैं, इसके बारे में जानना हर किसी के लिए जरूरी है, तभी सच्ची फिटनेस पाई जा सकती है। फिटनेस का असली मतलब बॉलीवुड के सबसे फिट एक्टर में से एक विद्युत जामवाल ने कई बार बताया है। उनके अलग-अलग इंटरव्यू से लिए गए ये हेल्थ कोट्स आपके लिए प्रेरणास्त्रोत बन सकते हैं।

    असली मकसद फिट होना है
    एक इंटरव्यू में विद्युत जामवाल कहते हैं, 'दिल्ली एक फूड कैपिटल है, लेकिन अपनी भूख के चलते ओवरईट ना करें। मॉडरेशन बहुत आवश्यक है। अपने पेट को खिलाएं, ना कि आंखों को और याद रखें, असली मकसद फिट होना है, सिर्फ वजन कम करना नहीं।'
    हर पार्टी में लोग एक दूसरे को बोलते हैं

    हर पार्टी में लोग एक दूसरे को बोलते हैं
    स्लिम-ट्रिम कल्चर के बारे में एक्टर कहते हैं, 'हर पार्टी में लोग एक दूसरे को बोलते हैं – वाह, तुम्हारा वजन कम हो गया है, तुम बहुत अच्छे दिख रहे हो। लेकिन फिटनेस का पतले होने से कोई लेना देना नहीं है और मोटा होना पाप नहीं है। फिटनेस का यह बदलता हुआ आइडिया काफी चिंताजनक है और हॉट व हैपनिंग होने के लिए हर किसी का पतला और टोन दिखने का ऑब्सेशन डिस्टर्ब करता है। फिटनेस का मतलब है कि आप अंदर से और मानसिक रूप से खुश हैं या नहीं। मैं ऐसे कुछ पुरुषों को जानता हूं, जो 8 पैक एब्स के साथ दुखी हैं। मैं उन्हें अनफिट मानता हूं।'

    फिटनेस को एक लाइफस्टाइल कमिटमेंट की तरह
    'हर किसी को फिटनेस को एक लाइफस्टाइल कमिटमेंट की तरह अपनाना चाहिए, ना कि केवल अस्थाई फैशन या फैड की तरह। अगर आपके सिक्स पैक हैं, लेकिन आपकी फिटनेस अच्छी नहीं है तो उन सिक्स पैक एब्स का कोई फायदा नहीं है।'

    फिटनेस एक ह्यूमन ड्यूटी है
    'मेरे लिए फिटनेस एक ह्यूमन ड्यूटी है। यह शरीर की हर कोशिका को जगाने और उसका इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी है। यह केवल डिसिप्लिन की बात नहीं है, यह अपने आप को एक बेहतरीन इंसान में बदलने के बारे में है, जो हरदम खुशहाल स्थिति में काम करने को तैयार रहता है। यह एक ऐसा रीबूट है, जिसके बाद आप और भी ज्यादा मजबूत होकर लौटते हैं।'

    जब तोंद निकल आती है
    'हम भारतीय बहुत खाते हैं। जब हमारी तोंद निकल आती है तो इससे हमारी पूरी बॉडी गिर जाती है। समझदारी से खाना फिट रहने में मदद करता है। इसलिए सुबह जब मैं ट्रेनिंग के लिए जाता हूं तो एक कटोरी म्यूस्ली खाकर जाता हूं।'

  • हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा गोरखपुर: डॉ. आरपी शुक्ला

    हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा गोरखपुर: डॉ. आरपी शुक्ला

    हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा गोरखपुर: डॉ. आरपी शुक्ला
     
    आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर के लोकार्पण समारोह में वक्ताओं ने गिनाए स्वास्थ्य सेवाओं में आए बदलाव
     
    एम्स आने के बाद पूर्वांचल के साथ बिहार और नेपाल से भी इलाज के लिए पहुंच रहे लोग
     
    गोरखपुर

     आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. आरपी शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं को जिस ऊंचाई पर पहुंचाया है, वह अभूतपूर्व है। गोरखपुर में जापानी इंसेफेलाइटिस सहित विभिन्न बीमारियों का इलाज अब आसानी से मिल रहा है। एम्स आने के बाद गोरखपुर हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा है।
     
    आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर के लोकार्पण समारोह में डॉ. शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने ब्लड बैंक के निदेशक डॉ. अवधेश अग्रवाल और अन्य चिकित्सकों का भी स्वागत करते हुए कहा कि आईएमए के माध्यम से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।
     
    डॉ. शुक्ला ने कहा कि मेडिकल छात्रों को दोगुना स्टाइपेंड मिल रहा है। मानसिक दिव्यांगों के लिए संस्थान संचालित हो रहा है। प्रदेश टीबी और कैंसर के इलाज में लगातार प्रगति कर रहा है। सरकारी चिकित्सालयों में रोबोटिक सर्जरी, आधुनिक जांच और अंग प्रत्यारोपण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
     
    पहले डॉक्टरों का होता था अपहरण: विपिन सिंह
    विधायक विपिन सिंह ने कहा कि पहले गोरखपुर में आए दिन डॉक्टरों के अपहरण की घटनाएं होती थीं। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुरक्षा के लिए खड़े हैं। पूर्वांचल के साथ नेपाल और बिहार से भी लोग इलाज के लिए गोरखपुर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर को सजाया और संवारा है। उनके नेतृत्व में हुए विकास के कारण शहर में जमीन की कीमत भी बढ़ी है।
     
    बहुत दिनों की प्रतीक्षा को लगा विराम: महापौर
    महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिनंदन करते हुए कहा कि आईएमए के ब्लड सेंटर के शुरू होने से बहुत दिनों की प्रतीक्षा को विराम लगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को सभी का अभिभावक बताते हुए आभार जताया। कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की स्थिति से निकलकर आगे बढ़ा है।

  • सपा पर हमलावर हुए संजय निषाद, बोले- कांग्रेस की बैसाखी भी नहीं जुटा पा रही पार्टी, निषाद समाज भूला नहीं कसरवल कांड

    सपा पर हमलावर हुए संजय निषाद, बोले- कांग्रेस की बैसाखी भी नहीं जुटा पा रही पार्टी, निषाद समाज भूला नहीं कसरवल कांड

    सपा पर हमलावर हुए संजय निषाद, बोले- कांग्रेस की बैसाखी भी नहीं जुटा पा रही पार्टी, निषाद समाज भूला नहीं कसरवल कांड

    'हक मांगने पर गोलियां चलवाईं, अब हितैषी बनने का ढोंग'- सपा पर संजय निषाद का वार

    'सपा के अपने लोग टूटने की कगार पर', संजय निषाद का बड़ा राजनीतिक दावा

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने सपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग दूसरों पर टिप्पणी कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।

    संजय निषाद ने कहा कि जिनके घर शीशे के बने होते हैं वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते। उन्होंने सपा नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि निषाद पार्टी के भविष्य पर अनर्गल टिप्पणी और अफवाह फैलाने के बजाय सपा को अपनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी को मिलने वाली सीटों की चिंता करने के बजाय सपा पहले कांग्रेस के साथ अपने सीट बंटवारे का फैसला कर ले।

    कांग्रेस की बैसाखी का जुगाड़ नहीं कर पाई सपा

    कैबिनेट मंत्री ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के अपने लोग टूटने की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी को सपा की किसी बैसाखी की जरूरत नहीं है, जबकि सपा अब तक कांग्रेस की बैसाखी का भी जुगाड़ नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि एनडीए में निषाद पार्टी का गठबंधन बराबरी और हिस्सेदारी का गठबंधन है।

    कसरवल कांड पर सपा को घेरा

    संजय निषाद ने कसरवल कांड का जिक्र करते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कसरवल कांड में निषाद समाज के निर्दोष लोगों पर गोलियां चलवाई गई थीं। उन्होंने कहा कि निषाद समाज अपने शहीदों का बलिदान और उन पर हुए अत्याचार को कभी नहीं भूला है। उन्होंने आरोप लगाया कि हक मांगने पर गोलियां चलवाने वाले लोग आज समाज के हितैषी बनने का ढोंग कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि मछुआरा समाज के खून में राजनीति और स्वाभिमान है। यह समाज केवल बराबरी की भागीदारी में विश्वास रखता है। संजय निषाद ने कहा कि मुगलों और अंग्रेजों से लोहा लेने वाले इस वीर समाज ने कभी किसी के लिए केवल दरी बिछाने की राजनीति नहीं की।

    राजनीतिक भविष्य के सवालों का दिया जवाब

    संजय निषाद ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी या उनके राजनीतिक भविष्य की चिंता करने के बजाय समाजवादी पार्टी को अपना वजूद बचाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि संजय निषाद कहां जाएंगे, बल्कि यह है कि खुद शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव कहां जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी लगातार सिकुड़ रही है, जबकि निषाद पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने “जय निषाद राज” का नारा भी दिया।

  • इंग्लैंड ने श्रीलंका को 119 रन से रौंदा, ब्रूक के शतक के बाद बटलर ने रोहित को पछाड़ा

    इंग्लैंड ने श्रीलंका को 119 रन से रौंदा, ब्रूक के शतक के बाद बटलर ने रोहित को पछाड़ा

    साउथैप्टन
    इंग्लैंड ने 3 टी20 मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका को 119 रन के बड़े अंतर से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली। इंग्लैंड की जीत में कप्तान हैरी ब्रूक के शतक और जोस बटलर की विस्फोटक 80 रन की पारी का अहम योगदान रहा। सलामी बल्लेबाजी करने उतरे बटलर ने सिर्फ 44 गेंदों का सामना किया और 8 चौकों के अलावा तीन छक्के मारे।

    बटलर ने रोहित को पछाड़ा
    जोस बटलर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। 161 मैच खेल चुके जोस बटलर के नाम 4292 रन हो गए हैं। उन्होंने 34 की औसत औऱ 149 की स्ट्राइक रेट से ये सन बनाए हैं। वहीं पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के नाम 4231 रन हैं। 159 मैच खेलने वाले रोहित ने 2024 टी20 विश्व कप जीतने के बाद संन्यास ले लिया था। 4596 रन के साथ पाकिस्तान के बाबर आजम टॉप पर हैं। भारत के खिलाफ जुलाई में टी20 सीरीज के दौरान बटलर ने विराट कोहली को पछाड़ा था।

    टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन
    खिलाड़ी              देश                मैच       रन        स्ट्राइक रेट     औसत
    बाबर आजम      पाकिस्तान     145     4596     128.02     38.94
    जोस बटलर         इंग्लैंड           161     4292     149.44     34.33
    रोहित शर्मा         भारत            159     4231     140.89     32.05
    विराट कोहली      भारत           125     4188     137.04     48.69
    पॉल स्टर्लिंग      आयरलैंड       163     3895     134.35     26.31

    इंग्लैंड ने 254 रन ठोक दिए
    श्रीलंका ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और 20 ओवर में 4 विकेट पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। बटलर अपने शतक का मौका जरूर चूक गए, लेकिन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे कप्तान हैरी ब्रूक ने 49 गेंदों पर नाबाद 114 रन की पारी खेली। उन्होंने 6 छक्कों और 10 चौकों मारे।

    255 रन के बड़े लक्ष्य के दबाव में श्रीलंका की पूरी टीम 19 ओवर में 135 रन पर सिमट गई और 119 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई। श्रीलंका के लिए सबसे ज्यादा 33 रन दुनिथ वेलालागे ने बनाए। इंग्लैंड की तरफ से सनी बाकेर ने 4 ओवर में 12 रन देकर 3 विकेट लिए। लियाम डॉसन और जेमी ओवरटन ने 2-2 विकेट मिले।

  • शहडोल है खेल की दुनिया उभरता सितारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    शहडोल है खेल की दुनिया उभरता सितारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    शहडोल है खेल की दुनिया उभरता सितारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    बीते 15 सालों से शहडोल की बास्केटबॉल टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता के शुभारंभ को वीसी से संबोधित कर खिलाड़ियों की दीं शुभकामनाएं

    शहडोल में हो रही है बास्केटबॉल प्रतियोगिता, 10 टीमों के 240 खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश के जनजातीय अंचल यह साबित कर रहे हैं कि प्रतिभा शहरों की ही मोहताज नहीं होती। शहडोल, जिसकी पहचान मिनी ब्राजील के रूप में है, आज उसी शहडोल में बास्टकेटबॉल का कुंभ सजा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल खेल की दुनिया का उभरता हुआ सितारा है। यहां का विचारपुर गांव आज फुटबॉल की नर्सरी और 'मिनी ब्राजील' के रूप में देश-दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स, कबड्डी और वॉलीबॉल के साथ बास्केटबॉल भी जिले के युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विचारपुर जैसे आदिवासी अंचल से खिलाड़ियों का प्रशिक्षण लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना यह साबित करता है कि प्रतिभा गांवों और छोटे क्षेत्र में भी मौजूद है। शहडोल ने खेलो एमपी और यूथ गेम्स जैसी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई है। शहडोल ने प्रदेश को अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और भावी खिलाड़ियों को प्रेरणा देने का काम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से शहडोल जिले में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कराई जा रही 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को वीसी से संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल संभाग का बास्केटबॉल से पुराना और गौरवशाली रिश्ता रहा है, यहां के अनेक खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रौशन किया है। खिलाड़ियों के पास संसाधन भले सीमित थे, लेकिन उनका बास्केटबॉल के प्रति उत्साह कम नहीं था। इसी जुनून का परिणाम है कि आज शहडोल में तीन बास्केटबॉल कोर्ट उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में शहडोल की बास्केटबॉल टीम ने राज्य स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय स्कूली बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं में भी शहडोल के खिलाड़ियों ने पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शालेय खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में बाल्यकाल से ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और टीम भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि खेल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन मात्र न होकर बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को निखारने का महत्वपूर्ण साधन भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब कोई युवा खिलाड़ी मैदान में पसीना बहाता है, तो वह आगे चलकर सिर्फ़ अपना नहीं, पूरे देश-प्रदेश-जिले का नाम रौशन करता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी संभागों से प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचे शालेय बास्केटबॉल खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 10 संभागों के 17 वर्ष तक की आयु के कुल 240 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023-24 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद वर्ष 2024-25 में शहडोल को राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी मिली थी। यह पूरे जिले के लिए अत्यंत गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने युवा खिलाड़ियों से कहा कि मैदान में उतरना ही जीत की पहली सीढ़ी है। इसलिए हारने-जीतने की भावना से कम खेलने और सीखने की भावना से ज्यादा खेले। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में देश में खेलों को लेकर एक नया उत्साह आया है। आज भारत खेलों में जीतने के लिए मैदान में उतरने वाला देश बन चुका है। ओलंपिक, एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर हमारे खिलाड़ी लगातार देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। खेलो इंडिया और फिट इंडिया अभियानों से गांव और छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी आगे आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में भी प्रयासरत है। मध्यप्रदेश के खिलाड़ी भी भारत का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार 'खेलो एम.पी. यूथ गेम्स' का सफल आयोजन हुआ।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले वर्ष 2027 को मध्यप्रदेश में 'युवा वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्टार्टअप, खेल और नेतृत्व विकास पर विशेष ध्यान रहेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से आहवान किया कि मिल-जुलकर खेलिए और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाइए।

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी वीसी के जरिए खिलाड़ियों को संबोधित कर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपत्तिया उइके, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

    शहडोल में हो रही स्पर्धा के मुख्य कार्यक्रम स्थल में विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष सुप्रभा मिश्रा, जनपद अध्यक्ष सोहागपुर सुहीरावती कोल, नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, सुअमिता छपरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी उपस्थित थे।

     

  • ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ पर बड़ा एक्शन, केंद्र ने UAPA के तहत घोषित किया आतंकी संगठन

    ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ पर बड़ा एक्शन, केंद्र ने UAPA के तहत घोषित किया आतंकी संगठन

    नई दिल्ली

    केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से संचालित 'शहज़ाद भट्टी नेटवर्क' पर बड़ा ऐक्शन लेते हुए उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन घोषित किया है। बुधवार (16 सितंबर) को गृह मंत्रालय (MHA) ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि 'शहज़ाद भट्टी नेटवर्क' को गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया जाता है। गृह मंत्रालय ने कहा कि यह समूह हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की सीमा-पार तस्करी में शामिल है, साथ ही यह युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद की ओर उकसाता भी है।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय की तरफ से सोशल मीडिया एक्स पर एक आधिकारिक पोस्ट में कहा गया है, “आतंकवाद के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस (सख्त रुख) की प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की सोच को आगे बढ़ाते हुए, गृह मंत्रालय ने UAPA के तहत शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित किया है। यह समूह हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की सीमा-पार तस्करी में शामिल है और युवाओं तथा छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद के लिए उकसाता है। भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सद्भाव को निशाना बनाते हुए, यह सिंडिकेट नफरत फैलाने वाला डिजिटल कंटेंट भी प्रकाशित करता था।”

    क्या है शाहजाद भट्टी नेटवर्क?
    गृह मंत्रालय के अनुसार, ‘शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क (SBN)’ एक ऐसा संगठन है जिसका मकसद भोले-भाले युवाओं और स्थानीय अपराधियों को शामिल करके सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी करना है। साथ ही, आतंकवादी गतिविधियों के ज़रिए देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, सांप्रदायिक सद्भाव और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करना भी इसका मकसद है। इस साल के जश्न-ए-आजादी से ठीक पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान से संचालित होने वाले इस आतंकी नेटवर्क के खिलाफ 14 राज्यों में एक साथ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी और उसके 200 से अधिक गुर्गों को गिरफ्तार किया था।

    मंत्रालय के मुताबिक, 'शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क (SBN)’ हिंसक गतिविधियों के ज़रिए आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ती है। साथ ही, यह संगठन भड़काऊ संदेश फैलाने के लिए अलग-अलग डिजिटल कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा है, जो देश की अखंडता के लिए एक बड़ी चुनौती है। यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए देश भर में हिंसा और जासूसी का नेटवर्क फैलाता था। ये नेटवर्क इंस्टाग्राम-फेसबुक से 'आतंकी भर्ती' करता था। उसके निशाने पर जेन-जी यानी 18 से 23-30 साल तक के बेरोजगार युवक हुआ करते थे।

  • डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, समाज की सेवा करना असली लक्ष्य – उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा

    डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, समाज की सेवा करना असली लक्ष्य – उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा

    डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, समाज की सेवा करना असली लक्ष्य – उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा

    मेडिकल कॉलेज कवर्धा में नए शैक्षणिक सत्र का हुआ शुभारंभ

    उप मुख्यमंत्री और सांसद ने विद्यार्थियों का किया स्वागत, विद्यार्थियों से जानी तैयारी और सफलता की कहानी

    पहले दिन गले में स्टेथोस्कोप, कंधे पर एप्रॉन… आंखों में डॉक्टर बनने का सपना, प्रथम बैच की शुरू हुई पढ़ाई

    रायपुर, 
      उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपने बड़ा लक्ष्य रखा और डॉक्टर बनने का सपना देखा, लेकिन डॉक्टर बनना ही अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। लक्ष्य केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि निरंतर आगे बढ़ने की यात्रा है। हमारा उद्देश्य केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि डॉक्टर बनकर समाज के लिए अच्छा कार्य करना होना चाहिए। 

            कबीरधाम जिले की चिकित्सा शिक्षा के इतिहास में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। शासकीय मेडिकल कॉलेज कवर्धा में प्रथम शैक्षणिक सत्र और प्रथम बैच की पढ़ाई का शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा और सांसद संतोष पाण्डेय ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का एप्रॉन, स्टेथोस्कोप, पेन और गुलाब का फुल देकर स्वागत किया। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपने नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत की। मेडिकल कॉलेज के इतिहास के इस पहले दिन विद्यार्थियों ने अतिथियों के साथ अपने संघर्ष, तैयारी और सपनों को साझा किया। 

           उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि जिस परिवार और समाज ने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है, उसके प्रति सेवा का भाव हमेशा बनाए रखना चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने लक्ष्य की तैयारी निरंतर जारी रखें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान अनावश्यक तनाव नहीं होना चाहिए। सफलता किसी एक व्यक्ति का परिणाम नहीं होती, बल्कि परिवार और सभी के संयुक्त प्रयासों से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे डॉक्टर बनने और समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।
            
           सांसद संतोष पाण्डेय ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से कवर्धा में मेडिकल कॉलेज के प्रथम बैच का शुभारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है।

            कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कहा कि विद्यार्थियों ने कठिन मेहनत के बाद यहां तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की है, लेकिन यह अंत नहीं, बल्कि शुभारंभ है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति डॉक्टर के पास आता है, तो उसके मन में स्वस्थ होने की उम्मीद होती है। इसलिए चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा भाव और संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए। 

    उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से किया संवाद, जानी तैयारी और सफलता की कहानी

            प्रथम बैच के विद्यार्थियों के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, पढ़ाई की दिनचर्या, कोचिंग के अनुभव और प्रवेश परीक्षा के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी खुलकर अपनी तैयारी और सफलता की कहानी साझा की। किसी ने ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से तैयारी की, तो किसी ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन को आधार बनाया।

    पिता ने कभी निराश नहीं होने दिया

            संवाद के दौरान राजनांदगांव निवासी अतिथि देवांगन दूसरे प्रयास में सफल हुईं। उन्होंने बताया कि पिता ने कभी निराश नहीं होने दिया, बल्कि गलतियों को पहचानकर सुधार करने और लगातार प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया। वहीं भूपेंद्र सिंह ने ऑनलाइन कोचिंग से तैयारी की, जबकि कवर्धा के धरमपुरा निवासी आकाश धुर्वे ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन कर सफलता हासिल की। भिलाई निवासी हर्षिता तीसरे प्रयास में सफल हुईं। भिलाई निवासी अंशिता सिंह के पिता ने बताया कि बेटी की तैयारी में उन्होंने मार्गदर्शन के साथ मॉक टेस्ट में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि भिलाई का पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल भी तैयारी में सहायक रहा। 

            उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से यह भी जाना कि वे प्रतिदिन कितने घंटे पढ़ाई करते थे और किताबों तथा डिजिटल स्क्रीन का कितना उपयोग करते थे। विद्यार्थियों ने बताया कि वे करीब 8 घंटे पुस्तकों से और 3 से 4 घंटे डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से पढ़ाई करते थे। एक विद्यार्थी ने किताब और स्क्रीन के उपयोग का अनुपात 50-50 प्रतिशत बताया। ऑनलाइन कक्षाओं के कारण कुछ विद्यार्थियों को रोज 7 से 8 घंटे तक स्क्रीन पर पढ़ाई करनी पड़ती थी। संवाद के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्रवेश परीक्षा के अनुभव भी पूछे। विद्यार्थियों ने परीक्षा के स्तर, तैयारी के दौरान आई चुनौतियों और सफलता तक पहुंचने के अपने अनुभव साझा किए।         इस अवसर पर राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, अधिष्ठाता डॉ प्रतिभा जैन शाह, सीएमएचओ डॉ देवेन्द्र तूरे सहित जनप्रतिनिधि और डॉक्टर उपस्थित रहे।

  • MP में फर्जी पासपोर्ट रैकेट का खुलासा, 17 लाख में 70 बांग्लादेशियों के दस्तावेज बनाने का आरोप

    MP में फर्जी पासपोर्ट रैकेट का खुलासा, 17 लाख में 70 बांग्लादेशियों के दस्तावेज बनाने का आरोप

    ग्वालियर/ भोपाल
    धर्म की आड़ में फर्जी पासपोर्ट (MP fake passport racket) बनवाने का खेल ठेके पर चल रहा था। एसटीएफ की गिरफ्त में आए रियाल चौधरी सहित चार आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि पांच जिलों ग्वालियर, भोपाल, पांढुर्ना, छिंदवाड़ा और बैतूल- से 70 बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट बनवाने करीब 17.50 लाख रुपए दलालों और सरकारी अमले को घूस दी गई। चोरी-छिपे बॉर्डर पार कराने से लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और सरकारी मुहर लगवाने हर कदम पर रुपए दिए गए।

    25-30 हजार में बन रहे थे फर्जी पासपोर्ट
    जांच में पता चला है कि अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षणिक अंकसूचियां और मूल निवास प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज तैयार करने के बदले दलालों ने प्रति व्यक्ति 15 हजार रुपए वसूले। इसके अलावा इन जाली दस्तावेजों के पुलिस सत्यापन और सरकारी कार्यालयों से मुहर लगवाने के नाम पर 5-5 हजार रुपए अलग से खर्च किए गए।

    शेष पांच से दस हजार रुपए रकम दलालों और सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों के कमीशन के रूप में बंटी। कुल मिलाकर प्रत्येक घुसपैठिए ने 25-30 हजार रुपए खर्च कर भारतीय पासपोर्ट हासिल किए। अकेले डबरा क्षेत्र में एक ही पते पर 17 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनने की बात सामने आई है। हर सरकारी मुहर के लिए 3-3 हजार रुपए की घूस दी गई।

    अब तक मिल चुके हैं 70 फर्जी पासपोर्ट

    बता दें कि अभी तक भोपाल के अन्नानगर बौद्ध मठ से बने 40 सहित पांच जिलों से बने 70 फर्जी पासपोर्ट मिल चुके हैं। इनकी संख्या 200 तक हो सकती है। अन्नानगर मठ के आसपास रहने वाले लोगों ने एसटीएफ को बताया है कि रियाल चौधरी लगभग डेढ़ वर्ष से यहां रह रहा था।

    ऐसे रची गई थी साजिश
    इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड रियाल चौधरी (Riyal Chaudhary) खुद एक अवैध बांग्लादेशी नागरिक है। उसने वर्षों पहले चोरी-छिपे भारतीय सीमा में प्रवेश किया था। लंबे समय तक असम में छिपा रहा। इसके बाद बौद्ध धर्म के अनुयायियों के संपर्क में आकर मध्यप्रदेश में अपना जाल फैलाया। खुद का फर्जी पासपोर्ट बनवाया। इसी ट्रैक का इस्तेमाल कर अन्य घुसपैठियों को भी बॉर्डर पार कराई। फर्जी दस्तावेजों से भारतीय पासपोर्ट दिलवाए।

    सरकारी तंत्र और स्थानीय मददगारों पर शिकंजा
    इस देशविरोधी साजिश में लिप्त स्थानीय मददगारों, नगर निगम, नगर पालिका, राजस्व विभाग, सरपंच, पार्षदों के साथ ही कई पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को भी चिह्नित किया गया है। एसटीएफ इन संदेहियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। नोटिस जारी किए जा रहे हैं। भोपाल एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार फर्जीवाड़े में संलिप्त हर एक चेहरा बेनकाब कर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

    बच्चों को लाने की थी तैयारी
    रियाल की साजिश बांग्लादेश से बच्चों को भोपाल लाकर पढ़ाने, जाली दस्तावेज तैयार कर थाईलैंड, म्यांमार, जापान और कंबोडिया भेजने की थी। मठ के पीछे 40 बच्चों की क्षमता वाला हॉस्टल भी तैयार कराया जा रहा था। वह बच्चों की मदद और विभिन्न कामों के नाम पर स्थानीय लोगों से 5 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक डोनेशन वसूलता था। विदेशी फंडिंग की भी जांच की जा रही है। उसने पासपोर्ट गुम होने का बहाना बनाकर अलग-अलग समय में चार बार पासपोर्ट बनवाए थे।

    जानिए…. किस स्तर पर कितने रुपए दिए गए
    एसटीएफ की जांच में यह भी पता चला है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए दस्तावेज बनवाने के बदले 10 से 15 हजार रुपए प्रति व्यक्ति वसूले गए। पुलिस सत्यापन और सरकारी मुहर लगवाने के नाम पर पांच हजार रुपए अलग से खर्च किए गए। दलालों और सिंडिकेट के कमीशन को मिलाकर हर घुसपैठिए ने 25 हजार से 30 हजार रुपए खर्च कर भारतीय पासपोर्ट हासिल किए। अकेले डबरा (ग्वालियर) क्षेत्र में एक ही पते पर 17 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनने की बात सामने आ चुकी है। हर सरकारी मुहर के लिए रिश्वत दी गई।

    इनसे भी पूछताछ
    एसटीएफ ने भोपाल में रियाल के साथ रहने वाले सेवक सुभाष और दस्तावेज तैयार करने वाले कैफे संचालक विजय को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मठ की छानबीन के दौरान राजस्थान के दो भंते भी मिले। उनसे भी पूछताछ की है।

    सरकारी तंत्र और मददगारों पर कसा शिकंजा
    इस देशविरोधी साजिश में लिप्त स्थानीय मददगारों, नगर निगम, राजस्व विभाग, सरपंच, पार्षदों के साथ ही पुलिस सत्यापन से जुड़े 2021 और वर्ष 2022-23 में पदस्थ रहे 15 अधिकारियों की भूमिका संदेह के दायरे में है। एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की गहराई से छानबीन कर रही है। 100 से ज्यादा संदिग्ध पासपोर्ट्स की जांच जारी है।

  • गन्ना किसानों को 102 चीनी मिलों ने किया शत-प्रतिशत भुगतान

    गन्ना किसानों को 102 चीनी मिलों ने किया शत-प्रतिशत भुगतान

    गन्ना किसानों को 102 चीनी मिलों ने किया शत-प्रतिशत भुगतान

    पेराई सत्र (2025-26) 

    23 सहकारी चीनी मिलों ने 2820 करोड़ का किया भुगतान, निजी चीनी मिलों ने भी किया शत-प्रतिशत भुगतान 

    योगी सरकार ने गन्ना किसानों को किया 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान 

    निरंतर सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बना है उत्तर प्रदेश 

    पेराई सत्र (2025-26) में 94.86 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का किया जा चुका भुगतान 

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निरंतर मॉनीटरिंग की बदौलत पेराई सत्र 2025-26 में 102 चीनी मिलों ने गन्ना किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया। वहीं 23 सहकारी चीनी मिलों ने 2820 करोड़ का भुगतान किया। प्रदेश में संचालित राज्य चीनी निगम की तीन मिलों ने पेराई सत्र 2025-26 में 543.51 करोड़ का भुगतान किया है। निजी चीनी मिलों की ओर से भी किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश निरंतर सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बना हुआ है। योगी सरकार ने अब तक गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ का भुगतान किया। उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। पेराई सत्र 2025-26 में 94.86 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है।

    गन्ना, शीरा और एथेनॉल उत्पादन में शीर्ष पर बना है यूपी 
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने किसान कल्याण, चीनी उत्पादन और एथेनॉल में नए आयाम स्थापित किए हैं। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। सरकार ने न केवल गन्ना किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाना प्राथमिकता माना, बल्कि ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अब तक रिकॉर्ड ₹3.25 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित भी किया। 

    94.86 प्रतिशत से अधिक का भुगतान सुनिश्चित
    वर्तमान पेराई सत्र में भी 94.86 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है, जबकि प्रदेश की 102 चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य का शत- प्रतिशत भुगतान कर दिया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश के गन्ना किसानों की औसत आय में ₹40,720 प्रति हेक्टेयर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

    9 वर्ष में चीनी मिलों ने की 9220 लाख टन गन्ने की पेराई
    गन्ना विकास विभाग ने बताया कि विगत नौ वर्ष में प्रदेश की चीनी मिलों ने रिकॉर्ड 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई की गई है। जो इससे पहले के 9 वर्ष की कुल गन्ना पेराई 6168 लाख टन से 3052 लाख टन अधिक है। 9 वर्ष में 879.06 लाख टन चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। 

    सहकारी चीनी मिलों ने किया 100 प्रतिशत भुगतान 
    उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र 2025-26 में सहकारी चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य के रूप में 100 प्रतिशत भुगतान कर दिया है। अनूपशहर, बदायूं, बागपत, बेलरायां, बिलासपुर, बीसलपुर, गजरौला, घोसी, कायमगंज, महमूदाबाद, मोरना, नानपारा, नानौता, पूरनपुर, पुवायां, रमाला, सहारनपुर, सरसावां, सठियांव, सेमीखेड़ा, स्नेह रोड, सुल्तानपुर, तिलहर समेत कुल कुल 23 सहकारी चीनी मिलों ने 2820.89 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया है। 23 सहकारी चीनी मिलों की पेराई क्षमता 65375 टीसीडी है। 

    निजी चीनी मिलों द्वारा किया गया भुगतान 
    पेराई सत्र 2025-26 में निजी चीनों मिलों ने किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। लखनऊ संभाग की मिलों ने सर्वाधिक 6462.19 करोड़ का भुगतान किया। वहीं मुरादाबाद संभाग की मिलों द्वारा 6398.36 करोड़, सहारनपुर संभाग की चीनी मिलों ने 4799.25 करोड़ का भुगतान किया।   
    संभाग   भुगतान प्रतिशत          भुगतान 
    अयोध्या   100 फीसदी             1212.35 करोड़ 
    बरेली    89.25 फीसदी             2315.74 करोड़ 
    देवरिया 97.86 फीसदी              1016.95 करोड़ 
    देवीपाटन   91.63 फीसदी           2249.01 करोड़ 
    गोरखपुर    93.46 फीसदी            749.97 करोड़ 
    लखनऊ    91.34 फीसदी             6462.19 करोड़ 
    मेरठ     94.09 फीसदी              4227.24 करोड़ 
    मुरादाबाद   98.96 फीसदी          6398.36 करोड़ 
    सहारनपुर   94.64 फीसदी       4799.25 करोड़

  • माफिया और मच्छर की तरह समाप्त हो गया इंसेफेलाइटिस : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    माफिया और मच्छर की तरह समाप्त हो गया इंसेफेलाइटिस : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    माफिया और मच्छर की तरह समाप्त हो गया इंसेफेलाइटिस : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    गोरखपुर में आईएमए के चैरिटेबल ब्लड सेंटर का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण
     
    खून बनाया नहीं जा सकता, रक्तदान से जरूरतमंद को मिलता है नया जीवन : मुख्यमंत्री योगी 

     
    साढ़े नौ वर्ष पहले खुद बीमार था बीआरडी, आज स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रमुख केंद्र
     
    75 जिलों में 85 मेडिकल कॉलेज, एमबीबीएस की सीटें 13,500 के पार
     
    पहले डॉक्टरों के अपहरण और रंगदारी के खिलाफ करना पड़ता था आंदोलन
     
    पेशेवर रक्तदाताओं पर प्रभावी अंकुश लगाएं, स्वैच्छिक रक्तदान को दें बढ़ावा
     
     गोरखपुर

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से तड़पते बच्चों और दम तोड़ते बचपन को देखकर हर जागरूक माता-पिता चिंतित रहता था। अब इंसेफेलाइटिस समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा, माफिया और मच्छर की तरह इंसेफेलाइटिस भी समाप्त हो गया है। अब हम नए युग में नए उत्तर प्रदेश का दर्शन कर रहे हैं।
     
    मुख्यमंत्री योगी  तारामंडल स्थित सेठ बद्री प्रसाद जायसवाल मेमोरियल हॉल में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गोरखपुर के चैरिटेबल ब्लड सेंटर के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक, दवाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं, लेकिन खून बनाया नहीं जा सकता। रक्तदान उस संवेदना का प्रतीक है, जिसके माध्यम से एक व्यक्ति किसी जरूरतमंद को नया जीवन देता है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आईएमए केवल प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों की संस्था नहीं है। गोरखपुर में निशुल्क ओपीडी के बाद चैरिटेबल ब्लड सेंटर शुरू करके उसने सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण प्रस्तुत किया है। किसी भी संस्था की वास्तविक पहचान इससे होती है कि वह अपनी विशेषज्ञता का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने में कितना योगदान देती है।
     
    उन्होंने कहा कि 2017-18 में गोरखपुर के सीतापुर आई हॉस्पिटल में आईएमए ने निशुल्क ओपीडी शुरू की थी। इसके बाद आईएमए ने अपने कार्यालय के लिए भूमि मांगी तो गोरखपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से भूखंड उपलब्ध कराने में मदद की गई। आईएमए ने इस भूखंड का बेहतर उपयोग करते हुए चैरिटेबल ब्लड सेंटर स्थापित किया है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश के जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने में योगदान देगा। गोरखपुर में आईएमए से 1400 से अधिक चिकित्सक जुड़े हैं।
     
    एक बेड पर भर्ती रहते थे चार-चार मरीज
    मुख्यमंत्री योगी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज ही इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रमुख केंद्र था। स्थिति यह थी कि एक ही बेड पर चार-चार मरीज तक भर्ती रहते थे। तीसरी मंजिल पर पंखे, शौचालय और दूसरी जरूरी सुविधाओं तक का अभाव था। नौ वर्ष पहले जो बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्वयं अस्वस्थ था, आज वही सुपर स्पेशियलिटी और इंसेफेलाइटिस समेत विभिन्न बीमारियों के उपचार का प्रमुख केंद्र बन गया है।
     
    उन्होंने कहा कि गोरखपुर में एम्स स्थापित हो चुका है। महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं। प्रदेश में 75 जिले हैं, जबकि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 85 हो गई है। दो एम्स भी संचालित हैं। एमबीबीएस की सीटें 4600 से बढ़कर 13,500 से अधिक हो चुकी हैं और पीजी की सीटें दोगुनी हुई हैं। नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा का भी विस्तार किया जा रहा है।
     
    डॉक्टरों के लिए सड़कों पर करना पड़ता था आंदोलन
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक समय प्रदेश के प्रत्येक जिले की पहचान किसी न किसी दुर्दांत माफिया से जुड़ गई थी। गोरखपुर में डॉक्टरों का अपहरण होता था, उनसे रंगदारी मांगी जाती थी, धमकी भरे फोन आते थे और उनके चेंबर में घुसकर मारपीट की जाती थी। इन घटनाओं के खिलाफ उन्हें चिकित्सकों के साथ सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था। आज गोरखपुर के साथ पूरे प्रदेश में चिकित्सक, व्यापारी और नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अब प्रदेश की पहचान माफिया से नहीं बल्कि 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज' के लक्ष्य से बन रही है।
     
    गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय का किया जिक्र
    मुख्यमंत्री योगी ने गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि पहले 10 बेड से अस्पताल शुरू करने की चर्चा हुई थी, लेकिन गोरखपुर के चिकित्सकों के सहयोग से शुरुआत में ही इसे 100 बेड का अस्पताल बनाया गया। इस चिकित्सालय ने दिखाया कि चैरिटी में भी अस्पताल और ब्लड बैंक सफलतापूर्वक संचालित हो सकते हैं। यहां ब्लड सेपरेटर, एफेरेसिस और डायलिसिस जैसी सुविधाएं विकसित हुईं। उन्होंने कहा कि जिस डायलिसिस के लिए कभी लोगों को लखनऊ या बीएचयू जाना पड़ता था, आज गोरखपुर में गुणवत्तापूर्ण सुविधा उपलब्ध है। सरकार ने जिला अस्पतालों में भी निशुल्क डायलिसिस की व्यवस्था शुरू की है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। आईआईटी कानपुर के सहयोग से मेडटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है और एसजीपीजीआई में भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम हो रहा है।
     
    स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं लोग
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रक्त की मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पाती है। इसके लिए चिकित्सकों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों को प्रेरित करना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर समय-समय पर रक्तदान की अपील और जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।
     
    उन्होंने पेशेवर रक्तदाताओं को लेकर भी आगाह किया। कहा कि विभिन्न बीमारियों से ग्रसित पेशेवर रक्तदाताओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया तो संक्रमण का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। ऐसी गतिविधियों को शासन-प्रशासन के संज्ञान में लाने के साथ चिकित्सकों को जागरूकता कार्यक्रमों से भी जुड़ना चाहिए।
     
    मशीनों का निरीक्षण कर जानी कार्यप्रणाली
    इससे पहले मुख्यमंत्री योगी ने चैरिटेबल ब्लड सेंटर में स्थापित अत्याधुनिक मशीनों का निरीक्षण किया। चिकित्सकों से मशीनों के संचालन, रक्त संग्रह, जांच और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद शिलापट्ट का अनावरण कर ब्लड सेंटर का विधिवत लोकार्पण किया।
     
    नन्ही बच्ची को दुलारा, दिया आशीर्वाद
    निरीक्षण के दौरान परिसर में मौजूद एक नन्ही बच्ची पर मुख्यमंत्री योगी की नजर पड़ी। उन्होंने बच्ची से आत्मीयता से बातचीत की, उसका हालचाल पूछा और स्नेह व आशीर्वाद दिया।
     
    चिकित्सकों ने किया स्वागत
    कार्यक्रम में डॉ. दिनेश चंद्रा और डॉ. अमरेश सिंह ने मुख्यमंत्री योगी का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। डॉ. वाई सिंह ने स्मृति चिह्न भेंट किया। आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. आरपी शुक्ल ने मुख्यमंत्री समेत सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चैरिटेबल ब्लड सेंटर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और जरूरतमंद मरीजों तक रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
     
    कार्यक्रम में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ला व विमलेश पासवान, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्त, आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. आरपी शुक्ल, सचिव डॉ. वाई सिंह, गुरु गोरखनाथ ब्लड बैंक के प्रभारी एवं आईएमए गोरखपुर के संरक्षक डॉ. अवधेश अग्रवाल, डॉ. सीएम सिन्हा, डॉ. डीके सिंह समेत बड़ी संख्या में चिकित्सक उपस्थित रहे।