Author: Admin

  • कर्नल सोफिया विवाद में मंत्री विजय शाह को राहत, राज्यपाल ने केस न चलाने के प्रस्ताव पर लगाई मुहर

    कर्नल सोफिया विवाद में मंत्री विजय शाह को राहत, राज्यपाल ने केस न चलाने के प्रस्ताव पर लगाई मुहर

    भोपाल 
    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के पराक्रम की जानकारी देशवासियों के बीच लाने वाली सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान देने वाले मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ अब आगे मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। कैबिनेट की अनुशंसा पर एमपी के राज्यपाल की मुहर लग चुकी है। अब इस केस को आगे बढ़ाने की अनुमति न देने की रिपोर्ट प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट भेजी जाएगी।

    बता दें कि, कैबिनेट की अनुशंसा पर मंगलवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी मुहर लगा दी है। वहीं, गृह विभाग ने अपने स्तर पर मामले का परीक्षण कराकर आदेश प्रारूप मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है। एक-दो दिन में यहा से हरी झंडी मिलते ही गृह विभाग अभियोजन की स्वीकृति न देने संबंधी आदेश जारी कर उसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट भेज देगा।
    क्या है पूरा मामला?

    आपको बता दें कि, मोहन कैबिनेट में मंत्री विजय शाह ने पिछले साल यानी 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। मंच को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि, उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतारकर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उन्हीं की बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेज दिया।' विजय शाह के इस बयान के बाद विपक्षी दलों के साथ-साथ आम जन ने भी उनकी शब्दावली पर सवाल उठाए थे। जमकर बवाल मचने के बाद हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया था।

    कर्नल सोफिया पर टिप्पणी करके विवादों में आए थे विजय शाह
    भारत ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर चलाकर आतंकवादियों की कमर तोड़ दी और पाकिस्तान के दांत खट्टे कर दिए थे. इसके बाद भारत की तरफ से मीडिया ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी ने हिस्सा लिया था. तब विजय शाह ने कथित तौर पर उनको लेकर विवादित टिप्पणी कर दी थी. बाद में विजय ने अपने बयान के लिए माफी भी मांगी थी और उन्होंने कहा था कि उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया था। 

    खामोश हो गए विजय शाह
    इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम और राहत की खबरों के बीच जब मीडिया ने भोपाल में मंत्री विजय शाह से सवाल पूछे, तो उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साध ली. इस दौरान उनके चेहरे पर एक राहत भरी मुस्कान बनी रही. उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि नौ कमेंट्स. वह अब इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। 

    लगातार 8 बार से विधायक है कुंवर विजय शाह
    कुंवर विजय शाह मकराई रियासत शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं. बताया जाता है कि उनके परिवार ने कई सदियों तक मकराई पर शासन किया. वह हरसूद विधानसभा से लगातार 8 बार से विधायक हैं और कांग्रेस उनके अभेद किले को जीत नहीं पाई है. उनकी गिनती बीजेपी के बड़े नेताओं में होती है और उनकी अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ है। 

    कर्नल सोफिया कुरैशी पर कथित टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह को बड़ी राहत मिली है. कैबिनेट ने उनके खिलाफ मुकदमा न चलाने का फैसला लिया था, जिसे अब राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने भी मंजूरी दे दी है. इसके बाद राज्य सरकार का गृह विभाग सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट भेजेगा कि मंत्री के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए। 

    कैबिनेट रिपोर्ट के अनुसार, विजय शाह अपने बयान के लिए लिखित और मौखिक रूप से चार बार से अधिक माफी मांग चुके हैं. इसके अलावा, सरकार के पांच सूत्रीय स्पष्टीकरण में कहा गया है कि इस मामले में किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, उन्होंने कर्नल सोफिया का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया था और उनका इरादा सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने या उनका अपमान करने का नहीं था। 

    पिछले साल भारत द्वारा आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी ने एक मीडिया ब्रीफिंग में हिस्सा लिया था. इस दौरान मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने उन पर कथित तौर पर विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद यह मामला कानूनी विवाद और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। 

    SIT ने सौंपी रिपोर्ट
    मंत्री विजय शाह की इस टिप्पणी पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी के निर्देश दिए। आगे मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई। एसआईटी ने जांच करके सीलबंद रिपोर्ट न्यायालय में पेश की। साथ ही, विजय शाह के विरुद्ध मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन की स्वीकृति मांगी थी। लगातार मामला टलने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए सरकार को शीघ्र निर्णय करने के निर्देश दिए थे।

    कैबिनेट की अनुशंसा पर राज्यपाल की मुहर
    पिछली बार 31 अगस्त को सुनवाई से पहले 25 अगस्त को कैबिनेट की बैठक में राज्यपाल (सक्षम प्राधिकारी) से मुकदमा न चलाने संबंधी अनुशंसा का फैसला लेकर प्रस्ताव भेजा, जिसे अनुमोदन के साथ उन्होंने लौटा दिया है। सूत्रों की मानें तो गृह विभाग ने विधि एवं विधायी विभाग से आदेश के प्रारूप का परीक्षण कराकर मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा है। यहां से स्वीकृति मिलते ही विभाग सरकार के फैसले के आधार पर आदेश जारी कर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट भेजेगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल से की सौजन्य भेंट

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल से की सौजन्य भेंट

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल से की सौजन्य भेंट

    भोपाल

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार की सुबह लोक भवन पहुंचकर सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान विभिन्न सम-सामयिक विषयों पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर प्रदेश में 17 सितम्बर 2026 से प्रारंभ हो रहे एक माह की अवधि के 'सेवा संकल्प अभियान' एवं 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना-2026' के तहत प्रदेश के 50 लाख लोगों को उनके पट्टे की पक्की रजिस्ट्री कराकर संबंधितों को नि:शुल्क वितरण करने के लिए राज्य सरकार द्वारा की जा रही व्यापक तैयारियों की जानकारी दी।

     

  • गणेशोत्सव पर घर में बनाएं दानेदार मोतीचूर लड्डू, बिना झारे के जानें आसान रेसिपी

    गणेशोत्सव पर घर में बनाएं दानेदार मोतीचूर लड्डू, बिना झारे के जानें आसान रेसिपी

     गणेशोत्सव या किसी भी खास मौके पर जब बप्पा के लिए भोग की बात आती है तो देसी घी और चाशनी से भरे दानेदार मोतीचूर लड्डू का नाम सबसे पहले आता है. अक्सर लोग सोचते हैं कि बारीक दानेदार मोतीचूर लड्डू बनाना सिर्फ हलवाइयों के बस की बात है और इसके लिए खास झारे या सांचे की जरूरत होती है. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है.

    अगर आपके पास घर में साधारण बेसन मौजूद है तो आप बिना किसी झंझट और बिना किसी भारी तामझाम के एकदम रसीले, दानेदार और टेस्टी मोतीचूर के लड्डू तैयार कर सकते हैं. यह घर का बना शुद्ध भोग बप्पा को भी बेहद पसंद आएगा और परिवार वाले भी तारीफ करते नहीं थकेंगे.

    सामग्री:
    बेसन – 1 कप

    पानी – 3/4 कप (बैटर बनाने के लिए)

    चीनी – 1 कप

    पानी – 1/2 कप (चाशनी के लिए)

    इलायची पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच

    ऑरेंज या येलो फूड कलर – 1 चुटकी

    मगज के बीज (मस्कमेलन सीड्स) – 1 बड़ा चम्मच

    देसी घी या तेल – तलने के लिए

    नींबू का रस – 1/2 छोटा चम्मच (चाशनी को जमने से रोकने के लिए)

    बनाने का तरीका:
    एक बाउल में 1 कप बेसन लें. इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए बिना गुठलियों वाला एकदम पतला और चिकना घोल तैयार करें.

    एक छेद वाली सामान्य कड़छी या कद्दूकस के ऊपर बेसन का घोल डालें. कढ़ाई के ऊपर कड़छी को हल्का सा थपथपाएं; बेसन की छोटी-छोटी बूंदें तेल में गिरेंगी. इन्हें सिर्फ 10-15 सेकंड ही हल्का तलना है, कड़क नहीं करना है.

    एक अलग पैन में 1 कप चीनी और 1/2 कप पानी डालकर गरम करें. इसमें फूड कलर, इलायची पाउडर और नींबू का रस मिलाएं. 1 तार की चाशनी नहीं बनानी है, बस चीनी घुलने के बाद चिपचिपी चाशनी तैयार करें.

    अगर आपकी बूंदी थोड़ी बड़ी या अनइवन बनी है, तो ठंडी होने पर इसे मिक्सी के जार में डालकर सिर्फ 1-2 सेकंड चला लें. इससे आपको एकदम बारीक, दानेदार मोतीचूर जैसा टेक्सचर मिल जाएगा.

    अब इस दानेदार बूंदी को गरमा-गरम चाशनी में डालें और धीमी आंच पर 2 मिनट तक पकाएं जब तक बूंदी पूरी चाशनी सोख न ले.

    गैस बंद करें, इसमें मगज के बीज मिलाएं और ढककर 10 मिनट के लिए छोड़ दें. जब मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए, तो हाथों में थोड़ा सा घी लगाकर गोल-गोल मोतीचूर लड्डू बांध लें.

  • छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज

    छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज

    छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज

    मुख्य सचिव ने की कल्याणकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन की समीक्षा

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति और प्रत्येक पात्र परिवार तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए महत्वाकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति को लेकर आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने इस दौरान सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैश-बोर्ड पर दर्ज योजनाओं के क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने की चल रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की।

    डैश-बोर्ड के माध्यम से पारदर्शिता और निगरानी

          सुघ्घर छत्तीसगढ़ ग्रामीण योजना के तहत शासन की विभिन्न योजनाओं के सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए एक विशेष राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड तैयार किया गया है। इस डैश-बोर्ड पर राज्य एवं केंद्र शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं के सर्वेक्षित हितग्राहियों की सूची दर्ज है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड में शासन की सभी योजनाओं की जिलेवार संतृप्ति का स्पष्ट विवरण होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता और त्वरित गति से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

    प्रमुख योजनाओं की समीक्षा

           बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं के संतृप्तिकरण की स्थिति पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री किसान योजना एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड एवं मुफ्त राशन वितरण, जॉब कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महतारी वंदन योजना, कौशल विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन-धन योजना व अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं के साथ ही, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक के कार्यवाही विवरण के अनुसार संतृप्ति अभियान की प्रगति, ग्रेन्यूल आंकड़ों, बस्तर संभाग के अंतर्गत संतृप्तिकरण, नियद नेल्ला नार-2.0 और सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल में राशन कार्ड के आधार पर हितग्राहियों की सूची की भी गहन समीक्षा की गई।

           इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, सुशासन एवं अभिसरण और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

  • उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एम्स रायपुर में महाराष्ट्र सड़क हादसे के घायलों से की मुलाकात

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एम्स रायपुर में महाराष्ट्र सड़क हादसे के घायलों से की मुलाकात

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एम्स रायपुर में महाराष्ट्र सड़क हादसे के घायलों से की मुलाकात

    विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर बेहतर इलाज के दिए निर्देश

    रायपुर
     महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर राजमार्ग पर हुए सड़क हादसे में घायल कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा क्षेत्र के लोगों से उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने एम्स रायपुर पहुंचकर मुलाकात की। मंगलवार देर शाम रायपुर एम्स पहुंचे शर्मा ने घायलों और उनके परिजनों से आत्मीयता से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

           उप मुख्यमंत्री शर्मा ने एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी मुलाकात कर घायलों के उपचार की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, चल रहे उपचार और आगे की चिकित्सा प्रक्रिया के संबंध में चर्चा की तथा सभी घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

           इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्राम बांधाटोला निवासी पांच वर्षीय लुकेश पटेल, दो वर्षीय डाली पटेल और 26 वर्षीय ललिता पटेल से मुलाकात कर उनका हाल जाना। मासूम बच्चों सहित हादसे में घायल लोगों और उनके परिजनों के बीच पहुंचकर शर्मा ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि इस कठिन समय में सरकार और प्रशासन उनके साथ खड़ा है। उप मुख्यमंत्री शर्मा हादसे के बाद लगातार परिवार जनों से संपर्क बनाए हुए हैं, अस्पताल में भर्ती से लेकर घायलों के उपचार तक निरंतर संपर्क कर पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान कर रहे हैं।

    दिवंगतों के घर पहुंचकर पहले ही जता चुके हैं संवेदना
            उल्लेखनीय है कि हादसे के बाद उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कबीरधाम जिले में दुर्घटना में दिवंगत हुए पीड़ितों के घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की थीं और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था। इसी दौरान उन्होंने हादसे में घायल लोगों के परिजनों से भी मुलाकात कर उनके उपचार की जानकारी ली थी।

  • खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया से युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मिल रहा अवसर- सांसद  हिमाद्री सिंह

    खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया से युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मिल रहा अवसर- सांसद हिमाद्री सिंह

    खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया से युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मिल रहा अवसर- सांसद  हिमाद्री सिंह

    खेल से खिलाड़ियों का होता है शारीरिक एवं मानसिक विकास- विधायक मनीषा सिंह

     खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मिलता है अवसर- विधायक  जयसिंह मरावी

    गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल शहडोल में राज्य स्तरीय बास्केटबाल प्रतियोगिता का आयोजन

    शहडोल 
     गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल, शहडोल में 70वीं राज्य स्तरीय अंडर-17 बालक एवं बालिका बास्केटबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। प्रतियोगिता में प्रदेश के 09 संभागों की टीमें सहभागिता कर रही हैं। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं खेल ध्वज का ध्वजारोहण कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। 
    शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने कहा कि खेल हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का अवसर मिलता है। खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से प्रदेश एवं देश के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है और विभिन्न खेल विधाओं में युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

    सांसद ने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को उच्च स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और अपनी खेल प्रतिभा को और बेहतर बनाने का अवसर मिलता है। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खिलाड़ी पूरी खेल भावना, अनुशासन एवं एकाग्रता के साथ प्रतियोगिता में भाग लें और अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना और निरंतर प्रयास है। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से सीख लेकर भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करना चाहिए।

    विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित रूप से खेल गतिविधियों में सहभागिता करने से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता, नेतृत्व क्षमता एवं टीम भावना का विकास होता है। खेल खिलाड़ियों को चुनौतियों का सामना करने और विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय बास्केटबाल जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन शहडोल जिले के लिए गौरव का विषय है। इससे जिले के खिलाड़ियों को प्रदेश के विभिन्न संभागों से आए प्रतिभावान खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनसे सीखने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवा प्रतिभाओं को बेहतर मंच प्रदान करते हैं तथा खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए प्रेरित करते हैं।

    विधायक श्री जयसिंह मरावी ने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के विभिन्न संभागों से खिलाड़ियों के शामिल होने से उन्हें एक-दूसरे की खेल प्रतिभा को देखने और उनसे सीखने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ-साथ आपसी भाईचारा एवं खेल भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रतिभा के साथ नियमित अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति आवश्यक है। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में जीत और हार को समान भाव से स्वीकार करते हुए अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के खिलाड़ी ही भविष्य में जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। कार्यक्रम को श्रीमती अमिता चपरा एवं श्री संतोष लोहानी ने भी संबोधित किया।

    कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा, कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता, कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, नगर पालिका अध्यक्ष श्री घनश्याम जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सोहागपुर श्रीमती हीरावती कोल, जिला योजना समिति की सदस्य श्रीमती अमिता चपरा, श्री संतोष लोहानी, श्री सौरभ गोले, संयुक्त संचालक शिक्षा श्री उमेश धुर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अतुल चौधरी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनन्द राय सिन्हा, डीपीसी श्री अमरनाथ सिंह, कार्यक्रम में गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल की प्राचार्य श्रीमती लीना रोज मैरी, पूर्व बास्केटबाल खिलाड़ी श्री जसबीर सिंह, भूतपूर्व सैनिक श्री जगदीश प्रसाद गुप्ता एवं श्री विष्णुप्रसाद विश्वकर्मा सहित पत्रकार, सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • हॉकी विश्व कप की निराशा भुलाकर एशियाई खेलों में उतरेगा भारत, दांव पर 2028 ओलंपिक का टिकट

    हॉकी विश्व कप की निराशा भुलाकर एशियाई खेलों में उतरेगा भारत, दांव पर 2028 ओलंपिक का टिकट

    नई दिल्ली
    भारतीय पुरुष हॉकी टीम का 2026 विश्व कप अभियान उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी और आठवें स्थान पर रही। अब उसके सामने 19 सितंबर से शुरू हो रहे एशियाई खेलों में इस निराशा को पीछे छोड़कर नए सिरे से शुरुआत करने की चुनौती है।

    भारत 20 सितंबर से जापान में अपने अभियान की शुरुआत करेगा और यहां दांव सिर्फ स्वर्ण पदक का नहीं, बल्कि लॉस एंजिल्स 2028 ओलिंपिक का सीधा टिकट हासिल करने का अवसर भी होगा।

    भारतीय टीम के पूर्व गोलकीपर और जूनियर टीम के कोच रह चुके पीआर श्रीजेश का मानना है कि विश्व कप की निराशा के बाद टीम को मानसिक रूप से खुद को रीसेट करना होगा। ‘दैनिक जागरण’ से विशेष बातचीत में श्रीजेश ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से भारत के विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंचने की उम्मीद कर रहे थे।

    उनके मुताबिक भारत को इंग्लैंड और अर्जेंटीना के विरुद्ध जीत दर्ज करनी चाहिए थी, लेकिन दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार हॉकी खेली। श्रीजेश ने कहा कि एशियाई खेलों में भारत की स्थिति काफी अलग होगी। एशियाई स्तर पर भारत को पाकिस्तान, मलेशिया, चीन और दक्षिण कोरिया से चुनौती मिल सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन टीमों के अनुभव में भारत से अंतर है। हालिया प्रदर्शन को देखते हुए भारत को मजबूत दावेदार के तौर पर उतरना चाहिए।

    श्रीजेश ने यह भी साफ किया कि आसान स्थिति होने के बावजूद भारतीय टीम किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं ले सकती। एशियाई खेलों का महत्व इसलिए भी बहुत ज्यादा है क्योंकि पुरुष हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को 2028 ओलिंपिक का सीधा टिकट मिलेगा।

    मानसिक मजबूती बहुत जरूरी
    श्रीजेश ने गोलकीपर और डिफेंस की मानसिक मजबूती पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि हॉकी में प्रदर्शन एक तरह से ‘देने और लेने’ का खेल है। कई बार गोलकीपर गलती करता है तो फारवर्ड उस गलती की भरपाई करते हुए ज्यादा गोल कर देते हैं। वहीं कई मौकों पर फारवर्ड 10-15 मौके गंवा सकते हैं, लेकिन तब गोलकीपर की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वह विपक्ष के हर हमले को रोके।

    उन्होंने कहा कि गलती होने पर एक-दूसरे को दोष देना समाधान नहीं है। टीम को साथ बैठकर समस्या पर चर्चा करनी चाहिए, वीडियो देखना चाहिए और यह समझना चाहिए कि गलती कहां हुई और उसे दोबारा कैसे रोका जा सकता है। विपक्षी टीमें भी आपकी वीडियो रिकार्डिंग देखकर कमजोरियां तलाशती हैं और उसी जगह हमला करती हैं। इसलिए एक ही गलती बार-बार दोहराना खतरनाक है।

    तकनीक के साथ संवाद बेहद जरूरी
    श्रीजेश ने कहा कि तकनीकी तैयारी के साथ बेहतर संवाद भी बेहद जरूरी है। टीम मीटिंग, वीडियो विश्लेषण और खिलाड़ियों के बीच खुली बातचीत से दबाव कम होता है। सबसे महत्वपूर्ण है अपनी गलती स्वीकार करना। अगर गोलकीपर कहता है कि गोल उसकी गलती थी और डिफेंडर भी अपनी गलती स्वीकार करता है, तो इससे टीम के भीतर भरोसा बढ़ता है। मैदान पर हर खिलाड़ी को यह भरोसा होना चाहिए कि गलती होने पर उसका साथी उसके पीछे खड़ा है। ‘बैकअप और सपोर्ट’ ही मुश्किल परिस्थितियों में टीम को मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं।

     

  • Bigg Boss Tamil 10 में विजय सेतुपति के बयान पर बवाल, CM विजय से जोड़ने पर मेकर्स ने दी सफाई

    Bigg Boss Tamil 10 में विजय सेतुपति के बयान पर बवाल, CM विजय से जोड़ने पर मेकर्स ने दी सफाई

    साउथ एक्टर विजय सेतुपति के रियलिटी शो बिग बॉस तमिल 10 में नया बवाल मचा है. विजय के एक बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. बात इतनी आगे बढ़ गई कि बाद में चैनल को सामने आकर सफाई देनी पड़ी. लोगों ने सेतुपति के कमेंट को सीएम विजय जोसेफ से कनेक्ट किया. उन्होंने माना कि सेतुपति ने विजय को तंज कसा है.

    विजय सेतुपति के बयान पर बवाल
    दरअसल, हालिया एपिसोड में होस्ट विजय सेतुपति ने शो बिग बॉस तमिल की कंटेस्टेंट शाथिगा से लीडरशिप को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि बिना सोचे-समझे वादे करना, फिर मुश्किलें आने पर विपक्ष को जिम्मेदार ठहराकर भाग जाना..ये नेतृत्व नहीं, बल्कि लोगों के साथ धोखा है. अपनी इस स्टेटमेंट में विजय ने किसी का नाम नहीं लिया था. किसी नेता, पार्टी या संगठन का जिक्र नहीं किया. लेकिन सोशल मीडिया पर बवाल मच गया. कुछ यूजर्स ने इसे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख विजय से जोड़ा. फिर क्या था.. विजय के समर्थकों ने सेतुपति को निशान पर लिया.

    उन्होंने आरोप लगाया कि टीवी शो के मंच को राजनीतिक कमेंट्री के लिए यूज किया जा रहा है. टीवीके और सीएम विजय के समर्थकों का हल्ला सुनकर मेकर्स को रिएक्ट करना पड़ा. बिग बॉस तमिल 10 की ओर से सफाई पेश की गई.

    स्टेटमेंट के मुताबिक, ये एक एंटरटेनिंग शो है. जो तय फॉर्मेट, थीम और गेम के माहौल के हिसाब से प्रेजेंट किया गया है. शो में दिखाई जाने वाली सिचुएशन, बातचीत, भावनाएं, कंटेस्टेंट्स के बीच होने वाली चर्चाएं इसकी कहानी का हिस्सा हैं. इन्हें उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए. मेकर्स ने दर्शकों से कहा कि वो किसी भी बातचीत या एक्सप्रेशन को किसी दूसरे शख्स के लिए ओपिनियन या कमेंट ना समझें. शो में कही गई किसी भी बात का बाहरी व्यक्ति, संगठन, संस्था, विचारधारा से कोई लिंक नहीं है. इसे किसी घटना पर टिप्पणी, समर्थन या विरोध के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए.

    DMK नेता ने साधा निशाना
    इस विवाद के बीच DMK नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने विजय समर्थकों पर कमेंट किया है. उन्होंने विजय के समर्थकों को असभ्य कहा. साथ ही आरोप लगाया कि विजय के सपोटर्स कानून-व्यवस्था की परवाह नहीं करते. नेता ने विजय सरकार की पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए.

  • ‘कितनी भी ताकत लगा लो, UCC आकर रहेगा’- UCC पर ओवैसी-अखिलेश को संगीत सोम की दो टूक

    ‘कितनी भी ताकत लगा लो, UCC आकर रहेगा’- UCC पर ओवैसी-अखिलेश को संगीत सोम की दो टूक

    ‘कितनी भी ताकत लगा लो, UCC आकर रहेगा’- UCC पर ओवैसी-अखिलेश को संगीत सोम की दो टूक

    'ये लोग देश के गद्दार, समानता नहीं चाहते'- ओवैसी ने किया UCC का विरोध तो भड़के संगीत सोम

    UCC को लेकर सियासी घमासान तेज, ओवैसी-अखिलेश के विरोध पर बरसे पूर्व BJP विधायक संगीत सोम

    लखनऊ
     केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के NDA शासित राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने के ऐलान के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने UCC को भारत की विविधता खत्म करने की साजिश बताया है। जिसपर भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि देश में रहना है तो देश के कानून को मानना पड़ेगा। उन्होंने UCC को महिलाओं को न्याय और समानता देने वाला कानून बताया।

    ओवैसी पर संगीत सोम का तीखा हमला
    संगीत सोम ने कहा कि ओवैसी जैसे लोग देश में कट्टरपंथी राजनीति करते हैं। उन्हें समझना होगा कि देश में रहना है तो देश के कानून को मानना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि UCC ऐसा कानून है, जो भारत में महिलाओं को न्याय देता है और समानता की बात करता है।

    संगीत सोम ने आरोप लगाया कि ओवैसी जैसे लोगों को समानता पसंद नहीं है। उन्होंने कहा, ''ये लोग देश के गद्दार हैं। ये देश में समानता नहीं चाहते।''
    उन्होंने दावा किया कि भारत के लोग UCC चाहते हैं। संगीत सोम ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने अगर कहा है कि UCC लागू होगा तो विरोध करने वाले लोग कितनी भी ताकत लगा लें, UCC लागू होकर रहेगा।

    अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना
    UCC को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भी संगीत सोम ने हमला बोला। दरअसल अखिलेश यादव ने UCC का मतलब ''अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पिरेसी'' बताया है। इसपर संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव के पास कोई काम नहीं है। वह ट्विटर-ट्विटर खेलते हैं।

    संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव के पास टीवी पर गेम खेलने और ट्विटर पर खेलने के अलावा कोई काम नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मुलायम सिंह यादव की कृपा से अखिलेश यादव एक बार मुख्यमंत्री बन गए, लेकिन अब वह मुख्यमंत्री नहीं बन सकते। सोम ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की राजनीति में कभी नहीं आ सकते।

    40 साल से UCC की मांग का दावा
    संगीत सोम ने कहा कि UCC की मांग पिछले 40 साल से होती रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा बाबा साहब के संविधान के रास्ते पर चलकर उनके बताए कार्यों को पूरा करने का काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी।

    UCC को मुस्लिमों के खिलाफ बताए जाने पर सोम ने कहा कि अगर पूरे देश में UCC नहीं आई तो असमानता होगी। उनके मुताबिक समानता के लिए यह कानून जरूरी है। उन्होंने कहा कि UCC नहीं आने से देश में हिंदू-मुस्लिम का बैलेंस खराब होगा और राहुल गांधी तथा अखिलेश यादव यही चाहते हैं।

    अमित शाह ने कहा है तो UCC आकर रहेगा- सोम
    पूर्व भाजपा विधायक ने कहा कि विरोध की राजनीति के चलते ओवैसी जैसे लोग पहले अपमानित होंगे और फिर UCC की वकालत करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग संविधान लेकर घूमते हैं, लेकिन संविधान का एक पन्ना भी नहीं खोलते।

    संगीत सोम ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह साफ कर चुके हैं कि जिन राज्यों में NDA की सरकार है, वहां UCC लाया जाएगा। उन्होंने कहा, ''अब अगर कोई नहीं लाना चाहता है तो ना लाएं। हम 29 से पहले लाएंगे। अखिलेश, ओवैसी, राहुल कितनी भी ताकत लगा लें, UCC आकर रहेगा।'' उन्होंने यह भी कहा कि ये लोग बेनकाब हो चुके हैं और देश की भलाई के लिए कोई काम नहीं करते।

    गौरतलब है कि गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले देश के सभी NDA शासित 21 राज्यों में UCC लागू कर दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद UCC को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

  • अब बोलकर बुक होगा ट्रेन टिकट? AI ने IRCTC पर खुद की टिकट बुकिंग, जानें पूरा मामला

    अब बोलकर बुक होगा ट्रेन टिकट? AI ने IRCTC पर खुद की टिकट बुकिंग, जानें पूरा मामला

    अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं तो आपको जरूर पता होगा कि टिकट बुक करते समय कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. बार-बार डिटेल्स और कैप्चा भरना पड़ता है, जिसकी वजह से कई बार पक्का टिकट बुक करते समय देरी हो जाती है और आपका टिकट कन्फर्म नहीं हो पाता है.

    सोचिए, आपको ट्रेन से मुंबई से राजकोट जाना है. आमतौर पर आप IRCTC की वेबसाइट खोलेंगे, स्टेशन चुनेंगे, तारीख डालेंगे, ट्रेन खोजेंगे, सीट देखेंगे और फिर पैसेंजर की जानकारी भरेंगे. अब अगर यही काम आप सिर्फ एक लाइन बोलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से करवा सकें तो कैसा लगेगा?

    आज के एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में AI ऐसे काम कर पा रहा है, जो पहले सिर्फ सोचे जा सकते थे. अब कमांड से पूरा एक्शन और ऑटोमेशन की तरफ बढ़ चुका है. आइए जानते हैं कि सिर्फ बोलकर आप टिकट बुकिंग जैसा काम कैसे करवा सकते हैं.

    ChatGPT Astra ने खुद शुरू किया टिकट बुकिंग का काम
    कुछ ऐसा ही एक दिलचस्प एक्सपेरिमेंट इन दिनों चर्चा में है. एक सोशल मीडिया क्रिएटर ने ChatGPT Astra को IRCTC पर ट्रेन टिकट बुक करने का काम दिया. AI को बताया गया कि 20 सितंबर को रात 9 से 11 बजे के बीच मुंबई से राजकोट जाना है और दो लोगों के लिए AC क्लास की ट्रेन चाहिए.
    इसके बाद AI ने ब्राउजर के जरिए IRCTC की वेबसाइट पर आगे का प्रोसेस शुरू किया. उसने स्टेशन, तारीख और समय जैसी जानकारी डालकर ट्रेनें सर्च करने की कोशिश की.

    ट्रेन और सीट की जानकारी भी खोजी
    इस पैसेंजर  की सबसे खास बात यह रही कि AI सिर्फ ट्रेन का नाम बताकर नहीं रुका. दावे के मुताबिक, उसने अवेलेबल ट्रेनों को देखा और सीट की सिचुएशन चेक की. कुछ ऑप्शंस में सीट वेटिंग में मिलीं.

    इसके बाद AI ने पूछा कि आगे क्या करना है. जब उसे अगले दिन की ट्रेनें देखने के लिए कहा गया, तो उसने दोबारा सर्च करके दूसरे ऑप्शंस सामने रख दिए.

    पेमेंट का काम बाकी
    यानी जिस काम के लिए अभी हमें खुद कई बार क्लिक करना पड़ता है, AI ने उसका बड़ा हिस्सा खुद करने की कोशिश की. हालांकि, इस एक्सपेरिमेंट में आखिर में पेमेंट का स्टेप बाकी रह गया था.

    यहां एक बात समझना जरूरी है कि यह सोशल मीडिया पर दिखाया गया एक एक्सपेरिमेंट है. इसे IRCTC की तरफ से शुरू की गई कोई ऑफिशियल AI टिकट बुकिंग सुविधा नहीं माना जाना चाहिए.

    क्या फ्यूचर में AI खुद बुक करेगा टिकट?
    अब सवाल है कि क्या आने वाले समय में AI सिर्फ हमारे सवालों के जवाब देगा या फिर हमारे लिए वेबसाइट खोलकर पूरा काम भी करेगा?
    ट्रेन टिकट वाला यह पैसेंजर  आने वाले समय की एक झलक जरूर देता है.

    असली चुनौती तब होगी जब AI को Tatkal बुकिंग, पेमेंट और दूसरी तकनीकी परेशानियों के बीच पूरा काम करना पड़ेगा. फिलहाल इतना साफ है कि AI अब सिर्फ बातचीत करने वाला टूल नहीं रह गया है. वह हमारे लिए काम करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है.