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  • भारत का दबदबा जारी, 177 के जवाब में ऑस्ट्रेलिया के 3 विकेट गिरे

    भारत का दबदबा जारी, 177 के जवाब में ऑस्ट्रेलिया के 3 विकेट गिरे

    नई दिल्ली
    सीरीज डिसाइडर मैच में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 177 रनों का टारगेट रखा है। दोनों टीमें 3 मैचों की इस टी20 इंटरनेशनल सीरीज का एक-एक मैच जीत चुकी हैं। इस मैच को जीतने वाली टीम सीरीज भी जीत जाएगी। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने एडिलेड में खेले जा रहे तीसरे टी20 मैच में टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। पहले विकेट के बाद एक बड़ी साझेदारी दूसरे विकेट के लिए स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स के बीच हुई। मंधाना 82 रन बनाकर आउट हुईं। 59 रन जेमिमा रोड्रिग्स ने बनाए। भारतीय टीम में एक बदलाव देखने को मिला है। पेसर क्रांति गौड़ को बाहर बिठाया गया है, जबकि श्रेयंका पाटिल को प्लेइंग इलेवन में जगह दी गई है।
     
    ऑस्ट्रेलिया की पारी
    रेणुका सिंह ठाकुर के पहले ओवर में 18 रन गए, लेकिन अगले ही ओवर में श्रेयंका पाटिल ने भारत को पहली सफलता दिलाई। जॉर्जिया वॉल 5 गेंदों में एक छक्के की मदद से 10 रन बनाकर आउट हुईं। उनका कैच रेणुका ने ही पकड़ा। पहले ओवर में काफी रन लुटाने वाली रेणुका सिंह ने 6 रन के निजी स्कोर पर बेथ मूनी को पवेलियन भेजा और भारत को दूसरी सफलता दिलाई। श्रेयंका पाटिल ने अगले ही ओवर में भारत को एक बड़ी सफलता दिलाई, जब उन्होंने एलिस पैरी को क्लीन बोल्डकर दिया। वे 3 गेंदों में एक रन बनाकर आउट हुईं।

    भारत की पारी
    भारतीय टीम को पहला झटका तीसरे ओवर की चौथी गेंद पर लगा, जब ओपनर शेफाली वर्मा 6 गेंदों में 7 रन बनाकर आउट हुईं। किम गर्थ ने उनको एमी सदरलैंड के हाथों कैच आउट कराया। भारतीय टीम की आधी पारी समाप्त हो चुकी है। भले ही पहला विकेट जल्दी गिर गया था, लेकिन 10 ओवर में टीम ने 86 रन बना लिए हैं। विकेट अभी भी एक ही गिरा है। स्मृति मंधाना 44 और जेमिमा रोड्रिग्स 29 रन बना चुकी हैं।

    38 गेंदों में 6 चौके और एक छक्के की मदद से स्मृति मंधाना ने अपना अर्धशतक पूरा किया। टीम इंडिया को दूसरा झटका 17वें ओवर में लगा, जब स्मृति मंधाना 55 गेंदों में 82 रनों की पारी खेलकर आउट हुईं। 8 चौके और 3 छक्के अपनी इस पारी में मंधाना ने लगाए। ऋचा घोष ने आते ही ताबड़तोड़ शॉट लगाए और 7 गेंदों में 2 चौके और एक छक्के की मदद से 18 रन बनाकर आउट हुईं। इस तरह भारत को तीसरा झटका लगा, लेकिन ये पारी के अंत में गिरा।

    46 गेंदों में 59 रन बनाकर जेमिमा रोड्रिग्स आउट हुईं। पारी के आखिरी ओवर में उनका विकेट गिरा। सिर्फ चार चौके अपनी इस पारी में उन्होंने लगाए। 46 गेंदों में 59 रन बनाकर जेमिमा रोड्रिग्स आउट हुईं। पारी के आखिरी ओवर में उनका विकेट गिरा। सिर्फ चार चौके अपनी इस पारी में उन्होंने लगाए। आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर एक रन बनाकर अमनजोत कौर भी रन आउट हो गईं। आखिरी गेंद पर दीप्ति शर्मा क्रीज पर आईं और उन्होंने एक रन बनाया। दूसरे रन के लिए लौटते समय वह रन आउट हो गईं। आखिरी ओवर में 3 विकेट गिरे।

    इंडिया वुमेन क्रिकेट टीम प्लेइंग XI: स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेट कीपर), दीप्ति शर्मा, अमनजोत कौर, श्रेयंका पाटिल, अरुंधति रेड्डी, श्री चरणी, रेणुका सिंह ठाकुर

    ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम प्लेइंग XI: बेथ मूनी (विकेट कीपर), जॉर्जिया वोल, फोएबे लिचफील्ड, एलिस पेरी, एश्ले गार्डनर, जॉर्जिया वेयरहम, एनाबेल सदरलैंड, ग्रेस हैरिस, किम गार्थ, सोफी मोलिनक्स (कप्तान), डार्सी ब्राउन

     

  • खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र : अरुण साव

    खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र : अरुण साव

    खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र : अरुण साव

    स्वर्गीय कुलदीप निगम स्मृति इंटर-प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मैच में पहुंचे उप मुख्यमंत्री, पत्रकार खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह

    बिलासपुर
     उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने शुक्रवार को रायपुर प्रेस क्लब द्वारा सुभाष स्टेडियम में आयोजित स्वर्गीय कुलदीप निगम स्मृति इंटर-प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में पहुंचकर पत्रकार खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खेल मड़ई के सफल आयोजन के लिए रायपुर प्रेस क्लब और पत्रकारों को बधाई दी।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री साव ने फाइनल मैच खेल रही संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम के कप्तान एवं प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी तथा विस्तार न्यूज टीम के कप्तान श्री मृगेंद्र पांडेय सहित दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम ने विस्तार न्यूज को पराजित कर खिताब अपने नाम किया।

    उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सुभाष स्टेडियम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल का मैदान व्यक्ति को जीवन की अनमोल पूंजी प्रदान करता है। खेल हमें अच्छा स्वास्थ्य देता है, अच्छे दोस्त देता है, समन्वय की भावना सिखाता है और संबंधों को मजबूत बनाता है। जब व्यक्ति को यह सब मिलता है तो वह जीवन में प्रसन्न रहता है, खुशहाल रहता है और निरंतर तरक्की की ओर अग्रसर होता है।

    श्री साव ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा पिछले कई दिनों से आयोजित इस खेल मड़ई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी स्नेह को बढ़ाते हैं और स्वस्थ जीवन-शैली के लिए प्रेरित करते हैं। पत्रकारिता जैसे दायित्वपूर्ण क्षेत्र में सक्रिय साथियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी पत्रकार साथी इसी तरह मुस्कुराते रहें, स्वस्थ रहें और अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करते रहें।

  • ‘शतक’ में झलकी शताब्दी की राष्ट्रसेवा गाथा, मंत्री राजवाड़े ने देखी फिल्म

    ‘शतक’ में झलकी शताब्दी की राष्ट्रसेवा गाथा, मंत्री राजवाड़े ने देखी फिल्म

    रायपुर.

    महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज रिलीज के प्रथम दिवस रायपुर स्थित मैग्नेटो मॉल पहुंचकर अपने समस्त स्टाफ के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की प्रेरक यात्रा पर आधारित फिल्म ‘शतक’ का अवलोकन किया.

    फिल्म ‘शतक’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा, संगठन की शक्ति, अनुशासन, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों की समृद्ध परंपरा का भावनात्मक एवं प्रभावशाली चित्रण प्रस्तुत करती है. यह फिल्म राष्ट्र जीवन में संघ के योगदान, त्याग और समर्पण की प्रेरक गाथा को सजीव रूप में दर्शाती है. फिल्म देखने के उपरांत मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि ‘शतक’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और संगठन की शक्ति का जीवंत दस्तावेज है. उन्होंने कहा कि पिछले एक शताब्दी में संघ ने समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए सेवा और राष्ट्रहित की भावना को सशक्त किया है. यह फिल्म नई पीढ़ी को अपने कर्तव्यों और संस्कारों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देती है.

    मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि रिलीज के पहले दिन ‘शतक’ फिल्म देखकर मुझे अत्यंत गर्व और आत्मिक संतोष का अनुभव हुआ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है. मैं प्रदेश के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से आग्रह करती हूँ कि वे इस प्रेरणादायी फिल्म को अवश्य देखें और राष्ट्र निर्माण के इस महान विचार से प्रेरणा लें.

    मंत्री राजवाड़े ने कहा कि इस प्रकार की सकारात्मक और मूल्यपरक फिल्में समाज में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और संगठन भावना को सुदृढ़ करती हैं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘शतक’ फिल्म प्रदेशवासियों में देशप्रेम, अनुशासन और सेवा के भाव को और अधिक सशक्त करेगी. उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से परिवार सहित फिल्म देखने की अपील करते हुए कहा कि यह फिल्म भारतीय सांस्कृतिक चेतना और संगठन की शक्ति का प्रभावशाली संदेश देती है, जो समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी.

  • जम्मू‑कश्मीर में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, सड़क किनारे मिला मौत का सामान; एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट

    जम्मू‑कश्मीर में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, सड़क किनारे मिला मौत का सामान; एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट

    श्रीनगर 

    देशभर में पूजा स्थलों और ऐतिहासिक इमारतों पर आतंकी हमले की साजिश के अलर्ट के बीच कश्मीर में एक बड़ा हादसा टल गया है। जानकारी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में सड़क के किनारे ही इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोजिव डिवाइस (IED) पाया गया है। कोहेस्तान कॉलोनी के पास ही गुलाब शेख मोहल्ले में इसे सड़क के किनारे एक बैग में रखा गया था। हालांकि एजेंसियों को इसकी जानकारी मिल गई और बम निरोधक दस्ते ने पहुंचकर इसे निष्क्रिय कर दिया।

    एक दिन पहले ही बारामुला जिले के जांबाजपोरा इलाके में आईडी पाया गया था। सेना ने आईईडी मिलने के बाद बड़ी सावधानी से इसे निष्क्रिय कर दिया। सेना का कहना है कि यह आतंकियों की साजिश है। बता दें कि घाटी में सुरक्षाबलों की सतर्कता और एजेंसियों के अलर्ट रहने की वजह से कई हादसे टाले गए हैं।
    दिल्ली में आतंकी साया

    दिल्ली में आतंकी खतरे की आशंका संबंधी खुफिया जानकारी मिलने के बाद शनिवार को लाल किले के आसपास के इलाके और चांदनी चौक के कुछ हिस्से सहित राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया था कि पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटीटी) ने कथित तौर पर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों को हमले वाले स्थानों की सूची में रखा है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किले के पास संभावित विस्फोट के खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है, जो प्रमुख पर्यटन स्थल और उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र है।

    मंदिर को भी निशाना बनाया जा सकता है

    सूत्रों ने बताया कि ऐसी खुफिया सूचना है कि चांदनी चौक स्थित एक मंदिर को भी निशाना बनाया जा सकता है। सूत्रों ने कहा कि खुफिया जानकारी का सत्यापन और उनका आकलन किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर संवेदनशील धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

    खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया है कि लश्कर-ए-तैयबा इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) आधारित हमले को अंजाम देने की कोशिश कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, हमले की यह कथित साजिश आतंकी समूह द्वारा छह फरवरी को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक मस्जिद में हुए विस्फोट का बदला लेने के प्रयासों से जुड़ी है।

    सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियां ​​और दिल्ली पुलिस की इकाइयां आपस में करीबी समन्वय बनाए हुए हैं और सीसीटीवी निगरानी, ​​वाहनों की जांच व संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती के माध्यम से निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि बम निरोधक दस्ते, खोजी दस्ते और त्वरित प्रतिक्रिया दल भी रणनीतिक स्थानों पर तैनात किए गए हैं। यह चेतावनी 10 नवंबर, 2025 को लाल किले के पास हुए घातक कार विस्फोट की पृष्ठभूमि में जारी की गई है। विस्फोट में कम से कम 13 लोग मारे गए थे और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे।

    सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि के बारे में तुरंत पुलिस या आपातकालीन सेवाओं को सूचित करने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है और ये उपाय एहतियात के तौर पर किए गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि आगे की जानकारी जुटाने और प्राप्त सूचनाओं की पुष्टि की जा रही है।

  • अब दुर्दिन की कहानियां नहीं, विकास की इबारत लिख रहा शाहजहांपुर

    अब दुर्दिन की कहानियां नहीं, विकास की इबारत लिख रहा शाहजहांपुर

    अब दुर्दिन की कहानियां नहीं, विकास की इबारत लिख रहा शाहजहांपुर

    योगी सरकार ने दिया विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज का उपहार, जरी-जरदोजी को मिली अंतरर्राष्ट्रीय पहचान

    युवाओं को रोजगार, महिलाएं आत्मनिर्भर,  समावेशी विकास से जिले ने लगाई तरक्की की छलांग

    शाहजहांपुर
     यह वह जिला है जहां के क्रांतिकारी सरफरोशी की तमन्ना लेकर आजादी की लड़ाई में कूदे थे लेकिन वही आजादी मिलने के बाद हुक्मरानों ने इसे पूरी तरह भुला दिया। यह जिला उसके बाद उम्मीदें पालता रहा और निराश होता रहा। लेकिन, अब इस जिले के पास अपनी पहचान के लिए बहुत कुछ है। पिछले नौ सालों में इसने एक मेडिकल कालेज पाया है, इसका अपना एक विश्वविद्यालय होने जा रहा है। सीमेंट कंपनी समेत कई औद्योगिक कारखाने हैं और जरी-जरदोजी का जो हस्तशिल्प दम तोड़ने के कगार पर पहुंच चुका था, वह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उड़ान भर रहा है। इन सबसे ऊपर है गंगा एक्सप्रेस वे जो पूरे जिले में विकास की नई गाथा लेकर आया है। 

    जी हां, यह शाहजहांपुर है जो अब परिवर्तन की कहानी का प्रतीक है, सुरक्षा और सुशासन से आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है। यह बदलाव एक दिन में नहीं हुआ है बल्कि इसके पीछे योगी आदित्यनाथ सरकार की वह दृढ़ इच्छाशक्ति है जिसने इस जिले का कायापलट कर दिया। अब बातें उनकी जो नई पहचान हैं। जिले का विख्यात और प्राचीन स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज अब विश्वविद्यालय के रूप में पहचाना जाएगा। योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले से यहां के छात्र और छात्राएं बहुत उत्साहित हैं। इसी कालेज से एमए करने वाली निशा कहती हैं-‘पहले हमें उच्च शिक्षा के लिए बरेली या लखनऊ जाना पड़ता था लेकिन अब यूनिवर्सिटी बन जाने से यहीं सारी सुविधाएं मिल जाएंगी। यह यहां की बड़ी उपलब्धि है। मां-बाप अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सशंकित नहीं रहेंगे। आज हम बिना भय के शहर में कहीं भी आ जा सकते हैं लेकिन पहले ऐसा नहीं था।’ राजनीति विज्ञान से एम.ए. करने वाले उपेंद्र सिंह कहते हैं-‘योगी सरकार युवाओं की शिक्षा और रोजगार के लिए जितना कर रही है उतना किसी भी सरकार ने नहीं किया है। शाहजहांपुर को यूनिवर्सिटी मिलने से हमारे जैसे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों में उम्मीद की किरण जगी है।’ 

    जरी जरदोजी ने तो यहां के कारीगरों को जैसे जीवनदान दे दिया है। योगी सरकार की ओडीओपी योजना यहां के कारीगरों के लिए नई जिंदगी बन गई। ये कला लगभग विलुप्त हो चुकी थी लेकिन वर्तमान सरकार ने इसको दोबारा जीवित किया। इस व्यवसाय से जुड़े मोहम्मद यासीन खान बताते हैं- ‘उनका परिवार कढ़ाई की इस कला से काफी अरसे से जुड़ा है लेकिन मांग कम होने के कारण हताश हो गए थे। लेकिन योगी सरकार ने ओडीओपी के माध्यम से इस कला और हमारे जैसे कारीगरों को जीवनदान दिया है। आज हमारे इस उत्पाद की मांग न केवल देश में है बल्कि दुबई और सऊदी अरब से भी डिमांड आ रही है। पहले हमारे पास 4-5 कारीगर थे अब 50 कारीगर काम कर रहे हैं। हम लोग डिमांड नहीं पूरी कर पा रहे हैं। हमारी कमाई भी सात से आठ गुना बढ़ गई है। यासीन कहते हैं-‘इस सरकार ने वास्तव में पुरानी कलाओं को उसका गौरव वापस किया है। हमारे यहां के कारीगर भी अब हर महीने 25 से 30 हजार रुपये कमा लेते हैं।’  

    सरफरोशी की तमन्ना रखने वाले आजादी की लड़ाई के रणबांकुरे पं. राम प्रसाद बिस्मिल को असली सम्मान अब हासिल हुआ है। योगी सरकार ने उनके नाम पर जिले को मेडिकल कॉलेज का उपहार दिया है। मेडिकल कॉलेज का इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं विश्वस्तरीय हैं। करोड़ों की लागत से लैब का निर्माण किया गया है। यहां पर राज्य के छात्र तो एमबीबीएस की डिग्री हासिल ही कर रहे हैं बल्कि दूसरे राज्यों के भी छात्र यहां से डिग्री प्राप्त कर रहे हैं। प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार बताते हैं-‘100 बेड का हॉस्पिटल बनने से यहां के मरीजों को अब दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़ता। बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज यहां उपलब्ध है।’ 

    शाहजहांपुर के पास आज वो हर सुविधाएं और इन्फ्रास्ट्रक्चर हैं जो एक मॉडर्न सिटी के पास होनी चाहिए। जिले से गंगा एक्सप्रेस वे जुड़ रहा है जो यहां के लोगों की पहुंच को आसान बना रहा है। औद्योगिक गलियारा का विकास तेजी से हो रहा है। अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री, चीनी मिल और अन्य फैक्ट्रियों में हजारों युवाओं को रोजगार मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। विश्वकर्मा योजना की लाभार्थी सुनीता पांडे बताती हैं-‘विश्वकर्मा योजना की वजह से ही आज मैं अपने पैरों पर खड़ी हूं और स्वावलंबी बनकर अपने परिवार का सहारा बनी हूं।’ सरकार ने सुनीता जैसी अनेक महिलाओं को दर्जी के काम में प्रयोग होने वाला किट दिया है। ड्रोन दीदी के रूप में भी महिलाएं खेतों में फर्टिलाइजर का छिड़काव करके बढ़िया धनार्जन कर रही हैं। है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताते हैं-‘जिले में लॉ एंड ऑर्डर का विशेष ध्यान रखा गया है। जनसुनवाई के दौरान पीड़ितों को तुरंत मदद पहुंचाया जाता है। जिला प्रशासन 24 घंटे एक्शन मोड में रहता है‘’ यही वजह है कि शाहजहांपुर अब विकास की दौड़ में तेजी से फर्राटे भर रहा है। गन्ना और आलू किसानों की परेशानी के दिन बीत चुके हैं।

  • US टैरिफ दर भारत पर घटकर 10% हुई, इंडिया को बड़ी राहत; US सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब कितना देना होगा टैरिफ?

    US टैरिफ दर भारत पर घटकर 10% हुई, इंडिया को बड़ी राहत; US सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब कितना देना होगा टैरिफ?

    नई दिल्ली

    अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दुनिया के तमाम देशों के खिलाफ लगाए गए टैरिफ को अवैध करार दिया है. इसके बाद भारत को भी बड़ी राहत मिली है. इस टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अन्य नियम के तहत तमाम देशों पर 10 फीसदी टैरिफ की घोषणा की. ऐसे में यह सवाल उठ रहा था कि भारत जैसे देश जो अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर सहमति बना चुके हैं, उनके प्रोडक्ट को इस नए टैरिफ में जगह मिलेगी या नहीं. लेकिन, कुछ ही देर बाद अमेरिका प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ट्रेड डील कर चुके या इस पर सहमति बना चुके तमाम देशों पर भी अब एक समान 10 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा. इससे पहले ट्रेड डील के तहत भारतीय प्रोडक्ट पर अमेरिका ने 18 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही थी.

    व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने हमारी सहयोगी बिजनेस न्यूज टीबी चैनल ‘सीएनबीसी’ को स्पष्ट किया कि भारत पर टैरिफ दर 18 से घटकर 10 फीसदी हो गई है. यह ट्रंप के नए 10 फीसदी वैश्विक टैरिफ की व्याख्या करता है. सीएनबीसी के संवाददाता एमॉन जावेर्स ने भारत समेत तमाम ट्रेड डील वाले देशों का 10 फीसदी टैरिफ पर विवरण दिया है.

    वियतनाम को सबसे ज्यादा फायदा

    ट्रेड डील के तहत अमेरिका ने यूरोपीय संघ पर 15 फीसदी, जापान पर 15 फीसदी, ब्रिटेन पर 10 फीसदी और भारत पर 18 फीसदी टैरिफ लगाया था. स्विट्जरलैंड पर 15 फीसदी, दक्षिण कोरिया पर 15 फीसदी और वियतनाम पर 20 फीसदी टैरिफ की बात कही गई थी. इन सभी देशों या संघों के साथ अमेरिका ने ट्रेड डील कर ली है या फिर डील पर सहमति बन गई है. लेकिन, अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप के नए आदेश में सभी देशों पर 10 फीसदी टैरिफ की बात कही है. ऐसे में इस आदेश का सबसे ज्यादा फायदा वियतनाम को मिलने वाला है जिसको 20 फीसदी टैरिफ देना था. भारत के प्रोडक्ट्स के खिलाफ टैरिफ 18 से घटकर 10 फीसदी पर आ गया है.

    भारत अब कितना टैरिफ देगा

    भारत की करें, तो पहले अमेरिका ने 25% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था और फिर इसे 50% किया था, लेकिन India-US Trade Deal पर बात बनते ही इसे 18% पर ला दिया गया. अब जबकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने Trump Tariff को गैरकानूनी करार दिया है, तो ट्रंप ने 10% ग्लोबल टैरिफ का ऐलान कर दिया, ऐसे में भारत पर अब कितना टैरिफ लागू होगा, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ये 18% रहेगा, 10% होगा या फिर 13.5% आइए समझते हैं? 

    भारत पर ऐसे बढ़ता-घटता रहा US टैरिफ
    US Supreme Court द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ को रद्द करने के बाद, भारत को अपने अमेरिकी निर्यात पर कितना टैरिफ देना होगा, इसे लेकर असमंजस बना हुआ है. भारत पर अमेरिकी टैरिफ बढ़ता घटता रहा है. Donald Trump ने बीते साल अप्रैल में जब दुनिया पर टैरिफ अटैक (Trump Tariff Attack) की शुरुआत की थी, तो शुरुआत में भारत पर 25% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया था. इसके बाद अचानक ट्रंप ने भारत पर लागू टैरिफ को दोगुना करते हुए अगस्त में 50% कर दिया था और इसके पीछे कारण भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद (India Russian Oil Import) को बताया था. ऐसा करके यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद की बात कहते हुए भारत पर जुर्माने के तौर पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया गया था. 

    अमेरिका में हलचल

    हालांकि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत के साथ ट्रेड डील है और उसके प्रोडक्ट पर 18 फीसदी टैरिफ लगता रहेगा. लेकिन, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 10 फीसदी टैरिफ वाला नया आदेश सभी देशों पर लागू होगा. इसमें वे देश भी शामिल हैं जिनके साथ हमारा ट्रेड डील है.  डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाने के फैसले को अवैध करार दिए जाने के बाद अमेरिका में हलचल तेज है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से पूरी दुनिया के कारोबार जगह में उथल-पुथल मच गया है. पूरी रात अमेरिका से डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर रिएक्शन आते रहे.

    अब 18%, 10% या फिर 13.5%? 
    अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा Trump Reciprocal Tariff को रद्द किया गया है और अदालत ने साफ कहा है कि ट्रंप करीब 50 साल पुराने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) का इस्तेमाल करते हुए शांति काल में टैरिफ नहीं लगा सकते. इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत को 18% या फिर 10% टैरिफ देना होगा. या फिर देश पर लागू US Tariff 13.5% होगा. तो बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत पर लगाए गए 18% के पारस्परिक टैरिफ का कानूनी आधार प्रभावी रूप से समाप्त हो जाता है.

    कानूनी फेरबदल के बाद 18% टैरिफ रद्द होने की स्थिति में भारत पर US Tariff महज 3.5% रह जाता है, जो कि ट्रंप के फैसलों से पहले भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा प्राप्त होने के कारण चुकाना पड़ रहा था. हालांकि, दूसरी ओर कोर्ट के फैसले से भड़के ट्रंप ने आनन-फानन में 10% के ग्लोबल टैरिफ को तत्काल लागू करने के लिए धारा 122 का इस्तेमाल किया, जो रद्द किए गए टैरिफ की जगह लेगा. ऐसे में देखा जाए तो 10% का अतिरिक्त टैरिफ जुड़ने के बाद ये US Tariff On India 13.5% हो जाता है. 

    ट्रंप ने भारत पर टैरिफ को लेकर क्या कहा? 
    बता दें कि Donald Trump ने सुप्रीम कोर्ट में मिली हार के बाद जिस धारा 122 का इस्तेमाल करते हुए 10% Global Tariff लागू किया है, वह अमेरिकी राष्ट्रपति को 150 दिनों के लिए 15% तक का शुल्क लगाने का अधिकार देती है, लेकिन इस टाइमलाइन के बाद उन्हें कांग्रेस की मंजूरी लेनी होती है. भारत को लेकर ट्रंप ने एक बयान में कहा है कि India पर टैरिफ पहले से तय ट्रेड डील के अनुसार 18% ही रहेगी, लेकिन उनके इस दावे पर व्हाइट हाउस ने बाद में स्पष्ट कर दिया कि कानूनी तौर पर फिलहाल भारत पर 10% टैरिफ लगाया जाएगा.

  • श्रेष्ठ परमार का जानलेवा स्टंट: नेशनल बैडमिंटन खिलाड़ी ने कार की छत पर किया खतरे का खेल, भोपाल पुलिस ने दर्ज की FIR

    श्रेष्ठ परमार का जानलेवा स्टंट: नेशनल बैडमिंटन खिलाड़ी ने कार की छत पर किया खतरे का खेल, भोपाल पुलिस ने दर्ज की FIR

    भोपाल
    खेल के मैदान पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले नेशनल बैडमिंटन खिलाड़ी श्रेष्ठ परमार अब एक विवादित वजह से सुर्खियों में हैं। यह उभरता सितारा भोपाल की सड़कों पर मौत से खेलता नजर आया। एकांत पार्क रोड पर चलती कार की छत पर स्टंट करने और उसकी रील सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने खिलाड़ी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

    क्या है वीडियो में?
    घटना 6-7 फरवरी की रात करीब 3 बजे की बताई जा रही है। 23 सेकंड के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि श्रेष्ठ परमार पहले चलती कार की ड्राइविंग सीट छोड़कर बाहर निकलता है। जब कार एक तय गति से आगे बढ़ती है, तो वह पीछे से दौड़कर कार का गेट खोलता है और फिर तेजी से छत पर चढ़कर खड़ा हो जाता है। इस दौरान वह हवा में हाथ लहराते हुए पोज भी देता है। पीछे चल रही दूसरी कार में सवार उसके दोस्त इस जानलेवा स्टंट को कैमरे में कैद कर रहे थे।

    सोशल मीडिया पर रील वायरल
    सोशल मीडिया पर रील वायरल होने के बाद भोपाल पुलिस हरकत में आई। ट्रैफिक पुलिसकर्मी जितेंद्र अटारिया की शिकायत पर हबीबगंज थाने में मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि जिस कार (MP 04 CY 7686) से स्टंट किया गया, वह खिलाड़ी की मां के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस अब इस मामले में कड़ी वैधानिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है ताकि युवाओं को कड़ा संदेश दिया जा सके।

    कौन हैं श्रेष्ठ परमार?
    आपको बता दें श्रेष्ठ परमार मध्य प्रदेश के उभरते हुए बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। वे अंडर-19 बालक सिंगल वर्ग में राज्य स्तरीय रैंकिंग में शामिल हैं और वर्तमान में बेहतर ट्रेनिंग के लिए दिल्ली की एक प्रतिष्ठित बैडमिंटन अकादमी में अभ्यास कर रहे हैं। नेशनल स्तर पर पहचान बनाने वाले खिलाड़ी की इस लापरवाही ने खेल जगत में भी सवाल पैदा कर दिया है।

    क्या है पूरा मामला?
    1: नेशनल बैडमिंटन खिलाड़ी श्रेष्ठ परमार ने 6-7 फरवरी की रात 3 बजे भोपाल की सड़क पर चलती कार की ड्राइविंग सीट छोड़ छत पर चढ़कर स्टंट किया।
    2: खिलाड़ी के दोस्तों ने पीछे से वीडियो शूट किया और रील को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गई।
    3: ट्रैफिक पुलिस की शिकायत पर हबीबगंज थाने में धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
    4: जांच में पता चला कि स्टंट में इस्तेमाल कार श्रेष्ठ की मां के नाम पर है, पुलिस अब कार मालिक और खिलाड़ी दोनों पर शिकंजा कस रही है।
    5: श्रेष्ठ परमार मप्र के उभरते खिलाड़ी हैं और फिलहाल दिल्ली में ट्रेनिंग ले रहे हैं, लेकिन इस घटना ने उनके अनुशासन पर दाग लगा दिया है।

  • सलीम खान की सेहत में बड़ा सुधार, वेंटिलेटर से हटाए गए; सलमान के दोस्त ने दी अस्पताल से राहत भरी जानकारी

    सलीम खान की सेहत में बड़ा सुधार, वेंटिलेटर से हटाए गए; सलमान के दोस्त ने दी अस्पताल से राहत भरी जानकारी

    मुंबई

    ‘बिग बॉस 6’ फेम संतोष शुक्ला, जो सलमान खान के साथ फिल्म ‘दबंग 3’ और ‘जय हो’ में नजर आ चुके हैं, लंबे अरसे से सलमान के बेहद करीबी माने जाते हैं। अब, सलमान के पिता सलीम की सेहत को लेकर वह साफ तौर पर भावुक दिखाई दिए। अस्पताल से लौटने के बाद संतोष ने अपने दिल की बात बिना किसी फिल्टर के साझा की।

    अमर उजाला डिजिटल से बातचीत में संतोष ने कहा, ‘मैं उनके पास नहीं गया। बस दूर से ही देख पाया। यह बहुत प्राइवेट मोमेंट होता है। परिवार का वक्त होता है और उसमें किसी को डिस्टर्ब न करना ही बेहतर है। बहुत याद आती है। हम लोग तो बाहर से मिल रहे हैं। लोगों से भी यही कहूंगा कि कुछ कहने के बजाय बस दुआ करें। वही सबसे अच्छा है।’ उन्होंने पैपराजी से भी अपील की, ‘जो वहां हैं, उनसे बस यही रिक्वेस्ट है कि वे किसी को डिस्टर्ब न करें। यह परिवार का बेहद निजी समय है। सोचिए कि उनके घरवालों पर क्या गुजर रही होगी।’

    संतोष ने इस दौरान एक बड़ी राहत की खबर भी साझा की। ‘सलीम साहब की तबीयत में सुधार है। उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया है। यह बहुत बड़ी राहत है। ऊपर वाले का शुक्र है कि स्थिति बेहतर दिशा में जा रही है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘वह अब 90 साल के हो रहे हैं और बस हमारी मन्नत यही है कि वे जल्दी से ठीक हो जाएं। हम लोग कुछ नहीं कर सकते, सब ऊपर वाले पर छोड़ रखा है। डॉक्टर जैसे ही कहेंगे कि सब कंट्रोल में है, वह दिन सबके लिए बड़ी खुशी का होगा।’

    संतोष ने बताया कि सलमान इस समय बिल्कुल शांत रहते हैं। वह किसी को परेशान नहीं करना चाहते और खुद भी परेशान नहीं होना चाहते। कभी-कभी इंसान को थोड़ा स्पेस देना चाहिए और सलमान अभी वही कर रहे हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले दिनों में चीजें बेहतर दिखेंगी।

     

  • कोरोना जैसे लक्षण, फेफड़ों में एलर्जी और हाई ग्रेड फीवर: मरीजों की संख्या बढ़ी, डॉक्टर्स की चिंता

    कोरोना जैसे लक्षण, फेफड़ों में एलर्जी और हाई ग्रेड फीवर: मरीजों की संख्या बढ़ी, डॉक्टर्स की चिंता

    भोपाल 

     मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव के चलते गले में दर्द, खांसी और हाई ग्रेड फीवर के मरीज बढ़ने लगे हैं। कई मरीजों में स्वाद और गंध न आने जैसे लक्षण भी दिख रहे हैं, जिससे लोगों में चिंता बढ़ी है।

    कोरोना जैसे लक्षण

    अस्पतालों की ओपीडी में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें कोरोना जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जांच में रिपोर्ट सामान्य आ रही है। डॉक्टरों के अनुसार इनमें बड़ी संख्या फेफड़ों की एलर्जी से पीडि़त मरीजों की है। वायरल संक्रमण के बाद खांसी लंबे समय तक बनी रह रही है।

    ओपीडी में रोज 5 हजार से अधिक मरीज

    जेपी और हमीदिया अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 5 हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से आधे से ज्यादा मरीज मौसम में बदलाव से होने वाली बीमारियों से पीडि़त हैं। आंकड़ों के अनुसार एक माह में दोनों अस्पतालों में कुल 1.30 लाख मरीज पहुंचे।

    40 फीसदी मरीज पोस्ट ब्रोन्काइटिस एलर्जी के शिकार

    क्षेत्रीय श्वसन रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पराग शर्मा बताते हैं कि बार-बार सर्दी और गर्मी बदलने से बुखार, गले में खराश और वायरल की शिकायतें बढ़ी हैं। करीब 40 फीसदी मरीजों में पोस्ट ब्रोंकाइटिस एलर्जी पाई जा रही है। इनमें बलगम के साथ खांसी, हल्की घरघराहट और सीने में जकडऩ जैसे लक्षण मिल रहे हैं। कई मरीजों में सूखी खांसी दो या उससे अधिक हफ्तों तक ठीक नहीं हो रही।

    श्वसन वायरस पहले से ज्यादा सक्रिय

    श्वसन औषधि विशेषज्ञ डॉ. गौरव साहु के अनुसार इन्फ्लुएंजा और रेस्पिरेटरी सिंसिशियल जैसे सामान्य श्वसन वायरस पहले की तुलना में अधिक सक्रिय और संक्रामक हो गए हैं। तापमान में लगातार बदलाव के कारण इनके फैलने की गति तेज हुई है। मेडिसिन विशेषज्ञ और जेपी अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव बताते हैं कि कई मरीजों को बुखार नहीं होता, लेकिन उनका सामान्य वायरल एलर्जिक ब्रोन्काइटिस में बदल जाता है।

  • भाजपा–कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प, पथराव के साथ टमाटर और पानी की बोतलें चलीं

    भाजपा–कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प, पथराव के साथ टमाटर और पानी की बोतलें चलीं

    इंदौर

    दिल्ली में एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन घेरने की घोषणा की थी। लेकिन वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी विरोध स्वरूप एकत्र होकर उनका सामना किया। दोनों तरफ से पत्थर, पानी की बोतलें और टमाटर एक-दूसरे पर फेंके गए। पुलिस ने आमने-सामने हुए दोनों दलों के प्रदर्शनकारियों को हटाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इस पथराव में छह लोगों सहित एक मीडियाकर्मी और एक पुलिस अधिकारी को चोटें आई हैं। एक महिला नेत्री बिंदू चौहान को पथराव में गंभीर चोट आई है। उन्हे निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है।  

    एआई समिट में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद देशभर में भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय घेरने की योजना बनाई थी। इसके अलावा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा में दिए गए बयान के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन प्रदेशभर में जारी थे। इसी कारण कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर एक बजे से गांधी भवन पर भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध में जुट गए थे।

    पुलिस ने संभावित टकराव को देखते हुए मार्ग के दोनों तरफ बैरिकेड लगा दिए थे। लेकिन जैसे ही भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करने गांधी भवन की ओर बढ़े, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। वे विजयवर्गीय के खिलाफ नारे लगा रहे थे। तभी अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई। दोनों तरफ से पत्थर, टमाटर और पानी की बोतलें फेंकी गईं। बैरिकेड की वजह से दोनों कार्यकर्ताओं के बीच अधिक निकटता नहीं थी। पथराव के कारण छह से अधिक लोग घायल हुए है। इस घटना के बाद अफरा तफरी मच गई और व्यापारियों ने भी दुकानें धड़ाधड़ बंद कर दी।

    पुलिस ने स्थिति संभाली और दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को पीछे धकेला। दंगा नियंत्रक वाहन वज्र भी तैनात था और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का उपयोग किया गया, लेकिन पानी का प्रेशर कम होने के कारण यह प्रभावी नहीं हुआ। इस घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ता पढ़रीनाथ थाने का घेराव करने पहुंचे और कांग्रेसजनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने की मांग की।