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  • 45 की उम्र में भी दमदार वापसी! इंडियन वेल्स में वीनस विलियम्स को मिला वाइल्ड कार्ड

    45 की उम्र में भी दमदार वापसी! इंडियन वेल्स में वीनस विलियम्स को मिला वाइल्ड कार्ड

    नई दिल्ली
    दिग्गज अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी और 7 बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन वीनस विलियम्स को इस साल के इंडियन वेल्स टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली है। टूर्नामेंट के आयोजकों ने वीनस को वाइल्ड कार्ड एंट्री दिए जाने की पुष्टि की है। 1-15 मार्च तक दक्षिणी कैलिफोर्निया में होने वाले इस टूर्नामेंट में वीनस विलियम्स एकल और डबल्स दोनों श्रेणियों में हिस्सा लेंगी। वाइल्ड कार्ड एंट्री मिलने से उत्साहित वीनस विलियम्स ने कहा, "इंडियन वेल्स वापस जाना और कैलिफोर्निया में अपने घर लौटना बहुत अच्छा है। जबरदस्त फैंस के सामने खेलने जैसा कुछ नहीं है। मैंने इतने सालों में यहां बहुत सारी यादें बनाई हैं। मैं आयोजकों की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे वापस बुलाया।"
    पूर्व वर्ल्ड नंबर वन और चार बार की ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट विलियम्स ने पहले भी इंडियन वेल्स में काफी सफलता हासिल की है। वह तीन बार सेमीफाइनल तक पहुंची हैं। आखिरी बार 2024 में वाइल्ड कार्ड एंट्री के माध्यम से ही उन्होंने टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था।
    45 साल की विलियम्स ने 2026 का कैंपेन ऑस्ट्रेलियन ओपन से शुरू किया था। उन्हें वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली थी। हालांकि, वह पहले दौर से ही बाहर हो गई थीं, लेकिन ओपन एरा में ऑस्ट्रेलियन ओपन में हिस्सा लेने वाली सबसे उम्रदराज खिलाड़ी होने का रिकॉर्ड उन्होंने अपने नाम कर लिया।
    विलियम्स ने शुरुआती सेट में कड़ा मुकाबला जीता, लेकिन दूसरे सेट में डैनिलोविच ने बेसलाइन से वापसी की। सर्बियाई खिलाड़ी ने डिसाइडर में भी अपना नियंत्रण बनाए रखा, और अहम मौकों पर विलियम्स की सर्विस तोड़कर मैच अपने नाम कर लिया। हार के बावजूद, विलियम्स ने नौ एस और फर्स्ट-सर्व पॉइंट्स पर 71 प्रतिशत सफलता दर से सबको प्रभावित किया। हालांकि पांच डबल फॉल्ट महंगे साबित हुए। पिछले साल, वह पार्टनर लेयला फर्नांडीज के साथ यूएस ओपन डबल्स क्वार्टर-फाइनल में पहुंचीं थीं। इंडियन वेल्स टूर्नामेंट में वीनस के प्रदर्शन पर दुनियाभर के टेनिस फैंस की नजर रहेगी।

  • मंधाना की तूफानी पारी से भारत की ऐतिहासिक जीत, ऑस्ट्रेलिया को दी करारी शिकस्त

    मंधाना की तूफानी पारी से भारत की ऐतिहासिक जीत, ऑस्ट्रेलिया को दी करारी शिकस्त

    एडिलेड ओवल

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 3 मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 से ऐतिहासिक जीत हासिल की है। टीम इंडिया ने सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना के दम पर पहले बल्लेबाजी करते हुए 176 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 9 विकेट के नुकसान पर 159 रन बना सकी और उन्हें मुकाबले में 17 रनों से हार का सामना करना पड़ा। भारत ने ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर पहली बार कोई टी20 सीरीज जीती है।

    हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में कोई द्विपक्षीय सीरीज में जीत हासिल की है। इससे पहले भारतीय टीम ने कभी भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं जीती थी। मंधाना की शानदार पारी फिर गेंदबाजी में श्री चरणी और श्रेयंका पाटिल की बेहतरनी गेंदबाजी के दम पर कौर की अगुवाई वाली टीम इतिहास रचने में कामयाब रही।

    स्मृति मंधाना की शानदार बल्लेबाजी

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना का बल्ला जमकर हल्ला बोला। भारत ने इस मुकाबले में 19 रनों के स्कोर पर पहला विकेट गंवा दिया था लेकिन मंधाना पर इसका कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने एक छोर को संभाले रखा और 55 गेंदों पर 82 रनों की पारी खेली। उनकी इस पारी में 8 चौके व 3 छक्के शामिल रहे। मंधाना के अलावा जेमिमा रोड्रिग्स ने शानदार खेल दिखाते हुए अर्धशतक लगाया। उन्होंने 56 गेंदों पर 4 चौकों की मदद से 56 रनों की पारी खेली।

    इन दोनों के अर्धशतक के दम पर भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 176 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के लिए अनाबेल सदरलैंड सबसे कामयाब गेंदबाज रहीं। उन्होंने 4 ओवर में 34 रन खर्च करते हुए 2 विकेट अपने नाम किए। उनके अलावा किम गार्थ और सोफी मोलिनक्स ने एक-एक विकेट अपने नाम किए।

    ऑस्ट्रेलिया की मुकाबले में हार

    भारत के द्वारा दिए गए 177 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरूआत अच्छी नहीं रही। 32 रनों पर 3 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद 63 रनों पर 4 और 98 रनों पर मेजबान ऑस्ट्रेलिया की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। हालांकि, एक छोर पर एश्ले गार्डनर डटी रही और उन्होंने 45 गेंदों पर 57 रनों की पारी खेली। उनकी पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया की टीम 159 रन बना सकी और उन्हें 17 रनों से हार का सामना करना पड़ा।

    भारत के लिए गेंदबाजी में श्रेयंका पाटिल और श्री चरणी ने कमाल की बॉलिंग की। श्रेयंका ने 4 ओवर में 22 रन खर्च करते हुए 3 विकेट हासिल किए, जबकि चरणी ने अपने स्पेल के दौरान 32 रन खर्चे और उन्हें भी 3 सफलता मिली। अरूंधति रेड्डी को 2, जबकि रेणुका ठाकुर को एक विकेट मिला।

    भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत

    भारतीय महिला टीम ने बारिश से प्रभावित पहले मैच को डीएलएस नियम के तहत 21 रनों से जीता था। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे मुकाबले में वापसी की और भारत को 19 रनों से हराया। हालांकि, तीसरा मुकाबला टीम इंडिया जीतने में कामयाब रही और इसी के साथ ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर पहली बार कोई द्विपक्षीय सीरीज जीता।

     

  • समाज की प्रगति के लिए संगठित रहना आवश्यक – वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री देवांगन

    समाज की प्रगति के लिए संगठित रहना आवश्यक – वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री देवांगन

    रायपुर

    समाज की प्रगति के लिए संगठित रहना आवश्यक – वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री देवांगन

    वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर और श्रम विभाग मंत्री लखन लाल देवांगन आज देवांगन जनकल्याण समिति  दुर्ग द्वारा आयोजित माँ परमेश्वरी महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने देवांगन समाज की ईष्ट देवी माँ परमेश्वरी की प्रतिमा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

    महोत्सव को संबोधित करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने समाज की एकता और संगठन को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए संगठित रहना अत्यंत आवश्यक है। जब समाज संगठित रहेगा, तभी वह शिक्षा, व्यापार, शासकीय सेवा और राजनीति सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकेगा। उन्होंने कहा कि आज कई समाज विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर चुके हैं, लेकिन कुछ समाज अभी भी पीछे हैं। ऐसे में सभी समाजों को मिल-जुलकर कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की अच्छी शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाती है।

    मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री का भी यही उद्देश्य है कि समाज का हर वर्ग आगे बढ़े। उन्होंने प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र को दोहराते हुए समाज के सर्वांगीण विकास की आवश्यकता पर बल दिया।

    प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने देवांगन समाज को सुलझा हुआ और जागरूक समाज बताते हुए कहा कि यह समाज लंबे समय से व्यापार, कृषि और वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता आया है। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चांपा क्षेत्र में कोसा व्यापार में भी देवांगन समाज की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तभी आगे बढ़ता है जब वह संगठित और मजबूत होकर चलता है, और इसके लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई बार बेटा-बेटी आगे नहीं बढ़ पाते। समाज को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत हो और बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि समाज को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला समाज बनना चाहिए।

    इस दौरान खादी ग्रामोद्योग अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने महिलाओं से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण से ही समाज और प्रदेश का समग्र विकास संभव है। इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष पुराणिक लाल देवांगन, कमलेश देवांगन, संकटलाल देवांगन, अशोक देवांगन, श्रीमती कल्पना देवांगन, श्रीमती तुलसी साहू सहित समाज के पदाधिकरण एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

  • MP में नई शराब दुकानों पर बैन, अहाते भी रहेंगे बंद; नई आबकारी नीति लागू

    MP में नई शराब दुकानों पर बैन, अहाते भी रहेंगे बंद; नई आबकारी नीति लागू

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में अब नई आबकारी नीति लागू हो गई है। प्रदेश सरकार ने साल 2026-27 के लिए आबकारी नीति में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए जारी की गई नई नीति के तहत कहा गया कि, प्रदेश में कोई भी नई शराब दुकान नहीं खुलेगी। अहाते पहले की तरह अब भी बंद ही रहेंगे। वहीं, एक समूह को पांच से ज्यादा दुकानें आवंटित नहीं की जाएंगी। वहीं, कोई भी पुरानी शराब दुकान का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।

    ये शर्तें माननी होंगी

    नर्मदा नदी के तट से 5 किलोमीटर की दूरी के प्रतिबंध यथावत रहेगा।
    -मदिरा दुकानों की दूरी: मदिरा दुकानों को नर्मदा के तट से 5 किलोमीटर की दूरी के प्रतिबंध के साथ यथावत रखा गया है
    -पवित्र नगरों में प्रतिबंध: पवित्र नगरों में मदिरा दुकानों के प्रबंधन को यथावत रखा गया है
    -नई दुकानें नहीं: कोई भी नवीन मदिरा दुकान नहीं खोले जाने का निर्णय लिया गया है
    -अहाते बंद: मदिरा दुकानों के अहाते नहीं खोले जाएंगे, उन्हें पूर्ववत बंद रखा जाएगा
    -नवीनीकरण बंद: मदिरा दुकानों के नवीनीकरण का विकल्प समाप्त कर दिया गया है
    -ई-टेंडर और ई-ऑक्शन: समस्त 3553 मदिरा दुकानों का निष्पादन ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा
    -आरक्षित मूल्य: ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के लिए मदिरा दुकानों का आरक्षित मूल्य, वर्तमान वर्ष के मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि कर निर्धारित किया जाएगा
    -समूह बनाना: ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के लिए मदिरा दुकानों के समूह बनाये जाएंगे। अधिकतम 5 मदिरा दुकानों का एक समूह बनाया जा सकेगा
    -वर्गीकरण: आरक्षित मूल्य के आधार पर, जिले के समूह को तीन-चार बैच में वर्गीकृत किया जाएगा।
    -बैच आधारित कार्यवाही: बैच के आधार पर तीन-चार चरण में ई-टेंडर और ई-ऑक्शन की कार्यवाही की जाएगी।
    -जालसाजी रोकथाम: जालसाजी की आशंकाओं को समाप्त करने के लिए प्रतिभूति राशि के रूप में सिर्फ ई-चालान/ई-बैंक गारंटी ही मान्य की जाएगी। साधारण बैंक गारंटी एवं सावधि जमा (FD) मान्य नहीं होगी।

    दस्तावेज़ में निम्नलिखित मुख्य बिंदु हैं

    -मदिरा की ड्यूटी दरें: विनिर्माण इकाई, बार आदि की लाइसेंस फीस यथावत रखी गई है।
    -निर्यात प्रोत्साहन: ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को दृष्टिगत रखते हुए निम्नानुसार प्रावधान किए गए हैं- मदिरा के विनिर्माताओं को अपने उत्पाद की कीमत के अनुमोदन की -आवश्यकता नहीं है; विनिर्माता पोर्टल पर निर्धारित व्यवस्था अनुसार अपने उत्पाद की कीमत घोषित कर सकेंगे।
    -देश के बाहर मदिरा के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए फीस में संशोधन, लेबल पंजीयन में सरलीकरण आदि प्रावधानित किया गया है।
    -प्रदेश के आदिवासियों स्वसहायता समूहों द्वारा महुआ से निर्मित मदिरा को अन्य राज्यों में ड्यूटी मुक्त कराने के लिए उनके राज्यों की हेरिटेज अथवा विशेष मदिरा को प्रदेश में ड्यूटी फ्री करने के प्रावधान किया गया।

  • जन्मदिन पर सेवा का संकल्प: मुख्यमंत्री साय ने रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ

    जन्मदिन पर सेवा का संकल्प: मुख्यमंत्री साय ने रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ

    रायपुर

    जन्मदिन पर सेवा का संदेश: मुख्यमंत्री साय ने जन्मदिन पर रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने 62वें जन्मदिन के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की तथा रक्तदाताओं को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री के 62वें जन्मदिन के अवसर पर अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर तथा शिवनाथ ब्लड सेंटर द्वारा 62 लोगों के रक्तदान की विशेष व्यवस्था की गई थी।

    मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान महादान है और यह मानवता की सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, प्रसव एवं गंभीर बीमारियों के दौरान जब मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है, ऐसे में रक्तदान मरीजों के जीवन में नई आशा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि शिविर में रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर वे या उनके परिजन निःशुल्क रक्त प्राप्त कर सकेंगे। 

    उल्लेखनीय है कि संस्था द्वारा एक वर्ष में लगभग 11 हजार यूनिट रक्त संग्रह का संकल्प लिया गया है तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न ब्लड बैंकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सुरक्षित यातायात जागरूकता अभियान का भी आयोजन किया गया। 

    मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान करने तथा सड़क यातायात नियमों का हर समय पालन करते हुए जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, आयोजकों, चिकित्सक दल एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिविर की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

    इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष नीलू शर्मा सहित, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर की संचालक डॉ. पूनम अग्रवाल, संस्थान के अन्य प्रतिनिधि और रक्तदाता उपस्थित थे।

  • प्रशासनिक सेवा में बड़ा बदलाव: डिप्टी कलेक्टर प्रमोशन कोटा बढ़ा, नोटीफिकेशन जारी

    प्रशासनिक सेवा में बड़ा बदलाव: डिप्टी कलेक्टर प्रमोशन कोटा बढ़ा, नोटीफिकेशन जारी

    रायपुर 
     राज्य सरकार ने कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए नायब तहसीलदार–तहसीलदार से राज्य प्रशासनिक सेवा के डिप्टी कलेक्टर पदों पर पदोन्नति का कोटा बढ़ा दिया है। अब डिप्टी कलेक्टर के 50 प्रतिशत रिक्त पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे। इस निर्णय से लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों में उत्साह का माहौल है और इसे प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

    पदोन्नति प्रतिशत में हुआ संशोधन

    राज्य प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति के माध्यम से आने का प्रतिशत पूर्व में 40 प्रतिशत कर दिया गया था, जिससे कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में असंतोष देखा जा रहा था। अब साय सरकार ने इसे पुनः बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है, जो वर्ष 2020 से पहले लागू व्यवस्था के अनुरूप है। इस बदलाव से सेवा में अनुभव और वरिष्ठता को अधिक महत्व मिलेगा तथा प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

    अब 50-50 के फॉर्मूले से भरे जाएंगे डिप्टी कलेक्टर के पद

     राज्य शासन ने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए डिप्टी कलेक्टर के पदों पर भर्ती के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब प्रदेश में डिप्टी कलेक्टर के 50 प्रतिशत पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे। साय सरकार के इस निर्णय की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है, जिससे कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में हर्ष की लहर है।

    वर्ष 2020 से पहले पदोन्नति का यह कोटा 50 प्रतिशत ही था, जिसे पिछली सरकार ने घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया था। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ लंबे समय से इसे पूर्ववत करने की मांग कर रहा था। शासन के ताजा फैसले के बाद अब सीधी भर्ती और पदोन्नति का अनुपात 50-50 हो गया है।

    प्रशासनिक अनुभव का मिलेगा लाभ

    संघ के प्रवक्ता शशिभूषण सोनी ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के समस्त तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के लिए पदोन्नति के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि पदोन्नत होकर डिप्टी कलेक्टर बनने वाले अधिकारियों के पास 10-12 वर्षों का लंबा प्रशासनिक अनुभव होता है। इस अनुभव का सीधा लाभ सरकारी कामकाज की गुणवत्ता और आम जनता को मिलेगा। यह कदम राज्य में 'सुशासन' को मजबूती प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

    संघ ने जताया सरकार का आभार

    कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री और राजस्व मंत्री सहित पूरी कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। संघ के अनुसार, यह फैसला न केवल अधिकारियों का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी कसावट लाएगा।

    राजपत्र में अधिसूचना जारी

    सरकार के इस निर्णय का औपचारिक प्रकाशन राजपत्र में भी कर दिया गया है, जिससे यह व्यवस्था विधिवत लागू हो गई है। राजपत्र में प्रकाशन के बाद संबंधित विभागों को आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए जाने की संभावना है। इससे पदोन्नति संबंधी लंबित प्रकरणों को शीघ्र निपटाने का मार्ग प्रशस्त होगा और प्रशासनिक संरचना में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज होगी।

    प्रशासनिक सेवा संघ ने जताया आभार

    गणेश प्रशासनिक सेवा संघ ने राज्य सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया है। संघ का कहना है कि यह निर्णय न केवल अधिकारियों के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगा। संघ ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सेवा हित से जुड़े मुद्दों पर सरकार सकारात्मक रुख अपनाएगी, जिससे प्रशासनिक तंत्र और अधिक प्रभावी बन सके।

     

  • आश्रम-छात्रावास में ‘सीखो-सिखाओ, अंजोर फैलाओ’ कार्य संस्कृति के जरिए विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से मुकाबला करने किया जा रहा तैयार

    आश्रम-छात्रावास में ‘सीखो-सिखाओ, अंजोर फैलाओ’ कार्य संस्कृति के जरिए विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से मुकाबला करने किया जा रहा तैयार

    रायपुर

    आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट संकल्प के तहत वर्ष 2026 के लिए दो चरणो में विभागीय अधिकारियों और अधीक्षकों  को  प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के सभी आश्रम-छात्रावासों में ‘प्रोजेक्ट संकल्प’ का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सके। इस पहल का उद्देश्य ‘सीखो-सिखाओ, अंजोर फैलाओ’ की कार्य संस्कृति को संस्थागत स्वरूप देना तथा विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से सफलतापूर्वक मुकाबला करने के लिए तैयार करना है।

    प्रमुख सचिव बोरा ने कहा है कि छात्रावास केवल आवासीय सुविधा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और नेतृत्व विकास के सशक्त मंच हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को गंभीरता से लिया जाए, ताकि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित हो सके। प्रशिक्षण का कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न होगा 

    प्रथम चरण में जनजाति बाहुल्य 21 जिलों के सहायक आयुक्तों का 2.5 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में “जीवन के रंग, खुशियों के संग” कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए जिलों में कार्यान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। प्रशिक्षण उपरांत सभी जिलों द्वारा अपने-अपने छात्रावासों के लिए कार्ययोजना विभाग को प्रस्तुत की जाएगी।

    द्वितीय चरण में छात्रावास एवं आश्रम अधीक्षकों के लिए 8 दिवसीय वर्चुअल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें 6 दिनों तक प्रतिदिन 3 घंटे के सत्रों में ‘सफलता मंत्र 1 से 9’ तक की अवधारणाएँ साझा की जाएंगी। बीच के दो दिनों में अधीक्षक सीखी हुई बातों को अपने जीवन एवं विद्यार्थियों के साथ व्यवहार में लाने का प्रयास करेंगे। इस प्रकार तैयार अधीक्षक छात्रावासों में विद्यार्थियों, सहयोगियों तथा जहाँ संभव हो अभिभावकों के साथ भी प्रशिक्षण की सीख साझा करेंगे, जिससे सकारात्मक और ऊर्जावान वातावरण का निर्माण हो सके।

    प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट संकल्प-2026’ के माध्यम से राज्य के छात्रावासों एवं आश्रमों में नई कार्य संस्कृति की स्थापना कर विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, अनुशासित एवं सफल नागरिक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा रहा है। इस पहल से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ नैतिक सामाजिक एवं जीवन कौशल से भी सशक्त बनाया जा रहा है। आश्रम-छात्रावास में रह रहे छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित शैक्षणिक सहयोग तथा खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के अवसर उपलब्ध कराये जा रहे है। 
     उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं विभागीय मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छात्रावासी बच्चों के भविष्य को नई उड़ान देने के उद्देश्य से यह अभिनव पहल की गई हैं।

  • 62वें जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

    62वें जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने 62वें जन्मदिवस के अवसर पर जशपुर जिले के दोकड़ा स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री साय ने मंदिर परिसर में परिक्रमा कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की मंगलकामना की। उन्होंने प्रदेश में शांति, खुशहाली और निरंतर प्रगति के लिए विशेष प्रार्थना करते हुए कहा कि जनकल्याण ही शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रदेश के विकास के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

    इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

  • 100 घंटे क्रिकेट खेलेंगे दिव्यांगजन: 22 से 26 फरवरी तक राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट महोत्सव – नॉट आउट@100

    100 घंटे क्रिकेट खेलेंगे दिव्यांगजन: 22 से 26 फरवरी तक राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट महोत्सव – नॉट आउट@100

    भोपाल 

    राजधानी में पहली बार देशभर के दिव्यांगजन लगातार 100 घंटे क्रिकेट खेलकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस अनूठा आयोजन का उद्घाटन 22 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सुबह 10 बजे नेहरू नगर भौंंरी स्थित पुलिस स्टेडियम में करेंगे। 26 फरवरी तक होने वाले इस आयोजन में मध्य प्रदेश समेत देश के 8 राज्यों के दिव्यांग शामिल हो रहे हैं। इस खेल महोत्सव का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे न्यास, टास्क इंटरनेशनल समेत अन्य संस्थाएं कर रही है। इस गिनीज, लिमका तथा एशिया बुक ऑफ रिकार्ड के प्रतिनिधियों के समक्ष प्रदर्शन होगा। यह जानकारी राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट खेल महोत्सव के कार्यक्रम संयोजक डॉ राघवेंद्र शर्मा ने पत्रकार वार्ता में दी। इस अवसर पर दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया भी मौजूद रहे। डॉ शर्मा ने बताया कि दिव्यांगजन दया के नहीं, अवसर के पात्र है।

    इस आयोजन के माध्यम से दिव्यांगों को आत्म सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक चेतना का सशक्त संदेश देने का प्रयास है। बता दें, श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे की जन्म शताब्दी वर्ष मनाई जा रही है। इसलिए हम इस महोत्सव के जरिए 100 घंटे निरंतर क्रिकेट खेलने का ऐतिहासिक आयोजन कर रहे हैं। इस बेहद विलक्षण और प्रेरणादायी कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ता तथा प्रेरक कार्यक्रम संयोजक, डॉ. राघवेंद्र शर्मा पिछले लगभग 20 वर्षों से दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण एवं सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में यह महोत्सव खेल के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन और नई सामाजिक चेतना का संदेश देगा। 

    इस महोत्सव का ये रहेगा आकर्षण
    – खेल महोत्सव में 8 राज्य उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, दिल्ली आदि के अलावा मध्य प्रदेश के साथ ही स्थानीय दिव्यांगजन भी क्रिकेट खेलेंगे। 
    – प्रत्येक मैच आईपीएल तर्ज पर 4-4 घंटे का होगा। इसमें दो तरह के बॉल होंगे, जिसमें एक अंधे दिव्यांगों के लिए आवाज वाली गेंद तथा अन्य दिव्यांगों के लिए क्वार्क बॉल होगा। 
    – पहली बार जमीन पर बैठकर चलने वाले दिव्यांग भी क्रिकेट खेलेंगे। इसके अलावा दिव्यांगों की क्षमतानुसार खेल होंगे। इसमें व्हीलचेयर, अंधे, मानसिक रूप वाले बच्चे, युवा और महिला- पुरुष खिलाड़ी अपना प्रदर्शन करेंगे।
    – खेल का कवरेज करने गिनीज, लिम्का और एशिया बुक ऑफ रिकार्डस के प्रतिनिधि आ रहे हैं। 
    – सुबह 10 बजे सीएम डॉ. यादव के उद्घाटन के बाद दोपहर 2 बजे तक बिना रुके बिना थके दिन-रात लगातार 100 घंटे तक 26 फरवरी तक खेल चलेगा।

     

  • युवा खेलें, प्रदेश बढ़े: खेलकूद से समन्वय और आत्मविश्वास बढ़ता है – अरुण साव

    युवा खेलें, प्रदेश बढ़े: खेलकूद से समन्वय और आत्मविश्वास बढ़ता है – अरुण साव

    रायपुर

    खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र : अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने शुक्रवार को रायपुर प्रेस क्लब द्वारा सुभाष स्टेडियम में आयोजित स्वर्गीय कुलदीप निगम स्मृति इंटर-प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में पहुंचकर पत्रकार खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खेल मड़ई के सफल आयोजन के लिए रायपुर प्रेस क्लब और पत्रकारों को बधाई दी।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री साव ने फाइनल मैच खेल रही संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम के कप्तान एवं प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी तथा विस्तार न्यूज टीम के कप्तान मृगेंद्र पांडेय सहित दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम ने विस्तार न्यूज को पराजित कर खिताब अपने नाम किया।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सुभाष स्टेडियम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल का मैदान व्यक्ति को जीवन की अनमोल पूंजी प्रदान करता है। खेल हमें अच्छा स्वास्थ्य देता है, अच्छे दोस्त देता है, समन्वय की भावना सिखाता है और संबंधों को मजबूत बनाता है। जब व्यक्ति को यह सब मिलता है तो वह जीवन में प्रसन्न रहता है, खुशहाल रहता है और निरंतर तरक्की की ओर अग्रसर होता है।

    साव ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा पिछले कई दिनों से आयोजित इस खेल मड़ई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी स्नेह को बढ़ाते हैं और स्वस्थ जीवन-शैली के लिए प्रेरित करते हैं। पत्रकारिता जैसे दायित्वपूर्ण क्षेत्र में सक्रिय साथियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी पत्रकार साथी इसी तरह मुस्कुराते रहें, स्वस्थ रहें और अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करते रहें।