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  • शिवपुरी से देशभर में ब्लैकमेल का जाल: अश्लील वीडियो बनाकर ठगी, 20 आरोपी गिरफ्तार

    शिवपुरी से देशभर में ब्लैकमेल का जाल: अश्लील वीडियो बनाकर ठगी, 20 आरोपी गिरफ्तार

     शिवपुरी

    शिवपुरी के करैरा और पिछोर के गांवों में बैठे अनपढ़ व सामान्य पढ़े लिखे लोग देश भर में ऑनलाइन चैटिंग और वीडियो कॉलिंग कर लोगों की अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग कर रहे थे। भोपाल से मिले इनपुट के बाद पुलिस ने 32 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 20 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें एक महिला शामिल है, एक आरोपित उत्तर प्रदेश के झांसी का है। गिरोह शिवपुरी के अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक सहित कई राज्यों के लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम दे चुका है।
    पुलिस ने कुल 80 बैंक खाते ट्रेस किए

    पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपितों में दीपक प्रजापति पुत्र सियाराम निवासी झांसी, अंगद लोधी पुत्र पेज सिंह लोधी निवासी कुंडलपुर, सुखदेव पुत्र नंदकिशोर लोधी उम्र 30 साल निवासी ग्राम तिंधारी गिरोह के सरगना और हैंडलर हैं। शेष सभी आरोपित दलाल हैं। ब्लैकमेलिंग का पैसा दलालों के खाते में आता था और इसके बाद उस पैसे में से 80 से 90 प्रतिशत पैसा हैंडलर के खातों में चला जाता था।

    साइबर पुलिस की टीम ने कुल 80 बैंक खाते ट्रेस किए हैं, जिनमें संदिग्ध लेनदेन हुआ है। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के अनुसार पुलिस अभी तक आधे खातों की पड़ताल कर चुकी है, जिनमें करीब दो से ढाई करोड़ रुपये का लेनदेन बताया जा रहा है।
    ऐसे करता था ब्लैकमेल व डिजिटल अरेस्ट

    महिलाओं के नाम से फर्जी वाट्सएप अकाउंट बनाकर अश्लील चैट और वीडियो कॉल गिरोह कराता था। कॉल और चैट की रिकॉर्डिंग कर बाद में पुलिस अधिकारी बनकर पीड़ितों को ब्लैकमेल करता था। डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करवा लेता था। गिरोह द्वारा HIIU, TOKKI, MIKA, ELOELO, GAGA, HANI, SUGO, COMMECTO, HITSU, HONEY और COMET जैसे एप का उपयोग किया जा रहा था। ये एप एपीके फाइल के जरिए मोबाइल में आसानी से डाउनलोड हो जाते हैं। आमतौर पर ऑनलाइन चैटिंग की तलाश करने वाले लोग इन्हें सर्च कर इंस्टाल कर लेते हैं, जिसका फायदा आरोपित उठाते थे।

     

  • भोपाल में सियासी टकराव: पथराव में भाजयुमो नेता घायल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ICU में

    भोपाल में सियासी टकराव: पथराव में भाजयुमो नेता घायल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ICU में

     

    भोपालमध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का सियासी माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब कांग्रेस प्रदेश कार्यालय (PCC) रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। शिवाजी नगर स्थित कांग्रेस मुख्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं के घुसने और तोड़फोड़ करने के बाद दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। यह राजनीतिक विरोध देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया।

    भाजयुमो जिला मंत्री मोहित अग्निहोत्री की नाक की हड्डी टूटी
    दोनों ओर से हुए पथराव में भारी नुकसान हुआ है। इस हिंसा में भाजयुमो के जिला मंत्री मोहित अग्निहोत्री की नाक की हड्डी टूट गई है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) गोपिल कोतवाल के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिसके चलते उन्हें आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है। घटना में दोनों दलों के लगभग आधा दर्जन अन्य कार्यकर्ता भी घायल हुए हैं।
     
    कांग्रेस दफ्तर में तोड़फोड़
    कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा समर्थकों ने दफ्तर में घुसकर खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और बाहर लगे पोस्टरों को फाड़ दिया। मौके पर जमकर नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राजधानी में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर प्रहार बताया है।

    बीजेपी का पूरे प्रदेश में प्रदर्शन
    दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अर्धनग्न प्रदर्शन के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा का पूरे प्रदेश में प्रदर्शन है।

  • पुलिस कस्टडी में भेजे गए चार यूथ कांग्रेसी कार्यकर्ता, AI सम्मेलन में शर्टलेस प्रदर्शन पर कोर्ट ने दिखाई सख्ती

    पुलिस कस्टडी में भेजे गए चार यूथ कांग्रेसी कार्यकर्ता, AI सम्मेलन में शर्टलेस प्रदर्शन पर कोर्ट ने दिखाई सख्ती

    नई दिल्ली

    एआई सम्मेलन में शर्टलेस प्रदर्शन करने वाले युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। पटियाला कोर्ट ने इन चारों को पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है। चारों आरोपियों की बेल एप्लीकेशन खारिज कर दी गई है। गिरफ्तार किए गए युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि के समक्ष पेश किया गया। उन्होंने बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, बिहार से युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश से युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव शामिल हैं।

    दिल्ली पुलिस की क्या दलील
    दिल्ली पुलिस ने यह दलील देते हुए गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की पांच दिन की हिरासत का अनुरोध किया कि उन्होंने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी। वहीं, आरोपियों के वकील ने तर्क दिया कि वे एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं और उन्होंने भारत मंडपम में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया। वकील ने कहा कि ऐसी कोई फुटेज नहीं है जो यह साबित करती हो कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर हमला किया था, न ही इस बात का कोई सबूत है कि कोई राष्ट्रविरोधी बात कही गई थी।

    भाजपा ने क्या कहा
    इससे पहले भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर एक बार फिर हमला बोलते हुए विपक्षी पार्टी की युवा इकाई द्वारा यहां ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में किए गए विरोध प्रदर्शन को ‘देशद्रोह’ बताया। साथ ही आरोप लगाया कि ‘लश्कर-ए-राहुल के सिपाहियों’ ने देश की छवि खराब करने की कोशिश की। भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने शुक्रवार को एआई सम्मेलन के आयोजन स्थल भारत मंडपम के एक प्रदर्शनी हॉल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों द्वारा उन्हें वहां से हटा दिया गया।

    विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहाकि कांग्रेस ने जो किया है वह सिर्फ राजनीति नहीं है। इसे महज नकारात्मक राजनीति कहकर खारिज नहीं किया जा सकता, यह देशद्रोह के बराबर है।

    त्रिवेदी ने यहां पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि अब तक राहुल गांधी विदेश जाकर भारत के बारे में अपमानजनक, आपत्तिजनक और निंदनीय बयान देते थे। अब लश्कर-ए-राहुल के झंडाबरदार और सिपाही विदेशी मेहमानों के सामने भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एआई सम्मेलन स्थल पर हुआ विरोध प्रदर्शन कांग्रेस के ओछेपन का शर्मनाक प्रदर्शन था।

  • AI का ‘विश्वगुरु’ भारत: 88 देशों ने माना, बिना ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के तकनीक असफल

    AI का ‘विश्वगुरु’ भारत: 88 देशों ने माना, बिना ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के तकनीक असफल

    नई दिल्ली:

    AI Impact Summit 2026 के समापन पर जारी हुआ ‘नई दिल्ली डिक्लेरेशन‘ मानवता के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है. भारत ने एक बार फिर ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को दुनिया के सामने रखते हुए यह साफ कर दिया कि टेक्नोलॉजी तभी सफल है, जब उसका लाभ समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे. इस समिट में दुनिया के ताकतवर देशों ने एक सुर में माना कि AI का विकास किसी एक देश की जागीर नहीं होना चाहिए. इसे लोकतांत्रिक तरीके से सभी के लिए सुलभ बनाना होगा. इस ऐतिहासिक घोषणापत्र में सात चक्रों (Pillars) पर फोकस किया गया है, जो एजुकेशन से लेकर इकोनॉमी तक हर सेक्टर में क्रांति लाने का दम रखते हैं. समिट में हिस्सा लेने वाले देशों ने यह स्वीकार किया कि हम आज तकनीकी विकास के उस मोड़ पर खड़े हैं, जहां हमारे फैसले अगली पीढ़ी का भविष्य तय करेंगे. भारत ने इस मंच से दुनिया को सिखाया कि AI का इस्तेमाल केवल बिजनेस के लिए नहीं, बल्कि सोशल गुड और आर्थिक समानता के लिए होना चाहिए. यह समिट इसलिए भी खास रही क्योंकि इसमें न केवल अमीर देशों, बल्कि विकासशील देशों की जरूरतों को भी केंद्र में रखा गया.

    AI के सात चक्र क्या हैं और ये कैसे बदलेंगे हमारी जिंदगी?

    समिट के दौरान सात प्रमुख स्तंभों या ‘सात चक्रों’ पर विस्तृत चर्चा हुई.

    •     पहला चक्र है ह्यूमन कैपिटल का विकास, जिसका मतलब है कि लोगों को AI के दौर के लिए तैयार करना.
    •     दूसरा चक्र सोशल एम्पावरमेंट के लिए एक्सेस को बढ़ाना है, ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति भी इस तकनीक का लाभ ले सके.
    •     तीसरा चक्र AI सिस्टम की विश्वसनीयता (Trustworthiness) पर जोर देता है.
    •     चौथा चक्र एनर्जी एफिशिएंसी से जुड़ा है, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे.
    •     पांचवां चक्र साइंस में AI के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है.
    •     छठा चक्र संसाधनों का लोकतंत्रीकरण (Democratizing Resources) है.
    •     सातवां चक्र आर्थिक कास और सामाजिक भलाई के लिए AI का उपयोग करना है.

    ये सातों चक्र मिलकर एक ऐसे इकोसिस्टम का निर्माण करेंगे, जहां मशीनें इंसानों की मददगार बनेंगी, न कि उनके लिए खतरा.
    AI Impact Summit 2026: डिक्लेरेशन का समर्थन करने वाले देश और संगठन

     

    क्र.सं.देश / संगठनक्र.सं.देश / संगठन
    1अल्बानिया24फिनलैंड
    2आर्मेनिया25फ्रांस
    3ऑस्ट्रेलिया26गाम्बिया
    4ऑस्ट्रिया27जर्मनी
    5बेल्जियम28ग्रीस
    6भूटान29गुयाना
    7बोलिविया30हंगरी
    8बोत्सवाना31आइसलैंड
    9ब्राजील32भारत
    10बुल्गारिया33इंडोनेशिया
    11कंबोडिया34ईरान
    12कनाडा35आयरलैंड
    13चिली36इजरायल
    14चीन37इटली
    15क्रोएशिया38जापान
    16क्यूबा39कजाकिस्तान
    17साइप्रस40केन्या
    18चेक रिपब्लिक41किर्गिस्तान
    19डेनमार्क42लातविया
    20मिस्र43लिकटेंस्टीन
    21एस्टोनिया44लिथुआनिया
    22इथियोपिया45लक्जमबर्ग
    23फिजी46मालदीव
    47माल्टा70सिंगापुर
    48मॉरीशस71स्लोवाकिया
    49मेक्सिको72स्लोवेनिया
    50मोरक्को73दक्षिण कोरिया
    51मोजाम्बिक74स्पेन
    52म्यांमार75श्रीलंका
    53नेपाल76सूरीनाम
    54नीदरलैंड77स्वीडन
    55न्यूजीलैंड78स्विट्जरलैंड
    56नॉर्वे79ताजिकिस्तान
    57ओमान80तंजानिया
    58परागुए81त्रिनिदाद और टोबैगो
    59पेरू82यूएई (UAE)
    60फिलीपींस83यूक्रेन
    61पोलैंड84यूके (UK)
    62पुर्तगाल85यूएसए (USA)
    63रोमानिया86उज्बेकिस्तान
    64रूस87यूरोपीय संघ (EU)
    65रवांडा88IFAD
    66सऊदी अरब––
    67सेनेगल––
    68सर्बिया––
    69सेशेल्स––

    क्या AI अब अमीरों की जागीर नहीं रहेगा?

    डिक्लेरेशन में ‘डेमोक्रेटाइजिंग AI रिसोर्सेस’ पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है. आज के दौर में जिसके पास डेटा और कंप्यूटिंग पावर है, वही दुनिया पर राज कर रहा है. लेकिन नई दिल्ली समिट ने इस धारणा को चुनौती दी है. घोषणापत्र में कहा गया है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और किफायती कनेक्टिविटी हर देश का हक है. ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की प्रेरणा से, सभी देशों ने एक ऐसे ढांचे पर काम करने की सहमति जताई है, जिससे AI के बुनियादी संसाधन सस्ते और सुलभ हो सकें. इसके लिए ‘चार्टर फॉर द डेमोक्रेटिक डिफ्यूजन ऑफ AI’ का जिक्र किया गया है, जो एक स्वैच्छिक फ्रेमवर्क है. यह फ्रेमवर्क स्थानीय नवाचार को मजबूती देगा और देशों को अपनी जरूरतों के हिसाब से AI विकसित करने की आजादी देगा.

    ग्लोबल AI इम्पैक्ट कॉमन्स कैसे लाएगा आर्थिक क्रांति?

    आर्थिक विकास के लिए AI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल अनिवार्य हो गया है. समिट में ‘ग्लोबल AI इम्पैक्ट कॉमन्स’ नाम की एक पहल की चर्चा की गई. यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म होगा जहां सफल AI मॉडल्स और केस स्टडीज को साझा किया जाएगा. मान लीजिए भारत ने खेती में AI का कोई शानदार इस्तेमाल किया, तो उस मॉडल को इस प्लेटफॉर्म के जरिए अफ्रीका या लैटिन अमेरिका का कोई देश भी अपना सकेगा. इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि बार-बार रिसर्च पर होने वाला खर्च भी कम होगा. ओपन-सोर्स AI को बढ़ावा देकर इसे दुनिया भर में कॉपी और अडॉप्ट करने लायक बनाया जाएगा, जिससे ग्लोबल इकोनॉमी को नई रफ्तार मिलेगी.

    क्या सुरक्षित और भरोसेमंद AI सिर्फ एक सपना है?

    जैसे-जैसे AI बढ़ रहा है, सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ रही हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए ‘सिक्योर एंड ट्रस्टेड AI’ पर लंबी चर्चा हुई. समिट में ‘ट्रस्टेड AI कॉमन्स’ बनाने की बात कही गई है. यह एक ऐसा कोलैबोरेटिव प्लेटफॉर्म होगा जहां सुरक्षा से जुड़े टूल्स, बेंचमार्क और बेस्ट प्रैक्टिसेज का भंडार होगा. इसे कोई भी देश अपनी जरूरतों के हिसाब से इस्तेमाल कर सकेगा. मकसद यह है कि AI के विकास के दौरान पब्लिक इंटरेस्ट यानी जनहित का ध्यान रखा जाए. बिना भरोसे के कोई भी तकनीक समाज में जगह नहीं बना सकती, इसलिए टेक्निकल सॉल्यूशंस और पॉलिसी फ्रेमवर्क को एक साथ लाने पर सहमति बनी है.

    साइंस और रिसर्च में AI कैसे मचाएगा तहलका?

    विज्ञान के क्षेत्र में AI एक वरदान साबित हो सकता है, लेकिन रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी इसमें बड़ी बाधा है. नई दिल्ली डिक्लेरेशन ने इस बाधा को हटाने का रास्ता दिखाया है. ‘इंटरनेशनल नेटवर्क ऑफ AI फॉर साइंस इंस्टीट्यूशंस’ नाम का एक नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव है. इसके जरिए अलग-अलग देशों की वैज्ञानिक संस्थाएं अपनी रिसर्च और क्षमताओं को एक साथ जोड़ सकेंगी. चाहे वो जानलेवा बीमारियों का इलाज खोजना हो या क्लाइमेट चेंज से निपटना, यह नेटवर्क दुनिया भर के वैज्ञानिकों को AI की ताकत मुहैया कराएगा. यह आपसी सहयोग विज्ञान की दुनिया में नई खोजों की रफ्तार को कई गुना बढ़ा देगा.

    सोशल एम्पावरमेंट के लिए AI का उपयोग कैसे होगा?

    समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए AI एक बड़ा जरिया बन सकता है. डिक्लेरेशन में कहा गया है कि ज्ञान, सूचना और सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए AI का इस्तेमाल किया जाएगा. एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है जहां सोशल एम्पावरमेंट से जुड़े सफल प्रयोगों और जानकारी का आदान-प्रदान होगा. शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं में AI को इस तरह फिट किया जाएगा कि एक आम नागरिक को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें. यह तकनीक लोगों को सशक्त बनाएगी और उन्हें आर्थिक गतिविधियों में भाग लेने के नए अवसर प्रदान करेगी.

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में नौकरियों का क्या होगा?

    सबसे बड़ा सवाल हमेशा स्किल और नौकरियों का रहता है. समिट ने इसे ‘ह्यूमन कैपिटल’ चक्र के तहत संबोधित किया है. घोषणापत्र में स्किलिंग, री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग पर जोर दिया गया है. इसके लिए ‘गाइडिंग प्रिंसिपल्स फॉर री-स्किलिंग’ और एक विशेष ‘प्लेबुक’ तैयार की गई है. इसमें सरकारी अधिकारियों की ट्रेनिंग से लेकर युवाओं की AI लिटरेसी बढ़ाने तक का पूरा प्लान है. मकसद यह है कि भविष्य की AI ड्रिवन इकोनॉमी के लिए वर्कफोर्स को आज से ही तैयार किया जाए. भारत ने इस मामले में अपनी डिजिटल साक्षरता मुहिम का उदाहरण भी दुनिया के सामने रखा.

    पर्यावरण और ऊर्जा की चुनौती से कैसे निपटेगा AI?

    AI चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली और प्राकृतिक संसाधनों की जरूरत होती है. समिट में ‘रेजिस्टेंस, इनोवेशन और एफिशिएंसी’ पर फोकस करते हुए एनर्जी एफिशिएंट AI सिस्टम बनाने की वकालत की गई है. इसके लिए ‘रेजिलेंट AI इंफ्रास्ट्रक्चर’ की प्लेबुक भी जारी की गई है. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि तकनीकी प्रगति की कीमत पर्यावरण को न चुकानी पड़े. सस्ते और ऊर्जा बचाने वाले AI सिस्टम ही असल में टिकाऊ होंगे और दुनिया के विकास लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेंगे.

     

     

     

     

     

  • स्व. ठाकुर दास यादव की 26वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, सुंदरकांड के साथ किया गया स्मरण

    स्व. ठाकुर दास यादव की 26वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, सुंदरकांड के साथ किया गया स्मरण

     टीकमगढ़

    जतारा वरिष्ठ किसान एवं सहकारिता नेता मेरे दादाजी स्वर्गीय  ठाकुर दास यादव जी पूर्व विधायक एवं पूर्व अध्यक्ष जिला सहकारी केंद्रीय बैंक टीकमगढ़ को 21 फरवरी 2026 को 26 वीं पुण्यतिथि पर समाधी स्थल बैरवार श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया इस अवसर पर सुंदरकांड किया गया वक्ताओं द्वारा उनके कार्यो याद किया एवं सभी ने कहा उनके बताये मार्ग तथा सिद्धांत सदा मार्गदर्शन एवं प्रेरणा देते है.इस अवसर पर  अमर सिंह यादव पूर्व प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक, प्रदेश प्रवक्ता  अजय सिंह यादव , पूर्व जनपद अध्यक्षद्वय  मलखान सिंह घोष,  लखन सिंह दांगी,जिला कांग्रेस अध्यक्ष  नवीन साहू, भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष  किशन पटेरिया भाजपा जिला महामंत्री  पवन जैन, जिला उपाध्यक्ष  मुकेश तिवारी, अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश कोषाध्यक्ष  गणेश आदिवासी,जतारा मण्डल अध्यक्ष  रोहित चौरसिया जिला पंचायत सदस्य  संजू यादव ,पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष  अब्दुल लतीफ़ चौधरी,वरिष्ठ अधिवक्तागण  सुरेश दुबे , जयहिंद यादव,  शफी मोहम्मद, मूरत सिंह यादव,  उदेनिया, पप्पू यादव रेलवे भोपाल,पार्षद  बाबूलाल गुप्ता, धीरेन्द्र चौबे पंजीयन,डॉ अंजनी दीक्षित, अशोक साहू पत्रकार  बंटी भार्गव,  रोहित तिवारी, सुन्दर यादव,  मनोहर यादव,  विपुल यादव  अभिनव यादव  अमन यादव   समिति प्रवंधक  महिपत यादव  सीताराम यादव  मुन्नालाल कुशवाहा, पंचायत सचिव  प्रमोद जैन  प्रीतम सेन, रामजी यादव,खरगपुर से  नरेंद्र यादव, देवेंद्र यादव,  रामराजा यादव  अखिलेश यादव  सतीश यादव , नीरज यादव  योगेंद्र यादव  धर्मेंद्र यादव एवं अन्य गणमान्य नागरिकजन उपस्थित रहे

  • पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले मेरठ पहुंचे सीएम योगी, तैयारियों की करेंगे समीक्षा

    पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले मेरठ पहुंचे सीएम योगी, तैयारियों की करेंगे समीक्षा

    मेरठ  

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रविवार के मेरठ दौरे को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।  पीएम से पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरठ पहुंचे हैं। वह सभास्थल सहित अन्य इंतजामों का जायजा लेंगे। सीएम की मौजूदगी में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

    प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारियों की समीक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस दौरान वह सभास्थल, मंच व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा घेरा, पार्किंग और वीआईपी मूवमेंट की रूपरेखा का जायजा लेंगे। अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि सभी तैयारियां तय समय सीमा में पूरी कर ली जाएं।
     
    अफसरों के अनुसार मुख्यमंत्री पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी कर सकते हैं। इसमें सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर रहेगा। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। शहर में प्रमुख मार्गों की बैरिकेडिंग, चेकिंग अभियान और ट्रैफिक डायवर्जन प्लान पर काम तेज कर दिया गया है। सभास्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बिजली और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
     
    ये बोले डीएम
    मुख्यमंत्री दोपहर दो बजे मेरठ पहुंचकर प्रधानमंत्री के दौरे से संबंधित तैयारियों का जायजा लेंगे। सुरक्षा और यातायात से जुड़े पहलुओं को परखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से पीएम के दौरे की तैयारी से जुड़े बिंदुओं की सीएम को जानकारी दी जाएगी।
    –  डॉ. वीके सिंह, डीएम

    रैपिड रेल के मोदीपुरम तक के कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे पीएम
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को मेरठ में रैपिड रेल के मोदीपुरम तक के कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे। उनके दौरे को लेकर एसपीजी कमांडो ने पहले ही डेरा डाल लिया है। मोहिउद्दीनपुर में जनसभा स्थल के बाद शताब्दीनगर और मेरठ साउथ मेट्रो स्टेशनों के अलावा हेलिपैड का भी एसपीजी ने निरीक्षण किया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड के साथ पुलिस-प्रशासन भी मुस्तैद है।

  • कन्या विवाह योजना बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य का संकल्प- राज्य मंत्री  दिलीप जायसवाल

    कन्या विवाह योजना बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य का संकल्प- राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल

    अनूपपुर

     कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रदेश सरकार की सबसे संवेदनशील और महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। यह केवल योजना नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है। हमारी सरकार बेटियों के विवाह की जिम्मेदारी स्वयं निभा रही है। यह सरकार का परम सौभाग्य और कर्तव्य है कि जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एसडीएम, तहसीलदार एवं अन्य प्रशासनिक अमला स्वयं उपस्थित रहकर वर-वधु को आशीर्वाद दे रहे हैं, जो सरकार की संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राज्य मंत्री  दिलीप जयसवाल आज कोतमा नगर पालिका के द्रोणाचार्य स्टेडियम में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। ‌

    राज्य मंत्री  जायसवाल ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। इसी सोच के साथ यह योजना संचालित की जा रही है ताकि हर बेटी का विवाह खुशी और गरिमा के साथ हो सके। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को भावी दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।

    मध्य प्रदेश कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  रामलाल रौतेल ने कहा कि विवाह हमारी संस्कृति की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। यह हमारे समाज और परिवार का आधार है। सामूहिक विवाह सम्मेलन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संबल और सहयोग के प्रतीक हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के साथ हमारी सरकार दोस्त बनकर हमेशा साथ खड़ी है। उन्होंने सभी दांपत्य जोड़ों को उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते शुभकामनाएं दी।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष जिला पंचायत मती प्रीति सिंह ने कहा कि सरकार माताओं, बहनों और बेटियों के हितों की रक्षा के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। हर विवाहित कन्या के माता-पिता अपनी बेटी को एक नए जीवन की शुरुआत के लिए आशीर्वाद दे रहे है। उन्होंने कहा कि सभी जोड़े नए जीवन में प्रवेश ले रहे हैं आपसी सामंजस्य एवं सहयोग से यह विवाह का बंधन जीवन भर निभाएं। उन्होंने सभी के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

    खुशियों से गूंजा समारोह स्थल 

    विवाह स्थल पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मंत्रोच्चार, जयमाला और आशीर्वाद के बीच नवदंपतियों के चेहरे पर मुस्कान साफ झलक रही थी। परिवारों ने शासन का आभार व्यक्त करते हुए इसे उनके लिए बड़ी राहत बताया। वैदिक मंत्रों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ 200 जोड़ों का सामूहिक विवाह समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। 

    वैदिक आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजन के साथ सभी जोड़ों ने सात फेरे लेकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। समारोह स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया था, जहां बड़ी संख्या में परिजन एवं आमजन उपस्थित रहे। आयोजन के अंतर्गत भव्य बारात निकाली गई, जिसमें बैंड-बाजे और पारंपरिक वेशभूषा ने उत्सव का माहौल बना दिया। बारातियों का पुष्पवर्षा एवं आतिथ्य सत्कार के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
     
    इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मती अर्चना कुमारी, जनपद अध्यक्ष अनूपपुर मती धनमति सिंह, जनपद अध्यक्ष कोतमा  जीवन सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष कोतमा  अजय सराफ, विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष  रामदास पूरी, नगर पालिका बिजुरी अध्यक्ष मती सहबीन पनिका, अनुविभागीय दंडाधिकारी अधिकारी राजस्व कोतमा  टी आर नाग, तहसीलदार कोतमा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी कोतमा  प्रदीप झारिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पत्रकार एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

  • सोने से पहले किचन में भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें, नहीं तो धन की हानि तय है

    सोने से पहले किचन में भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें, नहीं तो धन की हानि तय है

    भारतीय परंपरा और वास्तु शास्त्र में Kitchen को घर का सबसे पवित्र हिस्सा माना जाता है, क्योंकि यहां अन्नपूर्णा का वास होता है। वास्तु के अनुसार, रसोई की ऊर्जा सीधे तौर पर घर के सदस्यों की सेहत और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करती है। अक्सर हम दिनभर की थकान के बाद कुछ चीजों को अनदेखा कर देते हैं, जो वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं। तो आइए जानते हैं कि रात को सोने से पहले रसोई में किन चीजों को छोड़ना आपकी सुख-समृद्धि में बाधा डाल सकता है।

    जूठे बर्तन
    अक्सर लोग आलस्य के कारण रात के बर्तनों को सुबह धोने के लिए सिंक में ही छोड़ देते हैं। वास्तु के अनुसार, रात भर जूठे बर्तन रहने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और 'अलक्ष्मी' का प्रभाव बढ़ता है। इससे घर में क्लेश और धन की हानि होने की संभावना रहती है।

    खाली बाल्टी या बर्तन
    रसोई के सिंक या पीने के पानी वाली जगह पर कभी भी खाली बाल्टी या बर्तन नहीं रखने चाहिए। वास्तु शास्त्र कहता है कि रसोई में कम से कम एक बाल्टी या जग पानी भरकर जरूर रखना चाहिए। यह घर में धन के प्रवाह को निरंतर बनाए रखने का प्रतीक माना जाता है।

    चकला और बेलन
    रोटी बनाने के बाद कई लोग चकला और बेलन को बिना धोए ही रख देते हैं। ऐसा करना वास्तु की दृष्टि से बहुत बड़ा दोष माना जाता है। गंदे चकला-बेलन न केवल बीमारी का कारण बनते हैं, बल्कि इससे घर के सदस्यों के सम्मान में भी कमी आती है। इन्हें हमेशा धोकर और सुखाकर ही रखें।

    बिखरा हुआ कूड़ा-कचरा
    सोने से पहले सुनिश्चित करें कि रसोई का Dustbin खाली हो या ढका हुआ हो। रसोई में बिखरी हुई गंदगी रात भर नकारात्मकता फैलाती है, जिससे मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

    रात भर खुला न छोड़ें दूध
    दूध का संबंध चंद्रमा से होता है। रात को रसोई में दूध को खुला छोड़ना या बिना ढके रखना चंद्र दोष उत्पन्न कर सकता है। इससे परिवार में बेवजह का तनाव और आर्थिक उतार-चढ़ाव आ सकते हैं।

  • ग्रामीणों को हो रही आने जाने में असुविधा पहुंच मार्ग हुआ गड्ढे पत्थरों में तब्दील

    ग्रामीणों को हो रही आने जाने में असुविधा पहुंच मार्ग हुआ गड्ढे पत्थरों में तब्दील

    छबिलाल राजेंद्रग्राम

    भालू छुआ मार्ग जर्जर सड़क में ग्रामीणों को आने जाने में असुविधा हो रही है यह मार्ग भालू छुआ व परसेल के ग्रामीण जनो को आने-जाने  में सहज एवं सही मार्ग बताया जाता है जो कि यह मार्ग सीधा भालू चूहा से जरही के लिए निश्चित है और जरही से राजेंद्रग्राम के लिए मुख मार्ग तैनात है जिसमें कच्ची सड़क  व घाट चढ़ने में हो रही परेशानियों का सामना करते है।

     ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता चलने पर डर के कारण भय बना रहता है अगर गलती से पैर फिसल जाए व एक पत्थर गिर जाए तो जान जोखिम में हो सकता है लेकिन किसी अधिकारी या कर्मचारी पंचायत अधिकारियों को तनिक भी ग्रामीणों का परवाह नहीं है।

    इन ग्रामीणों के लोग करते हैं जर्जर सड़क में आवागमन 

    ग्रामीणों के द्वारा बताया गया की इस जर्जर मार्ग पर लगभग 5 से 6 ग्राम पंचायतो के ग्रामीणों का आवागमन रहता है जैसे भालू चूआ, परसेल कला, मौहारी, के पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भी आवा गमन रहता है जो की शासकीय हाई स्कूल जरही में स्थित है बच्चे अपना समस्या किसको बताएं कोई सुनने वाला ही नहीं है। और सबसे ज्यादा बरसात के मौसम में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है

  • बीएमएचआरसी में गैस पीड़ितों के मेडिकल रिकॉर्ड होंगे पूरी तरह डिजिटल

    बीएमएचआरसी में गैस पीड़ितों के मेडिकल रिकॉर्ड होंगे पूरी तरह डिजिटल

    भोपाल 

    भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) ने गैस पीड़ितों एवं उनकी आचित संतानों को और अधिक आधुनिक व सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। अस्पताल ने भारत सरकार के उपक्रम एचएलएल इन्फ्राटेक सर्विसेज लिमिटेड (हाइट्स) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। शनिवार को बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने हाइट्स के मध्य भारत के जोनल हेड एवं एसोसिएट वाइस प्रेजिडेंट प्रेम प्रकाश के साथ इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

    समझौते के तहत बीएमएचआरसी में उपलब्ध सभी गैस पीड़ितों एवं उनकी आश्रित संतानों के पुराने मेडिकल रिकॉर्ड को स्कैन कर डिजिटल प्रारूप में परिवर्तित किया जाएगा और उन्हें अस्पताल के हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (एचआईएमएस) से जोड़ा जाएगा। यह कार्य एक वर्ष की निर्धारित अवधि में पूर्ण किया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक मरीज का पूरा उपचार इतिहास, जांच रिपोर्ट, दवाओं का विवरण और पूर्व उपचार संबंधी जानकारी सुरक्षित रूप से डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगी।

    मेडिकल रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण से उपचार प्रक्रिया अधिक सुगम और प्रभावी होगी। डॉक्टर इलाज के दौरान कंप्यूटर स्क्रीन पर ही मरीज का संपूर्ण स्वास्थ्य विवरण देख सकेंगे, जिससे निर्णय तेऔर सटीकता के साथ लिया जा सकेगा। आपात स्थिति में भी रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध होगा और कागफाइलों पर निर्भरता कम होगी। इससे उपचार में निरंतरता बनी रहेगी, अनावश्यक जांचों की पुनरावृत्ति से बचाव होगा और समय की बचत होगी। साथ ही रिकॉर्ड के सुरक्षित संरक्षण से दस्तावेजों के गुम होने या अतिग्रस्त होने की आशंका भी समाप्त होगी।

    बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और बीएमएचआरसी गैस पीड़ितों को आधुनिक तकनीक आधारित बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मेडिकल रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण उपचार की गुणवत्ता को और सुदृढ करेगा तथा मरीजों को अधिक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी चिकित्सा सुविधा प्रदान करेगा।