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  • चाणक्य नीति: ये 4 आदतें इंसान को बना सकती हैं कंगाल, आज ही इनसे बना लें दूरी

    चाणक्य नीति: ये 4 आदतें इंसान को बना सकती हैं कंगाल, आज ही इनसे बना लें दूरी

    आचार्य चाणक्य को महान कूटनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और नीतिार माना जाता है. उनकी नीतियां आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी उस काल में थीं. चाणक्य नीति में धन के संचय, उसके सदुपयोग और उन कारणों का विस्तार से जिक्र किया गया है जो इंसान को फर्श से अर्श या इसके विपरीत ला सकते हैं.  कई बार व्यक्ति की लाख कोशिशों के बावजूद उसके पास पैसे टिक नहीं पाते और अचानक जेब खाली होने लगती है.  इसके पीछे कई बार हमारे अपने कुछ गलत व्यवहार और आदतें होती हैं.

    चाणक्य नीति के अनुसार, आइए जानते हैं वे 4 प्रमुख बातें या आदतें जो व्यक्ति को आर्थिक तंगी और कंगाली की ओर धकेल सकती हैं.

    1. फिजूलखर्च और धन का अनादर
    आचार्य चाणक्य का मानना था कि जो व्यक्ति बिना सोचे-समझे पानी की तरह पैसा बहाता है, उसके पास मां लक्ष्मी कभी नहीं टिकतीं. पैसों का अपमान करना, जरूरत से ज्यादा दिखावा करना या बिना किसी वजह के विलासिता पर धन लुटाना बहुत जल्दी तिजोरी खाली कर देता है.  धन वही सुरक्षित रहता है जहां उसका सदुपयोग और उचित प्रबंधन किया जाता है.

    2. अनुचित कार्यों से धन कमाना
    गलत तरीकों, भ्रष्टाचार, झूठ या दूसरों का हक मारकर कमाया गया धन कभी भी स्थायी नहीं होता.  चाणक्य के अनुसार, अधर्म के मार्ग से आया हुआ पैसा बहुत जल्दी और उतनी ही तेजी से वापस चला जाता है.  ऐसा धन व्यक्ति को आर्थिक रूप से तो बर्बाद करता ही है, साथ ही उसके जीवन में मानसिक अशांति और बड़े संकट भी लेकर आता है.

    3. धन संचय और बचत की कमी
    भविष्य की अनिश्चितताओं से निपटने के लिए धन की बचत करना बेहद जरूरी है.  जो लोग आज की कमाई आज ही खर्च कर देते हैं और बुरे वक्त या आपातकाल के लिए कुछ भी नहीं बचाते, वे बहुत जल्द बड़े संकट में फंस जाते हैं.  चाणक्य कहते हैं कि संकट के समय ही सच्चे मित्र और धन की असली पहचान होती है, इसलिए समझदारी इसी में है कि आय का कुछ हिस्सा हमेशा बचाकर रखा जाए.

    4. अहंकार और दान-धर्म से दूरी
    पैसा आने पर इंसान को कभी घमंड नहीं करना चाहिए. जो लोग धन के नशे में चूर होकर दूसरों का अनादर करते हैं.  अपनी कमाई में से जरूरतमंदों की मदद (दान) करना बंद कर देते हैं, उनका वैभव लंबे समय तक नहीं टिकता. समाज और जरूरतमंदों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भूल जाना भी कंगाली का एक बड़ा कारण बनता है.
     

  • ऋषभ पंत सिर्फ टेस्ट क्रिकेटर बनकर रह गए? ODI टीम से फिर बाहर, बढ़ी वापसी की चुनौती

    ऋषभ पंत सिर्फ टेस्ट क्रिकेटर बनकर रह गए? ODI टीम से फिर बाहर, बढ़ी वापसी की चुनौती

    नई दिल्ली
    स्टार विकेटकीपर ऋषभ पंत सिर्फ टेस्ट क्रिकेटर बनकर रह गए हैं? टीम इंडिया के इस स्टार विकेटकीपर-बैटर को वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 मैचों की ODI सीरीज के लिए नहीं चुना गया है. खास बात ये है कि पंत को इस सीरीज में मौका उस वक्त भी नहीं मिला, जब टीम के कुछ बड़े नाम एशियन गेम्स की वजह से उपलब्ध नहीं हैं.

    पंत को अब ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी सौंपी गई है. इस मुकाबले में रेस्ट ऑफ इंडिया का सामना रणजी ट्रॉफी चैंपियन जम्मू-कश्मीर से होगा. लेकिन टीम इंडिया की ODI टीम से बाहर रहने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पंत के लिमिटेड ओवर्स करियर की दिशा आखिर क्या है?

    T20I के बाद ODI में भी नहीं मिली जगह
    पिछले करीब दो साल से पंत टीम इंडिया की T20I टीम का हिस्सा नहीं हैं. वहीं ODI क्रिकेट में भी उनकी स्थिति लगातार बदलती रही है. नवंबर 2025 तक वह साउथ अफ्रीका के खिलाफ ODI स्क्वॉड में शामिल थे, लेकिन प्लेइंग XI में मौका नहीं मिला.

    2024 के श्रीलंका दौरे के बाद से पंत को T20I में भी जगह नहीं मिली. ODI में भी उनका आखिरी मैच अगस्त 2024 में श्रीलंका के खिलाफ आया था. इसके बाद से वह इस फॉर्मेट में टीम इंडिया की योजनाओं से बाहर ही दिखे हैं.

    अब 16 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI सीरीज के लिए टीम का ऐलान हुआ तो पंत का नाम एक बार फिर गायब था. यहां एक और बात गौर करने वाली है. उसी समय भारतीय टीम को एशियन गेम्स में भी हिस्सा लेना है. ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जो T20I और ODI दोनों टीमों का हिस्सा होते हैं और इस वजह से चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे.

    इसके बावजूद पंत बतौर बैकअप विकेटकीपर भी टीम में जगह नहीं बना सके. यानी टेस्ट क्रिकेट में भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल विकेटकीपर-बैटर में शामिल पंत फिलहाल सिर्फ एक फॉर्मेट के खिलाड़ी बनते नजर आ रहे हैं.

    ये सीरीज पंत के लिए क्यों थी बड़ा मौका?
    वेस्टइंडीज के खिलाफ ये सीरीज पंत के कमबैक के लिए एक अच्छा मौका मानी जा रही थी. लेकिन सेलेक्शन में ध्रुव जुरेल को बतौर बैकअप विकेटकीपर चुना गया. ईशान किशन इस सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में विकेटकीपर-बैटर के तौर पर पंत के लिए जगह बन सकती थी. इतना ही नहीं, श्रेयस अय्यर भी टीम में नहीं हैं. यानी मिडिल ऑर्डर में भी एक जगह खाली थी.अक्षर पटेल भी इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं. इसका मतलब टीम के टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर में एक लेफ्ट हैंडर की कमी भी नजर आती है.इसके बावजूद पंत को मौका नहीं मिला.

    रोहित शर्मा इस सीरीज में टीम इंडिया के लिए ओपन करते दिखेंगे. वहीं रवींद्र जडेजा की वापसी का मतलब है कि वह नंबर-7 पर बल्लेबाजी कर सकते हैं. ऐसे में टॉप-6 में पंत के लिए जगह बनाई जा सकती थी.

    पंत की अटैकिंग बैटिंग भी इस भूमिका में टीम के काम आ सकती थी. मिडिल ओवर्स में वह स्पिनर्स पर हमला करने, तेजी से बाउंड्री निकालने और अपनी अलग तरह की बल्लेबाजी से विपक्षी टीम की प्लानिंग बिगाड़ने की क्षमता रखते हैं.

    ODI क्रिकेट में उनके पास पारी को समय देने का भी विकल्प होता है. उन्हें पहली गेंद से ही हमला करने की जरूरत नहीं होती. वह पारी को आगे बढ़ाते हुए बाद के ओवर्स में गेंदबाजों पर दबाव बना सकते हैं.

    ODI में पंत का रिकॉर्ड कैसा है?
    ODI में पंत का करियर अभी बहुत लंबा नहीं रहा है. उन्होंने कुल 31 मुकाबले खेले हैं और 33.50 के औसत से 871 रन बनाए हैं. उनके ODI करियर की सबसे बड़ी पारी 2022 में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ आई थी. नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते हुए पंत ने 113 गेंदों पर 125 रन बनाए थे. इस पारी में उन्होंने 16 चौके और 2 छक्के लगाए. पंत की इसी पारी के दम पर भारत ने मुकाबला जीता था और ODI सीरीज भी अपने नाम की थी. यह इस फॉर्मेट में पंत का इकलौता शतक भी है. हालांकि दिसंबर 2022 के बाद से पंत ने सिर्फ एक ODI खेला है.

    दिसंबर 2022 में हुए कार एक्सीडेंट के बाद वह करीब एक साल तक क्रिकेट से दूर रहे. 2024 IPL में उन्होंने वापसी की और इसके बाद पूरी तरह फिट होने के बावजूद ODI में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले.

    अब वापसी कितनी मुश्किल?
    पंत ने आखिरी ODI अगस्त 2024 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था. इसके बाद से वह टीम से बाहर हैं. ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज को उनके लिए खुद को साबित करने का एक मौका माना जा रहा था. पर ध्रुव जुरेल को बैकअप विकेटकीपर की जिम्मेदारी दी गई. यही बात पंत के लिए टेंशन बढ़ाने वाली है. क्योंकि जब टीम के कुछ नियमित खिलाड़ी वापस आएंगे, तब कंपटीशन और बढ़ सकता. ऐसे में पंत के लिए टीम में वापसी की जगह निकालना आसान नहीं होगा.
    हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि पंत का ODI करियर खत्म हो चुका है.

    वह अभी सिर्फ 28 साल के हैं. उनके सामने वापसी का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं है. इंजरी से जुड़ी दिक्कतें, फॉर्म और वर्कलोड मैनेजमेंट जैसे फैक्टर आगे उनकी स्थिति बदल सकते हैं.सबसे अहम बात उनकी क्षमता है, जिस पर सवाल नहीं है. लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में सिर्फ क्षमता काफी नहीं होती, मौके भी चाहिए होते हैं.

    पंत के लिए मौका आएगा कहां से?
    वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI सीरीज में टीम में जगह न मिलना निश्चित तौर पर उनके लिमिटेड ओवर्स फ्यूचर के लिए एक अहम संकेत है. अब पंत की नजर ईरानी कप पर होगी, जहां वह रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी करते नजर आएंगे.

    वेस्टइंडीज सीरीज के लिए भारत की ODI टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार , मोहम्मद सिराज, आकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर.

    वेस्टइंडीज सीरीज के लिए भारत की T20I टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (व‍िकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव.

    रेस्ट ऑफ इंड‍िया टीम: ऋषभ पंत (कप्तान, विकेटकीपर), सनत सांगवान, शिखर मोहन, सुदीप घरामी, सरफराज खान (उपकप्तान), स्मरण रविचंद्रन, मानव सुथार, सारांश जैन, आकाश दीप*, मुकेश कुमार, मुकेश चौधरी, आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), आर्यन पांडे, अनुकूल रॉय, आयुष दोसेजा.

     

  • शिल्प को आधुनिक तकनीक व नए बाजार से जोड़ा पीएम मोदी ने: मुख्यमंत्री

    शिल्प को आधुनिक तकनीक व नए बाजार से जोड़ा पीएम मोदी ने: मुख्यमंत्री

    शिल्प को आधुनिक तकनीक व नए बाजार से जोड़ा पीएम मोदी ने: मुख्यमंत्री

    विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में सीएम योगी ने की सृष्टि के आदिशिल्पी की आराधना

    यूपी में तीन करोड़ से अधिक लोग कारीगरी व शिल्प से जुड़कर स्वावलंबन की राह पर: सीएम योगी

    भगवान विश्वकर्मा सृष्टि और पीएम मोदी नए भारत के शिल्पी: सीएम योगी

    गोरखपुर
    भगवान विश्वकर्मा की पावन जयंती पर शिल्पकारों-कारीगरों सहित समस्त प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो देश शिल्पकारों व कारीगरों को सम्मान देता है, वही आगे बढ़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इसी भावना को अपनाकर पीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का प्लेटफार्म दिया है। उन्होंने शिल्प व कारीगरी को आधुनिक तकनीक और नए बाजार से जोड़कर शिल्पकारों-कारीगरों को समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ाया है। 

    सीएम योगी गुरुवार सुबह जटाशंकर स्थित विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में आयोजित विश्वकर्मा पूजनोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंदिर में भगवान विश्वकर्मा की विधि विधान से आराधना करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राजमिस्त्री, बढ़ई, हलवाई, सोनार का काम करने वालों सहित कारीगरी के तमाम पेशे से जुड़े लोगों के लिए उनकी शिल्प कला ही स्वावलंबन का आधार थी। पर, यह हुनर, शिल्प-कारीगरी आजादी के बाद दशकों तक उपेक्षा का शिकार रही। पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में पहली बार डबल इंजन सरकार ने शिल्पकारों-कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट और रोजगार के विभिन्न आयामों के साथ जोड़कर उन्हें आगे बढ़ाया है। डबल इंजन सरकार के प्रोत्साहन से यूपी में आज तीन करोड़ से अधिक लोग कारीगरी, शिल्प से जुड़कर रोजगार और स्वावलंबन की राह पर सफलतापूर्वक आगे बढ़े हैं। 
     
    सीएम योगी ने कहा कि आज का दिन अत्यंत पवित्र है। आज सृष्टि के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती है तो साथ ही आज नए भारत के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन भी है। आज हर कारीगर, शिल्पी जिसके पास कोई विशिष्ट शिल्प है, वह पूजन के जरिये सृष्टि के शिल्पी प्रभु विश्वकर्मा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी के सुदीर्घ स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा, ‘गुरु गोरखनाथ की पावन धरा से भगवान विश्वकर्मा के मंदिर में सृष्टि के शिल्पी के श्रीचरणों में नमन करते हुए मैं यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर प्रदेशवासियों की तरफ से हृदय से बधाई देता हूं। यह प्रार्थना है कि लंबे समय तक उनका मार्गदर्शन प्राप्त होता रहे और उनकी विकसित भारत की परिकल्पना साकार हो।’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा पूजनोत्सव पुस्तक का विमोचन भी किया। 

    मुख्यमंत्री का स्वागत विश्वकर्मा पंचायत मंदिर समिति के अध्यक्ष दयानंद शर्मा ने किया। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, प्रदेश महामंत्री अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, स्थानीय पार्षद छट्ठीलाल गुप्ता, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, विश्वकर्मा पंचायत मंदिर समिति से जुड़े जयप्रकाश शर्मा, अनूप शर्मा, अजय विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही।

  • सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

    मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को दी विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सृजन, शिल्प और निर्माण के अधिष्ठाता भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित मुख्यमंत्री निवास के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री साय ने भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए प्रदेशवासियों, विशेषकर श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों, अभियंताओं, तकनीशियनों तथा उद्योग और निर्माण क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजनशीलता, कौशल, कर्मनिष्ठा और उत्कृष्टता के प्रतीक हैं। उनकी आराधना हमें अपने ज्ञान, हुनर और परिश्रम से समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देती है। विश्वकर्मा जयंती केवल हमारी आस्था और परंपरा से जुड़ा पर्व नहीं है, बल्कि यह श्रम की प्रतिष्ठा, कौशल के सम्मान और सृजन की शक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रदेश और राष्ट्र की प्रगति के पीछे उसके श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों और निर्माणकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। खेत-खलिहानों से लेकर कारखानों तक, छोटे-छोटे प्रतिष्ठानों से लेकर बड़े उद्योगों तक और पारंपरिक शिल्प से लेकर आधुनिक तकनीक तक, हमारे कुशल हाथ अपने परिश्रम और प्रतिभा से विकास को आकार देते हैं।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान सदैव मेहनतकश लोगों और समृद्ध शिल्प परंपरा की रही है। हमारे शिल्पकारों और कारीगरों ने पीढ़ियों से अपने हुनर के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजा है। वहीं आज के श्रमिक, अभियंता और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवा आधुनिक छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। परंपरागत कौशल और आधुनिक तकनीक का यह समन्वय प्रदेश के विकास को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रम केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सृजन और राष्ट्र निर्माण की शक्ति है। प्रत्येक श्रमिक के परिश्रम और प्रत्येक कारीगर के हुनर का सम्मान करना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ के श्रमिक, कारीगर और निर्माण से जुड़े लाखों हाथ अपने परिश्रम से प्रदेश की प्रगति को निरंतर गति दे रहे हैं। उनका श्रम और कौशल समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत नींव है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती हमें यह संदेश भी देती है कि हम अपने प्रत्येक कार्य को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता के साथ करें। बदलते समय के अनुरूप कौशल को निरंतर निखारना और नई तकनीक को अपनाना आज की आवश्यकता है। कौशलयुक्त और परिश्रमी मानव संसाधन के बल पर ही हम आत्मनिर्भर, आधुनिक और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार कर सकते हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना की कि वे प्रदेश के सभी श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों, अभियंताओं और उद्यमियों को अपने कार्य में निरंतर सफलता प्रदान करें तथा उनके कौशल और परिश्रम से छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और खुशहाली के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

  • शतरंज ओलिंपियाड में भारत की विजयी शुरुआत, पुरुष टीम ने थाइलैंड को 3-1 से हराया

    शतरंज ओलिंपियाड में भारत की विजयी शुरुआत, पुरुष टीम ने थाइलैंड को 3-1 से हराया

    समरकंद (उज्बेकिस्तान)
    विश्व चैंपियन डी गुकेश, निहाल सरीन और विदित गुजराती ने शानदार जीत दर्ज की, लेकिन अर्जुन एरिगेसी की मुकाबले के अंतिम दौर में हुई चूक के कारण भारत क्लीन स्वीप से चूक गया। भारतीय पुरुष टीम ने बुधवार को 46वें विश्व शतरंज ओलिंपियाड में अपने अभियान की शुरुआत थाइलैंड पर 3-1 की जीत के साथ की।

    निहाल सरीन भारत की ओर से सबसे पहले जीत दर्ज करने वाले खिलाड़ी रहे। उन्होंने थानादोन कुलप्रुएथानोन को हराया। इसके बाद गुकेश ने शानदार आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए फारिस राशिद को मात दी। विदित गुजराती ने तुप्फाह खुमनोर्काएव के विरुद्ध आसान जीत दर्ज कर भारत की जीत पक्की कर दी।

    हालांकि, अर्जुन एरिगेसी को प्रिन लाओहाविरापाप के विरुद्ध हार का सामना करना पड़ा। वह मुकाबले के अधिकांश हिस्से में मजबूत स्थिति में थे। सफेद मोहरों से खेल रहे अर्जुन ने मिडिलगेम के अंतिम चरण में बड़ा फायदा हासिल करने का मौका गंवा दिया और मुकाबला छठे घंटे तक खिंच गया।

    20 वर्षीय लाओहाविरापाप ने समय की कमी के बावजूद अपना धैर्य बनाए रखा और अर्जुन की अंतिम गलती का फायदा उठाया। मात से बचने का कोई रास्ता नहीं बचने पर अर्जुन ने बाजी छोड़ दी। शुरुआती दिन अर्जुन अकेले बड़े नाम नहीं थे जिन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।

    अमेरिका के शीर्ष रेटेड खिलाड़ी लेवोन अरोनियन को इराक के अली एहसान आर्यन ने ड्रा पर रोक दिया। वहीं, भारतीय महिला टीम ने अपने अभियान की शुरुआत डोमिनिकन रिपब्लिक के विरुद्ध शानदार 4-0 की जीत से की। भारत की शीर्ष रैंकिंग वाली खिलाड़ी कोनेरू हंपी ने सफेद मोहरों से फ्रांसेस्का रामिरेज लुजोन को हराकर जीत के साथ शुरुआत की।

    आर वैशाली ने मिगुएलिना डी ला रोसा मार्टिनेज के विरुद्ध सहज जीत दर्ज की। वंतिका अग्रवाल को मैरी लोली गोंजालेज पेगुएरो के विरुद्ध जीत हासिल करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ी। मुकाबला ड्रा की ओर बढ़ता दिख रहा था, लेकिन उनकी प्रतिद्वंद्वी की एक गलती के बाद रुख और माइनर पीस वाले एंडगेम की स्थिति बनी, जिसमें वंतिका का आगे बढ़ा हुआ पास्ड प्यादा निर्णायक साबित हुआ। बी साविताश्री ने भी ओलिंपिक में पदार्पण करते हुए कार्ला म्या नुनेज डियाज को हराकर जीत दर्ज की।

  • Flipkart Big Billion Days Sale का ऐलान, 9 अक्टूबर से शुरू होगी बड़ी सेल, मिलेंगे बंपर ऑफर्स

    Flipkart Big Billion Days Sale का ऐलान, 9 अक्टूबर से शुरू होगी बड़ी सेल, मिलेंगे बंपर ऑफर्स

    Flipkart पर बड़ी सेल का ऐलान हो गया है, जिसका नाम बिग बिलियन डेज सेल है. कंपनी ने ऐप पर पोस्टर जारी करके बताया है कि 9 अक्तूबर से Flipkart Big Billion Days सेल शुरू होगी. 24 घंटे पहले प्लस और ब्लैक मेंबर्स को अर्ली एक्सेस मिलेगा.

    Flipkart बिग बिलियन डेज सेल के दौरान स्मार्टफोन, होम अप्लायंस, स्मार्ट टीवी, वॉशिंग मशीन और मोबाइल असेससरीज आदि को सस्ते दाम में खरीदा जा सकेगा.

    सेल के लिए अलग से पेज तैयार किया है, जिसमें बताया है कि इस सेल के दौरान 10 परसेंट का इंस्टैंट कैशबैक मिलेगा. इंस्टैंट कैशबैक के लिए चुनिंदा बैंक के कार्ड का इस्तेमाल करना होगा.

    फ्लिपकार्ट सेल में टॉप डील्स मिलेंगी
    फ्लिपकार्ट सेल के पेज पर बताया है कि जल्द ही टॉप डील्स का खुलासा किया जाएगा. सेल के दौरान कई प्रोडक्ट के दाम में गिरावट, डबल डिस्काउंट आदि का फायदा उठाया जा सकेगा.

    iPhone पर बंपर ऑफर
    फ्लिपकार्ट BBD सेल के दौरान iPhone पर भी बंपर ऑफर्स मिलेगा. सेल के दौरान iPhone 16, iPhone 17 और कई पुराने मॉडल्स पर ऑफर्स देखने को मिलेंगे. ऐपल ने हाल ही में iPhone 18 Pro सीरीज लॉन्च की है, जिसपर बैंक ऑफर्स का फायदा उठाया जा सकता है.

    मोबाइल असेसरीज
    फ्लिपकार्ट की अपकमिंग सेल के दौरान मोबाइल असेसरीज पर कई बड़ी डील्स देखने को मिलेंगी. सेल के दौरान मोबाइल चार्जर, केबल, कवर, TWS और पावर बैंक आदि को सस्ते दाम में खरीदा जा सकेगा.

    स्मार्ट टीवी और होम अप्लायंस पर ऑफर
    फ्लिपकार्ट BBD सेल के दौरान होम अप्लायंस और स्मार्ट टीवी, एयर कंडीशनर (AC), फ्रिज और वॉशिंग मशीन पर भी कमाल की डील्स देखने को मिल सकती है. सेल के दौरान बैंक ऑफर्स की मदद से कीमत को काफी कम किया जा सकेगा.

     

  • बिना खेले बांग्लादेश सेमीफाइनल में पहुंचा, बारिश ने चीन का एशियन गेम्स सफर किया खत्म

    बिना खेले बांग्लादेश सेमीफाइनल में पहुंचा, बारिश ने चीन का एशियन गेम्स सफर किया खत्म

    निशिन (जापान)
     एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट इवेंट की शुरुआत हो गई है। पहले महिलाओं के इवेंट हो रहे हैं। कुल 8 टीमें हिस्सा ले रही हैं और सभी मैच नॉकआउट हैं। बांग्लादेश की महिला टीम का पहले क्वार्टर फाइनल में चीन से सामना होता था। भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 से कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में मुकाबला होना था लेकिन बारिश और मैदान गीला होने की वजह से मैच टॉस के बिना ही रद्द करना पड़ा।

    बांग्लादेश की टीम सेमीफाइनल में पहुंची
    अंपायरों ने आउटफिल्ड ठीक होने का इंतजार किया। लंबे समय तक इंतजार के बाद भी जब मैच के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं हुईं। इसी वजह से अंपायर्स ने मैच को रद्द करने की घोषणा कर दी। मैच रद्द होने के बाद भी बांग्लादेश की टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रही है। वहीं दूसरी तरफ बिना मैच खेले ही चीन का सफर समाप्त हो गया है।

    इस तरह बांग्लादेश प्लेइंग कंडीशंस 16.10.2 (b) के तहत सेमीफाइनल में पहुंच गया। इस नियम के अनुसार, मैच रद्द होने की स्थिति में बेहतर रैंकिंग वाली टीम आगे बढ़ती है। महिला टी20 टीम रैंकिंग में चीन 35वें नंबर पर है तो बांग्लादेश का नंबर-10 है। इसी वजह से टीम को सेमीफाइनल में जगह मिल गई।

    भारत का क्वार्टर फाइनल मैच जापान से
    एशियन गेम्स 2022 में भारतीय महिला टीम ने क्रिकेट का गोल्ड जीता था। टीम अपने अभियान की शुरुआत जापान के खिलाफ खेलेगी। 18 सितंबर को दोनों टीमों के बीच सेमीफाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच की शुरुआत भारतीय समय अनुसार सुबह साढ़े 10 बजे से होगी। अगर भारतीय टीम सेमीफाइनल में जाती है तो उनका सामना बांग्लादेश से ही होने की उम्मीद है। हाल में ही एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में भारतीय महिला टीम ने बांग्लादेश को हराया था।

  • आलू-पनीर खाकर हो गए हैं बोर? ट्राई करें राजस्थान की फेमस चक्की की सब्जी

    आलू-पनीर खाकर हो गए हैं बोर? ट्राई करें राजस्थान की फेमस चक्की की सब्जी

    रोज-रोज आलू-पनीर की सब्जी खाकर बोर हो गए हैं और कुछ नया और टेस्टी खाना चाहते हैं तो आप राजस्थान की एक स्पेशल रेसिपी ट्राई कर सकते हैं. राजस्थानी खाना अपने देसी स्वाद और अनोखी रेसिपीज के लिए जाना जाता है. यहां कई ऐसी सब्जियां बनाई जाती हैं, जिन्हें देखकर अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता कि इन्हें किस चीज से तैयार किया गया है. ऐसी ही एक खास डिश है राजस्थानी चक्की की सब्जी.

    अगर आप कुछ नया और मसालेदार खाना चाहते हैं तो आप इस डिश को झटपट बना सकते हैं. इसमें गेहूं के आटे से पहले चक्की तैयार की जाती है और फिर इसे मसालेदार, मलाईदार ग्रेवी में पकाया जाता है. आइए आपको राजस्थान की फेमस चक्की की सब्जी बनाने का तरीका बताते हैं.

    चक्की की सब्जी बनाने के लिए सामग्री
    चक्की के लिए
        गेहूं का आटा
        चक्की तलने के लिए घी

    ग्रेवी के लिए
        1 प्याज
        4-5 लहसुन की कलियां
        2 हरी मिर्च
        8-10 काजू
        ½ कप गाढ़ा दही
        1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
        1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
        ¼ छोटा चम्मच हल्दी
        स्वादानुसार नमक
        ½ छोटा चम्मच गरम मसाला
        ½ छोटा चम्मच कसूरी मेथी
        जरूरत के अनुसार पानी

    राजस्थानी चक्की की सब्जी बनाने का तरीका
    आटे से तैयार करें चक्की
    सबसे पहले गेहूं के आटे में पानी डालकर नरम आटा गूंथ लें. अब इस आटे को पानी में अच्छी तरह मसलते और धोते रहें. पानी बदल-बदलकर इसे तब तक धोएं, जब तक आटे का स्टार्च काफी हद तक निकल न जाए और बचा हुआ हिस्सा ग्लूटेन जैसा लचीला न हो जाए.

    पहले भाप में पकाएं
    अब तैयार ग्लूटेन वाले मिक्सर को स्टीम करके पका लें. ठंडा होने पर इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटें और हल्का दबाकर चक्की जैसी शेप दें. एक पैन में घी गर्म करें और इन टुकड़ों को हल्का गोल्डन होने तक फ्राई कर लें.

    तैयार करें मसालेदार ग्रेवी
    अब प्याज, लहसुन, हरी मिर्च और काजू को गाढ़े दही के साथ मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें. इससे सब्जी की ग्रेवी काफी अच्छी और क्रीमी बनेगी.

    ग्रेवी को पकाएं
    कड़ाही में थोड़ा घी या तेल गर्म करें. इसमें तैयार पेस्ट डालकर मिडियम फ्लेम पर भूनें. अब लाल मिर्च, धनिया पाउडर, हल्दी और नमक डालें और मसाले को अच्छी तरह पकने दें. जरूरत के हिसाब से थोड़ा पानी डालकर ग्रेवी को कुछ देर पकाएं.

    चक्की डालकर पकाएं
    जब ग्रेवी अच्छी तरह पक जाए तो इसमें गरम मसाला और कसूरी मेथी डालें. अब फ्राई की हुई चक्की के टुकड़े ग्रेवी में डालकर कुछ मिनट फ्लेम स्लो करके पकाएं. इससे चक्की मसालेदार ग्रेवी का स्वाद अच्छी तरह सोख लेगी.

    रोटी-चावल के साथ परोसें सब्जी
    रोटी, पराठे या चावल के साथ गरमा-गरम राजस्थानी चक्की की सब्जी सर्व करें. जब घर पर अचानक मेहमान आ जाएं तो भी आप चक्की की ग्रेवी वाली सब्जी बनाकर उनको खिला सकते हैं.

  • एशियन गेम्स से पहले भारतीय खिलाड़ियों की बढ़ी मुश्किलें, जापान में नहीं मिला रहने और खाने का इंतजाम

    एशियन गेम्स से पहले भारतीय खिलाड़ियों की बढ़ी मुश्किलें, जापान में नहीं मिला रहने और खाने का इंतजाम

    नई दिल्ली
     भारतीय खिलाड़ी मंगलवार सुबह दो अलग-अलग बैच में जापान के लिए रवाना हुए। पहला दल मंगलवार सुबह और दूसरा कुछ घंटे बाद दोपहर में दिल्ली एयरपोर्ट से रवाना हुआ। बैंकाक में ठहराव के बाद पहला दल बुधवार सुबह करीब आठ बजे जापान के स्थानीय समय के अनुसार नागोया पहुंचा।

    इसके करीब एक घंटे बाद वे उस क्रूज जहाज पर पहुंचे, जो नागोया में खड़ा है। 12 घंटे से अधिक की थकाऊ यात्रा के बाद खिलाड़ियों को कुछ आराम मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, उन्हें आवास मिलने का इंतजार हर गुजरते घंटे के साथ बढ़ता गया और संबंधित अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर सके।

    भारतीय रोइंग टीम को नहीं मिली रहने की जगह
    एक भारतीय खिलाड़ी ने बताया कि हम सुबह करीब नौ बजे यहां पहुंचे थे और अब शाम के 6:30 बज चुके हैं, लेकिन हमें अभी तक वादा किया गया आवास नहीं मिला है। वह 30 सदस्यीय भारतीय रोइंग दल का हिस्सा हैं, जिसमें 17 पुरुष और पांच महिला खिलाड़ी शामिल हैं। हालांकि, बताया जा रहा है कि महिला रोइंग टीम को किसी अन्य स्थान पर ठहराया गया है।

    आयोजन समिति के अनुसार, करीब 4,000 खिलाड़ियों और अधिकारियों को कोस्टा सेरेना नामक क्रूज जहाज पर ठहराया जाना है। यह जहाज करीब 3,000 मीटर लंबा है और इसमें 1,500 केबिन हैं। इसके अलावा खर्च कम करने के लिए खिलाड़ियों और अधिकारियों को लकड़ी के कंटेनर जैसे बने हट्स और सामान्य होटल के कमरों में भी ठहराने की व्यवस्था की गई है।

    खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा खाना
    भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि हमने सोमवार शाम से ठीक से नींद नहीं ली है। पहले हम पुणे स्थित आर्मी रोइंग नोड से दिल्ली के लिए निकले और फिर अगले दिन सुबह जापान की उड़ान पकड़ी। रोइंग टीम के अलावा तीन अन्य भारतीय टीमें भी आवास के बिना इसी सुविधा में फंसी हुई बताई जा रही हैं।

    खिलाड़ी ने आगे कहा कि हमें अभी तक खाने के लिए भी कुछ नहीं मिला है। आयोजन समिति के सदस्यों ने सिर्फ पानी उपलब्ध कराया है। अभी तक हम घर से लाया हुआ खाना खाकर गुजारा कर रहे हैं। हम बिना खाने के कुछ समय रह सकते हैं, लेकिन हमें आराम की जरूरत है क्योंकि हमारी प्रतियोगिता 19 सितंबर से शुरू हो रही है। भारतीय रोवर्स गुरुवार सुबह से अभ्यास शुरू करने वाले हैं।

    शूटिंग सहित अन्य दलों के लिए भी स्थिति खराब
    रोवर्स की स्थिति अकेली नहीं है। शूटिंग सहित अन्य भारतीय टीमों और सुबह यहां पहुंचने वाले भारतीय ओलंपिक संघ के कुछ अधिकारियों को भी वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक, आयोजक अब खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए होटल के कमरे उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं। इसका मतलब है कि खिलाड़ियों को एक ही गेम्स विलेज में नहीं, बल्कि अलग-अलग स्थानों पर ठहराया जा सकता है।

    कमरों की कमी इसलिए भी पैदा हुई है क्योंकि आयोजकों ने एक जगह पर केंद्रीकृत गेम्स विलेज बनाने के बजाय खर्च कम करने के उद्देश्य से उसकी जगह क्रूज जहाज को चुना। अब यह देखना होगा कि खिलाड़ियों को आवास के लिए और कितनी देर इंतजार करना पड़ता है।

  • PM मोदी को क्यों पसंद है देव आनंद की ‘गाइड’? 15 साल की उम्र में देखी फिल्म ने छोड़ा गहरा असर

    PM मोदी को क्यों पसंद है देव आनंद की ‘गाइड’? 15 साल की उम्र में देखी फिल्म ने छोड़ा गहरा असर

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 76 साल के हो गए हैं. पीएम मोदी खुद कहते हैं कि वह फिल्मों के ज्यादा शौकीन नहीं हैं लेकिन एक फिल्म ऐसी है जिसने उन पर गहरा असर डाला है. वह कुछेक मौकों पर इस फिल्म का जिक्र भी कर चुके हैं. ऐसे में हम आपको उस फिल्म से जुड़ा पीएम मोदी का एक किस्सा बताने जा रहे हैं.

    पीएम मोदी को हिंदी फिल्मों के सदाबहार एक्टर देव आनंद साहब की क्लासिक फिल्म गाइड बहुत पसंद है. इस फिल्म में देव आनंद के साथ वहीदा रहमान ने काम किया है. खास बात यह है कि मोदी ने इस फिल्म को उस दौर में देखा था, जब उनकी उम्र महज 15 साल थी. बाद में उन्होंने बताया कि उस उम्र में देखी गई गाइड फिल्म ने उनके मन पर गहर असर डाला.

    गाइड फिल्म 1965 में रिलीज हुई थी. इसका डायरेक्शन विजय आनंद ने किया था और इसमें देव आनंद के साथ वहीदा रहमान मुख्य भूमिका में थीं. फिल्म की कहानी आरके. नारायण के 1958 में उपन्यास द गाइड पर आधारित थी. फिल्म की कहानी दरअसल राजू नाम के एक टूरिस्ट गाइड और रोजी के इर्द-गिर्द घूमती है. रोजी एक ऐसे विवाह में बंधी है जिसमें वह खुश नहीं है और आगे चलकर राजू की जिंदगी से जुड़ती है. फिल्म में व्यक्तिगत आजादी, रिश्ते, महत्वाकांक्षा, सामाजिक नजरिया और आध्यात्मिकता जैसे कई पहलू एक साथ सामने आते हैं.

    पीएम मोदी ने इस फिल्म से जुड़ी हुई जिस बात को सबसे ज्यादा याद किया. वह सिर्फ फिल्म की कहानी नहीं थी, बल्कि उसका मूल विचार था. उनके मुताबिक, गाइड का बुनियादी संदेश था कि हर व्यक्ति को मार्गदर्शन अपने अंतर्मन से ही मिलता है. वह खुद कहते हैं कि उन्होंने यह फिल्म उस समय देखी थी, जब उनकी उम्र ज्यादा नहीं थी. ऐसे में उन्होंने जब फिल्म के इस विचार को लेकर अपने दोस्तों से चर्चा की तो उस समय उनके दोस्तों ने उसे बहुत गंभीरता से नहीं लिया था.

    पीएम मोदी पर गाइड का असर सिर्फ उसके दार्शनिक विचार तक सीमित नहीं था. फिल्म में गांवों में सूखे और पानी की कमी जैसे सीन का उन पर असर हुआ यानी फिल्म में ग्रामीण भारत की वास्तविक समस्या का उन पर गहर असर हुआ.

    साल 2018 में लद्दाख के छात्रों का एक समूह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके आवास पहुंचा था. बातचीत के दौरान एक छात्र ने उनसे पूछा कि वह किस तरह की फिल्में देखते हैं और उनकी पसंदीदा फिल्म कौन सी है? पीएम मोदी ने जवाब दिया कि उनके पास फिल्में देखने के लिए ज्यादा समय नहीं है लेकिन बचपन और युवावस्था में उन्होंने कुछ फिल्में देखी थीं जिनमें गाइड ने उनके मन में खास जगह बनाई.

    दिलचस्प बात यह है कि गाइड अपने समय की आम हिंदी फिल्मों से अलग थी. इसमें देव आनंद का किरदार राजू शुरुआत में एक टूरिस्ट गाइड है, लेकिन परिस्थितियां उसे ऐसी जगह ले जाती हैं जहां लोग उसे आध्यात्मिक व्यक्ति के रूप में देखने लगते हैं.  वहीं वहीदा रहमान की रोजी का किरदार भी उस दौर के सामाजिक ढांचे में एक महिला की अपनी इच्छा, पहचान और स्वतंत्रता की तलाश को सामने रखता है. फिल्म का यही सफर इसे केवल रोमांटिक कहानी से आगे ले जाता है.

    फिल्म गाइड का गाना आज फिर जीने की तमन्ना है और तेरे मेरे सपने जैसे गाने काफी पॉपुलर हुए थे और आज भी लोगों की जुबां पर हैं.  गाइड एक अंग्रेजी संस्करण भी बनाया गया था, जिसे टाड डेनियल्स्की ने निर्देशित किया था.

    पीएम मोदी ने कई मौकों पर देव आनंद की काफी सराहना भी की है. 26 सितंबर 2023 को देव आनंद की 100वीं जयंती पर मोदी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वह एवरग्री आइकॉन थे. उनकी कहानी कहने की शैली और सिनेमा के प्रति उनका जुनून बेजोड़ था. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि देव आनंद की फिल्मों ने सिर्फ मनोरंजन नहीं किया, बल्कि बदलते समाज और भारत की आकांक्षाओं को भी सामने रखा.