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  • सेवा संकल्प अभियान: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से आत्मनिर्भरता की राह पर रानू कैवर्त

    सेवा संकल्प अभियान: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से आत्मनिर्भरता की राह पर रानू कैवर्त

    सेवा संकल्प अभियान: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से आत्मनिर्भरता की राह पर रानू कैवर्त

    बिहान से जुड़कर हुनर को बनाया कारोबार का आधार, सिलाई से किराना और मुर्गी पालन से हैचरी तक कई गतिविधियों से सालाना 2 से 3 लाख रुपये की आय

    रायपुर, 
     गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत अंडी निवासी श्रीमती रानू कैवर्त की सफलता ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान से जुड़कर श्रीमती रानू कैवर्त ने अपने हुनर, मेहनत और उपलब्ध संसाधनों को आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़ा और आज उनकी वार्षिक आय लगभग 2 से 3 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

    श्रीमती रानू कैवर्त शिव गुरु महिला स्व-सहायता समूह की सचिव हैं। बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें समूह के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने समूह से प्राप्त सहयोग और मार्गदर्शन का उपयोग करते हुए एक ही व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय कई आजीविका गतिविधियों को अपनाया। सिलाई कार्य, कपड़ों की दुकान, किराना स्टोर, बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और हैचरी जैसे कार्यों को उन्होंने अपनी आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा बनाया।

    इन प्रयासों ने न केवल उनकी आय के स्रोतों में विस्तार किया, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया। आज श्रीमती रानू कैवर्त अपनी मेहनत और बहुआयामी आजीविका गतिविधियों के माध्यम से सालाना लगभग 2 से 3 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं और लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से महिलाओं को मिला नया अवसर

    श्रीमती रानू कैवर्त की सफलता को ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की उस व्यापक पहल से जोड़कर देखा जा सकता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को प्रमुखता दी है। केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका, वित्तीय समावेशन, कौशल, उद्यमिता और संस्थागत ऋण तक पहुंच के लिए सहायता दी जाती है। लखपति दीदी पहल इसी मिशन का एक परिणाम है, जिसका उद्देश्य स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों को टिकाऊ आधार पर कम से कम एक लाख रुपये वार्षिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। केन्द्र सरकार के अनुसार जुलाई 2026 तक देशभर में 10.08 करोड़ ग्रामीण परिवारों को लगभग 92 लाख स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका था और 3.46 करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी के रूप में सक्षम हुई थीं।

    छत्तीसगढ़ में भी लाखों महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं

    केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत   2.79 लाख स्व-सहायता समूह सक्रिय थे और लगभग 29.78 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रही थीं।

    यह व्यवस्था महिलाओं को केवल समूह से जोड़ने तक सीमित नहीं है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों को वित्तीय समावेशन, टिकाऊ आजीविका और सामुदायिक संस्थाओं के सशक्तिकरण से जोड़ा जाता है। केन्द्र सरकार की ओर से समूहों को रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड जैसी सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान भी है, जिससे महिलाएं अपनी आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए पूंजी और संस्थागत सहयोग प्राप्त कर सकें।

    एक नहीं, कई आजीविका गतिविधियों से बढ़ी आय

    रानू कैवर्त की कहानी की खासियत यह है कि उन्होंने अपनी आय के लिए एक ही साधन पर निर्भर रहने के बजाय कई गतिविधियों को जोड़ा। सिलाई और कपड़ों की दुकान से लेकर किराना व्यवसाय, बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और हैचरी तक के कार्यों ने उनके लिए आय के अलग-अलग अवसर तैयार किए हैं।

    रानू बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने का अवसर मिला। बिहान समूह से प्राप्त सहयोग और मार्गदर्शन का बेहतर उपयोग करते हुए उन्होंने अलग-अलग आजीविका गतिविधियां अपनाईं। उनके अनुसार, समूह से जुड़ने से उनमें अपने दम पर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

    महतारी वंदन योजना से मिला अतिरिक्त आर्थिक संबल

    श्रीमती रानू कैवर्त को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी प्राप्त होती है। उनके अनुसार नियमित आर्थिक सहायता से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिलता है और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आत्मविश्वास मजबूत हुआ है। अपनी सफलता और आत्मनिर्भरता की दिशा में मिले अवसरों के लिए श्रीमती रानू कैवर्त ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

    सेवा संकल्प अभियान में सामने आई आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी

    श्रीमती रानू कैवर्त की कहानी यह बताती है कि जब ग्रामीण महिलाओं को संगठन, मार्गदर्शन, वित्तीय एवं आजीविका संबंधी अवसर मिलते हैं और वे अपनी मेहनत व हुनर को व्यवसाय से जोड़ती हैं, तो परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

    सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई यह कहानी केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व्यवस्था, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लखपति दीदी के संकल्प और राज्य में बिहान के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को मिल रहे सहयोग के बीच बने समन्वय की एक मिसाल है। रानू कैवर्त ने अपने हुनर और मेहनत को अवसर से जोड़कर आत्मनिर्भरता की राह बनाई है और अब गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।

  • IndiGo का किराया बढ़ा, बच्चे के साथ सफर करने पर अब देने होंगे ₹1,000 ज्यादा

    IndiGo का किराया बढ़ा, बच्चे के साथ सफर करने पर अब देने होंगे ₹1,000 ज्यादा

    मुंबई 

    इंडिगो से हवाई सफर करने वालों के लिए काम की खबर है. एयरलाइन ने कई सेवाओं के चार्ज बढ़ा दिए हैं. घरेलू उड़ानों में 2 साल से कम उम्र के बच्चों का किराया अब 2,000 से बढ़कर 3,000 हो गया है. यानी बच्चे के साथ सफर करने वाले माता-पिता को हर ट्रिप पर 1,000 ज्यादा देने होंगे। 

    छोटे बच्चे के लिए विमान में अलग सीट नहीं मिलती है, लेकिन टिकट बुक करते समय उसकी जानकारी देना जरूरी होता है. देश में हर साल करीब 10 लाख नवजात बच्चे माता-पिता के साथ हवाई सफर करते हैं. ऐसे में किराया बढ़ने से इंडिगो की कमाई में करीब 90 करोड़ का इजाफा होने का अनुमान है। 

    सिर्फ नवजात बच्चों का किराया ही नहीं बढ़ा है. एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सामान ले जाने का चार्ज भी ₹700 से बढ़ाकर ₹800 प्रति किलो कर दिया गया है। वहीं, अकेले सफर करने वाले बच्चों की फीस ₹5,000 से बढ़कर ₹5,999 हो गई है. इंडिगो ने प्रायोरिटी चेक-इन और बोर्डिंग का चार्ज भी बढ़ाया है। अब इसके लिए यात्रियों को ₹450 की जगह ₹650 देने होंगे. ट्रैवल सर्टिफिकेट के लिए भी अब ₹200 की जगह ₹300 चुकाने होंगे। 

    यानी इंडिगो से सफर करने वालों के लिए टिकट के अलावा कुछ दूसरी सेवाएं भी अब महंगी हो गई हैं. खासकर नवजात बच्चे के साथ सफर करने वाले परिवारों, ज्यादा सामान ले जाने वालों और अकेले यात्रा करने वाले बच्चों के लिए खर्च पहले से बढ़ गया है। 

     

  • रीवा में उपचार में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त

    रीवा में उपचार में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त

    रीवा में उपचार में लापरवाही एवं अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई

    डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त, औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी निलंबित
    अथर्व ब्लड सेंटर की अनियमितताओं पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश

    रीवा

    रीवा में मरीज के उपचार में लापरवाही एवं अनियमितताओं पर जांच के उपरांत कड़ी कार्रवाई की गई है। श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं 16 सितंबर 2026 के अपरान्ह से समाप्त कर दी गई हैं। डॉ. अग्रवाल के विरुद्ध मरीजों को नर्सिंग होम जाने के लिए बाध्य करने संबंधी शिकायत पर गठित उच्च स्तरीय समिति की जांच में दीर्घशास्ति हेतु अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जांच प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद कार्यकारिणी समिति के संकल्प के आधार पर मध्यप्रदेश स्वशासी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयीन शैक्षणिक आदर्श सेवा नियम, 2018 के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है। आदेशानुसार डॉ. अग्रवाल भविष्य में किसी भी शासकीय/स्वशासी सेवा के लिए अनर्ह होंगी।

           श्रीमती कल्पना मिश्रा की प्रसव के दौरान रीवा में हुई मृत्यु के संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा गठित जांच समिति की कार्यवाही के अनुक्रम में अथर्व ब्लड सेंटर से संबंधित औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी को निलंबित किया गया है। बट्टी को गंभीर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता के कारण म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला शहडोल निर्धारित किया गया है।

    अथर्व ब्लड सेंटर की अनियमितताओं के संबंध में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश

          अथर्व ब्लड सेंटर, जिला रीवा द्वारा की गई अनियमितताओं के संबंध में संबंधित अधीनस्थ औषधि निरीक्षक के माध्यम से आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

     

  • एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के लिए भारत नहीं आएगा पाकिस्तान, न्यूट्रल वेन्यू की रखी मांग

    एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के लिए भारत नहीं आएगा पाकिस्तान, न्यूट्रल वेन्यू की रखी मांग

    नई दिल्ली
     भारत की मेजबानी में खेली जाने वाली एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के लिए पाकिस्तान ने भारत आने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने ये जानकारी दी है कि वे भारत के खिलाफ खेलने के लिए तैयार हैं लेकिन इसके लिए उन्हें न्यूट्रल वेन्यू दिया जाना चाहिए। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन के प्रेसिडेंट मोहियुद्दीन अहमद वानी ने इसकी पुष्टि की है कि पाक टीम भारत का दौरा नहीं करेगी।

    इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुष्टि की थी कि पाकिस्तानी टीम भारत आने के लिए तैयार हो गई है। हालांकि, अब पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने टूर्नामेंट में भारत में खेलने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि पूरी चैंपियंस ट्रॉफी को किसी अलग देश में शिफ्ट कर देना चाहिए या फिर पाकिस्तान के मुकाबले किसी न्यूट्रल वेन्यू पर कराना चाहिए।

    पाकिस्तान ने जारी किया बयान
    मोहियुद्दीन अहमद वानी ने कहा, "पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने एशियन हॉकी फेडरेशन से औपचारिक रूप से चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के जगह या फिर पाकिस्तान के मैच न्यूट्रल वेन्यू पर कराने का अनुरोध किया है। ये फैसला पाकिस्तान और भारत के बीच संवेदनशील द्विपक्षीय स्थिति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हमारे राष्ट्रीय खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करने के लिए हमने ऐसा कदम उठाया है। पाकिस्तान एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और हॉकी को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत सहित हम एफआईएच के सभी सदस्य देशों के खिलाफ खेलने के लिए तैयार हैं। हम खेल और राजनीति को अलग रखने के सिद्धांत पर भी कायम हैं।"

    उन्होंने आगे कहा, "हमें उम्मीद है कि एशियन हॉकी फेडरेशन न्यूट्रल वेन्यू के हमारे प्रस्ताव पर विचार करेगा। इससे पाकिस्तान की भागीदारी किसी भी रुकावट के बिना सुनिश्चित हो सकेगी।"

    भगवंत मान ने की थी पुष्टि
    पंजाब के सीएम भगवंत मान ने हाल ही में पुष्टि की थी कि पाकिस्तानी टीम भारत आने के लिए तैयार है। हालांकि, अब पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने इसको लेकर तस्वीर साफ कर दी है। बता दें कि हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक मोहाली और जालंधर में खेली जानी है।

     

  • राज्यपाल पटेल ने लोकभवन में रक्तदान-स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ, 370 लोग हुए शामिल

    राज्यपाल पटेल ने लोकभवन में रक्तदान-स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ, 370 लोग हुए शामिल

    राज्यपाल पटेल ने रक्तदान स्वास्थ्य शिविर का लोकभवन में किया शुभारंभ

    लोक भवन में आयोजित शिविर में 370 लोगों ने लिया भाग

    भोपाल 

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान के तहत लोकभवन में आयोजित स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। शिविर के विभिन्न काउन्टरों पर जाकर परामर्श जाँच एवं परीक्षण व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपनी बोन मिनरल डेनसिटी (बी.एम.डी.) जांच कराकर शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दंत परीक्षण, फिजियोथेरेपी जाँच, बोन मिनरल डेनसिटी (बी.एम.डी.) जांच एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं औषधि वितरण व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने रक्तदाताओं को फलो की टोकरी भेंट कर, उनके सेवा संकल्प की सराहना की। रक्तदान करने आए छात्र-छात्राओं से चर्चा की। उनका उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल ने प्रारंभ में लोक भवन में आयोजित नि:शुल्क परामर्श, जाँच और रक्तदान शिविर का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया।

    रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन गुरुवार को सुबह 10 बजे से एक बजे तक लोक भवन के सांदीपनि सभागार में किया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे। शिविर में रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन श्याम सिंह कुमरे एवं जनरल सेक्रेटरी रामेंद्र सिंह सहित चिकित्सक, विशेषज्ञ एवं अन्य संबंधित जन उपस्थित रहे।

    लोक भवन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 370 आमजन शामिल हुए। रक्तदान के लिए 109 रक्तदाताओं ने पंजीयन कराया, जिनमें चिकित्सकीय परामर्श के बाद 77 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। दंत परीक्षण शिविर में 74 व्यक्तियों ने जांच कराई। उन्हें उपचार संबंधी परामर्श और आवश्यक औषधियां प्रदान की गई। बी.एम.डी. जाँच शिविर 125 आमजन ने जांच कराई। जांच में 77 आमजन की हड्डियों की स्थिति सामान्य पाई गई, जबकि 45 व्यक्तियों में हड्डियों की मामूली कमजोरी ऑस्टियोपेनिया तथा 3 व्यक्तियों में ऑस्टियोपोरोसिस पाया गया। सभी को चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक औषधियां प्रदान की गईं। फिजियोथेरेपी जाँच शिविर में 62 व्यक्तियों ने भाग लिया। उनकी फिजियोथेरेपी से संबंधित समस्याओं के संबंध में चिकित्सकों द्वारा आवश्यक परामर्श एवं व्यायाम बताए गए।

     

  • उज्जैन में दीपोत्सव की तैयारी, शिप्रा घाटों पर जलेंगे 35 लाख दीपक; 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात

    उज्जैन में दीपोत्सव की तैयारी, शिप्रा घाटों पर जलेंगे 35 लाख दीपक; 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात

    उज्जैन
     महाकाल की नगरी एक बार फिर दीपों की रोशनी में इतिहास रचने की तैयारी कर रही है. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और जन सेवा के 25 साल पूरे होने पर 17 सितंबर की शाम 7 बजे उज्जैन में सेवा संकल्प अभियान के दिन भव्य दीपोत्सव होगा. क्षिप्रा नदी के घाटों और महाकाल लोक क्षेत्र में 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित करने की तैयारी की गई है। 

    इस आयोजन को जन भागीदारी से जोड़ते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को 7 सेक्टर और 250 सब सेक्टर में बांटा है. यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि उज्जैन पहले ही दीप प्रज्वलन का विश्व रिकॉर्ड बना चुका है. अब 3 साल बाद 18.82 लाख के पुराने आंकड़े से काफी आगे निकलने की तैयारी है. हालांकि मौजूदा गिनीज रिकॉर्ड अयोध्या के नाम है, जहां साल 2025 में 26,17,215 दीप प्रज्वलित किए गए थे। 

    'उज्जैन का रिकॉर्ड 18.82 लाख, अब 25 लाख का लक्ष्य'
    कलेक्टर रोशन कुमार सिंहने बताया, "साल 2023 में महाशिवरात्रि के अवसर पर उज्जैन के क्षिप्रा तट पर 18,82,229 दीप एक साथ जलाए गए थे, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया था. अब साल 2026 में सेवा संकल्प के तहत लक्ष्य है कि 25 लाख से अधिक दीपों को प्रज्वलित कर नया रिकॉर्ड कायम किया जाए. जिसकी तैयारियां उज्जैन नगर निगम और स्मार्ट सिटी की ओर से पूरी कर ली गई है। 

    इसी तरह इंदौर में 2.51 लाख, मैहर में 4.86 लाख, खजुराहो में तीन लाख, अमरकंटक में 21 हजार, जबलपुर में नर्मदा घाटों समेत प्रदेशभर में दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। एमपी में दीपोत्सव पर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट की। उन्होंने लिखा- 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है। संवेदनहीनता का आलम यह है मासूमों की मौतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही, सरकार सोती रही। मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो ज़रा राज्य की ज़मीनी हालत भी देखिए। छात्र, बच्चे, गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े या महिलाएं – हर वर्ग प्रताड़ित है, कोई खुश नहीं।

    उज्जैन में देशभर के 500 कलाकार प्रस्तुतियां देंगे
    शिप्रा के रामघाट पर शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीप’ प्रज्ज्वलित कर दीपोत्सव की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद आरती होगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यहां रहेंगे।

    दीपोत्सव में देशभर से 500 से अधिक कलाकार शामिल होंगे। कार्यक्रम में बाबा महाकाल पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, गायन, वादन, नृत्य और युवाओं के लिए भजन जैमिंग होगा।

    कवि शैलेश लोढ़ा प्रधानमंत्री के कार्यकाल पर आधारित नरेशन प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम का समापन आतिशबाजी के साथ होगा। कार्तिक मेला ग्राउंड में पीएम मोदी का पोर्ट्रेट भी बनाया गया है, जिस पर जनभागीदारी से दीप रखे जाएंगे।

    26 हजार वॉलंटियर्स संभालेंगे दीप जलाने की जिम्मेदारी
    दीपोत्सव के लिए करीब 26 हजार वॉलंटियर्स को जिम्मेदारियां दी गई हैं। इन्हें पहले से ब्लॉक और दीपों की संख्या के हिसाब से तैनात किया गया है। केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट, दत्त अखाड़ा, भूखी माता, महाकाल लोक और रामघाट के दो सेक्टर सहित शिप्रा तट के विभिन्न हिस्सों में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

    '11 हजार ब्लॉक, हर ब्लॉक में 225 दीप'
    स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन ने बताया, "पूरे आयोजन क्षेत्र को 7 सेक्टर और 250 सब सेक्टर में बांटा गया है. करीब 11000 ब्लॉक तैयार किए गए हैं और प्रत्येक ब्लॉक में 225 दीप लगाए जाएंगे. सभी ब्लॉक के लिए 30 हजार वॉलेंटियर्स, जिसमें शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, शहर के सामाजिक संगठन और अन्य को आवश्यक दीप, तेल, मोमबत्ती, माचिस, कपूर और दूसरी जरुरी सामग्रियां पहले से उपलब्ध करवाई जाएंगी। 

    '30 लाख दीप, 45000 लीटर तेल की व्यवस्था'
    नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्राके अनुसार, "शहर के कार्तिक मेला प्रांगण में दीपों की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है. दीपों की धुलाई, छंटाई, पैकिंग और ब्लॉक वार सामग्री तैयार की जा रही है. आयोजन के लिए 45000 लीटर तेल, 10000 माचिस, 700 किलो कपूर, 30 लाख दीए, 53000 से अधिक मोमबत्ती मंगवाई गई हैं। 

    'रामघाट से महाकाल लोक तक बनेगा रोशनी का कॉरिडोर'
    नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया, "दीपोत्सव सिर्फ रामघाट तक सीमित नहीं है बल्कि यह रामघाट से महाकाल लोक तक रोशनी के लिए कॉरिडोर बनाया जाएगा. केदारेश्वर घाट, दत्त अखाड़ा घाट, सुनहरी घाट, कर्कराज मंदिर, भूखी माता घाट, लालपुल घाट सहित क्षिप्रा नदी के अलग-अलग घाटों को शामिल किया गया है. घाटों की सफाई ब्लॉक निर्माण और मार्किंग का काम लगातार चल रहा है। 

    बारिश हुई तो क्या होगा, प्रशासन ने बनाया प्लान बी
    स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन ने बताया, "चूंकि बारिश का भी मौसम है, उसको ध्यान में रखते हुए बैकअप तैयारी भी शुरू की गई है. दीप, तेल, बत्ती और दूसरी सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए टीन शेड और अन्य व्यवस्थाएं भी की जा रहीं हैं. हर ब्लॉक के लिए 1/1 मीटर की प्लास्टिक शीट ढंकने के लिए मंगवाई है. दीप जलने से पहले बारिश आती है तो व्यवस्था चाक चौबंद है। 

    'जीरो वेस्ट मॉडल पर जलेंगे 25 लाख दीप'
    नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्राके अनुसार, "इस आयोजन का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा जीरो वेस्ट मॉडल है. दीपोत्सव के दौरान स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. हर क्षेत्र में जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती और आयोजन के बाद तत्काल सफाई की व्यवस्था की गई है. बची हुई सामग्री को भी रीसायकल किया जाएगा। 

  • एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़

    एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़

    एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़

    500 करोड़ के मुख्यमंत्री एआई मिशन से संवरेगा युवाओं और तकनीक का भविष्य
                     

    रायपुर
    दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में छत्तीसगढ़ भी अब एक नई छलांग लगाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार एआई को विकास, रोजगार और सुशासन के नए अवसरों से जोड़ने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। खेती-किसानी से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन तक हर क्षेत्र में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य में बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और जनसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग से रोजगार और नवाचार के नए अवसर सृजित करते हुए हम विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं।

    500 करोड़ रुपये का मुख्यमंत्री एआई मिशन

                भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 500 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री एआई मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल एआई तकनीक अपनाने वाला राज्य नहीं, बल्कि इसके उपयोग और नवाचार में सिरमौर बनाना है। इस मिशन के तहत प्रदेश में 100 एआई लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे।

              योजना के अंतर्गत लगभग 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय अधिकारी- कर्मचारियों को एआई के उपयोग से जोड़ा जाएगा। साथ ही, शासन की 50 से अधिक सेवाओं को एआई के जरिए अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। युवाओं को जॉब सीकर (नौकरी तलाशने वाला) की बजाय जॉब क्रिएटर (नौकरी पैदा करने वाला) बनाने के लिए मशीन लर्निंग और डेटा साइंस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    कृषि, स्वास्थ्य और प्रशासन में एआई का प्रयोग

              इस मिशन का दायरा केवल आईटी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे धरातल पर आम जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए उतारा जा रहा है। कृषि मौसम, फसल, कीट और रोगों के आंकड़ों के विश्लेषण से किसानों को समय पर सटीक सलाह मिल सकेगी। एआई आधारित तकनीक से जांच, रोग पहचान और स्वास्थ्य संसाधनों के प्रबंधन में सुधार होगा।

    सुशासन एवं उद्योग

             सरकारी पोर्टलों (जैसे सेवा सेतु) के विस्तार और एआई के उपयोग से योजनाओं की मॉनिटरिंग और नागरिक सेवाओं को सुगम बनाया जा रहा है। वहीं उद्योगों में उत्पादकता और ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी। कारखानों में रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग के उपयोग से उत्पादन की गति बढ़ती है और त्रुटियाँ कम होती हैं। AI सेंसर मशीनों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं और खराबी आने से पहले ही चेतावनी दे देते हैं, जिससे लागत बचती है। उद्योगों में व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को समझने और 24X7 सहायता प्रदान करने के लिए AI संचालित टूल का उपयोग किया जाता है।

    नवा रायपुर बन रहा तकनीक और एआई का नया हब

             नवा रायपुर को आईटी, एआई और डाटा सेंटर के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ लगभग 1 हजार करोड़ रुपये के निवेश से एआई आधारित डाटा सेंटर और एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, नवा रायपुर में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना का निर्णय लिया गया है। एनआईटी रायपुर और ट्रिपल आईटी (IIIT) नवा रायपुर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से खनन, इस्पात, स्वास्थ्य, कृषि और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और स्टार्टअप को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं।

    नवा रायपुर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर

              नवा रायपुर अटल नगर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर सेक्टर-22 में 13.5 एकड़ में विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट न केवल प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि आम जनता के लिए भी बड़े बदलाव लेकर आएगा।  प्रदेश के युवाओं को बेहतर करियर के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही एआइ तकनीक का फायदा किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भी मिलेगा। डिजिटल सेवाएं मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं का लाभ दूरदराज के क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेगा।

           धनंजय राठौर
           सयुक्त संचालक, जनसंपर्क

  • PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर खेल जगत ने दी बधाई, सचिन से सिंधु तक ने की लंबी उम्र की कामना

    PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर खेल जगत ने दी बधाई, सचिन से सिंधु तक ने की लंबी उम्र की कामना

    नई दिल्ली
    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 76वां जन्मदिन है। 2014 में मोदी भारत के पीएम बने थे। 2019 और 2024 में हुए आम चुनाव में भी एनडीए को उनके नेतृत्व में जीत मिली। उससे पहले नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम रह चुके थे। खेल जगत की शीर्ष हस्तियों ने प्रधानमंत्री को उनके जन्मदिन पर बधाई दी है और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है।

    ​गौतम गंभीर भाजपा का सांसद रह चुके
    भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर भाजपा के सांसद रह चुके हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा- हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के अच्छे स्वास्थ्य और खुशी की कामना करता हूं। आप भारत को एक शानदार भविष्य की ओर ले जाते रहें।

    सौरव गांगुली भी बधाई देने वालों में
    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन पर बहुत बधाई देता हूं। ईश्वर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य दे। वे देश के बेहतरीन नेता रहे हैं। उनके लंबे जीवन और सफलता की कामना करता हूं।'

    सचिन ने पीएम के बर्थडे पर क्या लिखा?
    पूर्व क्रिकेटर और भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। देश के लिए आपका बिना थके समर्पण हम सभी को प्रेरणा देता है। आपकी लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशी के लिए प्रार्थना करता हूं, क्योंकि आप भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।'
    पीवी सिंधु ने लंबा चौड़ा पोस्ट डाला

    पीवी सिंधु ने लंबा चौड़ा पोस्ट डाला
    ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने एक्स पर एक लंबा पोस्ट करते हुए पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामना दी है। सिंधु ने एक्स पर लिखा, 'मुझे हमेशा से लिखना पसंद रहा है। कभी-कभी, यह अपनी भावनाएं कहने का सबसे आसान तरीका होता है। इस साल मैं चाहती थी कि पीएम मोदी के जन्मदिन पर बधाई सीधे दिल से निकले।'
    टीएमसी के बागी सांसद हैं यूसुफ पठान

    टीएमसी के बागी सांसद हैं यूसुफ पठान
    पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युसूफ पठान 2024 में टीएमसी के सांसद बने थे। वह 20 अन्य सांसदों के साथ मिलकर बागी हो गए हैं। पठान ने एक्स पर पीएम मोदी के साथ फोटो शेयर करते हुए जन्मदिन की बधाई दी।
    ओलंपिक मेडलिस्ट ने भी बधाई दी

    ओलंपिक मेडलिस्ट ने भी बधाई दी
    ओलंपिक मेडल विजेता बॉक्सर विजेंदर सिंह ने एक्स पर लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि आप हमेशा स्वस्थ और दीर्घायु रहें, और देश की सेवा करते रहें। देश के हित में आपके प्रयासों के लिए शुभकामनाएं। जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।'

     

  • आंवले का कसैलापन भूल जाएंगे, बनाएं सौंफ वाला चटपटा अचार, स्वाद रहेगा लाजवाब

    आंवले का कसैलापन भूल जाएंगे, बनाएं सौंफ वाला चटपटा अचार, स्वाद रहेगा लाजवाब

    आंवला सेहत के लिए गुणों का खजाना माना जाता है, जिसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन C, एंटी-ऑक्सीडेंट्स और फाइबर मौजूद होते हैं. लेकिन कई लोग इसके कसैलेपन के कारण इसे कच्चा खाना पसंद नहीं करते. अगर आप अपनी रोजाना की थाली में आंवले को शामिल करना चाहते हैं और रोज के आम-नींबू के अचार से कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं तो सौंफ के फ्लेवर वाला चटपटा आंवला अचार बनाएं.

    सौंफ की भीनी-भीनी खुशबू और ठंडक आंवले के कसैलेपन को पूरी तरह खत्म कर देती है, जिससे यह अचार इतना स्वादिष्ट बनता है कि आप रोटी या पराठे के साथ उंगलियां चाटते रह जाएंगे.

    सामग्री:
    ताजा आंवला – 500 ग्राम

    सौंफ – 3 बड़े चम्मच (दरदरी पिसी हुई)

    पीली या काली राई/सरसों – 2 बड़े चम्मच (दरदरी पिसी हुई)

    मेथी दाना – 1 छोटा चम्मच

    कलौंजी (मंगरैल) – 1/2 छोटा चम्मच

    हींग – 1/4 छोटा चम्मच

    हल्दी पाउडर – 1 बड़ा चम्मच

    कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर – 1.5 बड़ा चम्मच (रंग और तीखेपन के लिए)

    आमचूर पाउडर या नींबू का रस – 1 छोटा चम्मच

    काला नमक व सफेद नमक – स्वादानुसार (नमक थोड़ा ज्यादा रखें)

    सरसों का तेल – 1/2 कप

    बनाने का तरीका:
    आंवले को धोकर कुकर में 1 सीटी आने तक या भगोने में 8-10 मिनट तक उबालें जब तक कि उसकी कली (फांकें) अलग न होने लगें.

    उबले आंवले को ठंडा करके बीज निकाल दें और फांकों को अलग कर लें. इन्हें किसी सूती कपड़े पर फैलाकर 1 घंटे पंखे की हवा में सुखाएं ताकि ऊपरी नमी खत्म हो जाए.

    एक पैन में सौंफ, मेथी दाना और राई को धीमी आंच पर 1 मिनट सूखा रोस्ट करें. ठंडा होने पर मिक्सी में दरदरा पीस लें.

    कढ़ाई में 1/2 कप सरसों का तेल धुआं उठने तक गरम करें, फिर गैस बंद करके तेल को हल्का गुनगुना होने दें.

    गुनगुने तेल में हींग और कलौंजी डालें. फिर दरदरा पिसा मसाला, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, काला नमक और सफेद नमक मिलाकर चलाएं.

    अब उबले हुए आंवले की फांकें इस मसालेदार तेल में डालें और अच्छी तरह मिलाएं ताकि हर फांक पर मसाले की कोटिंग चढ़ जाए.

    आपका इंस्टेंट सौंफ वाला आंवला अचार तैयार है. इसे ठंडा करके कांच के सूखे जार में भरें, यह महीनों तक खराब नहीं होता.

  • भगवान विश्वकर्मा के सच्चे अनुयायी हैं प्रधानमंत्री  मोदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भगवान विश्वकर्मा के सच्चे अनुयायी हैं प्रधानमंत्री मोदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भगवान विश्वकर्मा के सच्चे अनुयायी हैं प्रधानमंत्री  मोदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    तपोनिष्ठ प्रधानमंत्री  मोदी की राष्ट्र निर्माण के प्रति कमर्ठता और सृजनशीलता सभी के लिए प्रेरणादायी
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी विश्वकर्मा जयंती पर दी बधाई

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को विश्वकर्मा जयंती की बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर भगवान महाकाल और भगवान विश्वकर्मा से उनके दीर्घायु होने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वकर्मा जयंती पर प्रदेशवासियों को मीडिया के माध्यम से बधाई देते हुए यह भाव व्यक्त किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा ने अपनी सृजनशीलता और कौशल से सृष्टि के निर्माण को सुंदर स्वरूप प्रदान किया। आज का दिन इसलिए भी विशेष है कि क्योंकि प्रधानमंत्री श्री मोदी का जन्मदिन भी है। भारत जिस सामर्थ्य और गौरव के साथ विश्व पटल पर खड़ा है, उसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रधानमंत्री के रूप में अपनी यात्रा में उन्होंने भारत की प्रतिभा, सामर्थ्य और शक्ति को हर क्षेत्र में विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया है। हम सबकी आस्था और श्रद्धा, सृजन के देवता भगवान विश्वकर्मा में है। सच्चे अर्थों में प्रधानमंत्री श्री मोदी भगवान विश्वकर्मा के अनुयायी हैं। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति की जरूरतों का ध्यान रखते हुए गरीबों को आवास से लेकर उनके भोजन तक की व्यवस्था सुनिश्चित की है। विश्व भारत की ओर उम्मीद और विश्वास से देख रहा है। राष्ट्र निर्माण के प्रति तपोनिष्ठ प्रधानमंत्री श्री मोदी की कर्मठता और सृजनशीलता सभी के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश के हर घर में दीप प्रज्ज्वलित करने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी के लिए आज का दिन विशेष है। आज राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन प्रदेश में पधार रहे हैं। उज्जैन में आज व्यापक स्तर पर दीप प्रज्जवलन का भव्य और दिव्य कार्यक्रम होगा। इसके साथ ही इंदौर से प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों के लिए आवासों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराने के स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना का शुभारंभ भी किया जाएगा।