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  • रूस प्रतिबंध बिल अमेरिकी संसद से पास, ट्रंप को भारत पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार

    रूस प्रतिबंध बिल अमेरिकी संसद से पास, ट्रंप को भारत पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार

    वाशिंगटन
     अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूसी अधिकारियों और आर्थिक क्षेत्रों को लक्षित करने वाले व्यापक प्रतिबंध पैकेज को 262 मतों से 159 से पारित कर दिया. अब इसे आधिकारिक रूप से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास साइन करने के लिए भेजा गया है। 

    साउथ कैरोलिना के स्वर्गीय सीनेटर लिंडसे ग्राहम के सम्मान में इस कानून का नाम रखा गया था. इसे एक साल से ज़्यादा समय तक बातचीत के बाद बनाया गया. ट्रंप का समर्थन हासिल करना तब बहुत जरूरी हो गया जब इस पैकेज में ईरान पर मौजूदा प्रतिबंधों को पांच साल के लिए बढ़ाने की राष्ट्रपति की मांग को शामिल किया गया। 

    यह कदम ट्रंप के व्हाइट हाउस में दोबारा आने के बाद यूक्रेन को सपोर्ट करने वाला सबसे बड़ा अमेरिकी कानूनी प्रयास है. यह कदम 2024 के इमरजेंसी सहायता पैकेज के बाद लगभग दो साल तक चली पार्लियामेंट्री रुकावट के बाद उठाया गया। 

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस कदम की जोरदार वकालत की, वोट से पहले सीधे सांसदों से अपील की और एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, 'युद्ध के दौरान, कभी-कभी कुछ न करने से बेहतर होता है कि कोई ऐसा फैसला लिया जाए जो उतना सही न हो। 

    यह कानून रूसी अधिकारियों, फाइनेंशियल संस्थानों और बैंकिंग अधिकारियों के खिलाफ सजा बढ़ाता है, साथ ही उन जहाजों को भी टारगेट करता है जिनका इस्तेमाल मौजूदा पश्चिमी सीमाओं को तोड़कर रूसी एनर्जी शिपमेंट के फ्लो को बनाए रखने के लिए एक शैडो फ्लीट में किया जाता है। 

    इसके अलावा यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप को रूसी पेट्रोलियम या नैचुरल गैस के पांच प्राइमरी इंपोर्टर्स पर 100 परसेंट तक टैरिफ लगाने का निर्देश देता है. इसमें उन देशों को छूट शामिल है जो रूसी नैचुरल गैस एक्सपोर्ट का 15 परसेंट से कम इंपोर्ट करते हैं और जिन्होंने उन खरीद को कम करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। 

    भारत के लिए यह कानून एक नया कानूनी रास्ता बनाता है, जिससे वाशिंगटन नई दिल्ली के लगातार रूसी एनर्जी खरीदने के जवाब में भारतीय इंपोर्ट पर 100 परसेंट तक टैरिफ लगा सकेगा. क्योंकि भारत और चीन, रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में से हैं, इसलिए सपोर्टर्स ने साफ तौर पर दोनों देशों को टैरिफ क्लॉज के मुख्य टारगेट के तौर पर पहचाना है.

    ये अमेरिकी मार्केट तक पहुंच का इस्तेमाल उन देशों के खिलाफ फायदे के तौर पर करते हैं जो रूसी एनर्जी रेवेन्यू बनाए रखते हैं और मॉस्को के मिलिट्री कैंपेन को फाइनेंस करते हैं. लेकिन यह बिल भारतीय सामान पर अलग से 100 परसेंट टैरिफ लागू नहीं करता है. इसके बजाय यह एग्जीक्यूटिव ब्रांच को तय कानूनी शर्तों के तहत ऐसे टैरिफ लगाने का अधिकार देता है, अगर यह कदम लागू होता है और बाद में ट्रंप इसे लागू कर सकते हैं। 

    सीनेट ने पहले 7 अगस्त को 86-11 के भारी बहुमत से इस कानून को मंजूरी दी थी, हालांकि इसके टैरिफ क्लॉज को लेकर हुए विवादों के कारण हाउस में बाद में इसकी रफ़्तार धीमी हो गई. हाउस से पास होने के बाद यह कानून अब ट्रंप के साइन के लिए उनके पास जाएगा, जिसके बाद प्रशासन के पास रूस और रूसी एनर्जी कॉमर्स में लगे देशों पर दबाव डालने के लिए सप्लीमेंट्री बैन और टैरिफ अथॉरिटी होगी। 

  • विश्वकर्मा जयंती पर मंत्री कृष्णा गौर ने की पूजा, सृजन और राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश

    विश्वकर्मा जयंती पर मंत्री कृष्णा गौर ने की पूजा, सृजन और राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश

    भोपाल
    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के दिव्य शिल्पकार के रूप में जाना जाता है। उनका अद्वितीय ज्ञान, कौशल और निर्माण क्षमता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। भारतीय संस्कृति में भगवान विश्वकर्मा का विशेष महत्व है और उनकी जयंती हमें सृजन, परिश्रम एवं राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी धर्म, संस्कृति और हमारी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रही है। राज्यमंत्री गौर विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गोविंदपुरा क्षेत्र के बागसेवनिया स्थित विश्वकर्मा मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।

    प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में साकार हो रहा 'विकसित भारत' का संकल्प
    राज्यमंत्री गौर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मोत्सव पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ है।प्रधानमंत्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में देश में निर्माण और विकास की प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि 'विकसित भारत' के संकल्प के तहत प्रधानमंत्री मोदी समाज के सभी वर्गों के कल्याण और देश के सर्वांगीण विकास के लिए अहर्निश कार्य कर रहे हैं।

    कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद प्रताप बारे, प्रदीप पाठक, रामबाबू पाटीदार, सुरेंद्र पंडित सहित बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • पर्स गिफ्ट करते समय न करें ये गलतियां, खाली वॉलेट देना माना जाता है अशुभ

    पर्स गिफ्ट करते समय न करें ये गलतियां, खाली वॉलेट देना माना जाता है अशुभ

    किसी खास मौके पर अपनों को पर्स या वॉलेट गिफ्ट करना आम बात है. यह ऐसा तोहफा है जो खूबसूरत होने के साथ रोजमर्रा के इस्तेमाल में भी आता है. लेकिन वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में पर्स को केवल एक सामान नहीं माना जाता, क्योंकि इसका सीधा संबंध धन और आर्थिक स्थिति से जोड़ा जाता है. यही वजह है कि किसी को पर्स देते समय कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि छोटी-सी गलती भी इस तोहफे के शुभ प्रभाव को कम कर सकती है.

    खाली पर्स देकर न करें शुरुआत
    अगर आप किसी को पर्स गिफ्ट कर रहे हैं तो उसे बिल्कुल खाली न देने की सलाह दी जाती है. मान्यता के अनुसार पर्स में एक सिक्का या नोट रखकर देना शुभ माना जाता है. ऐसा करने के पीछे यह विचार है कि नए पर्स के साथ धन और समृद्धि की शुरुआत हो.

    रंग चुनते समय रखें ध्यान
    पर्स खरीदते समय उसका रंग भी महत्वपूर्ण माना जाता है. वास्तु की मान्यताओं में लाल, हरा, भूरा और सुनहरा जैसे रंग शुभ माने जाते हैं. वहीं बहुत गहरे रंग के पर्स को गिफ्ट करने से बचने की सलाह दी जाती है. इसलिए तोहफा खरीदते समय सिर्फ पसंद ही नहीं, रंग का भी ध्यान रखा जा सकता है.

    खराब या टूटा पर्स गिफ्ट न करें
    किसी को उपहार में देने वाला सामान साफ-सुथरा और अच्छी स्थिति में होना चाहिए. खासतौर पर पर्स के मामले में पुराने, फटे, कटे या खराब क्वालिटी वाले पर्स को गिफ्ट करने से बचना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं में खराब और अस्त-व्यस्त वस्तुओं को सकारात्मकता के लिए अच्छा नहीं माना जाता.

    उधार के पैसों से गिफ्ट करने से बचें
    वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि किसी को पर्स गिफ्ट करने के लिए उधार लेकर पैसा खर्च नहीं करना चाहिए. माना जाता है कि उपहार अपनी क्षमता के अनुसार देना बेहतर होता है. इसलिए अगर बजट कम है तो महंगा पर्स खरीदने के लिए कर्ज या उधार लेने के बजाय अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार ही तोहफा चुनें.

    पर्स गिफ्ट करते समय एक बात जरूर याद रखें
    पर्स को धन रखने की जगह माना जाता है, इसलिए इसे गिफ्ट करते समय साफ-सफाई, गुणवत्ता और उसके अंदर कुछ धन रखने जैसी बातों का ध्यान रखा जाता है. हालांकि ये बातें वास्तु और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.

  • PM मोदी के जन्मदिन पर काशी में दिग्गजों ने की बाबा विश्वनाथ की पूजा, मांगा स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद

    PM मोदी के जन्मदिन पर काशी में दिग्गजों ने की बाबा विश्वनाथ की पूजा, मांगा स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद

    प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर काशी में जुटे भाजपा और एनडीए के दिग्गज, बाबा विश्वनाथ से मांगा स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद
     
    मुख्यमंत्री योगी, राजनाथ सिंह, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान और पंकज चौधरी ने की विशेष पूजा-अर्चना
     
    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान, काशी में पूजन और सम्मान कार्यक्रम
     
    मुख्यमंत्री योगी बोले- आज हम सभी के लिए गौरव और सौभाग्य का दिन, प्रधानमंत्री मोदी काशी के सांसद भी
     
    बटुकों, तीर्थ पुरोहितों और स्वच्छता प्रहरियों का सम्मान, अंगवस्त्रम, दक्षिणा और प्रसाद किया भेंट
     
    बड़नगर से काशी पहुंचे बाइकर्स से मुख्यमंत्री योगी ने किया संवाद, प्रसाद का भी हुआ वितरण
     
    वाराणसी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर गुरुवार को काशी में भाजपा और एनडीए के दिग्गज जुटे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर के अर्चक श्रीकांत शर्मा ने षोडशोपचार विधि से पूजन संपन्न कराया। सभी ने बाबा विश्वनाथ से प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की। यह आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत हुआ।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज हम सभी के लिए गौरव और सौभाग्य का दिन है। भारत के प्रधानमंत्री और काशी के सांसद नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर बाबा विश्वनाथ धाम में पूजन कर उनके स्वस्थ रहने की कामना की गई। यहां के पुरोहितों और आचार्यों का सम्मान किया गया। बड़नगर से काशी तक बाइक रैली में शामिल बाइकर्स से संवाद कर प्रसाद वितरित किया गया। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ धाम में सेवा देने वाले सफाई कर्मचारियों का भी सम्मान किया गया।
     
    17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान
    प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से शुरू हुआ सेवा संकल्प अभियान 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसी अभियान के तहत काशी में विशेष पूजन-अर्चन, बटुकों और तीर्थ पुरोहितों के सम्मान, स्वच्छता प्रहरियों के नागरिक अभिनंदन और बड़नगर से काशी पहुंचे बाइकर्स से संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
     
    बटुकों और तीर्थ पुरोहितों का सम्मान
    विशेष पूजन के बाद मंदिर परिसर में मंगलाचरण करने वाले बटुकों और तीर्थ पुरोहितों का सम्मान किया गया। उन्हें अंगवस्त्रम और दक्षिणा प्रदान की गई। विश्वनाथ धाम में सेवा देने वाले स्वच्छता प्रहरियों का भी नागरिक अभिनंदन किया गया। उन्हें प्रसाद, अंगवस्त्रम और दक्षिणा भेंट की गई। सम्मान और प्रसाद की सामग्री पर्यावरण अनुकूल जूट के झोलों में वितरित की गई।
     
    प्रधानमंत्री आजीवन स्वस्थ रहें : राजनाथ
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर काशी में पूजा-अर्चना की गई। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के आजीवन स्वस्थ रहने की कामना की, ताकि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
     
    देश को प्रधानमंत्री मोदी पर गर्व : नायडू
    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाना खुशी और गर्व की बात है। देश को प्रधानमंत्री मोदी पर गर्व है और उन्होंने देश को बहुत गौरव दिलाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले 25 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनेगा।
     
    कार्यक्रम में सेवा संकल्प यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक बीडी शर्मा और बनारस यात्रा के संयोजक जेपीएस राठौर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

  • ‘राइज एंड फॉल 2’ की रिलीज डेट का ऐलान, वीरेंद्र सहवाग करेंगे शो होस्ट

    ‘राइज एंड फॉल 2’ की रिलीज डेट का ऐलान, वीरेंद्र सहवाग करेंगे शो होस्ट

    कुछ दिन पहले मेकर्स ने 'राइज एंड फॉल' सीजन 2 की घोषणा की थी. पहले सीजन को अश्नीर ग्रोवर ने होस्ट किया था, लेकिन आने वाले सीजन को पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग होस्ट करेंगे. अब, मेकर्स ने सोशल मीडिया पर एक नया प्रोमो शेयर किया है, जिसमें होस्ट 'राइज एंड फॉल 2' के प्रीमियर की तारीख की घोषणा करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

    इसके अलावा, अमेजन प्राइम वीडियो और MX प्लेयर पर आने वाले इस रियलिटी शो के कंटेस्टेंट के तौर पर स्वरा भास्कर, करण पटेल, प्रियंका चाहर चौधरी और शहज़ाद पूनावाला के नामों की पुष्टि हो गई है.

    कब से शुरू होगा शो?
    मेकर्स ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर 'राइज एंड फॉल' सीजन 2 का नया ट्रेलर शेयर किया. उन्होंने लिखा, '26 सितंबर से मजा तो बहुत आएगा.' ध्यान देने वाली बात यह है कि 'राइज एंड फॉल 2' 26 सितंबर, 2026 को अमेजन प्राइम वीडियो और MX प्लेयर पर शुरू होगा.

    प्रोमो में वीरेंद्र सहवाग शो के चार कंटेस्टेंट का परिचय देते हुए दिखाई दे रहे हैं. प्रियंका चाहर चौधरी, करण पटेल, स्वरा भास्कर और शहजाद पूनावाला इस पावर गेम में हिस्सा लेते हुए दिखाई देंगे. नया सीजन रोजाना देखने लायक मजेदार कंटेंट, रणनीतिक चालें, सेलिब्रिटीज के बीच टकराव, ट्विस्ट और हैरान कर देने वाले पल देने का वादा करता है.

    इन चार कन्फर्म कंटेस्टेंट को किसी परिचय की जरूरत नहीं है. स्वरा भास्कर एक जानी-मानी बॉलीवुड एक्ट्रेस हैं जो अपने बेबाक अंदाज़ के लिए भी जानी जाती हैं. करण पटेल और प्रियंका चाहर चौधरी जाने-माने टीवी स्टार हैं, जबकि शहजाद पूनावाला भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रह चुके हैं.

    'राइज एंड फ़ॉल 2' में 15 कंटेस्टेंट होंगे और आने वाले दिनों में उनके नामों का खुलासा होने की उम्मीद है. सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट 42 दिनों तक एक टॉवर और बेसमेंट में रहेंगे और गेम का अल्टीमेट रूलर बनने के लिए एक-दूसरे से मुकाबला करेंगे.

    वैचारिक मतभेद की संभावना
    शहजाद पूनावाला और स्वरा भास्कर के एक गेम में होने से वैचारिक मतभेद होने की पूरी संभावना नजर आ रही है. ये सभी जानते हैं कि इन दोनों की विचारधारा लेफ्ट-राइट वाली है. दोनों का कनेक्शन पॉलिटिकल पार्टी से है. ऐसे में सभी की निगाहें इन दोनों ही कंटेस्टेंट पर रहेगी कि ये दोनों शो में क्या करते हैं.

    'राइज एंड फॉल' के बारे में
    'राइज एंड फॉल' सीजन 1 को अश्नीर ग्रोवर ने होस्ट किया था. यह अमेजन MX प्लेयर पर स्ट्रीम हुआ था और सोनी टीवी पर टेलीकास्ट हुआ था. खबरों के मुताबिक, दूसरा सीजन चैनल पर टेलीकास्ट नहीं होगा. इसके एपिसोड अमेजन प्राइम वीडियो और MX प्लेयर पर फ्री में स्ट्रीम होंगे. 'राइज एंड फॉल' सीजन 2 के एपिसोड हर दिन दोपहर 12 बजे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किए जाएंगे.

    पिछले सीजन के विनर अर्जुन बिजलानी थे. एक्टर ने 'राइज एंड फॉल' सीजन 1 के ग्रैंड फिनाले में आरुष भोला, अरबाज़ पटेल और आकृति नेगी को हराया था.

  • रक्तदान है जीवन का सबसे बड़ा दान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    रक्तदान है जीवन का सबसे बड़ा दान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    रक्तदान है जीवन का सबसे बड़ा दान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 290 स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम के तहत रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ
    भोपाल के शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय में हुआ आयोजन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय, भोपाल में आयोजित 'सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम' के तहत रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्तदान करने वाले प्रतिभागियों की कुशलक्षेम पूछी तथा प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्तदाताओं से भेंट कर उन्हें प्रोत्साहित किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा के सम्मान में मध्यप्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 290 से अधिक स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए हैं। शिविरों में अब तक 6 हजार 744 यूनिट रक्तदान किया जा चुका है। इस संख्या में शाम तक लगातार बढ़ोत्तरी होगी। रक्तदान जीवन का सबसे बड़ा दान है, जिससे जरूरतमंदों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध होती है और अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर उनके स्वस्थ और शतायु जीवन की बाबा महाकाल से कामना करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश के हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय में मीडिया से चर्चा में यह जानकारी दी। इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, मेडिकल विद्यार्थी उपस्थित थे। 

  • ऋषभ पंत की ODI टीम से छुट्टी, वेस्टइंडीज सीरीज में नहीं मिली जगह

    ऋषभ पंत की ODI टीम से छुट्टी, वेस्टइंडीज सीरीज में नहीं मिली जगह

     नई दिल्ली

    स्टार विकेटकीपर ऋषभ पंत सिर्फ टेस्ट क्रिकेटर बनकर रह गए हैं? टीम इंडिया के इस स्टार विकेटकीपर-बैटर को वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 मैचों की ODI सीरीज के लिए नहीं चुना गया है. खास बात ये है कि पंत को इस सीरीज में मौका उस वक्त भी नहीं मिला, जब टीम के कुछ बड़े नाम एशियन गेम्स की वजह से उपलब्ध नहीं हैं। 

    पंत को अब ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी सौंपी गई है. इस मुकाबले में रेस्ट ऑफ इंडिया का सामना रणजी ट्रॉफी चैंपियन जम्मू-कश्मीर से होगा. लेकिन टीम इंडिया की ODI टीम से बाहर रहने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पंत के लिमिटेड ओवर्स करियर की दिशा आखिर क्या है?

    T20I के बाद ODI में भी नहीं मिली जगह
    पिछले करीब दो साल से पंत टीम इंडिया की T20I टीम का हिस्सा नहीं हैं. वहीं ODI क्रिकेट में भी उनकी स्थिति लगातार बदलती रही है. नवंबर 2025 तक वह साउथ अफ्रीका के खिलाफ ODI स्क्वॉड में शामिल थे, लेकिन प्लेइंग XI में मौका नहीं मिला। 

    2024 के श्रीलंका दौरे के बाद से पंत को T20I में भी जगह नहीं मिली. ODI में भी उनका आखिरी मैच अगस्त 2024 में श्रीलंका के खिलाफ आया था. इसके बाद से वह इस फॉर्मेट में टीम इंडिया की योजनाओं से बाहर ही दिखे हैं। 

    अब 16 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI सीरीज के लिए टीम का ऐलान हुआ तो पंत का नाम एक बार फिर गायब था. यहां एक और बात गौर करने वाली है. उसी समय भारतीय टीम को एशियन गेम्स में भी हिस्सा लेना है. ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जो T20I और ODI दोनों टीमों का हिस्सा होते हैं और इस वजह से चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। 

    इसके बावजूद पंत बतौर बैकअप विकेटकीपर भी टीम में जगह नहीं बना सके. यानी टेस्ट क्रिकेट में भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल विकेटकीपर-बैटर में शामिल पंत फिलहाल सिर्फ एक फॉर्मेट के खिलाड़ी बनते नजर आ रहे हैं.

    ये सीरीज पंत के लिए क्यों थी बड़ा मौका?
    वेस्टइंडीज के खिलाफ ये सीरीज पंत के कमबैक के लिए एक अच्छा मौका मानी जा रही थी. लेकिन सेलेक्शन में ध्रुव जुरेल को बतौर बैकअप विकेटकीपर चुना गया. ईशान किशन इस सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में विकेटकीपर-बैटर के तौर पर पंत के लिए जगह बन सकती थी. इतना ही नहीं, श्रेयस अय्यर भी टीम में नहीं हैं. यानी मिडिल ऑर्डर में भी एक जगह खाली थी.अक्षर पटेल भी इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं. इसका मतलब टीम के टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर में एक लेफ्ट हैंडर की कमी भी नजर आती है.इसके बावजूद पंत को मौका नहीं मिला। 

    रोहित शर्मा इस सीरीज में टीम इंडिया के लिए ओपन करते दिखेंगे. वहीं रवींद्र जडेजा की वापसी का मतलब है कि वह नंबर-7 पर बल्लेबाजी कर सकते हैं. ऐसे में टॉप-6 में पंत के लिए जगह बनाई जा सकती थी। 

    पंत की अटैकिंग बैटिंग भी इस भूमिका में टीम के काम आ सकती थी. मिडिल ओवर्स में वह स्पिनर्स पर हमला करने, तेजी से बाउंड्री निकालने और अपनी अलग तरह की बल्लेबाजी से विपक्षी टीम की प्लानिंग बिगाड़ने की क्षमता रखते हैं।

    ODI क्रिकेट में उनके पास पारी को समय देने का भी विकल्प होता है. उन्हें पहली गेंद से ही हमला करने की जरूरत नहीं होती. वह पारी को आगे बढ़ाते हुए बाद के ओवर्स में गेंदबाजों पर दबाव बना सकते हैं.

    ODI में पंत का रिकॉर्ड कैसा है?
    ODI में पंत का करियर अभी बहुत लंबा नहीं र
    हा है. उन्होंने कुल 31 मुकाबले खेले हैं और 33.50 के औसत से 871 रन बनाए हैं. उनके ODI करियर की सबसे बड़ी पारी 2022 में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ आई थी. नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते हुए पंत ने 113 गेंदों पर 125 रन बनाए थे. इस पारी में उन्होंने 16 चौके और 2 छक्के लगाए. पंत की इसी पारी के दम पर भारत ने मुकाबला जीता था और ODI सीरीज भी अपने नाम की थी. यह इस फॉर्मेट में पंत का इकलौता शतक भी है. हालांकि दिसंबर 2022 के बाद से पंत ने सिर्फ एक ODI खेला है। 

    दिसंबर 2022 में हुए कार एक्सीडेंट के बाद वह करीब एक साल तक क्रिकेट से दूर रहे. 2024 IPL में उन्होंने वापसी की और इसके बाद पूरी तरह फिट होने के बावजूद ODI में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। 

    अब वापसी कितनी मुश्किल?
    पंत ने आखिरी ODI अगस्त 2024 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था. इसके बाद से वह टीम से बाहर हैं. ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज को उनके लिए खुद को साबित करने का एक मौका माना जा रहा था. पर ध्रुव जुरेल को बैकअप विकेटकीपर की जिम्मेदारी दी गई. यही बात पंत के लिए टेंशन बढ़ाने वाली है. क्योंकि जब टीम के कुछ नियमित खिलाड़ी वापस आएंगे, तब कंपटीशन और बढ़ सकता. ऐसे में पंत के लिए टीम में वापसी की जगह निकालना आसान नहीं होगा। 

    हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि पंत का ODI करियर खत्म हो चुका है। 

    वह अभी सिर्फ 28 साल के हैं. उनके सामने वापसी का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं है. इंजरी से जुड़ी दिक्कतें, फॉर्म और वर्कलोड मैनेजमेंट जैसे फैक्टर आगे उनकी स्थिति बदल सकते हैं.सबसे अहम बात उनकी क्षमता है, जिस पर सवाल नहीं है. लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में सिर्फ क्षमता काफी नहीं होती, मौके भी चाहिए होते हैं। 

    पंत के लिए मौका आएगा कहां से?
    वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI सीरीज में टीम में जगह न मिलना निश्चित तौर पर उनके लिमिटेड ओवर्स फ्यूचर के लिए एक अहम संकेत है. अब पंत की नजर ईरानी कप पर होगी, जहां वह रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी करते नजर आएंगे। 

    वेस्टइंडीज सीरीज के लिए भारत की ODI टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार , मोहम्मद सिराज, आकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर. 

    वेस्टइंडीज सीरीज के लिए भारत की T20I टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (व‍िकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव. 

    रेस्ट ऑफ इंड‍िया टीम: ऋषभ पंत (कप्तान, विकेटकीपर), सनत सांगवान, शिखर मोहन, सुदीप घरामी, सरफराज खान (उपकप्तान), स्मरण रविचंद्रन, मानव सुथार, सारांश जैन, आकाश दीप*, मुकेश कुमार, मुकेश चौधरी, आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), आर्यन पांडे, अनुकूल रॉय, आयुष दोसेजा. 

  • सत्य निकेतन PG हादसे पर हाई कोर्ट सख्त, 7 मौतों को महज हादसा मानने से किया इनकार

    सत्य निकेतन PG हादसे पर हाई कोर्ट सख्त, 7 मौतों को महज हादसा मानने से किया इनकार

    नई दिल्ली
    सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने से हुई सात लोगों की मौत के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने घटना को महज हादसा मानने से इनकार किया। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने बुधवार को कहा कि यह घटना लापरवाही और आपराधिक व्यवहार का नतीजा नजर आती है। कोर्ट ने स्टूडेंट्स के सुरक्षित आवास की लंबे समय से चली आ रही समस्या पर भी गंभीर चिंता जताई।

    कोर्ट ने कहा कि छोटे शहरों से अपने करियर और बेहतर भविष्य के सपने लेकर दिल्ली आने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बेंच ने कहा कि राजधानी में छात्रों के आवास की समस्या पिछले 20 से 25 सालों से बनी हुई है। कोर्ट ने संकेत दिया कि घटना के बाद की गई कार्रवाई से इस मूल समस्या का समाधान नहीं होगा
        सत्य निकेतन में इमारत को तोड़ने का काम जारी
        12 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ के ऑर्डर पास
        आज भी कार्रवाई जारी रहने के हैं आसार

    सत्य निकेतन PG हादसे पर हाई कोर्ट में सुनवाई
    यह टिप्पणी दानवीर राठी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आई। याचिका में सत्य निकेतन और दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के आसपास चल रहे PG आवासों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच, स्वतंत्र जांच और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे व पुनर्वास की मांग की गई है। कोर्ट ने इससे पहले 7 सितंबर को MCD को घटना की उच्चस्तरीय जांच करने का निर्देश दिया था।

    25 सितंबर को होगी इस मामले में सुनवाई
    यह मामला 6 सितंबर को सत्य निकेतन में बहुमंजिला लड़कों के PG बिल्डिंग के गिरने से जुड़ा है। हादसा मरम्मत कार्य के दौरान हुआ था। इसमें सात लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। मृतकों में स्टूडेंट्स और निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर शामिल थे। हाई कोर्ट ने लंबित एक अन्य याचिका के साथ जोड़ते हुए 25 सितंबर को सुनवाई के लिए लगा दिया है।

    अवैध और खतरनाक इमारतों पर MCD का एक्शन जारी
    MCD का खतरनाक और अवैध रूप से बनी इमारतों के खिलाफ एक्शन बुधवार को भी जारी रहा। निगम ने सभी 12 जोनों में 46 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 11 संपत्तियों को सील किया। वहीं, बिल्डिंग बॉयलाज का उल्लंघन कर बनाई जा रही 12 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ के ऑर्डर भी पास किए गए। MCD ने मंगलवार को भी 40 इमारतों में तोड़फोड़ की थी और 16 को सील किया था। MCD से मिली जानकारी के अनुसार, सत्य निकेतन में खतरनाक इमारत को तोड़ने का काम मैनुअल ऐक्शन की वजह से काम तेजी से नहीं हो पा रहा है।

    अवैध निर्माण पर MCD सख्त
    अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के तहत शाहदरा नॉर्थ जोन के कर्दमपुरी, शाहदरा के प्रसादी मोहल्ला, उस्मानपुर और न्यू उस्मानपुर में इमारतों के खिलाफ एक्शन लिया गया। वहीं, शाहदरा साउथ जोन के शास्त्री पार्क, सेंट्रल नॉर्थ जोन में स्वरूप नगर और रानी बाग सहित अन्य स्थानों पर भी तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई। MCD ने दोहराया कि अनाधिकृत निर्माण की इजाजत नहीं दी जाएगी।

  • यूपी चुनाव की तैयारी तेज, बीजेपी ने संभाले तीन मोर्चे; गोरखपुर-प्रयागराज पर खास नजर

    यूपी चुनाव की तैयारी तेज, बीजेपी ने संभाले तीन मोर्चे; गोरखपुर-प्रयागराज पर खास नजर

     लखनऊ
     उत्तर प्रदेश के चुनावी कुरुक्षेत्र में राजनीतिक सेनाएं मोर्चा संभालने लगी हैं। समाजवादी पार्टी जहां पीडीए एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रभावी नैरेटिव गढ़कर चुनावी अस्त्र को धार देने में जुटी है।

    वहीं भाजपा एक साथ तीन मोर्चों (अभियान, संगठनात्मक समीक्षा एवं छह क्षेत्रों में संघ के साथ समन्वय बैठकों) के सहारे चुनावी रथ हांक रही है।

    वहीं, पार्टी पर सहयोगी दलों को अपने पाले में रखने का दबाव है। दो बार लखनऊ और एक बार कानपुर में मैराथन मंथन करने के बाद अब प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े 17 और 18 सितंबर को गोरक्ष क्षेत्र में डेरा डालेंगे, वहीं 21 से 23 सितंबर तक प्रयागराज मथेंगे।

    भाजपा की रणनीति के मुताबिक राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और विनोद तावड़े एक माह की कसरत में सभी प्रशासनिक मंडलों एवं पार्टी की दृष्टि से गठित क्लस्टरों की समीक्षा कर रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को दे देंगे। इन बैठकों में बूथों का राजनीतिक प्रबंधन भी परखा जाएगा।

    बूथों पर जुटाए गए राजनीतिक समीकरणों एवं प्रभावी जातियों की समीक्षा होगी। गोरखपुर एवं प्रयागराज क्षेत्र में होने वाली बैठकों का महत्व इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि यहां पर वर्ष 2022 एवं 2024 के चुनाव में भाजपा कई सीटों पर हारी या संघर्ष करती नजर आई।

    यूपी में भी बिहार का फॉर्मूला दोहराएंगे विनोद तावड़े? 2027 में हैट्रिक लगाने को सरकार का मास्टरप्लान – will vinod tawde replicate the bihar formula in up too the governments …

    पिछले चुनाव में बीजेपी को लगा था झटका
    यहां का राजनीतिक गणित पहले सपा और बसपा के साथ रहा है, लेकिन 2014 से यह भाजपा के पाले में झुकता नजर आया। पिछले विधान सभा में भाजपा को झटका लगा। पार्टी नहीं संभली तो 2024 लोकसभा चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा।

    गोरक्ष एवं प्रयाग के आसपास की सीटों पर कुर्मी, निषाद, राजभर, मौर्य, केवट, मल्लाह, प्रजापति समेत आधा दर्जन ओबीसी जातियों की बड़ी संख्या है। कई सीटों पर सवर्णों में आपसी द्वंद भाजपा के लिए चिंता का सबब बन रहा है।

    यूपी की राजनीति, बिहार से अलग
    भले ही तावड़े बिहार का चुनावी तानाबाना समझकर प्रभाव छोड़ने में सफल रहे, लेकिन यूपी की राजनीतिक चाल कई मायनों में बिहार से अलग है। अगर वह बड़ी संख्या में टिकट बदलने के संकल्प के साथ यूपी आए हैं तो पहले यहां का वातावरण समझना होगा। संगठन एवं कार्यकर्ताओं में नया भरोसा जगाना होगा।

     

  • अंबेडकरनगर की 136 ग्राम पंचायतों में 13.37 करोड़ की वित्तीय अनियमितता, प्रधान-सचिवों पर कार्रवाई शुरू

    अंबेडकरनगर की 136 ग्राम पंचायतों में 13.37 करोड़ की वित्तीय अनियमितता, प्रधान-सचिवों पर कार्रवाई शुरू

    अंबेडकरनगर
    यूपी के अंबेडकरनगर में गांवों में विकास कार्य के लिए शासन स्तर से दी गई धनराशि में ऑडिट के दौरान वित्तीय अनियमितता पकड़ी गई है। कहीं बिना कार्य कराए धन निकाल लिया गया है तो कहीं आधा अधूरा कार्य पर ही धनराशि में हेराफेरी की गई है। सत्यापन के बाद ऐसी 136 ग्राम पंचायतों से कुल 13 करोड़ रुपए की वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है। ग्राम पंचायत सचिव और प्रधानों पर ऐक्शन शुरू हो गया हे। जिला पंचायत राज अधिकारी ने आरोपित सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी किया गया है। जबकि ग्राम प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों के खिलाफ ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    ग्राम पंचायतों में विकास के बजट से कराए गए कार्यों की ऑडिट टीम के जांच दौरान अभिलेख न प्रस्तुत करने व कार्य के स्थलीय सत्यापन में अनियमितता पाई जाने पर आरोपित ग्राम पंचायत के प्रधान और सचिव से कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 ररुपए की वसूली की जाएगी। इसमें जिलाधिकारी स्तर से आरसी का अनुमोदन होने के उपरान्त पंचायती राज विभाग ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय स्तर से तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी किया गया है। प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    कई रिटायर तो कई की मृत्यु भी हो चुकी
    यह अनियमितता वित्तीय वर्ष 211-12 से 2018-19 में ऑडिट के दौरान पायी गई थी। प्रकरण पुराना होने व विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी करने में विलम्ब होने के चलते कई सचिवों और ग्राम प्रधान की मृत्यु भी हो चुकी है। जबकि कई सचिव सेवानिवृत्त हो चुके हैं।अकबरपुर के सुबारपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2012-13 में ऑडिट के दौरान तीन प्रकरणों में 1881760 रुपए की अनियमितता पायी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 940880 रुपए व तत्कालीन सचिव से 940880 रुपए की वसूली की जाएगी। अकबरपुर नैली में वर्ष 2012-13 में ऑडिट के दौरान कुल 1163529 रुपए की अनियमिता पकड़ी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 581764 रुपए तथा तत्कालीन सचिव से 581764 रुपए की वसूली की जाएगी। वहीं रोशनगढ़ ग्राम पंचायत में वर्ष 2013-14 में दो प्रकरणों में 1648294 रुपए की अनियमिता पायी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 824147 व तत्कालीन सचिव से 824147 रुपए की वसूली की जाएगी। इसी तरह ऑडिट के दौरान विभिन्न वित्तीय वर्षों में जनपद की कुल 136 ग्राम पंचायतों में कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 रुपए के गबन का मामला पकड़ा गया है।

    सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी
    इस बारे में डीपीआरओ उपेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि आरोपित सचिवों व ग्राम प्रधानों से धन के रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है। सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी हो गया है। ग्राम प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। गबन में जिन अरोपितों की मृत्यु हो चुकी है उनकी वसूली संभव नहीं होगी।