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  • तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा कदम, पूर्व CM पन्नीरसेल्वम ने थामा DMK का हाथ

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा कदम, पूर्व CM पन्नीरसेल्वम ने थामा DMK का हाथ

     चेन्नई

    तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले सियासत में हलचल तेज हो गई है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और AIADMK से निष्कासित नेता ओ. पन्नीरसेल्वम आज सत्ताधारी पार्टी DMK में शामिल हो गए हैं. 

    DMK में शामिल होने के बाद ओपीएस ने कहा, 'आज मैंने अन्नादुराई की बनाई गई पार्टी डीएमके में खुशी-खुशी शामिल हो गया हूं. इसके लिए डीएमके नेता का धन्यवाद. डीएमके नेता स्टालिन अच्छे से पार्टी चला रहे हैं. ईपीएस के अहंकार और सत्ता के दुरुपयोग ने ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि AIADMK कभी चुनाव नहीं जीत सकती.'

    ओपीएस ने आगे कहा, 'मुख्यमंत्री स्टालिन ने सुशासन दिया है और राज्य इसे देख रहा है. विशेषकर महिलाएं डीएमके सरकार के परिवार चलाने के लिए दी गई सुविधाओं से खुश हैं. ईपीएस तानाशाही तरीके से पार्टी चला रहे हैं और एआईएडीएमके पतन की ओर अग्रसर है.'

    दबाव में डीएमके में शामिल होने के सवाल पर, ओपीएस ने कहा, 'पिछले कई सालों में झेली गई कड़वाहट के कारण ये फैसला मैंने खुद लिया है. आगामी चुनाव में, अगर स्टालिन मौका देंगे तो मैं चुनाव लड़ूंगा. डीएमके का कोई विरोध नहीं कर सकता.'
    पन्नीरसेल्वम तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उन्हें दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार माना जाता रहा है. AIADMK में उनके और एडप्पादी के. पलानीस्वामी के बीच लंबे समय तक नेतृत्व संघर्ष चला, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था.

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पन्नीरसेल्वम के डीएमके में शामिल होने से साउथ तमिलनाडु का वोट बैंक प्रभावित हो सकता है. यहां थेवर समुदाय में पन्नीरसेल्वम का समर्थन मजबूत माना जाता है.

    DMK कार्यकर्ता ने जताई खुशी

    पन्नीरसेल्वम के डीएमके में शामिल होने पर डीएमके कार्यकर्ता अभिषेक ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा, 'ये एक शानदार दिन है. लोग साबित कर रहे हैं कि हम फिर से एक मजबूत सरकार बनाने जा रहे हैं. हम अभी मजबूत हैं और आगे और भी मजबूत होंगे. इसलिए, ये अच्छा होगा ये (ओपीएस के डीएमके में शामिल होने की संभावना) हमारी नेतृत्व क्षमता को दिखाता है कि कोई दूसरा (पूर्व) मुख्यमंत्री भी हमारे साथ जुड़ सकता है. हमें हराने वाला कोई नहीं है.'

    तीन बार मुख्यमंत्री बने पन्नीरसेल्वम 

    बता दें कि ओ.पन्नीरसेल्वम पहली बार 2001 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थे. हालांकि 6 महीने बाद ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद 2014 में उन्होंने दूसरी बार राज्य के सीएम पद का कार्यभार संभाला. लेकिन इस बार वो एक महीने तक ही इस पद पर बने रह सके. पनीरसेल्वम 2016 में तीसरी बार राज्य के सीएम बने थे, लेकिन 2017 में उन्होंने एक बार फिर इस्तीफा दे दिया था.

  • सहारनपुर में कशिश-आजम फरारी पर हंगामा, हिंदूवादी संगठनों ने सड़क जाम कर हनुमान चालीसा पढ़ी

    सहारनपुर में कशिश-आजम फरारी पर हंगामा, हिंदूवादी संगठनों ने सड़क जाम कर हनुमान चालीसा पढ़ी

     सहारनपुर 
     सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र स्थित सांगाठेड़ा गांव में एक युवती के दूसरे समुदाय के युवक के साथ लापता होने के बाद ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने सड़क पर बैठकर पांच घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया. युवती के पिता ने 24 फरवरी को तहरीर दी थी कि गांव का ही आजम नामक युवक उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है. पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की, लेकिन युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तनाव बढ़ गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और अधिकारियों के आश्वासन पर जाम खुला.

    युवती का वीडियो वायरल और परिजनों के आरोप

    लापता युवती कशिश ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से आजम के साथ गई है. उसने बताया कि वह डेढ़ साल से युवक को जानती है और घर वालों के टॉर्चर से बचने के लिए उसने यह कदम उठाया. 

    युवती ने कोर्ट के कागज तैयार होने की बात कहते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है. दूसरी ओर, परिजनों का आरोप है कि युवती की उम्र करीब 17 साल 5 महीने है, जिससे मामला कानूनी रूप से पेचीदा हो गया है.

    हिंदू संगठनों का तीखा तेवर और प्रदर्शन

    प्रदर्शन के दौरान राम विशाल दास (तथाचार्य) ने इसे 'जिहादी मानसिकता' का हिस्सा बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि एक एजेंडे के तहत हिंदू बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है. संगठनों ने पुलिस को कल शाम तक का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय तक युवती की बरामदगी नहीं हुई, तो आंदोलन को पूरे उत्तर प्रदेश और भारत स्तर पर उग्र रूप दिया जाएगा. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एकजुटता के दबाव में ही प्रशासन ने ठोस कार्रवाई का भरोसा दिया है.

    आपसी संवाद और शांति की अपील

    रणवीर धर्माचार्य ने प्रदर्शन के दौरान दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है, लेकिन समाधान आपसी संवाद और कानूनी प्रक्रिया से ही निकलना चाहिए. उन्होंने स्थानीय नेताओं से भी शांति बहाली में सहयोग करने की उम्मीद जताई. रणवीर का तर्क है कि युवती की उम्र के आधार पर लड़के के खिलाफ मुकदमा बनता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन के आश्वासन पर ही फिलहाल धरना स्थगित किया गया है ताकि व्यवस्था बनी रहे.

    पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा के इंतजाम

    एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि पुलिस की तीन टीमें, सर्विलांस और स्वाट टीम के साथ युवती की तलाश में जुटी हैं. परिजनों से लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है और वर्तमान में स्थिति शांतिपूर्ण है. वायरल वीडियो की भी बारीकी से जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों और उम्र के तथ्यों के आधार पर जल्द ही नियमानुसार बरामदगी सुनिश्चित की जाएगी.

     

  • ल‍िवर कैंर से जंग हार गए रिंकू सिंह के प‍िता, क्रिकेटर के घर छाया मातम

    ल‍िवर कैंर से जंग हार गए रिंकू सिंह के प‍िता, क्रिकेटर के घर छाया मातम

     नई दिल्ली
    Rinku Singh Fathe
    r Death News: भारतीय क्रिकेटर र‍िंकू सिंह (Rinku Singh) के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उनके पिता खानचंद्र स‍िंह ( Khanchandra Singh) का स्टेज-4 लिवर कैंसर से  जंग के बाद निधन हो गया. टी20 वर्ल्ड कप के बीच यह खबर सामने आने से क्रिकेट जगत में शोक की लहर है.

    रिंकू सिंह के पिता पिछले कुछ समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे. हाल में ही उनको हालत गंभीर होने पर ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे. डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका और आखिरकार उन्होंने अंतिम सांस ली. प‍िता के न‍िधन की खबर सुनकर रिंकू सिंह चेन्नई से अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं.  

     अस्पताल ने की पुष्ट‍ि 
    यथार्थ हॉस्पिटल के पीआरओ ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि चौथे स्टेज के कैंसर से जूझ रहे क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता ने आज (27 फरवरी) सुबह 5 बजे यथार्थ हॉस्पिटल-ओमेगा-1, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आखिरी सांस ली. 

    बेहद नाजुक थी रिंकू के प‍िता की हालत 
    रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र सिंह की तबीयत बेहद नाजुक बनी हुई थी. वो ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती थे और मैकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे. उन्हें लगातार रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जा रही थी. 

    टूर्नामेंट छोड़कर तुरंत घर लौटे थे रिंकू
    पिता की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही रिंकू T20 वर्ल्ड कप के बीच टीम कैम्प से निकलकर चेन्नई से दिल्ली पहुंचे थे, जहां वे परिवार के साथ रहे. हालांकि वो गुरुवार (26 फरवरी) को ज‍िम्बाब्वे से खेलने के लिए टीम से जुड़ गए थे. 
     
    चेन्नई टी20 में ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ नहीं मिला मौका
    पारिवारिक शोक के चलते रिंकू के अगले मैचों में खेलने को लेकर सस्पेंस है. वो ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ मुकाबले में टीम से बाहर रहे थे और उनकी जगह संजू सैमसन को मौका दिया गया था. वहीं टीम में अक्षर पटेल की वॉश‍िंगटन सुंदर की जगह वापसी हुई थी. हालांकि ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ मुकाबले में फील्ड‍िंग करते हुए वो नजर आए थे. 

    मुश्किल दौर से गुजर रहे रिंकू सिंह 
    यह समय रिंकू सिंह के लिए व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों स्तर पर बेहद चैलेंज‍िंंग रहा  है. हालिया मैचों में उनका प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, इस टी20 वर्ल्ड कप में र‍िंकू सिंह ने टीम इंड‍िया के ल‍िए ज‍िम्बाब्वे मुकाबलों में हिस्सा लिया है, लेकिन बल्लेबाजी क्रम में नीचे होने की वजह से उन्हें ज्यादा गेंदें खेलने का मौका नहीं मिला.

    अमेरिका और नामीबिया के खिलाफ वह सिंगल डिजिट पर आउट हो गए. पाकिस्तान के खिलाफ जरूर उन्होंने 4 गेंदों में नाबाद 11 रन बनाकर तेज कैमियो दिखाया. नीदरलैंड्स के खिलाफ 3 गेंदों पर 6 रन जोड़े, जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ दो गेंद खेलकर खाता भी नहीं खोल सके. रिंकू ने पांच पारियों में 29 गेंदें खेलकर सिर्फ 24 रन बनाए थे. 

  • जिम्बाब्वे पर जीत के बाद भी संतुष्ट नहीं सूर्या, टीम इंडिया की इस कमी पर जताई चिंता

    जिम्बाब्वे पर जीत के बाद भी संतुष्ट नहीं सूर्या, टीम इंडिया की इस कमी पर जताई चिंता

    चेन्नई

    भारतीय टीम ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में गुरुवार (26 फरवरी) को जिम्बाब्वे के खिलाफ 72 रनों से जीत हासिल की. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में हुए इस मैच में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को जीत के लिए 257 रनों का टारगेट दिया. इस विशाल टारगेट के सामने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए. पूरे 20 ओवर खेलने के बावजूद जिम्बाब्वे की टीम 6 विकेट पर 184 रन ही बना सकी. ब्रायन बेनेट ने नााबाद 97 रन बनाए, लेकिन वो टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थे.

    भारतीय टीम अब इस जीत के साथ ही सेमीफाइनल में पहुंचने से सिर्फ एक कदम दूर है. भारतीय टीम को अब अपने आखिरी सुपर-8 मुकाबले में वेस्टइंडीज का 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में सामना करना है. भारतीय टीम यदि वेस्टइंडीज को हराती है तो वो सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी. भारत की जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंच गया. जबकि जिम्बाब्वे अंतिम-4 की रेस से  बाहर हो चुका है.

    भारतीय टीम को सुपर-8 में अपने पहले मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनो से हार झेलनी पड़ी थी. लेकिन उस हार से भारतीय टीम ने सबक लेते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ तीनों डिपार्टमेंट में दमदार खेल दिखाया. यानी भारतीय टीम का इस मुकाबले में कम्पलीट परफॉर्मेंस दिखा.

    अभिषेक का फॉर्म में लौटना सुखद
    सबसे प्लस प्वाइंट सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का फॉर्म में लौटना रहा. अभिषेक ने लगातार तीन पारियों में शून्य के स्कोर बनाए थे. जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ वो 15 रन बना पाए थे. मगर अभिषेक जिम्बाब्वे के खिलाफ पूरी तरह लय में दिखे. अभिषेक ने 30 गेंदों पर 55 रन बनाए, जिसमें चार छक्के और चार चौके शामिल रहे. अभिषेक ने इस दौरान संजू सैसमन के साथ मिलकर 48 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप की.

    ज‍िम्बाब्वे से जीतकर भी खुश नहीं सूर्या

    चेन्नई के एमए च‍िदम्बरम स्टेड‍ियम में ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे पर दमदार जीत दर्ज करने के बावजूद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) अपनी टीम की गेंदबाजी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे. उन्होंने साफ कहा कि जीत अहम है, लेकिन नॉकआउट से पहले टीम को और क्लीन‍िकल बनना होगा.

    गुरुवार (26 फरवरी को) मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार वापसी करते हुए 4 विकेट पर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. सुपर-8 के पहले मैच में साउथ अफ्रीका से मिली करारी हार के बाद यह प्रदर्शन टीम के लिए बेहद जरूरी था.

    हालांकि लक्ष्य का पीछा करते हुए ज‍िम्बाब्वे कभी भी जीत की स्थिति में नहीं दिखी, फिर भी उसने 6 विकेट पर 184 रन बना लिए. छठे गेंदबाज के तौर पर उतरे श‍िवम दुबे ने दो ओवर में 46 रन खर्च किए, जिसने भारतीय कप्तान को चिंतित किया.

    टीम इंड‍िया ने कैसे किया ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ प्रदर्शन
    कप्तान सूर्या ने यह भी बताया कि टीम ने इस अहम मैच से पहले पुरानी गलतियों को पीछे छोड़ने की कोशिश की. उन्होंने कहा- हमने लीग स्टेज या पिछले मैच के बारे में ज्यादा नहीं सोचा. हमारे वीडियो एनालिस्ट ने पिछले एक साल के सकारात्मक प्रदर्शन का प्रेजेंटेशन तैयार किया था. उससे हमें आत्मविश्वास मिला और हम पूरी स्पष्टता के साथ मैदान पर उतरे.

    उन्होंने बल्लेबाजी इकाई की सराहना करते हुए कहा कि टॉप ऑर्डर से लेकर नंबर सात तक सभी का योगदान रहा और प्रदर्शन लगभग संपूर्ण था.

    स‍िकंदर रजा ने टीम इंड‍िया से हारने की क्या वजह बताई?
    जिम्बाब्वे के कप्तान स‍िकंदर रजान ने माना कि बड़ी टीमों को चुनौती देने के लिए उनकी टीम को तीनों विभागों बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में एक साथ अच्छा प्रदर्शन करना होगा.

    उन्होंने कहा- हमारी टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं, जो पहली बार वर्ल्ड कप और पहली बार भारत में खेल रहे हैं. यह बहाना नहीं है, लेकिन सीखने का प्राजारी है. अगर किसी एक विभाग में कमी रह जाए तो मैच हाथ से निकल जाता है. 

    जिम्बाब्वे ने लगातार दूसरे मैच में 250 से ज्यादा रन गंवाए, जिसने उसकी हार में बड़ी भूमिका निभाई. इस हार के साथ ही टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई. अब वह अपना आखिरी मैच 1 मार्च को दिल्ली में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलेगी.

    तिलक नए रोल में ढल गए
    जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में तिलक वर्मा नए रोल में दिखे. तिलक मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में नंबर-3 पर संघर्ष करते दिखे थे. लेकिन इस मैच में उन्हे नंबर-6 पर उतारा गया. टीम मैनेजमेंट का ये दांव क्लिक कर गया.  तिलक ने महज 16 बॉल पर नाबाद 44 रनों की पारी खेली. इस दौरान तिलक ने चार छक्के और तीन चौके लगाए.

    हार्दिक पंड्या की हार्ड हिंटिंग ने भी भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में मदद किया. हार्दिक ने चार छक्के और दो चौके की मदद से 23 बॉल पर नाबाद 50 रन कूट डाले. हार्दिक ने भारतीय पारी की आखिरी दो गेंदों पर दो छक्के लगाकर ना सिर्फ अर्धशतकीय आंकड़ा टच किया, बल्कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली निराशा को भी कम किया.

    भारतीय टीम की गेंदबाजी काफी शानदार रही. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने तो मिडिल ओवरों में कमाल की बॉलिंग की और तीन विकेट झटके. अर्शदीप ने 4 ओवरों में सिर्फ 24 रन खर्चे. जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या ने विकेट तो नहीं लिए, लेकिन दोनों ने 3-3 ओवरों में एक समान 21 रन दिए. स्पिन गेंदबाजों वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने 35-35 रन खर्च किए, साथ ही एक-एक विकेट लिया. शिवम दुबे जरूर आउट ऑफ कलर दिखे और एक विकेट लेने के लिए 2 ओवरों में 46 रन लुटाए.

  • AI अब विभागों में खोलेगा गड़बड़ियों की पोल, लीगल मैनेजमेंट सिस्टम तोड़ने वालों पर कार्रवाई

    AI अब विभागों में खोलेगा गड़बड़ियों की पोल, लीगल मैनेजमेंट सिस्टम तोड़ने वालों पर कार्रवाई

    भोपाल 
    जिले में विभिन्न मामलों को लेकर चल रहे कोर्ट प्रकरण का प्रबंधन अब लीगल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम से होगा। प्रशासन एआइ आधारित इस सॉफ्टवेयर को अपने यहां लागू करने जा रहा है। जिले के जो भी विभाग अपने यहां के कोर्ट प्रकरणों को दबाकर या लटकाकर बैठे हैं, वे सब जाहिर होंगे। अब ऐसे प्रकरणों को निपटाना होगा। ऐसा नहीं करने वाले सामने आएंगे और उन पर कार्रवाई की रूपरेखा भी बनेगी। कलेक्ट्रेट से जुड़े हुए ही 150 के करीब कोर्ट केस अभी चल रहे हैं। जिले के सभी विभागों को मिलाने पर संख्या इससे चार गुना तक बनेगी।

    ऐसे समझें सिस्टम

    यह एक इंटीग्रेटेड केस मैनेजमेंट सिस्टम के रूप में काम करेगा, ताकि विभाग के सभी संबंधित अधिकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर जानकारी देख सकें। कानूनी मामलों की प्रगति और पेंडेंसी पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का काम करेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि कानूनी डेटा सुरक्षित रहे और केवल अधिकृत व्यक्तियों की ही उस तक पहुंच हो।

    ऐसे करेगा काम

    -केस ट्रैकिंग: यह विभिन्न न्यायालयों में चल रहे सरकारी मामलों की वर्तमान स्थिति को ट्रैक करेगा।

    – डाटा माइग्रेशन: पुराने कानूनी मामलों के डेटा को सिस्टम में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करने का काम करेगा।

    दस्तावेजों का प्रबंधन: यह कानूनी दस्तावेजों, आदेशों और याचिकाओं को डिजिटल रूप में सहेज कर रखने में मदद करेगा।

    – अलर्ट और रिमाइंडर: आगामी पेशी और महत्वपूर्ण समय-सीमाओं के लिए रिमाइंडर देगा।
    ये होगा लाभ

    इसका सबसे बड़ा लाभ मेट्रो, नए आइएसबीटी समेत ब्रिज, सड़क और सार्वजनिक हित के संस्थानों को लेकर चल रहे जमीन संबंधी विवाद में होगा।  सिस्टम में प्रकरण से जुड़ा हर अपडेट और डिटेल सबमिट होगा, जिससे केस निपटाने में तेजी आएगी। प्रकरण पर निर्णय होने से जिले के ग्रामीण से लेकर शहरी प्रोजेक्ट और आमजन से जुड़े काम भी तेजी से हो पाएंगे। पेंशन प्रकरण से जुड़े केसों में भी न्याय होगा।

    नई तकनीक से जल्द निपटेंगे कोर्ट केस

    कोर्ट केस को शीघ्रता से निपटाने में नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे प्रकरण निपटान प्रक्रिया बेहतर व तेज होगी।

    – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर
    600 केस की पेंडेंसी सुनकर कलेक्टर नाराज

    भोपाल. जिला समिति की बैठक में  600 पेंडिंग प्रकरणों पर कलेक्टर नाराज हुए। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में पशुपालन, मत्स्य, स्व-सहायता समूह, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रकरण जो बैकों में भेजे गए हैं, उनके वितरण और लक्ष्य की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने कहा, केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं के प्रकरण कई बैकों में लक्ष्य के अनुरूप निराकरण नहीं किए गए हैं। यह खेदजनक है। जिन बैंकर्स के प्रकरण स्वीकृत हो गए, उनका वितरण एक सप्ताह देने का कहा। लंबित प्रकरणों का 15 दिन में निराकरण का लक्ष्य दिया।

  • Salary Hike 2026: 9.1% तक वेतन वृद्धि की उम्मीद, कौन‑से सेक्टर को मिलेगा सबसे अधिक लाभ?

    Salary Hike 2026: 9.1% तक वेतन वृद्धि की उम्मीद, कौन‑से सेक्टर को मिलेगा सबसे अधिक लाभ?

    नई दिल्ली
    निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। भारत में साल 2026 में कर्मचारियों के वेतन में 9.1 % वृद्धि देखने को मिल सकती है यह जानकारी ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी ‘एऑन ’ की 32वीं एनुअल सैलरी इंक्रीज एंड टर्नओवर सर्वे 2025-26 से सामने आई है।

    यह सर्वे देश की 45 अलग-अलग इंडस्ट्रीज की 1,400 से ज्यादा कंपनियों के डेटा पर आधारित है, जो यह संकेत देता है कि बाजार में तेजी बनी हुई है। सर्वे के अनुसार, एट्रिशन रेट यानी नौकरी छोड़ने की दर साल 2025 में गिरकर 16.2 प्रतिशत पर आ गई है। यह रेट 2023 में 18.7 प्रतिशत और 2024 में 17.7 प्रतिशत थी।

    किस सेक्टर को कितनी सैलरी हाईक?

    •     एऑन की एनुअल सैलरी इंक्रीज एंड टर्नओवर सर्वे 2025-26 रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में कर्मचारियों की सैलरी में औसतन 9.1% वृद्धि देखने को मिल सकती है। हालांकि अलग-अलग इंडस्ट्री में सैलरी बढ़ने की दर अलग-अलग होगी।
    •     रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, साथ ही नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) में ज्यादा तो ऑटोमोबाइल और वाहन निर्माण, इंजीनियरिंग डिजाइन सर्विसेज, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल जैसे सेक्टरों में औसत बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
    •     रियल एस्टेट व इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 10.2 प्रतिशत, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) में 10.1 प्रतिशत, ऑटोमोबाइल व इंजीनियरिंग डिजाइन सर्विसेज में 9.9 प्रतिशत और मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल सेक्टर में 9.5 प्रतिशत तक सैलरी बढ़ने का अनुमान लगाया गया है।

    ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी ‘मर्सर’ की रिपोर्ट में 9 से 10% तक वृद्धि संभव

    इससे पहले दिसंबर 2025 में ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी ‘मर्सर’ की सैलरी सर्वे रिपोर्ट 2026 में 9 से 10 % तक की वृद्धि की बात सामने आई थी। इस सर्वे में 1500 से ज्यादा कंपनियों और 8000 से ज्यादा पदों का एनालिसिस किया था। मर्सर के सर्वे के अनुसार, साल 2026 में हाई टेक वाले सेक्टरों और ऑटो इंडस्ट्री में ज्यादा वेतन वृद्धि होने की उम्मीद है। हाई टेक सेक्टर में 9.3 प्रतिशत और ऑटो इंडस्ट्री में 9.5 प्रतिशत सैलरी बढ़ने की संभावना है। सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आईटी से जुड़ी सेवाएं (ITES) और वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCC) के कर्मचारियों को भी अच्छी सैलरी हाइक मिल सकती है।

  • कनाडा के पीएम आज भारत दौरे पर, पीएम मोदी संग रणनीतिक साझेदारी पर अहम बैठक

    कनाडा के पीएम आज भारत दौरे पर, पीएम मोदी संग रणनीतिक साझेदारी पर अहम बैठक

    नई दिल्ली 
     कनाडा के प्रधानमं
    त्री मार्क कार्नी आज 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री कार्नी का भारत का यह पहला आधिकारिक दौरा होगा। चार दिवसीय भारत दौरे पर पीएम कार्नी दोनों देशों के संबंधों की मजबूती पर जोर देंगे। पीएम कार्नी कनाडा से रवाना हो चुके हैं और 27 फरवरी को वह मुंबई पहुंचेंगे। अगले दो दिनों में वे अलग-अलग बिजनेस प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे और भारतीय तथा कनाडाई सीईओ, उद्योग एवं वित्तीय विशेषज्ञों, नवोन्मेषकों, शिक्षाविदों के साथ-साथ भारत में स्थित कनाडाई पेंशन फंड के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। पीएम कार्नी 1 मार्च को नई दिल्ली पहुंचेंगे। 2 मार्च को दोनों देशों के प्रधानमंत्री हैदराबाद हाउस में डेलीगेशन स्तर की बातचीत करेंगे। दोनों नेता भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी के अलग-अलग एरिया में अब तक हुए विकास की समीक्षा करेंगे, जो कनानास्किस (जून 2025) और जोहान्सबर्ग (नवंबर 2025) में हुई उनकी पिछली बैठकों पर आधारित होगी।

    वे व्यापार और निवेश, ऊर्जा, जरूरी मिनरल्स, कृषि, शिक्षा, शोध और नवाचार और लोगों के बीच संबंधों जैसे खास स्तंभों में चल रहे सहयोग की भी समीक्षा करेंगे। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर भी अपने विचार शेयर करेंगे।

    बाद में प्रधानमंत्री मोदी और पीएम कार्नी भारत-कनाडा सीईओ फोरम में भी शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पीएम कार्नी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत-कनाडा के आपसी संबंध सामान्य होने के एक अहम मोड़ पर हैं।

    दोनों प्रधानमंत्री पहले एक-दूसरे की चिंताओं के लिए आपसी सम्मान, लोगों के बीच मजबूत संबंध और बढ़ती आर्थिक एक-दूसरे को पूरा करने वाली चीजों पर आधारित एक रचनात्मक और संतुलित साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
    दोनों नेताओं के बीच होने वाली आने वाली मीटिंग, आगे की सोच वाली साझेदारी बनाने में भारत और कनाडा के सकारात्मक मोमेंटम और साझा दृष्टिकोण को फिर से पक्का करने का मौका देगी।

    कनाडाई सरकार ने कार्नी के भारत के लिए रवाना होने से पहले देश में हो रहे अपराध में भारत की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया। कार्नी सरकार के अधिकारी ने भारत को क्लीन चिट देते हुए कहा कि कनाडा में हो रहे अपराध से भारत का कोई लेना-देना नहीं है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अगर इस तरह की गतिविधियां हो रही होतीं तो हम यह यात्रा बिल्कुल नहीं करते।

  • गृह आधार योजना: हर महीने 10 तारीख को 1500 रुपये, जानें कौन‑सी महिलाएं पाएंगी लाभ

    गृह आधार योजना: हर महीने 10 तारीख को 1500 रुपये, जानें कौन‑सी महिलाएं पाएंगी लाभ

    नई दिल्ली

    केंद्र सरकार देश के अलग अलग वर्गों के लिए कई योजनाएं चलाती है. जिनका मकसद आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक मजबूती देना है. इन योजनाओं का फायदा किसानों, मजदूरों, बुजुर्गों और महिलाओं तक पहुंचता है. खास तौर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर अब ज्यादा फोकस किया जा रहा है. इसी दिशा में कुछ राज्य सरकारें भी अपनी स्तर पर पहल कर रही हैं.

     सरकार की गृह आधार योजना ऐसी ही एक पहल है. जिसका मकसद घर की महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग देना है. अब सरकार ने साफ कर दिया है कि पात्र महिलाओं को हर महीने की 10 तारीख को 1500 रुपये सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे. जानें किन महिलाओं को मिलता है इस स्कीम में लाभ.

    हर महीने 10 तारीख को मिलेंगे पैसे

    सरकार की ओर से महिलाओं के लिए गृह आधार योजना चलाई जा रही है. इस योजना के तहत गोवा की बड़ी संख्या में महिलाएं हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक  सहायता हासिल कर रही हैं. साल 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर की ओर से यह योजना शुरू की गई थी. पहले कुछ मामलों में भुगतान में देरी की शिकायतें सामने आई थीं. इसके बाद महिला और बाल विकास विभाग ने विशेष कैंप आयोजित कर समस्याएं सुनीं और दस्तावेजों की जांच की. 

    मुख्यमंत्री  ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पात्र महिला का पेमेंट पेंडिंग न रहे. इसलिए सरकार ने अब तय किया गया है कि हर महीने की 10 तारीख को राशि सीधे खाते में भेजी जाएगी. यह रकम दवा, बच्चों की पढ़ाई और घर के रोजमर्रा खर्च में काफी सहारा देती है.किन महिलाओं को मिलता है लाभ?
    योजना में इन महिलाओं को मिलता है लाभ

    इस योजना का फायदा वही महिलाएं उठा सकती हैं जो तय पात्रता शर्तों को पूरा करती हों. सबसे पहली शर्त उम्र से जुड़ी है. आवेदन करने वाली महिला की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और वह विवाहित हो. इसके साथ ही उसका गोवा में स्थायी रूप से रहना जरूरी है. नियम के मुताबिक महिला पिछले 15 वर्षों से गोवा में रह रही होनी चाहिए.

    इसके लिए आर्थिक मानदंड भी तय किए गए है. महिला और उसके पति की मिलाकर इनकम 300000 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. सरकार का मकसद उन परिवारों तक सीधी मदद पहुंचाना है. जिन्हें वास्तव में आर्थिक सहारे की जरूरत है. पात्रता पूरी होने पर ही योजना का लाभ दिया जाता है.

  • Metro Project: ऑरेंज और ब्लू लाइन के लिए 22 एकड़ जमीन अधिग्रहित, अधिसूचना जारी

    Metro Project: ऑरेंज और ब्लू लाइन के लिए 22 एकड़ जमीन अधिग्रहित, अधिसूचना जारी

    भोपाल 

     एमपी के भोपाल शहर में मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है। यहां पर मेट्रो ट्रेन के लिए 22 एकड़ जमीन की मांग की गई है। प्रशासन ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है। ये ऑरेंज के साथ ब्लू लाइन के लिए है। हाल में भदभदा से डिपो चौराहा, टीटी नगर, लिली टॉकीज जहांगीराबाद तक की जमीन के लिए कलेक्ट्रेट से अधिसूचना जारी हुई है।

    अब रायसेन रोड पर करोंद के साथ पुल बोगदा, जिंसी के साथ ऐशबाग और संबंधित क्षेत्रों में जरूरत की जगह निकालनी है। भोपाल रेलवे स्टेशन के साथ नादरा बस स्टैंड की ओर भी जगह मांगी है। इसमें रेलवे लाइन, स्टेशन के अलावा लाइन किनारे पार्किंग विकसित करने की जगह भी शामिल है।
    इंदौर में पार्किंग की प्रक्रिया, भोपाल में भी उम्मीद

    इंदौर मेट्रो स्टेशन के पास यात्री वाहनों के लिए पार्किंग विकसित की जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू की है। यहां विभागीय मंत्री ने इसके लिए अफसरों को कहा है। भोपाल मेट्रो में भी अब तक कहीं पार्किंग विकसित नहीं
    हुई है। यहां भी स्टेशन के पास पार्किंग विकसित हो तो मेट्रो में यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ सकती है। भोपाल मेट्रो की ओर से पार्किंग की जमीन के लिए जिला प्रशासन के पास पांच जगह के लिए प्रकरण दर्ज किए हुए हैं।

    मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम कई स्तरों पर चल रहा है। जरूरत के अनुसार जमीन ली जा रही। उपयोग किया जा रहा है। पार्किंग को लेकर भी काम किया जा रहा है। चैतन्य कृष्णा, एमडी, मेट्रो रेल
    रोकी गई थी आपूर्ति

    बीते कुछ दिनों पहले मेट्रो रैक की वडोदरा से आपूर्तिरोक दी गई थी। यहां से तीन-तीन कोच के 27 रैक मिलने तय हुए हैं। आठ रैक की आपूर्ति हो चुकी है। अभी कमर्शियल रन में महज दो रैक का ही उपयोग किया जा रहा है। छह रैक अभी डिपो में ही हैं। ऐसे में जब तक प्रोजेक्ट में 32 किमी की लाइन नहीं बन जाती, तब तक नए रैक की आपूर्ति रोक दी गई है। गौरतलब है कि मेट्रो ट्रेन की रैक को बनाने का काम वडोदरा के पास स्थापित प्लांट में हो रहा है।

  • भाजपा में जाने की अटकलों पर कांग्रेस विधायक Nitendra Singh Rathore का बड़ा बयान, सियासी हलचल तेज

    भाजपा में जाने की अटकलों पर कांग्रेस विधायक Nitendra Singh Rathore का बड़ा बयान, सियासी हलचल तेज

    भोपाल 
     हाल ही में मध्य प्रदेश की राजनीति से जुड़ी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर हाइलाइट हुई है। इन तस्वीरों ने क्षेत्र में यह माहौल बना दिया है कि अब पृथ्वीपुर से विधायक नितेन्द्र सिंह राठौर कांग्रेस छोडक़र भाजपा में शामिल हो जाएंगे। इतना ही नहीं कई राजनैतिक पंडित तो यह भी कह रहे हैं कि नितेन्द्र सिंह राठौर अगला चुनाव भी भाजपा से लड़ेंगे। हालांकि इस बात की पुष्टि हम नहीं करते, परन्तु इन दिनों नितेन्द्र सिंह राठौर का रहन-सहन यह बता रहा है कि अंदरखाने कुछ तो चल रहा है।

    तस्वीरों से बढ़ीं सियासी अटकलें
    पिछले कुछ महीनों में विधायक नितेन्द्र सिंह राठौर की प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ कई मुलाकातें सामने आई हैं। खासतौर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव से उनकी बार-बार की मुलाकातों ने राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े किए हैं। इसके अलावा पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल और कैबिनेट मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत के साथ बैठकों की तस्वीरें भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा नेताओं से उनकी बढ़ती नजदीकियां किसी बड़े राजनीतिक फैसले का संकेत हो सकती हैं। हालांकि अभी तक यह केवल अटकलों के दायरे में है।

    विधायक का जवाब: “जनता के काम के लिए मिलना जरूरी”

    नितेन्द्र सिंह राठौर ने कहा ये निराधार बातें हैं जिनका कोई औचित्य नहीं हैं। किसी फंक्शन में जाने की तस्वीर को लेकर या मुख्यमंत्री से मिलने का मतलब ये नहीं कि मैं पार्टी बदल रहा हूं। सीएम मोहन यादव प्रदेश के मुखिया हैं उनसे सत्ता पक्ष के विधायक भी मिलते हैं और विपक्ष के विधायक भी मिलते हैं। क्योंकि, जनता ने चुनकर भेजा है तो हम क्षेत्र के काम मांगने या जनता की समस्याओं से अवगत कराने के लिए किसके पास जाएंगे? विपक्ष का विधायक यदि प्रदेश के मुखिया से मिलता है तो इसीलिए मिलता है ताकि जनता के हितों का ध्यान रख सके। क्योंकि, मुझे जनता ने चुनकर भेजा है। पृथ्वीपुर विधायक ने कहा मैं तो कहता हूं कि जनता के लिए मुझे प्रधानमंत्री जी से मिलना पड़े या किसी केन्द्रीय मंत्री से मिलना पड़े तो उनसे भी मिलूंगा। इसमें क्या गलत है? लेकिन, इन मुलाकातों को गलत तरीके से प्रस्तुत करना। ये बहुत दुखद और निराधार है।

    मैं इतना ही कहूंगा कि ऐसी खबरों से पत्रकारों को बचना चाहिए। क्योंकि इससे एक जनप्रतिनिधि जी जनता के द्वारा चुनकर आता है उसकी छवि खराब करने का प्रयास है। जनता के काम के लिए और विकास कार्यों के लिए किसी से भी काम के लिए मिलना होगा मैं मिलूंगा।

     माह पहले संभावित बदलाव की चर्चा

    सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि यदि कोई राजनीतिक बदलाव होता है तो वह चुनाव से लगभग छह माह पहले हो सकता है। फिलहाल वे पार्टी नहीं छोड़ेंगे, ताकि कानूनी या दल-बदल से जुड़ी जटिलताएं न खड़ी हों। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समय से पहले कदम उठाने पर सदस्यता और अयोग्यता से जुड़े प्रश्न उठ सकते हैं। हालांकि यह पूरी तरह अटकलों पर आधारित है और विधायक या पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान इस संबंध में सामने नहीं आया है।

    बदली हुई राजनीतिक शैली

    स्थानीय मीडियाकर्मियों का कहना है कि पहले भाजपा सरकार के खिलाफ मुखर रहने वाले विधायक अब अपेक्षाकृत शांत नजर आते हैं। विपक्षी तेवरों में आई इस कमी को भी लोग संभावित राजनीतिक बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं।

    फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना तय है कि मध्य प्रदेश की राजनीति में पृथ्वीपुर क्षेत्र से जुड़ी यह चर्चा आने वाले समय में और गर्मा सकती है। आने वाले महीनों में ही यह साफ होगा कि यह केवल सियासी कयास हैं या किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की भूमिका।