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  • रायपुर : चार जिलों में संशोधित गाइडलाइन दरें 27 फरवरी से लागू

    रायपुर : चार जिलों में संशोधित गाइडलाइन दरें 27 फरवरी से लागू

    रायपुर : चार जिलों में संशोधित गाइडलाइन दरें 27 फरवरी से लागू

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ में दिनांक 20 नवम्बर 2025 से नवीन गाइडलाइन दरें लागू की गई हैं। राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश जारी किए गए थे कि स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं के अनुसार गाइडलाइन दरों में संशोधन संबंधी प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जा सकते हैं।उक्त निर्देशों के अनुरूप दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा तथा बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से संशोधित प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार हेतु महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलों से प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का परीक्षण कर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

    बैठक में समग्र परीक्षण के पश्चात केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा एवं बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त गाइडलाइन दरों के प्रस्तावों का अनुमोदन प्रदान किया गया।

    केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित नवीन गाइडलाइन दरें उपरोक्त चारों जिलों में दिनांक 27 फरवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिक एवं संबंधित हितधारक नवीन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों तथा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।अन्य जिलों की संशोधित गाइडलाइन दरें भी शीघ्र जारी की जाएंगी।

  • 9 IAS अधिकारियों ने दी 1,500 एकड़ आदिवासी जमीन बेचने की मंजूरी

    9 IAS अधिकारियों ने दी 1,500 एकड़ आदिवासी जमीन बेचने की मंजूरी

    भोपाल

    मप्र के 9 आईएएस अफसरों ने कलेक्टर और अपर कलेक्टर रहते हुए आदिवासियों की अरबों रुपए की करीब 1500 एकड़ जमीन गैर आदिवासियों को बेचे जाने की अनुमति दी थी। इंदौर जिले में लगभग 500 एकड़ आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति दी गई। बड़े मामलों में ये अनुमतियां इंदौर में कलेक्टर रहे 6 आईएएस ने दी। इनमें 28 केस में तो सीधे कलेक्टरों ने अनुमति दी, जबकि 72 में अपर कलेक्टर ने दीं। यह जानकारी गुरुवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने दी है। खास बात यह है कि खंडवा जिले में सबसे ज्यादा 288.631 हैक्टेयर जमीन गैर आदिवासियों को बेचे जाने की अनुमति 2009 से 2023 के बीच कलेक्टर रहते दी गई, उनके नाम नहीं दिए हैं।

    बड़वानी में 4, खरगौन में 11 और धार में 143 प्रकरणों में आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति दी गई, लेकिन किन कलेक्टरों ने अनुमति दीं, यह नहीं बताया है।

    इन तत्कालीन कलेक्टर, अपर कलेक्टरों ने दी परमिशन… राकेश श्रीवास्तव(9.94 हैक्टे.), राघवेंद्र सिंह (2.25 हैक्टे.), पी नरहरि (6.20 हैक्टे.), इलैया राजा टी (1 हैक्टे.), निशांत वरवड़े (2.5 हैक्टे.), आनंद शर्मा (1.25 हैक्टे.), रवींद्र सिंह (1.92 हैक्टे.),आशुतोष अवस्थी (192 हैक्टे.) और जेपी आइरिन (4 हैक्टे.)।

  • फाइटर हेलिकॉप्टर प्रचंड उड़ाने वाली पहली राष्ट्रपति Droupadi Murmu, कॉकपिट से वीर सैनिकों को दिया गर्व और धन्यवाद का संदेश

    फाइटर हेलिकॉप्टर प्रचंड उड़ाने वाली पहली राष्ट्रपति Droupadi Murmu, कॉकपिट से वीर सैनिकों को दिया गर्व और धन्यवाद का संदेश

    जैसलमेर
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) प्रचंड में उड़ान भरी। वे हेलिकॉप्टर प्रचंड में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं।राष्ट्रपति ने उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर के कॉकपिट से सैल्यूट किया। राष्ट्रपति मुर्मू इससे पहले लड़ाकू विमान सुखोई और राफेल में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनी थीं।

    राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंची थीं। सेना के अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर के बारे में ब्रीफिंग दी। इसके बाद राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर के कॉकपिट में बैठीं।फिर सुबह करीब 10.15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी। हेलिकॉप्टर में 25 मिनट उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सीमावर्ती क्षेत्रों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया।

    जैसलमेर के सोनार दुर्ग के ऊपर ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरते हुए राष्ट्रपति ने रेडियो के माध्यम से देश के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा- मैं आज प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भर रही हूं। प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक है।

    इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन के अतिथि कक्ष में पहुंची. एयरफोर्स के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति एयरफोर्स अधिकारियों से संवाद भी किया. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लड़ाकू हेलिकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरने के लिए निकल पड़ीं. द्रौपदी मुर्मू को-पायलट बनने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं. उन्होंने हेलीकॉप्टर में बैठकर फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया.

    पहली राष्ट्रपति स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड़ में उड़ान भरती दिखीं. उन्होंने 10 बजकर 10 बजे उड़ान भरना शुरू किया. वह 10 बजकर 35 मिनट पर लैंड हुईं. 25 मिनट का हवाई सफर किया. पोकरण फिल्ड़ फायरिंग रेंज और परमाणु स्थल का भी जायजा लिया. शाम में पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में वायुशक्ति 2026 का अभ्यास है, जिसमें राष्ट्रपति चीफ गेस्ट हैं.

    मैं इस समय जैसलमेर के प्रसिद्ध किले के ऊपर से उड़ान भर रही हूं। मैं देश के वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद देती हूं। मेरा सभी को प्यार भरा नमस्कार। जय हिंद, जय भारत।

    पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज (जैसलमेर) में आज शाम एयरफोर्स का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' होगा। युद्धाभ्यास में सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद रहेंगी।

    जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम

    राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे और वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन को देखते हुए जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. चांदन से पोकरण तक पूरे क्षेत्र को अस्थायी रूप से ‘नो-फ्लाई जोन' घोषित किया गया है. पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है.

    दमदार प्रचंड हेलीकॉप्‍टर
     
    एलसीएच प्रचंड भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं विकसित लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है. यह हेलीकॉप्टर रेगिस्तान से लेकर ऊंचे पर्वतीय इलाकों तक विभिन्न भू-भागों में काम करने में सक्षम है और 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर भी संचालन कर सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अक्टूबर 2022 में जोधपुर वायुसेना स्टेशन से ‘प्रचंड' में उड़ान भरी थी. 

    राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैं राष्‍ट्रपति
     
    राष्ट्रपति मुर्मू शुक्रवार शाम को पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन ‘वायु शक्ति' में शामिल होंगी. यह कार्यक्रम भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आयोजित किया जा रहा है. राष्‍ट्रपति मुर्मू ने अक्टूबर 2023 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी, जिससे वह दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं. अप्रैल 2023 में उन्होंने तेजपुर वायुसेना स्टेशन (असम) पर सुखोई-30 एमकेआई में लगभग 30 मिनट की उड़ान भरी थी.

  • सुनेत्रा पवार बनीं NCP राष्ट्रीय अध्यक्ष, अजित पवार के निधन के बाद संभाला डिप्टी CM पद

    सुनेत्रा पवार बनीं NCP राष्ट्रीय अध्यक्ष, अजित पवार के निधन के बाद संभाला डिप्टी CM पद

    मुंबई 

    महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत सुनेत्रा पवार को नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वसम्मति से चुन लिया गया है, जिसे पार्टी के भीतर संगठनात्मक एकजुटता और नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और वरिष्ठ नेताओं की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया, जिसका सभी सदस्यों ने समर्थन किया और बिना किसी विरोध के उन्हें शीर्ष पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई। इस चयन को एनसीपी के पुनर्गठन और राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि हाल के वर्षों में पार्टी को आंतरिक चुनौतियों, गुटबाजी और चुनावी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है।

     सुनेत्रा पवार ने अध्यक्ष चुने जाने के बाद अपने संबोधन में कहा कि वह संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा पार्टी की विचारधारा को देशभर में प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपी सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के अपने मूल सिद्धांतों पर कायम रहेगी और आने वाले चुनावों में मजबूती से भाग लेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में पार्टी नई रणनीति के साथ राज्यों में संगठन विस्तार, गठबंधन राजनीति और जनसंपर्क अभियानों पर विशेष ध्यान दे सकती है। सर्वसम्मति से हुआ यह चुनाव यह भी दर्शाता है कि पार्टी नेतृत्व फिलहाल एकजुटता का संदेश देना चाहता है और किसी प्रकार के आंतरिक मतभेद को सार्वजनिक रूप से उभरने नहीं देना चाहता। 

    सुनेत्रा पवार की संगठनात्मक भूमिका पहले भी सक्रिय रही है और उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों, महिला मोर्चा तथा सामाजिक अभियानों में भागीदारी के लिए जाना जाता है, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित करने में सक्षम होंगी। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी की खोई हुई राजनीतिक जमीन को वापस पाना, कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना और विपक्षी दलों के साथ रणनीतिक तालमेल बनाना होगा। कुल मिलाकर, उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना एनसीपी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जिसमें संगठनात्मक पुनर्संरचना, वैचारिक स्पष्टता और चुनावी मजबूती पर विशेष फोकस रहने की संभावना है।

    राष्ट्रीय अधिवेशन में हुआ फैसला

    सुनेत्रा पवार ने कहा कि मैंने दादा के अधूरे सपनों को पूरा करने, अपनी पार्टी को बढ़ाने और उसे मजबूत करने के लिए यह पद स्वीकार किया है। सुनेत्रा पवार को पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में अध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ। गौरतलब हो कि 28 जनवरी को बारामती में प्लेन क्रैश की घटना में अजित पवार की मौत हो गई थी। प्लेन क्रैश के कारणों की जांच एएआईबी और सीआईडी द्वारा की जा रही है। 

    प्रफुल्ल पटेल ने रखा सुनेत्रा का नाम

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव किया। जिसका अनुमोदन सुनील तटकरे ने किया। जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। अधिवेशन में ही अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा का कैंडिडेट भी घोषित कर दिया गया। सुनेत्रा पवार ने इस मौके पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से वादा किया कि मैं हमेशा आपकी बेटी, बहन और पार्टनर के तौर पर आपके साथ खड़ी रहूंगी।

    दादा के सपनों को पूरा करेंगे

    सुनेत्रा पवार ने कहा कि दादा की जगह कोई नहीं ले सकता। उन्होंने अध्यक्ष चुने जाने के बाद कहा कि यह एक ऐसी पार्टी है जो महाराष्ट्र की खुशहाली, देश के बदलाव और सबसे ज़रूरी, आप सब और हम सबके गर्व और आत्म-सम्मान के बारे में सोचती है। इस सोच को आगे बढ़ाने के लिए, हमें इस मुश्किल समय में भी पक्के इरादे के साथ आगे बढ़ना होगा। दादा ने जो विचार दिए, जो विकास का रास्ता दिखाया, जो कार्यकर्ता बनाए। यही एनसीपी की असली ताकत है। सुनेत्रा ने कहा कि 30 जून, 2023 को दादा ने एनसीपी के नेशनल प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभाली थी। दादा को नेशनल प्रेसिडेंट के तौर पर लगभग ढाई साल का समय मिला। इस दौरान उन्होंने पूरे महाराष्ट्र को अपनाया। पार्टी को बढ़ाया। हर कार्यकर्ता को मजबूत किया। कड़ी मेहनत, लगन और कड़ी प्लानिंग से पार्टी की ताकत बढ़ी।

  • होटल में गर्लफ्रेंड संग इंजॉयमेंट के बाद मौत, 12 मार्च को बेटे की शादी थी तय

    होटल में गर्लफ्रेंड संग इंजॉयमेंट के बाद मौत, 12 मार्च को बेटे की शादी थी तय

    गुरुग्राम 
    गुरुग्राम शहर के बस स्टैंड के पास स्थित एक होटल में गर्लफ्रेंड के साथ ठहरे 56 वर्षीय व्यक्ति की बुधवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पुलिस को घटनास्थल से शक्तिवर्धक दवाइयों के कुछ खाली रैपर मिले थे। ऐसे में दवाओं के ओवरडोज से मौत होने का अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है।

    पुलिस के मुताबिक, मृतक व्यक्ति हरियाणा में सोहना के पास एक गांव का रहने वाला था, जो एक लॉजिस्टिक्स कंपनी में ड्राइवर का काम करता था। बुधवार को वह अपने स्कूल की एक महिला दोस्त के साथ गुरुग्राम बस स्टैंड के पास एक होटल में ठहरा हुआ था। महिला के बयान के अनुसार, कमरे में उस व्यक्ति को अचानक से सीने में तेज दर्द उठा। महिला ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई और पुलिस को भी इस बारे में सूचित किया। उसे पास के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया।

    मृतक व्यक्ति के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। हालांकि, कमरे से मिले दवाइयों के रैपर इस ओर इशारा कर रहे हैं कि व्यक्ति ने बिना डॉक्टरी सलाह के शक्तिवर्धक दवाओं का सेवन किया था, जिसका असर उनके दिल पर पड़ा होने का अंदेशा है।
    बेटे की शादी होने वाली थी

    मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि 12 मार्च को उनके बेटे की शादी तय थी। घर में मेहमानों का आना-जाना और खुशियों का माहौल था, लेकिन पिता की अचानक मौत की खबर ने परिवार को सदमे में डाल दिया है। गुरुवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया।

  • ललेडीपुरा माचल में स्लॉटर हाउस योजना पर रोक, महापौर ने 2017 की परियोजना बंद करने के निर्देश दिए

    ललेडीपुरा माचल में स्लॉटर हाउस योजना पर रोक, महापौर ने 2017 की परियोजना बंद करने के निर्देश दिए

    इंदौर 

    साल 2017 में इंदौर के ललेडीपुरा माचल में स्लॉटर हाउस बनाने को लेकर बार-बार विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट किया कि नगर निगम की किसी भी योजना में ललेडीपुरा और आसपास के गांवों में स्लॉटर हाउस बनाने का कोई विचार नहीं है।

    महापौर ने कहा कि हमारे पास स्थानीय गोपालकों और गांव वासियों से इस विषय पर जानकारी आई है और उन्होंने ये स्पष्ट किया है कि ललेडीपुरा माचल में स्लॉटर हाउस बनाने की नगर निगम की कोई मंशा नहीं है।

    महापौर ने यह भी बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर पहले भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे और अब फिर से सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि इस क्षेत्र में स्लॉटर हाउस का निर्माण नहीं किया जाएगा। महापौर ने कहा साल 2017 में तत्कालीन समय में इस परियोजना को लेकर अनुमति और कार्रवाई की गई थी, लेकिन अब वे इस निर्णय को निरस्त करने के निर्देश दे चुके हैं।

  • धनखड़ ने कहा- सेहत को लेकर कोई लापरवाही नहीं, स्वास्थ्य कारणों से दिया इस्तीफा, दाढ़ी वालों से डर भी लगता है

    धनखड़ ने कहा- सेहत को लेकर कोई लापरवाही नहीं, स्वास्थ्य कारणों से दिया इस्तीफा, दाढ़ी वालों से डर भी लगता है

    सादुलपुर
    पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा- मैंने स्वास्थ्य के प्रति कभी लापरवाही नहीं बरती। इस्तीफा देते समय मैंने कभी नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने कहा था कि मैं स्वास्थ्य को अहमियत दे रहा हूं, जो सभी को देनी भी चाहिए।

    उन्होंने ये बात चूरू के सादुलपुर में कांग्रेस सांसद राहुल कस्वां के आवास पर कही। राहुल कस्वां के पिता पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां और मां कमला कस्वां की सेहत की जानकारी लेने के लिए पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ यहां पहुंचे थे।

    धनखड़ का यहां स्वागत किया गया। इस दौरान एक युवक ने उन्हें गुलदस्ता भेंट किया तो धनखड़ ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मुझे दाढ़ी वालों से डर लगता है। इस पर उपस्थित लोग ठहाके लगाकर हंसने लगे।

    धनखड़ बोले- जब भी मेरे स्वास्थ्य का मुद्दा उठा, रामसिंह सबसे आगे रहे

    पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा- मैं रामसिंह जी के स्वास्थ्य के बारे में चिंता करते हुए यहां आया हूं। यह मेरी निजी यात्रा है। मैं अभिभूत हूं कि मुझे इतना सम्मान मिला। ये मेरे ऊपर एक कर्ज है। जब कभी मेरे स्वास्थ्य का मुद्दा उठा, रामसिंह जी सबसे आगे रहे। कांग्रेस की पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया ने भी पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। इस दौरान डॉ. कुलदीप पूनिया, सतवीर पूनिया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • बढ़ती मुसीबतों में घिरे Asim Munir, भारत तनाव के बीच BLA हमले और अफगान मोर्चे की चुनौती

    बढ़ती मुसीबतों में घिरे Asim Munir, भारत तनाव के बीच BLA हमले और अफगान मोर्चे की चुनौती

    कराची 

    पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर इन दिनों बहुत बड़ी मुश्किल में फंसे हुए हैं. उनके सामने तीन बड़े संकट एक साथ आ गए हैं – भारत के साथ पुराना तनाव, बलूचिस्तान में बीएलए के घातक हमले और अफगानिस्तान के तालिबान के साथ खुली जंग. 27 फरवरी 2026 तक हालात इतने बिगड़ गए हैं कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर ओपन वॉर घोषित कर दिया है. 

    1. भारत के साथ तनाव – कश्मीर का पुराना घाव फिर खुला

    पाकिस्तान और भारत के बीच कश्मीर विवाद 1947 से चल रहा है. अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए. भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह आतंकियों को मदद देता है. 

    भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और पाकिस्तान व पाक-अधिकृत कश्मीर में मिसाइल हमले किए. चार दिन तक दोनों तरफ मिसाइल और ड्रोन हमले हुए. आखिर में 10 मई 2025 को सीजफायर हुआ, लेकिन तनाव खत्म नहीं हुआ है.

    अब 2026 में भी भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी होती रहती है. आसिम मुनीर बार-बार कहते हैं – भारत कोई नया हमला करेगा तो पाकिस्तान का जवाब बहुत तेज और भयानक होगा. पाकिस्तान भारत पर आरोप लगाता है कि वह बीएलए और टीटीपी को मदद देता है.
    2. बलूचिस्तान में बीएलए के हमले – देश के अंदर बड़ा खतरा

    बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत है. यहां बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) नाम की अलगाववादी संगठन सालों से लड़ रही है.

    जनवरी के अंत और फरवरी 2026 की शुरुआत में बीएलए ने बलूचिस्तान में सबसे बड़ा हमला किया. कई जगहों पर एक साथ पुलिस स्टेशन, बैंक, घरों और सैन्य ठिकानों पर हमले हुए. 31-33 आम नागरिक और सैनिक मारे गए.

    पाकिस्तानी आर्मी ने जवाबी कार्रवाई की और 145 से 216 बीएलए लड़ाकों को मारने का दावा किया. लेकिन हमले रुक नहीं रहे. आसिम मुनीर की आर्मी पर आरोप है कि वह बलूचिस्तान में राजनीति ज्यादा करती है. सुरक्षा कमजोर है. पाकिस्तान कहता है कि बीएलए को भारत और अफगानिस्तान से मदद मिल रही है.

    3. अफगान तालिबान से खुली जंग – सबसे नया और सबसे खतरनाक संकट

    पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान में छिपे टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) उसके देश में हमले करते हैं. इसलिए 21 फरवरी 2026 को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिया और खोस्त में हवाई हमले किए. तालिबान ने बदला लिया. 26-27 फरवरी को अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट पर हमला किया. 

    अफगानिस्तान का दावा – 40 पाकिस्तानी सैनिक मारे, 15 पोस्ट कब्जे में लिए. उन्होंने एक पाकिस्तानी जेट भी गिराने का दावा किया. पाकिस्तान ने जवाब में काबुल, कंधार और पक्तिया पर और भारी बमबारी की. पाक रक्षा मंत्री ने कहा कि हम अफगानिस्तान के साथ ओपन वॉर में हैं. आसिम मुनीर पहले ही तालिबान को चेतावनी दे चुके थे – तुम्हें पाकिस्तान और टीटीपी में से एक चुनना होगा.

    तीनों संकट एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं?

    पाकिस्तान का कहना है कि भारत और अफगान तालिबान मिलकर पाकिस्तान को कमजोर करना चाहते हैं. दावा किया जाता रहा है कि भारत बीएलए को मदद देता है.  तालिबान टीटीपी को शरण देता है. दोनों मिलकर पाकिस्तान के अंदर हमले करवा रहे हैं. आसिम मुनीर अब तीन मोर्चों पर लड़ रहे हैं – सीमा पर भारत, अंदर बलूचिस्तान और पड़ोसी अफगानिस्तान.

    अभी क्या हाल है? 

    अफगानिस्तान सीमा पर भारी गोलीबारी और बमबारी चल रही है. बलूचिस्तान में सैन्य ऑपरेशन जारी.  भारत के साथ कश्मीर में तनाव बना हुआ है. पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता भी है. आसिम मुनीर पूरे देश की सेना और रक्षा के सबसे बड़े कमांडर हैं, लेकिन तीन तरफ से दबाव इतना है कि उनकी साख और पाकिस्तान की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. आसिम मुनीर के लिए यह सबसे बड़ी परीक्षा का वक्त है. अगर तीनों मोर्चे एक साथ नहीं संभाले गए तो पाकिस्तान को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है.  

    पाकिस्तानी जेट गिराया अफगान लड़ाकों ने

    पाकिस्तान और अफगानिस्तान (तालिबान शासन) के बीच बॉर्डर पर तनाव बहुत बढ़ गया है. दोनों तरफ गोलीबारी, हमले और हवाई हमले हो रहे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक बड़ा दावा वायरल हो रहा है – अफगान सैनिकों ने पाकिस्तानी जेट गिरा दिया, वो भी रॉकेट लॉन्चर से. कुछ पोस्ट में लिखा है F-16, कुछ में JF-17. Tolo News ने भी रिपोर्ट किया कि अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट गिराया. लेकिन कौन सा जेट था?  

    पहले समझें पूरा बैकग्राउंड

    पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच ड्यूरंड लाइन (सीमा) पर सालों से झगड़ा चल रहा है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान में छिपे टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) उसके खिलाफ हमले करते हैं. इसलिए पाकिस्तान ने पिछले कुछ दिनों में अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिया और अन्य इलाकों में हवाई हमले किए. इन हमलों में पाकिस्तानी एयर फोर्स के जेट्स (F-16 और JF-17 दोनों) इस्तेमाल हुए.

    तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की – उन्होंने पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट पर हमला किया, कुछ पोस्ट कब्जा लिए और सैनिक मारे जाने का दावा किया. पाकिस्तान ने फिर काबुल, कंधार और पक्तिया पर और हमले किए. इसी बीच अफगानिस्तान ने दावा किया कि एक पाकिस्तानी जेट उनके एयरस्पेस में घुस आया था और उन्होंने उसे गिरा दिया.

    Tolo News ने क्या कहा?

    Tolo News ने 27 फरवरी 2026 को ब्रेकिंग न्यूज में लिखा… सिक्योरिटी सोर्सेज ने Tolo News को बताया कि अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट गिरा दिया, जो अफगानिस्तान के एयरस्पेस में घुस आया था. ध्यान दें – Tolo News ने F-16 या JF-17 कुछ नहीं बताया. सिर्फ पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट कहा. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी हमलों की पुष्टि की, लेकिन जेट गिराने का जिक्र नहीं किया.

    सोशल मीडिया पर क्या वायरल है?

    अफगान डिफेंस अकाउंट (@AFGDefense) और कई प्रो-तालिबान अकाउंट्स ने वीडियो पोस्ट किया. इसमें जलता हुआ wreckage दिख रहा है, पाकिस्तानी झंडा और नंबर 85510 दिख रहा है. कैप्शन लिखा है – यह अमेरिकी बना पाकिस्तानी F-16 है, जिसे अफगान फोर्स ने गिराया. 

    कुछ लोग लिख रहे हैं – रॉकेट लॉन्चर से गिराया. लेकिन कई यूजर्स (यहां तक कि Grok जैसे AI भी) बता रहे हैं कि यह वीडियो पुराना या फेक लगता है. नंबर 85510 किसी पाकिस्तानी जेट का नहीं मिलता. पहले भी ऐसे फेक वीडियो वायरल हुए थे (जैसे 2020 का ट्रेनर जेट क्रैश या पुराना B-17 wreckage).

    पाकिस्तान के पास कौन-कौन से जेट हैं?

    पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) के पास दो मुख्य फाइटर जेट हैं…
    पहला है F-16. यह अमेरिका की Lockheed Martin कंपनी में बना है. पाकिस्तान के पास इस जेट के लगभग 75 से 80 विमान हैं. इसकी खासियत यह है कि यह बहुत तेज उड़ता है. इसमें एडवांस्ड रडार लगा हुआ है. यह लंबी दूरी की मिसाइलें ले जा सकता है. अमेरिका ने इसके इस्तेमाल पर कुछ खास शर्तें भी लगा रखी हैं.

    दूसरा है JF-17 Thunder. यह चीन और पाकिस्तान के संयुक्त उत्पादन से बना है. पाकिस्तान के पास इसके 150 से ज्यादा विमान हैं, जो उनकी फ्लीट में सबसे ज्यादा संख्या में हैं. यह जेट सस्ता है, आसानी से बनाया जा सकता है. ज्यादातर हमलों में यही इस्तेमाल किया जाता है. 2024 में अफगानिस्तान पर हुए हमलों में भी JF-17 जेट ही इस्तेमाल किए गए थे. F-16 ज्यादा महत्वपूर्ण मिशन के लिए बचाकर रखा जाता है.

    क्या अफगानिस्तान के पास जेट गिराने की ताकत है?

        अफगान तालिबान के पास कोई एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम (जैसे S-300 या Patriot) नहीं है.
        उनके पास पुराने MANPADS (Shoulder-fired rocket launcher जैसे Stinger) हो सकते हैं.
        लेकिन हाई स्पीड फाइटर जेट (F-16 या JF-17) को हाई अल्टीट्यूड पर रॉकेट लॉन्चर से गिराना बहुत मुश्किल है. जेट्स आमतौर पर 20,000-30,000 फीट ऊपर उड़ते हैं.

        इसलिए विशेषज्ञ कह रहे हैं – दावा प्रोपगैंडा हो सकता है. युद्ध में दोनों तरफ ऐसे दावे आम हैं.

    पाकिस्तान ने क्या कहा?
    पाकिस्तान ने किसी भी जेट के गिरने की पुष्टि नहीं की. उन्होंने कहा कि उनके हमले सफल रहे और अफगानिस्तान में नुकसान हुआ. कोई पायलट मिसिंग या क्रैश रिपोर्ट नहीं आई.

    तो आखिर सच्चाई क्या है?

    Tolo News का दावा सिर्फ पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट तक सीमित है – टाइप नहीं बताया. सोशल मीडिया पर F-16 ज्यादा वायरल है क्योंकि अमेरिकी जेट गिराने का दावा ज्यादा बड़ा लगता है. F-17 का जिक्र कम है, लेकिन वास्तविक हमलों में JF-17 का इस्तेमाल ज्यादा संभावित है.

    वीडियो संदिग्ध हैं. यह अनवेरिफाइड क्लेम है. दोनों देश युद्ध की स्थिति में हैं, इसलिए दोनों तरफ झूठे/बढ़ा-चढ़ा के दावे हो रहे हैं. पाकिस्तान ने ओपन वॉर जैसे बयान दिए हैं. अफगानिस्तान ने भी जवाबी हमले की धमकी दी है. 

     

  • सेमीफाइनल की दौड़ में न्यूजीलैंड, स्पिन जाल में फंसेगा इंग्लैंड?

    सेमीफाइनल की दौड़ में न्यूजीलैंड, स्पिन जाल में फंसेगा इंग्लैंड?

    कोलंबो
    अपने स्पिनरों के दम पर पिछले मैच में श्रीलंका पर बड़ी जीत दर्ज करने वाला न्यूजीलैंड शुक्रवार को यहां टी20 विश्व कप के सुपर आठ के मैच में इंग्लैंड के खिलाफ अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखकर सेमीफाइनल में जगह सुरक्षित करने की कोशिश करेगा। इंग्लैंड पहले ही अपने दोनों मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुका है लेकिन यह मैच उसके लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे ग्रुप में शीर्ष पर रहने वाली टीम का भी फैसला होगा।

    श्रीलंका के खिलाफ 61 रन की बड़ी जीत से न्यूजीलैंड सेमीफाइनल के करीब पहुंच गया है क्योंकि इससे उसका नेट रन रेट अच्छा हो गया है। न्यूजीलैंड का नेट रन रेट प्लस 3.050 है और उसे अगले मैच में बस यह सुनिश्चित करना है कि अगर वह इंग्लैंड से पराजित हो भी जाता है तो हार का अंतर न्यूनतम हो।

    इंग्लैंड से हार के बाद पाकिस्तान का नेट रन रेट माइनस 0.461 हो गया है। उसे नेट रन रेट में न्यूजीलैंड से आगे निकलने के लिए कीवी टीम की करारी हार के लिए दुआ करनी होगी और साथ ही सुपर आठ के अपने अंतिम मैच में श्रीलंका को बड़े अंतर से हराना होगा। लेकिन न्यूजीलैंड ने यह साबित कर दिया है कि वह श्रीलंका के खिलाफ छह स्पिनरों के साथ खेलने में सहज था जिसके दम पर उसने बड़े अंतर से जीत हासिल की। इस मैच में न्यूजीलैंड के स्पिनरों और इंग्लैंड के बल्लेबाजों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    पाकिस्तान के खिलाफ शतक बनाने वाले कप्तान हैरी ब्रूक और ऑलराउंडर विल जैक्स दोनों ने ही साइम अयूब, मोहम्मद नवाज और शादाब खान जैसे स्पिनरों के सामने सहज प्रदर्शन किया। लेकिन अब उनके सामने न्यूजीलैंड की कड़ी चुनौती है, जिसके स्पिनर मिचेल सैंटनर, रचिन रविंद्र, ग्लेन फिलिप्स और कोल मैककॉन्ची पाल्लेकल की तुलना में प्रेमदासा स्टेडियम की अधिक चिपचिपी पिच पर बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं।

    ब्रूक अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन अनुभवी जोस बटलर को अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। उन्होंने अब तक टूर्नामेंट में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया है। बटलर की अच्छी शुरुआत से इंग्लैंड निश्चित रूप से बेहतर स्थिति में आ जाएगा। दूसरी ओर जैक्स की ऑफ स्पिन और लियाम डॉसन की बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी भी उतनी ही चुनौतीपूर्ण हो सकती है। प्रेमदासा की पिच पर अगर स्पिनर गेंदबाजी कर रहे हों तो 165 से 175 के बीच का कोई भी स्कोर जीत के लिए पर्याप्त हो सकता है।

    न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर रविंद्र ने श्रीलंका के खिलाफ बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद कहा कि भले ही उनका स्पिन आक्रमण मजबूत है लेकिन इंग्लैंड को कम करके आंकना गलती होगी।

    रविंद्र ने कहा, ‘‘इस तरह के मुकाबले में खेलने के लिए हमेशा आत्मविश्वास बना रहता है, विशेषकर जब हमें पता होता है कि पिच कैसी होगी। लेकिन मुझे लगता है कि किसी भी समय इंग्लैंड को कम करके आंकना मूर्खता होगी।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से उनकी टीम काफी अच्छी है। उनके गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं और उनके पास बल्लेबाजी क्रम में नीचे तक विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं।’’

    लेकिन रविंद्र इस बात का पूरा अहसास है कि शुक्रवार एक नया दिन है और न्यूजीलैंड टीम के लिए यह एक नई चुनौती होगी।

    रविंद्र ने कहा, ‘‘श्रीलंका के खिलाफ जीत से हमारा मनोबल बढ़ा है लेकिन हम यह अच्छी तरह से समझते हैं कि दो दिन बाद हमारे सामने एक अलग तरह की चुनौती होगी। उम्मीद है कि हम इसके लिए पूरी तरह से तैयार रहेंगे।’’

    टीम इस प्रकार हैं:
    इंग्लैंड:
    हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, फिल साल्ट (विकेटकीपर), बेन डकेट, सैम करेन, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, जोश टोंग, लाइक वुड

    न्यूजीलैंड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलन, टिम सीफर्ट, डेवोन कॉनवे, मार्क चैपमैन, कोल मैककॉन्ची, डैरिल मिचेल, जेम्स नीशम, रचिन रविंद्र, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, इश सोढ़ी।
    मैच शुरू होने का समय: शाम सात बजे।

     

  • सोने-चांदी के दाम में तेजी, क्या US के फैसलों ने किया मार्केट को प्रभावित?

    सोने-चांदी के दाम में तेजी, क्या US के फैसलों ने किया मार्केट को प्रभावित?

     नई दिल्‍ली

    सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर उछाल देखी जा रही है. मल्‍टी कमोडिटी मार्केट (MCX) पर सोना 400 रुपये चढ़कर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि चांदी के दाम में भी 8000 रुपये से ज्‍यादा की तेजी आई है. 5 मार्च वायदा वाली चांदी 2.75 लाख रुपये के ऊपर कारोबार कर रही है. 

    वहीं कुछ दिन पहले चांदी की कीमत 2.25 लाख रुपये के करीब थी और सोने के दाम 1.37 लाख रुपये पर बने थे, लेकिन कुछ ही दिनों में इन मेटल्‍स ने एक बार फिर तेजी दिखाई है. सोने चांदी के दाम में तेजी को लेकर एक्‍स्‍पर्ट्स का मानना है कि अमेरिका अलग- अलग खबरें आने के कारण इनके दामों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. 

    सोने-चांदी के दाम में फिर क्‍यों आई तेजी? 
    सोने और चांदी के दाम में तेजी का बड़ा कारण अमेरिका में हुए दो बड़े अपडेट हैं. अमेरिका में टैरिफ को लेकर अनिश्‍चितताएं बनी हुई हैं. इसके अलावा, निवेशक अमेरिका और ईरान  के बीच बातचीत में लेटेस्‍ट डेवलपमेंट को भी देख रहे हैं, जिस कारण निवेशक सेफ निवेश की ओर बढ़ रहे हैं. यही कारण है कि आज सोने और चांदी के भाव में तेजी देखने को मिली है. 

    जिनेवा में मीडिएटर ओमान के मुताबिक अमेरिका और ईरान ने तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत में कुछ प्रोग्रेस की खबर दी है. हालांकि, गुरुवार को घंटों की बातचीत के बावजूद, कोई साफ नतीजा नहीं निकला जिससे अमेरिका संभावित हमलों की संभावना को खारिज किया जा सके, जबकि इस इलाके में मिलिट्री की बड़ी तैयारी जारी है. सीधे शब्‍दों में कहें तो अभी अमेरिका और ईरान दोनों बातचीत में सहमत नहीं हो सके हैं, जिस कारण सोने और चांदी जैसे मेटल में तेजी देखी जा रही है. 

    दूसरी ओर, अफगानिस्‍तान और पाकिस्‍तान के बीच भी वॉर शुरू हो गया है, जिस कारण गोल्‍ड सिल्‍वर के दाम तेजी पर हैं और एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली है.  

    इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी के दाम
    इंटरनेशनल मार्केट में शुक्रवार को सोने की कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी रहीं.  स्पॉट गोल्ड 5,187.39 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना रहा, जबकि स्पॉट सिल्वर 0.6% बढ़कर $88.81 प्रति औंस पर पहुंच गया, जो बुधवार को तीन हफ्ते के हाई पर पहुंचने के बाद की तेजी है.