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  • पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से खुली जंग का किया ऐलान, सऊदी को फोन कर हालात की जानकारी दी पाक विदेश मंत्री ने

    पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से खुली जंग का किया ऐलान, सऊदी को फोन कर हालात की जानकारी दी पाक विदेश मंत्री ने

    काबुल
    पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. पाकिस्तान की ओर से 22 फरवरी को अफगानिस्तान में कथित TTP ठिकानों पर हमला किया गया था. अफगानिस्तान ने चेतावनी दी थी कि इसका पलटवार होगा. गुरुवार देर रात अफगान तालिबान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. सीमा पर गोलीबारी और मोर्टार अटैक हुए. जवाब में पाकिस्तान ने फिर हवाई हमले किए हैं. अफगानिस्तान की टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अफगान सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान एयर फोर्स के लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत में हवाई हमले किए.

    सुरक्षा सूत्रों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि पाकिस्तानी विमान अफगान हवाई क्षेत्र में घुस आया था, जिसे अफगान बलों ने निशाना बनाया और मार गिराया. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है. अफगान पक्ष का कहना है कि पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया जैसे इलाकों में भी बमबारी की. इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि पाकिस्तानी सैन्य शासन ने कुछ स्थानों पर हमले किए. हालांकि उन्होंने कहा कि इन हमलों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ.

    वहीं पाकिस्तान का दावा है कि उसे पहले अफगान तालिबान की ओर से ‘बिना उकसावे की गोलीबारी’ का सामना करना पड़ा और जवाब में उसने कार्रवाई की. पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय और प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में अफगान तालिबान के 133 लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए. साथ ही कई सैन्य ठिकाने और गोला-बारूद डिपो नष्ट कर दिए गए. लेकिन अफगानिस्तान के नजरिए से देखा जाए तो मामला अलग है. काबुल का कहना है कि पाकिस्तान बार-बार सीमा पार हमले कर अफगान संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है. अफगान अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी खतरा है.

    पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर चीन ने जताई चिंता

    अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी गोलीबारी पर चीन ने गहरी चिंता जताई है. चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने और तुरंत युद्धविराम करने की अपील की है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि दोनों पक्ष शांत रहें, हालात को न बढ़ाएं और जल्द से जल्द संघर्ष विराम लागू करें ताकि और खून-खराबा न हो. उन्होंने यह भी बताया कि चीन का विदेश मंत्रालय और पाकिस्तान व अफगानिस्तान स्थित उसके दूतावास दोनों देशों के संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं.

     पाकिस्तान ने सऊदी को घुमाया फोन

    पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव के बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री से फोन पर बात की है. बातचीत में मौजूदा हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की गई.

     PM शहबाज शरीफ की गीदड़भभकी

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनकी सेना किसी भी ‘आक्रामक मंसूबे’ को कुचलने की पूरी क्षमता रखती है. यह बयान उस रात के बाद आया जब इस्लामाबाद ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले किए. सीमा पार झड़पें शुक्रवार को और तेज हो गईं. पाकिस्तान ने हमलों के बाद काबुल के खिलाफ ‘खुली जंग’ का ऐलान कर दिया, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.

     अफगानिस्तान-पाकिस्तान में पहले भी हुआ तनाव

    अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्ते पिछले कुछ महीनों में लगातार बिगड़ते गए हैं. अक्टूबर में हुई घातक झड़पों में दोनों तरफ 70 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद से ज्यादातर जमीनी सीमा पार रास्ते बंद पड़े हैं. इस्लामाबाद अफगानिस्तान पर आरोप लगाता है कि वह पाकिस्तान में हमले करने वाले उग्रवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती है. कतर और तुर्की की मध्यस्थता में शुरुआती युद्धविराम के बाद कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका है.

     

  • बांग्लादेश में 5.4 तीव्रता का भूकंप, कोलकाता समेत बंगाल के कई जिलों में डोली धरती

    बांग्लादेश में 5.4 तीव्रता का भूकंप, कोलकाता समेत बंगाल के कई जिलों में डोली धरती

    कोलकाता

    पश्चिम बंगाल के कोलकाता सहित कई शहरों में शुक्रवार दोपहर (27 फरवरी) को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। बताया जा रहा है कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.4 रही। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग दहशत के चलते घरों से बाहर आ गए। जानकारी के मुताबिक कोलकाता में दोपहर करीब 1.20 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए, जो रिपोट्स के अनुसार बांग्लादेश में केंद्रित भूकंप का नतीजा था।

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (ईएमएससी) ने बताया कि शुक्रवार को बांग्लादेश में 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। ईएमएससी ने बताया कि भूकंप का केंद्र 35 किलोमीटर (21.75 मील) की गहराई पर था।

    बांग्लादेश के ढाका के अगरगांव स्थित बीएमडी भूकंपीय केंद्र से दक्षिण-पश्चिम पश्चिम बंगाल में रिक्टर स्केल पर 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी झटके महसूस किए गए। कोलकाता शहर से सामने आए वीडियो में लोग अपने घरों से बाहर भागते दिखाई दिए।

    'सोफा और पंखा हिल रहे थे, हम भागने लगे'
    कोलकाता के एक स्थानीय ने बताया कि हम अपने सोफे पर बैठे थे, जब हमें अचानक झटके महसूस हुए। हम अपने घर से बाहर भागे। सोफा और पंखा हिल रहे थे, टेबल पर रखी एक बोतल नीचे गिर गई। हम सब नीचे भागे।

    फिलहाल अभी किसी नुकसान की खबर नहीं
    वहीं सोशल मीडिया पर भी भूकंप को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया सामने आई। यूजर्स ने बताया कि उन्होंने भूकंप के तेज झटके महसूस किए और अपने घरों में पंखे और अन्य चीजें हिलती हुई देखीं। फिलहाल अभी तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

  • नक्सलगढ़ पुरंगेल में सुरक्षाबलों ने दिखाया साहस, आग से झुलसी महिला का किया रेस्क्यू, चारपाई पर लाकर पहुंचाया

    नक्सलगढ़ पुरंगेल में सुरक्षाबलों ने दिखाया साहस, आग से झुलसी महिला का किया रेस्क्यू, चारपाई पर लाकर पहुंचाया

      दंतेवाड़ा

    दंतेवाड़ा जिले के नक्सल प्रभावित अंदरूनी क्षेत्र पुरंगेल गांव में नक्सल सर्चिंग पर निकले एसटीएफ जवानों ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए एक गंभीर रूप से आग से झुलसी ग्रामीण महिला की जान बचाई. सुरक्षा बल जहां एक ओर नक्सल अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की मदद कर भरोसे की नई तस्वीर भी पेश कर रहे हैं.

    10-15 दिन पहले आग में जल गई थी महिला

    जानकारी के अनुसार एसटीएफ की टीम नक्सल ऑपरेशन के तहत बीजापुर से दंतेवाड़ा के दुर्गम जंगलों में सर्चिंग कर रही थी. इसी दौरान जवान जब नक्सलगढ़ माने जाने वाले पुरंगेल गांव पहुंचे, तब उन्हें एक महिला की गंभीर हालत की सूचना मिली. मौके पर पहुंचने पर पता चला कि महिला करीब 10-15 दिन पहले आग तापते समय दुर्घटनावश आग में गिर गई थी, जिससे कमर से ऊपर तक उसका शरीर बुरी तरह झुलस गया था. दूरस्थ इलाके और इलाज की सुविधा नहीं मिलने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी.

    चारपाई के सहारे पहुंचाया

    महिला की स्थिति देखकर एसटीएफ कंपनी कमांडर ओम प्रकाश सेन और उनकी टीम ने तुरंत मानवीय पहल करते हुए रेस्क्यू शुरू किया. जवानों ने दुर्गम जंगल और पहाड़ी रास्तों के बीच चारपाई को कावड़ की तरह इस्तेमाल कर महिला को कई किलोमीटर पैदल सुरक्षित बाहर निकाला और हिरोली गांव तक पहुंचाया. वहां पहले से बुलाई गई एंबुलेंस के जरिए घायल महिला को किरंदुल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल दंतेवाड़ा रेफर किया गया.

    तीन माह के मासूम बच्चे की देखभाल की कराई व्यवस्था

    डॉक्टरों के अनुसार महिला लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी और समय पर इलाज न मिलने से घाव गंभीर हो चुके थे. जवानों ने महिला के तीन माह के मासूम बच्चे की देखभाल की भी व्यवस्था कराई और अस्पताल प्रशासन से समन्वय बनाकर उपचार सुनिश्चित कराया.

    एसटीएफ अधिकारियों ने जवानों के इस कार्य को मानवता और कर्तव्य का उत्कृष्ट उदाहरण बताया. स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन ने भी जवानों की संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए इसे सुरक्षा बल और ग्रामीणों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया है.

  • विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे सरेंडर नक्सली, झीरम हमले का मास्टरमाइंड चैतू भी था शामिल

    विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे सरेंडर नक्सली, झीरम हमले का मास्टरमाइंड चैतू भी था शामिल

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ के 120 सरेंडर नक्सली आज विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे हैं। इनमें 1 करोड़ का इनामी पूर्व नक्सली रुपेश भी शामिल है। वहीं, झीरम हमले का मास्टरमांड, 25 लाख इनामी चैतू भी कार्यवाही देखने आया है। 3 महीने पहले इसने जगदलपुर में सरेंडर किया था।

    इससे पहले गुरुवार रात ये सभी नक्सली डिप्टी सीएम विजय शर्मा के निवास पर डिनर के लिए पहुंचे थे। निवास पर उनके लिए रेड कार्पेट बिछाया गया था और फूलों से स्वागत किया गया।

    वहीं, सदन में आज विधायक पुन्नूलाल मोहले ने किसानों से जुड़ा मुद्दा उठाया। इसके साथ ही कांग्रेस विधायकों के सवाल पर वित्त मंत्री के जवाब के बाद हंगामा हुआ। विपक्ष ने विकास कार्यों की स्वीकृति मांगी। जवाब पर विपक्ष ने वॉकआउट किया।

    विजय शर्मा के बंगले पर मेहमान बने पूर्व नक्सली

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार रात एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जो बस्तर के बदलते मिजाज की गवाही दे रही है। सूबे के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा के निवास पर सवा सौ से अधिक उन 'भाई-बहनों' का जमावड़ा लगा, जो कभी लाल आतंक की राह पर थे। यह महज एक डिनर कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन भटके हुए युवाओं को यह अहसास कराने की कोशिश थी कि लोकतंत्र में उनका स्वागत है। डिप्टी सीएम ने प्रोटोकॉल किनारे रखकर इन पुनर्वासित नक्सलियों के साथ बैठकर खाना खाया और उनसे संवाद किया।

    डेप्युटी सीएम ने पूछा 'रायपुर में कहां-कहां घूमे?'
    डिनर के दौरान विजय शर्मा ने एक-एक कर सभी से बात की, उनके रायपुर आने के अनुभव पूछे और मजाकिया अंदाज में यह भी पूछा कि उन्हें शहर कैसा लगा। जब एक युवक ने बताया कि वह दो दिन पहले ही आया है, तो डिप्टी सीएम ने उन्हें शहर के दर्शनीय स्थलों का आनंद लेने की सलाह दी। इस दौरान माहौल इतना सहज था कि किसी को अहसास ही नहीं हुआ कि ये वही लोग हैं जो कभी सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बने हुए थे।

    आज विधानसभा देखेंगे पूर्व नक्सली
    इस पूरे दौरे का सबसे अहम पड़ाव शुक्रवार को होने वाला है। खबर है कि ये आत्मसमर्पित नक्सली छत्तीसगढ़ विधानसभा जाएंगे। वे न केवल विधानसभा की भव्य इमारत को देखेंगे, बल्कि सदन की कार्यवाही के भी साक्षी बनेंगे। यह कदम उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने और व्यवस्था पर भरोसा कायम करने में बड़ी मदद करेगा। गृह मंत्री ने विधानसभा में खुद जानकारी दी कि अब तक 2,937 नक्सली पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर मुख्यधारा में लौट चुके हैं।

    31 मार्च की डेडलाइन और बदलता बस्तर
    यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दी गई नक्सलवाद के खात्मे की 31 मार्च 2026 की डेडलाइन में अब एक महीने से भी कम समय बचा है। हाल ही में बड़े कमांडर देवजी के सरेंडर और रिकॉर्ड तोड़ पुनर्वास के आंकड़ों ने सरकार के हौसले बुलंद कर दिए हैं। प्रशासन का दावा है कि आत्मसमर्पित नक्सलियों पर इनाम की कुल 5.64 करोड़ रुपये की राशि उनके पुनर्वास और बेहतर भविष्य के लिए उपयोग की जा रही है।

  • आईएनएस अंजदीप में भिलाई स्टील प्लांट का ‘फौलाद’, भारतीय नौसेना के बेड़े में आज होगा शामिल

    आईएनएस अंजदीप में भिलाई स्टील प्लांट का ‘फौलाद’, भारतीय नौसेना के बेड़े में आज होगा शामिल

    भिलाई
    देश की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात निर्माता कंपनी और महारत्न स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा निर्मित आईएनएस अंजदीप के लिए आवश्यक विशेष-ग्रेड स्टील की पूरी मात्रा उपलब्ध कराई है।

    आईएनएस अंजदीप भारतीय नौसेना में शामिल होने जा रहा तीसरा एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट कार्वेट है, इससे पहले आईएनएस अरनाला और आईएनएस एंड्रोथ बेड़े में शामिल किए जा चुके हैं। अंजदीप में सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र के अलावा बोकारो व राउरकेला संयंत्र में उत्पादित विशेष ग्रेड का स्टील लगा है।

    बोकारो, भिलाई और राउरकेला का स्टील लगा

    पुराने अभय-श्रेणी के जहाजों को बदलने के लिए स्वदेशी एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी कार्वेट का निर्माण किया जा रहा है। इस रणनीतिक परियोजना के लिए सेल ने कुल आठ कार्वेट के निर्माण हेतु लगभग 3,500 टन विशेष-ग्रेड स्टील की आपूर्ति की है। यह स्टील सेल के बोकारो, भिलाई और राउरकेला के संयंत्रों से प्रदान की गई, जो देश की घरेलु सप्लाई चेन की मजबूती को दर्शाती है।

    इस उपलब्धि से न केवल रक्षा निर्माण में भारत की आत्मनिर्भरता को बल मिला है, बल्कि आयात पर निर्भरता भी कम हुई है। सेल ने पहले भी आईएनएस विक्रांत, आईएनएस उदयगिरि, आईएनएस नीलगिरी और आईएनएस सूरत जैसी प्रमुख नौसैनिक परियोजनाओं के लिए विशेष-ग्रेड स्टील उपलब्ध कराकर देश के रक्षा स्वदेशीकरण में योगदान दिया है।

    आत्मनिर्भर भारत को मजबूती

    INS अंजदीप में पूरी तरह स्वदेशी स्टील का इस्तेमाल भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करता है। इससे विदेशों पर निर्भरता कम होती है और देश की रणनीतिक ताकत बढ़ती है। SAIL इससे पहले भी INS विक्रांत, INS उदयगिरी, INS नीलगिरी और INS सूरत जैसे बड़े रक्षा प्रोजेक्ट्स के लिए स्टील दे चुकी है।

    INS अंजदीप के नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्री सुरक्षा और मजबूत होगी। इसे डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    INS अंजदीप की खूबियां-

    पनडुब्बी रोधी क्षमता: यह जहाज हल्के वजन वाले टारपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट से लैस है, जो पानी के अंदर छिपे दुश्मन का सटीक शिकार कर सकते हैं।

    माइन्स (Mines): इसमें समुद्र में माइन्स बिछाने की भी क्षमता है, जिससे समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और भी मजबूत हो जाती है।

    क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS): नजदीकी खतरों और हवाई हमलों से निपटने के लिए इसमें आधुनिक गन सिस्टम लगे हैं।

    सोनार (Sonar) सिस्टम: यह जहाज उन्नत हल्क-माउंटेड सोनार और 'लो-फ्रीक्वेंसी एक्टिव टोव्ड ऐरे' (LFATA) सोनार से लैस है, जो गहरे और उथले पानी में पनडुब्बियों की आहट को आसानी से पकड़ लेते हैं।

    उथले पानी का 'किंग': INS अंजदीप को विशेष रूप से शैलो वाटर यानी उथले पानी (तटीय इलाकों) के लिए बनाया गया है, जहाँ बड़े युद्धपोत आसानी से नहीं जा सकते।

     

  • ओडिशा में सरेंडर से पहले नक्सली अन्वेष को साथियों ने गोली मारी, शव को दफनाया

    ओडिशा में सरेंडर से पहले नक्सली अन्वेष को साथियों ने गोली मारी, शव को दफनाया

    जगदलपुर/बीजापुर

    ओडिशा में माओवादी नेता ने अपने एक साथी को सरेंडर करने से रोकने के लिए उसकी हत्या कर दी और उसके शव को कंधमाल जिले के एक जंगल में दफना दिया। पुलिस ने बताया कि इस घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित की लाश दारिंगबाड़ी पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत अरबाडू जंगल में मिली। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य ओडिशा के कंधमाल जिले में एक नक्सली को उसके ही साथियों ने गोली मारकर दफना दिया। अन्वेष 22 लाख का इनामी था। वह अपने 12 साथियों के साथ जल्द ही आत्मसमर्पण करने वाला था। उससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।

    जांगला थाना क्षेत्र के इंद्रावती नदी के जैगुर-डोडुम के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम सर्चिंग के लिए निकली थी। जवानों को देखते ही नक्सलियों ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी गोलियां दागी। ढेर हुए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल है।

    सरेंडर करना चाहता था रेणु
    पुलिस ने बताया कि रेणु की हत्या कथित तौर पर 29 जनवरी को सुकरू ने की थी, जो अभी केकेबीएन डिवीजन का हेड है। उन्होंने बताया कि रेणु के सरेंडर करने का इरादा जताने के बाद सुकरू ने उसकी हत्या कर दी थी। रेणु की बॉडी को जंगल में गहरे दफना दिया गया था। यह मामला तब सामने आया जब सरेंडर करने वाले एक माओवादी ने पूछताछ के दौरान कथित हत्या के बारे में बताया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हमने दरिंगबाड़ी पुलिस स्टेशन में सुकरू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है और जांच शुरू की है। उन्होंने बताया कि बॉडी को पोस्ट-मॉर्टम के लिए बरहामपुर के एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल भेज दिया गया है।

    जानिए कैसे सरेंडर करने से रोकते थे माओवादी
    पुलिस ने बताया कि इस हत्या से पता चलता है कि कैसे बड़े माओवादी नेता सिस्टमैटिक तरीके से कैडर को सरेंडर करने से रोकते थे और हथियार डालने की कोशिश करने वालों को मार भी देते थे। उन्होंने बताया कि कई क्राइम सिंडिकेट में ये आम बात है। पुलिस ने रविवार को रायकिया पुलिस स्टेशन के तहत नंदबली रिजर्व फॉरेस्ट में एक ऑपरेशन चलाया था। इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने दो माओवादियों को मार गिराया था। इस पूरी कार्रवाई के तीन दिन बाद पुलिस ने शव की बरामदगी की थी। पुलिस को मौके से हथियारों, गोला-बारूद और माओवादी सामान का एक जखीरा भी मिला था।

    पुलिस ने परिवार को सौंपा शव
    बुधवार को पुलिस ने कानूनी फॉर्मैलिटी पूरी करने के बाद दोनों माओवादियों की बॉडी उनके परिवारों को सौंप दीं। बॉडी लेने के लिए रिश्तेदार छत्तीसगढ़ से फूलबनी आए थे। एक पुलिस ऑफिसर ने बताया कि हमने परिवारों को बॉडी उनके घर ले जाने में मदद करने के लिए एक एम्बुलेंस और पैसे की मदद दी। पुलिस ने बताया कि केंद्र द्वारा निर्धारित 31 मार्च की डेडलाइन को पूरा करने के लिए वे पूरी लगने से काम कर रहे हैं। 

    इंसास राइफल, बोर बंदूके जब्त

    एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च अभियान में दो वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद हुए। मौके से एक SLR, एक इंसास राइफल, एक 12 बोर राइफल, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग के सामान भी जब्त किए गए हैं।

    पड़ोसी राज्य में नक्सली की हत्या

    26 फरवरी को ओडिशा के कंधमाल जिले में नक्सली को उसके ही साथियों ने मार डाला। पुलिस के मुताबिक, अन्वेष दरिंगबाड़ी थाना क्षेत्र के पाकरी रिजर्व फॉरेस्ट में केकेबीएन ग्रुप के एरिया पार्टी कमांडर था। अन्वेष समर्पण की तैयारी में था। इसी शक में उसे मारकर जंगल में दफना दिया गया।

    मोस्ट वांटेड नक्सली सुकुरु और अन्य साथियों ने वारदात को अंजाम दिया है। हत्या से पहले दोनों पक्षों में विवाद भी हुआ था। कंधमाल एसपी हरीशा बीसी ने घटना को संगठन की अंदरूनी कलह बताया है। उन्होंने कहा कि, जो लोग अभी भी संगठन में हैं, वे सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर सामान्य जीवन में लौटें।

    कांकेर में डीवीसीएम मासे ने डाले हथियार

    कांकेर के छिंदपदर गांव से माओवादी डीवीसीएम मासे बारसा ने एके 47 के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। मासे साल 2003 से दण्डकारणय, अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर में माओवाद संगठन में सक्रिय थी। 26 फरवरी को उसने जंगल के रास्ते हाथों में AK-47 लेकर कांकेर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

    6 फरवरी को 7 नक्सली मारे गए थे

    इससे पहले 6 फरवरी को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में 7 नक्सली ढेर हुए थे। इनमें 3 महिला नक्सली शामिल थे। वहीं महाराष्ट्र का एक जवान शहीद हो गया था, 1 अन्य जवान घायल था।

    नक्सलियों की ओर से फायरिंग में गोली कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी (38 साल) को जा लगी। उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर भामरागड़ के अस्पताल लाया गया था। जहां ऑपरेशन के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था।

  • खेल महोत्सव मानवीय संकल्प, आत्मविश्वास और अदम्य साहस का प्रदर्शन : राज्यपाल  पटेल

    खेल महोत्सव मानवीय संकल्प, आत्मविश्वास और अदम्य साहस का प्रदर्शन : राज्यपाल पटेल

    खेल महोत्सव मानवीय संकल्प, आत्मविश्वास और अदम्य साहस का प्रदर्शन : राज्यपाल  पटेल

    राज्यपाल राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव- 2026 नॉट आउट @100 के समापन समारोह में शामिल हुए

    भोपाल

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मानवीय संकल्प, आत्मविश्वास और अदम्य साहस के अद्भुत प्रदर्शन का मंच है। राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव- 2026  नॉट  आउट @100 का समापन केवल समारोह भर नहीं है, यह आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन का उत्सव है। प्रतियोगिता के प्रत्येक प्रतिभागी खिलाड़ी ने अपनी क्षमता, धैर्य और परिश्रम से यह सिद्ध किया है कि सीमाएँ हमारे विचारों में होती हैं, संकल्प के सामने सब समाप्त हो जाती हैं।

    राज्यपाल  पटेल गुरुवार को राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव- 2026  नॉट  आउट @100 के समापन कार्यक्रम को पुलिस लाइन स्टेडियम में संबोधित कर रहे थे। प्रतियोगिता का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे न्यास, टास्क इंटरनेशनल, ध्यान-विज्ञान परमार्थ संस्थान एवं विवेकानंद विधिक न्याय केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।

    राज्यपाल  पटेल ने कहा कि संवेदनशील प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने “विकलांग” के स्थान पर “दिव्यांग” शब्द का प्रयोग कर समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने खेल और खिलाड़ी का परिवार के मुखिया के रूप में सहयोग और प्रोत्साहन दिया है। राज्यपाल ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी जी के मंत्रीमण्डल में उन्होंने 14 वर्ष कार्य किया है। गुजरात में खेल प्रतियोगिताओं का व्यापक स्तर पर आयोजन मोदी जी ने शुरू कराया था। आज खेलों इंडिया में सारा देश खेल रहा है। उन्होंने खेल और क्रिकेट के प्रति अपनी अभिरूचि को बताते हुए खेल प्रतियोगिता के मुकाबलों को नहीं देख पाने का अफसोस करते हुए बताया कि कार्यक्रम में समय से पूर्व पहुँचने के उनके प्रयास विपरीत मौसम के कारण सफल नहीं हो सके। बावजूद इसके कि वह समापन समारोह में सीधे विमानतल से आयें है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे के मार्गदर्शन में कार्य की स्मृतियों को बताते हुए कहा कि समाज सेवा के कार्यों में वे उनके प्रेरणा स्त्रोत है। उन्होंने दिव्यांगजन की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के प्रयासों की सराहना करते हुए आयोजनों की निरंतरता की बात कही है।  

    राज्यपाल दिव्यांग कलाकारों की प्रस्तुतियों से हुए अभिभूत

     राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने मंचासीन दिव्यांग खिलाड़ी  प्रियेश कुमार ने स्वरबद्ध काव्य का पाठ किया। राज्यपाल  पटेल ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि ईश्‍वर ने उनको दिव्य कंठ प्रदान किया है। उन्होंने प्रियेश कुमार की काव्य रचना को उत्कृष्ट बताते हुए उनकी रचनात्मकता को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने समारोह में जन-गण-मन और वन्दे मातरम् गीत का गायन करने वाली दिव्यांग कलाकार सु फाल्गुनी को मंच पर आमंत्रित कर पौधा और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मंचासीन अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी  शैलेन्द्र यादव ने भी विचार व्यक्त किए।

    प्रदेश अध्यक्ष भाजपा, विधायक  हेमंत खंडेलवाल  ने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान दिव्यांग भाई-बहनों का हौसला अनुकरणीय है। उन्होंने 100 घंटे क्रिकेट को अनूठा आयोजन बताते हुए कहा कि यह अभिनंदनीय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के विकास में दिव्यांगजनों के योगदान के अवसर उपलब्ध कराने और उनकी प्रतिभा को पहचानने के प्रयास समाज को मिलकर करने चाहिए। उन्होंने आयोजन के परिकल्पना की सराहना करते हुए आयोजकों को बधाई दी।

    प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि खेल प्रतियोगिता एक संकल्प था, आत्मविश्वास का साझा उत्सव और साधना थी। प्रतिभागियों ने दिखा दिया कि सीमाएँ परिस्थितियों में हो सकती है, संकल्प में नहीं। उन्होंने बताया कि खेल महोत्सव में 6 प्रकार की दिव्यांगता के कुल 754 खिलाड़ियों ने भाग लिया इसमें 100 से अधिक महिला दिव्यांग खिलाड़ियों ने भी अपनी खेल-कौशल का परिचय दिया। महोत्सव में 32 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने भाग लिया।

    कार्यक्रम के प्रारंभ में मंचासीन अतिथियों का शॉल एवं पौधा भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल को स्मृति प्रतीक के रूप में ट्रॉफी भेंट की। समापन समारोह में इंडिया एशिया बुक के प्रतिनिधि द्वारा प्रतियोगिता को इंडिया एशिया बुक में विश्व कीर्तिमान के रूप में दर्ज करने की घोषणा की। आभार प्रदर्शन  राम मनोहर सिंह ने किया।   

     

  • रायपुर : किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    रायपुर : किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    होली से पहले किसानों को मिलेगी 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धान के अंतर की राशि

    मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं ने जताया आभार

    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 फरवरी को बिलासपुर जिले में आयोजित होगा राज्य स्तरीय राशि अंतरण कार्यक्रम

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाता देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है और किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। मुख्यमंत्री से आज उनके निवास कार्यालय में प्रदेश के किसानों ने सौजन्य मुलाकात की और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से धान के अंतर की 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित करने की घोषणा पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर किसानों ने मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं की ओर से अभिनंदन किया।

                  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी सदैव किसानों की चिंता करते हैं और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की उन्नति ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि अटल जी के समय किसानों को सशक्त बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई, जिससे किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होने लगा। इससे पहले किसानों को महाजनों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वे आर्थिक शोषण का शिकार होते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों को ब्याज मुक्त पूंजी की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है और प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि धान के अंतर की लगभग 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। 28 फरवरी को बिलासपुर जिले से इस राशि का अंतरण किया जाएगा और पूरे प्रदेश के विकासखंडों में इसे उत्सव की तरह मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार आगे भी किसानों के हित में प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर सहित प्रदेश भर से आए किसान उपस्थित थे।

  • समंदर में भारत की बढ़ी मारक क्षमता: युद्धपोत अंजदीप की एंट्री से दुश्मनों में हड़कंप

    समंदर में भारत की बढ़ी मारक क्षमता: युद्धपोत अंजदीप की एंट्री से दुश्मनों में हड़कंप

    चेन्नई

    भारतीय नौसेना की समंदर में ताकत बढ़ चुकी है। नौसेना को एक और पनडुब्बी रोधी युद्धपोत अंजदीप मिल गया है। उथले पानी में काम करने की क्षमता वाले आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों की श्रृंखला का यह तीसरा युद्धपोत 27 फरवरी को चेन्नई में नौसेना में शामिल किया गया। इस समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी शामिल हुए। यह जहाज कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया है।

    'डॉल्फिन हंटर' के रूप में डिजाइन
    यह पोत 'डॉल्फिन हंटर' के रूप में कार्य करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना, उनका पीछा करना और उन्हें नष्ट करना है। यह पोत स्वदेशी, अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली से लैस है। चेन्नई बंदरगाह पर आयोजित एक आधिकारिक समारोह में एडमिरल त्रिपाठी ने नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से जहाज को कमीशन किया।

    किस पर रखा गया युद्धपोत का नाम अंजदीप?
    अंजदीप नाम कर्नाटक के कारवार तट के पास स्थित अंजदीप द्वीप के नाम पर रखा गया है। यह युद्धपोत 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ बना है। इससे देश की रक्षा निर्माण क्षमता को बल मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी। अंजदीप नौसेना के इसी नाम वाले पुराने युद्धपोत का नया अवतार है। पुराना युद्धपोत 2003 में रिटायर हो गया था।

    77 मीटर लंबे इस जहाज में एक हाई-स्पीड वाटर-जेट प्रोपल्शन सिस्टम लगा है, जो इसे त्वरित प्रतिक्रिया और निरंतर संचालन के लिए 25 समुद्री मील की अधिकतम गति प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। नौसेना ने कहा कि कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा निर्मित, आईएनएस अंजदीप एक अत्याधुनिक पोत है जिसे विशेष रूप से तटीय युद्ध वातावरण की चुनौतियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है।

    पनडुब्बी रोधी युद्ध की भूमिका के अलावा यह युद्धपोत तटीय निगरानी, कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों और खोज एवं बचाव अभियानों को अंजाम देने के लिए भी सुसज्जित है।

    मुख्य विशेषताएं

        रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसे डॉल्फिन हंटर के रूप में डिजाइन किया गया है।
        जो तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बी का पता लगाकर उसे निष्क्रिय करने में सक्षम है।
        करीब 77 मीटर लंबे इस श्रेणी के युद्धपोत वॉटरजेट से चलने वाले नौसेना के अब तक के सबसे बड़े युद्धपोत हैं।
        इनमें अत्याधुनिक हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी पनडुब्बी रोधी रॉकेट और उथले पानी में काम करने वाला सोनार सिस्टम लगाया गया है।
        इससे समुद्र के काफी अंदर तक मौजूद दुश्मन के खतरों का पता लगाने और उनको नष्ट करने की क्षमता बढ़ेगी।
        यह जहाज नौसेना की तटीय निगरानी और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता को भी मजबूत करेगा।

  • होली पर यात्रियों को मिलेगा आराम, SECR जोन से चलेंगी 70 स्पेशल ट्रेनें

    होली पर यात्रियों को मिलेगा आराम, SECR जोन से चलेंगी 70 स्पेशल ट्रेनें

    रायपुर
    होली पर्व पर घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने खास तैयारियां की हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत कुल 70 होली स्पेशल ट्रेनों के फेरे संचालित होंगे, जिससे यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा कन्फर्म बर्थ और सुविधाजनक यात्रा मिल सके। इन 70 फेरों में से 14 फेरे एसईसीआर के दुर्ग, बिलासपुर और गोंदिया स्टेशनों से बनकर चलेंगे, जबकि 56 फेरे एसईसीआर जोन के विभिन्न स्टेशनों से होकर गुजरेंगे।

    एसईसीआर से शुरू होने वाली प्रमुख ट्रेनें

        दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन-दुर्ग: दुर्ग से 1 और 2 मार्च को तथा वापसी में निजामुद्दीन से 2 और 3 मार्च को चलेगी। यह रायपुर, उसलापुर, पेंड्रा रोड होते हुए जाएगी।

        गोंदिया-छपरा-गोंदिया: गोंदिया से 1 व 2 मार्च को और वापसी में छपरा से 3 व 4 मार्च को चलेगी।

        दुर्ग-मधुबनी-दुर्ग: दुर्ग से 1 मार्च को और मधुबनी से 2 मार्च को झारसुगुड़ा होकर चलेगी। इसका ठहराव रायपुर, बिलासपुर, चाम्पा एवं रायगढ़ में होगा।

        गोंदिया-पटना-गोंदिया: गोंदिया से 2 मार्च को और पटना से 3 मार्च को चलेगी।

        बिलासपुर-चर्लपल्ली-बिलासपुर : बिलासपुर से 27 फरवरी और चर्लपल्ली से 28 फरवरी को बल्हारशाह होकर चलेगी।

    जोन से होकर गुजरने वाली स्पेशल ट्रेनों के 56 फेरे

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर 56 फेरे अन्य राज्यों को जोड़ने वाली स्पेशल ट्रेनों के गुजरेंगे। जारी सूची के अनुसार, इनमें मुख्य रूप से तिरुपति-रक्सौल, चर्लपल्ली-रक्सौल, पटना-चर्लपल्ली, हटिया-दुर्ग और चर्लपल्ली-दानापुर स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं ।

    ये गुजरने वाली ट्रेनें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, गोंदिया, भाटापारा और रायगढ़ जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेंगी । इस व्यवस्था से दिल्ली, बिहार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों को होली के दौरान सफर में राहत मिलेगी।