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  • आज का राशिफल 27 फरवरी 2026: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका दिन

    आज का राशिफल 27 फरवरी 2026: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका दिन

    मेष राशि- 27 फरवरी के दिन अपने रिलेशन में ईमानदार रहें, और आपको पॉजिटिव नतीजे दिखाई देंगे। आज के दिन चुनौतियों के बावजूद, आप ऑफिस में अच्छा परफॉर्म करने की हालत में रहेंगे।

    वृषभ राशि- 27 फरवरी के दिन समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। व्यापार, सेहत, पैसों का मामला या हो लव लाइफ बड़े चेंज के लिए तैयार हो जाएं।

    मिथुन राशि- 27 फरवरी का दिन आप लोगों के लिए काफी बिजी साबित हो सकता है। कार्यालय में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें।

    कर्क राशि- 27 फरवरी के दिन पॉजिटिव सोच बनाकर रखें। अपने काम पर फोकस करें। गॉसिप से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। आज का दिन थोड़ा सा स्ट्रेस भरा साबित हो सकता है।

    सिंह राशि- 27 फरवरी के दिन सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें। दिन रोमांटिक रहेगा। आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है।

    कन्या राशि- 27 फरवरी के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा।

    तुला राशि- 27 फरवरी के दिन आपका समय काफी बेहतरीन साबित हो सकता है। करियर के मामले में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको दी जा सकती है। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है।

    वृश्चिक राशि- 27 फरवरी के दिन हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन-लाभ हो सकता है। प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो जाएंगी। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं।

    धनु राशि- 27 फरवरी के दिन लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को अपने प्रेम जीवन में आ रही दिक्कतों पर फोकस करना चाहिए। इन्वेस्टमेंट को लेकर स्ट्रेटजी बनाने पर ध्यान दें। फिट रहने पर फोकस रखें।

    मकर राशि- 27 फरवरी के दिन अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें। खर्च को इस वक्त कंट्रोल करने की जरूरत है। आज का आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है।

    कुंभ राशि- 27 फरवरी के दिन अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। आज का दिन आलस भरा साबित हो सकता है। काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा।

    मीन राशि- 27 फरवरी के दिन आपकी फाइनेंशियल स्थिति अच्छी है, लेकिन लग्जरी पर ज्यादा खर्च करने से बचें। आज आपकी सेहत अच्छी है। एक शानदार दिन के लिए तैयार हो जाएं। तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें।

  • नेपाल चुनाव से पहले कूटनीतिक हलचल तेज: भारत या चीन, किसे मिलेगी प्राथमिकता?

    नेपाल चुनाव से पहले कूटनीतिक हलचल तेज: भारत या चीन, किसे मिलेगी प्राथमिकता?

    नेपाल
    नेपाल में बीते साल भ्रष्टाचार विरोधी जेन Z प्रदर्शनों और के पी शर्मा ओली की सरकार गिरने के करीब छह महीने बाद अगले सप्ताह आम चुनाव होने हैं। सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने 5 मार्च को मतदान की घोषणा की थी, जिसके बाद देश में नई सरकार चुनी जाएगी। इस चुनाव पर भारत भी नजरें रख रहा है। भारत में यह सवाल भी उठ रहे हैं कि नेपाल की नई चुनी हुई सरकार भारत और चीन के बीच तालमेल बैठा पाएगी। और अगर इसका जवाब ना है तो नई सरकार चीन और भारत में से किसे ज्यादा तवज्जो देगी? इस सवाल को लेकर जानकारों ने अपने मत रखे हैं। जानकारों का मानना है कि नेपाल में चाहे किसी की भी सरकार बने, वह भारत और चीन के बीच नेपाल की संतुलित नीति को ज्यादा नहीं बदलेगी।

    इससे पहले नेपाल में मतदान की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। चुनाव से पहले एक तरफ जहां युवा उम्मीदवार अर्थव्यवस्था में सुधार और पुरानी राजनीतिक जमात को हटाने का वादा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अनुभवी नेता स्थिरता और सुरक्षा की बात कर रहे हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि चुनाव में किस पार्टी को बहुमत मिल सकता है।

    जारी रह सकती है गठबंधन की राजनीति
    नेपाली पत्रकार सुधीर शर्मा के मुताबिक किसी एक पार्टी के लिए पूर्ण बहुमत हासिल करना बहुत मुश्किल होगा, इसलिए गठबंधन की राजनीति जारी रह सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल के भारत और चीन से रिश्ते इस बात पर निर्भर करेंगे कि गठबंधन कैसा होगा और उसमें कौन प्रमुख भूमिका में रहेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि रिश्तों की बुनियाद नहीं बदलेगी, सिर्फ कुछ तरीके बदल सकते हैं।

    दोनों देशों से कैसे समीकरण?
    रणनीतिक मायनों में देखा जाए तो भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। यह नेपाल के कुल आयात में 63 प्रतिशत यानी 8.6 अरब डॉलर की हिस्सेदारी रखता है। वहीं चीन 13 प्रतिशत यानी 1.8 अरब डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा भारत लंबे समय से बहुसंख्यक हिंदू नेपाल को पारंपरिक सहयोगी मानता है और दोनों देशों के बीच खुली सीमा है। नेपाल दोनों देशों से बुनियादी ढांचे के जरिए भी जुड़ा है। कई जलविद्युत परियोजनाओं के जरिए बिजली भारत को जाती है, जबकि चीन तिब्बत के रास्ते बेल्ट एंड रोड पहल के तहत सड़क, रेलवे और हवाईअड्डों में निवेश कर रहा है।

    संतुलन बनाने की कोशिश रहेगी जारी
    दक्षिण एशिया विशेषज्ञ माइकल कुगेलमैन के मुताबिक नेपाल की नेतृत्व व्यवस्था आमतौर पर भारत और चीन के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करती है, भले ही कभी-कभी किसी एक की ओर झुकाव दिखे। उनका मानना है कि अगर युवा नेता सत्ता में आते हैं, तब भी भारत और चीन के साथ नीति में बड़ा अंतर नहीं आएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपना सकती है और बड़े प्रोजेक्ट्स में अपारदर्शी फंडिंग को चुनौती दे सकती है। उनके अनुसार, युवा नेपालियों को ना तो चीन से खास दुश्मनी है और ना ही वे चाहते हैं कि कोई भी देश अपारदर्शी तरीके से नेपाल की राजनीति को प्रभावित करे।

  • NCERT विवाद पर शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान: ज्यूडिशियरी का सम्मान, दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय

    NCERT विवाद पर शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान: ज्यूडिशियरी का सम्मान, दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय

    नई दिल्ली
    शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ज्यूडिशियरी का पूरा सम्मान करती है और उसका इंस्टीट्यूशन का अपमान करने का कोई इरादा नहीं है। यह टिप्पणी उस दिन आई जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ज्यूडिशियरी को बदनाम करने के लिए एक सुनियोजित साजिश लगती है।

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को NCERT के क्लास 8 की किताब में ज्यूडिशियल करप्शन पर एक चैप्टर लाने पर दुख जताया। साथ ही अकाउंटेबिलिटी तय करने और विवादित हिस्से को ड्राफ्ट करने में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ऐक्शन लेने का भरोसा दिलाया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ज्यूडिशियरी का पूरा सम्मान करती है और उसका इंस्टीट्यूशन का अपमान करने का कोई इरादा नहीं है। यह टिप्पणी उस दिन आई जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ज्यूडिशियरी को बदनाम करने के लिए एक सुनियोजित साजिश लगती है और क्लास 8 की NCERT किताब पर पूरी तरह बैन लगा दिया और आदेश दिया कि सभी कॉपियां, फिजिकल और डिजिटल, जब्त कर ली जाएं।

     

  • अमेरिका से टकराव के बीच ईरान ने दागी बैलिस्टिक मिसाइल, जानिए कितनी है इसकी रेंज और ताकत

    अमेरिका से टकराव के बीच ईरान ने दागी बैलिस्टिक मिसाइल, जानिए कितनी है इसकी रेंज और ताकत

    वाशिंगटन
    अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक नई बैलिस्टिक मिसाइल लांच की है। यह सतह से सतह पर मार करने वाली चौथी पीढ़ी की मिसाइल है। इस नई मिसाइल का नाम खैबर है और इसकी रेंज 2000 किमी है। ईरान ने इसे एक बेहद सीक्रेट जगह पर लांच किया है। बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध का खतरा लगातार बना हुआ है। गुरुवार को दोनों देशों के बीच तीसरे दौर की परमाणु वार्ता हो रही है। बता दें कि अमेरिका लगातार ईरान के खिलाफ युद्ध की तैयारी में जुटा हुआ है। वह लगातार ईरान की समुद्री सीमा पर अपना युद्ध बेड़ा मजबूत करने में जुटा है।

    इस बीच स्विट्जरलैंड के जेनेवा में ओमान की मध्यस्थता के तहत ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता का तीसरा दौर गुरुवार को शुरू हो गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य जमावड़े के कारण दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।

     

  • PAK की परमाणु धमकी बेअसर, भारत देगा और कड़ा जवाब: लेफ्टिनेंट जनरल

    PAK की परमाणु धमकी बेअसर, भारत देगा और कड़ा जवाब: लेफ्टिनेंट जनरल

    नई दिल्ली
    वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने गुरुवार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भारत अब पाकिस्तान के न्यूक्लियर झांसे से नहीं डरेगा और कहा कि भारत का जवाब पिछली बार से ज्यादा सख्त और मजबूत होगा। पठानकोट में एक खास सम्मान समारोह में बोलते हुए, जनरल ने साफ किया कि भारतीय सेना का टैक्टिकल माइंडसेट जवाबी हमलों से बदलकर जमीन पर निर्णायक जीत हासिल करने की तरफ हो गया है।

    उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर में, हमने उनके (पाकिस्तान के) सभी टेररिस्ट बेस पर हमला किया… उसके बाद, उन्होंने जवाबी कार्रवाई की, और जवाब में, हमने उनके मिलिट्री बेस और एयर बेस तबाह कर दिए। फिर उन्होंने सीजफायर की मांग की, और सिर्फ हमसे ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों से भी, भारत के साथ सीजफायर की मांग की। वे हमसे नहीं लड़ सकते… जवाब ऑपरेशन सिंदूर में हमने जो किया है, उससे भी ज्यादा मजबूत होगा, लेकिन हमें पूरा यकीन है कि हमें पिछली बार से भी ज्यादा सख्त जवाब देना होगा।"

    'खतरा अभी टला नहीं है…'
    उन्होंने आगे कहा, "यह ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर में हमारी जीत का जश्न नहीं है, यह तैयारी का एक प्रदर्शन है। खतरा अभी टला नहीं है, और इस बार दुश्मन को पहले से भी ज्यादा जोरदार झटका लगेगा।" बॉर्डर पार से न्यूक्लियर हमले की बार-बार आने वाली धमकियों पर बात करते हुए, लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने उन्हें कमजोरी से पैदा हुआ धोखा बताया।

    'शरीफ हमें सख्त ऐक्शन लेने से रोकना चाहते हैं'
    जनरल ने मजबूती से कहा, "वह (शहबाज शरीफ) हमें कोई भी सख्त ऐक्शन लेने से रोकना चाहते हैं… यह एक तरह का धोखा है जो वह कर रहे हैं, जिसका हमें जवाब देना होगा। हम उनके न्यूक्लियर धोखे से नहीं डरेंगे।" जनरल ने चेतावनी दी कि जहां भारत शांति चाहता है, वहीं पाकिस्तान में मिलिट्री लीडरशिप अपनी अहमियत बनाए रखने के लिए लड़ाई-झगड़े में लगी रहती है। उन्होंने आगाह किया कि खतरा अभी टला नहीं है और अगला झटका पहले से ज्यादा मुश्किल होगा।

     

  • डिजिटल सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता, रोजगार सृजन में वन विकास निगम की नई पहल

    डिजिटल सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता, रोजगार सृजन में वन विकास निगम की नई पहल

    रायपुर

    वन विकास निगम में ‘डिजिटल क्रांति‘ और ‘रोजगार संगम‘ का सफल मॉडल

    वन मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कवर्धा परियोजना मंडल अंतर्गत बोड़ला काष्ठागार में डिजिटल प्रणाली लागू कर कार्यों को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया गया है। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार देकर इसे ‘डिजिटल क्रांति‘ और ‘रोजगार संगम‘ का सफल उदाहरण बनाया गया है।

    काष्ठागार में लगभग 2500 घन मीटर इमारती लकड़ी और 1200 नग जलाऊ लकड़ी का वैज्ञानिक तरीके से भंडारण किया गया है। लकड़ी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित जांच और लंबाई के अनुसार छंटाई की व्यवस्था की गई है। इससे लकड़ी लंबे समय तक सुरक्षित रहती है और नीलामी के दौरान खरीदारों को बेहतर सुविधा मिलती है।

    डिजिटल प्रणाली से बढ़ी पारदर्शिता

    काष्ठागार में अब अधिकतर कार्य ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम से किए जा रहे हैं। प्राप्त लकड़ी का डिजिटल पंजीयन कर व्यवस्थित लॉट तैयार किए जा रहे हैं। लकड़ी और जलाऊ लकड़ी की नीलामी पूरी तरह ऑनलाइन की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और राजस्व में वृद्धि हुई है। खरीदारों को ऑनलाइन भुगतान की सुविधा दी गई है, जिससे समय और श्रम की बचत हो रही है। सेल संकल्प, कार्य आदेश और परिवहन अनुमति जैसे दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार

    बोड़ला काष्ठागार केवल लकड़ी भंडारण केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीणों के लिए रोजगार का माध्यम भी बन रहा है। लकड़ी की छंटाई, लॉट निर्माण और लोडिंग जैसे कार्यों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे ग्रामीणों को गांव के पास ही नियमित रोजगार मिल रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। इस प्रकार वन विकास निगम का यह प्रयास शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण है। डिजिटल व्यवस्था से जहां कार्यों में पारदर्शिता आई है, वहीं रोजगार के अवसर बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

  • MP के 70 हजार अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत, सेवाएं समाप्त करने का आदेश वापस

    MP के 70 हजार अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत, सेवाएं समाप्त करने का आदेश वापस

    भोपाल

    प्रदेश के करीब 70 हजार अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। सात दिन तक लगातार अनुपस्थित रहने पर उनकी सेवाएं एजुकेशन पोर्टल 3.0 से हटाने संबंधी आदेश को स्कूल शिक्षा विभाग ने निरस्त कर दिया है। अतिथि शिक्षकों के विरोध के बाद लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने 20 फरवरी को जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।
    डीपीआई संचालक ने जारी किए नए निर्देश

    डीपीआई के संचालक केके द्विवेदी द्वारा गुरुवार को जारी निर्देश में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, हायर सेकेंडरी एवं हाई स्कूलों के संकुल प्राचार्यों और शाला प्रभारियों को स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है। साथ ही बताया गया है कि एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर आवश्यक तकनीकी व्यवस्था उपलब्ध कराने के बाद इस संबंध में अलग से नए निर्देश जारी किए जाएंगे।

    अव्यवहारिक आदेश का हुआ था विरोध

    बता दें कि 20 फरवरी को जारी आदेश में यह निर्देशित किया गया था कि यदि कोई अतिथि शिक्षक सात दिन तक लगातार अनुपस्थित रहता है तो उसकी सेवाएं पोर्टल से हटा दी जाएंगी। इस निर्णय का प्रदेशभर के अतिथि शिक्षकों ने विरोध किया था और इसे अव्यवहारिक बताया था।
    मंत्री का बयान और समिति की प्रतिक्रिया

    स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बीते बुधवार को विधानसभा में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि अतिथि शिक्षकों के अवकाश के लिए निर्धारित नियम और शर्तें तय हैं। यदि कोई शिक्षक तय अवधि से अधिक समय तक अनुपस्थित रहता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस आदेश के बाद फिलहाल अतिथि शिक्षकों पर लटकी कार्रवाई की तलवार हट गई है।

     

  • पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचार की सुविधा

    पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचार की सुविधा

    रायपुर

    परिवहन मंत्री  केदार कश्यप और स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल बैठक में हुए शामिल

    केंद्रीय परिवहन मंत्री  नितिन गडकरी ने आज सभी राज्यों के परिवहन और स्वास्थ्य मत्रियों के साथ पीएम राहत योजना की बैठक ली। इस बैठक में परिवहन मंत्री  केदार कश्यप और स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल वर्चुअल रूप से शामिल हुए और अपने सुझावों को रखा। बैठक में बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित पीएम राहत योजना के अंतर्गत अब दुर्घटना पीड़ितों को “गोल्डन ऑवर” में त्वरित और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे के भीतर यदि पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया जाए तो मृत्यु की संभावना 50 प्रतिशत तक कम हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना प्रभावी रूप से लागू की गई है।

    इस योजना के तहत भारत में कहीं भी मोटर वाहन से संबंधित सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ित को तत्काल निकटतम सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। यह उपचार आयुष्मान भारत (एबी-पीएम-जेएवाई) के अंतर्गत पंजीकृत अस्पतालों में उपलब्ध होगा। पीड़ित या उसके परिजनों से किसी प्रकार का अग्रिम भुगतान नहीं लिया जाएगा।

    अस्पताल में प्रवेश एवं पंजीकरण

    पीएम राहत योजना के तहत अस्पताल द्वारा पीड़ित की पहचान सत्यापित कर 24 घंटे के भीतर उसे टीएमएस (Transaction Management System) 2.0 पोर्टल पर पंजीकृत किया जाता है।

    उपचार की व्यवस्था

    बैठक में केंद्रीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 7 दिनों तक ट्रॉमा/पॉलीट्रॉमा पैकेज के अंतर्गत 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

    रिपोर्टिंग एवं सत्यापन

    अस्पताल द्वारा 24 घंटे के भीतर स्थानीय पुलिस को सूचना दी जाती है तथा दुर्घटना का विवरण इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट  (EDAR)  प्रणाली में दर्ज किया जाता है।

    दावा प्रसंस्करण एवं भुगतान

    अस्पताल द्वारा दावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पोर्टल पर प्रस्तुत किया जाता है। स्वीकृत राशि का भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष (MVAF) से किया जाता है।

    योजना के मुख्य बिंदु

    परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने बताया कि प्रति पीड़ित, प्रति दुर्घटना अधिकतम 7 दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक की सहायता, मोटर वाहन से जुड़ी सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी तथा पूर्णतः कैशलेस सुविधा और प्रदेश में योजना के सुचारु क्रियान्वयन हेतु सभी 33 जिलों के कलेक्टरों के लिए रिजर्व बैंक में खाते खोले जा चुके हैं तथा टीएमएस और पीएफएमएस (Public Financial Management System) के माध्यम से सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। यह योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और उनकी जान बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर परिवहन सचिव  एस. प्रकाश भी उपस्थित रहे।

  • बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस को लेकर बवाल, राष्ट्रपति पर जमात का तीखा हमला

    बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस को लेकर बवाल, राष्ट्रपति पर जमात का तीखा हमला

    ढाका
    बांग्लादेश में तारिक रहमान के सत्ता में आने के बाद यूनुस प्रशासन पर लगातार निशाना साधा जा रहा है। यूनुस सरकार के मंत्रियों की संपत्ति, स्वयं यूनुस की संपत्ति में हुई बढ्ढोत्तरी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे थे। इसी बीच राष्ट्रपति शहाबुद्दीन की तरफ से उठाए गए सवालों ने यूनुस के लिए मामले को और भी ज्यादा बिगाड़ दिया है। हालांकि, अब यूनुस के समर्थन में जमात-ए-इस्लामी आ गई है। राष्ट्रपति द्वारा यूनुस के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान देने के बाद जमात ने राष्ट्रपति शहाबुद्दीन पर तीखा हमला बोला है।

    फेसबुक पर लिखे एक पोस्ट में जमात प्रमुख और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष शफीकुर रहमान ने राष्ट्रपति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उनके साथ इतना ही गलत हो रहा था, तो वह बताएं कि आखिर उन्होंने शेख हसीना के सत्ता छोड़ने वाले दिन को लेकर सच्चाई क्यों छिपाई। जमात प्रमुख रहमान ने राष्ट्रपति पर हमला बोलते हुए लिखा, "राष्ट्रपति ने 5 अगस्त 2024 से संबंधित कई बातें दबा दीं। उन्होंने अपने वर्तमान बयान में यह स्वीकार नहीं किया कि गिरी हुई और फरार प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बारे में उन्होंने उस दिन उपस्थित नेताओं से क्या कहा था और बाद में राष्ट्र से क्या कहा। उस दिन उन्होंने वह कुछ नहीं कहा जो अब कह रहे हैं।”

    दरअसल, रहमान यहां पर हसीना के इस्तीफे को लेकर शहाबुद्दीन पर निशाना साध रहे थे। राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने 5 अगस्त को हसीना के जाने के बाद देश के नाम दिए अपने संबोधन में कहा था कि उन्होंने हसीना का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, लेकिन दो महीने बाद उन्होंने कहा कि केवल सुना है कि इस्तीफा दिया गया है, लेकिन इसका मेरे पास कोई प्रमाण नहीं है।

    यूनुस प्रशासन पर क्या कहा था राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने?
    तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद राष्ट्रपति और आंतरिम सरकार के प्रमुख रह चुके यूनुस के बीच में खींचतान साफतौर पर नजर आई। शहाबुद्दीन ने यूनुस के ऊपर कई बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यूनुस के द्वारा बांग्लादेश और अमेरिका के बीच में एक गोपनीय समझौता किया गया था। उन्होंने कहा, "अमेरिका के साथ किए गए ऐसे किसी भी समझौते की जानकारी मुझे दी जानी चाहिए थी, लेकिन यूनुस ने ऐसा नहीं किया।"

    राष्ट्रपति ने बीएनपी का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदर्शनों के दौरान वह केवल इसलिए राष्ट्रपति बने रह सके क्योंकि बीएनपी के वरिष्ठ नेताओं और सशस्त्र बलों ने उन्हें अपना समर्थन दिया था। उन्होंने कहा, "बीएनपी के एक वरिष्ठ नेता ने मुझे समर्थन का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था कि हम संवैधानिक निरंतरता बनाए रखना चाहते हैं। हम किसी भी असंवैधानिक तरीके से राष्ट्रपति को हटाने के पक्ष में नहीं है।"

    यूनुस पर हमले को लेकर जमात प्रमुख क्यों बोले?
    बांग्लादेश में शेख हसीना के सत्ता से जाने के बाद यूनुस प्रशसान ने ही जमात ए इस्लामी और उसके छात्र संगठन छात्र शिविर पर से बैन हटाया था। ऐसा माना जाता रहा है, कि हसीना को सत्ता से उखाड़ फेंकने में इन्हीं दोनों का सबसे बड़ा योगदान है।

    कई रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया गया कि इन इस्लामिक संगठनों और अंतरिम प्रशासन के बीच पहले से ही एक समझ बन चुकी थी। इसलिए यूनुस प्रशासन ने भी इनका ज्यादा विरोध नहीं किया। अब जबकि यूनुस जा चुके हैं, तो राजनीति की जिम्मेदारी जमात के ऊपर है। यूनुस के ऊपर किसी सवाल का जवाब जमात ही देता नजर आता है।

  • अब आधार सेंटर ढूंढना आसान, गूगल मैप के एक क्लिक से मिलेगी लोकेशन

    अब आधार सेंटर ढूंढना आसान, गूगल मैप के एक क्लिक से मिलेगी लोकेशन

    नई दिल्ली
    आधार कार्ड में किसी अपडेट के लिए या फिर नया बनवाने के लिए अकसर लोगों को सेंटर खोजने पड़ते हैं। इसमें उनका काफी वक्त खराब होता है और कई बार तो वे ऐसे पुराने आधार केंद्रों पर पहुंच जाते हैं, जहां पहले कभी काम हुआ करता था, लेकिन अब बंद हो गया है। ऐसी स्थिति से लोगों को बचाने के लिए अब UIDAI ने गूगल के साथ हाथ मिला लिया है। यह पाठक के तौर पर आपके लिए जरूरी और काम की खबर है। इसके चलते अब यदि आपको आधार कार्ड से जुड़ा कोई काम कराना हो तो आसानी से सेंटर पहुंच सकते हैं। इसके लिए आपको बस गूगल मैप पर सर्च करना होगा। यहां आपको आपके नजदीकी आधार केंद्र दिखेंगे।

    आईटी मिनिस्ट्री की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार अगले कुछ महीनों में गूगल मैप में यह फीचर आ जाएगा। यही नहीं गूगल मैप पर आधार सेंटर सर्च करने पर यह भी पता चलेगा कि किस केंद्र पर वयस्कों का नामांकन होता है। कहां बच्चों का आधार कार्ड बन सकता है और कहां सिर्फ आधार कार्ड में पता या मोबाइल नंबर ही अपडेट हो पाएगा। आईटी मंत्रालय का कहना है कि लोगों को यह भी जानकारी मिल पाएगी कि आधार सेंटर दिव्यांग फ्रेंडली है, वहां पार्किंग की सुविधा है या नहीं। सेंटर कब से तक खुलता है और किन दिनों में छुट्टी रहती है। ऐसी समस्त जानकारियां लोगों को सेंटर सर्च के दौरान ही मिल जाएंगी। े

    UIDAI का कहना है कि देश भर में 60 हजार आधार सेवा केंद्र हैं। इन तक पहुंचने में लोगों को अकसर परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार गलत जानकारी होने के चलते लोग भटकते रहते हैं। ऐसे में सभी केंद्रों की पूरी जानकारी हो और कहां क्या सेवा प्रदान की जाती है। इसके बारे में पता हो तो लोगों को सुविधा रहेगी। अहम बात यह है कि गूगल मैप पर सिर्फ आधिकारिक आधार सेंटर ही दिखाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों को आधार कार्ड के नाम पर किसी तरह की अवैध वसूली अथवा ठगी से बचाया जा सके। कई बार आधार से जुड़ी सर्विसेज देने के नाम पर रकम वसूलने के मामले भी सामने आते रहे हैं।

    ऐसे में लोगों को सुविधाजनक और पारदर्शी व्यवस्था देने के लिए यह फैसला लिया गया है। UIDAI के सीईओ ने बताया, 'हमारा फोकस इस बात पर रहा है कि कैसे आधार नंबर होल्डर्स के लिए प्रक्रिया आसान की जाए। अब इस कोलैबरेशन से लोगों को आसानी से आधार केंद्र पहुंचने में मदद मिलेगी।' गूगल इंडिया के स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप कंट्री हेड रोली अग्रवाल ने कहा कि इससे लाखों लोगों को फायदा मिलेगा। जनता और जरूरी सरकारी संस्थानों के बीच गैप खत्म होगा।

    आधार कार्ड बनवाना है तो आपके काम की हैं ये बातें…
    – अब आप आसानी से आधार कार्ड पहुंच सकेंगे। इसके लिए आपको गूगल मैप पर बस यह सर्च करना होगा कि आपके आसपास कौन सा आधार सेवा केंद्र है। आप सही स्थान पर पहुंचेंगे और समय बचेगा।

    – इसके अलावा UIDAI के वैध केंद्र पर जाने से आप ठगे जाने से भी बच सकेंगे। यही नहीं मैप में ही आपको यह जानकारी भी मिल सकेगी कि किस सेंटर में क्या-क्या सुविधा मिलती है। पार्किंग आदि की सुविधा है या नहीं।