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  • क्या महिलाएं कर सकती हैं श्राद्ध और पिंडदान? गरुड़ पुराण में बताए गए हैं ये नियम

    क्या महिलाएं कर सकती हैं श्राद्ध और पिंडदान? गरुड़ पुराण में बताए गए हैं ये नियम

     गरुड़ पुराण में पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व बताया गया है. आमतौर पर आपने देखा होगा कि पितरों के निमित्त किए जाने वाले इन कर्मों को परिवार के पुरुष सदस्य ही करते हैं. इसी वजह से लोगों के बीच यह धारणा बन गई है कि महिलाएं श्राद्ध या पिंडदान नहीं कर सकतीं. हालांकि, धर्मग्रंथों में इस विषय को लेकर परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग नियम बताए गए हैं.

    हिंदू परंपरा में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे कर्म किए जाते हैं. मान्यता है कि इन कर्मों के जरिए मृतक के प्रति श्रद्धा और कर्तव्य व्यक्त किया जाता है. लेकिन सवाल यह है कि अगर परिवार में कोई पुत्र या पुरुष उत्तराधिकारी मौजूद न हो, तो क्या महिला यह कर्म कर सकती है?

    गरुड़ पुराण में महिलाओं के श्राद्ध करने को लेकर क्या कहा गया है?
    गरुड़ पुराण में श्राद्ध कर्म के महत्व और इसे करने वाले व्यक्ति को लेकर चर्चा मिलती है. इसमें एक श्लोक में पुत्र के अभाव में पत्नी, बहू और अन्य निकट संबंधियों द्वारा श्राद्ध किए जाने की बात कही गई है. श्लोक में कहा गया है कि

    "पुत्राभावे वधूः कुर्यात् आर्याभावे शिष्य एव वा…"
    इसका भावार्थ यह है कि यदि पुत्र उपलब्ध न हो, तो परिस्थितियों के अनुसार पत्नी या बहू श्राद्ध कर्म कर सकती है. इनके अभाव में परिवार के अन्य सदस्य, जैसे भाई, भतीजा या भांजा भी यह कर्म कर सकते हैं. यदि ऐसे निकट संबंधी भी उपलब्ध न हों, तो शिष्य, मित्र या अन्य योग्य व्यक्ति द्वारा श्राद्ध किए जाने की परंपरा बताई गई है.

    इससे यह संकेत मिलता है कि श्राद्ध कर्म को केवल पुरुषों तक सीमित मानना पूरी तरह सही नहीं है. हालांकि, अलग-अलग परंपराओं और धर्मशास्त्रीय मतों में श्राद्ध की विधि और अधिकार को लेकर अंतर भी मिलता है.

    क्या महिलाएं तर्पण और पिंडदान कर सकती हैं?
    धार्मिक परंपराओं में आमतौर पर पुत्र या निकट पुरुष संबंधी को श्राद्ध और पिंडदान में प्राथमिकता दी जाती है. लेकिन पुत्र के अभाव या विशेष परिस्थितियों में पत्नी, पुत्रवधू या अन्य योग्य परिजन द्वारा यह कर्म किए जाने का उल्लेख मिलता है. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर परिस्थिति में महिला को श्राद्ध या पिंडदान करने से पूरी तरह वंचित किया गया है. परिवार की स्थिति, स्थानीय परंपरा और संबंधित धार्मिक मत के अनुसार इसकी विधि अलग हो सकती है.

    माता सीता ने किया था राजा दशरथ का पिंडदान?
    महिलाओं द्वारा पिंडदान किए जाने के उदाहरण के तौर पर माता सीता और राजा दशरथ की कथा का भी उल्लेख किया जाता है. गया से जुड़ी धार्मिक परंपराओं में प्रचलित इस कथा के अनुसार, वनवास के दौरान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता गया पहुंचे थे, जहां राजा दशरथ का श्राद्ध किया जाना था.

    कथा के अनुसार, श्रीराम और लक्ष्मण श्राद्ध की सामग्री लेने के लिए गए. इसी दौरान माता सीता को राजा दशरथ के दर्शन हुए और उन्होंने समय निकलने से पहले पिंडदान करने की इच्छा व्यक्त की. इसके बाद माता सीता ने फल्गु नदी, केतकी के फूल और वटवृक्ष को साक्षी मानकर बालू से पिंड बनाकर राजा दशरथ का पिंडदान किया था. यह कथा मुख्य रूप से धार्मिक परंपराओं और गया की पौराणिक मान्यताओं में प्रचलित है. इसे महिलाओं द्वारा पिंडदान किए जाने के उदाहरण के रूप में बताया जाता है.

    तो क्या महिलाएं पितरों का श्राद्ध कर सकती हैं?
    धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में परिस्थितियों के अनुसार महिलाओं द्वारा श्राद्ध किए जाने का उल्लेख मिलता है. विशेषकर पुत्र या अन्य निकट पुरुष उत्तराधिकारी के अभाव में पत्नी या पुत्रवधू द्वारा श्राद्ध किए जाने की बात कही गई है. हालांकि, श्राद्ध और पिंडदान की विधि अलग-अलग संप्रदायों और पारिवारिक परंपराओं में भिन्न हो सकती है. इसलिए किसी विशेष परिस्थिति में कर्मकांड करने से पहले परिवार की परंपरा और योग्य आचार्य की सलाह के अनुसार विधि का पालन करना उचित माना जाता है.

  • MP में ग्वालियर सबसे गर्म, तापमान 35.2°C; अगले 3 दिन बारिश के आसार

    MP में ग्वालियर सबसे गर्म, तापमान 35.2°C; अगले 3 दिन बारिश के आसार

     ग्वालियर
     ग्वालियर व चंबल अंचल में पिछले तीन दिन से लगातार तापमान बढ़ रहा है। मंगलवार को ग्वालियर का तापमान 35.2 डिसे पर पहुंच गया और प्रदेश में सबसे अधिक गर्म रहा। हालांकि, खजुराहो व रतलाम दूसरे नंबर पर रहे, यहां का तापमान 35 डिसे पर रहा।

    मौसम विज्ञान केंद्र ने 24 सितंबर से अंचल में एक बार फिर से हल्की से मध्यम वर्षा का दौर शुरू होने का अनुमान लगाया है। ऐसे में 24 से 26 सितंबर तक अंचल में ठीक ठाक वर्षा हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा अपडेट के मुताबिक मानसून की वापसी जारी है और मंगलवार को यह पंजाब के कुछ क्षेत्रों से वापस हो गया।

    हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
    लेकिन पिछले दिनों अंडमान सागर में बना निम्नदाब का क्षेत्र डिप्रेशन में बदलकर उड़ीसा के तट पर आ गया है और यह लगातार आगे बढ़ रहा है। ऐसे में 24 सितंबर से इसका असर अंचल पर भी आना शुरू हो जाएगा, जिसकी वजह से अंचल में हल्की से मध्यम वर्षा होना शुरू हो सकता है।

    यह दौर तीन से चार दिन का हो सकता है। इससे अंचल के बढ़ रहे तापमान में कमी आएगी और मौसम भी ठंडा होगा।

    तीन दिनों से बढ़ रहा तापमान
    अंचल में तापमान पिछले तीन दिन से बढ़ रहा है। तापमान पहले 33 डिसे पर पहुंचा, इसके बाद सोमवार को 35 डिसे पर और मंगलवार को 35.2 डिसे पर। तापमान के बढ़ने से अंचल में गर्मी व उमस बढ़ रही है, जिससे मंगलवार को दिन में लोगों को खासा परेशान होना पड़ा।

    वर्तमान में दिन व रात का तापमान सामान्य से कुछ अधिक हो गया है, इसलिए भी लोगों को कुछ गर्मी अधिक महसूस हो रही है।

    ये रही पारे की चाल…

    अधिकतम तापमान-35.2 डिसे

    न्यूनतम तापमान-26.0 डिसे

    05:30-26.4 डिसे

    08:30-29.0 डिसे

    11:30-33.6 डिसे

    14:30-34.6 डिसे

    17:30-32.4 डिसे

     

  • MGM में PG डॉक्टर के सुसाइड अटेम्प्ट पर NMC सख्त, 24 घंटे में रिपोर्ट तलब

    MGM में PG डॉक्टर के सुसाइड अटेम्प्ट पर NMC सख्त, 24 घंटे में रिपोर्ट तलब

    इंदौर 
    एमजीएम मेडिकल कॉलेज और एमवाय अस्पताल में PG JR-1 डॉ. सिम्मी यादव से कथित रैगिंग, मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और अकादमिक दबाव के मामले में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने कॉलेज प्रबंधन से 24 घंटे में पैरावाइज कमेंट और एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है। आयोग ने घटना की तत्काल, निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ जांच के निर्देश दिए हैं।

    NMC को यह शिकायत डॉ. सिम्मी के भाई कुणाल यादव की ओर से मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सीनियर रेजिडेंट्स ने डॉ. सिम्मी को कथित तौर पर बार-बार प्रताड़ित किया, सार्वजनिक रूप से अपमानित किया और कागजी काम करने के लिए दबाव बनाया।

    इंसुलिन की अधिक मात्रा लेने का आरोप
    शिकायत में दावा किया गया है कि डॉ. सिम्मी ने इंसुलिन की अधिक मात्रा लेकर आत्महत्या का प्रयास किया। इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने की बात शिकायत में कही गई है। परिवार के पास घटना से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड होने का भी दावा किया गया है।

    NMC ने कॉलेज से घटना की तारीख, समय और परिस्थितियों के साथ यह जानकारी मांगी है कि डॉ. सिम्मी किस स्थिति में मिली थीं और उनकी वर्तमान मेडिकल स्थिति क्या है।

    14-15 घंटे ड्यूटी कराने के आरोप की भी जांच
    शिकायत में आरोप है कि आधिकारिक रोस्टर में करीब 12 घंटे की ड्यूटी के बजाय डॉ. सिम्मी से कथित तौर पर 14 से 15 घंटे तक काम कराया गया। इसके अलावा पर्याप्त गैर-अकादमिक और कागजी काम सौंपे जाने का भी आरोप लगाया गया है।

    NMC ने ड्यूटी रोस्टर, बायोमेट्रिक और अटेंडेंस रिकॉर्ड, ड्यूटी व हैंडओवर रजिस्टर तथा अवकाश रिकॉर्ड मांगे हैं। आयोग ने वास्तविक ड्यूटी अवधि और आधिकारिक रोस्टर के बीच अंतर की जांच करने को भी कहा है।

    सार्वजनिक अपमान और धमकी के आरोप
    शिकायत में मामूली गलतियों पर कथित सार्वजनिक अपमान, मानसिक उत्पीड़न और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। डॉ. सिम्मी को लगातार टारगेट करने और परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी दावा किया गया है।

    आयोग ने कॉलेज से पूछा है कि क्या डॉ. सिम्मी ने इससे पहले रैगिंग, उत्पीड़न, अत्यधिक कार्यभार या गैर-अकादमिक काम को लेकर मौखिक अथवा लिखित शिकायत की थी। शिकायत होने पर उसकी कॉपी और उस पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई है।

    NMC ने डॉ. यशस्वी, डॉ. निकिता और डॉ. श्वेता से जुड़े आरोपों की भी अलग-अलग जांच कर उनका पक्ष और जवाब रिपोर्ट में शामिल करने को कहा है।

    HOD को शिकायत की जानकारी थी या नहीं, मांगा जवाब
    आयोग ने पूछा है कि कथित शिकायतों की जानकारी विभागाध्यक्ष डॉ. निलेश दलाल को कब और किस माध्यम से दी गई थी। इसके बाद क्या कार्रवाई की गई, काउंसलिंग, मध्यस्थता, चेतावनी या निगरानी जैसी कोई व्यवस्था की गई या नहीं, इसकी जानकारी भी मांगी गई है।

    एंटी रैगिंग कमेटी और स्क्वाड की भी जांच
    NMC ने कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी और एंटी रैगिंग स्क्वाड के गठन और कामकाज का ब्योरा मांगा है। इसमें समिति की संरचना, निगरानी व्यवस्था, निरीक्षण व राउंड के रिकॉर्ड, प्राप्त शिकायतें और उन पर हुई कार्रवाई शामिल है।

    आयोग ने संबंधित विभाग के PG छात्रों से वरिष्ठ रेजिडेंट्स और फैकल्टी की अनुपस्थिति में गोपनीय बातचीत करने को भी कहा है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि विभाग में उत्पीड़न, अपमान, धमकी या गैर-अकादमिक काम के दबाव की अन्य शिकायतें तो नहीं हैं।

    वॉट्सऐप और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश
    NMC ने संबंधित वॉट्सऐप ग्रुप, मैसेज, ईमेल, शिकायतें, ड्यूटी रोस्टर, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, हैंडओवर रजिस्टर, अवकाश और अकादमिक रिकॉर्ड समेत सभी संबंधित दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी रिकॉर्ड को बदला, हटाया या नष्ट नहीं किया जाना चाहिए।

    शिकायत के कारण अकादमिक नुकसान नहीं हो
    NMC ने कॉलेज से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि शिकायत करने या जांच में शामिल होने के कारण डॉ. सिम्मी की PG ट्रेनिंग, अटेंडेंस, फॉर्मेटिव असेसमेंट, थीसिस, परीक्षा पात्रता या अकादमिक प्रगति प्रभावित न हो।

    कॉलेज को यह भी बताना होगा कि डॉ. सिम्मी को आगे के उत्पीड़न, धमकी या प्रतिशोध से बचाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। मानसिक स्वास्थ्य सहायता और काउंसलिंग की व्यवस्था का विवरण भी रिपोर्ट में देना होगा।

    24 घंटे में दस्तावेजों के साथ देनी होगी रिपोर्ट
    NMC ने कॉलेज प्रबंधन से सभी बिंदुओं पर दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ पैरावाइज कमेंट और ATR 24 घंटे के भीतर भेजने को कहा है। जांच के दौरान या उसके बाद डॉ. सिम्मी के खिलाफ किसी तरह की प्रताड़ना, धमकी, प्रतिशोध या प्रतिकूल अकादमिक कार्रवाई नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    आयोग ने जांच में जानकारी देने वाले छात्रों और रेजिडेंट्स की पहचान कानून के दायरे में गोपनीय रखने को कहा है। साथ ही रैगिंग रोकने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और 9 मार्च 2026 के NMC पब्लिक नोटिस के अनुपालन की रिपोर्ट भी मांगी है।

  • बिना ग्रेवी बनाए बनाएं ढाबे जैसा राजमा, कुकर में डालें सारी चीजें और मिनटों में करें तैयार

    बिना ग्रेवी बनाए बनाएं ढाबे जैसा राजमा, कुकर में डालें सारी चीजें और मिनटों में करें तैयार

     राजमा-चावल का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है, लेकिन इसे बनाने का लंबा प्रोसेस देखकर कई बार लोग अपनी पसंदीदा डिश का प्लान ही बदल देते हैं. पहले प्याज-टमाटर काटो, फिर मसालों को भूनकर ग्रेवी तैयार करो और उसके बाद राजमा को पकाने का इंतजार करो. यानी लोगों को अपना मनपसंद और टेस्टी राजमा बनाने के लिए रसोई में अच्छा-खासा समय देना पड़ता है.

    लेकिन अगर आपको ऐसा राजमा बनाने का तरीका मिल जाए जिसमें न अलग से ग्रेवी तैयार करनी पड़े और न ही प्याज-टमाटर को तेल में भूनने की जरूरत हो, तो कैसा रहेगा? आज हम आपको राजमा बनाने का एक ऐसा तरीका बताने वाले हैं, जिसमें आपको मसाला भूनने की जरूरत नहीं होगी. सभी इंग्रेडिएंट्स को सीधे कुकर में डालकर बनाया जाएगा. खास बात ये है कि राजमा बनाने का तरीका बेशक बदला है, लेकिन उसका स्वाद बिल्कुल ढाबे जैसा आएगा, जिसकी तारीफ घर का हर सदस्य करेगा. चलिए जानते हैं क्या है वो तरीका.

    इंग्रेडिएंट्स

       250 ग्राम राजमा, रातभर भिगोया हुआ
        3 कप पानी
        3-4 चम्मच देसी घी
        3 प्याज, मोटे टुकड़ों में कटे हुए
        4 टमाटर, ऊपर से हल्का चीरा लगे हुए
        10 लहसुन की कलियां
        3 इंच अदरक, कद्दूकस किया हुआ
        2-3 हरी मिर्च या स्वादानुसार

    खड़े मसाले
        1 छोटा चम्मच जीरा
        1 बड़ी इलायची
        1 तेजपत्ता
        2-3 हरी इलायची
        2-3 लौंग
        2 इंच दालचीनी

    पिसे मसाले
        2 छोटे चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च
        2 छोटे चम्मच धनिया पाउडर
        ¼ छोटा चम्मच हल्दी
        ¼ छोटा चम्मच गरम मसाला
        स्वादानुसार नमक

    आखिर में डालें
        भुनी हुई कसूरी मेथी
        बारीक कटा हरा धनिया
        1 चम्मच देसी घी

    बनाने का तरीका
    1.
    सबसे पहले रातभर पानी में भिगोए हुए राजमा को अच्छी तरह धोकर प्रेशर कुकर में डालें. अब इसमें मोटे कटे प्याज, चीरा लगे टमाटर, लहसुन की कलियां, कद्दूकस किया अदरक और हरी मिर्च डाल दें.

    2. इसके बाद जीरा, बड़ी इलायची, तेजपत्ता, हरी इलायची, लौंग और दालचीनी जैसे सभी खड़े मसाले डालें. साथ ही कश्मीरी लाल मिर्च, धनिया पाउडर, हल्दी, गरम मसाला और नमक भी मिला दें.

    3. अब इसमें 3-4 चम्मच देसी घी और करीब 3 कप पानी डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें और कुकर का ढक्कन बंद कर दें. यहां आपको अलग से तेल गर्म करके मसाले भूनने या प्याज-टमाटर की ग्रेवी बनाने की जरूरत नहीं है.

    4. इसे मीडिया आंच पर करीब 4-5 सीटी आने तक पकाएं. इसके बाद गैस बंद कर दें और कुकर का प्रेशर अपने आप निकलने दें.

    5. जब कुकर का प्रेशर पूरी तरह निकल जाए तो ढक्कन खोलें. अब चिमटे से टमाटरों को बाहर निकालकर उनके छिलके हटा दें. इसके बाद टमाटरों को अच्छी तरह मैश करके वापस कुकर में डालें और राजमा के साथ सब कुछ अच्छी तरह मिला दें.

    6. अब कुकर को बिना ढक्कन लगाए मध्यम आंच पर करीब 10-15 मिनट पकाएं. इससे राजमा की ग्रेवी गाढ़ी हो जाएगी और सभी मसालों का स्वाद भी अच्छी तरह घुल जाएगा.

    7. आखिर में इसमें भुनी हुई कसूरी मेथी, बारीक कटा हरा धनिया और एक चम्मच देसी घी डालकर मिला दें. बस तैयार है आपका गरमा-गरम, गाढ़ा और मसालेदार राजमा. इसे जीरा राइस के साथ परोसें और ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डाल दें.

  • प्रेग्नेंट महिला से मारपीट मामले में 4 पुलिसकर्मियों पर केस

    प्रेग्नेंट महिला से मारपीट मामले में 4 पुलिसकर्मियों पर केस

    बालाघाट
    बालाघाट के किरनापुर पुलिस थाने में दर्ज चोरी के मामले को लेकर महिला से अमानवीय मारपीट का मामला सामने आया था। इसके बाद पुलिस की एसआईटी ने जांच की, जिसमें कानून का उल्लंघन कर महिला को जबरन जुर्म कबूल करने के लिए डराने-धमकाने सहित अन्य अनियमितताएं सामने आई। 

    चोरी की जांच में थाने लाई गई थी महिला
    मामला 21 अगस्त को किरनापुर पोस्ट ऑफिस के सामने हुई 50 हजार रुपए की चोरी से जुड़ा है। पुलिस 2 सितंबर को टिमकीटोला निवासी सावित्री चौधरी और उनके पति कैलाश चौधरी को पूछताछ के लिए थाने लाई थी। आरोप है कि यहां दोनों के साथ मारपीट और महिला के साथ दुर्व्यवहार किया गया। 3 सितंबर को सावित्री को आरोपी बनाकर कोर्ट में पेश किया गया था।

    समाज ने किया था थाने का घेराव
    महिला से मारपीट के आरोपों के विरोध में मरार माली समाज ने 15 सितंबर को किरनापुर में आंदोलन किया था। इस दौरान थाने में पथराव और तोड़फोड़ भी हुई थी। पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे, समाज अध्यक्ष रमेश पंचे, जिला पंचायत प्रतिनिधि, सरपंच समेत 63 नामजद और 100 से 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित धाराओं में केस दर्ज किया था।

    एसआईटी ने जांच में पाई अनियमितताएं
    एसपी आदित्य मिश्रा के निर्देश पर डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसआईटी ने चौधरी दंपती की शिकायत की जांच की। एसआईटी के अनुसार महिला को पर्याप्त कानूनी आधार के बिना थाने में रखा गया। रिपोर्ट में सूर्यास्त के बाद गिरफ्तारी और न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया में भी अनियमितता सामने आने की बात कही गई है।

    केवल इकबालिया बयान के आधार पर कार्रवाई
    जांच रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने पर्याप्त परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए बिना महिला के खिलाफ कार्रवाई की। एसआईटी ने महिला और उसके पति को अवैधानिक रूप से थाने में रखने, डराने-धमकाने और अनुचित दबाव डालने के आरोपों की भी पुष्टि की है।

    चार पुलिसकर्मियों पर इन धाराओं में केस
    एसआईटी जांच के आधार पर पुलिस ने एसआई दामेन्द्र तुरकर, प्रआर आशीष बघेल, आरक्षक कपिल बघेल और महिला आरक्षक मेघा टेकाम के खिलाफ बीएनएस की धारा 127, 115(2), 296(बी), 351(1) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच जारी है।

    एक दिन पहले पीड़िता ने बताई थी पूरी घटना
    एसआईटी रिपोर्ट सामने आने से एक दिन पहले सावित्री चौधरी ने पति कैलाश के साथ मीडिया के सामने थाने में हुई घटना के बारे में बताया था। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने भी महिला को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद अदालत की उस टिप्पणी का हवाला दिया था, जिसमें गिरफ्तारी को अवैधानिक बताते हुए महिला को रिहा किए जाने की बात कही गई थी।

  • CM साय आज रायगढ़ दौरे पर, आयुर्वेद सेवा सम्मेलन में होंगे शामिल

    CM साय आज रायगढ़ दौरे पर, आयुर्वेद सेवा सम्मेलन में होंगे शामिल

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर और रायगढ़ के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11:40 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रायपुर में आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन में शामिल होंगे.

    इसके बाद दोपहर 12:40 बजे से 1:40 बजे तक बिरगांव में भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. मुख्यमंत्री साय दोपहर 3 बजे दो दिवसीय रायगढ़ दौरे के लिए रवाना होंगे. रायगढ़ में वे भाषा शिक्षण कार्यक्रम और रात में चक्रधर समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम रायगढ़ के सर्किट हाउस में होगा.

    24 सितंबर को सीएम साय रायगढ़ में सेवा संकल्प सेवादान और वोकल फॉर लोकल कार्यक्रम में शामिल होंगे. साथ ही घाट विकास परियोजना का शिलान्यास करेंगे. सुबह करीब 11:35 बजे तक वह रायपुर लौट आएंगे.

  • MP में आज ‘नो-UPI डे’, MDR के विरोध में व्यापारियों का डिजिटल सत्याग्रह

    MP में आज ‘नो-UPI डे’, MDR के विरोध में व्यापारियों का डिजिटल सत्याग्रह

    भोपाल/इंदौर / ग्वालियर

    मध्य प्रदेश में आज 'नो-UPI डे' रहेगा। भोपाल, इंदौर समेत पूरे प्रदेश के व्यापारी ₹2000 से अधिक का यूपीआई भुगतान नहीं लेंगे।अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल मध्य प्रदेश ने यह आह्वान किया है।हालांकि, किसी भी व्यापारी से जोर-जबर्दस्ती नहीं की जाएगी। भोपाल में यूपीआई स्कैनर को काले कपड़े से ढांककर सांकेतिक विरोध भी जताएंगे।इससे पहले इंदौर में मंगलवार रात को टाइल्स एंड सेनेटरी वेयर व्यापारी एसोसिएशन के नेतृत्व में रीगल स्क्वायर पर हुए प्रदर्शन में 150 से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए। व्यापारियों ने ‘यूपीआई बंद करो, यूपीआई पर चार्ज बंद करो’ के नारे लगाए।

     अभी हाल ही में केंद्र सरकार ने दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर लगाया है। सभी व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं।सरकार के इस फैसले का विरोध शहरभर के व्यापारी व उनके संगठन 23 सितंबर बुधवार को नो-यूपीआई डे मनाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

    साथ ही वे अपने-अपने प्रतिष्ठान व दुकान पर यूपीआई स्कैनर को काले कपड़े से ढंककर रखेंगे। नो यूपीआई डे मनाने का आह्वान शहर की व्यापारिक संस्था चैंबर ऑफ कॉमर्स व मध्यप्रदेश व्यापारी संघ ने किया है।

    चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष डॉक्टर प्रवीण अग्रवाल सहित सभी पदाधिकारियों का कहना है कि दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई ट्रांजेक्सन पर 0.4 प्रतिशत का एमडीआर लगाना गलत निर्णय है, क्योंकि इसका असर व्यापारियों पर पड़ेगा।

    इसके बाद इसका असर कहीं न कहीं आम लोगों पर ही आएगा। अभी सभी व्यापारी अपने कामकाज को सही तरीके से लिखा पढ़ी में ले आए हैं। इस निर्णय से फिर से नकद लेनदेन शुरू होगा और पहले जैसी टैक्स चोरी व कालाधन जैसी समस्याएं पैदा होंगी।

    यूपीआई से नहीं करेंगे लेनदेन
    इसलिए बुधवार को संस्था के सदस्यों सहित अंचल के सभी व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों से अपील की गई है कि व्यापारिक ट्रांजेक्शन पर एमडीआर चार्ज लिए जाने का विरोध करते हुए सभी नो यूपीआई डे मनाएं और अपने-अपने स्कैनरों को काले कपड़े से ढंक कर रखें और यूपीआई से लेनदेन न करें।

    व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेंद्र खंडेलवाल ने बताया कि व्यापार संघ थाटीपुर के नेतृत्व में क्षेत्र के सभी व्यापारी एकजुट होकर विरोध दर्ज कराएंगे। सभी व्यापारी इसकी फोटो संघ के ग्रुप में भेजेंगे, जिसे प्रदेश की वेबसाइट पर अपलोड कर सरकार तक व्यापारियों की नाराजगी पहुंचाई जाएगी।

    सरकार का निर्णय व्यापारियों पर आर्थिक बोझ

    व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव अनुपम अग्रवाल ने बताया कि सरकार का यह निर्णय सीधे तौर पर व्यापारियों पर आर्थिक बोझ डालेगा। अधिकतम राशि 300 रुपए तक वसूली जाएगी।

    यदि व्यापारी एक दिन में 2 हजार रुपए से ज्यादा के 10 ट्रांसजेक्शन भी लेता है तो उसे 3 हजार रुपए देना पड़ सकते हैं। थोक किराना समेत जितने भी थोक व्यापार है, उनके लिए परेशानी ज्यादा बढ़ेगी। किराना में ही 90 प्रतिशत से ज्यादा लेन-देन 2 हजार रुपए से ज्यादा का होता है।

    अग्रवाल ने बताया कि वे खुद थोक तेल के कारोबारी है। यदि किसी ने 15 लीटर का एक जार भी लिया है तो उसकी कीमत 2200 रुपए तक है। जब ग्राहक ट्रांसजेक्शन करेगा तो मुझे सीधे तौर पर एमडीआर देना पड़ेगा।

    15 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम बता दें कि 15 अक्टूबर से ₹2,000 रुपए से ज्यादा के पर्सन टु मर्चेंट यूपीआई पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा। ₹75000 और उससे ज्यादा के लेन-देन पर चार्ज ₹300 रुपए होगा।

    प्रदेश के 4700 पेट्रोल पंप पर भी यह फैसला मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 16 अक्टूबर से 2 हजार से ज्यादा के बिल पर UPI पेमेंट नहीं लेने का फैसला किया है। इससे पहले बुधवार को होने वाले सांकेतिक विरोध प्रदर्शन में भी वे शामिल होंगे।

    व्यापारियों के खिलाफ सरकार-खण्डेलवाल
    खण्डेलवाल ने कहा सरकार ने यह शुल्क थोपकर डिजिटल इंडिया को सफल बनाने वाले व्यापारी वर्ग की कमर तोड़ने का काम किया है।

    कैट का नो यूपीआई डे कल राजीव प्लाजा मेंकंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) बुधवार को नो यूपीआई डे राजीव प्लाजा में दोपहर एक बजे से आंदोलन के रूप में मनायेगा।

    कैट के जिलाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया कि इस अवसर पर सभी मोबाइल व्यवसायी धरना प्रदर्शन करेंगे। साथ ही कैट मध्यप्रदेश के अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन सभा को संबोधित करेंगे।

    कैट के महामंत्री रामकुमार गोयल, कोषाध्यक्ष नितिन गोयल, कार्यक्रम संयोजक एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज चौरसिया ने सभी कैट पदाधिकारी और सदस्यों को नो यूपीआइ डे में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है।

  • छत्तीसगढ़ की दूरियां घटेंगी, विकास की रफ्तार बढ़ेगी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ की दूरियां घटेंगी, विकास की रफ्तार बढ़ेगी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ की दूरियां घटेंगी, विकास की रफ्तार बढ़ेगी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच महत्वपूर्ण समझौता

    बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू के प्रति मुख्यमंत्री ने जताया आभार

    रायपुर
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के अंतर्गत भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच हुए समझौते को विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की भौगोलिक दूरियां घटेंगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी। नई दिल्ली में हुए इस समझौते पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से विमानन सचिव मुकेश बंसल ने हस्ताक्षर किए।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास है कि बेहतर हवाई संपर्क का लाभ बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों और दूरस्थ अंचलों तक भी पहुंचे। इस समझौते से प्रदेश में नए हवाई संपर्क, हवाई पट्टियों के विकास और दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी के विस्तार की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से नागरिकों का आवागमन सुगम होगा और पर्यटन, व्यापार, निवेश तथा रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। प्रदेश के प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी का विस्तार आपातकालीन चिकित्सा सहायता, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में भी उपयोगी होगा।

    मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ देश के विस्तारित होते विमानन नेटवर्क से और मजबूती से जुड़ेगा।

    उल्लेखनीय है कि मॉडिफाइड उड़ान योजना के अंतर्गत देश में मौजूदा अनुपयोगी हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डे तथा दूरस्थ क्षेत्रों में 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • रायपुर : सेवा संकलल्प अभियान अंतर्गत सभी कार्यक्रमों का बेहतर आयोजन सुनिश्चित हो -कैबिनेट मंत्री जायसवाल

    रायपुर : सेवा संकलल्प अभियान अंतर्गत सभी कार्यक्रमों का बेहतर आयोजन सुनिश्चित हो -कैबिनेट मंत्री जायसवाल

    रायपुर : सेवा संकलल्प अभियान अंतर्गत सभी कार्यक्रमों का बेहतर आयोजन सुनिश्चित हो -कैबिनेट मंत्री जायसवाल

    प्रभारी मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारी हेतु ली समीक्षा बैठक

    अंगदान का संकल्प लेने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

    रायपुर

    बलौदाबाजार भाटापारा जिले के प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को जिला प्रवास के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष मे सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा  बैठक ली।  इस दौरान अंगदान का संकल्प लेने वाले 5 दानदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया औऱ उन्हें प्रेरणास्रोत बताया। अंगदान संकल्प लेने वालों मे जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल,फिरतराम साहू, पुष्पा साहू,भाटापारा से वेदराम आनंद एवं  रेशमा बाई शामिल हैं।

    सेवा संकलल्प अभियान अंतर्गत सभी कार्यक्रमों का बेहतर आयोजन सुनिश्चित हो -कैबिनेट मंत्री जायसवाल

     प्रभारी मंत्री जायसवाल ने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान को अति महत्वपूर्ण बताते हुए सभी कार्यक्रमो का बेहतर आयोजन सुनिश्चित करने एवं अधिक से अधिक जनसहभागिता हेतु आवश्यक निर्देश एवं मार्गदर्शन दिये। उन्होंने आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम का जिले मे बेहतर आयोजन की सराहना की औऱ आगामी सभी कार्यक्रम को गरिमापूर्ण आयोजन की बात कही।

    बैठक मे आगामी सभी कार्यक्रमों की तैयारी के सम्बन्ध मे विस्तृत समीक्षा की।उन्होंने मेरे सपनों का भारत कार्यक्रम अंतर्गत विद्यालय स्तर से ब्लॉक एवं जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिये विद्यार्थियों की संख्या निर्धारण करने कहा। आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम अंतर्गत अंगाबाड़ी कार्यकर्त्ता,सहायिका मितानिन का सम्मान,गर्भवती माताओ व बच्चों का हेल्थ चेक -अप एवं खेलकूद आयोजित करने के निर्देश दिये।सेवा की कहानी अंतर्गत लाभार्थियों की सफलता की कहानी सभी मीडिया प्लेटफार्म मे जारी करने, सेवा मेरा योगदान अंतर्गत स्वच्छता अभियान गांव,शहरों,नदी,घाट,तालाब आदि की सफाई जनसहभागिता से करें। उन्होंने सेवा सेतु शिविर के सम्बन्ध मे कहा कि सभी ब्लॉक मे एक- एक चिहांकित गांव मे आयोजित करना है जिसमें जिला स्तरीय अधिकारियो की टीम मौजूद रहेंगे। शिविर मे मेगा हेल्थ कैम्प का विशेष रूप से आयोजन किया जाए। शिविर का उद्देश्य आने वाले आवेदको को लाभार्थी बनाकर वापस भेजने का हो। उनके समस्याओ का तत्काल निराकरण होना चाहिए।

  • उच्च गुणवत्ता के बीज के लिए बनेगी कमेटी, मंत्री सारंग ने दिए निर्देश

    उच्च गुणवत्ता के बीज के लिए बनेगी कमेटी, मंत्री सारंग ने दिए निर्देश

    उच्च गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराने के लिये बनेगी कमेटी

    सहयोगी संबंधित विभागों के समन्वय से बनायें रूपरेखा : मंत्री सारंग
    प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिये हुई बैठक

    भोपाल 

    प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिये सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग की अध्यक्षता में मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में प्रमाणित एवं हाइब्रिड बीज की उपलब्धता बढ़ाने के लिये कार्य-योजना पर चर्चा की गई।

    मंत्री सारंग ने कहा कि दलहन के बीजों की उपलब्धता पर ध्यान दिया जाना होगा। जिस प्रकार पिछले वर्ष 5 बीजों पर बीज संघ ने काम किया था, उसी प्रकार इस वर्ष कार्य-योजना बनाई जाये। दूसरे विभागों से क्या अपेक्षाएँ हैं उस पर एक पीपीटी तैयार करें। मंत्री सारंग ने कहा कि एक हाई लेवल कमेटी बनाकर उच्च गुणवत्ता का बीज तैयार करने और इसके लिये अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करने की रूपरेखा तैयार की जाये। हाई लेवल कमेटी में सहकारिता, कृषि, उद्यानिकी और कृषि विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि भी शामिल हों, जो एक माह में विस्तृत रूप से कार्य कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

    बैठक में बीज उत्पादन एवं विपणन में शासकीय संस्थानों की उपादेयता, प्रमुख फसलों की बीज आवश्यकता, उपलब्धता, प्रदेश में प्रमुख फसलों का बोया गया क्षेत्रफल, फसलवार अधिक व कम उत्पादकता वाले जिले, हाइब्रिड बीज-आवश्यकता, शासकीय योगदान एवं कार्य-योजना, आगामी 5 वर्षों के लिये बीज उत्पादन कार्यक्रम, उद्यानिकी हाईब्रिड बीजों के लिये आधारभूत संरचना विकसित करने, बीज उत्पादन एवं विपणन में वर्तमान बाधाएँ एवं समाधान जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

    बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त के.सी. गुप्ता, सहकारिता आयुक्त दीपक सिंह, संचालक कृषि उमाशंकर भार्गव, उप सचिव मनोज सिन्हा और प्रबंध संचालक बीज संघ महेन्द्र दीक्षित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।