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  • करमा पूजा में शामिल हुईं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, प्रकृति, संस्कृति और लोकपरंपराओं के संरक्षण का दिया संदेश

    करमा पूजा में शामिल हुईं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, प्रकृति, संस्कृति और लोकपरंपराओं के संरक्षण का दिया संदेश

    करमा पूजा में शामिल हुईं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, प्रकृति, संस्कृति और लोकपरंपराओं के संरक्षण का दिया संदेश

    गृह ग्राम बीरपुर में ग्रामीणजनों के साथ विधि-विधान से की करम देव की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

    रायपुर
    महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े अपने गृह ग्राम बीरपुर में आयोजित प्रकृति के पावन तिहार ‘करमा पूजा’ में शामिल हुईं। उन्होंने ग्रामीणजनों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं विधि-विधानपूर्वक करम देव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति, खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रकृति, संस्कृति और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
    करमा पूजा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और जनजीवन से गहराई से जुड़ा पारंपरिक पर्व है। यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामुदायिक एकता और लोक आस्था का प्रतीक माना जाता है। करम देव की पूजा के साथ ग्रामीणजन सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और परिवार एवं समाज की खुशहाली की कामना करते हैं। पर्व के अवसर पर पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य और रीति-रिवाजों से गांव का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर उठा।

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, तीज-त्योहारों और प्रकृति से जुड़े पर्वों से है। करमा जैसे लोकपर्व हमें अपनी जड़ों और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। इन परंपराओं में प्रकृति के प्रति सम्मान, आपसी भाईचारा और सामूहिकता की भावना निहित है।

    उन्होंने कहा कि हमारी लोकसंस्कृति और परंपराएं केवल उत्सव का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें जीवंत बनाए रखना और नई पीढ़ी को इनकी महत्ता से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं और बच्चों से भी अपनी संस्कृति, लोककलाओं एवं पारंपरिक पर्वों से जुड़ने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर ग्रामीणजनों ने मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए करमा पूजा की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र एवं प्रदेश की निरंतर प्रगति तथा सभी परिवारों के सुख-समृद्धि की कामना की।

  • जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, चालक को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, चालक को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, चालक को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ
     
    लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में संचालन शुरू, टैक्सी के साथ टू और थ्री व्हीलर चालक भी जुड़ेंगे
     
    भारत टैक्सी की तर्ज पर ग्रामीण बस सेवा को आगे बढ़ाने के निर्देश, लाखों युवाओं के लिए खुलेगा रोजगार का रास्ता
     
    महाकुंभ में रैपिडो की सेवा का दिया उदाहरण, बोले- यात्रियों को सुविधा मिली और यातायात भी नहीं हुआ बाधित
     
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी के ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत
     
    पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को ऋण देने का लक्ष्य, खेती और मशीनरी के लिए मिलेगा दीर्घकालिक कर्ज
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए टैक्सी चालकों और किसानों के लिए दो बड़े कदम उठाए। भारत टैक्सी से टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर जुड़ सकेंगे। उन्हें पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी। वहीं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत कर दी गई है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सहकारिता की कमान किन हाथों में है, उसी पर उसकी सफलता निर्भर करती है। अच्छा नेतृत्व सहकारिता को समृद्धि का माध्यम बनाता है, जबकि गलत नेतृत्व इसे अराजकता की ओर ले जा सकता है। आजादी के बाद पहली बार देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बना और अब इसके परिणाम सामने आ रहे हैं।
     
    भारत की गति को प्रगति में बदलेगी भारत टैक्सी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों के बारे में पहले कोई नहीं सोचता था। अब वे रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे और पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पाएंगे। सामाजिक सुरक्षा मिलने से चालक निश्चिंत होकर जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर सकेगा।
     
    उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी केवल यात्रियों को ढोने वाली टैक्सी नहीं है। यह पूरे भारत की टैक्सी है, जो भारत की गति को प्रगति में बदलने का काम करेगी। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में इसका संचालन शुरू किया गया है। लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू भी हुए हैं।
     
    महाकुंभ में देखा था रैपिडो का सफल प्रयोग
    मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लाखों नौजवान रैपिडो के माध्यम से अपनी बाइक पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित संगम तक पहुंचा रहे थे। संगम से रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भी उनका योगदान रहा। इससे यातायात बाधित नहीं हुआ और लोगों को आसानी से आवागमन की सुविधा मिली।
     
    उन्होंने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से ग्रामीण बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल को आगे बढ़ाया गया तो लाखों नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
     
    पांच लाख किसानों को छह प्रतिशत पर ऋण
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था। इसे अब घटाकर छह प्रतिशत कर दिया गया है। खेती-बाड़ी और मशीनरी के लिए किसानों को पैसे की कमी न हो, इसके लिए दीर्घकालिक ऋण की व्यवस्था की गई है। आगामी कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो भारत समृद्ध होगा। सहकारिता क्षेत्र जितना मजबूत होगा, देश भी उतना ही मजबूत होगा।
     
    86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का ऋण माफ किया

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद 86 लाख लघु और सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए। दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को पूरा होने में करीब 50 वर्ष लगे। अर्जुन सहायक, बाणसागर और मध्य गंगा जैसी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया।
     
    उन्होंने कहा कि पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल वाले किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। नहर और सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई भी मुफ्त है।
     
    3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें चल रही हैं। इनमें 100 से अधिक मिलें चौथे दिन गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद की थीं और इनमें से 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया था।
     
    उन्होंने कहा कि किसानों को बीज से बाजार तक सुविधा देने के लिए काम किया गया है। पैक हाउस बने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगीं और एफपीओ के गठन के साथ कृषि विज्ञान केंद्रों से तकनीकी सहयोग दिया गया। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के वेयरहाउस भी तैयार किए जा रहे हैं।
     
    54 लाख नए सदस्य, 15 सहकारी बैंक मुनाफे में
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के 16 सहकारी बैंक निष्क्रिय हो चुके थे और उनके लाइसेंस जब्त हो गए थे। इनमें किसानों के हजारों करोड़ रुपये जमा थे। अब 16 में से 15 बैंक फिर मुनाफे में आ चुके हैं। एक अन्य बैंक को भी बेहतर करने पर काम चल रहा है।
     
    उन्होंने बताया कि पैक्स को पहले 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सुविधा दी गई थी, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। सहकारिता से 54 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। किसानों को समय पर खाद, कीटनाशक और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
     
    कृषक समृद्धि पोर्टल लॉन्च, भारत टैक्सी को किया रवाना
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल ऐप यूपीसीडीसी लॉन्च किया। उर्वरक के लिए मोबाइल ऐप और सहकारिता की सेवाओं को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए कोऑपरेटिव डाटा सेंटर तथा मोबाइल ऐप की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने पांच सारथियों को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के पांच लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे।
     
    भारत टैक्सी के सीईओ कर्नल हिमांशु और अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन ने विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए एमओयू का आदान-प्रदान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल समेत अतिथियों ने फ्लैग ऑफ कर भारत टैक्सी को रवाना किया।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर, परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति डॉ. विवेक कुमार सिंह तोमर, सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव पंकज कुमार बंसल, भारत टैक्सी के उपाध्यक्ष रोहित गुप्ता मौजूद रहे।

  • सांकेतिक भाषा दिव्यांगजनों की शिक्षा, रोजगार, अधिकार और सामाजिक भागीदारी का महत्वपूर्ण आधार : मंत्री कुशवाह

    सांकेतिक भाषा दिव्यांगजनों की शिक्षा, रोजगार, अधिकार और सामाजिक भागीदारी का महत्वपूर्ण आधार : मंत्री कुशवाह

    अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस
    सांकेतिक भाषा दिव्यांगजनों की शिक्षा, रोजगार, अधिकार और सामाजिक भागीदारी का महत्वपूर्ण आधार : मंत्री कुशवाह

    भोपाल 

    सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि सांकेतिक भाषा दिव्यांगजनों के लिए केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उनकी शिक्षा, रोजगार, अधिकार और सामाजिक भागीदारी का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि कई बार संवाद की बाधा व्यक्ति में नहीं, बल्कि संचार की पहुंच में होती है। ऐसे में व्यक्ति को बदलने के बजाय संवाद के माध्यम को सुलभ बनाना आवश्यक है। सांकेतिक भाषा दिव्यांगजनों को अपनी बात, आवश्यकताओं और भावनाओं को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने का अवसर देती है। मंत्री कुशवाह अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मंत्री कुशवाह ने कहा कि सांकेतिक भाषा समानता और समावेशन का सुंदर उदाहरण है। इसके माध्यम से दिव्यांगजन समाज से बेहतर तरीके से जुड़ सकते हैं। आज प्रदेश के दिव्यांगजन बच्चे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा एवं हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं और सांकेतिक भाषा के माध्यम से देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है।

    मंत्री कुशवाह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सांकेतिक भाषा के उपयोग को बढ़ावा देने और प्रशिक्षित सांकेतिक भाषा दुभाषियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। पुलिस स्टेशन, अस्पताल सहित रोजमर्रा की आवश्यकता वाली महत्वपूर्ण जगहों पर सांकेतिक भाषा दुभाषियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निगम से लेकर पंचायत स्तर तक दिव्यांगजनों को आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

    मंत्री कुशवाह ने कहा कि दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आवश्यक योग्यताएं प्राप्त करने के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है। निजी संस्थानों में इंटरव्यू एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। दिव्यांगजनों को आरक्षण सहित विभिन्न अवसरों का लाभ लेने के लिए आवश्यक पात्रता एवं योग्यता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    मंत्री कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दिव्यांगजनों की प्रतिभा और हुनर को उचित अवसर मिले तथा संवाद और संचार की बाधाएं उनके विकास के रास्ते में बाधक न बनें।

    सामाजिक न्याय भवन का नाम "सशक्तिकरण भवन" होगा : मंत्री कुशवाह

    मंत्री कुशवाह ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि सामाजिक न्याय भवन को अब ‘सशक्तिकरण भवन’ के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि यह नाम दिव्यांगजनों सहित समाज के जरूरतमंद वर्गों को सशक्त बनाने के संकल्प को दर्शाता है। मंत्री कुशवाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामाजिक न्याय एवं जनसेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सेवा, सहभागिता और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच को मजबूत करना है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर सभी से दिव्यांगजनों की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करने और उन्हें समानता, गरिमा एवं सम्मान के साथ आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम में आयुक्त सामाजिक न्याय कृष्ण गोपाल तिवारी, डेफ कैन फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति सोनी, आयुक्त दिव्यांगजन अजय खेमरिया एवं प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय श्रीमती सोनाली पोंक्षे वायंगणकर ने भी सांकेतिक भाषा के महत्व, दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर अपने विचार व्यक्त किए।

    कार्यक्रम में सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारीगण, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, विषय विशेषज्ञ एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं दिव्यांग बच्चे उपस्थित रहे।

     

  • UN में भूटान PM ने भारत को बताया सबसे करीबी और भरोसेमंद दोस्त

    UN में भूटान PM ने भारत को बताया सबसे करीबी और भरोसेमंद दोस्त

    नई दिल्ली

    भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से भारत के साथ अपने रिश्तों को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने भारत को भूटान का भरोसेमंद दोस्त और साझेदार बताया. टोबगे ने कहा कि भूटान की महत्वाकांक्षी गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी यानी GMC परियोजना सीधे भारत की सीमा से लगी हुई है और इस विजन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत सरकार और असम सरकार का समर्थन हासिल है। 

    टोबगे ने कहा कि GMC की लोकेशन इसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है. यह शहर भूटान के सबसे करीबी दोस्त और पड़ोसी भारत की सीमा पर स्थित है. उन्होंने कहा कि सीमा के दूसरी तरफ दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश और दुनिया की सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक मौजूद है. उनके मुताबिक, भारत के साथ यह कनेक्टिविटी GMC को दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के बाजारों तक पहुंच का एक अहम रास्ता बनाती है। 

    GMC के लिए भारत की दोस्ती को बताया बड़ी ताकत
    भूटान PM ने कहा कि GMC को शुरुआत से ही वह चीज मिल रही है, जिसे कई नए शहर हासिल करने में दशकों लगा देते हैं. इसमें बड़े और तेजी से बढ़ते बाजारों तक पहुंच, कनेक्टिविटी और भारत जैसा भरोसेमंद दोस्त शामिल है। 

    उन्होंने कहा कि GMC की सोच को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ भारत सरकार और सीमा से लगे असम के पड़ोसियों का भी समर्थन मिला है. टोबगे ने इस समर्थन को परियोजना के लिए अहम बताया। 

    बोले- भरोसा खरीदा नहीं जा सकता
    शेरिंग टोबगे ने कहा कि भूटान के पास एक और ऐसी ताकत है जिसे खरीदा नहीं जा सकता और वह है भरोसा. उन्होंने कहा कि यह भरोसा शांति, राजनीतिक स्थिरता, कानून के राज और अपनी प्रतिबद्धताओं को निभाने के रिकॉर्ड से बना है। 

    भूटान PM के मुताबिक, लंबे समय के निवेशकों के लिए भरोसा बेहद अहम है, क्योंकि इससे भविष्य को लेकर एक तरह की स्थिरता और भरोसा पैदा होता है. उन्होंने कहा कि GMC दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के बाजारों के लिए एक गेटवे के तौर पर काम कर सकता है। 

    टोबगे के बयान में भारत और भूटान के रिश्तों के साथ-साथ GMC प्रोजेक्ट के लिए भारत की भूमिका पर भी खास जोर रहा. उन्होंने भारत के साथ सीमा से जुड़ी अपनी भौगोलिक स्थिति, बाजारों तक पहुंच और दोनों देशों के बीच भरोसे को GMC की बड़ी ताकत के तौर पर पेश किया। 

  • 41वें चक्रधर समारोह में नन्हीं नृत्यांगना आशिका सिंघल ने मोहा मन

    41वें चक्रधर समारोह में नन्हीं नृत्यांगना आशिका सिंघल ने मोहा मन

    रायपुर.

    41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह में 8 साल की नन्हीं कथक कलाकार आशिका सिंघल ने मनोहक प्रस्तुति दी. नृत्यांगना आशिका सिंघल ने  प्रस्तुति की शुरुआत ‘जय-जय जगतजननी देवी…’ स्तुति से की.

    इसके बाद उन्होंने कथक के तोड़ा, 50 चक्कर, टुकड़ा, आमद और तत्कार की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. प्रस्तुति के अगले चरण में आशिका ने श्रीकृष्ण और राधा-रानी की होली-रास पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की. भाव-भंगिमाओं के साथ लय और ताल के सुंदर समन्वय ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए. उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा.

    4 साल की उम्र से सीख रही कथक
    राजकुमार कॉलेज, रायपुर की कक्षा तीसरी की छात्रा आशिका ने महज 4 वर्ष की उम्र से कथक का प्रशिक्षण शुरू किया है. वह अपनी गुरु नेहा सिंह के मार्गदर्शन में कथक की साधना कर रही हैं. आशिका इससे पहले पावस प्रसंग, राज्योत्सव और 40वें चक्रधर समारोह जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं.

  • यूपी ट्रेड शो: अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में चमकेगा रुहेलखंड, बरेली की जरी से मेंथा-फार्मा को मिलेगा बड़ा बाजार

    यूपी ट्रेड शो: अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में चमकेगा रुहेलखंड, बरेली की जरी से मेंथा-फार्मा को मिलेगा बड़ा बाजार

    यूपी ट्रेड शो: अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में चमकेगा रुहेलखंड, बरेली की जरी से मेंथा-फार्मा को मिलेगा बड़ा बाजार

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप स्थानीय हुनर को मिलेगा बड़ा बाजार

    बरेली की सबसे बड़ी भागीदारी, जरी से मेंथा तक दिखेगा दम

    पीलीभीत की नक्काशी, शाहजहांपुर की जरी और रुहेलखंड का स्वाद

    बरेली
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप स्थानीय हुनर और उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की मुहिम में रुहेलखंड बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2026 में बरेली की जरी-जरदोजी, मेंथा, दवा, बांस-बेंत और खाद्य उत्पादों की चमक दिखाई देगी। पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी और शाहजहांपुर की जरी कारीगरी भी खरीदारों के सामने होगी। नए निर्यातकों से लेकर पहले से विदेशों में कारोबार कर रही इकाइयों तक को अलग-अलग मंडप में जगह दी गई है। मंडलायुक्त बरेली शंभू कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्यमों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराने की रही है। इसी दिशा में यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और निर्यातकों के लिए बड़ा मंच बन रहा है। बरेली मंडल से पारंपरिक जरी-जरदोजी और लकड़ी की नक्काशी के साथ दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत से जुड़े उद्यम भी इसमें शामिल हो रहे हैं। 

    बरेली की जरी-जरदोजी दिखाएगी अपना जलवा

    एक जिला-एक उत्पाद में बरेली की छह इकाइयों को जगह मिली है। मनीषा ज्वेलरी सुनारी उद्योग के हस्तशिल्प उत्पाद लेकर पहुंचेगी। कमल ट्रेडर्स, पिंकी जरी आर्ट्स, शिखा जरी आर्ट, ज्योत्सना जरी वर्क और कृष्णा गारमेंट्स बरेली की जरी-जरदोजी की कारीगरी प्रदर्शित करेंगे। पीलीभीत से राशिद हैंडीक्राफ्ट और फाइजाह मलिक लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगे। 

    मसालों से रेजिन कला तक, छोटे उद्योग दिखाएंगे ताकत

     बरेली के छोटे और मझोले उद्योगों की विविधता भी दिखाई देगी। सृष्टिपूर्ति मसाले और मसाला मिश्रण, जबकि नंदू शेफ खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित करेगा। शील कलाकृति हाथ से तैयार रेजिन कला और ग्लिट्ज एंड थ्रेड्स आभूषण लेकर पहुंचेगा। हंकरी आर्ट एंड एसेंस सुगंधित मोमबत्तियां, रेजिन उत्पाद और धागे की चूड़ियां प्रदर्शित करेगा। फार्म टैब हेल्थ केयर दवा उत्पाद लेकर पहुंचेगा। इसके अलावा राजेश जरी गुड्स और रूबी जरी फैशन जरी-जरदोजी, हाथ की कढ़ाई और कृत्रिम आभूषणों के जरिए बरेली की कारीगरी दिखाएंगे। 

    नए निर्यातकों को बड़ा मौका, बरेली की तीन इकाइयों के पांच स्टॉल

    स्टॉल 14 नए निर्यातकों के लिए रखा गया है। इसमें बरेली की तीन इकाइयों को कुल पांच स्टॉल मिले हैं। एचएनवी फार्मा लिमिटेड (हम्बल हेल्थकेयर) दवा उत्पादों के लिए दो स्टॉल लगाएगी। दस्तकार बैम्बू केन डेवलपमेंट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बांस और बेंत से तैयार उत्पाद लेकर पहुंचेगी। सिरमौर सोप्स एंड एलाइड प्रोडक्ट्स साबुन, कपड़े धोने के उत्पाद और झाड़ू के साथ दो स्टॉल लगाएगी। पीलीभीत की पीटीआर ग्लोबल एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड भारतीय लकड़ी से तैयार उत्पादों के साथ यहां मौजूद रहेगी। इसे एक स्टॉल मिला है। 

    मेंथा की खुशबू से कपड़ों और पैकेजिंग तक बरेली की पहुंच

    नियमित निर्यातकों के लिए निर्धारित मंडप 15 में बरेली की तीन इकाइयां शामिल हैं। एसए इंटरनेशनल परिधान लेकर पहुंचेगी। केल्विन नेचुरल मिंट प्राइवेट लिमिटेड मेंथा तेल, पुदीना तेल, मेंथॉल क्रिस्टल और स्पीयरमिंट तेल जैसे उत्पाद प्रदर्शित करेगी। अंजनिनंदन प्रीमियर पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड पॉलीप्रोपाइलीन के थैले पेश करेगी। तीनों इकाइयों को एक-एक स्टॉल मिला है। वहीं पीलीभीत की राशिद हैंडीक्राफ्ट लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद प्रदर्शित करेगी। दारक्षा मलिक और सुभुही जरी-जरदोजी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगी। शाहजहांपुर से कुमकुम जरी वर्क्स जरी और उससे तैयार वस्तुओं के जरिए जिले की कारीगरी को खरीदारों के सामने रखेगी। 

    कारोबार के साथ बदायूं का पेड़ा और बरेली की बर्फी का स्वाद

    व्यापार मेले में सिर्फ उत्पादों का कारोबार नहीं होगा, रुहेलखंड का स्वाद भी लोगों को अपनी ओर खींचेगा। बरेली की अजंता स्वीट्स, रामपुर गार्डन और किप्स की बर्फी को पैकेज्ड खाद्य काउंटर में जगह मिली है। वहीं मोहित शर्मा नाश्ता कॉर्नर के छोले-भटूरे सीधे तैयार कर परोसे जाएंगे। वहीं बदायूं के हब्बू हलवाई का मशहूर पेड़ा भी व्यापार मेले में पहुंचेगा। पीलीभीत का पवन स्वीट हाउस खोया आधारित मिठाइयां और लौंज पेश करेगा। शाहजहांपुर से लोंजे को जगह मिली है। बदायूं के सूरज मिष्ठान भंडार, ककराला को भी स्थानीय व्यंजन के लिए स्टॉल संख्या 33 दिया गया है।  

    जरी के धागे से निर्यात की उड़ान तक

    रुहेलखंड की कारोबारी तस्वीर अब सिर्फ पारंपरिक हुनर तक सीमित नहीं है। एक तरफ बरेली की जरी-जरदोजी और पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी है तो दूसरी ओर दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत जैसे उद्योग भी हैं। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में इन सभी को एक मंच मिलने जा रहा है। सबसे ज्यादा भागीदारी बरेली की दिखाई दे रही है, जिससे देश-विदेश से आने वाले खरीदारों के सामने जिले के पारंपरिक हुनर के साथ बदलती औद्योगिक तस्वीर भी रखी जाएगी।

  • SIR पर चुनाव आयुक्तों में मतभेद की रिपोर्ट, EC ने दी सफाई

    SIR पर चुनाव आयुक्तों में मतभेद की रिपोर्ट, EC ने दी सफाई

     नई दिल्ली
    मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग के अंदर कथित मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद अब आयोग के सूत्रों ने सफाई दी है. ECI सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयुक्त किसी मुद्दे पर विचार के दौरान सवाल उठा सकते हैं, स्पष्टीकरण मांग सकते हैं या अपनी टिप्पणी दे सकते हैं. लेकिन ऐसी टिप्पणी को औपचारिक असहमति यानी डिसेंट नहीं माना जा सकता। 

    सूत्रों ने कहा कि SIR से जुड़े मुद्दों पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने टिप्पणियां की थीं. इन पर फैसले से पहले विचार भी किया गया. लेकिन किसी भी चुनाव आयुक्त ने अंतिम फैसले के खिलाफ औपचारिक डिसेंट दर्ज नहीं कराया. आयोग के मुताबिक, जिन आदेशों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उन पर तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। 

    क्या है ऑब्जर्वेशन और डिसेंट में फर्क?
    चुनाव आयोग के मुताबिक, किसी मामले पर चर्चा के दौरान आयुक्त का सवाल उठाना या अपनी राय रखना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है. तीन सदस्यीय आयोग में सभी चुनाव आयुक्तों की बराबर भूमिका होती है. अगर किसी मुद्दे पर मतभेद हो तो बहुमत की राय के आधार पर फैसला होता है। 

    हालांकि, इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्ति जताई. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने कुछ कदमों को बिना उनकी जानकारी के उठाए जाने पर सवाल भी उठाए थे। 

    पहले भी चुनाव आयोग में दर्ज हो चुका है डिसेंट
    चुनाव आयोग के इतिहास में ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी आयुक्त ने बहुमत की राय से अलग रुख अपनाया हो. 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों समेत आचार संहिता से जुड़ी कुछ शिकायतों पर अपने सहयोगियों से अलग राय रखी थी। 

    2009 में तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी ने सोनिया गांधी की कथित अयोग्यता से जुड़े मामले में चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी और नवीन चावला से अलग राय रखी थी. इन मामलों में आयोग के भीतर अलग राय दर्ज करने की व्यवस्था का इस्तेमाल हुआ था। 

    पहले सिर्फ एक ही चुनाव आयुक्त होता था
    आज तीन सदस्यीय चुनाव आयोग है, लेकिन शुरुआत में ऐसा नहीं था. 1950 में चुनाव आयोग के गठन के समय यह सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त वाला एक सदस्यीय निकाय था. 1950 से 1989 तक आयोग इसी व्यवस्था के तहत काम करता रहा। 

    1989 में पहली बार दो अतिरिक्त चुनाव आयुक्त नियुक्त किए गए, लेकिन उनकी नियुक्ति थोड़े समय के लिए रही. 1990 में आयोग फिर एक सदस्यीय हो गया. इसके बाद 1993 में दो अतिरिक्त चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के साथ तीन सदस्यीय व्यवस्था स्थायी हो गई। 

    इसलिए मौजूदा विवाद में अहम सवाल यही है कि चुनाव आयुक्तों की आंतरिक टिप्पणियों को किस तरह समझा जाए. ECI सूत्र इन्हें सामान्य डेलिबरेशन का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि प्रकाशित रिपोर्ट में इन्हें रिकॉर्ड पर दर्ज आपत्तियों के रूप में पेश किया गया है। 

    आयोग के सूत्रों ने सिस्टम में किसी तरह के केंद्रीय हस्तक्षेप के आरोपों से इनकार किया है. उनका कहना है कि पूरे देश के लिए एक ही सिस्टम है और सभी ईआरओ उसी सिस्टम में डेटा फीड करते हैं. अब तक किसी ने इसको लेकर शिकायत नहीं की है. आयोग के सूत्रों का यह भी कहना है कि अधिकारी भी अलग-अलग विचारधाराओं से प्रभावित हो सकते हैं। 

    आयोग के सूत्रों के मुताबिक, मतभेद लोकतंत्र का आधार हैं और यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है. उनका कहना है कि पिछले 14 महीनों में ऐसे सैकड़ों मौके आए, जब शुरुआत में मतभेद होने के बावजूद आखिर में सर्वसम्मति से राय बनी. इस दौरान सुधार के लिए सैकड़ों कदम भी उठाए गए। 

    चुनाव आयुक्तों पर दावों को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रिया
    चुनाव आयुक्तों को लेकर सामने आई रिपोर्ट पर विपक्षी नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं. टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि अगर दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर कई बार आपत्ति जताई है तो राज्यसभा में पहले से लंबित प्रस्ताव को अब सामने लाना चाहिए. उन्होंने ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी की। 
    वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल समेत विपक्ष के कई नेताओं ने चुनाव आयोग के कामकाज और एसआईआर को लेकर सवाल उठाए हैं. सिब्बल ने आरोप लगाया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने फॉर्म-6 में बदलाव और वोटर लिस्ट से जुड़े फैसलों पर आपत्ति जताई थी। 

    उन्होंने एसआईआर को रोकने और चुनाव आयोग के कामकाज की जांच की मांग की. विपक्ष के अन्य नेताओं, जिनमें कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और जयराम रमेश, आप नेता सौरभ भारद्वाज और शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत शामिल हैं, ने भी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

    पूर्व चुनाव आयुक्त दावों पर क्या बोले?
    पूर्व चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा, "मतभेद कहीं भी हो सकते हैं, लेकिन इलेक्शन कमिशन की मीटिंग के दौरान इन मतभेदों को एक-दूसरे को समझकर और समझाकर दूर किया जाता है. इसी तरह सर्वसम्मति से फैसले लिए जाते रहे हैं. लेकिन यह पहली बार हुआ है कि पिछले दस महीनों में 14 बार दो इलेक्शन कमिशनरों ने विरोध किया, फिर भी फैसले होते गए. कानूनन देखा जाए तो किसी भी एक इलेक्शन कमिशनर के पास अपने स्तर पर कोई पावर नहीं है. इलेक्शन कमिशन में तीनों लोग बैठते हैं, मीटिंग करते हैं और मिलकर फैसले लेते हैं. यही व्यवस्था शक्तिशाली है. किसी एक व्यक्ति को एडमिनिस्ट्रेटिव पावर के नाम पर कोई अतिरिक्त अधिकार नहीं दिया गया है। 

  • बच्चों की थाली बनी सामूहिक जिम्मेदारी, प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण और स्वच्छता पर जोर

    बच्चों की थाली बनी सामूहिक जिम्मेदारी, प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण और स्वच्छता पर जोर

    बच्चों की थाली बनी सामूहिक जिम्मेदारी, प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण और स्वच्छता पर जोर

    ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश के साथ समुदाय की भागीदारी बढ़ाने का अभियान

    रायपुर
     राज्य में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ और ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान व्यापक रूप से चलाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पोषण अभियान और यूनिसेफ के सहयोग से प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गर्म, ताजा, पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    आंगनबाड़ी केंद्रों में पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री के माध्यम से अभिभावकों और समुदाय को बताया जा रहा है कि वे बच्चों की थाली की गुणवत्ता और स्वच्छता पर नजर रखें। भोजन साफ-सफाई से तैयार हो रहा है या नहीं, उसका स्वाद एवं गुणवत्ता कैसी है, बच्चों को क्या और किस प्रकार परोसा जा रहा है—इन विषयों पर चर्चा करने के साथ आवश्यकतानुसार सुधार के सुझाव देने और उसमें सहयोग करने के लिए भी समुदाय को प्रेरित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने 12 सितम्बर को राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह रथ गांव-गांव पहुंचकर माताओं, परिवारों और समुदाय को संतुलित आहार, स्वच्छता तथा बच्चों के शुरुआती विकास के प्रति जागरूक कर रहा है। इसके साथ ही विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से बच्चों के विकास की समय पर पहचान, परामर्श तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ने का कार्य भी सेवा भाव से किया जा रहा है।

    सेवा की कहानी : आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की थाली से जुड़ी सामुदायिक भागीदारी

    प्रदेश के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह के दौरान बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मूल्य को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, माताओं, स्व-सहायता समूहों और समुदाय द्वारा मिलकर प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों द्वारा भोजन कम ग्रहण किए जाने की स्थिति में माताओं से चर्चा कर भोजन के स्वाद और परोसने के तरीके में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।

    आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय एवं मौसमी सब्जियों, दाल और मिलेट जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने के साथ रसोई की स्वच्छता और भोजन परोसते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बच्चों के नियमित वजन एवं विकास की निगरानी भी की जा रही है, ताकि उनके पोषण स्तर में होने वाले बदलावों की समय पर पहचान की जा सके।
    इन प्रयासों से आंगनबाड़ी केंद्रों में समुदाय की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। अब अभिभावक और ग्रामीण भी बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, मेनू और स्वच्छता के बारे में जानकारी लेने के साथ आवश्यक सुझाव दे रहे हैं। यह पहल ‘सेवा की कहानी’ के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना और समुदाय की जिम्मेदारी को सामने ला रही है।

    महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों, पंचायतों, अभिभावकों और समुदाय को पोषण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। 9 सितम्बर से 8 अक्टूबर तक चल रहे राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में रंग-बिरंगी थाली प्रदर्शन, पोषण मेला, माता-पिता की बैठकें, स्वच्छता अभियान और विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

    ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ केवल एक संदेश नहीं, बल्कि प्रदेश के हर बच्चे को स्वस्थ, सुपोषित और बेहतर भविष्य देने का सामूहिक संकल्प है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से यह संकल्प धरातल पर साकार हो रहा है।

  • बेमेतरा जिले में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 28.49 करोड़ रुपये स्वीकृत

    बेमेतरा जिले में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 28.49 करोड़ रुपये स्वीकृत

    बेमेतरा जिले में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 28.49 करोड़ रुपये स्वीकृत

    रायपुर
     छत्तीसगढ़-शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बेमेतरा जिले विभिन्न सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 28 करोड़ 49 लाख 81 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। 

        जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में बेमेतरा जिले के दनिया उद्वहन सिंचाई योजना का विस्तारीकरण कार्य के लिए 3 करोड़ 64 लाख 92 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 254 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। धनेली जलाशय के शीर्ष कार्य बण्डपार मुरमीकरण तथा नहर का रिमाडलिंग एवं लाईनिंग तथा पक्के कार्य के लिए 4 करोड़ 92 लाख 92 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 65 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। हरदी भिभौरी जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 97 लाख 65 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 344 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। छिरहा एनीकट का निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 98 करोड़ 57 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 50 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। टेगना व्यपवर्तन का जीर्णोद्धार एवं लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 98 लाख 29 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 150 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। टेमरी उद्वहन सिंचाई योजना लाईनिंग कार्य का मरम्मत तथा शेष मुख्य नहर एवं 5 माईनरों रिमाडलिंग एवं लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 97 लाख 46 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 473 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

  • CG बिजली उपभोक्ताओं के लिए हर गुरुवार E-KYC कैंप

    CG बिजली उपभोक्ताओं के लिए हर गुरुवार E-KYC कैंप

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) की ओर से डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए 'मोर बिजली एप' के जरिए उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी पूरी कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

    हालांकि, इस तकनीकी प्रक्रिया के दौरान कई उपभोक्ताओं को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य शिकायत यह सामने आ रही है कि जिन उपभोक्ताओं के आधार कार्ड में दर्ज नाम और बिजली उपभोक्ता क्रमांक (बिल) में दर्ज नाम में वर्तनी या अन्य प्रकार का अंतर है, वे ऑनलाइन माध्यम से अपनी ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरी नहीं कर पा रहे हैं।

    हर बुधवार को लगेंगे समाधान शिविर
    उपभोक्ताओं की इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए बिजली कंपनी ने तत्काल राहत प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके तहत नगर वृत्त-एक, रायपुर के अंतर्गत आने वाले सभी नगर संभाग कार्यालयों में प्रत्येक बुधवार को विशेष ई-केवाईसी शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य नाम में भिन्नता या अन्य तकनीकी त्रुटियों के कारण अटके हुए मामलों का मौके पर ही निराकरण करना है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता डिजिटल सुविधाओं का सहज लाभ उठा सकें।

    समय और आवश्यक निर्देश
    बिजली कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह साप्ताहिक शिविर हर बुधवार को सुबह 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक निरंतर संचालित होगा। नगर वृत्त-एक के दायरे में आने वाले सभी संभाग कार्यालयों में उपभोक्ता अपनी बिजली बिल की रसीद, आधार कार्ड और संबंधित दस्तावेज लेकर पहुंच सकते हैं। कंपनी के अधिकारियों ने सभी प्रभावित उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को समय पर पूरा करवाकर बिजली सेवाओं को सुचारू रखें।