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  • महिला आयोग की संयुक्त बैंच में 38 प्रकरणों की सुनवाई, प्रताड़ना और दहेज मामलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

    महिला आयोग की संयुक्त बैंच में 38 प्रकरणों की सुनवाई, प्रताड़ना और दहेज मामलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

    भोपाल

    मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की संयुक्त बैंच ने बुधवार को महिलाओं से जुड़े विभिन्न गंभीर मामलों की सुनवाई की। बैंच के समक्ष कुल 38 प्रकरणों में आवेदक और अनावेदक उपस्थित हुए। इनमें महिला प्रताड़ना, दहेज प्रताड़ना, घरेलू अत्याचार, बलात्कार, यौन शोषण, हिंसा, हत्या और विभागीय विवाद सहित अन्य मामले शामिल थे। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव, सदस्य श्रीमती साधना स्थापक ने प्रकरणों की सुनवाई करते हुए संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

    सुनवाई के दौरान महिला प्रताड़ना के 10, दहेज प्रताड़ना के 5, घरेलू अत्याचार के 5 और बलात्कार के 3 प्रकरण सामने आए। इसके अलावा मारपीट, विभागीय प्रकरण, पारिवारिक विवाद, हत्या, यौन शोषण, हिंसा और अन्य श्रेणी से संबंधित एक-एक प्रकरण की भी सुनवाई हुई। आयोग ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद प्रकरणों की प्रकृति के अनुसार संबंधित अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

    कार्यस्थल पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप

    संयुक्त बैंच के समक्ष कार्यस्थल प्रताड़ना से जुड़ा एक मामला आया, जिसमें एक स्टाफ नर्स ने अस्पताल की प्रभारी मेट्रन और वार्ड इंचार्ज पर लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना किए जाने तथा निजी जीवन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप लगाए। शिकायतकर्ता ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से डॉक्टर की सलाह पर नाइट ड्यूटी से राहत मांगे जाने के बाद उसके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। नर्स ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग आयोग के समक्ष रखी।

    दहेज प्रताड़ना मामले में स्त्रीधन वापस दिलाने की मांग

    दहेज प्रताड़ना के एक अन्य प्रकरण में महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग को लेकर मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना किए जाने तथा स्त्रीधन और आभूषण अपने पास रखे जाने के आरोप लगाए। महिला ने आयोग को बताया कि उसने पूर्व में पुलिस और महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हुआ, लेकिन महिला के अनुसार विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। उसने पति द्वारा लगातार संपर्क किए जाने और बिना बताए मिलने आने का भी आरोप लगाया। महिला ने आयोग से मामले में उचित कार्रवाई और न्याय दिलाने की मांग की।

    आयोग की बैंच ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों से तथ्य प्राप्त किए और संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश दिए। आयोग ने स्पष्ट किया कि उसके समक्ष आने वाले मामलों में शिकायतकर्ता और संबंधित पक्षों की बात सुनकर तथ्यों के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

     

  • रायपुर में 7-8 अक्टूबर को राज्य स्तरीय रोजगार मेला, 8 हजार पदों पर भर्ती

    रायपुर में 7-8 अक्टूबर को राज्य स्तरीय रोजगार मेला, 8 हजार पदों पर भर्ती

    राज्य स्तरीय रोजगार मेला 7 एवं 8 अक्टूबर को रायपुर में

    8 हजार से अधिक पदों पर मिलेंगे रोजगार के अवसर

    अधिकाधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने और व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

    रायपुर 
    प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन 7 एवं 8 अक्टूबर 2026 को राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में किया जाएगा। यह आयोजन मुख्यमंत्री  श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में होगा। रोजगार मेले में तकनीकी एवं गैर-तकनीकी क्षेत्रों के 8 हजार से अधिक पदों की रिक्तियां में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे ।

    कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा रोजगार मेले में प्रदेश के वृहद उद्योगों एवं निजी प्रतिष्ठानों को शामिल कर अधिक से अधिक रिक्त पद युवाओं के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इच्छुक युवा ई-रोजगार पोर्टल पर उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी प्राप्त करने के साथ ही रोजगार मेले के लिए अपना पंजीयन भी करा सकते हैं।

    राज्य एवं जिला स्तरीय रोजगार मेलों में चयनित आवेदकों को कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के करकमलों से ऑफर लेटर वितरित किए जाने की भी तैयारी है। इसके लिए जिलों से चयनित अभ्यर्थियों की सूची 01 अक्टूबर 2026 तक प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    रोजगार मेले में अधिकाधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। साथ ही जिला एवं राज्य स्तरीय रोजगार मेलों में चयनित युवाओं की कार्यक्रम में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।शासन ने इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल बनाने तथा प्रदेश के अधिकाधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर विशेष प्रयास करने को कहा गया है।

  • मध्यप्रदेश के बिजली सेक्टर की तस्वीर दिखाएगा ‘प्रमुख विद्युत समंक 2026’, CM डॉ. यादव ने किया विमोचन

    मध्यप्रदेश के बिजली सेक्टर की तस्वीर दिखाएगा ‘प्रमुख विद्युत समंक 2026’, CM डॉ. यादव ने किया विमोचन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गत दिवस मध्यप्रदेश के विद्युत सेक्टर की जानकारियों व नवीनतम आंकड़ों से परिपूर्ण प्रमुख विद्युत समंक 2026 (सैलियंट पावर स्टैटिस्टिक्स) का ऑल इंडिया डिस्काम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस में विमोचन किया। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर वर्चुअली शामिल हुए। विद्युत उत्पादन, उपलब्धता, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन के नवीनतम आंकड़ों से समाहित बारह पृष्ठीय प्रमुख विद्युत समंक 2026 का प्रकाशन एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के स्टेट प्लानिंग सेल ने किया है।

    प्रमुख विद्युत समंक 2026 पुस्त‍िका में राज्य विद्युत क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में अर्जित की गई प्रमुख उपलब्ध‍ियों के आंकड़ों को शामिल किया गया है। इस पुस्त‍िका में वित्तीय वर्ष 2024-25 व वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण को समाहित किया गया है।

    प्रमुख विद्युत समंक 2026 में दी गई जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में घरेलू बिजली उपभोक्ता की संख्या 1 करोड़ 32 लाख 70 हजार है, वहीं प्रति व्यक्त‍ि विद्युत खपत 1393 किलोवाट प्रति घंटा हो गई। मध्य प्रदेश की उपलब्ध उत्पादन क्षमता वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 26023 मेगावाट हो गई।

    प्रमुख समंक 2026 में मध्यप्रदेश के विद्युत उत्पादन, उपलब्धता, ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्र में अर्जित की गई उपलब्ध‍ि‍यों के आंकड़ों को टेबल, चार्ट, ग्राफ व नक्शे के द्वारा रोचक व आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। समंक में प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता में हुई वृद्ध‍ि, प्रदाय की गई बिजली, शीर्ष मांग, उपभोक्ताओं की संख्या, विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं द्वारा उपभोग की गई बिजली, ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन सिस्ट्म के विकास, प्रति व्यक्त‍ि बिजली खपत इत्यादि आंकड़ों को प्रदर्श‍ित किया गया है। समंक में प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों पूर्व क्षेत्र, मध्य क्षेत्र व पश्च‍िम क्षेत्र द्वारा किए गए कार्यों व अर्जित उपलब्ध‍ियों को कंपनीवार दर्शाया गया है। समंक 2026 की विशेषता इसमें प्रदर्श‍ित किया गया पावर मेप ऑफ मध्यप्रदेश है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री मनीष सिंह, सचिव ऊर्जा व एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले, ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल श्री आलोक कुमार और वरिष्ठ विद्युत अभियंता एवं विशेषज्ञ उपस्थि‍त थे।

     

  • दीक्षांत शपथ का करें आजीवन पालन : राज्यपाल  पटेल

    दीक्षांत शपथ का करें आजीवन पालन : राज्यपाल पटेल

    भोपाल

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीक्षित विद्यार्थियों के लिए भावी जीवन का वास्तविक उपदेश उनकी दीक्षांत शपथ में ही निहित है। इसलिए दीक्षित विद्यार्थी दीक्षांत शपथ का केवल एक दिन नहीं बल्कि आजीवन पालन करें। हमेशा विनम्र रहें। कभी अभिमान नहीं करें। माता-पिता, गुरूजनों और विश्‍वविद्यालय से प्राप्‍त शिक्षा और संस्‍कारों से जीवन में प्रगति प्राप्‍त करें। उन्‍होंने कहा कि दीक्षित होने वाले चिकित्‍सक हर क्षण पीड़ित मानवता की सेवा का संकल्‍प धारण करें। मरीजों के साथ अत्‍यंत आत्‍मीय व्‍यवहार करें। उनकी समस्‍याओं को धैर्य के साथ सुने और उपचार करें।

    राज्‍यपाल  पटेल बुधवार को मानसरोवर ग्‍लोबल विश्‍वविद्यालय सीहोर के “दीक्षांत समारोह और ग्रेजुएशन डे” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्‍होंने प्रख्‍यात भजन गायक पद्म अनूप जलोटा और मध्‍यप्रदेश के अंतर्राष्‍ट्रीय क्रिकेटर  रजत पा‍टीदार को मानद उपाधि प्रदान की। विश्वविद्यालय के दीक्षित विद्यार्थियों को उपाधि और पदक प्रदान किए। सभी को भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित समारोह में उच्‍च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे।

    ''सेवा संकल्‍प की गतिविधियों का करें सतत आयोजन''

    राज्‍यपाल  पटेल ने कहा कि विश्‍वविद्यालय, विद्यार्थियों में सेवा संस्कार विकसित करने के विशेष प्रयास करें। उन्हें वंचित वर्गों के कल्याण की प्रेरणा दें। विशेष अवसरों पर रक्तदान शिविर, सामाजिक सहभागिता आदि पर आधारित गतिविधियों का आयोजन करें। संस्थान के माध्यम से दूरस्थ, ग्रामीण इलाकों के प्रतिभावान बच्चों की बेहतरी के लिए जरूरी कदम उठाए जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने ज्ञान और प्रतिभा से समाज एवं राष्ट्र निर्माण के लिए काम करें। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान दें।

    उच्च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा, व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करती है। जागरूक और आदर्श नागरिक बनाती है। सभी उपाधि प्राप्त विद्यार्थी, समाज और देश के कल्याण के लिए सतत चिंतनशील और प्रयत्‍नशील रहें।

    मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. खेमसिंह डेहरिया ने कहा कि दीक्षित विद्यार्थी, प्राप्त ज्ञान से अपने गांव, प्रदेश, संस्थान और देश का नाम रोशन करें। पद्म अनूप जलोटा ने विद्यार्थियों को जीवन की प्रत्येक सफलताओं में हमेशा विनम्र बने रहने की सलाह दी। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर  रजत पाटीदार ने दीक्षित विद्यार्थियों को प्रत्येक काम पूर्ण मनोयोग से करने और अपने क्षेत्र में निरंतर प्रगति करने की प्रेरणा दी।

    राज्यपाल  पटेल ने समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा और भगवान धनवंतरी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। राज्यपाल  पटेल का विश्वविद्यालय की कुलाधिपति मती मंजुला तिवारी ने पुष्पगुच्छ और पौधा भेंट कर स्वागत किया। स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। स्वागत उद्बोधन प्रो. चान्सलर  गौरव तिवारी ने दिया। वाइस चान्सलर  ए.एस. यादव ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।  ए.एस. राजपूत ने विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलगुरू, पूर्व कुलगुरू, छात्र-छात्राएं और उनके परिजन उपस्थित रहे।

     

  • उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति एवं पूर्ण हो चुके कार्यों के लोकार्पण की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यों की सतत एवं सघन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य संस्थाओं के भवन निर्माण का कार्य पूर्ण होने के बाद उनके संचालन में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ ही आवश्यक उपकरण एवं फर्नीचर की उपलब्धता तथा आवश्यक मानव संसाधन की पदस्थापना की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए, ताकि स्वास्थ्य संस्थाओं का संचालन तत्काल प्रारंभ किया जा सके।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसियों, अस्पताल प्रशासन एवं संबंधित विभागीय एजेंसियों के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित कर निर्माण, उपकरण, फर्नीचर और मानव संसाधन से संबंधित सभी कार्यों की एकीकृत रूप से मॉनिटरिंग की जाए। प्रत्येक स्तर पर निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व निर्धारित लक्ष्य की तुलना में वर्तमान में कम संस्थाएं लोकार्पण के लिए तैयार हो पाई हैं। प्रगति में कमी के कारणों की विस्तृत समीक्षा कर निर्माण कार्यों में आवश्यक गति लाई जाए तथा विलंब के लिए उत्तरदायी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए। बैठक में आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजू एस., प्रबंध संचालक, भवन विकास निगम  सिबी चक्रवर्ती, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ कॉर्पोरेशन लिमिटेड  अवि प्रसाद, विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

     

  • अपेक्स चेयरमैन महेंद्र यादव ने बैंकों की समीक्षा कर दिए ज़रूरी दिशा-निर्देश

    अपेक्स चेयरमैन महेंद्र यादव ने बैंकों की समीक्षा कर दिए ज़रूरी दिशा-निर्देश

    शिवपुरी

    अपेक्स बैंक प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने शिवपुरी प्रवास के दौरान जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, शिवपुरी की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बैंक की कार्यप्रणाली, प्रगति, सहकारी संस्थाओं से जुड़े विषयों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। श्री यादव ने बैंक की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    उन्होंने किसानों एवं सहकारी संस्थाओं को सुगम एवं बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने, बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा सहकारिता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े हैं, इसलिए उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, तत्परता और बेहतर सेवा व्यवस्था सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

    गुना जिला सहकारी बैंक का भी किया निरीक्षण

    उज्जैन प्रवास के लिए जाते समय अपेक्स बैंक प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने गुना जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बैंक के विभिन्न कार्यों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बैंकिंग और सहकारिता से संबंधित विषयों पर चर्चा की। उन्होंने बैंक की कार्यप्रगति की जानकारी लेते हुए बेहतर बैंकिंग सेवाओं एवं सहकारी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

  • BJP ने जारी की राज्य प्रभारियों की सूची, स्मृति ईरानी को हरियाणा-छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी

    BJP ने जारी की राज्य प्रभारियों की सूची, स्मृति ईरानी को हरियाणा-छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी

    नई दिल्ली

    भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नबीन ने राज्यों के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। केंद्रीय सत्ताधारी पार्टी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अपने नए प्रभारियों और सह प्रभारियों के नाम का ऐलान किया है। इसमें सबसे खास पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम है। पहले उन्हें भाजपा की केंद्रीय टीम में शामिल किया गया और अब उन्हें दो बड़े राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है। स्मृति ईरान को छत्तीसगढ़ और हरियाणा में भाजपा प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा भाजपा आईटी सेल की जिम्मेदारी लंबे समय तक संभालने वाले अमित मालवीय को महाराष्ट्र का सह प्रभारी बनाया गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील बंसल को तेलंगाना और बंगाल का प्रभारी बनाया गया है।

    भाजपा के नए प्रभारियों की लिस्ट में उत्तर प्रदेश खास
    देश की राजनीति में अहम जगह रखने वाले उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सत्ताधारी पार्टी ने भी अपनी कमर कस ली है। भाजपा कार्यालय की तरफ से जारी लिस्ट में उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा नेता दिए गए हैं। सबसे बड़ी जनसंख्या वाले राज्य में भाजपा वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े को प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा चार सह प्रभारी बनाए गए हैं। इनमें जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा शामिल हैं।

    बिहार में किसे मिला भाजपा का प्रभार?
    भारतीय जनता पार्टी अपने गठबंधन के साथ भले ही बिहार में सत्ता में हो। लेकिन यहां भी उन्होंने प्रभारियों रूप में एक मजबूत टीम को मैदान में भेजा है। मुख्य प्रभारी के तौर पर भाजपा के अनुभवी नेता हरीष द्विवेदी हैं। वहीं उनके साथ में सह प्रभारी के रूप में संगीता यादव और रोहन गुप्ता को जिम्मेदारी दी गई है।

    पंजाब, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में किसे मिली भाजपा की कमान?
    भारतीय जनता पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव वाले राज्यों के लिए भी अपने प्रभारियों के नाम का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश के साथ अगले वर्ष पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, हिमाचल और गुजरात में चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा इन राज्यों के लिए भी अपने प्रभारियों का चयन कर चुकी है।

    सबसे पहले पंजाब के लिए डॉ. सतीश पूनिया को प्रभारी बनाया गया है। वहीं उनके साथ में वीरेंद्र सचदेवा और अलका गुर्जर को सह प्रभारी पद की जिम्मेदारी दी गई है।

    हिमाचल प्रदेश के लिए भाजपा ने श्रीकांत शर्मा को प्रभारी पद की जिम्मेदारी दी है, जबकि सह प्रभारी पद के लिए दर्शाना सिंह का नाम है।

    गोवा में भारती प्रवीण नायर को प्रभारी बनाया गया है, जबकि अनिल एंटनी को सह प्रभारी बनाया गया है।

    उत्तराखंड की जिम्मेदारी अनुभवी संघ के स्वयंसेवक और भाजपा नेता राम माधव को दी गई है। इसके अलावा अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज को उनका डिप्टी बनाया गया है।

    गुजरात में भाजपा ने वरिष्ठ नेता तरुण चुघ को प्रभारी पद का कार्यभार सौंपा है। उनके डिप्टी के रूप में अजय महावर और गोमती साईं काम करेंगे। वहीं मणिपुर में राजदीप रॉय को प्रभारी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    बिहार के कई नेताओं को अहम जिम्मेदारियां

    हरीश द्विवेदी बिहार बीजेपी के प्रभारी बनाए गए. वहीं रोहन गुप्ता और संगीता यादव बिहार की सह प्रभारी हैं. बिहार बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा विधायक मंगल पांडे असम के प्रभारी बनाए गए. मंगल पांडे बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। 

    बिहार के एक अन्य नेता पूर्व एमएलसी देवेश कुमार अरुणाचल प्रदेश के प्रभारी बनाए गए. देवेश कुमार ने पिछले दिनों विधान परिषद से इस्तीफा दिया था उनकी तरफ से खाली की गई सीट पर मंत्री दीपक प्रकाश एमएलसी बने थे. मंत्री दीपक प्रकाश उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। 

    बिहार से बीजेपी की एमएलसी निवेदिता सिंह झारखंड की सह प्रभारी बनाई गई. बिहार से आने वाले राजेंद्र सिंह को पश्चिम बंगाल का सह प्रभारी बनाया गया. बिहार की पिंकी कुशवाहा को भी पश्चिम बंगाल का सह प्रभारी बनाया गया। 

    इसके अलावा राम माधव उत्तराखंड के नए प्रभारी हैं. वहीं बांसुरी स्वराज सह प्रभारी। 

    विनय सहस्रबुद्धे को BJP की दिल्ली यूनिट का इंचार्ज बनाया गया. जमयांग नामग्याल और दर्शना जरदोश को को-इंचार्ज बनाया गया। 

    दिए गए दस्तावेज़ (प्रेस विज्ञप्ति) के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारियों एवं सह-प्रभारियों की सूची की तालिका इस प्रकार है:

    क्रमांकराज्य / केंद्र शासित प्रदेशप्रभारीसह प्रभारी
    1अंडमान एवं निकोबारजय प्रकाश—
    2अरुणाचल प्रदेशडॉ. देवेश कुमार—
    3आंध्र प्रदेशडॉ. अरविंद भदौरियावनथी श्रीनिवासन
    4असममंगल पांडेफांग्नोन कोन्याक, मनोज टिग्गा
    5बिहारहरीश द्विवेदीसंगीता यादव, रोहन गुप्ता
    6चंडीगढ़महेंद्र पांडे—
    7छत्तीसगढ़स्मृति ईरानीसिद्धार्थ शंभू
    8दादरा नगर हवेली एवं दमन और दीववर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी—
    9दिल्लीडॉ. विनय सहस्रबुद्धेजामयांग त्सेरिंग नामग्याल, दर्शानाबेन जरदोश
    10गोवाडॉ. भारती प्रवीण पवारअनिल एंटनी
    11गुजराततरुण चुघअजय माहावर, गोमती साई
    12हरियाणास्मृति ईरानीडॉ. भोला सिंह
    13हिमाचल प्रदेशश्रीकांत शर्मादर्शाना सिंह
    14जम्मू-कश्मीरडॉ. सतीश पूनियारीना कश्यप
    15झारखंडगजेंद्र पटेलसौरभ सिंह, निवेदिता सिंह
    16कर्नाटकहरीश द्विवेदीडॉ. एम. वेंकटेश्वरलु
    17केरलप्रो. एम. नागराजाएम. वेंकटेशन
    18लद्दाखराजकुमार भाटिया—
    19लक्षद्वीपजॉर्ज कुरियन—
    20मध्य प्रदेशबितुल कुमार देबरेखा वर्मा
    21महाराष्ट्रबैजयंत जय पांडाअमित मालवीय, सदानंद शेट तानावडे, कमलजीत सहरावत
    22मणिपुरडॉ. राजदीप रॉय—
    23मेघालयकनाद पुरकायस्थडॉ. नुमल मोसमन
    24मिजोरमडॉ. भागवत कराड—
    25नगालैंडअनिल एंटनी—
    26ओडिशाडी. पुरंदेश्वरीडॉ. स्वदेश सिंह
    27पुडुचेरीके. सुरेंद्रन—
    28पंजाबडॉ. सतीश पूनियावीरेंद्र सचदेवा, डॉ. अलका गुर्जर
    29राजस्थानसंजय भाटियाकविता पाटीदार, कुलजीत चहल
    30सिक्किमराजू बिष्ट—
    31तमिलनाडुराम माधवनिर्मल कुमार सुराणा, डी.के. अरुणा
    32तेलंगानासुनील बंसलअभय पाटिल, रेखा शर्मा
    33त्रिपुरामृगांका देव बर्मन—
    34उत्तर प्रदेशविनोद तावड़ेजगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप शर्मा, अनंत ओझा
    35उत्तराखंडराम माधवअरविंद मेनन, बांसुरी स्वराज
    36पश्चिम बंगालसुनील बंसललाल सिंह आर्य, राजेंद्र सिंह, पिंकी कुशवाहा

     

     

     

  • मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी के पांच सारथियों को किया सम्मानित, कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को प्रदान किया चेक

    मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी के पांच सारथियों को किया सम्मानित, कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को प्रदान किया चेक

    मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी के पांच सारथियों को किया सम्मानित, कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को प्रदान किया चेक

    भारत टैक्सी और तीन प्रमुख संस्थाओं के बीच एमओयू का आदान-प्रदान 

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत टैक्सी के पांच सारथियों सुमनदीप कौर, अमित कुमार अग्रवाल, अमरीश सोनकर, शशांक पांडेय और पंकज कुमार वर्मा को मंच पर शेयर प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण के चेक भी वितरित किए, जिसमें अनिल कुमार सिंह को छह लाख रुपये, अंकुश कुमार को पांच लाख रुपये, अवधेश कुमार को चार लाख 50 हजार रुपये, बाबूलाल राजपूत को तीन लाख रुपये और संजय को दो लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया। इस अवसर पर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता विभाग जेपीएस राठौर ने मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम के लाभांश के रूप में दो करोड़ 69 लाख रुपये का चेक भी सौंपा।

    मुख्यमंत्री के समक्ष भारत टैक्सी के साथ तीन एमओयू

    मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मंच पर भारत टैक्सी और तीन प्रमुख संस्थाओं के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। भारत टैक्सी के सीईओ हिमांशु ने अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन सिंह, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के मैनेजिंग डायरेक्टर सुशील कुमार तथा यातायात एवं सड़क सुरक्षा, लखनऊ के डीआईजी अरविंद कुमार मौर्य के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया।

    भारत टैक्सी से युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर : ब्रजेश पाठक
    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सहकारिता विभाग समाज के गरीब, किसान और मध्यम वर्ग से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूर्ववर्ती सरकारों में यह विभाग अपनी मूल भावना से भटक गया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सहकारिता विभाग को नई दिशा मिली है और आज सहकारी बैंक लाभ की स्थिति में हैं, जिसका लाभ किसानों और आम लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्तर पर सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद देश में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य तेजी से हुआ है। भारत टैक्सी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें अपनी गाड़ी, अपना ड्राइवर और अपनी कमाई की व्यवस्था होगी तथा पैसा स्थानीय स्तर पर परिवार और अर्थव्यवस्था में ही घूमेगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से भारत टैक्सी को सफल बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने तथा स्वयं को इसका ब्रांड एंबेसडर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब अपराध और कट्टा संस्कृति के स्थान पर कलम, शिक्षा और विकास की संस्कृति मजबूत हुई है। 

    उत्तर प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में हो रहा उल्लेखनीय कार्य: मुरलीधर मोहोल
    केंद्रीय सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि आज लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी भारत टैक्सी की सेवा शुरू हो रही है तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 50 हजार से अधिक लोग ऑनलाइन इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। भारत टैक्सी के संबंध में उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ड्राइवर भाई-बहनों के खातों में पहुंच चुकी है। वर्तमान में भारत टैक्सी देश के करीब 15 शहरों में संचालित हो रही है और लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर तथा प्रयागराज के जुड़ने के साथ उत्तर प्रदेश में अब तक करीब 40 हजार ड्राइवरों ने पंजीकरण कराया है। 
    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के नेतृत्व में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। प्रदेश में करीब 42 हजार सहकारी समितियां कार्यरत हैं। पैक्स के कंप्यूटरीकरण और ग्रामीण बैंकों के डिजिटलीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का सहकारिता मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी बन सकता है और भारत टैक्सी इस सहकारिता आंदोलन को मोबिलिटी के क्षेत्र में नई गति देने वाली महत्वपूर्ण पहल है।

  • आयुर्वेद है रोग से बचाव की जीवन पद्धति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    आयुर्वेद है रोग से बचाव की जीवन पद्धति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय योग और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति पुन: विश्व में प्रतिष्ठित हुई है। भारतीय संस्कृति और जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है। हमारी रसोई की वस्तुएं और भोजन में मसाले भी आयुर्वेद पर आधारित हैं। भारतीय संस्कृति और वेदों के ज्ञान में सर्वे भवन्तु सुखिन: और वसुधैब कुटुम्बकम की भावना छिपी है। हम दुनिया के सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं और पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखते हैं। आयुर्वेद एकमात्र पैथी है, जो इस सिद्धांत में विश्वास करती है कि स्वास्थ्य केवल रोग का उपचार नहीं, रोग से बचाव भी है। आयुर्वेद, आहार-विचार और व्यवहार में संतुलन रखना सिखाता है। इसमें बीमारी से पहले ही व्यक्ति को स्वस्थ रखना महत्वपूर्ण है। कोरोना काल में मानव जीवन की रक्षा में योग, प्राणायाम और आयुर्वेद ने अपनी सामर्थ्य सिद्ध की है। भारत का गौरवशाली अतीत पश्चिमी देशों में पुन: प्रतिष्ठित हो रहा है। इस साल स्कॉटलैंड के एडिनबरा में दुनिया के सबसे पुराने सर्जिकल संस्थान रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स में शल्य क्रिया के जनक महर्षि सुश्रुत की प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 तक आयुष का बाजार लगभग 3 बिलियन डॉलर था, जो अब बढ़कर 43 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। राज्य सरकार आयुर्वेद को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष इंटर्न चिकित्सकों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर कहा कि इस विषय पर आयुष मंत्री  इंदर सिंह परमार से चर्चा उपरांत समुचित निर्देश दिए जा चुके हैं। शीघ्र ही इंटर्न चिकित्सकों को शुभ समाचार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    आयुर्वेद प्रदर्शनी का हुआ शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाविद्यालय के रजत जयंती ऑडिटोरियम में भगवान धन्वंतरि जी की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इससे पहले परिसर में रक्त चंदन का पौधा रोपा तथा पारम्परिक चिकित्सा पद्धति से जनसामान्य को जोड़ने के लिए लगाई गई आयुर्वेद प्रदर्शनी का शुभारंभ कर विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन भी किया।

    स्टेट कंपोजिट हर्बल गार्डन का हुआ लोकार्पण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुर्वेद दिवस पर प्रदेशवासियों को कई सौगातें प्रदान की। इसके अंतर्गत 184 करोड़ रुपए की लागत से बने 25 आयुष भवनों, अस्पतालों और महाविद्यालयों की सौगात प्रदेशवासियों को सौंपी। उन्होंने 4 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत से बने 12 आयुष भवनो का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 179 करोड रुपए की लागत से 13 आयुष भवन चिकित्सालयों और आयुर्वेद महाविद्यालयों की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में 6 एकड़ क्षेत्र में बने स्टेट कंपोजिट हर्बल गार्डन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय बहुल डिंडौरी जिले में आयुर्वेद को प्रोत्साहन देने के लिए स्थापित 102 करोड़ रुपए लागत के महाविद्यालय का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष वेलनेस पर्यटन केंद्र के नामों का अनावरण किया, अब ये केंद्र आयुष आरोग्यम धाम के रूप में जाने जाएंगे। साथ ही उन्होंने प. खुशीलाल महाविद्यालय में स्थापित हर्बल गार्डन ऑफ स्टेट इंपोर्टेंस के जन प्रवेश का शुभारंभ भी किया।

    खगोलीय गणना पर निर्धारित हुआ है आयुर्वेद दिवस

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत ने दुनिया को अष्ट सिद्धियों के माध्यम से अपना महत्व बताया है। इन सिद्धियों में शून्य, दशमलव, योग, आयुर्वेद, खगोल विद्या, ज्योतिष विद्या, वास्तुकला और आध्यात्म भी शामिल है। खगोल शास्त्र की गणना अनुसार 23 सितंबर को दिन और रात का समय बराबर है। इसीलिए इस दिन को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने की पहल की गई है। इसी प्रकार 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। दुनिया के 200 से अधिक देशों में योग दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 21 जून को सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायण में प्रवेश करता है। भारतीय संस्कृति सूर्य आधारित रही है।

    शरीर मंदिर जैसा पवित्र है, इसे आयुर्वेद से रखें निरोगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुर्वेद के विशेषज्ञ मानते हैं कि जब किसी इलाके में कोई बीमारी फैलती है तो उसकी औषधि आसपास 25 से 30 किलोमीटर के दायरे में मौजूद होती है। हम बीमार होने पर ही इलाज क्यों ढूंढें। इसीलिए वेलनेस की संकल्पना रखी गई है। हमें अपनी दिनचर्या और खानपान के बल पर स्वयं को स्वस्थ रखने का प्रयास करना चाहिए। योग और आयुर्वेद आधारित जीवनशैली अपनाकर हम बिना किसी कठिनाई के निरोग रह सकते हैं। ईश्वर ने हमें शरीर रूपी मंदिर दिया है, जिसे हमें स्वस्थ रखने का प्रयास करना चाहिए। कोविड के दौर में आयुर्वेद की महिमा सबने देखी है। आयुर्वेद ऐसी चिकित्सा पद्धति है, जो जीवनभर हमें निरोग रखती है।

    पर्यटन से भी आयुष चिकित्सा पद्धति को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जा रहा है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पहला आयुर्वेदिक महाविद्यालय भवन 1916 में ग्वालियर में बना। उसके बाद 1972 में तीन भवन जबलपुर, इंदौर और उज्जैन में बने। इसके बाद बुरहानपुर और फिर भोपाल में पंडित खुशीलाल महाविद्यालय की स्थापना की गई। हमारी सरकार ने प्रदेश में 9 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय स्थापित करने की शुरुआत की है। आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2002-03 के मुकाबले आयुष विभाग के बजट में 16 गुना वृद्धि की है। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 12 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं। राज्य सरकार पर्यटन के माध्यम से आयुष चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित कर रही है।

    प्रदेश में 1,773 आयुर्वेदिक औषधालय, 800 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 58 आुयष विंग संचालित

    उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति के भविष्य में आयुर्वेद का अपना अलग स्थान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में लगातार मेडिकल और आयुर्वेदिक महाविद्यालयों की संख्या बढ़ रही है। प्रदेश में 2023 तक 7 आयुर्वेदिक और 2 होम्योपैथी व यूनानी पद्धति के महाविद्यालय थे। प्रदेश में 9 आयुष महाविद्यालयों का संचालन किया जा रहा है और अभी 8 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में 1,773 आयुर्वेदिक औषधालय, 800 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 58 आयुष विंग काम कर रहे हैं। प्रदेश के 31 सिकल सेल प्रभावित जिलों में भी आयुष विभाग सक्रिय है। आम नागरिकों को योग सिखाने के लिए कक्षाएं प्रारंभ की गई है।

    आयुष विभाग आयुर्वेदिक चिकित्सा और चिकित्सकों को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित

    प्रमुख सचिव आयुष  शोभित जैन ने कहा कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि हमारी समातन सभ्यता का महत्वपूर्ण अंग है। यह दवाओं के साथ मन, शरीर और आत्माओं के संतुलन पर आधारित है। आयुर्वेद ने सदियों पहले वेलनेस की अवधारणा को बता दिया था। चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में इसका उल्लेख मिलता है। आयुष विभाग आयुर्वेदिक चिकित्सा और चिकित्सकों को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित है।

    कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, विधायक  भगवानदास सबनानी, म.प्र. हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष  ओम जैन,  रविंद्र यति, आयुष आयुक्त मती ऊषा महेश्वरी सहित विभागीय अधिकारी, आयुष चिकित्सक तथा अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या आयुष के विद्यार्थी में उपस्थित थे।

     

  • रायपुर : राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने किया कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण

    रायपुर : राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने किया कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण

    रायपुर : राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने किया कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण

    छात्राओं से संवाद कर जानी समस्याएं, शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश    

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने राज्य महिला आयोग की टीम के साथ शंकर नगर, रायपुर स्थित राज्य स्तरीय पोस्ट मैट्रिक पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास में रह रही छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं, आवश्यकताएं और सुझाव सुने तथा छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
        डॉ. ममता साहू ने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, आवासीय सुविधाओं सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। छात्राओं द्वारा बताई गई समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र निराकरण तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, ताकि वे निर्बाध रूप से अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए आगे बढ़ सकें।
        निरीक्षण के दौरान राज्य महिला आयोग की ओर से श्रीमती मंजू थदानी एवं श्रीमती रश्मी तिवारी, सखी वन स्टॉप सेंटर रायपुर की संरक्षण अधिकारी श्रीमती प्रीति पांडेय सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।