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  • मीराबाई चानू ने जीता सिल्वर, नॉर्थ कोरिया की री सॉन्ग गुम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड

    मीराबाई चानू ने जीता सिल्वर, नॉर्थ कोरिया की री सॉन्ग गुम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड

     नागोया 

    एशियन गेम्स 2026 के वेटलिफ्टिंग एरीना में बुधवार को मीराबाई चानू ने आखिरकार वह मेडल हासिल कर लिया जिसका इंतजार सालों से था. महिला 49 किग्रा वर्ग में उन्होंने 198 किलो के टोटल के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया. हालांकि उनसे देश को गोल्ड मेडल की उम्मीद थी। 

    स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो उठाकर मीराबाई ने भारत को 1998 के बाद पहला एशियन गेम्स वेटलिफ्टिंग मेडल दिलाया. कर्णम मल्लेश्वरी के ब्रॉन्ज के 28 साल बाद यह उपलब्धि आई है। 

    टोक्यो ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई का यह सिल्वर उनके कलेक्शन को और खास बना दिया. मीराबाइ्र के पास पहले से ओलंपिक सिल्वर, तीन वर्ल्ड चैम्प‍ियनश‍िप मेडल (जिसमें एक गोल्ड शामिल), कई कॉमनवेल्थ गेम्स और कॉमनवेल्थ चैम्प‍ियनश‍िप खिताब तथा एशियन चैम्प‍ियनश‍िप ब्रॉन्ज मौजूद है। 

    लेकिन गोल्ड का सपना फिर टूट गया. नॉर्थ कोरिया (नॉर्थ कोर‍िया का मेडल टैली में नाम डेमोक्रेट‍िक पीपल्स र‍िपब्ल‍िक ऑफ कोर‍िया) की दो बार की वर्ल्ड चैम्प‍ियन री सॉन्ग गुम  ने 215 किलो (94 किलो स्नैच + 121 किलो क्लीन एंड जर्क) के साथ गोल्ड मेडल जीत। 

    उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ते हुए एशियन गेम्स खिताब का हैट्रिक भी पूरा कर लिया. मीराबाई ने स्नैच में शुरुआत 83 किलो से की, फिर 85 और 87 किलो सफलतापूर्वक उठाकर पहले हाफ में तीसरे स्थान पर रहीं. क्लीन एंड जर्क में 111 किलो के बेस्ट लिफ्ट के साथ उन्होंने मेडल पक्का किया। 

    दो बार पहले निराश होने के बाद आखिरकार एशियन गेम्स मेडल उनके नाम हो गया. लेकिन किम जोंग उन के देश की लिफ्टर ने रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ सपना अधूरा छोड़ दिया। 

    री सॉन्ग गुम ने कौन से र‍िकॉर्ड बनाए 
    नॉर्थ कोरिया की दो बार की विश्व चैम्प‍ियन  री सॉन्ग गुम ने 215 किलो (94 किलो स्नैच + 121 किलो क्लीन एंड जर्क) के साथ गोल्ड मेडल जीता तो जीता ही उन्होंने एक ही दिन में वर्ल्ड रिकॉर्ड (WR), एशियन रिकॉर्ड (AR) और एशियन गेम्स रिकॉर्ड (GR) तीनों अपने नाम कर लिए. उनका यह प्रदर्शन 23 सितंबर 2026 को आइची-नागोया में हुआ। 

  • MP में 25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा

    MP में 25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा

    प्रदेश में 25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भेल दशहरा मैदान भोपाल से 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना

    शुरुआती चरण में लगभग 1500 बसों का शुरू हो जाएगा संचालन

    भोपाल
      मध्यप्रदेश के नागरिकों को सुलभ, सुरक्षित, आधुनिक  एवं पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा प्रदेश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। परिवहन विभाग की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का 25 सितंबर 2026 को शुभारंभ होगा। भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुरुआती चरण में 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न शहरों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना, दैनिक यात्रियों को राहत पहुंचाना और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1500 बसें चलना शुरू हो जाएंगी। 

    दो श्रेणियों में शुरू होंगी बस सेवाएं

    कार्यक्रम के दौरान 351 बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसे दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें 120 इंटरसिटी बसें हैं। ये बसें दो या दो से अधिक शहरों के बीच आवागमन को सुगम और तीव्र बनाएंगी। 231 इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और सस्ती यात्रा सुविधा प्रदान करेंगी।

    7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों  की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल है। इंदौर में 145 बस, जिसमें 50 इंटरसिटी, 95 इंट्रासिटी,  भोपाल के लिए 106 बसें, जिसमें  23 इंटरसिटी, 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें, जिसमें  14 इंटरसिटी, 53 इंट्रासिटी। रीवा की 18 इंटरसिटी बस, देवास की 10 इंटरसिटी बस, कटनी की 3 और भिंड की  2 इंटरसिटी बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

    लगभग 15,000 सार्वजनिक बसें की जाएंगी संचालित
     
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत वर्ष 2031 तक 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती दी जाएगी। प्रदेशभर में लगभग 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्रदान होगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प किया जाएगा। 

    इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर 

    प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा। 

    इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी निगरानी

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत संचालित बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन सेंटरों के माध्यम से बसों के संचालन, लोकेशन, समयबद्धता एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इससे यात्री परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। सभी बसों को 07 सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग (VLTD) सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (PIS), ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी। 

    पीपीपी मॉडल के जरिए निजी ऑपरेटरों की सशक्त भागीदारी
    जन-निजी भागीदारी (PPP) को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएगी। इस मॉडल से निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने, नॉन-फेयर रेवेन्यू (जैसे विज्ञापन व कार्गो सेवाएं) बढ़ाने और आधुनिक डिपो व टर्मिनलों के उपयोग की सुविधाएं मिलेंगी साथ ही प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी मिलेगा। 

    परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

    प्रदेश में सुगम यात्री परिवहन सेवा शुरू होने से परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यात्री परिवहन के विस्तार से प्रदेश में बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
     

  • गरबा को लेकर BJP विधायक का विवादित बयान, हिंदू लड़कियों पर किया दावा

    गरबा को लेकर BJP विधायक का विवादित बयान, हिंदू लड़कियों पर किया दावा

    इंदौर

    गरबे में मुस्लिमों के प्रवेश को लेकर एमपी में सियासी घमासान मचा हुआ है। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के बाद महू विधायक उषा ठाकुर ने तेवर दिखाए हैं। साथ ही उन्होंने आंकड़ों के साथ एक दलील भी दी है। उन्होंने कहा कि गरबे से हर साल विधर्मियों के साथ साढ़े चार लाख लड़कियां भाग जाती हैं।

    भागने के बाद एक-एक बच्चा पैदा करतीं
    पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि विधर्मियों के साथ भागने के बाद ये लड़कियां अगले साल एक-एक बच्चा पैदा करती हैं। पूरे साल गरबे के दौरान साढ़े चार लाख बेटियां विधर्मियों के साथ भागती हैं। फिर बच्चों को जन्म देती हैं। इसकी वजह से हर साल 9 लोग बढ़ रहे हैं। इससे जनसांख्यिकी पर असर पड़ रहा है।

    मूर्ति पूजा नहीं करने वालों का प्रवेश निषेध
    उन्होंने कहा कि हमारे सभी संगठनों ने यह निर्णय लिया है कि मूर्ति पूजा नहीं करने वाले लोगों को हम गरबा पंडालों में प्रवेश निषेध करेंगे। ये लोग षड्यंत्र के अंतर्गत कभी तिलक लगाकर तो कभी कलावा बांधकर आते हैं।

    बेटियों को भ्रमित करते
    विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि ये लोग हमारे गरबे में शामिल होते हैं और बेटियों को भ्रमित करते हैं। फिर उनका जीवन नरक बताते हैं। ऐसी विद्या कोई भी राष्ट्रभक्त नागरिक इसे आगे नहीं बढ़ने देगा।

    जो मूर्ति पूजा नहीं करते उनको प्रवेश नहीं
    भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि जनसांख्यकी पर पड़ रहे असर को देखते हुए हमारे सभी संगठनों ने प्रण किया कि किसी भी गरबा पांडाल में उन लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा जो मूर्ति पूजा नहीं करते हैं। दूसरे धर्म के ऐसे लोगों को प्रतिबंधित किया जाएगा जो साजिश के तहत कलावा बांधकर या तिलक लगाकर गरबा पांडालों में प्रवेश करते हैं।

    हिंदू बहन बेटियों को भ्रमित करने आते हैं विधर्मी
    उषा ठाकुर ने यह भी कहा कि गरबा पंडालों में कुछ लोग हिंदू बहन बेटियों को कथित तौर पर भ्रमित करने के उद्देश्य से पहुंचते हैं। ऐसे विधर्मी लोग हमारी बेटियों का जीवन नर्क बनाते हैं। कोई भी राष्ट्रभक्त नागरिक ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने दे सकता है। गरबा पांडालों में विधर्मियों की एंट्री पर रोक लगाई जानी चाहिए।

    गरबा का मूल धार्मिक स्वरूप बरकरार रखें
    भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि गरबा शक्ति की साधना से जुड़ा नृत्य है। पारंपरिक गरबा में साधना और धार्मिक भावना प्रमुख थी लेकिन अब कई आयोजन महंगे डिजाइनर परिधानों, गहनों और टैटू के प्रदर्शन तक सीमित हो रहे हैं। गरबा के मूल धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

    अपनी बहन बेटियों को भी लाएं मुस्लिम- BJP विधायक
    मध्य प्रदेश के ही भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी गरबा उत्सवों में मुसलमानों के प्रवेश को लेकर एक तीखी टिप्प्णी की है। भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुस्लिम युवक गरबा में अकेले क्यों आते हैं? उनको भी अपनी बहन, बेटियों को साथ लाना चाहिए। इस बयान पर विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

    गरबे के व्यवसायिक स्वरूप पर लगे प्रतिबंध
    इसके साथ ही उन्होंने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि गरबे के व्यवसायिक स्वरूप पर प्रतिबंध लगना चाहिए। उनमें साधना अब समाप्त हो गया है। गरबा शक्ति की साधना का पर्व है। धर्म संस्कृति की रक्षा करें। अब यह गहने और टैटू प्रदर्शन का माध्यम बन गया है। हमारी धार्मिक संस्कृति इस बात की अनुमति नहीं देती है।

    गौरतलब है कि उषा ठाकुर से पहले भोपाल से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी गरबे में एंट्री को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अकेले क्यों आना है, बहन-बेटियों के साथ आओ, हमारे छोरे भी तैयार हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि जिन्हें आना हैं, वो परमानेंट आ जाएं।

    इंदौर में अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऊषा ठाकुर ने कहा कि इन सभी विसंगतियों से बेटियों को बचाना और जागरूक करना जरूरी है। शक्ति की साधना का वास्तविक स्वरूप लोगों के सामने लेकर जाना जरूरी है। दुर्गा उत्सव साधना का पर्व है। यह कोई प्रदर्शन या नृत्य मंडली नहीं है। उन्होंने कहा कि लव जिहाद के कठोर कानून से हमारी बेटियों के जीवन की सुरक्षा का दायरा बढ़ा।

    उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्रीय विषय आता है तो कांग्रेस व अल्पसंख्यक लोग कहते हैं कि यह हमारे धर्म के विरुद्ध है। वंदेमातरम गाने में भी परेशानी है, क्योंकि उसमें भारत माता का साकार स्वरूप है। यह कहने के बाद भी गरबा पंडालों में क्यों जाते हैं? उनके धर्म में उनको मूर्ति पूजा की अनुमति नहीं है, फिर भी ये कलावा बांधकर, तिलक लगाकर पहचान छिपाकर ऐसे आयोजनों में जाते हैं और हमारी बेटियों को धोखा देते है। यह पूरी तरह बंद होना चाहिए।

  • CM योगी आज भारत टैक्सी और कृषक समृद्धि योजना का करेंगे शुभारंभ

    CM योगी आज भारत टैक्सी और कृषक समृद्धि योजना का करेंगे शुभारंभ

    सीएम योगी बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का करेंगे शुभारंभ

    मुख्यमंत्री करेंगे ई-पोर्टल व मोबाइल ऐप की लॉन्चिंग, किसानों और ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म

    मुख्यमंत्री आवास पर होगा एमओयू और ऋण स्वीकृति पत्र का वितरण

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार (23 सितंबर) को भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करेंगे। लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल mkksylb.in, सहकारिता विभाग के उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप एवं उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर के मोबाइल ऐप यूपीसीडीसी की लॉन्चिंग की जाएगी। 

    इस दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल, लखनऊ पुलिस एवं भारत टैक्सी के मध्य एमओयू होगा। साथ ही भारत टैक्सी के सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र वितरित किया जाएगा। सीएम योगी मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र भी वितरित करेंगे। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह मौजूद रहेंगे।

  • 29 दवाओं के सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल, दिल्ली में एक दवा नकली मिली

    29 दवाओं के सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल, दिल्ली में एक दवा नकली मिली

       नई दिल्ली
    दवाओं से जुड़ी एक चिंताजनक खबर सामने आई है. विभिन्न कंपनियों द्वारा बनाई गई 29 दवाओं के सैंपल को 'मानक गुणवत्ता के नहीं' (NSQ) पाया गया. स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने मंगलवार इसकी जानकारी दी. बताया गया कि सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरीज ने अगस्त के अपने मासिक ड्रग अलर्ट में ऐसा पाया था। 

    फिर राज्य की ड्रग-टेस्टिंग लेबोरेटरीज ने भी 191 दवाओं के सैंपल को NSQ पाया है। 
     
    रूटीन रेगुलेटरी सर्विलांस के तहत, NSQ और नकली दवाओं की लिस्ट हर महीने सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) के पोर्टल पर दिखाई जाती है। 

    स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, 'अगस्त 2026 के महीने के लिए, सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरीज ने 29 दवाओं के सैंपल को मानक गुणवत्ता के नहीं (NSQ) के तौर पर पहचाना है और राज्य की ड्रग्स टेस्टिंग लेबोरेटरीज ने 191 दवाओं के सैंपल को NSQ पाया है। 

    बयान में कहा गया है कि दवाओं के सैंपल को NSQ के तौर पर तब पहचाना जाता है जब वे तय क्वालिटी पैरामीटर्स (गुणवत्ता के मानकों) में से किसी एक या अधिक में फेल हो जाते हैं. यह कमी सरकारी लैब द्वारा टेस्ट किए गए बैच के ड्रग प्रोडक्ट्स तक ही सीमित होती है और इससे बाजार में उपलब्ध अन्य ड्रग प्रोडक्ट्स को लेकर कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। 

    इसके अलावा, दिल्ली के नेशनल कैपिटल टेरिटरी (NCT) से एक दवा के सैंपल को नकली पाया गया है. यह दवा अनधिकृत निर्माताओं द्वारा किसी दूसरी कंपनी के ब्रांड नाम का इस्तेमाल करके बनाई गई थी. मामले की जांच चल रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। 

    बयान में कहा गया है कि NSQ और नकली दवाओं की पहचान करने की यह कार्रवाई राज्य के रेगुलेटर्स के साथ मिलकर नियमित रूप से की जाती है ताकि यह पक्का किया जा सके कि ऐसी दवाओं की पहचान हो और उन्हें बाजार से हटाया जा सके। 

  • दिल्ली से इलाज के बाद लौटेंगे BJP अध्यक्ष किरण देव

    दिल्ली से इलाज के बाद लौटेंगे BJP अध्यक्ष किरण देव

    रायपुर.

    भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष किरण देव करीब 2 महीने बाद बुधवार 23 सितंबर को नई दिल्ली से छत्तीसगढ़ लौटेंगे. वे शाम 5.55 बजे नियमित विमान से दिल्ली से रवाना होकर करीब 8 बजे रायपुर माना विमानतल पहुंचेंगे.

    किरण देव के दिल्ली से वापसी पर भाजपा ने स्वागत की तैयारी की है. जिसके तहत जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र से भी उनके समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता रायपुर आ आएंगे. भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरणदेव का गत 29 जुलाई को एक सड़क दुर्घटना के शिकार हुए थे. उनका इलाज पहले झांसी स्थित मेडिकल कॉलेज में चला, फिर उन्हें गुडगांव स्थित मेदांता अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया. मेदांता अस्पताल में गत 3 अगस्त को उनके हिप हेयर फ्रेक्चर का ऑपरेशन हुआ. तब से वे नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे.

    सड़क दुर्घटना के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष करीब दो महीने नई दिल्ली में ही रहे. उनके 17 सितंबर को जन्मदिन को आने की चर्चा थी, लेकिन डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें रूकना पड़ा. उनके साथ मौजूद स्टाफ का कहना हैं कि फिलहाल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वस्थ्य हैं. उनका फिजियोथैरपी सेशन भी पूरा हो गया है. डॉक्टरों ने अब उन्हें छत्तीसगढ़ जाने की सलाह दी है. इसके बाद मंगलवार को उनका प्रोटोकॉल भी जारी किया गया है. इस खबर से भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है.

  • MP Weather: 23 सितंबर से फिर बदलेगा मौसम, 17 जिलों में बारिश का अलर्ट

    MP Weather: 23 सितंबर से फिर बदलेगा मौसम, 17 जिलों में बारिश का अलर्ट

    भोपाल 
    बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के ग्वालियर, भोपाल, रीवा, जबलपुर, शहडोल, सागर संभागों में बारिश देखने को मिली। सबसे ज्यादा बारिश देवरी-सागर में हुई। यहां 60.3 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन संभागों में कहीं-कहीं बारिश हुई। राज्य के बाकी के हिस्से सूखे रहे। तापमान की बात करें तो बीते 24 घंटों के दौरान कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। जानिए बीते 24 घंटों के दौरान कैसा रहा मौसम, इसके साथ ही जानिए आने वाले समय का हाल।

    आने वाले दिन में हो सकती बारिश, जानिए कब
    बीते 24 घंटों की बात करने से पहले जानिए आने वाले समय के मौसम का हाल। अनुमान है कि 23 सितंबर से राज्य में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 24 और 25 सितंबर को सिस्टम की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी होने की उम्मीद जताई है। इसके चलते 2 दिन के अंदर 15 से 17 जिलों में बारिश देखने को मिल सकती है।
    मौसम विभाग ने दी आंधी-बारिश की चेतावनी

    मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने झंझावत और वज्रपात के साथ झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान लगाया है। इसे ध्यान में रखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, रतलाम, उज्जैन, देवास, आगर, नीमच, गुना, ग्वालियर, दतिया, भिंड समेत अन्य शामिल हैं।

    बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश देवरी-सागर में
    बीते 24 घँटों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश भी दर्ज हुई। सबसे ज्यादा पानी देवरी-सागर में गिरा। यहां 60.3 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं कई इलाकों में बूंदा-बांदी हुई। यहां 4-5 मिमी बारिश दर्ज हुई। इन इलाकों में बागली, राघौगढ़, कटनी, पचमढ़ी, बांदा, रीवा-हुजूर, शाहगढ़ जैसे इलाके शामिल हैं। वहीं अगर ज्यादा बारिश वाले अन्य इलाकों की बात करें तो हट्टा में 49.4, कोतमा में 41, गैरतगंज में 38.6, परासिया में 37.2, बटियागढ़ में 36 मिमी बारिश दर्ज हुई।
    बीते 24 घंटों में कहां-कितना रहा तापमान

    धार में सबसे कम 20.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। कम पारा वाले इलाकों में पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 21, गिरवर (शाजापुर) में 21.2, मंदौसर/ खंडवा में 21.4 और भोपाल में 21.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। वहीं अगर सबसे ज्यादा तापमान की बात करें तो ग्वालियर में 35 डिग्री रहा। अन्य अधिक तापमान वाले इलाकों में अलीराजपुर में 34.5, खजुराहो (छतरपुर) में 34.4, पृथ्वीराजपुर (निवाड़ी) में 34.1 और रतलाम में 34 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

  • भोपाल में थाने के अंदर वकील से मारपीट पर एक्शन: टीआई समेत दो आरक्षक निलंबित, आधी रात जमकर हुआ था हंगामा

    भोपाल में थाने के अंदर वकील से मारपीट पर एक्शन: टीआई समेत दो आरक्षक निलंबित, आधी रात जमकर हुआ था हंगामा

    भोपाल में थाने के अंदर वकील से मारपीट पर एक्शन: टीआई समेत दो आरक्षक निलंबित, आधी रात जमकर हुआ था हंगामा

    भोपाल
     भोपाल के जहांगीराबाद थाने में अधिवक्ता राकेश रावल से कथित मारपीट के मामले में थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार समेत आरक्षक यश लखेरा और रामस्वरूप को निलंबित कर दिया गया है। डीसीपी जोन-1 अखिल पटेल ने आदेश जारी किए और तीनों को पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है।

    राजधानी भोपाल में जहांगीराबाद थाना परिसर में अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और रामस्वरूप को निलंबित कर दिया गया है। तीनों को पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। डीसीपी जोन-1 अखिल पटेल ने निलंबन के आदेश जारी किए हैं।

    21 साल से वकालत कर रहे 45 वर्षीय अधिवक्ता राकेश रावल के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा बदसलूकी और मारपीट का आरोप है। घटना से आक्रोशित सैकड़ों वकीलों ने देर रात करीब 3 बजे तक जहांगीराबाद थाने को घेरे रखा और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बुधवार सुबह भोपाल जिला अदालत में भी वकीलों ने प्रदर्शन किया और पैरवी से दूरी बनाए रखी।

    गणेश विसर्जन के दौरान रास्ते के विवाद से शुरू हुआ मामला
    बैरागढ़ कलां निवासी अधिवक्ता राकेश रावल मंगलवार शाम करीब 8 बजे खटलापुरा मंदिर मार्ग से गुजर रहे थे। गणेश प्रतिमा विसर्जन के चलते रास्ता बंद होने के कारण ट्रैफिक एसीपी और पुलिस बल से उनकी बहस हो गई। आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें जबरन जहांगीराबाद थाने ले गए। पीड़ित अधिवक्ता का कहना है कि जब उन्होंने वाहन में पेट्रोल नहीं होने की बात कही, तो पुलिसकर्मी गाली-गलौज पर उतर आए। विरोध करने पर उन्हें कीचड़ में पटककर लाठियों से पीटा गया।

    मारपीट की खबर के बाद थाने पहुंचे सैकड़ों वकील
    थाने के भीतर अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में वकील जहांगीराबाद थाने पहुंच गए। वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामा देर रात करीब 3 बजे तक चलता रहा। इसके बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और वकीलों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।

    वीडियो में दिखाईं चोटें, वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया जांच का आश्वासन
    वकीलों की ओर से जारी एक वीडियो में अधिवक्ता राकेश रावल के कपड़ों पर कीचड़ और पैरों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वकीलों को शांत कराया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर मामले की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    टीआई समेत दो आरक्षक निलंबित
    अधिवक्ता से मारपीट के मामले में डीसीपी
    जोन-1 अखिल पटेल ने निलंबन के आदेश जारी किए हैं। जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और रामस्वरूप को निलंबित कर दिया गया है। तीनों को पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच जारी है। इधर, अधिवक्ताओं ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध जताया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे अदालत में पैरवी करने के लिए तैयार नहीं हैं।

    जिला अदालत में भी वकीलों ने किया प्रदर्शन
    अधिवक्ता से मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार सुबह भोपाल जिला अदालत में भी वकीलों ने हंगामा किया। अधिवक्ताओं ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई और पैरवी से दूरी बनाए रखी। पुलिस की ओर से टीआई समेत तीन पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद मामले में आगे की कार्रवाई और जांच पर नजर बनी हुई है।

  • सेवा संकल्प अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम – अरुण साव

    सेवा संकल्प अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम – अरुण साव

    सेवा संकल्प अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम – अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी से सफल बनाने के दिए निर्देश

    अभियान की आगामी गतिविधियों की तैयारियों की समीक्षा की

    रायपुर. 
    उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के मंत्री अरुण साव ने आज कोरबा जिला मुख्यालय में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत संचालित गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों की रूपरेखा, तिथि और आयोजन स्थलों को अंतिम रूप देते हुए सभी कार्यक्रमों को व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक माह तक चलने वाले इस अभियान को सार्थक, प्रभावी और जनोन्मुखी स्वरूप देने के लिए शासन, प्रशासन तथा आमजन के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रमों का सुचारु एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और विधायक प्रेमचंद पटेल भी बैठक में शामिल हुए।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितम्बर को आयोजित ‘आशीर्वाद के दिया’ कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि घर-घर दीप प्रज्ज्वलित कर जनभागीदारी का जो उत्साह देखने को मिला, वह अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं ने चित्रकला और भाषण के माध्यम से देश के प्रति अपने विचार और कल्पनाओं को अभिव्यक्त किया। उन्होंने आगामी गतिविधियों में भी इसी उत्साह और सहभागिता को बनाए रखते हुए सभी कार्यक्रमों को उत्सव के रूप में आयोजित करने के निर्देश दिए।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शेष कार्यक्रमों के लिए तिथिवार कार्ययोजना तैयार करने, कार्यक्रमों की रूपरेखा निर्धारित करने तथा आयोजन स्थलों का चिन्हांकन समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रमों की तिथि, स्वरूप एवं आयोजन स्थल की पूर्व जानकारी उपलब्ध कराने तथा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार सभी गतिविधियों का समय पर आयोजन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए अभियान की गतिविधियों को सफल बनाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि प्रत्येक आयोजन में उत्साहपूर्ण वातावरण निर्मित हो और लोगों को सक्रिय रूप से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। अभियान के तहत गांवों और शहरों में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए नदी-घाटों की साफ-सफाई, वृहद स्तर पर पौधरोपण, रक्तदान, अंगदान सहित विभिन्न जनसेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाए। इन कार्यक्रमों में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उन्हें सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और मानवता के प्रति संकल्प दिलाया जाए।

    साव ने कहा कि अभियान के दौरान केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को ‘सेवा की कहानी’ के रूप में संकलित कर लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक परिवर्तन की प्रेरक कहानियां अभियान को और अधिक प्रभावी बनाएंगी।

    उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों को आमजन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी मिले और वे उनके लाभ से जुड़ सकें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी गांवों और शहरों तक पहुंचाने के लिए मुनादी, बैनर, पोस्टर एवं अन्य प्रचार माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान की प्रत्येक गतिविधि में जनसेवा एवं जनभागीदारी की भावना को सशक्त बनाने तथा अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़कर अभियान को सफल एवं सार्थक बनाने के निर्देश दिए।

    श्रम मंत्री देवांगन ने अभियान की गतिविधियों में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने कहा

    श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत निर्धारित तिथियों के अनुरूप सभी कार्यक्रमों का समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान की गतिविधियों को जिला मुख्यालय से लेकर सभी नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाते हुए अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ा जाए तथा प्रत्येक कार्यक्रम में जनसहभागिता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अभियान को जनसेवा की भावना के साथ प्रभावी एवं सफल स्वरूप प्रदान किया जा सके।

    कोरबा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, गोपाल मोदी, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी,  सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन, डीएफओ कटघोरा जितेंद्र उपाध्याय और निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

  • रायपुर : माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

    महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर माह मिल रहा आर्थिक संबल

    प्रदेश की 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

    650 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही फिल्म सिटी, छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेंगे नए अवसर

    लोक कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों का मुख्यमंत्री ने किया सम्मान

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए। पारंपरिक उल्लास और आत्मीय वातावरण में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने माताओं-बहनों से भेंट कर उन्हें तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में मातृशक्ति का विशेष स्थान है। माताओं-बहनों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

    माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीज का पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और आत्मीय रिश्तों से जुड़ा हुआ है। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का यह पर्व परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना का अवसर है। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की सभी माताओं-बहनों और उनके परिवारों के सुखी, समृद्ध और स्वस्थ जीवन की कामना की।

    माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज का पर्व भले ही संपन्न हो चुका है, लेकिन आज इतनी बड़ी संख्या में माताओं-बहनों के बीच तीज मिलन का अवसर अत्यंत सुखद और आत्मीय है। मुख्यमंत्री निवास में भी तीज के अवसर पर प्रदेशभर से आई बहनों के साथ पर्व का उल्लास साझा करने का अवसर मिला था। हमारी परंपराओं की यही खूबसूरती है कि वे हमें परिवार और समाज से जोड़ती हैं तथा आपसी प्रेम और आत्मीयता को मजबूत करती हैं। 

    सनातन संस्कृति में मातृशक्ति को मिला है सर्वोच्च सम्मान

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में आदिकाल से मातृशक्ति को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। हमारे वेदों, पुराणों और सामाजिक परंपराओं में नारी के सम्मान और उसकी गरिमा का संदेश निहित है। हमारी संस्कृति कहती है – “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः”, अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मां परिवार की पहली शिक्षक और संस्कारों की आधारशिला होती है। माताओं-बहनों के परिश्रम, त्याग और आशीर्वाद से ही परिवार मजबूत होता है और मजबूत परिवार से सशक्त समाज तथा समृद्ध प्रदेश का निर्माण होता है। इसलिए राज्य सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का हितग्राही नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बराबर का सहभागी मानकर कार्य कर रही है।

    महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया बहनों का आत्मविश्वास

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनी है। योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा रही है। अब तक 31 किस्तों के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।

    उन्होंने कहा कि इस योजना से माताओं-बहनों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव उन्हें विशेष संतोष देता है। बहनें इस राशि का उपयोग अपनी और परिवार की आवश्यकताओं के साथ बच्चों की पढ़ाई, बचत और छोटे-छोटे स्वरोजगार के लिए भी कर रही हैं। कोई बहन सुकन्या समृद्धि योजना में राशि जमा कर बेटी का भविष्य संवार रही है तो कोई सिलाई मशीन खरीदकर अपने हुनर को आजीविका में बदल रही है। यह आर्थिक संबल महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत कर रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की प्रत्येक महिला को आगे बढ़ने के लिए अवसर, संसाधन और आवश्यक सहयोग मिले। जब हमारी माताएं-बहनें आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो परिवार मजबूत होगा और पूरे प्रदेश की प्रगति को नई गति मिलेगी।

    13.85 लाख लखपति दीदियां बनीं महिला सशक्तिकरण की नई पहचान

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि माताओं-बहनों को स्थायी आजीविका, कौशल और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह बदलते और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सुखद तस्वीर है।

    उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न आर्थिक गतिविधियों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं। अनेक महिलाएं महतारी वंदन योजना से मिले आर्थिक संबल और बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग करते हुए स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी न केवल परिवारों को समृद्ध बना रही है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।

    छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति को देश-दुनिया में मिलेगी नई पहचान

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी विशिष्ट लोककला, संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। यहां की सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान और हमारी ताकत है। इसे सहेजने के साथ नई पीढ़ी और देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 650 करोड़ रुपए की लागत से फिल्म सिटी तैयार की जा रही है। इससे छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण और शूटिंग की संभावनाओं का विस्तार होगा। स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार तथा प्रतिभा प्रदर्शन के नए अवसर तैयार होंगे और प्रदेश के पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में कलाकारों का अमूल्य योगदान है। हमारे कलाकार अपनी प्रतिभा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सुगंध और यहां की परंपराओं को देश-दुनिया तक पहुंचा रहे हैं। राज्य सरकार कलाकारों और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती रहेगी।

    बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बदली छत्तीसगढ़ की तस्वीर

    मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके 15 वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश में सड़क, बिजली, पेयजल और खाद्य सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में व्यापक कार्य हुए। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को प्रभावी बनाकर जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की मजबूत व्यवस्था विकसित की गई, जिसके कारण डॉ. रमन सिंह को प्रदेश में ‘चाउंर वाले बाबा’ के नाम से भी पहचान मिली।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही हैं। गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याण और विकास को मिली नई गति

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ विकसित भारत के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका निभाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है और प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। गांवों तक आवास, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के कठिन समय का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने स्वदेशी स्तर पर वैक्सीन विकसित कर अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ अनेक देशों की भी सहायता की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर छत्तीसगढ़वासियों ने अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री के प्रति अपना स्नेह और शुभकामनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने इसमें उत्साहपूर्वक सहभागी बनने के लिए प्रदेश की माताओं-बहनों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

    शांति, विश्वास और विकास के साथ आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के विरुद्ध महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा विकास की राह में बाधा थे, वहां आज शांति और विश्वास के साथ विकास के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को वन संपदा, वनोपज, खनिज संसाधनों और उपजाऊ कृषि भूमि से समृद्ध बनाया है। इन संसाधनों का जनहित में बेहतर उपयोग करते हुए प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सरकार का संकल्प है। विकसित छत्तीसगढ़ की इस यात्रा में माताओं-बहनों की सहभागिता, उनका परिश्रम और आशीर्वाद अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने लोकगीत से किया माताओं-बहनों का अभिनंदन

    राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि तीज के अवसर पर माताओं-बहनों का अपने निवास पर अभिनंदन करना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया है।

    वर्मा ने अपने जीवन के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि जब वे आठवीं कक्षा में पढ़ते थे, तब पहली बार उनके गांव में बिजली पहुंची थी और गांव तक सड़क भी नहीं थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 के बाद प्रदेश के गांवों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों का तेजी से विस्तार हुआ। आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास और खुशहाली की दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसान परिवार के बेटे के रूप में प्रदेश सरकार में मंत्री बनकर जनता की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है।

    इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत प्रस्तुत कर माताओं-बहनों का अभिनंदन किया। उनकी प्रस्तुति से समारोह में छत्तीसगढ़ी संस्कृति और तीज पर्व का उल्लास और भी जीवंत हो उठा।

    लोक कला-संस्कृति को समृद्ध करने वाले कलाकारों का सम्मान

    समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं संस्कृति को देश-विदेश में पहचान दिलाने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कलाकारों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने, संवर्धित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारी लोककला, लोकगीत, लोकनृत्य और परंपराएं केवल सांस्कृतिक धरोहर नहीं, बल्कि हमारी जड़ों और सामाजिक जीवन की जीवंत अभिव्यक्ति हैं।

    मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर मांगी प्रदेश की खुशहाली

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर विराजित विघ्नहर्ता भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने गणपति बप्पा से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए प्रदेश की निरंतर प्रगति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ केश शिल्पी विकास बोर्ड के अध्यक्ष गौरी शंकर श्रीवास, चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन, विधायक रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, श्रीमती वीणा सिंह सहित बड़ी संख्या में माताएं-बहनें, कलाकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।