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  • ₹16 हजार में 6000mAh बैटरी वाला 5G फोन, Vivo T4 Lite के फीचर्स जानें

    ₹16 हजार में 6000mAh बैटरी वाला 5G फोन, Vivo T4 Lite के फीचर्स जानें

    अगर आप कम बजट में 5G स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं और आपकी पहली प्रायॉरिटी लंबी बैटरी लाइफ है, तो Vivo T4 Lite 5G एक दिलचस्प विकल्प है. हालांकि ये फोन पुराना है. भारत में इसे 24 जून 2025 को लॉन्च किया गया था और कंपनी ने इसे अपना सबसे किफायती 5G स्मार्टफोन बताया था. इसकी शुरुआती कीमत 9,999 रुपये रखी गई थी. चूंकि अब मार्केट में कम ही सस्ते 5G फोन हैं, इसलिए आपको ये ऑप्शन समझ आ सकता है.

    Vivo T4 Lite 5G की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6000mAh बैटरी है. कंपनी के मुताबिक यह अपने सेगमेंट की बड़ी बैटरी में से एक है और इसमें 5 साल तक की बैटरी हेल्थ का दावा किया गया है. फोन के साथ बॉक्स में चार्जर भी मिलता है. यह 15W FlashCharge को सपोर्ट करता है.

    6.74 इंच की बड़ी स्क्रीन
    फोन में 6.74 इंच का LCD डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रिजॉल्यूशन 1600×720 पिक्सल है. स्क्रीन 90Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करती है और इसकी अधिकतम ब्राइटनेस 1000 निट्स तक जाती है. ऐसे में तेज धूप में स्क्रीन देखने में मदद मिल सकती है. डिस्प्ले को TÜV Rheinland लो ब्लू लाइट सर्टिफिकेशन भी मिला है.

    Dimensity 6300 प्रोसेसर और 5G
    Vivo T4 Lite 5G में MediaTek Dimensity 6300 5G प्रोसेसर दिया गया है. यह 6nm तकनीक पर बना ऑक्टा-कोर चिपसेट है, जिसकी अधिकतम क्लॉक स्पीड 2.4GHz है. फोन में 4GB, 6GB और 8GB RAM के विकल्प मिलते हैं, जबकि स्टोरेज 64GB, 128GB और 256GB तक है. माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से स्टोरेज को 2TB तक बढ़ाया जा सकता है.

    फोन Android 15 पर बेस्ड Funtouch OS 15 पर चलता है. कंपनी ने 2 साल तक OS अपडेट और 3 साल तक सिक्योरिटी अपडेट देने की बात कही है.

    50MP कैमरा और AI फीचर्स
    पीछे डुअल कैमरा सेटअप मिलता है. इसमें 50MP का मुख्य कैमरा और 2MP का Bokeh कैमरा है. सेल्फी के लिए 5MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. फोन में AI Erase और AI Photo Enhance जैसे फीचर्स भी मिलते हैं.

    कीमत कितनी है?
    लॉन्च के समय 4GB+128GB मॉडल की कीमत 9,999 रुपये, 6GB+128GB की कीमत 10,999 रुपये और 8GB+256GB मॉडल की कीमत 12,999 रुपये थी. बिक्री 2 जुलाई 2025 से शुरू हुई थी. फिलहाल ये फोन और महंगा हो चुका है और इसे 16 हजार रुपये में खरीदा जा सकता है. सेल आने वाली है शायद ये तब थोड़ा सस्ता भी मिले. लेकिन इस कीमत से साफ है कि साल भर के अंदर कंपनियों ने अपने सस्ते 5G स्मार्टफोन कितने महंगे कर दिए हैं.

    Vivo T4 Lite 5G के मुख्य स्पेसिफिकेशन
    डिस्प्ले: 6.74 इंच HD+ LCD, 90Hz
    प्रोसेसर: MediaTek Dimensity 6300 5G
    RAM: 4GB/6GB/8GB
    स्टोरेज: 64GB/128GB/256GB
    बैटरी: 6000mAh
    चार्जिंग: 15W FlashCharge
    रियर कैमरा: 50MP + 2MP
    फ्रंट कैमरा: 5MP
    ऑपरेटिंग सिस्टम: Android 15, Funtouch OS 15
    कनेक्टिविटी: 5G, Wi-Fi 5, Bluetooth 5.4
    सुरक्षा: IP64
    कलर: Prism Blue और Titanium Gold

  • सब्जी नहीं है तो बनाएं राजस्थानी बेसन घसेला, 10 मिनट में तैयार होगा नाश्ता

    सब्जी नहीं है तो बनाएं राजस्थानी बेसन घसेला, 10 मिनट में तैयार होगा नाश्ता

    हरी सब्जियों से लेकर आलू और पनीर बार-बार खाकर मन भर जाता है और कई बार घर में कोई सब्जी भी नहीं होती है. ऐसे में समझ नहीं आता है कि आखिर खाने में क्या बनाया जाए, आज हम आपको एक ऐसी सिंपल और नाश्ते के लिए परफेक्ट सब्जी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे बनाने में भी समय नहीं लगता है और इसके लिए आपको बाजर से कुछ खरीदकर लाने की भी जरूरत नहीं है. राजस्थानी गट्टे की सब्जी को आपने खाई होगी, लेकिन क्या आपने कभी राजस्थान में बनने वाली बेसन घोसेला खाया है.

    बेसन घसेला को बनाने में महज 10 मिनट लगता है, अगर आपको भी नाश्ते में झटपट बनने वाली सब्जी की तलाश है तो यह आपके लिए परफेक्ट रहने वाली है. पहले के जमाने में जब सब्जियां खरीदने के लिए कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर जाना होता था, तब बेसन घसेला बना लिया करते थे. आइए आपको राजस्थान की मशहूर बेसन घसेला बनाने का तरीका बताते हैं.

    बेसन घसेला बनाने के लिए सामग्री
        1 कप बेसन
        1 प्याज, बारीक कटा हुआ
        4-5 लहसुन की कलियां
        1-2 हरी मिर्च
        1/2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
        1/2 चम्मच हल्दी
        1/2 चम्मच जीरा
        1/2 चम्मच राई
        1 चुटकी हींग
        स्वादानुसार नमक
        1-2 चम्मच तेल
        जरूरत के अनुसार पानी
        बारीक कटा हरा धनिया

    बेसन घसेला बनाने का आसान तरीका
    सबसे पहले एक कटोरे में एक कप बेसन लें. इसमें स्वादानुसार नमक, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और आधा चम्मच हल्दी डालें. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर बेसन का पतला और चिकना घोल तैयार कर लें. ध्यान रखें कि घोल में गांठें न रहें.

    अब कड़ाही में तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर इसमें राई, जीरा और एक चुटकी हींग डालकर तड़का लगाएं. इसके बाद इसमें बारीक कटा हुआ प्याज डालें. लहसुन और हरी मिर्च को कूटकर इसमें मिला दें. प्याज के हल्का सुनहरा होने तक सभी चीजों को अच्छी तरह भून लें.

    अब तैयार किया हुआ बेसन का घोल कड़ाही में डालें. घोल डालते ही इसे लगातार चलाते रहें, ताकि बेसन में गांठें न पड़ें. इसे कुछ देर तक लगातार चलाते हुए पकाएं. जब बेसन अच्छी तरह पक जाए और सब्जी गाढ़ी होने लगे, तो कड़ाही को कुछ देर के लिए ढककर पकाएं.

    आखिर में ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालें और गैस बंद कर दें. तैयार है झटपट बनने वाली राजस्थानी बेसन घसेला की सब्जी. इसे आप गरमा-गरम रोटी, पराठे या पूरी के साथ सर्व कर सकते हैं.

  • एशियन गेम्स में अनाहत सिंह का कमाल, फाइनल में पहुंचकर पक्का किया सिल्वर

    एशियन गेम्स में अनाहत सिंह का कमाल, फाइनल में पहुंचकर पक्का किया सिल्वर

    नागोया
     एशियन गेम्स 2026 में भारत की अनाहत सिंह ने स्कॉश के फाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही 18 साल की इस खिलाड़ी ने कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है। हालांकि, उनकी फॉर्म को देखते हुए उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद की जा रही है। सेमीफाइनल मैच में हार की कगार पर पहुंचने के बाद भी वह पूरी तरह शांत थीं और दबाव का उन पर कोई असर नहीं दिखा। इसके बाद उनकी तुलना पूर्व भारतीय क्रिकेटर धोनी से हो रही है, जो हमेशा दबाव भरे हालातों से टीम इंडिया को मैच जिताते थे।

    अनाहत भी सेमीफाइनल मैच में शुरुआती 2 गेम हार गई थीं। तीसरा गेम हारते ही वह बाहर हो जातीं और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ता। हालांकि, भारत की इस युवा खिलाड़ी को हार मंजूर नहीं थी। उन्होंने तीसरा गेम करीबी अंतर से जीता। इसके बाद अगले दो गेम आसानी से जीतकर फाइनल में जगह बना ली।

    जापानी खिलाड़ी का होम ग्राउंड सपोर्ट नहीं आया काम
    जापानी खिलाड़ी ने इस मैच में शुरुआती दो सेट अपने नाम कर जीत लगभग तय कर ली थी। घरेलू मैदान में उनके पास फैंस का भी पूरा समर्थन था। ऐसे में उनके लिए तीन में से एक गेम जीतना आसान था। वहीं, अनाहत के ऊपर बेशुमार दबाव था। हालांकि, वह दबाव में ही निखरती चली गईं और जीत हासिल की।

    मैच में क्या हुआ?
    जापान की वतानबे सतोमी ने बेहतरीन शुरुआत करते हुए पहला गेम 11-9 के अंतर से जीता। दूसरे गेम में भी उन्होंने 13-11 के अंतर से जीत हासिल की। तीसरे गेम में अनाहत ने बाजी पलट दी। उन्होंने 12-10 के अंतर से जीत दर्ज की। चौथे गेम में उन्होंने जापानी खिलाड़ी को चारो खाने चित करते हुए 11-6 के अंतर से जीत दर्ज की और पांचवें गेम में जीत का अंतर 11-3 हो गया। अंत में अनाहत ने 3-2 के अंतर से मैच अपने नाम किया।

  • 9 अक्टूबर को शनि बदलेंगे नक्षत्र, इन 5 राशियों के करियर-धन पर असर

    9 अक्टूबर को शनि बदलेंगे नक्षत्र, इन 5 राशियों के करियर-धन पर असर

    ज्योतिष में शनि को कर्म, अनुशासन और मेहनत से जोड़कर देखा जाता है.  शनि की चाल में होने वाला बदलाव लंबे समय तक प्रभाव डालने वाला माना जाता है. अब अक्टूबर में शनि अपना नक्षत्र बदलने जा रहे हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार 9 अक्टूबर 2026 को रात 7 बजकर 28 मिनट पर शनि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे.   

    शनि के इस नक्षत्र परिवर्तन को ज्योतिषीय मान्यताओं में खास माना जा रहा है, क्योंकि उत्तर भाद्रपद शनि का अपना नक्षत्र माना जाता है. इस बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग माना जाता है. इनमें वृषभ, मिथुन, कन्या, मकर और तुला राशि के जातकों के लिए आर्थिक और करियर से जुड़े सकारात्मक बदलावों की संभावना बताई गई है.   

    9 अक्टूबर को क्या बदलेगा?
    वर्तमान में शनि रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में गोचर कर रहे हैं.  9 अक्टूबर को वह उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. उपलब्ध ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह परिवर्तन करीब 122 दिनों की अवधि से जुड़ा है. इस दौरान शनि की स्थिति का प्रभाव कामकाज, आर्थिक स्थिति और जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों पर अलग-अलग रूप में देखा जा सकता है.   

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि मेहनत और कर्म के आधार पर परिणाम देने वाले ग्रह माने जाते हैं. इसलिए इस अवधि में जल्दबाजी के बजाय नियमित मेहनत और अनुशासन पर जोर देने की सलाह दी जाती है.   

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन नौकरी और आर्थिक मामलों में बदलाव का संकेत माना जा रहा है.  कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है.  जिम्मेदारी बढ़ने के साथ आमदनी में सुधार की संभावना भी बताई गई है.   

    जो लोग लंबे समय से किसी अवसर का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें अपने प्रयास जारी रखने चाहिए. नौकरीपेशा लोगों के लिए काम में बदलाव या नई भूमिका सामने आ सकती है.   

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि वालों के लिए 9 अक्टूबर के बाद का समय आर्थिक मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.  आय के नए साधन बनने या पहले से चल रहे काम से फायदा मिलने की संभावना बताई गई है.   

    नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी समय अनुकूल रहने की ज्योतिषीय मान्यता है. हालांकि आर्थिक फैसले लेते समय बजट और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी रहेगा.   

    कन्या राशि
    कन्या राशि के जातकों के करियर में बदलाव देखने को मिल सकता है. नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बताई गई है.  कुछ लोगों को बेहतर नौकरी का प्रस्ताव भी मिल सकता है.   

    कारोबार करने वाले लोगों के लिए भी नए अवसर सामने आने की मान्यता है. इस दौरान किसी पुराने प्रोजेक्ट या रुके हुए काम से फायदा मिलने की संभावना बन सकती है.   

    मकर राशि
    मकर राशि के स्वामी शनि ही हैं. इसलिए शनि के अपने नक्षत्र में प्रवेश को इस राशि के लिए विशेष माना जा रहा है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में प्रगति हो सकती है.  आर्थिक स्थिति में अचानक लाभ के अवसर भी बन सकते हैं.  हालांकि किसी भी बड़े निवेश या संपत्ति से जुड़े फैसले में पूरी जानकारी लेना जरूरी होगा.   

    तुला राशि
    तुला राशि के जातकों के लिए शनि का यह बदलाव रुके हुए कामों को गति देने वाला माना जा रहा है.  लंबे समय से अटके काम दोबारा शुरू हो सकते हैं. कमाई और खर्च के बीच संतुलन बनाने में भी मदद मिल सकती है. हालांकि बेवजह के खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, ताकि आर्थिक लाभ का सही इस्तेमाल किया जा सके.   

    किन क्षेत्रों पर पड़ सकता है असर?
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि का नक्षत्र परिवर्तन मुख्य रूप से करियर, आय, कारोबार, जिम्मेदारियों और संपत्ति से जुड़े मामलों में असर डाल सकता है.  किसी को नई जिम्मेदारी मिल सकती है तो किसी के रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं.   

    हालांकि इसका प्रभाव व्यक्ति की पूरी जन्मकुंडली और दशा आदि पर भी निर्भर माना जाता है. इसलिए केवल राशि के आधार पर किसी व्यक्ति के भविष्य के बारे में निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.   

    शनि के इस बदलाव में क्या ध्यान रखें?
    ज्योतिष में शनि को अनुशासन और कर्म से जोड़ा जाता है.  इसलिए इस अवधि में काम को टालने के बजाय समय पर पूरा करना, जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाना और आर्थिक मामलों में अनावश्यक जोखिम से बचना उपयोगी माना जाता है.  

  • Asian Games 2026 में आशी चौकसे का जलवा, टीम इवेंट में जीता सिल्वर

    Asian Games 2026 में आशी चौकसे का जलवा, टीम इवेंट में जीता सिल्वर

    भोपाल
     मध्य प्रदेश की बेटी और स्टार शूटर आशी चौकसे ने एशियाई खेलों (Asian Games 2026) में देश का नाम रोशन करते हुए रजत पदक अपने नाम कर लिया है। आशी चौकसे ने यह ऐतिहासिक सफलता महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन (Three Positions) टीम स्पर्धा में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करते हुए हासिल की।

    इस स्पर्धा में आशी चौकसे के साथ तिलोत्तमा सेन और विदरसा विनोद की तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में सिल्वर मेडल डाला।

    तिलोत्तमा सेन और विदर्शा विनोद ने तीसरे और छठे स्थान पर रहकर क्वालिफाई किया। तिलोत्तमा ने स्टैंडिंग राउंड में 97 और 98 के स्कोर के साथ कुल 590 अंक हासिल किए। वह दो चीनी खिलाड़ियों से पीछे रहीं, जिनके स्कोर 594 और 591 थे। विदर्शा का स्टैंडिंग राउंड का प्रदर्शन शानदार रहा (98 और 98)।

    उन्होंने नीलिंग राउंड के 193 के स्कोर से वापसी करते हुए कुल 588 अंक बनाए और छठे स्थान पर रहीं। स्टैंडिंग राउंड की पहली सीरीज में 93 के स्कोर ने आशी चौकसे को काफी पीछे कर दिया और वह इससे उबर नहीं पाईं। अपनी आखिरी स्टैंडिंग सीरीज में 97 के स्कोर के साथ उन्होंने कुल 585 अंक हासिल किए।

    9वीं कक्षा से की थी शूटिंग करियर की शुरुआत
    भोपाल की रहने वाली आशी चौकसे की निशानेबाजी यात्रा की शुरुआत कक्षा 9वीं में नेशनल कैडेट कोर (NCC) के माध्यम से हुई थी। एनसीसी से मिले शुरुआती अनुभव के बाद उनका चयन 'मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी' (भोपाल) में हुआ, जहां उन्होंने कोच सुमा शिरूर और वैभव शर्मा के मार्गदर्शन में अपनी तकनीक को निखारा।

    अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐतिहासिक सफलताएं
    2022 (वर्ल्ड कप डेब्यू): बाकू (Baku) में आयोजित ISSF विश्व कप में मिक्स्ड टीम इवेंट में स्वर्ण पदक (Gold) जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही सूहल (Suhl) जूनियर विश्व कप में दो कांस्य पदक (Bronze) जीते।

    2023 (एशियाई खेल, हंगझोऊ): हंगझोऊ एशियाई खेलों में आशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 50m राइफल 3 पोजिशन टीम इवेंट में रजत पदक (Silver) और व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक (Bronze) अपने नाम किया।

    2023 (एशियाई चैंपियनशिप): टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीता।
    2024 (एशियाई चैंपियनशिप, जकार्ता): व्यक्तिगत 50m राइफल 3 पोजिशन स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। 

     

  • भारी बारिश को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर संभाग के सभी कलेक्टरों से ली स्थिति की जानकारी

    भारी बारिश को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर संभाग के सभी कलेक्टरों से ली स्थिति की जानकारी

    भारी बारिश को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर संभाग के सभी कलेक्टरों से ली स्थिति की जानकारी

    प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी के दिए निर्देश

    रायपुर
    बस्तर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश और कई क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों से दूरभाष पर चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बारिश से प्रभावित क्षेत्रों, नदी-नालों के जलस्तर, आवागमन की स्थिति तथा प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को पूरी सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए।

    मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जहां भी जलभराव अथवा बाढ़ की स्थिति बन रही है, वहां प्रशासन तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करे। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उनके लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाए।

    उन्होंने कलेक्टरों को निचले और संवेदनशील इलाकों तथा नदी-नालों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। जिन मार्गों, पुल-पुलियों या रपटों पर पानी बह रहा हो, वहां लोगों को आवागमन न करने दिया जाए। आवश्यकता के अनुसार पुलिस एवं प्रशासन की टीम तैनात कर बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

    मंत्री कश्यप ने बस्तर के ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण संपर्क मार्ग प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार रखी जाएं और राहत दल आवश्यक संसाधनों के साथ सतर्क रहें, ताकि आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो सके।

    मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाना और जनहानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को जिला स्तर पर स्थिति की लगातार समीक्षा करने, आवश्यकतानुसार संसाधनों की तत्काल व्यवस्था करने तथा मैदानी अमले को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि किसी भी प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचाने में विलंब न हो।

    राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
    मंत्री कश्यप ने कहा कि जिन क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की आवश्यकता हो, वहां राहत शिविरों की समुचित व्यवस्था की जाए। शिविरों में भोजन, पेयजल, आवश्यक दवाइयां और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध हो। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने बारिश और जलभराव के बाद उत्पन्न हो सकने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य अमले को सतर्क रखने के निर्देश भी दिए।

    नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
    मंत्री कश्यप ने नागरिकों से अपील की कि भारी बारिश के दौरान तेज बहाव वाले नदी-नालों, जलमग्न पुल-पुलियों और रास्तों को पार करने का प्रयास न करें। जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति या सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।

  • दक्षिण छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में नया अध्याय, रावघाट तक पहुंची रेल पटरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    दक्षिण छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में नया अध्याय, रावघाट तक पहुंची रेल पटरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    दक्षिण छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में नया अध्याय, रावघाट तक पहुंची रेल पटरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना के अंतिम ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा, मुख्यमंत्री ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

    मुख्यमंत्री ने कहा- दूरस्थ अंचलों की दूरियां घटेंगी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के नए अवसरों के द्वार खुलेंगे

    95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट परियोजना का अंतिम 17.5 किलोमीटर रेल खंड तैयार

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति जताया आभार

    रायपुर
     दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों को देश के व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर अंचल की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि रावघाट तक रेल पटरी पहुंचना केवल रेल कनेक्टिविटी का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों में विकास और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम है।

    मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार को अभूतपूर्व गति मिली है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को भी आधुनिक कनेक्टिविटी से जोड़ने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दल्लीराजहरा से रावघाट तक रेल संपर्क का विस्तार इस अंचल के सामाजिक और आर्थिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने वाला सिद्ध होगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय नागरिकों के लिए आवागमन सुगम होगा और राजधानी रायपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच बेहतर होगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक क्षेत्रवासियों की पहुंच और आसान होगी।

    उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के दूरस्थ से दूरस्थ क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। बस्तर सहित दक्षिण छत्तीसगढ़ में मजबूत होती कनेक्टिविटी क्षेत्र की संभावनाओं को नई शक्ति दे रही है।

    95 किलोमीटर की परियोजना का अंतिम 17.5 किलोमीटर खंड तैयार

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इसके अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉड गेज रेल खंड है।

    नई रेल लाइन को परिचालन के लिए तैयार करने की निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत इस खंड का रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा निरीक्षण एवं गति परीक्षण किया गया है। इस दौरान रेल लाइन, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग सहित सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई। वर्तमान में दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। ताड़ोकी-रावघाट खंड में रेल परिचालन प्रारंभ होने के बाद आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

    पर्यटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा प्रोत्साहन

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी अपने साथ विकास की अनेक संभावनाएं लेकर आती है। रावघाट तक रेल संपर्क से क्षेत्र में पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को बल मिलेगा तथा स्थानीय व्यापार एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।

    दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों को व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने से लोगों के लिए बाजारों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की नई संभावनाओं के सृजन में भी यह रेल परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन, कृषि एवं वनोपज की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। बेहतर कनेक्टिविटी इन संभावनाओं को वास्तविक आर्थिक अवसरों में बदलने का माध्यम बनेगी।

    विकास और कनेक्टिविटी से बदल रही दक्षिण छत्तीसगढ़ की तस्वीर

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दक्षिण छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास के साथ आधारभूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी आवागमन कठिन था, वहां आज सड़क, रेल और संचार नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास की सुविधाएं अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक पहुंचें और उसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा आर्थिक प्रगति के समान अवसर मिलें।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रावघाट तक पहुंची रेल पटरी विकास की पटरी पर तेजी से आगे बढ़ते छत्तीसगढ़ की तस्वीर है। यह रेल लाइन दक्षिण छत्तीसगढ़ की दूरियां कम करने के साथ यहां के लोगों को अवसरों के और करीब लाएगी। आने वाले समय में बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से इस पूरे अंचल की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक और मजबूत रेल अधोसंरचना इस संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • उमरिया-शहडोल में भारी बारिश का कहर, डिंडौरी में बाढ़ जैसे हालात; कई जगह अलर्ट

    उमरिया-शहडोल में भारी बारिश का कहर, डिंडौरी में बाढ़ जैसे हालात; कई जगह अलर्ट

    डिंडौरी/उमरिया/शहडोल

     डिंडौरी जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। नर्मदा नदी में बाढ़ आने से जबलपुर-अमरकंटक मार्ग पिछले 1 घंटे से बंद है। जोगी टिकरिया पुल पानी में डूब गया है, जबकि जिला मुख्यालय का पुल भी डूबने की कगार पर है। जिला मुख्यालय से शहडोल मार्ग भी सुबह से ही बंद है, यहां भी पानी पुल के ऊपर आ गया है।

    बजाग, करंजिया जनपद क्षेत्र में भी एक सैकड़ा से अधिक गांवों का संपर्क जनपद और जिला मुख्यालय से टूटा हुआ है। यहां भी स्थानीय नदियां उफान पर हैं। जिला मुख्यालय सहित अमरकंटक, बजाग और करंजिया क्षेत्र में तेज बारिश का दौर लगातार जारी है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क टूट गया है और कई गांवों में पानी घरों में घुसने लगा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है। घाटों में पुलिस बल भी तैनात किया जा रहा है। साथ ही नर्मदा नदी किनारे बसाहट क्षेत्र को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।

    स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में आज अवकाश
    लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा को देखते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया के निर्देश पर विद्यार्थियों एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए आज जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, CBSE, नवोदय, केंद्रीय विद्यालय और अनुदान प्राप्त संस्थाओं में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के लिए एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आज अवकाश रहेगा। हालांकि शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और अन्य कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहेंगे।

      तेज बारिश से स्कूलों की छुट्टी
    उमरिया जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही अति-वृष्टि और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर 26 सितंबर को जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश प्री-प्रायमरी से कक्षा 12वीं तक संचालित सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई और आईसीएसई विद्यालयों पर लागू रहेगा।

    शिक्षकों का अवकाश नहीं
    जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगा। सभी शिक्षक एवं विद्यालयीन कर्मचारी निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर अपने नियमित कार्यों का संपादन करेंगे। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने लगातार बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए विद्यार्थियों को घर से बाहर निकलने से बचाने और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

    जनजीवन प्रभावित
    इधर, लगातार बारिश का असर जिले के सामान्य जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। उमरिया शहर में डीएफओ कार्यालय के पास बारिश के कारण एक पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। सड़क पर पेड़ गिरने से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद संबंधित अमले द्वारा पेड़ को हटाने की कार्रवाई की गई, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका।

    भारी बारिश से बाणसागर बांध लबालब

    जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाणसागर बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। इसी को देखते हुए बांध प्रशासन ने आज 26 सितंबर को दोपहर 12 बजे से जल निकासी बढ़ाने का फैसला लिया है।

    फुल लेवल बनाए रखने के लिए बाणसागर मेन डैम के पहले से खुले हुए 6 रेडियल गेट नंबर 6, 7, 8, 9, 10 और 11 की ओपनिंग को 1.50 मीटर से बढ़ाकर 2.00 मीटर किया जा रहा है।

    सोन नदी में 2632 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जाएगा
    इससे स्पिलवे के 6 रेडियल गेटों से कुल 2458.00 क्यूमेक्स पानी का डिस्चार्ज होगा। बाणसागर मेन डैम के स्पिलवे और पावर हाउस नंबर-03 से सोन नदी में छोड़े जा रहे पानी का कुल फ्लो 2632.23 क्यूमेक्स होगा। विभाग ने कहा है कि अगर आवक और बढ़ी तो डिस्चार्ज और बढ़ाया जा सकता है।

    डाउनस्ट्रीम इलाके के लोगों के लिए अलर्ट
    मुख्य अभियंता, गंगा कछार जल संसाधन विभाग ने ऑर्डर जारी कर सभी फील्ड स्टाफ को अलर्ट और सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बाणसागर बांध के डाउनस्ट्रीम इलाके में सोन नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे सोन नदी से दूरी बनाए रखें और नदी में न जाएं।

    बता दें कि जिले में पिछले 48 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। दिन और रात कभी तेज तो कभी धीमी बारिश हो रही है। इसका असर बांध, नदी, तालाब और दूसरे वाटर सोर्स पर पड़ रहा है और सभी जल स्रोत अब लबालब हो चुके हैं।

    जल भराव
    लगातार बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में जलभराव, सड़क किनारे मिट्टी धंसने और पेड़-पौधों के गिरने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन द्वारा लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने तथा जलभराव वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
    बारिश के बीच स्कूल पहुंचे मासूम, बाद में पता चला छुट्टी है

    उमरिया जिले में लगातार हो रही अति-वृष्टि के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने 26 सितंबर को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया,लेकिन आदेश जारी होने के बावजूद इसकी सूचना समय पर विद्यार्थियों और अभिभावकों तक नहीं पहुंच सकी।नतीजा यह हुआ कि मूसलाधार बारिश के बीच कई परिजन बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच गए और वहां जाकर पता चला कि आज छुट्टी है।

    इस अव्यवस्था की जीवंत तस्वीर शनिवार सुबह सामने आई,जब पिता गुलाब सिंह अपने एलकेजी में अध्ययनरत बेटे साहिल सिंह को बारिश से बचाने के लिए पन्नी आदि से ढककर विद्यालय लेकर पहुंचे।बच्चे को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने की जद्दोजहद के बाद जब छुट्टी की जानकारी मिली तो उन्हें वापस करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर गांव खितौली-बगदरी लौटना पड़ा। गुलाब सिंह ने बताया कि उन्हें छुट्टी का मैसेज शनिवार सुबह करीब 8.50 बजे मिला।

    उनका कहना था कि यदि सूचना शुक्रवार रात को ही मिल जाती तो इतनी तेज बारिश में बच्चे को लेकर घर से निकलने की जरूरत ही नहीं पड़ती और इतनी दूर भीगते हुए नही आना पड़ता।प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर अवकाश का आदेश तो जारी कर दिया,लेकिन सवाल यह है कि जब मौसम इतना खराब था तो सूचना रात में ही हर अभिभावक तक पहुंचाने की व्यवस्था क्यों नहीं हुई?

    एक छोटी-सी सूचना की देरी ने बारिश में मासूम को सड़क पर ला दिया और अभिभावक को बेवजह 30-35 किलोमीटर का सफर करना पड़ा। यह तस्वीर सिर्फ एक परिवार की परेशानी नहीं,बल्कि स्कूल प्रबंधन की सूचना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।संभव है कि ऐसे और भी बच्चे बारिश में स्कूल पहुंचे हों, जिन्हें समय पर छुट्टी की जानकारी नहीं मिली।

    जन विश्वास अभियान कैम्प स्थगित
    अत्यधिक वर्षा के कारण आज करंजिया जनपद में आयोजित होने वाला जन विश्वास अभियान कैम्प भी स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने बताया कि मौसम सामान्य होने पर नई तिथि घोषित की जाएगी।

    24 घंटे में 92.9 मिमी औसत बारिश, बजाग में सबसे ज्यादा 143 मिमी
    भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय से प्राप्त दैनिक वर्षा की जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटे में जिले में रिकॉर्ड बारिश हुई है। 26 सितंबर को जिले में कुल 650.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसका औसत 92.9 मिमी है। सबसे ज्यादा बारिश बजाग में 143.0 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा डिंडौरी में 93.2 मिमी, अमरपुर में 96.3 मिमी, समनापुर में 89.0 मिमी, करंजिया में 80.0 मिमी, शहपुरा में 64.4 मिमी और मेहदवानी में 84.3 मिमी वर्षा हुई।

    डिंडौरी जिले की सामान्य औसत बारिश 1404.8 मिमी है। 1 जून से 26 सितंबर तक कुल 8236.1 मिमी वर्षा हो चुकी है, जिसका औसत 1176.6 मिमी है। दीर्घ सामान्य वर्षा की तुलना में अब तक 83.74 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है। गत वर्ष इसी दिन औसतन मात्र 3.9 मिमी बारिश हुई थी, जबकि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक कुल 5.83 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

  • यूपी में भारी बारिश से उफनी नदियां, 7 जिलों में बाढ़ का अलर्ट

    यूपी में भारी बारिश से उफनी नदियां, 7 जिलों में बाढ़ का अलर्ट

    लखनऊ
    नेपाल के पहाड़ी इलाकों और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बड़ी गंडक, राप्ती, रोहिन, चंदन और व्यास नदियां उफान पर हैं। बारिश के चलते गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर और महराजगंज जिले के कई जलभराव वाले क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई जा रही है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें। उफनाते नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सीएम योगी ने जीर्ण-शीर्ण मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को जरूरत के अनुसार निकटतम राहत शरणालय में पहुंचाया जाए, ताकि भारी बारिश या आकस्मिक बाढ़ की स्थिति में उनके जीवन को खतरा न हो।

    महाराजगंज के धानी क्षेत्र में रिगौली बांध पर राप्ती नदी का जलस्तर बढ़कर 76.85 मीटर पर पहुंच गया है। सदर क्षेत्र के त्रिमुहानी घाट पर रोहिन नदी का जलस्तर 78.48 मीटर और ठूठीबारी क्षेत्र में चंदन नदी का जलस्तर 99.65 मीटर दर्ज किया गया है। कंट्रोल रूम के अनुसार महराजगंज और नेपाल सीमा के सभी तटबंध फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित हैं। उधर, नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश के बाद बड़ी गंडक नदी का डिस्चार्ज तेजी से बढ़ने लगा है। शुक्रवार की दोपहर वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर नदी का डिस्चार्ज 79 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया, जो शाम तक बढ़कर 1 लाख 21 हजार 500 क्यूसेक पर पहुंच गया। नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज धारा को लेकर कुशीनगर में रेता क्षेत्र के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। छितौनी तटबंध के भैसहा गेज पर नदी चेतावनी बिंदु 95 मीटर के सापेक्ष 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे तटबंध पर पुनर्स्थापित किए गए स्परों पर नदी का दबाव सीधे पड़ रहा है। वहीं, छितौनी तटबंध के ठोकर नंबर दो और भेड़ियारी ठोकर नंबर तीन पर कटान का खतरा बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए बाढ़ खंड के एसडीओ संजय गौंड टीम के साथ तटबंध और संवेदनशील बिंदुओं का निरीक्षण कर रहे हैं। करीब दो हफ्ते तक शांत रहने वाली बड़ी गंडक नदी नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में बारिश के बाद एक बार फिर उफान पर आ गई है।

    लगातार बारिश से उफनाईं नदियां, जलस्तर में बढ़ोतरी
    शुक्रवार की शाम पांच बजे जारी बाढ़ नियंत्रण कक्ष से जारी रिपोर्ट के अनुसार गंडक बैराज वाल्मीकिनगर से डिस्चार्ज बढ़कर 1 लाख 29 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है। मौसम विभाग और प्रशासन ने महाराजगंज में अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी करते हुए नदी-नालों से दूरी बनाने की अपील की है।

    बाढ़ नियंत्रण कक्ष के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे तक जिले में 53 मिमी और बी-गैप क्षेत्र में 79 मिमी भारी बारिश दर्ज की गई। 24 घंटे के भीतर नदियों के जलस्तर और डिस्चार्ज में भारी उछाल आया है। वाल्मीकिनगर बैराज का डिस्चार्ज गुरुवार को जहां 56 हजार क्यूसेक था वह शुक्रवार सुबह आठ बजे 79 हजार 700 क्यूसेक, सायं चार बजे बढ़कर 1 लाख 21 हजार 500 क्यूसेक व सायं पांच बजे 1.29 लाख क्यूसेक पहुंच गया। गंडक नदी में लगातार पानी बढ़ रहा है।

    दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश
    गोरखपुर मंडल में पिछले दो-तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश और तेज हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कहीं बारिश से सूख रहे खेतों को संजीवनी मिली है, तो कहीं तेज हवा के कारण पककर तैयार धान और खड़ी गन्ने की फसल खेतों में गिर गई है। निचले और चंवर क्षेत्र के खेतों में पानी भरने से धान की फसल प्रभावित होने लगी है। नदी पार क्षेत्र में केले की खेती पर भी मौसम की मार पड़ी है। लगातार बारिश के कारण किसानों के सामने गिरी फसल को संभालने की चुनौती खड़ी हो गई है।

    तेज हवा-बारिश से धान और गन्ने की फसलें गिरीं
    कुशीनगर के सोहसा मठिया प्रतिनिधि के अुनुसार क्षेत्र में बारिश के साथ चली तेज हवा से कई खेतों में गन्ने और धान की फसल गिर गई। वहीं, पानी पहुंचने में दिक्कत वाले खेतों में महंगे डीजल से सिंचाई कर रहे किसानों को बारिश से राहत मिली है। क्षेत्र के सोहसा, कुरमौटा, मंझरिया, नरकटिया, महुई बुजुर्ग, परवरपार, पिपरी, मदरहा आदि गांवों में बारिश से धान की फसल को पानी मिला है। किसान महंथ यादव, जितेंद्र राव, ब्रजेश सिंह, सोमनाथ तिवारी, प्रमोद शर्मा, बबलू मल्ल, शशिकांत ओझा, दिग्विजय शर्मा आदि ने बताया कि बारिश से गन्ने और धान की फसल को पानी मिला है, जिससे फायदा हुआ है, लेकिन तेज हवा के कारण कई खेतों में फसल गिर गई है। इससे फसल को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। बरवा रतनपुर प्रतिनिधि के अनुसार नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में बारिश से धूस भूमि के खेतों में लगी धान की फसल को राहत मिली है, जबकि चंवर और निचले क्षेत्रों में पानी भरने से फसल प्रभावित हुई है। बरवा रतनपुर, कोहरगड्डी, नौगांवा आदि गांवों में खेतों में पानी लगा है। मेहंदीगंज प्रनिनिधि के अनुसार रामकोला क्षेत्र में बारिश और तेज हवा से गन्ने की खड़ी फसल प्रभावित हुई है।

    दो दिन में 10 एमएम हुई बारिश, ठंडक की दस्तक
    पश्चिमी बंगाल में उठे चक्रवात लानीलों के चलते जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। सुबह से लेकर शाम तक रुक-रुककर हुई बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं मौसम में यकायक ठंडक महसूस होने लगी। मौसम वैज्ञानिकों का दावा है कि आगामी तीन तक रिमझिम बारिश होने की संभावना है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और रिमझिम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर और शाम तक रुक-रुककर बारिश होती रही। इसके चलते तापमान में गिरावट महसूस हुई। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के अध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि लानीनो के प्रभाव से अगले तीन दिन तक कभी कभार तेज हवा के साथ रिमझिम बारिश होगी। दो दिन में जिले में 10 एमएम बारिश हुई है। वहीं शुक्रवार को कुशीनगर का अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। रिमझिम बारिश से किसानों को फायदा हुआ है। तेज हवा चलने पर फसलों की गिरने की संभावना है।

    फाजिलनगर में केले के पौधों को भी हुआ नुकसान
    वहीं कुशीनगर के फाजिलनगर के जौरा बाजार और आसपास के गांवों में तेज हवा के कारण अगैती धान और गन्ने की खड़ी फसल भी हवा की चपेट में आकर गिर गई। नदी पार क्षेत्र में केले के पौधों के गिरने से किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है।

  • सायोनी घोष समेत 20 TMC बागी सांसदों को राहत, 8 अक्टूबर तक मोहलत

    सायोनी घोष समेत 20 TMC बागी सांसदों को राहत, 8 अक्टूबर तक मोहलत

    नई दिल्ली

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद तृणमूल कांग्रेस से बगावत कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में जाने वालीं सांसद सायोनी घोष समेत 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग से जुड़ी अर्जी पर जवाब देने के लिए लोकसभा सचिवालय ने एक बार फिर नरमी दिखाई है। लोकसभा सचिवालय ने इन सांसदों को जवाब दाखिल करने की समय-सीमा 15 दिन के लिए आगे बढ़ा दी है। लोकसभा सचिवालय ने अब TMC के बागी सांसदों से 8 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। उन्हें दी गई समय सीमा 22 सितंबर को खत्म हो गई थी। इसके बाद बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से और एक महीने की मोहलत मांगी थी लेकिन स्पीकर ने 15 दिन का समय दिया है।

    इससे पहले 26 अगस्त को लोकसभा सचिवालय ने इन बागी सांसदों को पहले जवाब देने के लिए सात दिन की मोहलत मिली थी फिर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 22 सितंबर तक की मोहलत बढ़ा दी थी। अब एक बार फिर से इन बागी सांसदों को मोहलत मिली है। बता दें कि ममता गुट वाली TMC के अभिषेक बनर्जी ने जून में इन सांसदों के खिलाफ संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्रवाई करने की मांग लोकसभा अध्यक्ष से की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले में सुनवाई करते हुए सांसदों को नोटिस जारी किया और स्पीकर के सामने चल रही कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाने की बात कही थी।

    SC ने भी दो दिन पहले दिए थे निर्देश

    दो दिन पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा अध्यक्ष से इन सांसदों के मामले पर तुरंत फैसला लेने को कहा था। शीर्ष अदालत ने बुधवार को उम्मीद जताई थी कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल होने वाले तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को अयोग्य करार देने की मांग वाली याचिका पर ''जल्द'' निर्णय लेंगे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि उन्हें पता है कि वे लोकसभा अध्यक्ष को निर्देश नहीं दे सकते, ''लेकिन हम महज उन्हें मामले के शीघ्र समाधान के लिए स्मरण कराना चाहते हैं।''

    लोकसभा अध्यक्ष को पता है कि उन्हें क्या करना है

    यह याचिका पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने दायर की थी। सुनवाई शुरू होने पर, तृणमूल नेता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने दलील दी कि बागी सांसदों को नोटिस जारी किए जाने के बावजूद उन्होंने अपना जवाब दाखिल नहीं किया है तथा और समय मांगा है। लोकसभा अध्यक्ष की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायालय को बताया कि अध्यक्ष अयोग्यता याचिकाओं पर पहले ही नोटिस जारी कर चुके हैं। मेहता ने कहा, ''लोकसभा अध्यक्ष को पता है कि उन्हें क्या करना है। वह मामले की गंभीरता को समझते हैं।''

    20 में से 17 हो सकते हैं भाजपा में शामिल

    अभिषेक बनर्जी ने अपनी याचिका में बागी सांसदों के खिलाफ शुरू की गई अयोग्यता की कार्यवाही पर निर्णय लेने में हुई कथित देरी को चुनौती दी है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से संविधान के दल-बदल विरोधी प्रावधानों के अनुसार अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय लेने का निर्देश देने का न्यायालय से अनुरोध किया था। इस बीच, 20 सांसदों के अगले राजनीतिक कदम को लेकर भी अटकलें जारी हैं। पिछले सप्ताह बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया था कि 20 में से 17 सांसद दुर्गा पूजा से पहले या उसके बाद भाजपा में शामिल हो सकते हैं।