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  • पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों से सीएम योगी ने की राउंड टेबल मीटिंग

    पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों से सीएम योगी ने की राउंड टेबल मीटिंग

    पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों से सीएम योगी ने की राउंड टेबल मीटिंग

    मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, कृषि, मशीनरी और वुड टेक्नोलॉजी में निवेश का दिया न्योता

    पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर कि विस्तार से चर्चा

    उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला प्रदेश: सीएम योगी

    ग्रेटर नोएडा,
     उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल मीटिंग कर उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। पार्टनर कंट्रीज सिंगापुर, वियतनाम, रूस, बेलारूस, जापान और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसर और विभिन्न सेक्टरों में उपलब्ध संभावनाओं को साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला प्रदेश है। ऐसे में पार्टनर देशों की कंपनियों के लिए यहां निवेश और कारोबार विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं।

    वियतनाम की कंपनियों को एविएशन सेक्टर में निवेश का अवसर

    वियतनाम के डेलिगेशन के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वियतनामी कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने वियतनाम की कंपनियों को यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट फंक्शनल करने में सफलता मिली है और शीघ्र ही यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखा कि लखनऊ, वाराणसी और नोएडा से हनोई तथा वियतनाम के अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए वियतनाम के प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया।

    रूस की कंपनियों को डिफेंस, फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में निवेश का न्योता

    रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री ने रूसी संघ के बिजनेस कमिश्नर को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि रूस की ओर से जिन मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया है, उत्तर प्रदेश सरकार उन सुझावों से सहमत है और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां करीब 25 करोड़ की आबादी निवास करती है। प्रदेश में भारत का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर स्थापित हो रहा है। रूस की कंपनियां पहले से ही उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं। लखनऊ नोड में ब्रह्मोस की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में भी रूसी डिफेंस कंपनियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि रूस की एके-203 राइफल का निर्माण भी उत्तर प्रदेश में हो रहा है। यह रूस की कंपनियों के लिए प्रदेश में उपलब्ध अवसरों का उदाहरण है और उन्हें इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को भी रूस के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट के पास मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां रूसी निवेशक निवेश के साथ अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित कर सकते हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में भी फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। ललितपुर में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में भी रूस की कंपनियों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।

    कृषि और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन में सहयोग की बड़ी संभावनाएं

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रूसी कंपनियों के लिए कृषि और फर्टिलाइजर की सप्लाई चेन भी महत्वपूर्ण क्षेत्र हो सकता है। उत्तर प्रदेश को भारत का फूड बास्केट बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी मात्रा में उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं। कृषि आधारित उद्योग और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में एमएसएमई का बड़ा केंद्र है। प्रदेश में ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित किए जा सकते हैं, जहां यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन से जुड़े देशों के साथ आर्थिक एवं व्यापारिक संवाद को आगे बढ़ाया जा सके। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है, जहां विभिन्न देशों को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात क्षमता को देखने-समझने का अवसर मिल रहा है।

    बेलारूस की एडवांस मशीनरी और ट्रैक्टर कंपनियों को यूपी में निवेश का न्योता

    बेलारूस के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में उनकी सहभागिता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चार वर्ष पहले शुरू की गई पहल के क्रम में बेलारूस ने इस बार भी अपने पवेलियन के माध्यम से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक एवं विनिर्माण क्षमता को समझने का अवसर प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेलारूस के लिए निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन इसे कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। उन्होंने बेलारूस की एडवांस और हेवी मशीनरी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। विशेष रूप से बेलारूस की ट्रैक्टर कंपनियों को यहां असेंबलिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया।

    वुड टेक्नोलॉजी और ओडीओपी के बीच सहयोग की संभावनाएं

    मुख्यमंत्री ने बेलारूस के प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) की ताकत से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर और बिजनौर जैसे जिलों में लकड़ी एवं उससे जुड़े उत्पादों की प्रोसेसिंग का बेहतरीन कार्य हो रहा है। यदि बेलारूस की आधुनिक वुड टेक्नोलॉजी को उत्तर प्रदेश के इन क्लस्टर्स से जोड़ा जाता है तो यहां के उत्पादों को वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान दिलाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की करीब 56 प्रतिशत आबादी युवा है। प्रदेश सरकार युवाओं की शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण पर लगातार काम कर रही है। उत्तर प्रदेश में आईटी और तकनीकी संस्थानों की मजबूत व्यवस्था है। ऐसे में बेलारूस की कंपनियां प्रदेश में हेवी टेक्नोलॉजी से जुड़े तकनीकी संस्थान स्थापित कर सकती हैं और युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित करने में सहयोग कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बेलारूस मिलकर इन संभावनाओं को आगे बढ़ा सकते हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और निवेश के नए रास्ते खोलने का प्रभावी मंच बन रहा है।

    जापान के साथ आर्थिक एवं सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा

    मुख्यमंत्री ने भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची और जेईटीआरओ इंडिया के चीफ डायरेक्टर जनरल दाइसाकु युकिता के साथ संवाद किया। बैठक में उत्तर प्रदेश-जापान सहयोग को आर्थिक विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और निवेश प्रोत्साहन के क्षेत्र में और मजबूत करने पर चर्चा हुई। साथ ही, भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत के प्रतीक सारनाथ और नारा प्रीफेक्चर के बीच संबंधों को और गहरा करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    सिंगापुर के साथ निवेश और आर्थिक साझेदारी को नई गति

    मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के भारत में हाई कमिश्नर साइमन वोंग वी कुएन के नेतृत्व में आए सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल और प्रमुख निवेशकों के साथ भी संवाद किया। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार और इन्वेस्ट यूपी की ओर से उत्तर प्रदेश-सिंगापुर आर्थिक एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। बैठक में प्रस्तावित सिंगापुर सिटी परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। सिंगापुर सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने में गहरी रुचि व्यक्त की।

    25 देशों के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटो

    राउंड टेबल मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न पार्टनर देशों के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटोशूट भी कराया। ट्रेड शो में विभिन्न देशों की सहभागिता को उत्तर प्रदेश की वैश्विक व्यापारिक और औद्योगिक पहुंच के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

  • बंगाल के किसानों को ट्रिपल गिफ्ट, बिजली सब्सिडी समेत 3 बड़े ऐलान

    बंगाल के किसानों को ट्रिपल गिफ्ट, बिजली सब्सिडी समेत 3 बड़े ऐलान

    कोलकाता

    पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने किसानों को तीन हड़ी सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के लगभग चार लाख किसानों को बिजली पर प्रति यूनिट दो रुपये की सब्सिडी देगी। इस सब्सिडी का मकसद किसानों को बिजली की बढ़ती लागत से राहत देना है। इसके साथ ही अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि में भी इजाफा करने जा रही है।

    पूर्व बर्दवान जिले में एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि किसानों को पीएम-किसान योजना के तहत अब 6,000 रुपये के बजाय 9,000 रुपये की सहायता मिलेगी। तीसरे लाभ की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार वह सारा धान खरीदेगी जो किसान बेचना चाहते हैं, और इसके लिए उन्होंने 2,700 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने की घोषणा की।

    भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी
    लगे हाथ उन्होंने राज्य की पिछली सरकार यानी ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया और कहा, "बिचौलियों या एजेंटों के लिए कोई जगह नहीं होगी। विधायक किसानों के अभिभावक के रूप में कार्य करेंगे।" अधिकारी ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार चालू वित्त वर्ष के दौरान एक लाख नौकरियां उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, "भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी।"

    अडानी आरोग्य मंदिर की आधारशिला
    एक दिन पहले गुरुवार को शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के न्यू टाउन में गरीबों के लिए 2,000 बिस्तरों वाले अस्पताल की आधारशिला रखते हुए अडानी समूह से राज्य में और निवेश करने का आग्रह किया था और कहा कि यह समूह बंगाल के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री ने भूमि पूजन के दौरान कहा, "अडानी आरोग्य मंदिर का निर्माण 51.75 एकड़ जमीन पर किया जायेगा और यह आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को मुफ़्त में 1,000 बेड उपलब्ध करायेगा।" उन्होंने इस परियोजना को राज्य के लिए एक मील का पत्थर करार दिया और कहा कि यह अस्पताल न्यू टाउन में स्वास्थ्य देखभाल शहर का केंद्र बनेगा।

    अधिकारी ने कहा, "यह बंगाल के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। देश में कहीं भी गरीबों के लिए ऐसी व्यवस्था नहीं है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद अस्पताल परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद करण अडानी मुझसे मिले। उन्होंने कहा कि वह न्यू टाउन में एक आधुनिक अस्पताल बनाना चाहते हैं। मैंने सहमति दे दी। गौतम अडानी की हरी झंडी मिलने के साथ ही कुछ ही महीनों के भीतर आधारशिला रखी गयी है।"

  • MPPSC की ₹25 हजार लेट फीस जारी रहेगी, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

    MPPSC की ₹25 हजार लेट फीस जारी रहेगी, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

    इंदौर
     मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा ली जा रही 25 हजार रुपये लेट फीस को मप्र हाई कोर्ट ने सही ठहराया है। परीक्षा आवेदन में ली जाने वाली इस लेट फीस को चुनौती देने वाली याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी। यह याचिका मोहम्मद रिजवान ने दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि 10 मार्च 2026 को सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पद के लिए विज्ञापन जारी हुआ था।

    इसमें फार्म भरने की अंतिम तिथि आठ मई और शुल्क 500 रुपये तय था। नौ से 15 मई तक लेट फीस तीन हजार रुपये रखी गई और 16 मई से 23 सितंबर तक इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया। याचिकाकर्ता का तर्क था कि इतनी अधिक लेट फीस आर्थिक आधार पर भेदभाव करती है। अत्यधिक शुल्क की वजह से वह फार्म नहीं भर पा रहा है।

    उम्मीदवार देर से आवेदन जमा करने से बचे
    याचिका के साथ राजस्थान, केरल और उप्र सहित अन्य आयोगों द्वारा ली जाने वाली अधिकतम फीस के नोटिफिकेशन भी प्रस्तुत किए गए। पीएससी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने याचिका निरस्त करने की मांग की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि आयोग ने जानबूझकर तीन हजार और 25 हजार रुपये की लेट फीस का प्रविधान किया है, ताकि उम्मीदवार देर से आवेदन जमा करने से बचें।

    दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका निरस्त कर दी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के पक्ष में कोई उचित आधार नहीं मिला। तय समय में आवेदन फार्म नहीं भरने का कोई ठोस कारण भी नहीं बताया गया। इसलिए बिना किसी ठोस आधार वाली इस याचिका को निरस्त किया जाता है।

     

  • त्योहारों पर यात्रियों को राहत, तिरुवनंतपुरम-मदार के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन

    त्योहारों पर यात्रियों को राहत, तिरुवनंतपुरम-मदार के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन

    रतलाम 

    पश्चिम रेलवे द्वारा रेल यात्रियों की सुविधा तथा आगामी दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली आदि त्योहारों के दौरान बढ़ती यात्रा मांग को ध्यान में रखते हुए रतलाम रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों से होकर तिरुवनंतपुरम सेंट्रल व मदार स्टेशनों के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। विभिन्न स्टेशनों के साथ ही इस ट्रेन का रतलाम रेल मंडल के रतलाम, मंदसौर, नीमच और चित्तौड़गढ़ स्टेशनों पर भी ठहराव रहेगा।

    21 अक्टूबर से शुरू होगी तिरुवनंतपुरम-मदार स्पेशल ट्रेन
    रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, ट्रेन संख्या 06013 तिरुवनंतपुरम सेंट्रल-मदार स्पेशल ट्रेन 21 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक प्रत्येक बुधवार सुबह 7:45 बजे तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्टेशन से प्रस्थान कर रतलाम होते हुए शुक्रवार सुबह 11 बजे मदार स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम स्टेशन पर शुक्रवार रात 2:15/2:25 बजे, मंदसौर स्टेशन पर सुबह 4:05/4:07 बजे, नीमच स्टेशन पर सुबह 5:16/5:18 बजे और चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर सुबह 6:30/6:40 बजे आगमन व प्रस्थान होगा। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 06014 मदार-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्पेशल ट्रेन 24 अक्टूबर से 28 नवंबर 2026 तक चलाई जाएगी। यह ट्रेन प्रत्येक शनिवार रात 9:40 बजे मदार से प्रस्थान कर प्रत्येक मंगलवार रात 12:45 बजे तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम रेल मंडल के अंतर्गत प्रत्येक रविवार चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर रात 2:20/2:25 बजे, नीमच स्टेशन पर रात 3:01/3:03 बजे, मंदसौर स्टेशन पर रात 3:42/3:44 बजे और रतलाम स्टेशन पर सुबह 5:00/5:05 बजे आगमन व प्रस्थान होगा।

    इन स्टेशनों पर रहेगा ठहराव
    यह ट्रेन दोनों दिशाओं में कोल्लम, कायमकुलम, मावेलिक्करा, चेंगन्नूर, तिरुवल्ला, चंगनास्सेरी, कोट्टायम, एर्नाकुलम, अलुवा, तृश्शूर, षोरणूर, तिरूर, कोझिकोड, कण्णूर, कासरगोड, मंगलुरु, सूरतकल, उडुपी, कुंदापुरा, मूकांबिका रोड बैन्दूर, मुरुदेश्वर, कुम्टा, कारवार, मडगाँव, थिविम, सावंतवाड़ी रोड, कणकवली, रत्नागिरी, संगमेश्वर रोड, चिपलून, खेड़, मानगांव, रोहा, पनवेल, कल्याण, बोरीवली, सूरत, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर और अजमेर स्टेशनों पर ठहरेगी। 

    हजारों यात्रियों को आवागमन में होगी सुविधा
    इस स्पेशल ट्रेन के त्योहारों के समय संचालन से राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, गोवा और इनके आसपास के राज्यों में रहने वाले हजारों यात्रियों को आवागमन में सुविधा होगी। ट्रेन के ठहराव, समय-सारणी और कोच संरचना सहित अन्य विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त रेलवन ऐप के माध्यम से भी ट्रेन संबंधी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

     

  • अब बारिश की चिंता हुई दूर, सरिता के घर खुशियां देती हैं दस्तक

    अब बारिश की चिंता हुई दूर, सरिता के घर खुशियां देती हैं दस्तक

    अब बारिश की चिंता हुई दूर, सरिता के घर खुशियां देती हैं दस्तक

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं से जनजातीय परिवार को मिला सुरक्षित आवास

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजनाओं का जमीनी असर

    रायपुर,
     कभी बारिश की बूंदें सरिता बैगा के परिवार के लिए चिंता लेकर आती थीं। कच्ची दीवारों और खपरैल की छत वाले घर में रहने वाले इस परिवार को हर बरसात में छत टपकने और घर को सुरक्षित रखने की चिंता सताती थी। आज वही सरिता अपने पक्के घर के आंगन में खड़ी होकर अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सुकून भरा जीवन जी रही हैं। यह बदलाव उनके लिए केवल एक पक्के मकान का मिलना नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी चिंता से मुक्ति और सम्मान के साथ जीवन जीने का नया अवसर है।

    पेंड्रा-गौरेला-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी श्रीमती सरिता बैगा बताती हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे घर में रहता था। बारिश शुरू होते ही घर की छत से पानी टपकने लगता था। खपरैल को संभालना और हर साल उसकी मरम्मत करना परिवार के लिए बड़ी परेशानी थी। बच्चों को बारिश से बचाने की चिंता अलग रहती थी। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित पीएम जनमन आवास योजना उनके परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई।

    योजना के माध्यम से सरिता बैगा के परिवार को पक्का आवास मिला। अब उनका घर बारिश में नहीं टपकता। परिवार के पास एक सुरक्षित छत है, जहां बच्चे निश्चिंत होकर रह सकते हैं और पूरा परिवार सम्मान के साथ अपना जीवन आगे बढ़ा सकता है। सरिता के लिए यह बदलाव उनके चेहरे पर आई मुस्कान में साफ दिखाई देता है।

    सरिता कहती हैं कि पहले बारिश आते ही चिंता होने लगती थी कि घर की छत कहां से टपकेगी और बच्चों को कैसे सुरक्षित रखा जाएगा। अब पक्का घर मिलने के बाद बारिश का डर खत्म हो गया है। उनके लिए उनका नया घर सिर्फ ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, बच्चों के बेहतर भविष्य और खुशहाल जीवन की मजबूत नींव है।

    महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक संबल

    सरिता बैगा को हर माह महतारी वंदन योजना की राशि भी नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। इस राशि से उन्हें घरेलू जरूरतों और परिवार के छोटे-बड़े खर्चों को पूरा करने में सहूलियत मिल रही है। एक ओर पक्का आवास परिवार को सुरक्षा दे रहा है, वहीं नियमित आर्थिक सहायता ने घरेलू बजट को संभालने में उनका साथ दिया है।

    सरिता के जीवन में आया यह बदलाव केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के समन्वित प्रभाव को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय एवं वंचित परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार इन योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    सरिता बैगा के लिए सरकार की योजनाएं अब कागज पर दर्ज प्रावधान नहीं, बल्कि उनके अपने जीवन में महसूस किया गया बदलाव हैं। पक्के घर की सुरक्षित छत और आर्थिक सहायता ने उनके परिवार में आत्मविश्वास बढ़ाया है। वह कहती हैं कि सरकार की योजनाओं ने उनके परिवार को नई उम्मीद दी है और बच्चों के भविष्य को लेकर उनका भरोसा मजबूत हुआ है।

    सरिता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सरकार की योजनाएं जीवन बदलने का माध्यम बन रही हैं। उनके लिए पक्का घर उस सपने के पूरा होने जैसा है, जिसे कभी उन्होंने केवल मन में संजोया था। कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का यह सफर सरिता बैगा के परिवार की कहानी भर नहीं है। यह उस भरोसे की कहानी है, जब शासन की योजनाएं गांव के अंतिम छोर तक पहुंचकर किसी परिवार की जिंदगी में सुरक्षा, सम्मान और खुशियों की नई सुबह लेकर आती हैं।

  • उज्जैन में UPI पेमेंट से दूरी, दुकानदार मांग रहे नकद

    उज्जैन में UPI पेमेंट से दूरी, दुकानदार मांग रहे नकद

    उज्जैन 
    15 अक्टूबर से 2 हजार रुपए से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट यूपीआई भुगतान पर एमडीआर लागू होने की सूचना का असर उज्जैन शहर के बाजार में अभी से दिखाई देने लगा है। कई व्यापारियों ने बड़े यूपीआई भुगतान स्वीकार करना बंद कर दिया है। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ रहा है, जो रोजमर्रा की तरह मोबाइल से भुगतान करने के भरोसे घर से निकल रहे है और कई बार जेब में नकद नहीं रखते। दुकान पर पहुंचने के बाद यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं किए जाने पर ग्राहकों को सामान छोड़े बिना लौटना पड़ रहा है। कुछ ग्राहको को एटीएम जाकर नकद निकालने के बाद दोबारा खरीदारी के लिए आना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है संख्या में होने वाले भुगतान पर मासिक लागत बढ़ सकती है, इसलिए अभी से ग्राहकों को कैश भुगतान की आदत डालने की कोशिश कर रहे हैं।

    अभी से बदला भुगतान का तरीका
    शहर के इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, मोबाइल, ऑटोमोबाइल और अन्य बड़े कारोबार से जुड़े कुछ व्यापारियों ने 2 हजार रुपए से अधिक के यूपीआई भुगतान लेना सीमित या बंद करना शुरू कर दिया है। व्यापारियों का तर्क है कि रोज बड़ी संख्या में ऐसे भुगतान होने पर छोटी प्रतिशत दर भी महीने में बड़ी राशि बन सकती है। उनका कहना है कि ग्राहक से अलग शुल्क नहीं लिया जा सकेगा, इसलिए लागत का असर सीधे व्यापार के खर्च लोगों को आदत में लाने के लिए कुछ दुकानों पर कैश भुगतान को प्राथमिकता देने की व्यवस्था अभी से लागू की जा रही है। कुछ व्यापारियों के अनुसार बड़े यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या अधिक होने पर प्रतिदिन की संभावित लागत 400 से 500 रुपए तक पहुंच सकती है। व्यापारियो का अनुमान है कि महीनेभर में यह राशि एक कर्मचारी के वेतन के बराबर या उससे अधिक खर्च का रूप ले सकती है। हालांकि वास्तविक लागत कारोबार, पात्र ट्रांजैक्शन और लागू शुल्क की शर्तों पर निर्भर करेगी। व्यापारियों का कहना है कि इसी संभावित अतिरिक्त खर्च को देखते हुए वे अभी से बड़े भुगतान में नकद या अन्य माध्यमों को प्राथमिकता देने लगे हैं।

    ग्राहक बोले- यूपीआइ रोजमर्रा की जरूरत
    ग्राहकों के लिए परेशानी इसलिए बढ़ रही है क्योंकि यूपीआई भुगतान रोजमर्रा की खरीदारी का हिस्सा बन चुका है। कई लोग घर से निकलते समय नकद रखना जरूरी नहीं समझते और मोबाइल से भुगतान करने पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में दुकान पर यूपीआई स्वीकार नहीं होने की जानकारी मिलने पर उन्हें वापस लौटना पड़ता है। कपड़ों की खरीदी करने पहुंचे वीरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि छोटी-बड़ी खरीदारी के लिए यूपीआई की आदत बनने के बाद अचानक कैश भुगतान पर लौटना असुविधाजनक है। व्यापारियों की नई व्यवस्था से ग्राहकों को भुगतान का तरीका पहले से पूछना पड़ रहा है।

    रोज के बड़े भुगतान से बढ़ेगा खर्च
    कपडे के व्यापारी संदीप जैन बताते है की हमारे यहां रोजाना बड़ी राशि के कई यूपीआई भुगतान होते हैं। यदि 2 हजार रुपए से अधिक के हर पात्र भुगतान पर शुल्क लगता है तो महीने का खर्च काफी बढ़ सकता है। व्यापारी के लिए यह अलग से कोई छोटी राशि नहीं है। इसलिए हमने बड़े भुगतान में अभी से कैश को प्राथमिकता देना शुरू किया है। ग्राहक को भी पहले ही बता रहे है कि बड़े भुगतान के लिए नकद लेकर आएं।

    अभी से कैश भुगतान की आदत डाल रहे
    थोक फल विक्रेता शहजाद लाला बताते है 15 अक्टूबर के बाद अचानक भुगतान का तरीका बदलने से ग्राहक और व्यापारी दोनों को परेशानी होगी। इसलिए हमने अभी से बड़े भुगतान में कैश लेना शुरू किया है। हमारा उद्देश्य ग्राहक को परेशान करना नहीं है, बल्कि संभावित अतिरिक्त लागत से बचना है। धीरे-धीरे ग्राहक भी समझेंगे कि बड़ी खरीदारी के लिए नकद या दूसरा भुगतान रखना जरूरी हो सकता है।

    त्योहारी सीजन में नए नियमों से होगी परेशानी
    किराना व्यापारी सारांश राठौर ने बताया 15 अक्टूबर से यह व्यवस्था ऐसे समय में लागू हो रही है, जब त्योहारी सीजन में बाजारों में खरीदारी बढ़ जाती है और लोग बड़ी राशि की खरीदारी के लिए निकलते हैं। ऐसे में अचानक यूपीआई भुगतान की स्थिति बदलने पर ग्राहक को परेशानी हो सकती है। इसलिए हम अभी से ग्राहकों को बड़े भुगतान के लिए नकद या अन्य विकल्प रखने की जानकारी दे रहे हैं, ताकि त्योहारी खरीदारी के समय उन्हें एटीएम जाने या बिना खरीदारी लौटने की स्थिति का सामना न करना पड़े।

  • छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान, 100.1% सामान्य बारिश दर्ज

    छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान, 100.1% सामान्य बारिश दर्ज

    छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान 

    प्रदेश में 100.1% सामान्य वर्षा दर्ज

     बस्तर, नारायणपुर और बलरामपुर में झमाझम बरसे बादल

    ​रायपुर

          छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून की बारिश ने राज्य स्तर पर सामान्य आंकड़े को छू लिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी 25 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार प्रदेश में अब तक 100.1% यानी शत-प्रतिशत सामान्य वर्षा दर्ज की जा चुकी है। 1 जून से 25 सितंबर की अवधि में राज्य में औसतन 1082.4 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि बीते 10 वर्षों के आधार पर इस अवधि की संभावित औसत वर्षा 1081.5 मि.मी. मानी जाती है। बीते 24 घंटों में ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में औसतन 52.8 मि.मी. पानी बरसा है। 

            ​क्षेत्रवार स्थिति पर नजर डालें तो इस बार सरगुजा, रायपुर और बस्तर संभाग के कई जिलों में बादलों ने जमकर मेहरबानी दिखाई है। बलरामपुर जिला 169.4% बारिश के साथ प्रदेश में प्रतिशत के हिसाब से सबसे आगे बना हुआ है, जहाँ अब तक 1527.7 मि.मी. पानी गिर चुका है। वहीं कुल वर्षा की मात्रा के मामले में नारायणपुर जिला शीर्ष पर है, जहाँ अब तक रिकॉर्ड 1600.4 मि.मी. बारिश दर्ज हो चुकी है। बस्तर जिले में एक ही दिन में सर्वाधिक 188.2 मि.मी. और कोंडागांव में 161.8 मि.मी. बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद नारायणपुर में 151.9 मि.मी. तथा गरियाबंद में 110.3 मि.मी. बारिश हुई।  

           ​मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में भी बारिश की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। रायपुर जिले में अब तक 1180.2 मि.मी. (129.5%), गरियाबंद में 1357.7 मि.मी. (126.5%), धमतरी में 1201.7 मि.मी. (113.4%), महासमुंद में 1204.2 मि.मी. (121.7%), और बालोद में 1192.1 मि.मी. (115.0%) बारिश के साथ सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।इसी तरह बिलासपुर संभाग के मुंगेली में 1026.5 मि.मी. (108.8%), सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1161.3 मि.मी. (134.1%), तथा सूरजपुर में 1173.6 मि.मी. (111.2%) वर्षा दर्ज की जा चुकी है। 

    ​       राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से पीछे चल रहा है। सरगुजा जिले में अब तक 606.6 मि.मी. (75.5%), जशपुर में 828.7 मि.मी. (79.7%), कबीरधाम में 672.0 मि.मी. (82.2%), बेमेतरा में 597.1 मि.मी. (74.5%), और कांकेर में 1110.7 मि.मी. (75.9%) बारिश दर्ज की गई है, जो औसत के मुकाबले कम की श्रेणी में आता है। इसी प्रकार मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (74.7%) तथा बीजापुर (78.7%) में भी प्रतिशत के लिहाज से औसत से कम बारिश दर्ज हुई है। इसके बावजूद बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोरबा, जांजगीर-चांपा, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य के काफी करीब बना हुआ है।  

            ​राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश भर की नदियों के जलस्तर और बारिश के आंकड़ों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिन जिलों में हाल ही में भारी वर्षा हुई है, वहाँ निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

  • MP के तत्कालीन प्रमुख सचिव पर गिरफ्तारी की तलवार, NBW जारी

    MP के तत्कालीन प्रमुख सचिव पर गिरफ्तारी की तलवार, NBW जारी

    जबलपुर 
     मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने आदेश का पालन नहीं किये जाने को गंभीरता से लिया है. वेटरनरी विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उन्हें पेश करने के आदेश जारी किये हैं. हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को उन्हें पेश करने के आदेश जारी किये हैं. वारंट तामील की जिम्मेदारी भोपाल पुलिस आयुक्त सौंपी गयी है। 

    आदेश का पालन नहीं करने पर फिर याचिका
    जबलपुर के सेवानिवृत्त असिस्टेंट वेटरनरी फील्ड ऑफिसर केके गर्ग की तरफ से दायर अवमानना में कहा गया "वेतन से राशि कटौती किए जाने के खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. हाई कोर्ट ने कटौती की गयी राशि को 90 दिन में वापस करने के आदेश जारी किये थे. आदेश का पालन नहीं किये जाने कारण अवमानना याचिका दायर की गयी." एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई के दौरान पाया "अवमानना याचिका पर दिसंबर 2025 को नोटिस जारी किये गये थे। 

    हाई कोर्ट में पेश होने से बचते रहे
    भोपाल के पशु चिकित्सा और डेयरी विकास विभाग के अपर सचिव ने हाई कोर्ट के विशेष कर्तव्य अधिकारी को 22 दिसंबर 2025 को पत्र भेजाकर नोटिस प्राप्त होने तथा पशु चिकित्सा सेवाओं के उप निदेशक जबलपुर को संपर्क अधिकारी नियुक्त किये जाने की जानकारी दी थी. एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा "इसके बाद प्रतिवादियों और संपर्क अधिकारी ने मामले में किसी वकील को नियुक्त करने या अदालत में उपस्थिति दर्ज कराने की जहमत उठाई है. उन्होंने केवल इस अदालत की रजिस्ट्री को पत्र लिखकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। 

    कोर्ट ने कहा- बगैर गैर जमानती वारंट के नहीं सुधरेंगे
    हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा "तत्कालीन प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने कोर्ट में उपस्थिति दर्ज कराने और कोई अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने की परवाह नहीं की. ऐसा लगता है कि गैरजमानती वारंट जारी किए बिना प्रतिवादी अदालत में पेश नहीं होंगे और रिट याचिका में पारित आदेश का पालन करते हुए अवमानना याचिका में सहयोग नहीं करेंगे। 

  • कटनी मार्बल को मिलेगा GI टैग? शुरू हुई प्रक्रिया, दुनिया तक पहुंचाने की तैयारी

    कटनी मार्बल को मिलेगा GI टैग? शुरू हुई प्रक्रिया, दुनिया तक पहुंचाने की तैयारी

    कटनी
    कटनी का मार्बल एक बार फिर सुर्खियों में है। अपनी बेहतर गुणवत्ता के लिए देशभर में पहचाने जाने वाले इस पत्थर को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। वर्षों से सुस्त पड़े मार्बल कारोबार को नई उड़ान देने के लिए जिला प्रशासन ने जीआई (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) टैग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यदि यह प्रक्रिया पूरी होती है तो कटनी का मार्बल भी उन चुनिंदा उत्पादों की श्रेणी में शामिल हो सकता है, जिनकी पहचान उनके भौगोलिक क्षेत्र से होती है।

    उद्यमी संवाद में कारोबारियों ने रखी जीआई टैग की मांग
    मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026 के तहत बहोरीबंद की ग्राम पंचायत गुदरी में आयोजित उद्यमी संवाद में जिलेभर के मार्बल खदान संचालकों और व्यापारियों ने कलेक्टर आशीष तिवारी के सामने जीआई टैग की मांग रखी। कारोबारियों का कहना था कि कटनी के मार्बल की गुणवत्ता किसी से कम नहीं है, लेकिन ब्रांड पहचान और व्यवस्थित मार्केटिंग के अभाव में उद्योग लगातार पिछड़ रहा है। पूरी मांग को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी ने महाप्रबंधक उद्योग ज्योति सिंह को सभी मार्बल उद्यमियों को एक मंच पर लाकर मार्बल एसोसिएशन का गठन एवं पंजीयन कराने के निर्देश दिए। इसके बाद यही पंजीकृत एसोसिएशन जीआई टैग के लिए औपचारिक आवेदन करेगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आवेदन से लेकर पूरी प्रक्रिया तक जिला प्रशासन हर संभव सहयोग देगा।

    कलेक्टर बोले- अब ब्रांड बनेगा कटनी मार्बल
    कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा कि कटनी का मार्बल अपनी गुणवत्ता और प्राकृतिक विशेषताओं के कारण अलग पहचान रखता है। अब आवश्यकता इसे एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करने की है। उन्होंने कहा कि कटनी मार्बल एसोसिएशन बनने और जीआई टैग मिलने के बाद कटनी मार्बल की ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में इसकी अलग पहचान बन सके। 

    उद्यमियों ने रखीं मार्बल उद्योग की बड़ी समस्याएं
    संवाद के दौरान कारोबारियों ने केवल जीआई टैग ही नहीं, बल्कि उद्योग से जुड़ी कई व्यावहारिक समस्याएं भी प्रशासन के सामने रखीं। इनमें माइनिंग डेडरेंट की दर कम करना, मार्बल माइंस के वेस्ट मटेरियल के निस्तारण के लिए ईटीपी की व्यवस्था, कटनी स्टोन प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना, नए भवनों में स्थानीय मार्बल के उपयोग को बढ़ावा देना, निर्बाध बिजली आपूर्ति और ई-खनिज पोर्टल के अपडेट जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। वहीं, कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी बिंदुओं पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि उद्देश्य केवल समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि कटनी के मार्बल उद्योग को फिर से आर्थिक मजबूती देना है। 

  • वंदे भारत ट्रेनों का बदलेगा शेड्यूल, 5 रूट पर नई तैयारी

    वंदे भारत ट्रेनों का बदलेगा शेड्यूल, 5 रूट पर नई तैयारी

    ग्वालियर 
     खजुराहो से दिल्ली के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है. सप्ताह में 6 दिन चलने वाली रेलवे की प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही सातों दिन चलेगी. इस संबंध में उत्तर रेलवे ने प्रपोजल बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजा है. इसके लिए इस ट्रेन के एक अतिरिक्त रैक की व्यवस्था करनी पड़ेगी। 

    अभी देश में 162 वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन
    सेमी हाई स्पीड और प्रीमियम सफ़र के लिए देश का गौरव बनी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन रेलवे की शान बन चुकी है. ये ट्रेन खजुराहो से दिल्ली, इसी तरह दिल्ली से वाराणसी समेत देश के 79 अलग-अलग रूट्स पर संचालित हैं. अब तक 162 रैक हफ़्ते में 6 दिन यात्रियों को गंतव्य तक तेज़ी से पहुंचाती हैं. लेकिन अब रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए सभी 7 दिन चलाने की प्लानिंग की जा रही है. इसी के तहत जल्द ही खजुराहो और नई दिल्ली के बीच सफ़र करने वाले यात्रियों को ये ट्रेन पूरे सप्ताह मिलेगी। 

    एक दिन क्यों नहीं होता ट्रेन का संचालन?
    रेलवे इस प्रीमियम ट्रेन को 6 दिन संचालित करता है और एक दिन ट्रेन मेंटिनेंस के चलते बंद रखी जाती है. इसके रखरखाव, मरम्मत और दूसरे मेंटिनेंस समय पर करना जरूरी है. लेकिन अब उत्तर रेलवे ने इसका विकल्प निकालते हुए वंदे भारत का एक अतिरिक्त रैक चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है. इससे मेंटेनेंस के दिन अतिरिक्त रैक यात्रियों को सफ़र कराने के लिए उपलब्ध रहेगा। 

    इस तरह ट्रेन पूरे सप्ताह यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी. साथ ही ट्रेन का रखरखाव भी समय पर होगा. फिलहाल ये ट्रेन मंगलवार से रविवार तक संचालित होती है. सोमवार को इसका मेंटेनेस किया जाता है. अतिरिक्त रैक उपलब्ध होने से सोमवार को भी खजुराहो और दिल्ली के बीच इस ट्रेन सफर लोग कर सकेंगे। 

    इन चार रूट पर भी प्लानिंग
    झांसी रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक़ "उत्तर रेलवे द्वारा इसके लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है." हालांकि प्रस्ताव के मुताबिक़ ये नई व्यवस्था खजुराहो से दिल्ली के बीच चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस (22469/22470) के साथ ही देश के 4 और रूट की वंदे भारत एक्सप्रेस पर लागू करने की तैयारी है. खजुराहो के साथ ऐसी ही प्लानिंग नई दिल्ली से अंदौरा, वैष्णो देवी कटरा, वाराणसी और अयोध्या (प्रयागराज) रूट पर लागू होगी। 

    तीन वेरिएंट में दौड़ रही वंदे भारत एक्सप्रेस
    वर्तमान में तीन अलग-अलग कोच कैटेगरी में वंदे भारत एक्सप्रेस देशभर में दौड़ रही है. इनमे 8 कोच वेरिएंट की वंदे भारत एक्सप्रेस 45 ट्रेन, 16 कोच वेरिएंट की 34 और 20 कोच वेरिएंट की 38 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन हैं. फ़िलहाल अतिरिक्त रैक का प्रस्ताव इन 5 रूट्स पर है. यदि इस पर मोहर लगी और ये व्यवस्था काम कर गई तो भविष्य में इसी की तर्ज पर अन्य रूट्स पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।