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  • फिक्सिंग आरोपों में घिरे मोहम्मद रिजवान, आधी रात होटल से बुलाकर जब्त किया फोन

    फिक्सिंग आरोपों में घिरे मोहम्मद रिजवान, आधी रात होटल से बुलाकर जब्त किया फोन

    नई दिल्ली
    पाकिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान फिक्सिंग के आरोपों में फंस गए हैं। उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच की जा रही है। कोर्ट ने जांच पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। उनका फोन जब्त कर लिया गया है और इसका सटीक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। न तो कोई लिखित नोटिस दिया गया है। 30 अगस्त को लॉर्ड्स टेस्ट खत्म होने के बाद रिजवान को आधी रात लगभग 1 बजे लंदन के उनके होटल के कमरे में जगाया गया। पीसीबी के भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारी कर्नल अख्तर ने उन्हें नीचे आने के लिए कहा और साथ ही उन्हें अपना हैंडसेट लाने का विशेष निर्देश दिया।

    आधी रात को पाकिस्तान की जांच एजेंसी एफआईए का एक सदस्य भी वहां मौजूद था। जब रिजवान नीचे आए तो टीम के एक अधिकारी ने उन्हें एफआईए के अधिकारी से मिलवाया और सहयोग करने की सलाह दी। रिजवान से सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुए से संबंधित कई सवाल पूछे गए और उनके लगातार विरोध के बावजूद उनका फोन जब्त कर लिया गया। उन्हें यह नहीं बताया गया कि उन पर क्या आरोप हैं, किस घटना की जांच की जा रही है, उन पर क्या करने का संदेह है, या किस अधिकार के तहत उनका फोन जब्त किया जा रहा है।

    रिजवान ने कोर्ट को क्या बताया
    रिजवान ने अदालत में अपनी अपील में लिखा, 'इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच 27 अगस्त से 30 अगस्त तक हुए लॉर्ड्स टेस्ट मैच के तुरंत बाद रिजवान को रात 1 बजे उस होटल की लॉबी में बुलाया गया, जहां पूरी टीम ठहरी हुई थी। वहां, कथित तौर पर किसी सरकारी एजेंसी का एक अधिकारी मौजूद था। इस बारे में उन्हें कुछ नहीं बताया गया था, लेकिन उनसे अधिकारी ने पूछताछ की और बिना कराण बताए उनका फोन जब्त कर लिया। रिजवान ने इस आश्वासन पर अपना फोन सौंपा था कि डिवाइस की पूरी तरह से जांच की जाएगी और अगले 3 घंटों के भीतर उसे वापस कर दिया जाएगा। आश्वासन के बावजूद, फोन आज तक वापस नहीं किया गया है। फोन अब एनसीसीआईए के कब्जे में है, जो उसके मामले की जांच कर रही है।

    अधिकारियों ने रिजवान को धमकाया
    लाहौर उच्च न्यायालय में दायर याचिका में रिजवान ने धमकी, ब्लैकमेल और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा, "कानूनी अधिकार के बिना फोन जब्त करना और उसे अनिश्चित काल तक अपने पास रखना, अपराध या उल्लंघन किए गए प्रावधान का उल्लेख किए बिना अस्पष्ट नोटिस जारी करना, अप्रासंगिक प्रश्नावली देना, शिकायत या सामग्री का खुलासा करने से इनकार करना यह दर्शाता है कि विवादित नोटिस और विवादित जांच वैधानिक शक्ति का वास्तविक प्रयोग नहीं है, बल्कि याचिकाकर्ता को परेशान करने, डराने और ब्लैकमेल करने का एक दिखावटी और दुर्भावनापूर्ण प्रयास है।"

    रिजवान को मीडिया से बात करने से रोका
    पीसीबी ने रिजवान को दो बार मीडिया से बात करने से रोक दिया है। एक सूत्र के अनुसार, रिजवान का कहना है कि वह किसी व्यक्ति, पीसीबी, एफआईए, एनसीसीआईए या पाकिस्तान के खिलाफ कोई शिकायत नहीं कर रहे हैं। उनका यह भी दावा है कि उनके मामले में भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं है। पीसीबी के हालिया बयान में कहा, 'पीसीबी ऐसे मामलों को अपनी मानक प्रक्रियाओं के अनुसार संभालता है। यह प्रक्रिया पीसीबी के नियमों के तहत संचालित की जा रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सभी संबंधित व्यक्तियों को उचित ध्यान दिया जाए। इस स्तर पर, कुछ प्लेटफार्मों पर प्रसारित हो रही अटकलबाजी वाली रिपोर्टों और अपुष्ट दावों, विशेष रूप से शत्रुतापूर्ण बाहरी स्रोतों से आने वाले दावों को विश्वसनीय नहीं माना जाना चाहिए।'

    कोर्ट ने क्या कहा?
    फोन जब्त होने के बाद, रिजवान और उनके साथी खिलाड़ी इमाम-उल-हक को अगली उपलब्ध उड़ान से पाकिस्तान लौटने के लिए कहा गया। पाकिस्तान पहुंचने पर उन्हें एनसीसीआई में तलब किया गया। उनसे उनकी संपत्ति, बैंक खातों और अन्य वित्तीय मामलों से संबंधित जानकारी देने को कहा गया, लेकिन उनका मोबाइल लौटाने की कोई बात नहीं हुई है, जिसकी अब फोरेंसिक जांच चल रही है। कोर्ट ने इस मामले में कहा कि इस स्तर पर न्यायालय सावधानी बरतते हुए सक्षम एजेंसी को जांच आगे बढ़ाने की अनुमति देना उचित समझता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि समन नोटिस किसी गलत कार्य का आरोप नहीं है। बल्कि यह जानकारी जुटाने की एक प्रक्रियात्मक प्रक्रिया है। रिजवान की याचिका खारिज करते हुए न्यायालय ने एनसीसीआईए को चेतावनी दी कि वह रिजवान को किसी भी प्रकार की परेशानी या अनावश्यक असुविधा न पहुंचाए और एजेंसी को निर्देश दिया कि वह जांच पूरी तरह से कानून के अनुसार करे।

    क्या खत्म होगा करियर?
    रिजवान ने 47 टेस्ट, 103 वनडे और 106 टी20 मैचों सहित 256 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया है। वह खुलकर अपनी बात रख रहे हैं और आरोपों से छुटकारा चाहते हैं। इमाम उल हक की स्थिति भी ऐसी ही है। रिजवान को प्रेसिडेंट ट्रॉफी ग्रेड 1 फर्स्ट क्लास टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति नहीं दी गई है, जिसमें ब्रिटेन दौरे से लौटे अधिकांश खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उन्हें सुई नॉर्दर्न गैस पाइपलाइन्स लिमिटेड का उप-कप्तान बनाया गया था। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्हें अपनी आजीविका कमाने से नहीं रोका जा सकता, लेकिन फिलहाल पाकिस्तान में बहुत कम लोग उनका समर्थन करते नजर आ रहे हैं। 34 साल के रिजवान के लिए यहां से वापसी करना मुश्किल होगा। क्योंकि, आईसीसी में अपील कर उन्होंने क्रिकेट बोर्ड से रिश्ते खराब कर लिए हैं। हालांकि, 30 साल के इमाम के पास वापसी करने का मौका रहेगा। उन्होंने पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है और जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

  • 26 सितंबर राशिफल: इन राशियों पर बरसेगी भोलेनाथ की कृपा, जानें आज का दिन कैसा रहेगा

    26 सितंबर राशिफल: इन राशियों पर बरसेगी भोलेनाथ की कृपा, जानें आज का दिन कैसा रहेगा

    मेष राशि:

    अनाप-शनाप खर्चे होंगे। खर्च की अधिकता मन को परेशान करेगी। सिरदर्द, नेत्र पीड़ा बना रहेगा। प्रेम-संतान की स्थिति मध्यम रहेगी। व्यापारिक स्थिति भी मध्यम रहेगी। जीवनसाथी की स्थिति आपकी अच्छी रहेगी। नीली वस्तु का दान करना शुभ होगा।
    वृषभ राशि:

    आय की स्थिति अच्छी होगी। भ्रामक समाचार की प्राप्ति मन खराब करने वाली होगी। प्रेम-संतान मध्यम रहेगा। व्यापारिक स्थिति संघर्ष वाली रहेगी। सीने में विकार संभव है। शनिदेव को प्रणाम करना शुभ होगा।
    मिथुन राशि:

    व्यापार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित रहेगा। प्रेम-संतान की स्थिति अच्छी रहेगी। राजनीतिक स्थिति उठा-पटक वाली रहेगी। पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान रखिएगा। नीली वस्तु पास रखना शुभ होगा।
    कर्क राशि:

    यात्रा अभी स्थगित रखिएगा। स्वास्थ्य पर ध्यान दीजिए। प्रेम-संतान में सुधार है। मान-सम्मान पर ठेस पहुंच सकती है। नीली वस्तु का दान करना शुभ होगा।
    सिंह राशि:

    वाहन धीरे चलाइए। स्वास्थ्य पर ध्यान रखिए। अचानक परिस्थितियां प्रतिकूल होंगी। स्वास्थ्य में किसी भी तरीके का रिस्क मत लीजिएगा, वाहन धीरे चलाइएगा। प्रेम-संतान की स्थिति आपकी थोड़ी मध्यम बनी हुई है। व्यापारिक स्थिति लगभग ठीक रहेगी। बस स्वास्थ्य पर बहुत ध्यान रखिएगा। शनिदेव को प्रणाम करना शुभ होगा।
    कन्या राशि:

    जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य में थोड़ा ऊपर-नीचे का मामला रहेगा। प्रेम-संतान की स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापारिक स्थिति भी अच्छी रहेगी। डिस्टर्बिंग टाइम है, लेकिन प्रोग्रेसिव टाइम है। शनिदेव को प्रणाम करना शुभ होगा।
    तुला राशि:

    शत्रुओं पर दबदबा कायम रहेगा। डिस्टर्बेंस बना रहेगा स्वास्थ्य से संबंधित। प्रेम-संतान की स्थिति भी मध्यम रहेगी। व्यापार आपका सही चलता रहेगा। नीली वस्तु पास रखना शुभ होगा।
    वृश्चिक राशि:

    प्रेम में बड़ा 'तू-तू मैं-मैं' हो सकता है। विद्यार्थी गण असमंजस में रहेंगे। प्रेम-संतान की स्थिति मध्यम, मानसिक विकार संभव है। व्यापार लगभग ठीक रहेगा। लाल वस्तु पास रखना शुभ होगा।
    धनु राशि:

    भूमि, भवन, वाहन की खरीदारी में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। घरेलू चीजों को शांतचित होकर निपटाइएगा। घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। स्वयं के स्वास्थ्य और मां के स्वास्थ्य पर ध्यान रखिए। प्रेम-संतान की स्थिति भी मध्यम है, व्यापार लगभग ठीक रहेगा। बजरंगबली को प्रणाम करना शुभ होगा।
    मकर राशि:

    व्यवसाय में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। स्वयं के स्वास्थ्य और अपनों के स्वास्थ्य पर ध्यान रखिए। बाकी प्रेम-संतान की स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापार भी ठीक रहेगा, बस थोड़ा सा डिस्टर्बेंस बना रहेगा। नीली वस्तु पास रखना शुभ होगा।
    कुंभ राशि:

    धन-हानि के संकेत हैं, निवेश अभी मत करिएगा। जुआ, सट्टा, लॉटरी में पैसे मत लगाइए। जुबान पर कंट्रोल रखिए। बाकी प्रेम-संतान थोड़ा मध्यम चल रहा है। व्यापार लगभग ठीक रहेगा। गणेश जी को प्रणाम करना शुभ होगा।
    मीन राशि:

    नकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। प्रेम-संतान मध्यम रहेगा, अवसाद ग्रस्त रहेंगे। व्यापारिक स्थिति लगभग ठीक है, स्वास्थ्य मध्यम है। शनिदेव को प्रणाम करना शुभ होगा।

  • Bigg Boss में रीति तिवारी पर भड़के सलमान खान, बोले- ‘आपको कोई नहीं जानता था’

    Bigg Boss में रीति तिवारी पर भड़के सलमान खान, बोले- ‘आपको कोई नहीं जानता था’

    लगता है कि इस हफ्ते का 'वीकेंड का वार' बीजेपी सांसद और भोजपुरी एक्टर मनोज तिवारी की बेटी रीति के लिए बड़ा मुश्किल होने वाला है. घर में उनका बर्ताव हर दिन बिगड़ता दिख रहा है. उदिति सिंह और काजी तौकीर को एक रैप बैटल के दौरान उन्होंने भद्दी गालियां दी थीं. सोशल मीडिया पर तो रीति सबके निशाने पर है हीं, मगर अब शो के होस्ट सलमान खान से भी उन्हें डांट सुननी पड़ रही है.

    बिग बॉस के वीकेंड का वार एपिसोड की क्लिप्स इस समय बाहर आ रही हैं, जिसमें सलमान खान मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी पर जमकर बरस रहे हैं. सुपरस्टार का कहना है कि उनका ये बर्ताव सही नहीं है, वो काजी से जलती हैं. उनका किया डिस (diss) टास्क काफी बेकार था. उन्होंने काजी और उदिति की बेइज्जती की. इस बात पर सलमान ने बाकी घरवालों की भी क्लास लगाई कि क्यों किसी ने रीति को उस समय टोका नहीं, जबकि वो अपनी सारी हदें पार कर गई थीं.

    सलमान के निशाने पर रीति तिवारी
    अब एक नए प्रोमो में सलमान ने रीति तिवारी के रवैये पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि मनोज तिवारी की बेटी शो में एक रॉकस्टार बनने का सपना लेकर आई थी. लेकिन जो उनकी भाषा है, वो उन्हें कहीं और लेकर जा रहा है. उनकी इन बातों से रीति पर फर्क पड़ेगा, साथ ही उनके पिता मनोज तिवारी पर भी सवाल उठेंगे. सलमान ने रीति से सवाल करते हुए कहा- कोई भी आपको तबतक नहीं जानता था जबतक आप बिग बॉस में आईं. ये हकीकत है? जिसपर रीति ने भी हामी भरी.

    आगे सलमान ने रीति से सीधे शब्दों में कहा- देखो, आप मनोज तिवारी की बेटी हैं. अभी तक तो बाहर सब यही बोल रहे होंगे ना कि ये उनकी बेटी है, तो उनके फेम के जरिए आप बिग बॉस में आईं. एक तरह से नेपोटिज्म के सहारे आपको शो मिला. लोग कह रहे हैं कि कोई इसे जानता नहीं, पहचानता नहीं है. उन्होंने ये तक कहा कि नेपोटिज्म की लड़की है, तो सलमान इसपर चीखेगा या चिल्लाएगा नहीं. ऐसी परिस्थिति को हैंडल करने के दो तरीके हैं. एक है- भाई बजाओ, दूसरा समझाओ. आप इन दोनों में से कौनसा चुनना पसंद करेंगी?

    अब देखना है कि आज की रात सलमान खान का गुस्सा रीति तिवारी पर कितना फूटता है. क्या रीति के बर्ताव पर उनके पिता मनोज तिवारी कुछ कहेंगे?

  • POCO का धांसू बजट 5G फोन, 6300mAh बैटरी और 120Hz स्क्रीन के साथ कीमत ₹10,999

    POCO का धांसू बजट 5G फोन, 6300mAh बैटरी और 120Hz स्क्रीन के साथ कीमत ₹10,999

    धीरे धीरे मार्केट से सस्ते स्मार्टफोन गायब हो रहे हैं. AI की वजह से आई मेमोरी शॉर्टेज इसकी वजह बताई जा रही है. ऐसे में कुछ कंपनियां अब भी सस्ते में 5G स्मार्टफोन ऑफर कर रही हैं. आज हम आपको POCO के ऐसे ही एक 5G स्मार्टफोन के बारे में बताएंगे. ये फोन मार्च में लॉन्च हुआ था, लेकिन अब भी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर बेचा जा रहा है.  

    Poco ने इसे भारत में बजट सेगमेंट में लॉन्च किया था. लॉन्च के समय इसकी शुरुआती कीमत 10,999 रुपये रखी गई थी. इस कीमत पर फोन में 5G कनेक्टिविटी के साथ 6300mAh की बैटरी, 120Hz डिस्प्ले और 32MP कैमरा जैसे फीचर्स मिलते हैं.

    कीमत और बिक्री
    इसके 4GB RAM और 64GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 10,999 रुपये है, जबकि 4GB RAM और 128GB स्टोरेज वाला मॉडल 11,999 रुपये में आता है. फोन की बिक्री 14 मार्च 2026 से Flipkart पर शुरू हुई थी. इसे ब्लैक, गोल्ड और ग्रीन कलर में खरीदा जा सकता है.

    6.9 इंच की बड़ी स्क्रीन
    फोन में 6.9 इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गया है. इसकी खास बात 120Hz रिफ्रेश रेट है, जिससे स्क्रॉलिंग और सामान्य इस्तेमाल में स्क्रीन ज्यादा स्मूद महसूस हो सकती है. डिस्प्ले का रिजॉल्यूशन 720×1600 पिक्सल है और इसमें 240Hz तक टच सैंपलिंग रेट मिलता है. Poco ने स्क्रीन को लेकर TÜV Rheinland सर्टिफिकेशन भी दिया है.

    6300mAh बैटरी
    इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6300mAh बैटरी है. Poco के मुताबिक यह सामान्य इस्तेमाल में दो दिन तक का बैकअप दे सकती है. फोन में 15W वायर्ड चार्जिंग और 7.5W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग का सपोर्ट है. कंपनी ने 1,000 चार्जिंग साइकल के बाद भी 80 फीसदी बैटरी हेल्थ का दावा किया है.

    32MP कैमरा और 5G प्रोसेसर
    कैमरे की बात करें तो पीछे डुअल कैमरा सेटअप है, जिसमें 32MP का मुख्य कैमरा दिया गया है. सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा मिलता है. फोन में Unisoc T8300 प्रोसेसर है, जिसकी मैक्सिमम क्लॉक स्पीड 2.2GHz है. साथ में 4GB LPDDR4X RAM और 64GB या 128GB स्टोरेज मिलता है. माइक्रोएसडी कार्ड से स्टोरेज को 2TB तक बढ़ाने का सपोर्ट भी दिया गया है.

    फोन Android 16 बेस्ड HyperOS पर चलता है. इसमें IP52 रेटिंग, साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर, 3.5mm हेडफोन जैक और USB Type-C पोर्ट भी मिलता है. वजन करीब 210 ग्राम है.

    Poco C85x 5G के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन
    डिस्प्ले: 6.9 इंच HD+ IPS LCD डिस्प्ले, 1600×720 पिक्सल रेजॉल्यूशन, 120Hz रिफ्रेश रेट और 240Hz टच सैंपलिंग रेट. स्क्रीन की पीक ब्राइटनेस 800 निट्स तक है.

    प्रोसेसर: Unisoc T8300 ऑक्टा-कोर चिपसेट
    रैम: 4GB LPDDR4X RAM.
    स्टोरेज: 64GB और 128GB. माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए स्टोरेज को 2TB तक बढ़ाया जा सकता है.

    ऑपरेटिंग सिस्टम: Android 16
    रियर कैमरा: 32MP मुख्य कैमरा के साथ डुअल कैमरा सेटअप.

    फ्रंट कैमरा: 8MP सेल्फी कैमरा.

    बैटरी: 6300mAh की बड़ी बैटरी.

    चार्जिंग: 15W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 7.5W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग.

    नेटवर्क: 5G, 4G LTE, 3G और 2G सपोर्ट. दोनों सिम स्लॉट में 5G सपोर्ट.

    सिम: डुअल नैनो सिम और अलग माइक्रोएसडी कार्ड स्लॉट.

    वाई-फाई: Wi-Fi 5.

    ब्लूटूथ: Bluetooth 5.4.

    यूएसबी: USB Type-C पोर्ट.

    हेडफोन जैक: 3.5mm हेडफोन जैक.

    सिक्योरिटी: साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक.

    डस्ट और पानी से सुरक्षा: IP52 रेटिंग.

    ऑडियो: स्टीरियो स्पीकर.

    जीपीएस: GPS, GLONASS और BeiDou सपोर्ट.

    डायमेंशन: 171.56 × 79.47 × 8.15mm.

    वजन: करीब 210 ग्राम.

    कलर: ब्लैक, गोल्ड और ग्रीन.

  • दाल-रोटी का स्वाद बढ़ा देगा गुजराती भरेला मिर्च, 10 मिनट में होगा तैयार

    दाल-रोटी का स्वाद बढ़ा देगा गुजराती भरेला मिर्च, 10 मिनट में होगा तैयार

    अक्सर रोज-रोज वही सादी दाल-रोटी या चावल खाकर जी ऊब जाता है और खाने में कुछ तीखा, खट्टा और चटपटा स्वाद चाहिए होता है. ऐसे में गुजरात का प्रसिद्ध भरेला मिर्च यानी स्टफ्ड ग्रीन चिली आपकी बेस्वाद थाली को भी एकदम जायकेदार बनाने के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है.

    मोटी हरी मिर्च के अंदर भुना हुआ बेसन, नींबू का रस और सोंधे मसालों की स्टफिंग भरकर जब इसे फ्राई किया जाता है तो इसकी खुशबू ही भूख बढ़ा देती है. खास बात है कि अगर घर में कोई सब्जी न बचे तो आप इसे बनाकर आराम से खा सकते हैं. इसे बनाना बेहद आसान है और यह महज 10 मिनट में बनकर तैयार हो जाता है. अगर थाली में कटोरी भर दाल-रोटी के साथ यह एक भरेला मिर्च मिल जाए, तो खाने का मजा दोगुना हो जाता है. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान विधि.

    सामग्री:
    5-6 हरी मिर्च (कम तीखी वाली)
    6 बड़े चम्मच तेल
    1 कप बेसन
    1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
    3 छोटे चम्मच धनिया पाउडर
    1/4 छोटा चम्मच हींग
    3 छोटे चम्मच चीनी
    स्वादानुसार नमक
    4 छोटे चम्मच नींबू का रस
    1 छोटा चम्मच जीरा
    छिड़कने के लिए जरूरत अनुसार पानी

    बनाने का तरीका
    सबसे पहले, 5-6 हरी मिर्च में चीरा लगाएं और उनके अंदर की नसें और बीज निकाल दें.

    एक कड़ाही में 2 बड़े चम्मच तेल और 1 कप बेसन डालें. बेसन का रंग बदलने और अच्छी खुशबू आने तक इसे भूनें.
    भुने हुए बेसन को एक कटोरे में निकाल लें और फिर उसमें हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, चुटकी भर हींग, गरम मसाला, चीनी, नींबू का रस, स्वादानुसार नमक और कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर मिलाएं. अच्छी तरह मिक्स करें.

    फिर तेल डालें और उंगलियों की मदद से तेल को बेसन में मिलाएं. इसके बाद, मिर्च में बने चीरे में यह मसाला भर दें.
    एक पैन में 2 बड़े चम्मच तेल गरम करें, उसमें जीरा और चुटकी भर हींग डालें.

    मसाला भरी मिर्च डालें और उन पर थोड़ा पानी छिड़कें. ढककर 1-2 मिनट तक पकाएं.

    जब मिर्च पक जाएं, तो उसमें ¼ कप बचा हुआ बेसन का मसाला डालें और 1 मिनट और पकाएं.

    खाने के साथ भरवां मिर्च (भरेला मरचा) का मजा लें. यह थेपला के साथ सबसे अच्छा लगता है.

  • पितृ पक्ष 2026: 27 सितंबर से शुरू होंगे श्राद्ध, 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या

    पितृ पक्ष 2026: 27 सितंबर से शुरू होंगे श्राद्ध, 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या

    हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का विशेष समय माना जाता है. इन दिनों परिवार अपने दिवंगत पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं. साल 2026 में पितृ पक्ष की शुरुआत 27 सितंबर से होगी. 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा. हालांकि, 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध किया जाएगा, जिसकी वजह से पितृ पक्ष की शुरुआत को लेकर 26 और 27 सितंबर की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है.

    26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध
    26 सितंबर, शनिवार को पूर्णिमा श्राद्ध किया जाएगा. जिन पूर्वजों का निधन पूर्णिमा तिथि को हुआ है, उनके लिए इस दिन श्राद्ध कर्म करने की परंपरा है.

    इसके अगले दिन यानी 27 सितंबर से प्रतिपदा श्राद्ध के साथ पितृ पक्ष की मुख्य तिथियां शुरू होंगी. इसलिए सामान्य तौर पर 27 सितंबर को पितृ पक्ष का पहला दिन माना जा रहा है.

    27 सितंबर से शुरू होंगी मुख्य श्राद्ध तिथियां
    27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध होगा. इसके बाद पूर्वज की मृत्यु तिथि के अनुसार अलग-अलग दिनों में श्राद्ध किया जाएगा.2026 में श्राद्ध की प्रमुख तिथियां इस तरह रहेंगी:

    27 सितंबर — प्रतिपदा श्राद्ध
    28 सितंबर — द्वितीया श्राद्ध
    29 सितंबर — तृतीया श्राद्ध, महाभरणी श्राद्ध
    30 सितंबर — चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध
    1 अक्टूबर — षष्ठी श्राद्ध
    2 अक्टूबर — सप्तमी श्राद्ध
    3 अक्टूबर — अष्टमी श्राद्ध
    4 अक्टूबर — नवमी श्राद्ध
    5 अक्टूबर — दशमी श्राद्ध
    6 अक्टूबर — एकादशी श्राद्ध
    7 अक्टूबर — द्वादशी और मघा श्राद्ध
    8 अक्टूबर — त्रयोदशी श्राद्ध
    9 अक्टूबर — चतुर्दशी श्राद्ध
    10 अक्टूबर — सर्वपितृ अमावस्या

    इस बार 30 सितंबर को चतुर्थी और पंचमी दोनों तिथियों का श्राद्ध एक ही दिन पड़ेगा. वहीं 29 सितंबर को महाभरणी और 7 अक्टूबर को मघा श्राद्ध रहेगा.

    मृत्यु तिथि के अनुसार किया जाता है श्राद्ध
    पितृ पक्ष में श्राद्ध के लिए अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि हिंदू पंचांग की तिथि देखी जाती है. जिस तिथि को पूर्वज का निधन हुआ था, उसी तिथि में श्राद्ध करने की परंपरा है.

    उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति का निधन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था, तो पितृ पक्ष में अष्टमी तिथि पर उनका श्राद्ध किया जाता है. इस वजह से हर परिवार के लिए श्राद्ध की तारीख अलग हो सकती है.

    मृत्यु तिथि याद न हो तो क्या करें?
    अगर किसी पूर्वज की मृत्यु की तिथि मालूम नहीं है, तो उनके लिए सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध करने की परंपरा है. 2026 में सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को होगी.

    किसी वजह से निर्धारित तिथि पर श्राद्ध नहीं हो पाया हो, तब भी सर्वपितृ अमावस्या को पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण किया जा सकता है.

    पितृ पक्ष में क्या किया जाता है?
    पितृ पक्ष के दौरान पितरों का स्मरण करके तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने की परंपरा है. कई परिवारों में ब्राह्मणों को भोजन कराने, दक्षिणा देने और जरूरतमंदों को अन्न-वस्त्र का दान करने की परंपरा भी निभाई जाती है.

    तर्पण में आमतौर पर जल, काले तिल और कुश का प्रयोग किया जाता है. इन कर्मों का उद्देश्य पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करना माना जाता है.

    श्राद्ध किस समय करना चाहिए?
    धार्मिक परंपरा में श्राद्ध कर्म के लिए मध्याह्न काल को उपयुक्त माना गया है. हालांकि, श्राद्ध का सटीक समय स्थान और स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है. इसलिए अपने शहर के पंचांग के अनुसार श्राद्ध का मुहूर्त देखना बेहतर रहता है.

    पितृ पक्ष में किन बातों का ध्यान रखें?
    इन दिनों सात्विक भोजन करने और घर में शांत वातावरण रखने की परंपरा है. कई परिवार पितृ पक्ष में बाल कटवाने, मुंडन और नए मांगलिक कार्यों से दूरी रखते हैं. हालांकि, इन नियमों में परिवार और क्षेत्र के अनुसार अंतर हो सकता है.

    श्राद्ध के दिन स्वच्छता का ध्यान रखना, स्नान करके साफ कपड़े पहनना और श्रद्धा के साथ पितरों का स्मरण करना धार्मिक परंपराओं का हिस्सा माना जाता है.

    10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या
    पितृ पक्ष का अंतिम दिन 10 अक्टूबर को होगा. इसे सर्वपितृ अमावस्या या महालय अमावस्या भी कहा जाता है. जिन पितरों की श्राद्ध तिथि मालूम नहीं है, उनके लिए इस दिन श्राद्ध करने की विशेष परंपरा है.

    इस दिन तर्पण, पिंडदान, अन्न-वस्त्र दान और जरूरतमंदों को भोजन कराने जैसे कर्म किए जाते हैं. इसके साथ ही पितृ पक्ष का समापन हो जाएगा और इसके बाद शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी.

    पितृ पक्ष 2026 की जरूरी तारीखें
    26 सितंबर — पूर्णिमा श्राद्ध
    27 सितंबर — प्रतिपदा, पितृ पक्ष की मुख्य शुरुआत
    29 सितंबर — महाभरणी श्राद्ध
    30 सितंबर — चतुर्थी-पंचमी श्राद्ध
    7 अक्टूबर — मघा श्राद्ध
    10 अक्टूबर — सर्वपितृ अमावस्या, पितृ पक्ष का समापन

  • गरियाबंद में ₹3 करोड़ का ITI भवन अधूरा, मान्यता अटकी

    गरियाबंद में ₹3 करोड़ का ITI भवन अधूरा, मान्यता अटकी

    गरियाबंद.

    देवभोग में मुड़ागांव में 2013 से संचालित हो रहे आईटीआई के लिए सरकार ने 2018 में लगभग 3 करोड़ का भवन बनवा दिया। निर्माण की जिम्मेदारी लोकनिर्माण विभाग की थी। भवन में निर्धारित शौचालय और अन्य कक्ष का निर्माण नहीं होने के कारण तात्कालीन आईटीआई प्रभारी ने निर्माण एजेंसी विभाग पीडब्ल्यूडी से टेक ओवर नहीं लिया था।

    अधूरे काम को पूर्ण कराने संस्थान ने कई पत्राचार किया पर स्वीकृत डिजाइन के आधार पर भवन पूर्ण नहीं हो सका। आज भी हेंड ओवर की प्रकिया नहीं हुई है। कूल 28 कमरे के भवन में वर्तमान में केवल 6 कमरों का इस्तेमाल होता है। फर्स्ट फ्लोर के कमरों का कोई उपयोग नहीं। नीचे सीपेज के चलते वाशरूम इलाके के छत की पपड़िया टूट रही है। भवन में कई जगह दरार शुरू से आ गई जिसकी अनदेखी विभाग ने कर दिया।

    एनसीवीटी मोड की मान्यता लटकी
    13 साल पुराना यह संस्थान आज संपूर्ण तरह से उपेक्षा का शिकार हो गया है। राज्य सरकार से अध्ययन्ता मिलने वाली एससीवीटी मोड पर अब भी संचालित है,जबकि एनसीवीटी मोड पर मान्यता मिलने से ही प्रशिक्षित छात्रों की प्रमाण पत्र बड़े उद्योग संस्थान में काम आ सकेगा। इसकी मान्यता के लिए संस्थान ने पत्राचार किया पर जरूरी दस्तावेजों में भवन संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो रहे, इसके अलावा ईक्यूपमेंट की प्रयाप्त उपलब्धता नहीं होना भी एक बड़ा कारण बताया गया है। यही वजह है कि अबतक 400 से ज्यादा छात्र प्रशिक्षित होकर निकले पर उन्हें बड़े अथवा सरकारी संस्थानों में कोई रोजगार उपलब्ध नहीं हो सका।

    स्टाफ और एक्यूपमेंट की कमी,अनदेखी
    वर्तमान में यहां कोपा इलेक्ट्रीशियन और फिटर ट्रेड में 88 छात्र प्रशिक्षन ले रहे हैं।एक परीक्षण अधिकारी और 4 संविदा प्रवक्ता के भरोसे संस्थान कई साल से संचालित है।15 से ज्यादा पद और नियमित प्राचार्य पद आज तक पूर्ति नहीं हुई।संस्था के बेहतर संचालन की मांग होती रही पर क्षेत्र के जरूरत मंदो को अधूरी और कम मान्यता वाले प्रमाण पत्र देकर केवल खानापूर्ति किया जा रहा है।

    लोकल मांग के आधार पर ट्रेड संचालन की मांग
    संचालित तीनों ट्रेड बड़े उद्योग और फर्मों के लिए जरूरत पूरी करता है।लेकिन प्रशिक्षण मोड एनसीवीटी नहीं होने के कारण प्रशिक्षित छात्र रोजगार से वंचित हो जाते हैं।इसे में स्थानीय जरूरत और रोजगार में सहायक साबित होने वाले ट्रेड वेल्डर,प्लंबर,राजमिस्त्री,टेलरिंग, साेलर मैकेनिक की मांग हो रही है।ताकि प्रशिक्षित युवा स्थानीय स्तर पर रोजगार ले सके।

    संतोष ध्रुव, प्रभारी प्राचार्य शाहिद भोजराज आईटीआई मुड़ागांव
    एन सी वीटी मान्यता दिल्ली से होता है, जिसके लिए हमे भवन के दस्तावेज चाहिए पर भवन अधूरे बने होने के कारण अब तक टेक ओवर के दस्तावेज नहीं है। स्थानीय आवश्यकता के आधार पर ट्रेड की मांग के लिए संचनालय से पत्राचार किया गया है।

  • MP के 18 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट, 3 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

    MP के 18 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट, 3 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिलों में अगले 48 घंटे तेज बारिश का दौर बना रहेगा। IMD (मौसम केंद्र) के अनुसार, शनिवार को जबलपुर-रीवा समेत 18 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    मूसलधार बारिश की चेतावनी को देखते हुए शनिवार को सतना में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक और मैहर में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक की सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।

    इसके अलावा भिंड, दतिया, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, मंडला और डिंडौरी में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश हो सकती है।

    वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर में बूंदाबांदी हो सकती है।

    इसी तरह शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, पांढुर्णा, अनूपपुर, सागर और पन्ना में भी बूंदाबांदी का अनुमान है।

    पूर्वी MP में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना
    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में मध्य प्रदेश का मौसम एक बार फिर एक्टिव है। गहरे अवदाब की तीव्रता भले ही लगातार कम हो रही हो, लेकिन इसकी उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में गति और इससे जुड़ी नमी पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा को बनाए रखने के लिए पर्याप्त है।

    इसलिए अगले 48 घंटे विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन, किसान और आम नागरिक स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखें। साथ ही नदी-नालों, पुल-पुलियों और निचले इलाकों में अनावश्यक आवागमन से बचें।

    मानसून की विदाई को 5 दिन बचे
    एमपी में दक्षिण-पश्चिम मानसून का पीरियड 1 जून से 30 सितंबर तक है। यानी, मानसून की विदाई को पांच दिन बचे हैं। आने वाले दिनों में मानूसन की विदाई होने लगेगी। राजस्थान के कई जिलों से मानसून लौट चुका है।

    सामान्य बारिश से 2.2 इंच नीचे चल रहा प्रदेश
    IMD की मानें तो प्रदेश में अब तक 880.5 मिमी यानी, 34.7 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 36.9 इंच (937.9 मिमी) की तुलना में 2.2 इंच कम है।

    वहीं, ओवरऑल 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में बराबर और पश्चिमी हिस्से में औसत से 11% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा बराबर है।

    बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 4% से 21% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। शुक्रवार को भी आंकड़ा बराबर पर आ गया।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 8% से 50% कम पानी गिरा है।

    इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश
    IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

  • मेहरम कोटे के लिये महिला हज आवेदिकाओ से आवेदन आमंत्रित – मिर्ज़ा एजाज बेग

    मेहरम कोटे के लिये महिला हज आवेदिकाओ से आवेदन आमंत्रित – मिर्ज़ा एजाज बेग

     मेहरम कोटे के लिये महिला हज आवेदिकाओ से आवेदन आमंत्रित – मिर्ज़ा एजाज बेग

       रायपुर 
     हज 2027 हेतु मेहरम कोटे से महिला हज आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। एैसी महिला हज आवेदिकाएं जिनके मेहरम का चयन हो चुका है और वे किन्ही कारणो से समय पर आवेदन नही कर सकी हैं तो 07 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकतीं हैं। हज कमेटी ऑफ़ इंडिया से प्राप्त सूचना के अनुसार  मेहरम कोटे के अंतर्गत दिनांक 07 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन हज आवेदन आमंत्रित किये गये है।

    छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमेन (राज्यमंत्री दर्जा) मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने आज जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया मुंबई के सर्कुलर 14 से प्राप्त सूचना अनुसार हज 2027 हेतु एैसी महिला हज आवेदिकाए जिनके मेहरम का चयन हो चुका है और वे किन्ही कारणो से आवेदन नहीं कर सकी हैं तो ऐसी हज आवेदिकाओं से हज कमेटी ऑफ़ इंडिया द्वारा मेहरम कोटे के अंतर्गत ऑनलाइन हज आवेदन आमंत्रित किये गये हैं।

    ऐसी हज आवेदिकाएं जिन्होंने  पूर्व में हज ना किया हो वे ही  आवेदन कर सकती हैं । इसके साथ ही  दिनांक 31.12.2027 तक की वैधता युक्त पासर्पोट धारण करना भी अनिवार्य है। मेहरम कोटे के अंतर्गत आवेदन करने की नियमावली का सम्पूर्ण विवरण, हज कमेटी की वेबसाइट में सर्कुलर 14 पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी मुखर्जी बाड़ा बैरन बाजार रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-4266646 पर संपर्क किया जा सकता है।*

  • 5 दिसंबर तक सिंह राशि में रहेगा केतु, मेष-सिंह समेत इन राशियों को फायदा

    5 दिसंबर तक सिंह राशि में रहेगा केतु, मेष-सिंह समेत इन राशियों को फायदा

    ज्योतिष में केतु को रहस्यमय और आध्यात्मिक ग्रह माना जाता है. इसे वैराग्य, आत्मचिंतन और अचानक होने वाले बदलावों से जोड़कर देखा जाता है. इस समय केतु सिंह राशि में गोचर कर रहा है, मघा नक्षत्र में स्थित है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मघा नक्षत्र में केतु का प्रभाव कुछ राशियों के लिए करियर, कारोबार, धन और निजी जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है.

    केतु मघा नक्षत्र के अलग-अलग पदों से गुजरते हुए 5 दिसंबर 2026 तक सिंह राशि में रहेगा. इसके बाद यह कर्क राशि में प्रवेश करेगा. ऐसे में आने वाला समय कुछ राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

    मेष राशि
    मेष राशि के जातकों के लिए यह समय कामकाज के लिहाज से अच्छा रह सकता है. कारोबार से जुड़े लोगों को नई डील या किसी पुराने काम से लाभ मिल सकता है. आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार के संकेत हैं.

    नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है. मेहनत का परिणाम मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा. हालांकि किसी भी बड़े आर्थिक फैसले में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा.

    सिंह राशि
    केतु का गोचर सिंह राशि में ही हो रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह अवधि खास मानी जा सकती है. करियर में चल रही उलझनें कम हो सकती हैं और काम को लेकर नई दिशा मिल सकती है.

    जिन लोगों को लंबे समय से तनाव या किसी फैसले को लेकर असमंजस था, उन्हें स्थिति स्पष्ट होने का अनुभव हो सकता है. अपने काम पर फोकस बनाए रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा.

    धनु राशि
    धनु राशि वालों के लिए केतु का यह प्रभाव कई मामलों में राहत देने वाला हो सकता है. किसी पुराने विवाद या कानूनी मामले में आगे बढ़ने का रास्ता मिल सकता है.

    परिवार का सहयोग मिलने से मानसिक तनाव कम होगा. साथ ही आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हो सकती है. काम के सिलसिले में ऐसी जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आगे चलकर फायदा हो.

    मीन राशि
    मीन राशि के जातकों के लिए आने वाले दिन कारोबार और कामकाज में नए अवसर लेकर आ सकते हैं. कोई नई डील, प्रोजेक्ट या पार्टनरशिप सामने आ सकती है.

    नौकरी करने वाले लोगों को भी नए काम की जिम्मेदारी मिल सकती है. निजी जीवन में लंबे समय से चली आ रही किसी उलझन को बातचीत के जरिए सुलझाने का मौका मिलेगा. रिश्तों में स्पष्टता बढ़ सकती है.

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि वालों के लिए यह अवधि काम में प्रगति के संकेत दे रही है. जिस काम को लेकर काफी समय से असमंजस था, उसमें धीरे-धीरे स्थिति साफ हो सकती है.

    करियर और कारोबार में नए मौके मिल सकते हैं. किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा. हालांकि एक साथ कई फैसले लेने के बजाय प्राथमिकता तय करके आगे बढ़ना बेहतर रहेगा.

    5 दिसंबर तक रहेगा केतु का प्रभाव
    ज्योतिषीय गणना के अनुसार केतु फिलहाल सिंह राशि में है और मघा नक्षत्र के अलग-अलग पदों से गुजर रहा है. 3 अक्टूबर 2026 के आसपास यह मघा के पहले पद में प्रवेश करेगा. इसके बाद 5 दिसंबर 2026 को केतु सिंह राशि से निकलकर कर्क राशि में चला जाएगा.

    इसलिए सितंबर के आखिरी दिनों से दिसंबर की शुरुआत तक का समय ज्योतिषीय दृष्टि से केतु के प्रभाव को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है. हालांकि किसी व्यक्ति पर गोचर का वास्तविक प्रभाव उसकी जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर अलग-अलग हो सकता है.