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  • बच्चों के लिए घर पर बनाएं चटपटे कुरकुरे, बेसन-चावल के आटे से झटपट तैयार

    बच्चों के लिए घर पर बनाएं चटपटे कुरकुरे, बेसन-चावल के आटे से झटपट तैयार

    शाम होते ही बच्चों को कुछ न कुछ चटपटा और क्रंची खाने का मन करने लगता है, जिसके लिए वे अक्सर बाजार के पैकेटबंद स्नैक्स की जिद्द करते हैं. लेकिन बाजार में मिलने वाले कुरकुरे में अनहेल्दी तेल और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, जो बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं.

    ऐसे में आप घर पर ही बेसन और चावल के आटे से बेहद आसानी से बाजार जैसे चटपटे कुरकुरे बना सकती हैं. यह स्नैक स्वाद में एकदम लाजवाब और करकरा होता है, जिसे खाते ही बच्चे खुशी में नाच उठेंगे. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने में समय बहुत कम लगता है और आप इसे बनाकर एयरटाइट डिब्बे में स्टोर भी कर सकती हैं. आइए जानते हैं इसे घर पर बनाने की आसान और परफेक्ट रेसिपी.

    सामग्री:
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    1 कप चावल का आटा

    1/4 कप बेसन

    1 बड़ा चम्मच कॉर्नफ्लोर या अरारोट (कुरकुरेपन के लिए)

    1/4 छोटा चम्मच बेकिंग सोडा

    1 बड़ा चम्मच तेल (मोयन के लिए)

    1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर

    1 छोटा चम्मच चाट मसाला

    1/2 छोटा चम्मच आमचूर पाउडर

    1/2 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर

    स्वादानुसार नमक और काला नमक

    तलने के लिए तेल

    पानी (आवश्यकतानुसार)

    बनाने की विधि:
    एक पैन में 1 कप पानी, थोड़ा सा नमक और 1 चम्मच तेल डालकर उबालें. पानी उबलने पर उसमें चावल का आटा, बेसन और कॉर्नफ्लोर डालें. गैस धीमी करके अच्छी तरह मिलाएं और 2 मिनट ढककर भाप में पकने दें.

    मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें. फिर हाथों में हल्का तेल लगाकर इसे मसल-मसलकर एकदम चिकना और सॉफ्ट आटा गूंद लें.

    अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां लें और हाथों या उंगलियों की मदद से लंबे-लंबे, टेढ़े-मेढ़े कुरकुरे का आकार दें.

    कढ़ाई में तेल मध्यम गर्म करें. तैयार किए गए कुरकुरे इसमें डालें और धीमी से मध्यम आंच पर सुनहरे और क्रिस्पी होने तक तलें.

    एक छोटी कटोरी में लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला, आमचूर पाउडर, जीरा पाउडर और काला नमक मिलाकर टॉस मसाला बनाएं.

    तले हुए कुरकुरे को बाउल में निकालें और तुरंत तैयार मसाला डालकर अच्छी तरह मिक्स करें ताकि मसाला चिपक जाए. तैयार हैं आपके क्रिस्पी और चटपटे कुरकुरे.

  • Asian Games 2026: भारत ने कबड्डी में जीता गोल्ड, फाइनल में ईरान को हराकर रचा इतिहास

    Asian Games 2026: भारत ने कबड्डी में जीता गोल्ड, फाइनल में ईरान को हराकर रचा इतिहास

    नागोया

    भारत की पुरुष कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया. भारतीय टीम ने फाइनल में ईरान को हराकर 9वीं बार एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल अपने नाम किया. कांटे के मुकाबले में भारत ने ईरान को फाइनल में 40-34 से हराया. इससे पहले भारत की महिला टीम ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया. भारत के लिए एशियन गेम्स में आज दिन शानदार रहा. मेंस और विमेंस कबड्डी में भारत ने दो गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास कायम किया. भारत के इस एशियाई खेलों में 4 गोल्ड सहित कुल 28 पदक हो गए हैं और मेडल टैली में भारत 12वें से 10वें नंबर पर पहुंच गया है। 

    भारतीय खिलाड़ियों ने दूसरे हाफ में जोरदार वापसी की. ईरान के खिलाफ पहले हाफ में पिछड़ने के बाद भारत ने आक्रामक खेल दिखाया. और ईरान की टीम को ऑलआउट कर बढ़त बनाई. मैच खत्म होने में जब 10 मिनट बचा था तब भारत ने ईरान पर पांच अंकों की बढ़त बना रखी थी.  ईरानी खेमा भारत की वापसी से दबाव में आ गया. भारत ने इसके बाद बढ़त को मजबूत किया. शानदार लय को बरकरार रखते हुए भारत  लगातार ईरान पर दबाव बढ़ाते रखा। 

    खिताबी मुकाबले के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखने को मिली. मैच की शुरुआत में ईरान ने आक्रामक खेल दिखाते हुए दबाव बनाया, लेकिन भारतीय टीम ने शानदार वापसी की. भारत ने मुश्किल समय में बेहतरीन सुपर टैकल के दम पर अंक जुटाए और ईरान पर बढ़त बनाई. हालांकि, ईरानी खिलाड़ियों ने पलटवार करते हुए भारत को ऑलआउट कर दिया और 14-13 की बढ़त हासिल कर ली. इसके बाद भारत ने वापसी के प्रयास जारी रखे, लेकिन पहला हाफ खत्म होने तक ईरान 18-17 से मामूली बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। 

    मैच के आखिरी मिनटों में ईरान ने स्कोर को बराबर करने के प्रयास में कई गलतियां की, जिसका भरपूर फायदा भारतीय टीम को मिला। भारत ने अंत में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबले में ईरान को 40-34 से हराते हुए लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
    पिछले एशियन गेम्स में भी भारतीय पुरुष टीम ईरान को ही हराकर चैंपियन बनी थी। इससे पहले, महिला कबड्डी टीम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। फाइनल में देश की बेटियों ने ईरान को कड़े मुकाबले में 37-34 से शिकस्त दी।

    भारतीय टीम ने की धमाकेदार वापसी और जीत लिया गोल्ड मेडल
    यहां से फिर भारतीय खिलाड़ियों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और बचे समय में ईरान पर दबदबा बनाए रखा और आखिर में भारत ने ईरान को 40-34 के अंतर से हराकर एशियन गेम्स में अपना 9वां गोल्ड मेडल जीतने में सफलता हासिल की, भारतीय खिलाड़ी जीत के साथ जश्न मनाने लगे. एक बार फिर भारतीय पुरूष कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल का इतिहास जीतकर ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया. दर्शक झूम रहे थे. भारत को अबतक एशियन गेम्स में यह चौथा गोल्ड मेडल मिला है। 

    एशियन गेम्स में भारत की कबड्डी टीम का दबदबा
    एशियाई गेम्स में भारत कबड्डी का पावरहाउस रहा है. 1990 में जब से कबड्डी को मेडल वाला खेल बनाया गया है, तब से भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने इस खेल में अपना दबदबा बनाए रखा है और कुल मिलाकर 12 गोल्ड मेडल, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं. पुरुष कबड्डी टीम ने अबतक 9 में से 8 गोल्ड मेडल जीतने में सफलता हासिल की है. ऐसा कर उन्होंने खुद को एशिया की सबसे मजबूत कबड्डी टीम के तौर पर स्थापित किया. हालांकि 2018 में टीम गोल्ड मेडल नहीं जीत पाई, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए हांगझोऊ एशियाई गेम्स में फिर से खिताब अपने नाम किया था। 

    भारत ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को हराकर फाइनल का टिकट कटाया था 
    भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 66-28 के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी थी. मैच की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने अपना दबदबा बनाना शुरू कर दिया था. शुरुआती पांच मिनट के भीतर ही भारत ने 7-1 की बढ़त बना ली थी. हालांकि, इसके बाद थाईलैंड के स्टार खिलाड़ी धीरादत चाईसित ने कुछ समय के लिए भारतीय टीम को चुनौती दी. धीरादत ने एक शानदार रेड में तीन अंक हासिल कर भारत को ऑल-आउट कर दिया और अंतर को 14-23 तक ला दिया. धीरादत की इस जुझारू कोशिश के बावजूद भारतीय टीम ने अपनी लय नहीं खोई. हाफ-टाइम तक भारत ने 37-18 से बढ़त बनाए रखी. मैच का दूसरा हाफ पूरी तरह से भारत के नाम रहा. मुकाबले में 11 मिनट शेष रहते ही भारत ने 50 अंकों का आंकड़ा पार कर लिया. थाईलैंड को वापसी का कोई मौका न देते हुए भारत ने मुकाबला 66-28 से अपने नाम कर लिया। 

  • बालों की चमक और सॉफ्टनेस के लिए लगाएं दही, इन 3 तरीकों से करें इस्तेमाल

    बालों की चमक और सॉफ्टनेस के लिए लगाएं दही, इन 3 तरीकों से करें इस्तेमाल

     दही सेहत के साथ-साथ बालों के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. पुराने समय से ही लोग बालों को मुलायम और चमकदार बनाने के लिए दही का इस्तेमाल करते आए हैं. दही में प्रोटीन, विटामिन B और D, लैक्टिक एसिड और हेल्दी फैट्स जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बालों और स्कैल्प को पोषण देने में मदद करते हैं.

    दही बालों के लिए नेचुरल कंडीशनर की तरह भी काम करता है. इसे बालों पर रेगुलर लगाने से बाल सॉफ्ट और स्मूद नजर आते हैं. आज हम आपको बालों पर दही लगाने की सही तरीका बताएंगे जो हेल्दी बाल पाने में आपकी मदद करेगा.
    बालों पर दही का इस्तेमाल कैसे करें?

    दही और नारियल तेल
    अगर आपके बाल रूखे और बेजान हैं तो दही में नारियल तेल मिलाकर लगा सकते हैं. इसके लिए 3 चम्मच दही में 2 चम्मच हल्का गर्म नारियल तेल मिलाएं. इसे बालों पर लगाकर करीब 30-60 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर शैंपू से बाल धो लें. इससे बालों में सॉफ्टनेस और नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

    दही और मुल्तानी मिट्टी
    ऑयली स्कैल्प वालों के लिए दही और मुल्तानी मिट्टी का मास्क बालों पर लगाना फायदेमंद हो सकता है. इसके लिए 3 चम्मच दही में 2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इसे स्कैल्प और बालों पर लगाएं और लगभग 20-30 मिनट बाद धो लें.

    दही और आंवला
    दही में आंवला पाउडर मिलाकर बालों पर लगाने से भी कई फायदे मिलते हैं. इसके लिए 2 चम्मच सादे दही में 1 चम्मच आंवला पाउडर मिलाएं. आप चाहें तो इसमें थोड़ा मेथी पाउडर भी मिला सकती हैं. इस मिश्रण को बालों और स्कैल्प पर लगाकर लगभघ 30-45 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद बालों को अच्छी तरह धो लें.

    दही बालों में लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
        बालों पर हमेशा ताजा और सादा दही ही इस्तेमाल करें.
        दही को आंखों के संपर्क में आने से बचाएं.
        पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर कर लें. अगर जलन, खुजली या किसी तरह की एलर्जी महसूस हो तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें.

     

  • रायपुर में ROLBOL Youth Conclave, चिराग पासवान होंगे शामिल

    रायपुर में ROLBOL Youth Conclave, चिराग पासवान होंगे शामिल

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 4 अक्टूबर को ROLBOL का तीसरा यूथ कॉन्क्लेव का मंच सजने वाला है. जहां पांचवे ROLBOL Talks का आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम में सिनेमा, पत्रकारिता, उद्योग और डिजिटल जगत की हस्तियां शामिल होंगी.

    जेल रोड स्थित मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में 4 अक्टूबर को दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक ROLBOL Youth Conclave 2026 का आयोजन होगा. इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नई सोच, नेतृत्व और सकारात्मक जीवन परिवर्तन से जोड़ना है. यूथ कॉनक्लेव में पांचवा ROLBOL Talks काफी खास होने वाला है.

    केंद्रीय मंत्री पासवान, बॉलीवुड एक्टर समेत कई दिग्गज होंगे शामिल
    इस वर्ष केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान, ‘मैरी कॉम’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ फेम बॉलीवुड अभिनेता दर्शन कुमार, अंतरराष्ट्रीय एवं सामरिक मामलों के वरिष्ठ पत्रकार आदित्य राज कौल और निलॉन्स के प्रबंध निदेशक दीपक सांघवी युवाओं से संवाद करेंगे. विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली ये हस्तियां अपने जीवन के अनुभव, संघर्ष और सफलता की यात्रा साझा करेंगी

    ROLBOL Creators Award में जुटेंगी देश की चर्चित हस्तियां
    ROLBOL Youth Conclave के तहत 3 अक्टूबर को कीपीएस स्कूल में प्रदेशभर के सोशल मीडिया कंटेंटे क्रिएटर्स के लिए ROLBOL Creators Award आयोजित किया जाएगा. इसमें बॉलीवुड संगीतकार मोंटी शर्मा, Foodie Incarnate के अमर सिरोही, Shikshit Talks के शिखर चौधरी, लग्जरी कंटेंट क्रिएटर देवांश जी. सेठी, फिल्म निर्देशक दीपक गर्ग और Auriea London के सह-संस्थापक शौनक शर्मा शामिल होंगे. अवॉर्ड के विजेताओं को 4 अक्टूबर को कॉन्क्लेव के मुख्य मंच पर सम्मानित किया जाएगा. वहीं छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिष्ठित ROLBOL Changemaker Award से राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक मनोज वर्मा, लोकप्रिय गायक अनुराग शर्मा और उभरते एंकर आरजे नमित को सम्मानित किया जाएगा.

    रायपुर से देशभर में विस्तार की तैयारी
    ‘Rest Of Life, Best Of Life’ के विचार के साथ संस्थापक दर्शन सांखला द्वारा शुरू की गई ROLBOL Community आठ वर्षों से व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से लोगों को बेहतर जीवन की दिशा में प्रेरित कर रही है. इसके मंच पर पूर्व में भी देश की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां युवाओं से संवाद कर चुकी हैं. रायपुर में ROLBOL Aspire और ROLBOL Blaze के बाद अब समुदाय देशभर में नए चैप्टर स्थापित करने की तैयारी में है.

    इस अवसर पर गगन बरड़िया को संगठन का प्रथम सेक्रेटरी जनरल और नेहा शालमोन को प्रथम एपेक्स काउंसिल में चेयर–ग्रोथ घोषित किया जाएगा. संस्थापक दर्शन सांखला एवं सह-संस्थापक वीरेन नागवंशी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कॉन्क्लेव की जिम्मेदारी संयोजक राकेश नवलखा, सह-संयोजक आकाश साहू, नमन कोरी, यश कुकरेजा एवं कोर टीम के सदस्य संभाल रहे हैं. ROLBOL का उद्देश्य केवल युवाओं को प्रेरित करना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने, आगे बढ़ने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना है.

  • इलेक्ट्रॉनिक्स से एआई और सेमीकंडक्टर तक, यूपी बनेगा देश का नंबर-1 टेक्नोलॉजी हब: जितिन प्रसाद

    इलेक्ट्रॉनिक्स से एआई और सेमीकंडक्टर तक, यूपी बनेगा देश का नंबर-1 टेक्नोलॉजी हब: जितिन प्रसाद

    इलेक्ट्रॉनिक्स से एआई और सेमीकंडक्टर तक, यूपी बनेगा देश का नंबर-1 टेक्नोलॉजी हब: जितिन प्रसाद

    केंद्रीय मंत्री बोले- उत्तर प्रदेश देश का अगला ग्रोथ इंजन बनने की ओर, डबल इंजन सरकार के समन्वय से तेज हो रहा बदलाव

    वह दिन दूर नहीं जब देश और दुनिया में निवेश की चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुखता से लिया जाएगा: जितिन प्रसाद

    ग्रेटर नोएडा
     उत्तर प्रदेश अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का केंद्र बनने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश देश का अगला ग्रोथ इंजन बनने की ओर अग्रसर है। यह बात केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 'यूपीज जर्नी फ्रॉम इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर टू एआई एंड सेमीकंडक्टर पावरहाउस’ सत्र को संबोधित करते हुए कही।

    उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब देश और दुनिया में निवेश की चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुखता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख हब बनाना है और इसके लिए राज्य में तेजी से जरूरी इकोसिस्टम तैयार हो रहा है।

    जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में परिवर्तन स्पष्ट दिखाई दे रहा है। केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय वाली डबल इंजन सरकार इस बदलाव को गति दे रही है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और ट्रेड देश की विकास यात्रा के दो महत्वपूर्ण इंजन हैं और उत्तर प्रदेश इनके माध्यम से नई ऊंचाइयों को हासिल कर सकता है।

    नोएडा से आगे पूरे यूपी में टेक्नोलॉजी का विस्तार

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब प्रयास केवल नोएडा तक निवेश सीमित रखने का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी के अवसर पैदा करने का है। इसका सीधा लाभ राज्य के युवाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सैमसंग और योटा जैसे बड़े निवेश, डाटा सेंटर्स, एआई लैब्स तथा अन्य टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर उत्तर प्रदेश में बन रहे नए इकोसिस्टम की तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। सरकार का प्रयास है कि राज्य में डिजाइन से लेकर सेमीकंडक्टर कॉम्पोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट तक पूरी वैल्यू चेन विकसित हो।

    असेंबली से कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ेगा यूपी

    जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत अब केवल उत्पादों की असेंबली करने वाला देश नहीं रहेगा। इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम जैसी पहल के जरिए देश कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की डिजाइन क्षमता और प्रतिभा को दुनिया पहले से पहचानती है। अब इसी ताकत के साथ मैन्युफैक्चरिंग क्षमता जोड़ने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्माण तथा उन्हें घरेलू और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना इस विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    सरकारी मदद का लाभ लें, लेकिन आत्मनिर्भर बनें उद्योग

    केंद्रीय मंत्री ने उद्योग जगत को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी प्रोत्साहन और सब्सिडी विकास को गति देने का माध्यम हैं, लेकिन उद्योगों की दीर्घकालिक सफलता उनकी अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर निर्भर करेगी। सरकार जमीन, नीतियां, मंजूरियां और सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उद्योगों को अंततः कॉम्पिटेटिव और सेल्फ सस्टेनिंग बनना होगा।

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार उद्योगों की जरूरतों को समझते हुए सक्रिय और गुड गवर्नेंस के साथ काम कर रही है। निवेशकों को सुरक्षित और स्थिर नीतिगत वातावरण देना जरूरी है, ताकि वे लंबी अवधि के फैसले ले सकें।

    एआई से बढ़ेगी एमएसएमई की उत्पादकता

    जितिन प्रसाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एआई का इस्तेमाल केवल तकनीक अपनाने के लिए नहीं, बल्कि प्रोडक्टिविटी, एफिशिएंसी और कॉस्ट कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाने के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि एआई के माध्यम से कोई एमएसएमई अपनी लागत कम करता है या उत्पादकता बढ़ाता है तो यही तकनीक का वास्तविक लाभ होगा।

    उन्होंने युवाओं को एआई इनोवेटर्स, रिसचर्स और एडॉप्टर्स के रूप में तैयार करने की जरूरत बताई। साथ ही आईआईटी कानपुर  समेत शोध संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत तालमेल पर जोर दिया।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए अवसर का यह महत्वपूर्ण दौर है। आने वाले वर्षों की योजना आज से बनानी होगी, ताकि राज्य की युवा पीढ़ी को एक ऐसा इकोसिस्टम मिल सके जो उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग पावर हाउस के रूप में स्थापित करे।

    नोएडा के साथ लखनऊ और कानपुर में भी बढ़ेगा जीसीसी का विस्तार: आलोक कुमार

    उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार ने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विकास के साथ मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) पर विशेष फोकस किया जा रहा है। नोएडा में पहले से जीसीसी मौजूद हैं, जबकि कुछ जीसीसी ने लखनऊ में भी काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि नई जीसीसी पालिसी और आईटी पॉलिसी के जरिए अब नोएडा के साथ लखनऊ और कानपुर क्षेत्र में भी अधिक जीसीसी आकर्षित करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में आईबीएम समेत कई आईटी और टेक्नोलॉजी कंपनियां मौजूद हैं। राज्य की जीसीसी और आईटी नीतियों को अन्य राज्यों की नीतियों के अनुरूप मजबूत बनाया गया है तथा आईटी और आईटी एनेबल्ड सर्विसेज (आईटीईएस) को पहले ही इंडस्ट्री स्टेटस प्रदान किया जा चुका है।

  • छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी ने बढ़ाया देश-प्रदेश का गौरव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी ने बढ़ाया देश-प्रदेश का गौरव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी ने बढ़ाया देश-प्रदेश का गौरव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्टार खिलाड़ी संजू देवी से फोन पर की आत्मीय बातचीत, स्वर्णिम सफलता के लिए दी बधाई

    मुख्यमंत्री ने कहा – संजू देवी की उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए बनेगी प्रेरणा

    एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को पराजित कर जीता स्वर्ण पदक

    भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत में कोरबा की संजू देवी ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य एवं छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की निवासी सुसंजू देवी को फोन कर इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सुसंजू देवी से आत्मीय संवाद करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि उनकी इस उपलब्धि से पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित है।

    मुख्यमंत्री साय ने सुसंजू देवी से कहा कि आपने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और शानदार प्रदर्शन से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्णिम सफलता प्रत्येक देशवासी के लिए गर्व का क्षण है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में छत्तीसगढ़ की बेटी की महत्वपूर्ण भागीदारी प्रदेश के लिए विशेष गौरव की बात है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां आज शिक्षा, खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का परचम लहरा रही हैं। कोरबा की संजू देवी ने अपनी मेहनत और खेल कौशल के बल पर राष्ट्रीय टीम में स्थान बनाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश के उन हजारों युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने का सपना देख रहे हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के गांवों, आदिवासी अंचलों और छोटे शहरों में मौजूद खेल प्रतिभाओं को उचित मंच मिले और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करें।
    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया उपस्थित थे।

    उल्लेखनीय है कि जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। भारतीय टीम की इस स्वर्णिम सफलता में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की सुसंजू देवी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुसंजू देवी भारतीय राष्ट्रीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने भारतीय महिला कबड्डी टीम के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी इस शानदार सफलता के लिए बधाई दी और टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय खिलाड़ी आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे।

  • वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, राजपत्र लेकर गांव पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, चंदनपुर को मिली नई पहचान

    वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, राजपत्र लेकर गांव पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, चंदनपुर को मिली नई पहचान

    वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, राजपत्र लेकर गांव पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, चंदनपुर को मिली नई पहचान

    राजपत्र की प्रति सौंपकर उप मुख्यमंत्री ने दी बधाई, चंडालपुर अब कहलाएगा ‘चंदनपुर’

    गांव का नाम केवल पहचान नहीं, जनभावनाओं से जुड़ा होता है– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा 

    गांव के विकास के लिए 11.70 लाख रुपए की घोषणा, दस्तावेजों में नाम बदलने लगेगा विशेष शिविर

    रायपुर, 
     तेज बारिश के बीच शुक्रवार देर रात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा गांव की नई पहचान का राजपत्र लेकर चंदनपुर पहुंचे। लंबे समय से नाम परिवर्तन की मांग कर रहे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्होंने राजपत्र की प्रति सौंपते हुए उन्हें बधाई दी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वागत के लिए जुटे रहे। मांग पूरी होने की खुशी में ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और उप मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। कबीरधाम जिले के ग्राम चंडालपुर का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर चंदनपुर कर दिया गया है। 

         नाम परिवर्तन की खुशी के बीच उप मुख्यमंत्री ने गांव के विकास कार्यों के लिए सीसी रोड और सामुदायिक भवन के लिए 11.70 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा। इसमें आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी, ताकि ग्रामीणों को इसके लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। छत्तीसगढ़ शासन ने ग्राम चंदनपुर के नाम परिवर्तन का राजपत्र में विधिवत प्रकाशन कर दिया है। इसके साथ ही गांव का नया नाम अब सरकारी अभिलेखों और शासकीय वेब पोर्टल में स्थायी रूप से दर्ज रहेगा।

         उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामवासियों की ओर से लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग की जा रही थी। स्थानीय लोगों की भावना और मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा हुई, राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई और अंततः राजपत्र में इसका प्रकाशन किया गया। उन्होंने कहा कि राजपत्र में प्रकाशन के बाद अब ‘चंदनपुर’ नाम सरकारी अभिलेखों और संबंधित शासकीय वेब पोर्टलों में दर्ज रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे भी अपने दैनिक व्यवहार और बोलचाल में गांव के नए नाम ‘चंदनपुर’ का उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसी नाम से गांव को जानें और इसकी पहचान आगे भी कायम रहे।

          उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के नाम केवल किसी स्थान की पहचान नहीं होते, बल्कि उनमें स्थानीय इतिहास, संस्कृति, परंपरा और जनभावनाएं भी जुड़ी होती हैं। चंदनपुर नाम से गांव को नई पहचान मिलना ग्रामवासियों की लंबे समय से चली आ रही भावना और मांग के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन से क्षेत्र की स्थानीय पहचान और ग्रामवासियों की भावनाओं को मजबूती मिलेगी।

  • सेवा सेतु से दूरस्थ अंचलों में नागरिक सेवाओं तक पहुंच हुई आसान

    सेवा सेतु से दूरस्थ अंचलों में नागरिक सेवाओं तक पहुंच हुई आसान

    सेवा सेतु से दूरस्थ अंचलों में नागरिक सेवाओं तक पहुंच हुई आसान

    रायपुर
     शासन की डिजिटल पहल सेवा सेतु के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक विभिन्न शासकीय सेवाएं अब सरल और सुविधाजनक तरीके से पहुंच रही हैं। डिजिटल व्यवस्था के जरिए आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान होने से ग्रामीणों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिल रही है। इसी कड़ी में एलीना कुंवर को सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण-पत्र (अनुसूचित जनजाति) प्रदान किया गया। यह प्रमाण-पत्र सेवा सेतु केंद्र, ग्राम पंचायत नेलसनार के जन सुविधा केंद्र के माध्यम से तैयार किया गया। 

    सेवा सेतु के माध्यम से प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया पूरी होने से हितग्राहियों को आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में सुविधा हो रही है। डिजिटल माध्यम से सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से ग्रामीण नागरिकों के समय और श्रम की बचत हो रही है तथा शासकीय सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान हो रही है।

    सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से आय, जाति, निवास, विवाह पंजीयन एवं सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण-पत्र सहित विभिन्न शासकीय सेवाएं नागरिकों तक पहुंचाई जा रही हैं। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ रही है और नागरिकों के लिए शासकीय प्रक्रियाएं अधिक सरल, सहज और सुविधाजनक बन रही हैं।

  • बैतूल के दिव्यांग तैराक रामबरन पाल ने पार किया इंग्लिश चैनल

    बैतूल के दिव्यांग तैराक रामबरन पाल ने पार किया इंग्लिश चैनल

    बैतूल

    मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के विक्रम अवॉर्डी दिव्यांग अंतरराष्ट्रीय तैराक रामबरन पाल ने इंग्लिश चैनल पार कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने इंग्लैंड के डोवर से फ्रांस तक 42 किलोमीटर से अधिक का समुद्री सफर तैरकर पूरा किया। रामबरन ने 21 घंटे 20 मिनट तक लगातार तैरते हुए यह चुनौती पूरी की।

    रामबरन का यह अभियान 24 सितंबर को सुबह 8 बजकर 58 मिनट पर इंग्लैंड के डोवर तट से शुरू हुआ था। समुद्र के पानी का तापमान 15 डिग्री से कम था। कड़ाके की ठंड, तेज हवाओं और उफनती लहरों के बीच उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। 21 घंटे 20 मिनट तक लगातार तैरने के बाद वे 25 सितंबर की सुबह 6 बजकर 18 मिनट पर फ्रांस के तट पर पहुंचे और तिरंगा लहराकर अपनी सफलता दर्ज की।

    इस ऐतिहासिक अभियान में पद्मश्री और अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक डॉ. सतेन्द्र सिंह लोहिया भी शामिल रहे। उन्होंने अपनी तीसरी इंग्लिश चैनल क्रॉसिंग पूरी की। भिंड के तैराक गजेंद्र सिंह कुशवाह भी टीम का हिस्सा रहे। समुद्र में यह रिले तैराकी थी, जिसमें सभी तैराकों ने बारी-बारी से तैरकर अभियान पूरा किया।

    पिछले साल खराब मौसम ने नहीं दिया था साथ
    रामबरन पाल का इंग्लिश चैनल पार करने का सपना पिछले साल खराब मौसम के कारण अधूरा रह गया था। वे इंग्लैंड तक पहुंचे थे, लेकिन मौसम अनुकूल नहीं होने के कारण उन्हें बिना तैरे ही वापस लौटना पड़ा। इसके बाद बैतूल लौटकर उन्होंने एक साल तक कड़ी मेहनत की। उन्होंने ठंडे पानी में लगातार अभ्यास किया और इस बार पूरी तैयारी के साथ इंग्लिश चैनल पार करने में सफलता हासिल की।

    रामबरन पाल अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 22 पदक जीत चुके हैं। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन ने उन्हें वर्ष 2006 में प्रदेश के सर्वोच्च खेल सम्मान विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित किया था। वर्तमान में वे बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में कोच के तौर पर बच्चों को तैराकी सिखा रहे हैं। रामबरन की यह उपलब्धि दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने साबित किया है कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद मजबूत इच्छाशक्ति और लगातार मेहनत से बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।

     

  • एशियन गेम्स क्रिकेट: क्वार्टर फाइनल की तस्वीर साफ, भारत का अफगानिस्तान से होगा मुकाबला

    एशियन गेम्स क्रिकेट: क्वार्टर फाइनल की तस्वीर साफ, भारत का अफगानिस्तान से होगा मुकाबला

    आइची नागोया
    आइची नागोया एशियन गेम्स 2026 में मेन्स क्रिकेट टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल की तस्वीर साफ हो गई है. 26 सितंबर (शनिवार) को ग्रुप-ए का मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ने के बाद नेपाल और अफगानिस्तान ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली, जबकि मेजबान जापान का सफर समाप्त हो गया. वहीं ग्रुप बी से मलेशिया और हॉन्ग कॉन्ग ने अगले दौर में प्रवेश किया.

    ग्रुप-ए के आखिरी मुकाबले में नेपाल और जापान आमने-सामने थे. निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में आयोजित इस मैच में नेपाल ने टॉस हारकर पहले पहले बल्लेबाजी करते हुए 15 ओवर में 149/4 का मजबूत स्कोर खड़ा किया. संदीप जोरा और लोकेश बम ने अर्धशतक लगाकर टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचाया, लेकिन इसके बाद बारिश शुरू हो गई. लगातार बारिश के कारण जापान की पारी शुरू नहीं हो सकी और मुकाबला बिना किसी नतीजे के समाप्त हुआ.

    इस नतीजे का सीधा फायदा नेपाल और अफगानिस्तान को मिला. नेपाल ने इससे पहले अफगानिस्तान को हराकर ग्रुप-ए में बड़ा उलटफेर किया था. वहीं जापान के लिए यह मुकाबला टूर्नामेंट में बने रहने का आखिरी मौका था, लेकिन बारिश ने उसकी उम्मीदें खत्म कर दीं.

    ग्रुप-बी में भी बारिश के कारण मलेशिया और ओमान के बीच मुकाबला एक भी गेंद फेंके बिना रद्द हो गया. इस नतीजे के बाद मलेशिया और हॉन्ग कॉन्ग ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली, जबकि ओमान का अभियान समाप्त हो गया.

    प्रारंभिक दौर के मुकाबले खत्म होने के साथ ही क्वार्टर फाइनल का पूरा शेड्यूल सामने आ गया है. भारत का सामना 28 सितंबर (सोमवार) को सुबह 10 बजे से अफगानिस्तान के खिलाफ होगा. इसी दिन भारतीय समयानुसार सुबह 5.30 बजे से पाकिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग की टक्कर होगी. वहीं तीसरे क्वार्टर फाइनल में श्रीलंका की भिड़ंत नेपाल से होगी, जबकि चौथे क्वार्टर फाइनल में बांग्लादेश के सामने मलेशिया की चुनौती होगी. ये दोनों मुकाबले 29 सितंबर (मंगलवार) को खेले जाएंगे.

    क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के शेड्यूल
    28 सितंबर- पाकिस्तान बनाम हॉन्ग कॉन्ग, सुबह 5.30 बजे
    28 सितंबर- भारत बनाम अफगानिस्तान, सुबह 10.00 बजे
    29 सितंबर- श्रीलंका बनाम नेपाल, सुबह 5.30 बजे
    29 सितंबर- बांग्लादेश बनाम मलेशिया, सुबह 10.00 बजे

    इस तरह ग्रुप मुकाबलों के बाद अब टूर्नामेंट में सीधे नॉकआउट मुकाबलों का दौर शुरू होगा, जहां एक हार टीम को गोल्ड मेडल की दौड़ से बाहर कर देगी. सेमीफाइनल मुकाबले 1 अक्टूबर को खेले जाएंगे. फिर 3 अक्टूबर को गोल्ड मेडल और ब्रॉन्ज मेडल मैच होंगे. सभी मुकाबले कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में ही खेले जाएंगे.