नई दिल्ली
 देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो को पिछले साल दिसंबर में पायलट और अन्य क्रू की भारी किल्लत की वजह से 7 दिनों के भीतर 5000 से भी ज्यादा फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा था। अब इंडिगो अपने परिचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए 1,000 से अधिक पायलटों की भर्ती करने जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो की इस भर्ती में ट्रेनी फर्स्ट ऑफिसर, सीनियर फर्स्ट ऑफिसर और कैप्टन शामिल हैं। अगर इंडिगो इस भर्ती को सफलतापूर्वक पूरा करती है तो यह भारतीय एयरलाइन कंपनी द्वारा की गई अभी तक की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक होगी।

फ्रेशर भी रखे जाने की प्लानिंग
 रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती नोटिस से पता चलता है कि एयरलाइन अपने नेटवर्क के प्रमुख विमान एयरबस ए320 पर बिना अनुभव वाले आवेदकों की भी भर्ती करने के लिए तैयार है।

वहीं, एयरलाइन के नए नियमों के तहत पायलट द्वारा रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच की जाने वाली लैंडिंग की संख्या सीमित कर दी गई है, साथ ही साप्ताहिक विश्राम की आवश्यकताएं भी बढ़ा दी गई हैं।

पायलटों के भर्ती की तैयारी
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि एयरलाइन अपने विमानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पायलटों की निरंतर भर्ती के लिए सक्रिय रूप से तैयारी कर रही है। एयरलाइन के इंटरनल ट्रेनिंग सिस्टम पहले से मजबूत है, जिसके तहत प्रति माह लगभग 20-25 फर्स्ट ऑफिसर को कप्तान के पद पर पदोन्नत किया जाता है। एयरलाइन औसतन प्रति माह लगभग चार नए विमान शामिल करती है।

दिसंबर में क्यों रद हुई थी उड़ानें?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने नए नियमों के लिए पर्याप्त भर्ती नहीं की और न ही ट्रेनिंग में तेजी लाई, जिससे पायलटों पर बार-बार ट्रांसफर, लंबे वर्किंग डेज और लंबे समय तक खाली उड़ान के कारण प्रेशर बढ़ गया। इंडिगो को 2,422 कप्तानों की आवश्यकता थी, लेकिन एयरलाइन के अनुसार उसके पास केवल 2,357 कप्तान ही थे। जिसकी वजह से रोस्टर पूरी तरह से लागू नहीं हो सका और उड़ानों को रद करना पड़ा।