चंडीगढ़.

कांग्रेस नेता और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि जब उन्हें पार्टी का टिकट मिला था, उस समय उनके पिता पार्टी के अध्यक्ष थे और उन्होंने उसी दिन सक्रिय राजनीति से अलग होने का फैसला कर लिया था। रंधावा ने कहा कि उनके परिवार ने हमेशा सिद्धांतों की राजनीति को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने कहा कि यदि टिकट लेना होगा तो केवल एक टिकट लिया जाएगा और वह डेरा बाबा नानक विधानसभा क्षेत्र से ही होगा। इसके अलावा किसी अन्य सीट से टिकट लेने का सवाल ही नहीं है। रंधावा ने कहा कि पार्टी में टिकट योग्यता और जीतने की क्षमता के आधार पर दिया जाना चाहिए, न कि किसी की चापलूसी या खुशामद के आधार पर।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि टिकट उन लोगों को मिलना चाहिए जो चुनाव जीतने की क्षमता रखते हैं और संगठन के लिए जमीन पर काम करते हैं। केवल नेताओं की खुशामद करने वालों को टिकट देना पार्टी के हित में नहीं है। इंटरनेट मीडिया पर रंधावा के इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में टिकट वितरण की संभावित रणनीति और दावेदारों के लिए स्पष्ट संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।