Category: उत्तर प्रदेश

  • UP PCS 2026: 500 पदों के लिए रिकॉर्ड अभ्यर्थी मैदान में, बढ़ी प्रतियोगिता

    UP PCS 2026: 500 पदों के लिए रिकॉर्ड अभ्यर्थी मैदान में, बढ़ी प्रतियोगिता

    प्रयागराज

    उत्तर प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (पीसीएस) परीक्षा 2026 के लिए रिकॉर्ड 8.90 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। वर्तमान में विज्ञापित 500 पद से तुलना करें तो एक पद के लिए औसतन 1,780 अभ्यर्थी मैदान में हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस 2026 के 500 पदों के लिए 25 जून से 27 जुलाई तक आवेदन मांगे थे। वैसे तो आयोग ने अभी पीसीएस में 500 पदों की सूचना दी है हालांकि प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने से पहले रिक्तियों की संख्या बढ़ना तय है। खास बात यह है कि पिछले एक दशक में इस बार सर्वाधिक तकरीबन नौ लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।

    इससे पहले 2021 में 691173 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। 2018 में 635844 जबकि 2025 में 626387 अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा था। इसकी प्रारंभिक परीक्षा छह दिसंबर को प्रस्तावित है। पीसीएस 2026 में पहली बार मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना से जुड़े युवाओं को आयु में छूट और भारांक दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश लोक सेवाओं (मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति के अनुसंधानविदों के लिए आयु सीमा एवं अधिमान का शिथिलीकरण) नियमावली 2026 के अनुसार मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति कार्यक्रम के अनुसंधानविद् को आयु सीमा में तीन वर्ष तक की छूट और मुख्य परीक्षा में 7.5 अंक तक का अधिमान दिया जाएगा।

    – एक दशक में सर्वाधिक अभ्यर्थी पीसीएस बनने को मैदान में

    – इससे पहले वर्ष 2021 में 691173, 2018 में थे 635844 आवेदन

    – पहली बार मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना से जुड़े युवाओं को आयु में छूट और भारांक मिलेगा

    वर्षवार आवेदकों की संख्या

    2025 6,26,387

    2024 5,76,154

    2023 5,65,459

    2022 6,02,974

    2021 6,91,173

    2020 595696

    2019 544664

    2018 635844

  • चकबंदी को लेकर योगी सरकार ने दिखाई तेजी, 13 गांव प्रक्रिया से नियमानुसार अलग

    चकबंदी को लेकर योगी सरकार ने दिखाई तेजी, 13 गांव प्रक्रिया से नियमानुसार अलग

    चकबंदी को लेकर योगी सरकार ने दिखाई तेजी, 13 गांव प्रक्रिया से नियमानुसार अलग 

    जमीन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण होने से किसानों को मिली बड़ी राहत

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में लंबित चकबंदी प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसका उद्देश्य किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उनकी जमीन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है।

    चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के निर्देश पर छह जिलों के 13 गांवों को जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-6(1) के तहत चकबंदी प्रक्रिया से अलग किया गया है। इनमें मैनपुरी का भांती गांव 35 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया में था। बदायूं का सिरतौल गांव 14 वर्ष, उन्नाव के दरौली, पीखी, सर्लीद और निहालपुर व लखनऊ के शिवपुरी गांव 12 वर्ष से प्रक्रिया में थे। बरेली का कादरगंज 10 वर्ष से चकबंदी प्रक्रिया में लंबित था। इसके अलावा बिजनौर के हसनअलीपुर व बैबलवाला और बदायूं के बक्सेना व इमलिया गांवों को भी प्रक्रिया से अलग किया गया है। इन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया आगे बढ़ने में विभिन्न कारणों से दिक्कत आ रही थी। इनमें गांवों का विकास योजना में आना, नदी के कटान से प्रभावित होना, चकबंदी योग्य क्षेत्रफल 40 प्रतिशत से कम होना, औद्योगिक विकास क्षेत्र में शामिल होना जैसे अन्य कारण शामिल हैं।

    वहीं, मुजफ्फरनगर के पीपलशाह गांव में 16 वर्षों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया को काफी प्रयासों के बाद जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-52(1) के तहत पूरा कर लिया गया है। इससे लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

  • योगी सरकार का दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने पर जोर, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे कल्याण शिविर

    योगी सरकार का दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने पर जोर, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे कल्याण शिविर

    योगी सरकार का दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने पर जोर, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे कल्याण शिविर

    दिव्यांगजनों को घर के नजदीक मिलेंगी सुविधाएं, 10 अक्टूबर तक शिविर पूरा करने का लक्ष्य

    सहायक उपकरण योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को मिलेंगे कृत्रिम अंग और आवश्यक उपकरण

    एक ही स्थान पर पंजीकरण, पात्रता सत्यापन और विभिन्न सरकारी योजनाओं की मिलेगी जानकारी

    जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को विभागों के बीच समन्वय के निर्देश

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सहायक उपकरण योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दिव्यांग कल्याण शिविर लगाए जाएंगे, जिन्हें 10 अक्टूबर 2026 तक पूरा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिव्यांगजनों तक उनके निकटतम क्षेत्र में पहुंचाना है, ताकि उन्हें आवश्यक सुविधाओं के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। शिविरों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पात्रता सत्यापन और लाभ उपलब्ध कराने की सुविधा मिलेगी।

    एक ही स्थान पर मिलेंगी कई योजनाओं की सुविधाएं

    दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इन शिविरों में पात्र दिव्यांगजनों का चिन्हांकन और पंजीकरण किया जाएगा। सहायक उपकरणों के लिए आवेदन लेने के साथ आवश्यक अभिलेखों एवं पात्रता का सत्यापन भी होगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र लाभार्थियों को कृत्रिम अंग और उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाएगी।

    इसके अलावा विभिन्न विभागों की दिव्यांगजन हितैषी योजनाओं की जानकारी भी एक ही स्थान पर दी जाएगी। जरूरत के अनुसार लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ आवेदन प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।

    अधिकारियों को समन्वय के निर्देश

    शासनादेश के अनुसार शिविरों के प्रभावी आयोजन के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक शिविरों की सूचना पहुंचाने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    योगी सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों की गतिशीलता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने में सहायक होगी। लाभार्थियों को उनके नजदीकी क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने से सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी। यह अभियान ‘सरकार की योजनाओं का लाभ लाभार्थी के द्वार तक’ पहुंचाने के संकल्प को आगे बढ़ाने के साथ दिव्यांगजनों के सम्मानजनक और सुगम जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

  • काशी से वडनगर तक बीजेपी का सेवा संकल्प अभियान, 250 बाइकर्स के साथ निकली यात्रा

    काशी से वडनगर तक बीजेपी का सेवा संकल्प अभियान, 250 बाइकर्स के साथ निकली यात्रा

    लखनऊ
     भाजपा अभियानों के रथ पर चुनावी रंगमहल सजा देती है। सेवा संंकल्प अभियान के हर कार्यक्रम पर राजनीतिक संदेशों के फूल खिले हैं। पार्टी ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को धार देते हुए दस राज्यों के कार्यकर्ताओं को काशी से वडगनर भेजा है जो विभिन्न लोकसभा एवं विधान सभा क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियां बताते एवं अपनी संस्कृतियों को साझा करते हुए निकलेंगे।

    सिक्किम, तलिलनाडु, झारखंड एवं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से काशी आकर फिर गुजरात के लिए निकले कार्यकर्ताओं के जरिए पार्टी यह संदेश भी दे रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सभी हिस्सों तक विकास पहुंचा है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई शक्ति मिली है। उधर, यात्रा के बहाने मिशन-2027 और 2029 की भी जमीन बनाई जाएगी।

    नरेन्द्र मोदी के जन्म दिन पर भाजपा ने वाराणसी से ढाई सौ बाइकर्स को गंगाजल के साथ वडनगर भेजा है। टीम के साथ एक-एक एंबुलेस, बस और एलइडी वाहन भी चल रहा है। यूपी की दस नदियों के जल से काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद उड़ीसा, बिहार, बंगाल, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, सिक्किम, झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश समेत दस राज्यों के कार्यकर्ता भी यात्रा में शामिल हैं।

    क्षेत्रीय मुद्दों पर रहेगी नजर
    भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा को यात्रा की जिम्मेदारी दी गई है। दस मार्गों से निकले कार्यकर्ता यूपी में 88 जगहों पर रात्रि विश्राम एवं चौपाल करेंगे। यहां पर राजनीतिक परिचर्चा के बहाने कार्यकर्ता यह भी जानेंगे कि क्षेत्र में कौन से चुनावी मुद्दे आकार ले रहे हैं।

    वह अपने राज्य की भाषा, खाद्य पदार्थ, सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रतीक एवं संस्थानों की विरासत भी लेकर चल रहे हैं। पिछले चार वर्ष से प्रधानमंत्री तमिल-काशी संगमम कार्यक्रम करा रहे हैं, जहां संस्कृतियों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने का लक्ष्य है। उधर, वडनगर के लिए निकली टीम 197 जगहों पर जलपान एवं संक्षिप्त संबोधन और एलइडी प्रदर्शन के लिए रुकेगी।

    इस दौरान टीम 826 विकासखंडों एवं 762 नगर निकायों को कवर करेगी। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्र ने बताया कि काशी और गुजरात के बीच दोनों तरफ से आने-जाने वाले कार्यकर्ता समर्पण, निष्ठा, संस्कार एवं संकल्प से भरे हुए हैं। वह चौपालों में सरकारों की उपलब्धियां बताएंगे।

     

  • यूपी बीजेपी में 13 पदों पर नई नियुक्तियां, सुभाष यदुवंश बने सोशल मीडिया प्रभारी

    यूपी बीजेपी में 13 पदों पर नई नियुक्तियां, सुभाष यदुवंश बने सोशल मीडिया प्रभारी

    लखनऊ
    यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने प्रदेश संगठन में प्रकोष्ठ, सोशल मीडिया से जुड़े पदों की घोषणा की है। आज जारी सूची में कुल 13 पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं। घोषणा के अनुसार ओम प्रकाश श्रीवास्तव को प्रकोष्ठ संकुल संयोजक बनाया है। वहीं संतराम यादव, डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी को प्रकोष्ठ संकुल सह-संयोजक बनाया गया है। सुभाष यादुवंश को सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं गौरव वार्ष्णेय, विनीत मालवीय, अनुज चौधरी, मनोज मौर्य, निखिल सिन्हा और विवेक लवानिया को सोशल मीडिया सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा जयंत शिवाच, वाईके शर्मा और अभिमन्यु सिंह को सोशल मीडिया सदस्य बनाया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के हस्ताक्षर से जारी पदाधिकारी घोषणा में सभी नियुक्तियों का उल्लेख किया गया है।

    प्रदेश संगठन की नई टीम घोषित हुई थी
    इससे पहले यूपी चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने अपनी प्रदेश संगठन की नई टीम घोषित की थी। जिसमें 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री बनाए गए थे। संगठन में बड़े चेहरों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह, विधायक पूजा पाल, सुरेश राणा को प्रदेश उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई। यूपी भाजपा की 64 सदस्यीय सूची में 52 नेताओं को प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किया गया है। नई टीम में 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, 19 प्रदेश मंत्री, 8 प्रदेश महामंत्री और 6 मोर्चा अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा 6 क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, 3 कार्यालय मंत्री और 3 अन्य पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है।

    जातीय समीकरण भी साधे गए
    भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह को मिलाकर अब 54 लोगों की टीम हो गई है। टीम में 13 महिलाएं हैं। ओबीसी की संख्या 16 से बढ़कर 25 हो गई है। सामान्य वर्ग के 21 चेहरों को प्रदेश टीम में जगह मिली। ठाकुरों की संख्या 7 से घटकर 6 और ब्राह्मणों की संख्या 8 से घटकर 7 हो गई है। इसके अलावा 4 भूमिहार, 3 वैश्य और 1 श्रीवास्तव को जगह मिली है। अनुसूचित जाति (SC) की बात करें तो 7 लोगों को जगह दी गई है। वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST) में सिर्फ इंजीनियर विद्याभूषण गोंड को जगह दी गई है। और अब सोशल मीडिया और प्रकोष्ठ संकुल संयोजक और सह-संयोजक के पदों पर नई तैनाती हुई है।

  • योगी सरकार के औद्योगिक विजन को वैश्विक मंच देगा चौथा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026

    योगी सरकार के औद्योगिक विजन को वैश्विक मंच देगा चौथा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026

    निवेश से निर्यात तक, एक मंच पर दिखेगा उत्तर प्रदेश का औद्योगिक सामर्थ्य

    निवेश प्रोत्साहन से लेकर एमएसएमई, ओडीओपी, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा तक की ताकत का होगा प्रदर्शन

    योगी सरकार के औद्योगिक विजन को वैश्विक मंच देगा चौथा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026

    25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में होगा भव्य आयोजन

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों को वैश्विक मंच देने की तैयारी तेज हो गई है। निवेश से निर्यात तक प्रदेश के औद्योगिक सामर्थ्य को एक मंच पर प्रदर्शित करने के लिए चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में किया जाएगा। ट्रेड शो में प्रदेश के विभिन्न विभागों, विकास प्राधिकरणों, औद्योगिक क्षेत्रों, एमएसएमई, ओडीओपी उद्यमियों, निर्यातकों और सेवा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों की भागीदारी प्रस्तावित है।

    योगी सरकार के औद्योगिक विजन के अनुरूप आयोजित होने वाला यह ट्रेड शो उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश संभावनाओं, स्थानीय उत्पादों की विविधता और निर्यात क्षमता को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। आयोजन में निवेश प्रोत्साहन, आधारभूत ढांचे, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और सेवा क्षेत्रों को अलग-अलग हॉल में प्रदर्शित किया जाएगा। इससे निवेशकों, खरीदारों और उद्यमियों के बीच संवाद तथा कारोबारी साझेदारी के अवसर उपलब्ध होंगे।

    निवेश प्रोत्साहन से औद्योगिक विस्तार तक, एक मंच पर आएंगे प्रमुख संस्थान

    चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन संस्थानों की भागीदारी प्रस्तावित है। हॉल 1 में इन्वेस्ट यूपी और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को स्थान दिया गया है। हॉल 3 में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा), नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की भागीदारी रहेगी।

    हॉल 4 में ‘यूपी एट अ ग्लांस’ के माध्यम से प्रदेश की समग्र औद्योगिक एवं विकास क्षमता को प्रदर्शित किया जाएगा। हॉल 5 में सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार की गतिविधियां प्रस्तुत की जाएंगी। हॉल 6 में सिंचाई, समाज कल्याण, नगर विकास, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग शामिल होंगे।

    हॉल 7 में नोएडा विकास प्राधिकरण, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, आईटी एवं आईटीईएस तथा ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की भागीदारी प्रस्तावित है। हॉल 8 में श्रम विभाग, स्वास्थ्य एवं अस्पताल, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा तथा बैंकिंग एवं वित्त से जुड़े क्षेत्र प्रदर्शित होंगे। इन संस्थानों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, औद्योगिक आधारभूत ढांचे, कनेक्टिविटी, मानव संसाधन और कारोबारी सुविधाओं की जानकारी निवेशकों एवं उद्यमियों तक पहुंचाने का मंच मिलेगा।

    ओडीओपी और एमएसएमई की ताकत से वैश्विक बाजार तक पहुंच

    उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा स्थानीय उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए ट्रेड शो में एमएसएमई और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को विशेष स्थान दिया गया है। हॉल 9 में ओडीओपी के उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि हॉल 10 में नए उद्यमियों एवं एमएसएमई को स्थान दिया गया है। हॉल 11 में पशुपालन, मत्स्य, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जीआई उत्पाद, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा आयुष से जुड़े क्षेत्र शामिल होंगे। हॉल 12 में कृषि विभाग, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, खाद्य प्रसंस्करण, उद्यान, डेयरी विकास और चीनी उद्योग की भागीदारी प्रस्तावित है।

    यह व्यवस्था प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों, ग्रामीण उद्यमिता और आधुनिक औद्योगिक गतिविधियों को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। ओडीओपी एवं एमएसएमई उत्पादों की प्रदर्शनी से उद्यमियों को अपने उत्पादों की ब्रांडिंग, संभावित खरीदारों से संपर्क और नए बाजारों तक पहुंच बनाने के अवसर मिलेंगे।

    निर्यातकों, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक उद्योगों को मिलेगा मंच

    ट्रेड शो में निर्यात विस्तार से जुड़े क्षेत्रों को भी प्रमुखता दी गई है। हॉल 14, 15 और 16 में टाउन ऑफ एक्सीलेंस, निर्यातकों, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, वस्त्र एवं हथकरघा, खेल तथा मुख्यमंत्री युवा से जुड़े क्षेत्रों की भागीदारी प्रस्तावित है। हॉल 17 में ओडीओपी ओपन स्पेस, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के हितधारक, क्रेडाई और परिवहन क्षेत्र को शामिल किया गया है। निर्यातकों एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की भागीदारी से प्रदेश के उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने से जुड़े कारोबारी अवसरों को प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। वहीं वस्त्र, हथकरघा, खेल, कृषि आधारित उद्योगों और अन्य क्षेत्रों के उद्यमी अपने उत्पादों तथा कारोबारी क्षमताओं को संभावित खरीदारों के सामने प्रस्तुत कर सकेंगे।

    विकास प्राधिकरणों की भागीदारी से दिखेगा क्षेत्रीय औद्योगिक सामर्थ्य

    ट्रेड शो के फोयर एरिया में प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। इनमें कानपुर विकास प्राधिकरण, वाराणसी विकास प्राधिकरण, आगरा विकास प्राधिकरण, लखनऊ विकास प्राधिकरण, मेरठ विकास प्राधिकरण, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण समेत अन्य प्राधिकरण शामिल हैं। विकास प्राधिकरणों की भागीदारी से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास, औद्योगिक विस्तार और निवेश से जुड़े अवसरों को प्रदर्शित किया जा सकेगा। इससे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की कारोबारी संभावनाओं तथा विकास परियोजनाओं की जानकारी निवेशकों और उद्यमियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

    उद्योग जगत, संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भेजे जा रहे आमंत्रण

    ट्रेड शो में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विभागों, उद्योग संगठनों, चैंबरों, संस्थानों और विश्वविद्यालयों को आमंत्रित किया जा रहा है। सरकारी कार्यालयों एवं विभागों को पत्र तथा आमंत्रण कार्ड भेजे जा चुके हैं। उद्योग संगठनों एवं चैंबरों को डिजिटल माध्यम से आमंत्रण भेजे गए हैं तथा डाक से आमंत्रण की प्रक्रिया जारी है। संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भी डिजिटल आमंत्रण भेजे जा चुके हैं। बी2बी एवं बी2सी खरीदार पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड तैयार कर प्रसारित किया जा रहा है।

  • भूजल स्रोतों की जांच में यूपी ने देश में पहला स्थान हासिल किया, पंजाब-आंध्र प्रदेश को भी पीछे छोड़ा

    भूजल स्रोतों की जांच में यूपी ने देश में पहला स्थान हासिल किया, पंजाब-आंध्र प्रदेश को भी पीछे छोड़ा

    भूजल स्रोतों की जांच में यूपी ने देश में पहला स्थान हासिल किया, पंजाब-आंध्र प्रदेश को भी पीछे छोड़ा

    योगी सरकार प्रदेशवासियों को भूजल की स्वच्छता सुनिश्चित कर उपलब्ध करा रही शुद्ध पेयजल

    भूजल स्रोतों की जांच में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय औसत से करीब 44 प्रतिशत आगे

    45 हजार से ज्यादा स्रोतों की जांच पूरी, यूपी जल निगम ग्रामीण ने जांच में चार राज्यों को पीछे छोड़ा

    लखनऊ
     योगी सरकार प्रदेशवासियों के लिए जल संरक्षण, भूजल स्तर में सुधार और हर घर तक स्वच्छ व सुरक्षित जल पहुंचाने में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में भूजल स्रोतों की गुणवत्ता और स्थिति की निगरानी को लेकर किए जा रहे परीक्षण कार्य में प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। जांच के अंतर्गत राज्य व जिले स्तर की प्रयोगशालाओं से प्रदेशभर में भूजल स्रोत, भूमिगत व ओवरहेड टंकी समेत पानी के अन्य स्रोतों की पड़ताल की गई है।

    पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 48,055 भूजल स्रोतों के परीक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले 45,361 स्रोतों की जांच पूरी कर ली गई है। यह कुल लक्ष्य का 94.39 प्रतिशत है। 15 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के आधार पर उत्तर प्रदेश, देश के राज्यों की सूची में पहले स्थान पर है।

    यूपी जल निगम ग्रामीण प्रबंध निदेशक योगेश कुमार ने कहा कि भूजल स्रोतों का नियमित परीक्षण पेयजल की गुणवत्ता और जल स्रोतों की स्थिति की निगरानी के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार के स्तर पर भी जल स्रोतों की गुणवत्ता, सोर्स सस्टेनेबिलिटी और गहन निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश ने सबसे बेहतर परिणाम हासिल किए हैं और भविष्य में भी प्रदेश में सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा।

    पंजाब और आंध्र प्रदेश को पीछे छोड़ शीर्ष पर यूपी
    भूजल स्रोतों के परीक्षण की राज्यवार रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के बाद पंजाब दूसरे और आंध्र प्रदेश तीसरे स्थान पर है। पंजाब ने निर्धारित लक्ष्य का 83.46 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश ने भी 83.46 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। वहीं उत्तराखंड 82.30 प्रतिशत उपलब्धि के साथ चौथे और केरल 81.13 प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर है।

    राष्ट्रीय औसत से करीब 44 प्रतिशत अधिक उपलब्धि
    यूपी जल निगम ग्रामीण अधीक्षण अभियंता एवं राज्य प्रयोगशाला प्रमुख ज्ञानेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि भूजल स्रोतों के परीक्षण में उत्तर प्रदेश की 94.39 प्रतिशत उपलब्धि राष्ट्रीय औसत 50.46 प्रतिशत से काफी अधिक है। यानि यूपी ने राष्ट्रीय औसत की तुलना में करीब 44 प्रतिशत अधिक उपलब्धि दर्ज की है।

    48 हजार से अधिक स्रोतों का निर्धारित लक्ष्य
    वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश में कुल 48,055 भूजल स्रोतों के परीक्षण का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष 45,361 स्रोतों का परीक्षण पूरा हो चुका है। अब निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए 2,694 स्रोतों का परीक्षण शेष है। इस तरह प्रदेश ने पहली छमाही में ही निर्धारित लक्ष्य का बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया है।

  • मथुरा में यूपी राइज 2026: युवाओं को जॉब क्रिएटर बनाने की सार्थक पहल

    मथुरा में यूपी राइज 2026: युवाओं को जॉब क्रिएटर बनाने की सार्थक पहल

    मथुरा

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' विजन को धरातल पर उतारने के लिए शुक्रवार को नेशनल हाइवे स्थित जीएलए विश्वविद्यालय में 'यूपी राइज 2026' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस वृहद आयोजन में 800 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भारी उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं की मानसिकता में बदलाव लाकर उन्हें केवल नौकरी तलाशने वाला न बनाकर, स्वयं का उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला 'जॉब क्रिएटर' बनाना है।
    कार्यक्रम का शुभारंभ कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, चीफ फाइनेंस ऑफिसर डॉ. विवेक अग्रवाल, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह और मुख्य अतिथि सीए पलक राठी व शांतनु गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। 

    सरकारी योजनाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर मंथन

    राज्य सरकार प्रदेश में नवाचार (इनोवेशन) और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए निरंतर धरातलीय कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने युवाओं को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, यूपी स्टार्टअप फंड, मुख्यमंत्री अभ्युदय निशुल्क कोचिंग योजना और यूपी स्किल मिशन जैसी महत्वाकांक्षी नीतियों की विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, कन्या सुमंगला योजना, फ्री टैबलेट/स्मार्टफोन योजना और महिला सामर्थ्य योजना के माध्यम से मिलने वाली वित्तीय सहायता व सब्सिडी पर भी प्रकाश डाला गया, ताकि युवा आर्थिक बाधाओं को पार कर अपने बिजनेस मॉडल को सफल बना सकें।

    युवाओं के 8 बेहतरीन इनोवेशन ने किया प्रभावित

    यूपी राइज की थीम के अनुरूप आयोजन में कुल 25 स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 8 बेहतरीन आइडिया शॉर्टलिस्ट हुए। इनमें लॉजिस्टिक्स के लिए 'बुक माई सारथी', छात्रों के लिए कैंपस-फर्स्ट मार्केटप्लेस 'कैम्पोरा', एआई आधारित ट्रैवल सुपर-प्लेटफॉर्म 'नमस्ते एआई' और स्वदेशी ड्रोन एवियोनिक्स बनाने वाली 'क्वांटावर्स टेक्नोलॉजीज' ने खूब तालियां बटोरीं। वहीं, खदानों और सुरंगों जैसे खतरनाक माहौल में इंसानी जान बचाने के लिए 'दक्ष डायनामिक्स' द्वारा बनाया गया स्वदेशी 'रोबोडॉग' भी आकर्षण का केंद्र रहा, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।

    'लिटिललिंगोस' ने जीता प्रथम पुरस्कार, 'फिटेड' व 'धृतम' बने उपविजेता

    प्रतियोगिता में हर टीम को अपना आइडिया प्रस्तुत करने के लिए 7 मिनट का समय दिया गया। जूरी के समक्ष अपनी शानदार प्रस्तुति देकर बच्चों के लिए एआई-पावर्ड इंग्लिश लर्निंग प्लेटफॉर्म 'लिटिललिंगोस' (LittleLingos) ने प्रथम स्थान हासिल कर 25,000 रुपये का मुख्य पुरस्कार जीता। वहीं, एआई पर्सनल स्टाइलिंग ऐप बनाने वाली टीम 'फिटेड'(Fitted) और तनाव व हार्ट रेट मापने वाला स्मार्ट अंडरगारमेंट (कवच एक्स) बनाने वाली टीम 'धृतम' (Dhritam) संयुक्त रूप से उपविजेता रहीं। इस दौरान कॉर्पोरेट विशेषज्ञ हर्षित देसाई, डॉ. मधुरिता गुप्ता और राधिका बजोरिया ने बतौर मेंटर छात्रों का मार्गदर्शन किया।

    विचारों तक सीमित न रहें, उन्हें धरातल पर उतारें: कुलाधिपति

    इस अवसर पर जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और स्टार्टअप के क्षेत्र में अनेक अवसर उपलब्ध करा रही है। आज का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि अपने विचार और प्रतिभा के बल पर रोजगार देने वाला उद्यमी भी बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि यदि उनके पास कोई नया इनोवेटिव आइडिया है, तो उसे केवल सोच विचार तक सीमित न रखें। जानकारी जुटाएं, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लें और उसे व्यावहारिक रूप देने का प्रयास करें।

    25 शहरों और 30 प्रमुख कॉलेजों तक पहुंचेगा 'यूपी राइज' का कारवां

    छात्रों को स्वरोजगार और नवाचार की संभावनाओं से रूबरू कराने वाला यह 'यूपी राइज' कार्यक्रम प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों में आयोजित किया जाएगा। जीएलए विश्वविद्यालय में इस सफल आयोजन के बाद, स्टार्टअप और उद्यमिता की अलख जगाने वाले इस अभियान का अगला पड़ाव 21 सितम्बर 2026 को बरेली स्थित इनवर्टिस विश्वविद्यालय में होगा।

  • योगी सरकार शनिवार को 818 अभ्यर्थियों को देगी नौकरी की सौगात, मुख्यमंत्री देंगे नियुक्ति पत्र

    योगी सरकार शनिवार को 818 अभ्यर्थियों को देगी नौकरी की सौगात, मुख्यमंत्री देंगे नियुक्ति पत्र

    लखनऊ

    योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार और सरकारी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में शनिवार को एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शानिवार को लोकभवन सभागार में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में चयनित 21 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे जबकि शेष 797 अभ्यर्थियों को विभाग द्वारा नियुक्ति पत्र दिया जाएगा, कुल 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। 19 सितंबर को आयोजित होने वाले नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग, उत्तर प्रदेश उद्योग निदेशालय, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं एवं आयुष विभाग से जुड़े विभागों के अभ्यर्थी शामिल होंगे। 

    व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के 48 नव चयनित अभ्यर्थियों को दिया जाएगा नियुक्ति पत्र
    नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के तहत विभिन्न ट्रेडों के अनुदेशक भी शामिल हैं। इस श्रेणी में कुल 48 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इनमें मैकेनिक (ट्रैक्टर), पेंटर (सामान्य), सर्वेयर, मैकेनिकल मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, लेदर गुड्स मेकर, वायरमैन और प्लंबर जैसे पद शामिल हैं। प्लंबर के पद पर चयनित अभ्यर्थियों की संख्या 31 है, जबकि मैकेनिक (ट्रैक्टर) के छह, वायरमैन के चार और पेंटर (सामान्य) के चार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा सर्वेयर, मैकेनिकल मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, लेदर गुड्स मेकर के एक-एक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। इन नियुक्तियों से विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। वहीं अलग-अलग ट्रेडों में अनुदेशकों की नियुक्ति से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को संबंधित क्षेत्रों में बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा। 

    स्वास्थ्य विभाग में 357 एक्सरे-टेक्नीशियन को मिलेगा नियुक्ति पत्र
    कार्यक्रम में उद्योग विभाग के भी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश उद्योग निदेशालय, कानपुर के तहत सहायक सांख्यिकीय अधिकारी के नौ पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इन सहायक सांख्यिकीय अधिकारियों की नियुक्ति से विभागीय स्तर पर आंकड़ों के संकलन, विश्लेषण और विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों से संबंधित सांख्यिकीय कार्यों को गति मिलेगी। इसके साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के 357 एक्सरे-टेक्नीशियन के पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा आयुष विभाग में होम्योपैथिक फार्मासिस्ट के 361, होम्योपैथिक प्रोफेसर के चार, आयुर्वेद प्रोफेसर के पांच, आयुर्वेद रीडर के 22, यूनानी प्रोफेसर के एक, यूनानी रीडर के एक और यूनानी लेक्चरर के 10 पदों पर चयनित कुल 404 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

    एक नजर में नियुक्तियां

    –  व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के विभिन्न ट्रेडों में अनुदेशक : 48
    – उद्योग विभाग में सहायक सांख्यिकीय अधिकारी : 9
    – चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में एक्सरे-टेक्नीशियन : 357
    – होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी समेत विभिन्न पद : 404

  • करघे की खनक और शहद की मिठास लेकर दुनिया के बाजार में उतरेगा बागपत

    करघे की खनक और शहद की मिठास लेकर दुनिया के बाजार में उतरेगा बागपत

    बागपत

     खेकड़ा की पीढ़ियों पुरानी हथकरघा बुनाई और बागपत के शहद की मिठास अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाने को तैयार है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक होने वाले चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में जिले के 20 से अधिक नवीन निर्यातक, ओडीओपी उत्पादक, एमएसएमई, महिला एवं युवा उद्यमी अपनी कारोबारी ताकत दिखाएंगे। खास आकर्षण जून 2023 में जीआई टैग प्राप्त बागपत होम फर्निशिंग उत्पाद रहेंगे। खेकड़ा स्थित मास्टर वीवर्स के माध्यम से इस पारंपरिक उत्पाद की पहचान अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचेगी। इसके साथ ही अम्ब्रोसिया नेचुरल्स शहद और होम प्रोडक्ट भी प्रदर्शित करेगा।

    जीआई टैग वाली बुनाई बनेगी बागपत की पहचान

    बागपत होम फर्निशिंग को जून 2023 में जीआई टैग मिला था। यह पहचान खेकड़ा क्षेत्र में पीढ़ियों से हथकरघा बुनाई कर रहे कारीगरों के कौशल को मिली है। जीआई टैग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग निदेशालय और ’’मास्टर वीवर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, आदर्श नगर, खेकड़ा’’ ने संयुक्त रूप से आवेदन किया था। मास्टर वीवर्स को-ऑपरेटिव सोसाइटी में सूती धागे से बेडशीट, पर्दे, मेजपोश और रनिंग फैब्रिक तैयार किए जाते हैं। ये संस्थान बुनकर फ्रेम लूम से मजबूत और आकर्षक बुनाई के लिए अपनी पहचान बनाए हुए है।

    पांच नवीन निर्यातक, ओडीओपी में पांच स्टॉल

    यूपीआईटीएस के हॉल 14 में बागपत के चार नवीन निर्यातकों को पांच स्टॉल मिले हैं। इनमें वीवर्स प्वाइंट व शाहिद टेक्स इंडिया, बड़ागांव, वाया होम्स, खेकड़ा के दो और विनय एक्सपोर्ट, बागपत शामिल हैं। ओडीओपी श्रेणी के हॉल नौ में शमशाद टेक्सटाइल, बड़ागांव को दो स्टॉल तथा द राइजिंग सन के नितिन जैन, बंसल टेक्सटाइल्स के राजकुमार बंसल और त्रिसव टेक्सटाइल के रविस कुमार को एक-एक स्टॉल मिला है। एमएसएमई, महिला एवं युवा उद्यमियों की श्रेणी में सिधांनम इंटरनेशनल, खेकड़ा के मनोज जैन को दो स्टॉल तथा नसरीन टेक्सटाइल्स की नसरीन, चारवेदा ऑर्गेनिक्स, प्रिंस हैंडलूम के राजकुमार जैन, बागपत ब्लूम प्रोड्यूसर कंपनी के कपिल आर्या और अंबेडकर महिला केंद्र के जगदीप कुमार को एक-एक स्टॉल मिला है। उपायुक्त उद्योग राजेंद्र सिंह का कहना है कि यूपीआईटीएस से जिले के उद्यमियों को वैश्विक पहचान मिलेगी। जिले के उद्यमियों में इस आयोजन को लेकर उत्साह बना हुआ है। इसके अतिरिक्त जिले के खेती उत्पाद भी यहां दिखाई देंगे। अम्ब्रोसिया नेचुरल्स शहद तो बागपत ब्लूम मिलेट्स के जरिए जिले की आयुर्वेदिक पहचान कराएगा। 

    ओडीओसी पैवेलियन में घुलेगी घेवर और बालूशाही की मिठास

    इंटरनेशनल ट्रेड शो में पहली बार योगी सरकार की एक जिला एक व्यंजन के तहत पहली बार ओडीओसी पैवेलियन का निर्माण किया गया है। इस पैवेलियन में भी जिले के व्यंजनों की सुगंध अपना अहसास कराएगी। अमीनगर सराय से विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाला घेवर और बागपत की बालूशाही यहां विदेशियों के मुंह में मिठास घोलेंगे। इस ट्रेड शो में सिंगापुर, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, जापान, रूस, थाईलैंड और ऑस्ट्रिया देशों की मौजूदगी रहेगी। 

    बॉक्स – वैश्विक मंच पर बागपत

    यूपीआईटीएस 25 से 29 सितंबर
    स्थान         –       इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा
    नवीन निर्यातक      –  पांच स्टॉल
    ओडीओपी   –       पांच स्टॉल
    जीआई उत्पाद     –      बागपत होम फर्निशिंग
    -प्रमुख आकर्षण    –   खेकड़ा की हथकरघा बुनाई और अम्ब्रोसिया नेचुरल्स का शहद