Category: उत्तर प्रदेश

  • ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- 2027 में सरकार नहीं बनने से बौखलाए सपा नेता

    ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- 2027 में सरकार नहीं बनने से बौखलाए सपा नेता

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव और सपा नेताओं पर तीखा हमला बोला है। ओपी राजभर ने कहा कि सपा के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक यह मान चुके हैं कि 2027 में उनकी सरकार नहीं बनने जा रही है। इसी वजह से वे अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। इसका खामियाजा समाजवादी पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जनता का गुस्सा सपा के खिलाफ दिन दूना, रात चौगुना बढ़ता दिखाई देगा।

    पुलिस को चूड़ी पहनने की बात कहना तानाशाही: राजभर
    कैबिनेट मंत्री ने रायबरेली में सपा जिलाध्यक्ष और पुलिस के बीच हुए विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष ने जिस तरह पुलिस को चूड़ी पहनने की बात कही, वह अनुचित है। समाजवादी पार्टी के नेता अभी सत्ता में नहीं हैं, इसके बावजूद उनका रवैया तानाशाहीपूर्ण है। इस तरह की बयानबाजी से उनकी मानसिकता का पता चलता है और प्रदेश में सपा के लोग गांवों, सड़कों और चौराहों पर अभी से बांह फटकार रहे हैं कि सरकार आने पर वे सबको सबक सिखाएंगे।

    संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का लगाया आरोप
    ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव किसी भी संवैधानिक संस्था को नहीं मानते हैं। वह चुनाव आयोग और एएसआईआर जैसी प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठाते हैं। अखिलेश यादव इस बात से परेशान हैं कि किसान खुशहाल क्यों हो रहे हैं। समाजवादी पार्टी चाहती है कि लोग बदहाली में रहें, ताकि वह इसका राजनीतिक लाभ उठा सके। 

    जातिवाद फैलाने का लगाया आरोप
    ओपी राजभर ने सपा नेताओं पर जातिवाद का जहर फैलाने का आरोप लगाते हुए पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी समेत अन्य नेताओं की कथित टिप्पणियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, जाट, गुर्जर और राजपूत समाज को लेकर अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा नेताओं की ओर से सवर्णों को प्रदेश से खदेड़ने जैसी बातें भी कही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले पीडीए को पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताती थी, फिर इसमें आधी आबादी, अगड़ा, पंडित और अहिर जैसे अर्थ जोड़ने लगी। राजभर ने आरोप लगाया कि पार्टी का नेतृत्व और उसके नेता अपनी राजनीतिक दिशा तय नहीं कर पा रहे हैं। 

    ओपी राजभर ने साधा निशाना
    ओपी राजभर ने कहा कि सपा नेताओं की बयानबाजी और धमकी भरे रवैये से जनता में नाराजगी बढ़ रही है, जिसका असर 2027 के चुनाव में दिखाई देगा। निषाद समाज और भगवान राम को लेकर कथित टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के लोग अपने सांसद का सम्मान करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनकी धार्मिक आस्था के खिलाफ टिप्पणी बर्दाश्त करेंगे। गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे लोगों ने सांसद से कहा कि वे उनकी इज्जत करते हैं, लेकिन धर्म के खिलाफ इस तरह की अनर्गल बयानबाजी नहीं करें।

  • गोवंश को तत्काल मिलेगा उपचार, हर जिले में बनेगा इमरजेंसी रेस्क्यू सिस्टम

    गोवंश को तत्काल मिलेगा उपचार, हर जिले में बनेगा इमरजेंसी रेस्क्यू सिस्टम

    गोवंश को तत्काल मिलेगा उपचार, हर जिले में बनेगा इमरजेंसी रेस्क्यू सिस्टम

    पंचगव्य से चिकित्सा पर शोध को बढ़ावा देगी योगी सरकार

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विवि एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा तथा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, लखनऊ में शोध को प्रोत्साहित करने के निर्देश

    महिला स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ, कृषकों एवं गोपालकों को गो-आधारित उत्पादों एवं ग्रामीण उद्यमिता से जोड़ा जाएगा

    लम्पी और खुरपका-मुंहपका से बचाव के लिए समयबद्ध टीकाकरण और त्वरित उपचार के निर्देश

    लखनऊ
     हादसों में घायल होने वाले गोवंश को अब तत्काल उपचार मिल सकेगा। इसके साथ ही योगी सरकार प्रदेश के हर जिले में गोवंश के लिए आपातकालीन बचाव एवं त्वरित उपचार की व्यवस्था विकसित करने जा रही है। वहीं, पंचगव्य आधारित चिकित्सा की संभावनाओं पर वैज्ञानिक शोध को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा और राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, लखनऊ में इस दिशा में शोध एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। 
    इसके अलावा गो-संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की भी तैयारी है। महिला स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ, किसानों और गोपालकों को गोबर एवं गोमूत्र आधारित उत्पादों के निर्माण, पैकेजिंग, मूल्यवर्धन और विपणन से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सरकारी आवास पर भेंट के दौरान गो सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों की इन विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

    इस दौरान आयोग के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में गोवंश संरक्षण, गोशालाओं के बेहतर प्रबंधन, गोवंश के स्वास्थ्य और इस दिशा में भविष्य की कार्ययोजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श किया।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवंश और गोशालाओं के नियमित व प्रभावी निरीक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल कमियां चिह्नित करने तक सीमित न रहे, बल्कि, उनका समयबद्ध ढंग से समाधान भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गोशालाओं में गोवंश के भरण-पोषण, साफ-सफाई, हरे चारे व भूसे की उपलब्धता, पेयजल और आश्रय की व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही बीमार और कमजोर गोवंश की विशेष देखभाल सुनिश्चित करने को कहा।

    मुख्यमंत्री ने लम्पी और खुरपका-मुंहपका से बचाव के लिए समयबद्ध टीकाकरण और त्वरित उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई को कहा। इसके अलावा गोशालाओं का निरीक्षण अधिक परिणाममुखी बनाने और वैज्ञानिक प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई। नर, मादा, बीमार और युवा गोवंश की जरूरत के अनुसार अलग-अलग देखभाल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

    स्थानीय किसानों के जरिए चारा उत्पादन बढ़ाने पर जोर

    आयोग ने गोवंश संरक्षण में किसानों और गोपालकों की भागीदारी बढ़ाने, मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत 10 गोवंश रखने वाले लाभार्थियों को प्राथमिकता पर कैटल शेड, बायोगैस संयंत्र और यूरिन टैंक जैसी सुविधाओं से जोड़ने का सुझाव दिया। इसके साथ ही वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता, गोचर व चारागाह विकास और स्थानीय किसानों के जरिए चारा उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया। आयोग ने गोबर-गोमूत्र से जैविक खाद, जीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक कीट नियंत्रक और बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों-गोपालकों की आय और रोजगार बढ़ाने का सुझाव दिया।
    इस दौरान उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, उपाध्यक्ष अतुल सिंह व महेश शुक्ल तथा सदस्य राजेश सिंह सेंगर, रमाकांत उपाध्याय और दीपक गोयल आदि उपस्थित थे।

  • ‘मुंह से PDA, दिल में लग्जरी रथ’… संजय निषाद ने अखिलेश यादव पर साधा सीधा निशाना

    ‘मुंह से PDA, दिल में लग्जरी रथ’… संजय निषाद ने अखिलेश यादव पर साधा सीधा निशाना

    ‘मुंह से PDA, दिल में लग्जरी रथ’… संजय निषाद ने अखिलेश यादव पर साधा सीधा निशाना

    ‘गरीबों के वोट पर पलने वाले नेता गरीबों को भूल गए’… संजय निषाद का अखिलेश पर तीखा हमला

    ‘कार्यकर्ता धूप में दरी बिछाएं, नेता एसी में हाथ हिलाएं’… संजय निषाद ने सपा को घेरा

    अखिलेश की साइकिल से लग्जरी गाड़ियों तक पर संजय निषाद का वार, बोले- उनकी कथनी और करनी में अंतर’

    ‘कथनी और करनी में अंतर तो जनता दूर होगी’… अखिलेश यादव पर संजय निषाद का सीधा वार

    लखनऊ
     कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की PDA राजनीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश विचारधारा से चलता है और राजनीति की शुरुआत इस सोच के साथ हुई थी कि गरीब आदमी भी राजा बने, लेकिन दुर्भाग्य से गरीबों के वोट और गरीबों के नोट पर पलने वाले नेता अब गरीबों को ही भूल गए हैं।

    संजय निषाद ने सपा की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछड़ों के नाम पर राजनीति करने वालों ने 27 प्रतिशत आरक्षण पर अकेले कब्जा कर लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ‘अदर मैन’ कहां चले गए।

    ‘कार्यकर्ता धूप में खड़े, नेता एसी में बैठकर हाथ हिलाएं’

    संजय निषाद ने सपा की राजनीति में कार्यकर्ताओं की भूमिका और नेतृत्व के तौर-तरीकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी भी काम को कार्यकर्ता ही करता है। कार्यकर्ता समर्पित और संकल्पित होकर काम करता है।

    लेकिन आज स्थिति यह है कि कार्यकर्ता धूप में खड़े रहें, दरी बिछाएं और नेता एसी में बैठकर हाथ हिलाएं। संजय निषाद ने कहा कि नारा दिया गया था- ‘हर बिरादरी जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’, लेकिन कुछ लोग सब पर भारी हो गए और बाकी बेचारे रह गए।

    ‘गरीबों के बीच की यात्रा होनी चाहिए’

    PDA यात्रा और अखिलेश यादव की 20 करोड़ ती लग्जरी गाड़ी पर निशाना साधते हुए संजय निषाद ने कहा कि यात्रा निकालना हर आदमी का हक है, लेकिन यह भी तय होना चाहिए कि यात्रा किसकी होनी चाहिए और कैसे निकलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर यात्रा गरीबों के पास जा रही है तो उसे गरीब की गली में भी जाना चाहिए। उनके मुताबिक जब तक नेता गरीब की गली और गांव में नहीं रहेगा, तब तक गरीबों के बीच की वास्तविकता को नहीं समझ सकता।

    उन्होंने साफ कहा कि यात्रा गरीबों और गांव के बीच की होनी चाहिए, केवल सड़क पर निकलने वाली यात्रा नहीं।

    ‘मुंह से PDA, दिल में लग्जरी रथ’

    संजय निषाद ने अखिलेश यादव की राजनीति में लग्जरी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जनता अब सब तय करेगी और जनता ने ही ऐसे लोगों को सत्ता से बाहर किया है। उनके मुताबिक जब राजनीति की बात गरीबों और पिछड़ों के नाम पर हो, लेकिन जीवनशैली और राजनीतिक तौर-तरीकों में लग्जरी दिखाई दे, तो जनता इस अंतर को पहचानती है।

    ‘साइकिल की बात करने वाले अब बड़ी-बड़ी गाड़ियों में’

    अखिलेश यादव की साइकिल वाली राजनीति पर भी संजय निषाद ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ साइकिल की बात होती है, दूसरी तरफ बड़ी-बड़ी गाड़ियां चलती हैं। संजय निषाद ने इसे कथनी और करनी के अंतर से जोड़ते हुए कहा कि जब कथनी और करनी में अंतर होता है तो जनता निश्चित रूप से दूर होती है।

    ‘गरीबों के लिए आई थी राजनीति, लग्जरी के लिए नहीं’

    संजय निषाद ने कहा कि देश में राजनीति गरीब, भूमिहीन, आवासहीन और उजड़े लोगों के लिए शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि देश के लिए लड़ने वाले, उजड़ने वाले और गरीब होने वाले लोगों के लिए राजनीति आई थी। उनका कहना था कि लोकसभा और लोकतंत्र गरीबों के लिए आए थे, लग्जरी के लिए नहीं।

  • मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना बंद करें अखिलेश… सपा पर बीजेपी प्रवक्ता का तीखा हमला

    मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना बंद करें अखिलेश… सपा पर बीजेपी प्रवक्ता का तीखा हमला

    लखनऊ। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने संत कबीर नगर में गणेशोत्सव के दौरान मूर्ति विसर्जन की घटना से लेकर रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज विवाद, किसान कल्याण और संवैधानिक संस्थाओं के मुद्दे पर सपा पर तीखा हमला बोला।

    संत कबीर नगर की घटना पर सपा सांसद को घेरा
    संत कबीर नगर में गणेशोत्सव की मूर्ति विसर्जन की घटना को लेकर दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहे लोगों के बीच सपा सांसद ने अपने सांसद होने का रुतबा दिखाते हुए समाजवादी पार्टी के चिर-परिचित गुंडई अंदाज में निषाद समाज और सनातन पर टिप्पणी की, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

    बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सपा सांसद के बयान को लेकर वहां के लोगों में काफी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज सनातन को मानता है, विघ्नहर्ता भगवान गणेश और भगवान राम को मानता है। अगर कोई सनातन पर टिप्पणी करेगा तो निश्चित तौर पर समाज उसकी प्रतिक्रिया देने को तैयार है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण सपा सांसद को वहां से भागना पड़ा।

    रस्सी जल गई, लेकिन अकड़ नहीं गई
    रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज में सपा-ABVP विवाद को लेकर भी दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 2017 से लगातार हार का स्वाद चख रही है, लेकिन ‘रस्सी जल गई, फिर भी अकड़ नहीं गई। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े माफिया मिट्टी में मिल गए, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की अकड़ अभी भी बरकरार है। इसका परिणाम रायबरेली में देखने को मिला, जहां सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं की ओर से यह तक कहा गया कि नाम लिखकर रखेंगे और कहीं भी रहेंगे, देख लेंगे।

    ‘अखिलेश मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना बंद करें’
    दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने’ देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता 2017 से उन्हें लगातार देख रही है और 2027 में जब ईवीएम उनके सामने होगी तो जनता बटन दबाकर अपना फैसला सुना देगी। बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी ‘नील बटा सन्नाटा’ होकर रह जाएगी और हकीकत में उसका कहीं अस्तित्व नहीं रहेगा।

    किसान कल्याण को लेकर भी सपा पर हमला
    किसान कल्याण के मुद्दे पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय से बिजली, सिंचाई की मुफ्त व्यवस्था, खाद और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही किसानों को समय से एमएसपी और गन्ना किसानों को समय से भुगतान किया जा रहा है। बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की सरकार में किसानों को सालों-साल भुगतान नहीं मिलता था, बल्कि गुंडई और वसूली होती थी।

    उन्होंने कहा कि आज योगी आदित्यनाथ की सरकार में गन्ना किसानों का भुगतान 15 दिन में हो रहा है। उनके मुताबिक केंद्र में नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार ने यह करके दिखाया है और किसानों की आय दोगुनी करने का जो वादा किया गया था, उसे पूरा किया गया है।

    संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं
    संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विपक्ष के दृष्टिकोण पर भी दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और ‘इंडी’ अलायंस लाल-काली किताबें लेकर घूमते हैं और संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन जब अवसर आता है तो संविधान को तार-तार करने का काम करते हैं। उन्होंने राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें न भारत के संविधान पर भरोसा है, न राष्ट्रगीत पर और न ही किसी संवैधानिक संस्था पर। यहां तक कि उन्हें चुनाव आयोग पर भी भरोसा नहीं है। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब जनता का चुनावी फैसला इनके पक्ष में होता है तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन जब फैसला इनके खिलाफ आता है तो सब गड़बड़ बताया जाता है।

    AI वीडियो बनाकर भी सनातन को बदनाम नहीं कर पाएंगे
    दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया और AI वीडियो को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चाहे जितनी कोशिश कर लें, X पर जितनी पोस्ट कर लें, प्रेस बुलाकर कितनी भी बातें कर लें या अपने कार्यालय में बैठकर सनातन को बदनाम करने के लिए कितने भी AI वीडियो बनवा लें, जनता सब देख रही है। उन्होंने कहा कि जब जनता को 2017 से पहले का उत्तर प्रदेश और समाजवादी पार्टी का कुशासन याद आता है तो वह सिहर उठती है।

  • मुख्यमंत्री योगी के हाथों 21 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र

    मुख्यमंत्री योगी के हाथों 21 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र

    मुख्यमंत्री योगी के हाथों 21 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र 

    आयुष विभाग के 11, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 8 तथा सूक्ष्म, लघु-मध्यम उद्यम विभाग में चयनित दो युवाओं को मंच पर दिया गया नियुक्ति पत्र

    लखनऊ
     योगी सरकार की ओर से शनिवार को प्रदेश भर में 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग व उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग में अनुदेशक, सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में सहायक सांख्यिकीय अधिकारी, आयुष विभाग में प्रोफेसर, रीडर, लेक्चरर व फार्मासिस्ट तथा चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर चयनित युवाओं को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिला। 

    इनमें से 21 युवाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर नियुक्ति पत्र वितरित किये। 

    आयुष विभाग 
    1-    डॉ. सुधीर चौहान- प्रोफेसर, होम्योपैथी 
    2-    आराधना चौधरी- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी 
    3-    रोशनी- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी
    4-    प्रिंसी गुप्ता- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी
    5-    साक्षी सिंह- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी
    6-    पल्लवी देवी- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी
    7-    आकाश शुक्ला- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी 
    8-    डॉ. हिमानी- रीडर- आयुर्वेद
    9-    रोमा आनंद- रीडर- आयुर्वेद
    10-    साफिया बानो-प्रवक्ता-यूनानी
    11-    डॉ. मोहम्मद कासिफ- प्रवक्ता-यूनानी

    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग 
    12-    प्रिंस सिंह- एक्सरे टेक्नीशियन 
    13-    पंकज कुमार वर्मा- एक्सरे टेक्नीशियन
    14-    शिवानंद शुक्ल- एक्सरे टेक्नीशियन
    15-    मो. अफरोज- एक्सरे टेक्नीशियन
    16-    ट्विंकल पटेल- एक्सरे टेक्नीशियन
    17-    सरिता सोनी- एक्सरे टेक्नीशियन
    18-    सविता देवी- एक्सरे टेक्नीशियन
    19-    अनुराग गौतम- एक्सरे टेक्नीशियन

    सूक्ष्म, लघु-मध्यम उद्यम विभाग 
    20-    तृप्ति श्रीवास्तव- सहायक सांख्यिकी अधिकारी 
    21-    ललित कुमार वर्मा- सहायक सांख्यिकी अधिकारी ।

  • गोवंश को तुरंत मिलेगा उपचार, हर जिले में बनेगा इमरजेंसी रेस्क्यू सिस्टम

    गोवंश को तुरंत मिलेगा उपचार, हर जिले में बनेगा इमरजेंसी रेस्क्यू सिस्टम

    गोवंश को तत्काल मिलेगा उपचार, हर जिले में बनेगा इमरजेंसी रेस्क्यू सिस्टम

    पंचगव्य से चिकित्सा पर शोध को बढ़ावा देगी योगी सरकार

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विवि एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा तथा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, लखनऊ में शोध को प्रोत्साहित करने के निर्देश

    महिला स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ, कृषकों एवं गोपालकों को गो-आधारित उत्पादों एवं ग्रामीण उद्यमिता से जोड़ा जाएगा

    लम्पी और खुरपका-मुंहपका से बचाव के लिए समयबद्ध टीकाकरण और त्वरित उपचार के निर्देश

    लखनऊ
    हादसों में घायल होने वाले गोवंश को अब तत्काल उपचार मिल सकेगा। इसके साथ ही योगी सरकार प्रदेश के हर जिले में गोवंश के लिए आपातकालीन बचाव एवं त्वरित उपचार की व्यवस्था विकसित करने जा रही है। वहीं, पंचगव्य आधारित चिकित्सा की संभावनाओं पर वैज्ञानिक शोध को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा और राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, लखनऊ में इस दिशा में शोध एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। 
    इसके अलावा गो-संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की भी तैयारी है। महिला स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ, किसानों और गोपालकों को गोबर एवं गोमूत्र आधारित उत्पादों के निर्माण, पैकेजिंग, मूल्यवर्धन और विपणन से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सरकारी आवास पर भेंट के दौरान गो सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों की इन विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

    इस दौरान आयोग के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में गोवंश संरक्षण, गोशालाओं के बेहतर प्रबंधन, गोवंश के स्वास्थ्य और इस दिशा में भविष्य की कार्ययोजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श किया।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवंश और गोशालाओं के नियमित व प्रभावी निरीक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल कमियां चिह्नित करने तक सीमित न रहे, बल्कि, उनका समयबद्ध ढंग से समाधान भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गोशालाओं में गोवंश के भरण-पोषण, साफ-सफाई, हरे चारे व भूसे की उपलब्धता, पेयजल और आश्रय की व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही बीमार और कमजोर गोवंश की विशेष देखभाल सुनिश्चित करने को कहा।

    मुख्यमंत्री ने लम्पी और खुरपका-मुंहपका से बचाव के लिए समयबद्ध टीकाकरण और त्वरित उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई को कहा। इसके अलावा गोशालाओं का निरीक्षण अधिक परिणाममुखी बनाने और वैज्ञानिक प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई। नर, मादा, बीमार और युवा गोवंश की जरूरत के अनुसार अलग-अलग देखभाल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

    स्थानीय किसानों के जरिए चारा उत्पादन बढ़ाने पर जोर

    आयोग ने गोवंश संरक्षण में किसानों और गोपालकों की भागीदारी बढ़ाने, मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत 10 गोवंश रखने वाले लाभार्थियों को प्राथमिकता पर कैटल शेड, बायोगैस संयंत्र और यूरिन टैंक जैसी सुविधाओं से जोड़ने का सुझाव दिया। इसके साथ ही वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता, गोचर व चारागाह विकास और स्थानीय किसानों के जरिए चारा उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया। आयोग ने गोबर-गोमूत्र से जैविक खाद, जीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक कीट नियंत्रक और बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों-गोपालकों की आय और रोजगार बढ़ाने का सुझाव दिया।
    इस दौरान उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, उपाध्यक्ष अतुल सिंह व महेश शुक्ल तथा सदस्य राजेश सिंह सेंगर, रमाकांत उपाध्याय और दीपक गोयल आदि उपस्थित थे।

  • पहले अपने गिरेबां में झांकें अखिलेश.. MSP और किसानों के मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही का सपा पर हमला

    पहले अपने गिरेबां में झांकें अखिलेश.. MSP और किसानों के मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही का सपा पर हमला

    लखनऊ। कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने MSP, गन्ना भुगतान, किसानों की बिजली और रोजगार के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल की तुलना योगी सरकार से करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को सरकार पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए।

    ‘उनके जमाने में धान की MSP ₹1310, आज ₹2385’
    सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सपा सरकार के समय धान की MSP ₹1310 और गेहूं की MSP ₹1400 थी। इसके मुकाबले योगी सरकार में पिछले साल धान की MSP ₹2385 और गेहूं की ₹2450 दी गई। उन्होंने कहा कि 2017 के चुनाव से पहले प्रचार के दौरान धान ₹700 से ₹800 में बिकता था। आज उत्तर प्रदेश में धान ₹2400, ₹2500, ₹2600 और ₹2700 तक में बिक रहा है। उन्होंने कहा कि बाजार में गेहूं का भाव भी ₹2800 तक पहुंचा है। शाही ने कहा कि MSP बढ़ने से बाजार का रेट भी उठा है और इसका फायदा किसान को मिला है।

    ‘सपा राज में साल-साल तक भुगतान नहीं होता था’
    किसानों के भुगतान को लेकर भी सूर्य प्रताप शाही ने सपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय किसान MSP पर फसल बेचता था, लेकिन उसका भुगतान साल-साल और दो-दो साल तक नहीं होता था। उन्होंने बुंदेलखंड में किसान आत्महत्या का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में वहां लगातार किसान आत्महत्या करते थे। वहीं योगी सरकार की व्यवस्था का जिक्र करते हुए शाही ने कहा कि अब किसान के खाते में सीधे भुगतान होता है और तीन से चार दिन, अधिकतम सात दिन के भीतर पैसा पहुंच जाता है।

    गन्ने के भुगतान पर भी अखिलेश को घेरा
    गन्ना मूल्य और भुगतान को लेकर सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सपा सरकार के समय गन्ने का दाम ₹280 तय किया गया था और इसका भुगतान तीन किस्तों में किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले 40 प्रतिशत, फिर 40 प्रतिशत और अंत में 20 प्रतिशत भुगतान होता था और यह 20 प्रतिशत राशि तीन-चार साल बाद तक अटकी रहती थी। शाही ने कहा कि योगी सरकार बनने के समय तीन पेराई सत्रों का करीब ₹10 हजार करोड़ बकाया छोड़ा गया था, जिसका भुगतान योगी सरकार ने किया। उनके मुताबिक अब तक ₹3.5 लाख करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है। इस साल गन्ना मूल्य में ₹25 की बढ़ोतरी की गई है और ₹400 प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ₹36,500 करोड़ में से ₹34 हजार करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।

    ‘किसान के ट्यूबवेल की बिजली माफ’
    सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों के ट्यूबवेल से चलने वाली बिजली को माफ कर दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार इसके लिए ₹2600 करोड़ का खर्च वहन कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी व्यवस्था के बावजूद अखिलेश यादव सरकार पर सवाल क्यों उठा रहे हैं। शाही ने कहा कि उन्हें अनावश्यक अफवाह और गलत बातें फैलाने के बजाय अपने ऊपर पुनर्विचार करना चाहिए।

    ‘सपा सरकार में गुंडाराज पूरे प्रदेश में था’
    सूर्य प्रताप शाही ने सपा सरकार के कानून-व्यवस्था के रिकॉर्ड पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में लूट-खसोट, योजनाओं में भ्रष्टाचार और पुलिस के ऊपर गुंडों का प्रभाव था। उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग कांड का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पुलिस के एडिशनल एसपी की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने अन्य घटनाओं का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय अपराधियों के हौसले बुलंद थे। शाही ने कहा कि आज गुंडों के वे हौसले पस्त हो चुके हैं और उत्तर प्रदेश की जनता अब गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेगी।

    ‘अपहरण, फिरौती और लूट का कारोबार खत्म’
    सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सपा सरकार के दौरान अपहरण, फिरौती, लूट और रैनसम वसूली का माहौल था। उन्होंने इसे उस दौर का ‘उद्योग’ बताते हुए आरोप लगाया कि लोगों का अपहरण किया जाता था, फिरौती मांगी जाती थी और भारी रकम लेकर छोड़ा जाता था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में यह सब खत्म हो चुका है।

    ‘9.5 लाख से ज्यादा लोगों को पारदर्शी तरीके से नौकरी’
    सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में 9.5 लाख से ज्यादा लोगों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में कार्यक्षमता बढ़ी है और पब्लिक सर्विस कमीशन की कार्यप्रणाली को बेहतर किया गया है। शाही ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान पब्लिक सर्विस कमीशन, सबऑर्डिनेट सर्विस कमीशन और शिक्षक भर्ती बोर्ड जैसी संस्थाएं ध्वस्त हो गई थीं और नौकरी की नीलामी होती थी। उन्होंने कहा कि अब यह व्यवस्था बंद हो गई है और इसी वजह से समाजवादी पार्टी के ‘पेट में दर्द’ है और अखिलेश यादव बेचैन हैं।

  • अब मरीजों को आरोग्यसेतु एप पर भी मिलेगी जांच रिपोर्ट, स्वयं सुरक्षित रख सकेंगे हेल्थ इलेक्ट्रानिक रिकार्ड

    अब मरीजों को आरोग्यसेतु एप पर भी मिलेगी जांच रिपोर्ट, स्वयं सुरक्षित रख सकेंगे हेल्थ इलेक्ट्रानिक रिकार्ड

    अब मरीजों को आरोग्यसेतु एप पर भी मिलेगी जांच रिपोर्ट, स्वयं सुरक्षित रख सकेंगे हेल्थ इलेक्ट्रानिक रिकार्ड

    – मरीज जांच रिपोर्ट भविष्य में जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से कर सकेंगे शेयर

    – सीएम योगी के डिजिटल हेल्थ विजन से यूपी की स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई रफ्तार

    – 900 से अधिक सरकारी अस्पतालों में लैब सेवाएं हुईं डिजिटल, मरीजों को मिल रही बड़ी राहत

    लखनऊ
     योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और मरीजों को बेहतर एवं सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में सरकारी अस्पतालों की लैब में टेस्ट कराने वाले मरीजों को उनकी रिपोर्ट मोबाइल के आरोग्यसेतु ऐप पर भेजने की तैयारी की जा रही है ताकि वह अपनी लैब रिपोर्ट को इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकार्ड के रूप में अपने पास सुरक्षित रख सकें।  

    व्हाट्सएप पर 37.66 लाख और एसएमएस से 31.40 लाख जांच रिपोर्ट भेजी
    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) की दिशा में कई पहल की गई है। उन्होंने बताया कि मरीजों को उनकी जांच रिपोर्ट मोबाइल के आरोग्यसेतु एप पर भेजने की तैयारी की जा रही है, जिसे वह भविष्य में जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से शेयर कर सकेंगे। वहीं प्रदेश के 900 से अधिक सरकारी अस्पतालों में लैबोरेटरी इंफॉरमेशन सिस्टम (एलआईएस) को हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टम (एचएमआईएस) से जोड़ दिया गया है। इस व्यवस्था से मरीजों को अब लैब रिपोर्ट के लिए अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। साथ ही डॉक्टर्स को भी जल्द लैब रिपोर्ट मिलने से इलाज में काफी सहूलियत हुई है। उन्होंने बताया कि मरीजों को लैब रिपोर्ट व्हाट्सएप और एसएमएस से भेजी जा रही है। अब तक करीब 58.07 लाख लैब रिपोर्ट का मैसेज व्हाट्सएप पर भेजा गया जबकि 37.66 लाख रिपोर्ट व्हाट्सएप पर भेजी गयी। इसी तरह करीब 46.50 लाख एसएमएस भेजे गए, जिनमें से 31.40 लाख मरीजों को लैब रिपोर्ट भेजी गयी। 

    मरीजों को लैब टेस्ट कराने के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने से मिली मुक्ति
    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की सचिव ने बताया कि एलआईएस-एचएमआईएस के इंटीग्रेटेड होने से अब मरीजों को लैब जांच के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन नहीं कराना पड़ता है। इससे जहां एक ओर मरीजों के समय की बचत हो रही है वहीं दूसरी ओर उन्हे समय पर इलाज भी मिल रहा है। इसका लाभ डॉक्टरों को भी मिल रहा है। जांच परिणाम सीधे एचएमआईएस पोर्टल पर उपलब्ध होने से चिकित्सकों को रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ता। इससे मरीज की जांच रिपोर्ट के आधार पर उपचार प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही मैनुअल और दोहरी डाटा एंट्री की भी व्यवस्था खत्म हो गयी है।

  • योगी सरकार की ओटीएस योजना से शहरी करदाताओं को बड़ी राहत, 31.06 करोड़ रुपये की ब्याज माफी

    योगी सरकार की ओटीएस योजना से शहरी करदाताओं को बड़ी राहत, 31.06 करोड़ रुपये की ब्याज माफी

    योगी सरकार की ओटीएस योजना से शहरी करदाताओं को बड़ी राहत, 31.06 करोड़ रुपये की ब्याज माफी

    48 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त, 29,292 को मिली स्वीकृति

    73.80 करोड़ की मांग के सापेक्ष 24.51 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त

    ओटीएस से निकायों की तिजोरी मजबूत, गृहकर वसूली में लखनऊ नगर निगम प्रदेश में अव्वल

    करदाताओं को औसतन 12655 रुपये की बचत, पुराने बकायों के निस्तारण का अवसर

    पेयजल, सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं के विकास में होगा राजस्व का उपयोग

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शहरी करदाताओं के लिए आर्थिक राहत का माध्यम बन रही है। ओटीएस योजना के तहत स्वीकृत 29292 लाभार्थियों को अब तक कुल 31.06 करोड़ रुपये की सरचार्ज एवं ब्याज में छूट दी गई है। इससे प्रत्येक लाभार्थी को औसतन लगभग 12655 रुपये की आर्थिक बचत हुई है। योजना के माध्यम से पुराने कर बकायों के पारदर्शी और सम्मानजनक निस्तारण का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।

    स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के अवसर पर नगर विकास विभाग द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत नागरिकों को वर्षों से लंबित कर बकायों का निस्तारण कराने और सरचार्ज व ब्याज में छूट पाने का अवसर मिल रहा है। इससे जहां आम परिवारों पर पुराने बकाये का आर्थिक बोझ कम हो रहा है, वहीं नगरीय निकायों की राजस्व वसूली को भी गति मिल रही है।

    अब तक 48 हजार से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए

    योजना के प्रति नागरिकों की भागीदारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक कुल 48751 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 25231 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। नगर निगमों में 40480, नगर पालिका परिषदों में 6033,  नगर पंचायतों में 2160, और जल संस्थानों में 394 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

    आवासीय संपत्तियों के सर्वाधिक आवेदन

    योजना का लाभ उठाने वालों में आम परिवारों की भागीदारी सबसे अधिक है। प्राप्त आवेदनों में 81.5 प्रतिशत यानी 31002 आवेदन आवासीय संपत्तियों से संबंधित हैं। इसके अलावा 3785 व्यावसायिक और 3235 मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियों के स्वामियों ने भी योजना के तहत आवेदन किया है। यह भागीदारी शहरी करदाताओं के बीच योजना की पहुंच को दर्शाती है।

    निकायों की आर्थिक मजबूती को मिल रहा आधार

    योजना के अंतर्गत पंजीकृत 73.80 करोड़ रुपये की कुल मांग के सापेक्ष अब तक 24.51 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष राजस्व प्राप्त हुआ है। इससे नगरीय निकायों के लंबित करों की वसूली को गति मिली है। सरकार की इस पहल से करदाताओं को राहत देने के साथ-साथ स्थानीय निकायों के वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

    गृहकर वसूली में लखनऊ नगर निगम सबसे आगे

    ओटीएस योजना के तहत गृहकर वसूली में लखनऊ नगर निगम प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में सबसे आगे है। लखनऊ नगर निगम ने अब तक 6.70 करोड़ रुपये के करीब गृहकर वसूली की है। योजना के तहत बड़ी संख्या में बकायेदार आवेदन कर रहे हैं और नगर निगम स्तर पर आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। लखनऊ नगर निगम में अब तक ओटीएस योजना के तहत 4159 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 3723 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं 5 आवेदन निरस्त किए गए हैं, जबकि 239 आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं।

    नागरिक सुविधाओं के विकास में होगा राजस्व का उपयोग

    योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल बकाया करों की वसूली तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने से भी जुड़ा है। प्राप्त राजस्व का उपयोग स्वच्छ पेयजल, बेहतर सड़कों, स्ट्रीट लाइटों और आधुनिक नगरीय सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। इस प्रकार ओटीएस योजना के माध्यम से सरकार करदाताओं को पुराने बकायों से राहत देने, राजस्व संग्रह बढ़ाने और शहरों के विकास को गति देने की दिशा में काम कर रही है।

    योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

    नगर विकास सचिव अनुज कुमार झा ने कहा कि ओटीएस योजना से शहरी करदाताओं को राहत देने के साथ नगरीय निकायों की राजस्व वसूली को भी गति मिल रही है। अभी काफी काम करना बाकी है। सभी निकाय योजना को प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिले और पुराने बकायों का निस्तारण हो सके।

  • सर्वोदय विद्यालयों का होगा कायाकल्प, 15 स्कूलों के लिए 1.50 करोड़ रुपये जारी

    सर्वोदय विद्यालयों का होगा कायाकल्प, 15 स्कूलों के लिए 1.50 करोड़ रुपये जारी

    सर्वोदय विद्यालयों में सुविधाओं की सौगात, 15 स्कूलों के कायाकल्प के लिए 1.50 करोड़ रुपए जारी 

    आवासीय स्कूलों में मजबूत होगा इंफ्रास्ट्रक्चर, विद्यार्थियों को मिलेंगी बेहतर शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं

    हॉस्टल से स्मार्ट क्लास तक सुधरेंगी व्यवस्थाएं, पेयजल और स्वच्छता पर भी जोर

    बरेली से रायबरेली तक 15 सर्वोदय विद्यालयों को मिलेगा विकास कार्यों का लाभ

    सुरक्षित और आधुनिक माहौल में सर्वांगीण विकास की दिशा में योगी सरकार का कदम

    लखनऊ
     योगी सरकार प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर आवासीय और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दे रही है। इसी कड़ी में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाओं को और मजबूत करने की पहल की गई है। प्रदेश के 15 सर्वोदय विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए 1.50 करोड़ रुपये (150 लाख रुपये) की धनराशि स्वीकृत की गई है।

    इससे बरेली, कौशाम्बी, अयोध्या, ललितपुर, हरदोई, आजमगढ़, बलिया, प्रयागराज, इटावा, फर्रूखाबाद, बांदा, चित्रकूट, जालौन और रायबरेली के सर्वोदय विद्यालय लाभान्वित होंगे। सरकार की इस पहल से इन आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।

    हॉस्टल से स्मार्ट क्लास तक सुविधाएं होंगी मजबूत

    स्वीकृत धनराशि से विद्यालयों में हॉस्टल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ स्मार्ट क्लासरूम और प्रयोगशालाओं के रख-रखाव व आवश्यक मरम्मत कार्य कराए जाएंगे। इसके अलावा पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर रहेगा। खेल परिसर के जीर्णोद्धार से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल और शारीरिक विकास के लिए भी बेहतर माहौल मिलेगा।

    शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर फोकस

    योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल विद्यालयों की इमारत और सुविधाओं को बेहतर करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। आधुनिक संसाधनों से लैस विद्यालय विद्यार्थियों को शिक्षा, तकनीक, प्रयोगात्मक अध्ययन और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक होंगे।

    तकनीक और आधुनिक सुविधाओं का बढ़ेगा समन्वय

    सरकार की ओर से विद्यालयों में तकनीक और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। स्मार्ट क्लासरूम और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं का रख-रखाव बेहतर होने से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का लाभ मिल सकेगा। आवासीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा।

    हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करें विद्यार्थी

    सरकार का लक्ष्य है कि सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को ऐसा वातावरण मिले, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर आगे बढ़ सकें। विभाग की ओर से कहा गया है कि लक्ष्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करना है। आने वाले समय में तकनीक और आधुनिक सुविधाओं का समन्वय और मजबूत किया जाएगा, ताकि सर्वोदय विद्यालयों के छात्र हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर सकें।