Category: उत्तर प्रदेश

  • PM मोदी के जन्मदिन पर यूपी में सेवा का महाअभियान, 354 शिविरों में 8,323 लोगों ने किया रक्तदान

    PM मोदी के जन्मदिन पर यूपी में सेवा का महाअभियान, 354 शिविरों में 8,323 लोगों ने किया रक्तदान

    पीएम मोदी के जन्मदिन पर यूपी में सेवा का महाअभियान, 354 शिविरों में 8,323 लोगों ने किया रक्तदान

    आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के तहत 75 जिलों में 5.90 करोड़ दीये प्रज्जवलित

    लखनऊ में 21.23 लाख, गोरखपुर में 14.21 लाख, आगरा में 13.32 लाख और झांसी में 11.21 लाख दीये जले

    सभी 75 जिलों में सेवा दिवस पर रक्तदान, विश्वकर्मा श्रम सम्मान टूल किट और फल वितरण के कार्यक्रम

    प्रदेशभर में 73,959 मरीजों को वितरित किए गए फल, 12,271 लाभार्थियों को मिली टूल किट

    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और एमएसएमई विभाग रहे विविध कार्यक्रमों के नोडल विभाग

    लखनऊ
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर के अवसर पर उत्तर प्रदेश में सेवा दिवस के तहत प्रदेशव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूल किट और अस्पतालों में मरीजों को फल वितरित किए गए। इस मौके पर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 5.90 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए।

    प्रदेशभर में आयोजित 354 रक्तदान शिविरों में कुल 8,323 लोगों ने रक्तदान किया। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 12,271 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त विभिन्न जिलों के अस्पतालों में भर्ती 73,959 मरीजों को फल बांटे गए। कार्यक्रमों के संचालन में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग नोडल विभाग रहे।

    75 जिलों में 5.90 करोड़ दीप प्रज्जवलित
    प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश में 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के तहत 5 करोड़ 90 लाख दीये जलाए गए। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए लोगों ने प्रधानमंत्री के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं। प्रमुख जिलों में बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित किए गए। लखनऊ में 21,23,900, सीतापुर में 21,43,140, वाराणसी में 3,28,204, रामपुर में 10,94,354, मथुरा में 5,59,277, प्रयागराज में 6,75,916, बरेली में 7,69,770, झांसी में 11,21,410, गौतमबुद्ध नगर में 2,32,529, गोरखपुर में 14,21,112, कानपुर देहात में 11,28,038, अयोध्या में 8,95,630, अमेठी में 1,91,490, आगरा में 13,32,200 और आजमगढ़ में 15,70,120 दीये जलाए गए।

    अंबेडकरनगर में 61 लोगों ने रक्तदान किया
    अमरोहा में रक्तदान शिविर में 20 व्यक्तियों ने रक्तदान किया। यहां विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 200 लाभार्थियों को टूल किट वितरित किया गया। साथ ही 210 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह अमेठी में 4 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 55 लाभार्थियों को टूल किट और 320 मरीजों को फल वितरित किए गए। अंबेडकरनगर में 2 रक्तदान शिविरों में 61 लोगों ने रक्तदान किया। 725 लाभार्थियों को टूल किट और 200 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    अयोध्या में 1853 मरीजों को फल वितरण
    अयोध्या में 2 रक्तदान शिविरों में 71 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 1,853 मरीजों को फल वितरित किए गए। अलीगढ़ में 12 रक्तदान शिविरों में 360 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 1,349 मरीजों को फल वितरित किए गए। ऐसे ही आगरा में 4 रक्तदान शिविरों में 84 लोगों ने रक्तदान किया। 15 लाभार्थियों को टूल किट और 3,198 मरीजों को फल वितरित किए गए। आजमगढ़ में 2 रक्तदान शिविरों में 225 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 1,516 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    उन्नाव में 400 लाभार्थियों को टूल किट
    इटावा में 3 रक्तदान शिविरों में 45 लोगों ने रक्तदान किया। 6 लाभार्थियों को टूल किट और 1,548 मरीजों को फल वितरित किए गए। उन्नाव में 1 रक्तदान शिविर में 8 लोगों ने रक्तदान किया। 400 लाभार्थियों को टूल किट और 1,028 मरीजों को फल वितरित किए गए। एटा में 3 रक्तदान शिविरों में 38 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,603 मरीजों को फल वितरित किए गए। औरैया में 1 रक्तदान शिविर में 6 लोगों ने रक्तदान किया। 25 लाभार्थियों को टूल किट और 317 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    कानपुर शहर में 2,286 मरीजों को फल वितरण
    कन्नौज में 2 रक्तदान शिविरों में 42 लोगों ने रक्तदान किया। 12 लाभार्थियों को टूल किट और 632 मरीजों को फल वितरित किए गए। कानपुर देहात में 1 रक्तदान शिविर में 25 लोगों ने रक्तदान किया। 11 लाभार्थियों को टूल किट और 1,140 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह कानपुर शहर में 23 रक्तदान शिविरों में 452 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 2,286 मरीजों को फल वितरित किए गए। कासगंज में 1 रक्तदान शिविर में 12 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 120 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    गाजियाबाद में 1572 लोगों ने रक्त दान किया
    इसी क्रम में कुशीनगर में 3 रक्तदान शिविरों में 73 लोगों ने रक्तदान किया। 75 लाभार्थियों को टूल किट और 482 मरीजों को फल वितरित किए गए। कौशांबी में 3 रक्तदान शिविरों में 102 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 628 मरीजों को फल वितरित किए गए। लखीमपुर खीरी में 2 रक्तदान शिविरों में 67 लोगों ने रक्तदान किया। 105 लाभार्थियों को टूल किट और 1,455 मरीजों को फल वितरित किए गए। गाजियाबाद में 39 रक्तदान शिविरों में 1,572 लोगों ने रक्तदान किया। 450 लाभार्थियों को टूल किट और 2,215 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    गोंडा में 2 हजार से ज्यादा मरीजों को फल वितरण
    गाजीपुर में 1 रक्तदान शिविर में 30 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 450 मरीजों को फल वितरित किए गए। गोंडा में 3 रक्तदान शिविरों में 72 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 2,163 मरीजों को फल वितरित किए गए। गोरखपुर में 3 रक्तदान शिविरों में 86 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,186 मरीजों को फल वितरित किए गए। गौतमबुद्ध नगर में 21 रक्तदान शिविरों में 246 लोगों ने रक्तदान किया। 340 लाभार्थियों को टूल किट और 1,560 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    जौनपुर में 13 रक्तदान शिविरों का आयोजन
    चंदौली में 4 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 405 मरीजों को फल वितरित किए गए। चित्रकूट में 1 रक्तदान शिविर में 11 लोगों ने रक्तदान किया। 128 लाभार्थियों को टूल किट और 400 मरीजों को फल वितरित किए गए। जालौन में 2 रक्तदान शिविरों में 21 लोगों ने रक्तदान किया। 40 लाभार्थियों को टूल किट और 1,060 मरीजों को फल वितरित किए गए। जौनपुर में 13 रक्तदान शिविरों में 299 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 1,450 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    देवरिया में भी रक्तदान शिविर का आयोजन
    झांसी में 2 रक्तदान शिविरों में 57 लोगों ने रक्तदान किया। 20 लाभार्थियों को टूल किट और 840 मरीजों को फल वितरित किए गए। देवरिया में 2 रक्तदान शिविरों में 192 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,172 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह पीलीभीत में 1 रक्तदान शिविर में 20 लोगों ने रक्तदान किया। 21 लाभार्थियों को टूल किट और 1,392 मरीजों को फल वितरित किए गए। प्रतापगढ़ में 1 रक्तदान शिविर में 16 लोगों ने रक्तदान किया। 41 लाभार्थियों को टूल किट और 795 मरीजों को फल वितरित किए गए। प्रयागराज में 3 रक्तदान शिविरों में 167 लोगों ने रक्तदान किया। 155 लाभार्थियों को टूल किट और 292 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    फर्रुखाबाद में 100 लाभार्थियों को टूल किट वितरित
    फतेहपुर में 5 रक्तदान शिविरों में 16 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 799 मरीजों को फल वितरित किए गए। फर्रुखाबाद में 2 रक्तदान शिविरों में 13 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 128 मरीजों को फल वितरित किए गए। फिरोजाबाद में 7 रक्तदान शिविरों में 80 लोगों ने रक्तदान किया। 525 लाभार्थियों को टूल किट और 2,706 मरीजों को फल वितरित किए गए। बदायूं में 3 रक्तदान शिविरों में 88 लोगों ने रक्तदान किया। 165 लाभार्थियों को टूल किट और 250 मरीजों को फल वितरित किए गए। बरेली में 1 रक्तदान शिविर में 66 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,386 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    बस्ती में 200 लाभार्थियों को टूल किट
    बलरामपुर में 3 रक्तदान शिविरों में 53 लोगों ने रक्तदान किया। 41 लाभार्थियों को टूल किट और 1,084 मरीजों को फल वितरित किए गए। बलिया में 1 रक्तदान शिविर में 26 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,080 मरीजों को फल वितरित किए गए। बस्ती में 3 रक्तदान शिविरों में 55 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 3,681 मरीजों को फल वितरित किए गए। बहराइच में 1 रक्तदान शिविर में 85 लोगों ने रक्तदान किया। 37 लाभार्थियों को टूल किट और 4,740 मरीजों को फल वितरित किए गए। बांदा में 3 रक्तदान शिविरों में 22 लोगों ने रक्तदान किया। 77 लाभार्थियों को टूल किट और 473 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    बिजनौर में 359 लोगों ने किया रक्तदान
    बागपत में 2 रक्तदान शिविरों में 21 लोगों ने रक्तदान किया। 358 लाभार्थियों को टूल किट और 102 मरीजों को फल वितरित किए गए। बाराबंकी में 2 रक्तदान शिविरों में 145 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 435 मरीजों को फल वितरित किए गए। बिजनौर में 12 रक्तदान शिविरों में 359 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 365 मरीजों को फल वितरित किए गए। बुलंदशहर में 8 रक्तदान शिविरों में 78 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 852 मरीजों को फल वितरित किए गए। भदोही में 7 रक्तदान शिविरों में 38 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 543 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    मथुरा में 290 लोगों ने रक्तदान किया
    इसी तरह मऊ में 8 रक्तदान शिविरों में 76 लोगों ने रक्तदान किया। 17 लाभार्थियों को टूल किट और 406 मरीजों को फल वितरित किए गए। मथुरा में 7 रक्तदान शिविरों में 290 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 278 मरीजों को फल वितरित किए गए। महराजगंज में 2 रक्तदान शिविरों में 68 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 350 मरीजों को फल वितरित किए गए। महोबा में 3 रक्तदान शिविरों में 27 लोगों ने रक्तदान किया। 142 लाभार्थियों को टूल किट और 567 मरीजों को फल वितरित किए गए। मीरजापुर में 1 रक्तदान शिविर में 76 लोगों ने रक्तदान किया। 52 लाभार्थियों को टूल किट और 3,273 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    मुरादाबाद में 1000 मरीजों को फल वितरित किए गए
    मुजफ्फरनगर में 11 रक्तदान शिविरों में 152 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 325 मरीजों को फल वितरित किए गए। मुरादाबाद में 3 रक्तदान शिविरों में 63 लोगों ने रक्तदान किया। 400 लाभार्थियों को टूल किट और 1,000 मरीजों को फल वितरित किए गए। मेरठ में 3 रक्तदान शिविरों में 251 लोगों ने रक्तदान किया। 575 लाभार्थियों को टूल किट और 251 मरीजों को फल वितरित किए गए। मैनपुरी में 2 रक्तदान शिविरों में 27 लोगों ने रक्तदान किया। 550 लाभार्थियों को टूल किट और 554 मरीजों को फल वितरित किए गए। रामपुर में 2 रक्तदान शिविरों में 24 लोगों ने रक्तदान किया। 35 लाभार्थियों को टूल किट और 248 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    वाराणसी में 510 लोगों ने किया रक्तदान
    रायबरेली में 2 रक्तदान शिविरों में 15 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 892 मरीजों को फल वितरित किए गए। लखनऊ में 20 रक्तदान शिविरों में 263 लोगों ने रक्तदान किया। जबकि 507 मरीजों को फल वितरित किए गए। ललितपुर में 2 रक्तदान शिविरों में 18 लोगों ने रक्तदान किया। 5 लाभार्थियों को टूल किट और 200 मरीजों को फल वितरित किए गए। वाराणसी में 20 रक्तदान शिविरों में 510 लोगों ने रक्तदान किया। 542 मरीजों को फल वितरित किए गए। शामली में 2 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 450 लाभार्थियों को टूल किट और 553 मरीजों को फल वितरित किए गए। शाहजहांपुर में 3 रक्तदान शिविरों में 30 लोगों ने रक्तदान किया। 525 लाभार्थियों को टूल किट और 30 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    संतकबीरनगर में 725 लाभार्थियों को टूल किट
    श्रावस्ती में 2 रक्तदान शिविरों में 25 लोगों ने रक्तदान किया। 250 लाभार्थियों को टूल किट और 200 मरीजों को फल वितरित किए गए। संतकबीरनगर में 2 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 725 लाभार्थियों को टूल किट और 86 मरीजों को फल वितरित किए गए। संभल में 5 रक्तदान शिविरों में 72 लोगों ने रक्तदान किया। 250 लाभार्थियों को टूल किट और 1,003 मरीजों को फल वितरित किए गए। सहारनपुर में 1 रक्तदान शिविर में 20 लोगों ने रक्तदान किया। 11 लाभार्थियों को टूल किट और 50 मरीजों को फल वितरित किए गए। सिद्धार्थनगर में 3 रक्तदान शिविरों में 105 लोगों ने रक्तदान किया। 101 लाभार्थियों को टूल किट और 1,270 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    हमीरपुर में 400 लाभार्थियों को टूल किट
    सीतापुर में 3 रक्तदान शिविरों में 138 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 831 मरीजों को फल वितरित किए गए। सुल्तानपुर में 5 रक्तदान शिविरों में 91 लोगों ने रक्तदान किया। 250 लाभार्थियों को टूल किट और 2,593 मरीजों को फल वितरित किए गए। सोनभद्र में 4 रक्तदान शिविरों में 86 लोगों ने रक्तदान किया। 115 लाभार्थियों को टूल किट और 1,263 मरीजों को फल वितरित किए गए। हमीरपुर में 2 रक्तदान शिविरों में 21 लोगों ने रक्तदान किया। 400 लाभार्थियों को टूल किट और 1,390 मरीजों को फल वितरित किए गए। हरदोई में 2 रक्तदान शिविरों में 15 लोगों ने रक्तदान किया। 130 लाभार्थियों को टूल किट और 960 मरीजों को फल वितरित किए गए। हाथरस में 4 रक्तदान शिविरों में 64 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 201 मरीजों को फल वितरित किए गए। हापुड़ में 4 रक्तदान शिविरों में 31 लोगों ने रक्तदान किया। 110 लाभार्थियों को टूल किट और 247 मरीजों को फल वितरित किए गए।

  • एनसीआर की हवा को शुद्ध बनाने के लिए यूपी में बड़ा प्लान

    एनसीआर की हवा को शुद्ध बनाने के लिए यूपी में बड़ा प्लान

    एनसीआर की हवा को शुद्ध बनाने के लिए यूपी में बड़ा प्लान

    मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी के साथ बैठक में शामिल हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव

    देश के 130 शहरों के स्वच्छता सर्वे में लखनऊ ने हासिल किया है पहला स्थान, अन्य शहरों का प्रदर्शन भी रहा अच्छा: भूपेंद्र यादव

    विगत वर्षों में ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ के तहत लक्ष्य से अधिक पौधरोपण पर केंद्रीय मंत्री ने सीएम योगी को दी बधाई

    ईवी पॉलिसी के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसों, व्हीकल पॉल्यूशन पर हुई चर्चा, डस्ट पॉल्यूशन को लेकर बनी विस्तृत कार्ययोजना

    बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स और कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशिंग मैनेजमेंट रूल को लेकर की गई चर्चा

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें उत्तर प्रदेश के एनसीआर से जुड़े नोएडा, हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर समेत आठ जिलों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के उपायों और कार्ययोजना की समीक्षा की गई।

    बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि वाहन प्रदूषण के तहत पुराने वाहनों, नई ईवी नीति, इलेक्ट्रिक बसों, प्रदूषण प्रमाणपत्र की अनिवार्यता और एग्रीगेटर वाहनों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। औद्योगिक प्रदूषण की समीक्षा में करीब 80 प्रतिशत उद्योगों में ओसीईएमएस (ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली) और एयर पॉल्यूशन डिवाइस लगाए जाने की जानकारी दी गई। शेष उद्योगों में भी इन्हें लागू करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बैठक में धूल प्रदूषण पर मैकेनाइज्ड और डीप क्लीनिंग की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट तथा कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभिन्न विभागों और हितधारकों के साथ कंसल्टेशन कार्यक्रम चलाने पर भी सहमति बनी है। एनसीएपी के तहत देश के 130 शहरों के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ ने प्रथम स्थान हासिल किया है। आगरा समेत प्रदेश के अन्य शहरों का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है। केंद्रीय मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लक्ष्य से अधिक पौधरोपण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी।

    उन्होंने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक हुई है। अब राजस्थान और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के साथ भी बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा। पराली प्रबंधन को लेकर राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर भी समन्वय किया जा रहा है। एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पिछले दिसंबर से अब तक 30 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। 63 छोटे शहरों के स्थानीय निकायों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान को सफल बनाने में जनता के सहयोग और मीडिया की जागरूकता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

    इस बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागीय उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे।

  • महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाएंगी “सारथी दीदी”, 24×7 मॉनिटरिंग करेगी योगी सरकार

    महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाएंगी “सारथी दीदी”, 24×7 मॉनिटरिंग करेगी योगी सरकार

    महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाएंगी "सारथी दीदी", 24×7 मॉनिटरिंग करेगी योगी सरकार

    अब शहर से लेकर गांव तक चलेंगी कैब, प्रदेशभर में बड़ी सुविधा देने की तैयारी

    महिला ड्राइवरों को ई-रिक्शा, दोपहिया और कैब चलाने का मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

    महिला सुरक्षा के लिए प्रदेश में पहली बार शुरू होने जा रही अभिनव पहल 

    बदल रहा उत्तर प्रदेश : सफर को लेकर आपातकालीन सुरक्षा और कंट्रोल रूम से रखी जाएगी नजर

    पल पल की रहेगी अपडेट, पुलिस करेगी समन्वय, सुविधा के साथ बड़े पैमाने पर महिलाओं को मिलेगा रोजगार

    लखनऊ
     बहनों और बेटियों की यात्रा को ‘सारथी दीदी’ के जरिए अधिक सुरक्षित और सहज बनाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महिला यात्रियों के लिए महिला चालकों की विशेष सेवा के साथ यात्रा के दौरान सुरक्षा पर 24×7 निगरानी का तंत्र विकसित किया जा रहा है। इसमें आपात स्थिति में एसओएस बटन के जरिये सहायता लेने की सुविधा होगी और जरूरत पड़ने पर पुलिस के साथ तत्काल समन्वय किया जा सकेगा। यानी सफर केवल वाहन में बैठने से लेकर गंतव्य तक पहुंचने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी यात्रा मजबूत सुरक्षा के साथ आगे बढ़ेगी। योगी सरकार इस सेवा को भारत टैक्सी मॉडल के माध्यम से शहरों से गांवों तक ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को जोड़कर ग्रामीण स्तर पर राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं के विस्तार की योजना है। 

    ‘सारथी दीदी’ का एक अहम पहलू महिला ड्राइवरों को परिवहन सेवा से जोड़ना है। इसके तहत महिलाओं को ई-रिक्शा, दोपहिया और कैब चलाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे एक ओर महिला यात्रियों को महिला चालक का विकल्प मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ड्राइविंग को महिलाओं के लिए रोजगार के नए क्षेत्र के रूप में विकसित करने का रास्ता भी खुलेगा।

    हर पल सुरक्षा की निगरानी

    महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आपातकालीन एसओएस बटन, 24×7 मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम और पुलिस सहायता समन्वय को व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा। यात्रा के दौरान किसी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर सहायता तंत्र सक्रिय करने का प्रावधान होगा। भारत टैक्सी के मौजूदा महिला-केंद्रित ‘सारथी दीदी’ योजना में एसओएस, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग और 24×7 सहायता जैसी सुरक्षा सुविधाएं रहेंगी। इस व्यवस्था का सीधा लाभ उन परिवारों को विशेष रूप से होगा, जिनकी बेटियां पढ़ाई, नौकरी या अन्य काम से नियमित रूप से अकेले यात्रा करती हैं। महिला चालक का विकल्प मिलने और आपात स्थिति में सहायता तंत्र उपलब्ध होने से यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी चिंता कम करने की दिशा में व्यवस्था तैयार की जा रही है।

    महिलाओं के लिए ड्राइविंग से रोजगार

    ‘सारथी दीदी’ को केवल महिला यात्रियों की सुविधा से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है। इसका दूसरा पक्ष महिलाओं को चालक के रूप में तैयार करना है। ई-रिक्शा, टू-व्हीलर और कैब चलाने के प्रशिक्षण से महिलाओं को बड़े पैमाने पर परिवहन क्षेत्र में आर्थिक गतिविधि से जोड़ा जा रहा है। इस मॉडल में महिला केवल यात्री नहीं होगी, बल्कि सेवा देने वाली चालक भी बन सकेगी। यानी एक तरफ सुरक्षित यात्रा का विकल्प और दूसरी तरफ महिलाओं के लिए आय का अवसर, दोनों पहलू एक साथ जुड़ते हैं।

    सहकारी नेटवर्क के जरिए शहर से गांव तक पहुंचेगी कैब

    योगी सरकार भारत टैक्सी मॉडल को शहरों तक सीमित रखने के बजाय गांवों तक ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को जोड़कर ग्रामीण स्तर पर राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन की उपलब्धता स्थानीय स्तर पर बढ़ेगी। गांव से बाजार, अस्पताल, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन या नजदीकी शहर तक आने-जाने के लिए डिजिटल माध्यम से वाहन सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में सहकारी नेटवर्क का इस्तेमाल होगा।

    पैक्स से मोबिलिटी तक सहकारिता का विस्तार

    प्राथमिक कृषि ऋण समिति (पैक्स) का इस्तेमाल अब तक मुख्य रूप से ग्रामीण ऋण और कृषि से जुड़ी गतिविधियों में होता रहा है। इन्हें राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं से जोड़कर सहकारिता का यह नेटवर्क ग्रामीण मोबिलिटी और डिजिटल सेवाओं तक विस्तार पा सकता है। इसका मतलब यह होगा कि गांव में मौजूद सहकारी ढांचा केवल कृषि जरूरतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय परिवहन और डिलीवरी जैसी सेवाओं के लिए भी आधार बनेगा।

    महिला सुरक्षा, डिजिटल परिवहन और ग्रामीण कनेक्टिविटी को एक साथ जोड़ने की कोशिश

    ‘सारथी दीदी’ के जरिए महिला यात्री और महिला चालक, दोनों को केंद्र में रखा गया है। महिला यात्रियों के लिए महिला चालक की सुविधा, एसओएस और निगरानी तंत्र सुरक्षा को मजबूत करते हैं, जबकि प्रशिक्षण से महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का रास्ता तैयार होगा। इस तरह प्रस्तावित मॉडल का दायरा केवल कैब सेवा बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसमें महिला सुरक्षा, महिला रोजगार, डिजिटल परिवहन और ग्रामीण कनेक्टिविटी को एक साथ जोड़ने की कोशिश है। शहरों से गांवों तक भारत टैक्सी मॉडल के विस्तार के साथ यह नेटवर्क शहर से लेकर ग्रामीण परिवहन तक के नए विकल्प के रूप में विकसित किए जाने की तैयारी है।

  • दिवाली-छठ पर बिहार जाने वालों के लिए खुशखबरी, दिल्ली से चलेंगी कई स्पेशल ट्रेनें

    दिवाली-छठ पर बिहार जाने वालों के लिए खुशखबरी, दिल्ली से चलेंगी कई स्पेशल ट्रेनें

    लखनऊ
    दिवाली, छठ समेत अन्य त्योहारों पर भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने देश की राजधानी दिल्ली से बिहार के अलग-अलग शहरों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान कर दिया है। नई दिल्ली से दरभंगा, आनंद विहार से जोगबनी (अररिया) के बीच फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। इसके अलावा, नई दिल्ली से दानापुर (पटना) के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन के फेरे भी बढ़ा दिए गए हैं। साथ ही, आनंद विहार से भागलपुर के बीच भी रोजाना स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है।

    नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल नवंबर में रोजाना चलेगी
    जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली और दरभंगा के बीच 10 नवंबर से रोजाना फेस्टिवल स्पेशल एक्सप्रेस चलाने का फैसला लिया गया है। ट्रेन नंबर 04098/04097 पूरी तरह आरक्षित होगी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से यह ट्रेन सुबह 9.30 बजे खुलेगी और गाजियाबाद, गोरखपुर, नरकटियागंज, मोतिहारी होते हुए मुजफ्फरपुर सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर पहुंचेगी। इसके बाद यहां से दरभंगा आएगी। वापसी में भी यही रूट रहेगा।
    आनंद विहार से जोगबनी के लिए स्पेशल ट्रेन

    दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से जोगबनी (अररिया) के बीच विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। ट्रेन नंबर 04008 आनंद विहार टर्मिनल से 10 अक्टूबर से 7 नवंबर तक हर शनिवार को खुलेगी। वहीं, गाड़ी संख्या 04007 जोगबनी स्टेशन से 11 अक्टूबर से 8 नवंबर तक हर रविवार को चलेगी।

    नई दिल्ली-दानापुर स्पेशल के आठ फेरे बढ़ाए गए
    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नई दिल्ली स्टेशन से पटना के दानापुर स्टेशन के बीच चलने वाली सुपरफास्ट साप्ताहिक ट्रेन की अवधि का विस्तार कर दिया गया है। ट्रेन नंबर 04090 और 04089 नई दिल्ली और दानापुर के बीच 2 अक्टूबर से 21 अक्टूबर के बीच 8 ट्रिप करेगी। त्योहार पर पटना और आसपास के इलाकों में दिल्ली एनसीआर से आने वाले यात्रियों को इसकी सुविधा मिलेगी।

    आनंद विहार से भागलपुर स्पेशल ट्रेन 10 से रोजाना चलेगी
    दिल्ली के आनंद विहार से बिहार के भागलपुर से अगले महीने एक स्पेशल ट्रेन चलाएगी। इसकी शुरुआत 10 अक्टूबर से होगी और 26 नवंबर तक दोनों दिशाओं में 47-47 फेरे लगाएगी। इस ट्रेन का संचालन रोजाना किया जाएगा। दिल्ली-एनसीआर से त्योहार पर पूर्वी बिहार आने वाले लोगों को इससे सुविधा होगी। आनंद विहार-भागलपुर स्पेशल ट्रेन (04062/04061) गया, किऊल और जमालपुर के रास्ते होकर चलाई जाएगी।

    नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल
    नई दिल्ली से हावड़ा (पश्चिम बंगाल) के बीच स्पेशल ट्रेन (04052/04051) 2 अक्टूबर से 29 नवंबर के बीच चलाई जाएगी। यह साप्ताहिक ट्रेन होगी। नई दिल्ली से हर शुक्रवार और हावड़ा से हर शनिवार को खुलेगी। दोनों तरफ से यह कुल 9 फेरे करेगी।

  • योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी-2025 में 74 अभ्यर्थी सफल

    योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी-2025 में 74 अभ्यर्थी सफल

    योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी-2025 में 74 अभ्यर्थी सफल

    तीन विभागीय कोचिंग केंद्रों के अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा में लहराया परचम

    भागीदारी भवन के 35, अलीगंज के 18 और हापुड़ के 21 अभ्यर्थी हुए सफल

    6 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले पात्र छात्रों को आवासीय कोचिंग के साथ कई सुविधाएं

    मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी के लिए भी समाज कल्याण विभाग कराएगा मॉक इंटरव्यू

    मंत्री असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं

    लखनऊ
     आर्थिक संसाधनों की कमी प्रतिभाशाली युवाओं की राह में बाधा न बने, इसके लिए योगी सरकार की ओर से संचालित निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा सहारा बन रही है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों और भागीदारी भवन स्थित कोचिंग से निःशुल्क प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने वाले 74 अभ्यर्थियों ने यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। मुख्य परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थी अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण साक्षात्कार में शामिल होंगे।

    मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी की जाती है संचालित

    प्रदेश में समाज कल्याण विभाग की ओर से 8 आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अधिकतम 6 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा वाले पात्र छात्रों को यहां आवासीय कोचिंग के साथ मेस, पुस्तकालय, इंटरनेट, टेस्ट सीरीज, नोट्स, मनोरंजन, खेलकूद और जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए आगे मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी संचालित की जाती है, ताकि वे साक्षात्कार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

    मंत्री ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं

    समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान युवाओं को उनकी आर्थिक परिस्थितियों की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभागीय केंद्रों से 74 अभ्यर्थियों की सफलता इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।

    राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल

    समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी भवन स्थित कोचिंग के 35, अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र के 18 और हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के 21 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। तीनों केंद्रों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की सफलता को विभागीय निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था के प्रभावी परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है।

  • योगी सरकार के प्रयासों से यूपी के नौनिहालों की बढ़ रही कद-काठी

    योगी सरकार के प्रयासों से यूपी के नौनिहालों की बढ़ रही कद-काठी

    राष्ट्रीय पोषण माह पर विशेष

    योगी सरकार के प्रयासों से यूपी के नौनिहालों की बढ़ रही कद-काठी

    प्रदेश के पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन 8.2 प्रतिशत घटा
     
    एनएफएचएस- 5 में ऐसे बच्चों का प्रतिशत 39.7 था, जो घटकर 31.5 प्रतिशत हो गया

    लखनऊ
     योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश के नौनिहालों की सेहत और पोषण की तस्वीर में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा है। प्रदेश में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन यानी उम्र के अनुपात में कम लंबाई की समस्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (एनएफएचएस-5) में जहां प्रदेश में ऐसे बच्चों का प्रतिशत 39.7 था, वहीं एनएफएचस-6 में यह घटकर 31.5 प्रतिशत रह गया है। यानी करीब चार वर्षों में नाटेपन के मामलों में 8.2 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई है।

    बच्चे की लंबाई में होने वाला सुधार एक दिन में नहीं आता : डॉ. पिंकी जोवल
    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने बताया कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और विविध आबादी वाले राज्य में नाटेपन में कमी का उल्लेखनीय है क्योंकि बच्चे की लंबाई में होने वाला सुधार एक दिन में नहीं आता। यह लंबे समय तक बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवार की देखभाल का परिणाम होता है। एनएफएचएस-5 से एनएफएचएस-6 के बीच नाटेपन के आंकड़ों में आई गिरावट इसलिए प्रदेश के बच्चों के स्वास्थ्य की बदलती तस्वीर का महत्वपूर्ण संकेत है। अब चुनौती इस सुधार को और गति देने तथा यह सुनिश्चित करने की है कि हर बच्चे को जीवन के शुरुआती वर्षों में पर्याप्त पोषण और स्वस्थ विकास का अवसर मिले। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं को जागरुक करने के साथ उन्हे पोषण पोटली वितरित की जा रही है। सर्वेक्षण रिपोर्ट में 31.5 प्रतिशत का आंकड़ा यह भी बताता है कि अभी बड़ी संख्या में बच्चे इस समस्या से प्रभावित हैं इसलिए शुरुआती वर्षों में पोषण की निगरानी, गर्भवती महिलाओं के पोषण, छह माह तक केवल स्तनपान, समय पर पूरक आहार, संक्रमण की रोकथाम तथा बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी पर लगातार जोर देने की जरूरत है और इस पर फोकस काम किया जा रहा है। 

    बच्चे के जीवन के शुरुआती 1,000 दिन शारीरिक – मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण
    किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की बाल रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. शालिनी त्रिपाठी के अनुसार बच्चे के जीवन के शुरुआती 1,000 दिन उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दो वर्ष की उम्र तक पर्याप्त पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर टीकाकरण, स्तनपान और उचित पूरक आहार पर ध्यान देने से कुपोषण की स्थिति को कम किया जा सकता है। इसी दिशा में आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य विभाग और समुदाय के स्तर पर चलाए जा रहे पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सीएम योगी के निर्देश पर सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण-2.0 की गाइडलाइन के तहत संचालित हॉट कुक्ड मील योजना के जरिए 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से ताजा, गर्म और पौष्टिक पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यूपी में करीब 1.45 लाख को-लोकेटेड और 0.44 लाख नॉन को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले लगभग 32.88 लाख बच्चे नियमित लाभान्वित हो रहे हैं।

    शुरुआती वर्षों में मिलने वाले पोषण की अहम भूमिका
    प्रोफेसर ने बताया कि नाटेपन को बच्चों में लंबे समय तक रहने वाले कुपोषण का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। यह केवल बच्चे की लंबाई तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे गर्भावस्था के दौरान मां का पोषण, जन्म के समय बच्चे की स्थिति, स्तनपान, छह माह बाद पूरक आहार, बार-बार होने वाले संक्रमण और शुरुआती वर्षों में मिलने वाले पोषण की अहम भूमिका होती है। ऐसे में आंकड़ों में आई गिरावट को बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में देखा जा सकता है। एनएफएचएस-5 में उत्तर प्रदेश में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन 39.7 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इसी सर्वे में 17.3 प्रतिशत बच्चे दुबलापन (वेस्टिंग) और 32.1 प्रतिशत बच्चे कम वजन की श्रेणी में थे। एनएफएचएस-6 के आंकड़े बताते हैं कि बच्चों के पोषण से जुड़े संकेतकों में देशभर में भी सुधार हुआ है। राष्ट्रीय स्तर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन 35.5 प्रतिशत से घटकर 29.3 प्रतिशत हुआ है जबकि उत्तर प्रदेश में नाटापन 39.7 प्रतिशत से घटकर 31.5 प्रतिशत हुआ है।

     

    प्रोफेसर शालिनी त्रिपाठी, केजीएमयू

  • मेरठ में पहली बार सूर्य किरण एयर शो, 19-20 सितंबर को आसमान में दिखेगा वायुसेना का शौर्य

    मेरठ में पहली बार सूर्य किरण एयर शो, 19-20 सितंबर को आसमान में दिखेगा वायुसेना का शौर्य

    मेरठ
    क्रांतिधरा के इतिहास में पहली बार अपने मेरठ शहर का आसमान भारतीय वायुसेना के शौर्य और पराक्रम का गवाह बनने जा रहा है। 19 और 20 सितंबर को परतापुर क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में भारतीय वायुसेना की विश्व प्रसिद्ध ‘सूर्य किरण एरोबैटिक टीम’ (एसकेएटी)) अपने साहसिक करतब दिखाएगी।

    राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने विकास भवन में मीडिया से बातचीत में जानकारी दी कि उन्होंने 13 मई को मेरठ में इस एयर शो के आयोजन का प्रस्ताव भेजा था, जिसे आठ सितंबर को आधिकारिक मंजूरी मिली। मेरठ में इस तरह एयर शो का यह पहला आयोजन है। उन्होंने बताया कि 19 और 20 सितंबर दोनों दिन एयर शो का आयोजन होगा, जिसमें 20 सितंबर को मुख्य आयोजन होगा।

    रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि होंगे। डीएम डॉ.वीके सिंह ने बताया कि न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में होने वाले एयर शो के लिए दर्शकों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। सीडीओ नूपुर गोयल ने जानकारी दी।

    लोकेशन
    ये एयर शो परतापुर क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में होगा। गूगल मैप्स पर VJR7+WH2 कोड से लोकेशन मिलेगा।

    समय
    एयर शो 19 और 20 सितंबर को सुबह 9.45 से 11.30 बजे तक होगा।
    रजिस्ट्रेशन

    ये एयर शो सभी के लिए है। इसके लिए टिकट या रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी।

    21 तक 18.5 किमी क्षेत्र नो फ्लाइंग जोन
    सूर्यकिरण के एयर शो को लेकर डीएम ने 18 से 21 सितंबर तक मोहिउद्दीनपुर के 10 नॉटिकल मील अर्थात साढ़े 18 किमी क्षेत्र को रेड जोन और नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया है। इस अधिसूचित अस्थाई रेड जोन के भीतर किसी भी निजी या अनधिकृत व्यक्ति/संस्था द्वारा ड्रोन, रिमोट संचालित विमान, हॉट एयर बैलून या किसी अन्य प्रकार के मानवरहित हवाई जहाज (यूएवी) को उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

    बैरल रोल और डीएनए मैनूवर से रोमांच
    एयर शो में हॉक एमके-132 विमान लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैनूवर समेत कई एरोबैटिक फॉर्मेशन का प्रदर्शन करेंगे। बेहद कम अंतर पर विमानों की सटीक टाइमिंग और एक-दूसरे के साथ सामंजस्यपूर्ण उड़ान दर्शकों के लिए खास आकर्षण होगी। आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुएं की लकीरें भी नजर आएंगी। हॉक विमानों में नासिक स्थित वायुसेना के बेस रिपेयर डिपो में विकसित स्वदेशी स्मोक पॉड्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इनके जरिए विमानों के पीछे तिरंगे के रंगों की छटा दिखाई देगी।

    मेरठ से है सीधा जुड़ाव
    एयर शो में स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल, राहुल सिंह और शरद गोयल की मौजूदगी मेरठ के लिए खास होगी। तीनों सूर्य किरण एरोबैटिक टीम का हिस्सा हैं। इससे मेरठ में होने वाले प्रदर्शन का स्थानीय जुड़ाव भी खास हो गया है।

  • बिजनौर के किसानों को मिलेगी बड़ी राहत, किशाऊ बांध परियोजना से सिंचाई के लिए मिलेगा पानी

    बिजनौर के किसानों को मिलेगी बड़ी राहत, किशाऊ बांध परियोजना से सिंचाई के लिए मिलेगा पानी

    बिजनौर
     केंद्र सरकार की पहल के बाद छह राज्यों में किशाऊ बांध परियोजना में सहमति बनी है। इस परियोजना के अंतर्गत जिले को भी पानी मिलने की बात कही जा रही है। इससे पहले शारदा-यमुना-साबरमती लिंक नहर के लिए भी जिले में सर्वे हो चुका है।

    अभी तक जिले में किसानों की फसलों की सिंचाई पूर्वी मध्य गंगा नहर, पीली बांध जलाशय और रामगंगा बांध कालागढ़ से की जाती है। किशाऊ बांध परियोजना से पानी मिलने से किसानों को और अधिक लाभ होगा।

    फसलों की सिंचाई के लिए किसान नलकूपों के अलावा नहरों के पानी का भी प्रयोग करते हैं। गंगा पर बने बैराज से मध्य गंगा नहर फेज वन व टू निकलती हैं, लेकिन इनका पानी जिले के किसानों को नहीं मिलता है।

    यहां पूर्वी मध्य गंगा नगर सिंचाई प्रणाली से फसलों को पानी दिया जाता है। पीली बांध जलाशय व रामगंगा बांध कालागढ़ से भी फसलों को पानी दिया जाता है। केंद्र सरकार की योजना यमुना से भी क्षेत्र को जोड़ने की है।

    पांच जिलों को फायदा
    380 किलोमीटर लंबी बहुप्रतीक्षित शारदा-यमुना-साबरमती लिंक नहर परियोजना के लिए भी जिले में सर्वे किया गया है। उत्तराखंड के टनकपुर से बिजनौर, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली में इस नहर परियोजना का निर्माण कराया जा सकता है।

    इस परियोजना में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित टोंस नदी पर बांध बनाया जाएगा। बिजली बनाने के साथ ही इसका प्रयोग किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने में किया जाएगा। जिले को भी इस बांध परियोजना में पानी मिलने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो जिले में भूमि भी अधिग्रहित की जाएगी।

    यहां होगा लाभ
    जिले में वर्षों से कोई नई नहर परियोजना नहीं आई है। यहां नूरपुर व जलीलपुर क्षेत्र में भूगर्भ जल का स्तर बाकी ब्लाक से नीचे है। हालांकि जलीलपुर क्षेत्र में बरसात में बाढ़ के हालात होते हैं, लेकिन ये बड़े हिस्से में नहीं होता है। इस क्षेत्र के किसानों के लिए किशाऊ बांध परियोजना का पानी बहुत काम आएगा।

     

  • लखनऊ से कश्मीर घूमने का मौका, IRCTC का 5 रात-6 दिन टूर पैकेज ₹30,500 से शुरू

    लखनऊ से कश्मीर घूमने का मौका, IRCTC का 5 रात-6 दिन टूर पैकेज ₹30,500 से शुरू

    लखनऊ
     लखनऊ से शुरू होने वाला IRCTC का ‘जन्नत-ए-कश्मीर’ हवाई टूर पैकेज कश्मीरी वादियों की सैर करने के लिए एक शानदार विकल्प है। 3 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस 5 रात और 6 दिन के टूर के दौरान पर्यटकों को श्रीनगर, सोनमर्ग, पहलगाम और गुलमर्ग की सैर का आनंद मिलेगा।

    इस पैकेज के तहत लखनऊ से श्रीनगर आने-जाने की यात्रा फ्लाइट के जरिए तय होगी, जबकि ठहरने के लिए 3 सितारा होटल और पारंपरिक हाउस बोट का इंतज़ाम रहेगा। यात्रा के दौरान डल झील, सोनमर्ग, गुलमर्ग, पहलगाम, खिलनमर्ग, बेताब घाटी, चंदनवारी और अरु घाटी जैसे खूबसूरत स्थानों का भ्रमण कराया जाएगा।

    यात्रियों को अलग से करना होगा भुगतान
    इसके साथ ही यात्री शंकराचार्य मंदिर, मुगल गार्डन, निशात बाग, चश्मेशाही, शालीमार गार्डन और हजरतबल दरगाह के दर्शन भी कर सकेंगे। गुलमर्ग में मशहूर गोंडोला केबल कार की सुविधा उपलब्ध रहेगी, लेकिन इसके लिए यात्रियों को अलग से भुगतान करना पड़ेगा।

    किराए की बात करें तो अकेले यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति शुल्क 49,100 रुपये तय किया गया है। दो लोगों के एक साथ ठहरने पर प्रति व्यक्ति 43,000 रुपये और तीन लोगों के शेयरिंग पर 41,500 रुपये प्रति व्यक्ति किराया लगेगा। बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों के लिए बेड सहित पैकेज का शुल्क 33,100 रुपये और बिना बेड के 30,500 रुपये रखा गया है।

    IRCTC उत्तरी क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा के अनुसार इस टूर पैकेज में बुकिंग 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर होगी। यात्रा के इच्छुक लोग पर्यटन भवन, गोमती नगर, लखनऊ स्थित IRCTC कार्यालय जाकर बुकिंग करा सकते हैं या फिर IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट irctctourism.com के जरिए सीधे ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।

     

  • दिल्ली में SIR के बीच खास पहल, बेघर-ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्करों के लिए 23-24 सितंबर को लगेंगे विशेष कैंप

    दिल्ली में SIR के बीच खास पहल, बेघर-ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्करों के लिए 23-24 सितंबर को लगेंगे विशेष कैंप

     नई दिल्ली
     दिल्ली में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बेघर लोगों, ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्करों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। दिल्ली के 13 जिलों में ये शिविर 23 और 24 सितंबर को शाम पांच से रात नौ बजे तक डयूसिब के रैन बसेरों और दूसरे चिन्हित स्थानों पर लगाए जाएंगे।

    ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्करों तक पहुंचने के लिए उनके साथ काम करने वाले एनजीओ की मदद ली जाएगी। शिखिर में बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) भी मौजूद रहेंगे। अधिकारियों के मुताबिक इन लोगों को पहचान, पते और जरूरी दस्तावेज देने में कई बार परेशानी होती है। बेघर लोगों के पास स्थायी पता, पारिवारिक रिकॉर्ड या दूसरे जरूरी दस्तावेज नहीं होने से उनकी जानकारी सत्यापित करने में भी दिक्कत आती है।

    अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कहा है कि जो व्यक्ति किसी इलाके का सामान्य निवासी है, उसका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। अधिकारियों को चुनाव आयोग के मैनुअल ऑफ इलेक्ट्रोरल रोल्स-2023 के मुताबिक इन आवेदनों पर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन फार्म जमा करने को प्रोत्साहित करने के साथ आवेदकों से फिजिकल फार्म भी लेने को कहा गया है।

    गौरतलब है कि 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में दिल्ली में 97,53,577 मतदाता हैं। इनमें 49,88,993 पुरुष और 47,64,137 महिला वोटर हैं। वहीं, 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता सूची में 1,55,24,858 वोटर थे। ड्राफ्ट सूची में थर्ड जेंडर वोटरों की संख्या भी 1,261 से घटकर 447 रह गई है। ड्राफ्ट सूची से छूटे पात्र मतदाता 30 सितंबर तक फार्म छह के जरिए अपना नाम जोड़ने के लिए दावा कर सकते हैं।

    दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक
    दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी। अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को जारी होगी। इसके अलावा 20 और 27 सितंबर को दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर सुबह 10 से शाम पांच बजे तक सामान्य विशेष शिविर लगाए जाएंगे। यहां मतदाता ड्राफ्ट सूची चेक करने, फार्म जमा करने और आवेदन भरने में मदद ले सकेंगे।