Category: उत्तर प्रदेश

  • UP में मूसलाधार बारिश का दौर, फर्रुखाबाद में 32 सेमी बारिश; कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

    UP में मूसलाधार बारिश का दौर, फर्रुखाबाद में 32 सेमी बारिश; कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

     लखनऊ
     भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बने लो प्रेशर एरिया के कारण राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव आया है।

    पूर्वी यूपी में हुई मूसलाधार बारिश
    पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में असाधारण और अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है। फर्रुखाबाद में सबसे अधिक 32 सेमी बारिश हुई जबकि गोरखपुर में 23 सेमी, लखीमपुर खीरी में 19 सेमी और महराजगंज में 19 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, कन्नौज, अयोध्या, बहराइच, लखनऊ और आजमगढ़ जैसे जिलों में भी भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी खूब बरसे बदरा
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मुरादाबाद में 18 सेमी, बरेली में 17 सेमी, कासगंज में 15 सेमी, रामपुर में 15 सेमी, संभल और बिजनौर में 14 सेमी और मैनपुरी व शाहजहांपुर में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है।

    पूर्वी यूपी में कैसा रहेगा मौसम
    मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है। वाराणसी, बलिया, गोरखपुर, मीरजापुर और सोनभद्र समेत कुछ जिलों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है।

    पश्चिमी यूपी में भी भारी बारिश का अनुमान
    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जिलों में भारी बारिश होने की आशंका है। इसके साथ ही तापमान में भी थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, आने वाले कुछ घंटों के दौरान मौसम प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगी और बारिश का दौर थम सकता है।

    किसानों के लिए एडवाइजरी
    बारिश और तेज हवाओं के चलते बागवानी, कटी हुई फसलों और खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका जताई गई है। कृषि मौसम विभाग ने किसानों को धान, मक्का, गन्ना, अरहर और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी की तत्काल जल निकासी करने की सलाह दी है।

     

  • वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत, छत से गिरने का CCTV फुटेज आया सामने

    वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत, छत से गिरने का CCTV फुटेज आया सामने

    मथुरा
    मथुरा के वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे बाराह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की छत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई। उन्हें आनन-फानन में निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बीच घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें वह अचानक आश्रम की छत से सड़क पर गिरते दिखाई दे रहे हैं। घटना के समय सड़क पर लोगों की आवाजाही थी। कुछ लोग साइकिल से गुजर रहे थे और एक साइकिल सवार के सामने ही दीपक के गिरने से वह चौंक गया। उसके पीछे आ रहा दूसरा साइकिल सवार भी रुक गया। इसी दौरान सामने से एक चार पहिया वाहन भी गुजर रहा था। घटना के बाद आसपास हड़कंप मच गया। अब सवाल उठ रहे हैं कि दीपक ने सुसाइड किया या फिर मामला कुछ और है।

    चौथी मंजिल से गिरने से वीडियो सामने आया
    प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत की गुत्थी सुलझाने में पुलिस जुट गयी है। जो दिख रहा है, उस पर तो पुलिस जांच कर ही रही है। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि कहीं कुछ ऐसा तो नहीं है जो अभी नजर नहीं आया हो। जो सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिले हैं, उन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। यही नहीं ऐसी भी आशंका है कि घटना के समय मृतक किसी ड्रग्स के प्रभाव में तो नहीं था। इसलिए उसके रक्त का नमूना जांच के लिए भेजा गया है।

    प्राइवेट पार्ट कैसे कटा?
    कोई सामान्य व्यक्ति कैसे अपने प्राइवेट पार्ट को ग्राइंडर से काट सकता है, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जो सीसीटीवी फुटेज आश्रम के मिले हैं, उसे देखकर आश्चर्यचकित होना स्वाभाविक है। इन फुटेज के अनुसार रसिक दुलारी शरण कक्ष से निकलता दिखता है। उस समय एक धोती वह लपेटे हुए है, जिस पर खून दिख रहा है और एक धोती वह आगे की ओर किए हुए है, जिससे उसके आगे का हिस्सा दिख न सके। वह सीढ़ियों की ओर जाता दिखता है और छत पर पहुंच जाता है। वह पैर चौड़ाकर चल रहा होता है। छत पर पहुंचकर वह बाउंड्री पर बैठ जाता है।

    सीसीटीवी फुटेज की जांच में जुटी पुलिस
    पुलिस सूत्रों के अनुसार समूचे घटनाक्रम, सीसीटीवी और परिस्थितियों को देखते हुए रक्त नमूने जांच को भेजे गए हैं, ताकि यह पता चल सके कि उस समय मृतक किसी ड्रग्स के प्रभाव में तो नहीं था। हालांकि यह संतों का आश्रम है लेकिन जांच में सभी एंगल ध्यान में रखे जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस ने आश्रम से सीसीटीवी फुटेज कलेक्ट कर लिए हैं और उनको फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनसे कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई।

  • योगी सरकार में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को नई रफ्तार, 1548 करोड़ रुपये से 8,397 परियोजनाएं ला रहीं बदलाव

    योगी सरकार में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को नई रफ्तार, 1548 करोड़ रुपये से 8,397 परियोजनाएं ला रहीं बदलाव

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले लोगों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) निधि का योगी सरकार में व्यापक इस्तेमाल हो रहा है। वर्ष 2017 से अगस्त 2026 तक प्रदेश में इस निधि से कुल 8,397 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं पर अब तक 1548 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इसके जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे से लेकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के कल्याण तक विभिन्न क्षेत्रों में इन परियोजनाओं का सुधारात्मक असर दिखाई दे रहा है।

    भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के मुताबिक खनन से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन निधि का उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत अवैध खनन और परिवहन पर रोक के लिए चेकिंग रोड का निर्माण और समय-समय पर मरम्मत, वृक्षारोपण व रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य भी कराए गए हैं।

    शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर

    योगी सरकार के पिछले 9 वर्षों से अधिक में डीएमएफ निधि से प्रत्येक जनपद में शिक्षा से जुड़ी 3,419 परियोजनाओं के तहत प्राथमिक विद्यालयों का जीर्णोद्धार कराया गया। स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, स्पेस लैब, कंप्यूटर सिस्टम समेत आधुनिक सुविधाएं व तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए गए। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में 323 परियोजनाओं के तहत अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक एवं नवीन उपकरण उपलब्ध कराकर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया गया है।

    गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार

    ग्रामीण खनन प्रभावित क्षेत्रों में 516 भौतिक अवस्थापना परियोजनाओं के तहत सामुदायिक भवनों का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण विकास, स्वच्छता, सौर प्रकाश, पेयजल, कृषि और सिंचाई से जुड़ी परियोजनाएं भी संचालित हैं।

    महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए 3,070 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, वजन मापने की मशीन, लंबाई मापने के लिए टेप जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। वहीं बुजुर्गों के लिए रात्रि केंद्र, किचन और हैंडपंप जैसी सुविधाओं पर भी काम किया गया। पैदल यात्रा के लिए फुटपाथ निर्माण जैसी योजनाएं भी जिला खनिज फाउंडेशन के माध्यम से कई जनपदों में पूरी हो गईं हैं।

    कौशल विकास से रोजगार के अवसर

    प्रदेश में खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं और अन्य लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण, डेयरी फार्मिंग में रोजगार सृजन, कौशल विकास प्रशिक्षण और सिलाई प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है।

  • भारत की बदलती व्यापार नीति ने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के लिए खोले वैश्विक बाजारों के नए अवसर: भूपेंद्र चौधरी

    भारत की बदलती व्यापार नीति ने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के लिए खोले वैश्विक बाजारों के नए अवसर: भूपेंद्र चौधरी

    ग्रेटर नोएडा

     उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि भारत की बदलती व्यापार नीति ने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए वैश्विक बाजारों के नए अवसर खोले हैं। भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों से टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग गुड्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, फार्मास्यूटिकल्स तथा ओडीओपी जैसे क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है। 'लीवरेजिंग इंडियाज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ' सेशन में उन्होंने कहा कि मुरादाबाद का पीतल, भदोही के कालीन, अलीगढ़ के ताले और कन्नौज का इत्र जैसे उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों में वैश्विक बाजार में अपनी पहचान मजबूत करने की क्षमता है। प्रदेश के विशाल एमएसएमई आधार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और ई-इकोनॉमिक एक्सपोर्ट हब तथा लॉजिस्टिक सुविधाओं के विकास से निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है। उन्होंने उद्यमियों और निर्यातकों से भारत के व्यापार समझौतों से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता के बल पर उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़कर ‘लोकल से ग्लोबल’ की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।

    यूपीआईटीएस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर: नंद गोपाल गुप्ता नंदी

    औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि यूपीआईटीएस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है, जो प्रदेश की स्थानीय ताकत, कारीगरों के हुनर और उद्यमियों की प्रतिभा को वैश्विक अवसरों से जोड़ने का प्रभावी मंच बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के व्यापार एवं औद्योगिक क्षेत्र को नई गति मिली है। वर्ष 2023 में शुरू हुआ यूपीआईटीएस अपने चौथे संस्करण तक पहुंच चुका है और इसमें विदेशी खरीदारों, प्रदर्शकों तथा विभिन्न देशों की भागीदारी प्रदेश की बढ़ती वैश्विक व्यापारिक पहुंच को दर्शाती है। 

    उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस के माध्यम से ओडीओपी, हस्तशिल्प, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिल रहा है। भारत के विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौतों और एफटीए से निर्यातकों के लिए नए अवसर खुले हैं, जिनका लाभ उत्तर प्रदेश के उद्यमी उठा सकते हैं। प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धता इसकी बड़ी ताकत है। जापान, वियतनाम, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस जैसे देशों की भागीदारी यूपीआईटीएस की वैश्विक पहुंच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ते हुए विकसित भारत की विकास यात्रा में मजबूत भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

  • एक लाख विद्यार्थियों को सीएम योगी ने दी स्टडी टेबल, बच्चों ने निराले अंदाज में जताया आभार

    एक लाख विद्यार्थियों को सीएम योगी ने दी स्टडी टेबल, बच्चों ने निराले अंदाज में जताया आभार

    लखनऊ

    किसी ने फूलों से चिट्ठी सजाई, किसी ने अपनी नई स्टडी टेबल का चित्र बनाया तो किसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश उकेरा। देवीपाटन मंडल में एक लाख बच्चों को मिली स्टडी टेबल अब उनके घर में पढ़ाई का अपना छोटा सा कोना बन रही है। इस पहल से खुश बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने हाथों से पत्र लिखकर धन्यवाद दिया है। इन मासूम चिट्ठियों में सरकारी योजना के आंकड़ों से इतर बच्चों की वह खुशी दिखाई देती है, जो घर में पढ़ाई के लिए अपनी स्टडी टेबल मिलने से उनके जीवन में आई है।

    स्वाती ने लिखा- स्टडी टेबल पाकर काफी प्रसन्न हूं

    स्टडी टेबल पाने वाली स्वाती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे अपने पत्र में खुशी जाहिर की है। उसने लिखा कि उसे स्टडी टेबल और पढ़ने की सामग्री दी गई है, जिसके लिए वह दिल से धन्यवाद करती है। स्वाती ने बताया कि वह प्रतिदिन स्टडी टेबल पर पढ़ाई करती है और मिली सामग्री का उपयोग करती है। उसने अपने पत्र को फूलों से सजाने के साथ नीचे स्टडी टेबल, किताब और पेंसिल का चित्र भी बनाया है।

    सबा की खुशी- अब मेरी पीठ भी दर्द नहीं करती

    कक्षा छह की छात्रा सबा की चिट्ठी स्टडी टेबल से उसकी रोजमर्रा की पढ़ाई में आए बदलाव को बयां करती है। मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए सबा ने लिखा कि पहले उसे घर पर पढ़ाई करने में बहुत असुविधा होती थी। अब स्टडी टेबल मिलने से उसे पढ़ने में सहूलियत हुई है। अपनी मासूम भाषा में उसने लिखा कि अब उसकी पीठ भी दर्द नहीं करती। पत्र के साथ सबा ने स्टडी टेबल का चित्र भी बनाया और ‘सब पढ़ें-सब बढ़ें’ का संदेश लिखा।

    नुजहत फातिमा ने लिखा- अब पहले से अधिक एकाग्र होकर पढ़ रही हूं
    कक्षा सात की नुजहत फातिमा ने मुख्यमंत्री के नाम नीले चार्ट पेपर पर ‘आभार पत्र’ तैयार किया। नुजहत ने लिखा कि स्टडी टेबल मिलने से उसे पढ़ाई का अच्छा वातावरण मिला है। इससे पढ़ाई में उसकी रुचि बढ़ी है और वह पहले की तुलना में अधिक एकाग्र होकर पढ़ पा रही है। उसने यह भी लिखा कि गृहकार्य पूरा करने और पढ़े हुए पाठ को दोहराने में वह स्टडी टेबल का इस्तेमाल कर रही है। पत्र में रंगीन पेंसिलों के साथ पढ़ती हुई छात्रा का चित्र बनाकर उसने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

    बच्चों ने कागज पर उतारी खुशी, CM योगी के बनाए चित्र

    बच्चों के आभार पत्र केवल शब्दों तक सीमित नहीं हैं। कई छात्र-छात्राओं ने पूरी रचनात्मकता के साथ पोस्टर तैयार किए हैं। एक बच्चे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा चित्र बनाया और दोनों ओर ‘बेटी बचाओ’ और ‘बेटी पढ़ाओ’ लिखा। नीचे स्टडी टेबल प्राप्त करती छात्रा का चित्र बनाया गया है। एक अन्य पोस्टर में स्कूल के गेट पर छात्रा को टेबल सौंपते दिखाते हुए लिखा गया ‘बेटी पढ़ेगी, आगे बढ़ेगी, उत्तर प्रदेश का नाम बढ़ाएगी।’ एक बच्चे ने बड़े अक्षरों में ‘Thank You’ लिखकर मुख्यमंत्री, छात्रा और स्टडी टेबल को एक साथ चित्रित किया।

    एक लाख मेधावी बच्चों के घर पहुंची पढ़ाई की मेज

    मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि देवीपाटन मंडल के चार जिलों में ‘शिक्षा की उड़ान’ स्टडी टेबल वितरण अभियान के तहत एक लाख टेबल बांटने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे शत-प्रतिशत पूरा किया गया है। अभियान का उद्देश्य घर पर अनुशासित पढ़ाई की संस्कृति विकसित करने के साथ सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना है। मेधावी विद्यार्थियों को स्टडी टेबल उपलब्ध कराकर कक्षा के बाहर भी निरंतर और एकाग्र अध्ययन के लिए जगह उपलब्ध कराने की पहल की गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण परिवेश के बच्चों को स्टडी टेबल दी गई है, जो अब उनका पर्सनल स्टडी स्पेस बन चुका है। 

    बहराइच में सबसे ज्यादा 34,260 टेबल का वितरण

    मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के अनुसार अभियान में सबसे अधिक बहराइच में 34,260 टेबल दी गईं। इसके बाद गोंडा में 27,650, बलरामपुर में 26,984 और श्रावस्ती में 11,106 स्टडी टेबल का वितरण किया गया। इस तरह मंडल ने एक लाख टेबल का निर्धारित लक्ष्य पूरा किया।

    मेधावी छात्रों के साथ कस्तूरबा की सभी छात्राओं को लाभ

    उन्होंने बताया कि ‘शिक्षा की उड़ान’ अभियान में सरकारी विद्यालयों के सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्टडी टेबल देने की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की सभी छात्राओं को लाभार्थियों में शामिल किया गया है। इसे सतत अभियान के रूप में तैयार किया गया है, ताकि भविष्य में भी टॉपर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जा सके।

  • UP में 775% ज्यादा बारिश से तबाही, 56 मौतें और 1021 मकान क्षतिग्रस्त; फसलों को भी भारी नुकसान

    UP में 775% ज्यादा बारिश से तबाही, 56 मौतें और 1021 मकान क्षतिग्रस्त; फसलों को भी भारी नुकसान

    लखनऊ
     यूपी में पिछले 48 घंटों से ज्यादा समय से बारिश जारी है। तेज हवाओं और बारिश ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। कई किसानों की खेतों में खड़ी धान की फसलें बर्बाद हो गई हैं। कई जगहों पर मकान ही गिर गए हैं।

    जिसको देखते हुए यूपी सरकार ने सभी अफसरों को फील्ड में रहकर पीड़ितों को हर संभव मदद के निर्देश दिए गए हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों एवं अपर जिलाधिकारियों से संवाद कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। राहुल आयुक्त ने सभी डीएम, एडीएम एवं आपदा विशेषज्ञों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावी निगरानी करने तथा उच्च प्राथमिकता के आधार पर राहत सामग्री एवं सहायता राशि का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    राहत आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं की जानकारी लेने तथा आवश्यक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है।

    यूपी में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक वर्षा
    राहत आयुक्त ने बताया कि 25 सितम्बर से 27 सितम्बर की सुबह तक प्रदेश में 66.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 7.6 मिमी है। इस प्रकार प्रदेश में वर्षा सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 75 जनपदों में से 56 जनपदों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि फर्रूखाबाद में सामान्य से 7385 प्रतिशत, कन्नौज में 5664 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 4408 प्रतिशत, हमीरपुर में 4240 प्रतिशत तथा महोबा में 4100 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

    56 जनहानि, 107 पशुहानि एवं 1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना
    राहत आयुक्त ने बताया कि पिछले 60 घंटों में अतिवृष्टि एवं आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 56 जनहानि, 107 पशुहानि तथा 1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त 46 व्यक्तियों के घायल होने की सूचना है। जनहानि के मामलों में सीतापुर में 7, लखीमपुर खीरी में 5, बहराइच में 5, बलरामपुर में 5, अयोध्या में 4 तथा गोरखपुर में 4 जनहानि की सूचना प्राप्त हुई है। घायलों में हरदोई में 7, मैनपुरी में 5, श्रावस्ती में 5 तथा बाराबंकी में 5, जबकि सीतापुर एवं लखीमपुर खीरी में 3-3 घायल होने की सूचना है। पशुहानि के मामलों में हरदोई में 28, सीतापुर में 16, कन्नौज में 14, बहराइच में 7, कानपुर देहात में 7 तथा उन्नाव में 6 पशुहानि की सूचना प्राप्त हुई है। मकान क्षति के मामलों में हरदोई में 272, सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 तथा बहराइच में 44 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।

    फसल क्षति का तत्काल आकलन कर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश
    राहत आयुक्त ने फसल क्षति का तत्काल सर्वेक्षण एवं आकलन कर नियमानुसार मुआवजा प्रदान करने की कार्यवाही सर्वाेच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक आवास की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां आवश्यक हो, पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आवास योजनाओं से लाभान्वित कराने की कार्रवाई की जाए। राहत आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों को राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई से नियमित रूप से अवगत कराया जाए। राहत आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में त्वरितता, संवेदनशीलता एवं समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव आवश्यक सहायता समय से उपलब्ध कराई जाए।

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें
    राहत आयुक्त ने बताया कि जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव दलों द्वारा लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के साथ ही आवश्यक सहायता एवं राहत उपलब्ध कराई जा रही है। आमजन से अपील है कि जल प्रभावित एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें। जलभराव, नदियों एवं नालों के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आपातकालीन सहायता हेतु राहत आयुक्त कार्यालय की हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क करें।

  • SIR विवाद पर CM रेखा गुप्ता का विपक्ष पर हमला, राहुल गांधी पर देशद्रोह का केस दर्ज करने की मांग

    SIR विवाद पर CM रेखा गुप्ता का विपक्ष पर हमला, राहुल गांधी पर देशद्रोह का केस दर्ज करने की मांग

    नई दिल्ली
    चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े हालिया विवाद के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर हमला बोला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष देश में एक ऐसा झूठा माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसका हकीकत से कोई दूर-दूर तक वास्ता नहीं है.

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया और कहा कि उनका एकमात्र मकसद जनता को भ्रमित करना है.  उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए.

    उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी नाकामियों, देश के खिलाफ किए गए कृत्यों और चल रहे विकास कार्यों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बेतुके मुद्दे खड़े कर रहा है, जिनका कोई आधार नहीं है.

    सीएम रेखा ने सवाल उठाया कि आज विपक्ष चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल उठा रहा है, उन पर बेबुनियाद आरोप लगा रहा है और गिरफ्तारियों की मांग कर रहा है, जबकि उनके अपने शासनकाल में चुनाव आयोग कैसे काम करता था, ये किसी से छिपा नहीं है. उस दौर में आयोग पूरी तरह से सरकारों के इशारों पर चलता था.

    पारदर्शी तरीके से काम कर रहा है चुनाव आयोग
    चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आयोग पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रहा है. वर्तमान व्यवस्था में आयोग के तीनों कमिश्नर हर फैसले पर पूरी तरह से एकमत होकर फैसला लेते हैं.

    चुनाव आयोग ने पहले ही सभी तथ्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ जनता के सामने रख दिया है, जिससे ये साफ हो जाता है कि हर फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है. आयोग का कामकाज बेहद तारीफ के काबिल और निष्पक्ष है.

    राहुल गांधी पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग
    विपक्ष के तेवर पर नाराजगी जताते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने सीधे तौर पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं द्वारा जिस तरह की गतिविधियां चलाई जा रही हैं और अनर्गल बयान दिए जा रहे हैं, वो देशद्रोह से कम नहीं है.

    मुख्यमंत्री ने मांग की है कि ऐसे नेताओं के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए ताकि देश की संस्थाओं पर उंगली उठाने वालों को कड़ा संदेश मिल सके.

  • सरधना के किसान का 29 लाख रुपये से अधिक पहुंचा फूल उत्पादन का कारोबार

    सरधना के किसान का 29 लाख रुपये से अधिक पहुंचा फूल उत्पादन का कारोबार

    ग्रेटर नोएडा
     इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में मेरठ की खेती और कृषि आधारित उद्यमिता लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उद्यान विभाग के आउटलेट पर मेरठ के किसानों की पॉलीहाउस में तैयार फसल, फूल और शहद के उत्पादों को देखकर देश-विदेश से आए खरीदार और आगंतुक जानकारी ले रहे हैं। जरबेरा और गुलाब के फूलों के साथ कमल ककड़ी, शिमला मिर्च और बैंगन जैसी फसलों ने लोगों का ध्यान खींचा है। खास बात यह है कि प्रदर्शनी में उत्पादों के प्रदर्शन के साथ किसानों को नए बाजार और कारोबार के अवसर भी मिल रहे हैं।
    सरधना तहसील के खेड़ा गांव निवासी रविन्द्र कुमार पांच एकड़ क्षेत्र में पॉलीहाउस के माध्यम से फल और सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने संरक्षित खेती को अपनाया। इससे उनके कृषि कारोबार का सालाना आंकड़ा 29 लाख रुपये से अधिक पहुंच गया है। उनके पॉलीहाउस में 300 से 400 ग्राम तक वजन वाली पीली, हरी और लाल शिमला मिर्च तैयार हो रही है। इस फसल की दिल्ली की आजादपुर मंडी में मांग है।

    ट्रेड शो ने बढ़ाई फूलों की मांग, कंपनियों ने संपर्क किया
    रविन्द्र कुमार ने बताया कि वह पिछले वर्ष भी ट्रेड शो में शामिल हुए थे। प्रदर्शनी में अपने उत्पादों को बाजार और खरीदारों के सामने रखने से उन्हें नई पहचान मिली। इस बार भी कई इवेंट कंपनियों ने जरबेरा और गुलाब के फूलों की आपूर्ति के लिए उनसे संपर्क किया है। कुछ कंपनियों की ओर से समझौता ज्ञापन (एमओयू) के लिए भी बातचीत की गई है। उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं से किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक और बाजार आधारित उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

    उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने भी उद्यान विभाग के आउटलेट का निरीक्षण कर किसानों के उत्पाद देखे और उनका उत्साहवर्धन किया। आउटलेट पर मेरठ की फसलों के साथ कृषि से जुड़े अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं।

    मेरठ के शहद को मिला अंतरराष्ट्रीय बाजार
    उद्यान विभाग के आउटलेट पर मेरठ के रेनट्रॉव नैचुरल के शहद उत्पाद भी लोगों की रुचि का केंद्र बने हुए हैं। युवा उद्यमी राखी अघेरा और उनके भाई भारत अघेरा ने बताया कि पिछले वर्ष उनकी कंपनी को इंडोनेशिया, मलेशिया और वियतनाम से 46 टन शहद का आर्डर मिला था। ट्रेड शो में इस बार भी उन्हें नए कारोबार और बेहतर आर्डर मिलने की उम्मीद है।

    आउटलेट की व्यवस्था में लगे वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक संजय सिंह ने कहा कि मेरठ के किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए ट्रेड शो केवल उत्पादों के प्रदर्शन का मंच नहीं, बल्कि सीधे खरीदारों और कारोबारी संस्थानों से संपर्क का अवसर भी बन रहा है। पॉलीहाउस की सब्जियों और फूलों से लेकर शहद तक, मेरठ के उत्पाद यहां खेती को बाजार से जोड़ने की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।

  • केंद्रीय मंत्री बोले – उत्तर प्रदेश की सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास आज उसकी नई पहचान बन चुके हैं: पीयूष गोयल

    केंद्रीय मंत्री बोले – उत्तर प्रदेश की सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास आज उसकी नई पहचान बन चुके हैं: पीयूष गोयल

    ग्रेटर नोएडा
    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई यात्रा तय की है। आज प्रदेश की सकारात्मक सोच, उद्यमियों का आत्मविश्वास और विकास के प्रति प्रतिबद्धता उसकी नई पहचान बन चुके हैं। उत्तर प्रदेश के विकास की गूंज अब देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। यूपीआईटीएस के तीसरे दिन आयोजित स्पेशल बिजनेस सेशन लीवरेजिंग इंडियाज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पीयूष गोयल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर शुरू हुआ यह आयोजन आने वाले वर्षों में और बड़ा तथा प्रभावी होता जाएगा। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को पूरी दुनिया एक उदाहरण के रूप में देखेगी। प्रदेश में निर्मित एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट, बड़े औद्योगिक पार्क तथा डिफेंस, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में हो रहा निवेश बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत करता है।

    उत्तर प्रदेश के स्थानीय ब्रांड और उत्पाद दुनिया के बाजारों में पहचान बना रहे
    पीयूष गोयल ने कहा कि नोएडा के निकट तेजी से विकसित हो रही रोबोटिक्स फैक्ट्री इस बात का उदाहरण है कि उत्तर प्रदेश अब आधुनिक और उभरते हुए क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। प्रदेश के विकास की अगली कड़ी अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निर्यात, विदेशी निवेश और पर्यटन से जुड़ रही है। उत्तर प्रदेश के स्थानीय ब्रांड और उत्पाद दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के निर्यात को वर्ष 2030 तक पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य प्रदेश के बढ़ते आत्मविश्वास और आर्थिक क्षमता को दर्शाता है। केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से प्रदेश को विकास के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े लोगों का आह्वान किया कि वे इन अवसरों को पहचानें और पूरी ऊर्जा के साथ उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाएं।

    2017 से पहले के माहौल का किया उल्लेख
    केंद्रीय मंत्री ने वर्ष 2017 के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और कारोबारी माहौल को लेकर लोगों में चिंता थी। उद्यमियों में पर्याप्त विश्वास नहीं था और प्रदेश में नए बड़े उद्योग लगाने को लेकर उत्साह का अभाव था। देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से भी उत्तर प्रदेश की ओर निवेश के लिए देखने की स्थिति नहीं थी, जबकि अंतरराष्ट्रीय निवेश की कल्पना और भी दूर की बात थी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के कारण आम लोगों के साथ-साथ व्यापार और उद्योग जगत में भी निराशा का माहौल था। बड़े पैमाने पर पलायन की चर्चा होती थी और उत्तर प्रदेश को पिछड़े राज्यों की श्रेणी में देखा जाता था। ऐसे वातावरण में रोबोटिक्स, डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश की कल्पना करना कठिन था।

    युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के सुझावों को संकलित कर संकल्प पत्र तैयार किया
    पीयूष गोयल ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र तैयार करने की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों से सुझाव लिए थे। युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों ने अपनी आकांक्षाएं और अपेक्षाएं सामने रखीं। इन सुझावों को संकलित कर संकल्प पत्र तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि उस समय सामने आई जन-आकांक्षाएं बहुत व्यापक थीं और उन्हें पूरा करने के लिए बड़ी वित्तीय आवश्यकता थी। उत्तर प्रदेश का बजट सीमित था और वित्तीय संसाधनों पर दबाव था। सरकारी कर्मचारियों के वेतन सहित नियमित दायित्वों के बाद विकास कार्यों के लिए सीमित संसाधन बचते थे। इसके बावजूद जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए हर वर्ष बड़ी अतिरिक्त राशि की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया था।

    ईमानदार और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा राजस्व
    पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास के साथ-साथ राजस्व संग्रह के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकार की नीतियों और बेहतर प्रशासन के कारण विभिन्न स्रोतों से प्राप्त राजस्व में कई गुना वृद्धि हुई है और इसका उपयोग प्रदेश के विकास कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने आबकारी राजस्व का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2016-17 की तुलना में वर्तमान समय में प्रदेश के आबकारी राजस्व में लगभग पांच गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के विभिन्न राजस्व स्रोतों में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि भूमि वही है, लेकिन भूमि हस्तांतरण, रजिस्ट्रेशन फीस और स्टांप ड्यूटी से प्राप्त राजस्व में बड़ा बदलाव आया है। खनन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2016-17 में बालू, मौरंग, पत्थर और अन्य खनिजों से प्रदेश का खनन राजस्व लगभग 1,548 करोड़ रुपये था। आज इस क्षेत्र से प्राप्त राजस्व में कई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह में यह बदलाव सरकार की बेहतर व्यवस्था और संसाधनों के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राजस्व में वृद्धि का असर प्रदेश की विकास यात्रा में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बेहतर राजस्व संग्रह के कारण सरकार के पास सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक विकास और अन्य विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हुए हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि जहां पहले प्रदेश को वित्तीय दबाव और राजस्व घाटे का सामना करना पड़ता था, वहीं आज उत्तर प्रदेश सरकार सरप्लस बजट प्रस्तुत करने की स्थिति में है। यह वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों पर अनावश्यक कर्ज का बोझ कम रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

    यूपीआईटीएस ग्लोबल मार्केट एक्सेस की दिशा में बड़ा कदम
    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल एक ट्रेड फेयर नहीं, बल्कि प्रदेश के व्यापार और उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को दुनिया के बाजारों तक पहुंच बनाने और भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का लाभ उठाने के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौतों के माध्यम से दुनिया के विभिन्न बाजार भारतीय उत्पादों के लिए खुल रहे हैं। उत्तर प्रदेश के उद्यमी अपने उत्पादों, सेवाओं और स्थानीय विशेषताओं को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए इन अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। आज उत्तर प्रदेश निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभर रहा है। बेहतर औद्योगिक नीतियों और निवेश के अनुकूल वातावरण के कारण बड़ी कंपनियां प्रदेश की ओर आकर्षित हो रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों से निवेशक और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल लगातार उत्तर प्रदेश का दौरा कर रहे हैं, जिससे नए निवेश और रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में उद्योग की जरूरतों के अनुरूप हुनर और कौशल विकसित हो रहा है। उत्तर प्रदेश में लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम और व्यापारिक आयोजन हो रहे हैं, जो उद्यमियों को वैश्विक बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर दे रहे हैं। उन्होंने उद्यमियों से वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के माध्यम से दुनिया के कई बाजार भारत के लिए खुले हैं और उत्तर प्रदेश के प्रतिभाशाली उद्यमियों को इन अवसरों का पूरा लाभ उठाना चाहिए।

    इस अवसर पर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, उद्योग आयुक्त के विजयेंद्र पांडियन और विशेष सचिव एमएसएमई शिशिर उपस्थित रहे।

  • दिल्ली SIR में बड़ी राहत, दावे-आपत्तियां दर्ज कराने की तारीख 30 अक्टूबर तक बढ़ी

    दिल्ली SIR में बड़ी राहत, दावे-आपत्तियां दर्ज कराने की तारीख 30 अक्टूबर तक बढ़ी

    नई दिल्ली
     दिल्ली में चल रही एसआईआर के लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) द्वारा जारी ड्राफ्ट पर आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा एक माह के लिए बढ़ा दी गई है

    मतदाता एसआईआर पर अपने दावे और आपत्तियां 30 अक्टूबर तक दर्ज करा सकते हैं। जबकि 30 नंवबर तक ड्राफ्ट एसआईआर में आए नोटिस का निस्तारण किया जाएगा। जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को जारी करने की तारीख तय की गई है। जबकि पहले यह तारीख चार नवंबर थी।

    नागरिक उपरोक्त समयावधि में ड्राफ्ट सूची में नाम न होने पर फार्म 6 भर सकते हैं। साथ ही पता या आवास बदलने पर फार्म आठ भर सकते हैं।

    पोलिंग बूथों पर लगेंगे विशेष शिविर
    वहीं, सीईओ कार्यालय रविवार यानि 27 सितंबर को को एसआईआर के तहत दिल्ली भर के 14,947 पोलिंग बूथों पर विशेष शिविर लगाएगा। इन शिविरों का उद्देश्य उन पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना है, जिनका नाम अभी तक सूची में दर्ज नहीं हो पाया है।

    आयोग के अनुसार, दिल्ली में अब तक फार्म- 6 के करीब सवा तीन लाख आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। फार्म- 6 नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

    नाम दर्ज कराने की अपील
    आयोग ने पात्र नागरिकों से विशेष शिविरों का लाभ उठाकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की अपील की है। शिविरों में मतदाता नाम जुड़वाने के साथ ही एसआईआर से संबंधित अन्य प्रक्रियाओं और दस्तावेजों को लेकर भी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

    आयोग के मुताबिक, जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची में छूट गए हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म- 6 जमा कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर के दौरान प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जाएंगे।

    सीईओ ने 29 और 30 सितंबर को दिल्ली भर के कालेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में 18-25 वर्ष की आयु के युवा मतदाताओं के लिए विशेष शिविरों की भी घोषणा की है।

    SIR में गलती है तो ऐसे कराएं सुधार
    एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम की स्पेलिंग, उम्र, जन्मतिथि या पता गलत है या मतदाता को शिफ्टेड दिखाया गया है, तो दावा अवधि में सुधार कराया जा सकता है।

    दिल्ली के सीईओ कार्यालय के अनुसार, मौजूदा मतदाता के विवरण में सुधार और पता बदलने के लिए फार्म-8 तथा ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने पर नाम जुड़वाने के लिए फार्म- 6 भरना होगा।

    ऑफलाइन तरीका
    संबंधित बीएलओ, ईआरओ, एईआरओ से फार्म-6 या फार्म-8 लें। सही जानकारी भरकर दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रति लगाएं और बीएलओ या चुनाव कार्यालय में जमा करें। जमा करने की रसीद जरूर लें।

    ऑनलाइन तरीका
    voters.eci.gov.in पर जाएं – लॉगिन कर रजिस्ट्रेशन करें। संबंधित फार्म चुनें, विवरण भरें, दस्तावेज अपलोड करें, आवेदन जमा करें। आवेदन का रेफरेंस नंबर सुरक्षित रखें, इसी से स्थिति जांची जा सकती है।

    ऑनलाइन नोटिस कैसे जांचें
    सबसे पहले वोटर सर्विस पोर्टल पर जाएं। विकल्प चुनें, होमपेज या मेनू सेक्शन में ''Submit Document Against Notice Issued'' या ''List of persons to whom notices have been issued'' वाले विकल्प पर क्लिक करें। इसमें जिले का नाम डालें। अपने इलाके का नाम चुनें। पोलिंग स्टेशन चुनें। इसके बाद आपके पोलिंग स्टेशन की लिस्ट खुल जाएगी।