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  • पंजाब में BC प्रमाणपत्र के नियम बदले, आय के साथ माता-पिता की नौकरी-पद से तय होगी पात्रता

    पंजाब में BC प्रमाणपत्र के नियम बदले, आय के साथ माता-पिता की नौकरी-पद से तय होगी पात्रता

    चंडीगढ़.

    पंजाब भवन में बुधवार को सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र, छात्रवृत्ति और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र बनवाने में आ रही दिक्कतों का जल्द समाधान किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों के अधिकारियों और संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

    डॉ. बलजीत कौर ने स्पष्ट किया कि अब प्रमाणपत्र केवल परिवार की आय के आधार पर नहीं बनेगा। प्रमाणपत्र जारी करते समय माता-पिता की सरकारी नौकरी, पद, सामाजिक स्थिति, पिछले तीन वर्षों की आय और परिवार की संपत्ति सहित विभिन्न पहलुओं को देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सेवा केंद्रों और पटवारियों को भी पात्रता संबंधी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई है। जल्द ही सभी सेवा केंद्रों के बाहर सूचना पट लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को स्पष्ट जानकारी मिल सके कि किन परिस्थितियों में पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र बनाया जा सकता है।

    अधिक वार्षिक आय वाले परिवार क्रीमी लेयर श्रेणी में 
    मंत्री ने बताया कि संवैधानिक पदों पर रह चुके लोगों, उच्च पदों पर कार्यरत अधिकारियों तथा निश्चित आय से अधिक वाले परिवारों के बच्चों को प्रमाणपत्र का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि बड़े सरकारी अधिकारियों के बच्चों के साथ-साथ चिकित्सक, अभियंता और अन्य बड़े पेशेवर पदों पर कार्यरत माता-पिता के बच्चों की पात्रता भी निर्धारित नियमों के अनुसार तय होगी। आठ लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों को क्रीमी लेयर  में माना जाएगा। प्रमाणपत्र के लिए परिवार की शहरी और ग्रामीण संपत्ति की स्थिति भी देखी जाएगी।

    शादी के बाद भी बदल जाएगा सर्टिफिकेट
    उन्होंने एक महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि किसी लड़की की शादी हो जाती है तो उसका पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र उसके विवाह के बाद के परिवार की स्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि उसके माता-पिता की सामाजिक स्थिति को देखते हुए बनाया जाएगा। इसी तरह माता-पिता का प्रमाणपत्र पहले से नहीं बना होने का अर्थ यह नहीं है कि बच्चे का प्रमाणपत्र नहीं बन सकता। रिश्तेदार के प्रमाणपत्र के आधार पर भी बच्चे की पात्रता तय नहीं होगी।

    391 करोड़ की राशि जारी
    डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्ष 2022 के बाद आशीर्वाद योजना के तहत करीब 76 हजार लाभार्थियों को लाभ दिया गया है और सरकार करीब 391 करोड़ रुपये की राशि जारी कर चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति का लाभ भी दिया जा रहा है। वर्तमान में बी श्रेणी के तहत प्रत्येक पात्र बच्चे को 20 हजार रुपये का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को पत्र लिखकर उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की मांग की गई है। प्रमाणपत्र बनने के बाद राज्य के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ मिल रहा है।

    12 यूनिवर्सिटीज में 210 सीटों पर दाखिला
    पंजाबी विश्वविद्यालय में पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए जल्द दो छात्रावास शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य के 12 प्रमुख व्यावसायिक महाविद्यालयों में प्रमाणपत्र के आधार पर 210 सीटों पर दाखिला दिया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि पंजाब के करीब छह हजार विद्यालयों में भी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। नवमीं-दसवीं के विद्यार्थियों को सालाना 75 हजार रुपये और ग्यारहवीं-बारहवीं के विद्यार्थियों को 1.25 लाख रुपये तक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र धारकों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत और दाखिले में 12 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है।

  • ED विवाद पर AAP का BJP पर हमला, बोली- अमन अरोड़ा-धालीवाल मामले में सबूत नहीं तो FIR कैसे?

    ED विवाद पर AAP का BJP पर हमला, बोली- अमन अरोड़ा-धालीवाल मामले में सबूत नहीं तो FIR कैसे?

    चंडीगढ़/अमृतसर.

    पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी के माध्यम से आम आदमी पार्टी की लीडरशिप को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

    अरोड़ा ने कहा कि ईडी की ओर से पंजाब के पुलिस महानिदेशक को तीसरा पत्र भेजकर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा गया है, जबकि पंजाब पुलिस पहले ही ईडी से उसके द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और सामग्री को लेकर सवाल उठा चुकी है। अमन अरोड़ा के मुताबिक, पंजाब पुलिस ने ईडी को बताया है कि एजेंसी की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री स्पष्ट रूप से पढ़ने योग्य नहीं है और उसकी प्रमाणिकता भी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने दोबारा साक्ष्य और तथ्य उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि उनकी जांच के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके। इसके बावजूद तीसरा पत्र भेजे जाने पर उन्होंने सवाल उठाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुराने बयान का हवाला देते हुए अरोड़ा ने कहा कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वह केंद्रीय एजेंसियों को केंद्र का तोता कहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आज वही केंद्रीय एजेंसियां केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रही हैं और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

    एल्टिस प्रोजेक्ट पर भी दी सफाई
    एल्टिस प्रोजेक्ट में अपना नाम शामिल किए जाने पर अरोड़ा ने कहा कि उनके मंत्री रहते अथवा आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में इस प्रोजेक्ट के लिए कोई सीएलयू नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि 230 एकड़ के लेआउट की मंजूरी 17 नवंबर 2011 को ली गई थी। उस समय राज्य में अकाली-भाजपा सरकार थी। उन्होंने बताया कि लेआउट से संबंधित अलग-अलग मंजूरियां 14 मई 2011, 25 जून 2013, 28 मार्च 2013 और आठ मई 2014 को भी ली गई थीं। बाद में उनके मंत्री रहते 11 जून 2024 और पांच जून 2025 को लेआउट में बदलाव किए गए। अरोड़ा ने कहा कि उनके कार्यकाल में विभाग में कोई बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी सरकार के कार्यकाल में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाकर नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम और अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में लिए गए फैसलों के आधार पर होनी चाहिए।

    धालीवाल ने भी साधा भाजपा पर निशाना
    पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी पत्रकार वार्ता कर ईडी पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेताओं को ईडी के मामलों में फंसाकर बदनाम करने की कोशिश की गई और बाद में सच सामने आया। धालीवाल ने आरोप लगाया कि अब पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के अन्य नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने ईडी से अपना अधिकारी भेजकर साक्ष्य पेश करने को कहा था, लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। धालीवाल ने कहा कि जांच एजेंसियों के दबाव से आम आदमी पार्टी न डरेगी और न झुकेगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भी अंततः सच सामने आएगा।

  • हरियाणा में शामलात जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त पर कार्रवाई, 112 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट

    हरियाणा में शामलात जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त पर कार्रवाई, 112 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट

    चंडीगढ़.

    राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद ने पलवल जिले के ग्राम फास्टकू नगर, तहसील होडल की शामलात देह/भूमि को राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत कर गलत तरीके से बेचने और खरीदने तथा सरकार को राजस्व हानि पहुंचाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है।

    ब्यूरो द्वारा इस मामले में 7 तत्कालीन सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों सहित कुल 112 आरोपियों के विरुद्ध माननीय न्यायालय में चालान (चार्जशीट) पेश किया गया है। चार्जशीट में तत्कालीन तहसीलदार होडल नरेश जोवल, मनबीर सिंह एवं ओम प्रकाश गोदारा, तत्कालीन रजिस्ट्री क्लर्क भगवान सिंह एवं भूप सिंह, तत्कालीन पटवारी ताराचन्द तथा तत्कालीन गिरदावर वीरेन्द्र सिंह के अलावा 105 ग्रामवासी, विक्रेता एवं खरीदार शामिल हैं। आरोपियों के विरुद्ध धारा 420, 120-बी, 409, 467, 468, 471 भारतीय दंड संहिता, धारा 13(1)(डी) सहपठित 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा धारा 13-ए, पंजाब विलेज कॉमन लैंड एक्ट, 1961 के तहत चालान माननीय न्यायालय श्री प्रतीक जैन, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पलवल के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

    उच्च न्यायालय के आदेश पर शुरू हुई थी जांच
    यह मामला सी.डब्ल्यूपी. नंबर 10058 ऑफ 2010 में माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ के आदेशों के अनुपालन में शुरू हुई जांच से सामने आया। मैसर्स क्रिस्टल बायोटेक कंपनी द्वारा गांव अतवा, जिला पलवल की शामलात देह की खरीद के संबंध में जांच के आधार पर थाना राज्य सतर्कता ब्यूरो (हरियाणा), गुरुग्राम में मुकदमा नंबर 13 दिनांक 14.05.2012 दर्ज किया गया था। इसके बाद माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सी.डब्ल्यूपी. नंबर 10058 ऑफ 2010 तथा सी.डब्ल्यूपी. नंबर 8160 ऑफ 2011 में यह निर्देश दिए गए कि यदि मैसर्स क्रिस्टल बायोटेक कंपनी के अलावा अन्य व्यक्तियों द्वारा जिला पलवल के गांवों की शामलात भूमि से संबंधित वसिकाएं भी गलत पाई जाती हैं, तो उनकी भी जांच की जाए।

    11 वसिकाओं में शामलात भूमि की खरीद-फरोख्त
    इसी क्रम में जांच क्रमांक 02 दिनांक 08.06.2012, पलवल में जांच के दौरान ग्राम फास्टकू नगर, तहसील होडल की शामलात देह की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि कुल 11 वसिकाओं के माध्यम से ग्राम फास्टकू नगर की 1,856 कनाल 13 मरला शामलात देह/भूमि को ग्रामवासियों द्वारा राजस्व विभाग के तत्कालीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ कथित सांठगांठ कर अनुचित तरीके से बेचने एवं खरीदने की कार्रवाई की गई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा वसिकाओं के पंजीकरण तथा इंतकाल दर्ज करने की प्रक्रिया में अपनी आधिकारिक भूमिका का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी भूमि की खरीद-फरोख्त हुई और सरकार को राजस्व की हानि पहुंची।

    जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
    जांच क्रमांक 02/2012, पलवल के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर ग्राम फास्टकू नगर की शामलात भूमि को बेचने वाले ग्रामवासियों/ विक्रेताओं, खरीदारों तथा वसीका पंजीकरण एवं इंतकाल दर्ज करने वाले तत्कालीन सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अभियोग संख्या 36 दिनांक 10.11.2022 थाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद में दर्ज किया गया। मामले की विस्तृत जांच के उपरांत अब कुल 112 आरोपियों के विरुद्ध चालान माननीय न्यायालय में पेश किया गया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा सरकारी भूमि एवं राजस्व से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार, मिलीभगत और पद के दुरुपयोग के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। ब्यूरो का उद्देश्य सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार प्रभावी कार्रवाई करना है।

  • चंडीगढ़ में कांग्रेस की राष्ट्रीय टीम आज लेगी जनता का फीडबैक, 2027 के मेनिफेस्टो की तैयारी

    चंडीगढ़ में कांग्रेस की राष्ट्रीय टीम आज लेगी जनता का फीडबैक, 2027 के मेनिफेस्टो की तैयारी

    चंडीगढ़.

    पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपना चुनावी होमवर्क तेज कर दिया है। पार्टी हाईकमान की ओर से प्रदेश नेताओं को तैयारियों के निर्देश दिए जाने के बाद अब जमीनी स्तर पर फीडबैक जुटाने और चुनावी मुद्दों को धार देने की कवायद शुरू हो गई है।

    इसी सिलसिले में एआइसीसी की मीडिया टीम बुधवार को चंडीगढ़ पहुंच रही है। एआइसीसी के राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक हरि शंकर गुप्ता, समन्वयक विंग कमांडर अनूमा आचार्य, ईशान त्यागी, हरनाम सिंह और विक्रम लोहिया तथा पंजाब कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अर्शप्रीत खडियाल चंडीगढ़ में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का पक्ष सामने रखेंगे।

    सर्वे का काम लगातार जारी
    टीम के दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस की ओर से पंजाब में चुनावी माहौल को लेकर सर्वे का काम भी लगातार जारी है। वहीं, 2027 के चुनावी मेनिफेस्टो को लेकर मेनिफेस्टो कमेटी की दो बैठकें हो चुकी हैं। कमेटी के चेयरमैन डाॅ. अमर सिंह की अगुवाई में पंजाब कांग्रेस भवन में हुई बैठक में मेनिफेस्टो तैयार करने की प्रक्रिया और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

    फीडबैक से तैयार होगा 2027 मेनिफेस्टो
    पार्टी की योजना पंजाब के सभी जिलों में विभिन्न वर्गों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं का फीडबैक लेने की है। इसी आधार पर 2027 का मेनिफेस्टो तैयार किया जाएगा। कांग्रेस अब चुनावी तैयारियों को संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ जनता के मुद्दों पर केंद्रित करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

  • CISF-DFI मिलकर 370 संवेदनशील प्रतिष्ठानों की ड्रोन से करेगी सुरक्षा, बहरोड़ में बनेगा ट्रेनिंग हब

    CISF-DFI मिलकर 370 संवेदनशील प्रतिष्ठानों की ड्रोन से करेगी सुरक्षा, बहरोड़ में बनेगा ट्रेनिंग हब

    रांची.

    देश के महत्वपूर्ण और अति-संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को ड्रोन खतरों से मजबूत करने की दिशा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने बड़ा कदम उठाया है। सीआईएसएफ और ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीएफआई) के बीच सीआईएसएफ मुख्यालय में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

    इसके तहत ड्रोन और काउंटर-ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में प्रशिक्षण, अनुसंधान और परिचालन क्षमता को बढ़ाया जाएगा। समझौते पर सीआईएसएफ की ओर से डीआइजी एवं एमपीआरटीसी बहरोड़ के प्रिंसिपल डाॅ. सीडी नायक और डीएफआई के अध्यक्ष स्मित शाह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन समेत बल के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    बहरोड़ में बनेगा उत्कृष्ट केंद्र
    समझौते के तहत सीआईएसएफ के रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर (आरटीसी), बहरोड़ को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन प्रणाली के लिए उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यह केंद्र गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत काम करेगा। यहां ड्रोन से उत्पन्न संभावित खतरों से निपटने के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा।

    भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप के साथ होगा अनुसंधान
    डीएफआई भारतीय ड्रोन स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियों के सहयोग से सीआईएसएफ की क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा। इसके तहत व्यावहारिक अनुसंधान, नई तकनीकों के परीक्षण और परिचालन तैयारियों को मजबूत किया जाएगा। सुरक्षा प्रतिष्ठानों की जरूरत के अनुसार मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और प्रायोगिक परियोजनाएं भी तैयार की जाएंगी।

    संदिग्ध ड्रोन की जांच के लिए स्वदेशी तकनीक
    समझौते के तहत संदिग्ध ड्रोन की पहचान और जांच के लिए स्वदेशी फोरेंसिक उपकरण विकसित करने पर भी काम होगा। इसके साथ ही रेड-टीमिंग अभ्यास और संयुक्त ड्रिल आयोजित की जाएंगी, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में सुरक्षा बलों की तैयारियों को परखा जा सके।

    370 से अधिक अति-संवेदनशील प्रतिष्ठान
    सीआईएसएफ देश के 370 से अधिक अति-संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रहा है। इनमें परमाणु संयंत्र, हवाई अड्डे, अंतरिक्ष केंद्र समेत अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे शामिल हैं। बल के 3,000 से अधिक जवानों को ड्रोन से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि 80 सीआईएसएफ इकाइयां निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही हैं।

    बदलती हवाई चुनौतियों से निपटने में मिलेगी मदद
    सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि यह समझौता गृह मंत्रालय के लक्ष्यों को पूरा करने के साथ बदलती हवाई चुनौतियों के खिलाफ बल की तैयारियों को परखने और मजबूत करने में मदद करेगा। वहीं, डीएफआई के अध्यक्ष स्मित शाह ने कहा कि भारतीय ड्रोन उद्योग देश की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। स्वदेशी नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर सुरक्षा ढांचा तैयार करने में उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • लुधियाना के स्कूल में हेड टीचर की अचानक मौत, सीने में दर्द के बाद पानी पीते ही गिरे

    लुधियाना के स्कूल में हेड टीचर की अचानक मौत, सीने में दर्द के बाद पानी पीते ही गिरे

    लुधियाना.

    सरकारी प्राइमरी स्कूल हैबोवाल खुर्द में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्कूल के हेड टीचर हरजीत ग्रेवाल की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द की शिकायत के बाद वह पानी पीते समय अचानक नीचे गिर पड़े।

    स्कूल के अध्यापक उन्हें तुरंत नजदीकी क्लीनिक लेकर गए, जहां से उन्हें दयानंद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
    जानकारी के अनुसार, हरजीत ग्रेवाल मंगलवार को रोजाना की तरह स्कूल पहुंचे थे। उन्होंने सुबह प्रार्थना सभा में भी हिस्सा लिया। इसके बाद कुछ दफ्तरी काम निपटाया और कक्षाएं भी लीं। स्कूल के अध्यापकों के मुताबिक, वह सामान्य नजर आ रहे थे और किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं हो रही थी। बाद में वह स्कूल में राउंड पर निकले। इस दौरान वह विद्यार्थियों से बातचीत कर रहे थे। अचानक उन्होंने सीने में दर्द होने की शिकायत की। 

    विद्यार्थियों ने पिलाया पानी
    वहां मौजूद विद्यार्थियों और अध्यापकों ने उन्हें पानी दिया। पानी पीने के दौरान ही वह अचानक नीचे गिर पड़े। इसके बाद स्कूल में मौजूद अध्यापकों ने उन्हें संभाला और तत्काल नजदीकी क्लीनिक पहुंचाया। क्लीनिक में प्राथमिक जांच के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें दयानंद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया। अध्यापक उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    ड्रग जनगणना ड्यूटी के दौरान हुआ था हमला
    बताया जा रहा है कि हरजीत ग्रेवाल पहले ड्रग जनगणना ड्यूटी के दौरान हमले का भी शिकार हुए थे। ड्यूटी के दौरान उन पर चाकू से हमला किया गया था, जिसमें उन्हें चोटें आई थीं। हालांकि मंगलवार को हुई मौत का संबंध उस घटना से था या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। स्कूल के अध्यापकों ने बताया कि हरजीत ग्रेवाल नियमित रूप से स्कूल में सक्रिय रहते थे। वह राउंड के दौरान बच्चों से बातचीत करते और उनकी गतिविधियों पर नजर रखते थे। मंगलवार को भी वह सामान्य तरीके से अपने काम में लगे हुए थे। अचानक हुई उनकी मौत से स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों में शोक का माहौल है।

  • Chandigarh Railway Update: 12 ट्रेनें रद्द, कई मोहाली से चलेंगी; 36 दिन के ब्लॉक से 15 अक्टूबर तक परेशानी

    Chandigarh Railway Update: 12 ट्रेनें रद्द, कई मोहाली से चलेंगी; 36 दिन के ब्लॉक से 15 अक्टूबर तक परेशानी

    चंडीगढ़
    चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। रेलवे ने निर्माण कार्य के लिए 36 दिन का ब्लॉक मंजूर किया है। यह काम तीन चरणों में होगा। इस दौरान स्टेशन पर पिलर मजबूत करने और फुट ओवरब्रिज पर छत डालने का काम किया जाएगा।

    निर्माण कार्य के चलते चंडीगढ़ और कालका से चलने वाली 12 ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों को चंडीगढ़ के बजाय अंबाला और साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) से चलाया जाएगा। कुछ ट्रेनों को चंडीगढ़-अंबाला के बीच आंशिक रूप से रद्द कर शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा। इसके अलावा, कई ट्रेनों के प्लेटफॉर्म भी बदले गए हैं।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, निर्माण एजेंसी अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स को एक महीने के भीतर दूसरी बार अंबाला मंडल से ब्लॉक की मंजूरी मिली है। इस बार 36 दिन का ब्लॉक तीन हिस्सों में लगाया जा रहा है। प्रत्येक चरण 12 दिन का होगा। रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, पहला ब्लॉक 10 से 21 सितंबर तक रहेगा।

    इसके बाद दूसरा चरण 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक और तीसरा चरण 4 से 15 अक्टूबर तक चलेगा। इन 36 दिनों के दौरान अलग-अलग चरणों में निर्माण कार्य किया जाएगा। काम की वजह से स्टेशन के प्लेटफार्म और ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा।

    6 ट्रेनें अंबाला से चलेंगी
    ब्लॉक के दौरान रेलवे ने 6 ट्रेनों को अंबाला से संचालित करने का फैसला किया है। वहीं, 8 ट्रेनों को साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) रेलवे स्टेशन से चलाया जाएगा। इससे चंडीगढ़ से यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए मोहाली या अंबाला तक पहुंचना पड़ सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के संचालन स्टेशन और समय की जानकारी रेलवे से जरूर जांच लें।

    20 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले
    ब्लॉक के दौरान चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की साफ-सफाई और धुलाई के लिए भी प्लेटफार्म में बदलाव किया गया है। 10 से 21 सितंबर तक करीब 20 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले गए हैं। रेलवे के अनुसार, प्लेटफार्म नंबर 1 और 2 से चलने वाली कुछ ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्म से रवाना किया जाएगा।

    प्लेटफार्म की जानकारी दोबारा जांचनी होगी
    4 से 15 अक्टूबर तक इन ट्रेनों के लिए प्लेटफार्म नंबर 3, 4 और 6 का इस्तेमाल किया जाएगा। बदलाव के कारण यात्रियों को स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेन के प्लेटफार्म की जानकारी दोबारा जांचनी होगी। ब्लॉक के अलग-अलग चरणों में अन्य ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया जाएगा। कुछ ट्रेनों को चंडीगढ़ की बजाय मोहाली या अंबाला से चलाया जाएगा।

    यात्रियों के लिए सितंबर-अक्टूबर रहेगा परेशानी वाला
    चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण का काम लंबे समय से चल रहा है। स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कार्य किया जा रहा है। अब पिलर की फिलिंग और कॉनकोर्स से जुड़े फुट ओवरब्रिज पर रूफ डालने के काम के कारण रेलवे को बड़े स्तर पर परिचालन में बदलाव करना पड़ रहा है।

    36 दिन के इस ब्लॉक के कारण सितंबर से अक्टूबर के बीच चंडीगढ़ से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर स्टेशन पहुंचना होगा। जिन यात्रियों की ट्रेन मोहाली या अंबाला से चलेगी, उन्हें वहां तक पहुंचने के लिए भी अतिरिक्त समय रखना पड़ेगा।

  • पटना में बारिश से जलजमाव, सड़क-गलियों से स्कूल और मंडी तक पानी ही पानी

    पटना में बारिश से जलजमाव, सड़क-गलियों से स्कूल और मंडी तक पानी ही पानी

    पटना.

    अनुमंडल क्षेत्र में मंगलवार की शाम से रात तक वर्षा हुई। उमस भरी असहनीय गर्मी झेल रहे लोगों को जहां राहत मिली वहीं जगह-जगह जल जमाव के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ी रही। अशोक राजपथ, कई महत्वपूर्ण सड़कें, स्कूल परिसर, गलियों से लेकर मंडी तक जलमग्न हो गया।

    बरसात में जल जमाव की स्थिति उत्पन्न होने देने के लिए नगर निगम की तमाम प्रयासों पर पानी फिर गया। नाला उड़ाही और सफाई के नाम पर महीनों की मेहनत और करोड़ों रुपये बरसात की बारिश में बह गए। एक बार फिर जनता परेशानियों से घिर गई।

    श्री गुरु गोविंद सिंह पथ पर जल जमाव, गड्ढों में वाहन खा रहे हिचकोले
    श्री गुरु गोविंद सिंह पथ पर वर्षा के समय लगभग 6 इंच तक पानी जम गया। पथ के सटे दीरापर मोहल्ला का मार्ग जलमग्न हो गया । इसी पथ से पैदल व साइकिल से श्री गुरु गोविंद सिंह स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी हुई। मोहल्ले के नागरिक घरों में कैद हो गए हैं । नगर निगम की गाड़ी मोहल्ले के नालों से पानी निकाल कर दूसरी जगह फेंक रहे हैं। छात्र-छात्राएं बुधवार की सुबह नाले के जमे पानी से होकर आते-जाते रहे।

    गायघाट से दीदारगंज जाने वाले मार्ग पर जमा हुआ दो फीट पानी
    गंगा किनारे निर्मित गायघाट से दीदारगंज सड़क पर कई स्थानों पर जल जमाव से वाहनों का परिचालन बाधित हो रहा है। भद्रघाट और महावीर घाट के पास घुटने भर से अधिक जल जमाव होने गुजरने वाले वाहन बंद हो जा रहे हैं। कंगन घाट की 30 सीढ़ियां डूब गई हैं और चबूतरा पर गंगा का पानी आने से सुबह में व्यायाम करने वाले लोगों को परेशानी हुई। इस मार्ग में सड़क पर पानी जम जाने के कारण रास्ता खतरनाक हो गया। रेलवे लाइन के दक्षिण के कई हिस्सों में भी रास्ते पर पानी भरा गया है।

    मंडियों पर भी वर्षा का असर
    पटना सिटी के मारूफगंज, मंसूरगंज, गुलजारबाग, मीनाबाजार, दलहट्टा, हाजीगंज, मुसल्लहपुर बाजार समिति क्षेत्र की मंडियों में भी जल जमाव से लोगों की परेशानी बढ़ी। चौकशिकारपुर स्थित पटना सिटी स्कूल के खेल मैदान में भी वर्षा का पानी जमा होने से मैदान में जलजमाव का स्तर बढ़ा है । नागरिकों ने बताया कि इस खेल मैदान में लगभग 100 दिनों से जल जमाव है। वहीं बेगमपुर स्थित रघुनाथ हिंदू विद्यालय परिसर में भी जलजमाव के कारण विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

  • DA-DR विवाद में नया मोड़, कर्मचारियों के बाद अब पंजाब सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट

    DA-DR विवाद में नया मोड़, कर्मचारियों के बाद अब पंजाब सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट

    चंडीगढ़.

    पंजाब के करीब 3.5 लाख स्थायी कर्मचारी और करीबन 4 लाख पेंशनर्स पिछले तीन वर्ष से महंगाई भत्ते के इंतजार में हैं। लंबित डीए और डीआर के भुगतान का मामला सड़क से हाई कोर्ट तक पहुंचने के बाद अब यह कर्मचारियों और सरकार के बीच सबसे बड़ा टकराव का कारण बन गया है।

    इससे सरकार के खजाने पर 25 हजार करोड़ रुपये का बोझ पड़ सकता है। कर्मचारी इसे अपना हक मान रहे हैं लेकिन सरकार का तर्क है कि कर्मचारियों को पहले से ही ज्यादा वेतन मिल रहा है।

    1. विवाद क्या है?
    केंद्रीय कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि पंजाब राज्य कर्मचारियों को 42 प्रतिशत मिल रहा है। मुलाजिम संगठनों का कहना है कि इससे भी बड़ी विसंगति ये है कि पंजाब सरकार में ही तैनात आइएएस, आइपीएस, आइएफएस व ज्यूडिशियल अधिकारियों को 58 प्रतिशत डीए मिल रहा है और बाकी सभी कर्मचारियों को 42 प्रतिशत। इसे दोहरा मापदंड बताते हुए कर्मचारी अदालत में गए। कर्मचारी यूनियनों के मुताबिक आप सरकार मार्च 2022 में आई, लेकिन उसने तब से सिर्फ एक ही डीए किस्त जारी की है। जुलाई-दिसंबर 2022 की 4 प्रतिशत किस्त, जो दिसंबर 2023 में एक महीने से ज्यादा चली हड़ताल के बाद दी गई। जनवरी 2023 के बाद से सरकार ने कोई किस्त जारी नहीं की, इसलिए 1 जनवरी 2026 तक बकाया 18 प्रतिशत हो गया है।

    2. 8 अप्रैल 2026
    हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता निर्मल सिंह धनोआ व अन्य की याचिका पर पंजाब सरकार को आदेश दिया कि सभी बकाया डीए/डीआर को 30 जून 2026 तक जारी किया जाए और कर्मचारियों को आइएएस-आइपीएस के बराबर डीए दिया जाए। इससे करीब 7.5 लाख कर्मचारियों को फायदा होना था। पंजाब सरकार और पीएसपीसीएल ने सिंगल बेंच के आदेश को डिवीजन बेंच में चुनौती दी, वित्तीय हालत खराब होने का हवाला दिया तो कोर्ट ने खारिज कर दिया।

    3. 3 अगस्त 2026
    चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने अपील खारिज कर दी। आदेश दिया कि 15 दिन के अंदर सारा बकाया चुकाओ। मुख्य सचिव को 31 अगस्त तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया था। यदि तय समय में भुगतान नहीं हुआ तो 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देना होगा।

    4. डेडलाइन के बाद सरकार का स्टैंड
    डीए भुगतान की डेडलाइन 17 अगस्त को खत्म हो गई, लेकिन सरकार ने भुगतान नहीं किया। उल्टा 18 अगस्त को वित्त विभाग ने सभी विभागों को पत्र भेजकर कहा कि धनोआ केस के आधार पर तय हुए मामलों को वित्त विभाग की मंजूरी के बिना लागू न किया जाए। इसी पत्र को आधार बनाकर कर्मचारियों ने फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अवमानना की कार्रवाई करने का आग्रह किया। डेडलाइन खत्म होते ही 17 अगस्त को कर्मचारियों ने अवमानना याचिका दायर कर दी। 21 अगस्त को सुनवाई में सरकार ने समय मांगा, कोर्ट ने अगली तारीख 27 सितंबर 2026 तय की है।

    5. कर्मचारी फिर कर सकते हैं हड़ताल
    कर्मचारियों का सड़क पर आंदोलन तेज है। कर्मचारी संगठनों ने 27 अगस्त को महाहड़ताल की थी। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा है कि हड़ताल और बातचीत इकट्ठे नहीं हो सकती। सरकार ने नोटिस जारी किया तो कर्मचारी संगठनों ने लुधियाना में बैठक करके अगली रणनीति के तहत अब सात सितंबर तक समय दिया है। कहा है कि शो-कॉज नोटिस वापस न हुए तो 8 सितंबर को मास कैजुअल लीव लेकर हड़ताल की जाएगी और मंत्रियों के घरों के बाहर प्रदर्शन किए जाएंगे।

    अब आगे क्या
    पंजाब सरकार अब सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के निर्णय को चुनौती दी है। अब कर्मचारी संगठनों ने पहले से ही दायर की गई केविएट की वजह से दोनों पक्षों को सुनवाई का मौका मिलेगा और उसके बाद तय होगा सरकार की एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट किस तरह आगे बढ़ती है।

  • हरियाणा में सफाईकर्मियों का उग्र प्रदर्शन, ठेकेदार से हाथापाई; सरकारी जीप के शीशे तोड़े

    हरियाणा में सफाईकर्मियों का उग्र प्रदर्शन, ठेकेदार से हाथापाई; सरकारी जीप के शीशे तोड़े

    हिसार/पानीपत.

    हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 28वें दिन भी जारी है। 27वें दिन मंगलवार को वैकल्पिक सफाई व्यवस्था के विरोध में टकराव के मामले सामने आए। कैथल के सीवन में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर लौट रहे नगर पालिका अधिकारियों की सरकारी जीप पर सफाई कर्मचारियों व उनके स्वजन द्वारा कस्सी से कथित हमला किया गया।

    वार से जीप का पिछला शीशा टूट गया और कनिष्ठ अभियंता व लिपिक बाल-बाल बच गए। जींद में चार दिन बाद कूड़ा उठाने पहुंचे ठेकेदार के कर्मचारियों का हड़तालियों ने विरोध किया और हाथापाई हुई। हिसार में कचरा उठान के दौरान पुलिस से टकराव में पांच पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें आईं। फतेहाबाद में पुलिस सुरक्षा में उठान कराया गया। बढ़ती अव्यवस्था के बीच कई सामाजिक संगठन अब हड़ताल के तौर-तरीकों पर सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि मांगों को लेकर आंदोलन के अधिकार के साथ आमजन की सुविधाओं और सार्वजनिक व्यवस्था का ध्यान रखना भी जरूरी है।

    बारिश और बाजारों में कचरे से बढ़ी परेशानी
    यमुनानगर में हड़ताल के 27वें दिन बारिश के कारण डंपिंग प्वाइंटों का कचरा बहकर गलियों और मोहल्लों तक पहुंचा। पानीपत के पालिका बाजार में कचरा डाले जाने से दुकानदार परेशान रहे, हालांकि निजी एजेंसियों ने करीब 300 टन कचरा उठाया। भिवानी में घर-घर कचरा उठान प्रभावित है। अंबाला कैंट में 250 कर्मचारी हड़ताल पर हैं और वैकल्पिक व्यवस्था भी कमजोर पड़ गई है। कैथल में पुलिस की मौजूदगी में डंपिंग प्वाइंटों से कचरा उठाया गया, जबकि रोहतक में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार का पुतला फूंका।

    हिसार में उठान के दौरान पुलिस से टकराव
    हिसार में नगर निगम के 667 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। मंगलवार को सेक्टर 9-11 और अर्बन एस्टेट में कचरा संग्रहण कराया गया। अर्बन एस्टेट में हड़ताली कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। उन्हें पकड़ने के दौरान करीब पांच पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें लगीं और कई कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया। फतेहाबाद में नगर परिषद ने पुलिस सुरक्षा में डोर-टू-डोर कचरा उठवाया। 15 वाहनों के साथ पुलिस बल तैनात रहा और करीब 50 कर्मचारियों ने लगभग 150 टन कचरा उठाया। कार्यालय में कूड़ा डालने के मामले में 15 कर्मियों के खिलाफ शिकायत दी गई है। झज्जर में छह दिन बाद फिर लगे कूड़े के ढेर झज्जर में 125 टन कचरा उठाए जाने के छह दिन बाद फिर ढेर लग गए हैं। कर्मचारियों ने दिन में सरकार का पुतला फूंका और शवयात्रा निकाली।