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  • बिहार में गंगा का रौद्र रूप, गांधी घाट पर HFL पार; 5 जिलों में अलर्ट, 19.57 लाख लोग प्रभावित

    बिहार में गंगा का रौद्र रूप, गांधी घाट पर HFL पार; 5 जिलों में अलर्ट, 19.57 लाख लोग प्रभावित

    पटना
    पटना में गंगा नदी विकराल रूप धारण कर चुकी है। गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि औरहा गांधी घाट पर जलस्तर के उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level) को पार करने के बाद अब पानी का दबाव डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहेगा। इसका प्रभाव अगले 1 से 3 दिनों तक हाथीदह एवं उसके बाद के डाउनस्ट्रीम गेज स्टेशनों पर देखने को मिल सकता है तथा यह हाथीदाह में पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर सकता है। इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार जिले के गंगा के किनारे वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

    गांधी घाट पर बढ़े हुए जलस्तर की लहर के डाउनस्ट्रीम की ओर बढ़ने को देखते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय अधिकारियों को सतर्क रहने तथा जलस्तर की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। साथ ही, नदी के जलस्तर, तटबंधों, संवेदनशील स्थलों एवं निचले इलाकों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।

    बिहार में 11 जिलों के 66 प्रखंडों की 330 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है। आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि इससे 19.57 लाख आबादी प्रभावित हुई है। बाढ पीड़ितों के बीच राहत-बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। 110 सामुदायिक रसोई केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। 326 बाढ़ शरणार्थी शिविरों में भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।

    छपरा में मही नदी का बांध टूटा
    छपरा में दरियापुर के सेमरहिया-मोहन कोठियां के पास रविवार की सुबह मही नदी का बांध टूट गया। बांध टूटने की वजह से छह से अधिक पंचायत बाढ़ की चपेट में आ गए। बांध की मरम्मत का प्रयास किया जा रहा है। बांध टूटने के बाद स्थिति को देखते हुए अब सीओ कैंप कर रहे हैं। सारण डीएम भी दरियापुर के लिए रवाना हो चुके हैं। बता दें कि इससे पहले शुक्रवार की देर रात दिघवारा में भी मही नदी का बांध टूटा था। इधर, एनएच-19 पर भी बाढ़ के पानी का तेज बहाव हो रहा है।

    मुंगेर: महाने नदी पर बना डायवर्सन चार दिन में दूसरी बार बहा
    मुंगेर जिले में टेटिया बंबर प्रखंड के बरसंडा के समीप महाने नदी पर पुल निर्माण के लिए बनाया गया अस्थायी डायवर्सन चार दिनों के अंदर दूसरी बार तेज धारा में बह गया। इससे प्रखंड की आधी से अधिक आबादी का थाना, अस्पताल और बंबर बाजार से एक बार फिर सीधा संपर्क टूट गया है। जानकारी हो कि लगातार बारिश से महाने नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण गुरुवार सुबह डायवर्सन बह गया था। विभाग के निर्देश पर संवेदक द्वारा मिट्टी डालकर उसे पैदल और दोपहिया वाहनों के चलने लायक बनाया गया था, लेकिन शनिवार रात हुई तेज बारिश के बाद नदी में आई बाढ़ में एक बार फिर डायवर्सन बह गया है।

    इससे प्रखंड की आधी से अधिक आबादी का थाना, अस्पताल, बंबर बाजार से सीधा संपर्क भंग हो गया। संपर्क भंग होने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत मरीजों और स्कूली बच्चों को हो रही है। लोगों को लंबी दूरी तय कर आवागमन करना पड़ रहा है।

  • झारखंड में GST कलेक्शन को बड़ा झटका, अगस्त में 21.96% गिरावट; लक्ष्य से भी पीछे विभाग

    झारखंड में GST कलेक्शन को बड़ा झटका, अगस्त में 21.96% गिरावट; लक्ष्य से भी पीछे विभाग

     रांची
    वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वाणिज्यिक कर विभाग के ताजा आंकड़ों ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में विभाग के अधिकारियों के प्रयास का असर ताे दिख रहा है, लेकिन इसके बावजूद जीएसटी कलेक्शन लक्ष्य से काफी कम है।

    रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 में राजस्व संग्रह में पिछले साल की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में कुल सब-टोटल कलेक्शन 1,709.50 करोड़ रुपये रहा, जो अगस्त 2025 के 1,919.11 करोड़ रुपये से 10.92 प्रतिशत कम है।

    रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स संग्रह में सबसे बड़ी गिरावट जीएसटी कैटेगरी में देखी गई। प्रदेश के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इसकी संभावना पहले ही व्यक्त की थी कि राज्य सरकार के राजस्व संग्रह पर असर पड़ सकता है।

    अगस्त 2026 में कुल जीएसटी कलेक्शन 937.11 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी महीने के 1,200.77 करोड़ रुपये के मुकाबले 21.96 प्रतिशत कम है।

    इसमें इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स सेटलमेंट में सबसे ज्यादा 58.19 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो 449.10 करोड़ रुपये से घटकर सिर्फ 187.77 करोड़ रुपये रह गई।

    वैट संग्रह से मिली राहत
    आंकड़ों को देखें तो राहत की बात यह रही कि वैट में अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है। अगस्त 2026 में वैट कलेक्शन 695.90 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 602.76 करोड़ रुपये से 15.45 प्रतिशत अधिक है।

    इसी तरह, कुल नान-जीएसटी कलेक्शन में भी 7.52 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो 772.39 करोड़ रुपये रही। हालांकि प्रोफेशनल टैक्स संग्रह में भारी गिरावट 46.63 प्रतिशत दर्ज की गई।

    विभाग के लिए आने वाला समय चुनौतीपूर्ण
    वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल वार्षिक लक्ष्य 24 हजार करोड़ रुपये रखा गया है। अगस्त 2026 तक (अप्रैल से अगस्त तक) विभाग ने 8,172.70 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो लक्ष्य का सिर्फ 34.05 प्रतिशत है।

    अगर इसी रफ्तार से गिरावट जारी रही, तो विभाग के लिए वार्षिक लक्ष्य को पूरा करना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। कुल कलेक्शन में भी पिछले वर्ष की तुलना में 15.14 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

    वरीय अधिकारियों को मानना है कि आइजीएसटी सेटलमेंट में आई भारी कमी चिंता का विषय है, जबकि वैट कलेक्शन में बढ़त से राज्य के घरेलू कर राजस्व में कुछ सुधार का संकेत मिलता है। विभाग अब बाकी बचे महीनों में लक्ष्य हासिल करने के लिए रणनीति बनाने में जुट गया है।

    अप्रैल से अगस्त तक राजस्व संकलन में झारखंड पांच प्रतिशत पीछे है, नवंबर आते-आते हम इसकी भरपाई के लिए पूरा प्रयास करेंगे और अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि इसकी भरपाई करते हुए आगे बढ़ जाएंगे। जिन अधिकारियों का प्रयास बेहतर होगा उन्हें विभाग पुरस्कृत करेगी और जिनका नहीं होगा उन्हें दंडित भी किया जा सकता है।
    -राधाकृष्ण किशोर, वित्त मंत्री, झारखंड सरकार।

  • मोहाली की सोशल मीडिया ब्लॉगर से रेप का आरोप, सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती; गन पॉइंट पर संबंध बनाने का दावा

    मोहाली की सोशल मीडिया ब्लॉगर से रेप का आरोप, सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती; गन पॉइंट पर संबंध बनाने का दावा

    मोहाली 

    मोहाली की सोशल मीडिया ब्लॉगर एवं बिजनेस वुमन के रेप केस की शिकायत कॉपी सामने आई है।‌ शिकायत के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया के जरिए उसके संपर्क में आया और धीरे-धीरे विश्वास जीतकर नजदीकियां बढ़ाईं। इसके बाद उसके फ्लैट पर आया और गन पॉइंट पर रेप किया।

    ब्लॉगर के बताया कि आरोपी ने अश्लील वीडियो-फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी। शनिवार (5 सितंबर) को ब्लॉगर मोहाली कोर्ट में पेश हुई। उसने पुलिस जांच पर नाराजगी जताई है।

    उसका आरोप है कि अदालत के निर्देशों के बावजूद जांच के दौरान उससे संपर्क नहीं किया गया। ब्लॉगर का कहना है कि उसे कानून और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। ब्लॉगर के वकील एचएस धनोआ ने कहा कि हमने केस की अनट्रेस कॉपी लेने के लिए अप्लाई किया है। अब इस मामले में कानूनी जंग लड़ेंगे।

    शिकायत में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की 5 अहम बातें…

        सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती: पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि मैं बिजनेस वुमन और सोशल मीडिया ब्लॉगर हूं। आरोपी गुरविंदर सिंह उर्फ गुरी चहल मुझसे सोशल मीडिया पर संपर्क में आया था। मेरे ब्लॉग में धीरे-धीरे दिलचस्पी बढ़ाकर मेरे से नजदीकियां बढ़ाईं और विश्वास जीता।

        ऑर्डर देने के बहाने आकर रेप किया: 27 नवंबर 2025 को आरोपी सामान ऑर्डर करने के बहाने मेरे फ्लैट पर आया। इसके बाद मेरे इनकार करने के बाद आरोपी ने गन पॉइंट मेरे से जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर उसने मुझे व मेरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं। इसके बाद मैं डर गई। मैंने इस संबंधी शिकायत दर्ज नहीं करवाई। मैंने उससे अपने आप को बहुत दूर कर लिया।

        अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी: 2 महीने बाद जनवरी 2026 में आरोपी ने मुझे दोबारा फोन व स्नैपचैट पर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। साथ ही धमकी दी कि उसके पास मेरे अश्लील वीडियो व फोटो हैं। अगर मैंने उसकी बातें नहीं मानीं तो उसे वायरल कर देगा।

        वर्क प्लेस पर पहुंचा, गालियां दीं: इसके बाद आरोपी अपने अज्ञात साथियों, ड्राइवरों व बॉडीगार्ड व सरकारी सिक्योरिटी मुलाजिमों सहित मेरे वर्क प्लेस पर आया। आरोपी ने मुझे गालियां निकालीं, डराया और जान से मारने की धमकियां दीं।

        दोबारा फिर तंग किया तो पहुंची पुलिस तक: 25 अप्रैल को आरोपी ने स्नैपचैट पर कॉल कर मुझे अपने फ्लैट पर जाने व शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। साथ ही उसने अपने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, गैंगस्टरों से संबंधी धमकी दी। इसके बाद उसी दिन शाम को आरोपी ने मेरी ईमेल आईडी पर धमकी भरे अश्लील मैसेज भेजे। इसके बाद मैंने हिम्मत कर अपनी सारी बात वकील को बताई। इसलिए उसके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाए।

    जांच की सर्टिफाइड कॉपी की मांग की पुलिस ने 24 जुलाई को अदालत में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल की थी। पुलिस के अनुसार, पीड़िता अदालत में बयान दर्ज करवाने के लिए पेश नहीं हो रही थी। अब पीड़िता ने अदालत पहुंचकर अपने बयान दर्ज करवाए हैं। उसके वकील धनौआ के अनुसार, पुलिस जांच की सर्टिफाइड कॉपी मांगी गई है। कॉपी मिलने के बाद अनट्रेस रिपोर्ट पर जवाब दाखिल किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी।

    कोर्ट ने जून में गाड़ी रिलीज करने के दिए थे आदेश मामले में अदालत ने 16 जून को उस गाड़ी को रिलीज करने के आदेश जारी किए थे, जिसे पुलिस ने केस प्रॉपर्टी बनाया था। मोहाली पुलिस की ओर से अदालत में दलील दी गई थी कि जांच के दौरान अब इस गाड़ी की जरूरत नहीं है। अदालत ने शर्तों के साथ गाड़ी रिलीज करने के आदेश दिए थे।

    इसमें कहा गया था कि जांच अधिकारी या अदालत जब भी गाड़ी पेश करने को कहे, उसे तत्काल पेश करना होगा। इसके अलावा गाड़ी की ऑनरशिप, रंग या किसी अन्य तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा।

  • सुखना चो पर बनेगा 4 लेन हाईलेवल ब्रिज, एक साल तक बंद रहेगा रास्ता; ट्रैफिक डायवर्जन से बढ़ेगी परेशानी

    सुखना चो पर बनेगा 4 लेन हाईलेवल ब्रिज, एक साल तक बंद रहेगा रास्ता; ट्रैफिक डायवर्जन से बढ़ेगी परेशानी

    पंचकूला
     चंडीगढ़ के सेक्टर 26 स्थित बापूधाम कॉलोनी-शास्त्री नगर के सुखना चो पर बने कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज बनाने के पहले चरण की बिड प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. हालांकि, चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विंग को फिलहाल प्राप्त हुई बिड के मूल्यांकन का कार्य पूरा करना है. इसके बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी. जबकि सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भी इस हाई लेवल ब्रिज के लिए लोगों को और एक साल का इंतजार करना होगा. वहीं, लोगों ने ईटीवी भारत से बातचीत में चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए कहा कि वे बीते कई वर्षों से ऐसे आश्वासन सुनते आ रहे हैं। 

    नाजुक पुल से गुजरते हैं हजारों वाहन: दरअसल, रोजाना हजारों गाड़ियां इस नाजुक पुल से आवाजाही करती हैं. क्योंकि इस रास्ते से होकर चंडीगढ़ के कई नामचीन कॉन्वेंट स्कूल, गोल्फ क्लब, मुख्य पर्यटन स्थल सूखना झील, हाईकोर्ट, हरियाणा व पंजाब विधानसभा, कैपिटल कॉम्प्लेक्स, चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय, पंजाब पुलिस मुख्यालय, पीजीआई, रोज गार्डन समेत अन्य कई महत्वपूर्ण कार्यालय, पर्यटन स्थल व मुख्य मार्केट हैं. यही कारण है कि इस मार्ग पर बापूधाम-शास्त्री नगर के नाजुक कॉज-वे से रोजाना हजारों वाहनों में लाखों लोग आवाजाही करते हैं. पंचकूला से लोग चंडीगढ़ में प्रवेश के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं, मनीमाजरा से भी सुबह से रात तक आवाजाही बनी रहती है. इसी तरह चंडीगढ़ से मनीमाजरा और पंचकूला जाने वाले वाहन चालक भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। 

    जानिए लोगों ने क्या कहा:

        इस पुल से रोजाना आवाजाही करने वाले मनीमाजरा निवासी जय धीमान ने बताया कि, "सबसे अधिक परेशानी बरसात के दिनों में होती है. जल भराव की समस्या होने से इस मार्ग पर पुल को पार करना एक चुनौती बना रहता है. कुछ समय पहले यह पुल टूट भी गया था. पुल पर जलभराव होने से लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने को मजबूर होना पड़ता है, जिस कारण उनका सफर काफी लंबा हो जाता है. रोड छोटा होने से हादसे होते रहते हैं। 
        वहीं, इस मार्ग से रोजाना आवाजाही करने वाले अमित ने कहा कि, "सबसे अधिक परेशानी सूखना झील से पानी छोड़े जाने के दौरान होती है. क्योंकि पानी का तेज बहाव पुल से ओवरफ्लो होता है. इस कारण एक-एक किलोमीटर का ट्रैफिक जाम लग जाता है. लेकिन जब पानी का बहाव काफी तेज हो तो पुलिस-प्रशासन मार्ग बंद कर देता है, जिससे लोगों को काफी घूमकर जाना पड़ता है. ऐसे में कुछ मिनटों का सफर ही करीब एक घंटे का हो जाता है. क्योंकि वैकल्पिक मार्गों पर पहले ही रोजाना आवाजाही करने वाला काफी ट्रैफिक रहता है. कई बार इस मार्ग पर एम्बुलेंस और आपात स्थिति के दौरान अन्य कई वाहन फंसते हैं. बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे के पास रात के समय स्ट्रीट लाइट काम नहीं करती. ऐसे में अंधेरा होने के चलते जानलेवा हादसे होने का खतरा बना रहता है, क्योंकि इस पुल से कई बार गाड़ियां नीचे गिर चुकी हैं. इस मार्ग से आवाजाही करने वाले वाहन चालकों/यात्रियों को अपनी सुरक्षा का ध्यान खुद ही रखना पड़ता है. नतीजतन, हर कोई सँभल संभल कर पुल से निकलता है, क्योंकि मोड़ काफी घुमावदार होने लेकिन सड़क संकीर्ण होने से हादसे होने का खतरा बना रहता है। 

    निर्माण शुरू होने से पहले ट्रैफिक प्लान जरूरी
    पुल का निर्माण शुरू होने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। निर्माण के दौरान सड़क बंद रहने से पंचकूला, मनीमाजरा और आईटी पार्क की ओर से आने-जाने वाले वाहनों पर असर पड़ेगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, हरियाणा सिविल सचिवालय, सुखना झील और चंडीगढ़ के उत्तरी सैक्टरों की ओर जाने वाले लोगों को भी वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ेगा।

    यूटी के मुख्य अभियंता सीबी ओझा ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस समेत संबंधित विभागों के साथ चर्चा कर वैकल्पिक ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि मनीमाजरा-सैक्टर 26 लिंक बंद होने के बाद मध्य मार्ग पर ट्रैफिक का बड़ा दबाव आ सकता है।

    किशनगढ़ रोड को भी विकल्प के तौर पर देखा जा रहा
    विभाग के अनुसार किशनगढ़ से सुखना चो के किनारे जाने वाली सड़क का इस्तेमाल वैकल्पिक मार्ग के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा सैक्टर 26 से भी ट्रैफिक डायवर्ट करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि गांव से गुजरने वाली संकरी सड़क पर अतिरिक्त ट्रैफिक संभालने की क्षमता सीमित है।

    फिलहाल निर्माण के दौरान लागू होने वाली अंतिम ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार नहीं हुई है। ऐसे में रोजाना पंचकूला और चंडीगढ़ के बीच सफर करने वाले लोगों को अगले एक साल तक ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

        वहीं, स्थानीय निवासी अमन त्रिपाठी ने कॉज-वे के हाई लेवल ब्रिज में बदलने की बात पर मायूसी प्रकट करते कहा कि, "मैं सालों से ऐसा कुछ सुनते आ रहा हूं, लेकिन कभी कुछ नहीं हुआ. कॉज-वे पर लाइटिंग की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि हर साल आम लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है. स्थानीय या आसपास के लोग रोजाना कई तरह की मुश्किल झेलते हैं लेकिन हरियाणा से लोगों के आने के कारण ट्रैफिक अधिक होने से परेशानी कई गुणा बढ़ जाती है. ऐसे में लोगों को दूसरे मार्गों से होकर निकलना पड़ता है, जिससे दूरी अधिक बढ़ जाती है और समय भी काफी खराब होता है. हम सालों से इस पुल को देख रहे हैं, जो तीन-चार बार टूट चुका है. लेकिन हर बार काम चलाऊ मरम्मत कर दी जाती है.यहां कई हादसे हुए और कई होते होते रह गए, अब पुल के किनारे ग्रिल लगाई गई हैं. लेकिन जब कभी सूखना झील से पानी छोड़ा जाता है तो तेज बहाव सबकुछ साथ बहाकर ले जाता है। 

    17 करोड़ रुपये का टेंडर जारी : प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज में बदलने के लिए करीब 17 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया. इसके अंतर्गत प्रशासन को अलग अलग बिड प्राप्त हुई हैं, जिनके मूल्यांकन का की प्रक्रिया पूरी किया जाना शेष है. चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कॉज-वे पर हाई लेवल ब्रिज के निर्माण में करीब नौ महीने से एक वर्ष का समय लगेगा। 

    500 मीटर लंबा और 27 मीटर चौड़ा: बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे पर बनने वाला प्रस्तावित पुल करीब 500 मीटर लंबा और 27 मीटर चौड़ा रहेगा. यह फोर लेन होगा और दोनों ओर साइकिल ट्रैक व पैदल पथ भी बनाए जाएंगे. यह पुल सेक्टर 26 टी-पॉइंट को मनीमाजरा के शास्त्री नगर से जोड़ेगा. इस जंक्शन को करीब दो मीटर ऊंचा रखे जाने का प्रस्ताव है. साथ ही स्टॉर्म वाटर लाइन और पानी की पाइपलाइन शिफ्ट होगी. यहां ईडब्ल्यूएस लाइट पॉइंट के समीप ट्रांसपोर्ट चौक के लिए बाईं ओर का मार्ग वर्तमान की तरह ही रहेगा. वहीं, सड़क चौड़ीकरण और परियोजना के निर्माण के लिए 27 पेड़ भी काटे जा सकते हैं। 

    इन तीन कॉज-वे को लेकर तैयारी नहीं: चंडीगढ़ के गांव किशनगढ़ के कॉज-वे, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के कॉज-वे और मक्खनमाजरा कॉज-वे के लिए फिलहाल चंडीगढ़ प्रशासन की कोई मजबूत तैयारी नहीं है. इन कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज में बदलने का प्रशासन का फिलहाल कोई इरादा नहीं है. नतीजतन इन तीनों कॉज-वे पर तेज बारिश के दौरान सुखना लेक के फ्लड गेट खुलने पर इन मार्गों को बंद किए जाने की स्थिति बनती रहेगी. हालांकि, बापूधाम-शास्त्री नगर कॉज-वे पर भी फिलहाल और एक वर्ष यह स्थिति बनी रह सकती है, जब तक हाई लेवल ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता। 

     

  • हरियाणा के सफाई कर्मचारियों को बड़ी राहत, 60 साल तक सुरक्षित होगी नौकरी

    हरियाणा के सफाई कर्मचारियों को बड़ी राहत, 60 साल तक सुरक्षित होगी नौकरी

    चंडीगढ़
     हरियाणा में पालिका रोल पर काम कर रहे सफाई कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नायब सिंह सैनी सरकार ने इन कर्मचारियों को हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज (सर्विस की सुनिश्चितता) एक्ट, 2024 के दायरे में लाने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के हजारों सफाई कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

    सरकार के इस निर्णय के लागू होने के बाद पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों की सेवा 60 वर्ष की आयु तक सुरक्षित हो सकेगी। यानी कर्मचारियों को बार-बार नौकरी खत्म होने या सेवा जारी रहने को लेकर अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ेगा। 60 वर्ष की उम्र को उनकी सेवानिवृत्ति की आयु के तौर पर माना जाएगा।

    नियमित कर्मचारियों जैसी मिलेंगी कई सुविधाएं
    इस व्यवस्था के तहत पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को 2024 के संबंधित अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कई वित्तीय और सेवा संबंधी लाभ मिलने का रास्ता खुलेगा। ये लाभ काफी हद तक नियमित कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं के समान होंगे। इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और सेवा शर्तों में सुधार आने की उम्मीद है।

    हजारों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
    हरियाणा सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ पालिका रोल पर काम करने वाले हजारों सफाई कर्मचारियों को मिल सकता है। लंबे समय से सेवा कर रहे कर्मचारियों के लिए नौकरी की स्थिरता एक अहम मुद्दा रही है। अब उन्हें 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा मिलने से भविष्य को लेकर चिंता कम होने की उम्मीद है।

    सफाई कर्मचारी संगठनों के लिए अहम फैसला
    सरकार के इस कदम को सफाई कर्मचारी संघ और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेवा सुरक्षा के साथ वित्तीय और अन्य सेवा लाभ मिलने से कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, फैसले को पूरी तरह लागू करने के लिए संबंधित प्रक्रिया और औपचारिकताओं को पूरा किया जाना बाकी रहेगा।

    सरकार का यह निर्णय पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को संविदा कर्मचारियों से जुड़े सेवा सुरक्षा प्रावधानों के दायरे में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके लागू होने के बाद कर्मचारियों को नौकरी की स्थिरता के साथ कई अन्य सेवा लाभ भी मिल सकेंगे।

  • रांची में अब घर बैठे बुक होंगे सामुदायिक भवन, 6 सितंबर से ऑनलाइन सुविधा शुरू

    रांची में अब घर बैठे बुक होंगे सामुदायिक भवन, 6 सितंबर से ऑनलाइन सुविधा शुरू

    रांची
    अब शहरवासियों को शादी, पारिवारिक समारोह या सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजन के लिए सामुदायिक भवन बुक कराने के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

    निगम ने सामुदायिक भवनों की बुकिंग को ऑनलाइन करने की पहल शुरू की है। पहले चरण में पांच सामुदायिक भवनों को ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है। इनकी बुकिंग छह सितंबर से शुरू हो जाएगी।

    ऑनलाइन सुविधा के तहत लोग घर बैठे भवन की उपलब्धता देख सकेंगे और अपनी सुविधा के अनुसार तारीख का चयन कर बुकिंग करा सकेंगे।

    नगर निगम के अनुसार कुल 16 सामुदायिक भवनों को ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी है। चरणबद्ध तरीके से शेष भवनों को भी इस प्रणाली में शामिल किया जाएगा

    पहले चरण में वार्ड 14 स्थित इंदिरा गांधी चौक, वार्ड 18 स्थित ईस्ट जेल रोड, वार्ड 36 स्थित न्यू पुंदाग, वार्ड 44 स्थित इलासिया कम्युनिटी हाल, पारस टोली और वार्ड 45 स्थित ग्वाला टोली, मजार रोड, डोरंडा के सामुदायिक भवन शामिल हैं।

    इन भवनों का इस्तेमाल विवाह समारोह, सामाजिक व पारिवारिक आयोजन, धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य आयोजनों के लिए किया जा सकेगा।

    दो श्रेणियों में बांटे गए सामुदायिक भवन
    निगम ने सामुदायिक भवनों को उपलब्ध सुविधाओं और क्षमता के आधार पर दो श्रेणियों में बांटा है। स्वर्णरेखा श्रेणी के भवन की बुकिंग के लिए 25 हजार रुपये और वस्तु एवं सेवा कर देना होगा।

    वहीं, पलाश श्रेणी के भवन के लिए 15 हजार रुपये और वस्तु एवं सेवा कर निर्धारित किया गया है। इसके अलावा बुकिंग के समय पांच हजार रुपये की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। निर्धारित शर्तों के अनुसार यह राशि वापस की जाएगी।

    ऐसे कराएं ऑनलाइन बुकिंग
    नागरिक https://apnaranchi.rsccl.in/ पर जाकर सामुदायिक भवनों की उपलब्धता देख सकेंगे। उपलब्ध तारीख में से अपनी पसंद की तिथि चुनकर ऑनलाइन बुकिंग की जा सकेगी।

  • पटना हाईकोर्ट को मिला नया मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस वी. कामेश्वर राव की नियुक्ति

    पटना हाईकोर्ट को मिला नया मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस वी. कामेश्वर राव की नियुक्ति

    पटना
    सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर पटना समेत आठ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की शनिवार को नियुक्ति की गई। एक्स' पर एक पोस्ट में, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रवींद्र वी. घुगे कलकत्ता हाईकोर्ट के प्रमुख होंगे। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है, जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

    सुप्रीम कोर्ट के जज संदीप मेहता द्वारा राजस्थान के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के प्रमुख होंगे। राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

    जानकारी के मुताबिक, जस्टिस वी. कामेश्वर का जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से 1987 में भूगोल में बीए आनर्स और 1990 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। मार्च 1991 में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की प्रधान पीठ में वकालत की।

    बताया जाता है कि जस्टिस वी. कामेश्वर ने वर्ष 1991 में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में अधिवक्ता के तौर पर नामांकन करवाया था। उन्होंने श्रम, मध्यस्थता, संवैधानिक और प्रशासनिक कानूनों से जुड़े मामले में विशेषज्ञता हासिल की है।

  • पंजाब में स्वाइन फ्लू से पहली मौत का दावा, जालंधर में 85 वर्षीय मरीज की संदिग्ध मौत; 220 मामले

    पंजाब में स्वाइन फ्लू से पहली मौत का दावा, जालंधर में 85 वर्षीय मरीज की संदिग्ध मौत; 220 मामले

     जालंधर

    पंजाब में इस साल स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बीच जालंधर में सीजन की पहली संदिग्ध स्वाइन फ्लू मौत दर्ज की गई है. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि 85 वर्षीय मरीज की मौत का वास्तविक कारण अभी पूरी तरह तय नहीं हुआ है. विभाग के अनुसार, अंतिम निष्कर्ष औपचारिक स्वास्थ्य ऑडिट के बाद ही सामने आएगा। 

    राज्य में अब तक 220 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है. इनमें सबसे अधिक मामले लुधियाना और एसएएस नगर (मोहाली) में सामने आए हैं. अगस्त से मामलों में तेजी देखी जा रही है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने के साथ अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन यूनिट स्थापित किए हैं। 

    जालंधर के जमशेर खास के ताजपुर निवासी मूल राज (85) को सांस लेने में तकलीफ के बाद सिविल अस्पताल, जालंधर में भर्ती कराया गया था. उन्हें पहले से क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) की समस्या थी। 

    इलाज के दौरान मौत
    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मूल राज का 2 सितंबर को GMC अमृतसर में H1N1 टेस्ट पॉजिटिव आया था. बाद में इलाज के दौरान शुक्रवार को सिविल अस्पताल, जालंधर में उनकी मौत हो गई. हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक मरीज पहले से COPD समेत अन्य बीमारियों से जूझ रहे थे और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर थी. ऐसे में केवल H1N1 इंफेक्शन को मौत का कारण मानना फिलहाल उचित नहीं होगा। 

    स्वास्थ्य विभाग ने कहा- ऑडिट के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण
    स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मरीज इम्यूनो-कम्प्रोमाइज्ड थे और उन्हें पहले से कई सह-रुग्णताएं (co-morbidities) थीं. इसलिए उनकी मौत का वास्तविक कारण H1N1 था या पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याएं, इसका निष्कर्ष औपचारिक स्वास्थ्य ऑडिट के बाद ही निकाला जाएगा। 

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने भी शुक्रवार को कहा कि H1N1 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष सामने आया स्ट्रेन अभी तक नया या म्यूटेटेड स्ट्रेन नहीं पाया गया है. मंत्री के मुताबिक, जालंधर में 85 वर्षीय मरीज की मौत की वजह स्वाइन फ्लू होने की संभावना कम है। 

    पंजाब में 220 पॉजिटिव मामले, लुधियाना सबसे आगे
    स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अब तक 1,513 संदिग्ध मरीजों की स्वाइन फ्लू के लिए जांच की गई है. इनमें से 220 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. अकेले शुक्रवार को 14 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। 

    जिलेवार आंकड़ों में-

    लुधियाना — 72 मामले
    एसएएस नगर (मोहाली) — 36 मामले
    पटियाला — 16 मामले
    मोगा — 11 मामले
    जालंधर — 10 मामले
    रोपड़ — 9 मामले

    फाजिल्का — 1 मामला

    बाकी जिलों में संक्रमित मरीजों की संख्या 2 से 8 के बीच है.

    अगस्त से बढ़ने लगे मामले
    स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पंजाब में स्वाइन फ्लू के मामलों में हालिया बढ़ोतरी अगस्त से देखने को मिल रही है. मामलों में वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में निगरानी और जांच व्यवस्था को मजबूत किया है। 

    प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन यूनिट स्थापित किए गए हैं, ताकि संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान, जांच और आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा सके। 

    चार जिलों में सबसे ज्यादा असर
    आंकड़ों के मुताबिक, लुधियाना और एसएएस नगर राज्य में सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं. इनके बाद पटियाला, मोगा और जालंधर में भी मामले सामने आए हैं. हालांकि, राज्य के कई अन्य जिलों में संक्रमण के मामले अभी एकल अंक में हैं. स्वास्थ्य विभाग H1N1 की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और लोगों से लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सा सहायता लेने की अपील की जा रही है। 

    स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ी, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं
    स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, फिलहाल इस साल सामने आए H1N1 स्ट्रेन में किसी नए या म्यूटेटेड स्वरूप की पुष्टि नहीं हुई है. जालंधर में हुई मौत को भी स्वास्थ्य विभाग ने अभी “संदिग्ध स्वाइन फ्लू मृत्यु” के तौर पर दर्ज किया है. ऐसे में राज्य में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और अस्पतालों की तैयारी महत्वपूर्ण हो गई है, लेकिन उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर मृतक की मौत को सीधे स्वाइन फ्लू से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी। 

  • 500 अरब डॉलर का फूड प्रोसेसिंग सेक्टर, वैश्विक खाद्य बाजार में दबदबा बढ़ाने को तैयार भारत

    500 अरब डॉलर का फूड प्रोसेसिंग सेक्टर, वैश्विक खाद्य बाजार में दबदबा बढ़ाने को तैयार भारत

     नई दिल्ली
     वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) के नक्शे पर भारत एक बड़ी शक्ति बनकर उभरने की राह पर है। मूल्य-संवर्धन (वैल्यू एडिशन), अत्याधुनिक तकनीक और मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के बूते भारतीय खाद्य व पेय उद्योग दुनिया भर में अपनी धक जमाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    दिल्ली में एक कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के उप कृषि विपणन सलाहकार डॉ. जेपी डोंगरे ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 500 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 41 लाख करोड़ रुपये) के विशाल अनुमानित मूल्य के साथ यह क्षेत्र न केवल देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे रहा है, बल्कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में भारत का दबदबा भी कायम कर रहा है।

    डॉ. जेपी डोंगरे के अनुसार, एक दशक पहले देश में खाद्य प्रसंस्करण का स्तर महज तीन से चार प्रतिशत था, जो आज बढ़कर 16–17 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। जबकि, सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 से 2047 तक खाद्य प्रसंस्करण स्तर को बढ़ाकर 25–30 प्रतिशत तक पहुंचाना है।

    फसल कटाई के बाद के नुकसान पर लग रहा लगाम
    देश में हर साल होने वाले लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये के फसल कटाई के बाद नुकसान को आधुनिक भंडारण और कोल्ड-चेन अवसंरचना के माध्यम से आर्थिक मूल्य में बदलने की योजना है। इसी तरह, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना' (पीएमएफएमई) के तहत पिछले पांच वर्षों में करीब दो लाख सूक्ष्म उद्यमियों को औपचारिक क्षेत्र से जोड़ा गया है।

    आर्गेनिक निर्यात में तेजी
    वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का आर्गेनिक निर्यात 665.97 मिलियन डालर (लगभग 5,500 करोड़ रुपये) के स्तर को पार कर गया है।

    उत्तर भारत खाद्य व उद्योग के लिए विकास का महत्वपूर्ण केंद्र
    कार्यक्रम के आयोजक व कोइलमेस्से प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक मिलिंद दीक्षित ने कहा कि उत्तर भारत खाद्य एवं उद्योग के लिए विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। मजबूत कृषि आधार और विविध प्रसंस्करण क्षमता के कारण यह क्षेत्र घरेलू के साथ-साथ वैश्विक बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण है।

    मुंबई में सजेगा वैश्विक महाकुंभ: 'अनुगा 2026'
    भारतीय खाद्य क्षेत्र की इस बढ़ती हनक के बीच 29 सितंबर से एक अक्टूबर तक मुंबई के बाम्बे एग्जिबिशन सेंटर में 'अनुगा सिलेक्ट इंडिया' और 'अनुगा फूडटेक इंडिया 2026' का 19वां संस्करण आयोजित होने जा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित इसके कर्टेन-रेजर कार्यक्रम में डा. जे.पी. डोंगरे ने कहा कि सरकार आधुनिक मशीनरी, पैकेजिंग और कोल्ड-चेन नेटवर्क के लिए वित्तीय सहायता देकर निर्यात बढ़ाने पर जोर दे रही है।

    विदेशी ब्रांड्स की पहली पसंद बना मेड इन इंडिया
    भारतीय उपभोक्ताओं के बदलते मिजाज और खाद्य आयात पर बात करते हुए फोरम ऑफ इंडियन फूड इंपोर्टर्स के संस्थापक अमित लोहानी ने बताया कि लगभग 30 प्रतिशत सदस्य कंपनियां अब ज्वाइंट वेंचर के जरिए भारत में ही इतालवी पास्ता, फ्रेंच बटर और बेल्जियन बिस्कुट जैसे अंतरराष्ट्रीय उत्पाद तैयार कर निर्यात कर रही हैं।

    ब्राजीलियाई कॉफी और इक्वाडोरियन क्विनोआ की बढ़ती मांग भारत में 100 से 500 मिलियन डालर तक के वैश्विक निवेश को आकर्षित करने के संकेत दे रही है। आगामी भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से आयात-निर्यात को और गति मिलेगी।

    एआई और स्मार्ट पैकेजिंग से मिलेगी वैश्विक बढ़त
    ऑल इंडिया फूड प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राघव जाडली के अनुसार, कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता और प्रतिस्पर्धी उत्पादन लागत भारत की सबसे बड़ी ताकत है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), आटोमेशन और स्मार्ट पैकेजिंग तकनीक से भारतीय खाद्य निर्माता उत्पादन लागत घटाकर वैश्विक बाजार में सीधी चुनौती दे सकेंगे।

     

  • राजस्थान निकाय चुनाव में BJP का ‘महाराष्ट्र मॉडल’, 10 नगर निगम जीतने के लिए माइक्रो मैनेजमेंट

    राजस्थान निकाय चुनाव में BJP का ‘महाराष्ट्र मॉडल’, 10 नगर निगम जीतने के लिए माइक्रो मैनेजमेंट

    जयपुर
     राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा ने इस बार ऐसा चुनावी प्रयोग किया है, जिसकी झलक अब तक मुख्य रूप से विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ही देखने को मिलती रही है। पार्टी ने प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों को एक साथ जीतने के लक्ष्य के साथ 'महाराष्ट्र मॉडल' की तर्ज पर चुनावी माइक्रो मैनेजमेंट तैयार किया है। इसके तहत महाराष्ट्र के करीब 20 विधायक-विधान परिषद सदस्य और बड़े नेताओं को अलग-अलग निगमों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि इनके साथ करीब 25-25 विशेषज्ञों की टीमें भी मैदान में उतारी गई हैं। इस पूरी रणनीति की कमान महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को दी गई है।

    क्र. सं.    नगर निगम    कुल वार्ड
    1            जयपुर          150
    2            जोधपुर        100
    3              कोटा          100
    4            अजमेर         80
    5           बीकानेर         80
    6           उदयपुर         80
    7          भीलवाड़ा        70
    8          भरतपुर          65
    9           अलवर            65
    10          पाली               65
    कुल       10 नगर निगम    855

    60 लाख से ज्यादा मतदाताओं पर रहेगी नजर
    भाजपा ने राजस्थान के जिन दस नगर निगमों को इस बार अपने सबसे बड़े चुनावी टारगेट में शामिल किया है, उनमें कुल 855 वार्ड आते हैं। इन दसों नगर निगम क्षेत्रों में 60 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। खास बात यह है कि इन निगमों के 855 वार्ड प्रदेश में मौजूद कुल वार्डों का करीब 9 प्रतिशत हिस्सा हैं।

    यही आंकड़ा भाजपा की चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का आकलन है कि अगर इन दस नगर निगमों में मजबूत प्रदर्शन कर जीत हासिल की जाती है, तो इसका राजनीतिक असर और संदेश छोटे निकायों में जीत की तुलना में कई गुना बड़ा होगा। इसी वजह से भाजपा ने इन निगमों को अपने प्रमुख चुनावी लक्ष्य के तौर पर रखा है।

    यह महाराष्ट्र मॉडल
    इस मॉडल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मतदाता तक बार-बार पहुंच बनाना है। हर निगम के लिए अलग मिशन और अलग कमांड सिस्टम तैयार किया गया है। स्थानीय संगठन की रिपोर्ट के साथ बाहर से आई टीम का स्वतंत्र जमीनी फीडबैक सिस्टम तैयार किया गया। सभाओं से ज्यादा घर-घर पहुंच का टारगेट, मतदाताओं का फीडबैक और मौके की स्थिति के आधार पर तत्काल रणनीति बदलने की प्लानिंग।