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  • हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कानूनगो को लगाई फटकार, बोले- ‘जनता की सेवा के लिए हो, थानेदार मत बनो’

    हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कानूनगो को लगाई फटकार, बोले- ‘जनता की सेवा के लिए हो, थानेदार मत बनो’

    सोनीपत.

    लघु सचिवालय में आयोजित जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों के आमजन से रवैये पर सख्त नाराजगी जताई। अवैध कब्जे की एक शिकायत पर सुनवाई करते हुए शिक्षा मंत्री ने कानूनगो को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता की सेवा के लिए हो, थानेदार मत बनो।

    आमजन की सेवा करना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और सम्मानजनक व्यवहार के साथ जनता की समस्याओं का समयबद्ध व पारदर्शी समाधान करने को कहा।

    कुल आठ शिकायतों का जिक्र
    शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बैठक के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित 16 शिकायतों की एक-एक कर गंभीरता से सुनवाई की। इनमें 8 नई और 8 लंबित शिकायतें थी। शिक्षा मंत्री ने 8 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर शिकायतकर्ताओं को राहत प्रदान की, इनमें चार नई और चार लंबित शिकायतें शामिल रही। वहीं, शेष 8 मामलों में संबंधित विभागों के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में उन्होंने पांच शिकायतों के निवारण के लिए विधायकों की अध्यक्षता में कमेटी नियुक्त की ताकि जल्द से जल्द शिकायतों का निवारण हो सके।

    अवैध कब्जों की शिकायतों पर लिया कड़ा रुख
    गांव प्रीतमपुरा के अनिकेत ने शिकायत दी थी कि उनके प्लाट व गली की पैमाइश की शिकायत दी थी। आरोप है कि मौके पर कोई अधिकारी नहीं आया और झूठी रिपोर्ट बनाकर शिकायत को बंद किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने लापरवाही बरतने पर कानूनगो को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने डीडीपीओ को तहसीलदार के साथ मिलकर जांच करने और तुरंत कब्जा हटवाने के निर्देश दिए।

    बिजली बिल की शिकायत पर मंत्री की नाराजगी
    गन्नौर के गांव पीपली खेड़ा की रहने वाली ओमपती ने शिकायत दी कि मैं हर बार बिजली बिल समय पर भरती हूं। 6 जुलाई को बिजली निगम के कर्मचारी आए और यह कहकर बिजली मीटर उखाड़ दिया कि तीन महीने से बिजली बिल नहीं भरा, जबकि सारे बिल भरे हुए हैं और रसीद भी है। बिजली निगम के अधिकारियों ने कहा कि एवरेज बिल आया है, जिस पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि जो बिल भेजा गया है, जब वह समय पर भर दिया तो मीटर क्यों उखाड़ा गया, क्या मजाक लगा रखा है। उन्होंने तुरंत बिजली मीटर लगाने के निर्देश दिए। अधिकारी ने कहा कि मीटर पहले ही लगा दिया है। बिजली बिल संबंधी अन्य मामलों की सुनवाई करते हुए शिक्षा मंत्री ने उपायुक्त को बिजली निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थायी समाधान निकालने के निर्देश दिए।

    इन मामलों में कार्रवाई के दिए निर्देश
    गांव जाटी कलां निवासी शकुंतला की गैर कानूनी तरीके से पैतृक संपति को हड़पने से संबंधित शिकायत की जांच करने के लिए राई से विधायक कृष्णा गहलावत, सोनीपत से विधायक निखिल मदान, विधायक खरखौदा पवन खरखौदा की अध्यक्षता में कमेटी नियुक्त की, जिसमें अतिरिक्त उपायुक्त व चार ग्रीवेंश सदस्यों को भी शामिल किया और कहा कि अगली बैठक तक रिपोर्ट सौंपे। अखंड हिन्दू स्वाभिमान के अध्यक्ष मनीष की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विधायक निखिल मदान व डीसीपी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की और खान कालोनी में अवैध कब्जों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    गांव बाघडू निवासी दीपचंद ने शिकायत दी कि एक निजी कंपनी द्वारा खुले में दूषित पानी छोड़ा जा रहा है और वायु प्रदूषण किया जा रहा है। इस पर कार्रवाई करते हुए उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देश दिए कि वहां जाकर जांच करें और कंपनी मालिक को नोटिस दें कि वे सरकार द्वारा बनाए गए नियमों पर ही कार्य करें अन्यथा कार्रवाई करें। गांव राठधाना के रहने वाले जगवंत सिंह ने शिकायत दी कि दिल्ली निवासी व्यक्ति ने नौकरी लगवाने के नाम पर 15 लाख रुपये लिए और वे वापस नहीं दे रहा। शिक्षा मंत्री ने विधायक निखिल मदान और ग्रीवेंश मेंबर को जांच करने के निर्देश दिए।

    लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त : शिक्षा मंत्री
    "प्रदेश सरकार सुशासन, पारदर्शिता व जवाबदेही के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है। अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर कटवाने के बजाय मौके पर ही राहत दी जाए। बैठक में विधायक कृष्णा गहलावत, निखिल मदान, पवन खरखौदा, जिला परिषद चेयरपर्सन मोनिका दहिया, पुलिस आयुक्त ममता सिंह और उपायुक्त नेहा सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।"
    – महिपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री

  • राहुल के ‘हेलो अंकल अमरिंदर’ से सियासी हलचल, कांग्रेस में वापसी की अटकलें तेज

    राहुल के ‘हेलो अंकल अमरिंदर’ से सियासी हलचल, कांग्रेस में वापसी की अटकलें तेज

    चंडीगढ़.

    दिल्ली में आयोजित जेन-जी संवाद कार्यक्रम के दौरान भाजपा के पसंदीदा नेताओं में कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लेकर राहुल गांधी ने नई चर्चा छेड़ दी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं उनके साथ आसानी से घुल-मिल जाता हूं।

    वह बेहद सहज हैं और सैन्य इतिहास के विशेषज्ञ हैं, इसलिए मुझे पसंद हैं। हैलो अंकल अमरिंदर…। ’राहुल के इस बयान के सामने आते ही कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में संभावित वापसी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।

    कैप्टन अमरिंदर सिंह का आया रिएक्शन
    इसी बीच, कैप्टन अमरिंदर सिंह समाचार एजेंसी पीटीआई से फोन पर कहा कि राहुल का उनके बारे में अच्छा बोलना अच्छा लगा। उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी मेरे सहपाठी और मित्र थे। मेरे व्यक्तिगत और पारिवारिक संबंध राहुल और उनकी मां सोनिया गांधी के साथ हमेशा रहेंगे, राजनीतिक रूप से वह भाजपा के प्रति प्रतिबद्ध हैं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
    राहुल गांधी ने कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी साझा किया। इससे एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई कि कैप्टन की कांग्रेस में वापसी हो सकती है। यह चर्चा पहले भी तब शुरू हुई थी जब कैप्टन ने कहा था कि कांग्रेस में फैसले उनसे पूछकर होते थे, लेकिन भाजपा में ऐसा नहीं है। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब पंजाब कांग्रेस गुटबाजी से जूझ रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने एक दिन पहले ही लुधियाना में कहा था कि एक सप्ताह के भीतर राहुल गांधी कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी विधायक राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि यदि कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस में लौटते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा। कांग्रेस नेता परगट सिंह भी कह चुके हैं कि कैप्टन के अनुभव का लाभ पार्टी को मिल सकता है।

  • ग्राम निगहरी से निकली कांवड़ यात्रा, नर्मदा तट मालपुर से जल लेकर कासिया धाम में करेंगे भोलेनाथ का जलाभिषेक

    ग्राम निगहरी से निकली कांवड़ यात्रा, नर्मदा तट मालपुर से जल लेकर कासिया धाम में करेंगे भोलेनाथ का जलाभिषेक

    ग्राम निगहरी से निकली कांवड़ यात्रा, नर्मदा तट मालपुर से जल लेकर कासिया धाम में करेंगे भोलेनाथ का जलाभिषेक

    उमरिया
    जिले के ग्राम निगहरी से कांवड़ यात्रियों एवं ग्रामीण श्रद्धालुओं का जत्था भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए नर्मदा तट मालपुर घाट, जिला डिंडोरी के लिए रवाना हुआ। कांवड़िया मालपुर घाट से पवित्र नर्मदा जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए सोमवार को ग्राम निगहरी स्थित कासिया धाम पहुंचेंगे, जहां भगवान भोलेनाथ को नर्मदा जल अर्पित कर जलाभिषेक किया जाएगा।

    कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं द्वारा कांवड़ यात्रियों के लिए भोजन, स्वल्पाहार एवं जलपान की व्यवस्था की गई है। कांवड़ यात्री भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं।

    श्रावण मास में आयोजित इस धार्मिक यात्रा को लेकर ग्राम निगहरी सहित आसपास के क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। सोमवार को कासिया धाम में कांवड़ियों द्वारा नर्मदा जल से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया जाएगा।

     

  • पंजाब में नशे के खिलाफ बड़ा अभियान, गांव-गांव पहुंची पुलिस; 39 हजार जनसभाओं से बना जन आंदोलन

    पंजाब में नशे के खिलाफ बड़ा अभियान, गांव-गांव पहुंची पुलिस; 39 हजार जनसभाओं से बना जन आंदोलन

    चंडीगढ़.

    पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही 'युद्ध नशेयां विरुद्ध' मुहिम अब केवल तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं रही है। पंजाब पुलिस ने लोगों को सीधे इस अभियान से जोड़ने के लिए गांवों, शहरों और शिक्षण संस्थानों में बड़े स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया है।

    एक मार्च 2025 से पांच अगस्त 2026 तक राज्यभर में 39,236 पुलिस-जन बैठकें आयोजित की गई हैं। पुलिस का दावा है कि इन बैठकों के जरिए नशे के खिलाफ अभियान को जन आंदोलन का रूप देने में मदद मिली है। जानकारी के अनुसार, सबसे अधिक 25,328 बैठकें विलेज डिफेंस कमेटियों और वार्ड डिफेंस कमेटियों के सदस्यों के साथ हुई हैं। इन बैठकों में लोगों को अपने क्षेत्र में नशा तस्करी की सूचना तुरंत पुलिस तक पहुंचाने, युवाओं को नशे से दूर रखने और नशा पीड़ितों को नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। राज्य में इस समय करीब 13 हजार विलेज डिफेंस कमेटियां सक्रिय हैं, जिनमें लगभग 1.25 लाख स्वयंसेवक शामिल हैं। इनमें गांवों के बुजुर्ग, सेवानिवृत्त सैनिक, पूर्व पुलिस कर्मी, शिक्षक और अन्य सम्मानित नागरिक शामिल हैं।

    युवाओं के साथ हुई 10 हजार से अधिक बैठकें
    युवाओं को नशे से बचाने के उद्देश्य से पंजाब पुलिस ने स्कूलों, कालेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में 10,605 जागरूकता बैठकें भी आयोजित की हैं। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और गलत संगत से बचने के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही किसी भी संदिग्ध नशा गतिविधि की सूचना पुलिस को देने के लिए भी प्रेरित किया गया। इसके अलावा युवाओं पर विशेष फोकस करते हुए 3,303 संपर्क बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रबुद्ध लोगों ने युवाओं से सीधा संवाद कर नशे को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने, नशा मुक्ति, उपचार और पुनर्वास की सुविधाओं की जानकारी दी।

    समाज के हर वर्ग भी बराबर भागेदारी जरूरी
    डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने या तस्करों की गिरफ्तारी से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज के हर वर्ग की बराबर भागीदारी जरूरी है। पंजाब पुलिस संगठित नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, लेकिन स्थायी सफलता तभी मिलेगी जब आम लोग भी जागरूक होकर इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बढ़ता विश्वास लोगों को नशे से जुड़ी सूचनाएं साझा करने के लिए भी प्रेरित कर रहा है। 

    हर वार्ड तक पहुंची नशा विरोधी मुहिम
    अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, नीलाभ किशोर ने कहा कि पंजाब पुलिस ने इस अभियान को कक्षाओं से लेकर गांवों और शहरी वार्डों तक पहुंचा दिया है। हर दिन पांच जिलों में बड़े स्तर पर पुलिस-जन बैठकें आयोजित की जा रही हैं। बड़ी बैठकों की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी करते हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर थाना प्रभारी लोगों से संवाद करते हैं। कई स्थानों पर लोगों की भारी भागीदारी के कारण बैंक्वेट हाल और बड़े सामुदायिक भवनों में कार्यक्रम आयोजित करने पड़ रहे हैं। पंजाब पुलिस का मानना है कि कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता और सामाजिक भागीदारी ही नशे के खिलाफ इस अभियान को स्थायी सफलता दिला सकती है। इसी रणनीति के तहत गांव-गांव और हर वार्ड तक पहुंच बनाकर लोगों को इस लड़ाई का सक्रिय भागीदार बनाया जा रहा है।

  • दिल्ली में बारिश ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड, 7 डिग्री गिरा पारा; गुरुग्राम में आज रेड अलर्ट

    दिल्ली में बारिश ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड, 7 डिग्री गिरा पारा; गुरुग्राम में आज रेड अलर्ट

    नई दिल्ली

    दिल्ली में अगस्त के पहले हफ्ते में हुई बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है. दिल्ली में 2011 के बाद अगस्त के पहले हफ्ते में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. दिल्ली में आईटीओ, प्रगति मैदान, छतरपुर, पुष्प विहार, सफदरजंग समेत सभी बड़े मौसम केंद्रों में जोरदार बारिश शुक्रवार रात दर्ज की गई. अगस्त महीने के पहले सात दिनों में दिल्ली में 127 मिमी बारिश हुई. शुक्रवार रात तक दिल्ली में लगातार बारिश होती रही. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शहर में शुक्रवार को 15 सालों में अगस्त के पहले हफ़्ते में सबसे ज्यादा बारिश हुई. दिल्ली में तापमान में 7 डिग्री तक कमी आई है. IMD ने शुक्रवार को दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया था. दिल्ली के कई मौसम केंद्रों ने दिन भर में 100 mm से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की. जबकि गुरुग्राम में आज भारी बारिश का रेड अलर्ट है. कंपनियों को अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश दिया गया है। 

    दिल्ली में इतनी बारिश की वजह क्या
    दिल्ली में भारी बारिश के पीछे सक्रिय मॉनसून ट्रफ का असर रहा है. यह ट्रफ दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य इलाकों से गुजरते हुए पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैला है. IMD मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार को दिल्ली में बारिश कम होने की उम्मीद है. अगले दो दिनों में शहर में हल्की बारिश का अनुमान है. मौसम विभाग ने आसमान में बादल छाये रहने और दिन भर भारी बारिश का अनुमान लगाया था. इसमें मध्यम से भारी बारिश की संभावना थी. बारिश का यह दौर 10 अगस्त तक जारी रहने का अनुमान है.पिछले दो दिनों में हुई भारी बारिश के कारण दिल्ली के ज्यादातर मुख्य मौसम केंद्रों पर अगस्त की बारिश सामान्य से काफी ज्यादा हो गई है। 

    कहां कितनी बारिश हुई
    मयूर विहार में रात 10.30 बजे तक 64 मिमील, पूसा में 67.5 मिमी, जफरपुर में 16, नारायणा में 64.5 मिमी, जनकपुरी में 72 मिमी, प्रगति मैदान में 55.7 मिमी, नजफगढ़ में 43, पीतमपुरा में 56 और पुष्प विहार में 150.5 मिमी, जरोदा कलान में 70 और छतरपुर में 134 मिमी बारिश हुई.मौसम विभाग के अनुसार, भारी बारिश की वजह सक्रिय मॉनसून ट्रफ़ और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र का असर था। 

        सफदरजंग में 7 अगस्त तक सामान्य 56.9 मिमी की जगह 89.7 मिमी बारिश, जो सामान्य से 58 फीसदी ज्यादा 
        लोधी रोड पर 56.9 मिमी के मुकाबले 111.7 मिमी बारिश रही जो सामान्य से 96 प्रतिशत ज्यादा है.
        रिज में सामान्य 51.9 मिमी के मुकाबले 94.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 82 फीसदी ज्यादा है
        आयानगर में 37.1 मिमी के मुकाबले 124.3 मिमी बारिश, सामान्य से 235 प्रतिशत ज्यादा
        पालम में बारिश सामान्य से कम रही. सामान्य 53.8 मिमी की जगह 50.8 मिमी बारिश 

    तापमान सात डिग्री तक गिरा
    अगस्त में तेज बारिश वाले दिनों की संख्या भी ज्यादा रही है. लगातार बारिश से दिल्ली-NCR में तापमान 7 डिग्री तक नीचे आ गया. अधिकतम तापमान 26.7 से 27.5 डिग्री के बीच रहा, जो 7.3 डिग्री तक कम है. सफदरजंग में अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री रहा, जो सामान्य से 6.7 डिग्री कम है. आयानगर सबसे कम तापमान 26.7 डिग्री रहा, जो सामान्य से 7.3 डिग्री नीचे था.सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री रहा जो सामान्य से 1.3 डिग्री नीचे था. पालम में 23.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3.6 डिग्री कम है। 

  • नमो भारत का नया हाईस्पीड रूट तैयार, नोएडा-गाजियाबाद से गुरुग्राम और जेवर तक दौड़ेगी रैपिड रेल

    नमो भारत का नया हाईस्पीड रूट तैयार, नोएडा-गाजियाबाद से गुरुग्राम और जेवर तक दौड़ेगी रैपिड रेल

    गाजियाबाद

    Ghaziabad Jewar Airport Namo Bharat Corridor Latest Update: नोएडा के जेवर एयरपोर्ट, गुरुग्राम और फरीदाबाद को जोड़ने वाले 64 किलोमीटर लंबे नमो भारत कॉरिडोर की DPR को हरी झंडी मिल गई है. ये पूरे दिल्ली-एनसीआर को हाईस्पीड कनेक्टिविटी देगा. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को फरीदाबाद और गुरुग्राम से जोड़ने वाले नमो भारत ट्रेन कॉरिडोर डीपीआर को मेरठ कमिश्नर की अध्यक्षता वाली समिति ने स्वीकृति दी है.इस रिपोर्ट को यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार के पास और फिर केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. यूपी और हरियाणा के बीच नमो भारत का ये कॉरिडोर एनसीआर के बड़े शहरों को जोड़ने के साथ एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को आसान बनाएगा। 

        64 किलोमीटर लंबाई
        51 किलोमीटर हरियाणा में
        13 किमी उत्तर प्रदेश में 
        19,390 करोड़ की लागत
        7 नमो भारत स्टेशन 
        15 मेट्रो स्टेशन बनेंगे

    सूरजपुर में नमो भारत का इंटरचेंज
    गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट नमो भारत कॉरिडोर ग्रेटर नोएडा का सूरजपुर इलाका नमो भारत का इंटरचेंज हब बनेगा. यहां से गाजियाबाद नोएडा एयरपोर्ट रूट और गुरुग्राम-फरीदाबाद रूट आपस में मिलेंगे. सूरजपुर से नोएडा सेक्टर 168,142 से फरीदाबाद (सेक्टर 87-88 और बाटा चौक) होते हुए ग्वाल पहाड़ी जाएगी. वहां से सेक्टर 58-61 के रास्ते गुरुग्राम के इफ्को चौक पर जाकर खत्म होगा.गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार से होते हुए सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा और दनकौर होते हुए सीधे जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से ये कॉरिडोर जुड़ेगा। 

    नमो भारत ट्रेन का मेट्रो जैसा रिंग रोड मॉडल
    नमो भारत यानी रैपिड रेल नेटवर्क एनसीआर के लिए आर्बिटल रेल या किसी इलाके के चारों ओर घूमने वाली रिंग रोड की तरह काम करेगा. इससे गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच डायरेक्ट रेल कनेक्टिविटी कायम होगी.सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घट जाएगा. नमो भारत रूट का करीब 80 फीसदी यानी 51 किमी हरियाणा में होने से फरीदाबाद और गुरुग्राम के आवासीय और कमर्शियल इलाकों को जेवर एयरपोर्ट तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिल जाएगी। 

    गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन कॉरिडोर में प्रॉपर्टी की डिमांड और बढ़ सकती है. औद्योगिक क्षेत्रों और एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी से रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा होंगे। 

    दिल्ली एनसीआर को हाईस्पीड कनेक्टिविटी
    ग्रेटर नोएडा सूरजपुर पूरे कॉरिडोर का मेन जंक्शन बनेगा. गाजियाबाद-नोएडा एयरपोर्ट रूट और गुरुग्राम-फरीदाबाद रूट यहीं इंटरकनेक्ट होंगे. दिल्ली मेरठ नमो भारत रूट से भी ये गाजियाबाद के जरिये जुड़ा रहेगा. ऐसे में एनसीआर के आसपास के बड़े शहरों को हाईस्पीड रेल नेटवर्क का फायदा मिलेगा. इस लाइन पर 7 नमो भारत स्टेशनों के साथ 15 लोकल मेट्रो स्टेशन होने से लास्ट माइल कनेक्टिविटी भी मौजूद होगी. इससे दिल्ली मेट्रो और फरीदाबाद, गुरुग्राम के रैपिड मेट्रो स्टेशनों को भी कनेक्ट किया जाएगा। 

  • पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप-2047 की विकास योजना को अंतिम रूप देने की तैयारी

    पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप-2047 की विकास योजना को अंतिम रूप देने की तैयारी

    पटना
    पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की प्रारूप विकास योजना-2047 को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय परामर्श बैठक हुई।

    नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से आयोजित बैठक में बिहार शहरी आयोजना एवं विकास बोर्ड के सदस्यों और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

    बैठक का उद्देश्य प्रस्तावित टाउनशिप के समग्र विकास के लिए सभी संबंधित विभागों से सुझाव प्राप्त करना था। अधिकारियों ने योजना को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया।

    रोजगार से लेकर स्वास्थ्य तक, एक ही टाउनशिप में पूरी सुविधा
    बैठक में विकास आयुक्त ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण कई ग्रामीण क्षेत्र शहरों का रूप ले रहे हैं, लेकिन वहां योजनाबद्ध आधारभूत सुविधाओं का विकास नहीं हो पा रहा है।

    ऐसे में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप जैसी परियोजनाएं भविष्य के सुनियोजित और सुविधायुक्त शहरों का मॉडल बन सकती हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रस्तावित टाउनशिप को केवल आवासीय परियोजना नहीं माना जाना चाहिए। इसमें रोजगार, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, हरित क्षेत्र और अन्य नागरिक सुविधाओं का बेहतर समन्वय होना जरूरी है, ताकि लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़े।

    टीओडी और स्मार्ट शहरी व्यवस्था पर भी फोकस
    बैठक के दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने प्रारूप विकास योजना-2047 की विस्तृत प्रस्तुति दी।

    इसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर की विकास नीति, क्षेत्रीय योजना, भूमि उपयोग और सामाजिक आधारभूत संरचना से जुड़े प्रस्तावों की जानकारी दी गई।

    प्रस्तुति में यातायात व्यवस्था, ट्रांजिट आधारित विकास (टीओडी), आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूल विकास को भी योजना का हिस्सा बताया गया। डिजिटल सुविधाओं और स्मार्ट शहरी व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया।

    सभी विभागों के सुझाव से बनेगी अंतिम योजना
    बैठक में निवेश रणनीति और टाउनशिप के चरणबद्ध कार्यान्वयन को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि अलग-अलग विभागों की जरूरतों और सुझावों को समाहित कर विकास योजना को व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाया जाएगा।

    विभागों ने दिए विकास को लेकर अहम सुझाव
    बैठक में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने सुझाव दिए।

    इन सुझावों के आधार पर पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की प्रारूप विकास योजना-2047 को और बेहतर बनाया जाएगा।
    इसके बाद योजना को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • ई-केवाईसी नहीं कराई तो देवघर में एलपीजी उपभोक्ताओं पर बढ़ेगी परेशानी

    ई-केवाईसी नहीं कराई तो देवघर में एलपीजी उपभोक्ताओं पर बढ़ेगी परेशानी

    देवघर
    अब तक ई-केवाईसी नहीं कराने वाले घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ सकती है। 15 अगस्त तक अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी नहीं कराया तो सरकार और तेल कंपनियों के निर्देशानुसार निर्धारित तिथि के बाद उन्हें घरेलू दर की बजाय व्यावसायिक (कामर्शियल) दर पर गैस सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है। जिसकी कीमत घरेलू सिलेंडर से दोगुनी से भी अधिक होती है।

    इतना ही नहीं संबंधित उपभोक्ता का गैस कनेक्शन अस्थायी रूप से ब्लाक या आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर रद भी किया जा सकता है। यह नियम सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर भी समान रूप से लागू होगा।

    यह जानकारी तारा इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर पवन कुमार, शिवम इंडेन के राजेश रोशन, बाबा इंडेन के अशोक यादव व बैद्यनाथ इंडेन के राजेश रंजन ने दी है।

    42561 एलपीजी उपभोक्ताओं ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया
    बताया कि जिला में लगभग 42561 एलपीजी उपभोक्ताओं ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया है। बताया कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया बेहद सरल है। उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन से इंडियन आयल वन एप के माध्यम से घर बैठे निश्शुल्क फेस आथेंटिकेशन कर ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं।

    इसके अलावा वे अपनी गैस एजेंसी या एलपीजी डिलीवरी कर्मी की सहायता से भी यह प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने और जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरा कराने की अपील की गई है, ताकि गैस आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए।

    जिला में किस एजेंसी के पास कितने उपभोक्ताओं ने नहीं कराया है ई-केवाईसी
    अब ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 42561 है। जिसमें बाबा इंडेन के 4439, बैद्यनाथ इंडेन के 4093, बासुकीनाथ इंडेन के 3293, जया इंडेन ग्रामीण वितरक के 5850, कैलाश गैस सर्विस के 1431, कनकी इंडेन ग्रामीण वितरक के 263 उपभोक्ता शामिल हैं।

    खुशमहेश्वरी इंडेन ग्रामीण वितरक के 1431, महामाया इंडेन ग्रामीण वितरक के 416, राउत इंडेन ग्रामीण वितरक 2733, शिवम इंडेन के 3485, तारा इंटरप्राइजेज के 7505 व उदय इंडेन ग्रामीण वितरक के 7594 उपभोक्ता शामिल हैं।

     

  • राजस्थान में खाद-बीज कारोबार आसान, उर्वरक लाइसेंस के लिए आयु सीमा खत्म

    राजस्थान में खाद-बीज कारोबार आसान, उर्वरक लाइसेंस के लिए आयु सीमा खत्म

    जयपुर
    माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है।

    उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत खुदरा उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र प्राप्त करने के लिए भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स अनिवार्य है। राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया को और सरल एवं सुलभ बनाने के उद्देश्य से अधिकतम आयु सीमा की शर्त को विलोपित कर दिया है। इससे अधिक से अधिक योग्य व्यक्ति इस प्रशिक्षण में भाग ले सकेंगे।

    अब ग्राम सेवा सहकारी समितियों (जीएसएस) तथा क्रय-विक्रय सहकारी समितियों (केवीएसएस) के व्यवस्थापकों के लिए विशेष रूप से 15 दिवसीय प्रमाण पत्र प्रशिक्षण आयोजित कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। कृषि आयुक्तालय के आदेशानुसार संबंधित जिले के केवीके, कृषि विश्वविद्यालय एवं मान्यता प्राप्त संस्थानों पर 32 व्याख्यान ऑनलाइन तथा 10 प्रैक्टिकल ऑफलाइन के माध्यम से यह प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

    इससे संबंधित समितियों के उन व्यवस्थापकों को, जो अभी तक इस कोर्स से वंचित रहे हैं, शीघ्र प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जाएगा, ताकि वे खुदरा उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र प्राप्त कर सकें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में उर्वरक की उपलब्धता सुगम होगी, सहकारी समितियों का व्यवसाय सुदृढ़ होगा तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक समय पर मिल सकेगा। संस्थाओं द्वारा ऑनलाइन ट्रेनिंग एवं आयु सीमा हटाने की लंबे समय से मांग की जा रही थी

    यह पहल मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में “आपणो अग्रणी राजस्थान” की भावना के अनुरूप है, जिसमें कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल के मार्गदर्शन में कृषि विभाग सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाकर व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी एवं सुलभ बना रहा है।

    राज्य सरकार का यह कदम नियामकीय आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ साथ सहकारी समितियों के लिए व्यवसाय करने को आसान बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

  • हरियाणा गेस्ट टीचर्स नियमितीकरण मामला, हाईकोर्ट ने सरकार को दिया निर्देश

    हरियाणा गेस्ट टीचर्स नियमितीकरण मामला, हाईकोर्ट ने सरकार को दिया निर्देश

    चंडीगढ
    हाईकोर्ट की एकल बेंच द्वारा 25 मई को गेस्ट टीचर को नियमित करने व समस्त लाभ देने के आदेश के विरुद्ध सरकार की अपली का हाई कोर्ट ने निपटारा कर दिया। कोर्ट ने सरकार को कहा कि अगर गेस्ट टीचर सुप्रीम कोर्ट की मदन सिंह जजमेंट और 3 साल की पॉलिसी से कवर होते है, तो इनको दो महीने में नियमित करने पर सरकार विचार करे।

    अपील में याचिकाकर्ताओं की तरफ से कहा कि वर्ष 2006 ले कर अब तक अनेक बार हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट ने गेस्ट टीचर्स के संदर्भ में व्यापक फैसले दिए हुए है। जिनके बारे में हाईकोर्ट को गेस्ट टीचर्स व सरकारी पक्ष ने मामले की सुनवाई के दौरान नहीं बताया और कोर्ट से तथ्यों को छुपाया गया, जिसके चलते कोर्ट ने गेस्ट टीचर्स को समस्त लाभ सहित रेगुलर करने का ऑर्डर कर दिया। सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि एकल बेंच में सही पक्ष को नहीं सुना गया और आदेश में संशोधन जरूरी है।

    ज्ञात रहे कि इस मामले में एक पुनर्विचार याचिका भी हाई कोर्ट में विचाराधीन है। पुनर्विचार याचिका में बताया गया है कि हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के अनेक फैसलों के मद्देनजर नियमित भर्ती पूरी होने के बाद गेस्ट टीचर्स को सेवा से मुक्त करने के आदेशों की पालना करने की बजाय सरकार ने इनको 58 साल तक की सेवा सुरक्षा देने का भी 2019 में एक्ट बना दिया। इस मामले पर आगामी सुनवाई 9 सितम्बर को होगी।

    गौरतलब है कि हुड्डा सरकार में वर्ष 2005-2006 में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 3 महीनों के लिए शिक्षण हेतु गेस्ट टीचर्स रखने की नीति बनाई गई थी और स्कूल मुखिया के स्तर पर ही गांव के ही युवाओं को प्राथमिकता देते हुए नियुक्ति हुई थी। इन नियुक्तियों में स्कूल मुखियाओं द्वारा अनियमितताएं किए जाने के भी काफी मामले सामने आये थे और विभागीय जांच में 719 से ज्यादा गेस्ट टीचर्स की नियुक्तियों में अनियमितता मिली थी।