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  • कांग्रेस के 150 सीटों के दावे पर IP सिंह का तंज, बोले- 403 सीटों पर लड़ो चुनाव

    कांग्रेस के 150 सीटों के दावे पर IP सिंह का तंज, बोले- 403 सीटों पर लड़ो चुनाव

    नई दिल्ली
    समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने के दावे पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि लुटियंस कांग्रेसियों यूपी की 403 सीटों पर चुनाव लड़ो, अगली 5 पुश्तों से अब कभी कोई तथाकथित गांधी PM नहीं बनेगा. 1989 से गांधी परिवार को PM की कुर्सी नसीब नहीं हुई न आगे कई दशकों तक होगी. सिंह यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि सभी कांग्रेसी दिल्ली में बैठकर दिन में मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखते हैं.

    राहुल गांधी को राजनीति में आए ढाई दशक बीत गए हैं: सिंह
    सिंह ने कहा कि लुटियंस कांग्रेस के स्वयंभू रणनीतिकारों से सीधा सवाल है…अगर यूपी में कांग्रेस का इतना ही जनाधार है, तो 403/403 सीटों पर अकेले चुनाव लड़कर अपनी ताकत क्यों नहीं आजमाते? कब तक गठबंधन की बैसाखियों और राजनीतिक इवेंटबाजी के सहारे जनता को भ्रमित करने की कोशिश होती रहेगी? राहुल गांधी को राजनीति में आए ढाई दशक बीत गए. पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन कांग्रेस आज भी वही सवालों के घेरे में खड़ी है. आखिर हासिल क्या हुआ?

    जनता के बीच संगठन कितना मजबूत हुआ? कार्यकर्ताओं को जमीन पर कितनी ताकत मिली? सिर्फ कैमरे, मंच और बड़े-बड़े बयान राजनीति में जनाधार नहीं बनाते. जनाधार सड़क पर संघर्ष, बूथ पर संगठन और जनता के बीच लगातार मौजूदगी से बनता है. और रही कांग्रेस-भाजपा के कथित ‘पैक्ट’ की बात—तो यह आरोप नहीं, जनता के सामने उठ रहा एक राजनीतिक सवाल है.

    कांग्रेस स्पष्ट  करे अपनी राजनीति: सिंह
    कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी राजनीति वास्तव में किसके लिए और किस दिशा में है. सपा मध्य प्रदेश में 120 सीटों पर अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी, जिसके लिए कैंडिडेट का चयन शुरू हो चुका है. अंततः फैसला मंच नहीं, जनता की अदालत करती है. विनाश काले विपरीत बुद्धि.

    आपको बता दें कि 2024 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस और सपा ने मिलकर लड़ा था. ऐसे में यह  गठबंधन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी जारी रहने की उम्मीद है. हालांकि, दोनों ही पार्टियों में कुछ सीटों को लेकर खींचतान देखने को मिल रही है. वहीं आईपी सिंह के बयान से सपा-कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ने पर घमासान मच सकता है. जबकि अखिलेश यादव पहले ही अपनी पार्टी के नेताओं को कांग्रेस के खिलाफ इस तरह की बयान बाजी न करने की हिदायत दे चुके हैं. 

  • श्री चरणी ने रचा इतिहास, 817 रेटिंग के साथ बनीं नंबर-1 T20I गेंदबाज

    श्री चरणी ने रचा इतिहास, 817 रेटिंग के साथ बनीं नंबर-1 T20I गेंदबाज

    नई दिल्ली
    इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने मंगलवार को महिला खिलाड़ियों की ताजा रैंकिंग जारी की है। भारत की श्री चरणी ने महिला T20I बॉलिंग रैंकिंग में 817 रेटिंग तक पहुंचकर इतिहास पलट दिया है। वह इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रेटिंग हासिल करने वाली गेंदबाज बन गई हैं। 22 वर्षीय स्पिनर चरणी ने ऑस्ट्रेलिया की मेगन शुट्ट का 8 आठ साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा है। मेगन ने 2018 में 806 रेटिंग पॉइंट्स हासिल किए थे। चरणी ने हाल ही में टीम को आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जिताने और एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने एशिया कप में 12 विकेट चटकाए। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 20 रन देकर चार शिकार किए थे। उन्होंने एशियन गेम्स में जापान के खिलाफ अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 10 रन खर्च करने के बाद चार विकेट झटके थे और भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया। चरणी ने 22 सितंबर को गोल्ड मेडल मैच में श्रीलंका के खिलाफ दो विकेट लिए।

    स्मृति मंधाना की टॉप 5 में एंट्री
    दीप्ति शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ फानल में तीन विकेट चटकाए थे। वह T20I बॉलिंग रैंकिंग में दूसरे पायदान पर कायम हैं। हालांकि, उनके 754 पॉइंट्स हो गए हैं। इंग्लैंड की सोफी एक्लेस्टोन (723) तीसरे स्थान पर हैं। वहीं, T20I बल्लेबाजों की सूची में स्मृति मंधाना टॉप 5 में वापस आ गई हैं। वह 754 अकों के साथ पांचवें नंबर पर हैं। बाएं हाथ की ओपनर ने गोल्ड मेडल मैच में 45 गेंदों में 79 रन बनाए थे, जिसमें पांच चौके और सात छक्के हैं। मंधाना की सलामी जोड़ीदार शेफाली वर्मा (शेफाली वर्मा) चौथे नंबर पर बरकरार हैं। उन्होंने फाइनल में 29 गेंदों में 48 रनों का योगदान दिया था। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बेथ मूनी (785) शीर्ष पर काबिज हैं। उनके बाद ऑस्ट्रेलिया की जॉर्जिया वोल (779) और साउथ अफ्रीका की लॉरा वोल्वार्ड्ट (766) हैं।

    महिला T20I गेंदबाजों की रैंकिंग में सबसे ज्यादा रेटिंग
    प्लेयर                    देश                     रेटिंग
    श्री चरणी                 भारत                  817
    मेगन शुट्ट              ऑस्ट्रेलिया           806
    सोफी एक्लेस्टोन      इंग्लैंड                  802
    शबनीम इस्माइल    साउथ अफ्रीका        781
    शेली नित्शके            ऑस्ट्रेलिया           780

    महिला वनडे रैंकिंग में भी हुए बदलाव
    तीन मैचों की सीरीज अभी 1-1 से बराबरी पर है। वेस्टइंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज 711 पॉइंट्स के साथ वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में तीन पायदान चढ़कर चौथे स्थान पर पहुंच गईं। उन्होंने पहले वनडे में 182 रनों की रिकॉर्ड पारी खेली थी। उनकी टीम की साथी रियालेना ग्रिमंड (270 पॉइंट्स) 34 स्थान ऊपर संयुक्त रूप से 102वें स्थान पर आ गईं। सीरीज के दूसरे मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ़ शानदार जीत दिलाने में जिम्बाब्वे की न्याशा ग्वांजुरा वनडे महिला बॉलिंग रैंकिंग में 52 स्थान चढ़कर 156वें ​​स्थान पर पहुंच गईं। उन्होंने नाबाद 18 रन बनाए और करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 33 रन देकर 4 विकेट लिए। जिम्बाब्वे की मोडेस्टर मुपाचिकवा ने बैटिंग रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई। वह 86 और 38 रन की पारी के बाद बनाने के बाद 16 स्थान ऊपर करियर के सर्वश्रेष्ठ 40वें स्थान पर पहुंच गईं। फ्रांसिस्का चिपारे 26 स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त रूप से 123वें स्थान पर आईं। वेस्ट इंडीज की अश्विनी मुनिसार (23 स्थान ऊपर संयुक्त रूप से 84वें पर) और आलिया एलेन (8 स्थान ऊपर चढ़कर 58वें पर) ने भी सुधार किया।

  • तटबंध का कुछ हिस्सा टूटने से बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

    तटबंध का कुछ हिस्सा टूटने से बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

    कुशीनगर
     नेपाल से अधिक पानी आने के चलते कुशीनगर जिले में सोमवार देर रात जवहीं दयाल (चैनपट्टी) के ततवा टोला के पास नारायणी नदी के एपी तटबंध का कुछ हिस्सा टूटने के बाद स्थिति का निरीक्षण करने और पानी से घिरे गांवों के प्रभावितों की मदद के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्राउंड जीरो पर पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की, लंच पैकेट और राहत सामग्री का वितरण किया और सबको आश्वस्त किया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार उनके साथ मुस्तैदी से खड़ी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जलशक्ति मंत्री और सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया कि स्थिति सामान्य होने के बाद नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन का कार्य कराया जाए ताकि तटबंध और इसके आसपास के गांव सुरक्षित रहें।

    सोमवार रात तटबंध टूटने की जानकारी होने के बाद से ही सीएम योगी, हालात पर नजर बनाए रखने के साथ ही अधिकारियों को दिशानिर्देश देते रहे। मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की श्रद्धांजलि सभा समाप्त होते ही खुद भी मौके पर आ गए। उन्होंने हवाई सर्वेक्षण कर तटबंध और इसके कुछ हिस्से के टूटने से प्रभावित हुए क्षेत्रों का जायजा लिया। तटबंध के गांवों में जाकर ग्रामीणों से मुलाकात की। ऊंचे स्थानों पर शरण लिए ग्रामीणों के बीच जाकर उन्होंने लंच पैकेट और बच्चों को चॉकलेट वितरित किए। इसके बाद वह सेवरही क्षेत्र के इंटर कॉलेज बेदुपार पहुंचे और बाढ़ प्रभावित लोगों का दुख दर्द साझा करते हुए राहत सामग्री का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार उनके साथ हैं।

    राहत सामग्री का वितरण करने के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि चार दिनों तक मूसलाधार बारिश के बाद प्रदेश और देश के विभिन्न क्षेत्रों में त्रासदी का सामना करना पड़ा है। जैसे-तैसे चार दिन व्यतीत हुए लेकिन नेपाल में अतिवृष्टि होने से भारी पैमाने पर जल नीचे आ गया। सामान्य दिनों में तीन से चार लाख क्यूसेक पानी नारायणी में आता है लेकिन कल अचानक यह साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी आ गया। इसके कारण एपी तटबंध से सटे कई गांवों में पानी आ गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी जानकारी होते ही तत्काल ही बचाव और राहत कार्य बड़े पैमाने पर शुरू कर दिए गए। यहां एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमों के साथ ही पीएसी की फ्लड यूनिट को भी लगाया गया है। प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी कल से ही राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी रात में ही यहां आ गए। इसके साथ ही सांसद देवरिया शशांक मणि त्रिपाठी, सांसद कुशीनगर विजय दूबे, विधायक डॉ. असीम कुमार और सुरेंद्र कुशवाहा भी लगातार सहयोग करने में जुटे हुए हैं।

    सीएम योगी ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार सभी पीड़ितों के साथ है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के लिए 5000 पैकेट राहत सामग्री की व्यवस्था कर दी गई है। इस राहत सामग्री में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 2 किलो दाल, आलू, लाई, चना, तेल, मसाला, नमक, बाल्टी सहित कुल 35 आइटम हैं, जिनका वजन 50 किलो है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह तय किया है कि भरपूर सहायता देने के साथ ही जनहानि पर तत्काल चार लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। जिनके मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत तत्काल एक नया आवास उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है। जिनके क्षतिग्रस्त मकान मरम्मत योग्य हैं, उन्हें भी मरम्मत के लिए धनराशि दी जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 15-16 गांवों में बड़े पैमाने पर धान, गन्ना, सब्जी जैसी फसलों के नुकसान होने की आशंका है। इसे लेकर प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि सर्वे कराकर 10 दिनों में मुआवजा उपलब्ध करा दिया जाए। बाढ़ के चलते जो सड़कें खराब हैं उनके भी मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने पर एपी तटबंध को मजबूत करने के लिए निर्देश दिए गए हैं ताकि यह फिर से न टूटने पाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को क्षेत्र में अगले 5-6 दिनों तक लगातार मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही यह निर्देश भी दिए गए हैं कि सभी पीएससी, सीएससी में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन देने की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति की जान हमारे लिए महत्वपूर्ण है।

    उन्होंने कहा कि जलशक्ति मंत्री और प्रमुख सचिव सिंचाई को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है कि स्थिति सामान्य होने के बाद नारायणी नदी की ड्रेसिंग कर उसे चैनेलाइज किया जाए। इससे नदी अपनी राह खुद बना लेगी और यह क्षेत्र सुरक्षित हो जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, कुशीनगर के सांसद विजय दूबे, विधायक डॉ. असीम कुमार, सुरेंद्र चौरसिया आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

  • -बैंकिंग, इंश्योरेंस, फार्मा और मेडिकल से लेकर खेल पत्रकारिता तक के विकल्पों की मिली जानकारी

    -बैंकिंग, इंश्योरेंस, फार्मा और मेडिकल से लेकर खेल पत्रकारिता तक के विकल्पों की मिली जानकारी

    ग्रेटर नोएडा
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का मंगलवार को समापन हुआ तो कारोबार और निवेश के साथ युवाओं के लिए खुली करियर की नई संभावनाएं भी इसकी बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आईं। एक्सपो में आए युवाओं को सिर्फ उत्पादों और कंपनियों की जानकारी नहीं मिली, बल्कि विभिन्न विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम, मेडिकल और फार्मा क्षेत्र के नए अवसर, बैंकिंग व बीमा क्षेत्र में करियर, इंटर्नशिप और कौशल विकास की संभावनाओं से भी परिचित होने का मौका मिला। यही वजह रही कि पांच दिन चले ट्रेड शो में बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं के लिए यह आयोजन ‘देखो, जानो और करियर की दिशा चुनो’ का मंच भी बन गया।

    एक्सपो में 160 से अधिक निजी व सरकारी विश्वविद्यालयों, राष्ट्रीयकृत व निजी बैंकों तथा इंश्योरेंस कंपनियों ने भागीदारी की। पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक सहित बैंकों ने युवाओं को बैंकिंग सेवाओं के साथ इस क्षेत्र में करियर के लिए जरूरी कौशल और अवसरों की जानकारी दी। इंश्योरेंस कंपनियों ने भी युवाओं को इस क्षेत्र में रोजगार की बदलती संभावनाओं से परिचित कराया।

    ट्रेड शो आकर पास में ही मिला स्पोर्ट्स जर्नलिज्म का विकल्प
    मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय, मेरठ का पवेलियन युवाओं के लिए खास आकर्षण रहा। नई दिल्ली से आई उत्तरा सक्सेना ने बताया कि उन्होंने स्पोर्ट्स जर्नलिज्म को करियर विकल्प के रूप में चुना है, लेकिन यहां आकर पता चला कि घर से कुछ ही दूरी पर मेरठ में स्थित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय में इससे जुड़ा पाठ्यक्रम उपलब्ध है।

    विश्वविद्यालयों के पवेलियन में राजश्री मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट, बरेली, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ समेत प्रदेश के कई संस्थानों ने अपने पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। युवाओं को मेडिकल शिक्षा के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों से भी परिचित कराया गया। फार्मा कंपनियों ने दवा उद्योग में काम करने के लिए जरूरी स्किल्स, नए क्षेत्र और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी युवाओं को दी। इससे विद्यार्थियों को मेडिकल क्षेत्र में पारंपरिक विकल्पों के अलावा फार्मा, रिसर्च, उत्पादन और अन्य क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला।
    ट्रेड शो की यह तस्वीर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की उस सोच से भी जुड़ती है, जिसमें उत्तर प्रदेश को निवेश और उद्योग के साथ कौशल, शिक्षा और रोजगार के अवसरों का केंद्र बनाने पर जोर दिया जा रहा है। एक्सपो में कंपनियों और शिक्षण संस्थानों की मौजूदगी ने युवाओं को यह समझने का अवसर दिया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद करियर के रास्ते केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं।
    समापन के दिन ट्रेड शो से लौटते युवाओं के हाथ में जहां कंपनियों और संस्थानों की जानकारी थी, वहीं कई के पास अपने भविष्य को लेकर नए विकल्प भी थे। यही इस आयोजन का वह पक्ष रहा, जिसने व्यापार मेले को युवाओं के लिए करियर और कौशल की पाठशाला का रूप दिया।

  • महानदी जल विवाद पर अमित शाह की बड़ी बैठक, साय-माझी होंगे शामिल

    महानदी जल विवाद पर अमित शाह की बड़ी बैठक, साय-माझी होंगे शामिल

    रायपुर.

    महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच बातचीत अब महत्वपूर्ण दौर में पहुंच गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 1 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की उच्चस्तरीय बैठक होने की संभावना है।

    इसकी जानकारी ओडिशा के महाधिवक्ता पितांबर आचार्य ने दी है। इसी बीच विधानसभा का मौजूदा सत्र समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के रायपुर आने और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात करने की भी संभावना है।

    मुख्यमंत्री साय ने CM माझी से की थी मुलाकात
    बता दें कि इससे पहले 20 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से उनके निवास पर शिष्टाचार भेंट की थी। इस दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास, जनकल्याण सहित दोनों राज्यों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सौहार्दपूर्ण और सार्थक चर्चा हुई थी। सीएम साय ने महानदी जल विवाद के संबंध में कहा कि लंबे समय से चले आ रहे इस विषय के समाधान की दिशा में अब सकारात्मक वातावरण बना है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा, दोनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है। केंद्र सरकार के सहयोग और दोनों राज्यों की सकारात्मक पहल से इस विषय का बहुत जल्द समाधान निकलने की उम्मीद है।

  • निवेशकों ने मत्स्य पालन, फीड मिल, कोल्ड चेन, हैचरी, बीज उत्पादन तथा वैल्यू एडिशन व निर्यात के क्षेत्र में दिखाई रुचि

    निवेशकों ने मत्स्य पालन, फीड मिल, कोल्ड चेन, हैचरी, बीज उत्पादन तथा वैल्यू एडिशन व निर्यात के क्षेत्र में दिखाई रुचि

    नोएडा
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (आईटीएस-2026) में मत्स्य विभाग को 600.20 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों में कोल्ड चेन क्षेत्र में सर्वाधिक 509.20 करोड़, फीड मिल क्षेत्र में 51 करोड़, मत्स्य पालन क्षेत्र में 13.80 करोड़, हैचरी एवं बीज उत्पादन क्षेत्र में 6.20 करोड़ तथा वैल्यू एडिशन एवं निर्यात के क्षेत्र में 20 करोड़ के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं।

    फिश व्हाइट, बीवीजी इंडिया समेत कई निवेशकों ने दिखाई रुचि
    इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में फिश व्हाइट, बीवीजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, बेंगलुरु तथा पीवीआर एक्वा, व्हाइट फिश वाराणसी सहित विभिन्न प्रमुख निवेशकों एवं उद्यमियों द्वारा निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में मत्स्य उत्पादन, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की उपलब्धता, आधुनिक हैचरी, फीड उत्पादन, शीत श्रृंखला तथा मूल्य संवर्धित मत्स्य उत्पादों के क्षेत्र में कार्य करने में रुचि व्यक्त की।

    मत्स्य क्षेत्र में निवेश के लिए उपलब्ध हैं अनेक अवसर
    मत्स्य विभाग की महानिदेशक धनलक्ष्मी के. ने बताया कि विभाग द्वारा निवेशकों को प्रदेश में मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए उपलब्ध निवेश अवसरों, विभागीय योजनाओं तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई गई। विभाग का उद्देश्य निजी निवेश के माध्यम से मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना, आधुनिक मत्स्य अवसंरचना का विकास करना तथा मत्स्य उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं विपणन को प्रोत्साहित करना है।

    उद्यमियों के लिए सशक्त मंच बना यूपीआईटीएस
    उन्होंने बताया कि ट्रेड शो में मत्स्य विभाग की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी/ स्टॉल निवेशकों, उद्यमियों, विद्यार्थियों एवं मत्स्य पालकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश में मत्स्य पालन तथा इससे जुड़े सहायक क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश संभावनाओं, आधुनिक तकनीकों, उत्पादन, प्रसंस्करण, शीत श्रृंखला, हैचरी एवं गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उत्पादन तथा मूल्य संवर्धन के अवसरों की जानकारी प्रदान की गई।

    निवेश की संभावनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
    ट्रेड शो के दौरान विभिन्न निवेशकों एवं उद्यमियों ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों से संवाद कर प्रदेश में मत्स्य क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान निवेशकों द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं, संभावित निवेश, तकनीकी आवश्यकताओं तथा परियोजनाओं के संभावित क्षेत्रों के संबंध में जानकारी साझा की गई। इन चर्चाओं के परिणामस्वरूप मत्स्य क्षेत्र के विभिन्न उप-क्षेत्रों में कुल 600.20 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

  • MP Cabinet: 58 लाख बच्चों को ड्रेस के ₹600, अग्निवीरों को 20% आरक्षण

    MP Cabinet: 58 लाख बच्चों को ड्रेस के ₹600, अग्निवीरों को 20% आरक्षण

    भोपाल.

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। प्रदेश सरकार ने स्कूली छात्रों, अग्निवीरों और राज्य के विकास कार्यों को लेकर बड़े निर्णय लिए हैं, जिनमें कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को ड्रेस के स्थान पर नगद राशि देना और वर्दीधारी पदों पर अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देना प्रमुख है।

    58 लाख विद्यार्थियों के खातों में डीबीटी से आएंगे 600 रुपये
    कैबिनेट बैठक में स्कूली शिक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब प्रदेश में कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस (गणवेश) के स्थान पर 600 रुपये की नगद राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे छात्रों या उनके अभिभावकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाएगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 58 लाख विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।

    अग्निवीरों को वर्दीधारी पदों की भर्ती में 20% आरक्षण
    सेना में अपनी सेवाएं देने वाले अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से भी कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। राज्य में पुलिस, वन विभाग और अन्य वर्दीधारी पदों पर होने वाली सरकारी भर्तियों में अब अग्निवीरों को 20 प्रतिशत का सीधा आरक्षण दिया जाएगा।

    दमोह-कटनी मार्ग और छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज को मंजूरी
    बैठक में बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा हुई। कैबिनेट ने कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण कार्य को अपनी मंजूरी प्रदान की है। इसके साथ ही, छिंदवाड़ा मेडिकल साइंस कॉलेज के निर्माण के लिए भी पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है, जिससे क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी।

  • उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह

    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह

    ग्रेटर नोएडा
    केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब पुराने ‘कट्टा उद्योग’ से नहीं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल और फाइटर जेट जैसे आधुनिक रक्षा उत्पादन से हो रही है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, एक्सप्रेसवे, हवाई संपर्क और औद्योगिक विकास में हुए बदलावों ने उत्तर प्रदेश को नई आर्थिक पहचान दी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और उत्तर प्रदेश इस शक्ति का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक क्षमता अब पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा उत्पादन, आधुनिक विनिर्माण, निर्यात और तकनीक के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं सामने आ रही हैं।

    कट्टा उद्योग से ब्रह्मोस और फाइटर जेट तक बदली पहचान
    गिरिराज सिंह ने उत्तर प्रदेश की बदलती औद्योगिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय प्रदेश को ‘कट्टा उद्योग’ के संदर्भ में देखा जाता था, लेकिन आज यहां ब्रह्मोस मिसाइल और फाइटर जेट जैसे आधुनिक रक्षा उत्पादों के निर्माण की चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक एवं रक्षा क्षेत्र की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, सड़क एवं हवाई संपर्क और औद्योगिक ढांचे ने निवेश तथा कारोबार के लिए नए अवसर तैयार किए हैं। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन और कारोबारी गतिविधियों को सुविधा मिल रही है।

    ओडीओपी ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ा
    केंद्रीय मंत्री ने एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से जिलों के विशिष्ट उत्पादों, कारीगरों और उद्यमियों को बाजार से जोड़ने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस जैसे आयोजन स्थानीय उत्पादों को देश और दुनिया के खरीदारों तक पहुंचाने के लिए मंच उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बनारस की साड़ी, मुरादाबाद का पीतल, भदोही का कालीन, लखनऊ की चिकनकारी सहित प्रदेश के विभिन्न उत्पादों की अपनी विशिष्ट पहचान है। इन उत्पादों को आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और वैश्विक बाजार से जोड़ने की आवश्यकता है।

    यूपीआईटीएस ने कारोबार के लिए उपलब्ध कराया वैश्विक मंच
    गिरिराज सिंह ने यूपीआईटीएस में हुई बी2बी बैठकों और कारोबारी गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन ने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों, प्रदर्शकों और देश-विदेश के खरीदारों को एक मंच पर लाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है और निर्यात, विनिर्माण तथा एमएसएमई क्षेत्र की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

    ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर जोर
    केंद्रीय मंत्री ने भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और निर्यात में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की वैश्विक आर्थिक भूमिका बढ़ रही है। उन्होंने ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने के लिए एथनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा आयात पर होने वाले खर्च को कम करना आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए वैकल्पिक और स्वदेशी ऊर्जा स्रोतों का विस्तार आवश्यक है।

    वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका
    गिरिराज सिंह ने ब्रिक्स सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक संवाद में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने युवाओं की क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश के विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक मजबूती का प्रभाव देश की समग्र अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। प्रदेश में उद्योग, निर्यात, एमएसएमई और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है।

    यूपीआईटीएस की सफलता के लिए आयोजकों को दी बधाई
    केंद्रीय मंत्री ने यूपीआईटीएस-2026 के आयोजन से जुड़े अधिकारियों, विभिन्न विभागों, इंडिया एक्सपो मार्ट, उद्यमियों, कारीगरों, प्रदर्शकों और देश-विदेश से आए खरीदारों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय आयोजन ने उत्तर प्रदेश के उत्पादों, उद्यमशीलता, हस्तशिल्प और औद्योगिक क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर दिया है। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए यूपीआईटीएस-2026 को सफल बनाने में योगदान देने वाली पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, राज्य मंत्री एमएसएमई हंसराज विश्वकर्मा, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, सचिव प्रांजल यादव, कमिश्नर उद्योग के. विजयेंद्र पांडियन, विशेष सचिव एमएसएमई शिशिर और अपर कमिश्नर उद्योग रोहित आनंद मौजूद रहे।

     

  • युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धाजंलि सभा में बोले गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ

    युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धाजंलि सभा में बोले गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ

    गोरखपुर
    गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1949 में अयोध्या स्थित श्री रामजन्मभूमि पर रामलला का प्रकटीकरण श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध हुआ। आज जब अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बन गया है तो रामद्रोहियों को अयोध्या का वैभव बर्दाश्त नहीं हो रहा है। सभी रामभक्तों, सनातन धर्मावलंबियों को आज के कालनेमियों से सावधान रहना होगा। हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, इसमें किसी को किसी प्रकार का भ्रम या संशय नहीं होना चाहिए।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार (आश्विन कृष्ण तृतीया) को गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धाजंलि समारोह के अंतर्गत महंत दिग्विजयनाथ की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य मंदिर, काशी में बाबा विश्वनाथ का भव्य धाम, विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी धाम का वैभव, प्रयागराज के दिव्य कुंभ और वृंदावन के वैष्णव कुंभ को देखकर सनातन से चिढ़ने वाले दुष्प्रचार करेंगे, भ्रम पैदा करेंगे। सभी सनातनियों को इसके लिए सतर्क और जागरूक रहना होगा। ये रामद्रोही व सनातनद्रोही आज के दौर के कालनेमि हैं। रामायण कालखंड में जब रामभक्त हनुमान जी संजीवनी बूटी लेने जा रहे थे तब कालनेमि ने छद्म रूप में उन्हें रोकने की कोशिश की थी। हनुमान जी ने उसे पहचान लिया था। वर्तमान दौर में भी रामभक्तों, सनातन धर्मावलंबियों को आज के कालनेमियों से सावधान रहना होगा। हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, इसमें किसी प्रकार का भ्रम या संशय नहीं होना चाहिए। अयोध्या व काशी में आई भव्यता सही दिशा में चलने का ही परिणाम है।

    वैष्णव कुंभ पर बांके बिहारी और राधारानी की कृपा
    सीएम योगी ने 2019 में प्रयागराज के भव्य एवं दिव्य कुंभ आयोजन के बाद वृंदावन में वैष्णव कुंभ के भव्य आयोजन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब यह आयोजन हुआ तो उस समय कोरोना का प्रकोप था। किंतु, बांके बिहारी लाल तथा राधारानी की कृपा से इस आयोजन में कोरोना बाल भी बांका नहीं कर पाया। आध्यात्मिक शक्ति ऐसी ही होती है।

    किसी पंथ-जाति में भेदभाव नहीं करती गोरक्षपीठ
    मुख्यमंत्री ने शैव परंपरा वाली गोरक्षपीठ को संपूर्ण सनातन के लिए समर्पित पीठ बताते हुए कहा कि यह किसी पंथ, संप्रदाय, व्यक्ति या जाति में कोई भेदभाव नहीं करती। किसी पंथ या संप्रदाय की विशिष्ट उपासना पद्धति हो सकती है, लेकिन सबका कल्याण वृहद सनातन धर्म में ही होता है। सनातन की किसी भी शाखा के व्यक्ति को गोरक्षपीठ में वही सम्मान मिलता है, जो उन्हें अपनी पावन परंपरा में मिलता होगा।

    अलग गति से चलना बनेगा दुर्गति का कारण
    सीएम योगी ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम को साकार करने के लिए सभी पंथों, संप्रदायों को एक भाव से, एक स्वर में, एक गति से, एक साथ आगे बढ़ना होगा। यदि 140 करोड़ भारतवासियों में एक साथ चलने का सामर्थ्य हो जाए तो दुनिया की कोई भी ताकत हमारे सामने ठहर नहीं पाएगी। लेकिन, अलग स्वर से बोलना व अलग गति से चलना, दुर्गति का कारण बनेगा।

    दूरदर्शी होते हैं संतों-महापुरुषों के कार्य
    मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों व महापुरुषों को जानने और उनके बारे में पढ़ने से हमेशा नई प्रेरणा मिलती है। ये लोग केवल वर्तमान को नहीं जीते, बल्कि उनके कार्य दूरदर्शी होते हैं। उनके कार्य भविष्य की सुदृढ़ नींव के रूप में भावी जीवन को सुखद और उज्जवल बनाते हैं। सामान्य मनुष्य अपने लिए सोचता है, जबकि महापुरुष समूचे समाज और राष्ट्र कल्याण की भावना रखते हैं। लगभग 95 वर्ष पहले जब देश गुलाम था, साधन व संसाधनों का अभाव था, तब दिग्विजयनाथ जी ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। उन्होंने स्वदेश, स्वधर्म और स्वाभिमान के आदर्श महाराणा प्रताप के नाम पर शिक्षा के प्रकल्प का नामकरण किया। यूपी में पहला राज्य विश्वविद्यालय गोरखपुर में बना और शिक्षा परिषद के दो कॉलेज देकर दिग्विजयनाथ जी महाराज ने उसकी नींव को सुदृढ़ करने का काम किया। उन्हें श्रेय लेने की कोई चाह नहीं थी। तब उन्होंने कहा था कि गोरक्षपीठ हिंदू और लोक कल्याण की पीठ है। इसकी संपत्ति लोकोपयोगी कार्य के लिए ही है।

    महंत जी के कार्य आज भी अनुकरणीय
    शिक्षा क्षेत्र में महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश गुलाम था, तब उन्होंने बालिका महाविद्यालय की स्थापना कर दी थी। संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने संस्कृत महाविद्यालय की स्थापना की। उनका मानना था कि भारत को उसकी परंपरा और विरासत के अनुसार आगे बढ़ाना है। इस निमित्त उन्होंने पीठ के महंत और सासंद के रूप में जो प्रयास किए, वह आज भी अनुकरणीय हैं। एमपी शिक्षा परिषद की 50 से अधिक संस्थाएं आज उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ने का संकल्प ले रही हैं। सीएम ने संस्थाओं का आह्वान किया कि वे सफलता प्राप्ति के लिए संस्थापकों के आदर्शों को कार्यशैली का हिस्सा बनाएं।   

    असाधारण होते हैं संतों के कार्य: स्वामी राजेंद्रदास
    श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए रेवासाधाम वृंदावन से पधारे श्रीमद्जगद्गुरु द्वाराचार्य अग्रपीठाधीश्वर एवं मलूकपीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेंद्रदास देवाचार्य जी महाराज ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ जी महाराज और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की पुण्यस्मृति को नमन करते हुए उन्हें वास्तविक संत बताया। उन्होंने कहा कि संत असाधारण होते हैं और इसलिए उनके द्वारा किए गए सभी कार्य भी असाधारण होते हैं। परमात्मा की कृपा से यदि धरती पर संत, सद्गुरु, ऋषि, महात्मा प्रकट नहीं होते तो मनुष्यता का बोध भी नहीं होता। गोरक्षपीठ अत्यंत पूज्य स्थान है क्योंकि ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी के पावन श्रीचरणों के स्पर्श का लाभ इस भूमि को मिला है। यह भूमि महान मनीषियों के चरण रज से अलंकृत है।

    नाथपंथ की परंपरा के महान वाहक थे दिग्विजयनाथ जी: बालकनाथ
    इस अवसर पर मस्तनाथ पीठ अस्थल बोहर के महंत और राजस्थान विधानसभा के सदस्य बालकनाथ जी महाराज ने कहा कि नाथ परंपरा ने सदैव लोक कल्याण की भावना से समाज को एकजुट रखने का कार्य किया। महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज इसी परंपरा के महान वाहक थे। वास्तविक संत वही है जो शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अनेक जनकल्याणकारी संस्थाओं के माध्यम से लोगों का कल्याण करता है। इसी भाव को ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ जी महाराज और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने चरितार्थ किया। शिक्षा का विकास ही वास्तविक विकास है और गोरक्षपीठ ने सदैव राष्ट्रीयतापरक शिक्षा के प्रसार को आगे बढ़ाया है।  

    लोक कल्याण के प्रति समर्पित रहे दिग्विजयनाथ जी महाराज
    श्रद्धांजलि सभा में श्रीरामजानकी मंदिर वाराणसी से पधारे डॉ. रामकमलदास जी वेदांती महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की साधना लोक और राष्ट्र कल्याण के प्रति समर्पित थी। समाज और राष्ट्र हित में चैतन्य पीढ़ियों के निर्माण के लिए उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की नींव रखी थी। अयोध्या से पधारे जगद्गुरु स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्रीयतापरक मूल्यों और सनातन मानबिंदुओं को प्रतिष्ठित करने का अभियान संकल्पबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया। काशी से पधारे जगद्गुरु श्री विष्णुस्वामी सम्प्रदायाचार्य श्री संतोषाचार्य जी महाराज 'सतुआ बाबा' ने कहा कि गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने धर्म, अध्यात्म के साथ ही शिक्षा के माध्यम से समाज को एकसूत्र में जोड़ने का काम किया। श्रद्धांजलि सभा को आदिशक्ति मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद, गोरखपुर के सदस्य एवं पूर्व कुलपति प्रो. विजय कृष्ण सिंह ने भी संबोधित किया।

     

  • योगी सरकार के प्रयास से गन्ने की खेती में बढ़ेगी ‘मिठास’, 100 टन प्रति हेक्टेयर तक उपज देंगी चार नई किस्में

    योगी सरकार के प्रयास से गन्ने की खेती में बढ़ेगी ‘मिठास’, 100 टन प्रति हेक्टेयर तक उपज देंगी चार नई किस्में

    ग्रेटर नोएडा
     इंटरनेशनल ट्रेड शो में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के स्टॉल पर गन्ने की नवीन उन्नत चार किस्मों का प्रदर्शन किया गया है। उत्तर प्रदेश गन्ना अनुसंधान परिषद (UPCSR) द्वारा विकसित इन किस्मों का उद्देश्य प्रदेश में गन्ने की उत्पादकता और चीनी परता बढ़ाने के साथ किसानों की आय में वृद्धि करना तथा लाल सड़न रोग के प्रभाव को कम करना है। अब योगी सरकार के प्रयास से गन्ने की खेती में ‘मिठास’ बढ़ेगी।

    ट्रेड शो में को.शा. 19231, को.शा. 18231, को.शा. 13235 और को.शा. 17231 किस्मों को प्रदर्शित किया गया है। इन किस्मों की उपज क्षमता लगभग 90 से 100 टन प्रति हेक्टेयर है। इन उन्नत किस्मों में गन्ने के प्रमुख रोग लाल सड़न (रेड रॉट) के प्रति रोगरोधी या प्रतिरोधी प्रवृत्ति भी पाई जाती है। इसके साथ ही इनमें अंकुरण और शुरुआती बढ़वार अच्छी होती है। मिल में पेराई योग्य गन्नों की संख्या भी अधिक होने से गन्ने की उत्पादकता और चीनी उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है।

    इन किस्मों की एक अन्य खासियत अच्छी पेड़ी क्षमता है। पेड़ी फसल का बेहतर उत्पादन होने से किसानों को अगली फसल तैयार करने में लागत कम करने के साथ अच्छा उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। नवीन उन्नत किस्मों के इस्तेमाल से किसानों को बेहतर उत्पादन के साथ गन्ने की खेती को अधिक लाभकारी बनाने में सहायता मिल सकती है।