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  • पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से होसीलाल साहू के घर आया हुआ रोशन

    पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से होसीलाल साहू के घर आया हुआ रोशन

    रायपुर
     
    हर महीने बिजली का बिल आते ही परिवार के बजट की चिंता बढ़ जाती थी। चार से पांच हजार रुपए तक का बिजली बिल चुकाने में घरेलू खर्च का बड़ा हिस्सा चला जाता था। लेकिन अब घर की छत पर सूरज की किरणें केवल रोशनी ही नहीं, बल्कि बचत भी लेकर आ रही हैं। यह बदलाव आया है राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के ग्राम कल्लूटोला निवासी  होसीलाल साहू के जीवन में। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र ने उनके परिवार को बिजली के खर्च से बड़ी राहत दी है।

    साहू बताते हैं कि पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 4 से 5 हजार रुपए तक आता था। परिवार की दूसरी आवश्यकताओं के साथ इतनी बड़ी राशि बिजली बिल पर खर्च करना उनके लिए आर्थिक चुनौती थी। इसी दौरान पंचायत में आयोजित सूर्यसभा के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिली। योजना के लाभ और सौर ऊर्जा से होने वाली बचत के बारे में जानने के बाद उन्होंने अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराने का निर्णय लिया।

    सौर संयंत्र स्थापित करने के लिए  साहू को केन्द्र शासन से 78 हजार रुपए और राज्य शासन से 30 हजार रुपए, इस प्रकार कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी का लाभ मिला। शासन से मिली इस आर्थिक सहायता ने सौर ऊर्जा अपनाने की राह उनके लिए आसान कर दी।घर की छत पर सौर संयंत्र लगने के बाद परिवार के बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है। पहले हर महीने हजारों रुपए के बिजली बिल की चिंता रहती थी, लेकिन अब वही राशि परिवार की दूसरी जरूरतों और बचत में उपयोग हो सकती है। सौर ऊर्जा ने घर की बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथ ही परिवार के मासिक बजट को भी राहत दी है।

    बिजली बिल की चिंता घटी, परिवार में बढ़ी खुशी

     होसीलाल साहू कहते हैं कि सौर संयंत्र लगने से उनके परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। बिजली के बढ़ते खर्च की जो चिंता पहले हर महीने बनी रहती थी, वह अब काफी हद तक कम हो गई है। सूर्य की रोशनी से तैयार होने वाली स्वच्छ ऊर्जा उनके लिए आर्थिक बचत का स्थायी माध्यम बन रही है। साहू ने योजना का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना उनके जैसे सामान्य परिवारों के लिए आर्थिक राहत देने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है।

           प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान के लिए शुभकामनाएं देते हुए  साहू ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब सीधे परिवारों तक पहुंचता है, तो उसका असर उनके दैनिक जीवन में दिखाई देता है।होसीलाल साहू के घर की छत पर लगा सौर संयंत्र आज केवल बिजली पैदा करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बचत, आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक भी बन गया है। कभी बिजली का बिल परिवार के बजट पर बोझ था, आज उसी घर में सूरज की रोशनी आर्थिक राहत और खुशहाली का उजाला बिखेर रही है।

  • प्रधानमंत्री  मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की आत्मीय भेंट

    प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की आत्मीय भेंट

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी से आत्मीय भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रधानमंत्री  मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में जारी विकास कार्यों, जनकल्याणकारी पहलों, उपलब्धियों, निवेश और प्रदेश की प्रगति से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी।

    इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2027 में मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए प्रधानमंत्री  मोदी को आमंत्रित किया। उन्होंने प्रदेश में निवेश के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल वातावरण, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में प्रारंभ की गई ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के संबंध में भी प्रधानमंत्री  मोदी को अवगत कराया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 सितंबर से प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रधानमंत्री  मोदी को दी। उन्होंने अभियान के माध्यम से जनभागीदारी, सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न आयोजनों के बारे में अवगत कराया।

     

  • 8th Pay Commission: कर्मचारियों को हो सकता है ₹3.32 लाख तक का नुकसान, समझें पूरा कैलकुलेशन

    8th Pay Commission: कर्मचारियों को हो सकता है ₹3.32 लाख तक का नुकसान, समझें पूरा कैलकुलेशन

    नई दिल्ली
     देश के 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी बढ़ी हुई सैलरी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों को उम्मीद है कि आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) तय समय यानी 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप देगा।

    एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मंत्रियों का एक समूह आयोग की रिपोर्ट की समीक्षा करेगा। जिसके बाद सरकार आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करेगा। हालांकि, सरकार को रिपोर्ट लागू करने में 3-6 महीने और लग सकते हैं। लेकिन अगर सरकार इसमें देरी करती है, तो कर्मचारियों को भत्तों के रूप में नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    सवाल है कि अगर आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट के नोटिफिकेशन में 17, 20 या 25 महीने की देरी होती है, तो लेवल 7 के कर्मचारियों को कितना नुकसान हो सकता है?
    कर्मचारियों को कब से कब तक का मिलेगा एरियर?

    संशोधित आठवें वेतन आयोग का मूल वेतन 1 जनवरी 2026 से लागू माना जा रहा है। क्योंकि सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया था। इसका मतलब है कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से रिपोर्ट की अधिसूचना की तारीख तक का एरियर मिलेगा। पिछली परंपराओं से पता चलता है कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को एरियर केवल मूल वेतन पर मिलता है, भत्तों पर नहीं। इन भत्तों में महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), परिवहन भत्ता (TPTA) आदि शामिल हो सकते हैं।
    कर्मचारी की ग्रॉस सैलरी में जुड़ते हैं कौन-कौन से भत्ते?

    महंगाई भत्ता यानी DA: सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को साल में दो बार DA में बढ़ोतरी मिलती है, जो जनवरी और जून की महंगाई दर पर आधारित होती है। चूंकि DA साल में दो बार बढ़ता है, इसलिए केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को इस पर एरियर नहीं मिलता है। DA की राशि खुद मूल वेतन के साथ बढ़ती है, जो हर सालाना वेतन वृद्धि के साथ बढ़ती है। लेकिन जब नए वेतन आयोग में वेतन संशोधित किया जाता है, तो कर्मचारियों को नए बढ़े हुए वेतन पर DA मिलता है। इसे जल्दी लागू करने का मतलब है लंबे समय तक ज़्यादा DA मिलना।

    हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA: ग्रॉस सैलरी का एक बड़ा हिस्सा होता है- एचआरए। सातवें वेतन आयोग ने HRA की दरें बेसिक पे का 24% (X शहर के कर्मचारियों के लिए), 16% (Y शहर) और 8% (Z शहर) तय की थीं। जब जनवरी 2024 में DA 50% तक पहुंच गया, तो सरकार ने इन दरों को बढ़ाकर क्रमशः 30%, 20% और 10% कर दिया। चूंकि कर्मचारी की बेसिक पे हर साल सालाना इंक्रीमेंट के साथ बढ़ती है, इसलिए HRA की रकम अपने आप बदल जाती है। इसलिए कर्मचारियों को इस पर कोई एरियर नहीं मिलता। लेकिन ज्यादा फिटमेंट फैक्टर के साथ सैलरी में बदलाव होने पर, HRA की रकम मौजूदा दरों की तुलना में बहुत ज्यादा हो सकती है, जिससे कर्मचारियों को नुकसान हो सकता है।

    ट्रांसपोर्ट अलाउंस यानी TPTA: सातवें वेतन आयोग में TPTA की अलग-अलग रकम तय की गई है, लेकिन कर्मचारियों को इस पर DA भी मिलता है। चूंकि DA हर छह महीने में बदलता है, इसलिए ट्रांसपोर्ट अलाउंस भी बढ़ता है। इसलिए, कर्मचारियों को इस पर एरियर नहीं मिलता। लेकिन TPTA की दरें नए वेतन आयोग में बदली जाती हैं, इसलिए इसे जल्दी लागू करने का मतलब है लंबे समय तक ज्यादा दरें मिलना। ये तीनों अलाउंस लगभग सभी कर्मचारियों के लिए एक जैसे होते हैं। दूसरे कर्मचारियों को भी कुछ तय अलाउंस मिलते हैं, जिन्हें वेतन आयोग में बदला जाता है। हालांकि, उन्हें इन पर एरियर नहीं मिलता।

    लेवल 7 के कर्मचारियों को कितना हो सकता है नुकसान?
    अगर आठवां वेतन आयोग मई 2027, अगस्त 2027 या जनवरी 2028 में लागू होता है, तो लेवल 7 के कर्मचारियों को कितना नुकसान हो सकता है? इन स्थितियों में, उन्हें क्रमशः 17 महीने, 20 महीने और 25 महीने के एरियर का नुकसान होगा। कैलकुलेशन के लिए मान्यताएं इस प्रकार हैं:

    लेवल 7 के कर्मचारी का बेसिक पे- ₹44,900 (7वें वेतन आयोग के अनुसार)

    HRA दर- बेसिक पे का 24% (X शहरों के लिए)

    TPTA = फिक्स्ड TPTA दर (7वें CPC के अनुसार) + DA, यह मानते हुए कि DA मई 2027 तक 65%, अगस्त 2027 तक 67% और जनवरी 2028 तक 70% हो जाएगा।

    8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर = 2.1 (अनुमानित)

    2.1 फिटमेंट फैक्टर पर HRA, TPTA = 2.1 x मौजूदा दरें

    टेबल से समझें कि कर्मचारियों को कितना होगा नुकसान?

     

    सैलरी कंपोनेंट्सवर्तमान राशि
    प्रति माह
    आठवें वेतन आयोग के
    अनुमानित आंकड़े
    रिपोर्ट देरी के कारण
    एरियर में होने वाला नुकसान
    फिटमेंट फैक्टर 2.1x2.1x
    बेसिक सैलरी₹44,900₹94,290₹49,390
    HRA (मूल वेतन का 24%)₹10,776₹22,630₹11,854
    ट्रैवल अलाउंस (TPTA रेट)₹3,600₹7,560₹3,960
    TPTA (65% DA पर)₹5,940₹7,560——
    HRA+TPTA (65% DA पर)₹16,716₹30,190₹13,474
    TPTA (67% DA पर)₹6,012₹7,560₹13,680
    HRA+TPTA (67% DA पर)₹16,788₹30,190₹13,294

    हालांकि, ये आंकड़े अनुमानित हैं। क्योंकि वास्तविक नुकसान का पता तभी चलेगा, जब आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट अधिसूचित की जाएगी।

  • ‘इमरजेंसी लगाने वालों के साथ गलबहियां करते हैं और ज्ञान लोकतंत्र पर देते हैं’, अनिल राजभर ने अखिलेश यादव पर बोला तीखा हमला

    ‘इमरजेंसी लगाने वालों के साथ गलबहियां करते हैं और ज्ञान लोकतंत्र पर देते हैं’, अनिल राजभर ने अखिलेश यादव पर बोला तीखा हमला

    'इमरजेंसी लगाने वालों के साथ गलबहियां करते हैं और ज्ञान लोकतंत्र पर देते हैं', अनिल राजभर ने अखिलेश यादव पर बोला तीखा हमला

    'आपातकाल लगाने वालों के साथ खड़े होकर लोकतंत्र पर ज्ञान देते हैं', मंत्री अनिल राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज, कहा- ये दोहरा चरित्र

    'एक्स्प्रेसवे के नाम पर सपाइयों ने भरी अपनी तिजोरी, लूट का जरिया बनाया', अनिल राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना, कहा- शर्म तो उन्हें आती नहीं

    ‘लोकतंत्र की बात पर जनता हंसेगी’, आपातकाल से एक्सप्रेसवे तक अखिलेश पर जमकर बरसे दानिश आजाद

    ‘आपातकाल वालों से दोस्ती, फिर लोकतंत्र पर ज्ञान’, मंत्री दानिश आजाद का अखिलेश यादव पर जोरदार पलटवार

    'पत्रकार को जिंदा जलाने वाली सपा आज उनके सम्मान का दिखावा कर रही है', मंत्री दानिश आजाद का अखिलेश पर निशाना; कहा- ऐसी बातों पर हंसी आती है

    ‘जिसने लोकतंत्र का गला घोंटा, अखिलेश उसी के साथ’, अनिल राजभर-दानिश आजाद का सपा पर तीखा वार

    लखनऊ, 
     समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और एक्सप्रेसवे समेत पत्रकारों के सम्मान से जुड़े बयानों पर यूपी सरकार के मंत्री अनिल राजभर और दानिश आजाद अंसारी ने तीखा पलटवार किया है। दोनों मंत्रियों ने सपा-कांग्रेस की नजदीकी और सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। 

    ‘आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस के साथ सपा क्यों?’
    अनिल राजभर ने कहा कि कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का अपमान किया था। उन्होंने सवाल किया कि अगर सपा वास्तव में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करती है तो वह कांग्रेस के साथ राजनीतिक रूप से क्यों चल रही है। उन्होंने सपा के रुख को ‘दोहरा चरित्र’ बताते हुए कहा कि जनता भी इसे देख रही है। 

    'सैफई परिवार के लिए लूट का जरिया बना एक्सप्रेसवे'
    एक्सप्रेसवे पर अनिल राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में बनाया गया एक्सप्रेसवे सैफई परिवार के लिए लूट का जरिया बना। इसके विपरीत उन्होंने योगी सरकार में उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ बनाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि देश के कुल एक्सप्रेसवे का 56 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है।

    पत्रकारों के मुद्दे पर उन्होंने सपा सरकार के दौरान एक पत्रकार को जिंदा जलाए जाने का आरोप लगाया और कहा कि सपा नेताओं पर पत्रकारों से नाम, चैनल और जाति पूछकर दबाव बनाने के आरोप हैं।

    ‘लोकतंत्र की बात पर जनता हंसेगी’
    वही इस मुद्दे पर यूपी सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी अखिलेश पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा जब लोकतंत्र की बात करती है तो जनता सिवाय हंसने के कुछ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश पर इमरजेंसी थोपी, उसी के साथ सपा की दोस्ती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की कुर्सी हासिल करने के लिए सपा को अब लोकतंत्र सेनानियों की याद आ रही है।

    योगी सरकार में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है
    एक्सप्रेसवे के मुद्दे पर दानिश ने गंगा, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के कार्यकाल में एक्सप्रेसवे का रूट अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए तय किया गया और जमीनें पहले ही खरीदवा दी गईं।

    'जब सीएम थे तब पत्रकार को जिंदा जला दिया गया था'
    अखिलेश यादव द्वारा पत्रकारों के सम्मान के वादे पर दानिश आजाद ने कहा कि जब वो सीएम थे तब एक पत्रकार को शाहजहांपुर में जिंदा जला दिया गया था। उन्होंने कहा कि आज भी अखिलेश अपनी प्रेस वार्ता में पत्रकारों से जाति पूछकर उनके सवालों का जवाब देते हैं और उन्हें अपमानित करते हैं। जब ऐसे लोग पत्रकारों के सम्मान की बात करते हैं तो उन्हें हंसी आती है। उन्होंने सपा को ‘नकारात्मक एजेंडे’ से घिरी पार्टी बताया।

  • गर्म होता यूरोप, पिघलते ग्लेशियर! स्विट्जरलैंड ने एक साल में खोई 5% से ज्यादा बर्फ

    गर्म होता यूरोप, पिघलते ग्लेशियर! स्विट्जरलैंड ने एक साल में खोई 5% से ज्यादा बर्फ

     नई दिल्ली
       स्विट्जरलैंड के ग्लेशियरों पर इस साल रिकॉर्ड गर्मी का बड़ा असर पड़ा है. 2026 में देश के ग्लेशियरों ने अपनी 5 फीसदी से ज्यादा बर्फ खो दी. यह जानकारी स्विस ग्लेशियर मॉनिटरिंग नेटवर्क यानी GLAMOS और स्विस एकेडमी ऑफ साइंसेज की रिपोर्ट में सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल सर्दियों में बर्फ कम गिरी. इसके बाद गर्मियों में बहुत ज्यादा गर्मी पड़ी. इससे ग्लेशियरों की बर्फ तेजी से पिघल गई। 

    पिछले सिर्फ 5 साल में स्विट्जरलैंड के ग्लेशियर करीब 20 फीसदी बर्फ खो चुके हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि अब हर कुछ साल में नहीं, बल्कि लगातार ऐसे साल आ रहे हैं जब ग्लेशियरों को बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है. इसका असर आगे पानी की सप्लाई पर भी पड़ सकता है, क्योंकि गर्मियों में ग्लेशियरों से निकलने वाला पानी कई जगहों के लिए जरूरी होता है। 

    सर्दियों में कम बर्फ, गर्मियों में ज्यादा गर्मी
    इस साल ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने की दो बड़ी वजह रहीं. पहली, सर्दियों में कम बर्फबारी और दूसरी, गर्मियों में रिकॉर्ड गर्मी. ग्लेशियरों पर सर्दियों में जमा होने वाली बर्फ गर्मियों में उनके लिए एक तरह की सुरक्षा का काम करती है. लेकिन इस साल नई बर्फ कम जमा हुई। 

    इसके बाद गर्मियों में तापमान बहुत ज्यादा बढ़ गया. मई से सितंबर के बीच गर्म और सूखा मौसम रहा. कई ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भी तापमान जमने वाले स्तर से ऊपर रहा. इससे ग्लेशियरों की पुरानी बर्फ भी तेजी से पिघलने लगी. GLAMOS के डायरेक्टर मैथियास हुस के मुताबिक, अब ग्लेशियरों के लिए बहुत ज्यादा बर्फ पिघलने वाले साल बार-बार देखने को मिल रहे हैं. उनके मुताबिक, यह स्थिति चिंता की बात है। 

    एलेट्श ग्लेशियर में सबसे ज्यादा पिघली बर्फ
    स्विट्जरलैंड के सबसे बड़े ग्लेशियर एलेट्श में इस साल अब तक का सबसे ज्यादा पिघलाव दर्ज किया गया. ग्लेशियर डी त्सानफ्लूरॉन की औसत मोटाई भी 4 मीटर से ज्यादा कम हो गई. कुछ छोटे ग्लेशियर इस साल पूरी तरह गायब हो गए. हालांकि 2026 में बर्फ पिघलने की रफ्तार 2022 के रिकॉर्ड से थोड़ी कम रही. साल 2022 में नॉर्थ अफ्रीका से आई धूल बर्फ पर जम गई थी. इससे बर्फ ने सूरज की ज्यादा गर्मी सोखी और तेजी से पिघली। 

    3 महीने में 2.2 ट्रिलियन लीटर पानी पिघला
    वैज्ञानिकों के मुताबिक, जुलाई से सितंबर के बीच स्विट्जरलैंड के ग्लेशियरों से करीब 2.2 ट्रिलियन लीटर पानी पिघला. यह मात्रा स्विट्जरलैंड के घरों में एक साल में इस्तेमाल होने वाले पीने के पानी से 4 गुना से भी ज्यादा है. ग्लेशियरों से इतना पानी निकलने का फिलहाल एक फायदा भी है. गर्मियों में जब पानी कम होता है, तब ग्लेशियरों से पिघलकर आने वाला पानी नदियों और दूसरे जल स्रोतों तक पहुंचता है. इससे पानी की कमी कुछ हद तक कम होती है. लेकिन ग्लेशियर जितने छोटे होते जाएंगे, उनसे मिलने वाला पानी भी कम होता जाएगा. यानी अभी जो फायदा मिल रहा है, वह हमेशा नहीं रहेगा। 

    5 साल में 20% बर्फ खत्म
    पिछले 5 साल में स्विट्जरलैंड के ग्लेशियर करीब 20 फीसदी बर्फ खो चुके हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह काफी तेज गिरावट है. अगर गर्मी बढ़ने और कम बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा, तो ग्लेशियर लगातार छोटे होते जाएंगे. इसका असर सिर्फ पहाड़ों पर नहीं पड़ेगा. ग्लेशियरों से मिलने वाला पानी गर्मियों में कई इलाकों के लिए जरूरी है. इसलिए बर्फ के लगातार कम होने से आने वाले समय में पानी की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है। 

  • बलौदाबाजार के ‘सेवा सेतु शिविर’ में 3888 हितग्राही हुए लाभान्वित

    बलौदाबाजार के ‘सेवा सेतु शिविर’ में 3888 हितग्राही हुए लाभान्वित

    रायपुर

    राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत गुरुवार को नवीन कृषि उपज मण्डी परिसर बलौदाबाजार में ब्लॉक स्तरीय ‘सेवा सेतु शिविर’ का आयोजन किया गया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत 3,888 हितग्राहियों को सामग्री, चेक एवं प्रमाण पत्र का वितरण किया। शिविर में आए 736 जन-समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदनों में से 614 का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। इसके साथ ही मेगा हेल्थ कैंप में 400 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण व चिकित्सीय सुविधाओं का लाभ उठाया।

    ​एक ही छत के नीचे सभी शासकीय सुविधाएं: राजस्व मंत्री  वर्मा

    शिविर को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है। शिविर में सभी विभागों के स्टॉल और जिला अधिकारी एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं, अतः आम जनता को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।

    मंत्री  वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार 'मोदी की गारंटी' को शत-प्रतिशत लागू कर रही है। महतारी वंदन योजना के जरिए प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के खाते में हर माह 1,000 रुपये हस्तांतरित किए जा रहे हैं, वहीं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत पात्र मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

    ​दान उत्सव रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    आयोजन के दौरान राजस्व मंत्री ने 'दान उत्सव रथ' के लिए सामग्री दान की और जनप्रतिनिधियों के साथ रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ गांव-गांव भ्रमण करेगा, जहां इच्छुक नागरिक दैनिक उपयोग की वस्तुएं दान कर सकेंगे, जिन्हें बाद में जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। मंत्री व अधिकारियों ने आम जनता से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।

    ​बुजुर्गों को पहनाया नजर का चश्मा, चेहरे पर आई मुस्कान

    मंत्री  वर्मा ने शिविर में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉलों और मेगा हेल्थ कैंप का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं कई बुजुर्गों को नजर का चश्मा पहनाया और हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया।

    ​जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता

    कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष, एसपी, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

     

  • बलौदाबाजार के ‘सेवा सेतु शिविर’ में 3888 हितग्राही हुए लाभान्वित

    बलौदाबाजार के ‘सेवा सेतु शिविर’ में 3888 हितग्राही हुए लाभान्वित

    रायपुर

    राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत गुरुवार को नवीन कृषि उपज मण्डी परिसर बलौदाबाजार में ब्लॉक स्तरीय ‘सेवा सेतु शिविर’ का आयोजन किया गया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत 3,888 हितग्राहियों को सामग्री, चेक एवं प्रमाण पत्र का वितरण किया। शिविर में आए 736 जन-समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदनों में से 614 का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। इसके साथ ही मेगा हेल्थ कैंप में 400 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण व चिकित्सीय सुविधाओं का लाभ उठाया।

    ​एक ही छत के नीचे सभी शासकीय सुविधाएं: राजस्व मंत्री  वर्मा

    शिविर को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है। शिविर में सभी विभागों के स्टॉल और जिला अधिकारी एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं, अतः आम जनता को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।

    मंत्री  वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार 'मोदी की गारंटी' को शत-प्रतिशत लागू कर रही है। महतारी वंदन योजना के जरिए प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के खाते में हर माह 1,000 रुपये हस्तांतरित किए जा रहे हैं, वहीं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत पात्र मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

    ​दान उत्सव रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    आयोजन के दौरान राजस्व मंत्री ने 'दान उत्सव रथ' के लिए सामग्री दान की और जनप्रतिनिधियों के साथ रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ गांव-गांव भ्रमण करेगा, जहां इच्छुक नागरिक दैनिक उपयोग की वस्तुएं दान कर सकेंगे, जिन्हें बाद में जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। मंत्री व अधिकारियों ने आम जनता से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।

    ​बुजुर्गों को पहनाया नजर का चश्मा, चेहरे पर आई मुस्कान

    मंत्री  वर्मा ने शिविर में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉलों और मेगा हेल्थ कैंप का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं कई बुजुर्गों को नजर का चश्मा पहनाया और हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया।

    ​जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता

    कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष, एसपी, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

     

  • छह विश्वविद्यालयों में एक साथ ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम के बच्चो का हुआ दीक्षारंभ

    छह विश्वविद्यालयों में एक साथ ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम के बच्चो का हुआ दीक्षारंभ

    रायपुर

     बाल अधिकारों के संरक्षण, संवर्धन एवं जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Post Graduate Diploma in Protection of Child Rights (RAKSHAK) पाठ्यक्रम की कक्षाएं प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों में प्रारंभ की गई हैं। इस महत्वपूर्ण पहल के शुभारंभ अवसर पर सभी छह विश्वविद्यालयों के साथ ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं संबंधित पदाधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में माननीय अध्यक्ष महोदया डॉ. वर्णिका शर्मा जी ने सहभागिता की। वहीं उच्च शिक्षा मंत्री माननीय  टंकराम वर्मा जी भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। उन्होंने सभी छह विश्वविद्यालयों में ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम के शुभारंभ पर बधाई देते हुए बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता और महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े जी ने भी ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम के शुभारंभ पर सभी छह विश्वविद्यालयों, विद्यार्थियों एवं संबंधित संस्थानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बाल अधिकारों की रक्षा, बच्चों के सुरक्षित भविष्य तथा समाज में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में इस पहल के महत्व को रेखांकित किया। बैठक में सभी छह विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए साथ मिलकर कार्य करने तथा बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

    कार्यक्रम में बच्चों की भी उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। बच्चों ने बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त करते हुए प्रश्न किए। आयोग की अध्यक्ष एवं सचिव ने बच्चों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें बाल अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम का उद्देश्य बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ इस क्षेत्र में प्रशिक्षित एवं संवेदनशील मानव संसाधन तैयार करना है। यह पहल बाल अधिकारों की समझ को व्यापक बनाने तथा बच्चों के संरक्षण के लिए संस्थागत स्तर पर प्रभावी कार्य करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

     ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम के अंतर्गत कक्षाएं निम्नलिखित छह विश्वविद्यालयों में प्रारंभ हुई हैं:-
    1. पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय
    2. कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय
    3. ⁠गहीरा गुरु विश्वविद्यालय
    4. एमिटी विश्वविद्यालय
    5. आंजनेय विश्वविद्यालय
    6. शंकराचार्य विश्वविद्यालय

    सभी छह विश्वविद्यालयों की सहभागिता से ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक साझा प्रयास के रूप में आगे बढ़ेगा। इस पहल के माध्यम से बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। बाल अधिकारों की रक्षा, सुरक्षित बचपन की दिशा में एक सशक्त पहल।

  • अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर शतायु बुजुर्गों का सम्मान, 3 शतायु और 4 वरिष्ठ अचीवर्स सम्मानित

    अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर शतायु बुजुर्गों का सम्मान, 3 शतायु और 4 वरिष्ठ अचीवर्स सम्मानित

    अनुभव की विरासत को सम्मान, शतायु बुजुर्गों का बढ़ा मान

    अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर समाज कल्याण विभाग का विशेष समारोह, 3 शतायु और 4 वरिष्ठ अचीवर्स सम्मानित

    योगी सरकार में वरिष्ठजनों के सम्मान और संरक्षण को मिल रही नई मजबूती

    स्वास्थ्य, सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और पेंशन जैसी सुविधाओं के साथ बुजुर्गों के सम्मान को प्राथमिकता

    लखनऊ
     अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर योगी सरकार ने वरिष्ठजनों के सम्मान और सामाजिक संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। समाज कल्याण विभाग, हेल्पेज इंडिया और वरिष्ठ नागरिक महासमिति के संयुक्त तत्वावधान में गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजित समारोह में 100 वर्ष की आयु पूरी कर चुके तीन वरिष्ठजनों को शतायु सम्मान और समाज में रचनात्मक योगदान दे रहे चार वरिष्ठजनों को ‘सीनियर अचीवर्स सम्मान’ प्रदान किया गया।

    100 साल की उम्र पूरी करने वालों को शतायु सम्मान

    समारोह के मुख्य अतिथि समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने लल्ली देवी, रानी कपूर और सेवानिवृत्त न्यायाधीश कमलेश्वर नाथ को शतायु सम्मान से सम्मानित किया। वहीं विनोद कुमार शुक्ल, ललित सिंह पोखरिया, इतिहासकार एवं लेखक डॉ. रवि भट्ट और डॉ. किशन वीर सिंह शाक्य को सीनियर अचीवर्स सम्मान मिला।

    वरिष्ठजनों के अनुभव से समृद्ध होता है समाज

    मंत्री असीम अरुण ने कहा कि वरिष्ठजन अनुभव, संस्कार और जीवन मूल्यों की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और आशीर्वाद से समाज समृद्ध होता है। बुजुर्गों का सम्मान केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। योगी सरकार वरिष्ठजनों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

    केयर इकोनॉमी को रोजगार से जोड़ने पर जोर

    मंत्री ने बताया कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में केयर इकोनॉमी को रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम और राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना संचालित हैं। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एसडीएम की अध्यक्षता में भरण-पोषण अधिकरण गठित हैं।

    युवाओं ने लिया बुजुर्गों के सम्मान का संकल्प

    कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के वृद्धाश्रमों की सुविधाओं पर डॉक्युमेंट्री दिखाई गई। सीएमएस, आरडीएसओ शाखा के बच्चों ने अपने मां-बाप का तू दिल न दुखा गीत पर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। युवाओं ने वरिष्ठजनों के सम्मान का संकल्प लिया। इस दौरान निदेशक समाज कल्याण संजीव सिंह, हेल्पेज इंडिया के स्टेट हेड अनूप पंत, अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, संयुक्त निदेशक आरपी सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी अनामिका सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • सेवा संकल्प अभियान के तहत नर्सिंग विद्यार्थियों को दिया सीपीआर प्रशिक्षण

    सेवा संकल्प अभियान के तहत नर्सिंग विद्यार्थियों को दिया सीपीआर प्रशिक्षण

    अनूपपुर 

    भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा अनूपपुर द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय, अनूपपुर में नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के सभापति एवं सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. आर.पी. सोनी ने विद्यार्थियों को सीपीआर के महत्व एवं आपात स्थिति में इसकी व्यवहारिक प्रक्रिया की जानकारी देते हुए प्रशिक्षण दिया। विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक सहभागिता कर सीपीआर तकनीक का अभ्यास किया।

    भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. देवेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि अचानक हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट महत्वपूर्ण होते हैं। सही तरीके से दिया गया सीपीआर जीवन बचाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि सीपीआर का प्राथमिक ज्ञान आम नागरिकों को भी होना चाहिए, ताकि चिकित्सकीय सहायता पहुंचने तक जरूरतमंद व्यक्ति को प्राथमिक सहायता दी जा सके।

    कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के कोषाध्यक्ष अशोक शर्मा, जिला प्रतिनिधि कमलाकर गौतम, कार्यकारिणी सदस्य राकेश गौतम, हरिशंकर वर्मा एवं कविता सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। महाविद्यालय की प्राचार्य रेनू सिंह ने प्रशिक्षण के लिए रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारियों एवं प्रशिक्षक के प्रति आभार व्यक्त किया।