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  • सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को आएंगे भोपाल

    सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को आएंगे भोपाल

    सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को आएंगे भोपाल

    राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में पशुपालक दीदियों के सम्मान के साथ विभिन्न विकास कार्यों का करेंगे शुभारंभ व अनुदान राशि का वितरण
    लखपति गोपालक दीदी योजना पशुपालन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की बढ़ेगी आय

    भोपाल 

    ‘सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह 3 अक्टूबर को भोपाल आएंगे। वे भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित ‘राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन' में शामिल होकर उत्कृष्ट कार्य करने वाली गोपालक दीदियों को सम्मानित करेंगे और 'डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना' के स्वीकृति पत्रों का वितरण करेंगे। इसके साथ ही वे प्रदेशवासियों को डेयरी प्रसंस्करण, दुग्ध संयंत्र और गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला से जुड़ी विभिन्न विकास सौगातों की सौगात देंगे।

    सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री शाह 255 करोड़ रुपये की लागत से उज्जैन में बनने वाले नए डेयरी प्लांट का भूमिपूजन करेंगे। इसके अतिरिक्त, 16.80 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन भोपाल में ‘नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट' के तहत 12.40 करोड़ रुपये की लागत से बनी अत्याधुनिक प्रयोगशाला एंव मिनी डेयरी संयंत्र शिवपुरी का शुभारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम में भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ के दुग्ध उत्पादकों को लगभग 12 करोड़ रुपये की बोनस राशि वितरित की जाएगी तथा ‘कृषक कल्याण वर्ष' के अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा विशेष प्रदर्शनी भी लगायी जाएगी।

    प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत एवं संचालित गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के रखरखाव एवं भरण-पोषण के लिए माह जुलाई और अगस्त 2026 की 101 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि ऑनलाइन डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में हस्तांतरित की जाएगी। यह राशि गौशालाओं में दर्ज गोवंश के समुचित व्यवस्थापन, आहार एवं भरण-पोषण के लिए दी जाती है। राज्य सरकार द्वारा पंजीकृत एवं संचालित गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के लिए 40 रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर से अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाती है।

    महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा संबल

    लखपति गोपालक दीदी योजना पशुपालन से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बेहतर आनुवंशिक क्षमता वाले पशुओं के माध्यम से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, अतिरिक्त आय के अवसर और पशुपालन की उत्पादकता बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। योजना का उद्देश्य पशुपालन को केवल पारंपरिक आजीविका तक सीमित न रखते हुए इसे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्धि का माध्यम बनाना है।

    प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को पशुपालन के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से ‘लखपति गोपालक दीदी योजना’ का संचालन किया जा रहा है। “शून्य पूंजीगत निवेश, अधिकतम आनुवंशिक एवं आर्थिक लाभ” के मूल मंत्र पर आधारित इस योजना से प्रदेश की 2 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। योजना के तहत अवर्णित (नॉन-डिस्क्रिप्ट) नस्ल की गायों और भैंसों मंप उच्च नस्ल के सीमन से कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पशुपालकों को बिना अतिरिक्त खर्च के बेहतर आनुवंशिक क्षमता वाले पशु प्राप्त हो रहे हैं।

    उच्च नस्ल के कृत्रिम गर्भाधान से बढ़ेगा दुग्ध उत्पादन

    उच्च नस्ल के कृत्रिम गर्भाधान से उत्पन्न होने वाली F1 नस्ल की बछिया अपनी माता की तुलना में लगभग 2.5 से 3 गुना अधिक दूध देने में सक्षम होती है। इससे पशुपालक परिवारों को एक लैक्टेशन में प्रति बछिया 50 से 60 हजार रुपये की अतिरिक्त आय होती है। पूरे जीवनकाल (5 से 6 लैक्टेशन) के दौरान एक बछिया से लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये तक की अतिरिक्त कमाई की जा सकेगी। उदाहरण के तौर पर यदि किसी परिवार के पास ऐसी 3 से 4 बछियां होती हैं, तो उनका कुल अतिरिक्त आर्थिक लाभ 10 लाख रुपये से अधिक हो सकता है। यह योजना पशुपालन को पारंपरिक आजीविका से आगे बढ़ाकर ग्रामीण महिलाओं की समृद्धि का मुख्य जरिया बना रही है।

     

  • योगी सरकार पीडियाट्रिक ट्रॉमा इंटीग्रेशन से हर साल बचाएगी करीब 1,800 जानें

    योगी सरकार पीडियाट्रिक ट्रॉमा इंटीग्रेशन से हर साल बचाएगी करीब 1,800 जानें

    योगी सरकार पीडियाट्रिक ट्रॉमा इंटीग्रेशन से हर साल बचाएगी करीब 1,800 जानें 

    – योगी सरकार ने तैयार किया बाल ट्रॉमा केयर को इमरजेंसी स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने का रोडमैप

    – योगी सरकार बनाएगी प्रदेश में करीब 6 करोड़ बच्चों के लिए हाई-लेवल, कम लागत वाला पीडियाट्रिक ट्रॉमा केयर मॉडल 

    – बच्चों में ट्रॉमा से होने वाली मौतों को कम करने पर फोकस, त्वरित उपचार और समन्वित देखभाल को बनाया जाएगा आधार

    लखनऊ,
     योगी सरकार ने बच्चों को गंभीर दुर्घटनाओं और चोटों के बाद समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में पीडियाट्रिक ट्रॉमा केयर को मौजूदा इमरजेंसी स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने का रोडमैप तैयार कर लिया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के करीब 6 करोड़ बच्चों के लिए हाई-लेवल कम लागत वाली एकीकृत ट्रॉमा केयर व्यवस्था विकसित करना है। इसके तहत अस्पतालों, इमरजेंसी सेवाओं, एंबुलेंस, विशेषज्ञ चिकित्सकों और रेफरल सिस्टम को एक साझा नेटवर्क में जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इस व्यवस्था से हर साल करीब 1,800 जानें बचाने का लक्ष्य रखा गया है।

    ट्रॉमा बेड की हिस्सेदारी 12 से 15 प्रतिशत ले जाने का लक्ष्य
    योगी सरकार ने बाल ट्रॉमा को यूनिफाइड इमरजेंसी केयर आर्किटेक्चर विकसित करने की योजना बनायी है। इसका आधार गंभीर रूप से घायल बच्चे को दुर्घटना स्थल से लेकर प्राथमिक उपचार, ट्रॉमा सेंटर, विशेषज्ञ उपचार और आगे की देखभाल तक हर स्तर पर समयबद्ध और समन्वित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे इलाज में होने वाली देरी और मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजने में लगने वाले अतिरिक्त समय को कम किया जाएगा। वर्तमान में इमरजेंसी विभागों में ट्रॉमा बेड की हिस्सेदारी करीब 3 से 5 प्रतिशत है, जबकि एकीकृत ट्रामा केयर के जरिये इसे 12 से 15 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। इसके तहत प्रदेश में अलग-अलग स्तर की ट्रॉमा सुविधाओं का नेटवर्क विकसित करने की योजना है। इसमें लेवल-1 का एक, लेवल-2 के 36 और लेवल-3 के 126 इंटीग्रेटेड ट्रॉमा एवं इमरजेंसी यूनिट (आईटीईएमयू) को विकसित किया जाएगा। इससे कुल 173 इंटरकनेक्टेड सुविधाएं तैयार होंगी और करीब 2,853 नए बेड जुड़ेंगे। इसका मकसद गंभीर रूप से घायल बच्चों को जरूरत के अनुसार जल्द विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराना है। 

    'गोल्डन ऑवर' में इलाज पर विशेष फोकस
    पीडियाट्रिक ट्रॉमा में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है इसलिए दुर्घटना के बाद तत्काल रिस्पांस, प्रशिक्षित मेडिकल टीम, एंबुलेंस कनेक्टिविटी और उपयुक्त ट्रॉमा सेंटर तक त्वरित रेफरल को एक साथ जोड़ने पर जोर है। इसमें 'गोल्डन ऑवर' के दौरान इलाज उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षित मेडिकल टीम, एंबुलेंस कनेक्टिविटी और उचित ट्रॉमा सेंटर तक तेजी से पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए योगी सरकार करीब 45 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

  • तमिलनाडु में नए सियासी गठजोड़ की चर्चा, PMK और विजय की TVK के बीच बातचीत तेज

    तमिलनाडु में नए सियासी गठजोड़ की चर्चा, PMK और विजय की TVK के बीच बातचीत तेज

    चेन्नई 

    तमिलनाडु की राजनीति में एक नया सियासी समीकरण आकार लेता दिख रहा है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) और पट्टाली मक्कल कच्ची (PMK) के बीच बातचीत अब गंभीर दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। दोनों पक्षों के बीच संभावित गठजोड़ को लेकर चर्चा चल रही है और मामला अब कैबिनेट में जगह देने तक पहुंच गया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा पेंच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ PMK के रिश्ते का है। किसी भी औपचारिक फैसले से पहले PMK को BJP के साथ अपने समीकरण पर फैसला करना होगा।

    उपचुनाव में PMK ने किसी का साथ नहीं दिया

    PMK ने 2026 का विधानसभा चुनाव AIADMK-BJP गठबंधन के साथ मिलकर लड़ा था। अनबुमणि रामदास के नेतृत्व वाले धड़े को 18 विधानसभा सीटें दी गई थीं और उसने चार सीटों पर जीत हासिल की। लेकिन अब 6 अक्टूबर को होने वाले मदुरंतकम और धरापुरम उपचुनाव में पार्टी ने किसी भी दल को समर्थन नहीं देने का फैसला किया है। खास तौर पर मदुरंतकम में PMK का यह रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां वन्नियार समुदाय के बीच पार्टी के समर्थन से AIADMK को फायदा मिल सकता था, लेकिन TVK यहां मजबूत होती नजर आ रही है। TVK के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, PMK का यह तटस्थ रुख दोनों दलों के बीच चल रही बड़ी राजनीतिक बातचीत का हिस्सा हो सकता है।

    अनबुमणि और विजय के सलाहकार के बीच बातचीत

    रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों दलों के बीच बातचीत मुख्य रूप से PMK नेता अनबुमणि रामदास और सीएम विजय थलपति के राजनीतिक सलाहकार जॉन अरोकीआसामी के जरिए हो रही है। बातचीत से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक, दोनों के बीच राजनीतिक संपर्क कोई नया नहीं है।

    2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी अरोकीआसामी ने PMK की राजनीतिक रणनीति पर काम किया था। उस चुनाव में अनबुमणि रामदास को पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया गया था और अभियान का नारा था- ‘मात्रम, मुन्नेत्रम, अनबुमणि’। अब यही राजनीतिक संपर्क संभावित सत्ता-साझेदारी की चर्चा तक पहुंच गया है।

    PMK को विजय कैबिनेट में दो जगह देने का प्रस्ताव?

    रिपोर्ट में TVK सूत्रों के हवाले से लिखा है कि बातचीत में PMK को विजय सरकार की कैबिनेट में दो जगह देने का प्रस्ताव भी शामिल है। प्रस्ताव के अनुसार एक कैबिनेट पद अनबुमणि रामदास की पत्नी और विधानसभा में PMK की फ्लोर लीडर सौम्या अनबुमणि को मिल सकता है। दूसरा पद PMK विधायक ए. गणेश कुमार को दिए जाने की चर्चा है।

    हाल के दिनों में उपचुनाव के बाद सौम्या अनबुमणि को कैबिनेट में जगह दिए जाने की चर्चा अलग से भी सामने आई है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

    सौम्या अनबुमणि के पास अपना मजबूत चुनावी जनादेश

    सौम्या अनबुमणि इस बातचीत में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक आधार भी लेकर आती हैं। उन्होंने धर्मपुरी विधानसभा सीट पर 93,713 वोट हासिल करके जीत दर्ज की थी। उन्होंने TVK उम्मीदवार को 20,896 वोटों के अंतर से हराया था। यानी उनके पास खुद का चुनावी जनादेश है, जो संभावित सत्ता-साझेदारी की बातचीत में PMK के लिए अहम हो सकता है।

    विजय की जीत बड़ी, लेकिन बहुमत से अभी दूर

    TVK के लिए PMK को अपने साथ लाने की कोशिश सिर्फ गठबंधन विस्तार का मामला नहीं है। इसके पीछे सरकार में अपनी स्थिति मजबूत करने की जरूरत भी है। तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में TVK ने पिछले चुनाव में 108 सीटें जीती थीं। बहुमत के आंकड़े से वह 10 सीट दूर रह गई थी। इसके बाद छोटी पार्टियों के समर्थन से सरकार बनी।

    AIADMK विधायकों के इस्तीफों के बाद उपचुनाव की स्थिति बनी और विजय के पास अपनी स्थिति मजबूत करने का एक और रास्ता खुल गया। TVK के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, उपचुनाव के नतीजे अगली दौर की बातचीत का रुख तय कर सकते हैं। अगर TVK आराम से जीतती है तो विजय ज्यादा मजबूत स्थिति से बातचीत कर पाएंगे। वहीं कमजोर प्रदर्शन की स्थिति में बाहर से आने वाले हर विधायक की अहमियत बढ़ेगी और PMK की सौदेबाजी की ताकत भी बढ़ सकती है।

    PMK क्यों है विजय के लिए अहम?

    TVK नेताओं के मुताबिक, PMK की सबसे बड़ी ताकत उसका वन्नियार आधार है। यह समुदाय उत्तरी तमिलनाडु के कई महत्वपूर्ण हिस्सों और कुछ अन्य इलाकों में केंद्रित है। तमिलनाडु के दलित मतदाताओं की तुलना में PMK ने वन्नियार समुदाय के बीच दशकों में एक स्पष्ट राजनीतिक आधार तैयार किया है। यही वजह है कि TVK के भीतर PMK को संभावित गठबंधन सहयोगी के तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    PMK के आने से VCK के सामने नई मुश्किल

    लेकिन PMK को विजय के गठबंधन में शामिल करना इतना आसान भी नहीं होगा। इसकी वजह TVK का एक अन्य सहयोगी दल विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) है। तमिलनाडु की राजनीति में PMK और VCK के राजनीतिक आधारों के बीच टकराव का इतिहास रहा है। दोनों दलों के समर्थक समुदाय राज्य के कुछ संवेदनशील जातीय विवादों में आमने-सामने भी रहे हैं।

    इसके बावजूद TVK नेताओं का मानना है कि VCK के लिए विजय का साथ छोड़ना मुश्किल होगा। उनका तर्क है कि चुनाव में दलित मतदाताओं के एक हिस्से का समर्थन सीधे विजय की ओर जाता दिखाई दिया है।

    VCK से जुड़े लोगों के मुताबिक, पार्टी के भीतर भी इस संभावना को लेकर जागरूकता है कि उसके पारंपरिक वोटरों के कुछ हिस्से TVK के साथ अलग राजनीतिक रिश्ता बना रहे हैं। VCK पहले ही सरकार में शामिल है और उसके पास कैबिनेट पद भी है।

    PMK आई तो वाम दल भी दूर हो सकते हैं

    विजय के लिए एक दूसरी चुनौती वाम दलों से जुड़ी है। TVK नेताओं को आशंका है कि PMK के औपचारिक रूप से गठबंधन में शामिल होने के बाद कम्युनिस्ट पार्टियां उससे और दूरी बना सकती हैं। यह दूरी पहले ही दिखाई देने लगी है। CPI और CPI(M) ने कहा है कि वे TVK गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं और उपचुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ रहे हैं। ऐसे में PMK को साथ लाकर विजय अपनी सरकार को मजबूत तो कर सकते हैं, लेकिन इससे मौजूदा गठबंधन के कुछ सहयोगी असहज भी हो सकते हैं।

    सबसे बड़ा सवाल BJP से रिश्ते का

    अनबुमणि रामदास के लिए सबसे मुश्किल बातचीत शायद विजय, VCK या AIADMK के साथ नहीं, बल्कि BJP के साथ होगी। PMK ने अप्रैल में AIADMK-BJP गठबंधन के हिस्से के रूप में चुनाव लड़ा था। BJP और PMK का रिश्ता सिर्फ एक चुनाव तक सीमित नहीं है। ऐसे में अगर PMK औपचारिक रूप से विजय के खेमे में जाती है तो यह केवल उपचुनाव के बाद होने वाला स्थानीय राजनीतिक बदलाव नहीं होगा। इससे विपक्षी खेमे के भीतर एक अहम राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।

  • एमपी ट्रांसको ने ग्वालियर के बिलौआ में 132 केवी सब स्टेशन किया ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री  तोमर

    एमपी ट्रांसको ने ग्वालियर के बिलौआ में 132 केवी सब स्टेशन किया ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

    भोपाल 

    ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने ग्वालियर जिले के बिलौआ क्षेत्र में 132 केवी एक्स्ट्रा हाई टेंशन (ईएचटी) सब स्टेशन को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत कर विद्युत पारेषण नेटवर्क से जोड़ दिया है। 50 एमवीए क्षमता वाला यह सब स्टेशन प्रदेश के 418वें ईएचटी सब स्टेशन के रूप में पारेषण प्रणाली का हिस्सा बना है।

    ऊर्जा मंत्री  तोमर ने बताया कि बिलौआ सब स्टेशन के ऊर्जीकृत होने से बिलौआ औद्योगिक क्षेत्र तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत पारेषण व्यवस्था सुदृढ़ होगी। साथ ही क्षेत्र में भविष्य की बढ़ती विद्युत मांग की पूर्ति के लिए आवश्यक पारेषण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने इस उपलब्धि के लिए एमपी ट्रांसको के अभियंताओं एवं कार्मिकों को बधाई दी।

    33 केवी के दो औद्योगिक फीडरों पर लोड प्रदाय प्रारंभ

    सब स्टेशन के चालू होते ही 33 केवी के दो औद्योगिक फीडरों को भी सेवा में लेते हुए उन पर सफलतापूर्वक लोड प्रदाय कर दिया गया है। इससे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक विश्वसनीय बनाने में सहायता मिलेगी।

    ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर हुई 2161 एमवीए

    बिलौआ सब स्टेशन में 50 एमवीए क्षमता का एक पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत होने के साथ ही ग्वालियर जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 2161 एमवीए हो गई है।

    119 औद्योगिक एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं सहित 70 हजार उपभोक्ता होंगे लाभान्वित

    इससे क्षेत्र की 119 औद्योगिक एवं व्यावसायिक इकाइयों, लगभग 60 गांवों के घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं, दो नगर परिषदों तथा बीएसएफ प्रशिक्षण केंद्र को लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर लगभग 70 हजार विद्युत उपभोक्ता इस व्यवस्था से लाभान्वित होंगे।

    ग्वालियर जिले का 12वां ईएचटी सब स्टेशन

    बिलौआ ग्वालियर जिले का 12वां एक्स्ट्रा हाई टेंशन (ईएचटी) सबस्टेशन है। जिले में इसके अतिरिक्त 220 केवी के महलगांव तथा सिथौली सब स्टेशन सहित 132 केवी वोल्टेज लेवल के मोतीझील, मोहना, हस्तिनापुर, मुरार, तिघरा रोड, डबरा, चीनौर, भितरवार एवं फूलबाग (जीआईएस) सब स्टेशन संचालित हैं।

     

  • BCCI का बड़ा फैसला, भारतीय टीम में दो बदलाव; प्रसिद्ध कृष्णा और वॉशिंगटन सुंदर बाहर

    BCCI का बड़ा फैसला, भारतीय टीम में दो बदलाव; प्रसिद्ध कृष्णा और वॉशिंगटन सुंदर बाहर

    नई दिल्ली

    भारतीय टीम के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा गुरुवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। प्रसिद्ध ने शुरुआती दो मैच खेले थे लेकिन गुवाहाटी वनडे में उन्हें चोट लगी। वह बाएँ हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण तीसरे वनडे से बाहर हो गए हैं। बीसीसीआई ने उनके रिप्लेसमेंट का ऐलान भी कर दिया है। तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को भारतीय वनडे टीम में उनकी जगह शामिल किया गया है। वहीं बोर्ड ने आगामी टी20 सीरीज के लिए चुनी गई टीम में भी बदलाव किया है। वॉशिंगटन सुंदर को स्क्वॉड से हटा दिया गया है।

    बीसीसीआई ने दिए दो अपडेट
    भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने गुरुवार को कन्फर्म किया है कि प्रसिद्ध कृष्णा आखिरी वनडे से बाहर हो गए हैं, उनकी जगह अंशुल कंबोज को अंतिम वनडे के लिए टीम में शामिल किया गया है। कंबोज फिलहाल पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ चार दिवसीय मैच में भारत ए के लिए खेल रहे हैं। भारत की टीम में शामिल होने के लिए चंडीगढ़ रवाना हुए कंबोज ने पहली पारी में 17.3 ओवर गेंदबाजी की और तीन विकेट लिए। उन्होंने दूसरी पारी में केवल दो ओवर गेंदबाजी की।

    भारतीय टीम तीसरा और आखिरी वनडे शनिवार को मुल्लांपुर में खेलेगी। प्रसिद्ध छह अक्टूबर से शुरू हो रही टी20 सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं है। सुंदर की जगह नमन धीर आए हैं।

    वॉशिंगटन सुंदर को टी20 सीरीज से हटाया गया
    सीनियर चयन समिति ने टीम प्रबंधन से सलाह-मशविरा कर ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम से बाहर करने का फैसला किया है। चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट ने ये फैसला आगामी न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज को ध्यान में रखकर लिया है। रणजी ट्रॉफी का अगला सीजन 11 अक्टूबर से शुरू होने वाला है और अपने राज्य की टीम से खेलकर सुंदर के पास रेड बॉल क्रिकेट और न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज के लिए तैयार होने का मौका मिलेगा। सुंदर अब तमिलनाडु के लिए कुछ रणजी ट्रॉफी मैच में खेलेंगे।

    बोर्ड ने विज्ञप्ति में कहा, ''न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। 11 अक्टूबर से रणजी ट्रॉफी सत्र शुरू होने के साथ वॉशिंगटन को अपनी राज्य टीम के लिए लाल गेंद से क्रिकेट खेलने और टेस्ट सीरीज की तैयारी करने का मौका मिलेगा। नमन धीर को टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में उनके स्थान पर शामिल किया गया है।''

    भारत की अपडेट हुई वनडे टीम :
    शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उप कप्तान, विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), नीतिश कुमार रेड्डी, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, गुरनूर बरार, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर, अंशुल कंबोज।

    भारत की अपडेट हुई टी20 इंटरनेशनल टीम :
    श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप कप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, नीतिश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव, नमन धीर।

  • अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सियानगुड़ी में बुजुर्गों का सम्मान,  राजेश अग्रवाल ने शॉल-फल भेंट कर लिया आशीर्वाद

    अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सियानगुड़ी में बुजुर्गों का सम्मान, राजेश अग्रवाल ने शॉल-फल भेंट कर लिया आशीर्वाद

    रायपुर

    अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अंबिकापुर के सियानगुड़ी में वृद्धजनों के सम्मान में विशेष समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने वृद्धजनों को शॉल एवं फल भेंट कर सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर वृद्धजनों के स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण के लिए विशेष शिविर भी लगाया गया।

    समारोह को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि वृद्धजन परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। जीवन के लंबे अनुभव से अर्जित उनका ज्ञान और मार्गदर्शन समाज तथा नई पीढ़ी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। परिवार में बुजुर्गों की मौजूदगी न केवल संस्कारों और परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाती है, बल्कि परिवार को भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाती है।

     अग्रवाल ने कहा कि माता-पिता और बड़े-बुजुर्गों का आदर तथा उनकी सेवा हमारी संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। वृद्धजनों की गरिमा और सम्मान बनाए रखना केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। परिवार में माता-पिता का सम्मान और उनकी सेवा करने से आपसी प्रेम, संस्कार एवं सद्भाव की भावना मजबूत होती है। नई पीढ़ी को भी बुजुर्गों के अनुभव से सीखते हुए उनके प्रति संवेदनशीलता और आत्मीयता का भाव बनाए रखना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि वृद्धजनों के कल्याण के लिए शासन एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा संचालित योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पात्र वृद्धजनों तक पहुंचना चाहिए। वृद्धावस्था में उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता महत्वपूर्ण है।

    कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी वृद्धजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, सुखी और सम्मानजनक जीवन की कामना की। वक्ताओं ने लोगों से अपने माता-पिता और परिवार के बुजुर्गों की भावनाओं को समझने, उनके साथ समय बिताने तथा उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखने का आग्रह किया।

    अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के इस आयोजन में वृद्धजनों का उत्साह भी देखते ही बना। कार्यक्रम के दौरान गीत एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनका उपस्थित लोगों ने आनंद लिया। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक  व्ही.के. उके ने विभाग द्वारा वृद्धजनों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी।

    वृद्धजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। चिकित्सकीय दल ने वृद्धजनों की स्वास्थ्य जांच के साथ आंखों से संबंधित समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया। इस दौरान बुजुर्गों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के प्रति भी जागरूक किया गया।

    कार्यक्रम में सरगुजा सांसद  चिंतामणि महाराज, लुण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष  अनुराग सिंहदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष मती निरुपा सिंह, महापौर मती मंजूषा भगत, सभापति  हरमिंदर सिंह टिन्नी, नगर निगम आयुक्त  विनय कुमार अग्रवाल, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक  व्ही.के. उके सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • केन्द्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री  शाह उज्जैन को देंगे 255 करोड़ रूपये के अत्याधुनिक डेयरी प्लांट की सौगात

    केन्द्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री शाह उज्जैन को देंगे 255 करोड़ रूपये के अत्याधुनिक डेयरी प्लांट की सौगात

    भोपाल 

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता के विस्तार और डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता के विस्तार और डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ द्वारा 255 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक डेयरी प्लांट स्थापित किया जा रहा है। केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री  अमित शाह 3 अक्टूबर 2026 को भोपाल से इस प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन करेंगे।

    उज्जैन में स्थापित होने वाला यह अत्याधुनिक डेयरी प्लांट क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और विभिन्न डेयरी उत्पादों के उत्पादन को नई गति देगा। परियोजना की कुल लागत में से 170 करोड़ रुपये राज्य शासन द्वारा अनुदान के रूप में प्रदान किए जाएंगे, जबकि शेष 85 करोड़ रुपये दुग्ध संघ द्वारा ऋण के माध्यम से जुटाए जाएंगे।परियोजना को अगले दो वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य है।

    प्रस्तावित प्लांट की शुरुआत 3 लाख लीटर प्रतिदिन दूध प्रसंस्करण क्षमता के साथ होगी। भविष्य में इसकी क्षमता को बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक किया जा सकेगा। इससे उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती दुग्ध उपलब्धता के साथ प्रसंस्करण क्षमता का विस्तार भी संभव होगा।

    पैक्ड मिल्क से लेकर घी तक का होगा उत्पादन

    प्लांट में आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाओं के साथ विभिन्न प्रकार के डेयरी उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा। इसमें 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन पैक्ड मिल्क, 25 हजार लीटर प्रतिदिन दही तथा 10 हजार लीटर प्रतिदिन लस्सी/छाछ के उत्पादन की क्षमता होगी। इसके अलावा 10 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता का घी प्लांट भी स्थापित किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के प्रबंध संचालक  जयदेव बिस्वास ने कहा, “उज्जैन में आधुनिक डेयरी प्लांट की स्थापना मध्यप्रदेश के डेयरी क्षेत्र के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  शाह द्वारा भोपाल से इस परियोजना का डिजिटल भूमि-पूजन किया जाएगा। इस परियोजना से दुग्ध उत्पादकों से प्राप्त दूध का बेहतर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन सुनिश्चित होगा तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ेगी।” उन्होंने कहा, “प्लांट को भविष्य में 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक विस्तारित करने का प्रबंध किया गया है। इससे उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन, संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की पूरी श्रृंखला को मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।”

    यह परियोजना आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाओं के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों से प्राप्त दूध के बेहतर उपयोग और मूल्यवर्धन को बढ़ावा देगी। साथ ही क्षेत्र में डेयरी गतिविधियों के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने तथा उपभोक्ताओं तक उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद पहुंचाने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण पहल साबित होगी

  • हर आंगनवाड़ी बनेगी पोषण, शिक्षा और सम्मान का केंद्र -आंगन मिलन सेवा में कार्यक्रम में मंत्री सु भूरिया ने की सहभागिता

    हर आंगनवाड़ी बनेगी पोषण, शिक्षा और सम्मान का केंद्र -आंगन मिलन सेवा में कार्यक्रम में मंत्री सु भूरिया ने की सहभागिता

    भोपाल 

    प्रदेश में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, शिक्षा और सम्मान के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री सु निर्मला भूरिया ने गुरुवार को बैरागढ़ स्थित आनंद टी. साहनी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम में विधायक  रामेश्वर शर्मा भी उपस्थित रहे।

    मंत्री सु निर्मला भूरिया ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल बच्चों को पोषण आहार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों और समुदाय के बीच सहभागिता को और मजबूत किया जा रहा जिससे प्रत्येक आंगनवाड़ी अपने क्षेत्र के बच्चों और महिलाओं के लिए भरोसेमंद सहयोग केंद्र बन सके। उन्होंने कहा कि ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों और समुदाय के बीच जुड़ाव को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के साथ गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल में परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। सेवा संकल्प अभियान के तहत यह पहल आंगनवाड़ी केंद्रों को जनभागीदारी से सशक्त बनाने और ‘सेवा, पोषण एवं सम्मान’ की भावना को घर-घर तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    माँ के भरोसे का केंद्र है आंगनवाड़ी

    विधायक  रामेश्वर शर्मा ने कहा कि माँ के भरोसे का केंद्र है आंगनवाड़ी केंद्र।केंद्र की कार्यकर्ता और साहियिका माँ जैसी मौसी की जिम्मेदारी निभाती है। बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के साथ गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ‘आंगन मिलन सेवा’ जैसे कार्यक्रमों से आंगनवाड़ी केंद्रों और आमजन के बीच जुड़ाव और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि समाज की सहभागिता से प्रत्येक आंगनवाड़ी को पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान का सशक्त केंद्र बनाया जा सकता है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए आंगनवाड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए।

    कार्यक्रम में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जांच की गई तथा उनके पोषण एवं स्वास्थ्य की स्थिति पर ध्यान दिया गया। बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और संतुलित पोषण के महत्व का संदेश भी दिया गया।

    मंत्री सु निर्मला भूरिया ने पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषक खाद्य पदार्थों तथा मातृ एवं बाल पोषण से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई। मंत्री सु भूरिया ने प्रदर्शनी के माध्यम से दिए जा रहे पोषण संदेशों की जानकारी ली और स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने पर जोर दिया।

    मंत्री सु भूरिया ने गर्भवती महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए स्वस्थ मातृत्व और सुरक्षित प्रसव की कामना की। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं को फूड बास्केट भी वितरित की गईं। फूड बास्केट के माध्यम से गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक एवं संतुलित आहार के महत्व का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी आयोजित की गई। इस अवसर पर 25 से अधिक वर्षों से कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को पुष्पहार और शॉल देकर सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का श्रवण भी किया गया। मुख्यमंत्री के संदेश में सेवा, पोषण और समाज की सामूहिक सहभागिता के माध्यम से महिला एवं बाल कल्याण को मजबूत करने की भावना को रेखांकित किया गया।

    कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।

     

  • पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने थामी बेलचा और झाड़ू, श्रमदान कर दिया स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने थामी बेलचा और झाड़ू, श्रमदान कर दिया स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश

    सेवा संकल्प अभियान

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने थामी बेलचा और झाड़ू, श्रमदान कर दिया स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश

    ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना के साथ ग्राम तराजू में साप्ताहिक बाजार और तालाब किनारे चलाया स्वच्छता अभियान

    आकांक्षी विकासखंड लखनपुर की सभी ग्राम पंचायतों के शासकीय कार्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी हुई स्वच्छता गतिविधियां

    रायपुर, 
    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना को साकार करते हुए सरगुजा जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में बुधवार को ‘स्वच्छता ही सेवा‘ कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्राम पंचायत तराजू में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता अभियान में सहभागिता निभाई। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छताग्राहियों और ग्रामीणों के साथ साप्ताहिक बाजार स्थल एवं तालाब के आसपास साफ-सफाई कर स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश दिया।

    अभियान के दौरान अग्रवाल ने स्वयं झाड़ू लगाकर सार्वजनिक स्थल की सफाई की और ग्रामीणों को अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता स्वस्थ और विकसित समाज की आधारशिला है। गांवों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। स्वच्छता किसी एक दिन या अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाना होगा।

    अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपने घर और परिसर के साथ ही बाजार, तालाब, सड़क तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का भी ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक व्यक्ति अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाएगा, तभी स्वच्छता का उद्देश्य वास्तविक रूप में साकार होगा। उन्होंने ओडीएफ प्लस के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए भी ग्रामीणों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।

    ग्राम तराजू में साप्ताहिक बाजार स्थल और तालाब किनारे आयोजित सामूहिक श्रमदान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छताग्राहियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के साथ लोगों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने, जलस्रोतों एवं उनके आसपास गंदगी नहीं फैलाने और गांव की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करने का संदेश दिया गया।

    सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता गतिविधियां केवल ग्राम तराजू तक सीमित नहीं रहीं। आकांक्षी विकासखंड लखनपुर की सभी ग्राम पंचायतों में स्थित शासकीय कार्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया। अधिकारी-कर्मचारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्वच्छताग्राहियों ने श्रमदान करते हुए कार्यालय एवं आंगनबाड़ी परिसरों की साफ-सफाई की। इसके माध्यम से ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना को जन-जन तक पहुंचाते हुए ग्रामीणों को अपने गांव और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

    ग्राम तराजू में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शशिकला सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष कामेश्वर राजवाड़े, राकेश अग्रवाल, राकेश साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि राजेंद्र जायसवाल, दिनेश बारी, दिनेश साहू, जनपद सदस्य श्रीमती रजनी पैंकरा सहित ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वच्छताग्राही एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

  • वन्यजीव संरक्षण से प्रदेश में वन पर्यटन को मिलेगी नई दिशा और गति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    वन्यजीव संरक्षण से प्रदेश में वन पर्यटन को मिलेगी नई दिशा और गति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में चीतों के सफल पुनर्स्थापन के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई है। प्रधानमंत्री  मोदी से मिली यह सराहना हम सभी को नई ऊर्जा और उत्साह प्रदान करने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों और वन संरक्षण से जुड़े सभी मैदानी साथियों को एक अक्टूबर से प्रारंभ हुए वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई दी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को 'एक्स' पर कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है कि 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता ने वन्यजीव संरक्षण के हमारे संकल्प को और भी मजबूत किया है। सच्चे अर्थों में हमारे वनकर्मियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों और स्थानीय समुदायों के समर्पित प्रयासों को इसका श्रेय जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और प्रकृति के संतुलन के संरक्षण में अपना योगदान दें। इससे वन्यजीव संरक्षण के साथ ही प्रदेश में वन पर्यटन को भी नई दिशा और गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा वन्यजीव सप्ताह के संदर्भ में 30 सितम्बर को एक संदेश जारी किया गया है। इस संदेश में उन्होंने कहा है कि पिछले एक दशक में भारत ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रोजेक्ट चीता की सफलता इसका उल्लेखनीय उदाहरण है। इसके साथ ही, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, गैंडे, घड़ियाल, स्लॉथ बियर, नदी डॉल्फिन और हिम तेंदुए जैसी प्रजातियों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास हमारे संरक्षण कार्यों के व्यापक होते दायरे का प्रमाण हैं।

    संदेश में प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के माध्यम से बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण में वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। यह मंच बाघ, शेर, तेंदुआ और जगुआर जैसी प्रमुख बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण से जुड़े हमारे अनुभवों को अन्य देशों के साथ साझा करने और उनसे सीखने का अवसर प्रदान करता है। वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन और प्रकृति के संतुलन के लिए उनके आवासों का आपस में जुड़ा होना आवश्यक है। केन्द्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर वन्यजीव कॉरिडोरों की पहचान और उनके संरक्षण पर निरंतर कार्य कर रही है। हमारी संरक्षण यात्रा को अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों, वैज्ञानिकों और संरक्षणकर्मियों के समर्पण तथा स्थानीय समुदायों की अमूल्य भागीदारी से शक्ति मिलती है। वन्यजीवों के संरक्षण के साथ मानव और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व भी आवश्यक है। इस दिशा में समय पर सूचना और त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन, स्थानीय स्तर पर जागरूकता और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री  मोदी ने अपने संदेश में देशवासियों से अपील की है कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ हम सभी अपने-अपने स्तर पर वन्यजीवों और उनके आवासों की रक्षा में योगदान दें। जब जंगल और वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे, तो प्रकृति का संतुलन भी बना रहेगा। यही हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे मूल्यवान विरासत होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी सभी से वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग देने का आहवान किया है।