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  • UP News: त्योहारों से पहले योगी सरकार का बड़ा प्लान, 681 सड़कों के गड्ढे सबसे पहले होंगे दुरुस्त

    UP News: त्योहारों से पहले योगी सरकार का बड़ा प्लान, 681 सड़कों के गड्ढे सबसे पहले होंगे दुरुस्त

     लखनऊ
    यूपी में बारिश और बाढ़ के कारण खराब हुई सड़कों को लेकर योगी सरकार ने अब तेजी से काम करने की तैयारी शुरू कर दी है. आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रदेश के 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं. इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त और आवागमन के लिए बेहतर बनाया जाएगा। 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को तत्काल ठीक कर मोटरेबल बनाया जाए. उन्होंने साफ कहा कि अभी बरसात पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, इसलिए जहां तत्काल मरम्मत जरूरी है, वहां काम किया जाए और बारिश समाप्त होने के बाद जरूरत के मुताबिक सड़क का स्थायी नवीनीकरण कराया जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गड्ढामुक्ति अभियान सिर्फ गड्ढों में पैचवर्क करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए. सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन करके जरूरत के अनुसार मरम्मत और नवीनीकरण की कार्रवाई की जाए। 

    त्योहारों से पहले 681 मार्गों पर खास नजर

    आने वाले दिनों में प्रदेश में लगातार पर्व-त्योहार हैं. गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं. इसी को देखते हुए सरकार ने 681 महत्वपूर्ण मार्गों की पहचान की है. इन मार्गों पर त्योहारों से पहले जरूरी मरम्मत और नवीनीकरण का काम पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है. इन सड़कों पर भीड़ और वाहनों की आवाजाही अधिक रहने की संभावना है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पर्वों के दौरान लोगों को खराब सड़कों के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए। 

    बारिश अभी जारी, इसलिए दो स्तर पर होगा काम
    अधिकारियों का कहना है कि सरकार के सामने फिलहाल एक चुनौती यह भी है कि प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश अभी जारी है. ऐसे में किसी सड़क की पूरी तरह स्थायी मरम्मत करना हर जगह संभव नहीं है. इसी वजह से मुख्यमंत्री ने दो स्तर पर काम करने को कहा है. पहले चरण में बारिश से खराब सड़क को तुरंत आवागमन योग्य बनाया जाएगा. जहां गड्ढे हैं या सड़क का हिस्सा टूट गया है, वहां जरूरी मरम्मत की जाएगी. दूसरे चरण में बरसात समाप्त होने के बाद सड़क की स्थिति का दोबारा आकलन किया जाएगा. जहां ज्यादा नुकसान हुआ है, वहां स्थायी नवीनीकरण कराया जाएगा. इससे फिलहाल लोगों को आने-जाने में राहत मिलेगी और बाद में सड़क को स्थायी रूप से बेहतर किया जा सकेगा। 

    सिर्फ बारिश से ही नहीं टूटीं सड़कें
    समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि प्रदेश में सड़कों के खराब होने की वजह केवल बारिश और बाढ़ नहीं है. कई जगह एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और दूसरी निर्माणाधीन परियोजनाओं के चलते भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है. लगातार भारी वाहनों के चलने से भी कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है. अब ऐसे मार्गों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे में जिन सड़कों को क्षतिग्रस्त पाया जाएगा, उन्हें चिन्हित करके संबंधित विभाग के लिए गड्ढामुक्ति का लक्ष्य तय किया जाएगा। 

    9 विभागों की 4.36 लाख किमी सड़कों की समीक्षा
    बैठक में प्रदेश के नौ विभागों के अधीन आने वाली सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई. अधिकारियों के मुताबिक इन विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं. मौजूदा गड्ढामुक्ति अभियान के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर मार्गों को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. अब तक करीब 5,751 किलोमीटर सड़कों पर गड्ढामुक्ति का काम पूरा होने की जानकारी बैठक में दी गई. बाकी सड़कों पर भी काम चल रहा है. इसके साथ ही बारिश और अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त हुए नए मार्गों का सर्वे पूरा होने के बाद विभागवार लक्ष्य को अंतिम रूप दिया जाएगा। 

    30 हजार किमी सड़क के नवीनीकरण का लक्ष्य
    सरकार ने सिर्फ गड्ढे भरने का लक्ष्य नहीं रखा है. जहां सड़क की स्थिति ज्यादा खराब है, वहां नवीनीकरण और विशेष मरम्मत भी कराई जाएगी. बैठक में बताया गया कि करीब 30 हजार किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य रखा गया है. इसमें अब तक करीब 14 हजार किलोमीटर पर काम होने की जानकारी दी गई. इसी तरह करीब 5 हजार किलोमीटर मार्गों पर विशेष मरम्मत का लक्ष्य है. अब तक करीब 700 किलोमीटर पर विशेष मरम्मत का काम पूरा होने की बात कही गई। 

    स्कूल-अस्पताल वाली सड़कें पहले ठीक होंगी
    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सड़क सुधार के लिए प्राथमिकता तय करते समय केवल सड़क की लंबाई नहीं देखी जाए, बल्कि वहां लोगों की जरूरत को भी ध्यान में रखा जाए. उन्होंने शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और अधिक आवाजाही वाले स्थानों तक पहुंचने वाली सड़कों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. इसका मतलब साफ है कि जिस सड़क से रोजाना बड़ी संख्या में छात्र, मरीज, कर्मचारी और आम लोग गुजरते हैं, वहां मरम्मत का काम पहले कराया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी से सीधे जुड़ी है. इसलिए इसकी खराब स्थिति का असर सीधे लोगों पर पड़ता है. सड़कों की मरम्मत को लेकर अक्सर गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने काम में तेजी के साथ गुणवत्ता का भी ध्यान रखने को कहा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क की मरम्मत सिर्फ औपचारिकता के लिए न हो. जहां पैचवर्क से काम चल सकता है वहां उसे किया जाए, लेकिन जहां सड़क का व्यापक नवीनीकरण जरूरी है वहां स्थायी समाधान किया जाए. बारिश खत्म होने के बाद सड़कों की वास्तविक स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। 

    सभी विभाग मिलकर करेंगे काम
    सड़कें केवल लोक निर्माण विभाग के अधीन नहीं हैं. अलग-अलग क्षेत्रों में अलग विभागों की सड़कें हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया. बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की कार्ययोजनाओं की भी समीक्षा की गई। 

  • गणेश पूजा में शराब बिक्री रोकने पर HC नाराज, कहा- ‘ऐसे तो बीमार हो जाएंगे शराबी’

    गणेश पूजा में शराब बिक्री रोकने पर HC नाराज, कहा- ‘ऐसे तो बीमार हो जाएंगे शराबी’

     पुणे

    महाराष्ट्र में गणेश उत्सव की धूम रहती है। 10 दिनों तक चलने वाले इस पूजा के दौरान पुणे के जिला प्रशासन ने शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया। जब यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा तो जज ने जिला प्रशासन के इस फैसले की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा कि सिर्फ एक जिले को ही क्यों चुना गया, जबकि मुंबई सहित महाराष्ट्र के किसी भी जिले में ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि प्रशासन को यह आदेश वापस ले लेना चाहिए वरना कोर्ट को दखल देना पड़ेगा।

    आपको बता दें कि जिला प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ होटल मालिकों और शराब की दुकान के मालिकों के संगठनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमसी त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच ने कहा कि जिन्हें शराब बेचने का लाइसेंस प्राप्त है उन्हें 10 दिनों तक अपना कारोबार करने से रोकने के लिए कहना पूरी तरह से मनमाना है।

    सिर्फ एक जिले में क्यों बैन
    इन याचिकाओं में पुणे कलेक्टर के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें 14 सितंबर से शुरू होने वाले गणेश उत्सव के दौरान 10 दिनों तक शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई थी। बेंच ने कहा, "सिर्फ पुणे को चुनने के पीछे क्या तर्क है? हम ऐसी प्रथा की निंदा करते हैं। यह पुणे के लोगों के लिए एक कलंक है। आप क्या दिखाना चाह रहे हैं कि सिर्फ पुणे के लोग ही शराब पीने के बाद बुरा व्यवहार करते हैं? आप पूरे राज्य में से सिर्फ एक जिला चुन रहे हैं।"

    अस्पताल में भर जाएंगे शराबी
    कोर्ट ने पुणे कलेक्टर की ओर से पेश वकील से कहा कि वे कोर्ट को बताएं कि क्या यह आदेश वापस लिया जाएगा, वरना कोर्ट उचित आदेश पारित करेगा। हल्के-फुल्के अंदाज में कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी पाबंदी से शराब की लत वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। चीफ जस्टिस त्रिपाठी ने मजाकिया लहजे में कहा, "अगर उन्हें 10 दिनों तक शराब नहीं मिली तो वे अस्पतालों में भर जाएंगे।"

  • हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, ग्रामीण स्वच्छता कर्मियों का बढ़ेगा मानदेय; मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

    हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, ग्रामीण स्वच्छता कर्मियों का बढ़ेगा मानदेय; मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

    चंडीगढ़ 
     हरियाणा सरकार की ओर से ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए कई वित्तीय और लाभकारी घोषणा की गई है। इनमें उनका मानदेय बढ़ाना, यूनिफॉर्म और धुलाई के लिए ज्यादा भत्ता देना, गांव से बाहर ड्यूटी करने पर मुआवजा देना और ड्यूटी के दौरान मौत होने पर परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देना शामिल है। हरियाणा के विकास और पंचायत विभाग के निदेशक की ओर से 10 सितंबर को एक आधिकारिक मेमोरेंडम जारी करके इन फायदों की जानकारी दी गई। यह मेमोरेंडम राज्य भर के डिप्टी कमिश्नरों, जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और जिला व ब्लॉक स्तर के विकास और पंचायत अधिकारियों को भेजा गया था। इस फैसले के तहत, ग्रामीण सफाई कर्मियों को जनवरी 2026 से उनके मासिक मानदेय में 2,100 रुपये की बढ़ोतरी से मिलने वाला बकाया पैसा (एरियर) मिलेगा। मानदेय 16,000 रुपये से बढ़ाकर 18,100 रुपये कर दिया गया है, और 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा।

    सरकार ने अक्टूबर 2023 के लिए बकाया मानदेय जारी करने की भी मंजूरी दे दी है। यह उन सफाई कर्मियों के लिए है, जिन्हें हड़ताल के दौरान उस महीने का भुगतान नहीं मिला था। आदेश में ढांड में 48, फारुखनगर में 54, सिहमा में 25 और निजामपुर में 15 कर्मियों के नाम शामिल हैं, जिससे कुल संख्या 139 है।

    जो सफाई कर्मी अपने गांव से बाहर ड्यूटी करेंगे, उन्हें 200 रुपये प्रतिदिन का भत्ता मिलेगा। यह राशि संबंधित ब्लॉक विकास और पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय की ओर से ऐसी तैनाती के लिए छोटे-मोटे खर्चों से दी जाएगी।

    सरकार ने सालाना यूनिफॉर्म भत्ता भी 2,000 रुपये बढ़ा दिया है, जिससे यह 4,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये हो गया है। सालाना धुलाई भत्ता 500 रुपये बढ़ाकर 1,000 रुपये से 1,500 रुपये कर दिया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर ड्यूटी के दौरान किसी ग्रामीण सफाई कर्मी की मौत हो जाती है, तो परिवार के एक सदस्य को मानवीय आधार पर नौकरी दी जाएगी।

    निजी एजेंसियों की ओर से परिवारों के शोषण को रोकने के लिए, बीडीपीओ कार्यालयों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे मृत सफाई कर्मियों के परिवारों को ईपीएफ और ईएसआई डेथ-क्लेम से जुड़े कागजी काम पूरा करें।

    सरकार की ओर से यह भी निर्देश दिया गया है कि ग्रामीण सफाई कर्मियों का मासिक मानदेय हर महीने की सात तारीख तक दे दिया जाना चाहिए। देरी होने पर 2,500 रुपये का जुर्माना देना होगा।

  • पिस्टल तानकर प्रॉपर्टी डीलर से लूटी होंडा सिटी, चंडीगढ़ पुलिस ने 3 आरोपित दबोचे

    पिस्टल तानकर प्रॉपर्टी डीलर से लूटी होंडा सिटी, चंडीगढ़ पुलिस ने 3 आरोपित दबोचे

    चंडीगढ़
     मनीमाजरा के राजीव विहार में बुधवार देर रात पिस्टल की नोक पर प्राॅपर्टी डीलर से होंडा सिटी कार लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

    आरोपितों की पहचान पंचकूला राजीव कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय कृष्ण, रैला गांव निवासी 21 वर्षीय सोनू, चंडीगढ़ के सेक्टर-16 निवासी 24 वर्षीय संजू उर्फ कांचा के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई होंडा सिटी कार भी बरामद कर ली है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

    राजीव विहार निवासी 24 वर्षीय पुलकित शर्मा बुधवार रात करीब 12 बजे अपने घर के बाहर कार में बैठकर ऑनलाइन खाना आने का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान तीन बाइक और एक्टिवा पर सवार छह बदमाश वहां पहुंचे। दो बदमाशों ने अपने वाहन कार के आगे लगा दिए, जबकि अन्य ड्राइवर सीट की तरफ पहुंच गए।

    आरोपितों ने पुलकित से 10 हजार रुपये मांगे और कहा कि उन्हें नशा करना है। नकदी नहीं होने पर पुलकित ने गूगल-पे से भुगतान करने की बात कही, लेकिन आरोपित नहीं माने। इसके बाद उन्होंने उसके साथ हाथापाई की, कार की चाबी निकाल ली और हाथ में पहनी घड़ी उतरवा ली। उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया।

    पिस्टल तानकर कार लेकर फरार
    कुछ देर बहस के बाद आरोपितों ने पुलकित को कार से बाहर निकाल दिया। जाते समय उसका मोबाइल वापस कर दिया, लेकिन पिस्टल की नोक पर धमकाते हुए उसकी होंडा सिटी कार लूट ली। तीन बदमाश कार में सवार होकर फरार हुए, जबकि तीन अन्य बाइक और एक्टिवा से उनके पीछे निकल गए।

    पुलकित ने घर पहुंचकर अपने पिता संजीव को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। संजीव चंडीगढ़ से सटे कैंबवाला क्षेत्र में प्राॅपर्टी कारोबार करते हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद पुलकित भी पिता के साथ प्राॅपर्टी के काम में हाथ बंटा रहा है।

    पेट्रोल पंप पर 3,200 रुपये का तेल डलवाया
    कार लूटने के बाद आरोपित डप्पर स्थित अंबाला-चंडीगढ़ टोल प्लाजा के पास एक पेट्रोल पंप पर पहुंचे। वहां उन्होंने करीब 3,200 रुपये का तेल डलवाया, लेकिन बिना भुगतान किए कार लेकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने कार का नंबर फ्लैश कर हरियाणा पुलिस को सूचना दी। कार के अंबाला में देखे जाने की जानकारी भी पुलिस को मिली।

    ढकोली से दबोचे गए तीन आरोपित
    चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में टीमें सक्रिय कर दी थीं। मनीमाजरा थाना पुलिस और डीसीसी की टीम ने कार्रवाई करते हुए ढकोली से कृष्ण, सोनू और संजू उर्फ कांचा को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से लूटी गई होंडा सिटी बरामद कर ली गई। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और वारदात में इस्तेमाल वाहनों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

     

  • BRICS Summit के बीच बड़ा फैसला, 13 सितंबर को सुबह 6 बजे से चलेगी दिल्ली मेट्रो

    BRICS Summit के बीच बड़ा फैसला, 13 सितंबर को सुबह 6 बजे से चलेगी दिल्ली मेट्रो

    नई दिल्ली
     राष्ट्रीय राजधानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर जबरदस्त तैयारी की गई है। ऐसे में दिल्ली के कई रूट पर ट्रैफिक पाबंदियों के बीच छात्रों और आम लोगों की असुविधा न हो, इसके दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बड़ा फैसला लिया है। डीएमआरसी ने कहा कि मेट्रो सेवाएं रविवार 13 सितंबर को सुबह 6 बजे से शुरू हो जाएंगी। डीएमआरसी ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए बताया कि परीक्षा देने जा रहे छात्रों और आम जनता की सुचारू और समय पर आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण ट्रैफिक पाबंदियों के बीच, रविवार 13 सितंबर को सभी लाइनों पर मेट्रो ट्रेन सेवाएं सुबह 06:00 बजे से शुरू होंगी।

    डीएमआरसी ने क्यों लिया ये फैसला
    डीएमआरसी ने इस फैसले को लेकर कहा कि छात्रों और यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएं। आम तौर पर दिल्ली के कई रूट जिनमें पिंक, मजेंटा और ग्रे लाइन पर रविवार को मेट्रो सेवाएं सुबह सात बजे शुरू होती हैं। हालांकि, इस रविवार मेट्रो सेवाएं सुबह 6 बजे से शुरू होंगी। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस बार नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। इसे लेकर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई प्रमुख स्थान अगले तीन दिन तक बंद रहेंगे, जिनमें राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान भी शामिल हैं।

    राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान रहेंगे बंद
    अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान को शुक्रवार से रविवार तक विजिटर्स के लिए बंद रखा गया है। एक अधिकारी ने बयान में कहा कि शनिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में 'चेंज ऑफ गार्ड' सेरेमनी भी नहीं होगी। यह कदम ब्रिक्स प्रतिनिधियों को होने वाली परेशानी को कम करने और शिखर सम्मेलन स्थल के आसपास आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाकर सड़कों पर भीड़ कम करने की कोशिश का हिस्सा है।

    स्कूल, ऑफिस रहेंगे बंद, जानें ट्रैफिक एडवाइजरी
    दिल्ली सरकार ने पहले ही 11 सितंबर को अपने कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा कर दी है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने भी उस दिन केंद्र सरकार के कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा करते हुए एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की। इसमें बताया गया कि शिखर सम्मेलन के चलते दिल्ली के मुख्य रास्तों पर दोपहर 2 बजे से रात 8.30 बजे तक ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा और आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा।

    ब्रिक्स समिट, मेट्रो के इस्तेमाल की सलाह
    पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें, यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, खासकर मेट्रो का इस्तेमाल करें। तय डायवर्जन रूट और ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। पुलिस ने कहा कि इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं वाली गाड़ियों को निकलने में प्राथमिकता दी जाएगी। राजधानी में होने वाले ब्रिक्स समिट को लेकर फैली अटकलों के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। डीएमआरसी ने साफ किया है कि मेट्रो सेवा सामान्य रूप से जारी रहेगी।

    डीएमआरसी ने की है खास तैयारी
    डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि सेवा से जुड़ी जानकारी यात्रियों को सूचित की जाती है कि अगले आदेश तक सभी मेट्रो स्टेशन खुले रहेंगे। जब तक कोई विशेष घोषणा न की जाए, तब तक कामकाज सामान्य रूप से चलता रहेगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे आगे की जानकारी के लिए डीएमआरसी की वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या 'दिल्ली मेट्रो सारथी' ऐप देखते रहें। यह जानकारी इस मामले पर कई सवाल मिलने के बाद जारी की जा रही है।

    क्या बंद रहेंगे मेट्रो स्टेशन? जानिए अपडेट
    दरअसल, ब्रिक्स समिट के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक पाबंदियों को लेकर लोगों में भ्रम था कि क्या मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे? इसे लेकर डीएमआरसी को यह स्पष्टीकरण देना पड़ा। इससे पहले डीएमआरसी ने एक अन्य एडवाइजरी में बताया था कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम ब्रिक्स समिट के दौरान बंद रहेगा। डीएमआरसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम 11 से 13 सितंबर, 2026 (शुक्रवार से रविवार) तक बंद रहेगा। हम 15 सितंबर, 2026 (मंगलवार) को आप सभी का स्वागत करने के लिए वापस आएंगे, क्योंकि 14 सितंबर (सोमवार) को म्यूजियम की साप्ताहिक छुट्टी होती है।

    ब्रिक्स समिट को लेकर लिए गए कई अहम फैसले
    दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी ब्रिक्स समिट को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने जनता को अदालतों में कामकाज और मामलों की तारीखों में बदलाव के बारे में जानकारी दी है, खासकर भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट स्थल के पास स्थित अदालतों के लिए। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत अब 10 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। निचली अदालतों में 11 और 12 सितंबर को छुट्टी रहेगी, इसलिए इन दो तारीखों पर सूचीबद्ध मामले अब 14 सितंबर को सुने जाएंगे।

  • बाढ़ में कार नहीं पहुंची तो ट्रैक्टर पर निकलीं CO हर्षा कोमल, गांव-गांव पहुंचाई राहत सामग्री

    बाढ़ में कार नहीं पहुंची तो ट्रैक्टर पर निकलीं CO हर्षा कोमल, गांव-गांव पहुंचाई राहत सामग्री

    पटना
    बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. जिले की 86 से अधिक पंचायतें प्रभावित हैं. बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन की टीमें जुटी हैं. इसी बीच शाहकुंड प्रखंड की सर्किल ऑफिसर (CO) हर्षा कोमल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने जाती दिखाई दे रही हैं.

    शाहकुंड प्रखंड के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भरा होने के कारण सामान्य वाहनों का आवागमन प्रभावित है. ऐसे में CO हर्षा कोमल अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ट्रैक्टर के जरिए प्रभावित गांवों तक पहुंचीं. ट्रैक्टर पर राहत सामग्री लेकर प्रशासन की टीम बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंची और जरूरतमंद लोगों को राहत सामग्री बांटी.

    शाहकुंड प्रखंड के खुलनी, पैरडो मोमिन्या माल, बेलथू, खैरा, मकंदपुर और दरियापुर पंचायत बाढ़ से अधिक प्रभावित हैं. इन इलाकों में गंगा नदी के पानी का असर देखने को मिल रहा है. कई जगहों पर जलभराव के कारण आवागमन ठप हो गया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं.

    इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शाहकुंड की CO हर्षा कोमल ट्रैक्टर के जरिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं. वायरल वीडियो में वह ट्रैक्टर पर बैठकर राहत सामग्री के साथ गांवों की ओर जाती दिखाई देती हैं. उनके साथ प्रशासन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी हैं.

    प्रशासन के सामने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाना बड़ी चुनौती है. जिन गांवों तक कार नहीं पहुंच पा रही है, वहां ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है. CO हर्षा कोमल खुद प्रभावित गांवों का दौरा कर राहत वितरण की व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं.

    भागलपुर में गंगा नदी के उफान के कारण कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है. बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगहों तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके लिए भोजन और अन्य चीजों की व्यवस्था की जा रही है. प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

  • Railway Employees को बड़ा तोहफा! बनेंगी 5 मंजिला बिल्डिंग, मिलेंगे 2BHK-3BHK फ्लैट और ये सुविधाएं

    Railway Employees को बड़ा तोहफा! बनेंगी 5 मंजिला बिल्डिंग, मिलेंगे 2BHK-3BHK फ्लैट और ये सुविधाएं

    नई दिल्ली

    रेलवे में काम करनेवाले लाखों कर्मचारियों के लिए अच्‍छी खबर है. खासकर उन रेलकर्मियों के लिए, जो रेलवे के बेहद पुराने मकानों में रह रहे हैं. जिन रेलवे कॉलोनी में मकान 50 साल पुराने हो गए हैं या असुरक्षित घोषित किए जा चुके हैं, उन कॉलोनी का कायाकल्‍प होने वाला है। दरअसल, रेलवे बोर्ड की योजना, 50 साल से ज्‍यादा पुराने और असुरक्षित रेलवे क्‍वार्टर्स को हटाकर आधुनिक बहुमंजिला इमारतें तैयार करने की है. जमीन का बेहतर इस्‍तेमाल करते हुए G-4 यानी 4 मंजिली या उससे ज्‍यादा ऊंची इमारतें बनाई जाएंगी और इन भवनों में रेलकर्मियों को रहने के लिए पहले की तुलना में ज्यादा बड़े कमरों वाले फ्लैट मिलेंगे। 

    दरअसल, इस संबंध में रेलवे बोर्ड का निर्देश पत्र फिर से चर्चा में है, जिसमें पुराने जर्जर मकानों को चरणबद्ध तरीके से ध्‍वस्‍त करने और उनकी जगह बहुमंजिला बिल्डिंग बनवाने के संबंध में सभी जोनल रेलवे, मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट्स और केंद्रीय संगठनों को निर्देश दिए गए थे। रेलवे बोर्ड के सूत्र ने बताया कि पूर्व में ही सभी जोन को ऐसा एक पत्र जारी किया गया था. इस पत्र में असुरक्षित रेलवे कॉलोनियों की प्राथमिकता सूची तैयार कर वर्क-प्‍लान भेजने को कहा गया है. कुछ जगहों पर काम प्रगति में होने की भी खबरें हैं। 

    बड़े फ्लैट, लिफ्ट, पार्किंग, पावर बैकअप भी
    रेलवे बोर्ड का प्‍लान जमीन पर उतारा गया तो रेलकर्मियों को पुराने ढर्रे वाली कॉलोनी के जर्जर मकानों में नहीं, बल्कि 4-5 या ज्‍यादा मंजिल वाली बिल्डिंग में बड़े कमरों वाले फ्लैट मिलेंगे. जिन रेलकर्मियों को ऊंची बिल्डिंग में फ्लैट मिलेंगे, उन्‍हें बिल्डिंग में लिफ्ट की भी सुविधा मिलेगी। .

    संभव हो तो बिजली के लिए छतों पर सोलर एनर्जी प्‍लांट भी इंस्‍टॉल किए जाएंगे, ताकि पावर-कट होने पर भी बिजली मिलती रहे. यही नहीं, फ्लैट में आधुनिक रसोई की फिटिंग और वाहनों के लिए अलग पार्किंग की व्‍यवस्‍था देने का भी प्‍लान है।  

        ऊंची बिल्डिंग्‍स बनने पर टाइप-2 और टाइप-3 रेलवे क्वार्टरों का कवर्ड एरिया बढ़ जाएगा। 
        कम जगह होने के बावजूद ज्‍यादा से ज्‍यादा रेलकर्मियों को सुरक्षित आवास मुहैया कराया जा सकेगा। 
        रेलकर्मियों को 2BHK और 3BHK वाले आवास के स्‍टैंडर्ड  के मुताबिक डेवलप किया जाएगा। 
        कर्मचारियों को पुराने और छोटे कमरों की बजाय पहले से ज्‍यादा जगह वाले आधुनिक आवास मिलेंगे। 
        कोई बिल्डिंग अगर तीन से ज्‍यादा मंजिल वाली हुई तो उनमें लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी ही रहेगी।  
        छत पर सोलर एनर्जी सिस्‍टम, मॉड्युलर किचन फिटिंग और बिल्डिंग के नीचे अलग पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।  

    रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार इन रेलकर्मियों के लिए आवासीय बिल्डिंग के पुनर्निर्माण प्रोजेक्‍ट के लिए पैसे वर्क्स प्रोग्राम के प्लान हेड-51 यानी कर्मचारी सुविधाओं के तहत उपलब्ध कराई जाएगी. बताया ये भी जा रहा है कि जहां भी संभावना बनेगी, इन परियोजनाओं को स्टेशन पुनर्विकास और अमृत भारत योजना से भी जोड़ा जा सकेगा। 

  • चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी किराये के नए नियम लागू, 2 महीने के भीतर देनी होगी एग्रीमेंट की जानकारी

    चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी किराये के नए नियम लागू, 2 महीने के भीतर देनी होगी एग्रीमेंट की जानकारी

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़ में मकान मालिक और किरायेदारों के बीच होने वाले विवादों के निपटारे को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की तैयारी पूरी हो गई है। चंडीगढ़ प्रशासन के संपदा विभाग ने यूटी चंडीगढ़ टेनेंसी रूल्स, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। नए नियम 10 सितंबर से पूरे चंडीगढ़ में प्रभावी हो गए हैं।

    नए नियमों में किरायेदारी एग्रीमेंट की ऑनलाइन जानकारी देना जरूरी किया गया है। एग्रीमेंट होने के दो महीने के भीतर रेंट अथॉरिटी को जानकारी देनी होगी। नई व्यवस्था में किरायेदारी समझौते से लेकर किराये में बदलाव, सुरक्षा राशि, परिसर खाली कराने और विवादों के निपटारे तक की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है। इसके लिए किराया प्राधिकरण, किराया न्यायालय और किराया अधिकरण की त्रिस्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। उपायुक्त-सह-संपदा अधिकारी निशांत कुमार यादव, आईएएस ने कहा कि नए नियम मकान मालिकों और किरायेदारों के संबंधों में सुगमता, पारदर्शिता और निश्चितता लाएंगे तथा विवादों के समाधान के लिए सुव्यवस्थित तंत्र सुनिश्चित करेंगे।

    एग्रीमेंट के 2 महीने में देनी होगी जानकारी: नए नियमों के अनुसार मकान मालिक और किरायेदार को किरायेदारी समझौता होने के दो माह के भीतर संयुक्त रूप से या अलग-अलग ऑनलाइन माध्यम से किराया प्राधिकरण को इसकी सूचना देनी होगी। सूचना मिलने के सात दिन के भीतर प्राधिकरण पक्षकारों को ई-रसीद के रूप में विशिष्ट पहचान संख्या जारी करेगा। यह पंजीकृत मोबाइल नंबर या ई-मेल पर भेजी जाएगी। मकान मालिक किराये से मना करे तो भी रास्ता : यदि मकान मालिक किराया या अन्य देय राशि लेने से इनकार करता है अथवा रसीद जारी नहीं करता, तो किरायेदार लगातार दो माह तक आरटीजीएस, एनईएफटी, चेक या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से भुगतान का प्रयास कर सकेगा। इसके बाद भी भुगतान स्वीकार नहीं होने पर किरायेदार राशि किराया प्राधिकरण के पास जमा करा सकेगा।

    किराया, बिजली-पानी और मेंटेनेंस विवाद भी अथॉरिटी में: किराया, बिजली, पानी या मेंटेनेंस चार्ज के विवाद पर रेंट अथॉरिटी में आवेदन कर सकेंगे। फैसला लेते समय आसपास के क्षेत्र में चल रहे प्रचलित किराये को भी ध्यान में रखा जाएगा।  तीन महीने में बनेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म: किराया प्राधिकरण के गठन के तीन माह के भीतर स्थानीय भाषा और प्रशासन द्वारा निर्धारित अन्य भाषाओं में डिजिटल मंच तैयार किया जाएगा। इस पर किरायेदारी से जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे। दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन होगा। किरायेदारी संबंधी रिकॉर्ड गोपनीय रखे जाएंगे और इन्हें केवल संबंधित पक्षकारों तथा अधिकृत अधिकारियों को ही उपलब्ध कराया जाएगा।

    अपील पर 60 दिन में फैसला :
    पक्षकार किराया, बिजली, पानी, रखरखाव और सुरक्षा शुल्क के निर्धारण या संशोधन के लिए किराया प्राधिकरण में आवेदन कर सकेंगे। निर्णय से असंतुष्ट होने पर मान्यता प्राप्त मूल्यांकनकर्ता से परिसर का मूल्यांकन कराया जा सकता है, जिसका खर्च आवेदक को उठाना होगा। दूसरे पक्ष को किराया प्राधिकरण में आवेदन पर 15 दिन में जवाब देना होगा, जिसे कारण दर्ज कर अधिकतम 30 दिन तक बढ़ाया जा सकता है। किराया अधिकरण को नोटिस की तामील के 60 दिन के भीतर अपील का फैसला करना होगा और सामान्यतः केवल एक स्थगन की अनुमति होगी। किराया न्यायालय के आदेश का निष्पादन नोटिस की तामील के 30 दिन में पूरा करना होगा।

  • विनेश फोगाट को बड़ा झटका, दिल्ली HC ने वर्ल्ड चैंपियनशिप ट्रायल में उतरने से रोका

    विनेश फोगाट को बड़ा झटका, दिल्ली HC ने वर्ल्ड चैंपियनशिप ट्रायल में उतरने से रोका

    नई दिल्ली
    भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल से पहले बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 14 सितंबर को होने वाले चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अंतरिम आदेश में कहा कि अदालत विनेश फोगाट को ट्रायल में शामिल होने के लिए मौजूदा नियमों से विशेष छूट नहीं दे सकती।

    दिल्ली हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट की मातृत्व और खेल करियर से जुड़े एक अहम सवाल पर विचार करने की बात कही है। कोर्ट यह देखेगा कि मां बनने के बाद महिला खिलाड़ियों की खेल में वापसी और प्रतियोगिताओं की पात्रता के नियमों के बीच किस तरह संतुलन बनाया जा सकता है। विनेश फोगाट जुलाई 2025 में मां बनी थीं। इसके बाद वह मैटरनिटी लीव से लौट चुकी हैं। उन्होंने 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए होने वाले महिला चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति मांगी थी।

    क्या मां बनने और करियर में से एक चुनना होगा?'
    हाईकोर्ट ने कहा कि यह बड़ा सवाल है कि मातृत्व और खेल करियर के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। साथ ही यह भी विचार करने की जरूरत है कि क्या किसी महिला खिलाड़ी को मां बनने और अपने खेल करियर को जारी रखने में से किसी एक को चुनने की स्थिति में आना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि इस मुद्दे पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। मामले की आगे की सुनवाई में इस पहलू पर विस्तार से विचार किया जाएगा।

    क्या है पूरा मामला?
    भारतीय कुश्ती महासंघ ने सात सितंबर को चयन ट्रायल के लिए पात्रता से जुड़े नियम तय किए थे। इन नियमों के तहत कुछ अनिवार्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना जरूरी है। हाईकोर्ट ने कहा कि ये नियम सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होते हैं। अगर कोई पहलवान तय अनिवार्य प्रतियोगिताओं में शामिल नहीं हुआ है, तो मौजूदा नियमों के तहत उसे चयन ट्रायल के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।

    विनेश ने क्यों मांगी थी विशेष छूट?
    विनेश फोगाट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि गर्भावस्था, बच्चे के जन्म और प्रसव के बाद स्वास्थ्य लाभ के कारण वह कुछ समय तक प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकीं। उन्होंने अदालत से इस अवधि को ध्यान में रखते हुए उन्हें विशेष छूट देने की मांग की थी, ताकि वह 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में हिस्सा ले सकें। हालांकि, अदालत ने मौजूदा पात्रता नियमों में उनके लिए अलग से छूट देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद विनेश के 14 सितंबर को होने वाले चयन ट्रायल में उतरने की उम्मीदों को झटका लगा है।

     

  • बिग बॉस 20’ में काजी तौकीर की एंट्री, 20 साल बाद फिर चमका ‘फेम गुरुकुल’ का सितारा

    बिग बॉस 20’ में काजी तौकीर की एंट्री, 20 साल बाद फिर चमका ‘फेम गुरुकुल’ का सितारा

    बिग बॉस 20’ में इस बार कई चर्चित चेहरे नजर आ रहे हैं. इन्हीं में से एक नाम काजी तौकीर का भी है. काजी भले ही लंबे समय बाद टेलीविजन पर दिखाई दे रहे हों, लेकिन मनोरंजन की दुनिया से उनका रिश्ता काफी पुराना है. साल 2005 में उन्होंने सिंगिंग रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ जीतकर रातो-रात अपनी अलग पहचान बनाई थी.

    ‘फेम गुरुकुल’ से मिली पहचान
    काजी तौकीर ने ‘फेम गुरुकुल’ में रूपरेखा बनर्जी के साथ हिस्सा लिया था. शो में दोनों की गायकी को दर्शकों ने खूब पसंद किया. अंत में काजी ने वोटिंग में इतिहास रचते हुए फेम गुरुकुल की ट्रॉफी अपने नाम की. शो में अरिजीत सिंह भी प्रतियोगी के तौर पर नजर आए थे. हालांकि, उस समय अरिजीत शो में छठे स्थान पर रहे. अरिजीत ने भले ही शो नहीं जीत, लेकिन आज वो क्या हैं, ये दुनिया जानती है.

    शो के दौरान काजी और अरिजीत के बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी. दोनों ने साथ में अपने करियर की शुरुआत की और समय के साथ यह रिश्ता और मजबूत होता गया. काजी, अरिजीत को अपना दोस्त ही नहीं, बल्कि भाई भी मानते हैं. यही वजह है कि आज भी दोनों के बीच खास बॉन्डिंग देखने को मिलती है. अरिजीत, काजी को सपोर्ट भी कर रहे हैं.

    अरिजीत ने किया दोस्त को सपोर्ट
    काजी तौकीर के ‘बिग बॉस 20’ में पहुंचने पर अरिजीत सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें शुभकामनाएं दीं. उन्होंने काजी को अपना ‘रॉकस्टार’ बताते हुए कहा कि वो पहली बार ‘बिग बॉस’ देखेंगे और इसकी वजह उनके दोस्त काजी होंगे. अरिजीत का ये अंदाज फैंस को काफी पसंद आया.

    अरिजीत के इस सपोर्ट से साफ है कि दोनों की दोस्ती आज भी कायम है. जहां अरिजीत बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय गायकों में शामिल हो चुके हैं, वहीं काजी ने संगीत के साथ अभिनय और टेलीविजन में भी अपनी पहचान बनाने की कोशिश की है. वो फिल्म ‘फैंटम’ के फेमस गाने ‘अफगान जलेबी’ से भी जुड़े रहे हैं.

    अब काजी तौकीर ‘बिग बॉस’ के घर में अपनी जिंदगी का नया अध्याय शुरू कर रहे हैं. शो में उनका बेबाक अंदाज, पुरानी यादें और मनोरंजन से भरपूर व्यक्तित्व दर्शकों का ध्यान खींच रहा है. करीब दो दशक बाद रियलिटी टीवी पर उनकी वापसी ने लोगों को उनके पुराने दिनों की याद दिला दी है. काजी बिग बॉस में कभी अपनी सिंगिंग और एक्टिंग से लोगों का मनोरंज कर रहे हैं. कई बार उन्हें उनकी हरकतों के लिए रोस्ट भी किया जा रहा है, लेकिन उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. काजी उटा-पटांग हरकतें करके लाइमलाइट में बने हुए हैं. उन्होंने कैमरे पर भी बोला कि वो एक्ट कर रहे हैं.

    फेम गुरुकुल में उन्होंने अपनी सिंगिंग से रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग हासिल की थी. कमाल की बात ये है कि उस वक्त सोशल मीडिया भी नहीं था. अब सोशल मीडिया भी है और टीवी पर काजी भी. उन्हें उनके फैन्स का बेइंतिहा सपोर्ट मिल रहा है. सलमान खान के शो पर उनका अतरंगी अंदाज फैन्स को काफी पसंद आ रहा है.

    काजी के लिए ‘बिग बॉस’ सिर्फ एक शो नहीं, बल्कि खुद को नई पीढ़ी से दोबारा जोड़ने का मौका भी है. देखते हैं कि आगे चलकर वो शो में क्या कमाल करते हैं.