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  • रायपुर : हर पात्र परिवार को समय पर और पूरा राशन मिले, किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : हर पात्र परिवार को समय पर और पूरा राशन मिले, किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : हर पात्र परिवार को समय पर और पूरा राशन मिले, किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहटों में राशन वितरण की नियमित निगरानी के निर्देश

    आमानारा में पहाड़ी कोरवा परिवारों को राशन नहीं मिलने की शिकायत को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया

    रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से दूरभाष पर ली जानकारी, पात्र परिवारों को तत्काल राशन उपलब्ध कराने के निर्देश

    शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित राशन दुकान निलंबित, चिड़ोडी की राशन दुकान से की गई वैकल्पिक व्यवस्था

    मुख्यमंत्री ने कहा – ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो, खाद्य विभाग और जिला प्रशासन सुनिश्चित करें

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक पात्र परिवार को उसके अधिकार का पूरा राशन समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा सहित विशेष पिछड़ी जनजातियों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को राशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राशन वितरण में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर तत्काल कार्रवाई की जाए।

    मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि शासन द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा खाद्यान्न वास्तविक हितग्राही तक निर्धारित मात्रा में और समय पर पहुंचे, यह संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहटों में अधिकारी अतिरिक्त संवेदनशीलता के साथ राशन की उपलब्धता और वितरण की निगरानी करें।

    मुख्यमंत्री साय ने रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र अंतर्गत आमानारा गांव में पहाड़ी कोरवा परिवारों को राशन नहीं मिलने की शिकायत को गंभीरता से लिया। उन्होंने रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली और प्रभावित पात्र परिवारों को तत्काल राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कलेक्टर से कहा कि शिकायत से जुड़े वितरण अभिलेखों की समुचित जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र परिवार अपने हक के खाद्यान्न से वंचित न रहे। ई-पॉस मशीन में दर्ज वितरण और हितग्राहियों को वास्तव में दिए गए खाद्यान्न का मिलान कर किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

    जिला कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री साय को अवगत कराया कि शिकायत सामने आते ही मामले की जांच कराई गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित राशन दुकान को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पहाड़ी कोरवा परिवारों एवं अन्य हितग्राहियों को राशन मिलने में कोई व्यवधान न आए, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में चिड़ोडी की राशन दुकान से संबद्ध किया गया है।

    मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि इस प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई के साथ ही जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सतत निगरानी की जाए, ताकि ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो। हर हितग्राही को समय पर और गुणवत्ता के साथ राशन वितरण सुनिश्चित हो। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सहज, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से पहुंचाना हमारी सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। प्रत्येक पात्र परिवार को उसका अधिकार बिना किसी बाधा के मिले, इसके लिए अधिकारी संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।

  • कोटा विश्वविद्यालय द्वारा 13 सितंबर को आयोजित होगी राज्य पात्रता परीक्षा (सेट)-2026

    कोटा विश्वविद्यालय द्वारा 13 सितंबर को आयोजित होगी राज्य पात्रता परीक्षा (सेट)-2026

     कोटा
     कोटा विश्वविद्यालय की ओर से 13 सितम्बर को सहायक आचार्य के लिए राज्य पात्रता परीक्षा (सेट)-2026 आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा 7 संभाग जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा, अजमेर व भरतपुर में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक एक पारी में ऑफलाइन मोड पर होगी। इसमें 37 विषयों में इस वर्ष 1 लाख 77 हजार 901 अभ्यर्थी पंजीकृत हुए हैं। सात संभागीय मुख्यालयों में कुल 429 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जयपुर में सबसे अधिक 78 हजार तो भरतपुर में सबसे कम 8 हजार से अधिक अभ्यर्थी बैठेंगे। इसके अलावा जोधपुर में 22,609, बीकानेर 22,281, उदयपुर 17,320, कोटा 14839, अजमेर संभाग में 13,753 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

    कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बीपी सारस्वत ने बताया कि परीक्षा का आयोजन यूजीसी-नेट के नवीनतम मानकों के अनुरूप किया जाएगा। परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए कोटा विश्वविद्यालय में केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। परीक्षा की सुरक्षा, गोपनीयता और संवेदनशीलता से जुड़े सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने और परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने की अपील की।

    प्रवेश के लिए ये दस्तावेज जरूरी
    अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश-पत्र की रंगीन प्रति, मूल फोटोयुक्त पहचान-पत्र के रूप में केवल आधार कार्ड तथा ऑनलाइन आवेदन के समय अपलोड की गई फोटो से मेल खाती एक रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ लानी होगी।

    अभ्यर्थियों की रिपोर्टिंग सुबह 9 से 10 बजे तक होगी। 10 बजे बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

    परीक्षा समन्वयक प्रो. घनश्याम शर्मा ने बताया कि प्रवेश-पत्र पर अंकित परीक्षा केंद्र और रोल नंबर के कोड को केवल सांकेतिक न मानते हुए परीक्षा केंद्र की वास्तविक लोकेशन पहले से सुनिश्चित कर लें। इसके लिए परीक्षा से एक दिन पूर्व केंद्र पर जाकर स्थान की जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है, ताकि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    मोबाइल, स्मार्ट वॉच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित
    1- परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, पुस्तक, नोट्स आदि ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
    2- अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन के हल्के रंग के कपड़े तथा कम हील वाली चप्पल या सैंडल पहनकर आने की सलाह दी गई है।
    3- धार्मिक, पारंपरिक अथवा सांस्कृतिक पोशाक में आने वाले अभ्यर्थियों की सुरक्षा जांच के दौरान विशेष रूप से तलाशी ली जाएगी।
    अभ्यर्थी अपने साथ केवल काले या नीले बॉल पेन लेकर आएं।
    4- ओएमआर शीट पर व्हाइटनर, ब्लेड अथवा किसी अन्य वस्तु का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।
    5- अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने वाले अभ्यर्थियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

  • रायपुर : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों का किया निरीक्षण, बच्चों की सीखने की गतिविधियों और पोषण व्यवस्था का लिया जायजा

    रायपुर : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों का किया निरीक्षण, बच्चों की सीखने की गतिविधियों और पोषण व्यवस्था का लिया जायजा

    रायपुर : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों का किया निरीक्षण, बच्चों की सीखने की गतिविधियों और पोषण व्यवस्था का लिया जायजा

    जालबांधा में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम में शामिल हुईं मंत्री, गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का कराया अन्नप्राशन

    रायपुर

    महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज खैरागढ़ जिले के ग्राम जालबांधा एवं सलोनी स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण एवं देखभाल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी सीखने की प्रक्रिया और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली तथा बच्चों के उत्साह एवं आत्मविश्वास की सराहना की।

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों का किया निरीक्षण

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जालबांधा एवं सलोनी आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों की आयु के अनुरूप खेल-खेल में सीखने, गतिविधि आधारित शिक्षा तथा बच्चों के अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास की मजबूत नींव प्रारंभिक अवस्था में ही तैयार होती है और इसमें आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन

    जालबांधा आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में आयोजित 9वें राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुईं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म में शामिल होकर उन्हें सुपोषण किट वितरित किए। साथ ही बच्चों का अन्नप्राशन कराते हुए उनके स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सक्षम योजना के अंतर्गत दो महिलाओं को ऋण सहायता के चेक भी प्रदान किए।

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कुपोषण को कम करने के लिए गर्भावस्था से ही माताओं के खान-पान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को प्रोटीन एवं पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार देने, अभिभावकों द्वारा बच्चों के साथ पर्याप्त समय बिताने, उनसे बातचीत करने तथा मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचाने की अपील की।

    ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक आयोजित 9वां राष्ट्रीय पोषण माह केवल आंगनबाड़ी केंद्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पोषण का संदेश प्रदेश के प्रत्येक घर तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान को बढ़ावा देने की अपील करते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मुनगा, हरी सब्जियों एवं अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को बच्चों के भोजन में शामिल करने का आग्रह किया।

    उन्होंने महिलाओं से स्वयं पोषण के प्रति जागरूक होने और परिवार तथा आसपास की महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मां से स्वस्थ बच्चे का आधार तैयार होता है और स्वस्थ बच्चे ही सशक्त समाज एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव बनते हैं। आगामी तीज पर्व के अवसर पर भी पोषण जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात उन्होंने कही।

    इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री विक्रांत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं, गर्भवती महिलाएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित थीं।

  • समाजसेवा की नई जिम्मेदारी, रफीक मेमन बने छत्तीसगढ़ मेमन एसोसिएशन के नायब सदर

    समाजसेवा की नई जिम्मेदारी, रफीक मेमन बने छत्तीसगढ़ मेमन एसोसिएशन के नायब सदर

    समाजसेवा की नई जिम्मेदारी, रफीक मेमन बने छत्तीसगढ़ मेमन एसोसिएशन के नायब सदर

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रियता और संगठन के प्रति समर्पण का सम्मान करते हुए मनेन्द्रगढ़ निवासी रफीक मेमन (रज्जू भाई) को छत्तीसगढ़ मेमन एसोसिएशन (CGMA) का नायब सदर (उपाध्यक्ष) मनोनीत किया गया है। उनकी इस महत्वपूर्ण नियुक्ति से मनेन्द्रगढ़ सहित प्रदेशभर के मेमन समाज में खुशी और उत्साह का माहौल है। समाज के लोगों ने इसे न केवल रफीक मेमन का सम्मान, बल्कि मनेन्द्रगढ़ के लिए भी गौरव का क्षण बताया है।
    छत्तीसगढ़ मेमन एसोसिएशन की संगठनात्मक बैठक में समाज को और अधिक संगठित, मजबूत एवं जनसेवा के कार्यों से जोड़ने के उद्देश्य से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। एसोसिएशन के सदर हाजी इदरीश लोया के मार्गदर्शन में विभिन्न पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इसी क्रम में रफीक मेमन को नायब सदर की जिम्मेदारी मिलना उनकी सामाजिक सक्रियता और संगठन के प्रति योगदान पर विश्वास की मुहर माना जा रहा है।
    बैठक में समाज के भविष्य से जुड़े एक महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय पर भी सहमति बनी। एसोसिएशन के पास पिछले तीन वर्षों से उपलब्ध जमीन का उपयोग करते हुए वहां हॉस्टल निर्माण किया जाएगा। इस हॉस्टल में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को रहने की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि वे रायपुर सहित प्रदेश के अन्य शहरों में बेहतर शिक्षा हासिल कर अपने भविष्य को संवार सकें। समाज के जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए उठाया गया यह कदम संगठन की सामाजिक सोच और दूरदर्शिता को दर्शाता है।
    नई कार्यकारिणी में हाजी इब्राहिम भाई मेमन एवं हाजी फारूक भाई वारसी को संरक्षक, हाजी अब्दुल गफ्फार (गप्पू भाई), गरियाबंद को संयोजक, हाजी दिलावर भाई रोकड़िया को सचिव तथा हाजी हनीफ भाई उमरानी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं हनीफ भाई शेखवानी (कांकेर), रफीक भाई मेमन (मनेन्द्रगढ़) और अनवर भाई शेखवानी (बिलासपुर) को नायब सदर की जिम्मेदारी दी गई है।
    इसके अलावा शाहिद भाई (केशकाल) को सहसचिव, फिरोज भाई वाघडिया (बसना) को सह-कोषाध्यक्ष, यूनुस भाई (कोरबा) को लीगल एडवाइजर तथा यासीन भाई कलावाडिया को मीडिया प्रभारी बनाया गया है। कार्यकारिणी में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से समाज के सक्रिय सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
    मनोनयन के बाद एसोसिएशन के सदर हाजी इदरीश लोया ने सभी नवमनोनीत पदाधिकारियों एवं सदस्यों को मुबारकबाद देते हुए संगठन को मजबूत बनाने तथा समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती तभी सार्थक होगी, जब पदाधिकारी और सदस्य तन, मन और धन से समाजहित में अपनी भूमिका निभाएंगे।
    रफीक मेमन के नायब सदर बनने से मनेन्द्रगढ़ के मेमन समाज में विशेष उत्साह है। समाज के लोगों ने उन्हें मुबारकबाद देते हुए उम्मीद जताई कि उनकी सक्रियता, अनुभव और समाज के प्रति समर्पण से छत्तीसगढ़ मेमन एसोसिएशन को नई ऊर्जा मिलेगी और संगठन प्रदेशभर में समाजसेवा की दिशा में और मजबूती से आगे बढ़ेगा। यह जिम्मेदारी रफीक मेमन के लिए सम्मान के साथ-साथ समाज के प्रति सेवा और दायित्व का एक नया अवसर भी है।

  • रायपुर : विकास कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं, तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : विकास कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं, तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : विकास कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं, तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित  करने के दिए निर्देश

    खामभाठा में निर्माणाधीन पुल से बच्चों और ग्रामीणों को हो रही परेशानी को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया

    गरियाबंद कलेक्टर से दूरभाष पर ली जानकारी, निश्चित समयसीमा में पुल निर्माण पूरा कराने के निर्देश

    स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के लिए तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने कहा सुनिश्चित

    निर्माणाधीन स्थल पर खुले सरिए, गड्ढे एवं अन्य जोखिमों को तत्काल दूर करने के निर्देश

    रायपुर 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश में जनसुविधा से जुड़े विकास एवं निर्माण कार्यों को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी निर्माणाधीन कार्यों की नियमित निगरानी करें और जहां भी कार्य की गति धीमी है, वहां बाधाओं को तत्काल दूर कर काम में तेजी लाएं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकास कार्यों में देरी का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है। विशेष रूप से सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में लेटलतीफी को गंभीरता से लिया जाएगा और अनावश्यक विलंब के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।

    इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत खामभाठा क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल के कारण स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी की जानकारी मिलते ही इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने गरियाबंद कलेक्टर रणबीर शर्मा से दूरभाष पर चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली और निश्चित समयसीमा तय कर पुल का निर्माण गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही लेटलतीफी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण पूरा होने तक स्कूली बच्चों और क्षेत्रवासियों को किसी भी परिस्थिति में जोखिम उठाकर आवागमन न करना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन तत्काल सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

    मुख्यमंत्री साय ने निर्माणाधीन पुल स्थल पर सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध तत्काल करने के निर्देश दिए। उन्होंने खुले एवं खतरनाक तरीके से लगे सरियों को सुरक्षित करने, गहरे गड्ढों और अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों को दुरुस्त करने तथा आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग सहित सभी जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा।

    मुख्यमंत्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण में आ रही बाधाओं का तत्काल समाधान किया जाए और कार्य में तेजी लाई जाए। अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा यह सुनिश्चित करें कि स्वीकृत विकास कार्यों का लाभ नागरिकों को निर्धारित समय पर मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुविधा और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

  • ​रायपुर : कुपोषण पर कड़ा प्रहार : नारायणपुर के 13 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को अब रोजाना मिलेगा मुफ़्त पौष्टिक नाश्ता

    ​रायपुर : कुपोषण पर कड़ा प्रहार : नारायणपुर के 13 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को अब रोजाना मिलेगा मुफ़्त पौष्टिक नाश्ता

    ​रायपुर : कुपोषण पर कड़ा प्रहार : नारायणपुर के 13 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को अब रोजाना मिलेगा मुफ़्त पौष्टिक नाश्ता
    आंगनबाड़ियों में लड्डू योजना का भी आगाज़

    ​रायपुर

    नारायणपुर के 13 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को अब रोजाना मिलेगा मुफ़्त पौष्टिक नाश्ता

    छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले क अबूझमाड़ के प्रवेश द्वार नारायणपुर में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और नियमित शिक्षा की दिशा में एक नई और क्रांतिकारी शुरुआत हुई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 13 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता योजना का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कुपोषण से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से पौष्टिक लड्डू वितरण कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। जिले के प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने इस दूरगामी पहल का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया और स्वयं अपने हाथों से नन्हे-मुन्ने बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नाश्ता परोसकर उनका उत्साहवर्धन किया।

            ​यह महत्वाकांक्षी पहल नारायणपुर और ओरछा (अबूझमाड़) विकासखंड के कुल 476 विद्यालयों में लागू की जा रही है, जिससे 13 हजार 15 स्कूली बच्चे सीधे लाभान्वित होंगे। योजना के तहत हर विद्यार्थी को प्रतिदिन 150 ग्राम ताजा और सेहतमंद नाश्ता दिया जाएगा। बच्चों के स्वाद और पोषण का विशेष ध्यान रखते हुए दिन के हिसाब से एक संतुलित मेन्यू तय किया गया है, जिसमें पोहा-फलीदाना, सूजी का उपमा, दलिया, चना, खड़ा मूंग और मूंगफली जैसे प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल हैं। भोजन तैयार करने वाली व्यवस्था को मजबूती देने के लिए जिले के 676 रसोइयों को 800 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त मानदेय भी दिया जा रहा है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है।

             ​यह कार्यक्रम न केवल नौनिहालों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालेगा, बल्कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, ठहराव सुनिश्चित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने में मील का पत्थर साबित होगा। इस गरिमामय अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, ग्रामीण और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।

  • रायपुर : सेवा संकल्प अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह की गतिविधियों की मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने की समीक्षा

    रायपुर : सेवा संकल्प अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह की गतिविधियों की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने की समीक्षा

    रायपुर : सेवा संकल्प अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह की गतिविधियों की मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने की समीक्षा

    प्रदेश के सभी जिलों में जनभागीदारी और पोषण संबंधी गतिविधियों को प्रभावी बनाने दिए निर्देश

    रायपुर

    महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज खैरागढ़ स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष से महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार एवं संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव सहित प्रदेश के सभी जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय बैठक ली। बैठक में सेवा संकल्प अभियान तथा 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत प्रदेशभर में संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अभियानों को जनभागीदारी से जोड़ते हुए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

    सेवा संकल्प अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह की गतिविधियों की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने की समीक्षा

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य जनसेवा की भावना को मजबूत करने के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास और सेवा कार्यों से जोड़ना है। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा सेवा की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत “हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” की भावना के अनुरूप आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और प्रारंभिक बाल विकास की गतिविधियों का प्रभावी केंद्र बनाने पर जोर दिया। मंत्री ने बच्चों, माताओं एवं महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार के लिए आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन, संतुलित आहार एवं स्थानीय पोषण स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

    श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि पोषण संबंधी अभियानों की सफलता केवल विभागीय गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय समुदाय को जोड़कर पोषण जागरूकता की गतिविधियों को व्यापक स्वरूप देने के निर्देश दिए।

    बैठक में जिलों में संचालित पोषण एवं जनभागीदारी संबंधी गतिविधियों की प्रगति की जानकारी ली गई तथा आगामी दिनों में आयोजित होने वाली गतिविधियों की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दोनों अभियानों की गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए इनके उद्देश्यों और संदेश को प्रदेश के प्रत्येक गांव और परिवार तक पहुंचाया जाए।

  • फातिमा सना का ऑलराउंड प्रदर्शन भी नहीं आया काम, श्रीलंका से हारकर फाइनल से बाहर पाकिस्तान

    नई दिल्ली
    पाकिस्तानी टीम की कप्तान फातिमा सना के लिए विमेंस एशिया कप 2026 का सेमीफाइनल बेहद दर्दनाक रहा. टीम को फाइनल में पहुंचाने के लिए फातिमा ने बल्ले और गेंद दोनों से अपना सब कुछ झोंक दिया, लेकिन उनकी जांबाज कोशिश आखिरकार अधूरी रह गई. 11 सितंबर (शुक्रवार) को दुबई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित मुकाबले में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 4 विकेट से हराया और फाइनल में जगह बना ली. मुकाबला खत्म होने के बाद फातिमा खुद को रोक नहीं सकीं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े.

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 130/6 का स्कोर बनाया. टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और लगातार विकेट गिरने से पाकिस्तान दबाव में आ गया था. ऐसे समय में फातिमा सना ने कप्तानी पारी खेली. फातिमा ने 36 गेंदों पर नाबाद 47 रन बनाए. गर्मी के बीच उन्हें क्रैम्प्स की परेशानी भी हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अंत तक क्रीज पर डटी रहीं. तुबा हसन के साथ उन्होंने आखिरी चार ओवर्स में तेजी से रन जोड़कर पाकिस्तान को 130 रनों तक पहुंचाया.

    हर्षिता-कविशा ने पलट दिया मैच
    इसके बाद जब पाकिस्तान इस स्कोर का बचाव करने उतरा तो फातिमा सना ने गेंद से भी शानदार शुरुआत की. उन्होंने अपने पहले ही ओवर में लगातार गेंदों पर कप्तान चमारी अटापट्टू और संजना कविंदी को पवेलियन भेज दिया. एक समय श्रीलंका के चार विकेट 33 रन के स्कोर तक गिर चुके थे और पाकिस्तान के पक्ष में मुकाबला जाता दिखाई दे रहा था, लेकिन हर्षिता समरविक्रमा (36 रन) और कविशा दिलहारी (33 रन) ने 67 रनों की साझेदारी कर पूरी तस्वीर बदल दी.

    फातिमा सना ने एक बार फिर वापसी की और अपने तीसरे ओवर में दोनों बल्लेबाजों को चलता किया. उन्होंने पहले हर्षिता समरविक्रमा को आउट किया और फिर कविशा दिलहारी को एलबीडब्ल्यू कर मैच में अपना चौथा विकेट लिया. यहां से कौशानी नुत्यांगना (नाबाद 10 रन) और नीलाक्षिका सिल्वा (नाबाद 18 रन) ने जिम्मेदारी संभाली. नुत्यांगना ने फातिमा की गेंद पर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला छक्का लगाया, जबकि सिल्वा ने चौका जड़कर श्रीलंका को फाइनल में पहुंचा दिया.

    फातिमा सना ने इस मुकाबले में 47 रन की नाबाद पारी खेलने के साथ 4 विकेट भी लिए और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. लेकिन यह उपलब्धि भी टीम की हार का दर्द कम नहीं कर सकी.

    मैच खत्म होने के बाद फातिमा अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाईं. उनकी आंखों में आंसू थे और साफ दिख रहा था कि पाकिस्तान को फाइनल तक पहुंचाने के लिए उन्होंने आखिरी गेंद तक पूरी कोशिश की थी. उनकी यह तस्वीर विमेंस एशिया कप 2026 की सबसे भावुक तस्वीरों में से एक बन गई.

    पाकिस्तान की कप्तान ने मैच के बाद माना कि फील्डिंग में हुई गलतियों ने टीम को नुकसान पहुंचाया. उन्होंने यह भी कहा कि 130 रनों का स्कोर बचाया जा सकता था, लेकिन टीम को अपनी बल्लेबाजी में भी सुधार करने की जरूरत है. श्रीलंका की विमेंस एशिया कप सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ लगातार तीसरी जीत रही. अब रविवार (13 सितंबर) को फाइनल में उसका सामना भारत से होगा.

  • नई दिल्ली के ब्रिक्स बाजार में छाई मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट

    नई दिल्ली के ब्रिक्स बाजार में छाई मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट

    नई दिल्ली के ब्रिक्स बाजार में छाई मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट

    विदेशी प्रतिनिधियों ने स्वयं ठप्पे लगाकर जानी पारंपरिक कला की बारीकियां

    भोपाल

    नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर सजे ब्रिक्स बाजार में मध्यप्रदेश के धार जिले की विश्व प्रसिद्ध बाग प्रिंट कला विदेशी प्रतिनिधियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के बारीक नक्काशीदार ब्लॉक्स से तैयार होने वाली इस पारंपरिक हस्तशिल्प कला के जीवंत प्रदर्शन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। यहां पहुंचने वाले देश-विदेश के प्रतिनिधियों को बाग प्रिंट की विशिष्ट तकनीक, प्राकृतिक रंगों के उपयोग और लकड़ी के नक्काशीदार ब्लॉक्स से कपड़े पर छपाई की प्रक्रिया से परिचित कराया जा रहा है।

    विदेशी प्रतिनिधियों ने स्वयं लगाए बाग प्रिंट के ठप्पे

    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए विभिन्न देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों ने ब्रिक्स बाजार का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने बाग प्रिंट स्टॉल पर पहुंचकर पारंपरिक ब्लॉक प्रिंटिंग की प्रक्रिया को करीब से देखा और इसकी बारीकियों को समझा।

    प्रतिनिधियों ने न केवल इस पारंपरिक कला की सराहना की, बल्कि स्वयं लकड़ी के नक्काशीदार ठप्पों को रंगों में डुबोकर कपड़े पर प्रिंट भी किया। इस अवसर के लिए विशेष रूप से ‘BRICS’ लोगो वाले ब्लॉक्स तैयार किए गए थे। प्रतिनिधियों ने इन ब्लॉक्स से ठप्पे लगाकर तैयार किए गए कपड़ों को स्मृति-चिह्न के रूप में अपने साथ ले गए।

    वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की कला को मिली नई पहचान

    18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर केन्द्रीय सरकार द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित धार जिले के मोहम्मद बिलाल खत्री द्वारा बाग प्रिंट का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है। विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों द्वारा इस पारंपरिक कला को करीब से समझना, स्वयं इसकी प्रक्रिया में भाग लेना और इसकी सराहना करना मध्यप्रदेश की समृद्ध शिल्प परंपरा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    दुनिया तक पहुंच रही बाग प्रिंट की छाप

    प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के बारीक नक्काशीदार ब्लॉक्स से तैयार होने वाली बाग प्रिंट मध्यप्रदेश की विशिष्ट हस्तशिल्प पहचान है। अपनी पारंपरिक तकनीक, विशिष्ट डिजाइनों और प्राकृतिक रंगों के लिए देश-दुनिया में पहचान बनाने वाली यह कला अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी विशिष्ट छाप छोड़ रही है। ब्रिक्स बाजार में बाग प्रिंट के प्रदर्शन से मध्यप्रदेश की कला एवं शिल्प परंपरा को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है।

    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर आयोजित ब्रिक्स बाजार में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, वियतनाम, ईरान, कजाकिस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया, बेलारूस और इथियोपिया सहित विभिन्न देशों के कलाकार एवं शिल्पकार भी भाग ले रहे हैं।

     

  • BRICS Summit 2026: आज दुनिया देखेगी भारत का दम, पुतिन-जिनपिंग समेत कई दिग्गज एक मंच पर

    BRICS Summit 2026: आज दुनिया देखेगी भारत का दम, पुतिन-जिनपिंग समेत कई दिग्गज एक मंच पर

    नई दिल्ली
    राजधानी दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आज से आधिकारिक आगाज हो रहा है. पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। 

    सबसे अहम मुलाकात शाम 5:45 बजे भारत मंडपम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होगी. चीनी राष्ट्रपति भारत के लिए रवाना हो चुके हैं. इससे पहले पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान समेत कई नेताओं से शुक्रवार को मुलाकात की थी। 

    जिनपिंग-मोदी की मुलाकात से पहले चीन का बड़ा बयान

    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत के लिए रवाना हो चुके हैं. उनके दिल्ली पहुंचने से पहले चीन ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. चीन ने कहा है कि 'दोनों देशों को अपने मतभेदों को सही तरीके से संभालते हुए अच्छे पड़ोसी और दोस्त की तरह आगे बढ़ना चाहिए'. साथ ही बातचीत बढ़ाने पर जोर दिया गया है. पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात से ठीक पहले आए इस बयान ने सबका ध्यान खींचा है। 

    भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि बीजिंग और नई दिल्ली दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ रिश्तों को लंबे समय के नजरिए से आगे बढ़ाना चाहता है. इसके लिए बातचीत बढ़ाने, सहयोग मजबूत करने की जरूरत है. चीन की तरफ से दोनों देशों को अच्छे पड़ोसी और एक-दूसरे की कामयाबी में मदद करने वाले साझेदार के तौर पर आगे बढ़ने की बात कही गई है। 

    चीन ने मतभेदों को लेकर क्या कहा?

    शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि चीन दोनों नेताओं की रणनीतिक सोच के मुताबिक भारत के साथ काम करेगा. उनका जोर इस बात पर रहा कि दोनों देश एक-दूसरे से संवाद बढ़ाएं. सहयोग के नए रास्ते तलाशें. साथ ही जो मतभेद हैं, उन्हें सही तरीके से संभाला जाए. सीधी भाषा में समझें तो चीन का संदेश है कि दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर असहमति हो सकती है, लेकिन इसकी वजह से बातचीत बंद नहीं होनी चाहिए. बीजिंग चाहता है कि रिश्तों को लंबे समय के नजरिए से देखा जाए। 

    विदेश मंत्रालय ने भी दिया यही संदेश
    चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भी भारत को लेकर इसी तरह की बात कही है. उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ संवाद बढ़ाने के लिए तैयार है. दोनों देशों को अपने रिश्तों को रणनीतिक और लंबे समय के नजरिए से देखना चाहिए. माओ निंग ने भी मतभेदों को सही तरीके से संभालने पर जोर दिया. उन्होंने भारत और चीन को अच्छे पड़ोसी बताया. साथ ही दोनों देशों को एक-दूसरे की कामयाबी में मदद करने वाला साझेदार बताया। 

    सात साल बाद भारत आ रहे हैं जिनपिंग
    शी जिनपिंग शनिवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे. वह 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहे हैं. इस दौरान नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत भी होगी. करीब सात साल बाद जिनपिंग का भारत दौरा हो रहा है. इससे पहले वह 2019 में चेन्नई के पास महाबलीपुरम में मोदी के साथ अनौपचारिक बैठक के लिए भारत आए थे। 

    ऐसे समय में होने वाली यह मुलाकात अहम है, जब भारत-चीन रिश्तों में कई मुद्दों को लेकर मतभेद रहे हैं. दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े सवाल भी लंबे समय से बातचीत का हिस्सा रहे हैं. हाल के समय में दोनों तरफ से बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश हुई है। 

    BRICS में भी रिश्तों पर नजर
    जिनपिंग का भारत दौरा सिर्फ पीएम मोदी के साथ मुलाकात तक सीमित नहीं है. वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे. बता दें कि भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है. सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होगा। 

    चीन ने ब्रिक्स को लेकर भी बातचीत और सहयोग पर जोर दिया है. माओ निंग ने कहा कि बीजिंग ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए काम करना चाहता है. उनका कहना है कि ब्रिक्स उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों के लिए एक अहम मंच बन चुका है. जिनपिंग के भारत रवाना होने से पहले चीन के इन बयानों ने मोदी-जिनपिंग मुलाकात की अहमियत बढ़ा दी है. अब दोनों नेताओं की बातचीत में रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए किन मुद्दों पर बात होती है, इस पर नजर रहेगी। 
     

    पहले दिन कब क्या होगा:-

        सुबह 11 बजे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मुलाकात. 
        सुबह 11:30 बजे प्रधानमंत्री की वियतनाम के नेता ले मिन्ह हंग के साथ बैठक होगी.
        इसी समय राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बैठक.
        BRICS शिखर सम्मेलन के मुख्य कार्यक्रम के तहत दोपहर 2 बजे BRICS सदस्य देशों के नेताओं का भारत मंडपम के लेवल 2 पर आगमन होगा. दोपहर 2:35 बजे समिट हॉल में “Inclusive Global Governance and Strengthening Multilateralism” विषय पर बंद सत्र होगा.
        शाम 4:25 बजे नेता भारत मंडपम के हॉल 14 में 'Bharat Innovates Exhibition' का अवलोकन करेंगे. शाम 5:05 बजे भारत मंडपम के बाहर लॉन में फैमिली फोटो होगी और 5:10 बजे संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम होगा.
        शाम 5:45 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक भारत मंडपम में होगी.
        रात 7:30 बजे प्रधानमंत्री की मेजबानी में भारत मंडपम के लेवल 3 पर गाला डिनर आयोजित किया जाएगा.

    ट्रैफिक को लेकर ये एडवाइजरी
    ब्रिक्स समिट के चलते दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. शनिवार को सुबह 9:30 बजे से रात 9:30 बजे तक भारत मंडपम समेत लुटियंस दिल्ली और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक नियंत्रित और डायवर्ट रहेगा. ट्रैफिक एडवाइजरी मैप में सेंट्रल दिल्ली और आसपास के इलाकों में कंट्रोल्ड सड़कें, प्रतिबंधित इलाके, वैकल्पिक रास्ते और डायवर्जन पॉइंट दिखाए गए हैं। 

    एडवाइजरी मैप में वैकल्पिक रास्तों को नीले रंग से, कंट्रोल्ड सड़कों को नारंगी रंग से, प्रतिबंधित इलाकों को बैंगनी रंग से और डायवर्जन पॉइंट को लाल स्टार से दिखाया गया है. इससे पता चलता है कि समिट के दौरान किन रास्तों पर लोगों को पाबंदियों या डायवर्जन का सामना करना पड़ सकता है। 
     

    शिखर सम्मेलन पर मौसम का साया
    BRICS शिखर सम्मेलन के दिन कई राज्यों में भारी से बारिश की चेतावनी जारी की गई है. दिल्ली-NCR (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में अगले दो दिनों तक तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।