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  • मोदी के लक्षद्वीप दौरे के 2 साल बाद बदली तस्वीर, पर्यटन के साथ बढ़ी नौसेना की ताकत

    मोदी के लक्षद्वीप दौरे के 2 साल बाद बदली तस्वीर, पर्यटन के साथ बढ़ी नौसेना की ताकत

    नई दिल्ली
    जनवरी 2024 की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप में स्नॉर्कलिंग करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं. इसके बाद 'बॉयकॉट मालदीव' बनाम 'एक्सप्लोर लक्षद्वीप' की बहस शुरू हो गई. अब दो साल बाद इन 36 द्वीपों पर पर्यटन से लेकर बुनियादी ढांचे और सामरिक मौजूदगी तक बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है.

    आजतक ने अगत्ती, कवरत्ती, मिनिकॉय और बिटरा पहुंचकर यह जानने की कोशिश की कि पिछले दो वर्षों में लक्षद्वीप में क्या बदला है.

    असल में लक्षद्वीप 36 द्वीपों का समूह है, जो कोच्चि से करीब 220 से 440 किलोमीटर दूर स्थित है. इसका कुल भू-क्षेत्र महज 32 वर्ग किलोमीटर है. इनमें केवल 10 द्वीप- कवरत्ती, अगत्ती, अमिनी, कदमत, किल्तान, चेतलात, बिटरा, एंड्रॉट, कल्पेनी और मिनिकॉय आबाद हैं.

    पीएम मोदी की यात्रा के बाद तीन गुना बढ़े पर्यटक
    दशकों तक लक्षद्वीप तक पहुंच आसान नहीं थी. अगत्ती में केवल एक छोटा एयरस्ट्रिप था और साप्ताहिक जहाज यहां पहुंचने का प्रमुख जरिया थे. लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा ने लक्षद्वीप को देश के पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से ला दिया. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2024 के बाद यहां पर्यटकों की संख्या तीन गुना बढ़ी है. नए बीच रिसॉर्ट, होमस्टे और हेलिकॉप्टर कनेक्टिविटी की योजनाओं पर काम हो रहा है. केंद्र सरकार ऐसे बुनियादी ढांचे पर भी जोर दे रही है, जिसका इस्तेमाल आम नागरिकों के साथ सुरक्षाबल भी कर सकें.

    अगत्ती एयरफील्ड के विस्तार की योजना है, ताकि यहां बड़े ATR और सैन्य परिवहन विमान उतर सकें. वहीं मिनिकॉय में नौसेना बेस के साथ नया सैन्य-सिविल एयरफील्ड विकसित किया जा रहा है.

    INS जटायु से बढ़ी नौसेना की ताकत
    2023 तक लक्षद्वीप में नौसेना की प्रमुख मौजूदगी कवरत्ती स्थित INS द्वीपरक्षक और मिनिकॉय में एक छोटे नौसैनिक डिटैचमेंट तक सीमित थी. INS द्वीपरक्षक 2012 में कमीशन हुआ था, जबकि मिनिकॉय में नौसैनिक डिटैचमेंट 1980 के दशक की शुरुआत में स्थापित किया गया था.

    प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के करीब दो महीने बाद 6 मार्च 2024 को तत्कालीन नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने मिनिकॉय में INS जटायु को कमीशन किया. इससे पुराने डिटैचमेंट को पूर्ण स्वतंत्र नौसैनिक इकाई में बदल दिया गया.

    मिनिकॉय लक्षद्वीप का सबसे दक्षिणी द्वीप है और महत्वपूर्ण आठ डिग्री तथा नौ डिग्री चैनल के पास स्थित है. यह मालदीव से करीब 524 किलोमीटर और थुराकुनु द्वीप से लगभग 70 नॉटिकल मील दूर है. INS जटायु समुद्री डकैती, नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने और समुद्री मार्गों की निगरानी में अहम भूमिका निभा रहा है.

    बिटरा में तीसरा नौसैनिक ठिकाना बनाने की तैयारी
    करीब 200 लोगों की आबादी वाला बिटरा लक्षद्वीप का सबसे छोटा आबाद द्वीप है. सूत्रों के मुताबिक, यहां नौसेना का फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट किया जा रहा है. इसका मकसद उत्तरी लक्षद्वीप में निगरानी की कमियों को दूर करना और नौसेना की ऑपरेशनल पहुंच बढ़ाना है.

    हालांकि स्थानीय लोगों में इसे लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है. उन्हें नौकरियों और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की उम्मीद है, वहीं छोटे और संवेदनशील द्वीप पर विस्थापन की चिंता भी है.

    अधिकारियों के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे पर्यटन ही नहीं बल्कि सुरक्षा भी बड़ी वजह है. हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी रिसर्च जहाजों की मौजूदगी और सोमालिया के पास समुद्री डकैती की घटनाओं के बीच लक्षद्वीप सामरिक रूप से अहम है. मार्च 2024 में नौसेना की कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान विमानवाहक पोत INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य की लक्षद्वीप के पास तैनाती ने भी भारत की बढ़ती समुद्री ताकत का संदेश दिया.

  • यूक्रेन में भारतीय कुसुम ग्रुप के फार्मा प्लांट पर रूसी ड्रोन हमला, एक की मौत; 400 करोड़ का नुकसान

    यूक्रेन में भारतीय कुसुम ग्रुप के फार्मा प्लांट पर रूसी ड्रोन हमला, एक की मौत; 400 करोड़ का नुकसान

     कीव
    यूक्रेन में भारत के कुसुम ग्रुप का एक बड़ा फार्मा प्लांट रूसी ड्रोन के हमले की चपेट में आ गया। इस हमले में एक की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। यूक्रेन के सुमी में फार्मा प्लांट की मुख्य इमारत अधिकांश रूप से तबाह हो गई है। कुसुम ग्रुप 1994 में शुरू हुआ था। यह भारतीय दवाइयों को यूक्रेन में एक्सपोर्ट करने वाला एक डिस्ट्रीब्यूटर था। इसे फिलहाल भारतीय नागरिक राजीव गुप्ता चला रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि मृतकों और घायल लोगों की संख्या बढ़ सकती है। हमले के बाद जो विजुअल सामने आए हैं, उसमें दिखाई दे रहा है कि इलाके से धुएं की लपट निकल रही है।

    कुसुम ग्रुप ने साल 2002 में, दूसरी कंपनियों के प्रोडक्ट्स को डिस्ट्रीब्यूट करना बंद कर दिया। इसके बाद उसने अपने खुद के ब्रांड्स की मार्केटिंग शुरू कर दी। इसके बाद यह ग्रुप मैन्युफैक्चरिंग में लग गया। साल 2007 में भारत और 2009 में यूक्रेन के सुमी में ग्रुप ने प्लांट खोले। इसके बाद दो और ब्रांचेज भी खोलीं। यह समूह 50 से अधिक ज्यादातर उत्पाद बनाता है और उन्हें नौ से अधिक देशों में बेचता है। इन देशों में मुख्य रूप से यूक्रेन, उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान और फिलीपींस शामिल हैं।

    युद्ध के समय भी कर रहा था काम
    गौरतलब है कि सुमी प्लांट ने रूस-यूक्रेन युद्ध के समय भी काम कर रहा था। लेकिन अब इसे गंभीर नुकसान पहुंचा है। नुकसान का अनुमान कम से कम 400 करोड़ रुपए है। गर्मी के समय से, मॉस्को ने यूक्रेन में रोजाना दर्जनों तेज और अपेक्षाकृत सस्ते जेट-चालित शाहेद ड्रोन लॉन्च किए हैं। इनके खिलाफ यूक्रेन की एयर डिफेंस टीमों को कठिनाई का सामना करना पड़ा क्योंकि इंटरसेप्टर ड्रोन उन्हें पकड़ने में बहुत धीमे थे। यूक्रेन ने इस सप्ताह अपने घरेलू रूप से बनाए गए बैलिस्टिक मिसाइल एफपी-7 के पहले युद्ध उपयोग की भी घोषणा की, जिसकी सीमा लगभग 250 किमी है।

    जेलेंस्की ने क्या लिखा
    वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक्स पर एक पोस्ट में रूस के हमले की निंदा की। साथ ही उन्होंने मारे गए व्यक्ति के परिवार और प्रियजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज सुबह, रूसियों ने एक बार फिर कीव में पिवनिचनी पुल पर ड्रोन से हमला किया। उन्होंने सुमी में एक दवा गोदाम पर ड्रोन से हमला किया। दुख की बात है कि एक व्यक्ति की मौत हो गई। परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं। जेलेंस्की ने आगे लिखा कि निप्रो में, एक कम्यूनिकेशन सेंटर पर भी हमला हुआ है, जिसमें छह लोग घायल हो गए।

  • लखनऊ में शिक्षकों को CM योगी की सीख, बोले- शिक्षा का लक्ष्य सिर्फ रोजगार नहीं, संस्कारवान नागरिक बनाना

    लखनऊ में शिक्षकों को CM योगी की सीख, बोले- शिक्षा का लक्ष्य सिर्फ रोजगार नहीं, संस्कारवान नागरिक बनाना

    लखनऊ
    यूपी के लखनऊ में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए। सीएम योगी ने कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में शिक्षकों की भूमिका, शिक्षा के माध्यम से संस्कार निर्माण और समाज के प्रति उनके दायित्वों पर चर्चा की गई।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे नई पीढ़ी के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संस्कारवान नागरिक तैयार करना भी है। सीएम योगी ने विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए उन्हें समाज को विभाजित करने वाला बताया। सीएम योगी ने कहा कि युवा ही भारत का भाग्य विधाता बनने वाला है। ये देखना होगा कि हम कैसा भारत चाहते हैं। क्या हमें बिखरा हुआ, बंटा हुआ और जातीय खेमों में लड़ता हुआ भारत चाहिए? हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत बनाना चाहिए।

    सीएम योगी ने कहा कि हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत चाहिए। हम सबको मिलकर ऐसे भारत के लिए काम करना है। गुलामी के समय में भी एक तबका था जो समाज को बांट रहा था। आज भी वो तत्व समाज को जाति, क्षेत्र के नाम पर बांटकर देश की एकता को छिन्न-भिन्न कर रहा है। ये राष्ट्रमाता के प्रति अपराध है, भारत माता के प्रति अपराध है, अपने पूर्वजों के प्रति अपराध है। ये भारत की स्वाधीनता को फिर से खतरे में डालने की चेष्टा है। जब भी राष्ट्र के ऊपर ऐसा संकट दिखाई देता है तब हमारे शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि इन विभाजनकारी ताकतों को किसी भी तरह से सफल नहीं होने देना है।

    सीएम योगी ने कहा कि आज हम तकनीकी अपना चुके हैं, पहले संसाधन कमी थी लेकिन, हमारी ताकत हमारा परिवार होता था। संयुक्त परिवार में संकट का सामना सब मिलकर करते थे लेकिन, आज परिवार सीमित हो गए हैं। एक छत के नीचे रह रहे हैं लेकिन, अलग-अलग दिशा हो जाती है। दुनिया के बहुत से देशों में तो बिखर रहे समाज और तबाह हो रहे परिवारों को बचाने के लिए उन्हें एक मंत्रालय का गठन करना पड़ रहा है।

    कार्यशाला में शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार से जुड़े पदाधिकारी, शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

  • राजगढ़ में प्रसूता की मौत पर हंगामा, पूर्व विधायक और परिजनों ने किया प्रदर्शन; SDM ने दिए जांच के आदेश

    राजगढ़ में प्रसूता की मौत पर हंगामा, पूर्व विधायक और परिजनों ने किया प्रदर्शन; SDM ने दिए जांच के आदेश

    राजगढ़.

    प्रसव के बाद जिला अस्पताल में एक प्रसूता की मौत हो गई, जिसके बाद परिजन ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाए कि प्रसूता को न डॉक्टर ने देखा, न नर्स ने। जानकारी लगने के बाद एसडीएम, तहसीलदार व टीआई मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाया।

    उधर पूर्व विधायक बापूसिंह भी पहुंचे व काफी देर तक परिसर में धरने पर बैठे रहे। जानकारी के मुताबिक प्रसूता अमेरपुरा निवासी अमरीबाई पति दिनेश तंवर (19) को शनिवार रात को प्रसव के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। प्रसव के बाद वह ठीक थी, लेकिन बाद में ब्लीडिंग होने लगी। स्टाफ ने परिजनों को बताया तो उन्होंने कहा की कपड़े बदल दो, लेकिन ब्लीडिंग नहीं रुकी। जब दोबारा स्टाफ से कहा तो उन्होंने सुनने से इंकार कर दिया। डॉक्टर व नर्स ने देखा तक नहीं। सास सहित परिजन रातभर स्टाफ से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन समय पर उपचार नहीं मिला। रविवार अलसुबह करीब 3 बजे प्रसूता ने दम तोड़ दिया।

    बच्चे को जन्म देने के बाद बिगड़ी तबीयत
    जानकारी के मुताबिक अमरीबाई को शनिवार रात को प्रसव लिए जिला अस्पताल लाया गया था। यह उसका पहला प्रसव था। आधी रात के बाद उसका सामान्य प्रसव हुआ और स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद उसे सामान्य वार्ड में भर्ती कर दिया गया। परिजन के मुताबिक कुछ देर बाद अमरीबाई को तेज रक्तस्राव शुरू हो गया। सास धापूबाई का आरोप है कि उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को कई बार इसकी जानकारी दी, लेकिन उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया गया। हालत बिगड़ने के बाद स्टाफ सक्रिय हुआ, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सास धापूबाई ने ड्यूटी नर्स पर अभद्र व्यवहार का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि रक्तस्राव के कारण बहू के कपड़े भीग रहे थे। नर्सिंग स्टाफ को स्थिति बताई, लेकिन उन्होंने गंभीरता नहीं दिखाई। उल्टा मुझे डांटकर भगा दिया। कहा की 'खून ही तो बह रहा है। ' इस बात को लेकर महिला काफी आहत हुई लेकिन रिश्वत ले चुके नर्सिंग स्टाफ ने जरा भी गंभीरता नहीं दिखाई। परिजन का आरोप है कि लगातार रक्तस्राव के बावजूद प्रसूता को समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।

    नर्स बोली – 'बार-बार मत आना, मुझे सोने दो'
    प्रसूता की सास धापूबाई ने बताया की वह दो-तीन बार नर्सिंग स्टाफ को बता चुकी थीं कि बहू का रक्तस्राव बंद नहीं हो रहा है। लेकिन स्टॉफ सुबह देखने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। सास का आरोप है कि नर्स ने उन्हें बार-बार परेशान नहीं करने और वापस नहीं आने की बात कही। कहा की यहां बार बार मत आना, मुझे सोने दो।

    रुपए लेकर की सामान्य डिलिवरी
    हंगामे के दौरान परिजनो ने रुपए लेने के भी आरोप लगाए । उनका कहना है कि नर्स ने 1500 रुपए और सफाईकर्मी ने 500 रुपए मांगे। रुपए देने के बाद ही प्रसव कराया गया। परिजन ने बच्चे की स्थिति को लेकर भी प्रसव से पहले अलग-अलग बातें बताए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बच्चा टेढ़ा है, उल्टा है, गले में नाल निपटी हुई है, लेकिन जैसे ही रुपए दिए तो सब बहाने खत्म हो गए और सामान्य प्रसव करा दिया

    अस्पताल में हंगामा, पति रास्ते से लौटा
    घटना की जानकारी लगते ही पूर्व विधायक बापूसिंह तंवर व हेमराज कल्पोनी भी जिला अस्पताल जा पहुंचे थे। वह परिजनों के साथ अस्पताल में धरने पर बैठ गए। काफी देर तक परिजनों नाराज लोग हंगामा करते रहे। अस्पताल प्रबंधन पर भी लापरवाही के आरोप लगाते रहे। वह पीएम करने को तैयार नहीं थे, बाद में बमुश्किल प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हो सका। उधर अमरीबाई का पति दिनेश तंवर (21) मजदूरी के लिए जोधपुर जा रहा था। सामान्य प्रसव की जानकारी मिलने के बाद वह रात की बस से रवाना हो गया था। बाद में पत्नी की हालत बिगड़ने की सूचना मिली तो परिजन ने उसे रास्ते से वापस बुलाया।

    एसडीएम ने दिया जांच के निर्देश
    हंगामे की सूचना पर तहसीलदार विनीत गोयल और कोतवाली टीआई मंजू मखेनिया मौके पर पहुंचीं। परिजन एसडीएम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद एसडीएम निधि भारद्वाज अस्पताल पहुंचीं व परिजन से चर्चा की। एसडीएम ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रेडक्रॉस से सहायता राशि देने की बात कही गई। आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद प्रसूता का पोस्टमॉर्टम कराया गया और शव परिजन को सौंप दिया गया।

  • जिन दो पायलटों ने बचाया विमान, उन्हीं से डर गए यात्री! शक था- कहीं ईरान न ले जाएं फ्लाईदुबई की फ्लाइट

    जिन दो पायलटों ने बचाया विमान, उन्हीं से डर गए यात्री! शक था- कहीं ईरान न ले जाएं फ्लाईदुबई की फ्लाइट

    दुबई
    दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई (Flydubai) की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुए खौफनाक हमले और 17,000 फीट की अचानक गिरावट के बाद जहां पूरी दुनिया भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार और इजरायली यात्रियों के अदम्य साहस को सलाम कर रही है, वहीं इस चमत्कार के पीछे दो ऐसे गुमनाम 'हीरो' भी शामिल हैं, जिनकी पहचान घटना के 4 दिन बाद भी रहस्य बनी हुई है।

    ये दो पायलट यात्री के रूप में विमान में ही सफर कर रहे थे। जब कॉकपिट में ओमानी को-पायलट ने कैप्टन पर हमला कर विमान को क्रैश कराने की कोशिश की, तब इन दोनों जांबाज पायलटों ने छलांग लगाकर कॉकपिट में प्रवेश किया और बेकाबू हो चुके बोइंग 737 को सुरक्षित संभाला।

    'यात्रियों की भीड़ के ऊपर से छलांग लगाकर पहुंचे कॉकपिट'
    एसोसिएटेड प्रेस (AP) को दिए इंटरव्यू में विमान की दूसरी पंक्ति में बैठे इजरायली यात्री डैनियल श्लिचटर ने उस रोमांचक और डरावने मंजर को याद करते हुए बताया, "कॉकपिट के भीतर जब खूनी जंग छिड़ी और कैप्टन स्मित मच्छार ने किसी तरह दरवाजा खोला, तो यात्रियों ने हमलावर को-पायलट को खींचकर बाहर निकाला। उसी वक्त यात्री के रूप में सफर कर रहे एक पायलट ने हमलावर को दबोचने वाले यात्रियों की भीड़ के ऊपर से कूदकर सीधे कॉकपिट के कंट्रोल पैनल तक छलांग लगा दी।"

    श्लिचटर ने बताया कि तुरंत ही उनका दूसरा साथी (दूसरा रिजर्व पायलट) भी कॉकपिट में घुसा और उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया ताकि कोई और अंदर न आ सके।

    क्या होता है 'डेडहेडिंग'
    कई लोगों के मन में सवाल था कि आखिर एक ही विमान में दो अतिरिक्त पायलट क्यों सफर कर रहे थे?

    विमानन विशेषज्ञों और यात्री डैनियल श्लिचटर के अनुसार, यह कोई संयोग नहीं बल्कि एविएशन इंडस्ट्री में अपनाई जाने वाली एक प्रक्रिया है जिसे 'डेडहेडिंग' कहा जाता है।

    ये दोनों पायलट ड्यूटी पर थे और उन्हें तेल अवीव से दुबई लौटने वाली रिटर्न फ्लाइट को उड़ाना था। सामान्य उड़ानों में एक्स्ट्रा पायलट नहीं होते, लेकिन इस विमान में उनका मौजूद होना किसी 'चमत्कार' से कम नहीं था।

    'कहीं ये प्लेन ईरान तो नहीं ले जा रहे?' 45 मिनट का खौफनाक सस्पेंस
    हमलावर को-पायलट को काबू में किए जाने के बाद जब दो नए पायलटों ने कॉकपिट का दरवाजा बंद कर लिया, तो शुरुआत में केबिन में बैठे यात्री घबरा गए थे

    हमले के कारण विमान के टेल सेक्शन (रडर) को भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे प्लेन को हवा में स्थिर करने में नए पायलटों को 10 से 15 मिनट का समय लगा।

    श्लिचटर ने बताया, "शुरुआत में कॉकपिट से कोई एनाउंसमेंट नहीं हुआ। हमें लगा कि कहीं ये दोनों भी तो आतंकवादी नहीं हैं? कहीं ये प्लेन को ईरान या किसी अनजान जगह तो नहीं हाईजैक करके ले जा रहे? क्योंकि हम उस इलाके के बहुत करीब थे।"

    करीब 45 मिनट के सस्पेंस के बाद पायलटों ने अनाउंसमेंट कर बताया कि विमान को सुरक्षित सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतारा जा रहा है और सब कुछ ठीक है। तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली।

    एयरलाइन ने साधी चुप्पी, क्यों छिपाई जा रही है पहचान?
    फ्लाईदुबई ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि केबिन में मौजूद 'ऑन-ड्यूटी क्रू मेंबर्स' ने ही विमान को लैंड कराया, लेकिन सुरक्षा और कूटनीतिक कारणों का हवाला देते हुए उनके नामों और नागरिकता का खुलासा करने से इनकार कर दिया है।

    डैनियल श्लिचटर ने कहा, "जिन्होंने कॉकपिट में घुसकर तुरंत मोर्चा संभाला, वे सच्चे हीरो हैं। हम अपनी जिंदगी के लिए उनके उतने ही आभारी हैं जितने कि उन यात्रियों के जिन्होंने हमलावर को दबोचा था।"

  • 26 दिनों में 10 T20 मैच खेलेगी टीम इंडिया, वेस्टइंडीज के बाद न्यूजीलैंड दौरे पर होगा महामुकाबला

    26 दिनों में 10 T20 मैच खेलेगी टीम इंडिया, वेस्टइंडीज के बाद न्यूजीलैंड दौरे पर होगा महामुकाबला

    नई दिल्ली
     वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम करने और एशियन गेम्स 2026 में पाकिस्तान को हराकर गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम का सबसे व्यस्त शेड्यूल शुरू होने जा रहा है। अगले 26 दिनों में भारतीय टीम को कुल 10 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेलने हैं। इसकी शुरुआत 6 अक्टूबर से घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज से होगी, जिसके तुरंत बाद टीम इंडिया 5 टी20 मैचों के लिए न्यूजीलैंड दौरे पर रवाना होगी।

    खिलाड़ियों की फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट बनेगी सबसे बड़ी चुनौती
    श्रेयस अय्यर की अगुवाई में एशियन गेम्स में तिरंगा लहराने वाली भारतीय टीम के लिए यह दौर काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। भारत में घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाकर टीम अपनी लय मजबूत करेगी, जबकि न्यूजीलैंड की उछालभरी और तेज पिचों पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों की परीक्षा होगी। लगातार मैच और यात्राओं के बीच टीम मैनेजमेंट के सामने खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट और रोटेशन पॉलिसी को लागू करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी, जिससे बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने का भी बड़ा मौका मिलेगा।

    भारत बनाम वेस्टइंडीज टी20 सीरीज का पूरा शेड्यूल (घरेलू सीरीज)
        पहला टी20: 6 अक्टूबर 2026 — लखनऊ (भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम)
        दूसरा टी20: 9 अक्टूबर 2026 — रांची (जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स)
        तीसरा टी20: 11 अक्टूबर 2026 — इंदौर (होलकर स्टेडियम)
        चौथा टी20: 14 अक्टूबर 2026 — हैदराबाद (राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम)
        पांचवां टी20: 17 अक्टूबर 2026 — बेंगलुरु (एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम)

    भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का पूरा शेड्यूल (न्यूजीलैंड दौरा)
        पहला टी20: 22 अक्टूबर 2026 — क्राइस्टचर्च (हेगले ओवल)
        दूसरा टी20: 24 अक्टूबर 2026 — क्राइस्टचर्च (हेगले ओवल)
        तीसरा टी20: 27 अक्टूबर 2026 — वेलिंगटन (स्काई स्टेडियम)
        चौथा टी20: 30 अक्टूबर 2026 — ऑकलैंड (ईडन पार्क)
        पांचवां टी20: 1 नवंबर 2026 — हैमिल्टन (सेडन पार्क)

     

  • राज्यसभा चुनाव के लिए BJP ने घोषित किए 2 और उम्मीदवार, उत्तराखंड से दिनेश आर्य तो बंगाल से कोयल मल्लिक को टिकट

    राज्यसभा चुनाव के लिए BJP ने घोषित किए 2 और उम्मीदवार, उत्तराखंड से दिनेश आर्य तो बंगाल से कोयल मल्लिक को टिकट

    नई दिल्ली
    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यसभा चुनाव के लिए दो और उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। भगवा पार्टी ने उत्तराखंड में होने वाले चुनाव के लिए दिनेश आर्य को कैंडिडेट बनाया है। वहीं, पश्चिम बंगाल में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए रुक्मिणी मल्लिक ऊर्फ कोयल मल्लिक को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

    आपको बता दें कि राज्यसभा में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, प्रो. राम गोपाल यादव, रामजी, बी. एल. वर्मा, सीमा और हरदीप सिंह पुरी के साथ-साथ उत्तराखंड से नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला है। उत्तर प्रदेश से डॉ. दिनेश शर्मा की सीट उनके इस्तीफे के कारण 11 सितंबर से रिक्त है।

    बंगाल से कोयल मल्लिक को टिकट
    पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की एक सीट के लिए उपचुनाव रुक्मिणी मल्लिक के 16 जुलाई को इस्तीफे देने के बाद से रिक्त है। उनका कार्यकाल दाे अप्रैल 2032 तक था। भाजपा ने उन्हें ही यहां से कैंडिडेट बनाया है। आपको बता दें कि वह पहले टीएमसी में थीं। सांसदों के बगावत के बाद उन्होंने भी ममता का साथ छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था।

    आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की राज्यसभा की 12 सीट के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होंगे। इनमें उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट शामिल है, जहां मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव होगा।

    मतदान 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। आयोग ने पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी करने का निर्देश दिया है।

  • रसिक दुलारी शरण की मौत पर 8 दिन बाद आया आश्रम का बयान, कहा- जांच में पुलिस का पूरा सहयोग

    रसिक दुलारी शरण की मौत पर 8 दिन बाद आया आश्रम का बयान, कहा- जांच में पुलिस का पूरा सहयोग

    मथुरा
    उत्तर प्रदेश के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के आठ दिन बाद राधा केलि कुंज आश्रम की ओर से पहला लिखित बयान जारी हुआ। श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि साधक की मौत से महाराज और परिकर काफी आहत हैं। ट्रस्ट साधक के परिवार के प्रति अपनी पूरी संवेदना और सहानभूति व्यक्त करता है। कहा कि घटना की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया जा रहा है। जांच पूरी होने तक सभी श्रद्धालु, साधक और आमजन किसी प्रकार की अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान के आधार पर महाराज की छवि धूमिल करने का प्रयास न करें। ट्रस्ट को पूर्ण विश्वास है कि पुलिस प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच से वास्तविक तथ्य सामने लाए जाएंगे।

    कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य आए समर्थन में
    उधर, चर्चित कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य एक बार फिर अपने तीखे बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने संत प्रेमानंद का बचाव करते हुए मीडिया और सोशल मीडिया पर टीआरपी बटोरने वालों पर जमकर अपना गुस्सा निकाला है। अपनी कथा के दौरान दिए गए उनके इस बयान का वीडियो इंटरनेट पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कुछ लोग और मीडिया केवल टीआरपी और व्यूज पाने के लिए कुछ भी बोल देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, लोग पूरा विषय जानते-समझते नहीं हैं और खुद ही जज बनकर फैसला सुनाने लगते हैं। प्रेमानंद के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अनिरुद्ध आचार्य ने कहा कि महाराज जी ने करोड़ों लोगों को भक्ति मार्ग से जोड़ा है।

    दिनेश फलहारी बाबा ने बाल संरक्षण आयोग को लिखा पत्र
    वहीं, मथुरा, श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा है कि श्रीधाम वृंदावन स्थित प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज आजकल युवाओं के लिए आध्यात्मिक केंद्र बने हुए हैं। कुछ भक्त बालक बालिकाएं आध्यात्मिक रस में डूबकर उनके आश्रम में ही रह जाते हैं। उनका परिवार समय-समय पर आश्रम में बालक-बालिकाओं की खोजबीन करते पाया गया है तथा कई मामले संदिग्ध भी प्रतीक होते हैं। उन्होंने मांग की कि लापता बच्चों के संबंध में जांच करा कर वास्तविक स्थिति की जानकारी सार्वजनिक करायें। दिनेश फलाहारी ने कहा कि लोगों में चर्चा या कहें भ्रम है कि कहीं यह बालक-बालिकाएं अध्यात्म की आड़ में बंधक तो नहीं है। यदि उन नाबालिग बच्चों के साथ आश्रम परिसर में कोई घटना घटित हो जाए तो जवाबदेही के लिए आश्रम में किस व्यक्ति को जिम्मेदार माना जाए।

    घटना वाले दिन सुबह से तनाव में था रसिक
    उधर, प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत की जांच जारी है। इस मामले में सीसीटीवी में जो सामने आया है, उससे लग रहा है कि मौत से पहले वो बहुत तनाव में था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सीसीटीवी में है कि वो करीब दो घंटे कमरे में रहा। इसके बाद वह धोती पकड़े कमरे से निकलता सीसीटीवी में दिखता है और सीढ़ियों पर चढ़ता हुआ छत पर चला जाता है। छत पर लगे सीसीटीवी में वह बेचैन दिखता है। पहले छत की मुड़ेर पर बैठता है, फर छत पर लेटता है और इसके बाद तेजी से उठकर छत से छलांग लगा देता है। घटना के समय रूम पार्टनर जुगल शरण केली कुंज गया था। सवाल अभी यह भी है प्राइवेट पार्ट ग्राइंडर से काटते समय रसिक क्या चीखा नहीं होगा और वहां लोग आवाज सुन क्यों नहीं पहुंचे?

  • सुखदेव भगत के बस्तर दौरे पर BJP का तंज, बोली- ‘देखते हैं कितना दमखम है’

    सुखदेव भगत के बस्तर दौरे पर BJP का तंज, बोली- ‘देखते हैं कितना दमखम है’

    रायपुर.

    बस्तर में कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत के दौरे को लेकर भाजपा मुखर है. सांसद और भाजपा प्रमुख प्रवक्ता संतोष पांडे ने एक तरह से चुनौती देने के अंदाज में कहते हैं कि भगत जी आएं, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास के साथ सिंहदेव का प्रशिक्षण करें. देखते हैं कितना दमखम है. देखते हैं नए प्रभारी कितना चलाते हैं.

    वहीं, सुखदेव भगत के बस्तर दौरे से कांग्रेस को कुछ मिलने के सवाल पर संतोष पांडे ने कहा कि न सरगुजा में मिलेगा, न बस्तर में मिलेगा. छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय की सरकार है. गुड गवर्नेंस में सबसे टॉप पर हैं. भगत जी छत्तीसगढ़ में घूम जाएं. कहीं कोई मुद्दा नहीं मिलने वाला है. कोई फायदा नहीं होगा.
    वहीं सुखदेव भगत के दौरे पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उनका स्वागत है. बस्तर में कांग्रेस की नब्ज टटोलने आ रहे हैं. कांग्रेस ने कभी बस्तर की चिंता नहीं की है. केवल राजनीति करने की दृष्टि से आते हैंं. जब सत्ता में होते हैं, तो उनका रवैया सौतेले भाई की तरह होता हैं. पक्षपात करते हैं. उनकी नीतियों की वजह से बस्तर नक्सलवाद से ग्रसित रहा. अब बस्तर में जाकर अपना नब्ज टटोलेंगे. बस्तर में पार्टी किस तरह से स्वागत करती है, या पार्टी देती है. ये देखना होगा.

    वहीं, बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों में मुआवजा आवंटन पर पक्षपात के आरोप पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सभी ग्रसित क्षेत्रों में आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा दिया जाएगा. कांग्रेस भ्रम फैलने की कोशिश ना करे. जब यहाँ मौत होती थी, तो पचास लाख देने की बात आई तो दिए नहीं, और यूपी जाकर करोड़ों रुपए देने की बात करते थे. यहाँ के जनता को लेकर कांग्रेस का कोई उद्देश्य नहीं है. कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है. वनतारा के एक्सपर्ट्स के छत्तीसगढ़ आने पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वनतारा में टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग होता है. बहुत कुछ हेल्प ले रहे हैं. अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ वनतारा में हैंं. जंगल सफारी में भी वन्य जीवों की वृद्धि हो रहा है. हमारे समूह के माध्यम से जू को अपडेट किया जा रहा है. पीएम मोदी ने उसका उद्घाटन किया था.

    वहीं, धर्मांतरण पर आई रिपोर्ट के साथ जनजातीय जागरण मंच को लेकर केदार कश्यप ने कहा कि जो लोग आज बस्तर में राजनीति करना चाहते हैं, वो लोग कहाँ गए थे, जब आदिवासी अवैध धर्मांतरण के ख़िलाफ़ बैठक कर रहे थे. तब हमारे आदिवासी नेता को जेल भेजने का काम किया था. कांग्रेस ने हमेशा आदिवासी समाज को लोभ प्रलोभन से धर्मांतरण की कोशिश की. शिक्षा-स्वास्थ्य से वंचित रखा गया.

  • ग्वालियर जिला अस्पताल में 6 घंटे बिजली गुल, 7 मरीजों के ऑपरेशन टले; एक्स-रे और CT जांच भी ठप

    ग्वालियर जिला अस्पताल में 6 घंटे बिजली गुल, 7 मरीजों के ऑपरेशन टले; एक्स-रे और CT जांच भी ठप

    ग्वालियर.

    जिला अस्पताल मुरार में शनिवार को करीब छह घंटे बिजली गुल रहने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। बिजली आपूर्ति बाधित होने का सबसे ज्यादा असर ऑपरेशन, जांच और ब्लड बैंक पर पड़ा।

    नेत्र और सर्जरी विभाग में ऑपरेशन के लिए चिन्हित सात मरीजों के ऑपरेशन टालने पड़े। इनमें नेत्र विभाग में चार और सर्जरी विभाग के तीन मरीज शामिल हैं। वहीं एक्स-रे और सीटी जांच भी घंटों बंद रही। जांच के लिए इंतजार कर रहे कई मरीज बिजली नहीं आने पर बिना जांच कराए ही वापस लौट गए।

    बिना बिजली मरीज रहे परेशान
    जनरेटर से सीटी जांच के लिए बिजली सप्लाई शुरू की गई, इसके बाद जांच हो सकीं। बिजली गुल होने के दौरान अस्पताल के ओपीडी हिस्से में जनरेटर से आपूर्ति की जा रही थी, लेकिन अस्पताल के अन्य हिस्सों में बिजली नहीं होने से मरीज और उनके स्वजन परेशान होते रहे। आर्थोपेडिक विभाग के पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में भर्ती मरीज गर्मी से बेहाल नजर आए। पंखे और कूलर बंद होने के कारण स्वजन हाथ के पंखे से मरीजों को हवा करते दिखाई दिए। ऑपरेशन के बाद मरीजों को इस वार्ड में शिफ्ट किया जाता है ऐसे में संक्रमण का खतरा बना रहा।

    ब्लड बैंक में तापमान नियंत्रण बिगड़ा
    बिजली गुल होने से ब्लड बैंक में भी तापमान नियंत्रित रखने की व्यवस्था प्रभावित हुई। ब्लड खराब होने की आशंका को देखते हुए ब्लड बैंक प्रभारी ने अस्पताल प्रबंधन को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद ब्लड बैंक के लिए आरएमओ डॉक्टर जेपीएन शर्मा, सहायक प्रबंधक डॉक्टर राजेश बिरथरिया ने जनरेटर से अस्थायी बिजली व्यवस्था कराई। हालांकि, इस दौरान रक्त लेने पहुंचे मरीजों के स्वजन को भी इंतजार करना पड़ा।

    रोजाना 150 एक्स-रे, छह घंटे बाद शुरू हुई जांच
    अस्पताल में ओपीडी के दौरान रोजाना करीब 150 एक्स-रे किए जाते हैं। शनिवार को बिजली गुल रहने के कारण एक्स-रे जांच करीब छह घंटे प्रभावित रही। बिजली बहाल होने के बाद ही एक्स-रे सहित अन्य जांच दोबारा शुरू हो सकीं।